PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग

Punjab State Board PSEB 8th Class Social Science Book Solutions History Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Social Science History Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग

SST Guide for Class 8 PSEB हस्तशिल्प तथा उद्योग Textbook Questions and Answers

I. नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखें :

प्रश्न 1.
भारत के लघु (छोटे) उद्योगों के पतन के कोई दो कारण लिखें।
उत्तर-

  1. इन उद्योगों के मुख्य संरक्षक देशी रियासतों के राजा, उनके परिवार के सदस्य तथा उनके अधिकारी और कर्मचारी थे। जब देशी रियासतों की समाप्ति शुरू हो गई तो पुराने उद्योगों को स्वाभाविक रूप से धक्का लगा।
  2. भारत के लघु उद्योगों में बनी वस्तुएं नई श्रेणी के लोगों को पसन्द नहीं थीं। वे अंग्रेज़ों के प्रभाव में थे। अत: इन्हें यूरोप की वस्तुएं भारत की वस्तुओं की अपेक्षा अधिक अच्छी लगती थीं।

प्रश्न 2.
भारत के लघु उद्योगों के द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का मूल्य अधिक क्यों होता था ? .
उत्तर-
भारत के लघु उद्योगों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का मूल्य इसलिए अधिक होता था, क्योंकि इन्हें तैयार करने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता था।

प्रश्न 3.
भारत में सूती कपड़े का प्रथम उद्योग कब तथा कहां स्थापित हुआ ?
उत्तर-
भारत में सूती कपड़े का प्रथम उद्योग (कारखाना) 1853 ई० में मुम्बई में स्थापित हुआ।

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग

प्रश्न 4.
भारत में पहला पटसन उद्योग कब तथा कहां लगाया गया ?
उत्तर-
भारत में पहला पटसन उद्योग 1854 ई० में सीरमपुर (बंगाल) में लगाया गया।

प्रश्न 5.
भारत में कॉफी का पहला बाग कब तथा कहां लगाया गया ?
उत्तर-
भारत में कॉफी का पहला बाग 1840 ई० में दक्षिण भारत में लगाया गया।

प्रश्न 6.
चाय का पहला बाग कब तथा कहां लगाया गया ?
उत्तर-
चाय का पहला बाग़ 1852 ई० में असम में लगाया गया।

प्रश्न 7.
19वीं सदी में लघु उद्योगों के पतन के बारे में लिखें।
उत्तर-
भारत में अंग्रेजी शासन की स्थापना से पहले भारत के गांव आत्म-निर्भर थे। गांवों के लोग जैसे कि लोहार, जुलाहे, किसान, बढ़ई, चर्मकार, कुम्हार आदि मिलकर गांव की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वस्तुएं तैयार कर लेते थे। उनकी दस्तकारियां या लघु उद्योग उनकी आय के साधन होते थे। परन्तु अंग्रेज़ी शासन की स्थापना होने के कारण गांवों के लोग भी अंग्रेज़ी कारखानों में तैयार की गई वस्तुओं का उपयोग करने लगे क्योंकि वे बढ़िया एवं सस्ती होती थीं। अतः भारत के नगरों एवं गांवों के लघु उद्योगों का पतन होने लगा और कारीगर (शिल्पकार) बेकार हो गये।

प्रश्न 8.
आधुनिक भारतीय उद्योगों के महत्त्व के बारे में लिखें।
उत्तर-
भारत में आधुनिक उद्योगों के विकास से आर्थिक एवं सामाजिक जीवन पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़े। इसके परिणामस्वरूप समाज में दो श्रेणियों का जन्म हुआ-पूंजीपति तथा मज़दूर। पूंजीपति मजदूरों का अधिक-से-अधिक शोषण करने लगे। वे मजदूरों से अधिक-से-अधिक काम ले कर कम-से-कम पैसे देते थे। अत: सरकार ने मजदूरों की दशा सुधारने के लिए फैक्टरी-एक्ट पास किये। औद्योगिक विकास होने के कारण कई नये नगरों का निर्माण भी हुआ। ये नगर आधुनिक जीवन एवं संस्कृति के केन्द्र बने।

प्रश्न 9.
नील उद्योग पर नोट लिखें।
उत्तर-
अंग्रेजों को इंग्लैंड में अपने कपड़ा उद्योग के लिए नील की आवश्यकता थी। अतः उन्होंने भारत में नील की खेती को बढ़ावा दिया। इसका आरम्भ 18वीं शताब्दी के अन्त में बिहार तथा बंगाल में हुआ। नील के अधिकतर बड़े-बड़े बाग यूरोप वालों ने लगाए, जहां भारतीयों को काम पर लगाया गया। 1825 में नील की खेती के अधीन 35 लाख बीघा भूमि थी। परन्तु 1879 ई० में नकली नील तैयार होने के कारण नील की खेती में कमी आने लगी। परिणामस्वरूप 1915 ई० तक नील की खेती के अधीन केवल 3-4 लाख बीघा जमीन ही रह गई।

प्रश्न 10.
कोयले की खानों पर नोट लिखें।
उत्तर-
भारत में अंग्रेजों द्वारा स्थापित सभी नये कारखाने कोयले से चलते थे। रेलों के लिए भी कोयला चाहिए था। इसलिए कोयला खानों में से कोयला निकालने की ओर विशेष ध्यान दिया गया। 1854 ई० में बंगाल के रानीगंज जिले में कोयले की केवल 2 खानें थीं। परन्तु 1880 तक इनकी संख्या 56 तथा 1885 तक 123 हो गई।

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II. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:

1. देशी रियासतों के राजा महाराजा …………. उद्योगों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का प्रयोग करते थे।
2. नई पीढ़ी के लोग लघु उद्योगों द्वारा तैयार किए गए माल को ………… नहीं करते थे।
3. सभी नए कारखाने ……………. से चलते थे।
उत्तर-

  1. लघु
  2. पसंद
  3. कोयले।।

III. प्रत्येक वाक्य के सामने ‘सही’ (✓) या ‘गलत’ (✗) का चिन्ह लगाएं:

1. भारतीय नगरों एवं गांवों के लघु उद्योगों के पतन से कारीगर बेकार हो गए। – (✓)
2. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति 19वीं सदी में आई। – (✗)
3. मशीनों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का दाम अधिक होता था। – (✗)
4. 18वीं सदी में भारत का कच्चा माल इंग्लैंड जाने लगा। – (✓)

IV. सही जोड़े बनाएं :

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग 1
उत्तर-

  1. टी (चाय) कंपनी
  2. सेरमपुर (बंगाल)
  3. रानीगंज।

PSEB 8th Class Social Science Guide हस्तशिल्प तथा उद्योग Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)

सही विकल्प चुनिए :

प्रश्न 1.
कॉफी का पहला बाग़ कब लगाया गया ?
(i) 1834 ई०
(ii) 1839 ई०
(iii) 1840 ई०
(iv) 1854 ई०।
उत्तर-
1840 ई०

प्रश्न 2.
भारत में नील उद्योग कहां से शुरू हुआ ?
(i) बिहार तथा बंगाल
(ii) कर्नाटक तथा तमिलनाडु
(iii) पंजाब तथा हरियाणा
(iv) मध्य भारत।
उत्तर-
बिहार तथा बंगाल

प्रश्न 3.
भारत में पटसन उद्योग का पहला कारखाना कब लगाया गया ?
(i) 1820 ई०
(ii) 1824 ई०
(iii) 1834 ई०
(iv) 1854 ई०।
उत्तर-
1854 ई० ।

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अति छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
अंग्रेजी शासन की स्थापना से पहले आर्थिक दृष्टि से गांवों की स्थिति कैसी थी ?
उत्तर-
अंग्रेजी शासन की स्थापना से पहले गांव आर्थिक दृष्टि से आत्म-निर्भर थे।

प्रश्न 2.
भारतीय दस्तकारों द्वारा बनी वस्तुएं मशीनों द्वारा बनी वस्तुओं का मुकाबला क्यों न कर सकीं ?
उत्तर-
भारतीय दस्तकारों द्वारा बनी वस्तुएं मशीनों द्वारा बनी वस्तुओं का मुकाबला इसलिए न कर सकी क्योंकि मशीनी वस्तुएं साफ़ तथा सुन्दर होने के साथ-साथ सस्ती भी थीं।

प्रश्न 3.
नई श्रेणी के लोगों को भारत के लघु उद्योगों द्वारा बनी वस्तुएं क्यों पसन्द नहीं थीं ?
उत्तर-
क्योंकि वे पश्चिमी-सभ्यता के प्रभाव में थे।

प्रश्न 4.
पटसन उद्योग में क्या-क्या वस्तुएं बनाई जाती थीं ?
उत्तर-
टाट तथा बोरियां।

प्रश्न 5.
भारत के कॉफी उद्योग को हानि क्यों पहंची ?
उत्तर-
भारत की कॉफी का मुकाबला ब्राज़ील की कॉफी से था जो बहुत अच्छी थी। इसलिए भारत के कॉफी उद्योग को हानि पहुंची।

प्रश्न 6.
भारत में अंग्रेज़ी काल में विकसित किन्हीं छः आधुनिक उद्योगों के नाम बताओ।
उत्तर-

  • सूती कपड़ा उद्योग
  • पटसन उद्योग
  • कोयला उद्योग
  • नील उद्योग
  • चाय
  • कॉफी।

प्रश्न 7.
फैक्टरी एक्ट क्यों पास किए गए ?
उत्तर-
फैक्टरी एक्ट मज़दूरों की दशा सुधारने के लिए पास किए गए।

प्रश्न 8.
आदि मानव अपने आप को गर्म रखने के लिए किस चीज़ से बने वस्त्र पहनता था ?
उत्तर-
पशुओं की खाल से बने वस्त्र।

छोटे उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में कपड़ा बुनने का विकास कैसे हुआ ? खुदाइयों से कपड़े की बुनाई के बारे में क्या प्रमाण मिले हैं ?
उत्तर-
आदि मानव अपने आप को गर्म रखने के लिए पशुओं की खाल से बने कपड़े पहनता था। कताई एवं बुनाई . की खोज इसके बहुत समय पश्चात् हुई थी। ऐसा माना जाता है कि भारत में जुलाहों ने कपड़ा तैयार करने के लिए सबसे पहले घास के रेशों का उपयोग किया था। तत्पश्चात् उन्होंने इस पर नमूने बनाने और करघे पर धागों का उपयोग करना सीखा। समय बीतने पर रेशों और नमूनों में और अधिक सुधार हुआ।

प्रमाण-प्राचीन वस्तुओं का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों को मोहनजोदड़ो तथा हड़प्पा की खुदाइयों से सूत की कताई तथा रंगदार सूती कपड़े के अवशेष मिले हैं। इस के अतिरिक्त उन्हें कश्मीर में कई स्थानों की खुदाई से चरखे, दरियां आदि प्राप्त हुए हैं। इनसे संकेत मिलता है कि लगभग 4,000 साल.पूर्व लोग कपड़ा बुनना जानते थे।

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प्रश्न 2.
भारत में कपड़ा उद्योग का पतन क्यों हुआ ? इसे नया जीवन कैसे मिला ?
उत्तर-
भारतीय कपड़े संसार-भर में प्रसिद्ध थे। यूरोप के व्यापारी कपड़े एवं मसालों का व्यापार करने के लिए ही भारत में आये थे। उन्होंने भारत में सूती कपड़े के कारखाने लगाए थे। इन उद्योगों में साधारण हथकरघों की अपेक्षा अधिक कपड़े का उत्पादन किया जाता था। परन्तु इंग्लैंड में औद्योगिक क्रान्ति आने के कारण भारत में कपड़ा-व्यापार का पतन आरम्भ हो गया। परन्तु 20वीं शताब्दी में महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में भारत में फिर से हाथ से बुने सूती एवं – रेशमी कपड़े तैयार किये जाने लगे, जिससे भारतीय कपड़ा-उद्योग पुनः अस्तित्व में आया।
सरकार की नई आर्थिक नीति से भी कपड़ा-उद्योग ने पहले से कहीं अधिक उन्नति की। सरकार ने कपड़े का आयात-निर्यात करने के लिए बहुत-सी सुविधाएं प्रदान की।

प्रश्न 3.
अंग्रेज़ी काल में भारत में पटसन उद्योग पर एक नोट लिखो।
उत्तर-
पटसन उद्योग में मुख्य रूप से टाट तथा बोरियां बनाई जाती थीं। इस उद्योग पर यूरोप के लोगों का अधिकार था। इस उद्योग का पहला कारखाना 1854 ई० में सीरमपुर (बंगाल) में लगाया गया। इसके बाद भी पटसन उद्योग के अधिकतर कारखाने बंगाल में ही लगाये गए। 20वीं शताब्दी के आरम्भ तक इन कारखानों की संख्या 36 हो गई थी।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में लघु उद्योगों के पतन के कारणों का वर्णन करें।
उत्तर-
भारत में लघु-उद्योगों के पतन के मुख्य कारण निम्नलिखित थे

1. भारत की देशी रियासतों की समाप्ति-अंग्रेजों ने बहुत-सी भारतीय रियासतों को समाप्त कर दिया था। इस कारण लघु उद्योगों को बहुत हानि पहुंची क्योंकि इन रियासतों के राजा-महाराजा तथा उनके परिवार के सदस्य लघु उद्योगों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का उपयोग करते थे।

2. भारतीय लघु उद्योगों द्वारा तैयार वस्तुओं का महंगा होना-भारतीय लघु उद्योगों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का मूल्य अधिक होता था, क्योंकि उन्हें तैयार करने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता था। दूसरी ओर मशीनों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का मूल्य कम होता था। अत: लोग लघु उद्योगों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को नहीं खरीदते थे। परिणामस्वरूप भारतीय लघु उद्योगों का पतन आरम्भ हो गया।

3. मशीनी वस्तुओं की सुन्दरता-इंग्लैंड के कारखानों में मशीनों द्वारा तैयार वस्तुएं भारत के लघु उद्योगों द्वारा तैयार वस्तुओं की अपेक्षा अधिक साफ तथा सुन्दर होती थीं। अतः भारतीय लोग मशीनों द्वारा तैयार वस्तुओं को अधिक पसन्द करते थे। यह बात भारत के लघु उद्योगों के पतन का कारण बनी।

4. नई श्रेणी के लोगों की रुचि-नई श्रेणी के लोगों पर पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव था। दूसरे, मशीनों द्वारा तैयार वस्तुएं बहुत साफ और सुन्दर होती थीं। अतः नई पीढ़ी के लोग लघु उद्योगों द्वारा तैयार वस्तुओं को पसन्द नहीं करते थे।

5. भारत से कच्चा माल इंग्लैंड भेजना-18वीं शताब्दी में यूरोप में औद्योगिक क्रान्ति आई। इसके कारण वहां बहुत बड़े-बड़े कारखाने स्थापित किये गये। इन कारखानों में माल तैयार करने के लिए कच्चे माल की बहुत आवश्यकता थी, जिसे इंग्लैंड का कच्चा माल पूरा न कर सका। इस कारण भारत का कच्चा माल इंग्लैंड भेजा जाने लगा। इससे भारतीय कारीगरों के पास कच्चे माल की कमी हो गई। फलस्वरूप देश के लघु उद्योग पिछड़ गये।

प्रश्न 2.
प्रमुख आधुनिक भारतीय उद्योगों का वर्णन करें।
उत्तर-
अंग्रेजी शासन के समय भारत में बहुत-से नये उद्योगों की स्थापना हुई जिनमें प्रमुख उद्योग निम्नलिखित थे
1. सूती कपड़ा उद्योग-भारत में सूती कपड़े का पहला उद्योग (कारखाना) 1853 ई० में मुम्बई में लगाया गया। इसके पश्चात् 1877 ई० में कपास उगाने वाले बहुत से क्षेत्रों जैसे कि अहमदाबाद, नागपुर आदि में कपड़ा मिलें स्थापित की गईं। 1879 ई० तक भारत में लगभग 59 सूती कपड़ा मिलें स्थापित की जा चुकी थीं। जिनमें लगभग 43,000 लोग काम करते थे। 1905 ई० में कपड़ा मिलों की संख्या 206 हो गई थी। इनमें लगभग 1,96,000 मजदूर काम करते थे।

