PSEB 10th Class SST Solutions Civics Chapter 1 भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं

Punjab State Board PSEB 10th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 1 भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Social Science Civics Chapter 1 भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं

SST Guide for Class 10 PSEB भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं Textbook Questions and Answers

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द/एक पंक्ति (1-15 शब्दों) में दें

प्रश्न 1.
संविधान से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
संविधान एक मौलिक कानूनी दस्तावेज़ या लेख होता है जिसके अनुसार देश की सरकार अपना कार्य करती है।

प्रश्न 2.
प्रस्तावना के प्रारम्भिक शब्द क्या हैं?
उत्तर-
प्रस्तावना के प्रारम्भिक शब्द हैं, “हम, भारत के लोग भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष और लोकतन्त्रात्मक गणराज्य घोषित करते हैं।”

प्रश्न 3.
भारतीय संविधान की एक मुख्य विशेषता बताएं।
उत्तर-
भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़े आकार वाला तथा विस्तृत संविधान है।

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प्रश्न 4.
संघात्मक संविधान की एक विशेषता बताएं।
उत्तर-
संधात्मक संविधान में केन्द्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन होता है।
अथवा
संघात्मक संविधान देश में स्वतन्त्र तथा निष्पक्ष न्यायपालिका की स्थापना करता है।

प्रश्न 5.
भारतीय नागरिकों के किसी एक अधिकार की सूची बनाएं।
उत्तर-
समानता का अधिकार अथवा स्वतन्त्रता का अधिकार अथवा धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार।

प्रश्न 6.
भारतीय नागरिकों का एक संवैधानिक कर्तव्य बताएं।
उत्तर-
संविधान तथा इसके आदर्शों का पालन करना और राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना।
अथवा
भारत की प्रभुसत्ता, एकता अथवा अखण्डता की रक्षा करना।

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(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 50-60 शब्दों में दें

प्रश्न 1.
भारत एक धर्म-निरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य है।
उत्तर-
संविधान द्वारा भारत में एक धर्म-निरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य की स्थापना की गई है। धर्म-निरपेक्ष राज्य से अभिप्राय सभी धर्मों की समानता और स्वतन्त्रता से है। ऐसे राज्य में राज्य का अपना कोई विशेष धर्म नहीं होता। धर्म के आधार पर नागरिकों से कोई भेदभाव नहीं किया जाता। सभी नागरिक स्वेच्छा से कोई धर्म अपनाने और उपासना करने में स्वतन्त्र होते हैं।

लोकतान्त्रिक राज्य से भाव है कि सभी नागरिकों को समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त हैं और नागरिकों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि देश का शासन चलाते हैं।
गणराज्य से भाव है कि राज्य का अध्यक्ष कोई बादशाह नहीं होगा। वह चुनाव द्वारा निश्चित समय के लिए अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति होगा।

प्रश्न 2.
प्रस्तावना में वर्णित उद्देश्यों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर-
संविधान की प्रस्तावना में भारतीय शासन प्रणाली के स्वरूप तथा इसके बुनियादी उद्देश्यों को निर्धारित किया गया है। ये उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. भारत एक प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष, लोकतन्त्रात्मक गणराज्य होगा।
  2. सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय मिले।
  3. नागरिकों को विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता प्राप्त होगी।
  4. कानून के सामने सभी नागरिक समान समझे जाएंगे।
  5. लोगों में बन्धुत्व की भावना को बढ़ाया जाए ताकि व्यक्ति की गरिमा बढ़े और राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता को बल मिले।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किसी एक अधिकार की संक्षिप्त व्याख्या करें
(क) समानता का अधिकार
(ख) स्वतन्त्रता का अधिकार
(ग) शोषण के विरुद्ध अधिकार
(घ) संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
उत्तर-
(क) समानता का अधिकार-भारतीय समाज शताब्दियों से विभिन्न असमानताओं से भरपूर रहा है। इसीलिए संविधान निर्माताओं ने समानता के अधिकार को प्राथमिकता दी है। भारतीय नागरिकों को इस अधिकार द्वारा निम्नलिखित बातों में समानता प्राप्त है —

  1. कानून के सामने समानता-कानून की दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं। धर्म, नस्ल, जाति अथवा लिंग के आधार पर उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। रोज़गार या सरकारी पद देते समय सभी को समान अवसर दिये जाते हैं।
  2. भेदभाव पर रोक-सरकार जन्म स्थान, धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करेगी। सरकारी सहायता से बनाए गए कुओं, तालाबों, स्नानघरों अथवा पर्यटन स्थलों पर बिना किसी भेदभाव के नागरिकों को आने-जाने की स्वतन्त्रता होगी।
  3. अवसर की समानता-राज्य के अधीन रोज़गार या पदों पर नियुक्ति के लिए सभी नागरिकों को समान अवसर दिए जाएंगे।
  4. छुआछूत पर रोक-सदियों से चली आ रही छुआछूत की कुप्रथा को समाप्त कर दिया गया है।
  5. उपाधियों तथा खिताबों की समाप्ति-सैनिक तथा शैक्षणिक उपाधियों के अतिरिक्त राज्य कोई अन्य उपाधि नहीं देगा।

(ख) स्वतन्त्रता का अधिकार-स्वतन्त्रता का अधिकार लोकतन्त्र का स्तम्भ है। संविधान में स्वतन्त्रता के अधिकार को दो भागों में बांटा गया है-साधारण और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता।
साधारण स्वतन्त्रता-इसके अनुसार भारतीय नागरिक को निम्नलिखित स्वतन्त्रताएं प्राप्त हैं —

  1. भाषण तथा विचार प्रकट करने की स्वतन्त्रता।
  2. शान्तिपूर्वक एकत्र होने की स्वतन्त्रता।
  3. संघ स्थापित करने की स्वतन्त्रता।
  4. भारत के किसी भाग में आने-जाने की स्वतन्त्रता।
  5. भारत के किसी भी भाग में बस जाने की स्वतन्त्रता।
  6. कोई भी रोज़गार अपनाने अथवा व्यापार करने की स्वतन्त्रता।

व्यक्तिगत स्वतन्त्रता —

  1. व्यक्ति को ऐसे कानून की अवहेलना करने के लिए दंडित नहीं किया जा सकता जो कानून अपराध करते समय लागू न था।
  2. किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार दण्ड नहीं दिया जा सकता।
  3. किसी अपराधी को अपने विरुद्ध गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
  4. किसी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित विधि के अतिरिक्त उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतन्त्रता से वंचित नहीं किया जा सकता।

(ग) शोषण के विरुद्ध अधिकार —

  1. हमारे समाज में चिरकाल से निर्धन व्यक्तियों, स्त्रियों तथा बच्चों का शोषण होता चला आ रहा है। इसे समाप्त करने के लिए संविधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार की व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार
  2. मनुष्यों के व्यापार और बिना वेतन दिए ज़बरदस्ती श्रम करवाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। इसका उल्लंघन करने वाले को कानून के अनुसार दण्ड दिया जा सकता है, परन्तु सार्वजनिक सेवाओं के लिए राज्य अनिवार्य सेवा योजना लागू कर सकता है। यह सेवा अधिकार के विरुद्ध नहीं होगी।
  3. 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों या जोखिम भरी नौकरी पर नहीं लगाया जा सकता। वास्तव में उनसे कोई ऐसा कार्य नहीं लिया जा सकता जो उनके विकास में बाधा डाले।

(घ) संवैधानिक उपचारों का अधिकार-संविधान द्वारा नागरिकों को अधिकार प्रदान कर देना ही पर्याप्त नहीं है। इन अधिकारों का सम्मान करना तथा रक्षा करना अधिक महत्त्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से भारतीय संविधान में – संवैधानिक उपचारों के अधिकार की व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार यदि कोई राजकीय कार्य नागरिकों के अधिकारों के विरुद्ध हो तो नागरिक उसे अदालत में चुनौती दे सकते हैं। ऐसे कार्यों को न्यायालय असंवैधानिक या रद्द घोषित कर सकते हैं, परन्तु आपात्कालीन घोषणा के दौरान ही इस अधिकार को निलम्बित किया जा सकता है। संविधान का यह प्रावधान खतरनाक और अलोकतान्त्रिक है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धान्तों में से किसी एक के चार सिद्धान्त लिखो
(क) समाजवादी
(ख) गांधीवादी
(ग) उदारवादी।
उत्तर-
(क) समाजवादी सिद्धान्त-

  1. राज्य से अपेक्षा की गई है कि वह ऐसे समाज की स्थापना करे जिसका उद्देश्य सार्वजनिक कल्याण हो।
  2. प्रत्येक नागरिक को आजीविका कमाने का अधिकार हो।
  3. देश के भौतिक साधनों की बांट इस प्रकार हो जिससे अधिक-से-अधिक जनहित हो।
  4. आर्थिक संगठन इस प्रकार हो कि धन और उत्पादन के साधन सीमित व्यक्तियों के हाथों में केन्द्रित न हों।

(ख) गांधीवादी सिद्धान्त-गांधी जी ने जिस नए समाज की स्थापना का स्वप्न देखा था, उसकी एक झलक हमें निम्नलिखित (गांधीवादी) सिद्धान्तों से मिलती है

  1. राज्य गांवों में ग्राम पंचायतों की स्थापना करे। वह उन्हें ऐसी शक्तियां प्रदान करे जिससे वे स्वराज्य की एक इकाई के रूप में कार्य कर सकें।
  2. राज्य गांवों में निजी और सहकारी कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करे।
  3. राज्य कमज़ोर वर्गों विशेषकर पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों और कबीलों को शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करे।
  4. राज्य अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों और कबीलों को हर प्रकार के शोषण से बचाए।

(ग) उदारवादी सिद्धान्त-साधारण या उदारवादी सिद्धान्त निम्नलिखित हैं

  1. राज्य समूचे देश में समान कानून संहिता लागू करे।
  2. वह न्यायपालिका और कार्यपालिका को पृथक करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करे।
  3. वह कृषि को आधुनिक वैज्ञानिक आधार पर गठित करे।
  4. वह पशुपालन में सुधार तथा पशुओं की नस्ल सुधारने का प्रयास करे।

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प्रश्न 5.
मौलिक अधिकारों और राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धान्तों में मूल अन्तर बताएं।
उत्तर-
मौलिक अधिकारों तथा राज्य नीति के निर्देशक सिद्धान्तों में निम्नलिखित मूल अन्तर हैं

मौलिक अधिकार न्याय योग्य हैं, परन्तु निर्देशक सिद्धान्त न्याय योग्य नहीं हैं। इससे भाव यह है कि यदि सरकार नागरिक के किसी मूल अधिकार का उल्लंघन करती है तो नागरिक न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है, परन्तु निर्देशक सिद्धान्त की उल्लंघना होने की स्थिति में सरकार पर दबाव नहीं डाला जा सकता।

  1. मौलिक अधिकार नकारात्मक हैं, परन्तु निर्देशक सिद्धान्त सकारात्मक हैं। नकारात्मक से भाव राज्य की शक्तियों पर प्रतिबन्ध लगाने से है।
  2. कुछ निर्देशक सिद्धान्त मौलिक अधिकारों से श्रेष्ठ हैं, क्योंकि वे व्यक्ति की अपेक्षा समूचे समाज के कल्याण के लिए हैं।
  3. मौलिक अधिकारों का उद्देश्य भारत में राजनीतिक लोकतन्त्र की स्थापना करना है, परन्तु निर्देशक सिद्धान्त सामाजिक और आर्थिक लोकतन्त्र की स्थापना करते हैं। इस प्रकार वे सही अर्थों में लोकतन्त्र को लोकतन्त्र बनाते हैं।

प्रश्न 6.
भारतीय नागरिकों के कर्त्तव्य बतायें और इन्हें कब संविधान में सम्मिलित किया गया?
उत्तर-
भारतीय नागरिकों के कर्तव्य निम्नलिखित हैं

  1. संविधान का पालन करना तथा इसके आदर्शों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना।
  2. भारत के स्वतन्त्रता संघर्ष को प्रोत्साहित करने वाले आदर्शों का सम्मान तथा पालन करना।
  3. भारत की प्रभुसत्ता, एकता एवं अखण्डता की रक्षा करना।
  4. भारत की रक्षा के आह्वान पर राष्ट्र की सेवा करना।
  5. धार्मिक, भाषायी, क्षेत्रीय अथवा वर्गीय विभिन्नताओं से ऊपर उठ कर भारत के सभी लोगों में परस्पर मेलजोल और बन्धुत्व की भावना का विकास करना।
  6. सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना और इसे बनाए रखना।
  7. वनों, झीलों, नदियों, वन्य जीवन तथा प्राकृतिक वातावरण की रक्षा करना।
  8. वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद, अन्वेषण और सुधार की भावना का विकास करना।
  9. सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करना और हिंसा का मार्ग न अपनाना।
  10. राष्ट्र की प्रगति के लिए प्रत्येक क्षेत्र में उत्तमता प्राप्त करने का प्रयत्न करना।
    मूल संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों की व्यवस्था नहीं की गई थी। इन्हें 1976 में (संविधान के 42वें संशोधन द्वारा) संविधान में सम्मिलित किया गया।

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प्रश्न 7.
भारतीय संविधान की विशालता के किन्हीं दो कारणों का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर-
भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़े आकार वाला तथा विस्तृत संविधान है। इसकी विशालता के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं

  1. इस संविधान में 395 अनुच्छेद तथा 9 अनुसूचियां दी गई हैं।
  2. इसमें राज्य के स्वरूप, सरकार के अंगों के संगठन तथा उनके आपसी सम्बन्धों का विस्तृत वर्णन है। इसमें राज्य तथा नागरिक के सम्बन्धों को भी विस्तार से स्पष्ट किया गया है।
  3. इसमें नागरिकों के छः मूल अधिकारों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। संविधान के 42वें संशोधन के अनुसार इसमें नागरिकों के लिए 10 मूल कर्त्तव्यों का समावेश भी किया गया है।
  4. संघात्मक संविधान होने के कारण इसमें केन्द्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों के विभाजन का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। शक्ति विभाजन सम्बन्धी सूचियों ने भी भारतीय संविधान को विशालता प्रदान की है। (कोई दो लिखें)

प्रश्न 8.
राज्य नीति के निर्देशक सिद्धान्तों का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
राज्य के निर्देशक सिद्धान्तों का बड़ा महत्त्व है-

  1. हमारे देश में स्त्रियों और पुरुषों को समान अधिकार दिए गए हैं। वेतन की दृष्टि से दोनों में भेदभाव समाप्त कर दिया गया है। समान पदों के लिए समान वेतन की व्यवस्था की गई है।
  2. पिछड़ी जातियों के लिए नौकरियों की व्यवस्था की गई है। उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। उनको विधानसभा तथा संसद् में विशेष रूप से प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
  3. लगभग समस्त देश में प्रारम्भिक शिक्षा निःशुल्क कर दी गई है।
  4. देश में ऐसे कानून पास हो चुके हैं जिनके द्वारा श्रमिकों तथा छोटी आयु के बच्चों के हितों की रक्षा की गई है।
    ये सभी कार्य राज्य-नीति के निर्देशक सिद्धान्तों की प्रेरणा से ही किए गए हैं।

प्रश्न 9.
शोषण के विरुद्ध अधिकार का वर्णन करें।
उत्तर-
उत्तर के लिए प्रश्न नं० 3 का (ग) भाग देखें।

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PSEB 10th Class Social Science Guide भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)

I. उत्तर एक शब्द अथवा एक लाइन में

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को किस प्रकार रोकता है?
उत्तर-
भारतीय संविधान सरकार के विभिन्न अंगों की शक्तियों का स्पष्ट उल्लेख करके सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को रोकता है।

प्रश्न 2.
भारतीय संविधान कब पारित हुआ?
उत्तर-
भारतीय संविधान 26 नवम्बर, 1949 को पारित हुआ।

प्रश्न 3.
भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
उत्तर-
यह 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ।

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प्रश्न 4.
एक तर्क देकर स्पष्ट कीजिए कि भारत एक लोकतंत्रात्मक राज्य है।
उत्तर-
देश का शासन लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि चलाते हैं।

प्रश्न 5.
भारत एक धर्म-निरपेक्ष राज्य कैसे है? एक उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए।
उत्तर-
भारत का कोई राज्य-धर्म नहीं है।

प्रश्न 6.
समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष तथा राष्ट्र की एकता शब्द संविधान के कौन-से संशोधन द्वारा जोड़े गए?
उत्तर-
ये शब्द 1976 में 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए।

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प्रश्न 7.
समाजवाद से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
ऐसी व्यवस्था जिसमें अमीर-गरीब का भेदभाव न हो और साधनों पर पूरे समाज का अधिकार हो।

प्रश्न 8.
संविधान के अनुसार भारत को कैसा राज्य बनाने की संकल्पना की गई है?
उत्तर-
संविधान के अनुसार भारत को प्रभुसत्ता सम्पन्न, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाने की संकल्पना की गई है।

प्रश्न 9.
देश का वास्तविक प्रधान कौन होता है?
उत्तर-
प्रधानमन्त्री देश का वास्तविक प्रधान होता है।

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प्रश्न 10.
केन्द्रीय सरकार तथा राज्य सरकारों में से कौन अधिक शक्तिशाली है?
उत्तर-
केन्द्रीय सरकार।

प्रश्न 11.
भारतीय संविधान की एक विशेषता बताओ।
उत्तर-
लिखित तथा विस्तृत ।

प्रश्न 12.
भारतीय संविधान ने नागरिकों को जो अधिकार दिए हैं, उन्हें कानूनी भाषा में क्या कहते हैं?
उत्तर-
कानूनी भाषा में नागरिकों के अधिकारों को मौलिक अधिकार कहते हैं।

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प्रश्न 13.
संविधान में कितने प्रकार के मौलिक अधिकारों का प्रावधान है?
उत्तर-
संविधान में छः प्रकार के मौलिक अधिकारों का प्रावधान है।

प्रश्न 14.
समानता के अधिकार में निहित किसी एक बात का उल्लेख करो।
उत्तर-
जाति, लिंग, जन्म स्थान, वर्ग आदि के आधार पर राज्य नागरिकों में कोई भेदभाव नहीं करेगा।

प्रश्न 15.
राज्य-नीति के निर्देशक सिद्धान्तों से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
निर्देशक सिद्धान्तों से अभिप्राय सरकारों को मिले आदेश से है।

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प्रश्न 16.
संविधान में वर्णित बच्चों का शिक्षा संबंधी एक मौलिक अधिकार बताओ।
उत्तर-
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था।

प्रश्न 17.
मौलिक अधिकारों और राज्य-नीति के निर्देशक तत्त्वों में मुख्य रूप से क्या अन्तर है?
उत्तर-
मौलिक अधिकार न्याय योग्य हैं जबकि नीति निर्देशक तत्त्व न्याय योग्य नहीं हैं।

प्रश्न 18.
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख क्यों किया गया है?
उत्तर-
कर्त्तव्यों के बिना अधिकार अधूरे होते हैं।

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प्रश्न 19.
भारतीय संविधान में अंकित किसी एक मौलिक अधिकार (स्वतन्त्रता के अधिकार) का वर्णन करो।
उत्तर-
धार्मिक स्वतन्त्रता के अधिकार के अनुसार भारत के नागरिक अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को अपना सकते हैं।

प्रश्न 20.
विश्व का सबसे बड़ा और विस्तृत आकार वाला संविधान किस देश का है?
उत्तर-
भारत।

प्रश्न 21.
भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद हैं?
उत्तर-
395.

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प्रश्न 22.
भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियां हैं?
उत्तर-
9.

प्रश्न 23.
भारत ने किस प्रकार की नागरिकता को अपनाया है?
उत्तर-
भारत ने इकहरी नागरिकता को अपनाया है।

प्रश्न 24.
राज्यपालों की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर-
राष्ट्रपति।

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प्रश्न 25.
भारतीय नागरिकों के 10 मौलिक कर्त्तव्य भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अंकित किए गए हैं?
उत्तर-
51 A.

प्रश्न 26.
भारत की शासन प्रणाली के बुनियादी उद्देश्यों को संविधान में कहां निर्धारित किया गया है?
उत्तर-
प्रस्तावना में।

प्रश्न 27.
संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार भारतीय नागरिकों को कई तरह की स्वतन्त्रताएं प्राप्त हैं?
उत्तर-
19वें।

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प्रश्न 28.
शोषण के विरुद्ध अधिकार किसकी रक्षा करता है?
उत्तर-
ग़रीब लोगों, स्त्रियों, बच्चों इत्यादि की।

प्रश्न 29.
1975 में राष्ट्रीय आपात्कालीन घोषणा के समय किस अधिकार को निलम्बित कर दिया गया था?
उत्तर-
संविधानिक उपचारों के अधिकार को।

प्रश्न 30.
राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धान्त किसकी स्थापना नहीं करते?
उत्तर-
राजनीतिक लोकतन्त्र की।

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प्रश्न 31.
संविधान में दिए गए कौन-से तत्त्व कल्याणकारी राज्य की स्थापना के प्रकाश बन सकते हैं?
उत्तर-
नीति निर्देशक सिद्धान्त।

प्रश्न 32.
नीति निर्देशक सिद्धांतों का मूल आधार क्या है?
उत्तर-
नैतिक शक्ति।

प्रश्न 33.
भारतीय संविधान में वर्णित राज्य नीति के निर्देशक सिद्धान्त किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
उत्तर-
आयरलैंड।

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. भारतीय संविधान …………… को लागू हुआ।
  2. भारत देश का वास्तविक प्रधान …………. होता है।
  3. भारतीय संविधान में …………… प्रकार के मौलिक अधिकारों का प्रावधान है।
  4. भारत में ………….. वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए नि:शुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई है।
  5. नीति निर्देशक तत्व (भारतीय संविधान) ………….. के संविधान से प्रेरित हैं।
  6. राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति …………… करता है।
  7. भारतीय संविधान में ……………. अनुसूचियां हैं।
  8. भारतीय संविधान में ………….. अनुच्छेद हैं।
  9. विश्व का सबसे बड़ा तथा विस्तृत संविधान ………….. देश का है।
  10. भारतीय संविधान के मूल (बुनियादी) उद्देश्यों को संविधान की ………. में निर्धारित किया गया है।

उत्तर-

  1. 26 जनवरी, 1950,
  2. प्रधानमंत्री,
  3. छ:,
  4. 14,
  5. आयरलैंड,
  6. राष्ट्रपति,
  7. नौ,
  8. 395,
  9. भारत,
  10. प्रस्तावना।

III. बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार भारतीय नागरिकों को कई तरह की स्वतंत्रताएं प्राप्त हैं?
(A) 9वें
(B) 19वें
(C) 29वें
(D) 39वें।
उत्तर-
(B) 19वें

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकारों के पीछे निम्न शक्ति काम करती है
(A) कानूनी
(B) नैतिक
(C) गैर-कानूनी
(D) सैनिक।
उत्तर-
(A) कानूनी

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प्रश्न 3.
नीति निर्देशक सिद्धांतों का मूल आधार क्या है?
(A) कानूनी शक्ति
(B) सीमित शक्ति
(C) नैतिक शक्ति
(D) दमनकारी शक्ति।
उत्तर-
(C) नैतिक शक्ति

प्रश्न 4.
भारतीय नागरिकों को कौन-सा मौलिक अधिकार प्राप्त नहीं है?
(A) स्वतंत्रता का अधिकार
(B) समानता का अधिकार
(C) संवैधानिक उपचारों का अधिकार
(D) सम्पत्ति का अधिकार।
उत्तर-
(D) सम्पत्ति का अधिकार।

प्रश्न 5.
निम्न में कौन-सा भारतीय नागरिकों का मौलिक (संवैधानिक) कर्तव्य है?
(A) संविधान का पालन करना
(B) राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना
(C) राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना
(D) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी।

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IV. सत्य-असत्य कथन

प्रश्न-सत्य/सही कथनों पर (✓) तथा असत्य/ग़लत कथनों पर (✗) का निशान लगाएं

  1. भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद हैं।
  2. भारतीय संविधान 15 अगस्त, 1947 को लागू हुआ।
  3. गणतन्त्र अथवा गणराज्य में राज्य का अध्यक्ष निश्चित समय के लिए मनोनीत राष्ट्रपति होता है।
  4. भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़े आकार का तथा विस्तृत संविधान है।
  5. राज्यपालों की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा होती है।

उत्तर-

  1. (✓),
  2. (✗),
  3. (✗),
  4. (✓),
  5. (✗).

V. उचित मिलान

  1. राज्यपालों की नियुक्ति — राज्य का निर्वाचित अध्यक्ष ।
  2. देश का वास्तविक प्रधान — राष्ट्रपति
  3. समाजवादी राज्य — प्रधानमंत्री
  4. गणतंत्र — आर्थिक समानता।

उत्तर-

  1. राज्यपालों की नियुक्ति — राष्ट्रपति,
  2. देश का वास्तविक प्रधान — प्रधानमंत्री,
  3. समाजवादी राज्य — आर्थिक समानता,
  4. गणतंत्र — राज्य का निर्वाचित अध्यक्ष।

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छोटे उत्तर वाले प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
संविधान क्या होता है? लोकतन्त्रात्मक सरकार में संविधान अधिक महत्त्वपूर्ण क्यों होता है?
उत्तर-
अर्थ-संविधान वह मौलिक कानूनी दस्तावेज़ होता है जिसके अनुसार किसी देश की सरकार कार्य करती है। यह मौलिक कानून सरकार के मुख्य अंगों, उनके अधिकार क्षेत्रों तथा नागरिकों के मूल अधिकारों की व्याख्या करता है। इसे सरकार की शक्ति तथा सत्ता का स्रोत माना जाता है।
महत्त्व-संविधान के दो मुख्य उद्देश्य होते हैं —

  1. सरकार के विभिन्न अंगों के आपसी सम्बन्धों की व्याख्या करना तथा
  2. सरकार और नागरिकों के सम्बन्धों का वर्णन करना। इसका सबसे बड़ा उपयोग यह है कि यह सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को रोकता है। इसी कारण लोकतन्त्रात्मक सरकार में संविधान को सबसे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ माना जाता है।

प्रश्न 2.
प्रस्तावना को कानूनी तौर पर संविधान का भाग नहीं माना जाता फिर भी यह महत्त्वपूर्ण है। कैसे?
उत्तर-
संविधान की भूमिका को संविधान की प्रस्तावना कहा जाता है। संविधान का आरम्भिक अंग होते हए भी कानूनी तौर पर इसे संविधान का भाग नहीं माना जाता। इसका कारण यह है कि इसके पीछे अदालती मान्यता नहीं होती है। यदि सरकार प्रस्तावना को लागू नहीं करती तो हम उसके विरुद्ध न्यायालय में नहीं जा सकते। फिर भी यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है।
प्रस्तावना का महत्त्व-भारत के संविधान में भी प्रस्तावना दी गई है। इसका महत्त्व निम्नलिखित बातों में निहित है —

  1. इससे हमें पता चलता है कि संविधान के उद्देश्य क्या हैं।
  2. इससे हमें पता चलता है कि संविधान निर्माताओं ने देश में एक आदर्श समाज की कल्पना की थी। यह समाज स्वतन्त्रता, समानता तथा समाजवाद पर आधारित होगा।
  3. प्रस्तावना से यह भी पता चलता है कि संविधान देश में किस प्रकार की शासन व्यवस्था स्थापित करना चाहता है।

प्रश्न 3.
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर-
भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं

  1. यह विस्तृत तथा लिखित संविधान है। इसमें 395 अनुच्छेद तथा १ अनुसूचियां हैं।
  2. यह लचीला तथा कठोर संविधान है।
  3. संविधान भारत में सम्पूर्ण प्रभुसत्ता-सम्पन्न, समाजवादी, धर्म-निरपेक्ष, जनतन्त्रीय गणतन्त्र की स्थापना करता है।
  4. यह भारत को एक ऐसा संघात्मक राज्य घोषित करता है जिसका आधार एकात्मक है।
  5. संविधान द्वारा भारत की संघीय संसद् के दो सदनों की व्यवस्था की गई है। ये सदन हैं-लोकसभा और राज्यसभा।
  6. संविधान द्वारा संसदीय कार्यपालिका की व्यवस्था की गई है। भारत का राष्ट्रपति इसका नाममात्र का राज्याध्यक्ष है।
  7. संविधान में जिस न्यायपालिका की व्यवस्था की गई है वह स्वतन्त्र तथा निष्पक्ष है।
  8. हमारे संविधान में 6 मौलिक अधिकारों तथा 10 मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किया गया है।
  9. संविधान के चौथे अध्याय में राज्य के राज्य-नीति के निर्देशक सिद्धान्त दिए गए हैं।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियां लिखिए
(क) भारत की संसदीय सरकार
(ख) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
(ग) स्वतन्त्र तथा निष्पक्ष न्यायपालिका।
उत्तर-
(क) भारत की संसदीय सरकार-संविधान के अनुसार भारत में संसदीय प्रणाली की सरकार है। इसमें संसद् सर्वोच्च है और वह जनता का प्रतिनिधित्व करती है। सरकार यूं तो केन्द्र में राष्ट्रपति के नाम पर तथा राज्यों में राज्यपाल के नाम पर चलाई जाती है, परन्तु वास्तव में सरकार को मन्त्रिपरिषद् ही चलाती है। मन्त्रिपरिषद् अपनी नीतियों के लिए संसद् (केन्द्र में) के प्रति उत्तरदायी है। राज्यों में भी यह विधायिका (जनता की प्रतिनिधि सभा) के प्रति उत्तरदायी है।
(ख) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार-भारतीय संविधान में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के प्रत्येक भारतीय नागरिक को मत देने का अधिकार दिया गया है। इस प्रकार प्रत्येक नागरिक केन्द्र तथा राज्य सरकारों के निर्वाचन में भाग ले सकता है।
(ग) स्वतन्त्र तथा निष्पक्ष न्यायपालिका-भारतीय संविधान के अनुसार देश में स्वतन्त्र तथा निष्पक्ष न्यायपालिका की स्थापना की गई है। इसका अर्थ यह है कि न्यायपालिका को कार्यपालिका के प्रभाव से मुक्त रखा गया है। इस प्रकार न्यायपालिका केन्द्र तथा राज्य सरकारों के बीच उत्पन्न विवादों का निपटारा निष्पक्ष रूप से करती है। ऐसी व्यवस्था संघीय प्रणाली में बहुत अधिक महत्त्व रखती है। इसके अतिरिक्त न्यायपालिका नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा भी करती है।

प्रश्न 5.
भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों को सूचीबद्ध करो।
अथवा
भारतीय नागरिकों के कोई दो अधिकार बताओ।
उत्तर-
मौलिक अधिकारों की सूची इस प्रकार है —

