PSEB 6th Class Hindi रचना कहानी-लेखन

Punjab State Board PSEB 6th Class Hindi Book Solutions Hindi Rachana Kahani Lekhan कहानी-लेखन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 6th Class Hindi रचना कहानी-लेखन

1. प्यासा कौआ

एक बार गर्मी का मौसम था। जेठ की दोपहर थी। आकाश से आग बरस रही थी। सभी प्राणी गर्मी से घबरा कर अपने आवासों में आराम कर रहे थे। पक्षी अपने घोंसलों में दोपहरी काट रहे थे। ऐसे समय में एक कौआ प्यास से छटपटा रहा था। वह पानी की तलाश में इधरउधर उड़ रहा था, परन्तु उसे कहीं पानी न मिला। अन्त में वह एक उद्यान में पहुंचा। वहाँ पानी का एक घड़ा पड़ा था। कौआ घड़े को पाकर बहुत प्रसन्न हुआ। वह उड़ कर घड़े के पास गया। उसने पानी पीने के लिए घड़े में अपनी चोंच डाली, परन्तु घड़े में पानी बहुत कम था। उसकी चोंच पानी तक न पहुँच सकी।उसके सब प्रयत्न व्यर्थ गए। तब भी उसने आशा न छोड़ी ।

उसी समय उसको एक युक्ति सूझी। वहाँ बहुत-से कंकर पड़े थे। उसने एक-एक घड़े में डालना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में पानी ऊपर आ गया। कौआ बड़ा प्रसन्न हुआ। उसने जी भर कर पानी पीया और ईश्वर का धन्यवाद किया। शिक्षा-
(क) जहाँ चाह वहाँ राह।
(ख) आवश्यकता आविष्कार की जननी है और
(ग) यत्न करने पर कोई-न-कोई उपाय निकल आता है।

PSEB 6th Class Hindi रचना कहानी-लेखन

‘2. फूट का दुष्परिणाम
अथवा
मूर्ख बिल्लियाँ और बन्दर

किसी गाँव में दो बिल्लियाँ रहती थीं। एक दिन दोनों बिल्लियाँ भूख के मारे बेचैन होकर इधर-उधर घूम रही थीं। अचानक उन्हें एक घर से रोटी का टुकड़ा मिला। दोनों बिल्लियाँ रोटी का टुकड़ा लेकर जंगल की ओर चल पड़ी। वे रोटी के टुकड़े को समान भागों में बाँटना चाहती थीं, परन्तु वे आपस में झगड़ने लगीं।

इतने में उधर से एक चालाक बन्दर आ निकला। उन दोनों को झगड़ते हुए देखकर बन्दर ने पूछा- “बहनों झगड़ती क्यों हो ? लाओ मैं इसे बाँटता हूँ।” वह तराजू लाया और रोटी के दो टुकड़े करके पलड़ों पर डाल दिए। एक पलड़ा नीचा था और दूसरा ऊँचा रहा। जिस ओर का पलड़ा नीचे था, उधर से बन्दर ने थोड़ा-सा तोड़ कर खा लिया। अब दूसरा पलड़ा नीचे हो गया, उससे भी कुछ तोड़ कर खा गया। इस प्रकार तराजू का जो भी पलड़ा नीचे हो जाता, बन्दर वहाँ से रोटी का टुकड़ा तोड़ कर खा लेता। अन्त में एक छोटा-सा टुकड़ा बच गया। बिल्लियाँ यह देखकर कहने लगीं- “हमें हमारी रोटी दे दो।” बन्दर कहने लगा, “यह मेरी तोलने की मजदूरी है।” यह कह कर वह बाकी बची रोटी भी खा गया। बिल्लियाँ मुँह देखती रह गईं। शिक्षा-
(1) परस्पर झगड़ने में सदा हानि होती है।
(2) आपसी झगड़े से दूसरे लाभ उठाते हैं।

3. जैसी संगत वैसी रंगत
अथवा
कुसंग का दुष्परिणाम

किसी नगर में एक धनी पुरुष रहता था। उसका एक पुत्र था । माता-पिता अपने पुत्र को लाड़-प्यार करते थे। वह अपनी श्रेणी में हमेशा प्रथम रहता था। उसके अध्यापक भी उसे बहुत प्यार करते और उसकी प्रशंसा करते थे।

दुर्भाग्य से वह बुरे लड़कों की संगति में रहने लगा। उसका ध्यान अब बुरी बातों में लग गया। वह समय पर विद्यालय न जाता और न ही अपना पाठ याद करता। कोई भी अध्यापक अब उसे प्यार नहीं करता था। उसकी शिकायत उसके पिता से की गई। पिता को बड़ी चिन्ता हुई। उन्होंने अपने पुत्र को समझाने के लिए एक उपाय सोचा। वे बाज़ार से एक सुन्दर आमों की टोकरी ले आए। बाद में अपने पुत्र को बुला कर उसे एक सड़ागला आम देकर कहा कि इसे भी टोकरी में रख दो। पुत्र ने वैसा ही किया।

प्रातःकाल पिता ने पुत्र को वही आमों की टोकरी उठा लाने के लिए कहा। जब टोकरी खोली गई तो सारे आम सड़े पड़े थे। पुत्र ने आश्चर्य से पूछा-“पिता जी! ये सारे आम कैसे सड़ गए ?”
पिता ने समझाया, “बेटा, जैसे एक सड़े-गले आम से सारे अच्छे आम खराब हो गए हैं, उसी तरह बुरे लड़कों की संगति से सब अच्छे बालक बुरी बातों को अपना लेते हैं। इसलिए अच्छे बालकों से संगति करो।” पुत्र पर इस बात का बहुत असर पड़ा। उसने बुरे लड़कों की संगति को छोड़ दिया और दिल लगाकर पढ़ने लगा। शिक्षा-
(1) बुरी संगति से बचकर रहो।
(2) बुरी संगति से अकेला भेला।

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4. दो मित्र और रीछ

एक बार दो मित्र इकटे व्यापार करने घर से चले। दोनों ने एक-दूसरे को क्चन दिया कि वे मुसीबत के समय एक-दूसरे की सहायता करेंगे। चलते-चलते दोनों एक भयंकर जंगल में जा पहुँचे। जंगल बहुत विशाल तथा घना था। दोनों मित्र सावधानी से जंगल में से गुजर रहे थे। एकाएक उन्हें सामने से एक रीछ आता हुआ दिखाई दिया। दोनों मित्र भयभीत हो गए। उस रीछ को पास आता देखकर एक मित्र जल्दी से वृक्ष पर चढ़कर पत्तों में छिप कर बैठ गया। दूसरे मित्र को वृक्ष पर चढ़ना नहीं आता था। वह घबरा गया, परन्तु उसने सुना था कि रीछ मरे हुए आदमी को नहीं खाता। वह झट से अपनी साँस रोक कर भूमि पर लेट गया।

रीछ ने पास आकर उसे सूंघा और मरा हुआ समझा कर वहाँ से चला गया। कुछ देर बाद पहला मित्र वृक्ष से नीचे उतरा। उसने दूसरे मित्र से कहा-“उठो, रीछ चला गया । यह तो बताओ कि उसने तुम्हारे कान में क्या कहा ?” भूमि पर लेटने वाले मित्र ने कहा कि रीछ केवल यही कह रहा था कि स्वार्थी मित्र पर विश्वास मत करो।
शिक्षा-
(1) मित्र वह है जो विपत्ति में काम आए।
(2) स्वार्थी मित्र से हमेशा दूर रहो।

5. लोभी ब्राह्मण

किसी वन में एक बूढ़ा शेर रहता था। वह शिकार करने में असमर्थ हो गया। एक दिन : उसे सोने का एक कड़ा जंगल में पड़ा मिला। कड़ा पाकर शेर मन-ही-मन प्रसन्न हुआ। वह एक तालाब के किनारे पर रहने लगा। एक बार एक ब्राह्मण वहाँ से गुजर रहा था। उसे देखकर शेर ने ऊँचे स्वर में कहा, “हे पथिक! यह सोने का कड़ा दान में ले लो।” ब्राह्मण ने शेर से कहा, “तू हिंसक है, तुझ पर कौन विश्वास करेगा ?”

