PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 8 बस चुप भली

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 8 बस चुप भली Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 8 बस चुप भली

Hindi Guide for Class 8 PSEB बस चुप भली Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ

निगाह = नज़र।
जुबानदराजी = अधिक बोलने की आदत।
दस्तक = खटखटाना।
जहर उगलना = बुरा-भला कहना।
रामबाण औषधि = अचूक दवा।
नसीहतें = उपदेश।
बयान = वर्णन करना।
चटोरी = स्वाद लेने वाली।
रसना = जीभ।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 8 बस चुप भली

II. इन मुहावरों को अपने वाक्यों में प्रयोग करें:

1. काला अक्षर भैंस बराबर
2. छाती पर मूंग दलना
3. फाँसी का फंदा चूमना
4. कान पकड़ना
5.मैदान में कूद पड़ना
6. राग अलापना
7. नमक खाना
8. अपना-सा मुँह लेकर चले जाना
9. जान के पीछे पड़ना
उत्तर:
1. काला अक्षर भैंस बराबर – आज के युग में काला अक्षर भैंस बराबर व्यक्ति को समाज में सम्मान प्राप्त नहीं होता।
2. छाती पर मूंग दलना – गणेशी का बदमाश पोता न पढ़ता है और न ही कोई काम करता है, बस बूढ़ी दादी की छाती पर मूंग दलता रहता है।
3. फाँसी का फंदा चूमना – भगत सिंह ने देश के लिए खुशी-खुशी फाँसी का फंदा चूम लिया था।
4. कान पकड़ना – मैं तो कान पकड़ता हूँ कि तुम्हारे घर अब कभी नहीं आऊँगा।
5. मैदान में कूद पड़ना – झांसी की रानी अंग्रेजों के व्यवहार से क्रोधित हो कर मैदान में कूद पड़ी थी।
6. राग अलापना – तेरी यहाँ कोई सुनवाई नहीं तो फिर क्यों अपना राग अलाप रहा है।
7. नमक खाना – तुम्हारा बरसों तक नमक खाया है इसलिए यह काम तो मुझे करना ही पड़ेगा।
8. अपना-सा मुँह लेकर चले जाना – अफ़सर ने जब गाँव वालों की बात सुनी ही नहीं तो वे अपना-सा मुँह लेकर चले गए।
9. जान के पीछे पड़ना – ये गुंडे तो तुम्हारी जान के पीछे पड़े हुए हैं इसलिए जल्दी पुलिस की सहायता प्राप्त करो।

(ख) विषय – बोध

I. सही पर (✓) और गलत पर (×) का चिह्न लगायें :

(क) जुबानदराजी बुरी आदत है?
(ख) मौन के बल पर कालिदास का विवाह राजकुमारी से नहीं हुआ था। ( )
(ग) निर्दय जुबान के कारण रहीम अन्तिम दिनों में परेशान हुए थे। ( )
(घ) बिहारी लाल और मुरारी लाल को साहब ने तरक्की दी थी। ( )
(ङ) चुनाव अभियान में लेखक ने खन्ना का पक्ष लिया था। ( )
उत्तर:
सही- क, ग।
गलत- ख, घ, ङ।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 8 बस चुप भली

II. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
सब आफ़तों से बचने की रामबाण औषधि क्या है?
उत्तर:
सब आफ़तों से बचने की रामबाण औषधि मौन धारण कर लेना है।

प्रश्न (ख)
न चाहते हुए भी हम क्यों जुबानदराजी करते हैं?
उत्तर:
न चाहते हुए भी मन के भावों के कारण जुबान नियंत्रण में नहीं रहती है और हम जुबानदराजी करते हैं।

प्रश्न (ग)
जुबानदराजी के कारण मनसूर का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर:
जुबानदराजी के कारण मनसूर को फांसी के फंदे पर झूलना पड़ा था।

प्रश्न (घ)
अपने ही घर में लेखक को मेहमान क्यों बनना पड़ा?
उत्तर:
लेखक को अपने किसी जान-पहचान वाले के बेटे की शादी में न चाहते हुए भी भागीदार बनने के कारण अपने ही घर में मेहमान बनना पड़ा था।

प्रश्न (ङ)
बिहारी लाल और मुरारी लाल की गवाही से लेखक ने मुक्ति किस युक्ति से ली?
उत्तर:
लेखक को झूठ-मूठ की भयंकर खाँसी का बहाना करने की युक्ति से बिहारी लाल और मुरारी लाल की गवाही से मुक्ति मिली थी।

III. चार या पाँच वाक्यों में उत्तर लिखें:

प्रश्न (क)
एक चुप सौ सुख’ इस तथ्य (सच्चाई) को अपनी युक्तियों से स्पष्ट करें।
उत्तर:
वास्तव में ही ‘एक चुप सौ सुख’ एक सच्चाई है। यदि दो मित्र आपस में किसी भी बात पर झगड़ पड़ें तो उन में से किसी एक का पक्ष नहीं लिया जा सकता। ऐसा करने से उन दो में से एक मित्र का दुश्मन बन जाना निश्चित होता है। लड़ाई-झगड़ा तो घर में भी हो जाता है। चुप रह कर किसी भी पक्ष का साथ न देना समस्या को कम ही करता है और अपने शत्रुओं और विरोधियों की संख्या को भी कम करता है।