  1. समानता का अधिकार
  2. स्वतन्त्रता का अधिकार
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार
  4. धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार
  5. संस्कृति तथा शिक्षा-सम्बन्धी अधिकार
  6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार।

प्रश्न 6.
धार्मिक स्वतन्त्रता के कोई तीन अधिकार बताइए।
उत्तर-
धार्मिक स्वतन्त्रता के अधिकार में निम्नलिखित बातें सम्मिलित हैं —

  1. प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को मानने, उस पर आचरण करने और उसका प्रचार करने का समान अधिकार है।
  2. लोग अपनी इच्छा से धार्मिक तथा परोपकारी संस्थाओं की स्थापना कर सकते हैं तथा उनका प्रबन्ध चला सकते हैं।
  3. किसी भी व्यक्ति को ऐसे कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा जिनका प्रयोजन किसी धर्म विशेष का प्रचार करना है। इसके अतिरिक्त शिक्षा-संस्थाओं में किसी विद्यार्थी को कोई धर्म विशेष की शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

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प्रश्न 7.
संस्कृति और शिक्षा के अधिकार का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
नागरिकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार है। भाषा या नस्ल के आधार पर किसी भी नागरिक को ऐसी शिक्षा-संस्थाओं में प्रवेश पाने से नहीं रोका जाएगा जो सरकार अथवा सरकारी सहायता द्वारा चलाई जा रही हैं। प्रत्येक अल्पसंख्यक वर्ग को चाहे वह धर्म पर आधारित है चाहे भाषा पर, अपनी इच्छानुसार शिक्षा संस्थाएं स्थापित करने का अधिकार है। आर्थिक सहायता देते समय राज्य इनके साथ कोई भेदभाव नहीं करेगा।

प्रश्न 8.
भारतीय नागरिक को प्राप्त किन्हीं चार मौलिक अधिकारों का वर्णन करो।
उत्तर-

  1. स्वतन्त्रता का अधिकार-भारतीय नागरिकों को भ्रमण करने, विचार प्रकट करने तथा व्यवसाय सम्बन्धी स्वतन्त्रता दी गई है।
  2. धार्मिक स्वतन्त्रता- भारत के लोगों को किसी भी धर्म को मानने अथवा छोड़ने की स्वतन्त्रता दी गई है। वे धार्मिक संस्थाओं का निर्माण कर सकते हैं या उन्हें चला सकते हैं।
  3. शिक्षा का अधिकार-भारतवासियों को किसी भी भाषा को पढ़ने तथा अपनी संस्कृति और लिपि की रक्षा का अधिकार भी प्रदान किया गया है।
  4. समता का अधिकार-प्रत्येक नागरिक को समता का अधिकार प्रदान किया गया है और हर प्रकार के भेदभाव को मिटा दिया गया है। कोई भी व्यक्ति अपनी योग्यता के बल पर उच्च से उच्च पद प्राप्त कर सकता है।

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प्रश्न 9.
राज्य-नीति के निर्देशक सिद्धान्तों से आप क्या समझते हैं? चार मुख्य नीति-निर्देशक सिद्धान्त बताओ।
उत्तर-
भारत के संविधान में नीति-निर्देशक सिद्धान्तों का वर्णन किया गया है। ये सिद्धान्त भारत सरकार के लिए उद्देश्यों के रूप में हैं। संघ तथा राज्य सरकारें नीति निर्माण करते समय इन तत्त्वों को ध्यान में रखती हैं।
मुख्य नीति-निर्देशक सिद्धान्त-मुख्य नीति-निर्देशक सिद्धान्त निम्नलिखित हैं —

  1. जीवन के लिए उचित साधनों की प्राप्ति।
  2. बराबर काम के लिए बराबर वेतन।
  3. धन का बराबर वितरण।
  4. बेकारी, बुढ़ापा, अंगहीनता आदि की दशा में सहायता।

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Punjab State Board PSEB 10th Class Social Science Book Solutions Geography Chapter 7 जनसंख्या Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Social Science Geography Chapter 7 जनसंख्या

SST Guide for Class 10 PSEB जनसंख्या Textbook Questions and Answers

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए

प्रश्न 1.
किसी देश का सबसे बहुमूल्य संसाधन क्या होता है?
उत्तर-
बौद्धिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ नागरिक।

प्रश्न 2.
आजादी से पहले देश की जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ने के क्या कारण थे?
उत्तर-
महामारियों, लड़ाइयों तथा अकाल के कारण मृत्यु दर में वृद्धि।

प्रश्न 3.
वर्ष 1901 में भारत की जनसंख्या कितनी थी?
उत्तर-
वर्ष 1901 में भारत की जनसंख्या 23,83,96,327 (23.8 करोड़) थी।

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प्रश्न 4.
जनसंख्या वर्ष 1921 तथा 1951 को जनसांख्यिकी विभाजक वर्ष क्यों माना जाता है?
उत्तर-
1921 तथा 1951 के जनगणना वर्षों के पश्चात् जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई।

प्रश्न 5.
वर्ष 2011 में भारत की जनसंख्या कितनी थी?
उत्तर-
वर्ष 2011 में भारत की जनसंख्या 121 करोड़ थी।

प्रश्न 6.
भारत का जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में कौन-सा स्थान है?
उत्तर-
भारत का जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में (चीन के पश्चात्) दूसरा स्थान है।

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प्रश्न 7.
भारत के कितने राज्यों की जनसंख्या 5 करोड़ से अधिक है?
उत्तर-
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 10 राज्यों की जनसंख्या 5 करोड़ से अधिक है।

प्रश्न 8.
देश के सबसे अधिक और सबसे कम जनसंख्या वाले राज्यों के नाम बताइए।
उत्तर-
देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश और सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य सिक्किम है।

प्रश्न 9.
पंजाब की जनसंख्या 2001 में कितनी थी और जनसंख्या की दृष्टि से पंजाब का राज्यों में कौनसा स्थान है?
उत्तर-

  1. वर्ष 2001 में पंजाब की जनसंख्या लगभग 2.4 करोड़ थी।
  2. जनसंख्या की दृष्टि से पंजाब का भारत के राज्यों में 15वां स्थान है।

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प्रश्न 10.
पंजाब में पूरे देश की कितने प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है?
उत्तर-
पंजाब में पूरे देश की लगभग 2.3 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

प्रश्न 11.
एक लाख की आबादी से अधिक के भारत में कितने शहर हैं?
उत्तर-
भारत में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की संख्या 300 से अधिक है।

प्रश्न 12.
मैदानी भागों में देश का कितने प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है?
उत्तर-
मैदानी भागों में देश की 40 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

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प्रश्न 13.
देश की कितने प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है?
उत्तर-
देश की लगभग 71% जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

प्रश्न 14.
देश में जनसंख्या का औसत घनत्व कितना है?
उत्तर-
देश में जनसंख्या का औसत घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर (2011 में) है।

प्रश्न 15.
देश के सबसे अधिक व सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाले राज्यों के नाम बताओ।
उत्तर-
2011 की जनगणना के अनुसार देश का सबसे अधिक घनत्व वाला राज्य बिहार तथा सबसे कम घनत्व वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है।

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प्रश्न 16.
पंजाब में जनसंख्या का घनत्व कितना है?
उत्तर-
पंजाब में जनसंख्या का घनत्व 550 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर (2011 में) है।

प्रश्न 17.
किस केन्द्र शासित प्रदेश का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है?
उत्तर-
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है।

प्रश्न 18.
आयु संरचना को निर्धारित करने वाले चरों के नाम बताइए।
उत्तर-

  1. जन्मता (fertility)
  2. मर्त्यता (mortality)
  3. प्रवास (migration)

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प्रश्न 19.
देश में 0-14 आयु वर्ग में कितने प्रतिशत जनसंख्या है?
उत्तर-
देश में 0-14 आयु वर्ग में 37.2 प्रतिशत जनसंख्या है।

प्रश्न 20.
देश में 15-65 आयु वर्ग में कितने प्रतिशत जनसंख्या है?
उत्तर-
देश में 15:65 आयु वर्ग में 58.4 प्रतिशत जनसंख्या है।

प्रश्न 21.
देश की जनसंख्या में मतदाताओं का कितना प्रतिशत है?
उत्तर-
देश की जनसंख्या में मतदाता 60 प्रतिशत हैं।

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प्रश्न 22.
लिंग-अनुपात से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
लिंग-अनुपात से अभिप्राय प्रति एक हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या से है।

प्रश्न 23.
देश के सिक्ख समुदाय में लिंग अनुपात कितना है?
उत्तर-
देश के सिक्ख समुदाय में लिंग अनुपात 1000 : 888 है।

प्रश्न 24.
देश के ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में लिंग अनुपात तेजी से क्यों घट रहा है?
उत्तर-
लिंग अनुपात के तेज़ी से घटने के कारण हैं —

  1. स्त्रियों का दर्जा निम्न होना।
  2. जनगणना के समय स्त्रियों की अपेक्षाकृत कम गणना करना या पुरुषों की गणना बढ़ाकर करना।
  3. लड़कियों की जन्म दर कम होना।
  4. स्त्री भ्रूण-हत्या (Female foeticide)

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प्रश्न 25.
आर्थिक आधार पर भारत की जनसंख्या को किन दो भागों में बांट सकते हैं?
उत्तर-
आर्थिक आधार पर जनसंख्या को दो भागों में बांट सकते हैं —

  1. श्रमिक जनसंख्या
  2. अश्रमिक जनसंख्या।

प्रश्न 26.
भारत में मुख्य श्रमिक किसे कहा जाता है?
उत्तर-
भारत में मुख्य श्रमिक वे श्रमिक हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष 6 मास (या 183 दिन) से अधिक किसी आर्थिक क्रिया में काम किया है।

प्रश्न 27.
कार्य के आधार पर जनसंख्या का श्रमिकों एवं अश्रमिकों में बांटने का विचार भारतीय जनगणना में पहली बार किस वर्ष आया?
उत्तर-
कार्य के आधार पर जनसंख्या का श्रमिकों एवं अश्रमिकों में बांटने का विचार पहली बार 1961 की जनगणना के समय आया।

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प्रश्न 28.
भारतीय लोग गिनती में पहली बार कब आये।
उत्तर-
1901.

प्रश्न 29.
ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों का प्रतिशत कितना है?
उत्तर-
ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों का प्रतिशत 40.1 है।

II. निम्न प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
राज्यों के बीच अत्यधिक असमान जनसंख्या वितरण से देश में क्या-क्या समस्याएं पैदा हो रही हैं?
उत्तर-
भारत में 28 राज्य हैं। इन राज्यों के बीच अत्यधिक असमान जनसंख्या वितरण है। जनसंख्या के असमान वितरण के कारण अनेक समस्याएं पैदा हो गई हैं, जिनका वर्णन निम्नलिखित है —

  1. दूर-दूर तक फैली ग्रामीण बस्तियों को आपस में सड़कों द्वारा तथा निकटवर्ती शहरों के साथ जोड़ने की भारी समस्या है।
  2. इन ग्रामीण. बस्तियों के निवासियों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करना बड़ा कठिन और महंगा कार्य है।
  3. बड़े-बड़े शहरों में प्रदूषण, यातायात, मकान का अभाव जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

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प्रश्न 2.
भारत में जनसंख्या वितरण पर किन-किन तत्त्वों का सबसे अधिक प्रभाव है?
उत्तर-
भारत में जनसंख्या का वितरण एक समान नहीं है। इसके लिए निम्नलिखित अनेक तत्त्व उत्तरदायी हैं —

  1. भूमि का उपजाऊपन-भारत के जिन राज्यों में उपजाऊ भूमि का अधिक विस्तार है, वहां जनसंख्या का घनत्व अधिक है।
    उत्तर प्रदेश तथा बिहार ऐसे ही राज्य हैं।
  2. वर्षा की मात्रा-अधिक वर्षा वाले भागों में प्रायः जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है। उत्तरी भारत में पूर्व से पश्चिम को जाते हुए वर्षा की मात्रा कम होती जाती है। इसलिए जनसंख्या का घनत्व भी घटता जाता है।
  3. जलवाय-जहां जलवायु स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है, वहां भी जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है। इसके विपरीत ऐसे प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व कम होता है जहां की जलवायु स्वास्थ्य के लिए अच्छी न हो। असम में वर्षा अधिक होते हुए भी जनसंख्या का घनत्व कम है क्योंकि यहां अधिक नमी के कारण मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है।
  4. परिवहन के उन्नत साधन-परिवहन के साधनों के अधिक विकास के कारण व्यापार की प्रगति तीव्र हो जाती है जिससे जनसंख्या का घनत्व भी अधिक हो जाता है। उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, बिहार, झारखंड इत्यादि राज्यों में अधिक जनसंख्या होने का एक कारण परिवहन के साधनों का विकास है।
  5. औद्योगिक विकास-जिन स्थानों पर उद्योग स्थापित हो जाते हैं, वहां जनसंख्या का घनत्व बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में आजीविका कमाना सरल होता है। दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता आदि नगरों में औद्योगिक विकास के कारण ही जनसंख्या अधिक है।

प्रश्न 3.
जनसंख्या की आर्थिक संरचना अध्ययन का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
जनसंख्या की आर्थिक संरचना का विशेष महत्त्व है

  1. इससे हमें पता चलता है कि देश की जनसंख्या का कितना भाग कार्यशील है और वह किस-किस व्यवसाय में जुटा हुआ है।
  2. यह संरचना किसी क्षेत्र की जनसांख्यिकीय तथा सांस्कृतिक लक्षणों को प्रकट करती है। इसी पर उस क्षेत्र के भविष्य का सामाजिक तथा आर्थिक विकास का प्रारूप आधारित होता है।
  3. आर्थिक संरचना से हमें पता चलता है कि देश किस आर्थिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। अतः हम उस क्षेत्र के विकास के लिए उचित योजना बना सकते हैं।

प्रश्न 4.
मुख्य श्रमिकों को कितनी औद्योगिक श्रेणियों में बांटा जाता है? उनके नाम बताइए।
उत्तर-
निम्नलिखित सारणी से मुख्य श्रमिक श्रेणियां स्पष्ट हो जाएंगी। (दो औद्योगिक श्रेणियां-मुख्य श्रमिक तथा गौण श्रमिक)
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प्रश्न 5.
भारत में स्त्री श्रमिकों का प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षाकृत कम क्यों है?
उत्तर-
देश में मुख्य श्रमिकों का प्रतिशत (असम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) 37.50 प्रतिशत है। दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि देश की कुल जनसंख्या का लगभग एक तिहाई भाग ही आर्थिक रूप से कार्यशील है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं.

  1. तेजी से बढ़ रही जनसंख्या के कारण भारत में बच्चों (अश्रमिकों) का अनुपात अधिक बना रहता है। इससे श्रमिकों का प्रतिशत कम हो जाता है।
  2. हमारी सामाजिक मान्यताओं के कारण स्त्रियों को घर से बाहर काम नहीं करने दिया जाता।
  3. स्त्रियों में शिक्षा तथा जागरूकता का अभाव भी इसका कारण है।

प्रश्न 6.
भारत को गांवों का देश क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
इसमें कोई सन्देह नहीं कि भारत गांवों का देश है। निम्नलिखित तथ्यों से यह बात स्पष्ट हो जाएगी —

  1. देश की अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में बसी है।
  2. देश की कुल जनसंख्या का लगभग 71% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है।
  3. देश में 5 लाख 50 हजार से अधिक ग्रामीण अधिवासी (Rural Settlements) हैं जबकि कुल शहरी जनसंख्या का दो तिहाई भाग देश के बड़े नगरों में बसा हुआ है।
  4. देश में कुल मुख्य श्रमिकों का 40.1 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 30.2 प्रतिशत नगरों में निवास करता है।

प्रश्न 7.
देश में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ।
उत्तर-
भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं। असमिया, उड़िया, उर्दू, कन्नड़, कश्मीरी, गुजराती, तमिल, तेलुग, पंजाबी, बंगला, मराठी, मलयालम, संस्कृत, सिन्धी और हिन्दी भारत की प्रमुख भाषाएं हैं। इन सभी भाषाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। दक्षिण भारत की चार भाषाओं तमिल, तेलुगू, कन्नड़ तथा मलयालम की उत्पत्ति द्रविड़ से हुई है।
भारत में बहुत बड़ी संख्या में लोग हिन्दी बोलते हैं। साथ ही अनेक लोग इस भाषा को समझ लेते हैं, भले ही यह उनकी मातृभाषा नहीं है। हिन्दी को राजभाषा का स्थान मिला हुआ है।

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प्रश्न 8.
भारत में जनसंख्या वितरण की महत्त्वपूर्ण विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर-
भारत में जनसंख्या के क्षेत्रीय वितरण की कुछ महत्त्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं —

  1. भारत में जनसंख्या का वितरण बहुत असमान है। नदियों की घाटियों और समुद्र तटीय मैदानों में जनसंख्या वितरण बहुत सघन है, परन्तु पर्वतीय, मरुस्थलीय एवं अभाव-ग्रस्त क्षेत्रों में जनसंख्या वितरण बहुत ही विरल है।
  2. देश की कुल जनसंख्या का लगभग 71% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में और 29% भाग शहरों में निवास करता है। शहरी जनसंख्या का भारी जमाव बड़े शहरों में है। कुल शहरी जनसंख्या का दो-तिहाई भाग एक लाख या इससे अधिक आबादी वाले प्रथम श्रेणी के शहरों में रहता है।
  3. देश के अल्पसंख्यक समुदायों का अति संवेदनशील एवं महत्त्वपूर्ण बाह्य सीमा क्षेत्रों में जमाव है। उदाहरण के लिए उत्तर-पश्चिमी भारत में भारत-पाक सीमा के पास पंजाब में सिक्खों तथा जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों का बाहुल्य है।
  4. एक ओर तटीय मैदानों एवं नदियों की घाटियों में जनसंख्या का भारी जमाव है तो दूसरी ओर पहाड़ी, पठारी एवं रेगिस्तानी भागों में जनसंख्या विरल है। यह वितरण एक जनसांख्यिकी विभाजन (Demographic divide) जैसा लगता है।

प्रश्न 9.
देश के अधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र कौन-से हैं?
उत्तर-
उत्तरी मैदान, पश्चिमी तटीय मैदान तथा पूर्वी तटीय मैदान के डेल्टाई क्षेत्रों में जनसंख्या घनी बसी हुई है। इन प्रदेशों की भूमि उपजाऊ है और कृषि सिंचाई की सुविधाएं पर्याप्त उपलब्ध हैं। इसलिए वहां की जनसंख्या सघन है। एक बात और, ज्यों-ज्यों हम पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते जाते हैं, सूखापन बढ़ता जाता है और जन घनत्व घटता जाता है। यही कारण है कि पूर्व में स्थित पश्चिमी बंगाल का घनत्व पंजाब और हरियाणा के अपेक्षाकृत पश्चिम की स्थिति की तुलना में अधिक है। केरल में जन घनत्व सबसे अधिक है क्योंकि भारी वर्षा के कारण वहां वर्ष में दो या तीन फसलें पैदा की जाती हैं।

प्रश्न 10.
देश के मैदानी भागों में जनसंख्या घनत्व अधिक होने के क्या कारण हैं?
उत्तर-
देश के मैदानी भागों में जनसंख्या का घनत्व बहुत अधिक है। इसके मुख्य कारण अग्रलिखित हैं —

  1. भारत का उत्तरी मैदान विशाल और उपजाऊ है।
  2. यहां वर्षा भी पर्याप्त होती है। इसलिए कृषि के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
  3. यहां उद्योग के भी बड़े-बड़े केन्द्र हैं।
  4. यहां यातायात के साधन उन्नत हैं।
  5. तटीय मैदानी प्रदेशों में मछली पकड़ने तथा विदेशी व्यापार की सुविधाएं हैं। परिणामस्वरूप लोगों के लिए रोज़ी कमाना सरल है।

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प्रश्न 11.
देश में कम जनसंख्या वाले क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर-
भारत के थार मरुस्थल, पूर्वी हिमालय प्रदेश तथा छोटा नागपुर के पठार में जनसंख्या कम आबाद है।
कारण-

  1. इन प्रदेशों की शि उपजाऊ नहीं है। यह या तो रेतीली है या पथरीली।
  2. यहां यातायात के साधनों का विकास नहीं हो सका है।
  3. यहां की जलवायु स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है। यह या तो अत्यधिक गर्म है या अत्यधिक ठण्डी। हिमालय क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक वर्षा होती है।
  4. छोटा नागपुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य भागों में निर्माण उद्योग विकसित नहीं है।

प्रश्न 12.
देश के चावल उत्पादक क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व अधिक क्यों है?
उत्तर-
देश के परम्परागत चावल उत्पादक क्षेत्र (तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल आदि) सबसे अधिक सघन जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र हैं।
इसका कारम यह है कि ये क्षेत्र बहुत उपजाऊ हैं तथा यहां पर्याप्त वर्षा होती है। दूसरे, चावल की खेती से सम्बन्धित अधिकतर कार्य हाथों से करने पड़ते हैं। इसलिए अधिक संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता अनुभव की जाती है जिससे लोगों के लिए आजीवकिा कमाने के अवसर बढ़ जाते हैं। तीसरे, चावल का उतपादन अधिक होने से लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध होता है। पास ही में मछली पकड़ने के क्षेत्र होने के कारण उन्हें प्रोटीनयुक्त भोजन भी मिल जाता है।

प्रश्न 13.
देश की जनसंख्या की संरचना का अध्ययन करना क्यों जरूरी है?
उत्तर-
किसी देश की जनसंख्या की संरचना को जानना क्यों आवश्यक है, इसके कई कारण हैं —

  1. सामाजिक एवं आर्थिक नियोजन के लिए किसी भी देश की जनसंख्या के विभिन्न लक्षणों जैसे जनसंख्या की आयु-संरचना, लिंगसंरचना, व्यवसाय संरचना आदि के आंकड़ों की जरूरत पड़ती है।
  2. जनसंख्या की संरचना के विभिन्न घटकों का देश के आर्थिक विकास से गहरा सम्बन्ध है। जहां एक ओर ये जनसंख्या संरचना घटक आर्थिक विकास से प्रभावित होते हैं, वहीं ये आर्थिक विकास की प्रगति एवं स्तर के प्रभाव से भी अछूते नहीं रह पाते। उदाहरण के लिए यदि किसी देश की जनसंख्या की आयु संरचना में बच्चों तथा बूढ़े लोगों का प्रतिशत बहुत अधिक है तो देश को शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अधिक-से-अधिक वित्तीय साधनों को खर्च करना पड़ेगा। दूसरी ओर, आयु संरचना में कामगार आयु-वर्गों (Working age-groups) का भाग अधिक होने से देश के आर्थिक विकास की दर तीव्र हो जाती है।

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प्रश्न 14.
आयु संरचना के अध्ययन के क्या लाभ हैं?
उत्तर-आयु संरचना के अध्ययन के अनेक लाभ हैं —

  1. बाल आयु वर्ग (0-14) की कुल जनसंख्या ज्ञात होने से सरकार को इन बातों का स्पष्ट पता लग सकता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में कितनी सुविधाओं की आवश्यकता है। इसी के अनुसार नये स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक केन्द्रों आदि का निर्माण कराया जाता है।
  2. साथ ही देश में कितने लोग मताधिकार वर्ग में हैं, इस बात की जानकारी भी हो सकती है। मताधिकार वर्ग के लोगों की जानकारी होना प्रजातन्त्र में अत्यन्त आवश्यक है। आयु संरचना के आंकड़ों के हिसाब से लगभग 58 प्रतिशत मतदाता होने चाहिएं, परन्तु देश में 60 प्रतिशत मतदाता हैं।

प्रश्न 15.
भारत में लिंग अनुपात कम होने के क्या कारण हैं?
उत्तर-
भारत में लिंग-अनुपात कम होने के कारणों के बारे में निश्चित तौर पर कुछ भी कहना सम्भव नहीं है। परन्तु भारतीय समाज में स्त्री का दर्जा निम्न होना इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है। परिवार व्यवस्था में उसे निम्न दर्जा दिया गया है और पुरुष को ऊँचा। इसी कारण कम आयु में लड़कियों के स्वास्थ्य, खान-पान तथा देख-भाल की ओर कम ध्यान दिया जाता है। परिणामस्वरूप निम्न आयु वर्ग (0-6 वर्ष) में लड़कों की अपेक्षा लड़कियों की मृत्यु-दर अधिक है।
लिंग अनुपात कम होने के अन्य प्रमुख कारण हैं-जनगणना के समय स्त्रियों की अपेक्षाकृत कम गणना करना या पुरुषों की गणना बढ़ाकर करना, लड़कियों की जन्म दर कम होना तथा स्त्री भ्रूण-हत्या (Female Foeticide)।

प्रश्न 16.
भारत में शहरी आबादी के हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ने के क्या कारण हैं?
उत्तर-
उत्तर के लिए भाग III का प्रश्न नं० 4 पढ़ें।

PSEB 10th Class SST Solutions Geography Chapter 7 जनसंख्या

III. निम्नलिखित के विस्तृत उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
भारत में जनसंख्या घनत्व के प्रादेशिक प्रारूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि. मी. है। परन्तु प्रादेशिक स्तर पर जनसंख्या घनत्व में भारी अन्तर है। जनसंख्या घनत्व बिहार में सबसे अधिक है तो सबसे कम अरुणाचल प्रदेश में है। केन्द्र शासित प्रदेशों में यह अन्तर और भी अधिक है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में जनसंख्या धनत्व सबसे अधिक (9340 व्यक्ति) है, जबकि अण्डमान तथा निकोबार द्वीप समूह में यह मात्र 46 व्यक्ति प्रति वर्ग कि० मी० है।

  1. अधिक जनसंख्या घनत्व-प्रादेशिक स्तर परं, अधिक जनसंख्या घनत्व (400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि० मी० से अधिक) वाले क्षेत्र सतलुज, गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा एवं कावेरी नदियों के डेल्टे हैं। यहां पर उपजाऊ मिट्टी तथा अच्छी वर्षा के कारण कृषि का विकास अच्छा है। इसके अतिरिक्त बड़े औद्योगिक एवं प्रशासनिक नगरों जैसे लुधियाना, गुड़गांव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, कानपुर, पटना, कोलकाता, मुम्बई, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलौर (बंगलुरू) एवं हैदराबाद के आसपास भी अधिक जनसंख्या घनत्व पाया जाता है।
  2. कम जनसंख्या घनत्व-कम जनसंख्या घनत्व (200 व्यक्ति प्रति वर्ग कि० मी० से कम) वाले क्षेत्र ऐसे हैं जो भौतिक विकलांगता से ग्रस्त (Physical handicapped) हैं। ऐसे क्षेत्र हैं
    1. उत्तर में हिमालय पर्वत श्रेणियों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल के पहाड़ी भाग,
    2. पूर्व में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय तथा त्रिपुरा राज्यों में,
    3. पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय भाग, गुजरात के दलदलीय क्षेत्रों तथा
    4. दक्षिण आन्तरिक प्रायद्वीपीय पठार में मध्य प्रदेश, पूर्वी महाराष्ट्र, पूर्वी कर्नाटक, तेलंगाना एवं तमिलनाडु का कुछ भाग शामिल है।
  3. औसत जनसंख्या घनत्व-अधिक जनसंख्या घनत्व के क्षेत्रों के बाह्य भाग औसत जनसंख्या घनत्व (200 से 300 व्यक्ति प्रति वर्ग कि० मी०) के क्षेत्र कहलाते हैं। सामान्यतः ये क्षेत्र कम और अधिक जनसंख्या घनत्व के क्षेत्रों के बीच पड़ते हैं। ऐसे क्षेत्र संख्या में कम ही हैं।
    इससे इस बात का आभास हो जाता है कि भारत में जनसंख्या वितरण एवं घनत्व में भारी प्रादेशिक असमानताएं हैं।

प्रश्न 2.
भारत में लिंग अनुपात के राज्य स्तरीय प्रारूप का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर-
लिंग अनुपात से अभिप्राय है-प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की औसत संख्या। लिंग अनुपात को आजकल समाज में स्त्री के सम्मान को आंकने का पैमाना भी माना जाता है। अधिकतर धनी देशों में स्त्रियों की संख्या पुरुषों के बराबर है या उससे अधिक। विकसित देशों में 1050 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष हैं, जबकि विकासशील देशों में यह औसत 964 स्त्रियां प्रति 1000 पुरुष है। भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार लिंग अनुपात 944 स्त्रियां प्रति हज़ार पुरुष हैं। यह औसत विश्व की सबसे कम औसतों में से एक है।
राज्य स्तरीय प्रारूप-देश के सभी राज्यों में लिंग अनुपात एक समान नहीं है। भारत के केवल दो ही राज्य ऐसे हैं। जहां लिंग अनुपात स्त्रियों के पक्ष में है। ये राज्य है-केरल तथा तमिलनाडु। केरल में प्रति हज़ार पुरुषों पर 1099 स्त्रियां (2011 में) हैं। देश के अन्य राज्यों में अनुपात पुरुषों के पक्ष में है अर्थात् इन राज्यों में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या कम है जो निम्नलिखित उदाहरणों से स्पष्ट है

  1. पंजाब 899
  2. हरियाणा 885
  3. राजस्थान 935
  4. बिहार 912
  5. उत्तर प्रदेश 910
  6. तमिलनाडु 1000

लिंग अनुपात से राज्य प्रारूप में से एक बात और भी स्पष्ट हो जाती है कि देश के उत्तरी राज्यों में दक्षिणी राज्यों की तुलना में लिंग अनुपात कम है। यह बात समाज में स्त्री के निम्न स्थान को दर्शाती है। यह निःसन्देह एक चिन्ता का विषय है।

प्रश्न 3.
देश में जनसंख्या वितरण के प्रादेशिक प्रारूप की प्रमुख विशेषताओं को बताते हुए प्रारूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
भारत में जनसंख्या वितरण का प्रादेशिक प्रारूप तथा उसकी महत्त्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित हैं —

  1. भारत में जनसंख्या का वितरण बहुत असमान है। नदियों की घाटियों और समुद्र तटीय मैदानों में जनसंख्या बहुत सघन है, परन्तु पर्वतीय, मरुस्थलीय एवं अभाव-ग्रस्त क्षेत्रों में जनसंख्या बहुत ही विरल है। उत्तर के पहाड़ी प्रदेशों में देश के 16 प्रतिशत भू-भाग पर मात्र 3 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है, जबकि उत्तरी मैदानों में देश के 18 प्रतिशत भूमि पर 40 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। राजस्थान में देश के मात्र 6 प्रतिशत भू-भाग पर 6 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
  2. अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में बसी है। देश की कुल जनसंख्या का लगभग 71% भाग ग्रामीण क्षेत्रों में और लगभग 29% भाग शहरों में निवास करता है। शहरी जनसंख्या का भारी जमाव बड़े शहरों में है। कुल शहरी जनसंख्या का दो-तिहाई भाग एक लाख या इससे अधिक आबादी वाले प्रथम श्रेणी के शहरों में रहता है।
  3. देश के अल्पसंख्यक समुदायों का जमाव अति संवेदनशील एवं महत्त्वपूर्ण बाह्य सीमा क्षेत्रों में है। उदाहरण के लिए उत्तर-पश्चिमी भारत में भारत-पाक सीमा के पास पंजाब में सिक्खों तथा जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों का बाहुल्य है। इसी तरह उत्तर-पूर्व में चीन व बर्मा (म्यनमार) की सीमाओं के साथ ईसाई धर्म के लोगों का जमाव है। इस तरह के वितरण से अनेक सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक कठिनाइयां सामने आती हैं।
  4. एक ओर तटीय मैदानों एवं नदियों की घाटियों में जनसंख्या घनी है तो दूसरी ओर पहाड़ी, पठारी एवं रेगिस्तानी भागों में जनसंख्या विरल है। यह वितरण एक जनसांख्यिकी विभाजन (Demographic divide) जैसा लगता है।

