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  1. ਆਂਡਾ ਪਕਾਉਣਾ
  2. ਸਲਾਦ ਅਤੇ ਸੂਪ (ਭਾਗ-I)
  3. ਪਨੀਰ, ਕਸਟਰਡ, ਦਹੀਂ ਅਤੇ ਰਾਇਤਾ (ਭਾਗ-II)
  4. ਰੋਟੀ ਬਣਾਉਣਾ (ਭਾਗ-III)
  5. ਊਨੀ ਕੱਪੜਿਆਂ ਨੂੰ ਧੋਣਾ ਅਤੇ ਦਾਗ਼ ਉਤਾਰਨਾ
  6. ਹੱਥ ਨਾਲ ਸਾਦੀ ਸਿਉਂਣ ਤੇ ਫਰੈਂਚ ਸਿਉਂਣ ਬਣਾਉਣੀ
  7. ਬਟਨ ਲਗਾਉਣਾ ਅਤੇ ਕਾਜ ਬਣਾਉਣਾ
  8. ਟਾਕੀ ਲਗਾਉਣਾ
  9. ਆਪਣੇ ਲਈ ਬਿਨਾਂ ਬਾਜੂ ਦਾ ਸਵੈਟਰ ਬਣਾਉਣਾ

PSEB 8th Class Computer Book Solutions Guide in Punjabi English Medium

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PSEB 8th Class Computer Science Syllabus in Hindi

कम्प्यूटर साईंस
कक्षा : आठवीं
समय : 2 घण्टे

लिखित : 50 अंक
सी.सी.ई. : 10 अंक
प्रैक्टीकल : 40 अंक
कुल : 100 अंक

पाठ 1 टाइपिंग ट्यूटर (पंजाबी)
टच टाइपिंग, अनमोल लिपि फोंट के प्रयोग से पंजाबी में टाइप करना, कीअ-बोर्ड पर उंगलियों की स्थिति, न्यूमैरिक कीअ पैड, कीअ बोर्ड की मुख्य कीअज़, टाइपिंग स्पीड को बेहतर बनाने के लिये सुझाव, टाइपिंग करते समय सही मुद्रा, निरन्तर टाइपिंग करने से होने वाले तनाव से
बचने के लिये सुझाव।

पाठ 2 इंटरनेट फंडामेंटलस
इंटरनेट क्या है ? इंटरनेट का इतिहास, इंटरनेट की आवश्यकताएं, इंटरनेट द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं, इंटरनेट कुनैक्शनज़, मोडम तथा इसकी किस्में, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्ज़ (ISP), इंटरनेट द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं, इंटरनेट का प्रयोग करने के लिये उपयोग किये जाने वाले साधन तथा कौशल (Tools & Skills), वेब ब्राऊजिंग।

पाठ 3 सूचना टैक्नोलॉजी से जान-पहचान
सूचना टैक्नोलॉजी, वेब साइट्स, वेब सचिंग, वेब सर्किंग, आनलाइन तथा आफलाइन में अन्तर, डाऊनलोडिंग, नेट बैंकिंग, आन-लाइन शॉपिंग, आनलाइन रिजलट देखना, मोबाइल टैक्नोलॉजी।

पाठ 4 माइक्रोसाफ्ट पावरप्वाइंट भाग-1
पावरप्वाइंट से जान-पहचान, पावरप्वाइंट को कैसे स्टार्ट करना है ? पावरप्वाइंट विंडो के भाग, फोटो एलबम (Photo-Album) प्रेजेंटेशन कैसे तैयार करें। दर्शकों के लिए प्रेजेंटेशन किस प्रकार चलानी है ? प्रेजेंटेशन को सेव एवं बन्द करना।

पाठ 5 माइक्रोसाफ्ट पावरप्वाइंट भाग-2
जान-पहचान, एक नई खाली प्रेजेंटेशन कैसे तैयार करनी है ? नई स्लाइड दाखिल करना, स्लाइड की दिखावट कैसे बदलनी है ? स्लाइड में कंटेंटस दाखिल करना (Word Art, Clip Art, Tables, Smart Art, Pictures, Movie/Video आदि), नार्मल और स्लाइड सार्टर वियू से काम करना।

पाठ 6 माइक्रोसाफ्ट पावरप्वाइंट भाग-3
जान-पहचान, ट्रांज़िशनज़ (Transitions) के साथ काम करना, एनिमेशन (Animation) के साथ काम करना, नरेशन और टाइमिंग्ज़, सेव प्रेजेंटेशन ऐज़।

पाठ 7 कम्प्यूटरज़ की जनरेशनज़
जान-पहचान, पहली जनरेशन के कम्प्यूटर, दूसरी जनरेशन के कम्प्यूटर, तीसरी जनरेशन के कम्प्यूटर, चौथी जनरेशन के कम्प्यूटर तथा पांचवीं जनरेशन के कम्प्यूटर।

पाठ 8 कम्प्यूटर मैमरीज़
मैमरी क्या है ? मैमरी की किस्में, मैग्नेटिक डिस्क की भौतिक बनावट।

प्रायोगिक पाठ्यक्रम

समय : 3 घण्टे
अंक : 40

परीक्षा के लिए अंक विभाजन निम्नलिखित अनुसार होगा-

सैक्शन-ए वाइवा-वोस 5
सैक्शन-बी प्रोग्राम रिकार्ड फाइल 5
सैक्शन-सी छोटे प्रोग्राम 10
सैक्शन-डी बड़े प्रोग्राम 20

1. सैक्शन-ए में परीक्षार्थी से पाठ्यक्रम में से पाँच प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक-एक अंक का होगा।
यह प्रश्न आबजेक्टिव टाइप या व्याख्या बताएं या कम्प्यूटर के अलग-अलग भागों और इससे सम्बन्धित सहायकों के बहुत छोटे अभ्यास होंगे। (1 × 5 = 5 अंक)

2. सैक्शन-बी में विद्यार्थी का वार्षिक प्रोग्राम रिकार्ड फाइल चैक किया जाएगा। (5 अंक)

3. सैक्शन-सी में तीन प्रश्न/प्रोग्राम सैट किए जाएंगे जिनमें परीक्षार्थी को दो प्रोग्राम/प्रश्न करने की छूट होगी। हर प्रोग्राम/प्रश्न पांच-पांच अंकों का होगा, प्रत्येक प्रोग्राम/प्रश्न के लिए पेपर सैटर करके देगा। (2 × 5 = 10 अंक)

4. सैक्शन-डी में तीन प्रोग्राम/प्रश्न सैट किए जाएंगे जिनमें से परीक्षार्थी को दो प्रोग्राम/प्रश्न करने की छूट होगी। प्रत्येक प्रोग्राम/प्रश्न दस-दस अंकों का होगा, प्रत्येक प्रोग्राम/प्रश्न के लिए पेपर सैटर करके देगा। (2 × 10 = 20 अंक)

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PSEB 8th Class Welcome Life Structure of Question Paper

कक्षा – आठवीं (पंजाब)
स्वागत ज़िन्दगी

समय : 2 घंटे

लिखित : 50
सी.सी.ई. : 10
प्रयोगी : 40
कुल अंक : 100

प्रश्न-पत्र की रूप-रेखा

1. सभी प्रश्न करने अनिवार्य होंगे।
2. प्रश्न-पत्र चार भागों में बंटा होगा। प्रत्येक भाग सारे पाठ्यक्रम पर आधारित होगा।
भाग – क में प्रश्न नं. 1 (i – xv) में 15 बहु-विकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। (15 × 1 = 15)

भाग – ख में प्रश्न नं. 2 – 11 तक 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (जैसे कि एक शब्द से एक वाक्य वाले प्रश्न/रिक्त स्थान भरना/सही-गलत बताना) होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। (10 × 1 = 10)

भाग – ग में प्रश्न नं. 12 – 16 तक 5 छोटे उत्तरों वाले प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। (5 × 2 = 10)

भाग – घ में प्रश्न नं. 17 के दो भाग होंगे। भाग (i) में 2 काल्पनिक (Hypothetical) स्थिति पर आधारित प्रश्न होंगे तथा भाग (ii) में 1 वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या को हल करने से सम्बन्धित प्रश्न होगा। प्रत्येक प्रश्न पांच अंकों का होगा। सभी प्रश्नों में आन्तरिक छूट होगी। (3 × 5 = 15)