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प्रश्न (ख)
क्या हर स्थिति में चुप रहना चाहिए’ अपने विचार लिखें।
उत्तर:
हर स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसा तो केवल वही कर सकता है जो मूर्ख हो या पागल हो। जब कोई अन्याय के रास्ते पर चलता हुआ किसी पर भी अनावश्यक रूप से अत्याचार कर रहा हो तो चुप नहीं रहना चाहिए। देखकर मक्खी नहीं निगली जा सकती। जब हमारे हितों को चोट लग रही हो या किसी पर भी अनर्थ ढाया जा रहा हो तो चुप नहीं रहना चाहिए, सदा चुप रहने वाले को लोग मूर्ख ही मानते हैं और जीवन जीते हुए मूर्ख कदापि नहीं बनना चाहिए। इसके लिए व्यवहार बुद्धि का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न (ग)
बिहारी लाल और मुरारी लाल के झगड़े से बचने के लिए लेखक ने क्या नाटक किया?
उत्तर:
बिहारी लाल और मुरारी लाल के झगड़े से बचने के लिए लेखक ने अपने दफ़्तर के साहब से भयंकर खांसी का नाटक किया था। वह ज़ोर-जोर से खाँसी करते हुए लुढ़क गया था। उसने अपनी सांस रोक ली थी। उसे डिस्पैंसरी ले जाना पड़ा था।

प्रश्न (घ)
लेखक ने उलझनमयी परिस्थितियों कोर्ट कचहरी, शादी-मंगनी, चुनाव उपचुनाव-आदि से दूर रहने का संकेत क्यों दिया है ?
उत्तर:
जब हम किसी विषय पर चुप हो जाते हैं और किसी भी पक्ष के पक्ष या विपक्ष का साथ नहीं देते तो लोग हमें अपना शस्त्र नहीं बना पाते। वे हम से तब किसी गवाही की उम्मीद नहीं रखते। उन्हें लगता है कि हम उनके किसी काम के नहीं हैं। ऐसी स्थिति में हम कोट-कचहरी, शादी-मंगनी, चुनाव-उपचुनाव आदि चक्करों से बच जाते हैं।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग पृथक् करें :

1. अधिपति, अध्यक्ष, अध्यात्म, अधिराज।
2. अभिप्राय, अभिशाप, अभिलाषा, अभिमान।
3. अपराध, अपमान, अपशब्द, अपवाद।
4. अतिशय, अतिनिर्धन, अत्याचार, अत्यावश्यक।
5. अनुवाद, अनुचर, अनुरूप, अनुकरण।
6. अवगुण, अवनति, अवस्था, अवसर।
7. उपमान, उपवन, उपकार, उपमंत्री।
8. निर्भय, निर्दोष, निर्वाह, नीरोग (निर्)
9. निस्तार, निश्चल, निष्प्राण, निष्प्रभ (निस / निश / निष् । निः)
10. परिचय, परिमाण, परिक्रमा, परिवर्तन।
उत्तर:
1. अधि
2. अभि
3. अप
4. अति
5. अनु
6. अव
7. उप
8. निर्
9. निस / निश / निष् / निः
10. परि।

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II. समस्तपदों को अलग करें (विग्रह)

जुबान दराजी = ……………….
वाणी-संयम = ……………….
योग-साधना = ……………….
तन-मन = ……………….
शरणागत = ……………….
रसोईघर = ……………….
आपबीती = ……………….
अनपढ़ = ……………….
उत्तर:
जुबान दराजी = जुबान की दराजी
वाणी-संयम = वाणी का संयम
योग-साधना = योग की साधना
तन-मन = तन और मन
शरणागत = शरण में गत
रसोई घर = रसोई के लिए घर
आप बीती = अपने पर बीती
अनपढ़ = नहीं पढ़ा है जो/ न पढ़ा

PSEB 8th Class Hindi Guide बस चुप भली Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
किस पर लगाम लगाने से सभी काम शीघ्रता और शांति से हो जाते हैं ?
(क) हाथों पर
(ख) पैरों पर
(ग) जुबान पर
(घ) मन पर।
उत्तर:
जुबान पर।

प्रश्न 2.
जुबानदराजी के कारण किसे फाँसी पर झूलना पड़ा
(क) महमूद को
(ख) मनसूर को
(ग) मुनव्वर को
(घ) मुज़रूह को।
उत्तर:
मनसूर को।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 8 बस चुप भली

प्रश्न 3.
गवाही नहीं देने से मुक्ति कैसे मिलती है ?
(क) बेहोश होकर
(ख) बीमार होकर
(ग) खांसी के दौरे से
(घ) विदेश भाग कर।
उत्तर:
खांसी के दौरे से।