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प्रश्न 4.
बड़े शहरों में तेजी से आबादी बढ़ने के कारणों को समझाते हुए यह भी बताएं कि इससे कौन-सी समस्याएं बड़े-बड़े शहरों में उत्पन्न हो गयी हैं?
उत्तर-बड़े शहरों में आबादी बढ़ने का मुख्य कारण शहरी आकर्षण के अतिरिक्त निम्नलिखित तत्त्व हैं

  1. आधुनिक सुविधाएं-बड़े नगरों में अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कूल तथा सिनेमाघर होते हैं। ये सब सुविधाएं गांवों में नहीं होतीं। अत: गांवों से बहुत सारे लोग शहरों में पलायन कर जाते हैं।
  2. ग्रामों में शिक्षा का प्रसार-गांवों का शिक्षित वर्ग गांवों में ही नौकरी नहीं करता। उसे नौकरी करने के लिए बहुत दूर नगरों में जाना पड़ता है।
  3. गांवों के भ्रमित नवयुवक-गांवों के कुछ शिक्षित लोग खेती करना पसन्द नहीं करते। वे वहां की संयुक्त परिवार प्रणाली से दुःखी होने के कारण भी नगरों की ओर पलायन करते हैं।
  4. नगरों में रोजगार के साधन-नगरों में कारखाने तथा व्यापार की अधिक सुविधाएं होने के कारण शीघ्र रोजगार मिल जाता है। अतः कई ग्रामीण बेरोज़गार होने के कारण शहरों में आकर बस जाते हैं।

प्रभाव (प्रमुख समस्याएं)-भारत गांवों का देश है। बीसवीं शताब्दी के आरम्भ में 10 में से 9 व्यक्ति गांवों में रहते थे। परन्तु अब स्थिति बदल गई है। प्रत्येक वर्ष लाखों व्यक्ति गांवों को छोड़कर शहरों की तरफ बढ़ रहे हैं। इससे शहरी जनसंख्या में बड़ी तेज़ी से वृद्धि हुई है। अब हर 4 में से 1 व्यक्ति शहर में रहता है। इसके अतिरिक्त शहरी जनसंख्या का अधिकांश भाग महानगरों में केन्द्रित हो गया है। बड़े नगरों में तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या आज चिन्ता का विषय बन गई है। इसके कई दुष्परिणाम सामने आए हैं जिन्होंने अनेक समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं:

  1. नगरों में वर्तमान साधनों तथा उपलब्ध जन-सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ गया है। लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना कठिन होता जा रहा है।
  2. नगरों में सफाई आदि की समस्या निरन्तर बनी रहती है। इससे प्रदूषण फैलता है।
  3. शहरी जनसंख्या बढ़ने से रोज़गार के अवसर कम होते जा रहे हैं जिससे निर्धनता बढ़ रही है।
  4. शहरी जनसंख्या में वृद्धि के साथ-साथ अपराधों में भी वृद्धि हो रही है।
  5. शिक्षा दिन-प्रतिदिन महंगी होती जा रही है।
  6. संयुक्त परिवार टूट गए हैं जिससे वृद्ध मां-बाप के लिए समस्याएं पैदा हो गई हैं।
  7. लोगों द्वारा गांवों को छोड़कर शहरों में जाने से कृषि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

प्रश्न 5.
भारत की जनसंख्या की सांस्कृतिक संरचना पर एक लेख लिखिए।
उत्तर-

  1. अनेक प्रजातियां-भारत में अनेक प्रजातियों के लोग रहते हैं-द्राविड़, मंगोल, आर्य आदि। इनके अतिरिक्त कुछ काकेशियन भी हैं। समय के साथ-साथ ये प्रजातियाँ आपस में एक-दूसरे से इस प्रकार घुल-मिल गई हैं कि अब उनके मूल लक्षण लुप्त हो गए हैं। फिर भी भारत के लोगों में बड़ी विविधता दिखाई पड़ती है। वास्तव में, भारतीय संस्कृति की सम्पन्नता इसकी विविधता में ही निहित है। सहिष्णुता की भावना, आदान-प्रदान तथा सब को अपने में मिलाने की प्रवृत्ति भारतीय संस्कृति के विशिष्ट गुण हैं।
  2. विभिन्न धर्म एवं भाषाएं-
    1. भारत के लोग भिन्न-भिन्न धर्मों का पालन करते हैं। वे धर्म, प्रदेश, राजनीति तथा भाषा के बन्धनों से मुक्त हैं। एक ही धर्म को मानने वाले लोग भिन्न-भिन्न भाषाएं बोलते हैं। भाषाएं प्रजातियों, धर्मों, जातियों तथा प्रदेशों की सीमाओं में नहीं बंधी हैं। इन प्रजातीय, धार्मिक, भाषायी तथा प्रादेशिक विविधताओं के बावजूद हम सभी भारतीय हैं।
    2. भारत हिन्दू, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी तथा अन्य कई धर्मों को मानने वाले लोगों का घर है। यहां किसी भी व्यक्ति को धर्म के आधार पर कोई विशेष अधिकार नहीं मिले हैं और न ही उसे किसी विशेष धर्म के कारण आर्थिक, राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में कोई हानि ही उठानी पड़ती है।
    3. भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं। इनमें से कुछ का उद्गम संस्कृत से तथा कुछ का द्रविड़ से है। असमिया, उड़िया, उर्दू, कन्नड़, कश्मीरी, गुजराती, तमिल, तेलुगू, पंजाबी, बंगला, मराठी, मलयालम, संस्कृत, सिन्धी और हिन्दी भारत की प्रमुख भाषाएं हैं। इनमें से दक्षिण भारत की चार भाषाओं-तमिल, तेलुगू, कन्नड़ तथा मलयालम की उत्पत्ति द्रविड़ भाषा से हुई है।
  3. भाषायी तथा साहित्यिक समानता-भाषा वैज्ञानिकों का मत है कि भारत की विभिन्न भाषाओं तथा उनके साहित्य में ऊपरी अन्तर के बावजूद, कई बातों में बहुत-सी समानताएं हैं। सभी भारतीय भाषाओं का सम्बन्ध ध्वनि से है। सभी की संरचना भी लगभग एक-सी है।

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प्रश्न 6.
भारत में जनसंख्या वृद्धि की समस्या पर लेख लिखिए जिसमें समस्या के समाधान के उपायों को भी बताएँ।
उत्तर-जब किसी देश की जनसंख्या इसके प्राकृतिक साधनों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती है तो उसका देश के साधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भारत में प्रत्येक 10 वर्ष के बाद जनगणना होती है। सन् 1921 तक भारत की जनसंख्या कुछ घटती-बढ़ती रही अथवा स्थिर रही, परन्तु 1921 के पश्चात् जनसंख्या निरन्तर बढ़ रही है। जनसंख्या की इस वृद्धि के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, जिनका वर्णन इस प्रकार है

  1. निम्न जीवन स्तर-अन्य देशों के जीवन स्तर के मुकाबले में भारतीय लोगों का जीवन स्तर बहुत निम्न है। यह समस्या वास्तव में जनसंख्या की वृद्धि के कारण ही उत्पन्न हुई है।
  2. वनों की कटाई-बढ़ती हुई जनसंख्या को आवास देने तथा भोजन जुटाने के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ती है, ताकि कृषि का विस्तार किया जा सके। यह भूमि वनों को काट कर प्राप्त की जाती है। इसके कारण वनों के कटाव से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं; जैसे- भूमि का कटाव, बाढ़ों का अधिक आना, पर्यावरण का प्रदूषित होना तथा वन्य सम्पदा की हानि।
  3. पशुओं के लिए चारे का अभाव-भारत में केवल चार प्रतिशत क्षेत्र पर चरागाहें हैं। जनसंख्या की समस्या के कारण यदि इन्हें भी कृषि अथवा आवासों के निर्माण के लिए प्रयोग किया गया तो पशुओं के लिए चारे की समस्याएं और भी जटिल हो जाएंगी।
  4. भूमि पर दबाव-जनसंख्या की वृद्धि का सीधा प्रभाव भूमि पर पड़ता है। भूमि एक ऐसा साधन है जिसे बढ़ाया नहीं जा सकता। यदि भारत की जनसंख्या इस प्रकार बढ़ती रही तो भूमि पर भी दबाव पड़ेगा। इसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादों का और भी अधिक अभाव हो जाएगा।
  5. खनिजों का अभाव-हम बढ़ती हुई जनसंख्या की आवश्यकताओं को उद्योगों का विकास करके पूरा कर रहे हैं, परन्तु उद्योगों के विकास के लिए खनिजों की और भी अधिक आवश्यकता होगी। परिणामस्वरूप हमारे खनिजों के भण्डार शीघ्र समाप्त हो जाएंगे।
  6. पर्यावरण की समस्या-जनसंख्या में वृद्धि के कारण पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। अतः स्वच्छ जल, स्वच्छ वायु की आपूर्ति एक समस्या बन गई है। वनस्पति की कमी के कारण ऑक्सीजन की भी कमी हो रही है।

समस्या का समाधान-जनसंख्या की वृद्धि की समस्या से निपटने के लिए निम्नलिखित उपाए किए जाने चाहिएं

  1. सीमित परिवार योजनाओं को अधिक महत्त्व देना चाहिए।
  2. लोगों को फिल्मों, नाटकों तथा अन्य साधनों द्वारा सीमित परिवार का महत्त्व समझाया जाए।
  3. देश में अनपढ़ता को दूर करने का प्रयास किया जाए ताकि लोग स्वयं भी बढ़ती हुई जनसंख्या की हानियों को समझ सकें। स्त्री शिक्षा पर विशेष बल दिया जाए।
  4. विवाह की न्यूनतम आयु में वृद्धि की जाए ताकि विवाह छोटी आयु में न हो सकें।

प्रश्न 7.
देश में शिक्षा के फैलाव के प्रयासों का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
उत्तर-
शिक्षा मानव के सम्पूर्ण विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। आजादी के समय देश में मात्र 14 प्रतिशत लोग ही साक्षर थे। साक्षरता का अर्थ कम-से-कम नाम लिखने और पढ़ने तक ही सीमित है। वर्ष 2001 में हुई जनगणना के अनुसार साक्षरता दर 74.01 प्रतिशत थी। पहले हमारे देश में केवल 6 करोड़ व्यक्ति ही साक्षर थे परन्तु अब इनकी संख्या बढ़कर 70 करोड़ से भी अधिक हो गयी है। इस प्रकार साक्षरता में 11 गुना से भी अधिक की वृद्धि हुई है। परन्तु इस बीच जनसंख्या वृद्धि के कारण देश में निरक्षर लोगों की संख्या भी बढ़ गयी है। हमारे देश के संविधान के अनुसार चौदह वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई है। परन्तु अभी भी इस लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका है। इसका कारण यह है कि देश के हर गांव में स्कूल खोलना तथा हर माँ-बाप को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मनाना एक बहुत ही कठिन कार्य है। पहले 15 प्राथमिक स्कूलों के पीछे एक मिडिल स्कूल था, अब चार के पीछे एक मिडिल स्कूल है। इसके अतिरिक्त कई राज्य सरकारों ने चलते-फिरते स्कूलों तथा रात्रि स्कूलों का भी प्रबन्ध किया है। लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर देने हेतु लड़कियों के लिए छात्रवृत्तियों का आकर्षण दिया गया है। परन्तु कई राज्यों में बच्चों का बीच में ही स्कूल की शिक्षा छोड़ देना चिन्ता का विषय बना हुआ है। यह बात उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार या राजस्थान में आम है। इन चारों ही राज्यों में साक्षरता प्रतिशत देश के सभी राज्यों से कम है। इसके विपरीत केरल राज्य देश का एक ऐसा राज्य है जहां साक्षरता दर न केवल सबसे अधिक है बल्कि बहुत ऊंची है।
अभी भी देश में 100 बच्चों में से मात्र 25 बच्चे ही आठवीं कक्षा तक पहुंच पाते हैं। इस प्रकार तीन चौथाई बच्चे शिक्षा के वास्तविक लाभ से वंचित हैं। देश में उच्च एवं औद्योगिक शिक्षा का भी भारी अभाव है।

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IV. निम्नलिखित को मानचित्र पर दिखायें:

  1. अधिक जनसंख्या वाले चार क्षेत्र।
  2. अधिक साक्षरता दर वाले दो राज्य।
  3. सबसे अधिक व सबसे कम जनसंख्या वाले दो राज्य।
  4. अधिक जनसंख्या वृद्धि वाले चार क्षेत्र।

उत्तर-
विद्यार्थी अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

PSEB 10th Class Social Science Guide जनसंख्या Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)

I. उत्तर एक शब्द अथवा एक लाइन में

प्रश्न 1.
जनसंख्या वितरण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-
जनसंख्या वितरण से तात्पर्य किसी क्षेत्र में जनसंख्या प्रारूप फैलाव लिए हुए है अथवा उसका एक ही जगह पर जमाव है।

प्रश्न 2.
जनसंख्या घनत्व का क्या अर्थ है?
उत्तर-
किसी क्षेत्र के एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की औसत संख्या को उस क्षेत्र का जनसंख्या घनत्व कहते हैं।

प्रश्न 3.
भारत के जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक कौन-सा है और क्यों ?
उत्तर-
कृषि उत्पादकता।

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प्रश्न 4.
(i) भारत में किस धर्म के लोगों में लिंग अनुपात सबसे अधिक तथा
(ii) किस धर्म के लोगों में सबसे कम है?
उत्तर-
(i) भारत में ईसाई धर्म के लोगों में लिंग अनुपात सबसे अधिक तथा।
(ii) सिक्खों में सबसे कम है।

प्रश्न 5.
भारत के अति सघन आबाद दो भागों के नाम बताइए।
उत्तर-
भारत में ऊपरी गंगा घाटी तथा मालाबार में अति सघन जनसंख्या है।

प्रश्न 6.
भारत के किन प्रदेशों की जनसंख्या का घनत्व कम है?
उत्तर-
भारत के उत्तरी पर्वतीय प्रदेश, घने वर्षा वनों वाले उत्तर-पूर्वी प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान के अत्यन्त शुष्क क्षेत्र और गुजरात के कच्छ क्षेत्र में जन-घनत्व कम है।

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प्रश्न 7.
नगरों में जनसंख्या के बहुत तेजी से बढ़ने से क्या दुष्परिणाम हुए हैं?
उत्तर-
नगरों में जनसंख्या के बहुत तेजी से बढ़ने के कारण उपलब्ध संसाधनों और जन-सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ा है।

प्रश्न 8.
स्त्री-पुरुष अथवा लिंग अनुपात से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-
प्रति हजार पुरुषों के पीछे स्त्रियों की संख्या को लिंग अनुपात कहते हैं।

प्रश्न 9.
अर्जक जनसंख्या से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
अर्जक जनसंख्या से अभिप्राय उन लोगों से है जो विभिन्न व्यवसायों में काम करके धन कमाते हैं।

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प्रश्न 10.
आश्रित जनसंख्या क्या होती है ?
उत्तर-
आश्रित जनसंख्या में वे बच्चे तथा बूढ़े आते हैं जो काम नहीं कर सकते अपितु अर्जक जनसंख्या पर आश्रित रहते हैं।

प्रश्न 11.
भारत में रहने वाली चार प्रजातियों के नाम बताएं।
उत्तर-
भारत में रहने वाली चार प्रजातियां हैं-द्रविड़, मंगोल, आर्य और काकेशियन।

प्रश्न 12.
वे कौन-सी चार भाषाएं हैं जिनकी उत्पत्ति द्रविड़ भाषा से हुई है?
उत्तर-
तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम की उत्पत्ति द्रविड़ भाषा से हुई है।

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प्रश्न 13.
मृत्यु-दर के तेज़ी से घटने का मुख्य कारण बताएं।
उत्तर-
मृत्यु-दर के तेज़ी से घटने का मुख्य कारण स्वास्थ्य सेवाओं का प्रसार है।

प्रश्न 14.
भारत में सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है?
उत्तर-
सिक्किम।

प्रश्न 15.
भारत में जनसंख्या घनत्व कितना है?
उत्तर-
382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि० मीटर।

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प्रश्न 16.
पश्चिमी बंगाल में जनसंख्या घनत्व कितना है?
उत्तर-
1082 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर।

प्रश्न.17.
भारत में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले राज्य का नाम बताइए।
उत्तर-
बिहार।

प्रश्न 18.
भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य कौन-सा है?
उत्तर-
उत्तर प्रदेश।

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प्रश्न 19.
भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार लिंग-अनुपात है?
उत्तर-
944 स्त्रियां प्रति एक हज़ार पुरुष।

प्रश्न 20.
भारत में सबसे अधिक साक्षरता दर वाला राज्य कौन-सा है?
उत्तर-
केरल।

प्रश्न 21.
भारत में सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है?
उत्तर-
अरुणाचल प्रदेश।

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में कुल शहरी जनसंख्या लगभग ………. है।
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों का प्रतिशत ………….. है।
  3. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या घनत्व ………… प्रति वर्ग किलोमीटर है।
  4. देश में मुख्य श्रमिकों का प्रतिशत ……………. है।
  5. देश में मुख्य श्रमिकों का सबसे अधिक प्रतिशत …………… में है।
  6. देश में 15-65 आयु वर्ग में ……………. प्रतिशत जनसंख्या है।

उत्तर-

  1. 1.35 करोड़,
  2. 40 %,
  3. 382,
  4. 37.50,
  5. आंध्रप्रदेश,
  6. 58.4।

III. बहुविकल्पीय

प्रश्न 1.
जनसंख्या की दृष्टि भारत का विश्व में स्थान है
(A) दूसरा
(B) चौथा
(C) पाँचवां
(D) नौवां।
उत्तर-
(A) दूसरा

प्रश्न 2.
पंजाब में पूरे देश की लगभग जनसंख्या निवास करती है
(A) 1.3%
(B) 2.3 %
(C) 3.2%
(D) 1.2%
उत्तर-
(B) 2.3 %

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प्रश्न 3.
देश की कितने प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है?
(A) 79%
(B) 75%
(C) 78%
(D) 71%
उत्तर-
(D) 71%

प्रश्न 4.
2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब में जनसंख्या घनत्व है
(A) 888
(B) 944
(C) 550
(D) 933
उत्तर-
(C) 550

प्रश्न 5.
2011 की जनगणना के अनुसार देश में प्रति 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या थी —
(A) 944
(B) 933
(C) 939
(D) 894
उत्तर-
(A) 944

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IV. सत्य-असत्य कथन

प्रश्न-सत्य/सही कथनों पर (✓) तथा असत्य/ग़लत कथनों पर (✗) का निशान लगाएं

1. जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में भारत का पहला स्थान है।
2. देश के पर्वतीय तथा मरुस्थलीय क्षेत्रों में जनसंख्या बहुत सघन है।
3. निर्धन देशों में बाल्य आयु वर्ग (0-14 वर्ष) की जनसंख्या का प्रतिशत अधिक है।
4. भारत में लिंग-अनुपात कम अर्थात् प्रतिकूल है।
5. जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि दर जन्म-दर तथा मृत्यु दर के अन्तर पर निर्भर करती है।
उत्तर-
1. (✗),
2. (✗),
3. (✓),
4. (✓),
5. (✓).

V. उचित मिलान

  1. प्रति हजार पुरुषों के पीछे स्त्रियों की संख्या – आश्रित जनसंख्या
  2. बच्चे और बूढ़े – बिहार
  3. भारत का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य – उत्तर प्रदेश
  4. भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य – लिंग अनुपात

उत्तर-

  1. प्रति हज़ार पुरुषों के पीछे स्त्रियों की संख्या-लिंग अनुपात,
  2. बच्चे और बूढ़े-आश्रित जनसंख्या,
  3. भारत का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य–बिहार,
  4. भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्यउत्तर प्रदेश।

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छोटे उत्तर वाले प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में असमान जनसंख्या वितरण के तीन कारण दीजिए।
उत्तर-
भारत में असमान जनसंख्या वितरण के तीन कारण निम्नलिखित हैं —

  1. भूमि का उपजाऊपन-भारत के जिन राज्यों में उपजाऊ भूमि का अधिक विस्तार है, वहां जनसंख्या का घनत्व अधिक है। उत्तर प्रदेश तथा बिहार ऐसे ही राज्य हैं।
  2. वर्षा की मात्रा-अधिक वर्षा वाले भागों में प्रायः जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है। उत्तरी भारत में पूर्व से पश्चिम को जाते हुए वर्षा की मात्रा कम होती जाती है। इसलिए जनसंख्या का घनत्व भी घटता जाता है।
  3. जलवायु-जहां जलवायु स्वास्थ्य के लिए अनुकूल होती है, वहां भी जनसंख्या घनत्व अधिक होता है। असम में वर्षा अधिक होते हुए भी अधिक नमी के कारण मलेरिया का प्रकोप बना रहता है। यही कारण है कि वहां जनसंख्या का घनत्व कम है।

प्रश्न 2.
भारतीय जनसंख्या की वृद्धि भारत के लिए समस्या क्यों बनी हुई है?
उत्तर-
भारत का क्षेत्रफल तो उतना ही है, परन्तु स्वतन्त्रता के बाद देश की जनसंख्या लगभग तिगुनी हो गई है। आज यह 1.95 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इतनी बड़ी जनसंख्या की मूल आवश्यकताएं पूरी करना बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। देश के इन लोगों के लिए स्कूलों, अस्पतालों तथा अन्य सेवाओं की व्यवस्था करना आसान नहीं है। जनसंख्या की वृद्धि के साथ संचार तथा यातायात की सेवाओं में भी वृद्धि करनी होगी। सबसे बड़ी समस्या मानवीय संसाधनों में गुणवत्ता का समावेश करना है।

प्रश्न 3.
भारत में जनसंख्या वृद्धि के तीन बुरे प्रभाव बताइए।
उत्तर-
भारत में जनसंख्या वृद्धि के तीन बुरे प्रभाव निम्नलिखित हैं

  1. लोगों को जीवन की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं तथा उनका जीवन स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है।
  2. भारत में बेरोज़गारी की समस्या गम्भीर रूप धारण करती जा रही है।
  3. जनसंख्या वृद्धि से कृषि पर दबाव बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप लोग गांवों से शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इससे शहरों में प्रदूषण, बेरोजगारी तथा अपराध की दर में वृद्धि हुई है।

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प्रश्न 4.
भारत की जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना क्यों असन्तुलित है?
उत्तर-
भारत की जनसंख्या का दो-तिहाई भाग कृषि पर आश्रित है। भारत में कुल अर्जक जनसंख्या का केवल 10 प्रतिशत भाग ही उद्योगों में लगा हुआ है। जनसंख्या का शेष एक-चौथाई भाग तृतीयक व्यवसायों अर्थात् सेवाओं में लगा हुआ है। इस व्यावसायिक संरचना से एक बात स्पष्ट है कि हमारी जनसंख्या का बहुत बड़ा भाग अर्थव्यवस्था के गौण क्षेत्र में काम करता है। गौण क्षेत्र में निर्माण उद्योग आते हैं, जिनके द्वारा हम कच्चे माल से उपयोगी वस्तुएं बनाकर राष्ट्रीय आय में वृद्धि करते हैं। अतः जिन क्षेत्रों में अधिक लोग लगे होने चाहिएं, वहां नहीं लगे हैं। इसलिए हमारी जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना असन्तुलित है।

प्रश्न 5.
उत्तरी भारत का मैदान अधिक घना आबाद क्यों है? दो कारण दीजिए।
उत्तर-
उत्तरी भारत के मैदान के घने आबाद होने के दो कारण निम्नलिखित हैं —

  1. इन प्रदेशों की जलवायु स्वास्थ्य के लिए अच्छी है तथा यहां की मिट्टी उपजाऊ है और कृषि व्यवसाय उन्नत है।
  2. यहां यातायात के साधन उन्नत हैं और ये प्रदेश औद्योगिक दृष्टि से काफ़ी विकसित हैं।

प्रश्न 6.
भारत के कौन-से तीन भाग विरल आबाद हैं ? इसके लिए उत्तरदायी तीन महत्वपूर्ण कारण भी बताइए।
उत्तर-
भारत के थार मरुस्थल, पश्चिमी हिमालय प्रदेश तथा छोटा नागपुर के पठार में जनसंख्या विरल आबाद है।
कारण —

  1. इन प्रदेशों की भूमि उपजाऊ नहीं है। यह या तो रेतीली है या पथरीली।
  2. यहां यातायात के साधनों का विकास नहीं हो सका है।
  3. यहां की जलवायु स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है।

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प्रश्न 7.
भारत को दृष्टि में रखते हुए निम्नलिखित की व्याख्या करो
1. जनगणना 2. जनसंख्या का औसत घनत्व 3. मृत्यु-दर।
उत्तर-

  1. जनगणना-सरकार प्रत्येक 10 वर्ष के बाद देश के सभी लोगों की गणना करवाती है। इस प्रक्रिया को जनगणना कहते हैं। इसमें कुछ सामाजिक तथा आर्थिक आंकड़े भी एकत्र किए जाते हैं। भारत में अन्तिम जनगणना 2011 ई० में हुई थी।
  2. जनसंख्या का औसत घनत्व-किसी प्रदेश के एक इकाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की औसत संख्या उस प्रदेश की जनसंख्या का औसत घनत्व कहलाती है। इसे प्राय: ‘व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर’ में व्यक्त किया जाता है। 2011 ई० की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या का औसत घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।
  3. मृत्यु दर-इससे हमारा अभिप्राय मरने वालों की संख्या से है। जन्म-दर की भान्ति मरने वालों की संख्या को भी हम प्रति हज़ार में व्यक्त करते हैं। प्रति हज़ार व्यक्तियों के पीछे जितने व्यक्तियों की मृत्यु होती है, उसे मृत्यु-दर कहते हैं।

प्रश्न 8.
आश्रित अनुपात का क्या अर्थ है? भारत में आश्रित अनुपात अपेक्षाकृत ऊंचा क्यों है? दो कारण दीजिए।
उत्तर-
आश्रित अनुपात से अभिप्राय जनसंख्या का वह भाग है, जो स्वयं आय अर्जित नहीं करता। काम न करने वाले बूढ़े और बच्चे आश्रित जनसंख्या में गिने जाते हैं। कुल जनसंख्या का जितने प्रतिशत भाग आश्रित जनसंख्या होती है उसका अनुपात ही आश्रित अनुपात कहलाता है।
कारण —

  1. भारत में परम्परागत रूप से संयुक्त परिवार प्रणाली चली आ रही है। इसलिए वहां बूढ़ों और बच्चों को अन्य देशों की तुलना में रोजी रोटी की गारण्टी होती है।
  2. निरक्षरता तथा रूढ़िवादिता ने भी इस बात को बढ़ावा दिया है।

प्रश्न 9.
भारतीय नियोजन की सबसे बड़ी भूल क्या है? इसके क्या परिणाम निकले हैं?
उत्तर-
अर्थशास्त्री प्रोफेसर अमर्त्य सेन के अनुसार मानव संसाधनों के विकास पर समुचित ध्यान न देना भारतीय नियोजन (Indian Planning) की बहुत बड़ी भूल है। यह हमारी आर्थिक विफलताओं का मूल कारण है। ऐसा माना जाता है कि सामाजिक न्याय के पहलुओं पर समुचित ध्यान न देने के कारण स्वतन्त्र भारत में हुए आर्थिक विकास का लाभ निर्धनों, महिलाओं तथा समाज के कमजोर एवं शोषित वर्गों तक नहीं पहुंच पाया। परिणामस्वरूप देश में आर्थिक विकास के साथ-साथ गहरी सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक व राजनीतिक विषमताएं पैदा हो गई हैं। आजकल हमें देश में जो जातीय, धार्मिक एवं क्षेत्रीय संघर्ष देखने को मिल रहे हैं, इनके मूल में मानव संसाधनों के विकास की अवहेलना है।

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प्रश्न 10.
जनसंख्या वितरण तथा जनसंख्या घनत्व में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
जनसंख्या वितरण का सम्बन्ध स्थान से तथा घनत्व का सम्बन्ध अनुपात से है। जनसंख्या वितरण का अर्थ यह है कि देश के किसी एक भाग में जनसंख्या का क्षेत्रीय प्रारूप (Pattern) कैसा है। हम यह भी कह सकते हैं कि जनसंख्या वितरण में इस बात की जानकारी प्राप्त की जाती है कि जनसंख्या प्रारूप फैलाव लिए है या इसका एक ही स्थान पर अधिक जमाव है। इसके विपरीत जनसंख्या घनत्व में, जिनका सम्बन्ध आकार एवं क्षेत्र से होता है, मनुष्य तथा क्षेत्र के अनुपात पर ध्यान दिया जाता है।

प्रश्न 11.
संसाधनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है? दो कारण बताइए।
उत्तर-
जनसंख्या की वृद्धि और आर्थिक विकास के कारण साधनों का निरन्तर उपभोग हुआ है। यदि साधनों के उपभोग की यही गति रही तो एक दिन आर्थिक विकास रुक जाएगा और मानव सभ्यता का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। अत: साधनों का संरक्षण अनिवार्य हो गया है। निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट हो जाएगा कि साधनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है —

  1. आज मानव-आवास के कारण घने बसे देशों में भूमि दुर्लभ हो गई है। कृषि के लिए उपयोगी भूमि पर भी मकान बन रहे हैं। अतः यह आवश्यक हो गया है कि उपलब्ध भूमि का सर्वोत्तम उपयोग किया जाए।
  2. भूमिगत जल के निरन्तर उपयोग से जल-स्तर नीचा हो गया है, जिससे कृषि पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए भूमिगत जल का संरक्षण भी आवश्यक हो गया है।