शेर ने उत्तर दिया, “तुम्हारी बात ठीक है, मैंने जवानी में बहुत-से लोगों को मार कर खाया है, किन्तु अब मेरे दाँत और नाखून गल गए हैं। पापों का प्रायश्चित्त करने के लिए तालाब के किनारे पर रहता हूँ। अब इस बुढ़ापे में मैं अपने हाथ का कड़ा भी दान करना चाहता हूँ। इसलिए, आओ तालाब में नहा कर कड़ा ग्रहण करो।

लोभी ब्राह्मण शेर की बातों में आ गया। उसने स्नान किया और वह कीचड़ में फँस गया। शेर ने उसे वहीं पकड़ लिया और मार कर खा गया। इसलिए कहा गया अत्यन्त लोभ नहीं करना चाहिए। शिक्षा-लालच बुरी बला है।

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6. एकता में बल है

किसी गाँव में एक किसान रहता था। उसके चार पुत्र थे। वे सदा आपस में झगड़ते रहते थे। पिता ने उन्हें कई बार समझाया, परन्तु उन पर कोई असर नहीं हुआ। एक दिन किसान सख्त बीमार हो गया, उसके बचने की कोई आशा न थी। उसे एक उपाय सूझा। उसने अपने पुत्रों को बुलाया और एक लकड़ियों का गट्ठा लाने को कहा। जब लकड़ियों का गट्ठा आ गया तो उसने प्रत्येक को उसे तोड़ने के लिए कहा, परन्तु कोई भी गढे को तोड़ने में सफल न हो सका।

फिर बूढ़े किसान ने गट्ठा खोल कर एक-एक लकड़ी तोड़ने के लिए कहा। सब आसानी से लकड़ी तोड़ने में सफल हो गए। तब उसने पुत्रों को समझाया कि एकता में बल है। यदि तुम मिल-जुल कर रहोगे तो तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचा सकेगा। यदि तुम अलगअलग रहोगे तो इन लकड़ियों के समान टूट जाओगे। लड़कों ने लड़ना बन्द कर दिया और मिल-जुलकर रहने लगे। शिक्षा-संगठन में शक्ति है।

7. खरगोश और शेर

किसी वन में भासुरक नामक एक शेर रहता था। वह प्रतिदिन वन के बहुत-से पशुओं को मार देता था। एक दिन वन के पशुओं ने एकत्रित होकर सलाह की कि शेर के पास चल कर उसे समझाएँ कि प्रतिदिन इस प्रकार पशुओं का वध होता रहा तो वन पशुओं से रहित हो जाएगा। यदि एक पशु प्रतिदिन शेर के पास भोजन के लिए चला जाया करे तो पशुओं का इतना नाश न होगा। शेर इस बात पर सहमत हो गया।

एक दिन खरगोश की बारी आई। मार्ग में चलते हुए उसे एक कुआँ दिखाई दिया। झाँक कर देखा तो उसमें उसे अपनी परछाईं दिखाई दी। उसे शेर को मारने का उपाय सूझ गया। वह शेर के पास विलम्ब से पहुँचा। शेर बड़ा भूखा था। उसने क्रुद्ध होकर देर से आने का कारण पूछा। खरगोश ने अनुनय-विनय करते हुए कहा कि मुझे मार्ग में दूसरे शेर ने रोक लिया था। उसके पूछने पर मैंने कहा कि मैं वन के राजा भासुरक के पास भोजन के लिए जा रहा हूँ। उसने कहा कि वन का राजा तो मैं हूँ, भासुरक नहीं। चार खरगोश यहाँ छोड़कर तुम भासुरक को बुला कर लाओ। हम में से जो बलवान् होगा वही खरगोशों को खाएगा। चालाक खरगोश ने कुएँ के पास ले जाकर भासुरक को उसकी परछाईं दिखा दी । दूसरा सिंह समझ कर भासुरक ने कुएँ में छलांग लगा दी और वह मर गया। वन के पशुओं ने सुख की साँस ली। शिक्षा-बुद्धि सबसे बड़ा बल है।

PSEB 6th Class Hindi रचना कहानी-लेखन

8. हाथी और दर्जी

किसी राजा के पास एक हाथी था। हाथी प्रतिदिन स्नान करने के लिए नदी पर जाया करता था। रास्ते में एक दर्जी की दुकान पड़ती थी। दर्जी बहुत दयालु तथा उदार था। उसकी हाथी से मित्रता हो गई वह हाथी को प्रतिदिन कुछ खाने के लिए देता था।

एक दिन दर्जी क्रोध में बैठा हुआ था। हाथी आया और कुछ प्राप्त करने के लिए अपनी लँड आगे की। दर्जी ने उसे कुछ,खाने के लिए नहीं दिया, अपितु उसकी सूंड में सूई चुभो दी। हाथी को क्रोध आ गया। वह नदी पर गया। उसने स्नान किया और लौटते समय अपनी सँड में गन्दा पानी भर लिया। दर्जी की दुकान पर उसने सारा गन्दा पानी उसके कपड़ों पर फेंक दिया। दर्जी के सारे कपड़े खराब हो गए। इस तरह हाथी ने दर्जी से बदला लिया।
शिक्षा-जैसे को तैसा।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

Punjab State Board PSEB 6th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Muhavare मुहावरे Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 6th Class Hindi Grammar मुहावरे

मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य सहित प्रयोग)