प्रश्न 4.
रहीम के अनुसार अनुचित बात कहने पर जूते किसे पड़ते हैं ?
(क) मुँह को
(ख) खोपड़ी को
(ग) पीठ को
(घ) टांगों को
उत्तर:
खोपड़ी को।

प्रश्न 5.
विधानसभा के चुनाव अभियान का काम संभालने से बचने के लिए लेखक कहाँ चले गए ?
(क) दिल्ली
(ख) शिमला
(ग) अमृतसर
(घ) पटियाला।
उत्तर:
दिल्ली

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 8 बस चुप भली

बस चुप भली Summary

बस चुप भली पाठ का सार

युगों से समझदार लोग सभी प्रकार की मुसीबतों से बचने के लिए एक ही बात कहते आएं हैं कि ‘एक चुप सौ सुख’। जुबान पर लगाम लगाने से सभी काम शीघ्रता और शांति से पूरे हो जाते हैं लेकिन जुबान है कि मुँह में टिकती ही नहीं। जरा-सी बात पर गज भर लंबी हो कर यह बाहर निकल आती है और झगड़े का बड़ा कारण बन जाती है। बुजुर्गों की चुप रहने की नसीहत धरी-की-धरी रह जाती है। चुप रहना आसान नहीं है पर इसके फ़ायदे बहुत हैं। मूर्ख और अनपढ़ कालिदास केवल चुप रहने के कारण सुंदर राजकुमारी का पति बन गया था और वहीं अपने युग का सबसे बड़ा दार्शनिक मन्सूर जोबस हर बात को बोलने के कारण फांसी के फंदे पर लटका दिया गया था। तभी तो रहीम को कहना पड़ा था कि जुबान अच्छी-बुरी सब बातें कह कर स्वयं तो दाँतों के पीछे मुँह में जा छिपती है और जूते बेचारी खोपड़ी को खाने पड़ते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के समय मुहल्ले के दो लोग लेखक के घर पधारे।

वे दोनों चाहते थे कि लेखक महोदय उनके लिए चुनावअभियान का सारा कार्यभार संभाल लें। लेखक ने उन दोनों को किन्हीं विशेष एहसानों के कारण साफ-साफ मना तो करना नहीं था, इसलिए उन्होंने उन्हें एक कागज़ पर लिख कर बताया कि वे मौन व्रत पर थे और अगले दिन बताएंगे कि वे उन दोनों में से किस के लिए काम करेंगे। अगले दिन सुबह-सवेरे वे दिल्ली चले गए और विवाद से बच गए। दफ़्तर में बिहारी लाल और मुरारी लाल ने आपस में जोरदार झगड़ा किया, तोड़-फोड़ भी कर दी। बड़े साहब ने उन दोनों के कहने पर लेखक को गवाह के रूप में बुलाया। संकट से बचने के लिए लेखक ने भयंकर खाँसी के दौरे का नाटक किया। लेखक को तो डिस्पैंसरी भेज दिया गया पर बिहारी-मुरारी दोनों की तरक्की रोक दी गई थी जिसका सारा दोष दोनों ने लेखक पर डाला। एक बार मुहल्ले के कुछ बुजुर्गों ने अपने होनहार पुत्र को विवाह के लिए लड़की पक्ष को दिखाने हेतु लेखक का घर चुन लिया। लेखक चाह कर भी उन्हें ना नहीं कह सका जिसका परिणाम है कि अब उसका मेहमानखाना लड़के-लड़की वालों के आपसी झगड़ों का पंचायत घर बना हुआ है। लेखक का यही मानना है कि कोर्ट-कचहरी, शादी-मंगनी, चुनाव-उपचुनाव, सिफ़ारिश, गवाही, जमानत आदि से दूर ही रहना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जा सकता तो जुबान अवश्य खोलनी पड़ेगी और जुबान का रस तो निश्चित रूप से दुःखदायी होता ही है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

Hindi Guide for Class 8 PSEB गुरु गोबिन्द सिंह जी Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ

दशम् = दसवें।
दुर्लभ = जिनका मिलना कठिन हो।
तेजस्वी = शक्तिशाली।
बलात् = बलपूर्वक, ज़बरदस्ती।
अल्पावस्था = छोटी आयु।
आक्रमण = हमला।
मैत्री = मित्रता।
कृपाण = तलवार।
निधन = स्वर्गवास।
नेतृत्व करना = अगुवाई करना।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