प्रश्न 12.
राजस्थान तथा अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या कम क्यों है?
उत्तर-
भारत में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां जीवन की सुविधाएं काफ़ी कठिनता से प्राप्त होती हैं। इन क्षेत्रों में या तो जलवायु कठोर है अथवा भूमि उपजाऊ नहीं है या ये क्षेत्र पहाड़ी हैं। ऐसे क्षेत्रों में कृषि करना बड़ा कठिन कार्य है। इसके अतिरिक्त सिंचाई की सुविधाएँ भी कम हैं। इसके कारण उत्पादन भी कम होता है। ऐसे क्षेत्रों में उद्योग भी उन्नति नहीं कर सकते। राजस्थान तथा अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या कम होने के यही कारण हैं।

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छोटे उत्तर वाले प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भारत में जनसंख्या के असमान वितरण के लिए उत्तरदायी किन्हीं पाँच कारकों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
भारत में जनसंख्या का वितरण एक समान नहीं है। इसके लिए निम्नलिखित अनेक तत्त्व उत्तरदायी हैं —

  1. भूमि का उपजाऊपन-भारत के जिन राज्यों में उपजाऊ भूमि का अधिक विस्तार है, वहां जनसंख्या का घनत्व अधिक है। उत्तर प्रदेश तथा बिहार ऐसे ही राज्य हैं।
  2. वर्षा की मात्रा-अधिक वर्षा वाले भागों में प्रायः जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है। उत्तरी भारत में पूर्व से पश्चिम को जाते हुए वर्षा की मात्रा कम होती जाती है। इसलिए जनसंख्या का घनत्व भी घटता जाता है।
  3. जलवायु-जहां जलवायु स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है, वहां भी जनसंख्या घनत्व अधिक होता है, इसके विपरीत जिन प्रदेशों में जलवायु स्वास्थ्य के लिए अच्छी न हो, वहां जनसंख्या का घनत्व कम होता है। असम में वर्षा अधिक होते हुए भी जनसंख्या का घनत्व कम है, क्योंकि वहां अधिक नमी के कारण मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है।
  4. परिवहन के उन्नत साधन-परिवहन के साधनों के अधिक विकास के कारण व्यापार की प्रगति तीव्र हो जाती है जिससे जनसंख्या का घनत्व भी अधिक हो जाता है। उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार इत्यादि राज्यों में अधिक जनसंख्या होने का एक कारण परिवहन के साधनों का विकास है।
  5. औद्योगिक विकास-जिन स्थानों पर उद्योग स्थापित हो जाते हैं, वहां पर भी जनसंख्या का घनत्व बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में आजीविका कमाना सरल होता है। दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता आदि नगरों में औद्योगिक विकास के कारण ही जनसंख्या अधिक है। इसके अतिरिक्त ऐसे क्षेत्रों में जहां प्राकृतिक संसाधन अधिक होते हैं, वहां भी जनसंख्या अधिक होती है।

प्रश्न 2.
नीचे भारत की जनसंख्या से सम्बन्धित पाँच समस्याएं दी गई हैं। नीचे लिखी प्रत्येक समस्या से सम्बन्धित एक दुष्प्रभाव बताइए तथा प्रत्येक दुष्प्रभाव का एक व्यावहारिक समाधान सुझाइए।

  1. जनसंख्या का उच्च घनत्व
  2. असंतुलित स्त्री-पुरुष अनुपात
  3. सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं
  4. पर्यावरण (बढ़ती हुई जनसंख्या के सन्दर्भ में)
  5. स्त्रियों की आर्थिक सहभागिता।

उत्तर-

  1. जनसंख्या का उच्च घनत्व-जनसंख्या के उच्च घनत्व से भोजन तथा आवास की समस्या पैदा होती है। इस समस्या के समाधान के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम को अधिक-से-अधिक लोकप्रिय बनाना चाहिए।
  2. असंतुलित स्त्री-पुरुष अनुपात-यह अनुपात पुरुषों के पक्ष में होने के कारण देश में आज भी स्त्रियों की स्थिति कमज़ोर बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए लोगों में इस बात की जागृति पैदा करना आवश्यक है कि वे कन्याजन्म को अशुभ न माने और उनके पालन-पोषण की ओर उचित ध्यान दें।
  3. सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं-जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के कारण देश में सभी के लिए उचित स्वास्थ्य सेवाएं जुटा पाना असंभव है। अत: देश में अनेक रोगग्रस्त लोग चिकित्सा के अभाव में दम तोड़ देते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए हमें स्वास्थ्य सेवाओं का ‘सचल साधनों’ तथा अन्य तरीकों द्वारा विस्तार करना चाहिए।
  4. पर्यावरण की समस्या-बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरण के बचाव के लिये जनसंख्या की वृद्धि पर रोक लगानी चाहिए तथा वन क्षेत्रों का विस्तार करना चाहिए।
  5. स्त्रियों की आर्थिक सहभागिता- भारत में अधिकांश स्त्रियां अब भी घर के काम-काज तक सीमित हैं और उनकी आर्थिक सहभागिता नगण्य है। इसलिए अधिकांश परिवारों की वार्षिक आय सीमित है। अतः स्त्री-शिक्षा के विस्तार से स्त्रियों की आर्थिक सहभागिता को बढ़ाना चाहिए।

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जनसंख्या PSEB 10th Class Geography Notes

  • मानव संसाधन-मनुष्य अपने पारितन्त्र का मात्र एक अंग ही नहीं रह गया, अब वह अपने लाभ के लिए पर्यावरण में परिवर्तन भी कर सकता है। अब उसकी शक्ति उसकी गुणवत्ता में समझी जाती है। राष्ट्र को ऊंचा उठाने के लिए हमें अपने मानवीय संसाधनों को विकसित, शिक्षित एवं प्रशिक्षित करना अनिवार्य है। तभी प्राकृतिक संसाधनों का विकास सम्भव हो सकेगा।
  • 2011 की जनगणना-2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121 करोड़ है। यह संसार की कुल जनसंख्या का 17.2% भाग है।
  • देश की अधिकतर जनसंख्या मैदानी भागों में निवास करती है। देश में जनसंख्या का घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।
  • ग्रामीण तथा शहरी विभाजन-2011 की जनगणना के अनुसार भारत में शहरी जनसंख्या 29 प्रतिशत है। शेष 71% लोग गांवों में रहते हैं।
  • व्यावसायिक संरचना-हमारी जनसंख्या का 2/3 भाग आज भी कृषि पर आश्रित है। भारत की अर्जक जनसंख्या का केवल 10% भाग ही उद्योगों में लगा हुआ है। शेष एक चौथाई भाग तृतीयक अर्थात् सेवाओं में लगा हुआ है।
  • स्त्री-पुरुष अनुपात-स्त्री-पुरुष के सांख्यिकी अनुपात को स्त्री-पुरुष अनुपात कहते हैं। इसे प्रति हज़ार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • आयु संरचना-जनसंख्या को सामान्यतः तीन वर्गों में विभाजित किया जाता है-(1) 15 वर्ष से कम आयु-वर्ग (2) 15 से 65 वर्ष का आयु वर्ग तथा (3) 65 वर्ष से अधिक का आयु वर्ग। इस विभाजन को जनसंख्या का पिरामिड कहा जाता है।
  • अर्जक तथा आश्रित जनसंख्या-भारत में जनसंख्या का 41.6% भाग आश्रित है। शेष 58.4% अर्जक जनसंख्या को आश्रित जनसंख्या का निर्वाह करना पड़ता है।
  • बढ़ती जनसंख्या-जनसंख्या की वृद्धि दर जन्म-दर तथा मृत्यु-दर के अन्तर पर निर्भर करती है। भारत की मृत्यु दर तो काफ़ी नीचे आ गई है परन्तु जन्म-दर बहुत धीमे से घटी है। मृत्यु-दर के घटने का मुख्य कारण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार रहा है।
  • साक्षरता-स्वतन्त्रता के समय हमारे देश में केवल 14% लोग ही साक्षर थे। 2011 में यह प्रतिशत बढ़कर 74.01% हो गया।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती

Punjab State Board PSEB 10th Class Agriculture Book Solutions Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Agriculture Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती

PSEB 10th Class Agriculture Guide आषाढी की सब्जियों की खेती Textbook Questions and Answers

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के एक-झे शब्दों में उतर दीजिए-

प्रश्न 1.
अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन कितनी सब्जी खानी चाहिए ?
उत्तर-
284 ग्राम।

प्रश्न 2.
आलू कौन-सी ज़मीन में बढ़िया उगता है?
उत्तर-
रेतली मैरा भूमि में।

प्रश्न 3.
दो तरह की कौन-कौन सी खादें होती हैं ?
उत्तर-
दो प्रकार की-रासायनिक तथा जैविक।

प्रश्न 4.
काली गाजर की नयी किस्म कौन-सी है ?
उत्तर-
पंजाब ब्लैक ब्यूटी।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती

प्रश्न 5.
मूली की पूसा चेतकी किस्म की बुआई कब करनी चाहिए ?
उत्तर-
अप्रैल से अगस्त में।

प्रश्न 6.
मटरों की दो अगेती किस्मों के नाम लिखिए।
उत्तर-
मटर अगेता-6 तथा 7, अरकल।

प्रश्न 7.
बरोकली की पनीरी बोने का उचित समय कौन-सा है ?
उत्तर-
मध्य अगस्त से मध्य सितम्बर।

प्रश्न 8.
आलू की दो पछेती किस्में कौन-सी हैं ?
उत्तर-
कुफरी सिन्धूरी तथा कुफरी बादशाह।

प्रश्न 9.
एक एकड़ की पनीरी पैदा करने के लिए बंदगोभी का कितना बीज चाहिए ?
उत्तर-
200 से 250 ग्राम।

प्रश्न 10.
फास्फोरस तत्त्व कौन-सी खाद से मिलता है?
उत्तर-
सिंगल सुपरफास्फेट, डाई अमोनियम फास्फेट।

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(ख) निम्नलिखित प्रश्नों का एक – दो वाक्यों में उत्तर दीजिए-

प्रश्न 1.
सब्जी किसे कहते हैं ?
उत्तर-
पौधे का वह नर्म भाग; जैसे-फूल, फल, तना, जड़, पत्ते आदि जिन्हें कच्चा सलाद के रूप में या पका कर खाया जाता है, को सब्जी कहते हैं।

प्रश्न 2.
पनीरी के साथ कौन-कौन सी सब्जियां लगायी जाती हैं ?
उत्तर-
पनीरी के साथ वे सब्ज़ियां लगायी जाती हैं जो उखाड़ने के बाद फिर से बोने का झटका सहन कर लें। ये सब्जियां हैं-बंदगोभी, चीनी बंदगोभी, प्याज, सलाद, फूलगोभी आदि।

प्रश्न 3.
काली गाजर के मानव के शरीर को क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
काली गाजर में लौह तत्व होता है जो एनीमिया से बचाव करती है। इनमें ऐथोसाइनिन तथा फिनोल, कैंसर से बचाव करते हैं। काली गाजर की काँजी बनाते हैं जो पाचन शक्ति को ठीक रखती है।

प्रश्न 4.
मटरों में खरपतवारों की रोकथाम कैसे की जाती है ?
उत्तर-
मटरों में खरपतवारों की रोकथाम के लिए स्टोंप 30 ताकत 500 ग्राम एक लीटर या एफालॉन 50 ताकत 500 ग्राम प्रति एकड़ नदीन उगाने से पहले तथा बुआई के 2 दिनों में 200 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 5.
आलू में से खरपतवारों की रोकथाम के बारे में लिखें।
उत्तर-
आलू में से खरपतवारों की रोकथाम के लिए स्टोप 30 ताकत एक लीटर या एरीलान 75 ताकत 500 ग्राम या सैनकोर 70 ताकत 200 ग्राम का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर नदीनों के जमने से पहले तथा पहली सिंचाई के बाद छिड़काव करना चाहिए।

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प्रश्न 6.
गाजर की बुआई का समय, प्रति एकड़ बीज की मात्रा तथा अंतर के बारे में जानकारी दीजिए।
उत्तर-
बुआई का समय-ठंडा मौसम, सितम्बर से अक्तूबर माह। प्रति एकड़ बीज की मात्रा-4-5 किलोग्राम।
फासला-गाजरों को मेड़ों पर बोया जाता है तथा मेड़ों में फासला 45 सैं०मी० होना चाहिए।

प्रश्न 7.
आलुओं की उन्नत किस्मों, प्रति एकड़ बीज की मात्रा तथा बुआई के उचित समय के बारे में लिखिए।
उत्तर-
उन्नत किस्म-कुफरी सूर्य, कुफरी पुखराज, कुफरी ज्योति, कुफरी पुष्कर, कुफरी सिंधूरी, कुफरी बादशाह।
बीज की मात्रा प्रति एकड़-12-18 क्विंटल। बुआई का सही समय-पतझड़ के लिए अंत सितम्बर से मध्य अक्तूबर तथा बहार ऋतु के लिए जनवरी का पहला पखवाड़ा है।

प्रश्न 8.
रासायनिक खादें कौन-कौन सी होती हैं तथा नाइट्रोजन तत्व वाली खादों के बूटे के क्या लाभ हैं?
उत्तर-
रासायनिक खादें कारखानों में तैयार की जाती हैं। ये हैं नाइट्रोजन तत्व वाली जैसे यूरिया, किसान खाद। फास्फोरस तत्व वाली जैसे सिंगल सुपरफास्फेट तथा डाईअमोनियम फास्फेट, पोटाश तत्व वाली खाद जैसे म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा कई अन्य तत्वों वाली खादें भी होती हैं। नाइट्रोजन खाद पौधों में वृद्धि का कार्य करती है तथा प्रोटीन की मात्रा बढ़ाती है।

प्रश्न 9.
सब्जियों के भविष्य से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
हमारे देश में प्रति व्यक्ति जितनी सब्जी खानी चाहिए। उससे कम मिल रही हैं तथा सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने की अत्यन्त आवश्यकता है इस प्रकार सब्जियों का भविष्य हमारे देश में उज्ज्वल है।

प्रश्न 10.
पोटाश तत्व वाली खाद का पौधों के लिए क्या महत्त्व है?
उत्तर-
यह तत्व फसल को रोगों से बचाता है तथा पौधे में पानी का प्रवेश ठीक रखने में सहायक है। इस तत्व की अधिक आवश्यकता आलू, गाजर तथा शक्करकंदी की फसलों में होती है।

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(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के पांच-छः वाक्यों में उत्तर दीजिए-

प्रश्न 1.
मूली की सारा साल खेती कैसे की जाती है ?
उत्तर-
मूली की सारा साल खेती निम्न सारणी के अनुसार की जाती है-
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प्रश्न 2.
मानव के खाद्य में सब्जियों का क्या महत्त्व है ?
उत्तर-मानव के खाद्य में सब्जियों का बहुत महत्त्व है। इनमें आहारीय तत्व कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, धातु, विटामिन होते हैं जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन 284 ग्राम सब्जियां खानी चाहिए। इनमें 114 ग्राम पत्तों वाली, 85 ग्राम जड़ वाली तथा 85 ग्राम अन्य सब्जियां होनी चाहिए। सब्जियों को कच्चा ही अथवा आग पर पका कर खाया जाता है। भारत जैसे देश में यहां अधिक जनसंख्या शाकाहारी है इसलिए सब्जियों का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

प्रश्न 3.
सर्दियों की सब्जियों को कीड़ों तथा बीमारियों से कैसे बचाया जा सकता है ?
उत्तर-
सर्दियों की सब्जियों का कीड़ों तथा बीमारियों से बचाव –

  1. गर्मी के मौसम में हल के द्वारा जुताई करने से धरती की कीड़े, उल्ली तथा कई नीमाटोड मर जाते हैं।
  2. यदि सही फसल चक्र अपनाया जाए तो आलू तथा मटर की कुछ बीमारियों से बचाव हो जाता है।
  3. अगेती फसल की बुआई की हो तो कीड़ों को हाथ से समाप्त किया जा सकता है।
  4. रोग वाले पौधों को नष्ट करके अन्य पौधों को रोगों से बचाया जा सकता है।
  5. बीज की सफाई करके बोने से रोगों तथा कीटों से बचा जा सकता है। बीज की सफाई कैपटान अथवा थीरम से की जाती है।
  6. सेवन, फेम आदि कीटनाशक का प्रयोग करके संडियों को मारा जा सकता है। इन चूसने वाले कीड़ों तथा तेले पर काबू पाने के लिए रोगर, मैटासिसटाकस तथा मैलाथियान का प्रयोग किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
अगेती मटरों की खेती के बारे में संक्षेप में जानकारी दीजिए।
उत्तर-
उन्नत किस्म-अगेते मटर की उन्नत किस्में हैं-मटर अगेता-6 तथा 7, अरकल।
पैदावार-20-32 क्विंटल प्रति एकड़।
मौसम-ठंडा मौसम।
बुआई का समय-मध्य अक्तूबर से मध्य नवम्बर।
बीज की मात्रा-45 किलो प्रति एकड़। यदि बुआई पहली बार करनी हो तो राईजोबीयम का टीका लगाना चाहिए।
फासला-30 × 7 सैं०मी० ।
सिंचाई-पहली 15-20 दिन बाद, दूसरी फूल आने पर तथा तीसरी फलियां पड़ने पर।
खरपतवारों की रोकथाम-सटोंप 30 ताकत एक लीटर या टैफलान 50 ताकत 500 ग्राम प्रति एकड़ नदीन उगने से पहले तथा बुआई से 2 दिनों में 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए।
तुड़ाई-खाने के लिए ठीक अवस्था में फलियां तोड़ लेनी चाहिए।

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प्रश्न 5.
फूल गोभी की अगेती, मुख्य तथा पछेती फसल के लिए पनीरी बोने का समय, प्रति एकड़ बीज की मात्रा तथा अंतर के बारे में लिखिए।
उत्तर-
1. पनीरी बोने का समय-

  • अगेती-जून से जुलाई।
  • मुख्य फसल-अगस्त से मध्य सितम्बर।
  • पछेती फसल-अक्तूबर से नवम्बर।

2. प्रति एकड़ बीज की मात्रा-

  • अगेती फसल के लिए 500 ग्राम बीज प्रति एकड़।
  • अन्य के लिए 250 ग्राम बीज प्रति एकड़।

3. फासला-45 x 30 सें०मी० के अनुसार।

Agriculture Guide for Class 10 PSEB आषाढी की सब्जियों की खेती Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न-

प्रश्न 1.
विशेषज्ञों के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन ………. ग्राम सब्जी खानी चाहिए।
(क) 500
(ख) 285
(ग) 387
(घ) 197.
उत्तर-
(ख) 285

प्रश्न 2.
जड़ वाली सब्जी नहीं है-
(क) गाजर
(ख) मूली
(ग) शलगम
(घ) मटर।
उत्तर-
(घ) मटर।

प्रश्न 3.
पनीरी लगा कर बुआई करने वाली सब्जियां हैं-
(क) फूल गोभी
(ख) बरोकली
(ग) प्याज़
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती

प्रश्न 4.
आषाढ़ी की सब्ज़ियां हैं
(क) गाजर
(ख) मटर
(ग) फूल गोभी
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

प्रश्न 5.
मूली की किस्म नहीं है-
(क) पूसा चेतकी
(ख) जापानी व्हाइट
(ग) पूसा सनोवाल
(घ) पूसा पसंद।
उत्तर-
(ग) पूसा सनोवाल

प्रश्न 6.
आलू की किस्में हैं-
(क) कुफरी सूर्य
(ख) कुफरी पुष्कर
(ग) कुफरी ज्योति
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

प्रश्न 7.
फसलों को रस चूसने वाले कीटों से बचाने के लिए कौन-सा कीटनाशक प्रयोग किया जाता है ?
(क) राइजोबियम
(ख) कैप्टान
(ग) स्टौंप
(घ) मेलाथियान।
उत्तर-
(घ) मेलाथियान।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 4 आषाढी की सब्जियों की खेती

II. ठीक/गलत बताएँ-

1. पालम समृद्धि बरोकली की किस्म है।
2. जपानी व्हाइट मूली की किस्म है।
3. खादें दो तरह की होती हैं।
4. काली गाजर की किस्म है-पंजाब ब्लैक ब्यूटी।
5. पूसा सनोवाल-1, फूल गोभी की उन्नत किस्म है।
उत्तर-

  1. ठीक
  2. ठीक
  3. ठीक
  4. ठीक
  5. ठीक।

III. रिक्त स्थान भरें-

1. पूसा हिमानी …………… की किस्म है।
2. कुफरी संधूरी ……………… की किस्म है।
3. मटर की मुख्य किस्म की पैदावार ……………… क्विंटल प्रति एकड़ है।
4. मटर के बीज को ……………… का टीका लगाया जाता है।
5. अर्कल ……………… की किस्म है।
उत्तर-

  1. मूली
  2. आलू,
  3. 47-55,
  4. राहजोबियम,
  5. मटर।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1.
वैज्ञानिकों के अनुसार प्रत्येक वयस्क को अच्छे स्वास्थ्य के लिए कितने ग्राम सब्जी खानी चाहिए ?
उत्तर-
284 ग्राम।

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प्रश्न 2.
हमारे देश में सब्जियों का भविष्य कैसा है ?
उत्तर-
भविष्य उज्ज्वल है।

प्रश्न 3.
सब्जियों को पकने के लिए कितना समय लगता है ?
उत्तर-
बहुत कम, वर्ष में 2-4 फसलें ही लगाई जा सकती हैं।

प्रश्न 4.
गेहूँ, चावल के फसली चक्कर की तुलना में सब्जियों का उत्पादन कितना अधिक है ?
उत्तर-
5-10 गुणा।

प्रश्न 5.
सब्जियों की कृषि के लिए कौन-सी भूमि अच्छी मानी जाती है ?
उत्तर-
रेतली मैरा या चीकनी मैरा भूमि।

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प्रश्न 6.
जड़ वाली सब्जियों के लिए कैसी भूमि अच्छी रहती है ?
उत्तर-
रेतली मैरा भूमि।

प्रश्न 7.
खादें कितनी प्रकार की होती हैं ?
उत्तर-
दो प्रकार की।

प्रश्न 8.
खादों के प्रकार बताएं।
उत्तर-
रासायनिक तथा जैविक।

प्रश्न 9.
बीज कैसा होना चाहिए?
उत्तर-
बीज अच्छी किस्म का तथा रोग रहित होना चाहिए।

प्रश्न 10.
रासायनिक खादों में कौन-से तत्व होते हैं ?
उत्तर-
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश।

प्रश्न 11.
बीज बोने के कौन-से दो ढंग हैं ?
उत्तर-
सीधी बुआई तथा पनीरी लगाकर।

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प्रश्न 12.
सीधी बुआई करके बोयी जाने वाली सब्जियों के नाम लिखो।
उत्तर-आलू, गाजर, मेथी, धनिया आदि।

प्रश्न 13.
पनीरी लगाकर बोई जाने वाली सब्जियां बतायें।
उत्तर-
चीनी बंदगोभी, फूलगोभी, बरोकली, प्याज, सलाद आदि।

प्रश्न 14.
सब्जियों के सम्बन्ध में गर्मी के मौसम में हल जोतने से क्या होता है ?
उत्तर-
धरती के कीड़े, फफूंदी तथा नीमाटोड मर जाते हैं।

प्रश्न 15.
सब्जियों के बीजों को कौन-सी दवाई से सोधा जा सकता है ?
उत्तर-
कैपटान या थीरम से।

प्रश्न 16.
सब्जियों में इंडियों को मारने के लिए कीटनाशक बताओ।
उत्तर-
सेवन, फेम।

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प्रश्न 17.
रस चूसने वाले कीड़े तथा तेले पर काबू करने के लिए दवाई बताएं।
उत्तर-
रोगर, मैटासिसटाकस, मैलाथियान।

प्रश्न 18.
आषाढ़ी की सब्जियों के नाम बताएं।
उत्तर-
गाजर, मूली, बंदगोभी, फूलगोभी, आलू, मटर आदि।

प्रश्न 19.
गाजर की कौन-सी किस्म अधिक ताप सह सकती है ?
उत्तर-
देसी किस्म।

प्रश्न 20.
पंजाब में गाजर की किस्मों के नाम बताओ।
उत्तर-
पंजाब ब्लैक ब्यूटी, पंजाब कैरेट रेड।

प्रश्न 21.
पंजाब कैरेट रेड, गाजर की पैदावार तथा रंग बताएं।
उत्तर-
लाल रंग, 230 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 22.
गाजर कहां बोयी जाती है ?
उत्तर-
मेड़ों पर।

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प्रश्न 23.
गाजर के लिए मेड़ों का फासला बताओ।
उत्तर-
मेड़ों का फासला 45 सैं०मी०।

प्रश्न 24.
गाजर के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
4-5 किलो बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 25.
गाजरों को अधिक पानी लगाने से क्या नुकसान होता है ?
उत्तर-
गाजर का रंग नहीं बनता।

प्रश्न 26.
गाजर की तैयारी को लगने वाला समय बताओ।
उत्तर-
90-100 दिनों में किस्मों के अनुसार गाजर तैयार हो जाती है।

प्रश्न 27.
मूली की किस्में बताओ।
अथवा
मूली की एक उन्नत किस्म का नाम लिखें।
उत्तर-
पंजाब पसंद, पूसा चेतकी, पूसा हिमानी, जापानी व्हाइट, पंजाब सफेद मूली-2.

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प्रश्न 28.
मूली की पैदावार बताओ।
उत्तर-
105-215 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 29.
मूली के बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
4-5 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 30.
मूली की बुआई कहां की जाती है तथा फासला बताओ।
उत्तर-
मेड़ों पर फासला लाइनों में 45 सैं०मी० तथा पौधों में 7 सैं०मी० ।

प्रश्न 31.
मूली कितने दिनों में निकालने योग्य हो जाती है ?
उत्तर-
45-60 दिनों में।

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प्रश्न 32.
मटर की अगेती किस्में बताओ।
उत्तर-
अगेता-6 तथा 7, अरकल।

प्रश्न 33.
मटर की अगेती किस्मों की पैदावार बताओ।
उत्तर-
20-32 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 34.
मटर की मुख्य मौसम की किस्में बताओ।
उत्तर-
मिठी फली, पंजाब-89.

प्रश्न 34.
(क) ‘मिठीफली’ कौन सी सब्जी की उन्नत किस्म है ?
उत्तर-
मटर।

प्रश्न 35.
मटर की मुख्य किस्म की पैदावार बताओ।
उत्तर-47-55 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 36.
मटर की कौन-सी किस्म बिना छिले खाई जा सकती है ?
उत्तर-
मिठी फली।

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प्रश्न 37.
मटर की बुआई का उचित समय बताओ।
उत्तर-
मध्य अक्तूबर से मध्य नवम्बर।

प्रश्न 38.
मटर के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
अगेती किस्म के लिए 45 कि०ग्रा० तथा मुख्य फसल 30 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 39.
मटर के लिए फासला बताओ।
उत्तर-
अगेती किस्म के लिए फासला 30 x 7 सैं०मी० तथा मुख्य फसल के लिए 30 x 10 सैं०मी० ।

प्रश्न 40.
मटर के बीज को कौन-सा टीका लगाया जाता है ?
उत्तर-
राईज़ोबियम का।

प्रश्न 41.
फूलगोभी की काश्त के लिए कितना तापमान ठीक है ?
उत्तर-
15-20 डिग्री सेंटीग्रेड।

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प्रश्न 42.
फूलगोभी की मुख्य समय की किस्म बताओ।
उत्तर-
जाईंट सनोवाल।

प्रश्न 43.
फूलगोभी की पिछेती बुआई की किस्म बताओ।
उत्तर-
पूसा सनोवाल-1, पूसा सनोवाल के-1.