प्रश्न-पत्र की बनावट

भाग प्रश्नों की किस्म अंकों का विभाजन
भाग – क 15 बहुविकल्पी प्रश्न 15 × 1 = 15 अंक
भाग – ख 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (एक शब्द से एक वाक्य वाले प्रश्न/रिक्त स्थान भरें/सही-ग़लत बताना) 10 × 1 = 10 अंक
भाग – ग 5 छोटे उत्तरों वाले प्रश्न (20-25 शब्दों में) (5 × 2 = 10 अंक)
भाग – घ (i) 2 (तीन में से) काल्पनिक परिस्थिति के आधार पर प्रश्न 5 × 2 = 10 अंक
(ii) 1 (दो में से) वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या को हल करने से सम्बन्धित प्रश्न 1 × 5 = 5 अंक
कुल 50 अंक

प्रयोगी परीक्षा का अंक विभाजन : 40 अंक

  • प्रोजेक्ट/एक्टीविटी वर्क : 10 अंक
  • विद्यार्थी का सामाजिक योगदान : 10 अंक
  • स्थिति आधारित मौखिक परीक्षा : 10 अंक
  • पाठ्य-पुस्तक पर आधारित क्रिया : 10 अंक

पाठ्यक्रम

  • पाठ 1 शरीर की सफ़ाई
  • पाठ 2 स्व: नियंत्रण
  • पाठ 3 बुजुर्गों से प्रेम तथा धन्यवाद
  • पाठ 4 हमारी कीमती ज़िन्दगी की सुरक्षा
  • पाठ 5 पशुओं के प्रति नैतिकता
  • पाठ 6 निर्णय लेना
  • पाठ 7 खेल भावना
  • पाठ 8 स्कूल तथा सार्वजनिक सम्पत्तियों का सम्मान
  • पाठ 9 लिंग समानता

PSEB 8th Class Social Science SST Book Solutions Guide in Punjabi English Medium

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PSEB 8th Class Social Science SST Book Solutions in English Medium

PSEB 8th Class Social Science Book Solutions: Geography Resources and their Development

PSEB 8th Class Social Science Guide: History: Our Past-III

Social Science Guide for Class 8 PSEB Civics: Social and Political Life

PSEB 8th Class Social Science SST Book Solutions in Hindi Medium

PSEB 8th Class Social Science Book Solutions: Geography Resources and their Development

PSEB 8th Class Social Science Guide: History: Our Past-III

Social Science Guide for Class 8 PSEB Civics: Social and Political Life

PSEB 8th Class Social Science SST Book Solutions in Punjabi Medium

PSEB 8th Class Social Science Book Solutions: Geography Resources and their Development (ਸਾਧਨ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਵਿਕਾਸ)

PSEB 8th Class Social Science Guide: History: Our Past-III (ਸਾਡਾ ਅਤੀਤ-III)

Social Science Guide for Class 8 PSEB Civics: Social and Political Life (ਸਮਾਜਿਕ ਅਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਜੀਵਨ)

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PSEB 8th Class Punjabi Rachana ਰਚਨਾ

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PSEB 8th Class Punjabi Grammar ਵਿਆਕਰਨ First Language

PSEB 8th Class Punjabi Rachana ਰਚਨਾ First Language

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

Punjab State Board PSEB 8th Class Welcome Life Book Solutions Chapter 7 खेल भावना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Welcome Life Chapter 7 खेल भावना

Welcome Life Guide for Class 8 PSEB खेल भावना InText Questions and Answers

बहुत छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
बढ़िया खेल भावना सीखने का सही समय कौन-सा है?
उत्तर-
बढ़िया खेल भावना अमूल्य गुण है जिसे हमें अपने जीवन के आरम्भिक दिनों में सीखना चाहिए।

प्रश्न 2.
जब हम हार जाएं तो क्या हमें चिल्लाना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, जब हम हार जाएं तो हमें चिल्लाना नहीं चाहिए।

प्रश्न 3.
यदि विरोधी खिलाड़ी जीत जाए तो क्या हमें उसे बधाई देनी चाहिए?
उत्तर-
हाँ, हमें विरोधी खिलाड़ी को जीत की बधाई देनी चाहिए।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

प्रश्न 4.
वास्तव में विजेता कौन है?
उत्तर-
वास्तव में विजेता वह है जो जानता है कि कैसे हारना है, नहीं तो आप जीत कर भी हार जाएंगे।

प्रश्न 5.
क्या जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में शान के साथ हारने और जीतने के लिए हमारे लिए खेल भावना आवश्यक है?
उत्तर-
हाँ, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में खेल भावना हमारे लिए जीतने और शान से हारने के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 6.
क्या हमेशा ईमानदारी हमारे लिए बढ़िया है?
उत्तर-
हाँ, ईमानदारी हमारे लिए हमेशा बढ़िया है।

प्रश्न 7.
क्या हमें हारने वालों का मजाक उड़ाना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, हमें हारने वालों का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए।

प्रश्न 8.
क्या हमें विजेता के साथ लड़ना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, हमें विजेता को बधाई देनी चाहिए।

प्रश्न 9.
क्या निर्णय लेने से पूर्व हमें सभी सम्भावित विकल्पों पर विचार करना चाहिए?
उत्तर-
हां, निर्णय लेने से पूर्व हमें सभी सम्भावित विकल्पों पर विचार करना चाहिए।

प्रश्न 10.
क्या हमें हमारी कमजोरी और हार के लिए बहाना बनाना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, हमें हमारी कमजोरी और हार के लिए बहाना नहीं बनाना चाहिए।

प्रश्न 11.
क्या प्रत्येक विकल्प/समाधान सम्बन्धी पूर्ण जानकारी एकत्र करना बढ़िया है?
उत्तर-
हाँ, प्रत्येक विकल्प/समाधान सम्बन्धी पूर्ण जानकारी एकत्र करना बढ़िया है।

प्रश्न 12.
क्या हमें लगातार जीत पर अभिमानी बनना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, अगर हम लगातार जीत रहे हैं तो हमें अभिमानी नहीं बनना चाहिए क्योंकि भविष्य में हमें हराया भी जा सकता है।

प्रश्न 13.
यदि हम हार जाएं तो क्या हमें प्रेरणाहीन अनुभव करना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, यदि हम हार जाएं तो भी हमें प्रेरणाहीन अनुभव नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 14.
यदि हम जीतने में असफल हों तो क्या हमें खेल रोक देना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, हमें अपनी गलतियों और असफलताओं से सीखना चाहिए और अगली बार जीतने के लिए कठिन प्रयास करना चाहिए।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

प्रश्न 15.
हमें जीत के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर-
हमें जीत के लिए सर्वोत्तम खेलना चाहिए। यदि हमारा खेल सर्वोत्तम नहीं है तो हमें अपने आप को सुधारने का यत्न करना चाहिए।

प्रश्न 16.
यदि हमें लगता है कि रैफरी या अम्पायर का निर्णय हमारे विरुद्ध है तो क्या हमारा रैफरी या अम्पायर से लड़ना उचित है?
उत्तर-
नहीं, हमारा रैफरी या अम्पायर के साथ लड़ना उचित नहीं है चाहे हमें लगता है कि उसका निर्णय हमारे विरुद्ध है।

प्रश्न 17.
क्या सभी परिस्थितियों में हमें खेल के नियमों का पालन करना चाहिए?
उत्तर-
हाँ, हमें सभी परिस्थितियों में खेल के नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।

प्रश्न 18.
बढ़िया खिलाड़ी की बढ़िया पहचान क्या है?
उत्तर-
शान से हार को स्वीकार करना बढ़िया खिलाड़ी की पहचान है।

प्रश्न 19.
क्या हमें सभी समाधानों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर विचार करना चाहिए?
उत्तर-
हाँ, हमें सभी समाधानों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर विचार करना चाहिए।

प्रश्न 20.
क्या हमें जीतने के लिए गलत ढंगों का उपयोग करना चाहिए?
उत्तर-
नहीं, हमें जीतने के लिए गलत ढंगों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
बढ़िया खेल भावना को संक्षेप में परिभाषित करें।
उत्तर-
बढ़िया खेल भावना एक अमूल्य गुण है जो विद्यार्थी जीवन के दौरान सीखा जाना चाहिए। यह एक पाठ है जो हम खेल के मैदान में सीखते हैं परन्तु जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हमारा मार्गदर्शन करता है।