II. मुहावरों और लोकोक्तियों का वाक्यों में प्रयोग करो

1. छक्के छुड़ाना –
2. होनहार बिरवान के होत चीकने पात –
3. काम तमाम करना –
4. हिम्मत न हारना –
5. वीरगति को प्राप्त होना –
6. तलवार के घाट उतारना –
7. खूब फलना –
8. फूलना –
9. बीड़ा उठाना –
10. मौत को गले लगाना –
11. ईंट से ईंट बजाना –
12. प्राण फूंक देना –
13. जान से खेलना –
उत्तर:
1. छक्के छुड़ाना – शिवाजी ने मुग़ल सेना के छक्के छुड़ा दिए थे।
2. होनहार बिरवान के होत चीकने पात – गुरु गोबिन्द सिंह की बचपन में ही अद्भुत योग्यता इस बात की परिचायक थी कि होनहार बिरवान के होत चीकने पात।
3. काम तमाम करना – तलवार के एक ही वार से उसने डाकू का काम तमाम कर दिया।
4. हिम्मत न हारना – अनेक संकटों के बाद भी गुरु जी ने हिम्मत न हारी।
5. वीरगति को प्राप्त होना – युद्ध में अनेक भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
6. तलवार के घाट उतारना – वीर सैनिक ने शत्रु को तलवार के घाट उतार दिया।
7. खूब फलना – फूलना-ईश्वर की कृपा से हमारा व्यापार खूब फल-फूल गया है।
8. बीड़ा उठाना – मैंने देश की सेवा करने का बीड़ा उठा लिया है।
9. मौत को गले लगाना – गरीब किसान ने उधार न चुका पाने के कारण नदी में कूद कर मौत को गले लगाया था।
10. ईंट से ईंट बजाना – चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने विरोधियों की ईंट से ईंट बजा दी थी।
11. प्राण फूंक देना – सेठ जी की सहायता ने युवक में प्राण फूंक दिये थे।
13.जान से खेलना – जान से खेलकर राहुल ने अपने पिता को डाकुओं से बचा लिया था।

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
भारतीय इतिहास में गुरु गोबिन्द सिंह जी का नाम क्यों प्रसिद्ध है ?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह के त्याग, बलिदान और वीरता के कारण ही उनका नाम भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध है।

प्रश्न (ख)
गोबिन्द राय ने पिता को बलिदान के लिए प्रेरणा क्यों दी ?
उत्तर:
गोबिन्द राय ने अपने पिता गुरु तेग़ बहादुर को हिन्दू-धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने की प्रेरणा दी।

प्रश्न (ग)
गुरु जी के प्रिय खेल क्या-क्या थे ?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रिय खेल हथियार चलाना, घुड़सवारी करना, साथियों की दो टोलियाँ बनाकर नकली युद्ध करना आदि थे।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

प्रश्न (घ)
‘पाऊँटा’ शब्द का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
पाऊँटा का अर्थ है पाँव टिकाना। जिस स्थान पर गुरु जी ने पाँव टिकाए, वह स्थान पाऊँटा साहिब के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

प्रश्न (ङ)
गुरु जी ने सेना क्यों सजाई ?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने धर्म की रक्षा और औरंगज़ेब के अत्याचारों का मुकाबला करने के लिए सेना सजाई।

प्रश्न (च)
जफरनामा के विषय में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर:
निडर और साहसी गुरु गोबिन्द सिंह जी ने औरंगज़ेब को जो फ़ारसी में पत्र लिखा था उसे जफ़रनामा कहते हैं।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
गोबिन्द राय का बचपन ‘होनहार बिरवान के होत चीकने पात’ कहावत को कैसे चरितार्थ करता है ?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी जब बाल्यावस्था में ही थे, तो उनमें महानता के गुण झलकने लगे थे। तीर-तलवार चलाना, घुड़सवारी करना आदि उनके प्रिय खेल थे। जब कश्मीरी पंडित फ़रियाद लेकर गुरु तेग़ बहादुर जी के पास आनन्दपुर आए तो उस समय गुरु गोबिन्द सिंह जी केवल नौ वर्ष के थे। उन्होंने अपने पिता गुरु तेग़ बहादुर जी को धर्म की रक्षा तथा अत्याचारों के विरुद्ध बलिदान देने की प्रेरणा दी। गुरु गोबिन्द सिंह जी की इन्हीं विशेषताओं के कारण यह लोकोक्ति उन पर पूर्णतया चरितार्थ होती है, ‘होनहार बिरवान के होत चीकने पात।’

प्रश्न (ख)
गुरु जी ने खालसा पंथ की स्थापना कैसे की ?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने सन् 1699 को वैशाखी के पर्व पर आनन्दपुर साहिब में दरबार सजाया। भरी सभा में उन्होंने बलिदान के लिए पाँच शिष्यों की माँग की। सभा में सन्नाटा छा गया। फिर दिल्ली का जाट धर्मदास, द्वारिका का धोबी मुहकम चन्द, जगन्नाथ का कहार हिम्मत राय और लाहौर का क्षत्रिय दयाराम और विदर का नाई साहब चन्द बलिदान के लिए सामने आए। गुरु जी एक-एक करके उन्हें अपने तम्बू में ले जाते और उन्हें वहाँ बैठा देते। इस तरह पाँच प्यारों का चुनाव किया गया। उन्हें अमृत छकाया। ‘पाँच ककार धारण कराये। स्वयं भी अमृत पिया। इस तरह धर्म की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की।