प्रश्न 44.
फूलगोभी की फसल कब तैयार हो जाती है ?
उत्तर-
खेत में पनीरी निकाल कर लगाने के 90-100 दिनों के बाद।

प्रश्न 45.
बंदगोभी की पनीरी खेत में लगाने का समय बताओ।
उत्तर-
सितम्बर से अक्तूबर।

प्रश्न 46.
बंदगोभी के लिए बीज की मात्रा बताएं।
उत्तर-
200-250 ग्राम प्रति एकड़।

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प्रश्न 47.
बंदगोभी की लाइनों में तथा पौधों में फासला बताएं।
उत्तर-
45 × 45 सैं०मी० फासला अगेती किस्म तथा 60 × 45 सैं०मी० फासला पिछेती किस्म के लिए।

प्रश्न 48.
(क) बरोकली की किस्म की पैदावार बताओ।
(ख) पंजाब बरोकली-1 कौन-सी सब्जी की उन्नत किस्म है ?
उत्तर-
(क) पंजाब बरोकली -1 तथा पालम समृद्धि, औसत पैदावार 70 क्विंटल प्रति एकड़।
(ख) यह बरोकली की किस्म है। यह फूलगोभी जैसी होती है।

प्रश्न 49.
बरोकली के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
250 ग्राम प्रति एकड़।

प्रश्न 50.
बरोकली के लिए पनीरी लगाने का उचित समय बताओ।
उत्तर-
मध्य अगस्त से मध्य सितंबर ।

प्रश्न 51.
चीनी बंदगोभी की पनीरी की बुआई का उचित समय बताओ।
उत्तर-
मध्य सितंबर में पनीरी बीज कर मध्य अक्तूबर में निकाल कर खेत में लगाएं।

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प्रश्न 52.
चीनी बंदगोभी के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
पनीरी के लिए 200 ग्राम प्रति एकड़ तथा सीधी बुआई के लिए एक किलो बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता है।

प्रश्न 53.
चीनी बंदगोभी की कितनी कटाईयां हो जाती हैं ?
उत्तर-
कुल छः कटाईयां।

प्रश्न 54.
आलू की अगेती किस्में बताओ।
उत्तर-
कुफरी सूर्य तथा कुफरी पुखराज।

प्रश्न 55.
आलू की अगेती किस्में कितने दिनों में तैयार हो जाती हैं ?
उत्तर-
90-100 दिनों में।

प्रश्न 56.
आलू की अगेती किस्मों की पैदावार बताएं।
उत्तर-
100-125 क्विंटल प्रति एकड़।।

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प्रश्न 57.
आलू की मध्यम समय की किस्में बताओ।
उत्तर-
कुफरी ज्योती, कुफरी पुष्कर।

प्रश्न 58.
आलू की मध्यम समय की फसलें कितने दिनों में तैयार हो जाती हैं ? पैदावार बताओ।
उत्तर-
100-110 दिन, पैदावार 120-170 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 59.
आलू की पिछेती किस्में बताओ।
उत्तर-
कुफरी सिंधूरी, कुफरी बादशाह।

प्रश्न 60.
आलू की पिछेती किस्मों की तैयारी तथा पैदावार बताओ।
उत्तर-
110-120 दिन, पैदावार 120-130 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 61.
आलू की बुआई के लिए मेड़ों के बीच तथा आलुओं के बीच फासला बताओ।
उत्तर-
60 सैं०मी०, 20 सैं०मी० ।

प्रश्न 62.
आलू का बीज कैसे बोना चाहिए ?
उत्तर-
काट कर।

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प्रश्न 63.
फूलगोभी की उन्नत किस्मों के नाम लिखो।
उत्तर-
पूसा सनोबाल-1, पूसा सनोबाल के-1, जाईंट सनोवाल।

प्रश्न 64.
कुफरी पुखराज कौन सी सब्जी की उन्नत किस्म है ?
उत्तर-
आलू की।

लघु उत्तरीय प्रश्न –

प्रश्न 1.
सब्जी से क्या भाव है ?
उत्तर-
पौधे का नर्म भाग जैसे फल, फूल, तना, जड़ें, पत्ते आदि जिन्हें कच्चा स्लाद के रूप में या पका कर खाया जा सकता है, को सब्जी कहते हैं।

प्रश्न 2.
सब्ज़ी में कौन-से पौष्टिक तत्व होते हैं ?
उत्तर-
सब्जियों में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, धातु, विटामिन आदि मिलते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अति आवश्यक है।

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प्रश्न 3.
प्रत्येक वयस्क को 284 ग्राम सब्जी प्रतिदिन खानी चाहिए इसमें भिन्नभिन्न सब्जियों के भाग बताओ।
उत्तर-
284 ग्राम सब्जी में 114 ग्राम पत्तों वाली, 85 ग्राम जड़ों वाली, 85 ग्राम अन्य सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

प्रश्न 4.
जैविक खादों के लाभ बताओ।
उत्तर-
जैविक खादें भूमि की भौतिक तथा रासायनिक अवस्था को ठीक रखती हैं तथा भूमि ढीली रहती है जिसे वायु का आवागमन सरलता से हो जाता है।

प्रश्न 5.
कौन-सी सब्जियां पनीरी लगा कर बोई जाती हैं ?
उत्तर-
ऐसी सब्जियां जो पनीरी को उखाड़ने तथा फिर से लगाने के झटके को सहन कर लें, जैसे-बंदगोभी, बरोकली, प्याज़ आदि।

प्रश्न 6.
सर्दी की सब्जियों के कीड़ों तथा रोगों की रोकथाम के लिए दवाइयों का क्या योगदान है ?
उत्तर-
बीज की सुधाई के लिए कैपटान या थीरम का प्रयोग किया जाता है जिससे कीड़े तथा रोगों के हमले से बचाव हो जाता है।
कुछ कीटनाशक दवाइयां जैसे फेम, सेवन आदि का प्रयोग करके संडियों को मारा जा सकता है। रस चूसने वाले कीड़े तथा तेले को काबू करने के लिए रोगर, मैटासिसटाकस तथा मैलाथियान दवाइयों का प्रयोग किया जाता है।

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प्रश्न 7.
गाजर की फसल के लिए सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
गाजर को 3-4 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है। पहली सिंचाई बुआई से तुरन्त बाद, दूसरी 10-12 दिनों बाद करनी चाहिए।

प्रश्न 8.
मूली को किस प्रकार प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
मूली को सलाद के रूप में, सब्जी बनाने के लिए तथा परांठे बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 9.
मूली की पंजाब में बोई जाने वाली मुख्य किस्मों तथा पैदावार बताओ।
उत्तर-पंजाब पसंद, पंजाब सफेद मूली-2, पूसा चेतकी मूली की किस्में हैं जो पंजाब में मुख्य रूप से बोई जाती हैं तथा पैदावार 105-215 क्विंटल प्रति एकड़ होता है।

प्रश्न 10.
मूली की सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
पहली सिंचाई बुआई से तुरन्त बाद तथा बाद में गर्मियों में 6-7 दिनों बाद तथा सर्दियों में 10-12 दिन बाद भूमि की किस्म के अनुसार करें।

प्रश्न 11.
यदि भूमि में मटर पहली बार बोए जाने हों तो बीज को कौन-सा टीका लगाया जाता है तथा क्यों ?
उत्तर-
मटर के बीज को राइजोबियम का टीका लगाया जाता है तथा इससे मटर की पैदावार बढ़ जाती है तथा भूमि में नाइट्रोजन इकट्ठी करने में सहायता मिलती है।

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प्रश्न 12.
मटर में खरपतवारों की रोकथाम के बारे में बताओ।
उत्तर-
खरपतवारों की रोकथाम के लिए टैफलान 50 ताकत 500 ग्राम या सटोंप 30 ताकत एक लीटर प्रति एकड़ नदीन उगने से पहले तथा बुआई से 2 दिन में 200 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 13.
फूल गोभी की सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
इसको कुल 8-12 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है। पहली सिंचाई पनीरी उखाड़ कर खेत में लगाने के तुरन्त बाद करनी चाहिए।

प्रश्न 14.
फूल गोभी तथा बंद गोभी तथा बरोकली में खरपतवारों की रोकथाम के बारे में बताओ।
उत्तर-
खरपतवारों की रोकथाम के लिए सटोंप 30 ताकत एक लीटर प्रति एकड़ को 200 लीटर पानी में घोल कर अच्छी प्रकार नमी वाले खेत में पौधे लगाने से एक दिन पहले छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 15.
चीनी बंदगोभी के पत्ते किस काम आते हैं ? इसकी कटाई कितने दिनों में हो जाती है ?
उत्तर-
चीनी बंद गोभी के पत्ते साग बनाने के काम आते हैं। इसकी पहली कटाई 30 दिन बाद की जा सकती है।

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प्रश्न 16.
बंदगोभी लगाने का उचित समय तथा बीज की मात्रा लिखो।
उत्तर-
बंदगोभी के लिए पनीरी खेत में लगाने का समय सितम्बर से अक्तूबर है। एक एकड़ की पनीरी के लिए बीज की मात्रा 200-250 ग्राम है।

प्रश्न 17.
सब्जियों की कृषि के लिए कैसी भूमि का चुनाव किया जाता है ?
उत्तर-
सब्जियों की कृषि भिन्न-भिन्न तरह की भूमि में की जा सकती है। परन्तु रेतली मैरा या चीकनी मैरा ज़मीन सब्जियों की कृषि के लिए अच्छी है। जड़ वाली सब्जियां; जैसे-गाजर, मूली, शलगम, आलू आदि के लिए रेतली मैरा भूमि अच्छी है।

प्रश्न 18.
चीनी बंदगोभी की उन्नत किस्में लिखें।
उत्तर–
चीनी सरसों-1, साग सरसों।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1.
गाजर की कृषि का विवरण दें-
(i) किस्में, रंग
(ii) पैदावार
(iii) बीज की मात्रा
(iv) तैयारी
(v) फासला।
उत्तर-
(i) किस्में-दो किस्में हैं-देसी तथा विदेशी। पंजाब में गाजर की दो किस्में हैं-पंजाब कैरेट रेड तथा पंजाब ब्लैक ब्यूटी। पंजाब कैरेट रेड लाल रंग की तथा पंजाब ब्लैक ब्यूटी जामुनी काले रंग की है।
(ii) पैदावार-काली किस्म 196 क्विंटल प्रति एकड़ तथा लाल किस्म 230 क्विंटल प्रति एकड़।
(iii) बीज की मात्रा-4-5 किलो प्रति एकड़।
(iv) तैयारी-किस्म के अनुसार 90-100 दिनों में तैयार हो जाती है।
(v) फासला-गाजर मेड़ों पर बोई जाती है तथा मेड़ों में फासला 45 सैं०मी० रखें।

प्रश्न 2.
बरोकली की खेती का विवरण निम्नलिखित अनुसार दीजिए
(क) उन्नत किस्म
(ख) बुआई का समय
(ग) बीज की मात्रा प्रति एकड़
(घ) पौधों के बीच दूरी।
उत्तर-
(क) उन्नत किस्म-पंजाब बरोकली-1, पालम समृद्धि। पैदावार-70 क्विंटल प्रति एकड़।।
(ख) बुआई का समय-पनीरी बोने का समय मध्य अगस्त से मध्य सितंबर तक है तथा पनीरी एक महीने की हो जाने पर निकाल कर खेत में लगा दें।
(ग) बीज की मात्रा-250 ग्राम प्रति एकड़।
(घ) पौधों के बीच दूरी-पंक्तियों में तथा पौधों में फासला 45 सैं०मी० ।

प्रश्न 3.
आलू की कृषि के बारे बताओ –
उत्तर-
1. किस्में-

  • अगेती-कुफरी सूर्य, कुफरी पुखराज।
  • मध्मय समय की-कुफरी ज्योती, कुफरी पुष्कर।
  • पिछेती-कुफरी बादशाह, कुफरी सिंधूरी।।

2. पैदावार-

  • अगेती-100-125 क्विंटल प्रति एकड़।
  • मध्यम-120-170 क्विंटल प्रति एकड़।
  • पिछेती-120-130 क्विंटल प्रति एकड़।

3. तैयारी का समय-

  • अगेती-90-100 दिन।
  • मध्यम-100-110 दिन।
  • पिछेती-110-120 दिन।

4. बुआई का समय-उचित समय पतझड़ के लिए सितंबर से मध्यम अक्तूबर तथा बहार ऋतु के लिए जनवरी का पहला पखवाड़ा।
5. बीज की मात्रा-12-18 क्विंटल प्रति एकड़ 1 बहार ऋतु की अगेती किस्म का 8 क्विंटल तथा पिछेती किस्म का 4-5 क्विंटल बीज प्रति एकड़ प्रयोग करें तथा बीज को काट कर लगाना चाहिए।
6. फासला-मेड़ों में आपसी फासला 60 सैंमी० तथा आलुओं में 20 सैंमी० ।
7. खरपतवारों की रोकथाम-सटोंप 30 ताकत एक लीटर या एरीलान 75 ताकत 500 ग्राम या सैनकोर 70 ताकत 200 ग्राम का 150 लीटर पानी में घोल बना कर नदीनों के जमने तथा पहली सिंचाई के बाद छिड़काव करना चाहिए।
8. सिंचाई-बुआई से तुरन्त बाद पहली सिंचाई करो। इससे फसल जल्दी उगती है।

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प्रश्न 4.
सब्जियों की बिजाई के पांच लाभ लिखो।
उत्तर-

  • सब्जियों की फसल जल्दी तैयार हो जाती है तथा वर्ष में 3-4 या अधिक बार बेच कर अच्छी आमदन हो जाती है।
  • भारत में शाकाहारी लोग अधिक हैं तथा सब्जियों की खपत भी अधिक है।
  • सब्जियों में पौष्टिक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन, धातु आदि होते हैं।
  • सब्जियां रोज़गार का अच्छा साधन हैं।
  • सारे परिवार को घर पर ही रोजगार मिल जाता है, कृषि साधनों का पूर्णतः प्रयोग सारा वर्ष होता रहता है।

प्रश्न 5.
मूली की खेती का विवरण निम्नलिखित अनुसार दीजिए :
(क) दो उन्नत किस्में
(ख) बीज की मात्रा प्रति एकड़
(ग) मेड़ों के बीच की दूरी
(घ) खुदाई
(ङ) उपज प्रति एकड़।
उत्तर-
(क) दो उन्नत किस्में-पूसा चेतकी, पूसा हिमानी।
(ख) बीज की मात्रा प्रति एकड़-4-5 किलो प्रति एकड़।
(ग) मेड़ों की बीच की दूरी-45 सें.मी. ।
(घ) खुदाई-45-60 दिनों बाद।
(ङ) उपज प्रति एकड़-105-215 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 6.
आलू की अगेती किस्मों की खेती का विवरण निम्नलिखित अनुसार दीजिए:
(क) दो उन्नत किस्में
(ख) बीज की मात्रा प्रति एकड़
(ग) मेड़ों की बीच की दूरी (घ) सिंचाई
(ङ) उपज प्रति एकड़।
उत्तर-
(क) दो उन्नत किस्में-कुफरी सूर्या, कुफरी पुखराज।
(ख) बीज की मात्रा प्रति एकड़-8 क्विंटल।
(ग) मेड़ों की बीच की दूरी-60 सें.मी तथा आलूओं में 20 सें.मी. ।
(घ) सिंचाई-बुआई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें।
(ङ) उपज प्रति एकड़-100-125 क्विंटल प्रति एकड़।

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प्रश्न 7.
मटर की अगेती किस्मों की खेती का विवरण निम्नलिखित अनुसार दीजिए:
(क) दो उन्नत किस्में
(ख) बीज की मात्रा प्रति एकड़
(ग) दूरी
(घ) सिंचाई
(ङ) उपज प्रति एकड़।
उत्तर-
स्वयं करें।

आषाढी की सब्जियों की खेती PSEB 10th Class Agriculture Notes

  • मनुष्य के आहार में एक आवश्यक अंग सब्जियां हैं।
  • सब्जियों में कार्बोहाइड्रेटस, प्रोटीन, धातुएं, विटामिन आदि होते हैं।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन 284 ग्राम सब्जी खानी चाहिए।
  • सब्जियां कम समय में तैयार हो जाती हैं तथा एक वर्ष में 2-4 फसलें ली जा सकती हैं।
  • सब्जियों की पैदावार गेहूँ चावल के फसली चक्र से 5-10 गुणा अधिक है तथा इस प्रकार आमदन भी अधिक होती है।
  • सब्जी की कृषि के लिए रेतली मैरा या चिकनी मैरा भूमि अच्छी रहती है।
  • जड़ वाली सब्जियां हैं-गाजर, मूली, शलगम आदि के लिए रेतली मैरा भूमि ठीक रहती है। ।
  • खादें दो प्रकार की हैं-जैविक तथा रासायनिक।
  • जैविक खादें भूमि की रासायनिक तथा भौतिक अवस्था को ठीक रखती है।
  • रासायनिक खादों को कारखानों में बनाया जाता है तथा इनमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश तत्व होते हैं।
  • बीज को दो तरीकों से बोया जाता है
    (i) सीधी बुआई (ii) पनीरी लगाकर।
  • गाजर, मूली, मेथी, धनिया, आलू आदि को सीधी बुआई द्वारा बोया जाता है।
  • पनीरी लगाकर बुआई करने वाली सब्जियां हैं-फूलगोभी, बंदगोभी, चीनी बन्द गोभी, बरोकली, प्याज, सलाद आदि।
  • सब्जी की फसल को मुरझाने से पहले ही पानी देना ज़रूरी है।
  • सब्जी के बीज को कैप्टान या थीरम से सुधाई करके बोने से कीड़ों तथा रोगों के हमले से बचा जा सकता है।
  • आषाढी या सर्दी की मुख्य सब्जियां हैं-गाजर, मूली, मटर, फूलगोभी, बंदगोभी, आलू, ब्रोकली, चीनी बंदगोभी आदि।
  • गाजर की दो किस्में हैं-देसी तथा विदेशी।
  • मूली की किस्में हैं–पंजाब पसंद, पूसा चेतकी, जापानी व्हाइट।
  • मटर ठंडे मौसम की मुख्य फसल है, इसमें प्रोटीन काफ़ी मात्रा में होते हैं।
  • फूलगोभी की कृषि के लिए 15-20 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान की आवश्यकता है।
  • फूलगोभी की किस्में हैं- जाईंट सनोवाल, पूसा सनोवाल-1, पूसा सनोवाल , के-1।
  • बंदगोभी की अगेती पैदावार के लिए सीधी बुआई की जा सकती है।
  • पंजाब बरोकली-1 तथा पालम समृद्धि बरोकली की उन्नत किस्में हैं। इसकी पैदावार 70 क्विंटल प्रति एकड़ है। 24. चीनी बंदगोभी की किस्में हैं-चीनी, सरसों तथा साग सरसों।
  • आलू की किस्में हैं-कुफरी सूर्य, कुफली पुखराज, कुफरी पुष्कर, कुफरी ज्योति, कुफरी सिंधूरी तथा कुफरी बादशाह ।

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Chapter 1 Self-Awareness and Self-Discipline
Polishing the Talent, Flexible Attitude, Career Awareness

Chapter 2 Critical Thinking
Social outlook towards boys and girls, Time Management, Proper use of mobile, internet and other means of communication, Avoid Misconceptions

Chapter 3 Inter-personal Relationship
Caring the elders, Socially defined boundaries of relationships, To end up relationship constructively, Attitude and Behaviour

Chapter 4 Empathy
Gender sensitization, Expressing needs and desires, How to tackle sensitive issues, Accepting all

Chapter 5 Creative Thinking
Looking for the good in the world, Be companion, Comprehension, Developing creativity

Chapter 6 Managing Emotions
Emotions, Proper Expression of Emotions, Art of being Amicable with peers, Writing Diary

Chapter 7 Decision Making
Choosing the Career, How to take the right decision, Self-Confidence, Use of Common Sense

Chapter 8 Problem Solving
How to Manage Anger?, How to Manage Fear?, How to Find a Solution?, Concentration

Chapter 9 Effective Communication
Expressions, Positive Attitude, Interview Skill, Body Language

Chapter 10 Stress Management
Causes for Stress, How to Avoid Stress?, Live And Let Live

PSEB 10th Class Welcome Life Structure of Question Paper

Class – X (PB.)
Time: 2 Hours

Theory: 50
Practical: 40
Internal Assessment: 10
Total Marks: 100

All the questions are compulsory.

The question paper will be divided into four sections (A, B, C, D). Each section will be based on the whole syllabus.

There will be 10 multiple choice questions of Q. No. 1 (i-x) in section A. Each question will carry 1 mark. (10 × 1 = 10 Marks)

In section B, question no. 2 will contain 5 fill-in-the-blanks and question no. 3 will contain 5 matches the following questions. Each question will carry 1 mark. (5 × 1 + 5 × 1 = 10 Marks)

In Section C, question no. 4 will contain 5 short answer questions, which need to answer after reading the given passage. Each question will carry 2 marks. (5 × 2 = 10 Marks)

In Section D, question no. 5, 2 questions will be asked out of which one question will be answered in 50-60 words.

In question number 6, 3 questions will be asked on the hypothetical situations out of which 2 are compulsory.

In question 7, 2 questions will be asked related to the solution of the problems of real-life out of which 1 is compulsory. Each question will carry 5 marks. (4 × 5 = 20 Marks)

Section Structure of Question Paper Division of Marks
A 10 Multiple Choice Questions 10 × 1 = 10 Marks
B 10 Objective Type Questions 10 × 1 = 10 Marks
C Short Answer Type Questions (To give an answer after reading the passage) 5 × 2 = 10 Marks
D Long Answer Type Questions 4 × 5 = 20 Marks
Total 50 Marks

Practical (Division of Marks)

Total Marks: 40

Section – A: This section will carry 20 marks. These will be related to annual activities done on the basis of marks prescribed textbooks to complete the worksheets inside it and to solve the questions based on behavioural activities of textbook exercises. (20 Marks)

Section – B: One activity will be asked to perform in this section from the prescribed textbook. This will carry 10 marks. (10 Marks)

Section – C: This section will have Oral Questionnaire (Viva) related to the values included in the textbook. This will carry 10 marks. (10 Marks)

Internal Assessment (Division of Marks)

Total Marks = 10

This section will carry 10 marks. 2 marks will be based on book-bank keeping related to the subject and 8 marks will be based on annual observation of behavioral achievement of moral values. (2 + 8 = 10 Marks)

प्रश्न-पत्र की रूप-रेखा

स्वागत जिंदगी
कक्षा-दसवीं (पंजाब)

समय : 2 घंटे

लिखित पेपर : 50
प्रयोगी : 40
आंतरिक मूल्यांकन : 10
कुल अंक : 100

1. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।

2. प्रश्न-पत्र चार भागों (क, ख, ग, घ) में बंटा होगा। प्रत्येक भाग सभी पाठ्यक्रम पर आधारित होगा।

भाग – क में प्रश्न नं० 1 (ix) में 10 बहु-विकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। (10 × 1 = 10 अंक)

भाग – ख में प्रश्न नं० 2 के पांच भाग रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्न होंगे तथा प्रश्न नं0 3 में पांच मिलान करने वाले प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। (5 × 1 + 5 × 1 = 10 अंक)

भाग – ग में प्रश्न नं० 4 में विद्यार्थी को दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देने हैं तथा इसके पांच छोटे उत्तरों वाले प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। (5 × 2 = 10 अंक)

भाग – घ में प्रश्न नं० 5 में दो प्रश्न पूछे जाएंगे जिनमें से एक का उत्तर 50 – 60 शब्दों में देना होगा।

प्रश्न नं० 6 काल्पनिक (Hypothetical) स्थिति पर आधारित 3 प्रश्न होंगे जिनमें से कोई 2 प्रश्न करने अनिवार्य हैं तथा प्रश्न नं० 7 वास्तविक जीवन से जुडी समस्याओं को हल करने से संबंधित 2 प्रश्न होंगे जिनमें से कोई 1 प्रश्न करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न पांच अंकों का होगा। (4 × 5 = 20 अंक)

प्रश्न-पत्र की संरचना

प्रश्न-पत्र की रूप-रेखा अंकों का विभाजन
(क) 10 बहु-विकल्पीय प्रश्न 10 × 1 = 10 अंक
(ख) 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न 10 × 1 = 10 अंक
(ग) छोटे उत्तरों वाले प्रश्न (अनुच्छेद को पढ़कर उत्तर देना) 5 × 2 = 10 अंक
(घ) बड़े उत्तरों वाले प्रश्न 4 × 5 = 20 अंक
कुल 50 अंक

प्रयोगी अंक विभाजन

कुल अंक : 40 अंक

भाग – क
इस भाग में कुल 20 अंक होंगे। यह अंक निर्धारित पाठ्य-पुस्तक की वार्षिक क्रियाओं को करने, इसमें दी वर्कशीट्स को पूर्ण करने तथा पाठ्य-पुस्तक की अभ्यासी प्रश्नावलियों को हल करने की व्यावहारिक कार्यक्षमता से संबंधित होंगे। (20 अंक)

भाग – ख
इस भाग में निर्धारित पाठ्य-पुस्तक में से कोई एक क्रिया करवाई जायेगी। इसके 10 अंक होंगे। (10 अंक)

भाग – ग
इस भाग में निर्धारित पाठ्य-पुस्तक में शामिल किए गए नैतिक मूल्यों से संबंधित मौखिक प्रश्नावली (Viva) होगी। इसके 10 अंक होंगे। (10 अंक)

आंतरिक मूल्यांकन अंक-विभाजन

कुल अंक : 10 अंक

इस भाग में कुल 10 अंक होंगे। 2 अंक विषय से संबंधित बुक-बैंक संभाल और 8 अंक नैतिक मूल्यों की व्यावहारिक प्राप्ति की वार्षिक अब्जरवेशन के आधार पर होंगे। (2 + 8 = 10 अंक)

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PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

Punjab State Board PSEB 10th Class Welcome Life Book Solutions Chapter 8 समस्या का हल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Welcome Life Chapter 8 समस्या का हल

PSEB 10th Class Welcome Life Guide समस्या का हल Textbook Questions and Answers

भाग-1

प्रश्न 1.
अपनी नोटबुक में अपने डर और चिंताओं को लिखें जो आपको पूरा दिन परेशान करते हैं?
उत्तर-
(i) पहला डर यह है कि कुछ ऐसा होगा जिसकी उम्मीद नहीं है।
(ii) दूसरा डर यह है कि मैं कक्षा में पीछे नहीं हूँ। मैं हमेशा कक्षा में प्रथम स्थान पर रहता हूँ और मुझे डर है कि कोई मुझे पार कर सकता है। इसलिए मैं हमेशा भय में रहता हूँ।
(iii) मुझे हमेशा डर लगता है कि मेरे बॉस मुझसे नाराज़ हो जाएंगे और मुझे नौकरी से निकाल देंगे।
इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति के अंदर एक डर है जो उन्हें परेशान करता है।

भाग-2

सही/ग़लत

  1. असफलता के डर को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करें, भय दूर हो जाएगा।
  2. कभी-कभी डर भी हमारे लिए फायदेमंद होता है।
  3. एक सैनिक स्वीकार करता है कि देश की सेवा उसके जीवन से अधिक मूल्यवान है। वह युद्ध के दौरान मौत से नहीं डरता। इस तरह डर के बारे में ज्यादा जानने से बचा जा सकता है।
  4. डर को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है।
  5. जब आप बड़े होते हैं, तो सभी डर अपने आप गायब हो जाते हैं।

उत्तर-

  1. सही,
  2. सही,
  3. सही,
  4. ग़लत,
  5. ग़लत।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

अभ्यास-II

प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1.
हमारे जीवन में एकाग्रता का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
एकाग्रता का अर्थ है पूरी तरह से केंद्रित होना। किसी भी काम को करने के लिए एकाग्रता बहुत आवश्यक है। हम एकाग्रता के बिना कुछ भी नहीं कर सकते हैं, भले ही वह अध्ययन करना हो, व्यवसाय करना हो, अनुसंधान कराना हो या कुछ भी करना हो। प्रत्येक काम को करने में एकाग्रता लगती है। चाहे हम एक काम करें या कई काम, हम एकाग्रता के बिना काम पूरा नहीं कर पाएंगे। इस तरह, हम कह सकते हैं कि हमारे जीवन में एकाग्रता का बहुत महत्त्व है।

प्रश्न 2.
आप अपनी एकाग्रता को बढ़ाने के लिए क्या करेंगे?
उत्तर-
हम एकाग्रता के बिना जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। इसलिए हमें अभ्यास करना चाहिए। हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें नहीं सोचना चाहिए दूसरे क्या कर रहे हैं। प्रत्येक कार्य में विशेषज्ञता केवल अभ्यास के माध्यम से प्राप्त होती है। इस तरह अभ्यास के माध्यम से एकाग्रता प्राप्त की जा सकती है।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

सही/ग़लत

1. एकाग्रता बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, सैर, गहरी नींद, ध्यान लगाना इत्यादि बहुत महत्त्वपूर्ण है।
2. एकाग्रता में वृद्धि नहीं की जा सकती।
उत्तर-
1. सही,
2. ग़लत।

पाठ पर आधारित प्रश्न

प्रश्न 1.
बच्चो कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर-
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें क्रोधित नहीं होना चाहिए। यदि क्रोध आ भी जाए तो उसको नियंत्रित करके भुला देना चाहिए और अपने दोस्तों से मिल-जुल कर रहना चाहिए।

प्रश्न 2.
क्या रॉबिन का छोटी सी बात पर क्रोधित होना जायज़ है?
उत्तर-
जी नहीं, उसका छोटी-छोटी बात पर क्रोधित होना जायज़ नहीं है बल्कि छोटी-छोटी बातों को महत्त्व ही नहीं देना चाहिए। इससे वैर बढ़ता है और प्यार कम होता है।

प्रश्न 3.
रॉबिन ने कहानी में किससे शिक्षा ली ?
उत्तर-
रॉबिन ने कहानी में कुत्तों से शिक्षा ली, जो पहले लड़ रहे थे परंतु बाद में रोटी खाने के बाद आपस में मिल-जुल कर खेलने लग पड़े।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

प्रश्न 4.
क्रोध पर नियंत्रित करना क्यों ज़रूरी है?
उत्तर-
क्रोध पर नियंत्रित करना इसलिए ज़रूरी होता है कि क्रोध से बहुत-से काम खराब हो जाते हैं, हम अपने मित्रों, रिश्तेदारों से दूर हो जाते हैं और सभी काम ग़लत कर देते हैं। यदि हम वही काम प्यार से करें तो वह सभी सही ढंग से हो जाएंगे और किसी भी बात का नुकसान नहीं होगा।

प्रश्न 5.
क्रोध या गिला-शिकवा करने पर आपके मन की स्थिति कैसी हो जाती है?
उत्तर-
क्रोध या गिला-शिकवा करने पर हमारे मन की स्थिति एक गले सड़े टमाटर सी हो जाती है जिसमें ईर्ष्या और द्वेष की बदबू आ रही होती है। इसका अर्थ यह है कि क्रोध से मन की स्थिति काफी खराब हो जाती है और व्यक्ति वह सब कुछ कर देता है जो उसे नहीं करना चाहिए। क्रोध करने पर किसी का लाभ नहीं होता बल्कि नुकसान होता है।

प्रश्न 6.
क्रोध की अवस्था में हम यह कभी भी नहीं सोचते कि क्रोध के बाद क्या होगा?
उत्तर-
यह सत्य है कि क्रोध की अवस्था में इस क्रोध के नतीजों की चिंता नहीं करते बल्कि क्रोध में ग़लत काम कर देते हैं जिसके परिणाम हमें बाद में झेलने पड़ते हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

प्रश्न 7.
क्या आप इस प्रश्न का हल कर सकते हो कि कमरे में 5 आदमी हैं। बाहर से एक आदमी अंदर आ जाता है और पांच में से चार को मार देता है, अब कमरे में कितने आदमी हैं?
उत्तर-
6 आदमी हैं क्योंकि 5 के 5 आदमी कमरे में ही हैं और एक नया आदमी अंदर आया है, मरे हुए आदमी भी कमरे में ही हैं।

प्रश्न 8.
अवकाश के बाद आपको लगता है कि आपके बैग में एक पुस्तक गायब थी, आप क्या करेंगे?
उत्तर-
सबसे पहले, मैं यहां और वहां खोजने की कोशिश करूँगा, अन्य छात्रों से पुस्तक के बारे में पूलूंगा और यदि कोई सुराग नहीं मिला, तो मैं अपने शिक्षकों को मामले की रिपोर्ट करने के लिए कहूंगा।

प्रश्न 9.
आप देरी से स्कूल पहुंचते हैं। आप कक्षा में कैसे प्रवेश करेंगे?
उत्तर-
यदि मैं स्कूल में देर से पहुँचता हूँ तो मैं शिक्षक को सही कारण बताऊँगा कि मैं देर से क्यों आया हूँ। शिक्षक मेरी बात ज़रूर सुनेंगे और मुझे कक्षा में बैठने देंगे।

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Welcome Life Guide for Class 10 PSEB समस्या का हल Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(क) बहुविकल्पी प्रश्न

प्रश्न 1.
…………. एक मन की स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति बेचैन महसूस करता है और शांति से दूर चला जाता है।
(a) गुस्सा
(b) खुशी
(c) ईर्ष्या
(d) द्वेष।
उत्तर-
(a) गुस्सा।

प्रश्न 2.
क्रोधित होने से हमेशा ……… होता है।
(a) लाभ
(b) नुकसान
(c) ईर्ष्या
(d) शांति।
उत्तर-
(b) नुकसान।

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प्रश्न 3.
रॉबिन ने किससे सीखा?
(a) दोस्तों से
(b) कुत्तों से
(c) पड़ोसी से
(d) माता-पिता से।
उत्तर-
(b) कुत्तों से।

प्रश्न 4.
नियंत्रण रखने के लिए क्या किया जा सकता है?
(a) सकारात्मक दृष्टिकोण
(b) अच्छी किताबें पढ़ो
(c) गहरे श्वास लेकर दस तक गिनें
(d) ये सभी।
उत्तर-
(d) ये सभी।

प्रश्न 5.
……… भविष्य में किसी भी नुकसान की कल्पना है।
(a) डर
(b) शांति
(c) क्रोध
(d) ईर्ष्या।
उत्तर-
(a) डर।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 8 समस्या का हल