अंग अंग ढीला होना (थक जाना) – आज सुबह से मैंने इतना काम किया है कि मेरा अंग-अंग ढीला हो गया है।
अंगूठा दिखाना (विश्वास दिलाकर मौके पर इन्कार कर देना) – नेता लोग चुनाव के दिनों में बीसियों वायदे करते हैं, परन्तु बाद में अंगूठा दिखा देते हैं।
अगर-मगर करना (टाल-मटोल करना) – जब मैंने मोहन से दस रुपए उधार मांगे तो वह अगर-मगर करने लगा।
अंगुली उठाना (दोष लगाना, निन्दा करना) – कर्त्तव्यपरायण व्यक्ति पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता।
अन्धे की लकड़ी (एक मात्र सहारा) – श्रवण अपने माता-पिता की अन्धे की लकड़ी था।
अन्धेरे घर का उजाला (इकलौता बेटा) – रमन अन्धेरे घर का उजाला है, इसका ध्यान रखो।
अपनी खिचड़ी अलग पकांना (सबसे अलग रहना) – सबके साथ मिलकर रहना चाहिए, अपनी खिचड़ी अलग पकाने से कोई लाभ नहीं होता।
अपना उल्लू सीधा करना (स्वार्थ निकालना) – आजकल हर कोई अपना उल्लू सीधा करना चाहता है।
आँख उठाना (बुरी नज़र से देखना) – मेरे जीते जी तुम्हारी तरफ कोई आँख उठाकर नहीं देख सकता।
आँखें दिखाना (क्रोध से घूरना) – मैं इनसे नहीं डरता, ये आँखें किसी अन्य को दिखाओ।
आँख का तारा (बहुत प्यारा) – श्री रामचन्द्र जी राजा दशरथ की आँखों के तारे थे।
आँखों में धूल झोंकना (धोखा देना) – चोर सिपाहियों की आँखों में धूल झोंक कर भाग गया।
आँख फेर लेना (बदल जाना) – अक्सर लोग काम निकल जाने पर आँखें फेर लेते हैं।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

आँख मारना (इशारा करना) – सुरेश ने जब राजेश से पुस्तक मांगी तो रमेश ने राजेश को पुस्तक न देने के लिए आँख मार दी।
आकाश से बातें करना (बहुत ऊँचे होना) – कुतुबमीनार आकाश से बातें करता है।
आकाश-पाताल एक करना (बहुत प्रयत्न करना) – उसने परीक्षा में सफल होने के लिए आकाश-पाताल एक कर दिया परन्तु सफल न हो सका।
आसमान सिर पर उठाना (बहुत शोर करना) – अध्यापक के कक्षा छोड़ने पर लड़कों ने आसमान सिर पर उठा लिया।
इधर-उधर की हांकना (व्यर्थ गप्पें हांकना) – राम सदैव इधर-उधर की हांकता रहता
ईंट से ईंट बजाना (बिल्कुल नष्ट कर देना) – नादिरशाह ने दिल्ली की ईंट से ईंट बजा दी थी।
ईद का चाँद होना (बहुत दिनों के बाद दिखाई पड़ना) – अरे सुरेश, आजकल कहाँ रहते हो, तुम तो ईद का चाँद हो गए हो।
उंगली उठाना (निन्दा करना) – विरोधी भी गाँधी जी पर उंगली उठाने की हिम्मत नहीं करते थे।
उल्लू बनाना (मूर्ख सिद्ध करना) – सोहन के दोस्तों ने उसे ऐसा उल्लू बनाया कि उसका सारा धन उससे छीनकर ले गए।
उल्टी गंगा बहाना (उल्टी बातें करना) – गलती न होने पर भी बाप ने बेटे से क्षमा मांग कर उल्टी गंगा बहा दी।
एक आँख से देखना (बराबर का बर्ताव) – माता-पिता अपने सभी बच्चों को एक आँख से देखते हैं।
एड़ी चोटी का जोर लगाना (पूरा जोर लगाना) – सुदेश ने परीक्षा में पास होने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया परन्तु फिर भी वह असफल रही।
कमर कसना (तैयार होना) – ग़रीबी को दूर करने के लिए सबको कमर कसनी चाहिए।
कमर टूटना (निराश हो जाना) – नौजवान बेटे की मृत्यु ने बूढ़े बाप की कमर तोड़ दी।
काम आना (युद्ध में मारे जाना) – भारत-पाक युद्ध में अनेकों भारतीय सैनिक काम आए।
कफ़न सिर पर बांधना (मरने के लिए तैयार रहना) – भारत की रक्षा के लिए कई वीर सदैव सिर पर कफ़न बांधे फिरते हैं।
काला अक्षर भैंस बराबर (अनपढ़ व्यक्ति) – ग्रामों में बहुत व्यक्ति ऐसे हैं, जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है।
कुत्ते की मौत मरना (बुरी हालत में मरना) – शराबी व्यक्ति सदैव कुत्ते की मौत मरते हैं।
कलेजे पर साँप लोटना (ईर्ष्या से जलना) – मोहन की सफलता पर उसके पड़ोसी के कलेजे पर साँप लोटने लगा।
कोल्हू का बैल (दिन रात कार्य करने वाला) – आजकल कोल्हू का बैल बनने पर भी बड़ी कठिनता से निर्वाह होता है।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

कोरा जवाब देना (साफ़ इन्कार करना) – जब उसने सुरेन्द्र से पुस्तक मांगी तो उसने कोरा जवाब दे दिया।
खाला जी का घर (आसान काम) – मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करना खाला जी का घर नहीं है।
खून का प्यासा (कट्टर शत्रु) – आजकल तो भाई-भाई के खून का प्यासा बन गया है।
खून का चूंट पीना (क्रोध को दिल में दबाए रखना) – हरगोपाल की पुत्रवधू उसकी गालियाँ सुनकर खून का चूंट पीये रहती है।
खरी-खरी सुनाना (सच्ची बात कहना) – अंगद ने जब रावण को खरी-खरी सुनाई तो वह अंगारे उगलने लगा।
गुदड़ी का लाल (छुपा रुस्तम) – मुन्शी प्रेमचन्द गुदड़ी के लाल थे। गप्पें हांकना (व्यर्थ की बातें करना) – मुकेश सदैव गप्पें हांकता रहता है। पढ़ाई की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देता।
गुड़ गोबर करना (बनी बनाई बात बिगाड़ देना) – काम तो बन गया था परन्तु तुमने बीच में बोलकर गुड़ गोबर कर दिया।
घर में गंगा (सहज प्राप्ति) – अरे सुरेश, तुम्हें पढ़ाई की क्या चिन्ता ? तुम्हारा भाई अध्यापक है, तुम्हारे तो घर में गंगा बहती है।
घर सिर पर उठाना (बहुत शोर करना) – छुट्टी के दिन बच्चे घर सिर पर उठा लेते हैं।
घाव पर नमक छिड़कना (दुःखी को और दुखाना) – बेचारी उमा विवाह होते ही विधवा हो गई, अब उसकी सास हरदम बुरा-भला कहकर उसके घाव पर नमक छिड़कती
घी के दिये जलाना (प्रसन्न होना) – जब श्री रामचन्द्र जी अयोध्या वापिस लौटे तो लोगों ने घी के दिये जलाए।
चकमा देना (धोखा देना) – चोर पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
चल बसना (मर जाना) – श्याम के पिता दो वर्ष की लम्बी बीमारी के बाद कल चल बसे।
छक्के छुड़ाना (बुरी तरह हराना) – 1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना के छक्के छुड़ा दिए थे।
छोटा मुँह बड़ी बात (बात बढ़ा-चढ़ा कर कहना) – कई लोगों को छोटा मुँह बड़ी बात कहने की आदत होती है।
जूतियाँ चाटना (खुशामद करना) – स्वार्थी आदमी अपने काम के लिए अफसरों की जूतियाँ चाटते फिरते हैं।
जान पर खेलना (प्राणों की परवाह न करना) – लाला लाजपतराय जैसे देशभक्त भारत की स्वतन्त्रता के लिए अपनी जान पर खेल गए।
ज़मीन आसमान एक करना (बहुत प्रयत्न करना) – रमेश ने नौकरी पाने के लिए ज़मीन आसमान एक कर दिया लेकिन असफल रहा।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

