PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 21 राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई०

Punjab State Board PSEB 8th Class Social Science Book Solutions History Chapter 21 राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई० Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 21 राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई०

SST Guide for Class 8 PSEB राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई० Textbook Questions and Answers

I. नीचे लिखे प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लिखें :

प्रश्न 1.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस का पहला सम्मेलन कहां तथा किसकी प्रधानगी के अन्तर्गत हुआ तथा इसमें कितने प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था ?
उत्तर-
इण्डियन नैशनल कांग्रेस का पहला सम्मेलन 28 दिसम्बर से 30 दिसम्बर, 1885 तक बोमेश चन्द्र बैनर्जी की प्रधानगी (अध्यक्षता) में हुआ। इसमें 72 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

प्रश्न 2.
बंगाल का विभाजन कब तथा किस गवर्नर-जनरल के समय में हुआ ?
उत्तर-
बंगाल का विभाजन 1905 ई० में लार्ड कर्जन के समय में हुआ।

प्रश्न 3.
मुस्लिम लीग की स्थापना कब तथा किसने की थी ?
उत्तर-
मुस्लिम लीग की स्थापना 30 दिसम्बर, 1906 ई० को मुस्लिम नेताओं ने की थी। इसके मुख्य नेता सर सैय्यद अहमद खां, सलीम-उला खां तथा नवाब मोहसिन आदि थे।

प्रश्न 4.
गदर पार्टी की स्थापना कब, कहां तथा किसके द्वारा की गई ?
उत्तर-
गदर पार्टी की स्थापना 1913 ई० में अमेरिका तथा कनाडा में रहने वाले भारतीयों ने की। इसकी स्थापना सान फ्रांसिस्को में हुई।

प्रश्न 5.
स्वदेशी तथा बहिष्कार आन्दोलन से आप क्या समझते हो ?
उत्तर-
स्वदेशी तथा बहिष्कार आन्दोलन का आरम्भ 1905 ई० में लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन करने से बंगाल में हुआ। परन्तु शीघ्र ही यह भारत के अन्य भागों में भी फैल गया। इस आन्दोलन का नेतृत्व सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी, विपिन चन्द्र पाल तथा बाल गंगाधर तिलक आदि प्रमुख नेताओं ने किया था। भारत में स्थान-स्थान पर सार्वजनिक सभाएँ की गईं। इन सभाओं में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने तथा विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने की शपथ ली गई। दुकानदारों को विदेशी माल बेचने तथा ग्राहकों को विदेशी माल न खरीदने के लिए विवश किया गया। भारत में अनेक स्थानों पर विदेशी कपड़े की होली जलाई गई। राष्ट्रवादी समाचार-पत्रों में भी विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के लिए प्रचार किया गया। स्वदेशी एवं बहिष्कार आन्दोलन का लोगों के सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इसने भारतीयों के मन में राष्ट्रीय भावनाओं को प्रबल बनाया।

प्रश्न 6.
क्रान्तिकारी आन्दोलन पर नोट लिखो।
उत्तर-
नरम दल के नेताओं की असफलता तथा गरम दल के नेताओं के प्रति सरकार की दमनकारी नीति के कारण भारत में क्रान्तिकारी आन्दोलन का उदय हुआ। क्रान्तिकारी नेताओं का मुख्य उद्देश्य भारत में से ब्रिटिश शासन का अन्त करना था। इसके लिए उन्होंने देश में कई गुप्त संस्थाओं की स्थापना की। इन संस्थाओं में क्रान्तिकारियों को शस्त्र चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता था। इनके मुख्य केन्द्र महाराष्ट्र, बंगाल तथा पंजाब आदि में थे।

पंजाब में क्रान्तिकारी आन्दोलन के मुख्य नेता सरदार अजीत सिंह, पिंडी दास, सूफ़ी अम्बा प्रसाद तथा लाल चन्द फ़लक थे। इनके नेतृत्व में कई नगरों में हिंसक कार्यवाहियां की गईं। भारत के अतिरिक्त विदेशों अर्थात् इंग्लैण्ड, अमेरिका तथा कैनेडा (कनाडा) आदि में भी क्रान्तिकारी आन्दोलन चलाये गए। इंग्लैण्ड में श्याम जी कृष्ण वर्मा ने इण्डियन होमरूल सोसायटी की स्थापना की। यह सोसायटी क्रान्तिकारियों की गतिविधियों का केन्द्र बनीं। अमेरिका में लाला हरदयाल ने गदर पार्टी की स्थापना की।

प्रश्न 7.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस के मुख्य उद्देश्य कौन-से थे ?
उत्तर-
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे-

  1. देश के भिन्न-भिन्न भागों में देश हित का काम करने वाले लोगों से सम्पर्क एवं मित्रता स्थापित करना।
  2. भारतीयों में जातिवाद, प्रान्तवाद तथा धार्मिक भेदभाव का अन्त करके एकता की भावना पैदा करना।
  3. लोगों के कल्याण के लिए सरकार के सामने मांग-पत्र तथा प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करना।
  4. देश में सामाजिक तथा आर्थिक सुधार के लिए सुझाव एकत्रित करना।।
  5. आगामी 12 मास के लिए, राष्ट्रवादियों द्वारा देश के हितों के लिए किए जाने वाले कार्यों की रूप-रेखा तैयार करना।

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें :

1. इंडियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना मि० ए० ओ० ह्यूम ने ……….. ई० में बंबई में की।
2. लार्ड कर्जन ने …………. ई० में बंगाल का विभाजन किया।
3. ………. ने कहा था, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है तथा मैं इसे प्राप्त करके ही रहूंगा।”
4. इंडियन नैशनल कांग्रेस का समागम सूरत में ……………ई० में हुआ।
उत्तर-

  1. 1885
  2. 1905
  3. बाल गंगाधर तिलक
  4. 1907.

III. सही जोड़े बनाएं:

क — ख
1. होमरूल आंदोलन – 1914 ई०
2. मुस्लिम लीग – सोहन सिंह भकना
3. मिंटो-मार्ले सुधार – सर सैयद अहमद खां
4. गदर पार्टी – लार्ड कर्जन
5. पहला विश्व युद्ध – 1916 ई०
उत्तर-
क — ख
1. होमरूल आंदोलन – 1916 ई०
2. मुस्लिम लीग – सर सैयद अहमद खां
3. मिंटो-मार्ले सुधार – लार्ड कर्जन
4. गदर पार्टी – सोहन सिंह भकना
5. पहला विश्व युद्ध – 1914 ई०

PSEB 8th Class Social Science Guide राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई० Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

(क) सही विकल्प चुनिए :

प्रश्न 1.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस का पहला सम्मेलन (1885) की अध्यक्षता में हुआ-
(i) दादा भाई नौरोजी
(ii) जवाहर लाल नेहरू
(iii) बोमेश चन्द्र बैनर्जी
(iv) ए० ओ० ह्यूम।
उत्तर-
बोमेश चन्द्र बैनर्जी

प्रश्न 2.
1905 ई० में बंगाल का विभाजन किया
(i) लार्ड डलहौज़ी
(ii) लार्ड कर्जन
(iii) लार्ड मैकाले
(iv) लार्ड विलियम बैंटिक।
उत्तर-
लार्ड कर्जन

प्रश्न 3.
मुस्लिम लींग का मुख्य नेता है
(i) सर सैय्यद अहमद खाँ
(ii) सलीम-उला खाँ
(ii) नवाब मोहसिन
(iv) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
उपरोक्त सभी

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प्रश्न 4.
गदर पार्टी की स्थापना (1913 ई०) में हुई-
(i) भारत
(ii) पाकिस्तान
(iii) फ्रांसिसको
(iv) भूटान।
उत्तर-
फ्रांसिसको

प्रश्न 5.
होमरूल आन्दोलन के मुख्य नेता थे-
(i) दादा भाई नौरोजी
(ii) बाल गंगाधर तिलक
(iii) लाला हरदयाल सिंह
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
बाल गंगाधर तिलक।

(ख) सही कथन पर (✓) तथा गलत कथन (✗) पर का निशान लगाएं :

1. 1907 के विभाजन के बाद 1916 में कांग्रेस के दोनों दलों में समझौता हो गया।
2. श्रीमती ऐनी बेसेंट तथा बाल गंगाधर तिलक कांग्रेस के उदारवादी नेता थे।
3. कांग्रेस के पहले सभापति बोमेश चन्द्र बैनर्जी थे।
उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✗)

V. अति छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इण्डियन नैशनल कांग्रेस) की स्थापना से पूर्व स्थापित किन्हीं चार राजनीतिक संस्थाओं के नाम बताओ। इनका क्या उद्देश्य था ?
उत्तर-
संस्थाएं-

  • बंगाल ब्रिटिश इण्डियन सोसायटी
  • ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन
  • इण्डियन एसोसिएशन
  • बॉम्बे प्रेजीडेंसी एसोसिएशन।

उद्देश्य-इन संस्थाओं का उद्देश्य सरकार से भारतीय शासन प्रबन्ध में सुधार की मांग करना तथा भारतीय लोगों के लिए राजनीतिक अधिकार प्राप्त करना था।

प्रश्न 2.
राष्ट्रीय चेतना से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
राष्ट्रीय चेतना से अभिप्राय लोगों के मन में यह भावना पैदा करने से है कि वे सभी एक ही राष्ट्र से सम्बन्ध रखते हैं।

प्रश्न 3.
भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना उत्पन्न करने वाले किन्हीं चार समाचार-पत्रों के नाम बताओ।
उत्तर-
बॉम्बे समाचार, अमृत बाजार पत्रिका, द ट्रिब्यून तथा केसरी।

प्रश्न 4.
इलबर्ट बिल किसने और क्यों पेश किया ?
उत्तर-
इलबर्ट बिल लार्ड रिपन ने पेश किया क्योंकि वह भारतीय जजों को अंग्रेज़ जजों के समान दर्जा दिलाना चाहता था।

प्रश्न 5.
भारतीय सभ्यता को महान् बनाने वाले किन्हीं तीन विदेशी विद्वानों के नाम बताओ।
उत्तर-
विलियम जोन्स, मैक्समूलर तथा जैकोबी।

प्रश्न 6.
1885 ई० से 1905 ई० तक के राष्ट्रवादी आन्दोलन को उदारवादी युग क्यों कहा जाता है ? ।
उत्तर-
1885 ई० से 1905 ई० तक के राष्ट्रवादी आन्दोलन को इसलिए उदारवादी युग कहा जाता है क्योंकि इस काल के कांग्रेस के सभी नेता पूरी तरह उदारवादी थे।

प्रश्न 7.
कुछ प्रमुख उदारवादी नेताओं के नाम बताइए।
उत्तर-
फिरोजशाह मैहता, दादा भाई नौरोजी, सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले तथा मदन मोहन मालवीय।

प्रश्न 8.
लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन क्यों किया गया ? उसका मनोरथ क्या था ?
उत्तर-
लॉर्ड कर्ज़न का कहना था कि यह विभाजन बंगाल की प्रशासनिक सुविधा के लिए आवश्यक है। परन्तु इसका वास्तविक उद्देश्य भारतीयों में फूट डाल कर राष्ट्रीय आन्दोलन को कमज़ोर बनाना था।

प्रश्न 9.
कांग्रेस का विभाजन कब किन दो भागों में हुआ ?
उत्तर-
कांग्रेस का विभाजन नरम दल तथा गरम दल में हुआ। यह विभाजन 1907 ई० में सूरत अधिवेशन में हुआ।

प्रश्न 10.
ग़दर आन्दोलन का प्रधान कौन था ? इस आन्दोलन का उद्देश्य क्या था ?
उत्तर-
ग़दर आन्दोलन का प्रधान बाबा सोहन सिंह भकना था। इस आन्दोलन का उद्देश्य क्रान्तिकारी गतिविधियों द्वारा भारत में अत्याचारी अंग्रेजी शासन का अन्त करना था।

प्रश्न 11.
गर्म दल के तीन प्रमुख नेताओं के नाम बताओ।
उत्तर-
लाला लाजपतराय, बाल गंगाधर तिलक तथा विपिन चंद्र पाल।

प्रश्न 12.
पंजाब में क्रान्तिकारी आन्दोलन के मुख्य नेताओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
सरदार अजीत सिंह, पिण्डी-दास, सूफ़ी अम्बा प्रसाद तथा लाल चन्द फलक।

प्रश्न 13.
मिण्टो-मार्ले सुधार कब पास हुए ? इनके पीछे सरकार का क्या उद्देश्य था ?
उत्तर-
मिण्टो-मार्ले सुधार, 1909 में पास हुए। इनके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य गरम दल के नेताओं को प्रसन्न करना तथा मुसलमानों को विशेष अधिकार देकर उन्हें हिन्दुओं से अलग करना था।

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प्रश्न 14.
ग़दर पार्टी के समाचार-पत्र का क्या नाम था ? लाला हरदयाल ने ग़दर पार्टी की स्थापना कहाँ की ?
उत्तर-
ग़दर पार्टी के समाचार-पत्र का नाम ‘ग़दर’ था। लाला हरदयाल ने ग़दर पार्टी की स्थापना अमेरिका में की।

प्रश्न 15.
होमरूल आन्दोलन के दो मुख्य नेताओं के नाम बताओ।
उत्तर-
बाल गंगाधर तिलक तथा श्रीमती ऐनी बेसेंट।

प्रश्न 16.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना किसने, कब तथा कहां की ?
उत्तर-
इण्डियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना मि० ए० ओ० ह्यूम ने 28 दिसम्बर, 1885 ई० को मुम्बई के गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में की।

प्रश्न 17.
इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना किसने और कब की ?
उत्तर-
इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना 1876 ई० में सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी ने की।

प्रश्न 18.
लखनऊ समझौता कब तथा कौन-से दो राजनीतिक दलों के मध्य हुआ था ?
उत्तर-
लखनऊ समझौता 1916 ई० में कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग के मध्य हुआ था।

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
उदारवादियों की सफलताएँ क्या थी ?
उत्तर-

  • उदारवादी नेताओं के प्रयत्नों से प्रतिवर्ष कांग्रेस के अधिवेशन होने लगे। इन अधिवेशनों में भारतीयों की मांगें सरकार के सामने रखी जाती थीं।
  • उदारवादियों ने अपने भाषणों तथा समाचार-पत्रों में दिये अपने लेखों द्वारा भारतीयों में राष्ट्रीय भावना पैदा की।
  • दादा भाई नौरोजी, सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले आदि उदारवादी नेता अपनी मांगों का प्रचार करने के लिए इंग्लैण्ड में भी गए।
  • उदारवादियों के प्रयत्नों से 1892 ई० में इंग्लैण्ड की पार्लियामैंट ने इण्डियन कौंसिल्ज़ एक्ट पास किया जिसके अनुसार कानून बनाने वाली परिषदों में भारतीयों को स्थान दिया गया।
  • इनके प्रयत्नों से अंग्रेज़ सरकार ने आई० सी० एस० की परीक्षा लेने का प्रबन्ध भारत में किया।

प्रश्न 2.
बंगाल का विभाजन कब और क्यों किया गया ? भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन पर इसका क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर-
बंगाल का विभाजन 1905 ई० में लॉर्ड कर्जन ने किया। उसका इस विभाजन का वास्तविक उद्देश्य हिन्दुओं तथा मुसलमानों में फूट डाल कर राष्ट्रीय आन्दोलन को कमजोर करना था। बंगाल के विभाजन के विरोध में लोगों ने स्थान-स्थान पर जलसे, जलूस तथा हड़तालें कीं। बंगाल के विभाजन के विरोध में स्वदेशी आन्दोलन भी आरम्भ किया गया।

प्रभाव-इस विभाजन का भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन पर गहरा प्रभाव पड़ा-

  • बंगाल के विभाजन के कारण भारतीय लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा हुई।
  • बंगाल के विभाजन से कांग्रेस में गरम दल तथा नरम दल नाम के दो शक्तिशाली दल बन गए।
  • बंगाल विभाजन से राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रसार हुआ।

प्रश्न 3.
1909 ई० के मिण्टो-मार्ले सुधार एक्ट की प्रमुख धाराएँ क्या थी ?
उत्तर-
मिण्टो-मार्ले सुधार एक्ट की प्रमुख धाराएँ निम्नलिखित थीं-

  • गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी परिषद् में एस० पी० सिन्हा नामक एक भारतीय सदस्य नियुक्त किया गया।
  • केन्द्रीय विधान परिषद् के सदस्यों की संख्या 16 से 60 कर दी गई।
  • प्रान्तों की विधान परिषदों के सदस्यों की संख्या 30 से 50 कर दी गई।
  • विधान परिषदों के सदस्यों का चुनाव करने के लिए अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली की व्यवस्था की गई। इस चुनाव-प्रणाली के अनुसार सर्वप्रथम लोगों द्वारा नगरपालिकाओं या ज़िला बोर्डों के सदस्यों का चुनाव किया जाता था। ये चुने गये सदस्य आगे प्रान्तों की विधान परिषदों के सदस्यों का चुनाव करते थे।
  • मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली की व्यवस्था की गई। उनके लिए केन्द्रीय विधान परिषद् में 6 स्थान रक्षित किए गए। इन स्थानों के लिए चुनाव केवल मुसलमान मतदाताओं द्वारा ही किया जाता था।

प्रश्न 4.
नरम दल तथा गरम दल की नीतियों में क्या अन्तर था ?
उत्तर-
नरम दल तथा गरम दल की नीतियों में निम्नलिखित अन्तर थे-

  • नरम दल के नेता दादा भाई नौरोजी, सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी, फिरोजशाह मेहता तथा गोपाल कृष्ण गोखले ब्रिटिश शासन को भारतीयों के लिए वरदान मानते थे जबकि गरम दल के नेता विपिन चन्द्र पाल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपतराय ब्रिटिश शासन को भारतीयों के लिए अभिशाप मानते थे।
  • नरम दल के नेता प्रशासन में सुधार लाने के लिए सरकार को सहयोग देना चाहते थे, जबकि गरम दल के नेता भारत से ब्रिटिश शासन का अन्त चाहते थे।
  • नरम दल के नेता सरकार से अपनी मांगें, प्रस्तावों तथा प्रार्थना-पत्रों द्वारा मनवाना चाहते थे परन्तु गरम दल के नेता अपनी शक्ति द्वारा मांगें मनवाने के पक्ष में थे।

प्रश्न 5.
मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई ? इसकी स्थापना के क्या कारण थे ?
उत्तर-
30 दिसम्बर, 1906 ई० को मुस्लिम नेताओं ने ‘मुस्लिम लीग’ नाम की अपनी एक अलग राजनीतिक संस्था स्थापित कर ली। इसके मुख्य नेता सर सैय्यद अहमद खां, सलीम-उला-खां तथा नवाब मोहसिन आदि थे।
कारण-मुस्लिम लीग की स्थापना मुख्य रूप से साम्प्रदायिक राजनीति का परिणाम थी। इस संस्था की स्थापना के मुख्य कारण निम्नलिखित थे-

  • मुसलमान अपने हितों की रक्षा के लिए कोई अलग संस्था बनाना चाहते थे।
  • मुस्लिम लीग की स्थापना से अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति सफल होती थी।
  • अरब देशों में वहाबी आन्दोलन आरम्भ होने के साथ भारत में साम्प्रदायिकता की भावना पैदा हो गई थी।
  • मोहम्मडन ऐंग्लो-ओरियंटल कॉलेज के प्रिंसीपल बेक ने साम्प्रदायिकता की भावना को भड़काने के लिए लेख लिखे तथा सर सैय्यद अहमद खाँ ने इस संबंध में प्रचार किया।
  • लार्ड कर्जन ने भी मुसलमानों के मन में साम्प्रदायिकता की भावना पैदा की।

प्रश्न 6.
गरमपंथियों के प्रमुख उद्देश्य लिखो।
उत्तर-
गरमपंथियों के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे-

1. पूर्ण स्वराज की प्राप्ति-गरमपंथी नेताओं का मुख्य उद्देश्य पूर्ण स्वराज प्राप्त करना था। इसकी मांग बाल गंगाधर तिलक ने की थी। उन्होंने कहा था, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करके ही रहूँगा।” उनका विचार था कि शासन प्रबन्ध भारतीय परम्पराओं तथा संस्कृति पर आधारित होना चाहिए।

2. भारत तथा इंग्लैण्ड के बीच सम्बन्ध समाप्त करना-गरमपंथियों का दूसरा मुख्य उद्देश्य भारत तथा इंग्लैण्ड के बीच सम्बन्धों को समाप्त करना था। विपिन चन्द्र पाल का कहना था, “हम अंग्रेजों के साथ कोई सम्बन्ध नहीं रखना चाहते। हम भारत में अपनी सरकार चाहते हैं।”

प्रश्न 7.
मुस्लिम लीग के प्रमुख उद्देश्य लिखो।
उत्तर-
मुस्लिम लीग के निम्नलिखित मुख्य उद्देश्य थे-

  • भारतीय मुसलमानों के हितों की रक्षा करना।
  • अंग्रेज़ी सरकार के प्रति वफ़ादार (राजभक्त) रहना, ताकि अंग्रेज़ उन्हें अधिक-से-अधिक सुविधाएं प्रदान करें।
  • भारतीय मुसलमानों को इण्डियन नैशनल कांग्रेस के प्रभाव से मुक्त करना।
  • मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन मण्डल स्थापित करना।
  • मुसलमानों के लिए अलग राज्य (पाकिस्तान) की मांग करना।

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प्रश्न 8.
अंग्रेजी भाषा का राष्ट्रीयता के विकास पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर-
प्रशासन की भाषा बन जाने के कारण भारत के लोगों ने अंग्रेजी भाषा का अध्ययन किया। अंग्रेज़ी के माध्यम से पंजाबी, मद्रासी, बंगाली, गुजराती तथा हरियाणवी एक-दूसरे से अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते थे। इस प्रकार अंग्रेजी भाषा ने देश के विभिन्न प्रान्तों के लोगों को एक-दूसरे के समीप लाने में बहुत सहायता की। अंग्रेज़ी भाषा के कारण भारत के लोग पश्चिमी साहित्य से परिचित हो गए। इस साहित्य से उन्हें स्वतन्त्रता, समानता तथा लोकतंत्र के महत्त्व का पता चला। फलस्वरूप वे राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बंध गए और वे अपने देश में स्वतन्त्रता का वातावरण उत्पन्न करने के विषय में सोचने लगे।