प्रश्न (ग)
“इन पुत्रन के सीस, पर, वार दिए. सुत चार,
चार मुए तो क्या भया, जीवित कई हजार।”
इन पंक्तियों का क्या भाव है?
उत्तर:
मुग़ल सेना से लड़ते हुए गुरु गोबिन्द सिंह जी ने अपने एक जाट शिष्य की हवेली को ही किला बना कर शत्रु का सामना किया। उनके दो पुत्र अजीत सिंह और जुझार सिंह युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो गए। छोटे दोनों पुत्र जोरावर सिंह और फतेह सिंह को सरहिन्द के सूबेदार ने जीवित ही दीवार में चिनवा दिया पर उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला। माता सुन्दरी के आँसुओं को देखकर गुरु जी ने भरी सभा में कहा था-

इन पुत्रन के सीस पर, वार दिए सुत चार,
चार मुए तो क्या भया, जीवित कई हजार।

अर्थात् मेरे हज़ारों शिष्य पुत्रों के समान हैं। मैंने चार पुत्रों का बलिदान इन्हीं की रक्षा के लिए किया है। वे चार मर भी गए तो कोई बड़ी बात नहीं, जबकि मेरे कई हज़ार पुत्र जीवित हैं।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

प्रश्न (घ)
‘सुभ करमन से कबहूँ न टरौ’ पंक्ति का क्या भाव है?
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी स्वभाव से मानवतावादी थे। वे किसी भी अवस्था में जीवन की राह में आने वाली मुसीबतों और कठिनाइयों से भयभीत नहीं होते थे। धर्म और जाति की रक्षा के लिए वे सदा तत्पर रहते थे। ‘सुभ करमन से कबहूँ न टरौ’ से तात्पर्य है कि मैं जीवन की राह पर शुभ कार्यों को पूरा करने से कभी भी भयभीत न होऊँ। मैं सदा जाति और धर्म के लिए श्रेष्ठ कार्य करता रहूँ।

प्रश्न (ङ)
“मैं हूँ परम पुरख का दासा। देखन आयो जगत तमासा” पंक्ति का भाव स्पष्ट करें।
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी पूर्ण रूप से ईश्वर में विश्वास रखते हुए अपने कर्तव्यपथ पर डटे रहे थे। “मैं हूँ परम पुरख का दासा। देखन आयो जगत तमासा” के द्वारा उन्होंने यही माना है कि मैं परम पिता परमात्मा का दास हूँ और उनके द्वारा रचे गए संसार रूपी इस तमाशे को देखने के लिए ही धरती पर आया हूँ। इस संसार की सुंदरता-बदसूरती, अच्छाई-बुराई, कोमलता-कठोरता, सच-झूठ, प्रेम-घृणा आदि सब सांसारिक तमाशे ही हैं। महान् आत्मा होते हुए भी एक सामान्य व्यक्ति की तरह गुरु जी ने इस संसार में रह कर परमात्मा के तमाशे ही तो देखे थे।

प्रश्न (च)
गुरु गोबिन्द सिंह जी का व्यक्तित्व अलौकिक था, स्पष्ट करें।
उत्तर:
गुरु गोबिन्द सिंह जी का व्यक्तित्व निस्संदेह रूप से अलौकिक था। उन्होंने धर्म, जाति और देश के लिए अपने युग को दिशा-निर्देश ही नहीं दिया था बल्कि स्वयं तलवार हाथ में थाम कर इन्सानियत के दुश्मनों को संसार से दूर भी कर दिया था। वे अवतार पुरुष थे जिन्होंने निर्जीवों में प्राण फूंक दिये थे, कायरों को वीरता का पाठ पढा दिया था और वीरों को शेर की तरह बहादुर बना दिया था। उनके एक-एक सिंह में लाखों से जूझने की अद्भुत शक्ति थी। उन्होंने अपनी अलौकिक क्षमता से धर्म, जाति और राष्ट्र को नया जीवन प्रदान कर दिया था। वै महान् बोद्धा, दीन-दुखियों के संरक्षक, महान् संत, धर्म और संस्कृति के उद्धारक, खालसा पंथ के संस्थापक और मानवतावादी होने के कारण लौकिक न हो कर अलौकिक थे।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखें

जो विश्वास के योग्य हो – ……………
जो निडरता से कार्य करे – ……………
जो कभी न मरे – ……………
आक्रमण करने वाला – ……………
धर्म से सम्बन्धित – ……………
दूर की सोचने वाला – ……………
जो घोड़े की सवारी करे – ……………
जानने की इच्छा रखने वाला – ……………
उत्तर:
1. जो विश्वास के योग्य हो – विश्वसनीय, विश्वासपात्र
2. जो निडरता से कार्य करे – निर्भीक/निडर
3. जो कभी न मरे – अमर
4. आक्रमण करने वाला – आक्रमणकारी/हमलावर
5. धर्म से सम्बन्धित – धार्मिक
6. दूर की सोचने वाला – दूरदर्शी
7. जो घोड़े की सवारी करे – घुड़सवार
8. जानने की इच्छा रखने वाला – जिज्ञासु