टका-सा जवाब देना (कोरा जवाब देना) – जब मैंने सुरेश से पुस्तक मांगी तो उसने मुझे टका-सा जवाब दे दिया।
टांग अड़ाना (व्यर्थ दखल देना, रुकावट डालना) – मोहन, तुम क्यों दूसरों के कार्य में टांग अडाते हो।
टेढ़ी खीर (कठिन कार्य) – मुख्याध्यापक से टक्कर लेना टेढ़ी खीर है।
ठोकरें खाना (धक्के खाना) – आजकल तो एम० ए० पास भी नौकरी के लिए ठोकरें खाते फिरते हैं।
डींग मारना (शेखी मारना) – राकेश डींगें तो मारता है लेकिन वैसे पाई-पाई के लिए मरता है।
डंका बजना (प्रभाव होना, अधिकार होना, विजय पाना) – आज विश्व भर में अमेरिका की शक्ति का डंका बज रहा है।
डूबते को तिनके का सहारा (संकट में थोड़ी-सी सहायता मिलना) – इस विपत्ति में तुम्हारे पाँच रुपए भी मेरे लिए डूबते को तिनके का सहारा सिद्ध होंगे।
तूती बोलना (प्रभाव होना, बात का माना जाना) – आजकल हर जगह धनी लोगों की ही तूती बोलती है।
तलवे चाटना (चापलूसी करना) – मुनीश दूसरों के तलवे चाट कर काम निकालने में बहुत निपुण है।
ताक में रहना (अवसर देखते रहना) – चोर सदैव चोरी करने की ताक में रहते हैं।
दाँतों तले उंगली दबाना (आश्चर्य प्रकट करना) – महान् तपस्वी भी रावण की कठिन तपस्या देखकर दाँतों तले उंगली दबाते थे।
दाहिना हाथ (बहुत सहायक) – जवान पुत्र अपने पिता के लिए दाहिना हाथ सिद्ध होता है।
दिन में तारे नज़र आना (कोई अनहोनी घटना होने से घबरा जाना) – जंगल में शेर को अपनी ओर लपकते देखकर प्रमोद को दिन में तारे नज़र आ गए।
दाँत खट्टे करना (हराना) – महाराणा प्रताप ने युद्ध में कई बार मुगलों के दाँत खट्टे किए।
दिन दुगुनी रात चौगुनी (अत्यधिक उन्नति) – भारत आजकल दिन दुगुनी रात चौगुनी उन्नति कर रहा है।
धज्जियाँ उड़ाना (पूरी तरह खण्डन करना) – महात्मा गाँधी ने अंग्रेज़ों के अत्याचारों की धज्जियाँ उड़ा दीं।
नाकों चने चबाना (खूब तंग करना) – भारतीय सैनिकों ने शत्रु को नाकों चने चबा दिए।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

नाक में दम करना (बहुत तंग करना) – तुमने तो मेरे नाक में दम कर रखा है।
पानी-पानी होना (बहुत लज्जित होना) – चोरी पकड़े जाने पर सुरेश पानी-पानी हो गया।
पीठ दिखाना (युद्ध से भाग जाना) – युद्ध में पीठ दिखाना कायरों का काम है, वीरों का नहीं।
पगड़ी उछालना (अपमान करना) – बड़ों की पगड़ी उछालना सज्जन पुरुष को शोभा नहीं देता।
पत्थर की लकीर (अटल बात) – श्री जय प्रकाश नारायण का कथन पत्थर की लकीर सिद्ध हुआ।
पापड़ बेलना (कई तरह के काम करना) – महेश ने नौकरी प्राप्त करने के लिए कई पापड़ बेले, फिर भी असफल रहा।
पसीना-पसीना होना (घबरा जाना) – कठिन पर्चा देखकर गीता पसीना-पसीना हो गई।
फूला न समाना (बहुत प्रसन्न होना) – परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनकर आशा फूली न समाई।
फूट-फूट कर रोना (बहुत अधिक रोना) – पिता के मरने का समाचार सुनकर रमा फूट-फूट कर रोने लगी।
बगुला भक्त (कपटी) – मोहन को अपनी कोई बात न बताना, वह बगुला भक्त है।
बायें हाथ का खेल (आसान काम) – दसवीं की परीक्षा पास करना बायें हाथ का खेल नहीं है।
बाल बांका न करना (हानि न पहुँचाना) – मेरे होते हुए कोई तुम्हारा बाल बांका नहीं कर सकता।
बाल-बाल बच जाना (साफ-साफ बच जाना) – आज ट्रक और बस की दुर्घटना में यात्री बाल-बाल बच गए।
मुँह की खाना (बुरी तरह हारना) – 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान को मुँह । की खानी पड़ी थी।
रफू-चक्कर होना (भाग जाना) – जेब काट कर जेबकतरा रफू-चक्कर हो गया।
रंग में भंग पड़ना (मज़ा किरकिरा होना) – जलसा शुरू ही हुआ था कि रंग में भंग पड़ गया।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran मुहावरे

लाल-पीला होना (क्रुद्ध होना) – पहले बात तो सुन लो, व्यर्थ में क्यों लाल-पीले हो रहे हो।
लोहा मानना (शक्ति मानना) – सारा यूरोप नेपोलियन का लोहा मानता था।
लेने के देने पड़ जाना (लाभ के बदले हानि होना) – भारत पर आक्रमण करके पाकिस्तान को लेने के देने पड़ गए।
लोहे के चने चबाना (अति कठिन काम) – भारत पर आक्रमण करके चीन को लोहे के चने चबाने पड़े।
लहू पसीना एक करना (बहुत परिश्रम करना) – आजकल लहू पसीना एक करने पर भी अच्छी तरह से जीवन निर्वाह नहीं हो पाता।
सिर पर भूत सवार होना (अत्यधिक क्रोध में आना) – अरे सुरेश, राम के सिर पर तो भूत सवार हो गया है, वह तुम्हारी एक न मानेगा।
सिर नीचा होना (इज्ज़त बिगड़ना) – नकल करते हुए पकड़े जाने पर प्रभा का अपना सिर नीचा हो गया।
हवा से बातें करना (तेज़ भागना) – शीघ्र ही हमारी गाड़ी हवा से बातें करने लगी।
हक्का -बक्का रह जाना (हैरान रह जाना) – वरिष्ठ नेता जगजीवन राम के कांग्रेस छोड़ने पर श्रीमती इन्दिरा गाँधी हक्की-बक्की रह गईं थीं!
हाथ धो बैठना (खो देना, छिन जाना) – पाकिस्तान युद्ध में कई युद्ध पोतों तथा पनडुब्बियों से हाथ धो बैठा।
हाथ-पैर मारना (प्रयत्न करना) – डूबते बच्चे को बचाने के लिए लोगों ने खूब हाथ-पैर मारे परन्तु सफल न हो सके।
हथियार डाल देना (हार मान लेना) – बंगला देश में पाकिस्तानी सेना ने साधारण से युद्ध के बाद हथियार डाल दिए।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran वाक्यांश बोधक शब्द