2. पटसन का उद्योग-पटसन का उद्योग बोरियां तथा टाट बनाने का काम करता था। इस उद्योग पर यूरोप के लोगों का अधिकार था। इस उद्योग का पहला कारखाना 1854 ई० में सैरमपुर अथवा सीरमपुर (बंगाल) में खोला गया। इसके बाद भी पटसन उद्योग के सबसे अधिक कारखाने बंगाल प्रान्त में ही खोले गये। 20वीं शताब्दी के आरम्भ तक इन कारखानों की संख्या 36 हो गई थी।

3. कोयले की खानें-भारत में अंग्रेजों द्वारा स्थापित सभी नये कारखाने कोयले से चलते थे। रेलों के लिए भी कोयला चाहिए था। इसलिए कोयला खानों में से कोयला निकालने की ओर विशेष ध्यान दिया गया। 1854 ई० में बंगाल के रानीगंज जिले में कोयले की केवल 2 खानें थीं। परन्तु 1880 तक इनकी संख्या 56 तथा 1885 तक 123 हो गई।

4. नील उद्योग-अंग्रेजों को इंग्लैंड में अपने कपड़ा उद्योग के लिए नील की आवश्यकता थी। अत: उन्होंने भारत में नील की खेती को बढ़ावा दिया। इसका आरम्भ 18वीं शताब्दी के अन्त में बिहार तथा बंगाल में हुआ। नील के अधिकतर बड़े-बड़े बाग यूरोप वालों ने लगाए, जहां भारतीयों को काम पर लगाया गया। 1825 में नील की खेती के अधीन 35 लाख बीघा भूमि थी। परन्तु 1879 ई० में नकली नील तैयार होने के कारण नील की खेती में कमी आने लगी। परिणामस्वरूप 1915 ई० तक नील की खेती के अधीन केवल 3-4 लाख बीघा जमीन ही रह गई।

5. चाय-1834 ई० में असम में एक कम्पनी की स्थापना की गई। 1852 ई० में अंग्रेजों ने असम में चाय का पहला बाग लगाया। 1920 ई० तक चाय की खेती लगभग 7 लाख एकड़ भूमि में होने लगी। उस समय 34 करोड़ पाऊंड मूल्य की चाय भारत से बाहर के देशों में भेजी जाती थी। तत्पश्चात् कांगड़ा तथा नीलगिरि की पहाड़ियों में भी चाय के बाग लगाए गए।

6. कॉफी-कॉफी का पहला बाग़ 1840 ई० में दक्षिण भारत में लगाया गया। तत्पश्चात् मैसूर, कुर्ग, नीलगिरि और मालाबार क्षेत्रों में भी कॉफी के बाग लगाये गये। ब्राज़ील की कॉफी के साथ इसका मुकाबला होने के कारण इस उद्योग को बहुत हानि पहुंची।

7. अन्य उद्योग-19वीं शताब्दी के अन्त से लेकर 20वीं शताब्दी के आरम्भ तक बहुत से नये कारखाने स्थापित किये गये। इनमें लोहा-इस्पात, चीनी, कागज, दियासलाई बनाने और चमड़ा रंगने के कारखाने प्रमुख थे।

PSEB 8th Class Social Science Solutions Chapter 14 हस्तशिल्प तथा उद्योग

हस्तशिल्प तथा उद्योग PSEB 8th Class Social Science Notes

  • भारत के लघु उद्योग – भारत प्राचीनकाल से ही अपने लघु उद्योगों के लिए जाना जाता रहा है। परन्तु अंग्रेज़ी काल में इन उद्योगों का पतन हो गया।
  • लघु-उद्योगों के पतन के कारण – (1) देशी रियासतों की समाप्ति (2) मशीनी माल का साफ़-सुथरा तथा सस्ता होना (3) नई श्रेणी के लोगों को मशीनी माल पसन्द होना, लघु उद्योगों में तैयार माल का महंगा होना, भारत से कच्चा माल इंग्लैंड में भेजा जाना आदि।
  • आधुनिक उद्योगों की स्थापना – अंग्रेज़ी काल में स्थापित नए (आधुनिक) उद्योग थे-सूती कपड़ा, पटसन, कोयला, चाय, कॉफ़ी, लौह-इस्पात, दियासलाई आदि।
  • फैक्टरी एक्ट्स – नये उद्योगों में मजदूरों का शोषण होने लगा। उनकी दशा सुधारने के लिए सरकार ने
    फैक्टरी एक्ट्स पास किये।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

Punjab State Board PSEB 9th Class Social Science Book Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Social Science Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

SST Guide for Class 9 PSEB पंजाब : जलतन्त्र Textbook Questions and Answers

(क) नक्शा कार्य (Map Work):

प्रश्न 1.
पंजाब के रेखाचित्र में दिखाएं :
(i) रावी, ब्यास, सतलुज तथा घग्गर
(ii) कोई चार नहरें
(iii) कोई चार चो।
उत्तर-
यह प्रश्न विद्यार्थी MBD Map Master की सहायता से स्वयं करें।

प्रश्न 2.
नदियों का प्रदूषण कैसे रोका जाए, इस विषय पर कक्षा में अध्यापक से चर्चा करें।
उत्तर-
यह प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 3.
अपने समीप नदी या नहर में हो रहे प्रदूषण के लिए अध्यापक व अधिकारियों को सूचना दें।
उत्तर-
यह प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3a भारत : जलप्रवाह

(ख) निम्न वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर दें:

प्रश्न 1.
कौन-सी नदी का उद्गम स्थान मान सरोवर के पास रक्षताल झील है ?
(i) घग्गर
(ii) ब्यास
(iii) सतलुज
(iv) ब्रह्मपुत्र।
उत्तर-
(iii) सतलुज।

प्रश्न 2.
पंजाब में कितनी नदियां हैं-
(i) तीन
(ii) चार
(iii) पाँच
(iv) आठ।
उत्तर-(i) तीन।

प्रश्न 3.
रणजीत सागर अथवा थीन डैम का निर्माण कौन-सी नदी पर हुआ है ?
(i) ब्यास
(ii) रावी
(iii) सतलुज
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(ii) रावी।

प्रश्न 4.
भंगी और बाशा चोअ कौन-से जिले में पड़ते हैं ?
(i) फिरोज़पुर
(ii) गुरदासपुर
(iii) होशियारपुर
(iv) कोई भी नहीं।
उत्तर-
(iii) होशियारपुर।

प्रश्न 5.
कौन-सा कथन गलत है और कौन-सा सही है
(i) रावी, ब्यास व सतलुज बारामारसी नदियां हैं।
(ii) काली बेई व पावर्ती, ब्यास की सहायक नदियां हैं।
(iii) प्राकृतिक जल का शुद्धतम रूप वर्षा का जल है। .
(iv) पंजाब में 10 हैडवर्क्स तथा 20,786 किलोमीटर नहरें हैं।
उत्तर-

  1. सही,
  2. सही,
  3. सही,
  4. गलत।

प्रश्न 6.
बिस्त दोआब में बिस्त से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ब्यास तथा सतलुज दरियाओं के पहले शब्दों ‘बि’ तथा ‘सत’ को मिला. कर बिस्त शब्द बना है।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 7.
हरीके झील से राजस्थान को पानी ले जाने वाली दो नहरें कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
राजस्थान फीडर नहर जिसे इंदिरा गांधी कमांड नहर भी कहा जाता है।

प्रश्न 8.
पंजाब की कौन-सी नहर हरियाणा को जल प्रदान करती है ?
उत्तर-
घग्गर नदी।

प्रश्न 9.
अपर बारी दोआब नहर का स्त्रोत क्या है ?
उत्तर-
माधोपुर हैडवर्कस।

प्रश्न 10.
पौंग डैम का निर्माण कौन-सी नदी पर किया गया है ?
उत्तर-
ब्यास दरिया।

(ग) प्रश्नों के संक्षेप उत्तर दें:

प्रश्न 1.
ब्यास व रावी की सहायक नदियों की सारणी बनाएं।
उत्तर-
व्यास-ब्यास की सहायक नदियां हैं-सुकन्तरी, पार्वती, सोहां, उहल तथा काली बेईं।
रावी-ऊज, सक्की किरन नाला रावी की प्रमुख नदियां हैं।

प्रश्न 2.
चोअ क्या होते हैं ? किन्हीं चार के नाम लिखें।
उत्तर-
चोअ छोटी मौसमी नदियां होती हैं जो वर्षा की ऋतु में पानी से पूर्णतया भर जाती हैं। बहुत सी चौएं कटारधार तथा सोलहासिंगी पहाड़ियों से शुरू होती हैं। पंजाब के कण्डी क्षेत्र में बहुत सी मौसमी चौएं हैं। बाणा चोअ, टोसां चोअ, बलाचौर चोअ, गढ़शंकर चोअ, नरियाला चोअ, मैली चोअ इत्यादि कुछ प्रमुख चौ हैं।

प्रश्न 3.
पंजाब के नदी, नहरों के प्रदूषण से अवगत करवायें।
उत्तर-
जब पानी में अनावश्यक वस्तुएं मिला दी जाती हैं जिस से पानी प्रयोग करने लायक नहीं रहता, इसे जल प्रदूषण कहते हैं। इसमें कोई शंका नहीं है कि पंजाब की सभी नदियों तथा नहरों में काफ़ी अधिक जल प्रदूषण है। भारत सरकार के कई विभागों तथा मन्त्रालयों का भी मानना है कि पंजाब की नहरों में काफ़ी अधिक जल प्रदूषण है तथा इनमें खतरनाक ज़हर भर रहा है। यह ज़हर पानी की सहायता से हमारी भोजन प्रणाली में पहुँच रहा है तथा लोग इससे खतरनाक बिमारियों का शिकार हो रहे हैं। उदाहरण के लिए बुड्ढा नाला पूर्णतया तेजाबी हो चुका है। हमें सभी नदियों को बचाने की आवश्यकता है ताकि हम पानी के साथ-साथ अपने जीवन को बचा कर रख सकें।

(घ) निम्न प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दें

प्रश्न 1.
सतलुज नदी, उस पर बनाये डैमों तथा उसकी सहायक नदियों की जानकारी दें।
उत्तर-
सतलुज नदी तिब्बत में 4630 मीटर की ऊँचाई पर स्थित मानसरोवर झील से रक्षताल नामक स्थान से शुरू होता है। जब यह हिमालय पर्वत को पार कर रहा होता है तो गहरी खाइयां बनाता है। सतलुज मैदानों में भाखड़ा में दाखिल होता है तथा यहां ही भाखड़ा डैम बनाया गया है। नंगल से सतलुज दरिया दक्षिण दिशा की तरफ बढ़ता है तथा जब यह रोपड़ पहुँचता है तो इसमें सुआं, सरसा नदियां, मौसमी चोअ मिल जाते हैं। फिरोजपुर जिले में यह हरीके पत्तण से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुलेमानकी नामक स्थान से पाकिस्तान में चला जाता है। सतलुज दरिया पर भाखड़ा बाँध के साथ-साथ कोटला बाँध, नाथपा झाखड़ी तथा नंगल बाँध भी बनाए गए हैं। सुआं, ब्यास तथा चिट्टी बेईं सतलुज की सहायक नदियां हैं। मक्खु में गिद्दड़ पिण्डी तथा चिट्टी बेईं सतलुज में मिल जाती है। सतलुज दरिया पर कई बाँधों के साथ-साथ रोपड़ तथा हरीके हैडवर्क्स भी बनाए गए हैं।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 2.
पंजाब के नहर प्रबन्ध के विषय में लिखें। इससे कृषि को क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
पंजाब की अधिकतर जनता कृषि या इससे संबंधित कार्यों में लगी हुई है तथा पंजाब में ही 1960 के दशक में हरित क्रान्ति की शुरूआत हुई। हरित क्रान्ति में सिंचाई की बहुत बड़ी भूमिका थी क्योंकि किसान फसलों की सिंचाई के लिए केवल वर्षा पर निर्भर नहीं रह सकता। इस कारण पंजाब ने समय-समय पर अपनी नहरी व्यवस्था को काफी विकसित किया। पंजाब में 14500 किलोमीटर लंबी नहरें तथा 5 हैडवर्क्स हैं। यहां 10 नहरें भी हैं जिनके नाम हैंसरहिन्द नहर, अपर बारी दोआब नहर, बिस्त दोआब नहर, भाखड़ा मेन लाइन नहर, फिरोज़पुर/सरहिन्द फीडर प्रबन्ध, कश्मीर नहर, मक्खु, नहर, शाह नहर, राजस्थान फीडर तथा बीकानेर नहर। इन 10 नहरों में से 8 नहरों का वर्णन इस प्रकार है-

नहर उत्पात का स्थान लंबाई
1. भाखड़ा मेन लाइन नंगल बैराज 161.36 कि०मी०
2. राजस्थान फीडर हरीके हैडवर्क्स 149.53 कि०मी०
3. सरहिन्द फीडर II हरीके हैडवर्क्स 136.53 कि०मी०
4. सरहिन्द रोपड़ हैडवर्क्स 59.44 कि०मी०
5. बिस्त दोआब रोपड़ हैडवर्क्स 43.00 कि०मी०
6. अपर बारी दोआब माधोपुर हैडवर्क्स 42.35 कि०मी०
7. पूर्वी नहर हुसैनीवाला हैडवर्क्स 8.02 कि०मी०
8. शाह नहर मुकेरियां हाईडल चैनल 2.23 कि०मी०

कृषि को लाभ-इस नहरी व्यवस्था से पंजाब की कृषि को काफी लाभ हुआ जिसका वर्णन इस प्रकार है-

  1. इन नहरों से पंजाब की कृषि को सारा साल पानी मिलता रहता है।
  2. सिंचाई के साधन बढ़ने से किसान साल में दो या अधिक फसलें उगाने में सफल हो गए हैं।
  3. अधिक फसलें उगाने से किसानों को काफ़ी फायदा हुआ है तथा उनकी आय भी बढ़ गई है।
  4. दरियाओं तथा नहरों पर डैम बना कर पानी को रोका गया ताकि वर्षा न होने की स्थिति में किसानों तक पानी पहुँचाया जा सके।
  5. डैमों से बिजली तैयार की गई जिससे उद्योगों तथा घरों को 24 घण्टे बिजली प्राप्त हुई।

प्रश्न 3.
पंजाब के चोअ और रौअ कौन-कौन से हैं ? विस्तत नोट लिखें।
उत्तर-
चौएं छोटी छोटी वर्षा पर आधारित तथा मौसमी नदियां होती हैं जो वर्षा के मौसम में पानी से भर जाती हैं। पंजाब में एक कण्डी क्षेत्र है जहां बहुत-सी चौएं मौजूद हैं। इनमें से कई चौओं का जन्म कटारधार तथा सेलासिंगी की पहाड़ियों में होता है। जब वर्षा आती है तो इन चौओं में पानी भर जाता है। पंजाब सरकार ने इनमें से कई चौओं को बंद करने में सफलता प्राप्त कर ली है तथा इनमें आने वाले वर्षा के पानी को कृषि अथवा अन्य कार्यों के लिए प्रयोग किया जा रहा है।

होशियारपुर जिले के दक्षिण पश्चिम में 93 चौएं मौजूद हैं जिनमें से बहुत से काली बेईं तथा चिट्टी बेईं में जाकर मिल जाते हैं। होशियारपुर में बहुत से चौएं हैं जिनमें कुछ काफी प्रमुख हैं जैसे कि टोसां चौ, बणा चौ, गढ़शंकर चौ, बलाचौर चौ, मैली चौ, नरियाला चौ, नंगल शहीदां चौ, गोंदपुर चौ, दसूहा चौ इत्यादि। इन पर नियन्त्रण रखने के लिए पंजाब सरकार ने कण्डी क्षेत्र विकास (Kandi Area Development) को भी शुरू किया है। पंजाब में कुछ बरसाती नाले भी हैं जैसे कि पटियाला की राव, जैंतिया देवी की रौ, बुड्ढ़ा नाला इत्यादि।