प्रश्न 2.
बढ़िया खेल भावना दिखाने के लिए हमें क्या चाहिए?
उत्तर-
बढ़िया खेल भावना दिखाने के लिए हमें यह करना चाहिए

  1. हमें शान के साथ हार को स्वीकार करना चाहिए।
  2. हमें हारने वाले व्यक्ति का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए।
  3. हमें हमारी हार के लिए बहाने नहीं बनाने चाहिए।
  4. हमें हमारी हार की डींग हांकनी चाहिए।

प्रश्न 3.
हार के पश्चात् आपको अपनी भावनाओं को किस प्रकार प्रकट करना चाहिए?
उत्तर-
हमें जीत और हार को सिक्के के दो पहलुओं की भान्ति लेना चाहिए। जब कभी भी मैच होता है तो केवल एक ही जीत सकता है। जो व्यक्ति बढ़िया खेलता है वही जीतता है। हमें खेलते समय सोचना चाहिए कि हमने कोई गलती की है जिसके कारण हमें हार का सामना करना पड़ा। हमें अपने आप से प्रण करना चाहिए कि अगली बार हम अपने प्रयत्नों में सुधार करेंगे और गलतियों को पुनः नहीं दुहराएंगे ताकि जीत सकें।

प्रश्न 4.
हमें अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए अपने आप से क्या प्रतिज्ञा करनी चाहिए?
उत्तर-
हम अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए निम्नलिखित प्रतिज्ञा कर सकते हैं

  1. हम शान के साथ हार को स्वीकार करेंगे।
  2. हम हमेशा खेल के नियमों का पालन करेंगे।
  3. हम जीत के लिए बढ़िया प्रयत्न करेंगे।
  4. हम जीतने के लिए गलत ढंगों का उपयोग नहीं करेंगे।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

प्रश्न 5.
दो बातें लिखो जो तुम्हें तब करनी चाहिए जब आप (i) जीतते हैं और (ii) हारते हैं।
उत्तर-
जीतने पर मैं

  1. हारने वाले का मजाक नहीं उड़ाऊँगा
  2. मैं घमंडी नहीं बनूंगा और स्नेही जैसे कि सभी के लिए विनीत रहूँगा।

हारने पर मैं

  1. हार को शान से स्वीकार करूँगा
  2. मैं अपने आप में हार के लिए बहाने बनाने के स्थान पर सुधार करने का यत्न करूँगा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों को अच्छी और बुरी खेल भावना में बांटो, ईमानदारी, मज़ाक उड़ाना, बधाई देना, लड़ना, चिल्लाना, हाथ मिलाना, खुशी मनाना, धोखा देना, शोर करना, विनम्रता, आदर, शान्ति, तर्क वितर्क, डींग हांकना, निर्देशों का पालन, आलोचना करना।
उत्तर-
अच्छी खेल भावना-ईमानदारी, बधाई देना, हाथ मिलाना, खुशी मनाना, विनम्रता, आदर, शान्ति, निर्देशों का पालन।
बुरी खेल भावना-मज़ाक उड़ाना, लड़ना, चिल्लाना, धोखा देना, शोर करना, तर्क-वितर्क, डींग हांकना, आलोचना करना।

बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
व्यक्ति के जीवन में खेल भावना के महत्त्व का वर्णन करें।
उत्तर-
खेल भावना एक गुण है जो न केवल हमें अच्छा खिलाड़ी बनाती है बल्कि हमें अच्छा व्यक्ति बनने में सहायता करती है।

  1. अच्छी खेल भावना हमें सिखाती है कि सामुदायिक कार्य हमेशा व्यक्तिगत यत्नों से बढ़िया होता है।
  2. अच्छी खेल भावना हमें नैतिकता सिखाती है।
  3. अच्छी खेल भावना हमें सबसे शान्त और विनीत रहना सिखाती है चाहे हम जीत न पाएं।
  4. अच्छी खेल भावना हमें सभी परिस्थितियों में अनुशासित रहना सिखाती है।
  5. अच्छी खेल भावना हमें सिखाती है कि हमें जीत पर दूसरों को बधाई देना और हारने वालों का कभी भी मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए।
  6. अच्छी खेल भावना हमें आत्म-विश्लेषण करने और अपने आप को सुधारने के लिए यत्न करने में सहायता करती है।

प्रश्न 2.
अच्छे खिलाड़ी में कौन-कौन से गुण होते हैं?
उत्तर-
अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए इन गुणों की आवश्यकता होती है

  1. आत्म-विश्वास
  2. आत्म-अनुशासन और आत्म-नियन्त्रण
  3. लक्ष्य का होना
  4. सम्मिलित कार्य
  5. बढ़िया समय प्रबन्ध
  6. लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करना और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छे यत्न करना
  7. अपनी और दूसरों की उन्नति के लिए कार्य करने की भावना
  8. हार का सामना करने का साहस और कभी साहस न छोड़ना।

प्रश्न 3.
अच्छा खिलाड़ी बनने के क्या लाभ हैं?
उत्तर-
अच्छा खिलाड़ी बनने के निम्नलिखित लाभ हैं

  1. हम अच्छे खिलाड़ी बनकर स्वस्थ और बलवान ही नहीं बनते बल्कि हम अच्छे व्यक्ति बनते हैं।
  2. यदि हम अच्छे खिलाड़ी बनते हैं तो हम अच्छे और बुरे समय का सामना करना सीखते हैं। हम कठिन परिस्थितियों में शांत बने रहना भी सीखते हैं।
  3. हम दूसरों की सफलता में खुश होना सीखते हैं।
  4. हम घमण्डी और बेईमान बनना नहीं सीखते।
  5. हम दूसरों की खुशी के लिए त्याग करना सीखते हैं।
  6. हम सबसे प्यार और सम्मान करना शुरू कर देते हैं।
  7. हम उन्नति करने वाले बनते हैं और उन्नति करना कभी बन्द नहीं करते और प्रगतिशील रहते हैं।

प्रश्न 4.
दी गई स्थिति का विश्लेषण करो और पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें।
आप क्रिकेट के खिलाड़ी हो। अन्तर-स्कूल खेल प्रतियोगिता में, आपकी टीम का फाईनल मैच चल रहा है। यह मैच की अन्तिम गेंद है। आपके कोच को एक खिलाड़ी को मैदान में भेजना है। उसने आप पर विश्वास न करके दूसरे खिलाड़ी को भेज दिया। यदि आपका साथी खिलाड़ी चार दौड़ बनाने के योग्य है तो आप जीत जाओगे। परन्तु वह आऊट हो गया और आप मैच हार गए। अपनी भावनाओं और परिस्थितियों को दर्शाते हुए बताओ कि आप निम्न व्यक्तियों को क्या कहोगे?

  1. अपने साथी खिलाड़ी को
  2. कोच को
  3. विजेता टीम के कप्तान को
  4. अपने मित्रों को
  5. परिजनों को।

उत्तर-
ऊपर दी गई स्थिति को पढ़ने के पश्चात् प्रश्नों के मेरे उत्तर निम्नानुसार हैं

  1. अपने साथी खिलाड़ी से-मैं अपने साथी खिलाड़ी का मज़ाक नहीं उड़ाऊँगा जो जीतने में हमारी सहायता न कर सका। मैं उसका हौंसला बढ़ाऊँगा और उसे भविष्य में बढ़िया करने के लिए उत्साहित करूँगा।
  2. कोच को-मैं अपने कोच का अनादर नहीं करूंगा और कहूंगा कि यदि मैं बिना किसी स्कोर के आऊट हो जाता। अतः दूसरे व्यक्ति को भेजने का उसका निर्णय समय की मांग थी।
  3. विजेता टीम के कप्तान को-मैं विजेता टीम के कप्तान को बधाई दूंगा कि आपकी टीम ने हमारी टीम से अच्छा खेला।
  4. अपने मित्रों को-मैं अपने मित्रों और साथी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाऊंगा कि आज का दिन हमारा नहीं था। हम अच्छा खेलें परन्तु भाग्य ने हमारा साथ नहीं दिया। हम अवश्य ही अगला मैच जीतेंगे।
  5. परिजनों को-मैं अपने परिजनों को कहूंगा कि हमारी टीम ने अच्छा खेला परन्तु हम हार गए। हम आत्मनिरीक्षण करेंगे और अपनी कमियों को सुधारेंगे ताकि अगली बार जीत सकें।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