प्रश्न 6.
कई बार ……. भी बहुत फायदेमंद होता है।
(a) क्रोध
(b) डर
(c) शांति
(d) ईर्ष्या।
उत्तर-
(b) डर।

प्रश्न 7.
………….. कौरवों और पांडवों के शिक्षक थे।
(a) द्रोणाचार्य
(b) कृपाचार्य
(c) भीष्म पितामह
(d) धृतराष्ट्र।
उत्तर-
(a) द्रोणाचार्य।

(ख) खाली स्थान भरें

  1. ………… को बढ़ाया जा सकता है।
  2. एकाग्रता बढ़ाने के लिए ……………. लगाना बहुत ज़रूरी है।
  3. …………….. का अर्थ है पूरी तरह से किसी भी चीज़ के बारे में सोचना।
  4. …………….. हमें भविष्य के खतरे से सुचेत करता है।
  5. हमारे पास ………………. सोच होनी चाहिए।

उत्तर-

  1. एकाग्रता,
  2. ध्यान,
  3. एकाग्रता,
  4. डर,
  5. सकारात्मक।

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(ग) सही/ग़लत चुनें

  1. डर भविष्य में किसी भी नुकसान की कल्पना है।
  2. क्रोध पर नियंत्रण रखने के लिए हमें अच्छी पुस्तकों को पढ़ना चाहिए।
  3. वैसे भी एकाग्रता में वृद्धि नहीं की जा सकती।
  4. क्रोध मन की शांति को नष्ट करता है।
  5. क्रोध के लाभ हैं।

उत्तर-

  1. सही,
  2. सही,
  3. ग़लत,
  4. सही,
  5. ग़लत।

(घ) कॉलम से मेल करें

कॉलम 1 — कॉलम 2
(a) क्रोध — (i) ठीक से समझना
(b) गिला-शिकवा — (ii) मन की स्थिति
(c) ध्यान टिकाना — (iii) अच्छी किताबें पढ़ना
(d) एकाग्रता — (iv) शिकायत
(e) सकारात्मक सोच — (v) ध्यान देना।
उत्तर-
कॉलम 1 — कॉलम 2
(a) क्रोध — (ii) मन की स्थिति
(b) गिला-शिकवा — (iv) शिकायत
(c) ध्यान टिकाना — (i) ठीक से समझना
(d) एकाग्रता — (v) ध्यान देना
(e) सकारात्मक सोच — (iii) अच्छी किताबें पढ़ना

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्रोध क्या है?
उत्तर-
क्रोध एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति बहुत घबरा जाता है और शांति से बहुत दूर चला जाता है।

प्रश्न 2.
क्रोधित होने से क्या हानि है?
उत्तर-
इस मामले में, वह ऐसा कर जाता है जिसका नुकसान उसे लंबे समय तक झेलना पड़ता है।

प्रश्न 3.
हम कब क्रोधित होते हैं?
उत्तर-
क्रोध उस समय आता है जब हम जो चाहते हैं वह हमें नहीं मिलता या हमारे अनुसार नहीं होता।

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प्रश्न 4.
रॉबिन में क्या समस्या थी?
उत्तर-
वह छोटे सी बात पर ही गुस्सा हो जाते थे।

प्रश्न 5.
रॉबिन ने कुत्तों से क्या सीखा?
उत्तर-
रॉबिन सीखते हैं कि हमें क्रोधित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय, हमें एक-दूसरे के साथ रहना चाहिए।

प्रश्न 6.
किसी प्रति बुरी सोच का क्या नुकसान है?
उत्तर-
किसी का बुरा सोचना भी हमारे दिमाग को गंदा कर देगा जो केवल हमें नुकसान पहुंचाएगा।

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प्रश्न 7.
गुस्से पर नियंत्रण रखने का एक तरीका बताएं।
उत्तर-
अच्छी किताबें पढ़ें और सकारात्मक सोच रखें।

प्रश्न 8.
जब हम गुस्से को नियंत्रित करने के लिए तरीके लाग करते हैं तो क्या होता है?
उत्तर-
यह एक व्यक्ति में मानसिक और व्यावहारिक में परिवर्तन लाता है।

प्रश्न 9.
सहनशीलता और विनम्रता जैसे गुणों को अपनाने से क्या होता है?
उत्तर-
यह एक व्यक्ति में मानसिक विकार को दूर करते हैं और उसके व्यक्तित्व को विकसित करते हैं।

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प्रश्न 10.
डर क्या है?
उत्तर-
डर भविष्य में किसी भी नुकसान की कल्पना है।

प्रश्न 11.
यदि हमें किसी बात पर गुस्सा आता है तो हमें क्या करना चाहिए?
उत्तर-
हमें खुद को उस बात या घटना से दूर कर लेना चाहिए।

प्रश्न 12.
हम डर को कैसे दूर कर सकते हैं?
उत्तर-
इसका कारण समझकर हम डर पर काबू पा सकते हैं।

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प्रश्न 13.
एकाग्रता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
एकाग्रता हमारी मन की स्थिर स्थिति है जब हमारी सभी शक्तियाँ ध्यान की स्थिति में होती हैं।

प्रश्न 14.
एकाग्रता का क्या लाभ है?
उत्तर-
एकाग्रता से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 15.
एकाग्रता की कमी से क्या हानि होती है?
उत्तर-
व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकता और असफल रहता है।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्रोध की स्थिति पर चर्चा करें।
उत्तर-
क्रोध एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति बहुत घबराहट और बेचैनी महसूस करता है और शांति से बहुत दूर चला जाता है। इस मामले में वह ऐसा नुकसान झेलता है जो उसे लंबे समय तक झेलना पड़ता है।
वास्तव क्रोध उस समय आता है जब हमें वह नहीं मिलता जो हम चाहते हैं। ऐसी स्थिति में हम अपना आपा खो देते हैं और गलत काम करते हैं।

प्रश्न 2.
क्रोध को काबू में रखने के कुछ तरीके बताएं।
उत्तर-

  1. किसी भी चीज़ पर हमेशा एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखें।
  2. हमें अच्छी किताबें पढ़नी चाहिए।
  3. एक बढ़िया शौक रखें और उस शौक में समय व्यतीत करें।
  4. जब आप क्रोधित होते हैं, तो गहरी सांस लें और एक से दस तक गिनें।
  5. जब आप क्रोधित होते हैं, तो धीरे-धीरे पानी पीएं।

प्रश्न 3.
क्रोध को नियंत्रित करने के बारे में पता चलने पर किसी व्यक्ति में क्या बदलाव आते हैं?
उत्तर-
जब किसी को क्रोध पर नियंत्रण रखने के बारे में पता चलता है, तो वह अपने मानसिक और व्यावहारिक संबंधी पहलुओं में कई बदलाव महसूस करता है। यदि हम विनम्रता और सहनशीलता जैसे गुणों को अपनाते हैं, तो हम अपनी बहुत-सी कमियों को दूर कर सकते हैं और अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं। इसके साथ, हम एक ऐसा समाज बना सकते हैं, जो ज़िम्मेदार नागरिकों से भरा हो, जो खुशी से रह सकें और अपने जीवन का आनंद लें।

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प्रश्न 4.
डर पर एक छोटा सा नोट लिखें।
उत्तर-
प्रत्येक व्यक्ति को किसी-न-किसी भी चीज़ से डर लगता है। डर और कुछ नहीं, भविष्य में नुकसान होने की कल्पना है और यह कल्पना हर किसी के दिमाग में रहती है। लेकिन हमें इस डर को दूर करना होगा। कई बार इस डर से कई फायदे भी होते हैं। डर हमें भविष्य में आने वाले खतरे के बारे में जागरूक करता है। लेकिन हमें डर को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। डर को आसानी से खत्म किया जा सकता है अगर हम डर के कारण को ध्यान से समझें।

प्रश्न 5.
हमें अपनी समस्याओं का समाधान कैसे खोजना चाहिए?
उत्तर-

  1. सबसे पहले हमें अपनी समस्या के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए।
  2. तब हमें पूरे ध्यान, आत्मविश्वास और धैर्य के साथ उस समस्या का हल खोजने का प्रयास करना चाहिए।
  3. कभी-कभी किसी समस्या के कई समाधान पाए जाते हैं। इसलिए हमें सभी उपलब्ध समाधानों में से सबसे अच्छा समाधान चुनने की आवश्यकता है।
  4. समाधान खोजने के दौरान, हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि समाधान हमारी आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुसार होना चाहिए।

प्रश्न 6.
एकाग्रता की शक्ति को एक उदाहरण से समझाइए।
उत्तर-
एकाग्रता का अर्थ एक चीज़ पर मन की सभी शक्तियों का ध्यान केंद्रित करना है। हमारे पास महाभारत में एकाग्रता की शक्ति का एक बड़ा उदाहरण है जब शिक्षक द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों की धनुर्विद्या की परीक्षा ली थी। उन्होंने एक हीरे की आँख के साथ एक पक्षी को दूर रखा और उन सभी से पूछा कि वे क्या देख रहे हैं। तब केवल अर्जुन ने उत्तर दिया कि वह केवल पक्षी की आँख देख रहा है। यह हमें अर्जुन की एकाग्रता की शक्ति के बारे में स्पष्ट रूप से बताता है और इसीलिए वह महान धनुर्धर बन जाता है।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न-क्रोध पर काब करने के लिए मौलवी जी की कहानी पर चर्चा करें, जोकि अध्याय में दी गई है।
उत्तर-
पुराने समय में, बच्चे शिक्षा लेने के लिए मौलवी जी के पास जाते थे। मौलवी जी ने अपने छात्रों से पछा कि वे किसी से नाराज़ हैं या नहीं। कई छात्रों ने उसके सवाल का सकारात्मक जवाब दिया। तब मौलवी जी ने उन्हें अपने घर से एक टमाटर लाने को कहा। अगले दिन, जब छात्र टमाटर लेकर आए तो मौलवी जी ने उनको कहा कि जिस विद्यार्थी के लिए उनके दिल में गुस्सा है, उसका नाम कागज़ पर लिखकर और टमाटर पर लपेटकर अपने बैग में डालें। बहुत दिनों के बाद मौलवी जी ने अपने छात्रों को अपने बैग से टमाटर निकालने को कहा। जब टमाटर को बाहर लाया गया, तो वे पूरी तरह से सड़े हुए थे और बदबू आ रही थी। तब मौलवी जी ने अपने छात्रों से पूछा कि क्रोध हमें सड़े हुए टमाटर की तरह बनाता है जो बदबू देगा। हमारा मन भी सड़े हुए टमाटर जैसा हो जाएगा। इससे कोई फायदा नहीं है बल्कि इससे हमें नुकसान होता है। इस तरह बच्चों को एहसास हुआ कि मौलवी जी क्या कहना चाहते हैं और उन्होंने एक-दूसरे पर गुस्सा करना बंद कर दिया।

समस्या का हल PSEB 10th Class Welcome Life Notes

  • क्रोधित होना बहुत बुरी बात है। क्रोध एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति बहुत घबरा जाता है और शांति से बहुत दूर चला जाता है। इस स्थिति में वह ऐसा नुकसान झेलता है जो उसे लंबे समय तक झेलना
    पड़ता है।
  • हमें क्रोध उस समय आता है जब हमें वह वस्तु नहीं मिलती जो हम चाहते हैं। ऐसी स्थिति में हम अपना आपा खो देते हैं और गलत काम करते हैं।
  • क्रोध को कई तरह से नियंत्रित किया जा सकता है जैसे सकारात्मक सोच, अच्छी किताबें पढ़ना, सांस लेना इत्यादि।
    हम कुछ छोटे-छोटे उपाय करके अपनी मानसिक स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • यदि हम अपने मौजूद अवगुणों को दूर करें तो हम अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं। इस तरह, एक समाज का गठन किया जाएगा, जिसमें सद्गुणों से भरे लोग होंगे।
  • डर भी हमारे व्यक्तित्व का एक हिस्सा है। प्रत्येक व्यक्ति किसी-न-किसी चीज़ से डरता है। उदाहरण के लिए एक छात्र जो कक्षा में प्रथम आता है वह डरता है कि कोई दूसरा व्यक्ति पहले आ सकता है। इसलिए वह कई प्रयास करता है लेकिन उसका डर वैसा ही रहता है।
  • कई बार डर हमारे लिए फलदायी भी साबित होता है। हम उस डर के बारे में जानते हैं और कोई ऐसा काम नहीं करते कि डर हमारे ऊपर हावी हो जाए।
  • आपके अंदर छिपे डर को आसानी से हल किया जा सकता है। इसलिए समस्या को अच्छी तरह से समझना ज़रूरी है, इसके बारे में शांति से सोचें और जो भी सबसे अच्छा समाधान है उसे गले लगा लें।
  • एकाग्रता का अर्थ है पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करना। जब हमारी मनःस्थिति एक स्थान पर रहती है, तो हम कह सकते हैं कि एकाग्रता की स्थिति आ गई है।

PSEB 10th Class Home Science Book Solutions Guide in Punjabi English Medium

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PSEB 10th Class Home Science Guide | Home Science Guide for Class 10 PSEB

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PSEB 10th Class Home Science Book Solutions in Hindi Medium

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लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

Punjab State Board PSEB 10th Class Physical Education Book Solutions लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules.

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

याद रखने योग्य बातें

  1. टैनिस कोर्ट की लम्बाई = 78 फुट या (23.77 मी०)
  2. कोर्ट की चौड़ाई = 27 फुट या (8.23 मी०)
  3. जाल की ऊँचाई = 3 फुट या ( 0.91 मी०)
  4. जाल में तार का व्यास = 3′ (0.8 सैं०मी०)
  5. स्तम्भों की ऊंचाई = 3′ 6″ (1.07 मी०)
  6. स्तम्भों का व्यास = 6″ (15 सैं०मी०)
  7. स्तम्भों की केन्द्र से दूरी = 3 फुट (0.91 मी०)
  8. सर्विस रेखाओं की दूरी = 21 फुट (6.4 सैं०मी०)
  9. रेखाओं की चौड़ाई। = 2 फुट 5 सैं०मी०
  10. गेंद का व्यास = \(2 \frac{1}{2}\)” (6.35-6.67 सैं०मी०)
  11. गेंद का भार = 2 से \(2 \frac{1}{2}\) औंस
  12. पुरुषों के सैटों की गिनती = 5
  13. स्त्रियों के सैटों की गिनती = 3
  14. गेंद का रंग = सफेद
  15. डबल्ज़ खेल में कोर्ट की चौड़ाई = 36 फुट (10.97 मी०)

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
लॉन टेनिस का इतिहास और नियम लिखें।
उत्तर-
लॉन टेनिस का इतिहास
(History of Lawn Tennis)
लॉन-टैनिस संसार का एक प्रसिद्ध खेल बन चुका है। इसका टूर्नामैंट करवाने के लिए बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है। लॉन-टैनिस की उत्पत्ति के बारे में यह कहा जा सकता है कि लॉन-टैनिस 12वीं शताब्दी में फ्रांस में पहली बार घास के मैदान में खेला गया। पहले पहल खिलाड़ी हाथ द्वारा यह खेल खेला करते थे। शुरू में यह खेल कुछ साधनों द्वारा खेला जाता था पर बाद में यह खेल हाई जैनटरी की पसंद बन गया। उसके बाद लॉन-टैनिस मध्यम वर्ग के लोगों की पसंद बन गया। असल में इस खेल के विकास का श्रेय मेजर डब्लयू सी० विंगलीफड को जाता है। उसने 19वीं शताब्दी में इस खेल को इंग्लैंड में शुरू किया और स्पेन के लिमिंगटन में 1872 में पहले लॉन-टैनिस कलब बनाया गया। पहले विबलडन चैम्पियनशिप 1877 में पुरुषों के लिए करवाया गया। 1884 में विबलडन चैम्पियनशिप महिलाओं के लिए करवाया गया। ओलिम्पिक खेलों में लॉन टेनिस 1924 तक ओलिम्पिक का भाग बना रहा और दोबारा 1988 सियोल ओलिम्पिक में शामिल किया गया। अब यह खेल भारत के साथ-साथ बहुत देशों में खेला जाता है।

लॉन टेनिस के नये नियम
(New Rules of Lawn Tennis)

  1. टैनिस कोर्ट की लम्बाई 78 फुट, 23.77 मीटर चौड़ाई 27 फुट, 8.23 मीटर होती है।
  2. जाल की ऊंचाई 3 फुट 0.91 मीटर और उसमें धागे या धातु की तार का अधिक-सेअधिक व्यास 1/3 इंच या 0.8 सैं० मी० चाहिए।
  3. स्तम्भों का व्यास 6 इंच या 15 सैं० मी० ओर प्रत्येक ओर कोर्ट के बाहर खम्भे से केन्द्र की दूरी 3 फुट या 0.91 मीटर होती है।
  4. टैनिस गेंद का व्यास 2 – इंच या 6.34 सैं० मी० और इसका भार 2 औंस या 56.7 ग्राम, जब गेंद को 100 इंच या 20.54 मीटर की ऊंचाई से फेंका जाए तो उसका उछाल 53 इंच या 1.35 मीटर होगा।
  5. टेनिस खेल में अधिक-से-अधिक सैटों की संख्या पुरुषों के लिए 5 और स्त्रियों के लिए 3 होती है।

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
लान टेनिस कोर्ट के बारे संक्षिप्त हाल लिखें।
उत्तर-
लॉन टेनिस का कोर्ट
(Court of Lawn Tennis)
कोर्ट आयताकार होगा। यह 78 फुट (23.77 मी०) लम्बा तथा 27 फुट (8.23 मी०) चौड़ा होना चाहिए। ये मध्य में रस्सी या धातु की तार के साथ लटके जाल द्वारा बंटा होना चाहिए। इस रस्सी या तार का व्यास 1/3 इंच (0.8 सैंटीमीटर) होना चाहिए जिसके दो बराबर रंगे हुए खम्भों के ऊपरी सिरों से गुज़रने चाहिएं। ये खम्भे 3 फुट 6 इंच (1.07 मी०) ऊंचे होने चाहिएं तथा 6 इंच (15 सैं०मी०) के चौरस या 6 इंच (15 सैं० मी०) व्यास के होने चाहिएं। इनका मध्य कोर्ट के दोनों ओर 3 फुट (0.914 मी०) बाहर की ओर होना चाहिए। जाल पूरी तरह तना होना चाहिए ताकि यह दोनों खम्भों के मध्यवर्ती स्थान को ढक ले तथा इसके छिद्र इतने बारीक होने चाहिएं कि उनमें से गेंद न निकल सके। जाल की ऊंचाई मध्य में 3 फुट (0.914 मी०) होगी तथा यह एक स्ट्रैप से नीचे कस कर बंधा होगा जो सफ़ेद रंग का तथा 2 इंच (5 सैंटीमीटर) से अधिक चौड़ा नहीं होगा। धातु की तार तथा जाल के ऊपरी सिरे को एक बैंड ढक कर रखेगा जोकि प्रत्येक ओर 2 इंच (5 सेंटीमीटर) से कम तथा \(2 \frac{1}{2}\) इंच (6.34 सैंटीमीटर) से अधिक
लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 1
गहरा नहीं होगा। यह सफ़ेद रंग का होना चाहिए। जाल, स्ट्रैप, बैंड या सिंगल्ज़ स्ट्रिक्स पर कोई विज्ञापन नहीं होना चाहिए। कोर्ट के लिए तथा साइडों को घेरने वाली रेखाएं बेस लाइनें तथा साइड लाइनें कहलाती हैं। जाल की प्रत्येक ओर 0.21 फुट (6.00 सैं० मी०) की दूरी पर तथा इसके समानान्तर सर्विस लाइनें खींची जाएंगी। जाल की प्रत्येक ओर सर्विस लाइन तथा साइड लाइन मध्यवर्ती स्थान को दो भागों में बांटेगी जिसे सर्विस कोर्ट कहते हैं। यह लाइन 2 इंच (5 सैं० मी०) चौड़ी होगी तथा साइड लाइन के मध्य में तथा उसके समानान्तर होगी।

प्रत्येक बेस लाइन सर्विस लाइन द्वारा काटी जाएगी जो 4 इंच (10 सैं० मी०) लम्बी और 2 इंच (5 सैं० मी०) चौड़ी होगी, इसको सैंटर मार्क कहा जाता है। यह मार्क कोर्ट के बीच बेस लाइनों के समकरण तथा इसके साथ लगा होता है। अन्य सभी लाइनों बेस लाइनों को छोड़ कर 1 इंच (2.5 सैं०मी०) से कम तथा 2 इंच (4 सैं० मी०) से अधिक चौड़ी नहीं होनी चाहिएं। बेस लाइन 4 इंच (10 सैं० मी०)चौड़ी हो सकती है तथा सभी पैमाइशें लाइनों के बाहर से की जानी चाहिएं।
कोर्ट की स्थायी चीज़ों में न केवल जाल, खम्भे, सिंगल स्ट्रिक्स, धागा या धातु की तार, स्ट्रैप तथा बैंड सम्मिलित होंगे, अपितु बैंड तथा साइड स्ट्रैप, स्थायी तथा हिला सकने वाली सीटें, इर्द-गिर्द की कुर्सियां भी सम्मिलित होंगी। अन्य सभी कोर्ट, अम्पायर, इसकी जजों, लाइनमैनों तथा बाल ब्वाइज़ के गिर्द लगी चीजें अपनी ठीक सतह पर होंगी।

प्रश्न
लान टेनिस गेंद के बारे में लिखें।
उत्तर-
लान टेनिस का गेंद (The Lawn Tennis Ball)-गेंद की बाहरी सतह समतल होनी चाहिए तथा या सफ़ेद या पीले रंग का होगा। यदि कोई सीनें हो तो टांके के बिना होनी चाहिएं। गेंद का व्यास 2/2 इंच (5.35 सैं० मी०) से अधिक तथा 25/8 इंच (6.67 सैंटीमीटर) से कम नहीं होना चाहिए। इसका भार 2 औंस (56.7 ग्राम) से अधिक तथा 21/2 औंस (500 ग्राम) से कम होना चाहिए। जब गेंद को एक कंकरीट बेस पर 100 इंच
लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 2
(254 सैं० मी०) ऊंचे से फेंका जाए तो उसकी उछाल 53 इंच (175 सैं मी०) से अधिक तथा 58 इंच (147 सैं० मी०) से कम होनी चाहिए। गेंद का 18 पौंड भार से आगे की विकार 220 इंच (.55 सैं०मी०) से अधिक तथा 290 इंच (.75 सैं०मी०) से कम होना चाहिए तथा वापसी विकार के अंग गेंद के लिए तीन अक्षों के तीन निजी पाठनों की औसत होगी तथा कोई भी दो निजी पाठनों में 0.30 इंच (0.80 सैंमी०) से अधिक अन्तर नहीं होगा।

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
लान टैनिस कैसे शुरू होती है ?
उत्तर-
खिलाड़ी (Player)-खिलाड़ी जाल की विरोधी साइडों पर खड़ें होंगे। वह खिलाड़ी जो पहले गेंद देता है और सर्वर (Server) कहा जाएगा तथा दूसरे को रिसीवर (Receiver) । साइडों का चुनाव तथा सर्वर या रिसीवर बनने के चुनाव का फैसला टॉस (Toss) से किया जाता है। टॉस जीतने वाला खिलाड़ी साइड का चुनाव करता है या अपने विरोधी को ऐसा करने के लिए कह सकता है। यदि एक खिलाड़ी साइड चुनता है तो दूसरा खिलाड़ी सर्वर या रिसीवर बनने का अधिकार चुनता है।

सर्विस (Service)-सर्विस निम्नलिखित ढंग से की जाएगी। सर्विस आरम्भ करने से पहले सर्वर दोनों पांव पीछे की ओर टिका कर खड़ा होगा, (बेस लाइन से जाल से दूर)। यह स्थान सैंटर मार्क तथा सैंटर लाइन की कल्पित सीध में होगा। फिर सर्वर हाथ से गेंद को वायु में किसी भी दिशा में उछालेगा। इसके ज़मीन पर गिरने से पहले रैकेट से मारेगा तथा गेंद या रैकेट से डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। खिलाड़ी अपने एक बाजू से रैकेट को बचाव के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
सर्वर सर्विस होने, डिलीवरी होने तक—

  1. चल कर या दौड़ कर अपनी पोजीशन नहीं बदलेगा।
  2. अपने पांव से कोई क्षेत्र नहीं स्पर्श करेगा सिवाए उस क्षेत्र के जो बेस लाइन के पीछे सैंटर मार्क तथा साइड लाइन की कल्पित वृद्धि की सीध में हो।
  3. सर्विस देने के बाद सर्वर बारी-बारी दायें तथा बायें कीर्डों में खड़ा होगा तथा शुरू वह दाईं ओर से करेगा। यदि कोर्ट के गलत अर्द्ध में से सर्विस होती है तथा इसका पता नहीं चलता तो इस गलत सर्विस या सर्विस से हुई कमी के कारण खेल कायम रहेगी परन्तु पता चलने पर स्थिति की गलती को ठीक करना होगा।
  4. सर्विस किया गया गेंद जाल को पार करके सर्विस कोर्ट में रिसीवर के रिटर्न करने से पहले भूमि के साथ टकराना चाहिए जोकि नगनल रूप में सामने होता है या कोर्ट की किसी अन्य लाइन के साथ टकराये।

प्रश्न
लान टेनिस के कोई पांच नियम लिखें।
उत्तर-
साधारण नियम
(General Rules)

  1. सर्वर तब तक सर्विस नहीं करेगा जब तक कि रिसीवर तैयार न हो। यदि रिसीवर सर्विस रिटर्न करने की कोशिश करता है तो तैयार समझा जाएगा।
  2. सर्विस लेट होती है—
    • यदि सर्विस किया गया गेंद, जाल, स्ट्रैप या बैंड को स्पर्श करता है तथा उस प्रकार ही ठीक या जाल, स्ट्रैप या बैंड को स्पर्श करके रिसीवर को या जो वस्तु उसने पहनी या उठाई हुई है स्पर्श करता है।
    • यदि एक सर्विस या फाल्ट डिलीवर हो जबकि रिसीवर तैयार न हो।
  3. पहली गेम के बाद रिसीवर सर्वर तथा सर्वर रिसीवर बनेगा। मैच की बाकी गेमों से इस प्रकार बदल-बदल कर होगा।
  4. सर्वर प्वाइंट जीत लेता है-यदि सर्विस क्रिया गेम नियम 2 के अनुसार लेट नहीं तथा यह ज़मीन को लगने से पहले रिसीवर को या उस द्वारा पहनी या उठाई हुई किसी चीज़ को स्पर्श कर ले।
  5. यदि खिलाड़ी जान-बूझकर या अनिच्छापूर्वक कोई ऐसा काम करता है जो अम्पायर की नज़र में उसके विरोधी खिलाड़ी को शॉट लगाने में रुकावट पहुंचाता है तो अम्पायर पहली दशा में विरोधी खिलाड़ी को एक प्वाइंट दे देगा तथा इसकी दशा में उस प्वाइंट को पुनः खेलने के लिए कहेगा।
  6. यदि खेल में गेंद किसी स्थायी कोर्ट फिटिंग (जाल, खम्भे, सिगनल्ज़, धागे या धातु की तार, स्ट्रैप या बैंड) को छोड़ कर ज़मीन से स्पर्श करती है तथा खिलाड़ी जिसने प्रहार किया होता है, प्वाइंट जीत लेता है। यदि यह पहले ज़मीन को स्पर्श करती है तो विरोधी प्वाइंट जीत लेता है।
  7. यदि एक खिलाड़ी अपना पहला प्वाइंट जीत लेता है तो उस खिलाड़ी के दूसरे प्वाइंट जीतने पर स्कोर 15 होगा तीसरा प्वाइंट जीतने पर स्कोर 30 होगा तथा चौथा प्वाइंट जीतने पर उसका स्कोर 40 होगा। चौथा प्वाइंट प्राप्त करने पर गेम स्कोर हो जाती है।।
    • यदि दोनों खिलाड़ी अगला प्वाइंट जीत लें तो स्कोर ड्यूस (Deuce) कहलाता है तथा अगला प्वाइंट खिलाड़ी द्वारा स्कोर करने से उस खिलाड़ी के लिए लाभ स्कोर कहलाता है।
    • यदि वह खिलाड़ी अगला प्वाइंट जीत ले तो गेम जीत लेता है। यदि अगला प्वाइंट विरोधी जीते तो स्कोर फिर ड्यूस कहलाता है तथा आगे इस तरह जब तक खिलाड़ी ड्यूस स्कोर होने के बाद दो प्वाइंट नहीं जीत लेता।
  8. प्रत्येक खिलाड़ी जो पहली छः गेम जीत लेता है वह ठीक सैट जीत लेता है, सिवाए इसके कि वह अपने विरोधी से दो गेमें अधिक जीता है। जब तक यह सीमा प्राप्त नहीं होती, सैट की अवधि बढ़ा दी जाएगी।
  9. खिलाड़ी प्रत्येक सैट की बदलती गेम तथा पहली और तीसरी गेमों के बाद सिरे बदल लेंगे। वे प्रत्येक सैट के अन्त में भी सिरे बदलेंगे। बशर्ते सैट में गेमों की संख्या सम नहीं होती। उस दशा में अगले सैट की पहली गेम के अन्तर में फिर सिरे बदले जाएंगे।
  10. एक मैच में सैटों की अधिक-से-अधिक संख्या पुरुषों के 5 तथा स्त्रियों के लिए 3 होती है।
  11. यदि खेल स्थगित कर दी जाए तथा दूसरे किसी दिन शुरू न होनी हो तो तीसरे सैट के पश्चात् (जब स्त्रियां भाग लेती हों तो दूसरे सैट के बाद) विश्राम किया जा सकता है। यदि खेल किसी अन्य दिन के लिए स्थगित कर दी गई हो तो अधूरा सैट पूरा करना एक सैट गिना जाएगा। इन व्यवस्थाओं की पूरी व्याख्या की जानी चाहिए तथा खेल को कभी भी स्थगित, लेट या रुकावट युक्त नहीं होने देना चाहिए जिससे एक खिलाड़ी को अपनी शक्ति पूरा करने का अवसर मिले।
  12. अम्पायर ऐसे स्थगनों या अन्य विघ्नों का एकमात्र जज होगा तथा दोषी को चेतावनी देकर उसे अयोग्य घोषित कर सकता है।
  13. सिरे बदलने के लिए पहली गेम समाप्त होने के पश्चात् उस समय तक अधिकसे-अधिक 1 मिनट का समय लगना चाहिए जबकि खिलाड़ी अगली गेम खेलने के लिए तैयार हो जाएं।

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
लान टेनिस के कौशल लिखें।
उत्तर-
लान टेनिस के मुख्य कौशल
(Basic Fundamentals of Lawn Tennis)