II. निम्नलिखित समास का विग्रह करके समास का नाम बतायें :

शस्त्र विद्या = ……………
धर्म परिवर्तन = ……………
महापुरुष = ……………
पुत्र इच्छा = ……………
युद्ध साम्रगी = ……………
भयभीत = ……………
पंजाब = ……………
उत्तर:
शस्त्र विद्या = शस्त्र की विद्या – संबंध तत्पुरुष समास
धर्म परिवर्तन = धर्म का परिवर्तन – संबंध तत्पुरुष समास
महापुरुष = महान् है पुरुष जो – कर्मधारय समास
पुत्र इच्छा = पुत्र की इच्छा – संबंध तत्पुरुष समास
युद्ध साम्रगी = युद्ध के लिए सामग्री – संप्रदान तत्पुरुष समास
भयभीत = भय से भीत – करण तत्पुरुष समास
पंजाब = पाँच आबों (नदियों) का समूह-द्विगु समास।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

III. सन्धि-विच्छेद करें

अत्याचारी = ……………
युवावस्था = ……………
अल्पावस्था = ……………
भाषानुवाद = ……………
रामायण = ……………
दुर्लभ = ……………
विद्याभ्यास = ……………
सम्मान = ……………
उत्तर:
संधि विच्छेद
अत्याचारी = अति + आचारी।
युवावस्था = युवा + अवस्था।
अल्पावस्था = अल्प + अवस्था।
भाषानुवाद = भाषा + अनुवाद।
रामायण = राम + आयन।
दुर्लभ = दुः + लभ।
विद्याभ्यास = विद्या + अभ्यास।
सम्मान = सम् + मान।

IV. विशेषण बनाएँ

साहित्य + इक = साहित्यिक
सम्प्रदाय + इक = ………
धर्म + इक = ……………
संस्कृति + इक = ………
साहस + इक = …………..
स्वभाव + इक = ………..
उत्तर:
विशेषण
साहित्य + इक = साहित्यिक
सम्प्रदाय + इक = साम्प्रदायिक
धर्म + इक = धार्मिक
संस्कृति + इक = सांस्कृतिक
साहस + इक = साहसिक
स्वभाव + इक = स्वाभाविक।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

V. ‘प्रहार’ और ‘प्रशिक्षित’ में ‘प्र’ उपसर्ग है। ‘निर्जीव’ में ‘निर्’ और ‘दुर्लभ’ में ‘दुर्’ उपसर्ग है। इन तीनों उपसर्गों का प्रयोग करते हुए पाँच-पाँच शब्द लिखें।

उत्तर:
प्र – प्रगति, प्रमाण, प्रवीण, प्रचण्ड, प्रवृत्ति।
निर् – निर्लज्ज, निर्लोभ, निर्बल, निर्धन, निर्जन।
दुर् – दुर्दशा, दुर्जन, दुर्गम, दुराचार, दुर्लभ।

(घ) रचनाबोध

प्रश्न 1.
गुरु गोबिन्द सिंह जी पर एक निबन्ध लिखें।
उत्तर:
निबन्ध-लेखन भाग देखिए।

PSEB 8th Class Hindi Guide गुरु गोबिन्द सिंह जी Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी सिखों के कौन-से गुरु थे ?
(क) द्वितीय
(ख) चतुर्थ
(ग) अष्टम
(घ) दशम्।
उत्तर:
दशम्।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

प्रश्न 2.
श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म कब हुआ था ?
(क) 22-12-1646
(ख) 22-12-1666
(ग) 22-12-1665
(घ) 22-12-1664.
उत्तर:
22-12-1666.

प्रश्न 3.
श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का जन्म कहाँ हुआ था ?
(क) पटियाला
(ख) पटना
(ग) पाटन
(घ) पालमपुर।
उत्तर:
पटना।

प्रश्न 4.
श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का बचपन का नाम क्या था ?
(क) गोबिन्द राय
(ख) गोबिन्द राम
(ग) गोबिन्द सिंह
(घ) गोबिन्द लाल।
उत्तर:
गोबिन्द्र राय।

प्रश्न 5.
श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने गुरु पद कब ग्रहण किया था ?
(क) 11-11-1657
(ख) 11-11-1670
(ग) 11-11-1675
(घ) 11-11-1660.
उत्तर:
11-11-1675.

प्रश्न 6.
पाऊँटा साहिब का किला कब बना था?
(क) 1680
(ख) 1682
(ग) 1683
(घ) 1685.
उत्तर:
1685.