PSEB 9th Class Social Science Guide पंजाब : जलतन्त्र Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1.
पंजाब कौन-से दो शब्दों से मिलकर बना है ?
(क) पंज + आब
(ख) पंजा + आहब
(ग) पंज + अहाब
(घ) पं + जाहब।
उत्तर-
(क) पंज + आब

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 2.
अब पंजाब में कितने दरिया हैं ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच।
उत्तर-
(ख) तीन

प्रश्न 3.
इनमें से कौन-सा मौसमी दरिया है ?
(क) घग्गर
(ख) सकी किरन
(ग) काली बेई
(घ) उपर्युक्त सभी।
उत्तर-
(घ) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 4.
इनमें से कौन-सा बारहमासी दरिया है ?
(क) रावी
(ख) ब्यास
(ग) सतलुज
(घ) उपर्युक्त सभी।
उत्तर-
(घ) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 5.
रणजीत सागर डैम किस दरिया पर बना है ?
(क) रावी
(ख) सतलुज
(ग) ब्यास
(घ) चिनाब।
उत्तर-
(क) रावी

प्रश्न 6.
पौंग डैम किस दरिया पर बना है ?
(क) रावी
(ख) सतलुज
(ग) ब्यास
(घ) जेहलम।
उत्तर-
(ग) ब्यास

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 7.
होशियारपुर में कितने चौएं हैं ?
(क) 70
(ख) 93
(ग) 84
(घ) 54.
उत्तर-
(ख) 93

रिक्त स्थान की पूर्ति करें (Fill in the Blanks)

1. सन् …………. में भारत तथा पाकिस्तान के विभाजन का सबसे बड़ा नुकसान …….. को हुआ।
2. रावी, ब्यास तथा सतलुज ……….. दरिया हैं।
3. रणजीत सागर डैम का कार्य ………… में पूर्ण हुआ था।
4. सुकन्तरी ………. की प्रमुख सहायक नदी है।
5. ………… किसी समय सरस्वती नदी का हिस्सा थी।

उत्तर-

  1. 1947, पंजाब,
  2. बारहमासी,
  3. 2001,
  4. ब्यास,
  5. घग्गर

सही/ग़लत (True/False)

1. जेहलम, चिनाब तथा सिन्धु पाकिस्तान वाले पंजाब में रह गए।
2. रावी ककझ मंझ नाम के स्थान पर पाकिस्तान में प्रवेश करता है।
3. रणजीत सागर डैम से 1600 वाट बिजली उत्पन्न होती है।
4. ब्यास दरिया पर पौंग डैम बनाया गया है।
5. रावी दरिया से राजस्थान फीडर नहर निकाली गई है।

उत्तर-

अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न।।

प्रश्न 1.
पंजाब शब्द का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
पंजाब शब्द दो शब्दों ‘पंज-आब’ से मिलकर बना है जिसका अर्थ है पाँच दरियाओं की धरती।

प्रश्न 2.
1947 के पश्चात् कौन-से दरिया पंजाब में रह गए।
उत्तर-
सतलुज, रावी तथा ब्यास।

प्रश्न 3.
1947 के पश्चात् कौन-से दरिया पाकिस्तान वाले पंजाब में चले गए ?
उत्तर-
जेहलम, चिनाब तथा सिन्धु।

प्रश्न 4.
बारहमासी दरिया कौन-से होते हैं ?
उत्तर-
वह दरिया जिनमें सम्पूर्ण वर्ष पानी रहता है उन्हें बारहमासी दरिया कहते हैं।

प्रश्न 5.
बारहमासी दरियाओं में सम्पूर्ण वर्ष पानी कहां से आता है ?
उत्तर-
बारहमासी दरियाओं में पहाड़ों से पिघली बर्फ का पानी सम्पूर्ण वर्ष आता रहता है।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 6.
पंजाब के कुछ मौसमी दरियाओं के नाम लिखो।
उत्तर-
घग्गर, काली बेईं, चिट्टी बेईं, ऊज, चक्की खड्ड, स्वात इत्यादि।

प्रश्न 7.
किन्हीं दो अवशेषी दरियाओं के नाम लिखें।
उत्तर-
बुड्डा नाला तथा सक्की किरन नाला।

प्रश्न 8.
रावी दरिया का जन्म कहां पर होता है ?
उत्तर-
रावी दरिया कुल्लू की पहाड़ियों में स्थित रोहतांग दर्रे के उत्तर में 4116 मीटर की ऊंचाई से शुरू होता है।

प्रश्न 9.
रावी दरिया पर कौन-सा डैम बनाया गया है तथा इसमें से कौन-सी नहर निकाली गई है ?
उत्तर-
रावी दरिया पर रणजीत सागर डैम बनाया गया है तथा इससे अपर बारी दोआब नहर निकाली गई है।

प्रश्न 10.
रावी दरिया पर कौन-से हैडवर्क्स बनाए गए हैं ?
उत्तर-
शाहपुर कण्डी के नज़दीक धाना या बसन्तपुर, कटारधार, माधोपुर हैडवर्क्स तथा माधोपुर ब्यास लिंक पर कठुआ फीडर।

प्रश्न 11.
रणजीत सागर डैम के बारे में बताएं।
उत्तर-
यह रावी दरिया पर बनाया गया डैम है जिससे 600 मेगावाट बिजली पैदा होती है। यह 1981 में शुरू हुआ था तथा मार्च 2011 में इसका कार्य पूर्ण हुआ था।

प्रश्न 12.
ब्यास दरिया कहां से निकलता है ?
उत्तर-
ब्यास दरिया ब्यास कुण्ड से निकलता है जो हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के पास 4060 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

प्रश्न 13.
व्यास दरिया पर कौन-से डैम बनाए गए हैं ?
उत्तर-
हिमाचल प्रदेश में पंडोह तथा पंजाब में पौंग डैम।

प्रश्न 14.
ब्यास से कौन सी नहर निकाली गई है ?
उत्तर-
ब्यास से राजस्थान फीडर नहर निकाली गई है जिसे इंदिरा गांधी कमांड नहर का नाम भी दिया गया है।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

प्रश्न 15.
ब्यास की सहायक नदियों के नाम लिखें।
उत्तर–
पार्वती, सुकन्तरी, सौहां, उम्मन तथा काली बेईं।

प्रश्न 16.
सतलुज दरिया कहां पर शुरू होता है ?
उत्तर-
सतलुज दरिया तिब्बत में मानसरोवर झील के नज़दीक स्थित रक्षताल से शुरू होता है।

प्रश्न 17.
सतलुज दरिया कहां पर पाकिस्तान में प्रवेश करता है ?
उत्तर-
सतलुज दरिया फिरोज़पुर में सुलेमान की नामक स्थान से पाकिस्तान में प्रवेश करता है।

प्रश्न 18.
सतलुज दरिया पर कौन-से डैम बनाए गए हैं ?
उत्तर-
नाथपा झाखड़ी, नंगल डैम, कौटला डैम।

प्रश्न 19.
घग्गर किस प्रकार की नदी है ?
उत्तर-
घग्गर दक्षिणी पंजाब में बहने वाली एक मौसमी नदी है ।

प्रश्न 20.
घग्गर कहां से निकलती है ?
उत्तर-
घग्गर नदी सिरमौर की पहाड़ियों से निकलती है।

प्रश्न 21.
पंजाब के किस क्षेत्र में बहुत से चोअ मिलते हैं ?
उत्तर-
कण्डी क्षेत्र में।

प्रश्न 22.
चोअ क्या होता है ?
उत्तर-
चोअ एक छोटी सी नदी होती है जो वर्षा के मौसम में पानी से भर जाती है।

प्रश्न 23.
पंजाब के किस जिले में बहुत से चोअ हैं ?
उत्तर-
होशियारपुर जिले में।

प्रश्न 24.
पंजाब की नहरों की लंबाई बताएं।
उत्तर-
पंजाब की नहरों की लंबाई 14500 किलोमीटर है।

प्रश्न 25.
पंजाब की सबसे लंबी नहर कौन-सी है ?
उत्तर-
भाखड़ा मेन लाइन जिसकी लंबाई 161.36 किलोमीटर है।

प्रश्न 26.
कौन-सा दरिया किसी समय सरस्वती नदी का सहायक होता था ?
उत्तर-
घग्गर दरिया किसी समय सरस्वती नदी का सहायक होता था।

PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब : जलतन्त्र

लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पंजाब के जलतन्त्र के बारे में बताएं।
उत्तर-
पंजाब दो शब्द ‘पंज’ तथा ‘आब’ से मिलकर बना है जिसका अर्थ है पाँच दरियाओं की धरती। पंजाब में 1947 से पहले कई दरिया होते थे परन्तु देशों के विभाजन के कारण जेहलम, चिनाब, सिन्धु तथा बहुत सी नदियां पाकिस्तान में चली गईं। अब पंजाब में केवल तीन दरिया रावी, ब्यास तथा सतलुज ही हैं। यह तीनों दरिया बारहमासी हैं जिनमें पहाड़ों की बर्फ पिघलने के कारण सारा साल पानी रहता है। यहां बहुत से मौसमी दरिया भी हैं जैसे कि घग्गर, ऊज, काली बेईं, चिट्टी बेईं, स्वान, नूरपुर बेदी चोअ इत्यादि। यहां अवशेषी दरिया, जैसे कि बुड्ढा नाला तथा सक्की किरन नाला भी मिलते हैं।
PSEB 9th Class SST Solutions Geography Chapter 3b पंजाब जलतन्त्र 1

प्रश्न 2.
रावी की सहायक नदियों के बारे में बताएं।
उत्तर-
जब रावी दरिया माधोपुर पहुँचता है तो इसमें कई सहायक नदियां आकर मिल जाती हैं। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण ऊज नदी है। इसके साथ ही सक्की किरन नाला रावी के साथ-साथ चलता है तथा भारत और पाकिस्तान की सरहद पर इसमें मिल जाता है। रावी दरिया पर चार हैडवर्क्स भी बनाए गए हैं जिनके नाम हैं माधोपुर ब्यास लिंक पर कठुआ फीडर, शाहपुर कण्डी के नज़दीक धाना या बसन्तपुर, माधोपुर हैडवर्क्स तथा कटारधार।

प्रश्न 3.
ब्यास दरिया की सहायक नदियों के बारे में बताएं।
उत्तर-
सुकन्तरी-उग्मन, पारबती, काली बेईं तथा सौहां ब्यास की कुछ सहायक नदियां हैं। तलवाड़ा पहुँच कर सौहां ब्यास में मिल जाती हैं। हरीके के नज़दीक काली बेईं होशियारपुर तथा कपूरथला से होते हुए ब्यास में मिल जाती है। ब्यास दरिया पर पौंग डैम तथा पंडोह डैम को भी बनाया गया है।

प्रश्न 4.
घग्गर पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
पंजाब में काफी पहले सरस्वती नदी बहती थी तथा घग्गर भी उसका ही हिस्सा थी। परन्तु अब घग्गर एक मौसमी नदी है जो दक्षिण पंजाब में बहती है। यह सिरमौर की पहाड़ियों से निकलती है। मुबारकपुर नाम के स्थान पर यह मैदानी इलाकों में आ जाती है। इसके पश्चात् यह पटियाला, घनौर तथा हरियाणा के इलाकों को पार करती हैं। इसके पश्चात् यह राजस्थान के रेगिस्तान में जाकर खत्म हो जाती है।

दीर्घ उत्तर वाला प्रश्न

प्रश्न-रावी दरिया पर एक नोट लिखें।
उत्तर-रावी पंजाब का एक बारहमासी दरिया है जिसमें सारा साल पानी रहता है क्योंकि पहाड़ों की बर्फ पिघलने के कारण इसमें लगातार पानी आता रहता है। रावी दरिया कुल्लू की पहाड़ियों में रोहतांग दर्रे के उत्तर से शुरू होता है जिसकी ऊंचाई 4116 मीटर है। रावी दरिया अपने आरंभिक स्थान (Place of Origin) से लगातार बहते हुए धौलाधार तथा पीर पंजाल की पहाड़ियों को पार करता है तथा वहां बनी हुई गतॊ (Depressions) से बहते हुए चम्बा तथा डलहौजी को पार करता है। पठानकोट में माधोपुर नाम के स्थान पर यह मैदानों में प्रवेश कर जाता है। रावी के ऊपर रणजीत सागर डैम तथा थीन डैम बनाए गए हैं तथा इनके लिए माधोपुर हैडवर्क्स बनाया गया है। यहां से अपर बारी दोआब नहर भी निकाली गई है। इसके पश्चात् रावी दरिया पठानकोट, गुरदासपुर तथा अमृतसर जिलों में से निकलता है। यह भारत व पाकिस्तान की सरहद निश्चित करता है। कलझ मंझ नाम के स्थान पर यह पाकिस्तान में चला जाता है। पाकिस्तान में यह सिधानी नाम के स्थान पर चिनाब में मिल जाता है। ऊज नदी तथा सक्की किरन वाला रावी की प्रमुख सहायक नदियां हैं।

पंजाब : जलतन्त्र PSEB 9th Class Geography Notes

  • पंजाब-पंजाब को पाँच दरियाओं की धरती कहा जाता है। समय के साथ-साथ पंजाब का कई बार विभाजन हुआ तथा अब इसमें केवल तीन दरिया रावी, ब्यास तथा सतलुज ही रह गए हैं। यह तीनों दरिया सम्पूर्ण वर्ष पानी से भरे रहते हैं।
  • पंजाब का जलतन्त्र-पंजाब में तीन प्रकार के दरिया हैं-बारहमासी दरिया, मौसमी दरिया तथा अवशेषी दरिया।
  • रावी दरिया-रावी दरिया रोहतांग दर्रे के उत्तर की तरफ 4116 मीटर की ऊंचाई पर शुरू होता है। इसके ऊपर रणजीत सागर डैम तथा थीन डैम के लिए माधोपुर हैड वर्कस को बनाया गया है। इसकी कई सहायक नदियां भी हैं जिनमें ऊज नदी सबसे महत्त्वपूर्ण है।
  • ब्यास नदी-ब्यास दरिया हिमाचल प्रदेश के नज़दीक 4060 मीटर की ऊंचाई पर ब्यास कुण्ड से शुरू होता है। यह पंजाब में 160 किलोमीटर का फासला तय करके सतलुज में मिल जाता है। इससे ही राजस्थान फीडर नहर निकाली गई है जो राजस्थान के एक बड़े हिस्से की पानी की आवश्यकताएं पूर्ण करती है।
  • सतलुज-सतलुज मानसरोवर झील के नज़दीक रक्षताल से निकलता है। इस पर भाखड़ा डैम बनाया गया है। यह फिरोजपुर जिले में से पाकिस्तान में चला जाता है।
  • घग्गर-घग्गर एक मौसमी नदी है जो सिरमौर की पहाड़ियों में से निकल कर पटियाला, घनौर तथा हरियाणा में से होते हुए राजस्थान के रेगिस्तान में खत्म हो जाती है।
  • पंजाब की नहरी व्यवस्था-पंजाब में काफी विकसित नहरी व्यवस्था है जिसमें 5 हैडवर्क्स तथा 14500 किलोमीटर लंबी नहरें हैं।3

PSEB 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य

Punjab State Board PSEB 9th Class Physical Education Book Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 9 Physical Education Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य

PSEB 9th Class Physical Education Guide शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य Textbook Questions and Answers

बहुत छोटे उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य क्या है ?
उत्तर-
शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के लिए ऐसा वातावरण प्रदान करना है जो उसके शरीर, दिमाग तथा समाज के लिए लाभदायक हो।

प्रश्न 2.
शारीरिक शिक्षा क्या है ?
उत्तर-
शारीरिक शिक्षा बच्चे के सम्पूर्ण व्यक्तित्व के विकास के लिए शारीरिक कार्यक्रम द्वारा, शरीर, मन तथा आत्मा को पूर्णता की ओर ले जाती है।