प्रश्न 9.
अंग्रेजों द्वारा भारतीयों से असमानता का व्यवहार करने का भारतीय भाषाओं व समाचार-पत्रों पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर-
अंग्रेज़ भारतीयों से असमानता का व्यवहार करते थे। भारतीयों को केवल निम्न सरकारी पद ही दिए जाते थे और वे भी कम वेतन पर। उन्हें ऐसा कोई पद नहीं दिया जाता था जो उत्तरदायित्व से जुड़ा हो। उनके साथ जातीय आधार पर भी भेदभाव किया जाता था। भारतीय भाषाओं में छपने वाले समाचार-पत्र इस अन्याय को सहन न कर सके। अत: उन्होंने ऐसे लेख प्रकाशित करने आरम्भ कर दिए जिनमें जनता के कष्टों का वर्णन किया जाता था। इसे रोकने के लिए सरकार ने कठोर कदम उठाए। फलस्वरूप भारतीय जनता में जागृति आई और राष्ट्रीयता की भावना का विकास हुआ।

प्रश्न 10.
इण्डियन नेशनल (भारतीय राष्ट्रीय) कांग्रेस में 1907 ई० में किस प्रकार फूट पड़ी ?
उत्तर-
1907 ई० में इण्डियन नेशनल कांग्रेस का सूरत में अधिवेशन हुआ। इस अधिवेशन में उदारवादी नेताओं ने स्वदेशी तथा बहिष्कार के प्रस्तावों की निन्दा की। इसके अतिरिक्त सम्मेलन में इण्डियन नेशनल कांग्रेस संस्था के प्रधान पद के चुनाव के प्रश्न पर नरमपंथी तथा गरमपंथी नेताओं में विवाद भी हो गया। नरमपंथी नेता रास बिहारी बोस को प्रधान बनाना चाहते थे परन्तु गरमपंथी नेताओं की पसन्द लाला लाजपतराय थे। वे नरमपंथियों की नीतियों तथा उनके संवैधानिक तरीकों के भी विरुद्ध थे।

अतः उन्होंने इण्डियन नेशनल कांग्रेस से अलग होकर अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए कार्य करना आरम्भ कर दिया। इस प्रकार कांग्रेस में फूट पड़ गई।

प्रश्न 11.
ग़दर पार्टी पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
बहुत से भारतीय अमेरिका तथा कनाडा आदि देशों में रहना चाहते थे। परन्तु यहाँ उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता था। अतः उन्होंने यह अनुभव किया कि जब तक वे अपने देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त नहीं करा लेते, तब तक उन्हें विदेशों में सम्मान प्राप्त नहीं हो सकता। अतः उन्होंने भारत को स्वतन्त्र कराने की योजना बनाई। 1913 ई० में उन्होंने एकत्रित होकर सानफ्रांसिस्को (अमेरिका) में ग़दर पार्टी की स्थापना की। सोहन सिंह भकना को इस संस्था का प्रधान बनाया गया। लाला हरदयाल को इस संस्था का सचिव चुना गया।
ग़दर पार्टी का मुख्य उद्देश्य क्रान्तिकारी गतिविधियों द्वारा भारत को स्वतन्त्र कराना था। पार्टी ने अपने विचारों का प्रचार करने के लिए ‘ग़दर’ नाम का एक समाचार-पत्र भी निकाला। इसमें अंग्रेजों के समर्थकों की हत्या, सरकारी कोष लूटना, बम बनाना, रेलवे लाइनों को तोड़ना, टेलिफोन तारों को काटना तथा सैनिकों को विद्रोह करने के लिए प्रोत्साहित करना आदि के बारे में सामग्री छापी जाती थी।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस ( 1885-1905 ई०) की मांगों, कार्यक्रम तथा सरकार के कांग्रेस के प्रति व्यवहार का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
इण्डियन नैशनल कांग्रेस की प्रमुख मांगें-इण्डियन नैशनल कांग्रेस की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं-

  • केन्द्रीय तथा प्रान्तीय विधान सभाओं में भारतीय लोगों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिया जाये।
  • भारतीयों को उनकी योग्यता के अनुसार उच्च पदों पर नियुक्त किया जाए।
  • देश में शिक्षा का प्रसार किया जाए।
  • प्रेस पर लगाए गए अनुचित प्रतिबन्धों को हटाया जाए।
  • कार्यपालिका तथा विधानपालिका को एक-दूसरे से अलग किया जाए।
  • स्थानीय संस्थाओं का विकास किया जाए और उन्हें पहले से अधिक शक्तियां दी जाएं।
  • भारत में भी इंग्लैण्ड के समान आई० सी० एस० की परीक्षा लेने का प्रबन्ध किया जाए।
  • सेना पर किये जा रहे व्यय में कमी की जाए।
  • किसानों से लिए जा रहे भूमि-कर की राशि कम की जाए।
  • सिंचाई की समुचित व्यवस्था की जाए।

इण्डियन नैशनल कांग्रेस का कार्यक्रम-1885 ई० से 1905 तक इण्डियन नैशनल कांग्रेस के सभी नेता उदारवादी सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए क्रान्तिकारी या हिंसात्मक कार्यवाहियां करना पसन्द नहीं करते थे। वे भाषणों, प्रस्तावों तथा प्रार्थना-पत्रों द्वारा अपनी मांगें सरकार के सामने रखते थे। वे कांग्रेस के प्रत्येक अधिवेशन में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजते थे। उन्हें विश्वास था कि सरकार उनकी मांगों को अवश्य स्वीकार कर लेगी।

सरकार का इण्डियन नैशनल कांग्रेस के प्रति व्यवहार-सरकार चाहती थी कि कांग्रेस उसके अधीन रहे परन्तु ऐसा न हो पाने के कारण सरकार कांग्रेस के विरुद्ध हो गई। सरकार ने सरकारी प्रतिनिधियों के कांग्रेस के अधिवेशनों में भाग लेने पर रोक लगा दी। सरकार द्वारा मुसलमानों को कांग्रेस से अलग करने के भी प्रयास किये जाने लगे। इस प्रकार सरकार ने कांग्रेस के प्रति उपेक्षा की नीति अपनायी।

प्रश्न 2.
इण्डियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना का वर्णन करो।
उत्तर-
19वीं शताब्दी में भारतीय लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा हो गई थी। फलस्वरूप उन्होंने अंग्रेज़ी सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संस्थाओं की स्थापना की। इन संस्थाओं में से ज़मींदार सभा (1838 ई०), बम्बई सभा (1852 ई०), पूना सार्वजनिक सभा (1870 ई०), मद्रास (चेन्नई) नेटिव एसोसिएशन (1852 ई०) आदि प्रमुख थीं। इनकी स्थापना अपने-अपने प्रान्तों के हितों की रक्षा करने के लिए की गई थी। धीरे-धीरे भारत के बुद्धिजीवियों ने राष्ट्रीय स्तर के संगठन की आवश्यकता अनुभव की। अत: 1876 ई० में सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना की।

आई० सी० एस० पास सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी ने राष्ट्रीय स्तर की संस्था की स्थापना के लिए समस्त भारत में स्वराज प्राप्त करने के लिए प्रचार किया तथा अनेक संस्थाएं स्थापित की। इसी समय एक अंग्रेज़ अधिकारी ए० ओ० ह्यूम ने सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी का साथ दिया। उसने लोगों को सलाह दी कि वे अपनी समस्याएं सरकार के आगे प्रस्तुत करें।

इण्डियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना-मिस्टर ए० ओ० ह्यूम ने दिसम्बर 1885 ई० में बम्बई (मुम्बई) में गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में इण्डियन नैशनल कांग्रेस की स्थापना की। वह एक सेवा मुक्त अंग्रेज़ आई० सी० एस० अधिकारी था। उसे इण्डियन नैशनल कांग्रेस का पिता भी कहा जाता है। इण्डियन नैशनल कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 28 दिसम्बर से 30 दिसम्बर 1885 ई० तक मुम्बई में गोकुल दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में ही हुआ। इसके सभापति वोमेश चन्द्र बैनर्जी थे। इस अधिवेशन में देश के भिन्न-भिन्न प्रान्तों से आए 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रश्न 3.
गरम राष्ट्रवाद के उत्थान के बारे में संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर-
1905 ई० से 1919 ई० तक राष्ट्रीय आन्दोलन का नेतृत्व गरमपंथी नेताओं के हाथों में रहा। गरम दल के उत्थान के अनेक कारण थे जिनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार हैं-

  • उदारवादियों की असफलता-उदारवादी नेता सरकार से अपनी मांगें पूरी कराने में असफल रहे थे। अतः नवयुवकों ने ठोस राजनीतिक कार्यवाही करने की मांग की।
  • बेरोज़गारी-बहुत से भारतीयों ने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी परन्तु वे बेरोज़गार थे। अत: उनमें निराशा की भावनाएं पैदा होने लगी और उन्होंने सरकार का विरोध करने के लिए कठोर पग उठाने का निर्णय किया।
  • अंग्रेजों की आर्थिक नीति-अंग्रेजों द्वारा भारत में अपनाई गई आर्थिक नीति भी गरम राष्ट्रवाद को उत्साहित करने में सहायक हुई।
  • अकाल तथा प्लेग-1896-97 ई० में भारत में अनेक स्थानों पर अकाल पड़ गया। 1897 ई० में पुणे (पूने) के आस पास के क्षेत्रों में प्लेग भी फैल गया। इससे लाखों लोगों की मौत हो गई। ब्रिटिश सरकार ने इस विपत्ति में भारतीयों की कोई सहायता नहीं की। अतः भारतीयों ने गरम नीति पर आधारित आन्दोलन का समर्थन किया।
  • विदेशों में भारतीयों से दुर्व्यवहार- इंग्लैण्ड तथा दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीयों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता था। अतः भारत के राष्ट्रवादियों ने भारत को अंग्रेजी शासन से स्वतन्त्र कराने के लिए शक्तिशाली आन्दोलन चलाया।
  • विदेशी क्रान्तियों से प्रेरणा-फ्रांस की क्रान्ति, अमेरिका का स्वतन्त्रता-संग्राम, इटली का एकीकरण आदि घटनाओं से भारतीयों को अपना देश स्वतन्त्र कराने की प्रेरणा मिली। अत: उन्होंने गरम राष्ट्रवाद की राह अपनाई।
  • जापान के हाथों रूस की पराजय-1904-05 ई० में जापान तथा रूस के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में रूस जैसा बड़ा देश जापान जैसे छोटे से देश के हाथों पराजित हो गया। जापान की इस जीत ने भारतीयों के मन में अंग्रेज़ों से स्वतन्त्र होने की भावना पैदा की। इससे गर्म राष्ट्रवाद को बल मिला।
  • गरमपंथी नेताओं के भाषण-लाला लाजपतराय, बाल गंगाधर तिलक तथा विपिन चन्द्र पाल जैसे नेताओं ने गरमपंथी आन्दोलन आरम्भ किया। उन्होंने भारतीयों में राष्ट्रीय भावना पैदा करने के लिए स्थान-स्थान पर जलसे किए तथा भाषण दिए। बाल गंगाधर तिलक ने कहा था, “स्वराज मेरा जन्म-सिद्ध अधिकार है और मैं इसे प्राप्त करके रहूँगा।” इसी प्रकार के विचार लाला लाजपतराय तथा विपिन चन्द्र पाल ने भी प्रकट किए। इन विचारों के कारण गरम राष्ट्रवाद को और अधिक प्रोत्साहन मिला।

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 21 राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई०

प्रश्न 4.
लखनऊ समझौते तथा होमरूल आन्दोलन का वर्णन करो।
उत्तर-
लखनऊ समझौता-1914 ई० में यूरोप में प्रथम विश्व युद्ध आरम्भ हुआ। इस युद्ध में अंग्रेज़ मुसलमानों के देश तुर्की के विरुद्ध लड़े। तुर्की का सुल्तान संसार के सभी मुसलमानों का धार्मिक नेता था। अतः मुस्लिम लीग के नेता अंग्रेजों से नाराज होकर इण्डियन नैशनल कांग्रेस के साथ मिल गए। 1916 ई० में दोनों पार्टियों के बीच लखनऊ में एक समझौता हुआ जिसके अनुसार इण्डियन नैशनल कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए अलग प्रतिनिधित्व को स्वीकार कर लिया। अत: दोनों संस्थाओं ने मिल कर राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेना आरम्भ कर दिया। इससे राष्ट्रीय आन्दोलन को नई शक्ति मिली।

होमरूल आन्दोलन-1916 ई० में श्रीमती ऐनी बेसेंट ने मद्रास में तथा बाल गंगाधर तिलक ने पुणे में होमरूल लीग की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में होमरूल या स्वराज की स्थापना करना तथा भारतीयों के मन में स्वराज के प्रति जागरूकता पैदा करना था। बाल गंगाधर तिलक ने कहा था……. स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है तथा मैं इसे प्राप्त करके ही रहूँगा।’ परिणामस्वरूप भारत मन्त्री मि० मांटेगू ने अगस्त, 1917 ई० में घोषणा की कि अंग्रेज़ सरकार भारत में स्व-शासन की संस्थाएं स्थापित करेगी तथा धीरे-धीरे स्वशासन की स्थापना की जाएगी। इस आश्वासन के कारण होमरूल आन्दोलन धीरे-धीरे शान्त हो गया।

प्रश्न 5.
भारतीय लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा होने के कारणों का वर्णन करो।
उत्तर-
19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारतीय लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा हुई। राष्ट्रीय चेतना से अभिप्राय किसी राष्ट्र के नागरिकों में पाई जाने वाली उस भावना से है जिससे उन्हें यह अनुभव हो कि वे सब एक ही राष्ट्र से सम्बन्ध रखते हैं। भारतीय लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा होने के अनेक कारण थे जिनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

1. 1857 ई० के महान् विद्रोह का प्रभाव-भारतीय लोगों ने अंग्रेजी शासन को समाप्त करने के लिए 1857 ई० में अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध विद्रोह किया था। इस विद्रोह को अंग्रेज़ों ने कठोरता से दबा दिया था। इसके बाद वे भारतीय लोगों पर अत्याचार करने लगे। इस कारण भारतीय लोगों के मन में अपने देश को अंग्रेजी शासन से मुक्त कराने की भावना उत्पन्न हुई।

2. प्रशासनिक एकता-अंग्रेज़ी सरकार ने समस्त भारत में एक सी शासन प्रणाली एवं कानून व्यवस्था लागू की। इसके फलस्वरूप भारत के भिन्न-भिन्न भागों में रहने वाले लोग अपने आपको एक देश के नागरिक समझने लगे जिससे उनमें राष्ट्रीय चेतना उत्पन्न हुई।

3. सामाजिक-धार्मिक सुधार आन्दोलन-19वीं शताब्दी में भारत के विभिन्न प्रान्तों में अनेक सामाजिक-धार्मिक सुधार आन्दोलन चले। राजा राममोहन राय (ब्रह्म समाज), स्वामी दयानन्द (आर्य समाज), श्री सद्गुरु राम सिंह जी (नामधारी लहर) आदि सभी समाज-सुधारकों ने समाज में फैली हुई बुराइयों की निन्दा की। उन्होंने भारतीय लोगों में इन बुराइयों का अन्त करने के लिए सामाजिक-धार्मिक जागृति उत्पन्न की जिसने राष्ट्रवाद की भावना को जन्म दिया।

4. पश्चिमी शिक्षा एवं साहित्य-भारतीय लोगों ने विदेशी लेखकों जैसे कि मिल्टन, मिल तथा बर्न आदि की पुस्तकें पढ़ीं और अपने राजनीतिक अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। रूसो, वाल्टेयर तथा मैकाले आदि विद्वानों के विचारों ने भारतीय लोगों में स्वतन्त्रता, समानता तथा भ्रातृ-भाव की भावना एवं राष्ट्रीय-चेतना पैदा की।

5. भारतीय लोगों का आर्थिक शोषण-अंग्रेज़ व्यापारी अधिक-से-अधिक धन कमाने के लिए भारतीय लोगों से कम कीमत पर कच्चा माल खरीद कर इंग्लैंड भेजते थे तथा वहां के कारखानों में तैयार माल भारत में लाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। इससे भारत के लघु उद्योगों में तैयार की गई वस्तुओं की बिक्री बन्द हो गई। कच्चा माल न मिलने के कारण लघु उद्योगों का पतन होने लगा। परिणामस्वरूप भारतीय कारीगर बेरोज़गार हो गए। किसानों से भी भारी भूमि-कर लिया जाता था जिसके कारण किसानों को अपनी भूमियां बेचनी पड़ गईं। इस प्रकार वे भी बेरोज़गार हो गए।

6. भारतीयों को उच्च पदों पर नियुक्त न करना-अंग्रेजी सरकार भारतीय लोगों को योग्यतानुसार उच्च पदों पर नियुक्त नहीं करती थी। अतः उनमें अंग्रेजों के प्रति रोष पैदा हो गया। इसके अतिरिक्त समान स्तर की नौकरी करने वाले अंग्रेज़ कर्मचारियों की अपेक्षा भारतीय कर्मचारियों को कम वेतन तथा भत्ते दिए जाते थे। अतः भारतीय कर्मचारियों का मन दुखी था। इस बात ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना पैदा करने में सहायता दी।

7. भारतीय समाचार-पत्र एवं साहित्य-भारत में अंग्रेज़ी तथा देशी भाषाओं में अनेक प्रकार के समाचार-पत्र, पत्रिकाएं तथा पुस्तकें छपने से लोगों की जानकारी में वृद्धि हुई। बॉम्बे समाचार, अमृत बाज़ार पत्रिका, द ट्रिब्यून, केसरी आदि के माध्यम से देश-विदेश के समाचारों की जानकारी प्राप्त होने से लोगों में राष्ट्रीय चेतना पैदा हुई। इसके अतिरिक्त अनेक देश-भक्ति की रचनाएं जैसे कि बंकिम चन्द्र चैटर्जी का ‘आनन्द मठ’ तथा उसका गीत ‘वन्दे मातरम्’ लोगों में अत्यधिक लोकप्रिय हो गए। रवीन्द्र नाथ टैगोर, हेमचन्द्र बैनर्जी तथा केशव चन्द्र सेन की कविताओं तथा लेखों द्वारा भी भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना उत्पन्न हुई।

8. यातायात तथा संचार के साधन-रेल, डाक एवं तार आदि यातायात तथा संचार के साधनों का विकास होने से देश के एक भाग से दूसरे भाग में जाना अति सरल हो गया था। इससे भारतीय लोगों में विचारों का आदान-प्रदान हुआ। वे अपनी कठिनाइयों का समाधान करने के लिए मिल कर प्रयत्न करने की सोचने लगे।

9. इलबर्ट बिल का विरोध-गवर्नर जनरल लार्ड रिपन प्रथम अंग्रेज़ अधिकारी था जो भारतीयों के प्रति सहानुभति रखता था। वह भारतीय जजों को अंग्रेजों के समान अधिकार दिलाना चाहता था। अतः उसने इलबर्ट बिल पास कराना चाहा। परन्तु अंग्रेजों ने इस बिल का विरोध किया। इससे भारतीय लोग अंग्रेजों के विरुद्ध हो गए।

10. प्राचीन साहित्य का अध्ययन-विलियम जोन्स, मैक्समूलर, जैकोबी आदि प्रसिद्ध यूरोपियन विद्वानों ने प्राचीन भारतीय साहित्य का अध्ययन किया। इन विद्वानों ने सिद्ध कर दिया कि भारतीय संस्कृति महान् है। अत: भारतीय लोगों को अपने देश तथा अपनी संस्कृति पर गर्व होने लगा। इससे भारतीय लोगों में राष्ट्रीय भावना पैदा हुई।

राष्ट्रीय आन्दोलन : 1885-1919 ई० PSEB 8th Class Social Science Notes

  • राष्ट्रवादी आन्दोलन -1857 के विद्रोह के पश्चात् भारत में एक राष्ट्रवादी आन्दोलन का आरम्भ हुआ। इस आन्दोलन के प्रमुख लक्ष्य राष्ट्रीय स्वाधीनता, लोकतन्त्र, सामाजिक समानता और राष्ट्रीय विकास थे।
  • आरम्भिक चरण (1885-1905) – उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में अनेक राजनीतिक संगठनों की स्थापना हुई-बाम्बे एसोसिएशन, इंडियन एसोसिएशन, मद्रास (चेन्नई) नैटिव एसोसिएशन, पूना सार्वजनिक सभा और मद्रास (चेन्नई) महाजन सभा। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई। आरम्भिक वर्षों में कांग्रेस ने नरम नीतियां अपनाईं-शिक्षा प्रसार, औद्योगिक विकास, किसानों के कर्मों में राहत इत्यादि।
  • भारतीय राष्ट्रवादी आन्दोलन (1905-1919) – ब्रिटिश शासकों ने कांग्रेस की मामूली साधारण मांगें भी नहीं मानीं। जनता की चेतना बढ़ी और कांग्रेस के भीतर एक गरमपंथी दल का जन्म हुआ।
  • गरमपंथ का उदय – कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन, जापान के हाथों रूस की हार, 1905 की रूसी क्रान्ति तथा
    लाल-बाल-पाल के नेतृत्व ने गरमपंथ को बढ़ावा दिया। गरमपंथी भारी दबाव डालकर अपनी मांगें मनवाना चाहते थे।
  • बहिष्कार और स्वदेशी आन्दोलन – बंगाल विभाजन के परिणामस्वरूप जन्मी गुस्से की लहर ने स्वदेशी और बहिष्कार आन्दोलन को जन्म दिया। इस आन्दोलन का उद्देश्य देशी उद्योगों को प्रोत्साहन देना और ब्रिटिश माल का बहिष्कार करना था।
  • गर्म दल के नेता लाल-बाल-पाल कांग्रेस के गर्म दलीय नेता थे जो संघर्ष, बहिष्कार और स्वदेशी द्वारा स्वराज्य प्राप्त करना चाहते थे। 1905 के बाद देश की राजनीति में उनका बड़ा प्रभुत्व रहा।
  • क्रान्तिकारी – पंजाब, उत्तर प्रदेश, बंगाल आदि प्रान्तों में अनेक नवयुवकों ने क्रान्तिकारी आन्दोलन चलाये। वे अंग्रेजों की हत्या, शस्त्र-प्रयोग तथा आत्म-बलिदान में विश्वास करते थे।
  • ग़दर आन्दोलन – ग़दर पार्टी की स्थापना 1913 ई० में सान फ्रांसिस्को (अमेरिका) में हुई। इसका प्रधान बाबा सोहन सिंह भकना को बनाया गया। इस संस्था ने रास बिहारी बोस तथा करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में सशस्त्र क्रान्ति द्वारा अंग्रेज़ों को भारत से बाहर निकालने का प्रयास किया।