वस्तनिष्ठ प्रश्न

बहविकल्पीय प्रश्न:

प्रश्न 1.
विद्यार्थी जीवन के समय कौन-सा गुण सीखना चाहिए?
(क) बहस करना
(ख) जीतना
(ग) बढ़िया खेल भावना
(घ) ये सभी।
उत्तर-
(ग) बढ़िया खेल भावना।

प्रश्न 2.
वह कौन-सी शिक्षा है जो हम खेल के मैदान में सीखते हैं परन्तु जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हमारा नेतृत्व करती है?
(क) बढ़िया खेल भावना
(ख) जीतना
(ग) लड़ना
(घ) ये सभी।
उत्तर-
(क) बढ़िया खेल भावना।

प्रश्न 3.
बढ़िया खिलाड़ी वह है जो
(क) केवल जीतने के लिए खेलता है।
(ख) हार को खेल के भाग के अतिरिक्त स्वीकार करता है।
(ग) बदलापूर्ण सोच रखता है।
(घ) ये सभी सही हैं।
उत्तर-
(ख) हार को खेल के भाग के अतिरिक्त स्वीकार करता है।

प्रश्न 4.
वास्तविक विजेता जानता है कि किसे स्वीकार करना है?
(क) चुनौतियों को
(ख) आत्म-प्रशंसा को
(ग) दूसरों के क्रोध को
(घ) हार को।
उत्तर-
(घ) हार को।

प्रश्न 5.
हमें खेलना चाहिए और खेल को जीतने का कैसे यत्न करना चाहिए?
(क) धोखा दिए बिना
(ख) किसी भी कीमत पर
(ग) दोनों (क) तथा (ख) सही हैं
(घ) कोई भी सही नहीं है।
उत्तर-
(क) धोखा दिए बिना।

प्रश्न 6.
बढ़िया खिलाड़ी हमेशा हारी हुई टीम के यत्नों की प्रशंसा करता है।
(क) सही
(ख) ग़लत
(ग) कभी-कभी सही और कभी-कभी गलत
(घ) कभी भी सही नहीं।
उत्तर-
(क) सही।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

प्रश्न 7.
……….. से हारना और …….. से जीतना खेल भावना के मुख्य लक्ष्य हैं।
(क) नम्रता, नम्रता
(ख) नम्रता, सम्मान
(ग) सम्मान, नम्रता
(घ) सम्मान, सम्मान।
उत्तर-
(ग) सम्मान, नम्रता।

प्रश्न 8.
बढ़िया खिलाड़ी
(क) कभी भी अपनी असफलता के लिए बहाना नहीं बनाता बल्कि अपनी जीत की डींग हांकता है।
(ख) अपनी जीत की कभी डींग नहीं हांकता बल्कि अपनी हार के लिए बहाना बनाता है।
(ग) अपनी हार के लिए न तो बहाना बनाता है और न ही जीत पर डींग हांकता है।
(घ) कोई भी सही नहीं।
उत्तर-
(ग) अपनी हार के लिए न तो बहाना बनाता है और न ही जीत पर डींग हांकता है।

प्रश्न 9.
बढ़िया खिलाड़ी वह है जो
(क) अपनी और विरोधी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान रखता है।
(ख) केवल अपनी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान रखता है।
(ग) केवल विरोधी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान रखता है।
(घ) कभी भी अपनी या विपक्षी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान नहीं रखता।
उत्तर-
(क) अपनी और विरोधी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान रखता है।

प्रश्न 10.
कथन क : बढ़िया खिलाड़ी अपनी और विपक्षी टीम के प्रति स्नेह और सम्मान रखता है।
कथन ख : एक व्यक्ति जो अपनी हार के लिए कभी बहाना नहीं बनाता और कभी अपनी जीत की डींग नहीं हांकता। निम्न विकल्पों में से कौन-सा सही है?
(क) कथन क सही है और कथन ख गलत है
(ख) कथन क गलत है और कथन ख सही है
(ग) दोनों कथन सही हैं
(घ) इनमें से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(ग) दोनों कथन सही हैं।

प्रश्न 11.
निम्न में से कौन-सा बढ़िया खिलाड़ी का लक्षण नहीं है?
(क) विजेता टीम को मुबारकबाद देना
(ख) हारी हुई टीम का मज़ाक उड़ाना
(ग) किसी भी कीमत पर जीतना
(घ) खेल के नियमों की पालना न करना।
उत्तर-
(ख) हारी हुई टीम का मजाक उड़ाना।

प्रश्न 12.
खेल में हम सब को क्या करना चाहिए?
(क) खेल को बढ़िया खिलाड़ी की भांति खेलना चाहिए
(ख) बढ़िया खिलाड़ी के साथ खेलना चाहिए
(ग) खेल के नियमों का पालन करना चाहिए
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(घ) उपरोक्त सभी।

PSEB 8th Class Welcome Life Solutions Chapter 7 खेल भावना

रिक्त स्थान भरो:

  1. बढ़िया खिलाड़ी हमेशा ……………. अपनी टीम के प्रत्येक सदस्य के साथ खेलता है।
  2. बढ़िया खिलाड़ी हमें संयमी बनाता है और हमारे व्यवहार को …………… नियंत्रित करता है।
  3. सम्मान से हारना और ……………… से जीतना खेल भावना का मुख्य बिन्दु है।
  4. बढ़िया खिलाड़ी कभी भी अपनी हार के लिए …………… नहीं बनाता।
  5. बढ़िया खिलाड़ी अपनी जीत की ……………… कभी नहीं हांकता।
  6. बढ़िया खिलाड़ी हमेशा अपनी और विपक्षी टीम के लिए ……………….. और सम्मान रखता है।
  7. किसी भी कीमत पर जीतना ………….. खिलाड़ी का लक्षण नहीं है।
  8. ………………… से जीतना खेल भावना के विरुद्ध है।
  9. बढ़िया खिलाड़ी नियमों की …………… द्वारा दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है।
  10. हमें जीत और ……. को सिक्के के दो पहलुओं की भांति समझना चाहिए।

उत्तर-

  1. सहकारिता से
  2. अनुशासित
  3. नम्रता
  4. बहाना
  5. डींग
  6. स्नेह
  7. बढ़िया
  8. धोखे
  9. पालना
  10. हार।

सही/ग़लत:

  1. हमें किसी भी कीमत पर जीतने के लिए खेलना चाहिए।
  2. धोखे से जीतना और दूसरों को दु:खी करना बढ़िया समझा जाता है।
  3. हमें दूसरी टीम के खिलाड़ियों के प्रति स्नेह और सम्मान नहीं रखना चाहिए।
  4. हमें खेल के नियमों का पालन तब तक करना चाहिए जब तक हम जीत नहीं जाते।
  5. हमें विपक्षी टीम के खिलाड़ियों के प्रति नहीं परन्तु अपनी टीम के सदस्यों के प्रति भी आक्रमक होना चाहिए।
  6. बढ़िया खिलाड़ी टीम की प्राप्ति से ज्यादा व्यक्तिगत प्राप्ति को पहल देता है।
  7. बढ़िया खिलाड़ी कभी भी अपनी असफलता के लिए विभिन्न बहाने नहीं बनाता और न ही अपनी जीत की डींग हांकता है।
  8. एक व्यक्ति जो अपनी टीम के साथ सहकारिता के साथ खेलता है, ईमानदारी से पूर्ण समर्पण के साथ नियमों का पालन करता है, वास्तविक विजेता है।
  9. हमें दूसरे खिलाड़ियों के साथ लड़ना चाहिए या खेलते समय अभद्र भाषा का उपयोग करना चाहिए।
  10. जब हार निश्चित हो तब भी हमें खेल खत्म करना चाहिए।

उत्तर-

  1. ग़लत
  2. ग़लत
  3. ग़लत
  4. ग़लत
  5. ग़लत
  6. ग़लत
  7. सही
  8. सही
  9. ग़लत
  10. सही।

PSEB 8th Class Agriculture Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

Punjab State Board PSEB 8th Class Agriculture Book Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Agriculture Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

PSEB 8th Class Agriculture Guide फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना Textbook Questions and Answers

(अ) एक-दो शब्दों में उत्तर दें—

प्रश्न 1.
भारत में फलों एवम् सब्जियों की कुल उपज कितनी है ?
उत्तर-
भारत का फलों तथा सब्जियों की उपज के हिसाब से दुनिया में दूसरा स्थान है

प्रश्न 2.
पंजाब में सब्जियों की वार्षिक उपज कितनी है ? एवम् इसके अन्तर्गत कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
सब्जियों की उपज 40.11 लाख टन है तथा इसकी काश्त के अन्तर्गत क्षेत्रफल 203.7 हज़ार हैक्टेयर है।

प्रश्न 3.
पंजाब में फलों की वार्षिक उपज कितनी है एवम् इसके अन्तर्गत कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
फलों की पैदावार 15.41 लाख टन है तथा इनकी कृषि के अन्तर्गत क्षेत्रफल 76.5 हज़ार हैक्टेयर है।

प्रश्न 4.
नींबू के आचार में कितने प्रतिशत नमक पाया जाता है ?
उत्तर-
\(\frac{1}{5}\) भाग अर्थात् 20%.