प्रश्न 3.
शारीरिक शिक्षा के कोई दो उद्देश्यों के नाम लिखो।
उत्तर-
(1) शारीरिक विकास (2) मानसिक विकास।

PSEB 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य

प्रश्न 4.
व्यक्ति और समाज के विकास में शारीरिक शिक्षा के कोई दो योगदानों के नाम लिखें।
उत्तर-
(1) खाली समय का उचित प्रयोग, (2) जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक, 3. सामाजिक भावना।

प्रश्न 5.
खेल के मैदान में आप कौन-कौन से शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य ग्रहण करते हो ? किसी दो के नाम लिखें।
उत्तर-
(1) सहनशीलता, (2) अनुशासन, (3) चरित्र विकास ।

प्रश्न 6.
खेलें व्यक्ति में कैसे गुण विकसित करती हैं ?
उत्तर-
नेतृत्व के गुण।

बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा का क्या लक्ष्य है ?
(What is the aim of Physical Education ?)
उत्तर-
शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य (Aim of Physical Education)-शारीरिक शिक्षा साधारण शिक्षा की भान्ति उच्च मंजिल पर पहुंचने के लिए शिक्षा प्रदान करती है।
सुप्रसिद्ध शारीरिक शिक्षा शास्त्री जे० एफ० विलिअम्ज (J.F. Williams) का कहना है .. कि यदि हमें शारीरिक शिक्षा की मंजिल प्राप्त करनी है तो यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य एक कुशल तथा योग्य नेतृत्व देना तथा ऐसी सुविधाएं प्रदान करना है जो किसी एक व्यक्ति या समुदाय को कार्य करने का अवसर दें तथा ये सभी क्रियाएं शारीरिक रूप से सम्पूर्ण, मानसिक रूप से उत्तेजक तथा सन्तोषजनक तथा सामाजिक रूप से निपुण हों। इसके अनुसार व्यक्ति के लिए केवल उन्हीं क्रियाओं का चयन करना चाहिए जो शारीरिक रूप से लाभदायक हों।

प्रत्येक व्यक्ति केवल वे क्रियाएँ करे जो शरीर को तेज़ करने वाली हों तथा उसकी चिन्तन शक्ति बढ़ाने वाली हों। खेलों में कुछ उलझनें तथा प्रतिबन्ध इस प्रकार लगाये जाते हैं कि व्यक्ति का दिमाग ताज़ा रहे और उसे मानसिक सन्तोष मिले। इन क्रियाओं को समाज का समर्थन भी प्राप्त होना चाहिए। इसके अतिरिक्त समाज के अन्य सदस्य भी इन्हें आदर की दृष्टि से देखें। . संक्षेप में, समूचे तौर पर शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति के लिए ऐसा वातावरण प्रदान करना है जो उसके शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक पक्ष के लिए उपयोगी हो। इस प्रकार व्यक्ति का सर्वपक्षीय विकास (All-round Development) ही शारीरिक शिक्षा का एकमात्र लक्ष्य है।

प्रश्न 2.
खाली समय का उचित प्रयोग किस प्रकार किया जा सकता है ? संक्षेप में लिखो।
(How can Leisure time be usefully spent ? Describe in brief.)
उत्तर-
किसी ने ठीक ही कहा है कि “खाली मन शैतान का घर होता है।” (“An idle brain is a devil’s workshop.”) यह प्रायः देखा भी जाता है कि बेकार आदमी को शरारतें ही सूझती हैं। कई बार तो वह ऐसे गलत काम करने लगता है जो सामाजिक तथा नैतिक दृष्टि से उचित नहीं ठहराये जा सकते। इसका कारण यह है कि उसके पास फालतू समय तो है परन्तु उसके पास इसे व्यतीत करने का ढंग नहीं है। फालतू समय का उचित प्रयोग न होने के कारण उसका दिमाग कुरीतियों में फंस जाता है और कई बार अनेक उलझनों में उलझ कर रह जाता है जिनसे बाहर निकलना उसके वश से बाहर होता है।

यदि व्यक्ति इस फालतू समय का सदुपयोग जानता हो तो वह जीवन में उच्च शिखरों को छू सकता है। संसार के अनेक आविष्कार उन व्यक्तियों ने किये जो फालतू समय को कुशल ढंग से व्यतीत करने की कला से परिचित थे। इस प्रकार संसार के अनेक आविष्कार फालतू समय की ही देन हैं।।

यदि बच्चों के फालतू समय व्यतीत करने के लिए कोई उचित प्रबन्ध न हो तो वे बुरी आदतों का शिकार हो जाएंगे। इस प्रकार वे समाज पर बोझ बनने के साथ-साथ इसके लिए कलंक भी बन जाएंगे। इसलिए उनके फालतू समय के उचित प्रयोग की अच्छी व्यवस्था करनी चाहिए। स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों या नगरपालिकाओं या सरकार को अच्छे खेल के मैदानों तथा खेलों के सामान का पूरा प्रबन्ध करना चाहिए ताकि बच्चे खेलों में भाग लेकर अपने खाली समय का उचित प्रयोग कर सकें। इस प्रकार हम देखते हैं कि फालतू समय के प्रभावशाली उपयोग का सर्वोत्तम साधन खेलें हैं।

PSEB 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य

प्रश्न 3.
‘खेलें अच्छे नेता बनाती हैं।’ कैसे ?
(Games make good Leader. How ?)
अथवा
खेलें एक अच्छे नेता के गुण कैसे पैदा करती हैं?
(How sports produce the qualities of a good Leader ?)
उत्तर-
खेलें व्यक्ति में अच्छे नेतृत्व के गुण विकसित करती हैं। शारीरिक शिक्षा का क्षेत्र अत्यधिक विशाल है। खेलों में एक खिलाड़ी को अनेक ऐसे अवसर मिलते हैं जब उसे टीम के कप्तान, सैक्रेटरी, रैफरी या अम्पायर की भूमिका निभानी पड़ती है। इन परिस्थितियों में वह अपनी योग्यता के अनुसार आचरण करता है। एक कप्तान के रूप में वह अपनी टीम के खिलाड़ियों को समय-समय पर निर्देश देकर उन्हें उचित ढंग से तथा पूर्ण विश्वास के साथ खेलने की प्रेरणा देता है। एक रैफरी या अम्पायर के रूप में वह निष्पक्ष रूप से उचित निर्णय देता है। सैक्रेटरी के रूप में वह टीम का ठीक ढंग से गठन एवं संचालन करता है। इस प्रकार उसमें एक सफल और अच्छे नेता के गुण विकसित हो जाते हैं।

एक नेता में अच्छे चारित्रिक गुणों का होना आवश्यक है। उसमें आज्ञा-पालन, समय की पाबन्दी, सभी के साथ समान व्यवहार, प्रेम, सहानुभूति, सहनशीलता आदि गुण प्रचुर मात्रा में होने चाहिएं। ये सभी गुण वह खेल के मैदान से ग्रहण कर सकता है। एक नेता को अपने आस-पास के लोगों के साथ सद्भावना से रहना चाहिए। खेलें उसमें यह गुण विकसित करती हैं। जब एक खिलाड़ी अन्य स्थानों के खिलाड़ियों के साथ मिल-जुल कर खेलता है, वह उनके स्वभाव तथा सभ्यता के साथ भली-भान्ति परिचित हो जाता है। उसमें उनके प्रति सद्भावना उत्पन्न हो जाती है। यह सद्भावना ही एक नेता का महत्त्वपूर्ण गुण है।

नेता को चुस्त और फुर्तीला होना चाहिए। खेलों में भाग लेने से व्यक्ति में चुस्ती और स्फूर्ति आती है। इस प्रकार खेलें अच्छे नेताओं के निर्माण में विशेष योगदान देती हैं।

बड़े स्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
शारीरिक शिक्षा के मुख्य उद्देश्य कौन-कौन से हैं ?
(Describe the main objectives of Physical Education.)
उत्तर-
शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य (Objectives of Physical Education)किसी भी कार्य को आरम्भ करने से पहले उसके उद्देश्य निर्धारित कर लेना आवश्यक है। बिना उद्देश्य के किया गया काम छाछ को मथने के समान है। उद्देश्य निश्चित कर लेने से
हमारे यत्नों को प्रोत्साहन मिलता है और उस काम को करने में लगाई गई शक्ति व्यर्थ नहीं जाती है। आज तो शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य की जानकारी प्राप्त करना और भी ज़रूरी हो गया है क्योंकि अब तो स्कूलों में एक विषय (Subject) के रूप में इसका अध्ययन किया जाता है।

साधारणतया शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-

  • शारीरिक वृद्धि एवं विकास (Physical Growth and Development)
  • मानसिक विकास (Mental Development) (3) सामाजिक विकास (Social Development)
  • चरित्र निर्माण या नैतिक विकास (Formation of Character or Moral Development)
  • नाड़ियों और मांसपेशियों में समन्वय (Neuro-muscular Co-ordination )
  • बीमारियों से बचाव (Prevention of Diseases)

1. शारीरिक वृद्धि एवं विकास (Physical Growth and Development)अच्छा, सफल तथा सुखद जीवन व्यतीत करने के लिए सुदृढ़, सुडौल तथा स्वस्थ शरीर का होना परमावश्यक है। हमारे शरीर का निर्माण मज़बूत हड्डियों से हुआ है। इसमें काम करने वाले सभी अंग उचित रूप से अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। शरीर के अंगों के सुचारु रूप से कार्य करते रहने से शरीर का निरन्तर विकास होता है। इसके विपरीत इनके भलीभान्ति काम न करने से शारीरिक विकास भी रुक जाता है। इस प्रकार शारीरिक प्रफुल्लता के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए शारीरिक शिक्षा सुखद वातावरण जुटाती है।
PSEB 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य 1

2. मानसिक विकास (Mental Development)- शारीरिक विकास के साथसाथ मानसिक विकास की भी आवश्यकता है। शारीरिक शिक्षा ऐसी क्रियाएं प्रदान करती हैं जो व्यक्ति के मस्तिष्क को उत्तेजित करती हैं। उदाहरणस्वरूप, बास्केटबाल के खेल में एक टीम के खिलाड़ियों को विरोधी टीम के खिलाड़ियों से गेंद (बॉल) को बचा कर रखना होता है तथा इसके साथ-साथ अपना लक्ष्य भी देखना पड़ता है । अपनी शक्ति का अनुमान लगा कर बॉल को ऊपर लगी बास्केट में भी डालना होता है। कोई भी खिलाड़ी जो शारीरिक रूप से हृष्ट-पुष्ट है, परन्तु मानसिक रूप में विकसित नहीं है, कभी भी अच्छा खिलाड़ी नहीं बन सकता है। शारीरिक शिक्षा मानसिक विकास के लिए उचित वातावरण प्रदान करती है। इसलिए खेलों में भाग लेने वाले व्यक्ति का शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी हो जाता है।

प्रायः शारीरिक रूप से अस्वस्थ तथा मानसिक रूप से सुस्त व्यक्ति बहुत ही भावुक हो जाते हैं। वे जीवन की साधारण समस्याओं को हंसी-हंसी में सुलझा लेने के स्थान पर उनमें उलझ कर रह जाते हैं। वे अपनी खुशी, गम, पसन्द तथा नफ़रत को आवश्यकता से कहीं अधिक महत्त्व देने लगते हैं और वे अपना कीमती समय तथा शक्ति व्यर्थ ही गंवा देते हैं। इस प्रकार कोई महान् सफलता प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। शारीरिक शिक्षा इन भावनाओं पर नियन्त्रण पाने की कला सिखाती है।

3. सामाजिक विकास (Social Development) शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को अपने इर्द-गिर्द के लोगों के साथ सद्भावना से रहने की शिक्षा प्रदान करती है। जब एक व्यक्ति विभिन्न स्थानों के खिलाड़ियों के साथ मिल कर खेलता है तो सामाजिक विकास का अच्छा वातावरण पनपता रहता है। प्रत्येक खिलाड़ी अन्य खिलाड़ियों के स्वभाव, रीति-रिवाज, पहनावा, सभ्यता तथा संस्कृति से भली-भान्ति परिचित हो जाता है। कई बार दूसरों की अच्छी बातें तथा गुण ग्रहण कर लिए जाते हैं। देखने में आता है कि यूनिवर्सिटी, राज्यीय, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तरों पर खेल मुकाबलों का आयोजन किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों में प्रेम तथा आदर की भावनाएं विकसित करना होता है।

4. चरित्र-निर्माण अथवा नैतिक विकास (Character Formation or Moral Development)-खेल का मैदान चरित्र-निर्माण की पाठशाला है। इसका कारण यह है कि खेल के मैदान में ही व्यक्ति खेल के नियमों को निभाते हैं। यहीं से वे अच्छा जीवन व्यतीत करने की कला सीखते हैं तथा सुलझे हुए इन्सान बन जाते हैं। खेल खेलते समय यदि रैफरी कोई ऐसा निर्णय दे देता है जो उन्हें पसन्द नहीं तो भी वे खेल जारी रखते हैं और कोई अभद्र व्यवहार नहीं करते। खेल के मैदान में ही आज्ञा-पालन, अनुशासन, प्रेम तथा दूसरों से सहयोग आदि के गुण सीखे जाते हैं। इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति का चरित्र-निर्माण और नैतिक विकास होता है।

5. नाड़ियों और मांसपेशियों में समन्वय (Neuro-muscular Coordination)-हमारी प्रतिदिन की क्रियाओं को समुचित ढंग से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि नाड़ियों और मांसपेशियों में समन्वय पैदा हो। शारीरिक शिक्षा इनमें समन्वय पैदा करने में सहायता देती है।

6. बीमारियों से बचाव (Prevention from Diseases) शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को बीमारी से बचाना भी है। बहुत-सी बीमारियां अज्ञानता के कारण लग जाती हैं। शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों की बीमारियों के कारणों का ज्ञान देना है। वे इन कारणों से बच कर स्वयं भी बीमारियों से बच सकते हैं।

अन्त में, हम कह सकते हैं कि शारीरिक शिक्षा मनुष्य के सर्वपक्षीय विकास के लिए, नागरिकता के लिए, मानवीय भावनाओं के निर्माण तथा राष्ट्रीय एकता के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्रश्न 2.
हॉकी के खेल के मैदान में आप कौन-कौन से शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य ग्रहण करते हो ?
(What are the objectives of Physical Education that one acquires in the game of Hockey ?)
उत्तर-
हॉकी का मैदान भी एक तरह की पाठशाला है जहां से विद्यार्थी शारीरिक शिक्षा के अनेक गुण ग्रहण करता है जिनसे वह जीवन में उन्नति के उच्च शिखर को छूता है और जीवन का हर पक्ष से भरपूर आनन्द उठाता है। हॉकी के क्रीड़ा-क्षेत्र में हम शारीरिक शिक्षा के निम्नलिखित गुणों को ग्रहण करते हैं –

1. सहनशीलता (Toleration) खेल के मैदान में हम सहनशीलता का पाठ पढ़ते हैं। वैसे तो सभी खिलाड़ी चाहते हैं कि जीत उनकी टीम की ही हो। परन्तु कई बार लाख चाहने पर भी विरोधी टीम विजयी हो जाती है। ऐसी स्थिति में पराजित टीम के खिलाड़ी दिल छोड़ कर नहीं बैठ जाते बल्कि अपना मनोबल ऊंचा रखते हैं। वे हार-जीत को एक ही समान समझते हैं। इस प्रकार खेल के मैदान से विद्यार्थियों को सहनशीलता की व्यावहारिक ट्रेनिंग मिलती है।

2. अनुशासन (Discipline)-खेल के मैदान में खिलाड़ी अनुशासन में रहने की कला सीखते हैं। उन्हें पता चलता है कि अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। वे खेल में भाग लेते समय अनुशासन का पालन करते हैं। वे अपने कप्तान की आज्ञा मानते हैं तथा रैफरी के निर्णयों को सहर्ष स्वीकार करते हैं। खेल में पराजय को सामने स्पष्ट शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य देखते हुए भी वे कोई ऐसा अभद्र व्यवहार नहीं करते जिससे कोई उन्हें अनुशासनहीन – कह सके।