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 19 बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन

Punjab State Board PSEB 8th Class Social Science Book Solutions History Chapter 19 बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 19 बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन

SST Guide for Class 8 PSEB बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन Textbook Questions and Answers

I. नीचे लिखे प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लिखें :

प्रश्न 1.
बस्तीवाद से क्या भाव है ?
उत्तर-
बस्तीवाद से भाव है- किसी देश पर किसी दूसरे देश द्वारा राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप से अधिकार करना।

प्रश्न 2.
भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी की स्थापना होने से कौन-से नये कस्बों का उत्थान हुआ ?
उत्तर-
बम्बई कलकत्ता तथा मद्रास

प्रश्न 3.
मद्रास शहर में दर्शनीय स्थान कौन-से हैं ?
उत्तर-
गिरजाघर, भवन, स्मारक, सुन्दर मन्दिर तथा समुद्री तट।

प्रश्न 4.
बम्बई (मुम्बई) शहर के दर्शनीय स्थानों के नाम लिखो।
उत्तर-
जुहू बीच, चौपाटी, कोलाबा, मालाबार हिल, जहांगीरी आर्ट गैलरी, अजायब घर, बम्बई यूनिवर्सिटी, महालक्ष्मी मन्दिर, विक्टोरिया बाग़, कमला नेहरू पार्क इत्यादि।

प्रश्न 5.
अंग्रेजों ने भारत में अपनी पहली व्यापारिक फैक्टरी कब तथा कहां स्थापित की ?
उत्तर-
अंग्रेज़ों ने भारत में अपनी पहली व्यापारिक फैक्टरी 1695 ई० में कलकत्ता में स्थापित की।

प्रश्न 6.
अंग्रेजी राज्य के समय भारत में सबसे पहले कौन-से तीन शहरों में नगरपालिकाएं स्थापित की गईं ?
उत्तर-
अंग्रेजी राज्य के समय भारत में नगरपालिकाएं सबसे पहले मद्रास, बम्बई तथा कलकत्ता में स्थापित की गईं।

प्रश्न 7.
भारत में सार्वजनिक कार्य निर्माण की स्थापना किस अंग्रेज़ अफ़सर ने की ?
उत्तर-
भारत में सार्वजनिक कार्य निर्माण विभाग की स्थापना लार्ड डल्हौजी ने की।

प्रश्न 8.
अंग्रेज़ी राज्य के समय भारत में पुलिस की व्यवस्था किस गवर्नर-जनरल ने शुरू की ?
उत्तर-
अंग्रेजी राज्य के समय भारत में पुलिस की व्यवस्था लार्ड कार्नवालिस ने शुरू की।

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प्रश्न 9.
भारत में प्रथम रेलवे लाइन किसके द्वारा, कब तथा कहां से कहां तक बनाई गई ?
उत्तर-
भारत में प्रथम रेलवे लाइन 1853 ई० में लार्ड डल्हौजी द्वारा बनाई गई। यह बम्बई से लेकर थाना शहर तक बनाई गई थी।

प्रश्न 10.
मद्रास शहर के बारे में आप क्या जानते हो ?
उत्तर-
मद्रास शहर भारत के पूर्वी तट पर स्थित है। इसका वर्तमान नाम चेन्नई है और यह तमिलनाडु राज्य की राजधानी है। यह नगर भारत में अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा स्थापित तीन केन्द्रों-बम्बई, कलकत्ता तथा मद्रासमें से एक था। यह ईस्ट इंडिया कम्पनी की प्रेजीडेंसी का भी एक केन्द्र था। कम्पनी के इस केन्द्र की स्थापना 1639 में फ्रांसिस डे ने की थी। पहले कर्नाटक युद्ध में फ्रांसीसियों ने अंग्रेजों से मद्रास शहर छीन लिया था। परन्तु युद्ध की समाप्ति पर अंग्रेजों को यह शहर वापस मिल गया था। कर्नाटक के युद्ध में अंग्रेजों की अन्तिम जीत के कारण मद्रास एक महत्त्वपूर्ण तथा समृद्ध नगर बन गया था।

शीघ्र ही यह नगर एक बन्दरगाह नगर तथा औद्योगिक केन्द्र के रूप में विकसित हो गया। यहां अनेक दर्शनीय स्थल (देखने योग्य स्थान) हैं। इनमें गिरजाघर, भवन, स्मारक, सुन्दर मन्दिर तथा समुद्री तट शामिल हैं।

प्रश्न 11.
अंग्रेजी शासन काल में पुलिस व्यवस्था किस प्रकार की थी ?
उत्तर-
अंग्रेज़ों के शासनकाल में लार्ड कार्नवालिस ने देश में कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस विभाग की स्थापना की। उसने ज़मींदारों से पुलिस के अधिकार छीन लिये। 1792 ई० में उसने बंगाल के जिलों को थानों में बांट दिया। प्रत्येक थाने का मुखिया दरोगा नामक पुलिस अधिकारी होता था। वह ज़िला मैजिस्ट्रेट के अधीन काम करता था। 1860 ई० में अंग्रेज़ी सरकार ने देश के सभी प्रान्तों में एक जैसा पुलिस प्रबन्ध स्थापित करने के लिए एक पुलिस कमीशन नियुक्त किया। उसकी सिफ़ारिशों पर सिविल पुलिस, इन्सपेक्टर जनरल पुलिस तथा प्रत्येक जिले में पुलिस सुपरिंटेंडेंट तथा सहायक पुलिस सुपरिटेंडेंट नियुक्त किये गए। उनके अधीन पुलिस इंस्पेक्टर, हैड कान्सटेबल आदि अधिकारी काम करते थे। इन पदों पर प्रायः अंग्रेज़ अधिकारी ही नियुक्त किये जाते थे। पुलिस का यह ढांचा थोड़ेबहुत परिवर्तनों के साथ आज भी जारी है।

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें :

1. प्राचीनकाल में ………. तथा मोहनजोदड़ो दो प्रसिद्ध उन्नत शहर थे।
2. …………… मुग़ल बादशाह अकबर की राजधानी थी
3. ………… का वर्तमान नाम चेन्नई है।
4. लार्ड ……… ने देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग की स्थापना की।
उत्तर-

  1. हड़प्पा
  2. फतेहपुर सीकरी
  3. मद्रास
  4. कार्न-वालिस।

III. सही जोड़े बनाएं :

क – ख

1. शाहजहाँ के राज्यकाल में दिल्ली – इंद्रप्रस्थ
2. इंजीनियरिंग कॉलेज – कोलकाता
3. पश्चिम बंगाल की राजधानी – रूड़की
4. महाकाव्य काल में दिल्ली – शाहजहानाबाद
उत्तर-
1. शाहजहाँ के राज्यकाल में दिल्ली – शाहजहानाबाद
2. इंजीनियरिंग कॉलेज – रूड़की
3. पश्चिम बंगाल की राजधानी – कोलकाता
4. महाकाव्य काल में दिल्ली – इंद्रप्रस्थ

PSEB 8th Class Social Science Guide बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

(क) सही विकल्प चुनिए :

प्रश्न 1.
जुहू बीच, चौपाटी, कोलाबा, जहाँगीरी आर्ट गैलरी आदि दर्शनीय स्थल हैं-.
(i) मद्रास
(ii) बम्बई
(iii) कलकत्ता
(iv) दिल्ली ।
उत्तर-
बम्बई

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प्रश्न 2.
अंग्रेजों ने भारत में अपनी पहली व्यापारिक फैक्टरी (1695 ई० में) स्थापित की
(i) मद्रास
(ii) बम्बई
(iii) कलकत्ता
(iv) दिल्ली ।
उत्तर-
कलकत्ता

प्रश्न 3.
भारत में सार्वजनिक कार्य निर्माण विभाग की स्थापना की-
(i) लार्ड कार्नवालिस
(i) लार्ड विलियम बैंटिक
(iii) लार्ड डलहौज़ी
(iv) लार्ड मैकाले।
उत्तर-
लार्ड डलहौज़ी

प्रश्न 4.
भारत में अंग्रेज़ी राज्य के समय पुलिस व्यवस्था आरम्भ की
(i) लार्ड कार्नवालिस
(ii) लार्ड डलहौज़ी
(iii) लार्ड विलियम बैंटिक
(iv) लार्ड मैकाले।
उत्तर-
लार्ड कार्नवालिस

प्रश्न 5.
अंग्रेज़ी सरकार ने (1687-88 ई० में) सबसे पहले नगरपालिका कार्पोरेशन की स्थापना की –
(i) बम्बई नगर
(ii) दिल्ली नगर
(iii) कलकत्ता नगर
(iv) मद्रास नगर।
उत्तर-
मद्रास नगर

(ख) सही कथन पर (✓) तथा गलत कथन (✗) पर का निशान लगाएं :

1. अंग्रेजों ने 1911 में कलकत्ता को अपनी राजधानी बनाया।
2. मध्यकाल में अकबर ने दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया।
3. भारत में पहली रेलवे लाइन 1853 ई० में बनी।
उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✗)
  3. (✓)

V. अति छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
शहरी परिवर्तन से क्या भाव है ?
उत्तर-
जब किसी देश की राजनीतिक दशा में परिवर्तन होता है, तो उस देश के कस्बों तथा शहरों की स्थिति और महत्त्व में बदलाव आ जाता है। इसे शहरी परिवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 2.
प्राचीन काल के किन्हीं दो उन्नत शहरों के नाम बताओ जो अब पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
उत्तर-
हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो।

प्रश्न 3.
व्यापारिक केन्द्र के रूप में सूरत का महत्त्व क्यों कम हो गया ?
उत्तर-
व्यापारिक केन्द्र के रूप में सूरत का महत्त्व बम्बई के बंदरगाह तथा ईस्ट इण्डिया कम्पनी की राजनीतिक शक्ति का केन्द्र बनने से कम हुआ। अब सूरत के अधिकतर व्यापारी मुम्बई में चले गये।

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प्रश्न 4.
मद्रास नगर कहां स्थित है और इसका वर्तमान नाम क्या है ?
उत्तर-
मद्रास नगर भारत के पूर्वी तट पर स्थित है। इसका वर्तमान नाम चेन्नई है।

प्रश्न 5.
बंबई नगर कहां स्थित है और इसका वर्तमान नाम क्या है ?
उत्तर-
बंबई नगर महाराष्ट्र राज्य में अरब सागर के पूर्वी तट पर स्थित है। इसका वर्तमान नाम मुम्बई है।

प्रश्न 6.
कलकत्ता का वर्तमान नाम क्या है ?
उत्तर-
कलकत्ता का वर्तमान नाम कोलकाता है।

प्रश्न 7.
तमिलनाडु, महाराष्ट्र तथा पश्चिमी बंगाल राज्यों की राजधानियों के नाम बताओ।
उत्तर-
क्रमशः चेन्नई, मुम्बई तथा कोलकाता।

प्रश्न 8.
अंग्रेजों ने दिल्ली को अपने भारतीय साम्राज्य की राजधानी कब बनाया था ? इससे पहले उनकी राजधानी कौन-सी थी ?
उत्तर-
अंग्रेज़ों ने 1911 ई० में दिल्ली को अपने भारतीय साम्राज्य की राजधानी बनाया था। इससे पहले उनकी राजधानी कलकत्ता थी।

प्रश्न 9.
अंग्रेजी सरकार ने सबसे पहले नगरपालिका कार्पोरेशन की स्थापना किस नगर में और कब की ?
उत्तर-
मद्रास नगर में, 1687-88 ई० में।

प्रश्न 10.
गंगा नहर में पानी कब छोड़ा गया ?
उत्तर-
8 अप्रैल, 1853 ई० को।।

प्रश्न 11.
अंग्रेजी राज में नगर-योजना के अधीन नगरों को दी गई कोई तीन सुविधाएं लिखो।
उत्तर-

  1. पाइप द्वारा पानी की सप्लाई,
  2. गलियों में रोशनी,
  3. पार्क तथा खेल के मैदान।

प्रश्न 12.
कलकत्ता से रानीगंज तक रेलवे लाइन का निर्माण कब किया गया ?
उत्तर-
1854 ई० में।

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
अंग्रेजों के शासन काल में सार्वजनिक कार्य-निर्माण विभाग पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
अंग्रेजों के शासन काल में भारत में सर्वप्रथम लार्ड डल्हौज़ी ने जनता की भलाई का काम करने के लिए सार्वजनिक कार्य-निर्माण विभाग की स्थापना की। इस विभाग ने सड़कें, नहरें तथा पुल आदि बनवाये।

  • इस विभाग ने कलकत्ता से पेशावर तक जी० टी० रोड तैयार करवाया।
  • 8 अप्रैल, 1853 ई० को गंगा नहर तैयार करवा कर उसमें पानी छोड़ा गया।
  • उसने रुड़की में एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किया।
  • इस विभाग ने प्रजा के कल्याण के लिए कई अन्य कार्य भी किये।

प्रश्न 2.
अंग्रेजों के शासनकाल में रेलवे लाइनें बिछाने के काम पर एक नोट लिखो। यह भी बताओ कि रेलवे लाइनें क्यों बिछाई गईं ?
उत्तर-
भारत में पहली रेलवे लाइन लार्ड डल्हौज़ी के समय 1853 ई० में बम्बई से थाना शहर तक बनाई गई। 1854 ई० में कलकत्ता से रानीगंज तक रेलवे लाइन का निर्माण किया गया। भारत में अंग्रेज़ शासकों द्वारा रेलवे लाइनों का निर्माण करने के कई कारण थे। इनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :

  • अंग्रेजी सरकार अपने साम्राज्य की रक्षा करने तथा सेना के आने-जाने के लिए रेलवे लाइनें बिछाना आवश्यक समझती थी।
  • इंग्लैंड की मिलों में तैयार की गई वस्तुएं रेल द्वारा भारत के भिन्न-भिन्न भागों में भेजी जा सकती थीं।
  • अंग्रेज़ी कंपनियों तथा अंग्रेज़ पूँजीपतियों को अपना अतिरिक्त धन रेलें बनाने में खर्च करके पर्याप्त लाभ हो सकता था।
  • रेलों हारा देश के भिन्न-भिन्न भागों से इंग्लैंड के कारखानों के लिए कच्चा माल इकट्ठा किया जा सकता था।

निबन्धातक प्रश्न

प्रश्न 1.
उपनिवेशवादी (बस्तीवादी) संस्थाओं तथा नीतियों के बारे में लिखो जिन्होंने नगरों के विकास में सहायता पहुंचाई ?
उत्तर-
अंग्रेज़ी सरकार ने अपने साम्राज्य को संगठित करने के लिए कई स्थानीय संस्थाएँ स्थापित की जिनसे नगरों के विकास में सहायता मिली। इनमें नगरपालिकाएं, सार्वजनिक कार्य निर्माण विभाग, रेल मार्ग का जाल बिछाना आदि कार्य शामिल थे। इनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है-

1. नगरपालिकाएं-ब्रिटिश (अंग्रेज़ी) ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने सबसे पहले 1687-88 ई० में मद्रास में नगरपालिका कार्पोरेशन की स्थापना की। इसके सदस्य मनोनीत किये जाते थे। कुछ समय बाद बम्बई तथा कलकत्ता में भी नगरपालिका कार्पोरेशन स्थापित की गईं। धीरे-धीरे विभिन्न प्रान्तों के नगरों तथा ग्रामों के लिए नगरपालिकाएं एवं जिला बोर्ड स्थापित किये गये। इन संस्थाओं के माध्यम से काफी संख्या में प्राइमरी, मिडल तथा हाई स्कूल खोले गये। नगरपालिकाओं द्वारा नगरों की सफ़ाई तथा रात को प्रकाश का प्रबन्ध किया जाता था। लोगों को पानी की सुविधाएं मिलने लगीं। नगरों में डिस्पेंसरियां खोली गईं, जिनमें बीमारियों की रोकथाम के लिए निःशुल्क दवाएँ देने तथा टीके लगाने की व्यवस्था थी।

2. सार्वजनिक कार्य निर्माण विभाग- अंग्रेज़ी शासन-काल में भारत में सर्वप्रथम लार्ड डल्हौज़ी ने जनता की भलाई के लिए सार्वजनिक कार्य निर्माण विभाग की स्थापना की। इस विभाग ने सड़कें, नहरें तथा पुल आदि बनवाए। इस विभाग ने कलकत्ता से पेशावर तक जी० टी० रोड का निर्माण करवाया। 8 अप्रैल, 1853 ई० को गंगा नहर तैयार करवा कर उसमें पानी छोड़ा गया। रुड़की में एक इंजिनियरिंग कॉलेज स्थापित किया गया। इस विभाग ने प्रजा के कल्याण के लिए कई अन्य कार्य भी किये।

3. योजना-अंग्रेजों के शासन काल में भारत के कई प्रमुख नगरों में नगर सम्बम्धी सुविधाओं में विस्तार हुआ। भारत के अधिकतर नगरों में पाइप द्वारा पानी की सप्लाई तथा सीवरेज़ की व्यवस्था की गई। इसके अतिरिक्त नगरों में आधुनिक बाज़ार, पार्क तथा खेल के मैदान बनवाए गए।

4. रेलवे लाइनें-भारत में पहली रेलवे-लाइन लार्ड डल्हौज़ी के समय 1853 ई० में बम्बई से थाना शहर तक बनाई गई। 1854 ई० में कलकत्ता से रानीगंज तक की रेलवे लाइन का निर्माण किया गया। भारत में अंग्रेज़ शासकों द्वारा रेलवे-लाइनों का निर्माण करने के कई कारण थे। इनमें से प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :

  • अंग्रेज़ी सरकार अपने साम्राज्य की रक्षा करने तथा सेना के आने-जाने के लिए रेलवे लाइनें स्थापित करना आवश्यक मानती थी।
  • इंग्लैंड की मिलों में तैयार की गई वस्तुएँ रेलों द्वारा भारत के भिन्न-भिन्न भागों में भेजी जा सकती थीं।
  • अंग्रेज़ी कम्पनियों तथा अंग्रेज़ पूंजीपतियों को अपना अतिरिक्त धन रेलें बनाने में खर्च करके पर्याप्त लाभ हो सकता था।

प्रश्न 2.
नये कस्बों के उत्थान पर नोट लिखो।
उत्तर-
नये कस्बों का उत्थान शहरी परिवर्तनों के परिणामस्वरूप होता है। दूसरे शब्दों में नये कस्बों तथा शहरों का उत्थान तब होता है जब कोई स्थान राजनीतिक शक्ति तथा आर्थिक अथवा धार्मिक गतिविधियों का केंद्र हो। राजनीतिक शक्ति में परिवर्तन होने से प्रायः राजधानियां बदलती हैं। इससे पुरानी राजधानियां अपना महत्त्व खो बैठती हैं जबकि नये राजनीतिक केन्द्रों का महत्त्व बढ़ जाता है। अत: वहां नये कस्बों का विकास होता है। उदाहरण के लिए मुग़लों तथा मराठों के केन्द्र राजनीतिक संरक्षण के अभाव में अपना महत्त्व खो बैठे। इसके विपरीत नई शक्तियों के उदय से नये कस्बे तथा केन्द्र समृद्ध हो गये। अंग्रेजी काल में मद्रास, कलकत्ता तथा बम्बई जैसे नए नगरों का उत्थान भी इसी प्रकार हुआ था।

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 19 बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन

प्रश्न 3.
अंग्रेजों के राज्य के समय कलकत्ता शहर के महत्त्व का वर्णन करें।
उत्तर-
कलकत्ता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। आजकल इसका नाम कोलकाता है। यह भारत में अंग्रेज़ी शासन के समय एक प्रसिद्ध व्यापारिक बस्ती थी। 1695 ई० में अंग्रेजों ने यहां अपनी पहली व्यापारिक फैक्टरी (कारखाना) स्थापित की तथा उसके चारों ओर एक किला बनाया। 1757 ई० तक अंग्रेज़ी ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने अपना सारा समय व्यापारिक गतिविधियों में लगाया। जब बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला तथा ईस्ट इण्डिया कम्पनी के मध्य युद्ध आरम्भ हो गया तो भारत में उनकी भिन्न-भिन्न बस्तियां-मद्रास, बम्बई तथा कलकत्ता आदि विकसित नगर बन गये। भारत के अधिकांश व्यापारी इन नगरों में रहने लगे, क्योंकि यहां उन्हें अत्यधिक व्यापार सम्बन्धी सुविधाएं प्राप्त हो सकती थीं। 1757 ई० में प्लासी तथा 1764 ई० में बक्सर की लड़ाई में बंगाल के नवाबों की हार तथा अंग्रेजों की विजय के कारण कलकत्ता नगर की महत्ता और अधिक बढ़ गई।

आजकल यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं। इनमें हावड़ा पुल, विक्टोरिया मेमोरियल (स्मारक), बोटैनिकल गार्डन, भारतीय अजायब घर, अलीपुर चिड़िया घर, वैलूर मठ, राष्ट्रीय पुस्तकालय आदि शामिल हैं जो कि कलकत्ता के महत्त्व को बढ़ाते हैं।