प्रश्न 7.
पाँच प्यारों का चुनाव कहाँ हुआ था ?
(क) पटना साहिब में
(ख) नांदेड़ में
(ग) आनन्दपुर साहिब में
(घ) अमृतसर में।
उत्तर:
आनन्दपुर साहिब में।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

प्रश्न 8.
गुरु गोबिन्द सिंह जी के कितने पुत्रों ने बलिदान दिया था ? ।
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच।
उत्तर:
चार।

प्रश्न 9.
‘जफरनामा’ किस भाषा की रचना है ?
(क) अरबी
(ख) फ़ारसी
(ग) संस्कृत
(घ) गुरुमुखी।
उत्तर:
फ़ारसी।

प्रश्न 10.
खालसा पंथ की स्थापना सन् 1699 ई० को किस दिन हुई थी ?
(क) लोहड़ी के
(ख) वैशाखी के
(ग) दीपावली के
(घ) दशहरा के।
उत्तर:
वैशाखी के।

गुरु गोबिन्द सिंह जी Summary

गुरु गोबिन्द सिंह जी पाठ का का सार

गुरु गोबिन्द सिंह जी सिखों के दशम गुरु थे। वे अनेक गणों के भंडार थे। वे धीर. वीर. त्यागी और तेजस्वी महापुरुष थे। उन्होंने देश धर्म की रक्षा के लिए अपने चारों पुत्रों का बलिदान दिया। वे महान् योद्धा थे। वे सूर्य के समान तेजस्वी थे। उन्होंने कायरों को वीर बनाया और वीरों को सिंह बना दिया था।

गुरु जी का जन्म 22 दिसम्बर, सन् 1666 ई० को पटना (बिहार) में हुआ। उनका बचपन का नाम गोबिन्द राय रखा गया। उनके पिता गुरु तेग़ बहादुर जी थे। उनकी माता जी श्रीमती गुजरी जी थीं। गोबिन्द राय जी का बचपन भी असाधारण था। शस्त्र और शास्त्र विद्या से उन्हें बड़ा प्रेम था।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 7 गुरु गोबिन्द सिंह जी

गुरु तेग़ बहादुर परिवार सहित पटना से आनन्दपुर आ गए। देश में औरंगजेब का शासन था। भयभीत कश्मीरी गुरु तेग़ बहादुर जी की शरण में आए। उन्होंने हिन्दू-धर्म की रक्षा के लिए प्रार्थना की। गुरु तेग़ बहादुर जी ने कहा-“स्थिति किसी महापुरुष का बलिदान चाहती है।” पास बैठे नौं वर्षीय पुत्र गोबिन्द राय ने कहा-“पिता जी, आप से बढ़ कर बलिदान योग्य महापुरुष कौन हो सकता है ?” पुत्र की इच्छा को समझ कर गुरु जी ने दिल्ली पहुँच कर चाँदनी चौक में अपना शीश भेंट कर दिया।

श्री गोबिन्द राय ने 11 नवम्बर, सन् 1675 को गुरु-पद ग्रहण किया। उन्होंने गुरु-गद्दी पर बैठकर ही धर्म की रक्षा का बीड़ा उठाया। उन्होंने पाँच सिखों को संस्कृत पढ़ने के लिए काशी भेजा। सन् 1685 ई० में उन्होंने यमुना के किनारे एक किला बनवाया जिसका नाम पाऊँटा साहिब रखा गया। वहाँ गुरु जी ने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाया। गुरु जी की बढ़ती शक्ति से पहाड़ी राजा उनके शत्रु बन गए। औरंगजेब भी क्रोधित हो उठा। सन् 1699 ई० में वैशाखी के दिन गुरु जी ने आनन्दपुर साहिब में दरबार सजाया। वहाँ आपने पाँच प्यारों का चुनाव किया। वहाँ खालसा पंथ की स्थापना की। गुरु जी ने अपना नाम गोबिन्द सिंह रखा। धर्म की रक्षा करने के लिए अन्याय तथा अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने अपने चारों पुत्रों को देश धर्म के लिए बलिदान कर दिया।
गुरु जी ने औरंगज़ेब को फ़ारसी में एक पत्र लिखा। इसे ‘जफ़रनामा’ कहा जाता है। औरंगज़ेब को इसमें धिक्कारा गया था। गुरु जी नन्देड़ (महाराष्ट्र) में रहने लगे। वहाँ से उन्होंने बन्दा बहादुर को अत्याचार का दमन करने के लिए पंजाब भेजा। उसने सरहिन्द की ईंट से ईंट बजा दी। गुरु गोबिन्द सिंह जी 7 अक्तूबर, सन् 1708 ई० को स्वर्ग सिधार गए। उनके महान् आदर्श आज भी हमारे प्रेरणा स्रोत हैं।

 

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 6 मुँह बोले बेटे

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 6 मुँह बोले बेटे Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 6 मुँह बोले बेटे

Hindi Guide for Class 8 PSEB मुँह बोले बेटे Textbook Questions and Answers

(क) भाषा बोध

I. शब्दार्थ

दुर्घटना = दुर् + घटना = बुरी घटना
असमर्थ = शक्ति के बाहर
निरुत्तर = निर् + उत्तर = उत्तर न देना
गति = चाल
चौकस = सतर्क
शीघ्र = जल्दी
फुर्ती = तेजी
अनुरोध = प्रार्थना
लथपथ = भीगा हुआ, तर। .
समीप = पास
दर्पण = शीशा
पर्याप्त = काफी
इशारा = संकेत
दंग = हैरान
तिराहा = तीन रास्तों का समूह
प्रभाव = असर।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 6 मुँह बोले बेटे