प्रश्न 5.
टमाटरों की चटनी में कौन-सा प्रिज़रवेटिव (परिरक्षक) कितनी मात्रा में डाला जाता है ?
उत्तर-
सोडियम बैन्जोएट की 700 मि० ग्राम मात्रा को 1 किलो के हिसाब से।

प्रश्न 6.
आम के शर्बत में कौन-सा परिरक्षक कितनी मात्रा में डाला जाता है ?
उत्तर-
एक किलो आम के गुद्दे के लिए 2.8 ग्राम पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट प्रिजेरवेटिव डाला जाता है।

प्रश्न 7.
पंजाब के मुख्य फल का नाम बताएं।
उत्तर-
पंजाब में किन्नू की कृषि सभी फलों से अधिक होती है। इसके लिए मुख्य फल किन्नू है।

प्रश्न 8.
आंवले का मुरब्बा बनाने के लिए आँवलों को कितने प्रतिशत नमक के घोल में रखा जाता है ?
उत्तर-
2 प्रतिशत सादा नमक के घोल में।

PSEB 8th Class Agriculture Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

प्रश्न 9.
भारत में फलों की वार्षिक उपज कितनी है ?
उत्तर-
लगभग 320 लाख टन से अधिक।

प्रश्न 10.
भारत में सब्जियों की वार्षिक उपज कितनी है ?
उत्तर-
लगभग 700 लाख टन से अधिक।

(आ) एक-दो वाक्यों में उत्तर दें—

प्रश्न 1.
सब्ज़ियों एवम् फलों के कौन-कौन से पदार्थ बनाए जाते हैं ?
उत्तर-
फलों तथा सब्जियों से शर्बत, जैम, अचार, चटनी आदि पदार्थ बनाए जाते हैं; जैसे-नींबू का शर्बत, आंवले का मुरब्बा, टमाटर की चटनी (कैचअप), सेब का जैम आदि।

प्रश्न 2.
फल एवम् सब्जियों के संसाधन के किसानों को क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
फलों तथा सब्जियों के संसाधन के नीचे लिखे लाभ हैं—

  1. इनकी तुड़वाई, कटाई, स्टोर करते समय दर्जाबंदी करते समय, ढुलाई आदि कार्यों में उपज की बहुत हानि होती है। इस हानि को संसाधन करके घटाया जा सकता है। यह हानि लगभग 30-35% होता है।
  2. संसाधन किए पदार्थ से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 3.
टमाटर के रस एवम् चटनी में क्या अंतर है ?
उत्तर-
टमाटर के रस में केवल टमाटर, चीनी तथा नमक ही होते हैं तथा यह पतला होता है। टमाटरों की चटनी में टमाटर के अलावा प्याज, लहसुन, मिर्च तथा अन्य मसाले भी होते हैं तथा यह सांद्र होता है।

प्रश्न 4.
फल एवम् सब्ज़ियों को सुखाने के कौन-कौन से ढंग हैं ?
उत्तर-
फलों एवम् सब्जियों को धूप में तथा सोलर ड्रायर की सहायता से सुखाया जाता है। व्यापारिक स्तर पर मशीनी यूनिट लगाने पड़ते हैं।

प्रश्न 5.
फल एवम् सब्जियों को किस तापमान पर सुखाया जाता है और क्यों ?
उत्तर-
साधारणत: 50 से 70 डिग्री सैल्सियस तापमान पर सुखाया जाता है। शुरू में सुखाने के लिए 70 डिग्री तथा अंतिम समय पर 50 डिग्री तापमान पर सुखाया जाता है।

प्रश्न 6.
आंवले के मुरब्बे में कितनी चीनी डाली जाती है और क्यों ?
उत्तर-
एक किलो आंवले में कुल एक किलो चीनी डाली जाती है। एक तो यह मिठास पैदा करती है तथा अधिक चीनी प्रिजेरवेटिव का काम भी करती है तथा आंवले के मुरब्बे को कई माह तक संभाल कर रखने में सहायक है।

प्रश्न 7.
टमाटर का रस बनाने की विधि लिखो।
उत्तर-
एलमीनीयम या स्टील के बर्तन में डालकर पके टमाटरों को उबाल लें। उबले हुए टमाटरों का रस निकाल लें। फिर रस को 0.7 प्रतिशत नमक, 4 प्रतिशत चीनी, 0.02 प्रतिशत सोडियम बैन्जोएट तथा 0.1 प्रतिशत सिट्रिक अमल मिला कर अच्छी तरह उबाल लें। रस को साफ बोतलों में भर कर अच्छी तरह हवा बंद ढक्कन लगा दें। गर्म बन्द बोतलों को पहले उबलते पानी में 20 मिन्टों के लिए उबालें तथा फिर थोड़ा-थोड़ा ठण्डा पानी डाल कर ठण्डा करें। इस रस को ठण्डा करके पीने के लिए, सब्जी में टमाटरों के स्थान पर डालने तथा सूप आदि बनाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

प्रश्न 8.
नींबू, आम एवम् जौं के शर्बत में कितनी-कितनी मात्रा में कौन-सा प्रिज़रवेटिव डाला जाता है ?
उत्तर-
नींबू के शर्बत में 1 किलो नींबू का रस होने पर 3.5 ग्राम पोटाशियम मैटावाइसल्फेट के घोल का प्रयोग किया जाता है।
आम के शर्बत में एक किलो आम के गुद्दे के लिए 2.8 ग्राम पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट मिलाया जाता है।
नींबू, जौ के शर्बत में भी 3 ग्राम पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट डाला जाता है।

प्रश्न 9.
भारत की फलों एवम् सब्जियों की उपज में सबसे विलक्षण विशेषता क्या है ?
उत्तर-
फलों तथा सब्जियों को संसाधन करके कई प्रकार के पदार्थ बनाए जाते हैं ; जैसे-शर्बत, चटनी, जैम, मुरब्बा आदि। कुछ उदाहरण हैं-नींबू का शर्बत, आम का शर्बत, सत्तु का शर्बत, मालटे, संगतरे का शर्बत, टमाटरों का रस, नींबू का अचार, आम का अचार, आंवले का अचार, गाजर का अचार, नींबू, हरी मिर्च तथा अदरक का अचार, टमाटरों की चटनी, आंवले का मुरब्बा, सेब का जैम आदि।।

प्रश्न 10.
फल एवम् सब्जियों की पैकिंग के क्या ढंग हैं ?
उत्तर-
फल एवम् सब्जियों को उनके प्रकार के अनुसार लकड़ी की पेटियों, बांस की टोकरियों, बोरियों, प्लास्टिक के क्रेट, गत्ते के डिब्बे, सरिक/कलिंग फिल्मों का प्रयोग करके पैक किया जाता है।

(इ) पाँच-छः वाक्यों में उत्तर दें—

प्रश्न 1.
पंजाब में फल एवम् सब्जियों की कृषि पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
पंजाब में फलों तथा सब्जियों की कृषि करने की बहुत संभावनाएं हैं। फलों के बाग एक बार लगाकर तथा कई-कई वर्षों तक उपज देते रहते हैं। सब्जियां कम समय में ही तैयार हो जाती हैं तथा उपज बेच कर लाभ लिया जा सकता है। पंजाब में फलों की कृषि के अधीन क्षेत्रफल 78 हज़ार हैक्टेयर है तथा इससे 14 लाख टन पैदावार हो रही है। इसी तरह सब्जियों की कृषि के अधीन क्षेत्रफल 109 हज़ार हैक्टेयर है तथा इससे 36 लाख टन पैदावार होती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 300 ग्राम सब्जियां तथा 80 ग्राम फलों की आवश्यकता होती है। यह तथ्य भारतीय मैडीकल खोज संस्था के अनुसार है। जब कि भारत में अभी केवल 30 ग्राम फल तथा 80 ग्राम सब्जियां ही प्रति व्यक्ति हिस्से आती हैं। इस लिए सारे भारत में तथा पंजाब में भी सब्जियों तथा फलों की अधिक कृषि करने की आवश्यकता है।