प्रश्न 4.
दिल्ली शहर के विस्तार का वर्णन करो।
उत्तर-
दिल्ली भारत का एक प्रसिद्ध नगर है। यह भारत की राजधानी है। यह यमुना नदी के तट पर स्थित है। महाभारत काल में दिल्ली को इन्द्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। तत्पश्चात मुग़ल बादशाह शाहजहां ने इसे शाहजहानाबाद का नाम दिया। 1911 ई० में अंग्रेजों ने इसे अपनी राजधानी बनाया और इसे नई दिल्ली का नाम दिया।

दिल्ली का महत्त्व-दिल्ली आरम्भ से ही भारत की राजनीतिक, व्यापारिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र रही है। मध्यकाल में यह नगर बहुत अधिक प्रसिद्ध हो गया था, क्योंकि इल्तुतमिश ने इसे अपनी राजधानी बना लिया था। इसके पश्चात् दिल्ली सभी सुल्तानों की राजधानी बना रहा।

मुग़ल बादशाह अकबर महान् के काल में कुछ समय के लिए आगरा तथा फतेहपुर सीकरी मुग़लों की राजधानी रहे। अन्य सभी मुग़ल शासकों ने दिल्ली को ही अपनी राजधानी बनाये रखा। इस कारण दिल्ली नगर की महत्ता बहुत अधिक बढ़ गई थी।

प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल-दिल्ली के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल पुराना किला, चिड़िया घर, अप्पू घर, इंडिया गेट, किला राए पिथौर, फ़तेहपुरी मस्जिद, निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह, जन्तर-मन्तर. बहलोल लोधी तथा सिकंदर लोधी के मकबरे, कुतुबुद्दीन बख्तयार काकी की दरगाह, पार्लियामेंट हाऊस, राष्ट्रपति भवन, अजायब घर, राजघाट, तीन मूर्ति भवन, शक्ति स्थल, शान्ति वन, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, बिरला मन्दिर, गुरुद्वारा सीस गंज, गुरुद्वारा बंगला साहिब आदि हैं।

प्रश्न 5. शहरों के परिवर्तन द्वारा कौन-से नये शहरों की उत्पत्ति हुई ? वर्णन करें।
उत्तर-अंग्रेज़ी काल में शहरी परिवर्तन से मुख्य रूप से तीन नये शहरों की उत्पत्ति हुई। ये नगर थे-मद्रास, बम्बई तथा कलकत्ता। इन शहरों का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है-

1. मद्रास-मद्रास नगर भारत के पूर्वी तट पर स्थित है। इसका वर्तमान नाम चेन्नई है और यह तमिलनाडु राज्य की राजधानी है। मद्रास भारत में विकसित होने वाले अंग्रेज़ी ईस्ट इण्डिया कम्पनी के तीन प्रमुख केन्द्रों-कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास में से एक था। यहां पर ईस्ट इण्डिया कम्पनी की प्रेज़िडेंसी का एक केन्द्र भी था। कम्पनी के इस केन्द्र की स्थापना 1639 ई० में फ्रांसिस डे ने की थी। फ्रांसीसी सेनापति ला-बरोदानिस ने पहले कर्नाटक युद्ध (1746-1748) में मद्रास अंग्रेज़ों से छीन लिया था। परन्तु युद्ध के समाप्त होने पर 1748 ई० में मद्रास अंग्रेज़ों को लौटा दिया गया था। कर्नाटक के तीन युद्धों में अंग्रेजों की अंतिम विजय के कारण मद्रास एक महत्त्वपूर्ण एवं खुशहाल (सम्पन्न) नगर बन गया।

शीघ्र ही मद्रास एक बन्दरगाह नगर तथा प्रसिद्ध औद्योगिक केन्द्र के रूप में विकसित हो गया। यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं। यहां के गिरजाघर, भवन, स्मारक, आकर्षक मन्दिर तथा समुद्री तट इस नगर की शान में चार चांद लगा रहे हैं।

2. बम्बई-बम्बई नगर महाराष्ट्र में अरब सागर के पूर्वी तट पर स्थित है। आजकल इसका नाम मुम्बई है। यह एक प्रसिद्ध व्यापारिक केन्द्र होने के साथ-साथ औद्योगिक एवं संस्कृति का केन्द्र भी है। 1661 ई० में पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन के इंग्लैंड के शासक चार्ल्स द्वितीय के साथ विवाह में यह नगर पुर्तगालियों ने दहेज़ के रूप में इंग्लैंड को दिया था। उसने यह नगर ईस्ट इण्डिया कम्पनी को किराये पर दे दिया। धीरे-धीरे बम्बई अंग्रेज़ों की प्रेज़िडेंसी बन गया। इस नगर के प्रसिद्ध स्थान जुहू बीच, चौपाटी, कोलाबा, मालाबार हिल, जहांगीरी आर्ट-गैलरी, अजायबघर (संग्रहालय), बम्बई यूनिवर्सिटी, महालक्ष्मी मन्दिर, विक्टोरिया बाग, क्रमला नेहरू पार्क आदि हैं।

3. कलकत्ता-कलकत्ता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। आजकल इसका नाम कोलकाता है। यह भारत में अंग्रेज़ी शासन के समय एक प्रसिद्ध व्यापारिक बस्ती थी। 1695 ई० में अंग्रेज़ों ने यहां अपनी पहली व्यापारिक फैक्टरी (कारखाना) स्थापित की तथा उसके चारों ओर एक किला बनाया। 1757 ई० तक अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपना सारा समय व्यापारिक गतिविधियों में लगाया। जब बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला तथा ईस्ट इण्डिया कम्पनी के मध्य युद्ध आरम्भ हो गया तो भारत में उनकी भिन्न-भिन्न बस्तियां-मद्रास, बंबई तथा कलकत्ता आदि विकसित नगर बन गईं। भारत के अधिकतर व्यापारी इन राज्यों में रहने लगे क्योंकि यहां उन्हें अत्यधिक व्यापार-सम्बन्धी सुविधाएं प्राप्त हो सकती थीं। 1757 ई० में प्लासी तथा 1764 ई० में बक्सर की लड़ाई में बंगाल के नवाबों की हार तथा अंग्रेजों की विजय के कारण कलकत्ता नगर की महत्ता और अधिक बढ़ गई। . .
आजकल यहां अनेक दर्शनीय स्थल हैं। इनमें हावड़ा पुल, विक्टोरिया मेमोरियल (स्मारक), बोटेनिकल गार्डन, भारतीय अजायब घर, अलीपुर चिड़ियाघर, वैलूर मठ, राष्ट्रीय पुस्तकालय आदि शामिल हैं जो कलकत्ता के महत्त्व को बढ़ाते हैं।

बस्तीवाद तथा शहरी परिवर्तन PSEB 8th Class Social Science Notes

  • बस्तीवाद – बस्तीवाद का भावार्थ है किसी देश पर किसी अन्य देश या देशों द्वारा राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप में अधिकार करना।
  • नगर-परिवर्तन – नगरीय परिवर्तन से तात्पर्य (भाव) है किसी देश की राजनीतिक सत्ता में परिवर्तन होने के कारण कस्बों एवं नगरों की स्थिति एवं महत्ता में परिवर्तन होना।
  • नगरों का समाप्त (अन्त) होना तथा नये कस्बों का उत्थान – नये नगरों और कस्बों का उत्थान तब होता है जब वे राजनीतिक शक्ति, आर्थिक गतिविधियों या फिर धार्मिक गतिविधियों के केन्द्र होते हैं। किसी देश की राजनीतिक शक्ति में परिवर्तन होने के कारण यदि सम्बन्धित शासक अपनी राजधानियां बदलते हैं
    तो कई नगर अपनी महत्ता खो बैठते हैं तथा नये नगर उनका स्थान ले लेते हैं।
  • अंग्रेज़ी काल के नये नगर – अंग्रेज़ी काल में तीन महत्त्वपूर्ण नगरों का विकास हुआ-मद्रास, बम्बई तथा कलकत्ता। ये नगर प्रेजीडेंसियों के केन्द्र भी थे।
  • दिल्ली का विस्तार | 1911 ई० में अंग्रेजों ने दिल्ली को अपने भारतीय साम्राज्य की राजधानी बनाया फलस्वरूप दिल्ली का तेजी से विस्तार हुआ।
  • नगरों को सुविधाएं | नगरों के विकास के लिए लोगों को विभिन्न सफ़ाई, पानी, सड़कों, रोशनी आदि की सुविधाएं दी गईं। इसके लिए विभिन्न स्थानीय संस्थाएं स्थापित की गईं।
  • कानून एवं व्यवस्था नगरों में कानून एवं व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग की स्थापना की गई।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

Punjab State Board PSEB 8th Class Science Book Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Science Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

PSEB 8th Class Science Guide विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Textbook Questions and Answers

अभ्यास

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(a) विद्युत् चालन करने वाले अधिकांश द्रव ……………….., ………………… तथा ………………. के विलयन होते हैं।
(b) किसी विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित होने पर …………………… प्रभाव उत्पन्न होता है।
(c) यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ………………………….. टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होता है।
(d) विद्युत् धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ………………… कहते हैं।
उत्तर-
(a) अम्ल, क्षार, लवण
(b) रासायनिक
(c) -ve (ऋण)
(d) विद्युत् लेपन।

प्रश्न 2.
जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतंत्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं ?
उत्तर-
विलयन में विद्युत् धारा के प्रवाहित होने से चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 3.
ऐसे तीन द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुंबकीय सुई विक्षेपित हो सके।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 1
उत्तर-
अम्ल, क्षार और लवण के विलयन।

प्रश्न 4.
चित्र में दर्शायी गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप संभावित कारणों की सूची बना सकते हैं ? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 2
उत्तर-
चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब प्रदीप्त नहीं होता है परंतु इसका अर्थ यह नहीं कि द्रव में से धारा प्रवाहित नहीं हो रही। हो सकता है कि द्रव इतना दुर्बल हो कि बल्ब को प्रदीप्त करने में समर्थ न हो। इसलिए विश्वसनीय जाँच के लिए, LED का उपयोग किया जा सकता है, जो बहुत ही दुर्बल विद्युत् धारा से भी प्रदीप्त हो उठता है।

प्रश्न 5.
दो द्रवों A तथा B के विद्युत् चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यंत धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि :
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
(ii) द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
(iii) दोनों द्रवों की चालकता समान है।
(iv) द्रवों की चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।
उत्तर-
(i) द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।

प्रश्न 6.
क्या शुद्ध जल विद्युत् का चालन करता है ? यदि नहीं, तो इसे चालन बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं ?
उत्तर-
शुद्ध जल विद्युत् का चालन नहीं करता। इसको चालक बनाने के लिए इसमें कुछ बूंदें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की डालनी चाहिए।

प्रश्न 7.
आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज़ (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं ?
उत्तर-
शुद्ध जल विद्युत्हीन चालक है, परंतु नल का जल विद्युत् का अच्छा चालक है। विद्युत् के झटके से बचने के लिए फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बंद कर देते हैं।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 8.
तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुंबकीय सुई अधिक विक्षेप दर्शाती है। क्या आप इसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं ? ।
उत्तर-
समुद्र के पानी में लवणों की सघनता अधिक होती है। इसी कारण चुंबकीय सुई अधिक विक्षेपित होती है।

प्रश्न 9.
क्या तेज़ वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत .. करना सुरक्षित होता है ? व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
नहीं, लाइनमैन के लिए वर्षा के समय, बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि वर्षा का जल विद्युत् का चालक है, जिससे लाइनमैन को विद्युत् झटका लग सकता है।

प्रश्न 10.
पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुंबकीय सुई विक्षेप दर्शाती है। इसका क्या कारण हो सकता है ?
उत्तर-
निसंदेह वर्षा का जल आसुत जल की तरह ही शुद्ध होता है, परंतु वातावरण अशुद्धियों से भरा पड़ा है। ये अशुद्धियाँ वर्षा के जल में घुल कर इसे विद्युत् चालक बना देती हैं।

प्रश्न 11.
अपने आस-पास उपलब्ध विद्युत्लेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर-
विद्युत् लेपित वस्तुएँ-

  1. साइकिल का हैंडल
  2. कार के पहिए
  3. कृत्रिम गहने
  4. स्नानगृह के नल
  5. गैस चुल्हे के बर्नर।

प्रश्न 12.
जो प्रक्रिया आपने पाठ्य-पुस्तक के क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौन-सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित किया जाए ? कारण भी लिखिए।
उत्तर-
जब कॉपर सल्फेट विलयन में विद्युत् धारा प्रवाहित की जाती है, तो कॉपर सल्फेट, कॉपर और सल्फेट में नियोजित होता है। कॉपर ऋण टर्मिनल पर जुड़े अशुद्ध कॉपर इलेक्ट्रोड पर निक्षेपित हो जाता है जबकि धन टर्मिनल पर जुड़ा शुद्ध कॉपर इलेक्ट्रोड विलयन में कॉपर की आपूर्ति करता है।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

PSEB Solutions for Class 8 Science विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव Important Questions and Answers

TYPE-I
अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
क्या मानव शरीर विद्युत् चालक है या विद्युत् प्रतिरोधक ?
उत्तर-
विद्युत् चालक।

प्रश्न 2.
विद्युत चालक (Conductors) क्या है ?
उत्तर-
विद्युत् चालक – पदार्थ जो अपने में से विद्युत् धारा प्रवाहित होने देते हैं, विद्युत् चालक कहलाते हैं। उदाहरण-चाँदी, ताँबा, एल्यूमीनियम, लोहा, मानव शरीर आदि।

प्रश्न 3.
विद्युतरोधक (Insulators) क्या है ?
उत्तर-
विद्युतरोधक-वे पदार्थ जो अपने से विद्युत् धारा प्रवाहित नहीं होने देते, विद्युत्रोधक कहलाते हैं। उदाहरण-लकड़ी, रबड़, रेशम तथा प्लास्टिक आदि।

प्रश्न 4.
क्या सभी द्रव विद्युत् प्रवाहित होने देते हैं ?
उत्तर-
नहीं।

प्रश्न 5.
एल० ई० डी० (LED) क्या है ?
उत्तर-
एल० ई० डी०-प्रकाश उत्सर्जक डायोड।

प्रश्न 6.
उस प्रक्रम का नाम बताओ जिसमें कोई भी रासायनिक पदार्थ विद्युत् धारा के प्रवाह से अपघटित हो जाता है ?
उत्तर-
विद्युत् अपघटन (Electrolysis)।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 7.
अम्लयुक्त जल के विद्युत् अपघटन से क्या उत्पाद मिलते हैं ?
उत्तर-
हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन।

प्रश्न 8.
विद्युत् लेपन में विद्युत् धारा का कौन-सा प्रभाव उपयोग में आता है ?
उत्तर-
रासायनिक प्रभाव।

प्रश्न 9.
विद्युत् धारा का कौन-सा प्रभाव बल्ब जलाने में सहायक होता है ?
उत्तर-
ऊष्मीय प्रभाव।

प्रश्न 10.
दुर्बल और थोड़ी विद्युत् धारा का परीक्षण कैसे होता है ?
उत्तर-
एल० ई० डी० के उपयोग से।

प्रश्न 11.
विद्युत् धारा के विभिन्न प्रभावों के नाम लिखो।
उत्तर-
ऊष्मीय प्रभाव, रासायनिक तथा चुंबकीय प्रभाव।

प्रश्न 12.
क्या वायु विद्युत्रोधक है ?
उत्तर-
हाँ।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 13.
कुछ द्रवों के नाम बताइए जो विद्युत् चालक हैं ?
उत्तर-
नींबू का रस, चूने का पानी, सिरका, नल का जल।

प्रश्न 14.
क्या विद्युत् चालकों को विद्युत्हीन चालकों में, विशेष परिस्थितियों में वर्गीकृत कर सकते
उत्तर-
हाँ।

प्रश्न 15.
कौन-से द्रव विद्युत् चालन कर सकते हैं ?
उत्तर-
म्ल, क्षार और लवण के विलयन।

प्रश्न 16.
इलेक्ट्रोड (Electrodes) क्या है ?
उत्तर-
इलेक्ट्रोड – बैटरी से जोड़ने के लिए विद्युत् चालक द्रव में उपयुक्त की जाने वाली धातु की छड़ें, इलेक्ट्रोड कहलाती हैं।

प्रश्न 17.
किस प्रक्रम द्वारा सस्ती धातु को सोने अथवा महँगी धातु से ढका जाता है ?
उत्तर-
विद्युत् लेपन।

प्रश्न 18.
क्या विद्युत् लेपन लाभकारी प्रक्रम है ?
उत्तर-
हाँ।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

TYPE-II
लघु उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु विद्युत् की अच्छी चालक नहीं है। प्रयोग द्वारा दर्शाइए।
उत्तर-
वायु विद्युत्हीन चालक – एक बल्ब लेकर एक सैल और स्विच से इसे जोड़ो। जब स्विच में पिन का उपयोग होता है तो बल्ब प्रकाशमान हो जाता है। परंतु पिन को हटाने से स्विच के बीच वायु होती है और विद्युत् धारा नहीं बहती। इससे सिद्ध होता है कि वायु विद्युत् की अच्छी चालक नहीं है।

प्रश्न 2.
विद्युत् अपघटन (Electrolysis) क्या है ?
उत्तर-
विद्युत् अपघटन – विद्युत् के प्रवाह से रासायनिक यौगिकों के विलयन का अपघटित होना, विद्युत् अपघटन कहलाता है। जब अम्लीय जल में से विद्युत् धारा प्रवाहित होती है तो यह अपने संघटक-हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूट जाता है। हाइड्रोजन कैथोड पर और ऑक्सीजन एनोड पर एकत्रित होती है।

प्रश्न 3.
विद्युत् लेपन (Electroplating) क्या है ?
उत्तर-
विद्युत् लेपन – विद्युत् अपघटन के प्रक्रम द्वारा किसी सस्ती धातु पर मूल्यवान धातु (जैसे जस्त, चाँदी और सोने) की पतली परत चढ़ा कर संक्षरण से बचाया जा सकता है। इस प्रक्रम को विद्युत् लेपन कहते हैं।

प्रश्न 4.
LED पर एक संक्षिप्त नोट लिखो।
उत्तर-
एल० ई० डी० (LED) – यह प्रकाश उत्सर्जक डायोड है। यह अति दुर्बल विद्युत् धारा से भी दीप्त हो उठता है।

इसमें एक बल्ब और दो तारें होती हैं। तारों को लीड्स कहते हैं। एक तार दूसरे की अपेक्षा थोड़ी लंबी होती है। लंबी तार, बैटरी के धन (+ve) टर्मिनल से तथा छोटी तार बैटरी के ऋण (-ve) टर्मिनल से जोडते हैं।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 3

TYPE-III
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
क्या जल विद्युत् का अच्छा चालक है ? क्या होता है जब जल में साधारण नमक मिलाया जाता है ?
उत्तर-
प्रयोग – शुद्ध अथवा आसुत जल विद्युत् के रोधक हैं। दो कार्बन की छड़ें आसुत जल में डुबोएँ और उन्हें बल्ब, 6V बैटरी और स्विच से जोड़ें, बल्ब दीप्त नहीं होगा। इसका निष्कर्ष है कि आसुत जल विद्युत्हीन चालक है।

अब आसुत जल के स्थान पर साधारण नमक का विलयन उपयोग में लाएँ। स्विच दबाते ही बल्ब दीप्त हो जाएगा। इससे सिद्ध होता है कि आसुत जल विद्युत्रोधक है, परंतु अशुद्ध जल विशेष तौर पर साधारण नमक मिश्रित जल विद्युत् का अच्छा चालक है।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 4

प्रश्न 2.
विद्युत् लेपन क्या है ? इसके उपयोग लिखिए।
उत्तर-
विद्युत् लेपन – इस प्रक्रिया में सस्ती धातु पर महँगी धातु की पतली परत, विद्युत् धारा के प्रवाह से रोपित की जाती है। जब विद्युत् धारा रासायनिक यौगिक अथवा द्रव में से प्रवाहित होती है तो यह अपने संघटकों से टूट जाता है।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 5

धन-आयन, ऋण इलेक्ट्रोड की तरफ और ऋण-आयन-धन इलेक्ट्रोड की ओर आकर्षित होते हैं। इस प्रक्रिया का उपयोग घटिया वस्तुओं पर धातुओं की पतली परत विलोपित करने के लिए किया जाता है।

विद्युत् लेपन के उपयोग

  1. लोहे को संक्षरण से बचाने के लिए निकिल अथवा क्रोमियम से विलोपित किया जाता है।
  2. कृत्रिम आभूषण, जो सस्ती धातुओं से बनते हैं, उन्हें आकर्षित बनाने के लिए सोने अथवा चाँदी से विलोपित करते हैं।
  3. साइकिल के हैंडल, पहिए के रिम, कारों के भाग क्रोमियम से विलोपित होते हैं ताकि वे चमकदार तथा आकर्षक बन सकें।
  4. लोहे पर टीन की पतली परत विलोपित करने से टीन के डिब्बे तैयार किये जाते हैं।

PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 3.
एक चम्मच कॉपर से कैसे विलोपित किया जा सकता है ?
उत्तर-
प्रयोग – एक चम्मच लो जिसका कॉपर से विद्युत् लेपन करना है। एक कॉपर प्लेट लो और उसे एनोड इलेक्ट्रोड की जगह बैटरी के धन (+ve) टर्मिनल से जोड़ो। चम्मच को ऋण (-ve) टर्मिनल से जोड़ो। एक रियोस्टेट (Rheostat), स्विच और एममीटर (Ammetre) को भी धारा में जोड़ो जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है।
PSEB 8th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव 6

काँच के जार में कॉपर सल्फेट (CuSO4) का विलयन लो। रियोस्टेट (Rheostat) को इस तरह स्थापित करो कि विलयन में से उचित धारा का प्रवाह हो। (प्रायः 1A धारा 100 cm2 क्षेत्रफल के लिए पर्याप्त होती है अर्थात् यदि चम्मच का क्षेत्रफल दोनों तरफ से 60 cm2 है तो 0.6 A धारा का प्रवाह होना अनिवार्य है।) अब विद्युत् धारा का प्रवाह 5-10 मिनट तक होने दें ताकि चम्मच पर चमकता हुआ कॉपर विलोपित हो जाए।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 8 मैमरी यूनिट्स/h2>