3. चरित्र विकास (Character Development) हॉकी के खेल में भाग लेने से विद्यार्थियों में सहयोग, प्रेम, सहनशीलता, अनुशासन आदि गुणों का विकास होता है जिनसे उनके चरित्र का विकास होता है। इस खेल में भाग लेने से उनमें सहयोग की भावना विकसित होती है। वे निजी हितों को समूचे हितों पर न्योछावर कर देते हैं।

4. व्यक्तित्व का विकास (Development of Personality) हॉकी के खेल में भाग लेने से विद्यार्थियों में कुछ ऐसे गुण विकसित हो जाते हैं, जिनसे उनके व्यक्तित्व का विकास हो जाता है। उनमें सहयोग तथा सहनशीलता आदि गुण विकसित होते हैं तथा उनका शरीर सुन्दर एवं आकर्षक बन जाता है। ये सभी अच्छे व्यक्तित्व के चिन्ह हैं।

5. अच्छे नागरिक बनाना (Creation of Good Citizens)-हॉकी के मैदान में खिलाड़ी में कर्त्तव्य-पालन, आज्ञा पालन, सहयोग, सहनशीलता आदि गुण विकसित हो जाते हैं जो उन्हें एक अच्छा नागरिक बनने में पर्याप्त सहायता पहुंचाते हैं। वे नागरिकता के सभी कर्तव्यों का भली-भान्ति पालन करते हैं। इस प्रकार हॉकी का मैदान अच्छे नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

6. सहयोग (Co-operation) हॉकी के खेल में भाग लेने वाला खिलाड़ी प्रत्येक खिलाड़ी का कहना मानता है। वह अपना विचार दूसरों पर बलात् लागू नहीं करवाता है, अपितु अपने विचार विनिमय के द्वारा खेल के मैदान में संयुक्त विचारधारा बनाता है। इस प्रकार सहयोग की भावना उत्पन्न होती है।

7. राष्ट्रीय भावना (National Spirit)-हॉकी का मैदान एक ऐसा स्थान है जहां हम बिना धर्म और वर्ग के आधार पर भाग ले सकते हैं। कोई भी खिलाड़ी खेल के मैदान में से किसी खिलाड़ी को धर्म के आधार पर टीम से बाहर नहीं निकाल सकता। इस प्रकार . खेल के मैदान में समानता और राष्ट्रीय एकता की भावना पैदा होती है।

8. आत्म-विश्वास की भावना (Self-Confidence) हॉकी के खेल के मैदान में खिलाड़ियों में आत्म-विश्वास की भावना पैदा होती है। जैसे, वह विजय-पराजय को एक समान समझता है। वही खिलाड़ी खेल के मैदान में सफल होता है जो धैर्य
और विश्वास के साथ खेले। इससे सिद्ध होता है कि हॉकी के खेल के द्वारा खिलाड़ियों में आत्म-विश्वास की भावना पैदा होती है।

9. विजय-पराजय को समान समझने की भावना (Spirit of giving equal importance to Victory of Defeat) हॉकी के खेल के द्वारा खिलाड़ियों में विजय-पराजय को एक समान समझने की भावना पैदा होती है।

हमें कभी भी विरोधी टीम का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए या विजय की प्रसन्नता में पागल नहीं होना चाहिए। पराजित टीम को सदैव प्रोत्साहन देना चाहिए। यदि उसकी पराजय होती है तो उसे निराश और उत्साहहीन नहीं होने देना चाहिए अपितु उसका हौसला बढ़ाना चाहिए।

10. त्याग की भावना (Spirit of Sacrifice)-हॉकी के खेल के मैदान में त्याग की भावना अत्यावश्यक है। जब हम खेल में भाग लेते हैं तो हम अपने स्कूल, प्रान्त, क्षेत्र और सारे राष्ट्र के लिए अपने हित का त्याग करके उसकी विजय का श्रेय राष्ट्र को देते हैं। अत: यह सिद्ध होता है कि खेलें सदैव त्याग चाहती हैं। – ड्यूक ऑफ़ विलिंग्टन ने नेपोलियन को वाटरलू (Waterloo) के युद्ध में पराजित करने के पश्चात् कहा था, “वाटरलू का युद्ध एटन और हैरो के खेल के मैदानों में जीता गया।” (“The Battle of Waterloo was won at the playing-fields of Eton and Harrow.”)
इससे यह सिद्ध होता है कि खेलें अच्छे नेता पैदा करने में सहायक होती हैं।

PSEB 9th Class Physical Education Solutions Chapter 1 शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य

शारीरिक शिक्षा-इसके गुण एवं उद्देश्य PSEB 9th Class Physical Education Notes

  • .शारीरिक शिक्षा-शारीरिक क्रियाओं से हमें जो अनुभव प्राप्त होता है, उसे शारीरिक शिक्षा कहते हैं।
  • शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य-मनुष्य का सर्वोन्मुखी विकास ही शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य है।
  • शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य-शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास ही शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य हैं।
  • खेल के मैदान में शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य-खेल के मैदान से सहनशीलता, अनुशासन और चरित्र का विकास होता है।
  • खाली समय का उचित प्रयोग-खेलों में भाग लेने से बच्चे खाली समय का उचित प्रयोग करते हैं जिससे उनमें बुरी आदतें नहीं पनपती हैं।
  • खेलों के नेतृत्व का गुण-एक नेता में अच्छे चारित्रिक गुणों का होना आवश्यक है और ये खेलें मनुष्य में नेतृत्व के गुण पैदा करती हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई (2nd Language)

बुराई नहीं, भलाई अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਬੁਰਾਈ = बुराई
  • ਜੋੜਾ = जोड़ा
  • ਬੰਦਰ = बंदर
  • ਹਿਰਣ = हिरण
  • ਭਲਾਈ = भलाई
  • ਭੋਲੂ = भोलू

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

  • ਇੱਕ = एक
  • ਵੇਲ = लता
  • ਸ਼ਰਮਿੰਦਾ = लज्जित
  • ਵਰਤਾਵ = व्यवहार
  • ਮਾਂ-ਪਿਓ = माता-पिता
  • ਸ਼ਰਾਰਤੀ = नटखट

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) म् + ह = म्ह = तुम्हारा
व् + य = व्य = व्यवहार
न् + ह = न्ह = नन्हा
च् + च = च्च = बच्चा
ल् + ल = ल्ल = चिल्ला
म् + म = म्म = हिम्मत
ज् + ज = ज्ज = लज्जित
उत्तर :
विद्यार्थी उपरोक्त शब्दों के सही और शुद्ध उच्चारण का अभ्यास करें।

बताओ

प्रश्न 1.
पेड़ पर कौन रहता था?
उत्तर :
पेड़ पर बन्दर और बंदरिया, अपने नटखट बेटे भोलू के साथ रहते थे।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

प्रश्न 2.
भोलू का स्वभाव कैसा था?
उत्तर :
भोलू बड़ा ही नटखट स्वभाव का था। वह अपनी शरारतों से हमेशा दूसरों को दु:खी करता था।

प्रश्न 3.
भोलू ने हिरण के साथ क्या शरारत की?
उत्तर :
भोलू ने हिरण को देखकर उसे अपने को पकड़ने के लिए कहा। जब हिरण तेज़ी से दौड़ कर उसे पकड़ने लगा तो वह झट से पेड़ पर चढ़ गया और हिरण दलदल में गिर गया।

प्रश्न 4.
भोलू के माता-पिता ने लाली को कैसे बचाया?
उत्तर :
भोलू के पिता ने पेड़ पर लिपटी एक मज़बूत लता को खींचा और उसे लाली की ओर फेंका। लाली ने उसे मुँह से पकड़ लिया और भोलू के पिता ने उसे खींच कर बाहर निकाल लिया। इस प्रकार उन्होंने लाली को बचा लिया।

प्रश्न 5.
हमें दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर :
हमें दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

पढ़ो और समझो

(क) पेड़ = वृक्ष
मुँह = मुख
हिरण = मृग
डर = भय
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के पर्यायवाची शब्द उनके सामने लिखे गए हैं। विद्यार्थी इन्हें कण्ठस्थ कर लें।

(ख) बंदर = बंदरिया
माता = पिता
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के विपरीत लिंगी शब्द सामने लिखे गए हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

(ग) बुराई = भलाई
बुरा व्यवहार = भला व्यवहार
अन्दर = बाहर
धीरे-धीरे = तेजी से
दुःखी= सुखी
एक = अनेक
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के विपरीतार्थक शब्द सामने दिए गए हैं। विद्यार्थी इन्हें स्मरण रखें।

इनसे नये शब्द बनाओ

च्च, ल्ल, म्म, ज्ज
उत्तर :
च्च = बच्चा, कच्चा।
ल्ल = हल्ला, बल्ला।
म्म = अम्मा, निकम्मा।
ज्ज = लज्जा, सज्जा।

रचनात्मक अभिव्यक्ति

चित्र में दिखाई गई बातों के आधार पर चित्र के नीचे भली आदत/बुरी आदत लिखें।
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई 1

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
अगर ‘बंदर’ का ‘बंदरिया’ है तो ‘माता’ का है:
(i) पिता
(ii) दादा
(iii) दादी
(iv) रानी।
उत्तर :
(i) पिता

प्रश्न 2.
अगर ‘बुराई’ ‘भलाई’ है ‘अन्दर’ का है
(i) बंदर
(ii) सुंदर
(iii) बाहर
(iv) शहर।।
(iv) रोक।
उत्तर :
(iii) बाहर

प्रश्न 3.
अगर दुखी’ का ‘सुखी है तो ‘एक’ का है
(i) अनेक
(ii) शेर
(iii) शेर
उत्तर :
(i) अनेक

प्रश्न 4.
भोलू का स्वभाव कैसा था?
(i) नटखट
(ii) खटपट
(iii) शैतानी
(iv) निडर।
उत्तर :
(i) नटखट।

बुराई नहीं, भलाई Summary in Hindi

किसी पेड़ पर बन्दर और बन्दरिया का जोड़ा रहता था। उनका एक छोटा बच्चा भी था, जिसका नाम भोलू था। वह बड़ा ही नटखट था। वह ऐसी शरारतें करता था जिससे दूसरों को परेशानी होती थी। उसकी इस आदत से सभी दुखी थे। एक बार की बात है कि भोल और उसके मातापिता आपस में बातें कर रहे थे तभी अचानक भोलू उनसे नज़रें बचाकर चला गया। उसने एक दलदल देखी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई 2

इसे देख उसके मन में शरारत सूझी। उसने देखा कि सामने से हिरण का बच्चा ‘लाली’ आ रहा है। उसने लाली को कहा, “लाली ! मुझे पकड़ो।” लाली भोलू को पकड़ने के लिए दौड़ा। भोलू दौड़ता हुआ जैसे ही दलदल के समीप पहुँचा वह झट से – पेड़ पर. चढ़ गया लेकिन उसके पीछे आ रहा लाली – संभल न पाया और दलदल में गिर गया। लाली दलदल में फँसता जा रहा था। यह देखकर भोलू भी घबरा गया और सहायता के लिए चिल्लाने लगा।

उसकी आवाज़ सुनकर उसके माँ-बाप दौड़ते हुए आए। उन्होंने जल्दी से पेड़ से लिपटी एक मज़बूत लता को खींचा और उसे लाली की ओर फेंका। लाली ने उसे पकड़ लिया और इधर इन्होंने उसे खींच कर दलदल से बाहर निकाल लिया। इस तरह लाली की जान बच गई।

भोलू अपने किए पर शर्मिंदा था। उसके पिता जी ने उसे समझाते हुए कहा कि बेटा, हमें दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे दूसरों को नुकसान हो। भोलू के मन पर इन बातों का बहुत असर हुआ और उसने शरारतें करनी करनी छोड़ दीं। अब वह बदल गया था।

शब्दार्थ

  • नटखट = शरारती
  • लता = बेल
  • दलदल = कीचड़
  • नुकसान = हानि
  • धड़ाम = ज़ोर की आवाज़
  • व्यवहार = बर्ताव
  • लजित = शर्मिदा
  • भलाई – दूसरे का हित करना
  • लपककर = सहसा तेज़ी से आगे बढ़ना

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 6 ईमानदार बालक (2nd Language)

ईमानदार बालक अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਹੱਲ = हल
  • ਕ੍ਰਿਸ਼ਣਪੁਰ = कृष्णपुर
  • ਮਿੱਤਰ = मित्र
  • ਗੁਰੁ = गुरु
  • ਸੱਚਾ = सच्चा
  • ਦੰਡ = दंड

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

  • ਘਰ = गृह
  • ਪਿੰਡ = गाँव
  • ਕੰਮ = कार्य
  • ਘਰ = योग्य
  • ਹਿਰਦਾ = हृदय
  • ਹਿੰਮਤੀ = साहसी

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) कृ + ष् = कृष् = कृष्ण
स् + ट = स्ट = मास्टर
स् + त = स्त = वास्तव
त् + र = त्र = मित्र
स् + क = स्क = मुस्कराते
ग् + य = ग्य = योग्य

(ख) च् + च = च्च = सच्चाई
ज् + ज = ज्ज = ताज्जुब

बताओ

प्रश्न 1.
गुरु जी ने किस विषय का गृह कार्य दिया था?
उत्तर :
गुरु जी ने गणित विषय का गृह-कार्य दिया था।

प्रश्न 2.
जिस बालक के सारे सवाल ठीक थे, उसका क्या नाम था?
उत्तर :
जिस बालक के सारे सवाल ठीक थे, उसका नाम गोपाल था।

प्रश्न 3.
गोपाल रोने क्यों लगा?
उत्तर :
गोपाल को लगा कि वह वास्तव में उस तारीफ़ के लायक नहीं था जो अध्यापक ने की थी, इसीलिए वह रोने लगा।

प्रश्न 4.
गोपाल ने मास्टर जी के सामने क्या कहा?
उत्तर :
गोपाल ने मास्टर जी से सच कहा कि उसने कुछ सवाल अपने मित्र की कापी से उतारे थे।

प्रश्न 5.
मास्टर जी ने गोपाल के किन गुणों की प्रशंसा की?
उत्तर :
मास्टर जी ने गोपाल की सच्चाई, ईमानदारी और साहसी होने की प्रशंसा की।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

वाक्य बनाओ

पीठ थपथपाना, फूट पड़ना, मंद-मंद मुस्कराना, रोमांचित होना
उत्तर :

  1. पीठ थपथपाना (शाबाशी देना)परीक्षा में रमेश के प्रथम स्थान पर आने पर उसके माता-पिता ने उसकी पीठ थपथपाई।
  2. फूट पड़ना (प्रकट होना)-गिलास टूट जाने पर मालिक का गुस्सा फूट पड़ा।
  3. मंद-मंद मुस्कराना (धीमे-धीमे मुस्कराना)छोटे बच्चे के मुँह से तुतलाती बातें सुन कर माँ मंदमंद मुस्कराने लगी।
  4. रोमांचित होना (खुश होना)-सैनिकों के बहादुरी के कारनामे देखकर मन रोमांचित हो उठा।

समझो

सवाल = प्रश्न
तारीफ = प्रशंसा
ताज्जुब = हैरान
मास्टर गुरु
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के अर्थ उनके सामने दिए गए हैं। विद्यार्थी इन अर्थों को याद करके लिखने का अभ्यास करें।

समझो और लिखो

सच्चा = सच्चाई
ईमानदार = ईमानदारी
खूबसूरत = खूबसूरती
साहस = साहसी
उत्तर :
उपरोक्त वाक्यों में ‘ई’ प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा शब्द बनाए गए हैं।

समझो

ईमानदार = बेईमान
सच्चा = झूठा
दण्ड = इनाम
प्रश्न = उत्तर
ठीक = गलत
लायक = नालायक
उत्तर :
ऊपर दिए गए शब्दों के सामने वाले शब्दों के कार्य उनके उलट हैं। ऐसे शब्दों को विपरीतार्थक शब्द कहते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