Punjab State Board PSEB 6th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Vakyansh Bodhak Shabd वाक्यांशों के लिए एक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 6th Class Hindi Grammar वाक्यांश बोधक शब्द

वाक्यांश बोधक शब्द

जो कभी जन्म न ले – अजन्मा, अज
जो दिखाई न दे – अदृश्य
जो पढ़ा हुआ न हो – अनपढ़
जिसका आदि न हो – अनादि
जिसका कोई शत्रु पैदा न हुआ हो – अजातशत्रु
जो परीक्षा में पास न हो – अनुत्तीर्ण
जो विद्या ग्रहण करे – विद्यार्थी
जो बिना वेतन के काम करे – अवैतनिक
जो दूर की न सोचे – अदूरदर्शी
जिसका अन्त न हो – अनन्त

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran वाक्यांश बोधक शब्द

जिसको कोई जीत न सके – अजेय
जिस पर विश्वास न किया जा सके – अविश्वसनीय
बिना सोचे-समझे किया जाने वाला विश्वास – अन्धविश्वास
जो कानून के प्रतिकूल हो – अवैध
जिसके समान दूसरा कोई, न हो – अद्वितीय
जो पहले कभी न हुआ हो – अभूतपूर्व
जो मनुष्यता के अनुकूल न हो – अमानवीय
जिसकी तुलना न की जा सके – अतुलनीय
जिसके माता-पिता न हों – अनाथ
जो ईश्वर को मानता हो – आस्तिक
जो सारे जन्म तक हो – आजन्म
जो अपने पर बीती हो – आपबीती
जिसने ऋण चुका दिया हो – उऋण
इतिहास से सम्बन्ध रखने वाला – ऐतिहासिक
जो काम करने से दिल चुराए – कामचोर
जो किए हुए उपकार को भूल जाए – कृतघ्न
जो काम करने वाला हो – कर्मठ
जिसकी चार भुजाएं हों – चतुर्भुज
जिसके मुँह से आग निकलती हो – ज्वालामुखी

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran वाक्यांश बोधक शब्द

जो जानने की इच्छा रखता हो – जिज्ञासु
जल में रहने वाला या घूमने वाला – जलचर
तीन महीने बाद आने वाला – त्रैमासिक
जहाँ कठिनता से पहुँचा जाए – दुर्गम
जिसमें दया हो – दयालु
जो दूर की बातें सोचता हो – दूरदर्शी
जो प्रतिदिन होता हो – दैनिक
पति और पत्नी का जोडा – दम्पति
जिसका कोई आकार न हो – निराकार
जो ईश्वर में विश्वास न करता हो – नास्तिक
जिसमें दया न हो – निर्दय
जिसमें कोई रस न हो – नीरस
जो (स्त्री) पति-भक्त हो – पतिव्रता
जो आँखों के सामने हो – प्रत्यक्ष
जो आँखों के पीछे हो – परोक्ष
जो दूसरों का भला करे – परोपकारी
केवल फल खाने वाला – फलाहारी

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran वाक्यांश बोधक शब्द

जो अनेक रूप धारण कर सकता हो – बहुरूपिया
जो मीठा बोलने वाला हो – मधुरभाषी
मांस खाने वाला – मांसाहारी
सोच-समझकर खर्च करने वाला – मितव्ययी
जो एक मास में होता हो – मासिक
जिससे कुछ लाभ प्राप्त हो – लाभदायक
जिसकी पत्नी मर गई हो – विधुर
जिसका पति मर गया हो – विधवा
जिस पर विश्वास किया जा सके – ‘विश्वसनीय
विष से भरा हुआ – विषैला
ऐश्वर्य में लीन रहने वाला – विलासी
जो व्यक्ति बहुत बोलने वाला हो – वाचाल
जो वर्ष में एक बार हो – वार्षिक
केवल सब्जी खाने वाला – शाकाहारी

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran वाक्यांश बोधक शब्द

जिसका पति जीवित हो – सधवा
जिसमें सहनशक्ति हो – सहनशील
जो सप्ताह में एक बार हो – साप्ताहिक
जो अच्छे आचरण वाला हो – सदाचारी
जो सब कुछ जानने वाला हो – सर्वज्ञ
जो साथ पढ़ता हो – सहपाठी
जो स्वयं सेवा करता हो – स्वयंसेवक

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran शुद्ध-अशुद्ध

Punjab State Board PSEB 6th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Shuddh-Ashuddh शुद्ध-अशुद्ध Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 6th Class Hindi Grammar शुद्ध-अशुद्ध

अशुद्ध – शुद्ध
प्रयाप्त – पर्याप्त
आधीन – अधीन
शात्र – छात्र
श्रृंगार – शृंगार
बहीन – बहन
प्रगट – प्रकट
प्रमात्मा – परमात्मा
गियान -ज्ञान
पत्नीयों – पत्नियों
जाग्रति – जागृति
श्राप – शाप
परिक्षा – परीक्षा
सुचि – सूची
स्वास्थ – स्वास्थ्य
जन्ता – जनता
अनीवार्य – अनिवार्य

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

अवश्यकता – आवश्यकता
प्रमाणु – परमाणु
बुद्यिमान – बुद्धिमान्
मीठाई – मिठाई
प्रन्तु – परन्तु
शरन – शरण
मिठाईयां – मिठाइयाँ
अनन्द – आनन्द
जित – जीत
पेंसल – पेंसिल
कवी – कवि
आश्य – आशय
प्रमान – प्रमाण
दुश्ट – दुष्ट
शान्ती – शान्ति
पैत्रिक – पैतृक
स्मृद्धि – समृद्धि
स्वयंम्बर – स्वयंवर
कवित्री – कवयित्री
औषधी – औषधि

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

उज्जवल- उज्ज्वल
सुन्द्र – सुन्दर
परीश्रम – परिश्रम
नदि – नदी
दुरोपयोग – दुरुपयोग
न्यायधीश – न्यायाधीश
आग्या – आज्ञा
दूख – दुःख
परार्थना – प्रार्थना
कृश्ण – कृष्ण
महातमा – महात्मा
प्रतीख्श – प्रतीक्षा
लक्षमी – लक्ष्मी
पंडत – पंडित
मन्दर – मन्दिर
हिरदा – हृदय
सुरेन्दर – सुरेन्द्र
अमोद-परमोद – आमोद-प्रमोद
गुपत – गुप्त
त्यारी – तैयारी
गणेश – गणेश
सुतंतर – स्वतंत्र

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 6th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Paryayvachi ya Samanarthak Shabd पर्यायवाची या समानार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 6th Class Hindi Grammar पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