Computer Guide for Class 8 PSEB मैमरी यूनिट्स Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरो

1. ………………….. विटस के समूह को बाइट कहा जाता है।
(क) 8
(ख) 16
(ग) 32
(घ) 64.
उत्तर-
(क) 8,

2. एक विट या बाइनरी डिजिट को लाजीकल …………. तथा ………. द्वारा पेश किया जाता है।
(क) 0, 1
(ख) 0,0 .
(ग) 1,2
(घ) 1, 1.
उत्तर-
(क) 0, 1

3. रैम (RAM) का अर्थ है
(क) रीड एक्सैस मैमरी
(ख) रैंडम एक्सैस मैमरी
(ग) दोनों ही
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) रैंडम एक्सैस मैमरी

4. रोम (ROM) का अर्थ है
(क) रीड ओनली मैमरी
(ख) रैंडम ओनली मैमरी
(ग) रीड ओपन मैमरी
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) रैंडम ओनली मैमरी

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स

5. एक डिस्क का हर एक ट्रैक छोटे भागों में बंटा होता है जिसको …………… कहते हैं।
(क) सैक्टर
(ख) एरिया
(ग) डिस्क
(घ) टेप।
उत्तर-
(क) सैक्टर|

2. पूरे नाम लिखो

1. MB
2. GB
3. SRAM
4. PROM
5. IR
उत्तर-
1. MB-Megabyte
2. GB-Gigabyte
3. SRAM-Static RAM
4. PROM-Programmable Read Only Memory
5. IR-Instruction Register

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
मैमरी क्या है ?
उत्तर-
कम्प्यूटर मैमरी वह होता है, जहां पर कम्प्यूटर अपना डाटा तथा ज़रूरी निर्देश स्टोर करता है। यह कम्प्यूटर के दिमाग की तरह ही होता है। इसमें कार्य करने वाला डाटा तथा निर्देश स्टोर किए जाते हैं। मैमरी छोटेछोटे हिस्सों में भी होती है। जिनको सेल कहा जाता है, प्रत्येक सेल का अपना एड्रेस होता है।

प्रश्न 2.
विभिन्न प्रकार की मैमरी के नाम लिखो।
उत्तर-
मैमरी निम्नलिखित प्रकार की होती है

  1. इंटरनल मैमरी-कैश मैमरी, प्राइमरी।
  2. एक्सटर्नल मैमरी-सीक्वेंशियल एक्सेस मैमरी, डायरेक्ट एक्सेस मेमोरी।

प्रश्न 3.
प्राइमरी मैमरी क्या होती है ?
उत्तर-
प्राइमरी मैमरी वह मैमरी होती है जहां तक सीपीयू सीधे पहुंच सकता है। इस मैमरी के बगैर कम्प्यूटर शुरू नहीं हो सकता। यह मैमरी मदरबोर्ड पर सीपीयू के नजदीक होती है।

प्रश्न 4.
रोम की विभिन्न किस्मों के नाम लिखो।
उत्तर-
रोम की निम्नलिखित किस्में होती हैं-

  1. मास्क रोम
  2. प्रोग्रामेबल रोम
  3. इरेजेबल प्रोग्रामबेल रोम
  4. इलेक्ट्रिकली इरेजेबल प्रोग्रामेबल रोम।

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
रैम तथा रोम का वर्णन करो।
उत्तर-
1. RAM RAM का पूरा नाम Random Access Memory है। यह कम्प्यूटर के मदर बोर्ड . में लगी होती है। इसमें डाटा रीड तथा राइट किया जा सकता है। यह मैमरी बिजली की सहायता से चलती है। यह मैमरी में डाटा पक्के तौर पर स्टोर नहीं करती। कम्प्यूटर के बन्द होने के बाद इस मैमरी में रखा डाटा भी नष्ट हो जाता है।

2. ROM ROM का पूरा नाम Read Only Memory है। इस मैमरी को सिर्फ पढ़ा जा सकता है। इसमें डाटा राइट नहीं किया जा सकता। इस पर सूचना पक्के तौर पर ही स्टोर होती है। कम्प्यूटर बन्द होने के बाद इसमें रखा डाटा नष्ट नहीं होता।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स

प्रश्न 2.
बाहरी मैमरी की व्याख्या करो।
उत्तर-
वह मैमरी जो कम्प्यूटर के साथ सीधे तौर पर नहीं जुड़ी होती उसे सैकेण्डरी मैमरी कहते हैं। इसका प्रयोग पक्के तौर पर डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। इसमें रखा डाटा कम्प्यूटर बन्द होने के बाद भी नष्ट नहीं होता। यह गति में प्राइमरी मैमरी से धीमी होती है पर आकार में प्राइमरी मैमरी से बड़ी होती है। इस मैमरी में कम्प्यूटर के सारे प्रोग्राम तथा डाटा पड़ा रहता है। कम्प्यूटर चलने के बाद इसी से ही डाटा तथा प्रोग्राम प्राप्त करता है।

सैकेण्डरी मैमरी की किस्में –
I. सिक्वेनशल एक्सैस डिवाइस –
1. मैगनैटिक टेप
II. डायरैक्ट एक्सैस डिवाइस

1. मैगनैटिक डिस्क

  • फ्लापी डिस्क
  • हार्ड डिस्क

2. ऑप्टीकल डिस्क

  • सी०डी०
  • डी०वी०डी०

3. मैमरी स्टोरेज डिवाइसज

  • फ्लैश ड्राइव
  • मैमरी कार्ड

प्रश्न 3.
सेकेंडरी मैमरी की विशेषताओं का वर्णन करो।
उत्तर-
सेकेंडरी मैमरी की अग्रलिखित विशेषताएं होती हैं।

  1. यह मैगनैटिक तथा ऑप्टीकल होती है।
  2. इस पर डाटा पक्के तौर पर रहता है।
  3. बिजली बंद होने पर डाटा स्टोर रहता है।
  4. यह मैमरी भरोसेमंद होती है।
  5. ये प्रयोग में आसान होती है।
  6. इन की भण्डारण क्षमता बहुत अधिक होती है।
  7. इनकी कीमत प्राइमरी मैमरी से काफ़ी कम होती है।
  8. कम्प्यूटर इस मैमरी के बगैर चल सकता है।
  9. इनकी रफ्तार प्राइमरी मैमरी से कम होती है।

प्रश्न 4.
ट्रैक तथा सैक्टर क्या होते हैं ?
उत्तर-
1. टरैक-किसी भी डिस्क का तल पारदर्शी साझे केंद्र बिन्दु वाले चक्रों में बांटा गया होता है। इनको ट्रैक्स कहा जाता है। इनको अंदर वाले से शुरू कर 0 से नंबर दिये जाते हैं। इनकी गिनती डिस्क की भंडारण क्षमता अनुसार कम या ज्यादा हो सकती है। इनको आगे सैक्टर में बांटा जाता है।

2. सैक्टर-किसी डिस्क के प्रत्येक सैक्टर को छोटे हिस्सों में बांटा जाता है। इनको सैक्टर कहते हैं। प्रत्येक ट्रैक में 8 या ज्यादा सैक्टर होते हैं। एक सैक्टर में 512 बाइट्स स्टोर करने की क्षमता होती है। किसी डिस्क की स्टोरेज क्षमता को निम्न फार्मूले के साथ पता किया जा सकता है।
भंडारण क्षमता = तलों की गिनती × ट्रैक्स प्रतिशत × सैक्टर प्रति ट्रैक × कुल बाईट प्रति सैक्टर

प्रश्न 5.
कैश मैमरी क्या होती है इसके लाभ तथा हानियां बताओ।
उत्तर-
यह बहुत तेज़ सैमी कंडक्टर मैमरी होती है, जो CPU को रफ्तार देती है। यह CPU तथा मुख्य मैमरी के बीच वफर का काम करती है। यह प्रोग्राम तथा डाटा के उन भागों को रखती है, जो ज्यादा प्रयोग में आते|
कैश मैमरी के लाभ-कैश मैमरी के निम्न लाभ हैं-

  1. यह मुख्य मैमरी से तेज़ होती है।
  2. इसका एक्सैस टाइम कम होता है।
  3. यह उस प्रोग्राम को स्टोर करती है जो कम समय में लागू होना होता है।
  4. यह डाटा को अस्थायी तौर पर सेव करती है।

कैश मैमरी की हानियाँ-कैश मैमरी की निम्न हानियां होती हैं-

  • इसकी भंडारण क्षमता बहुत कम होती है।
  • इसकी कीमत काफ़ी ज्यादा होती है।

एक्टिविटी
नीचे दिए गए मैमरी के भागों के चित्र में खाली स्थान भरो-
PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स 1

PSEB 8th Class Computer Guide मैमरी यूनिट्स Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरो

1. मैमरी मनुष्य के ………. की तरह होती है।
(क) दिमाग
(ख) कान
(ग) आँख
(घ) नाक।
उत्तर-
(क) दिमाग

2. चार बिट के समूह से ……….. बनती है।
(क) बिट
(ख) निबल
(ग) गीगाबाइट
(घ) मेगाबाइट।
उत्तर-
(ख) निबल

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स

पूरे नाम लिखो

1. KB
2. TB
3. PB
4. RAM
5. ROM
6. UPS
7. DRAM
8. MROM
9. EPOM
10. EEPROM
उत्तर –
1. KB-Kilobyte
2. TB-Terabyte
3. PB-Petabyte.
4. RAM-Random Access Memory
5. ROM-Read Only Memory
6. UPS-Uninterrupted Power Supply
7. DRAM-Dynamic Read Only Memory
8. MROM-Masked Read Only Memory
9. EPOM-Erasable and Programmable Read Only Memory
10. EEPROM-Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
बिट क्या होती है ?
उत्तर-
जीरो या एक को बिट या बाइनरी डिजिट कहा जाता है।

प्रश्न 2.
निब्बल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
4 बिट के समूह को निब्बल कहते हैं।

प्रश्न 3.
वर्ड क्या होता है ?
उत्तर-
कंप्यूटर में एक शब्द या वर्ड कुछ निर्धारित बिट्स का समूह होता है।

प्रश्न 4.
मैमरी की किस्मों के नाम बताओ।
उत्तर-
इंटरनल मैमरी, कैश मैमरी, प्राइमरी मैमरी, सेकंडरी मैमरी।

प्रश्न 5.
रोम की किस्मों के नाम लिखो।
उत्तर-
EROM, PROM, EPROM, EEPROM

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 8 मैमरी यूनिट्स

प्रश्न 6.
सीक्वेंशियल एक्सेस डिवाइस क्या होते हैं ?
उत्तर-
वह डिवाइस जिनको डाटा एक्सेस करने के लिए एक के बाद दूसरे क्रम में प्रयोग किया जाता है। उन्हें सीक्वेंशियल एक्सेस डिवाइस कहा जाता है।

प्रश्न 7.
सीक्वेंशियल एक्सेस डिवाइस की उदाहरण बताओ।
उत्तर-
मैग्नेटिक टेप।

प्रश्न 8.
डायरेक्ट एक्सेस मैमरी की उदाहरण दो।
उत्तर-
सीडी, डीवीडी, हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क।

प्रश्न 9.
पहली जनरेशन के कंप्यूटर का नाम बताओ।
उत्तर-
ENIAC, EVAC, EDSAC, UNIVAC-I, IBM 701.

प्रश्न 10.
मैमरी यूनिट क्या होती है ?
उत्तर-
कंप्यूटर की मैमरी को मापने के ढंग को मैमरी यूनिट कहा जाता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

Computer Guide for Class 8 PSEB कम्प्यूटर जनरेशन्स Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरो

1. दूसरी जनरेशन के कम्प्यूटर में ………………………………… को आधारभूत प्रोसेसिंग भाग के तौर पर प्रयोग किया जाता था
(क) वैक्यूम ट्यूब
(ख) VLSI
(ग) ULSI
(घ) ट्रांजिस्टर।
उत्तर-
(घ) ट्रांजिस्टर।

2. कम्प्यूटर की …………… जनरेशन में VLSI का प्रयोग किया जाता था।
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी।
उत्तर-
(घ) चौथी।

3. तीसरी जनरेशन कम्प्यूटर में ट्रांसफर के स्थान पर ………… प्रयोग किए जाते थे।
(क) इंटीग्रेटेड सर्किट
(ख) वैक्यूम ट्यूब
(ग) ULSI सर्किट
(घ) VLSI सर्किट।
उत्तर-
(क) इंटीग्रेटेड सर्किट

4. ………….. कम्प्यूटर साइंस की एक नई ब्रांच है। जो कम्प्यूटर को मनुष्य की तरह सोचने तथा कार्य करने के समर्थ बनाती है।
(क) रोबोटिक
(ख) ULSI सर्किट
(ग) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
(घ) इंटीग्रेटेड सर्किट।
उत्तर-
(ग) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

5. ULSI टैक्नोलॉजी का प्रयोग …………………………… जनरेशन के कम्प्यूटर में किया जाता है।
(क) दूसरी
(ख) तीसरी
(ग) चौथी
(घ) पांचवीं।
उत्तर-
(घ) पांचवीं।

2. पूरा नाम लिखो

1. ENIAC
2. IBM
3. IC
4. VLSI
5. ULSI
6. AI
उत्तर-
1. ENIAC-Electronic Numerical Integrator and Computer.
2. IBM-International Business Machine
3. IC-Integrated Circuit/Chip
4. VLSI-Very Large Scale Integration
5. ULSI-Ultra Large Scale Integration
6. AI-Artificial Intelligence

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पहली जनरेशन के कम्प्यूटर की विशेषताएं लिखो।
उत्तर-
पहली जनरेशन के कम्प्यूटर के निम्नलिखित विशेषताएं हैं।

  1. वैक्यूम टयूब अकेले विकल्प थे।
  2. मशीन तथा असैंबली भाषा का प्रयोग होता था।
  3. ये आकार में काफ़ी बड़े थे।
  4. ये भरोसे योग्य नहीं थे।
  5. इनका प्रयोग व्यापारिक कार्यों में नहीं हो सकता था।
  6. ये बहुत महंगे तथा प्रयोग में मुश्किल थे।

प्रश्न 2.
दूसरी जनरेशन के कम्प्यूटर के लिए कौन सी टैकनॉलोजी का प्रयोग किया जाता था ?
उत्तर-
कम्प्यूटर की दूसरी जनरेशन पहली जनरेशन खत्म होने के बाद शुरू हुई। इसका समय 1955 से 1964 तक का था। इस जनरेशन में ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाता था। यह ट्रांजिस्टर सबसे सस्ते, कम बिजली खप्त करने वाले, आकार में छोटे तथा भरोसे लायक थे। इनमें प्राइमरी मैमरी के लिए मैग्नेटिक कोर तथा सेकेंडरी मैमरी के लिए मैग्नेटिक टेप तथा मेग्नेटिक डिस्क का प्रयोग किया जाता था।

प्रश्न 3.
IC क्या होते हैं ?
उत्तर-
आई सी एक इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है। जिसमें कई ट्रांजिस्टर, रजिस्टर तथा कैपेसिटर लगे होते हैं। इनके प्रयोग से कम्प्यूटर का आकार काफी छोटा हो गया।

प्रश्न 4.
चौथी जनरेशन के कम्प्यूटर संबंधी लिखो।
उत्तर-
चौथी जनरेशन का समय 1975 से लेकर 1981 तक था। इसमें वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट का प्रयोग किया जाता था। इसमें एक छोटी चिप पर 5000 तक ट्रांजिस्टर तथा अन्य पुर्जे लगे होते हैं। इस जनरेशन के कम्प्यूटर बहुत शक्तिशाली, छोटे, भरोसे वाले तथा सस्ते थे। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में टाइम शेयरिंग, रीयल टाइम नेटवर्क तथा डिस्ट्रीब्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग होता था। इसमें हाई लेवल भाषाएं जैसे c, c++, DBMS आदि का प्रयोग किया जाने लगा।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

प्रश्न 5.
AI क्या है ? AI के महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों का नाम लिखो।
उत्तर-
AI का पूरा नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। यह कम्प्यूटर के क्षेत्र में नया क्षेत्र है। इसका मुख्य उद्देश्य मशीनों को सोचने की शक्ति प्रदान करना है। आर्टिफशियल इंटेलिजेंस के महत्त्वपूर्ण क्षेत्र निम्नानुसार हैं :

  1. रोबोटिक्स
  2. गेम प्लेइंग
  3. एक्सपर्ट सिस्टम
  4. मान व्यवस्थाओं को समझना

प्रश्न 6.
पहले जनरेशन के कम्प्यूटरों के नाम लिखो।
उत्तर-
पहली जनरेशन के कम्प्यूटर के नाम निम्नानुसार हैं-
1. ENIAC
2. EDVAC
3. EDSAC
4. UNIVAC-I
5. IBM 701

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
कम्प्यूटर की जनरेशन से आपका क्या अभिप्राय है ? इनको किस प्रकार विभाजित किया गया है ?
उत्तर-
कम्प्यूटर की तकनीकी शब्दावली में जनरेशन से अभिप्राय कम्प्यूटर की टैकनोलॉजी में बदलाव से है। पहले जनरेशन से भाव सिर्फ हार्डवेयर बदलाव से ही माना जाता था परंतु अब इसमें हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर दोनों प्रकार के बदलाव शामिल हैं-
कम्प्यूटर को निम्नलिखित जनरेशन के अनुसार विभाजित किया गया है-
1. पहली जनरेशन (1942-1955)-पहली जनरेशन का समय 1942 से 1955 तक का था। इस जनरेशन – के कम्प्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया जाता था।

2. दूसरी जनरेशन (1955-1964) दूसरी जनरेशन पहली जनरेशन के खत्म होने के बाद शुरू होती है। इसका समय 1955 से 1964 तक का था। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाता था।

3. तीसरी जनरेशन (1964-1975)-तीसरी जनरेशन का समय 1964 से 1975 तक था। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में आई सी का प्रयोग किया जाता था।

4. चौथी जनरेशन (1975-1989)–चौथी जनरेशन के कम्प्यूटर का समय 1975 से लेकर 1989 तक था। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में VSLI का प्रयोग किया जाता था।

5. 5वीं जेनरेशन (1989 से अब तक)-कम्प्यूटर की 5वीं जेनरेशन 1989 से शुरू मानी जाती है। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में ULSI तकनीक का प्रयोग होता है। इस जनरेशन के कम्प्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर चिप का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 2.
5वीं जेनरेशन के कम्प्यूटर की व्याख्या करो।
उत्तर-
कम्प्यूटर की पांचवीं जनरेशन 1989 से शुरू होती है तथा आज तक चलती है। इसमें VLSI से टैक्नोलोजी ULSI में बदल गई। इसमें माइक्रोप्रोसैसर चिप का प्रयोग होता है जिसमें दस मिलियन मतलब एक करोड़ तक पुर्जे लगे होते हैं। कम्प्यूटर जनरेशज़ यह जनरेशन समांतर प्रोसैसिंग हार्डवेयर तथा आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्य करती है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

AI में शामिल है-

  1. रोवोटिक
  2. गेम प्लेईंग
  3. एक्सपर्ट सिस्टम
  4. मानवी भाषाओं को समझना तथा बोलना इसमें हाई लेबल भाषाएं जैसे C, C++, Java आदि का प्रयोग होता है।

पांचवीं जनरेशन कम्प्यूटर के नाम-

  1. IBM नोटबुक
  2. पेंटियम पीसी
  3. Sun वर्क स्टेशन
  4. IBM SP/2
  5. परम 10000

पांचवीं जनरेशन कम्प्यूटर की निम्न विशेषताएं हैं –

  1. ULSI तकनीक का प्रयोग होता है।
  2. ऑप्टीकल डिस्क का प्रयोग होता है।
  3. नोटबुक, डेस्कटॉप, वर्क स्टेशन, सरवर तथा सुपर कम्प्यूटर प्रयोग होते हैं।
  4. इंटरनैट तथा कलस्टर कम्प्यूटिंग का प्रयोग होता है।
  5. कठिन एप्लीकेशनज़ का प्रयोग होता है।
  6. इनकी उत्पादकता तथा अपग्रेड करना आसान है।
  7. रैपिड साफ्टवेयर डिवैल्पमैंट संभव है। 1BM नोट बुक, पैंटीयम PC, सन वर्क स्टेशन, 1BM sp/2 तथा परम 10000 इसकी उदाहरण हैं।

PSEB 8th Class Computer Guide कम्प्यूटर जनरेशन्स Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरो-

1. पहली जनरल के कम्प्यूटर में ………… प्रयोग की जाती थी।
(क) ट्रांजिस्टर
(ख) वैक्यूम ट्यूब
(ग) चिप
(घ) रजिस्टर।
उत्तर-
(ख) वैक्यूम ट्यूब

2. IBM 1030 ………… जनरेशन के कम्प्यूटर के उदाहरण है।
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी।
उत्तर-
(ख) दूसरी

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पहली जनरेशन के कम्प्यूटर के नाम लिखो।
उत्तर-
ENIAC, ADVAC, EDSAC, UNIVAC-I, IBM 701.

प्रश्न 2.
दूसरी जनरेशन के कम्प्यूटर के नाम लिखो।
उत्तर-
IBM 3070, UNIVAC, LARC.

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 7 कम्प्यूटर जनरेशन्स

प्रश्न 3.
तीसरी जनरेशन के कम्प्यूटर में कौन सी भाषाएं प्रयोग की जाती थी ?
उत्तर-
FORTRAN II to IV, COBOL, PASCAL, PLI1, BASIC, ALGOL 68.

प्रश्न 4.
चौथी जनरेशन के कम्प्यूटर के नाम लिखो।
उत्तर-
IBM PC, APPLE II, CRAY I, II X/MP.

प्रश्न 5.
तीसरी जनरेशन के कम्प्यूटर के नाम लिखो।
उत्तर-
IB 360/370, PDP-8, PDP-II, CDC-6600.