  1. रैकट को पकड़ना (Grip of the Racket)
  2. स्टांस (Stance)
  3. फुट वर्क (Foot work)
  4. फुट वर्क ऑन गार्ड स्टांस (Foot work on guard stance)
  5. पिवट (Pivot)
  6. फोरहँड रिटर्न तथा फुट वर्क (Work for Forehead Return)
  7. बैक कोर्ट रिटर्न तथा फुटवर्क (Foot work for a Back court Returm)
  8. सर्विस (Service)
  9. स्ट्रोक (Stroke)
    • फोरहैड स्ट्रोक (Forehead Strokes),
    • बैक हैड स्ट्रोक (Back Head Strokes),
    • ओवर हैड स्ट्रोक (Overhead Stroke),
    • नैट स्ट्रोक (Net Stroke)।

स्कोर (Scoring) – यदि एक खिलाड़ी प्वाइंट ले लेता है तो उसका स्कोर 15 हो जाता है। दूसरा प्वाइंट जीतने से 30 और तीसरा जीतने से 40 हो जाता है इस प्रकार जिस खिलाड़ी ने 40 स्कोर कर लिया हो वह अपने सैट की गेम जीत लेता है।

लान टेनिस (Lawn Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
लान टेनिस में डबल गेम में कोर्ट का साइज लिखें।
उत्तर-
डबल्ज़ खेल
(Doubles Game)
कोर्ट (The Court)-डबल्ज़ गेम के लिए कोर्ट 36 फुट (10.97 मी०) चौड़ा होना चाहिए अर्थात् सिंगल्ज़ गेम से हर ओर \(4 \frac{1}{2}\) फुट (1.49 मी०) अधिक चौड़ा होना चाहिए। जो भाग सिंगल्ज़ लाइनों तथा दो सर्विस लाइनों के मध्य में होते हैं उन्हें साइड लाइन कहते हैं। दूसरी बातों में यह कोर्ट सिंगल्ज गेम के कोर्ट के साथ मिलता है। परन्तु यदि चाहो तथा सिंगल्ज़ साइड लाइनों के बेस तथा सर्विस लाइनों के भागों को छोड़ा जा सकता है।
साधारण नियम
(General Rules)

  1. प्रत्येक सैट के शुरू होने पर सर्विस के क्रम का फैसला निम्नलिखित अनुसार किया जाता है
    • जिस जोड़े ने पहले सैट में सर्विस करनी होती है वह फैसला करता है कि कौन-सा पार्टनर सर्विस करेगा तथा दूसरे सैट में विरोधी जोड़ा इस बात के लिए फैसला करेगा।
    • उस खिलाड़ी का पार्टनर जिसने दूसरे गेम में सर्विस की है वह तीसरी गेम में सर्विस करेगा। खिलाड़ी का पार्टनर जिसने दूसरी गेम में सर्विस की है वह चौथी गेम में सर्विस करेगा तथा इस प्रकार सैट के शेष अंकों में होगा।
  2. रिटर्न सर्विस प्राप्त करने का क्रम प्रत्येक सैट के शुरू में निम्नलिखित के अनुसार निश्चित होगा
    • जिस जोड़े ने पहले गेम में सर्विस प्राप्त करनी होती है वह इस बात का निश्चय करेगा कि कौन-सा पार्टनर सर्विस प्राप्त करे तथा वह पार्टनर सारे सैट में प्रत्येक विषय गेम में सर्विस प्रगत करेगा।
    • इसी प्रकार विरोधी जोड़ा यह निश्चय करेगा कि दूसरी गेम में कौन-सा पार्टनर सर्विस प्राप्त करेगा तथा वह पार्टनर उस सैट की प्रत्येक सम गेम में सर्विस प्राप्त करेगा। पार्टनर बारी-बारी हर गेम में सर्विस प्राप्त करेगा।
  3. यदि कोई पार्टनर अपनी बारी के बिना सर्विस वह पार्टनर जिसे सर्विस करनी चाहिए थी स्वयं सर्विस करेगा जबकि गलती का पता लग जाए। परन्तु इसका पता लगाने से पहले स्कोर किए गए सारे प्वाइंट तथा शेष गिने जाएंगे। यदि ऐसा पता लगने से पहले गेम समाप्त हो जाए तो सर्विस का क्रम बदलता रहता है।
  4. यदि गेम के दौरान सर्विस करने का क्रम रिसीवर द्वारा बदला जाता है, यह उस गेम की समाप्ति तक ऐसा रहता है जिस में इसका पता चलता है परन्तु पार्टनर सैट की अगली गेम में अपने वास्तविक क्रम को दोबारा शुरू करेंगे जिससे वह सर्विस के रिसीवर है।
  5. गेंद बारी-बारी विरोधी जोड़े के एक या दूसरे खिलाड़ी द्वारा खेला जाना चाहिए। यदि खिलाड़ी खेल में गेंद को अपने रैकट के साथ ऊपर दिए गए नियम के विरुद्ध स्पर्श करता है तो उसका विरोधी प्वाईंट जीत लेता है।

लान टैनिस खेल के अर्जुन अवार्ड विजेता
(Arjuna Awardee)

  1. आनन्द अमृतराज,
  2. विजय अमृतराज,
  3. राम नाथन कृष्णन,
  4. रमेश कृष्णन,
  5. लैंडर पेस,
  6. जैदीप,
  7. नरेश कुमार,
  8. महेश भूपति।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 3 आषाढ़ी की फ़सलें

Punjab State Board PSEB 10th Class Agriculture Book Solutions Chapter 3 आषाढ़ी की फ़सलें Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Agriculture Chapter 3 आषाढ़ी की फ़सलें

PSEB 10th Class Agriculture Guide आषाढ़ी की फ़सलें Textbook Questions and Answers

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के एक – दो शब्दों में उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
आषाढ़ी की तेल बीज फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर-
राईया, अलसी।

प्रश्न 2.
गेहूँ की दो उन्नत किस्मों के नाम लिखिए।
उत्तर-
एच०डी०-2967, डी०बी०डब्ल्यू०-17.

प्रश्न 3.
राईया की एक एकड़ फसल के लिए कितना बीज चाहिए?
उत्तर-
1.5 कि०ग्रा० बीज़ प्रति एकड़।

प्रश्न 4.
चनों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों के नाम लिखिए।
उत्तर-
दीमक, चने की संडी।

प्रश्न 5.
गेहूँ की दो बीमारियों के नाम लिखिए।
उत्तर-
करनाल बंट, कांगियारी।

प्रश्न 6.
गेहूँ के दो खरपतवारों के नाम लिखिए।
उत्तर-
गुल्ली-डण्डा, सेंजी, मैना, मैनी।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 3 आषाढ़ी की फ़सलें

प्रश्न 7.
किस फसल को चारों का बादशाह कहा जाता है ?
उत्तर-
बरसीम को।

प्रश्न 8.
मसूर की बुआई का समय लिखें।
उत्तर-
अक्तूबर का दूसरा पखवाड़ा।

प्रश्न 9.
जौं की दो उन्नत किस्मों के नाम लिखिए।
उत्तर-
पी० एल-807, पी० एल०-426.

प्रश्न 10.
सूर्यमुखी के बीजों में कितना (प्रतिशत) तेल होता है ?
उत्तर-
40-43%.

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के एक – दो वाक्यों में उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
गेहूँ को प्रति एकड़ मुख्य खाद्य तत्व की कितनी आवश्यकता है ?
उत्तर-
50 कि०ग्रा० नाइट्रोजन, 25 कि०ग्रा० फॉस्फोरस तथा 12 कि०ग्रा० पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2.
गेहूँ पर आधारित दो फसली चक्रों के नाम लिखिए।
उत्तर-
चावल-गेहूँ, कपास-गेहूँ।

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प्रश्न 3.
टोटल खरपतवार नाशक किस फसल के कौन-से खरपतवार की रोकथाम के लिए प्रयुक्त होती है ?
उत्तर-
टोटल खरपतवार नाशक का प्रयोग गेहूँ की फसल में गुल्ली-डण्डा की रोकथाम के लिए प्रयोग होता है।

प्रश्न 4.
जवी के चारे के लिए कटाई कब करनी चाहिए ?
उत्तर-
फसल गोभ में बल्ली बनने से लेकर दूध वाले दानों की हालत में कटाई की जाती है।

प्रश्न 5.
बरसीम में इटसिट की रोकथाम बताएँ।
उत्तर-
जिन खेतों में इटसिट की समस्या है उन खेतों में बरसीम में राईया मिलाकर बोना चाहिए तथा इटसिट वाले खेतों में बोबाई अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक पछेती करनी चाहिए।

प्रश्न 6.
सूर्यमुखी की कटाई कब करनी चाहिए ?
उत्तर-
जब शीर्ष का रंग निचली तरफ से पीला-भूरा हो जाए तथा डिस्क सूखने लग जाए तो फसलों की कटाई करें।

प्रश्न 7.
कनौला सरसों किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गोभी सरसों की एक श्रेणी कनौला सरसों है।

प्रश्न 8.
जौं की बुआई का समय तथा विधि लिखिए।
उत्तर-
जौं की बुआई का समय 15 अक्तूबर से 15 नवम्बर है। समय पर बुआई के लिए 22.5 सैं०मी० तथा बरानी तथा पिछेती बुआई के लिए 18 से 20 सैं०मी० की दूरी पर सियाड़ (खाल) होने चाहिए। उसको गेहूँ की तरह बिना जोते ही बोया जा सकता है।

प्रश्न 9.
देसी चनों की बुआई का समय तथा प्रति एकड़ बीज की मात्रा लिखिए।
उत्तर-
देसी चनों की बुआई का समय बरानी बुआई के लिए 10 से 25 अक्तूबर है तथा सिंचाई योग्य अवस्था में 25 अक्तूबर से 10 नवम्बर है।
बीज की मात्रा 15-18 कि०ग्रा० प्रति एकड़ है।

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प्रश्न 10.
मसूर की खेती कौन-सी ज़मीनों में नहीं करनी चाहिए ?
उत्तर-
मसूर की खेती क्षारीय, कलराठी तथा सेम वाली भूमि पर नहीं करनी चाहिए।

(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के पांच – छः वाक्यों में उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
गेहूँ की बुआई का समय तथा विधि लिखिए।
उत्तर-
गेहूँ की बुआई के लिए उचित समय अक्तूबर से चौथे सप्ताह से लेकर नवम्बर से चौथे सप्ताह तक का है। गेहूँ की बुआई समय पर न की जाए तो बुआई में प्रत्येक सप्ताह की पछेत के कारण 150 कि०ग्रा० प्रति एकड़ प्रति सप्ताह पैदावार कम हो जाती है।
गेहूँ की बुआई बीज-खाद ड्रिल से की जाती है। बुआई के लिए फासला 20 से 22 सै०मी० होना चाहिए तथा बोबाई 4-6 सैं०मी० गहराई पर करनी चाहिए । गेहूँ की दोहरी बुआई करनी चाहिए। इसका भाव है कि आधी खाद तथा बीज एक तरफ तथा बाकी आधी दूसरी तरफ। इस प्रकार करने से प्रति एकड़, दो क्विंटल पैदावार बढ़ जाती है। गेहूँ की बुआई चौड़ी मेढ़ों पर बैड प्लांटर द्वारा की जा सकती है। इस विधि द्वारा 30 कि०ग्रा० प्रति एकड़ बीज की आवश्यकता पड़ती है तथा पानी की बचत भी होती है।

प्रश्न 2.
बरसीम की बुआई की विधि लिखिए।
उत्तर-
बरसीम की बुआई के लिए उचित समय सितम्बर के अंतिम सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह है।
बरसीम की बुआई खड़े पानी में छीटा विधि द्वारा की जाती है। यदि हवा चल रही हो तो सूखे खेत में बीज का छीटा दें तथा बाद में छापा फिरा कर पानी लगा देना चाहिए।

प्रश्न 3.
सूर्यमुखी की सिंचाई करने के बारे में जानकारी दीजिए।
उत्तर-
सूर्यमुखी की फसल को पहली सिंचाई बुआई से एक माह बाद करनी चाहिए। इसके बाद अगली सिंचाइयां 2 से 3 सप्ताह के अन्तर पर करनी चाहिए। फसल को फूल लगने तथा दाने बनने के समय सिंचाई अवश्य करनी चाहिए। कुल 6-9 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 4.
तेल बीज फसलों के लिए सल्फर (गंधक) तत्त्व का महत्त्व लिखिए।
उत्तर-
साधारणतया गंधक की आवश्यकता पौधों को कम मात्रा में होती है। परन्तु तेल बीज वाली फसलों को गंधक तत्त्व की अधिक आवश्यकता होती है। गंधक (सल्फर) की कमी होने से तेल बीज फसलों की पैदावार कम हो जाती है। गंधक का प्रयोग नाइट्रोजन के प्रयोग के लिए भी आवश्यक है। एनजाइमों की गतिविधियों तथा तेल के संश्लेषण के लिए भी सल्फर बहुत आवश्यक है। इसीलिए तेल बीज फसलों में फॉस्फोरस तत्त्व के लिए सुपर फास्फेट खाद को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि इसमें सल्फर (गंधक) तत्त्व भी होता है। यदि यह खाद न मिले तो 50 कि०ग्रा० जिप्सम प्रति एकड़ का प्रयोग करना चाहिए।

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प्रश्न 5.
राइया की किस्में तथा खाद्य तत्त्वों के बारे में लिखिए।
उत्तर-
राइया की किस्में-आर० एल० सी०-1, पी० बी० आर० -201, पी० बी० आर०-91.

राडया के लिए उर्वरक, पौष्टिक तत्त्व-राईया के लिए 40 कि०ग्रा० नाइट्रोजन तथा 12 कि०ग्रा० फॉस्फोरस प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है। पोटाश तत्त्व का प्रयोग भूमि की जांच करके ही करना चाहिए। यह तेल बीज फसल है तथा इसको सल्फर तत्त्व की आवश्यकता भी है। इस लिए फॉस्फोरस तत्त्व के लिए सुपर फास्फेट खाद का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि इसमें सल्फर तत्त्व भी होता है। यदि यह खाद न मिले तो 50 कि०ग्रा० जिप्सम प्रति एकड़ का प्रयोग करना चाहिए।

Agriculture Guide for Class 10 PSEB आषाढ़ी की फ़सलें Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहु-विकल्पीय प्रश्न-

प्रश्न 1.
आषाढ़ी की फसलें हैं –
(क) अनाज
(ख) दालें
(ग) तेल बीज और चारा
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

प्रश्न 2.
गेहूँ की विकसित किस्में हैं
(क) एच० डी० 2976
(ख) पी० बी० डब्ल्यू० 343
(ग) बडानक
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

प्रश्न 3.
गेहूँ के रोग हैं –
(क) पीली कुंगी
(ख) कांगियारी
(ग) मम्णी तथा टुंडू
(घ) सभी।
उत्तर-
(घ) सभी।

PSEB 10th Class Agriculture Solutions Chapter 3 आषाढ़ी की फ़सलें

प्रश्न 4.
जौं की बिजाई का समय
(क) 15 अक्तूबर से 15 नबम्बर
(ख) जुलाई
(ग) 15 जनवरी से 15 फरवरी
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(क) 15 अक्तूबर से 15 नबम्बर

प्रश्न 5.
काबली चने की किस्म है
(क) पी० बी० जी० 1
(ख) एल० 552
(ग) जी० पी० एफ० 2
(घ) पी० डी० जी० 4.
उत्तर-
(ख) एल० 552

प्रश्न 6.
सूरजमुखी के लिए …… बीज प्रति एकड़ का प्रयोग करें।
(क) 5 किलो
(ख) 10 किलो
(ग) 2 किलो
(घ) 25 किलो।
उत्तर-
(ग) 2 किलो

प्रश्न 7.
कौन-सी फसल को चारों का बादशाह कहा जाता है-
(क) मक्की
(ख) बरसीम
(ग) जबी
(घ) लूसर्न।
उत्तर-
(ख) बरसीम

॥. ठीक/गलत बताएँ-

1. गेहूँ की पैदावार में चीन विश्व में अग्रणी देश है।
2. गेहूँ की बुआई के लिए ठण्डा मौसम ठीक रहता है।
3. गुल्ली डंडा की रोकथाम के लिए स्टोप का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
4. जौं का औसत उत्पादन 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ है।
5. शफतल आषाढ़ी की चारे वाली फसल है।
उत्तर-

  1. ठीक
  2. ठीक
  3. गलत
  4. ठीक
  5. ठीक।

III. रिक्त स्थान भरें-

1. गेहूँ के लिए बीज की मात्रा ………….. किलो बीज प्रति एकड़ है।
2. ……….. की कमी दूर करने के लिए जिंक सल्फेट का प्रयोग किया जाता
3. जौ की पैदावार में ………. सब से आगे हैं।
4. बाथू ……………… पत्ते वाला खरपतवार है।
5. ओ०एल-9 …………… की किस्म है।
उत्तर-

  1. 40
  2. जिंक
  3. रूस फैडरेशन
  4. चौड़े
  5. जीव।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आषाढ़ी की फसलों को कितनी श्रेणियों में बांटा जाता है ?
उत्तर-
तीन श्रेणियों में-अनाज, दालें तथा तेल बीज, चारे की फसलें।

प्रश्न 2.
गेहूँ की पैदावार सबसे अधिक किस देश में है ?
उत्तर-
चीन में।

प्रश्न 3.
भारत में गेहूँ की पैदावार में अग्रणी राज्य कौन-सा है ?
अथवा
भारत का कौन-सा राज्य गेहूँ की सबसे अधिक पैदावार करता है ?
उत्तर-
उत्तर प्रदेश।

प्रश्न 4.
पंजाब में गेहूँ की कृषि के लिए कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
35 लाख हेक्टेयर।

प्रश्न 5.
पंजाब में गेहूँ की पैदावार कितनी है ?
उत्तर-
10-20 क्विंटल प्रति एकड़ औसत पैदावार।

प्रश्न 6.
गेहूँ वाला फसली चक्र बताएं।
उत्तर-
मक्की-गेहूँ, मांह-गेहूं, मूंगफली-गेहूं।

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प्रश्न 7.
पासता बनाने के लिए गेहूँ की कौन-सी किस्म का प्रयोग होता है ?
उत्तर-
वडानक गेहूँ।

प्रश्न 8.
गेहूँ की बुआई के लिए खरपतवारों की समस्या हो तो जुताई किए बिना कौन-सा खरपतवार नाशक प्रयोग होता है ?
उत्तर-
बुआई से पहले ग्रामैकसोन।

प्रश्न 9.
कटाई किए चावल के खेत में कौन-सी मशीन दवारा गेहूँ की सीधी बुआई की जाती है ?
उत्तर-
हैपी सीडर द्वारा।

प्रश्न 10.
गेहूँ के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
40 किलो ग्राम बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 11.
यदि फलीदार फ़सल के बाद गेहूँ की बोवाई की जाए तो कितनी नाइट्रोजन कम डाली जाती है ?
उत्तर-
25% नाइट्रोजन कम डाली जाती है।

प्रश्न 12.
यदि गेहूँ की बुआई एक सप्ताह देर से की जाए तो कितनी पैदावार कम हो जाती है ?
उत्तर-
150 कि० ग्रा० प्रति एकड़ प्रति सप्ताह ।

प्रश्न 13.
गेहूँ की दोहरी बुआई से प्रति एकड़ कितने क्विंटल पैदावार बढ़ जाती है ?
उत्तर-
दो क्विंटल।

प्रश्न 14.
गेहूँ की बुआई चौड़ी मेढ़ों पर किससे की जाती है ?
उत्तर-
बैड प्लांटर से।

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प्रश्न 15.
गेहूँ में गुल्ली डण्डा की रोकथाम के लिए कोई दो नदीननाश्क (खरपतवार नाशक) बताएं।
उत्तर-
टोपिक, लीडर, टरैफलान।

प्रश्न 16.
चौड़े पत्ते वाले नदीनों के नाम लिखो।
उत्तर-
बाथु, कंडियाली पालक, मैना, मैनी।

प्रश्न 17.
जिंक की कमी कौन-सी भूमि में आती है ?
उत्तर-
हल्की भूमि में।

प्रश्न 18.
जिंक की कमी को दूर करने के लिए कौन-सी खाद का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
जिंक सल्फेट।

प्रश्न 19.
मैंगनीज़ की कमी दूर करने के लिए कौन-सी खाद का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
मैंगनीज़ सल्फेट।

प्रश्न 20.
गेहूँ को कितनी सिंचाइयों की आवश्यकता है ?
उत्तर-
4-5 सिंचाइयों की।

प्रश्न 21.
जौं की पैदावार में कौन सबसे आगे है ?
उत्तर-
रूस फैडरेशन।

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प्रश्न 22.
भारत में जौं की पैदावार सबसे अधिक कहाँ होती है ?
उत्तर-
राजस्थान में।

प्रश्न 23.
पंजाब में जौं की कृषि कितने क्षेत्रफल में होती है ?
उत्तर-
12 हज़ार हेक्टेयर।

प्रश्न 24.
जौं की औसत पैदावार बताओ।
उत्तर-
15-16 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 25.
जौं वाला फसल चक्र बताओ।
उत्तर-
चावल-जौं, कपास-जौं, बाजरा-जौं।

प्रश्न 26.
जौं की उन्नत किस्म बताओ।
उत्तर-
पी० एल० 807, वी० जे० एम० 201, पी० एल० 426

प्रश्न 27.
सेंजु बोबाई के लिए जौं के बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
35 कि० ग्राम।

प्रश्न 28.
जोंधर की रोकथाम के लिए कौन-सी दवाई का प्रयोग करना चाहिए ?
उत्तर-
आईसोप्रोटयुरान या एबाडैक्स बी० डब्ल्यू० ।

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प्रश्न 29.
जौं को कितनी सिंचाई की आवश्यकता है ?
उत्तर-
1-2 सिंचाई की।

प्रश्न 30.
आषाढ़ी की दाल वाली दो फसलों के नाम बताएं।
उत्तर-
चने तथा मसूर।

प्रश्न 31.
आषाढ़ी (रबी) की तेल बीज वाली चार फसलों के नाम लिखो ।
उत्तर-
गोभी सरसों, तोरिया, तारामीरा, अलसी तथा सूर्यमुखी।

प्रश्न 32.
दालों की पैदावार कौन-से देश में सबसे अधिक है ?
उत्तर-
भारत में।

प्रश्न 33.
भारत में सबसे अधिक दालें कहाँ पैदा होती हैं ?
अथवा
भारत का कौन-सा राज्य दालों की सबसे अधिक पैदावार करता है ?
उत्तर-
राजस्थान में।

प्रश्न 34.
पंजाब में चने की कृषि के नीचे कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
दो हज़ार हेक्टेयर।

प्रश्न 35.
पंजाब में चने की औसत पैदावार बताओ।
उत्तर-
पांच क्विंटल प्रति एकड़।

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प्रश्न 36.
चना आधारित फसल चक्रों के नाम लिखें।
उत्तर-
बाजरा-चने, चावल-मक्की -चने।

प्रश्न 37.
सेंजू या सिंचाई योग्य चने की किस्म बताओ।
उत्तर-
जी० पी० एफ-2, पी० बी० जी०-1.

प्रश्न 38.
बरानी देसी चने की किस्म बताओ।
उत्तर-
पी० डी० जी०-4 तथा पी० डी० जी०-3.

प्रश्न 39.
काबली चने की किस्म बताओ।
उत्तर-
एल-552, बी० जी० 1053.

प्रश्न 40.
देसी चने के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
15-18 कि० ग्राम प्रति एकड़।

प्रश्न 41.
काबली चने के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
37 कि० ग्रा० प्रति एकड़।

प्रश्न 42.
देसी चने के लिए बरानी बुआई का उचित समय बताओ।
उत्तर-
10 से 25 अक्तूबर।

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प्रश्न 43.
काबली चने के लिए बुआई का उचित समय बताओ।
उत्तर-
25 अक्तूबर से 10 नवम्बर।

प्रश्न 44.
चने के लिए सिंचाई से सियाड़ का फासला (अंतर) बताओ।
उत्तर-
30 सैं० मी०।

प्रश्न 45.
चने को कितनी सिंचाइयों की आवश्यकता है ?
उत्तर-
एक पानी की।

प्रश्न 46.
मसूर की कृषि के नीचे कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
1100 हेक्टेयर।

प्रश्न 47.
मसूर की औसत पैदावार बताओ।
उत्तर-
2-3 क्विंटल प्रति एकड़।

प्रश्न 48.
मसूर वाला फसल चक्र बताओ।
उत्तर-
चावल-मसर, कपास-मसर, मूंगफली-मसर।

प्रश्न 49.
मसूर के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
12-15 कि० ग्रा० प्रति एकड़।

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प्रश्न 50.
मसूर के लिए सियाड़ों में फासला (अंतर) बताएं।
उत्तर-
22.5 सैं० मी०।

प्रश्न 51.
मसूर को कितने पानी की आवश्यकता है ?
उत्तर-
1-2 सिंचाइयों की।

प्रश्न 52.
मसूर को कौन-सा कीड़ा लगता है ?
उत्तर-
छेद करने वाली सुंडी।

प्रश्न 53.
राईया को व्यापारिक आधार पर कौन-सी श्रेणी में रखा जाता है ?
उत्तर-
मस्टर्ड श्रेणी में।

प्रश्न 54.
राईया वाला फसल चक्र बताओ।
उत्तर-
मक्की-बाजरा-राईया-गर्म ऋतु की मूंगी, कपास-राईया।

प्रश्न 55.
राईया की उन्नत किस्में बताओ।
उत्तर-
आर० एल० सी०-1, पी० बी० आर०-210, पी० बी० आर०-91.

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प्रश्न 56.
राईया के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
1.5 कि० ग्रा० बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 57.
राईया की बुआई के लिए पंक्तियों (लाइनों) में दूरी बताओ।
उत्तर-
30 सैं० मी०।

प्रश्न 58.
यदि सुपरफास्फेट उपलब्ध न हो तो राईया में कौन-सी खाद डालनी चाहिए ?
उत्तर-
जिप्सम।

प्रश्न 59.
गोभी सरसों को व्यापारिक स्तर पर कौन-सी श्रेणी में गिना जाता है ?
उत्तर-
रेप सीड श्रेणी में।

प्रश्न 60.
गोभी सरसों वाले फसल चक्र बताओ।
उत्तर-
चावल-गोभी सरसों-गर्म मौसम की मुंगी, कपास-गोभी सरसों, मक्की-गोभी सरसों-गर्म ऋतु की मूंग।

प्रश्न 61.
गोभी सरसों की किस्मों के बारे में बताएं।
उत्तर-
पी० जी० एस० एच०-51, जी०एस०एल०-2.

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प्रश्न 62.
कनौला की किस्में बताओ।
उत्तर-
जी० एस० सी०-6, जी० एस० सी०-5.

प्रश्न 63.
गोभी सरसों के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
1.5 किलो बीज प्रति एकड़।

प्रश्न 64.
गोभी सरसों के लिए बुआई के समय पंक्तियों में दूरी बताओ।
उत्तर-
45 सैं० मी०।

प्रश्न 65.
दुनिया में सूर्यमुखी की पैदावार सबसे अधिक कहां होती है ?
उत्तर-
यूक्रेन में।

प्रश्न 66.
पंजाब में सूर्यमुखी की कृषि के नीचे कितना क्षेत्रफल है ?
उत्तर-
20-21 हजार हेक्टेयर।

प्रश्न 67.
सूर्यमुखी की औसत पैदावार बताओ।
उत्तर-
6.5 क्विंटल प्रति एकड़।

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प्रश्न 68.
कौन-सी भूमि सूर्यमुखी के लिए ठीक नहीं है ?
उत्तर-
कलराठी भूमि।

प्रश्न 69.
सूर्यमुखी आधारित फसल चक्करों के नाम लिखें।
उत्तर-
चावल मक्की-आलू-सूर्यमुखी, चावल-तोरिया-सूर्यमुखी, नरमा-सूर्यमुखी, बासमती-सूरजमुखी।

प्रश्न 70.
सूर्यमुखी की उन्नत किस्में बताओ।
उत्तर-
पी० एस० एच०-996, पी० एस० एच०-569, ज्वालामुखी।

प्रश्न 71.
सूर्यमुखी के लिए पंक्तियों में फासला बताएं।
उत्तर-
60 सैं० मी०।

प्रश्न 72.
सूर्यमुखी को मेड़ के शीर्ष पर कितना नीचे बोना चाहिए ?
उत्तर-
6-8 सैं० मी०।

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प्रश्न 73.
सूर्यमुखी के लिए खरपतवारों की रोकथाम के लिए क्या प्रयोग होता है ?
उत्तर-
सटोंप।

प्रश्न 74.
सूर्यमुखी को कितनी सिंचाई की आवश्यकता है ?
उत्तर-
6-9 सिंचाइयों की।

प्रश्न 75.
एक बड़े पशु को लगभग कितना चारा चाहिए ?
उत्तर-
40 किलोग्राम प्रतिदिन।

प्रश्न 76.
आषाढ़ी (रबी) की दो चारे वाली चार फसलों के नाम लिखो ।
उत्तर-
बरसीम, शफतल, लूसन, जवी, राई घास, सेंजी।

प्रश्न 77.
बरसीम की दो उन्नत किस्मों के नाम लिखें।
उत्तर-
बी एल 42, वी एल-10.