PSEB 8th Class Agriculture Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

प्रश्न 2.
फल एवम् सब्जियों के संसाधन की क्या महत्ता है?
उत्तर-
फलों तथा सब्जियों के संसाधन के निम्नलिखित लाभ हैं—

  1. इनकी तुड़वाई, कटाई, स्टोर करते समय दर्जाबंदी करते समय, ढुलाई आदि कार्यों में उपज की बहुत हानि होती है। इस हानि को प्रोसेसिंग करके कम किया जा सकता है। यह हानि लगभग 30-35% होती है।
  2. संसाधन किए पदार्थों से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। केवल 2% उपज को ही पदार्थ बनाने के लिए संसाधन की जाती है। बिना मौसम प्राप्ति तथा भण्डारीकरण करने के लिए फलों तथा सब्जियों के संसाधन की बहुत आवश्यकता है ताकि इस व्यवसाय को छोटे तथा बड़े स्तर पर अपना कर अधिक कमाई की जा सके। संसाधन करके बनाए गए पदार्थ हैं-शर्बत, जैम, अचार, चटनी आदि।

प्रश्न 3.
भारत में फल एवम् सब्जियों की उपज पर नोट लिखो।
उत्तर-
भारत फलों तथा सब्जियों की पैदावार के हिसाब से दुनिया में दूसरे स्थान पर है। सब्जियों की फसल थोड़े समय में तैयार हो जाती है तथा वर्ष में दो से चार फसलें मिल जाती हैं। पैदावार अधिक होती है तथा कमाई भी अधिक होती है तथा प्रतिदिन हो जाती है। फलों की कृषि करने के लिए बाग लगाए जाते हैं जो कई वर्षों तक थोड़ी संभाल, देख रेख पर ही अच्छी उपज दे देते हैं। भारत में फलों तथा सब्जियों की पैदावार काफी हो रही है, परन्तु बढ़ती जन-संख्या के कारण इनकी मांग पूरी नहीं हो सकती, इसलिए इन फलों तथा सब्जियों की पैदावार को बढ़ाने की बहुत आवश्यकता है।

प्रश्न 4.
भारत में फलों एवम् सब्जियों का प्रसंस्करण कैसे किस स्तर पर किया जाता है ?
उत्तर-
भारत में फलों तथा सब्जियों का प्रसंस्करण छोटे स्तर से लेकर बड़े व्यापारिक स्तर पर किया जाता है। फलों तथा सब्जियों की पैदावार में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। परन्तु कुल उपज के केवल 2% को ही तैयार पदार्थ बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसलिए भारत में फलों तथा सब्जियों के प्रसंस्करण की तरफ विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। किसान गांव स्तर पर इनका प्रसंस्करण करके अच्छा लाभ ले सकते हैं तथा कई बड़ी कम्पनियों के साथ संबंध बनाए जा सकते हैं तथा अपनी उपज को प्रसंस्करण के लिए भी दे सकते हैं।

प्रश्न 5.
फल एवम् सब्जियों की खराबी के क्या कारण हैं ?
उत्तर-
सब्जियों तथा फलों की खराबी के कई कारण हैं। सब्जियां तथा फलों की तुड़वाई, कटाई, इनको भण्डार करना, इनकी दर्जाबंदी करना, इनकी डिब्बाबंदी करना तथा ढुलाई करना ऐसे कई काम हैं जो सब्जियों तथा फलों के खेत से हमारे घर तक पहुंचने के समय किए जाते हैं। इन कार्यों में फलों तथा सब्जियों की 30-35% हामि हो जाती है।
भण्डार किए फलों तथा सब्जियों को कोई बीमारी या कीड़े-मकौड़े भी खराब कर सकते हैं। कई बार सूक्ष्म जीव तथा उल्लियां भी उपज को खराब करती हैं। कई पक्षी या जानवर फलों आदि को वृक्षों पर ही कुतर देते हैं। इस तरह सब्जियों तथा फलों की खराबी के भिन्न-भिन्न कारण हैं।

Agriculture Guide for Class 8 PSEB फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना Important Questions and Answers

बहुत छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
आम का अचार कितने सप्ताह में तैयार हो जाता है ?
उत्तर-
2-3 हफ्तों में।

प्रश्न 2.
सब्जियों को धूप में सुखाना चाहिए या छाया में ?
उत्तर-
धूप में।

प्रश्न 3.
सेब को सुरक्षित रखने की एक विधि बताओ।
उत्तर-
सेब का मुरब्बा, जैम आदि।

प्रश्न 4.
कुल उपज के कितने प्रतिशत की प्रोसेसिंग की जा रही है ?
उत्तर-
2%.

प्रश्न 5.
पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट का क्या काम है ?
उत्तर-
यह एक प्रिज़ेरवेटिव है।

प्रश्न 6.
नींबू का अचार कितने दिनों में तैयार हो जाता है ?
उत्तर-
2-3 सप्ताह में।

प्रश्न 7.
आम के अचार में कौन-सा तेल प्रयोग होता है ?
उत्तर-
सरसों का तेल।

प्रश्न 8.
एक किलो गाजर के आचार के लिए कितने ग्राम सरसों का तेल ठीक है ?
उत्तर-
250 ग्राम।

इस छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
नींबू का शर्बत बनाने का तरीका बताओ।
उत्तर-
बाज़ार से सस्ते नींबू खरीद लेने चाहिएं तथा इनका शर्बत बनाकर महंगे दाम पर बेचा जा सकता है। शर्बत बनाने के लिए नींबू निचोड़ कर इनका रस निकालकर चीनी के बर्तन में रख लो। चीनी का घोल बनाने के लिए 1 लिटर पानी में दो किलो चीनी डालकर गर्म करो तथा सारी चीनी घुल जाने के पश्चात् घोल को बारीक तथा साफ़ कपड़े से छानें। ठण्डा होने पर इसमें एक लिटर नींबू का रस तथा 4 ग्राम एसेंस तथा 3.5 ग्राम पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट घोल भी मिला लो। शर्बत को बोतलों में भर लें तथा बोतलों के मुँह को मोम से हवाबन्द कर लो।

प्रश्न 2.
माल्टे अथवा संगतरे का शर्बत कैसे तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
माल्टे अथवा संगतरे का शर्बत तैयार करने के लिए ताजे फल लेकर मशीन से इनका रस साफ़-सुथरे बर्तन में निकालो। 2 किलो चीनी तथा 25-30 ग्राम सिट्रिक एसिड को एक लिटर पानी में डालकर गर्म करो तथा घोल को बारीक कपड़े अथवा छननी से छानें। जब घोल ठण्डा हो जाए तो इसमें एक लीटर माल्टे का रस, 2-3 ग्राम एसेंस तथा 5 ग्राम पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट का घोल भी मिलाओ। शर्बत को बोतलों में भरकर बोतलों के मुँह पिघले हुए मोम में डुबो कर हवाबन्द करके सम्भाल लो।

प्रश्न 3.
आम का शर्बत कैसे तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
आम का शर्बत बनाने के लिए अच्छी तरह पके हुए रसदार फल लेकर चाकू से इसका गूदा उतार लें। कड़छी आदि से इस गूदे को अच्छी तरह पीस कर बारीक छननी अथवा कपड़े से छान लो। 1.4 किलो चीनी को 1.6 लिटर पानी में डालकर गर्म करो तथा घोल को बारीक कपड़े से छानो। ठण्डा हो जाने पर इसमें एक किलो आम का गूदा तथा 20-30 ग्राम सिट्रिक एसिड मिला दो। इसके बाद इसमें 2-3 ग्राम पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट भी मिला दो। शर्बत को बोतलों में भरकर बोतलों के मुँह को मोम से सील कर दो।