प्रश्न 6.
चौथी जनरेशन के कम्प्यूटर में प्रयोग होने वाली भाषाओं के नाम लिखो।
उत्तर-
C, C++, DBMS.

प्रश्न 7.
AI का पूरा नाम लिखो।
उत्तर-
AI का पूरा नाम है Artificial Intelligence.

पूरे नाम लिखो-

1. EDVAC
2. EDSAC
3. UNIVAC
4. LARC
5. SSI
6. MSI
7. PDP
8. CDC
उत्तर-
1. EDVAC-Electronic Discrete Variable Automatic Computer.
2. EDSAC—Electronic Storage Automatic Calculator.
3. UNIVAC-Universal Automatic Computer.
4. LARC-Livermore Advanced Research Computer.
5. SSI-Small Scale Integration.
6. MSI-Medium Scale Integration.
7. PDP-Personal Data Processor.
8. CDC-Control Data Corporation.

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3)

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3) Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3)

Computer Guide for Class 8 PSEB माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3) Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरें

1.. ……………………….. एक विजुअल तथा गति वाले प्रभाव होते हैं जो उस समय दिखाई देते हैं। जब हम प्रेजेंटेशन के स्लाइड शो के दौरान एक स्लाइड से अगली स्लाइड पर जाते हैं।
(a) स्लाइड ट्रांजिशन
(b) एनिमेशन
(c) एनिमेशन स्कीम
(d) स्लाइड शो।
उत्तर-
(a) स्लाइड ट्रांजिशन

2. पावर प्वाइंट ………………………… किस्म की एनिमेशन प्रदान करता है।
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पांच
उत्तर-
(c) चार

3. पावरप्वाइंट पहले से परिभाषित एनीमेशन इफैक्ट्स का समूह प्रदान करता है जिनको ………………….. कहा जाता है।
(a) स्लाइड ट्रांजिशन
(b) एनीमेशन
(c) एनिमेशन स्कीम
(d) स्लाइड शो।
उत्तर-
(c) एनिमेशन स्कीम

4. PDF का पूरा नाम …………………….. है।
(a) पोर्टेबल डाटा फॉरमैट
(b) पोर्टेबल डाक्युमेंट फोरम
(c) पोर्टेबल डाटा फॉर्म
(d) पोर्टेबल डॉक्युमेंट फॉरमैट।
उत्तर-
(d) पोर्टेबल डॉक्युमेंट फॉरमैट।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3)

5. हम पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन पावरप्वाइंट शो की तरह ……………. एक्सटेंशन के साथ सेव कर सकते
(a) .ppsx
(b) .ppt
(c) .pptx
(d) .pdf
उत्तर-
(a) .ppsx

2. पूरे नाम लिखो

1. JPEG
2. GIF
3. BMP
4. WMV
5. PNG
उत्तर
1. JPEG-Joint Photographic Expert Group
2. GIF-Graphical Interchange Format
3. BMP-BitMap Picture
4. WMV-Windows Media Video
5. PNG-Portable Network Graphics

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
स्लाइड ट्रांजिशन क्या है ?
उत्तर-
स्लाइड ट्रांजिशन विजुअल तथा गति से संबंधित इफेक्ट्स होते हैं जो उस समय दिखाई देते हैं जब हम प्रेजेंटेशन को स्लाइड शो के दौरान एक स्लाइड से अगली स्लाइड पर ले जाते हैं। हम ट्रांजिशन इफेक्ट की गति को नियंत्रित कर सकते हैं। हम उस में आवाज भी दाखिल कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
एनिमेशन क्या होती है ?
उत्तर-
एनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स होते हैं जो प्रेजेंटेशन में ऑब्जैक्ट के ऊपर लगाए जाते हैं तथा जिन का मुख्य उद्देश्य ऑब्जैक्ट को गति प्रदान करना होता है। ये किसी भी प्रकार के हो सकते हैं जैसे कि टेक्सट, तस्वीरें, स्मार्ट आर्ट, ग्राफिक शेप्स, वीडियो क्लिप आदि। एनिमेशन हमारी प्रेजेंटेशन को गतिमान बनाने में सहायता करती है। जिससे हमारी प्रेजेंटेशन बहुत प्रभावशाली बन जाती है।

प्रश्न 3.
पावरप्वाइंट में एनिमेशन स्कीम क्या होती है ?
उत्तर-
पावरप्वाइंट में पहले से ही प्रभावित एनीमेशन इफेक्ट का एक संग्रह होता है। एनिमेशन इफेक्ट के इस संग्रह को एनिमेशन स्कीम कहा जाता है।

प्रश्न 4.
आप पावरप्वाइंट में एनिमेशन का प्रयोग कैसे देखोगे ?
उत्तर-
पावरप्वाइंट में स्लाइड ऑब्जैक्ट के ऊपर एनिमेशन लागू करने के लिए निम्न पग प्रयोग किए जाते-

  1. एनिमेशन टैब के ऊपर क्लिक करो।
  2. उस ऑब्जैक्ट का चुनाव करो जिस पर एनिमेशन लागू करनी है।
  3. एनिमेशन ग्रुप में मोर एरो बटन के ऊपर क्लिक करके हम मौजूद सारी एनिमेशन की किस्मों को देख सकते हैं।
  4. एनिमेशन गैलरी में अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी एनीमेशन इफेक्ट का चुनाव करो।

यह चुनाव ऊपर दी गई चार प्रकार की एनिमेशन में से किसी भी प्रकार के लिए किया जा सकता है। आमतौर पर हम किसी भी ऑब्जैक्ट पर तीन प्रकार की एनिमेशन लगाते हैं। पहले उसकी एंट्री के लिए, दूसरी उसको प्रभावशाली बनाने के लिए तथा तीसरी उसके एग्जिट के लिए।

प्रश्न 5.
पावरप्वाइंट में मौजूद 4 किस्मों की एनिमेशन के नाम लिखो।
उत्तर-
पावरप्वाइंट में निम्नलिखित चार प्रकार की एनिमेशन मौजूद होती हैं

  1. एंट्रेस
  2. प्रभाव
  3. एग्जिट
  4. मोशन पाथ।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3)

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
एनिमेशन क्या है ? पावरप्वाइंट में यह कितनी किस्म की होती है ?
उत्तर-
एनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स होते हैं। ये प्रेजेंटेशन में ऑब्जैक्ट के ऊपर लगाए जाते हैं तथा जिन का मुख्य उद्देश्य ऑब्जैक्ट को गति प्रदान करना होता है। ये किसी भी प्रकार के हो सकते हैं जैसे कि टेक्सट, तस्वीरें, स्मार्ट ऑर्ट ग्राफिक, शेप्स, वीडियो क्लिप आदि। एनिमेशन हमारी प्रेजेंटेशन को गतिमान बनाने में सहायता करती है। जिससे हमारी प्रेजेंटेशन बहुत प्रभावशाली बन जाती है।

पावरप्वाइंट में चार प्रकार के एनिमेशन उपलब्ध होते हैं-
1. एंट्रेंस (Entrance)-प्रेजेंटेशन के दौरान जब कोई ऑब्जैक्ट स्क्रीन के ऊपर दिखाई देना शुरू होता है उस समय अप्लाई की जाने वाले एनिमेशन को एंटेंस किस्म की एनिमेशन कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑब्जेक्ट को गतिमान रूप से स्लाइड पर लाना होता है। उदाहरण के तौर पर किसी भी ऑब्जैक्ट का स्लाइड पर मूव करते हुए दाखिल होना।

2. प्रभाव (Emphasis)-एनिमेशन का प्रयोग किसी भी ऑब्जैक्ट और दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए किया जाता है। यह एनिमेशन किसी भी ऑब्जैक्ट के स्लाइड में दाखिल होने के बाद दिखाई देती है। उदाहरण के तौर पर ऑब्जैक्ट के ऊपर दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए उसका आकार बड़ा करना, उसका रंग बदलना या उसमें कोई अन्य गति प्रदान करना।

3. एग्जिट (Exit) एनिमेशन का प्रयोग ऑब्जैक्ट के स्लाइड से बाहर जाते समय किया जाता है। जब यूज़र चाहता है कि उसका ऑब्जैक्ट दर्शकों को दिखना बंद हो जाए तो उसको एक गतिमान रूप से स्लाइड से बाहर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए ऑब्जैक्ट का स्लाइड से बाहर जाते समय Zoom होते हुए या Fade होते हुए गायब हो जाना।

4. मोशन पाथ (Motion Path)-मोशन पाथ एनिमेशन किसी भी ऑब्जेक्ट को स्लाइड पर अपने अनुसार घुमाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें ऑब्जैक्ट के लिए एक रास्ता निर्धारित कर दिया जाता है और वह ऑब्जैक्ट पर घूमते हुए ही स्लाइड में दिखाई पड़ता है। उदाहरण के तौर पर एक ऑब्जैक्ट का दाएं से बाएं की ओर चले जाना।

प्रश्न 2.
पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को पीडीएफ में कैसे सेव करोगे ?
उत्तर-
किसी भी प्रेजेंटेशन को पीडीएफ के रूप में सेव करने के निम्नलिखित पग होते हैं-

  1. File के ऊपर क्लिक करो।
  2. Save As… विकल्प के ऊपर क्लिक करो। (Save AS डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।)
  3. इस डायलॉग बॉक्स में फाइल का नाम तथा उसको सेव करने की लोकेशन का चुनाव करो।
  4. Save As Type ड्रॉप डाउन लिस्ट में से .PDF विकल्प का चुनाव करो।
  5. Save बटन पर क्लिक करो। (पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को .pdf रूप में सेव कर देगा।)

प्रश्न 3.
पावरप्वाइंट में स्लाइड ट्रांजिशन कैसे लागू की जाती है ?
उत्तर-
प्रेजेंटेशन में ट्रांजिशन इफेक्ट लागू करने के निम्नलिखित स्टेप प्रयोग किए जाते हैं-

  1. स्लाइड पर क्लिक करो या सिलेक्ट करो जिस पर ट्रांजिशन लागू करनी है। .
  2. ट्रांजिशन टैब के ऊपर Transition to This Slide ग्रुप में अपनी इच्छा अनुसार ट्रांजिशन इफेक्ट का चुनाव करो।
  3. आवश्यकतानुसार अन्य विकास जैसे कि इफेक्ट ऑप्शन, साउंड तथा समय अवधि का भी चुनाव करो।
  4. ट्रांजिशन की दिखावट को देखने के लिए Preview बटन पर क्लिक करो।
  5. अगर आप प्रेजेंटेशन की सारी स्लाइड्स पर ट्रांजिशन लगाना चाहते हैं तो Timing ग्रुप में से Apply to All पर क्लिक करो।

PSEB 8th Class Computer Guide माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3) Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरें

1. टाइमिंग इफेक्ट में कौन-कौन से इफेक्ट होते हैं ?
(a) अवधि
(b) देरी का समय
(c) दोनों ही
(d) कोई भी नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ही

2. प्रेजेंटेशन को किसकी फॉर्मेट में सेव किया जा सकता है ?
(a) PDF
(b) वीडियो
(c) स्लाइड शो
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

पूरे नाम लिखो

1. WMF
2. EMF.
उत्तर-
1. Windows Meta File,
2. Enhanced Windows Meta File.

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 6 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-3)

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को किन रूपों में सेव किया जा सकता है ?
उत्तर-
पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को निम्नलिखित रूप में सेव किया जा सकता है-

  1. पीडीएफ
  2. वीडियो
  3. तस्वीरें
  4. पावरप्वाइंट शो।

प्रश्न 2.
पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को कौन-कौन से पिक्चर फॉर्मेट में सेव किया जा सकता है ?
उत्तर-
पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन को GIF, JPEG, PNG, TIFF, BMP, WMF तथा EMF पिक्चर फॉर्मेट में सेव किया जा सकता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2) Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

Computer Guide for Class 8 PSEB माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2) Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरें

1. ………………………… स्लाइड के ऊपर विभिन्न तत्वों के डिजाइन तथा प्लेसमेंट को परिभाषित करता है।
(क) बैकग्राउंड स्टाइल
(ख) प्लेसहोल्डर
(ग) स्टाइल लेआउट
(घ) पैटर्न
उत्तर-
(ग) स्टाइल लेआउट

2. एक ………………………. दो या दो से ज्यादा रंगों का मिश्रण होता है जो एक दूसरे में मर्ज हो जाते हैं।
(क) थीम
(ख) पैटर्न
(ग) बैकग्राउंड स्टाइल
(घ) ग्रेडियंट
उत्तर-
(घ) ग्रेडियंट

3. ……………….. डिफॉल्ट वियू है जहां हम अपनी स्लाइड बनाते, एडिट करते तथा डिजाइन करते हैं।
(क) नॉरमल वियू
(ख) स्लाइड शो
(ग) स्लाइड सोर्टर वियू
(घ) रीडिंग वियू।
उत्तर-
(क) नॉरमल वियू

4. Power point 2010 में …………………….. डिफॉल्ट स्लाइड बैकग्राउंड स्टाइल में उपलब्ध होते हैं।
(क) 48
(ख) 4
(ग) 12
(घ) 3.
उत्तर-
(ख) 4

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

5. ………………………. कंट्रोल स्लाइड कंटेंट को नज़दीक से देखने के लिए जूम इन करने की आज्ञा देता है।
(क) जूम
(ख) स्लाइड
(ग) नॉर्मल वियू
(घ) ग्रेडियंट।
उत्तर-
(क) जूम

2. बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
एक नई स्लाइड दाखिल करने की शॉर्टकट कीअ क्या है ?
उत्तर-
Ctrl + M.

प्रश्न 2.
एक नई प्रेजेंटेशन फाइल बनाने की शॉर्टकट कीअ क्या है ?
उत्तर-
Ctrl + N.

प्रश्न 3.
स्लाइड के ऊपर टैक्सट को फॉर्मेट करने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
Design.

प्रश्न 4.
कौन-सा पावर प्वाइंट वियू दर्शकों के आगे प्रेजेंटेशन पेश करने की आज्ञा देता है ?
उत्तर-
स्लाइड शो।

प्रश्न 5.
पावर प्वाइंट में कौन-सी बार पर वियू बटन तथा जूम स्लाइडर मौजूद होते हैं ?
उत्तर-
स्टेटस बार।

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट में फाइल टैब की मदद से नई प्रेजेंटेशन बनाने के स्टेप लिखो।
उत्तर-
पावर प्वाइंट में फाइल टैब की मदद से नई प्रेजेंटेशन बनाने के स्टेप्स निम्नानुसार हैं।

  1. File मैन्यू पर क्लिक करो।
  2. New पर क्लिक करो।
  3. उपलब्ध टेंप्लेट तथा थीमस मे ब्लैंक प्रेजेंटेशन का चुनाव करो।
  4. ब्लैंक प्रेजेंटेशन पर क्लिक करो।

प्रश्न 2.
प्लेसहोल्डर क्या होते हैं ?
उत्तर-
प्लेसहोल्डर स्लाइड लेआउट के ऊपर डॉटेड लाइन वाले कंटेनर होते हैं जिनमें हर प्रकार का कंटेंट रखा जाता है। इन प्लेसहोल्डर के अंदर ही टाइटल, सबटाइटल, टेबल, चार्ट, तस्वीरों आदि को रखा जाता है।

प्रश्न 3.
थीम क्या होते हैं ?
उत्तर-
थीम पहले से ही तैयार बैकग्राउंड डिजाइन टैक्सट, स्टाइल, कलर आदि होते हैं। इनका प्रयोग एक या ज्यादा स्लाइडो पर किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
पावर प्वाइंट विंडो के स्टेटस बार में मौजूद वियू बटन के नाम लिखो।
उत्तर–
पावर प्वाइंट विंडो के स्टेटस बार में निम्नलिखित वियू बटन मौजूद होते हैं। नॉर्मल स्लाइड सोर्टर, रीडिंग तथा स्लाइड शो।

प्रश्न 5.
ग्रेडियंट फिल क्या होता है ?
उत्तर-
ग्रेडियंट दो या दो से ज्यादा रंगों का मिश्रण होता है जो एक दूसरे में मर्ज हो रहे होते हैं। इनका प्रयोग स्लाइड बैकग्राउंड के तौर पर किया जा सकता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

प्रश्न 6.
फॉर्मेट बैकग्राउंड डायलॉग बॉक्स के फिल पेन में कौन-कौन से विकल्प मौजूद होते हैं ?
उत्तर-
फॉर्मेट बैकग्राउंड डायलॉग बॉक्स के पेन में निम्नलिखित विकल्प मौजूद होते हैं

  1. Solid Fill
  2. Gradient Fill
  3. Picture or Texture Fill
  4. Pattern Fill.

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
स्लाइड की दिखावट को बदलने के विभिन्न तरीकों का विस्तार से वर्णन करो।
उत्तर-
स्लाइड की दिखावट बदलने के निम्नलिखित तरीके हैं-

  1. थीम का प्रयोग करके-एक थीम कलर फोंट तथा विजुअल इफेक्ट का पहले से ही परिभाषित समूह होता है जो हम अपनी स्लाइड के ऊपर एक जैसा तथा पेशेवर दिख वाला सेट लागू कर सकते हैं।
  2. बैकग्राउंड स्लाइड का प्रयोग करके-प्रेजेंटेशन स्लाइड के ऊपर बैकग्राउंड स्टाइल सेट किया जा सकता है। यह स्टाइल थीम कलर के आधार पर बने होते हैं। जब हम एक अलग थीम को सिलेक्ट करते हैं तो बैकग्राउंड स्टाइलस नए सिलेक्ट किए गए थीम के रंगों के आधार पर थीम अपने आप अपडेट हो जाते हैं।
  3. फॉर्मेट बैकग्राउंड करके-बैकग्राउंड को एक ठोस रंग ग्रेडियंट पिक्चर तथा टेक्सचर या एक पैटर्न के रूप में बदला जा सकता है।

प्रश्न 2.
स्लाइड लेआउट क्या होती है ? आप पावर प्वाइंट में स्लाइड लेआउट को कैसे बदल सकते हो ?
उत्तर-
स्लाइड लेआउट स्लाइड के ऊपर विभिन्न तत्त्वों के डिज़ाइन तथा प्लेसमेंट को परिभाषित करता है। प्रेजेंटेशन में एक नई स्लाइड दाखिल करते समय स्लाइड लेआउट का चयन किया जा सकता है। प्रेजेंटेशन में स्लाइड दाखिल करने में बाद स्लाइड का लेआउट बदला जा सकता है। स्लाइड लेआउट बदलने के लिए निम्नलिखित पगों का प्रयोग किया जाता है।

  1. उस स्लाइड को सिलेक्ट करो जिसका लेआउट बदलना है।
  2. Home टैब Slide ग्रुप में मौजूद Layout ड्रॉप डाउन मैन्यू पर क्लिक करों।
  3. अपनी आवश्यकतानुसार लेआउट का चुनाव करो।

प्रश्न 3.
पावर प्वाइंट में स्लाइड वियू विकल्प का वर्णन करो।
उत्तर-
पावर प्वाइंट में निम्नलिखित स्लाइड वियू उपलब्ध होते हैं –
1. नॉर्मल वियू-यह पावरप्वाइंट का डिफॉल्ट तथा मुख्य वियू हैं। इसमें हम स्लाइड बना सकते हैं तथा उसके कंटेंट को एडिट भी कर सकते हैं। इस वियू में बाएँ तरफ स्लाइड तथा दाईं तरफ एडिट करने के लिए एक स्लाइड नज़र आती है।

2. स्लाइड सोर्टर वियू-इसमें सारी स्लाइड थंबनेल के रूप में दिखाई देती हैं। इस वियू का प्रयोग स्लाइड का क्रम बदलने के लिए किया जाता है। इसमें हम किसी भी स्लाइड का कंटेंट नहीं बदल सकते।

3. नोट्स वियू-इस वियू का प्रयोग स्लाइड के बारे में जानकारी लिखने के लिए किया जाता है लिखी गई जानकारी को नोट कहते हैं तथा यह स्लाइड के नीचे बने एक बॉक्स में टाइप की जाती है।

4. रीडिंग वियू-इस को प्रूफरीडिंग के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग प्रेजेंटेशन को कंप्यूटर पर देखने के लिए भी किया जाता है। 5. मास्टर वियू-इस को हैंग आउट नोट भी कहा जाता है। इस ग्रुप में सारा कंटेंट प्लेस किया जाता है जो यूज़र चाहता है कि सारी स्लाइडो पर दिखाई दे।

PSEB 8th Class Computer Guide माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2) Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरें

1. ग्रेडीएंट ऑप्शन …………………… डायलाग बॉक्स में होती है।
(क) फॉर्मेट शेप
(ख) फॉर्मेट बैकग्राऊंड
(ग) पैराग्राफ
(घ) फोंट।
उत्तर-
(ख) फॉर्मेट बैकग्राऊंड

2. विडियो को ………. तरीकों से शामिल किया जा सकता है।
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार।
उत्तर-
(ग) तीन

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

3. क्लिप आर्ट विडियो, विडियो फ्राम वैबसाइट तथा …………………. तीन तरीके हैं, जिनके द्वारा विडियो दाखिल की जा सकती है।
(क) विडियो फ्राम फाइल
(ख) इमेज द्वारा
(ग) एनीमेशन द्वारा
(घ) सारे।
उत्तर-
(क) विडियो फ्राम फाइल

4. वर्ड डाक्यूमैंट, विटमैप, वर्कशीट को ……. ऑप्शन से दाखिल किया जाता है।
(क) इन्सर्ट टैब
(ख) वियू टैब
(ग) होम टैब
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(क) इन्सर्ट टैब

5. बैकग्राऊंड स्टाइल बटन ………. रिबन पर उपलब्ध होता है।
(क) एनीमेशन
(ख) डिज़ाइन
(ग) होम
(घ) इन्सर्ट।
उत्तर-
(ख) डिज़ाइन

बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
बैकग्राउंड में क्या-क्या लगाया जा सकता है ?
उत्तर-
बैकग्राउंड में रंग, पिक्चर, टेक्सचर, ग्रेडियंट, आदि लगाया जा सकता है।

प्रश्न 2.
क्लिप ऑर्गेनाज़र किस लिए प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
क्लिप ऑर्गेनाज़र एनीमेटेड क्लिप को स्टोर करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
स्लाइड की दिखावट बदलने के विभिन्न तरीकों के नाम बताओ।
उत्तर-
स्लाइड की दिखावट बदलने के लिए डिज़ाइन थीम, कलर थीम, बैकग्राउंड स्टाइल आदि तरीकों का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 2.
कलर स्कीम के प्रयोग के बारे में बताएं।
उत्तर-
कलर स्कीम का प्रयोग टैक्सट, लाइन, टाइटल तथा किसी भी प्रकार के ऑबजेक्ट का रंग बदलने के लिए किया जाता है। इसके द्वारा स्लाइड के अगले भाग तथा बैकग्राउंड का रंग भी बदला जा सकता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 5 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-2)

प्रश्न 3.
क्लिप ऑर्गेनाइज़र के बारे में बताओ।
उत्तर-
क्लिप ऑर्गेनाइज़र का प्रयोग एनीमेटेड क्लिप्स, वीडियोस, तस्वीरें तथा अन्य प्रकार की मीडिया स्टोर करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 4.
थीम क्या होती है ?
उत्तर-
थीम पहले से ही तैयार बैकग्राउंड डिज़ाइन, टैक्सट स्टाइल, कलर आदि होते हैं। इनका प्रयोग एक . या एक से अधिक स्लाइड के ऊपर किया जा सकता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1) Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

Computer Guide for Class 8 PSEB माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1) Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरें-

1. …………………… एक प्रेजेंटेशन ग्राफिक सॉफ्टवेयर है।
(क) पावर प्वाइंट
(ख) वर्ड
(ग) एक्सेल
(घ) पेंट।
उत्तर-
(क) पावर प्वाइंट

2. …………………… किसी भी विषय को रोचक तरीके से दर्शकों के सामने पेश करने की प्रक्रिया है।
(क) वर्ड प्रोसेसर
(ख) लाइट
(ग) प्रेजेंटेशन
(घ) ट्रांजिशन।
उत्तर-
(ग) प्रेजेंटेशन

3. एक ……………….. प्रेजेंटेशन का एक पेज होता है।
(क) स्लाइड
(ख) डॉक्यूमेंट
(ग) शीट
(घ) इनमें से कोई भी नहीं।
उत्तर-
(क) स्लाइड

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

4. ………………………. हमारी प्रेजेंटेशन के मौजूदा स्लाइड को दर्शाता है।
(क) आउटलाइन पेन
(ख) कंटेंट पेन
(ग) रिबन
(घ) स्लाइड पेन।
उत्तर-
(ख) कंटेंट पेन।

2. बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट को आप कैसे ओपन करोगे ?
उत्तर-
Start-Programs→Microsoft PowerPoint पर क्लिक करके।

प्रश्न 2.
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन को सेव करने की शॉर्टकट कीअ क्या है ?
उत्तर-
Ctrl + S.