अग्नि – अनल, पावक, आग, दहन, ज्वाला।
अपमान – अनादर, तिरस्कार, निरादर।
अमृत – सुधा, पीयूष, सोम।
असुर – राक्षस, दैत्य, दानव, दनुज ।
अन्धकार – अन्धेरा, तम, तिमिर।
अश्व – घोड़ा, वाजी, घोटक।
आंख – नेत्र, चक्षु, नयन, लोचन।
आकाश – गगन, अम्बर, नभ, आसमान, अन्तरिक्ष ।
इनाम – पुरस्कार, पारितोषिक, आनन्दकर।
इच्छा – अभिलाषा, चाह, मनोरथ, कामना, लालसा।
इन्द्र – देवेन्द्र, सुरेन्द्र, सुरपति, देवराज।
ईश्वर – ईश, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु।
उषा – प्रभात, सवेरा, निशान्त।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

उद्देश्य – मकसद, लक्ष्य, ध्येय।
उपकार – हित, भलाई, नेकी, भला।
कपड़ा – वस्त्र, अम्बर, पट, वसन।
कमल – जलज, नलिन, पंकज, सरोज, राजीव, नीरज।
कान – कर्ण, श्रोता, श्रवण।
किनारा – तट, तीर, कूल।
किरण – रश्मि, अंशु, कर।
केश – बाल, अलक. कच।
कोयल – पिक, कोकिल।
क्रोध – गुस्सा, रोष, कोप।
गंगा – भागीरथी, देवनदी, सुरसरी, नदीश्वरी।
गृह – घर, सदन, निकेतन, भवन, वास, आलय, शाला।
चन्द्रमा – शशि, चन्द्र, राकेश, चाँद, सोम।
जल – नीर, पानी, पय, रस।
तलवार – खड्ग, कृपाण, करवाल।
तालाब – सर, सरोवर, जलाशय, ताल ।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

दास – नौकर, सेवक, अनुचर।
देवता – सुर, अमर, देव।
दुनिया – विश्व, संसार, जगत्, जग, भूमण्डल।
दूध – दुग्ध, गोरस, पय, क्षीर।
नदी – सरिता, जलमाला, नद, तटनी।
नारी – स्त्री, महिला, अबला, वनिता।
नाव – नौका, तरिणी, जलयान, बेड़ा।
पवन – हवा, वायु, समीर, अनिल।
पत्नी – वधू, गृहिणी, स्त्री, प्राणप्रिया, भार्या ।
पति – स्वामी, नाथ, प्राणनाथ।
पर्वत – गिरि, पहाड़, शैल, नग, अचल।
पक्षी – खग, पतंग, नभचर। पुत्र-सुत,बेटा, लड़का, पूत।
पुत्री – सुता, बेटी, लड़की।
पुष्प – कुसुम, सुमन, फूल, प्रसून ।
पृथ्वी – भू, भूमि, धरती, वसुधा, धरा।

PSEB 6th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

बाग – बगीचा, वाटिका, उपवन, उद्यान।
बादल – मेघ, घन, जलद, नीरद।
माता – जननी, माँ, मात, मैया, अम्ब ।
मृत्यु – निधन, देहान्त, अन्त, मौत।
मनुष्य – मनुज, नर, आदमी, मानव, पुरुष।
युवक – जवान, युवा, तरुण।
राजा – नृप, नरेश, सम्राट्, नरेन्द्र, नरपति।
रात – रजनी, निशा, रात्रि।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Paryayvachi ya Samanarthak Shabd पर्यायवाची या समानार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

अग्नि – अनल, पावक, आग, दहन, ज्वाला।
अपमान – अनादर, तिरस्कार, निरादर।
अमृत – सुधा, पीयूष, सोम।
असुर – राक्षस, दैत्य, दानव, दनुज ।
अन्धकार – अन्धेरा, तम, तिमिर।
अश्व – घोड़ा, वाजी, घोटक।
आंख – नेत्र, चक्षु, नयन, लोचन।
आकाश – गगन, अम्बर, नभ, आसमान, अन्तरिक्ष ।
इनाम – पुरस्कार, पारितोषिक, आनन्दकर।
इच्छा – अभिलाषा, चाह, मनोरथ, कामना, लालसा।
इन्द्र – देवेन्द्र, सुरेन्द्र, सुरपति, देवराज।
ईश्वर – ईश, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु।
उषा – प्रभात, सवेरा, निशान्त।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

उद्देश्य – मकसद, लक्ष्य, ध्येय।
उपकार – हित, भलाई, नेकी, भला।
कपड़ा – वस्त्र, अम्बर, पट, वसन।
कमल – जलज, नलिन, पंकज, सरोज, राजीव, नीरज।
कान – कर्ण, श्रोता, श्रवण।
किनारा – तट, तीर, कूल।
किरण – रश्मि, अंशु, कर।
केश – बाल, अलक. कच।
कोयल – पिक, कोकिल।
क्रोध – गुस्सा, रोष, कोप।
गंगा – भागीरथी, देवनदी, सुरसरी, नदीश्वरी।
गृह – घर, सदन, निकेतन, भवन, वास, आलय, शाला।
चन्द्रमा – शशि, चन्द्र, राकेश, चाँद, सोम।
जल – नीर, पानी, पय, रस।
तलवार – खड्ग, कृपाण, करवाल।
तालाब – सर, सरोवर, जलाशय, ताल ।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

दास – नौकर, सेवक, अनुचर।
देवता – सुर, अमर, देव।
दुनिया – विश्व, संसार, जगत्, जग, भूमण्डल।
दूध – दुग्ध, गोरस, पय, क्षीर।
नदी – सरिता, जलमाला, नद, तटनी।
नारी – स्त्री, महिला, अबला, वनिता।
नाव – नौका, तरिणी, जलयान, बेड़ा।
पवन – हवा, वायु, समीर, अनिल।
पत्नी – वधू, गृहिणी, स्त्री, प्राणप्रिया, भार्या ।
पति – स्वामी, नाथ, प्राणनाथ।
पर्वत – गिरि, पहाड़, शैल, नग, अचल।
पक्षी – खग, पतंग, नभचर। पुत्र-सुत,बेटा, लड़का, पूत।
पुत्री – सुता, बेटी, लड़की।
पुष्प – कुसुम, सुमन, फूल, प्रसून ।
पृथ्वी – भू, भूमि, धरती, वसुधा, धरा।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

बाग – बगीचा, वाटिका, उपवन, उद्यान।
बादल – मेघ, घन, जलद, नीरद।
माता – जननी, माँ, मात, मैया, अम्ब ।
मृत्यु – निधन, देहान्त, अन्त, मौत।
मनुष्य – मनुज, नर, आदमी, मानव, पुरुष।
युवक – जवान, युवा, तरुण।
राजा – नृप, नरेश, सम्राट्, नरेन्द्र, नरपति।
रात – रजनी, निशा, रात्रि।

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Bhav vachak Sangyaen भाववाचक संज्ञाएँ Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar भाववाचक संज्ञाएँ

शब्द – भाववाचक
अज्ञान – अज्ञानता
अपना – अपनापन
अच्छा – अच्छाई
अधिक – अधिकता
उजाला – उजालापन
उलझन – उलझाव
उठना – उठाव
ऊँचा – ऊँचाई
एक – एकता
कठिन – कठिनता
कठोर – कठोरता
कड़ा – कड़ाई
कंजूस – कंजूसी
कायर – कायरता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