नये शब्द बनाओ

स्ट, त्र, न्ह, च्च, न्न
उत्तर :
स्ट = स्टेशन, स्टोर।
त्र = पत्र, मित्र।
न्ह = मध्यान्ह, उन्हें।
च्च = उच्च, सच्चा।
न = अन्न, संपन्न।

विराम चिह्न लगाओ

मास्टर जी आपने मेरी इतनी तारीफ की लेकिन मैं इसके लायक नहीं
उत्तर :
“मास्टर जी ! आपने मेरी इतनी तारीफ़ की, लेकिन मैं इसके लायक नहीं।”

रचनात्मक कौशल

इस कहानी से मिलने वाली शिक्षा के सूत्र वाक्यों ‘ईमानदार बनो’, ‘सच बोलो’, ‘साहसी बनो’ को चार्ट पर लिखकर कक्षा में टाँगो।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
गुरु जी ने किस विषय का गृहकार्य दिया था?
(i) गणित
(ii) हिंदी
(iii) विज्ञान
(iv) संस्कृत।
उत्तर :
(i) गणित

प्रश्न 2.
पंजाबी शब्द “विमलयन’ का हिन्दी में अर्थ
कृष्ण/कृष्णपुर/कृष्णानगर/कान्हा
उत्तर :
कृष्णपुर

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द “थिंड’ का हिन्दी अर्थ है।
नगर/गाँव/बसेरा/तेरा
उत्तर :
गाँव

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

प्रश्न 4.
‘फूट पड़ना’ का अर्थ है
(i) प्रकट होना
(ii) प्रकट आना
(iii) ओझल होना
(iv) दिखना।
उत्तर :
(i) प्रकट होना

प्रश्न 5.
रोमांचित होना का अर्थ हैं –
(i) रोमांच होना
(ii) रोमांच करना
(ii) खुश होना
(iv) खुशी करना।
उत्तर :
(ii) खुश होना।

प्रश्न 6.
अगर ईमानदार’ का बेईमान है तो ‘सच्चा’ का है
(i) झूठ
(ii) झूठा
(iii) सत्य
(iv) असत्य।
उत्तर :
(ii) झूठा

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

प्रश्न 7.
अगर प्रश्न का उत्तर है तो ‘लायक’ का
(i) नालायक
(ii) नाकाबिल
(iii) नाबालिग
(iv) नागुज़ार।
उत्तर :
(i) नालायक।

ईमानदार बालक Summary in Hindi

कृष्णपुर गाँव की पाठशाला में गुरु जी गणित की कापियाँ जाँच रहे थे। वह गोपाल की कापी देखकर बहुत खुश हुए क्योंकि उसने सारे सवाल ठीक हल किए थे। उन्होंने कक्षा के सामने उसकी तारीफ़ की लेकिन अपनी तारीफ़ सुनकर प्रसन्न होने की जगह गोपाल रोने लगा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक 1

अध्यापक और बच्चे सभी हैरान थे कि गोपाल रोने क्यों लगा। अध्यापक के पूछे जाने पर गोपाल ने कहा कि गुरु जी आपने तो मेरी तारीफ़ की है लेकिन मैं तो सज़ा का हकदार हूँ क्योंकि ये सवाल मैंने स्वयं नहीं हल किए बल्कि अपने मित्र की कापी से उतारे हैं।

उसकी सच्ची बातों को सुनकर गुरु जी बहुत प्रसन्न हुए और वह बोले कि गोपाल तुम सच में। प्रशंसा के योग्य हो क्योंकि तुम सच्चे और ईमानदार ही नहीं बल्कि साहसी भी हो। सच को बोलने का साहस तुम में है। गोपाल गुरु जी की बात सुनकर रोमांचित हो गया।

शिक्षा-हमें सदा सत्य बोलना चाहिए।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

शब्दार्थ

  • गृह कार्य = घर से हल करके लाया जाने वाला काम
  • ताज्जुब = हैरानी
  • सुबकना = धीमी आवाज़ में रोना
  • दण्ड = सज़ा
  • मंद-मंद = धीरे-धीरे
  • रोमांचित = जिसके रोयें खड़े हों, पुलकित, खुश।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता) Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 5 ठीक समय (कविता) (2nd Language)

ठीक समय (कविता) अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਨਿਤ = नित
  • ਮੌਜ = मौज
  • ਗਾਨਾ = गाना
  • ਨਹਾਓ = नहाओ
  • ਠੀਕ = ठीक
  • ਖਾਓ = खाओ

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

बताओ

इस कविता में क्या बताया गया है?
उत्तर :
इस कविता में बताया गया है कि जीवन में ‘बड़ा’ बनने और सफलता पाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक काम सही समय पर करें।

कविता की पंक्तियाँ पूरी करो :

  1. ठीक समय पर ………………………………. उठ जाओ।
  2. ………………………………. खाना खाओ।
  3. ठीक समय पर ………………………………. जाओ।

उत्तर :

  1. ठीक समय पर नित उठ जाओ।
  2. ठीक समय पर खाना खाओ।
  3. ठीक समय पर पढ़ने जाओ।

तुक मिलाओ

जाओ ………………………………. खाना ……………………………….
उत्तर :
जाओ – खाओ।
खाना – गाना।

लिखो

समय खाना पढ़ने मौज पाओ
उत्तर :
विद्यार्थी उपरोक्त शब्दों को अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

रचनात्मक कौशल

घड़ी का चित्र बनाओ। एक से बारह तक अंक लिखो। घड़ी की सभी सुइयों के बारे में पता करो। अपने माता-पिता तथा अध्यापक की सहायता से समय देखना सीखो।
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता) 1

अध्यापन निर्देश :
अध्यापक इस कविता का सस्वर वाचन करवाये तथा बच्चों में सभी काम समय पर करने की आदत विकसित करे।

(i) ठीक समय पर
नित उठ जाओ।
ठीक समय पर
चलो नहाओ।
ठीक समय पर
खाना खाओ।
ठीक समय पर
पढ़ने जाओ।
उत्तर :
सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक से कविता ‘ठीक समय’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने समय के महत्त्व को बताते हुए कहा है कि हमें प्रत्येक कार्य ठीक समय पर करना चाहिए। सुबह ठीक समय पर उठना चाहिए। हमें नहाना चाहिए और खाना खाना चाहिए। हमें ठीक समय पर पढ़ने के लिए जाना चाहिए।

(ii) ठीक समय पर
मौज उड़ाओ।
ठीक समय पर
गाना गाओ।
ठीक समय पर
सब कर पाओ।
तो तुम बहुत
बड़े कहलाओ।
उत्तर :
सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक से कविता ‘ठीक समय’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने बच्चों को समय का महत्त्व बताते हुए उन्हें प्रत्येक काम समय पर करने को कहा है। कवि कहता है कि हमें उचित समय पर ही मौज-मस्ती (खेलना-कूदना) करनी चाहिए और जब गाने का उचित समय हो तभी गाना चाहिए। यदि सभी काम तुम अपने ठीक समय पर करोगे तभी तुम ‘बड़े’ कहलाओगे।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘खाओ’ से तुकबन्दी करते हुए शब्द मिलाएँ/सही पर गोला लगाओ।
(i) मिलाओ
(ii) जाओ
(iii) बताओ
(iv) मिलना।
उत्तर :
(i) जाओ

प्रश्न 2.
पंजाबी शब्द ‘मैन’ का हिन्दी अर्थ है-
मौज़/रोम/फर्ज/तर्ज
उत्तर :
मौज

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘गाटा’ का हिन्दी में अर्थ है। रोना/गाना/जाना/रहना।
उत्तर :
गाना।

शब्दार्थ

  • नित = (नित्य) हर रोज़
  • ठीक = सही
  • समय = वक्त

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 4 मीठे फल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 4 मीठे फल (2nd Language)

मीठे फल अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो –

  • गुरुमुखी लिपि = देवनागरी लिपि
  • ਮਹਾਰਾਜ = महाराज
  • ਬੇਰੀ = बेरी
  • ਕੰਨਪਟੀ = कनपटी
  • ਸ਼ਿਕਾਰ = शिकार

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिन्दी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो –

  • पंजाबी शब्द – हिन्दी भाषा के शब्द
  • ਸਿੰਘ = सिंह
  • ਸਮਾਂ = समय
  • ਅੰਗ-ਰੱਖਿਅਕ = अंगरक्षक
  • ਮਾਫ਼ = क्षमा
  • ਪੱਥਰ = पत्थर
  • ਇੱਕ = एक

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) त् + थ = त्थ = पत्थर
म् + ह = म्ह = तुम्हें
न् + ह = न्ह = उन्हें, उन्होंने
(ख) च् + च = च्च = बच्चे

बताओ

प्रश्न 1.
महाराजा रणजीत सिंह कहाँ जा रहे थे?
उत्तर :
महाराजा रणजीत सिंह शिकार खेलने जा रहे थे।

प्रश्न 2.
बच्चे पत्थर मारकर क्या तोड़ रहे थे?
उत्तर :
बच्चे पत्थर मार कर बेर तोड़ रहे थे।

प्रश्न 3.
महाराजा को पत्थर कहाँ पर लगा?
उत्तर :
महाराजा को पत्थर कनपटी पर लगा।

प्रश्न 4.
महाराजा ने बच्चों से क्या कहा?
उत्तर :
महाराजा ने बच्चों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं। जब एक बेरी पत्थर खाकर तुम्हें मीठे-मीठे बेर देती है तो आपका महाराजा पत्थर खाकर भला आपको सज़ा क्यों देगा ?

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

प्रश्न 5.
महाराजा ने बच्चों को क्या दिया?
उत्तर :
महाराजा ने बच्चों को मीठे बेर और मिठाइयाँ खाने को दी।

वाक्य बनाओ

  1. मार-मार,
  2. डरते-डरते,
  3. मीठे-मीठे,
  4. हँसते-खेलते

उत्तर :

  1. मार-मार-पुलिस ने चोर को मार-मार कर अधमरा कर दिया।
  2. डरते-डरते-बच्चा डरते-डरते मेरे सामने आया।
  3. मीठे-मीठे-चाचा जी ने मुझे मीठे-मीठे बेर खाने को दिए।
  4. हँसते-खेलते-बच्चे हँसते-खेलते ही अच्छे लगते हैं।

समझो

तुम = तुम्हें
यह = ये
उन = उन्हें/उन्होंने
वह = वे
उत्तर :
निर्देश- उपरोक्त सर्वनाम शब्दों के एकवचन और बहुवचन रूप को दिखाया गया है।

(क) अन्तर समझो

जज ने चोर को एक साल जेल की [सज़ा] दी। (दंड)
मैंने अपना कमरा [सजा] दिया है। (सजाना)
उत्तर :
सजा, सजा शब्दों के अर्थ में अन्तर हैं। ऐसे शब्द युग्म शब्द कहलाते हैं।

(ख) बॉक्स में दिये गये चिह्नों की पहचान करो

(1) बच्चे बेर तोड़ रहे थे। [ । ]
(2) महाराजा ने पूछा [ , ] [ ” ] बच्चो [ ! ] आपने मुझे पत्थर क्यों मारा [ ? ] [ ” ]
उत्तर :
(i) [ । ] पूर्ण विराम कहलाता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

अध्यापन निर्देश :

  1. अध्यापक बच्चों को महाराजा के प्रजा के प्रति प्रेम के बारे में बताते हुए बताये कि प्राचीन काल में राजा अपनी प्रजा के हित का पूरा ध्यान रखते थे। प्रजा भी अपने राजा के गुणों की प्रशंसा करती थी।
  2. अध्यापक विराम चिह्नों।, , ? ” ” के बारे में बच्चों को जानकारी दे।
  3. द्वित्व व्यंजन : जब एक व्यंजन दो बार आए तो उसे द्वित्व रूप में लिखा जाता है। द्वित्व व्यंजन लिखते समय पहला व्यंजन स्वर रहित और दूसरा व्यंजन स्वर सहित होता है। जैसे ‘बच्चा’ शब्द में ‘च’ व्यंजन दो बार (एक बार आधा और दूसरी बार पूरा) आया है।

नोट : किसी भी वर्ग के दूसरे तथा चौथे व्यंजन का वित्व नहीं होता परन्तु जहाँ इनके वित्व होने का आभास मिलता है वहाँ वर्ग के पहले और दूसरे तथा तीसरे और चौथे व्यंजन का संयोग होता है। जैसे ‘पत्थर’ शब्द में ‘थ’ व्यंजन के द्वित्व होने का आभास मिलता है परन्तु दूसरे व्यंजन (थ) के साथ पहला व्यंजन (त्) जोड़ा जाता है। इसी प्रकार ‘शुद्ध’ शब्द में ‘ध’ व्यंजन के द्वित्व होने का आभास मिलता है। परन्तु चौथे व्यंजन ‘ध’ के साथ तीसरे व्यंजन ‘द्’ का संयोग होता है।

रचनात्मक कौशल
फलों के नाम लिखें व रंग भरें:
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल 1
अध्यापक बच्चों को फल धोकर खाने को कहे।

अध्यापन निर्देश : ‘सजा’ शब्द का अर्थ है- दंड। इसमें उर्दू क ध्वनि ‘ज’ का प्रयोग हुआ है। हिंदी में एक शब्द है ‘सजा’ जिसका अर्थ है- आकर्षक व सुंदर। इसमें – ‘ज’ ध्वनि है। विद्यार्थियों को बताया जाये कि उर्दू से आए अरबी-फारसी मूलक वे शब्द जो अब हिंदी के अंग बन चके हैं व जिनकी विदेशी ध्वनियों का हिंदी ध्वनियों में रूपांतर हो चुका है, हिंदी रूप में ही स्वीकार किये जा सकते हैं। जैसे -कलम, किला, दाग आदि (क़लमए क़िला, दाग़ नहीं) किंतु ‘सजा’ जैसे कुछ ऐसे अन्य शब्द भी हैं जिनमें ध्वनि भेद (ज़-ज) के कारण अर्थ बदल जाता है। अतः शुद्ध विदेशी रूप में प्रयोग करने या उच्चारण-भेद स्पष्ट करते समय कई बार नुक्ता लगाना पड़ जाता है और लगाना भी चाहिए। अन्य उदाहरण- राज (शासन) राज (रहस्य)।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘तुम’ तुम्हे है तो यह …….. है।
(i) ये
(ii) वे
(iii) उन्हें
(iv) उनसे।
उत्तर :
(i) ये,

प्रश्न 2.
‘वह’ …………………….. वे है तो ‘उन’ …………………….. है।
(i) तुम्हे
(ii) उन्हें
(iii) किन्हें
(iv) तुमने।
उत्तर :
(ii) उन्हें,

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘मिथ’ का हिन्दी में अर्थ है- शेर/सिंह/सिघ्म/भरत
उत्तर :
सिंह

प्रश्न 4.
पंजाबी शब्द ‘अंग-धिभव’ का हिन्दी अर्थ है-
सेना नायक/अंग-रक्षक/सार्थक/अंगीकार।
उत्तर :
अंगरक्षक

प्रश्न 5.
राजा अपने …………. के साथ शिकार पर गया।
(i) अगंरक्षक
(ii) अंगरक्षक
(iii) अगरक्षक
(iv) अगरक्षक
उत्तर :
(i) अंगरक्षक।

मीठे फल Summary in Hindi

एक बार महाराजा रणजीत सिंह अपने अंगरक्षकों के साथ शिकार पर गए। वहीं एक पत्थर उनकी कनपटी पर आकर लगा। पता करने पर पता चला कि बच्चे बेरी पर पत्थर मार-मार कर बेर तोड़ रहे थे। उनमें से एक पत्थर महाराजा के आ लगा। बच्चों ने उन से क्षमा माँगी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल 2

महाराजा ने कहा यदि बेरी तुम्हें पत्थर मारने पर मीठे-मीठे फल देती है तो मैं भी तुम्हें कुछ दूंगा। यह कहकर महाराजा ने बच्चों को मीठे-मीठे बेर और मिठाइयाँ दिलवाईं।