प्रश्न 4.
नींबू तथा जौ का शर्बत कैसे बनाया जाता है ?
उत्तर-
पके हुए नींबू लेकर तथा दो-दो टुकड़ों में काटकर नींबू-निचोड़ से इनका रस निकाल के छान लें। जौ के 15 ग्राम आटे में 0.3 लिटर पानी डालकर लेटी सी बनाएं। 50-60 मिलीलिटर लेटी को एक लिटर पानी में डालकर थोड़ासा गर्म करें, फिर लेटी को छानो तथा ठण्डा होने के लिए रख दो। अतिरिक्त पानी में 1.70 किलो चीनी डालकर गर्म करो तथा फिर घोल को छानो तथा ठण्डा करने के लिए रख दो। अब आटे की लेटी, चीनी के घोल तथा नींबू के 1 लिटर रस को इकट्ठा करके अच्छी तरह मिलाओ। शर्बत में 3.5 ग्राम पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट भी डाल कर मिलाओ। बोतलों में गले तक शर्बत भरकर मोम से बोतलों का मुँह बंद कर दो।

प्रश्न 5.
आम का अचार बनाने का तरीका बताएं।
उत्तर-
पूरे तैयार कच्चे, खट्टे तथा सख्त आम लेकर इन्हें धो लो तथा लम्बी तरफ टुकड़े करके गुठलियां बाहर निकाल लो तथा कटे टुकड़ों को धूप में सुखा लो। फिर अचार के लिए आवश्यक सामग्री इकट्ठी करो जैसे आम के टुकड़े 1 किलो, नमक 250 ग्राम, मेथी 50 ग्राम, सौंफ 65 ग्राम, कलौंजी 30 ग्राम, लाल मिर्च 25 ग्राम तथा हल्दी 30 ग्राम लो। अब टुकड़ों तथा नमक को मिलाओ तथा एक कांच के मर्तबान में डाल दो। बाद में बाकी सामग्री भी डाल दो तथा सरसों का तेल इतनी मात्रा में डालें कि एक पतली सी परत आम. के टुकड़ों के ऊपर आ जाए। फिर मर्तबान को धूप में रख दो, 2-3 हफ्तों में अचार तैयार हो जाएगा।

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प्रश्न 6.
आंवले का अचार बनाने का तरीका बताओ।
उत्तर-
1 किलो ताज़ा तथा.साफ़ आंवले लेकर रात भर पानी में डुबो कर रखो। फिर इनको साफ़ कपड़े पर बिछा कर सुखा लो। आंवलों को 100 मिलीलिटर तेल में पाँच मिनट तक पकाओ तथा इनमें 100 ग्राम नमक तथा 50 ग्राम हल्दी डालकर और 5 मिनट के लिए पकाएं, फिर आग से उतार कर इन्हें ठण्डा होने के लिए रख दो, अचार तैयार है। फिर इन्हें साफ़ हवाबन्द बर्तनों में भरकर सम्भाल लें।

प्रश्न 7.
गाजर का अचार कैसे बनता है ?
उत्तर-
एक किलो गाजरों को खुले तथा साफ़ पानी से धोकर इनकी हल्की छील उतार लें। टुकड़े काटकर 2 घण्टे तक सुखा लो। इन कटी हुई गाजरों को कुछ मिनट के लिए 250 ग्राम सरसों के तेल में पकाओ। पकी गाजरों में 100 ग्राम नमक तथा 20 ग्राम लाल मिर्च डाल दो तथा फिर आग से उतार लें। ठण्डा होने पर पिसे हुए 100 ग्राम राई के बीज इसमें मिला दो। अचार तैयार है। इसको बर्तनों में सम्भाल लो।

प्रश्न 8.
फल तथा सब्जियों को तोड़ने के पश्चात् सम्भाल के विषय में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर-
फल तथा सब्जियों को उनके भरे मौसम में सम्भाल कर रख लेना चाहिए। इस तरह करने से फलों तथा सब्जियों को खराब होने से तो बचाया जा सकता है साथ ही उन्हें बे-मौसम में बेचकर मुनाफा भी लिया जा सकता है तथा इनका स्वाद लिया जा सकता है। इसीलिए फल तथा सब्जियों को शर्बत, अचार, मुरब्बा, जैम, जैली, चटनी आदि रूप में सम्भाल लिया जाता है।

प्रश्न 9.
नींबू का अचार तैयार करने की विधि का वर्णन करो।
उत्तर-
अचार डालने के लिए साफ़-सुथरे तथा पके हुए नींबुओं को धोकर साफ़ कपड़े से सुखा लो। जितने नींबू हों उनसे चौथा हिस्सा नमक ले लें। एक किलो नींबू के अचार के लिए 7 ग्राम जीरा, 2 ग्राम लौंग तथा 20 ग्राम अजवाइन लो। प्रत्येक नींबू को एक ही रखते हुए चार-चार हिस्सों में काटो तथा फिर इस मिश्रण को चार-चार हिस्से किए नींबुओं में भर दो। बाकी बची हुई सामग्री मर्तबान में अचार पर डाल दो। नींबुओं को मर्तबान में डालकर धूप में रखकर हिलाते रहें तथा इस तरह 2-3 हफ्ते में आचार तैयार हो जाएगा।

प्रश्न 10.
पोटाशियम मैटावाइस्लफाइट कई पदार्थ बनाने में प्रयोग किया जाता है, इसका महत्त्व बताओ। .
उत्तर-
पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट एक प्रिजेरवेटिव का काम करता है। यह तैयार किए पदार्थों को कई महीने तक खराब होने से बचाता है। इस प्रकार हम फलों, सब्जियों से बने पदार्थों का प्रयोग लम्बे समय तक कर सकते हैं। इस तरह तैयार पदार्थों को कई महीनों तक दुकानों पर बेचा जा सकता है।

बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
नींबू, हरी मिर्च तथा अदरक का अचार कैसे बनाते हैं ?
उत्तर-
हरी मिर्चे, नींबू तथा अदरक को खुले साफ पानी में अच्छी तरह धोकर सुखाने के पश्चात् 250 ग्राम नींबूओं को दो अथवा चार टुकड़ों में काटो, 300 ग्राम अदरक को छीलकर बराबर लम्बे टुकड़ों में काटो, 200 ग्राम हरी मिर्चों में हल्का सा कटाव लगा दें। अब इन सभी को इकट्ठा करके 250 ग्राम नमक डालकर हिलाओ। अब इस सामग्री को खुले मुँह वाले साफ़ मर्तबानों में डालो। बाकी बचे 250 ग्राम नींबूओं का रस निकाल कर नमक वाले नींबू, अदरक तथा हरी मिर्चों पर डाल दो। ध्यान रखें कि यह सारी सामग्री रस से ढकी जाए। मर्तबान को हवा बन्द ढक्कनों से बन्द करके एक सप्ताह धूप में रखें। जब मिर्गों तथा नींबूओं का रंग हल्का भूरा तथा अदरक का रंग गुलाबी हो जाए तो अचार खाने के लिए तैयार है।

प्रश्न 2.
टमाटरों की चटनी कैसे बनाई जाती है ?
उत्तर-
पके टमाटरों को धोने के पश्चात् छोटे-छोटे टुकड़ों में काटो तथा फिर आग पर गर्म कर के छान कर जूस निकाल लें। निम्नलिखित विधि अनुसार अन्य सामग्री इकट्ठी करो टमाटरों का रस (1 लिटर), कटे हुए प्याज (15 ग्राम), कटा हुआं लहसुन (2-3 टुकड़े), बिना सर के लौंग (4-5), काली मिर्च (2-3 मि.), इलायची (2), जीरा (1-2 ग्राम), बिना पिसी जलवत्री (1-2 ग्राम), दालचीनी (टूटी हुई) (3-4 ग्राम); सिरका (40 मिलीलिटर), चीनी (30 ग्राम), नमक (12-15 ग्राम), लाल मिर्च (1-2 ग्राम) अथवा आवश्यकतानुसार।