प्रश्न 3.
पावर प्वाइंट को बंद करने की शॉर्टकट कीअ लिखो।
उत्तर-
Ctrl + F4.

प्रश्न 4.
पहली स्लाइड से स्लाइड शो स्टार्ट करने की शॉर्टकट कीअ क्या है ?
उत्तर-
F5.

प्रश्न 5.
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन फाइल की एक्सटेंशन क्या होती है ?
उत्तर-.
ppt, .pptx

प्रश्न 6.
Run बॉक्स से पावर प्वाइंट ओपन करने के लिए किस शब्द का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
Powerpnt.

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट क्या है ?
उत्तर-
पावर प्वाइंट एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जिसका प्रयोग प्रभावशाली प्रेजेंटेशन तैयार करने के लिए किया जाता है। यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का उत्पाद है तथा एम०एस० ऑफिस का हिस्सा है।

प्रश्न 2.
प्रेजेंटेशन पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
प्रेजेंटेशन कई स्लाइडों का समूह होता है जो किसी विशेष विषय पर बनी होती हैं। प्रेजेंटेशन में पिक्चर टैक्सट, ग्राफ चार्ट, एनिमेशन आदि हो सकता है। इसको पावर प्वाइंट की एक फाइल के रूप में सेव किया जाता है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

प्रश्न 3.
स्लाइड क्या होती है ?
उत्तर-
स्लाइड पावर प्वाइंट के एक पेज को कहते हैं। इस एक पेज पर कई प्रकार के ऑब्जेक्ट दिखाए जा सकते हैं। प्रेजेंटेशन दिखाते वक्त एक समय पर एक स्लाइड दिखाई देती है। बहुत सारी स्लाइड के मिलने से एक प्रेजेंटेशन बनती है।

प्रश्न 4.
पावर प्वाइंट विंडो के मुख्य भाग के नाम लिखो।
उत्तर-
पावर प्वाइंट विंडो में टाइटल बार, क्विक एक्सेस टूलबर, फाइल टाइप रिबन, लाइट पेन स्टेटस बार, वर्क एरिया आदि होते हैं।

प्रश्न 5.
आप पावर प्वाइंट में दर्शकों के लिए प्रेजेंटेशन किस प्रकार प्ले करोगे ?
उत्तर-
दर्शकों के लिए प्रेजेंटेशन प्ले करने के लिए प्रेजेंटेशन शो कहा जाता है। पावर प्वाइंट में प्रेजेंटेशन शो F5 शॉर्टकट की दबाकर चलाया जा सकता है।

प्रश्न 6.
पावर प्वाइंट में स्लाइड पेन तथा नोट्स पेन संबंधित जानकारी दो।
उत्तर-
स्लाइड पेन-स्लाइड पेन वह क्षेत्र होता है जिसमें स्लाइड को बनाया जाता है तथा एडिट किया जाता है। नोट्स पेन-स्टेटस बार के ऊपर होती है तथा इसका प्रयोग नोट्स तैयार करने के लिए किया जाता है।

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट विंडो के कोई तीन मुख्य भागों का वर्णन करो।
उत्तर-
पावर प्वाइंट विंडो में निम्नलिखित भाग होते हैं –

  1. फाइल मैन्यू- यह मैन्यू होम टैब के बाई तरफ होता है। इसमें काफी सारी कमांड होती हैं।
  2. क्विक एक्सेस टूलबार-यह टूल बार फाइल मैन्यू के ऊपरी तरफ मौजूद होता है। इसमें तीन बटन होते हैं-सेव, अनडू तथा रीडू। इनको अपनी आवश्यकतानुसार बदला भी जा सकता है।
  3. मैन्यू बार-इसमें विभिन्न प्रकार की टैब होती हैं जो क्लिक करने पर आगे रिबन को दिखाती हैं।
  4. रिबन-पावर प्वाइंट विंडो में रिबन के साथ विभिन्न टूल तथा कमांड को दिखाता है। पावर प्वाइंट में होम डिज़ाइन, इंसर्ट, ट्रांजिशन, एनीमेशन, स्लाइड शो रिव्यू तथा युटूब होते हैं।
  5. होम-इसमें शॉर्ट पैराग्राफ तथा एडिट जैसे ऑप्शन होते हैं।
  6. इंसर्ट-इसमें इंसर्टेबल टैक्सट बॉक्स, क्लिपआर्ट, स्मार्ट आर्ट सिंबल, वीडियो चैट तथा फोटो एल्बम जैसे ऑप्शन होते हैं।

प्रश्न 2.
आप पावर प्वाइंट में फोटो एल्बम प्रेजेंटेशन कैसे तैयार करोगे ?
उत्तर-
पावर प्वाइंट में फोटो एल्बम तैयार करने के निम्नलिखित पग होते हैं –

  1. Insert टैब पर क्लिक करो।
  2. Images ग्रुप में से Photo Album विकल्प पर क्लिक करो तथा फिर New Photo Album विकल्प पर क्लिक करो।
  3. Photo Album डायलॉग बॉक्स दिखाई देगा।
  4. File/Disk पर क्लिक करो Insert New Pictures डायलॉग बॉक्स नज़र आएगा ज़रूरत के अनुसार अपनी इमेज फाइलों को सिलेक्ट करो। तस्वीरें सिलेक्ट करने के बाद Insert बटन पर क्लिक करो तथा वापस Photo Album डायलॉग बॉक्स पर आ जाओ।
  5. Photo Album डायलॉग बॉक्स तस्वीरों को रोटेशन संबंधी ब्राइटनेस तथा कंट्रास्ट संबंधी तस्वीरों की लेआउट बदलने संबंधी उनको क्रमवार करने संबंधी या उनको हटाने संबंधी कई विकल्प प्रदान करता है। इन सेटिंग्स में अपनी आवश्यकतानुसार बदलाव करो तथा फिर Create बटन पर क्लिक करो।
  6. अब फोटो एल्बम के लिए नई प्रेजेंटेशन तैयार हो जाएगी। इस प्रेजेंटेशन में एक टाइटल पेज होगा तथा प्रत्येक तस्वीर के लिए एक अलग स्लाइड अपने आप बनी होगी।

PSEB 8th Class Computer Guide माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1) Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरें

1. ……………………. एक प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर है।
(क) पावर प्वाइंट
(ख) एक्सल
(ग) वर्ड
(घ) पेंट।
उत्तर-
(क) पावर प्वाइंट

2. पावर प्वाइंट के ………. वियू हैं।
(क) 3
(ख) 4
(ग) 5
(घ) 6.
उत्तर-
(ग) 5

3. स्लाइड …….. वियू में हम अपनी स्लाइड में सामग्री की कांट-छांट नहीं कर सकते ।
(क) स्लाइड शो
(ख) नारमल
(ग) सार्टर
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ग) सार्टर

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

4. प्रेजेंटेशन को ………… तरीकों से बनाया जा सकता है।
(क) 5
(ख) 6
(ग) 7
(घ) 8.
उत्तर-
(ख) 6

5. स्मार्ट आर्ट की …….. श्रेणियां होती हैं।
(क) 5
(ख) 6
(ग) 7
(घ) 8.
उत्तर-
(घ) 8.

सही या गलत बताएं

1. Ctrl + M कीअ का प्रयोग अपनी प्रेजेंटेशन में नई स्लाइड दाखिल करने के लिए की जाती है।
उत्तर-
सही

2. वर्ड आर्ट पहले से बने रंग, फोंट तथा इफैक्ट होते हैं।
उत्तर-
सही

3. स्लाइड टैब/पेन में स्लाइड का छोटा थंवनेल मिलता है।
उत्तर-
सही

4. प्रेजेंटेशन क सेब करने के लिए Ctrl + S दवाओ।
उत्तर-
सही

5. प्रेजेंटेशन कई स्लाइडों से मिल कर बनती है।
उत्तर-
सही।

बहुत छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट को किन-किन तरीकों से शुरू किया जा सकता है ?
उत्तर–
पावर प्वाइंट को निम्नलिखित तीन तरीकों से शुरू किया जा सकता है।

  1. स्टार्ट बटन द्वारा
  2. सर्च बाक्स द्वारा
  3. डेस्कटॉप शॉर्टकट द्वारा।

प्रश्न 2.
नई स्लाइड किसके के साथ एंटर की जा सकती है ?
उत्तर-
कीबोर्ड से Ctrl + M कीअ दवाकर।

प्रश्न 3.
प्रैजेंटेशन को सेव करने की शार्टकट कीअ बताओ।
उत्तर-
Ctrl + S.

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पावर प्वाइंट क्या है ?
उत्तर–
पावर प्वाइंट एक प्रेजेंटेशन साफ्टवेयर है जो माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी का उत्पाद है। इसका प्रयोग प्रभावशाली प्रेजेंटेशन तैयार करने में होता है। यह एम एम ऑफिस का भाग है।

प्रश्न 2.
प्रेजेंटेशन पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
स्लाइडों के समूह को प्रेजेंटेशन कहते हैं। यह किसी खास विषय पर बनी होती है। प्रेजेंटेशन में पिक्चर, टैक्सट, ग्राफ, चार्ट एनीमेशन आदि हो सकते हैं। यह पावर प्वाइंट की एक फाइल की तरह सेब होती

प्रश्न 3.
प्रेजेंटेशन तैयार करने के अलग-अलग तरीकों के नाम लिखो।
उत्तर-
प्रेजेंटेशन निम्न तरीकों से तैयार की जाती है

  1. ब्लैंक प्रेजेंटेशन
  2. रीसेंट प्रेजेंटेशन
  3. सैंपल टैंपलेट
  4. थीमज
  5. माई टैंपलेट
  6. न्यू फ्राम एगजिस्टिंग।

प्रश्न 4.
एनीमेशन क्या है ?
उत्तर-
किसी भी वस्तु को गतिमान करने की क्षमता को एनीमेशन कहते हैं।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 4 माइक्रोसॉफ्ट पावर पवाइंट (भाग-1)

प्रश्न 5.
स्लाइड पर नोट लिखो।
उत्तर–
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के एक पेज़ को स्लाइड कहते हैं। प्रेजेंटेशन के समय स्क्रीन पर एक स्लाइड एक समय दिखाई देती है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

Computer Guide for Class 8 PSEB सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरें

1. …………………………….. का अर्थ है कम्प्यूटर इंटरनेट से डाटा प्राप्त कर रहा है।
(क) अपलोडिंग
(ख) डाऊनलोडिंग
(ग) सर्किंग
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) डाऊनलोडिंग

2. वैबसाइट का जो पेज खुलता है उसे ……………………… कहते हैं।
(क) होम पेज़
(ख) वैब पेज
(ग) मेन पेज
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(क) होम पेज़

3. ………………………………. का अर्थ है इंटरनेट से जुड़े होना।
(क) ऑफलाइन
(ख) ऑनलाइन
(ग) इन लाइन
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) ऑनलाइन

4. ……………………………………….. का अर्थ है एक वैबसाइट से दूसरी पर जाना।
(क) सर्किंग
(ख) सचिंग
(ग) डाऊनलोडिंग
(ग) सारे ही।
उत्तर-
(क) सर्किंग

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

5. ……………………………….. एक प्रकार का इलैक्ट्रॉनिक कॉमर्स है जो उपभोक्ताओं को सीधा ही इंटरनैट से वस्तुएं खरीदने की आज्ञा देता है।
(क) मोडम
(ख) ई-मेल
(ग) ई-कॉमर्स
(ग) मोबाइल।
उत्तर-
(ग) ई-कॉमर्स

2. सही या गलत बताएँ

1. किसी भी बोर्ड या यूनिवर्सिटी का ऑनलाइन देखा जा सकता है।
उत्तर-
सही

2. हम अगर ऑफ लाइन हो तो सर्किंग कर सकते हैं।
उत्तर-
गलत

3. वैबसाइट में एक ही पेज होता है।
उत्तर-
गलत

4. वैब सर्च के साथ हम अपने पेज देख सकते हैं।
उत्तर-
गलत

5. हर पेज का अपना वैबसाइट एडरैस होता है।
उत्तर-
सही।

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
इन्फारमेशन (सूचना) टैकनॉलोजी क्या है ?
उत्तर-
इसमें टैलीफोन और कम्प्यूटर टैकनॉलोजी दोनों ही शामिल हैं। सूचना टैकनॉलोजी की मदद से हम एक कम्प्यूटर से अलग-अलग प्रकार का डाटा दूसरे कम्प्यूटर पर भेज सकते हैं। डाटा किसी भी प्रकार का हो सकता है। जैसे-लिखति, ध्वनि वाला, वीडियो, ग्राफिकल आदि।

प्रश्न 2.
वैबसाइट क्या है ?
उत्तर-
एक या एक से ज्यादा वैब पेजों के समूह को वैबसाइट कहा जाता है।

प्रश्न 3.
सचिंग क्या होती है ?
उत्तर-
सचिंग का अर्थ है कुछ ढूंढना। वेब सर्च वेब पेजों को ढूंढने की एक प्रक्रिया होती है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब यूजर को यह मालूम नहीं होता कि कोई वस्तु इंटरनेट पर कहां पर मिलेगी इसके लिए वेब सर्च इंजन का प्रयोग किया जाता है। Google, Yahoo तथा Bing कुछ आम प्रयोग होने वाले सर्च इंजन हैं।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

प्रश्न 4.
ऑनलाइन तथा ऑफ लाइन के बारे में बताओ।
उत्तर-
ऑफलाइन-ऑफलाइन का अर्थ है इंटरनेट से जुड़े न होने की अवस्था। इस स्थिति में इंटरनेट का प्रयोग नहीं कर सकते। ऑनलाइन-इंटरनेट के साथ जुड़े होने की अवस्था को ऑनलाइन कहा जाता है। इसमें हम इंटरनेट पर कई कार्य कर सकते हैं।

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
इन्फारमेशन टैकनॉलोजी की आवश्यकता की व्याख्या करो।
उत्तर-
इन्फारमेशन टैकनॉलोजी की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है –

  1. सरकारी संस्थानों के बिलों का भुगतान का प्रिंट निकलाने के लिए
  2. व्यापार तथा उद्योगों में काम करवाने तथा उत्पादन को बढ़ाने के लिए
  3. ई-मेल तथा चैटिंग द्वारा दूसरे लोगों तक संदेश पहुँचाने के लिए
  4. शिक्षा संबंधी तथा ज्ञान विज्ञान की जानकारी प्राप्त करने के लिए
  5. ऑडियो तथा वीडियो फिल्में देखने के लिए।

प्रश्न 2.
ऑनलाइन रिजल्ट देखने का तरीका बताओ।
उत्तर-
ऑनलाइन रिजल्ट निम्न ढंग से देखा जाता है

  1. अपने कम्प्यूटर पर वैब ब्राओजर जैसे कि इंटरनेट एक्सप्लोरर या मोजिला फायरफॉक्स आदि खोलो।
  2. एडरैस बार में, जिस बोर्ड या यूनिवर्सिटी का रिजल्ट देखना है, उसका पता टाइप करो, जैसे-www.pseb.ac.in

प्रश्न 3.
मोबाइल टैकनॉलोजी पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
मोबाइल टैकनॉलोजी का अर्थ मोबाइल की सहायता से टैकनॉलोजी का प्रयोग करने से है। इस टैकनॉलोजी ने संसार के दूरवर्ती क्षेत्रों का संचार के क्षेत्र में चेहरा पूरी तरह बदल दिया है। मोबाइल टैकनॉलोजी के कुछ प्रयोग क्षेत्र निम्न अनुसार हैं।

  1. शिक्षा
  2. निरीक्षण तथा पोलिंग
  3. बैंकिंग
  4. डाटा एनालिसिस

प्रश्न 4.
ऑनलाइन शॉपिंग की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
ऑनलाइन शॉपिंग व्यापार का तरीका है जो उपभोक्ता को इंटरनेट का प्रयोग करके वस्तुओं तथा सेवाओं को खरीदने की सहूलत प्रदान करता है। दुकानदार वस्तुओं को इंटरनेट पर उपलब्ध करवाते हैं। खरीददार इंटरनेट का प्रयोग करके उस वस्तु का ऑर्डर देता है। दुकानदार उस वस्तु को खरीददार के घर तक पहुंचा देता है। ऑनलाइन शॉपिंग में खरीददारी का बिल नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड आदि द्वारा किया जा सकता है। ऑनलाइन शॉपिंग द्वारा हमें किसी भी दुकान पर जाने की आवश्यकता नहीं होती।

प्रश्न 5.
नेट बैंकिंग क्या है व्याख्या करो।
उत्तर-
नेट बैंकिंग, बैकिंग की वह सहूलियत है जिसकी मदद से ग्राहक इंटरनेट का प्रयोग करके अपने अकाउंट की जानकारी प्राप्त कर सकता है तथा पैसे ट्रांसफर कर सकता है। इंटरनेट की सहायता से बैंक की सहूलतें प्राप्त करना तथा बैंक वाले कार्य करना ही नेट बैंकिंग है। इसके द्वारा हम कई कार्य कर सकते हैं जैसे कि-

  1. पैसे ट्रांसफर करना
  2. बिल भरना
  3. अकाउंट चेक करना
  4. फीस भरनी।

एक्टिविटी निम्नलिखित कार्यों में से बताओ कौन-से ऑनलाइन किए जा सकते हैं तथा कौन-से ऑफलाइन किए जा सकते हैं-

  1. प्रेजेंटेशन बनाना – ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही
  2. शॉपिंग करना – ऑनलाइन
  3. डॉक्यूमेंट बनाना – ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही
  4. बिल भरना – ऑनलाइन
  5. बैलेंस शीट बनाना – ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही
  6. वीडियो डाउनलोड करना – ऑनलाइन
  7. एग्जाम का रिजल्ट देखना – ऑनलाइन।

PSEB 8th Class Computer Guide सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरो

1. वेबसाइट के एड्रेस को ……. कहा जाता है।
(क) पेज
(ख) URL
(ग) LOC
(घ) www
उत्तर-
(ख) URL

2. हम वेब सर्च इंजन जैसे ……… या …………….. को किसी विषय से संबंधित वेब पेज सर्च करने के लिए प्रयोग करते हैं।
(क) Google
(ख) Facebook
(ग) Bing
(घ) Twitter
उत्तर-
(क) Google

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

3. URL से अभिप्राय है………………………
(क) Universal Resource Locator
(ख) Uniform Resource Locator
(ग) Unitech Resource Locator
(घ) Unified Resource Locator
उत्तर-
(ख) Uniform Resource Locator

4. मोबाइल टैकनॉलोजी ने संचार का तरीका ………………… दिया है।
(क) शुरू
(ख) खत्म
(ग) बदल
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ग) बदल

सही या गलत बताओ-

1. इन्फार्मेशन टैकनॉलोजी कंप्यूटर हार्डवेयर से संबंधित है।
उत्तर-
गलत

2. सचिंग सिर्फ गूगल के लिए प्रयोग किया जाता है।
उत्तर-
गलत

3. डाउनलोडिंग ऑफलाइन भी की जा सकती है।
उत्तर-
गलत

4. नेट बैंकिंग से पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
उत्तर-
सही

5. वेब सर्च का अर्थ है वैब पेजों को देखना।।
उत्तर-
सही।

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सर्च इंजन के नाम बताओ।
उत्तर-
Google, Yahoo तथा Bing.