शब्दार्थ

  • अंगरक्षक = राजा-महाराजा की रक्षा के लिए नियुक्त सैनिक
  • कनपटी = कान और आँख के बीच का स्थान
  • क्षमा = माफ़ी

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 3 आत्मविश्वास (2nd Language)

Hindi Guide for Class 5 PSEB आत्मविश्वास Textbook Questions and Answers

आत्मविश्वास अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • मप्ल = स्कूल
  • ਪਾਸ = पास
  • हिरिभातपी = विद्यार्थी
  • भाउभ-दिप्तराम = आत्मविश्वास
  • ताप्लटतथी = राष्ट्रपति
  • ਨਾਖੁਸ਼ = नाखुश
  • ਭਾਰਤ = भारत
  • ਤੁਰੰਤ = नाखुश

निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी के इन शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

माप्लाठा = वार्षिक
ठीसा = परिणाम
पीधिभा = परीक्षा
भलाठ = घोषित
मेटी = कक्षा
उत्तर :
विद्यार्थी हिन्दी में लिखे गए शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

पढ़ो, समझो और लिखो

त् + म = त्म = आत्म
क + ष = क्ष = क्षमा, परीक्षा
स् + क = स्क = स्कूल
ष् + ट् + र = ष्ट्र = राष्ट्र
द् + व = व = द्वारा
न् + द् + र = न्द्र = राजेन्द्र
क् + य = क्य = क्योंकि
प् + र = प्र= प्रसाद, प्रिंसिपल
न् + त = न्त = तुरन्त
द् + य = द्य = विद्यार्थी
क् + ल = क्ल = क्लर्क
उत्तर :
हिन्दी भाषा में आधे व्यंजन को लिखने के लिए हलन्त (.) का प्रयोग किया जाता है। विद्यार्थी इनकी पहचान करना सीखें और शुद्ध-उच्चारण करना सीखें।

बताओ

प्रश्न 1.
वार्षिक परिणाम सुनकर एक विद्यार्थी खुश क्यों नहीं था?
उत्तर :
वार्षिक परिणाम सुनकर एक विद्यार्थी खुश इसलिए नहीं था क्योंकि पास होने वाले विद्यार्थियों में उसका नाम नहीं बोला गया था।

प्रश्न 2.
उस विद्यार्थी ने प्रिंसिपल से क्या कहा?
उत्तर :
उस विद्यार्थी ने प्रिंसीपल से निवेदन किया कि उसका नाम नहीं बोला गया था।

प्रश्न 3.
प्रिंसिपल को अपनी गलती का अनुभव कब हुआ?
उत्तर :
जब स्कूल के क्लर्क ने आकर प्रिंसीपल को बताया कि गलती से एक विद्यार्थी का नाम टाइप होने से रह गया है कृपया इस नाम को भी सूची में शामिल कर लें, तब प्रिंसीपल को अपनी गलती का अनुभव हुआ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

प्रश्न 4.
जिसका नाम पास विद्यार्थियों में नहीं बोला गया, उस बालक का क्या नाम था?
उत्तर :
उस बालक का नाम राजेन्द्र प्रसाद था।

प्रश्न 5.
बड़ा होकर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किस तरह प्रसिद्ध हुए?
उत्तर :
बड़े होकर डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में प्रसिद्ध हुए।

वाक्य बनाओ

  1. आत्मविश्वास
  2. जुर्माना
  3. सूची
  4. नाखुश
  5. निवेदन
  6. तुरंत
  7. राष्ट्रपति
  8. कृपया

उत्तर :

  1. आत्म-विश्वास – बालक राजेन्द्र प्रसाद ने बड़े आत्म-विश्वास के साथ प्रिंसीपल को कहा कि वह कभी फेल नहीं हो सकता।
  2. सूची-वार्षिक परीक्षा के घोषित परिणाम की सूची बोर्ड पर लगा दी गई थी।
  3. नाख़ुश-बालक घोषित परीक्षा परिणाम से नाखुश था।
  4. निवेदन-राघव ने कक्षा बदलने के लिए अध्यापक से निवेदन किया।
  5. जुर्माना-अध्यापक ने उसे दस रुपए जुर्माना किया।
  6. राष्ट्रपति-डॉ० राजेन्द्र प्रसाद हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति थे।
  7. कृपया-कृपया, यहां बैठ जाएं।
  8. तुरंत-मोहन ने अध्यापक द्वारा पूछे प्रश्नों का तुरंत जवाब दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

इन्हें जानो

स्कूल = पाठशाला
परिणाम = नतीजा
वार्षिक = सालाना
विद्यार्थी = छात्र
बधाई = मुबारक
अंक = नंबर
उत्तर :
उपरोक्त शब्दों के सामने उनके समान अर्थ वाले शब्द लिखे गए हैं। अतः एक समान अर्थ वाले शब्दों को समानार्थी या समानार्थक शब्द कहते हैं।

जानो

फेल = पास
अधिक = कम
पास = दूर
जोड़ = घटा
उत्तर :
उपरोक्त विपरीत अर्थ दर्शाने वाले शब्दार्थ विपरीतार्थक शब्द कहलाते हैं।

अन्तर समझो

(क) क्लर्क ने प्रिंसिपल के [ पास ] आकर कहा। (निकट)
वह बालक अपने [ पास ] होने का दावा कर रहा था। (उत्तीर्ण)
(ख) उस बालक के सबसे अधिक [ अंक ] थे। (नंबर)
बालक माँ के [ अंक ] में बैठा था। (गोदी)
उत्तर :
उपरोक्त पंक्तियों में पास और अंक शब्दों के एक से अधिक अर्थ देखे गए हैं। जहाँ पर एक शब्द के एक से अधिक अर्थ हों उन्हें अनेकार्थी या अनेकार्थक शब्द कहते हैं।

रचनात्मक अभिव्यक्ति-लंगड़े व्यक्ति द्वारा बैसाखी की सहायता से पहाड़ पर चढ़ना, अंधे व्यक्ति को ब्रेल लिपि से पुस्तक पढ़ते हुए दिखाया जाए, एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति द्वारा बोझा उठाना, स्कूल के खेल के मैदान में एक अपाहिज विद्यार्थी E द्वारा दौड़ में भाग लेना।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

अध्यापन निर्देश :

  1. अध्यापक बच्चों में आत्मविश्वास के गुण को विकसित करे। भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की जीवनी पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे।
  2. अध्यापक ‘र’ व्यंजन के विभिन्न रूप बच्चों को समझाये।
    • हलंत ‘र’ अर्थात् स्वर रहित ‘र’ अपने से अगले व्यंजन पर ‘रेफ’ (‘) के रूप में प्रयुक्त होता है जैसे ‘क्लर्क’ शब्द में हलंत ‘र’ अपने से अगले व्यंजन ‘क’ पर ‘क’ के रूप में आया है।
    • यदि हलत ‘र’ के बाद वाले व्यंजन के साथ मात्रा लगी हो तो हलंत ‘र’ मात्रा के ऊपर या बाद में लगता है। जैसे ‘जुर्माना’ शब्द में रेफ ‘ ‘ ‘ मात्रा के ऊपर () आया है।
    • जब ‘र’ से पहले हलंत व्यंजन (अर्थात् स्वर रहित व्यंजन) हो तो ‘र’ उस व्यंजन के नीचे लिखा जाता है और उस व्यंजन का हलंत हट जाता है। जैसे ‘प्रसाद’ शब्द में ‘र’ ‘प्’ व्यंजन के नीचे ‘प्र’ लगा है।
    • टवर्ग व्यंजनों में ‘ट्’ और ‘इ’ के साथ ‘र’ ट, ड रूप में लिखा जाता है। जैसे ‘राष्ट्र’।

रचनात्मक अभिव्यक्ति
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास
चित्र देखकर नीचे दिए गए शब्दों की सहायता से वाक्य पूरे करें

भार
पुस्तक
खेल
आत्मविश्वास के बल पर एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति ………………………….. उठा सकता है, अंधा व्यक्ति ………………………….. पढ़ सकता है। एक पैर से अपाहिज व्यक्ति ………………………….. भी सकता है।
उत्तर :
आत्मविश्वास के बल पर एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति भार उठा सकता है, अंधा व्यक्ति पुस्तक पढ़ सकता है। एक पैर से अपाहिज व्यक्ति खेल भी सकता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
अगर फेल का पास है तो अधिक का है
(i) कम
(ii) ज्यादा
(iii) शून्य
(iv) ज़ीरो।
उत्तर :
(i) कम

प्रश्न 2.
अगर ‘पास का दूर है तो ‘जोड़’ का है
(i)कम
(ii) ज्यादा
(iii) तोड़
(iv) घटा।
उत्तर :
(iv) घटा

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘मल’ का हिन्दी अर्थ है।
स्कूल/कमरा/अंदर/बड़ा।
उत्तर :
स्कूल

प्रश्न 4.
पंजाबी शब्द ‘डाउ’ का हिन्दी अर्थ है।
भरत/भारत/परत/भगत।
उत्तर :
भारत

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

प्रश्न 5.
नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में लिखते हुए वाक्य बनाओ।

(i) राजेन्द्र/बालक/प्रसाद/उस/का/ नाम/था।
(ii) भारत/ राजेन्द्र /डॉ०/प्रसाद/ राष्ट्रपति/प्रथम/प्रसिद्ध/हुए/के/रूप में।
उत्तर :
(i) उस बालक का नाम राजेन्द्र प्रसाद था।
(ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में प्रसिद्ध हुए।

आत्मविश्वास Summary in Hindi

एक बार किसी स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। प्रिंसीपल ने पास हुए विद्यार्थियों के नाम बताए और उन्हें बधाई दी। एक विद्यार्थी, जिसका नाम नहीं बोला गया, वह कुछ उदास हो गया और प्रिंसीपल को उसने बताया कि मेरा नाम नहीं बोला गया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास 2

प्रिंसीपल ने उसे बताया कि जिसका नाम नहीं बोला गया वह फेल है। लड़के को अपने पर पूरा विश्वास था कि ,वह फेल नहीं हो सकता। उसने प्रिंसीपल से कहा तो उन्होंने उसे पाँच रुपए जुर्माना कर दिया। इस पर भी लड़का चुप नहीं हुआ तो उन्होंने उसका जुर्माना बढ़ा कर दस रुपए कर दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

लड़का तब भी अपनी बात पर अड़ा रहा कि वह फेल नहीं हो सकता। इतने में प्रिंसीपल के पास स्कूल का क्लर्क आया और उन्हें बताया कि पास हुए विद्यार्थियों में गलती से एक नाम टाइप होना रह गया था। आप कृपया वह नाम भी उस सूची में शामिल कर लें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास 3

यह नाम उसी विद्यार्थी का था जिसे पहले फेल माना गया था और दस रुपए जुर्माना किया गया था। यह बालक और कोई नहीं बल्कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद थे।

आत्मविश्वास शब्दार्थ

  • आत्म-विश्वास = अपने ऊपर भरोसा होना
  • वार्षिक = प्रति वर्ष होने वाला, सालाना
  • घोषित = ऐलान
  • प्रिंसिपल = सीनियर सेकंडरी स्कूल का मुखिया
  • अडिग = न डिगने वाला
  • क्षमा = माफ़ी

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 2 एक रुपया Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 2 एक रुपया (2nd Language)

Hindi Guide for Class 5 PSEB एक रुपया Textbook Questions and Answers

एक रुपया अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो-

  • प्टीतहत = ईश्वर
  • पैसा = पैसा
  • वाप्लव = बालक
  • ठेग्झी = रेहड़ी
  • वसन = बाज़ार
  • यूटाभ = प्रणाम
  • पहिउठ = पवित्र

निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी में लिखे गए शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो –

  • उौध = भीख
  • पैतां सौ पु३ = चरण-धूलि

आवश्यक निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

पढ़ो, समझो और लिखो

  • श् + व = श्व = ईश्वर
  • स् + थ = स्थ = स्थान
  • न् + द् + र + न्द्र = चंद्र
  • द् + य + द्य = विद्या
  • म् + ह + म्ह = तुम्हें
  • क् + य + क्य = क्या
  • प् + र = प्र = प्रणाम
  • त् + र = त्र = पवित्र

निर्देश-विद्यार्थी आधे-व्यंजन की पहचान करना सीखें और उनका सही और शुद्ध – उच्चारण करना सीखें।

बताओ

प्रश्न 1.
बालक ने ईश्वर चन्द्र विद्यासागर से क्या माँगा?
उत्तर :
बालक ने ईश्वर चन्द्र विद्यासागर से एक पैसा माँगा।

प्रश्न 2.
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बालक से क्या कहा?
उत्तर :
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बालक से कहा कि यदि मैं तुम्हें एक पैसे के स्थान पर एक रुपया दूं तो तुम क्या करोगे ?

प्रश्न 3.
बालक ने एक रुपये का क्या किया?
उत्तर :
बालक ने एक रुपए से फल खरीदे और फलों की रेहड़ी लगाने लगा।

प्रश्न 4.
इस कहानी से आपको क्या संदेश मिलता है?
उत्तर :
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि परिश्रम के बल पर ही सफलता प्राप्त होती है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

पढ़ो और समझो

(क) एक = अनेक
रुपया = रुपये पैसा = पैसे
दुकान = दुकानें

निर्देश-किसी संज्ञा शब्द की अकेली इकाई एकवचन कहलाता है और जब इसको एक से अधिक इकाई या रूप में प्रयोग किया जाए तो बहुवचन कहलाता है।

(ख) बालक = बालिका
युवक = युवती

निर्देश-किसी भी संज्ञा शब्द का पुरुषवाचक रूप पुल्लिंग कहलाता है। जैसे-बालक और इसी का स्त्रीवाचक रूप स्त्रीलिंग कहलाता है; जैसेबालिका।।

वाक्य बनाओ

  1. प्रणाम
  2. पवित्र
  3. रेहड़ी
  4. धूलि

उत्तर :

  1. प्रणाम-हमें अपने माता-पिता को प्रणाम करना चाहिए।
  2. पवित्र-बालक ने पवित्र सरोवर में स्नान किया।
  3. रेहड़ी-वह फलों की रेहडी लगाता है।
  4. धूलि-गाड़ी धूलि उड़ाती चली गई।

नये शब्द बनाओ

  1. श्व
  2. न्द्र
  3. स्थ
  4. प्रत्र

उत्तर :

  1. श्व = अश्व, विश्व, श्वासन।
  2. न्द्र = इन्द्र, सुरेन्द्र, महेन्द्र।
  3. स्थ = स्थान, स्थल, स्थापित।
  4. प्र = प्रणाम, प्रसाद, प्रकाश।
  5. त्र = मित्र, पत्र, चित्र।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

रचनात्मक अभिव्यक्ति

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया 1
चित्र देखकर वाक्य पूरे करो –

  1. सामान उठाने वाला …………………………।
  2. पौधों की देखभाल करने वाला …………………………।
  3. जूतों को गाँठने वाला …………………………।
  4. फसल उगाने वाला …………………………।
  5. डाक बाँटने वाला …………………………।
  6. घड़े बनाने वाला …………………………।

उत्तर :

  1. सामान उठाने वाला = कुली।
  2. फसल उगाने वाला = किसान।
  3. पौधों की देखभाल करने वाला = माली।
  4. डाक बाँटने वाला = डाकिया।
  5. जतों को गाँठने वाला = चर्मकार।
  6. घड़े बनाने वाला = कुम्हार।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
रचनात्मक अभिव्यक्ति –
सामान उठाए हुए कुली का चित्र।
पौधों को सींचते हुए माली का चित्र।
जूते गाँठते हुए व्यक्ति का चित्र।
हल चलाते हुए किसान का चित्र।
डाक बाँटते हुए डाकिये का चित्र।
घड़े बनाता हुआ कुम्हार का चित्र।
उत्तर :
विद्यार्थी पीछे बताए गए चित्रों को बनाने का प्रयास करें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
बालक ने ईश्वरचन्द्र विद्यासागर से मांगा
(क) एक रुपया
(ख) एक पैसा
(ग) दस रुपये
(घ) सौ रुपये।
उत्तर :
(ख) एक पैसा