सिरका, चीनी तथा नमक को छोड़ कर अन्य सारी सामग्री को एक मलमल की पोटली में बांधो। रस में आधी चीनी डालकर इसे धीमी आग पर गर्म करो तथा इसमें मसाले की पोटली रख दो। रस को तब तक गर्म करो जब तक कि आवश्यक गाढ़ापन न आ जाए। इस तरह रस का लगभग आधा हिस्सा ही बाकी बचता है। मसाले वाली पोटली निकालकर इसमें रस निचोड़ दो। अब अतिरिक्त चीनी, नमक तथा सिरका भी इसमें डाल दो। अगर सिरके से पतलापन आ जाए तो थोड़ी देर और गर्म करें, परन्तु अब देर तक इसे आग पर न रखें। गर्म-गर्म चटनी को साफ़ की हुई बोतलों में भर लो।

प्रश्न 3.
सब्जियों को सुखाने के बारे में आप क्या जानते हैं ? किन्हीं चार सब्जियों को सुखाने का तरीका बताओ।
उत्तर-

  1. सब्जी को धोकर इसके चाकू से टुकड़े कर लेने चाहिएं।
  2. सब्जी के टुकड़ों को मलमल के कपड़े में बांध कर 2-3 मिनट तक उबलते पानी में डुबो कर रखो।
  3. उबलते पानी में से निकालने के पश्चात् सब्जी के इन टुकड़ों को 0.25% पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट के घोल (एक लिटर पानी में अढाई ग्राम दवाई) में 10 मिनट तक रखो। इस तरह सब्जी के खराब होने का कोई डर नहीं रहता। एक किलो सब्जी के लिए एक लिटर घोल का प्रयोग करो।
  4. सब्जी को घोल में से निकालकर एल्यूमीनियम की ट्रेओं को सुखाने के लिए रख देना चाहिए।
  5. बाद में सब्जी वाली ट्रेओं को सुखाने के लिए रख देना चाहिए।

सब्जियों को सुखाना—

  1. गाजर-गाजर को छील कर एक सें० मी० मोटे टुकड़े काटकर धूप में तीन दिन के लिए सुखाया जाता है।
  2. प्याज़-प्याज़ को छीलकर साफ करके अच्छी तरह बारीक काट कर धूप में सुखाओ।
  3. लहसुन-इसकी तुरियां (गांठों) को छील कर बारीक-बारीक काटकर दो दिन तक धूप में सुखाओ।
  4. भिण्डी नं0 2 तथा करेला-उन्हें छोटे आकार की होने की सूरत में इनके दोनों सिरे चाकू से उतार दें तथा बारीक काट लें।

फिर उबलते पानी में 6-7 मिनट के लिए ब्लीच तथा फिर 0.25% पोटाशियम मैटाबाइसल्फाइट के घोल से सुधारें तथा दो दिन के लिए धूप में सुखाएं।

प्रश्न 4.
आंवले का मुरब्बा कैसे तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
मुरब्बे के लिए बनारसी किस्म के बड़े-बड़े साफ़-सुथरे आंवले ठीक रहते हैं। एक रात के लिए इन्हें 2% सादा नमक के घोल में डुबो कर रखो। आंवलों को अगले दिन इस घोल से निकालकर फिर से 2% नमक के सादा घोल में फिर रात भर के लिए रखो। इसी तरह तीसरे दिन भी करो। चौथे दिन आंवलों को घोल से निकालकर अच्छी तरह धो लो। स्टील के कांटे से फलों में कई स्थानों पर छिद्र कर दें। इन आंवलों को साफ मलमल के कपड़े में बांधो। एक लिटर पानी में 2 ग्राम फिटकड़ी घोल कर बंधे हुए आंवलों को इस पानी में उबालो। इस तरह आंवले अच्छी तरह नर्म हो जाएंगे।
एक किलो फलों के लिए डेढ़ किलो चीनी लो तथा इसमें से आधी चीनी 750 ग्राम को एक लिटर पानी में घोलो। इसे उबालकर मलमल के कपड़े में छान लो। इस चीनी के घोल में उबले हुए आंवले डालो तथा रात भर पड़े रहने दो। अगले दिन चीनी का घोल निकाल लो तथा इसमें बाकी 750 ग्राम चीनी डालकर उबालो। मलमल के कपड़े से उसे छानें। अब इसमें फिर आंवले डाल दें। दो दिन पश्चात् फिर उबालो ताकि चीनी का घोल गाढ़ा हो जाए। फिर ठण्डा करके बर्तन में डालकर सम्भाल लो।

प्रश्न 5.
गाजर का अचार बनाने का तरीका बताएं।
उत्तर-
गाजर को छील कर, धोकर इनके छोटे-छोटे पतले टुकड़े काट लें। इन्हे धूप में सुखा लें। एक किलो गाजर को 250 ग्राम सरसों के तेल में पकाएं। इनमें 100 ग्राम नमक तथा 20 ग्राम लाल मिर्च डालें। ठण्डा होने पर इसमें 100 ग्राम राई पीस कर मिलाएं। बोतल में डाल कर संभाल लें।

प्रश्न 6.
आंवले का अचार तथा मुरब्बा बनाने का ढंग बताएं।
उत्तर-
स्वयं करें।

PSEB 8th Class Agriculture Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

ठीक/गलत

  1. पंजाब में आम की पैदावार सबसे अधिक होती है।
  2. भारत में फलों की वार्षिक पैदावार 500 लाख टन है।
  3. पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट एक प्रिज़रवेटिव है।

उत्तर-

बहुविकल्पीय

प्रश्न 1.
पंजाब में कौन-सी सब्जी की पैदावार सबसे अधिक है ?
(क) भिण्डी
(ख) आलू
(ग) पालक
(घ) प्याज़
उत्तर-
(ख) आलू

प्रश्न 2.
निंबू का अचार कितने दिनों में तैयार हो जाता है ?
(क) 2-3 सप्ताह
(ख) 6-7 सप्ताह
(ग) 10 सप्ताह
(घ) 15-16 सप्ताह।
उत्तर-
(क) 2-3 सप्ताह

प्रश्न 3.
एक किलो गाजर के अचार के लिए कितने ग्राम सरसों का तेल ठीक है?
(क) 100 ग्राम
(ख) 250 ग्राम
(ग) 500 ग्राम
(घ) 1000 ग्राम।
उत्तर-
(ख) 250 ग्राम

रिक्त स्थान भरें

  1. पोटाशियम मैटावाइसल्फाइट एक ……………है।
  2. नींबू के अचार में ……………. प्रतिशत नमक डाला जाता है।
  3. पंजाब में …………… की कृषि सभी फलों से अधिक होती है।

उत्तर-

  1. प्रिज़रवेटिव,
  2. 20,
  3. किन्नू।

PSEB 8th Class Agriculture Solutions Chapter 11 फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना

फलों एवम् सब्जियों से अचार, मुरब्बे एवम् शर्बत बनाना PSEB 8th Class Agriculture Notes

  • भारत में फल तथा सब्जियों की पैदावार बड़े स्तर पर होती है तथा भारत दुनिया में इसलिए दूसरे स्थान पर है।
  • पंजाब में फलों की पैदावार के नीचे 76.5 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्रफल है।
  • पंजाब में फलों की पैदावार 15.41 लाख टन है।
  • पंजाब में सब्जियों की पैदावार के लिए 203.7 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्रफल है।
  • पंजाब में सब्जियों की पैदावार 36 लाख टन है।
  • पंजाब में फलों में किन्नू की पैदावार सबसे अधिक तथा सब्जियों में आलू की पैदावार सबसे अधिक है।
  • लगभग 2% पैदावार को ही पदार्थ बनाने के लिए प्रोसेस किया जाता है।
  • फलों सब्जियों को भिन्न-भिन्न तरह के पदार्थ बनाने के लिए प्रोसेस किया जाता है।
  • भिन्न-भिन्न पदार्थ जो बनाए जा सकते हैं-नींबू का शर्बत, आम का शर्बत, माल्टे, संगतरे या किन्नू का शर्बत, सत्तु का शर्बत, टमाटरों का रस, नींबू का अचार, आम का अचार, आंवले का अचार, गाजर का अचार, नींबू, हरी मिर्च तथा अदरक, टमाटरों का कैचअप, आंवले का मुरब्बा।
  • गोभी, शलगम, गाजर, आलू, करेला, मेथी, पालक आदि को पतले-पतले टुकड़ों में काट कर सुखा कर रखा जाता है।
  • सुखाने के लिए सोलर ड्रायर का प्रयोग किया जा सकता है।
  • फलों सब्जियों की तुड़ाई या कटाई के बाद प्रोसेसिंग करने से अधिक कमाई की जा सकती है।