कटु – कटुता
कुशल – कुशलता
कृत्रिम – कृत्रिमता
कृपण – कृपणता
कमाना – कमाई
काटना – कटौती
खट्टा – खटाई, खटास
खुजलाना – खुजली
खेलना – खेल
खोदना – खुदाई
गहरा – गहराई
ठण्डा – ठण्डक
ठगना – ठगी
अंगड़ाना – अंगड़ाई
आलसी – आलस्य
आवश्यक – आवश्यकता
आगे-पीछे – आगा-पीछा
इन्सान – इन्सानियत
ईश्वर – ऐश्वर्य
उदार – उदारता
गुरु – गौरव
गिरना – गिरावट
गर्म – गर्मी
गाना – गीत

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

गुलाम – गुलामी
घबराना – घबराहट
घेरना – घिराव
चतुर – चतुराई
चालाक – चालाकी
चौड़ा – चौड़ाई
चढ़ना – चढ़ाई
चलना – चाल
चिकना – चिकनाई
चमकना – चमक
चिल्लाना – चिल्लाहट
चुनना – चुनाव
जागना – जागरण
जलना – जलन
जीना – जीवन
परतन्त्र – परतन्त्रता
डाका – डकैती
ढिठ – ढिठाई
तीव्र – तीव्रता
दास – दासता
देव – देवत्व
दुर्बल – दुर्बलता
दुष्ट – दुष्टता
दौड़ाना – दौड़
दुहराना – दुहराई
धोना – धुलाई
नीच – नीचता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

पण्डित – पण्डिताई, पाण्डित्य
प्यासा – प्यास
पूर्ण – पूर्णता
पीसना – पिसाई
पकड़ना – पकड़
पहचानना – पहचान
मीठा – मिठास
मुस्कराना – मुस्कराहट
मूर्ख – मूर्खता
मोटा – मुटापा, मोटापन
मिलना – मिलावट
मारना – मार
राजा – राज्य
लड़का – लड़कपन
लाल – लालिमा
लड़ना – लड़ाई
लूटना – लूट
लम्बा – लम्बाई
लिखना – लिखाई
शुद्ध – शुद्धता, शुद्धि
वीर – वीरता
शीघ्र – शीघ्रता
सजना – सजावट

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

पालना – पालन
बच्चा – बचपन
बालक – बालकपन
बुद्धिमान् – बुद्धिमत्ता
बूढ़ा – बुढ़ापा
बनना – बनावट
बैठना – बैठक
बहना – बहाव
बुरा – बुराई
बोलना – बोल
नम्र – नम्रता
बेचना – बेच
भला – भलाई
भूखा – भूख
भय – भयानक
भिड़ना – भिड़न्त
मित्र – मित्रता
मधुर – मधुरता
महान् – महत्ता
सेवक – सेवा, सेवकाई
सज्जन – सज्जनता
सादा – सादगी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ

स्वस्थ – स्वास्थ्य
सुन्दर – सुन्दरता
स्वतन्त्र – स्वतन्त्रता
सहायक – सहायता
सरल – सरलता
सीना – सिलाई
सजाना – सजावट
सर्द – सर्दी
सच्चा – सच्चाई
साधारण – साधारणतया
हरा – हरियाली
हँसी – हँसना
हारना – हार

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Viparitarthak ya Vilom Shabd विपरीतार्थक या विलोम शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar विपरीतार्थक या विलोम शब्द

शब्द -विपरीतार्थक
असुर – सुर
अन्त – आरम्भ
अनेकता – एकता
आलस्य – उद्यम
आशा – निराशा
आयात – निर्यात
आगामी – विगत
उपकार – अपकार
उचित – अनुचित
उतार – चढ़ाव
आज्ञा – अवज्ञा
अनिवार्य – ऐच्छिक

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

अनुकूल – प्रतिकूल
अमृत – विष
अवनति – उन्नति
उत्थान – पतन
उदार – कृपण
आहार – निराहार
इहलोक – परलोक
ईर्ष्या – स्पर्धा
उधार – नकद
उपयोगी – व्यर्थ, अनुपयोगी
ऐश्वर्य – दारिद्रय
ऐच्छिक – अनैच्छिक
आदि – अन्त
आय – व्यय

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

अज्ञात – ज्ञात
आदान – प्रदान
अपकार – उपकार
अपना – पराया
अन्याय – न्याय
अधिक – न्यून
अच्छा – बुरा
अस्त – उदय
अन्धकार – प्रकाश
कृत्रिम – स्वाभाविक
कटु – मीठा
आदर – निरादर
कठिन – सरल
कपटी – निष्कपट
ऊष्ण – शीत
उपस्थित – अनुपस्थित
उपयुक्त – अनुपयुक्त
ऋण – उऋण
एक – अनेक
एकता – अनेकता

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

उत्तीर्ण – अनुत्तीर्ण
उत्तर – प्रश्न
कृतज्ञ – कृतघ्न
कुटिल – सरल
क्रय – विक्रय
कायर – साहसी
काला – सफ़ेद
कीर्ति – अपकीर्ति
कोमल – कर्कश
गुरुता – लघुता
आस्तिक – नास्तिक
आकाश – पाताल
खल – सज्जन, साधु
खरा – खोटा
गुण – अवगुण
उत्पत्ति – निष्पत्ति
गहरा – उथला
घृणा – प्रीति
चेतन – जड़
कायर – निडर
डरपोक – निर्भीक
डूबना – तैरना
तीव्र – मन्द

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

तेजस्वी – तेजहीन
त्यागी – स्वार्थी
थोड़ा – बहुत
दानी – कृपण
दया – निर्दयता
दिन – रात
दयालु – निर्दय
हार – जीत
लेन – देन
लघु – गुरु
लोभी – निर्लोभी
लोभ – संतोष
शब्द
चंचल – गम्भीर, स्थिर
चतुर – मूर्ख
छल – निश्छल
जीवन – मरण
जन्म – मृत्यु

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

जंगलि – पालतू
जंगम – स्थावर
जीत – हार
जय – पराजय
ज्येष्ठ – कनिष्ठ
जल – यौवन
जरा – स्थल
जटिल – सरल
दुर्बल – बलवान्
दायाँ – बायाँ
धर्म – अधर्म
देव – दानव
धर्मात्मा – पापात्मा
धनवान् – निर्धन
धनी – निर्धन
नवीन – प्राचीन
नास्तिक – आस्तिक
नागरिक – ग्रामीण
निद्रा – जागरण
निकट – दुर
निर्यात – आयात
निन्दा – स्तुति
निगलना – उगलना
निश्चय – अनिश्चय
न्याय – अन्याय
पाप – पुण्य
प्रत्यक्ष – परोक्ष

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

पण्डित – मूर्ख
पराधीन – स्वाधीन
शुष्क – आई
वृद्ध – बालक
वर – शाप
विजय – पराजय
विधवा – सधवा
विजित – पराजित
विरोध – समर्थन
वैर – प्रेम
गुलाम – आज़ाद
विद्वान् – मूर्ख
शांत – अशांत
शुद्ध – अशुद्ध
शुभ – अशुभ
शोक – हर्ष
परतन्त्र – स्वतन्त्र
प्रीति – वैर
परिश्रम – आलस्य
प्रसन्न – अप्रसन्न
पूर्ण – अपूर्ण
स्त्री – पुरुष