प्रश्न 2.
ऑनलाइन शॉपिंग कौन-सी साइट पर होती है ?
उत्तर-
ई-कॉमर्स।

प्रश्न 3.
ऑफलाइन का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
ऑफलाइन का अर्थ है इंटरनैट से जुड़े न होना।

प्रश्न 4.
मोबाइल टैकनॉलोजी के मुख्य प्रयोग क्षेत्र कौन-से हैं ?
उत्तर-
शिक्षा, निरीक्षण तथा पोलिंग, बैंकिंग, डाटा एनालिसिस।

प्रश्न 5.
घरों में इंटरनैट टैकनॉलोजी का क्या प्रयोग हो रहा है ?
उत्तर-
ऑडियो वीडियो बनाने के लिए, मनोरंजन के लिए, संचार के लिए, शिक्षा प्राप्त करने के लिए।

प्रश्न 6.
डाउनलोडिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
डाउनलोडिंग का अर्थ है इंटरनैट सरवर से कोई फाइल अपने कंप्यूटर पर सेव करना।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 3 सूचना टैकनॉलोजी से जान पहचान

प्रश्न 7.
नेट बैंकिंग क्या होती है ?
उत्तर-
नैट बैंकिंग का अर्थ है इंटरनैट का प्रयोग करके बैंक वाले कार्य करना।

प्रश्न 8.
ऑनलाइन शॉपिंग क्या है ?
उत्तर-
ऑनलाइन शॉपिंग का अर्थ है इंटरनैट का प्रयोग करके खरीददारी करना।

प्रश्न 9.
इन्फारमेशन टैकनॉलोजी क्या है ?
उत्तर-
इन्फारमेशन टैकनॉलोजी का अर्थ है तकनीक का प्रयोग करके जानकारी प्राप्त करना तथा भेजना।

प्रश्न 10.
वेबसाइट क्या होती है ?
उत्तर-
वेब पेजों के समूह को वेबसाइट कहा जाता है।

प्रश्न 11.
मोबाइल टैकनॉलोजी का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
मोबाइल टैकनॉलोजी का अर्थ है मोबाइल फोन की मदद से इंटरनेट के माध्यम से संचार तथा अन्य ऑनलाइन कार्यों के लिए टैकनॉलोजी का प्रयोग करना।

प्रश्न 12.
आनलाइन शापिंग का क्या लाभ है ?
उत्तर-
आनलाइन शापिंग से उपभोक्ता घर बैठ कर ही सारी खरीददारी कर सकती है।

प्रश्न 13.
नेट बैंकिंग क्या है ?
उत्तर-
नैट बैंकिंग, बैंकिंग का वह सिस्टम है जिसमें ग्राहक इंटरनैट की मदद से अपने अकाऊंट की जानकारी प्राप्त कर सकता है, बिल अदा कर सकता है तथा पैसे ट्रांसफर कर सकता है।

प्रश्न 14.
डाऊनलोडिंग से आप क्या समझते हो ?
उत्तर-
डाऊनलोडिंग का अर्थ है कि हमारा कम्प्यूटर इंटरनैट से डाटा प्राप्त कर रहा है।

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प्रश्न 15.
वैब सर्किंग क्या होती है ?
उत्तर-
वैब सर्किंग का अर्थ है इंटरनैट पर एक वैबसाइट से दूसरी वैबसाइट पर कुछ विषय वस्तु ढूंढ़ते हुए जाना।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

Punjab State Board PSEB 8th Class Computer Book Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Computer Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

Computer Guide for Class 8 PSEB इंटरनैट फंडामैंटल्स Textbook Questions and Answers

1. रिक्त स्थान भरें

1. इंटरनैशनल नैटवर्क ऑफ कम्प्यूटर को ……….. कहा जाता है।
(क) अपरानैट
(ख) इंटरनेट
(ग) इंटरानैट
(घ) इथरनैट।
उत्तर-
(ख) इंटरनेट

2. www का मतलब है ……………।
(क) वर्ल्ड वाइड वैब
(ख) वाइड वैब वर्ल्ड
(ग) वाइड वर्ल्ड वैब
(घ) वैब वर्ल्ड वाइड।
उत्तर-
(क) वर्ल्ड वाइड वैब

3. …………. द्वारा आनलाइन इंटरनैट से बातचीत की जाती है।
(क) ई-कामर्स
(ख) चैटिंग
(ग) www
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) चैटिंग

4. …………. मेल भेजने का सबसे तेज़ तरीका है।
(क) टैलीग्राम
(ख) लैटरज़
(ग) आई० एस ० पी०
(घ) ई-मेल।
उत्तर-
(घ) ई-मेल।

5. ………. एक यंत्र है जो कम्प्यूटर को टैलीफोन से जोड़ता है।
(क) मोडम
(ख) टैलीफोन तार
(ग) माऊस
(घ) मोबाइल।
उत्तर-
(क) मोडम

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

2. पूरे नाम लिखो

1. www
2. Email
3. MODEM
4. ARPANET
5. ISDN
6. DSL
Answer:
1. WWW-World Wide Web
2. Email-Electronic Mail
3. MODEM–Modulator Demodulator
4. ARPANET-Advanced Research Project Agency Network
5. ISDN-Integrated Service Digital Network
6. DSL-Digital Subscriber Line

3. छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
इंटरनैट क्या है?
उत्तर-
दुनिया में फैले अलग-अलग तरह के नैटवर्कों को आपस में जोड़कर इंटरनैट बनता है। इससे सूचना का आदान-प्रदान करवाया जा सकता है। इंटरनेट का इस्तेमाल नीचे लिखे कामों के लिए किया जाता है-

  1. व्यापार और उद्योगों के लिए
  2. संचार के लिए
  3. शिक्षा के लिए
  4. मनोरंजन के लिए
  5. विज्ञान के लिए
  6. सिखलाई के लिए।

प्रश्न 2.
इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) की उदाहरण दें।
उत्तर-
इंटरनैट सर्विस प्रोवाइडर्ज यूज़र को इंटरनेट की सुविधा प्रदान करवाता है। वह यूज़र से फीस प्राप्त करता है। यह फीस इंटरनैट इस्तेमाल करने के हिसाब से होती है।
इंटरनेट की अलग-अलग सेवाओं के लिए आपको अपने ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) में खाता खोलना पड़ेगा। BSNL एक ISP का उदाहरण है।

प्रश्न 3.
ई-कॉमर्स से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
इंटरनेट का उपयोग करके व्यापार करने तथा शापिंग करने वाली सुविधा को ई-कॉमर्स कहते हैं।

प्रश्न 4.
वैब ब्राऊजिंग क्या है ?
उत्तर-
इंटरनैट पर ब्राऊजर की मदद से विभिन्न वैब साईट को देखने की प्रक्रिया वैब ब्राऊजिंग कहलाती है। इस से हम सूचना देख सकते हैं, ढूंढ सकते हैं तथा लोगों को भी ढूंढ सकते हैं।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

4. बड़े उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
MODEM क्या है? मोडम की किस्में तथा रफ्तार बताओ।
उत्तर-
डिजीटल से एनालॉग सिग्नल और एनालोग से डिजीटल सिग्नल में बदलने वाले उपकरण को मोडम कहा जाता है। मोडम दो प्रकार के होते हैं

  1. अन्दरूनी मोडम
  2. बाहरी मोडम बाहरी मोडम एक डिब्बे के रूप में कम्प्यूटर से बाहरी तरफ से केबल से जोड़े जाते हैं।

अन्दरूनी मोडम कम्प्यूटर के बीच ही लगे होते हैं। मोडम की रफ़्तार भी अलग-अलग होती है। धीमे मोडम सन्देश को भेजते समय अधिक समय लगाते हैं। केबल या टेलीफोन की तार दीवार से लगे प्लग के द्वारा मोडम में जाती है। आजकल तो बेतार मॉडम भी आ गए हैं जो मोबाइल फोन की तरह हवा में ही काम करते हैं।

मोडम की रफ़्तार अलग-अलग होती है। धीमे मोडम सन्देश भेजते या प्राप्त करते समय अधिक समय लगाते हैं। यह इंटरनेट से फाइलों की नकल करने पर भी अधिक समय लगाते हैं। अगर संचार वाले दोनों कम्प्यूटरों में अलग-अलग रफ़्तार वाले मोडम हों तो संचार कम रफ्तार वाले मोडम की रफ्तार के साथ होता है। तेज़ संचार करवाने के लिए अधिक रफ़्तार वाले मोडम ही प्रयोग करने चाहिए। आमतौर पर 28.8 Kbps रफ़्तार वाला मोडम प्रयोग किया जाता है। सर्किंग के लिए कम-से-कम 56 Kbps वाले मोडम की सिफारिश की जाती है।

प्रश्न 2.
इंटरनेट द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का वर्णन करो।
उत्तर-
इंटरनेट द्वारा निम्नलिखित सुविधाएं मिलती हैं-
1. ख़बर तथा जानकारी प्राप्त करना-इंटरनेट से हम ऑनलाइन अख़बार से ख़बरें पढ़ सकते हैं। इससे हम देश-विदेश की किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

2. कला तथा मनोरंजन-इंटरनेट पर हम गेम खेल सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, फिल्में देख सकते हैं, चुटकुले कहानियां आदि पढ़ सकते हैं। इंटरनेट की सहायता से इन सभी के द्वारा हम अपना मनोरंजन कर सकते हैं।

3. खरीदारी-इंटरनेट की सहायता से हम दुनिया में कहीं से भी कपड़े, किताबें, गिफ्ट या अन्य ज़रूरी सामान आदि खरीद सकते हैं। इस प्रक्रिया को ऑनलाइन शॉपिंग कहा जाता है।

4. पत्र भेजना-इंटरनेट पर पत्र भेजने की सर्विस को ईमेल कहते हैं। इंटरनेट की सहायता से हम दुनिया । में किसी भी व्यक्ति को ईमेल भेज सकते हैं तथा किसी से भी ईमेल प्राप्त कर सकते हैं। ईमेल के जरिए हम तस्वीरें, फिल्में, आवाज़ आदि दूसरों को भेज सकते हैं।

5. सेहत तथा तंदुरुस्ती-इंटरनेट के द्वारा हम अपने स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके द्वारा हम किसी भी डॉक्टर से ज़रूरी सलाह भी कर सकते हैं।

6. सैर सपाटा-इंटरनेट पर दुनिया भर के सैर सपाटे से संबंधित जानकारी रेल टिकट, हवाई टिकट तथा विभिन्न होटलों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

7. चैटिंग-इंटरनेट के द्वारा हम दुनिया में किसी भी व्यक्ति के साथ टैक्सट, ऑडियो या वीडियो चैट कर सकते हैं।

8. बैंकिंग-इंटरनेट की सहायता से हम अपने बैंक के कार्य भी कर सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग के द्वारा बैंक से संबंधित लगभग सभी कार्य किए जा सकते हैं।

9. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग-वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दो या दो से ज्यादा व्यक्ति एक-दूसरे को देख कर बात करते हैं। इसके लिए वेब कैमरे का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 3.
ई-मेल क्या है ? इसके प्रयोग के लाभ लिखो।
उत्तर-
ई-मेल एक इलैक्ट्रॉनिक मेल है जिसके द्वारा कम्प्यूटर से पत्र भेजे जाते हैं। इसके द्वारा दुनिया भर में कहीं भी एक ही समय सन्देश पहुँचाया जा सकता है। इंटरनेट इस्तेमाल करने के समय आपके पास विलक्षण ई-मेल पता होना चाहिए। ई-मेल के पते को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है, यूज़र नेम और होस्ट नेम। ई-मेल में @ संकेत होता है जिसको ‘ऐट दा रेट ऑफ’ कहा जाता है। [email protected] ई-मेल के पते की एक उदाहरण है।

ई-मेल के लाभ-ई-मेल के बहुत सारे लाभ हैं जो कि नीचे लिखे अनुसार हैं-
1. खर्च (Cost)-इंटरनैट के प्रयोग के लिए दी जाने वाली रकम के बिना अन्य कुछ नहीं लगता। यूज़र को डाक टिकटों के पैसे नहीं पड़ते। यह फैक्स से भी सस्ती पड़ती है। फैक्स पर कागज़ और टैलीफोन के खर्चे पड़ते हैं। ई-मेल करते समय ऐसा कोई खर्चा नहीं पड़ता। लम्बे सन्देश का खर्च छोटे सन्देश जितना होता है। उदाहरण के लिए स्विट्ज़रलैंड और अपने शहर में सन्देश का खर्च बराबर होता है।

2. रफ़्तार (Speed)-ई-मेल की रफ्तार हमारे दूसरे चिट्ठी-पत्र से अधिक होती है। ई-मेल सन्देश अपनी मंजिल पर कुछ मिनटों-सैकिण्डों में पहुंच जाते हैं। एक दिन में कई बार पत्र-व्यवहार किया जा सकता है।

3. आराम (Convenience)-कम्प्यूटर का इस्तेमाल करने वाले सन्देश को अपने कम्प्यूटर पर टाइप करते हैं और फिर ई-मेल कर देते हैं। इसके साथ न कागज़ का प्रयोग होता है, न कोई डाक खर्चा आता है और न ही कोई अन्य समस्या आती है।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

प्रश्न 4.
वर्ल्ड वाइड वेब पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
वर्ल्ड वाइड वेब एक बहुत बड़ा कंप्यूटर नेटवर्क है जिसे हम इंटरनेट एक्सप्लोरर या गूगल क्रोम जैसे ब्राउज़र का प्रयोग करके सर्च कर सकते हैं। इससे हम आवश्यकता अनुसार जानकारी तथा सूचना प्राप्त कर सकते हैं। यह बहुत सारी पब्लिक वेबसाइट का समूह है जो आपस में हाइपरलिंक की सहायता से जुड़े हुए हैं। इसमें वेबसाइट के साथ क्लाइंट उपकरण जैसे कि कंप्यूटर मोबाइल फोन आदि भी शामिल होते हैं जो पूरी दुनिया में इंटरनेट से जुड़े होते हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब तथा इंटरनेट इकट्ठे ही कार्य करते हैं, पर यह दोनों एक समान नहीं हैं। असल में वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर फैला हुआ वैब पेजों का एक जाल है। यह सारे वेब पेज एचटीएमएल में बने होते हैं तथा आपस में हाइपरलिंक द्वारा जुड़े होते हैं। हाइपरलिंक द्वारा आपस में जुड़े होने के कारण इनका एक जाल बन जाता है जो पूरी दुनिया में फैला होता है। इसी कारण इसे वर्ल्ड वाइड वेब कहा जाता है।

प्रश्न 5.
इंटरनेट द्वारा प्रदान की जाने वाली मुख्य सेवाओं का वर्णन करो।
उत्तर-
1. वर्ड वाइड वैब-वर्ड वाइड वैब इंटरनैट पर वैब पेज का एक जाल है। ये पेज आपस में लिंकड होते हैं। इस को किसी खास एडरैस द्वारा पाया जाता है। इसको कम्प्यूटर, लैपटाप, मोबाइल, आदि पर असैस किया जा सकता है। वर्ल्ड वाइड वैब Www इंटरनैट की बहुत बड़ी सेवा है। इसके द्वारा पूरी दुनिया की सूचना प्राप्त की जा सकती है। इसमें व्यापार, शिक्षा स्रोत, सेहत और सरकारी अदारों आदि से सम्बन्धित सूचना शामिल होती है। यह हर एक स्थान पर यूज़र की सोच, विचारों और पसंद के मुताबिक सेवाएं देती हैं।

2. ई-मेल-ई-मेल एक इलैक्ट्रॉनिक मेल है जिसके द्वारा कम्प्यूटर से पत्र भेजे जाते हैं। इसके द्वारा दुनिया भर में कहीं भी एक ही समय सन्देश पहुँचाया जा सकता है। इंटरनेट इस्तेमाल करने के समय आपके पास विलक्षण ई-मेल पता होना चाहिए। ई-मेल के पते को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है, यूजर नेम और होस्ट नेम। ई-मेल में @ संकेत होता है जिसको ‘ऐट दा रेट ऑफ’ कहा जाता है। [email protected] ई-मेल के पते की एक उदाहरण है।

3. ई-कामर्स-ई-कामर्स इंटरनैट पर व्यापार को करते हैं। इससे हम अपनी ज़रूरत की वस्तुएं 24 घंटे खरीद, बेच सकते हैं।

4. सोशल नेटवर्किंग साइट-यह इंटरनैट पर सोशल ग्रुप की साइट होती है। इसमें यूज़र अपना प्रोफाइल बना कर दूसरों से वार्तालाप तथा अपने अनुसार शेयर कर सकता है।

5. विडीयो कानसिंग-यह कैमरे का उपयोग करती है। इसमें हम तस्वीरों तथा आवाज़ द्वारा अपने विचार दूसरों से साझा कर सकते हैं। हम दूसरों को देख भी सकते हैं। इसमें समय की बहुत बचत होती है।

6. चैटिंग-यह फोन पर की जाने वाली बातचीत की तरह ही होती है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें बातचीत के लिए शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप इंटरनेट से जुड़े हो तो आप टैलीफोन में बोलने के स्थान पर कम्प्यूटर में टाइप करोगे। आजकल व्याँस चैट (जुबान के द्वारा चर्चा) करनी भी सम्भव हो गई है। व्यॉस चैट में आप बोल और सुन सकते हो।

7. वैबसाइट को सर्च करना-वैबसाइट पर पन्नों की गिनती निश्चित नहीं होती। यह अनगिनत होते हैं। यह बढ़ते ही रहते हैं। बड़ी कम्पनियां अपने वैब पन्नों को डाटाबेस में सम्भाल के रखती हैं। जानकारी ढूँढ़ने के लिए सर्च इंजन का प्रयोग किया जाता है। यह बहुत ही शक्तिशाली प्रोग्राम होता है। ढूँढ़ी जाने वाली जानकारी को टाइप करके सर्च (खोज) की जाती है। यह उस शब्द से सम्बन्धित अनेकों वैबसाइटों की सूची जारी करता है।

PSEB 8th Class Computer Guide इंटरनैट फंडामैंटल्स Important Questions and Answers

रिक्त स्थान भरो

1. मोडम ……….. को एनालॉग सिग्नल में बदलता है।
(क) एनालॉग
(ख) डिजिटल
(ग) दोनों ही
(घ) कोई भी नहीं।
उत्तर-
(ख) डिजिटल

2. ……… ऑनलाइन बातचीत का तरीका है।
(क) चैटिंग
(ख) ईमेल
(ग) सचिंग
(घ) कोई भी नहीं।
उत्तर-
(क) चैटिंगग।

2. पूरा नाम लिखो
1. DOD
2. TCP/IP
3. IAP
4. URL
5. ISP
Answer:
1. DOD – Department of Defence
2. TCP/IP-Transmission Control Protocol/Internet Protocol
3. IAP-Internet Access Providers
4. URL-Uniform Resource Locator
5. ISP-Internet Service Provider

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
सोशल नेटवर्किंग साइट क्या होती है ?
उत्तर-
सोशल नेटवर्किंग साइट वह होती है जो हमें ऑनलाइन सामाजिक समूह बनाने में मदद करती है। facebook.com एक सोशल नेटवर्किंग साइट है।

प्रश्न 2.
कुछ सोशल नेटवर्किंग साइट के नाम बताओ।
उत्तर-
Facebook, Twitter, Orkut, Linkedin, Fickr

प्रश्न 3.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग क्या होती है ?
उत्तर-
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वह सहूलियत है जिसके द्वारा हम किसी भी दूसरे व्यक्ति की वीडियो देख कर उसके साथ बातचीत कर सकते हैं।

प्रश्न 4.
ब्राउजिंग क्या होती है ?
उत्तर-
इंटरनेट पर वेब साइट देखने की प्रक्रिया को ब्राउजिंग कहते हैं।

प्रश्न 5.
इंटरनेट कनेक्शनों के नाम बताओ।
उत्तर-
डायल अप, ब्रॉडबैंड, वायरलेस, डी० एस० एल०, आई० एस० डी० एन०।

प्रश्न 6.
मोडम का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
मोडूलेटर-डीमोडूलेटर।

PSEB 8th Class Computer Solutions Chapter 2 इंटरनैट फंडामैंटल्स

प्रश्न 7.
मोडम की किस्में बताओ।
उत्तर-
मोडम की निम्नलिखित किस्में हैं –

  1. अंदरूनी मॉडल
  2. बाहरी मॉडल

प्रश्न 8.
ISP का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
ISP का पूरा नाम है-Internet Service Provider.

प्रश्न 9.
URL का पूरा नाम बताओ।
उत्तर-
URL का पूरा नाम है-Uniform Resource Locator.

प्रश्न 10.
www क्या है ? बताओ।
उत्तर-
www का अर्थ है-वर्ल्ड वाइड वैब। यह इंटरनैट पर फैला हुआ वैबसाइटों का एक जाल है।

प्रश्न 11.
इंटरनैट कुनैक्शनों की किस्में बताएं।
उत्तर-
इंटरनैट कुनैक्शन इस प्रकार के होते हैं-

  1. डायल-अप कुनैक्शन
  2. ब्रॉड बैंड
  3. वायरलैस
  4. डी० एस० एल०
  5. आई० एस० डी० एन० ।

प्रश्न 12.
ई-मेल के बारे में बताओ।
उत्तर-
ई-मेल इंटरनैट की एक वह सुविधा है जिसके द्वारा दुनिया में किसी भी कम्प्यूटर, जो इंटरनैट से जुड़ा हो, तक संदेश भेज सकते हैं।

प्रश्न 13.
वैब सचिंग क्या है?
उत्तर-
इंटरनैट पर किसी भी वस्तु को ढूंढ़ने की प्रक्रिया को वैब सचिंग कहते हैं।

प्रश्न 14.
इंटरनेट के लिए कौन-कौन से हार्डवेयर ज़रूरी हैं ?
उत्तर-
इंटरनैट के लिए निम्न हार्डवेयर ज़रूरी है-

  1. एक पर्सनल कम्प्यूटर जिसकी स्पीड 800 Mz या ज्यादा हो।
  2. 128 MB या ज्यादा RAM
  3. टैलीफोन कुनैक्शन लाइन
  4. मोडम।