प्रश्न 2.
हम इन्हें क्या कहते हैं। सही पर गोला लगाओ।

  1. सामान उठाने वाला-कुली/माली
  2. फसल उगाने वाला-माली/किसान
  3. पौधों की देखभाल करने वाला – कुली/माली
  4. डाक बाँटने वाला-डाकिया/किसान
  5. जूतों को गाँठने वाला-चर्मकार/ललार
  6. घड़े बनाने वाला-कुम्हार/चर्मकार।

उत्तर :

  1. कुली
  2. किसान
  3. माली
  4. डाकिया
  5. चर्मकार
  6. कुम्हार

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

प्रश्न 3.
‘एक’ अनेक है: तो पैसा …….. है।
(i) पैसे
(ii) पैसो
(iii) रुपया
(iv) रुपये।
उत्तर :
(i) पैसे

प्रश्न 4.
अगर बालक का बालिका है तो ‘युवक’ का है –
(i) युवा
(ii) युवती
(iii) यौवन
(iv) युवान।
उत्तर :
(ii) युवती।

एक रुपया Summary in Hindi

एक बार ईश्वर चन्द्र विद्यासागर कहीं जा रहे थे तभी एक बालक उनके पास आया। वह उनसे ‘एक पैसा’ माँगने लगा। विद्यासागर ने उससे पूछा कि यदि मैं तुम्हें एक पैसे के स्थान पर एक रुपया दे दूँ तो तुम क्या करोगे ? बालक ने उत्तर दिया कि मैं फिर भीख नहीं माँगूगा। उसका उत्तर सुनकर विद्यासागर ने उसे एक रुपया दे दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया 2

कई साल के बाद विद्यासागर एक बार बाज़ार में घूम रहे थे तभी एक युवक आया और उन्हें प्रणाम करते हुए बोला कि मैं वही हूँ जिसे आपने एक रुपया दिया था। मैंने उससे फलों की रेहड़ी लगाई और आज इसी बाज़ार में मेरी फलों की दुकान है। आप इसे अपने चरणों से पवित्र करें।

शिक्षा – ईमानदारी और परिश्रम से व्यक्ति सफलता अवश्य प्राप्त करता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

एक रुपया शब्दार्थ

  • चरण = पैर
  • प्रणाम = हाथ जोड़कर अभिवादन
  • चरण-धूलि = पैरों की धूल
  • पवित्र = स्वच्छ, सत्व भाव से युक्त

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ

Punjab State Board PSEB 5th Class Punjabi Book Solutions Punjabi Rachana ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ Exercise Questions and Answers.

PSEB 5th Class Punjabi Rachana ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ (1st Language)

1. ਤਿਹਾਇਆ ਕਾਂ
ਜਾਂ
ਪਿਆਸਾ ਕਾਂ

ਇਕ ਵਾਰੀ ਇਕ ਕਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਤੇਹ ਲੱਗੀ। ਉਹ ਪਾਣੀ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿਚ ਇਧਰ – ਉਧਰ ਉੱਡਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਇਕ ਬਗੀਚੇ ਵਿਚ ਪੁੱਜਾ। ਉਸ ਨੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਇਕ ਘੜਾ ਦੇਖਿਆ। ਉਹ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਉੱਤੇ ਜਾ ਬੈਠਾ। ਉਸ ਨੇ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਘੜੇ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਥੋੜ੍ਹਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਚੁੰਝ ਪਾਣੀ ਤਕ ਨਹੀਂ ਸੀ ਪਹੁੰਚਦੀ। ਉਸ ਨੇ ਘੜੇ ਨੂੰ ਉਲਟਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਉਹ ਅਸਫਲ ਰਿਹਾ।

ਉਹ ਕਾਂ ਬਹੁਤ ਸਿਆਣਾ ਸੀ। ਉਸ ਨੇ ਘੜੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕੁੱਝ ਰੋੜੇ ਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਦੇਖੀਆਂ। ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਢੰਗ ਸੁੱਝਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਰੋੜੇ ਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਚੁੱਕ ਕੇ ਘੜੇ ਵਿਚ ਪਾਉਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੇ। ਹੌਲੀ – ਹੌਲੀ ਘੜਾ ਰੋੜਿਆਂ ਅਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਨਾਲ ਭਰਨ ਲੱਗਾ ਤੇ ਉਸ ਵਿਚਲਾ ਪਾਣੀ ਉੱਪਰ ਆ ਗਿਆ ਕਾਂ ਨੇ ਰੱਜ ਕੇ ਪਾਣੀ ਪੀਤਾ ਅਤੇ ਉੱਡ ਗਿਆ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਜਿੱਥੇ ਚਾਹ ਉੱਥੇ ਰਾਹ।

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2. ਕਾਂ ਅਤੇ ਲੂੰਬੜੀ

ਇਕ ਵਾਰੀ ਇਕ ਲੂੰਬੜੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਭੁੱਖ ਲੱਗੀ। ਉਹ ਕੋਈ ਖਾਣ ਵਾਲੀ ਚੀਜ਼ ਲੱਭਣ ਲਈ ਇਧਰ – ਉਧਰ ਘੁੰਮੀ, ਪਰ ਉਸ ਨੂੰ ਕੁੱਝ ਨਾ ਮਿਲਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਦਰੱਖ਼ਤਾਂ ਦੇ ਇਕ ਬੁੰਡ ਹੇਠ ਪਹੁੰਚੀ। ਉਹ ਬਹੁਤ ਥੱਕੀ ਹੋਈ ਸੀ ਤੇ ਉਹ ਦਰੱਖ਼ਤਾਂ ਦੀ ਸੰਘਣੀ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਲੰਮੀ ਪੈ ਗਈ।

ਇੰਨੇ ਨੂੰ ਲੂੰਬੜੀ ਨੇ ਉੱਪਰ ਧਿਆਨ ਮਾਰਿਆ। ਦਰੱਖ਼ਤ ਦੀ ਇਕ ਟਹਿਣੀ ਉੱਤੇ ਉਸ ਨੇ ਇਕ ਕਾਂ ਦੇਖਿਆ, ਜਿਸ ਦੀ ਚੁੰਝ ਵਿਚ ਪਨੀਰ ਦਾ ਇਕ ਟੁਕੜਾ ਸੀ। ਇਹ ਦੇਖ ਕੇ ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਆਇਆ ਉਸ ਨੇ ਕਾਂ ਕੋਲੋਂ ਪਨੀਰ ਦਾ ਟੁਕੜਾ ਖੋਹਣ ਦਾ ਇਕ ਢੰਗ ਕੱਢ ਲਿਆ।

ਉਸ ਨੇ ਬੜੀ ਚਲਾਕੀ ਤੇ ਪਿਆਰ ਭਰੀ ਅਵਾਜ਼ ਨਾਲ ਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿਹਾ, ”ਤੂੰ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮਨਮੋਹਣਾ ਪੰਛੀ ਹੈਂ। ਤੇਰੀ ਅਵਾਜ਼ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸੁਰੀਲੀ ਹੈ। ਮੇਰਾ ਜੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੇਰਾ ਇਕ ਮਿੱਠਾ ਗੀਤ ਸੁਣਾਂ। ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਗਾ ਕੇ ਸੁਣਾ।” ਕਾਂ ਲੂੰਬੜੀ ਦੀ ਖ਼ੁਸ਼ਾਮਦ ਵਿਚ ਆ ਕੇ ਖੁਸ਼ੀ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਗਿਆ। ਜਿਉਂ ਹੀ ਉਸ ਨੇ ਗਾਉਣ ਲਈ ਮੂੰਹ ਖੋਲ੍ਹਿਆ, ਤਾਂ ਪਨੀਰ ਦਾ ਟੁਕੜਾ ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚੋਂ ਹੇਠਾਂ ਡਿਗ ਪਿਆ। ਲੂੰਬੜੀ ਪਨੀਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਨੂੰ ਝੱਟ – ਪੱਟ ਖਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਰਾਹ ਤੁਰਦੀ ਬਣੀ ਤੇ ਕਾਂ ਉਸ ਵਲ ਦੇਖਦਾ ਹੀ ਰਹਿ ਗਿਆ।

ਸਿੱਖਿਆ – ‘ਸਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਖੁਸ਼ਾਮਦ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।

3. ਸ਼ੇਰ ਅਤੇ ਚੂਹੀ

ਇਕ ਦਿਨ ਬਹੁਤ ਗਰਮੀ ਸੀ। ਇਕ ਸ਼ੇਰ ਇਕ ਦਰੱਖ਼ਤ ਦੀ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਸੁੱਤਾ ਪਿਆ ਸੀ। ਨੇੜੇ ਹੀ ਇਕ ਖੁੱਡ ਵਿਚ ਇਕ ਚੂਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਸੀ। ਚੂਹੀ ਆਪਣੀ ਖੁੱਡ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲੀ ਅਤੇ ਸ਼ੇਰ ਦੇ ਉੱਪਰ ਚੜ੍ਹ ਕੇ ਟੱਪਣ ਲੱਗੀ। ਸ਼ੇਰ ਨੂੰ ਜਾਗ ਆ ਗਈ। ਉਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਗੁੱਸਾ ਆਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਚੂਹੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੰਜੇ ਵਿਚ ਫੜ ਲਿਆ। ਉਹ ਚੂਹੀ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਹੀ ਲੱਗਾ ਸੀ ਕਿ ਚੂਹੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੇਰੇ ਤੇ ਰਹਿਮ ਕਰੋ, ਮੈਥੋਂ ਭੁੱਲ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਕਦੇ ਸਮਾਂ ਆਇਆ, ਤਾਂ ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੀ ਮਿਹਰਬਾਨੀ ਦਾ ਬਦਲਾ ਚੁਕਾਵਾਂਗੀ।” ਸ਼ੇਰ ਨੇ ਉਸ ਉੱਤੇ ਤਰਸ ਖਾਧਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ।

ਕੁੱਝ ਦਿਨਾਂ ਮਗਰੋਂ ਇਕ ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਨੇ ਸ਼ੇਰ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜਾਲ ਵਿਚ ਫਸਾ ਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਜਾਲ ਵਿਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੱਥ – ਪੈਰ ਮਾਰੇ, ਪਰ ਵਿਅਰਥ , ਉਹ ਦੁੱਖ ਨਾਲ ਗਰਜਣ ਲੱਗਾ। ਉਸ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਚੂਹੀ ਦੇ ਕੰਨੀਂ ਪਈ।

ਚੂਹੀ ਆਪਣੀ ਖੁੱਡ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲੀ। ਉਸ ਨੇ ਜਾਲ ਦੀਆਂ ਰੱਸੀਆਂ ਨੂੰ ਟੁੱਕਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਜਲਦੀ ਹੀ ਸ਼ੇਰ ਜਾਲ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲ ਆਇਆ ॥ ਉਸ ਨੇ ਚੂਹੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਅੰਤ ਭਲੇ ਦਾ ਭਲਾ।

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4. ਲੂੰਬੜੀ ਅਤੇ ਅੰਗੂਰ
ਜਾਂ
ਹੱਥ ਨਾ ਪਹੁੰਚੇ ਤਾਂ ਬੂਹ ਕੌੜੀ

ਇਕ ਦਿਨ ਬੜੀ ਗਰਮੀ ਸੀ। ਇਕ ਲੂੰਬੜੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਭੁੱਖ ਲੱਗੀ, ਪਰ ਉਸ ਨੂੰ ਇਧਰੋਂ-ਉਧਰੋਂ ਖਾਣ ਲਈ ਕੁੱਝ ਨਾ ਮਿਲਿਆ। ਉਹ ਖ਼ੁਰਾਕ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਦੂਰ ਨਿਕਲ ਗਈ। ਅੰਤ ਉਹ ਇਕ ਸੰਘਣੀ ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਦਰੱਖ਼ਤ ਹੇਠ ਪੁੱਜੀ। ਉਹ ਉਸ ਦੀ ਛਾਂ ਹੇਠ ਲੰਮੀ ਪੈ ਗਈ। ਇੰਨੇ ਨੂੰ ਲੂੰਬੜੀ ਦੀ ਨਿਗਾਹ ਉੱਪਰ ਪਈ। ਉਸ ਨੇ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਵੇਲ ਨਾਲ ਪੱਕੇ ਹੋਏ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਲਮਕ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਆਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਉੱਛਲ ਕੇ ਅੰਗੂਰ ਤੋੜਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਅੰਗੂਰ ਬਹੁਤ ਉੱਚੇ ਸਨ। ਉਸ ਨੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਛਾਲਾਂ ਮਾਰੀਆਂ, ਪਰ ਵਿਅਰਥ। ਅੰਤ ਉਹ ਨਫ਼ਰਤ ਨਾਲ ਇਹ ਕਹਿੰਦੀ ਹੋਈ ਅੱਗੇ ਤੁਰ ਪਈ ਕਿ ਅੰਗੂਰ ਖੱਟੇ ਹਨ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਹੱਥ ਨਾਂ ਪਹੁੰਚੇ ਧੂਹ ਕੌੜੀ।

5. ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ

ਇਕ ਅਮੀਰ ਆਦਮੀ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਵਿਚ ਪੈ ਗਿਆ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਇਸ ਆਦਤ ਦਾ ਬਹੁਤ ਦੁੱਖ ਹੋਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਮਝਾਇਆ ਕਿ ਉਹ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਛੱਡ ਦੇਵੇ, ਪਰ ਪੁੱਤਰ ਉੱਤੇ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਾ ਹੋਇਆ ਅੰਤ ਉਸ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਰਾਹ ਪਾਉਣ ਲਈ ਇਕ ਤਰੀਕਾ ਕੱਢਿਆ।

ਉਸ ਨੇ ਬਜ਼ਾਰੋਂ ਵਧੀਆ ਸੇਬਾਂ ਦੀ ਇਕ ਟੋਕਰੀ ਮੰਗਾਈ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਇਕ ਗਲਿਆ – ਸੜਿਆ ਸੇਬ ਮੰਗਵਾ ਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਗਲੇ – ਸੜੇ ਸੇਬ ਨੂੰ ਬਾਕੀ ਚੰਗੇ ਸੇਬਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਰੱਖ ਦੇਵੇ। ਪੁੱਤਰ ਨੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਫਿਰ ਪਿਤਾ ਦੇ ਕਹੇ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸ ਨੇ ਉਹ ਟੋਕਰੀ. ਅਲਮਾਰੀ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ।

ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਿਤਾ ਨੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਟੋਕਰੀ ਵਿਚੋਂ ਇਕ ਸੇਬ ਲਿਆਵੇ। ਪੁੱਤਰ ਨੇ ਅਲਮਾਰੀ ਖੋਲ੍ਹੀ। ਜਦੋਂ ਉਸ ਨੇ ਟੋਕਰੀ ਚੁੱਕੀ, ਤਾਂ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਉਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਸੇਬ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਪਿਤਾ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਂਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਕ ਖ਼ਰਾਬ ਸੇਬ ਨੇ ਸਾਰੇ ਸੇਬ ਖ਼ਰਾਬ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਤੈਨੂੰ ਇਸ ਤੋਂ ਸਬਕ ਸਿੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਤੈਨੂੰ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਇਹ ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਬਰਾ ਬਣਾ ਦੇਵੇਗੀ। ਪਿਤਾ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਪੱਤਰ ਦੇ ਮਨ ‘ਤੇ ਅਸਰ ਕਰ ਗਈ ਅਤੇ ਉਸ ਨੇ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।

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ਸਿੱਖਿਆ – ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਨਾਲੋਂ ਇਕੱਲਾ ਭਲਾ।