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

पवित्र – अपवित्र
फीका – मीठा
बच्चा – बूढ़ा
बुराई – भलाई
बाहर – अन्दर
भय – अभय
भयभीत – निर्भय
भयानक – सुन्दर, प्रिय
भेद – अभेद
भ – भविष्य
सु्ख – दुःख
स्थिर – अस्थिर
सुगन्ध – दुर्गन्ध
सभ्य – असभ्य
संक्षिप्त – विस्तृत
सुर – असुर
साधु – शैतान/असाधु
शाप – वरदान
शिक्षित – अशिक्षित
शत्रु – मित्र
सदाचार – दुराचार
सत्य – असत्य
सुपुत्र – कुपुत्र

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

संयोग – वियोग
स्वामी – सेवक
स्वर्ग – नरक
सज्जन – दुर्जन
स्वदेश – विदेश
सफल – असफल
सुन्दर – असुन्दर
भला – बुरा
भारी – हल्का
मधुर – कटु
मान – अपमान
मितव्ययी – अपव्ययी
सम्मान – अपमान
मानव – दानव
मृदु – कठोर
महान् – झुट
मलिन – स्वच्छ
मौखिक – लिखित

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran विपरीतार्थक या विलोम शब्द

यश – अपयश
योग्य – अयोग्य
राजा – रंक
रक्षक – भक्षक
रोगी – स्वस्थ
लाभ – हानि
सरल – कठिन
उल्लास – हर्ष
हार – जीत
सुहागिन – विधवा
सरल – जटिल
सौभाग्य – दुर्भाग्य
ज्ञान – अज्ञान
सम्पत्ति – विपत्ति
हर्ष – शोक
हितकारी – अहितकारी
हृष्टपुष्ट – क्षीण, कृश
श्रद्धा – घृणा
ज्ञानी – अज्ञानी
क्षमा – दण्ड
दुर्बल – सबल

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Ling Parivartan लिंग परिवर्तन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar लिंग परिवर्तन

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
छात्र – छात्रा
आचार्य – आचार्या
बाल – बाला
योग्य – योग्या
क्षत्रिय – क्षत्रिया
महोदय – महोदया
वृद्ध – वृद्धा
प्रिय – प्रिया
मामा – मामी
अध्यापक – अध्यापिका
काका – काकी
ताया – ताई
शिष्य – शिष्या
चाचा – चाची
बेटा – बेटी
नार – नारी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

देव – देवी
घोड़ा – घोड़ी
हिरन – हिरनी
साला – साली
दोहता – दोहती
लड़का – लड़की
पोता – पोती
मुर्गा – मुर्गी
दास – दासी
गीदड़ – गीदड़ी
दादा – दादी
नाना – नानी
पुत्र – पुत्री
गधा – गधी
मुन्ना – मुनिया
बन्दर – बकरा
बकर – बकरी
गुड्डा – गुड़िया
लोटा – लुटिया
बूढ़ा – बुढ़िया
चूहा – चूहाया
बन्दर – बन्दरिया
लोमड़ – लोमड़ी
शेर – शेरनी
कुत्ता – कुत्तिया

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

डिब्बा – डिबिया
बछड़ा – बछिया
चालक – चालिका
बालक – बालिका
अध्यापक – अध्यापिका
नायक – नायिका
साँप – साँपिन
हत्यारा – हत्यारिन
दुबे – दुबाइन
पंडित – पंडिताइन
ठाकुर – ठकुराइन
मजदूर – मज़दूरनी
रीछ – रीछनी
शेर – शेरनी
हंस – हंसनी
नौकर – नौकरानी
ब्रह्मचारी – ब्रह्मचारिणी
मन्त्री – मन्त्रिणी
अपराधी – अपराधिनी
इन्द्र – इन्द्रानी
श्रीमान् – श्रीमती
धनवान् – धनवती
दयावान् – दयावती
बुद्धिमान् – बुद्धिमती
दाता – दात्री
साधु – साध्वी
पति – पत्नी
हाथी – हथिनी
विधुर – विधवा
भैंसा – भैंस

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

स्वामी – स्वामिनी
ननद – ननदोई
चिड़ा – चिड़िया
गायक – गायिका
सेवक – सेविका
लेखक – लेखिका
पाठक – पाठिका
सूबेदार – सूबेदारिन
नाग – नागिन
बाबू – बबुआइन
लाला – लालाइन
देवर – तपस्विनी
तपस्वी – तपस्विनी
हितकारी – हितकारिणी
हितैषी – हितैषिणी
वैरी – वैरिणी
गुणवान् – गुणवती
भगवान् – भगवती
बलवान् – बलवती
कवि – कवयित्री
पुत्र – पुत्री
आदमी – औरत
सेठ – सेठानी
जेठ – जेठानी
बाघ – बाघनी
ऊँट – ऊँटनी
मोर – मोरनी
चौब – चौबाइन
सिंह – सिंहनी
बिलाव – बिल्ली
नर – नारी
सम्राट – साम्राज्ञी

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन

वर – वधू
बैल – गाय
युवा – युवती
पिता – माता
ससुर – सास
पुरुष – स्त्री
भाई – भावज
राजा – रानी
बहनोई – बहन
बाप – मां
विद्वान् – विदुषी
साला – सलहज

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

Punjab State Board PSEB 7th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Vachan Parivartan वचन परिवर्तन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 7th Class Hindi Grammar वचन परिवर्तन

एकवचन – बहुवचन
कुत्ता – कुत्ते
लड़का – लड़के
बच्चा – बच्चे
लोटा – लोटे
तिनका – तिनके
पंखा – पंखे
कलम – कलमें
पुस्तक – पुस्तकें
आँख – आँखें
मेज – मेजें
स्त्री – स्त्रियाँ
नदी – नदियाँ
टोपी – टोपियाँ
टोली – टोलियाँ

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

नीति – नीतियाँ
लड़की – लड़कियाँ
नारी – नारियाँ
गुड़िया – गुड़ियाँ
बुढ़िया – बुढ़ियाँ
चुहिया – चुहियाँ
कन्या – कन्याएँ
कथा – कथाएँ
माला – मालाएँ
मात – माताएँ
बेटा – बेटे
शीशा – शीशे
कपड़ा – कपड़े
घोड़े – घोड़ा
तोता – तोते
बटेर – बटेरे
हीरा – हीरे
दवात – दवातें
रात – रीतियाँ
बात – बातें
चाल – चालें
बहन – बहनें
रीति – रीतियाँ
तिथि – तिथियाँ
शक्ति – शक्तियाँ

PSEB 7th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

कापी – कापियाँ
रानी – रानियाँ
थाली – थालियाँ
सखी – सखियाँ
चिड़िया – चिड़ियाँ
डिबिया – डिबियाँ
बिटिया – बिटियाँ
वस्तु – वस्तुएँ
ऋतु – ऋतुएँ
वधु – वधुएँ
बहू – बहुएँ
लता – लताएँ
विद्या – विद्याएँ
शाखा – शाखाएँ
गुरु – गुरुओं
साधु – साधुओं
धातु – धातुएँ
सभा – सभाएँ
दिशा – दिशाएँ
बन्धु – बन्धुओं
राजा – राजाओं