प्रश्न 78.
बरसीम के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
8-10 कि० ग्रा० प्रति एकड़।

प्रश्न 79.
बरसीम की बुआई के लिए उचित समय बताओ।
उत्तर-
सितम्बर का अंतिम सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह।

प्रश्न 80.
बरसीम में बुईं खरपतवार की रोकथाम के लिए क्या प्रयोग करना चाहिए ?
उत्तर-
वासालीन।

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प्रश्न 81.
बरसीम के लिए इटसीट की समस्या हो तो क्या मिला कर बोना चाहिए ?
उत्तर-
राईया।

प्रश्न 82.
बरसीम का पहली कटाई कितने दिनों में तैयार हो जाती है ?
उत्तर-
बोबाई से लगभग 50 दिन बाद।

प्रश्न 83.
जवी की किस्में बताओ।
उत्तर-
ओ० एल०-9, कैंट।

प्रश्न 84.
जवी के लिए बीज की मात्रा बताओ।
उत्तर-
25 किलो प्रति एकड़।

प्रश्न 85.
जवी के लिए बुआई का समय बताओ।
उत्तर-
अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से अक्तूबर के अंत तक।

प्रश्न 86.
जवी के लिए सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
रौणी सहित 3-4 (सिंचाइयों की आवश्यकता है।)

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गेहूँ की बुआई के समय ठंड की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
अधिक गर्मी होने से इस फसल के पौधों की वृद्धि कम होती है तथा रोग भी अधिक लग जाते हैं।

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प्रश्न 2.
गेहूँ के लिए कैसी भूमि ठीक रहती है ?
उत्तर-
गेहूँ के लिए कल्लर तथा सेम वाली भूमियों के अलावा सभी प्रकार की भूमि ठीक है। मध्यम मैरा भूमि, जिसमें पानी न रुकता हो, सबसे अच्छी है। गेहूँ की वडानक किस्मों के लिए मध्यम से भारी भूमि अच्छी रहती है।

प्रश्न 3.
गेहूँ के खेत में गुल्ली डण्डा की समस्या कैसे कम की जा सकती है ?
उत्तर-
जिन खेतों में गुल्ली डण्डा की समस्या हो वहां गेहूँ वाले खेत में बरसीम, आलू, राईया आदि को बदल-बदल कर बोने से गुल्ली डण्डा की समस्या कम की जा सकती है।

प्रश्न 4.
गेहूँ में जिंक की कमी हो जाए तो क्या चिन्ह दिखाई देते हैं ?
उत्तर-
जिंक की कमी साधारणतया हल्की भूमि में होती है। जिंक की कमी से पौधों की बढ़ोत्तरी रुक जाती है। पौधे झाड़ी जैसे हो जाते हैं। पत्ते मध्य से पीले पड़ जाते हैं तथा लटक जाते हैं।

प्रश्न 5.
गेहूँ में मैंगनीज़ की कमी के चिन्ह बताओ।
उत्तर-
मैंगनीज़ की कमी हल्की भूमि में होती है। इसकी कमी से पौधों के बीच वाले पत्तों, नीचे वाले भाग तथा नाड़ी के बीच धब्बे पड़ जाते हैं जो बाद मे धारियां बन जाते हैं। परन्तु पत्ते की नाड़ियां हरी ही रहती हैं।

प्रश्न 6.
जौं के लिए भूमि की किस्म के बारे में लिखो।
उत्तर-
जौं की फसल रेतली तथा कल्लर वाली भूमि में अच्छी हो सकती है। कलराठी भूमि में सुधार के आरंभिक समय में इन भूमियों में जौं की बोबाई की जा सकती है।

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प्रश्न 7.
फलीदार फ़सलों के बाद गेहूँ को नाइट्रोजन कम क्यों डाली जाती है ?
उत्तर-
फलीदार फ़सलें हवा में से नाइट्रोजन को भूमि में जमा करती हैं इसलिए 25% नाइट्रोजन कम डाली जाती है।

प्रश्न 8.
जौं के लिए बीज की मात्रा तथा शोध के बारे में बताओ।
उत्तर-
सेंजु तथा समय पर बुआई के लिए 35 कि० ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है। बरानी तथा पिछेती बुआई के लिए 45 कि० ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता है। बीज की सुधाई के लिए फफूंदीनाशक दवाई का प्रयोग कर लेना चाहिए।

प्रश्न 9.
जौं की फसल के लिए खादों के बारे में बताओ।
उत्तर-
जौं के लिए 25 कि० ग्रा० नाइट्रोजन, 12 कि० ग्रा० फास्फोरस तथा 6 कि० ग्रा० पोटाश प्रति एकड़ के अनुसार आवश्यकता होती है। पोटाश का प्रयोग मिट्टी की जांच के बाद ही करना चाहिए। सभी खादों को बुआई के समय ही ड्रिल कर देना चाहिए।

प्रश्न 10.
जौं में खरपतवार की रोकथाम के बारे में बताओ।
उत्तर-
चौड़े पत्ते वाले खरपतवार जैसे बाथू की रोकथाम के लिए 2, 4 डी या एलग्रिप, जोंधर (जंगली जवी) के लिए आइसोप्रोटयुरान या एवाडैक्स बी० डब्ल्यू० तथा गुल्ली डण्डे के लिए पिऊमा पावर या टौपिक दवाई का प्रयोग करने की सिफारिश की जाती है।

प्रश्न 11.
जौं में कीट तथा रोगों के बारे में बताओ।
उत्तर-
जौं के मुख्य कीट हैं-चेपा। जौं के रोग हैं-धारियों का रोग, कांगियारी तथा पीली कुंगी।

प्रश्न 12.
दालों का आयात क्यों करना पड़ता है ?
उत्तर-
भारत दालों की पैदावार में अग्रणी देश है परन्तु हमारे देश में दालों का प्रयोग भी बहुत अधिक होता है। इसलिए हमें दालों का आयात करना पड़ता है।

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प्रश्न 13.
चने के लिए जलवायु के बारे में बताएं।
उत्तर-
चने के लिए अधिक ठंड तथा कोरा हानिकारक हैं परन्तु अगेती गर्मी से भी फसल जल्दी पक जाती है तथा पैदावार कम हो जाती है। यह फसल कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए अधिक अच्छी है।

प्रश्न 14.
चने के लिए कैसी भूमि ठीक रहती है ?
उत्तर-
चने की फसल के लिए अच्छे जल निकास वाली रेतली या हल्की भल्ल वाली भूमि बहुत अच्छी रहती है। यह फसल हल्की भूमि, जहां अन्य फसल नहीं होती, में भी होती है। इस फसल के लिए क्षारीय, कलराठी तथा सेम वाली भूमियां बिल्कुल ठीक नहीं रहतीं।

प्रश्न 15.
चने के लिए भूमि की तैयारी के बारे में क्या जानते हो ?
उत्तर-
चने की फसल की बुआई के लिए खेत को बहुत तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती। परन्तु यदि गहरी जुताई की जाए तो चने को उखेड़ा रोग कम लगता है तथा फसल की पैदावार भी बढ़ जाती है।

प्रश्न 16.
चने के लिए सिंचाई के बारे में क्या जानते हो ?
उत्तर-
चने की फसल को साधारणतया एक बार पानी देने की आवश्यकता होती है। पर पानी दिसम्बर के मध्य से जनवरी के अंतिम समय तक देना चाहिए। परन्तु बुआई से पहले पानी कभी नहीं देना चाहिए।

प्रश्न 17.
चने की कटाई के बारे में क्या जानते हो ?
उत्तर-
जब ढोढ (कली) पक जाएं तथा पौधा सूख जाए तो फसल की कटाई कर लेनी चाहिए।

प्रश्न 18.
मसूर के लिए कैसी जलवायु तथा भूमि ठीक रहती है ?
उत्तर-
मसूर की फसल के लिए ठंड का मौसम बहुत अच्छा रहता है। यह कोहरा तथा बहुत ही ठंड को भी सहन कर लेती है।

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प्रश्न 19.
मसूर के लिए भूमि की तैयारी कैसे की जाती है ?
उत्तर-
मसूर की फसल के लिए भूमि को दो-तीन बार जोत कर तथा जोतने के बाद सुहागा फेरना चाहिए। ऐसे भूमि की तैयारी हो जाती है।

प्रश्न 20.
मसूर के लिए खादों का विवरण दें।
उत्तर-
मसूर को 5 कि० ग्रा० नाइट्रोजन प्रति एकड़ की आवश्यकता है। यदि बीज को जीवाणु का टीका लगाकर सोधा गया हो तो 8 कि० ग्रा० फास्फोरस तथा टीका न लगा हो तो 16 कि ग्रा० फास्फोरस की आवश्यकता होती है। उन दोनों खादों को बुआई के समय ही डाल देना चाहिए।

प्रश्न 21.
मसूर के लिए सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
मसूर की फसल को सिंचाई के लिए 1-2 बार पानी देने की आवश्यकता पड़ती है। यदि एक पानी देना हो तो बुआई के छः सप्ताह बाद पानी देना चाहिए। परन्तु जब दो पानी देने हों तो पहला पानी 4 सप्ताह के बाद तथा दूसरा फूल लगने के समय या फलियों के लगने समयं देना चाहिए।

प्रश्न 22.
मसूर की फसल की कटाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
जब पत्ते सूख जाएं तथा फलियां पक जाएं तो फसल काट लेनी चाहिए।

प्रश्न 23.
राईया के लिए जलवायु तथा भूमि के बारे में बताओ।
उत्तर-
राईया की फसल मध्यम से भारी वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उचित है। इसकी बुआई ऐसे ही कर सकते हैं।

प्रश्न 24.
राईया के लिए बुआई का ढंग बताओ।
उत्तर-
राईया की बुआई 30 सैं० मी० के अन्तर वाली लाइनों में करनी चाहिए तथा बुआई से तीन सप्ताह बाद फसल को 10-15 सैं० मी० का अन्तर रखकर खुला करना चाहिए।

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प्रश्न 25.
राईया के लिए खेत की तैयारी पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
राईया के लिए खेत की तैयारी के लिए भूमि को 2 से 4 बार जोतना चाहिए तथा प्रत्येक बार जोतने के बाद सुहागा फेरना चाहिए। राईया को जीरो टिल ड्रिल द्वारा बिना जुताई के बोया जा सकता है।

प्रश्न 26.
राईया के लिए कटाई तथा गहाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
जब फली पीली पड़ जाती है तो फसल काटने के लिए तैयार हो जाती है। इस की कटाई के सप्ताह बाद गहाई कर लेनी चाहिए।

प्रश्न 27.
गोभी सरसों के लिए जलवायु तथा भूमि के बारे में बताओ।
उत्तर-
गोभी सरसों की फसल मध्यम से भारी वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उचित है। इसके लिए हर तरह की भूमि ठीक रहती है।

प्रश्न 28.
गोभी सरसों के लिए बीज की मात्रा तथा खेत की तैयारी के बारे लिखो।
उत्तर-
गोभी सरसों के लिए 1.5 कि० ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता होती

प्रश्न 29.
सूर्यमुखी से प्राप्त तेल के बारे में जानकारी दी।
उत्तर-
सर्यमुखी के तेल में कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है। इसलिए इस से खाने के लिए शुद्ध किया हुआ तेल बनाया जाता है। इसका तेल साबुन आदि बनाने के लिए भी प्रयोग होता है।

प्रश्न 30.
सूर्यमुखी के लिए कैसी भूमि ठीक है ?
उत्तर-
सूर्यमुखी के लिए अच्छे जल निकास वाली मध्यम भूमि सबसे अच्छी रहती है। इसकी कृषि के लिए कलराठी भूमि ठीक नहीं रहती है।

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प्रश्न 31.
सूर्यमुखी के लिए भूमि की तैयारी तथा बीज की मात्रा तथा सोध के बारे में बताओ।
उत्तर-
सूर्यमुखी के लिए फफूंदीनाशक दवाई से सोधा हुआ 2 कि० ग्रा० बीज प्रति एकड़ ठीक रहता है। भूमि की तैयारी के लिए खेत को 2-3 बार जोत कर तथा हर बार जुताई के बाद सुहागा फेरा जाता है।

प्रश्न 32.
सूर्यमुखी में गुडाई तथा नदीन की रोकथाम के बारे में बताओ।
उत्तर-
सूर्यमुखी में पहली गुडाई नदीन उगने के 2-3 सप्ताह बाद तथा उसके बाद 3 सप्ताह बाद करें। नदीन की रोकथाम के लिए स्टोंप का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 33.
सूर्यमुखी की कटाई तथा गहाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
जब किनारों का रंग नीचे से पीला भूरा हो जाए तथा डिस्क सूखनी शुरू हो जाए तो फसल काटने के लिए तैयार होती है। कटाई किए किनारों की उसी समय थरैशर से गहाई कर लेनी चाहिए।

प्रश्न 34.
बरसीम से कितनी कटाइयां ली जा सकती हैं ?
उत्तर-
बरसीम के चारे की नवम्बर से जून के मध्य तक बहुत ही पौष्टिक तथा सुस्वादी कई बार कटाई की जा सकती है।

प्रश्न 35.
बरसीम के बीज को काशनी के बीज से कैसे अलग किया जाता है ?
उत्तर-
बरसीम के बीज को पानी में डुबो कर रखा जाता है तथा काशनी का बीज तैरने लगता है तथा ऊपर आ जाता है। इसको छलनी से अलग कर लिया जाता है।

प्रश्न 36.
बरसीम के लिए खादों का विवरण दें।
उत्तर-
बरसीम के लिए बुआई के समय 6 टन गले सड़े गोबर की खाद तथा 20 किलो फॉस्फोरस प्रति एकड़ की आवश्यकता है। यदि गले सड़े गोबर (रुड़ी खाद) उपलब्ध न हो सके तो 10 कि० ग्रा० नाइट्रोजन तथा 30 कि० ग्रा० फॉस्फोरस प्रति एकड़ का प्रयोग करना चाहिए।

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प्रश्न 37.
बरसीम के लिए सिंचाई के बारे में क्या जानते हो ?
उत्तर-
बरसीम के लिए पहली सिंचाई 6-8 दिनों बाद करनी आवश्यक है। इसके बाद गर्मियों में 8-10 दिनों के बाद तथा सर्दियों में 10-15 दिनों बाद पानी देते रहना चाहिए।

प्रश्न 38.
बरसीम की कटाई पर प्रकाश डालो।
उत्तर-
बुआई के लगभग 50 दिनों के बाद पहली कटाई तैयार हो जाती है। इसके बाद 40 दिनों बाद सर्दी में तथा फिर 30 दिन बाद कटाई की जा सकती हैं।

प्रश्न 39.
जवी के लिए कैसी भूमि की आवश्यकता है ?
उत्तर-
जवी को सेम तथा कल्लर वाली भूमि के अलावा हर तरह की भूमि में उगाया जा सकता है।

प्रश्न 40.
जवी की बुआई का समय तथा ढंग बताओ।
उत्तर-
जवी की बुआई का समय अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से अक्तूबर के अंत तक है।
इसकी बुआई 20 सें. मी. दूरी के खालियों में की जाती है। बिना जोते जीरो टिल ड्रिल से भी बुआई की जा सकती है।

प्रश्न 41.
जवी के लिए गुडई तथा सिंचाई के बारे में बताओ।
उत्तर-
साधारणतया इसको गुडाई की आवश्यकता नहीं होती। परन्तु खरपतवार होने पर गुडाई कर देनी चाहिए। रौणी सहित तीन-चार सिंचाइयां काफ़ी हैं।

प्रश्न 42.
जवी के लिए खादों का विवरण दें।
उत्तर-
8 कि० ग्रा० फॉस्फोरस, 18 कि० ग्रा० नाइट्रोजन प्रति एकड़ बुआई के समय डालें, बुआई से 30-40 दिनों बाद 15 कि० ग्रा० नाइट्रोजन प्रति एकड़ की अतिरिक्त आवश्यकता होती है।

दीर्य उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1.
गेहूँ की कृषि का विवरण निम्नलिखित अनुसार दें –
(i) उन्नत किस्में (ii) चावल के बाद खेत की तैयारी (iii) सिंचाई (iv) कीड़े तथा रोग।
उत्तर-
(i) उन्नत किस्में-पी० बी० डब्ल्यू०-621, डी० बी० डब्ल्यू०-17, पी० बी० डब्ल्यू०-343, पी० डी० डब्ल्यू०-291 आदि।
(ii) चावल की कटाई के बाद खेत की तैयारी-चावल के बाद गेहूँ की बुआई करनी हो तो खेत में पहले ही काफ़ी नमी होती है यदि न हो तो रौणी कर लेनी चाहिए। भूमि को उचित नमी युक्त (वत्तर) स्थिति में तवियों से जोत दें तथा कंबाइन से कटे चावल की पुआल को भूमि में ही जोतना हो तो तवियों से कम-से-कम दो बार जोतना चाहिए तथा बाद में सुहागा चला देना चाहिए। इसके बाद कल्टीबेटर से एक बार तथा भूमि भारी हो तो दो बार जुताई के बाद सुहागा चलाना चाहिए। कंबाइन से कटाई किए चावल के खेत में हैपी सीडर मशीन से सीधी बुआई की जा सकती है।
(iii) सिंचाई-यदि गेहूँ की बोबाई अक्तूबर में की हो तो पहला पानी बुआई के तीन सप्ताह बाद तथा बाद में बोई गई गेहूँ की फसल को चार सप्ताह के बाद पानी देना चाहिए। इस समय गेहूँ में विशेष प्रकार की जड़ें, जिन्हें क्राऊन जड़ें कहते हैं बनती हैं। गेहूँ को 4-5 पानी देने की आवश्यकता है।
(iv) कीड़े तथा रोग-सैनिक सूंडी, चेपा, दीमक तथा अमरीकन सूंडी गेहूँ को लगने वाले कीड़े हैं। गेहूँ को पीली कुंगी, भूरी कुंगी, कांगियारी, ममनी तथा टुंडु तथा करनाल बंट रोग लगते हैं।

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प्रश्न 2.
जौं की कृषि का विवरण निम्न लिखे अनुसार दें
(i) उन्नत किस्म (ii) जलवायु (i) बुआई का समय (iv) खालियों का अन्तर (v) सिंचाई।
उत्तर-
(i) उन्नत किस्म-वी०जी०एम०-201, पी०एल०-426, पी०एल०-807।
(ii) जलवायु-जौं के लिए आरम्भ में ठण्ड तथा पकने के समय गर्म तथा शुष्क मौसम की आवश्यकता है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह अच्छी हो सकती है।
(iii) बुआई का समय-15 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक।
(iv) खालियों का अन्तर-समय पर बुआई की हो तो 22.5 सैं०मी० तथा पिछेती बुआई के लिए 18 से 29 सैं०मी० ।
(v) सिंचाई-1-2 सिंचाइयों की आवश्यकता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अनुसार चने की कृषि का विवरण दें
(i) जलवायु (ii) भूमि (iii) फसल चक्र (iv) उन्नत किस्म (v) बीज की मात्रा (vi) खरपतवारों की रोकथाम (vii) कटाई (vii) कीड़े तथा रोग।
उत्तर-
देखो उपरोक्त प्रश्नों में।

प्रश्न 3.
मसर की कृषि का विवरण दें(i) जलवायु तथा भूमि (ii) उन्नत किस्में (ii) फसल चक्र (iv) बीज की मात्रा तथा सुधाई (v) बुआई का समय तथा ढंग (vi) खादें (vii) सिंचाई (vii) कटाई।
उत्तर-
देखें उपरोक्त प्रश्नों में।।

प्रश्न 4.
राईया की कृषि का विवरण दें।
उत्तर-
देखें उपरोक्त प्रश्नों में।

प्रश्न 5.
गेहूँ, जौ, चने तथा मसूर के लिए खाद का विवरण दें।
उत्तर-
प्रति एकड़ के अनुसार खाद का विवरण इस प्रकार है-
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प्रश्न 6.
गेहूँ की बीजाई करने के लिए खेत की तैयारी करने सम्बन्धी जानकारी दो।
उत्तर-स्वयं करें।

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प्रश्न 7.
सूरजमुखी की बुआई का समय और विधि के बारे में जानकारी दें।
उत्तर-स्वयं करें।

प्रश्न 8.
काबुली चने की खेती का विवरण निम्नलिखित अनुसार दीजिए :
(क) ज़मीन (ख) दो उन्नत किस्में (ग) बीज की मात्रा प्रति एकड़ (घ) बुआई का समय (ङ) सिंचाई (च) कटाई।
उत्तर-
(क) ज़मीन-चने की फसल के लिए अच्छे जल निकास वाली रेतली या हल्की भल्ल वाली ज़मीन बहुत अच्छी रहती है। यह फसल हल्की ज़मीन, जहां अन्य फसल नहीं होती, में भी होती है। इस फसल के लिए क्षारीय, कलराठी तथा सेम वाली ज़मीन बिल्कुल ठीक नहीं रहती।
(ख) दो उन्नत किस्में-एल-552, बी० जी० 1053 ।
(ग) बीज की मात्रा-37 कि०ग्रा० प्रति एकड़
(घ) बुआई का समय-25 अक्तूबर से 10 नवम्बर।
(ङ) सिंचाई-एक सिंचाई की आवश्यकता है।
(च) कटाई-जब ढोढ (कली) पक जाएं तथा पौधा सूख जाए तो फसल की कटाई कर लेनी चाहिए।

आषाढ़ी की फ़सलें PSEB 10th Class Agriculture Notes

  • अक्तूबर-नवम्बर में बोई जाने वाली फसलों को आषाढ़ की फसलें कहते हैं।
  • आषाढ़ी की फसलों को मार्च-अप्रैल में काटा जाता है।
  • आषाढ़ी की फसलों को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है-अनाज, दालें तथा तेल बीज, चारे वाली फसलें।
  • अनाज वाली फसलों में गेहूँ तथा जौं मुख्य हैं।
  • गेहूँ की पैदावार में चीन दुनिया का अग्रणी देश है।
  • भारत में उत्तर प्रदेश गेहूँ की पैदावार में अग्रणी राज्य है।
  • पंजाब में गेहूँ लगभग 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई जाने वाली फसल है।
  • गेहूँ की औसत पैदावार 18-20 क्विंटल प्रति एकड़ है।
  • गेहूँ की बुआई के लिए ठंडा मौसम ठीक रहता है।
  • गेहूँ के लिए मैरा मध्यम भूमि जिसमें पानी न रुकता होता हो सबसे बढ़िया है।
  • गेहूँ की उन्नत किस्में हैं -एच०डी०-2967, पी०बी०डब्ल्यू०-343, डी० बी० डब्ल्यू ०-17, वडानक गेहूँ आदि।
  • पासता बनाने के लिए वडानक गेहूँ का आटा प्रयोग किया जाता है।
  • खेत में गेहूँ की बुआई से पहले यदि खरपतवारों की समस्या हो तो बिना तैयारी के खेत में ग्रामैक्सोन का स्प्रे करें।
  • गेहूँ के लिए बीज की मात्रा 40 कि०ग्रा० प्रति हेक्टेयर है।
  • गेहूँ की बिजाई अक्तूबर के अंतिम या नवम्बर के पहले सप्ताह की जाए तो खरपतवार कम हो जाते हैं।
  • चौड़े पत्तों वाले नदीन जैसे-मैना, मैनी, बाथ, कंडियाली पालक, सेंजी आदि की रोकथाम के लिए एलग्रिप या ऐम का प्रयोग किया जाता है।
  • गुल्ली डंडे की रोकथाम के लिए टापिक, लीडर, स्टोंप आदि में से किसी एक । खरपतवार नाशक का प्रयोग किया जाता है
  • गेहूँ को 50 किलो नाइट्रोजन, 25 किलो फॉस्फोरस तथा 12 किलो पोटाश की । प्रति एकड़ के लिए आवश्यकता है।
  • जिंक तथा मैंगनीज़ की कमी अक्सर हल्की भूमियों में आती है।
  • दीमक, चेपा, सैनिक सूंडी तथा अमरीकन सूंडी गेहूँ के मुख्य कीट हैं।
  • गेहूँ के रोग हैं-पीली कुंगी, भूरी कुंगी, कांगियारी, मम्णी तथा टुंड्र आदि।
  • भारत में जौं की पैदावार सबसे अधिक राजस्थान में होती है।
  • पंजाब में जौं की कृषि 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है।
  • जौं की औसत पैदावार 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ है।
  • जौं की फसल रेतली तथा कॅलर वाली भूमि में भी अच्छी हो जाती है।
  • जौं की किस्में हैं-पी०एल० 807, वी०जी०एम० 201, पी०एल० 426।
  • जौं के बीज की मात्रा है 35 कि०ग्रा० प्रति एकड़ सिंचाई योग्य (सेंजू या सिंचित) तथा समय पर बीजाई के लिए परन्तु बरानी (असिंचित) तथा पिछेती फसल की बुआई के लिए 45 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है।
  • जौं की बुआई 15 अक्तूबर से 15 नवम्बर तक करनी चाहिए।
  • जौं में भिन्न-भिन्न प्रकार के खरपतवार नाशकों के प्रयोग की सिफारिश की जाती है; जैसे-बाथू के लिए 2,4-डी, जौंधर के लिए एवाडैक्स बी०डब्ल्यू० तथा गुल्ली डंडे के लिए पिऊमा पावर आदि।
  • जौं के लिए 25 कि०ग्रा० नाइट्रोजन, 12 कि०ग्रा० फॉस्फोरस तथा 6 कि०ग्रा० पोटाश प्रति एकड़ के लिए आवश्यकता है।
  • जौं का कीड़ा है चेपा तथा रोग हैं-धारियों का रोग, कांगियारी तथा पीली कुंगी।
  • पंजाब में आषाढ़ी के दौरान मसर, चने तथा मटरों की कृषि कम क्षेत्रफल में की जाती है।
  • पंजाब में चने की बुआई दो हज़ार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है तथा औसत पैदावार पांच क्विंटल प्रति एकड़ है।
  • चने की फसल कम वर्षा वाले इलाकों के लिए ठीक रहती है।
  • चने के लिए अच्छे जल निकास वाली रेतली या हल्की भल्ल वाली भूमि अच्छी । रहती है।
  • चने की उन्नत किस्में हैं-जी०पी०एफ०-2 तथा पी०बी०जी०-1 सिंचाई योग्य (सेंजू) देसी चने की, पी०डी०जी०-4 तथा पी०डी०जी०-3 बरानी देसी चने की किस्में हैं।
  • काबली चने की किस्में हैं-एल०-552 तथा बी०जी०-1053।
  • देसी चने के लिए बीज की मात्रा 15-18 कि०ग्रा० प्रति एकड़ तथा काबली चने के लिए 37 कि०ग्रा० प्रति एकड़ है।
  • देसी चने की बरानी बुआई का उचित समय 10 से 30 अक्तूबर है।
  • चने में खरपतवार की रोकथाम के लिए टरैफलान अथवा सटोंप का प्रयोग किया जा सकता है।
  • देसी तथा काबली चने को 6 कि०ग्रा० नाइट्रोजन प्रति एकड़, देसी चने को 8 कि०ग्रा० फॉस्फोरस तथा काबली चने के लिए 16 कि०ग्रा० प्रति एकड़ की
    आवश्यकता होती है।
  • चने को दीमक तथा चने की सूंडी लग जाती है।
  • चने को झुलस रोग, उखेड़ा तथा तने का गलना रोग हो जाते हैं।
  • मसूर की कृषि 1100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाती है।
  • मसूर की औसत पैदावार 2-3 क्विंटल प्रति एकड़ के लगभग है।
  • मसूर की फसल क्षारीय, कलराठी तथा सेम वाली भूमि को छोड़कर प्रत्येक तरह की भूमि में हो जाती है।
  • मसूर की उन्नत किस्में हैं-एल०एल०-931 तथा एल०एल०-699।
  • मसूर के लिए 12-15 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • मसूर की बोबाई अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में होती है।
  • मसूर के लिए 5 कि०ग्रा० नाइट्रोजन प्रति एकड़, यदि बीज को जीवाणु टीका लगा हो तो 8 कि०ग्रा० फॉस्फोरस तथा यदि टीका न लगा हो तो 16 कि०ग्रा० फॉस्फोरस प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • मसर में छेद करने वाली सुंडी इसका मुख्य कीट है तथा झुलस रोग तथा कुंगी इसके मुख्य रोग हैं।
  • विश्व में सबसे अधिक तेल बीज पैदा करने वाला देश संयुक्त राज्य अमेरिका है।
  • भारत में सबसे अधिक तेल बीज राजस्थान में पैदा किए जाते हैं।
  • आषाढ़ी में बोये जाने वाले तेल बीज हैं-राईया, गोभी सरसों, तोरिया, तारामीरा, अलसी, कसुंभ, सूरजमुखी आदि।
  • राईया मध्यम से भारी वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उचित है।
  • राईया को हर प्रकार की भूमि में बोया जा सकता है।
  • राईया की उन्नत किस्में हैं -आर०एल०सी०-1, पी०बी०आर०-201, पी०बी०आर०-91 ।
  • राईया के लिए बीज की मात्रा है 1.5 कि०ग्रा० प्रति एकड़।
  • राईया के लिए बोबाई का समय मध्य अक्तूबर से मध्य नवम्बर है।
  • राईया के लिए 40 कि० ग्रा० नाइट्रोजन, 12 कि०ग्रा० फॉस्फोरस प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • राईया के कीट हैं-चितकबरी सूंडी, चेपा, सलेटी सूंडी, पत्ते का सुरंगी कीट।
  • राईया के रोग हैं-झुलस रोग, सफेद कुंगी, हरे पत्ते का रोग, पीले धब्बे का रोग।
  • गोभी सरसों की एक श्रेणी कनौला सरसों की है। इस तेल में इरुसिक अमल तथा खल में गलुको-सिनोलेटस कम होते हैं।
  • गोभी सरसों की किस्में हैं-पी०जी०एस०एच०-51, जी०एस०एल०-2, जी०एस०एल०-1
  • कनौला किस्में हैं-जी०एस०सी०-6, जी०एस०सी-5।
  • गोभी सरसों के लिए 1.5 कि०ग्रा० प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • गोभी सरसों के लिए 1.5 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • गोभी सरसों के नदीनों की रोकथाम के लिए वासालीन, बुआई से पहले तथा आईसोप्रोटयुरान का बुआई के बाद प्रयोग कर सकते हैं।
  • सूर्यमुखी के बीजों में 40-43% तेल होता है जिसमें कोलेस्ट्रोल कम होता है।
  • दुनिया में सबसे अधिक सूर्यमुखी यूक्रेन में पैदा होता है।
  • पंजाब में सूर्यमुखी की कृषि 20-21 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है। इसकी औसत पैदावार 6.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
  • अच्छे जल निकास वाली मध्यम भूमि सूर्यमुखी के लिए ठीक है।
  • सूर्यमुखी की उन्नत किस्में हैं-पी० एच० एस०-996, पी०एस०एच०-569, ज्वालामुखी।
  • सूर्यमुखी के लिए 2 कि०ग्रा० बीज प्रति एकड़ का प्रयोग किया जाता है।
  • सूर्यमुखी की बोबाई जनवरी माह के अन्त तक कर लेनी चाहिए।
  • एक बड़े पशु के लिए 40 कि०ग्रा० हरा चारा प्रतिदिन चाहिए होता है।
  • आषाढ़ी में चारे वाली फसलें हैं-बरसीम, शफ्तल, लूसण, जवी, राई घास तथा सेंजी।
  • बरसीम को चारों का बादशाह कहा जाता है।
  • बरसीम की किस्में हैं-बी०एल०-42, बी०एल०-10।
  • बरसीम के बीज की 8 से 10 किलो प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • बरसीम के बीज में से काशनी खरपतवार के बीजों को अलग कर लेना चाहिए।
  • सितम्बर के अन्तिम सप्ताह से अक्तूबर के पहले सप्ताह बरसीम की बुआई करनी | चाहिए।
  • बरसीम में बुई खरपतवार की रोकथाम के लिए वासालीन का प्रयोग करें।
  • जवी पौष्टिकता के आधार पर बरसीम के बाद दूसरे नंबर की चारे वाली फसल है।
  • जवी की किस्में हैं-ओ०एल०-9, कैंट।
  • जवी के बीज की 25 कि०ग्रा० प्रति एकड़ की आवश्यकता है।
  • जवी की बुआई अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से अक्तूबर के अंत तक करें।
  • जवी में गुडाई करके खरपतवारों पर नियन्त्रण किया जा सकता है।
  • जवी को 15 कि०ग्रा० नाइट्रोजन तथा 8 कि०ग्रा० फॉस्फोरस की प्रति एकड़ के हिसाब से बोबाई के समय आवश्यकता है।
  • जवी को रौणी सहित तीन से चार सिंचाइयों की आवश्यकता है।