II. इन शब्दों को अपने वाक्यों में प्रयुक्त करें

दुर्घटना – ……………..
निरुत्तर – ……………..
चौकस – ……………..
लथपथ – ……………..
प्रभाव – ……………..
दंग – ……………..
उत्तर:
दुर्घटना – बस दुर्घटना में कई लोग मारे गए।
निरुत्तर – गुरु जी के कथन पर सब निरुत्तर हो गए।
चौकस – यात्रा करते समय चौकस रहना चाहिए।
लथपथ – सब घायल खून से लथपथ थे।
प्रभाव – महात्मा जी के भाषण का बड़ा प्रभाव हुआ।
दंग – मोहन के आने पर सब दंग रह गए।

III. मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करें

1.  झाँसा देना – ……………..
2. चम्पत हो जाना – ……………..
3. जान में जान आना – ……………..
4. धोखा खाना – ……………..
5. आँख लगना – ……………..
6. लहूलुहान होना – ……………..
7. जान के लाले पड़ना – ……………..
8. ढांढ़स बंधाना – ……………..
9. साँस फूलना – ……………..
10. दंग रह जाना – ……………..
11. चपेट में आ जाना – ……………..
12. चौकसी बरतना – ……………..
13. बंटाधार हो जाना – ……………..
उत्तर:
1. झाँसा देना – आज के राजनीतिज्ञ जनता को झांसा देने में बहुत चतुर हैं।
2. चम्पत हो जाना – लुटेरा पुलिस को देखते ही चम्पत हो गया।
3. जान में जान आना – सुरेश के सकुशल लौटने पर सब की जान में जान आ गई।
4. धोखा खाना – जनता नेताओं से बार-बार धोखा खाती रहती है।
5. आँख लगना – ठण्डी हवा के झोंके से सुधा की आँख लग गई।
6. लहूलुहान होना – दुर्घटना में सभी यात्री लहूलुहान हो गए।
7. जान के लाले पड़ना – सब यात्रियों को अपनी-अपनी जान के लाले पड़े थे।
8. ढांढ़स बंधाना – दुर्घटना स्थल पर लोगों ने बढिया को ढांढस बंधाया।
9. साँस फूलना – पहाड़ी की चढ़ाई पर साँस फूलने लगता है।
10. दंग रह जाना – छोटी-सी बच्ची की चतुराई भरी बातें सुन कर मैं तो दंग रह गया हूँ।
11. चपेट में आ जाना – दो कारों की टक्कर की चपेट में बेचारा साइकिल वाला भी आ गया था।
12. चौकसी बरतना – बिजली के उपकरणों को हाथ लगाते समय हमेशा चौकसी बरतनी चाहिए।
13.बंटाधार हो जाना – तुम्हारे बहकावे में आकर मेरी परीक्षा का भी बंटाधार हो गया है।

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(ख) विषय बोध

I रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

(1) दो बसों की ……….. हो गई थी।
उत्तर:
टक्कर

(2) मार्च का ……….. था।
उत्तर:
महीना

(3) नौजवान …… वाली दुकान से …. खरीद लाया।
उत्तर:
दवाइयों, टीका

(4) हम ……… पास हैं।
उत्तर:
बी० ए०

(5) नौकरी की ………… में हैं।
उत्तर:
तलाश।

II. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
घटना स्थल से शिमला कितनी दूर था?
उत्तर:
घटना स्थल से शिमला पाँच मील दूर था।

प्रश्न (ख)
सोहन लाल खन्ना चण्डीगढ़ से कहाँ जा रहे थे?
उत्तर:
सोहन लाल खन्ना चण्डीगढ़ से शिमला जा रहे थे।

प्रश्न (ग)
डॉ० सोहन लाल खन्ना बस से उतरने के लिए कितनी देर इन्तजार करते रहे?
उत्तर:
सोहन लाल खन्ना बस से उतरने के लिए पाँच मिनट इन्तजार करते रहे।

प्रश्न (घ)
जब दुर्घटना घटित हुई तब कौन-सा महीना था?
उत्तर:
जब दुर्घटना घटी, उस समय मार्च का महीना था।

प्रश्न (ङ)
कितने युवक डॉ० खन्ना की ओर लपके ?
उत्तर:
दो युवक डॉ० खन्ना की ओर लपके।

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III. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
दुर्घटना होने के बाद जब डॉ० खन्ना की आँख खुली तो उन्होंने क्या अनुभव किया?
उत्तर:
जब बसों के टकराने से डॉ० खन्ना की आँख खुली तो वह दस-बीस सैकण्ड तक यह न समझ पाये कि वह सपना देख रहे थे कि सचमुच कोई दुर्घटना हुई है। उनके निचले होंठ और ठोडी के बीच के भाग से खून टपक रहा था। उन्हें दर्द हो रही थी। उन के सफेद स्वैटर पे खून के धब्बे थे।

प्रश्न (ख)
दोनों लड़कों ने डॉ० खन्ना की किस प्रकार सहायता की?
उत्तर:
दोनों लड़कों ने डॉ० खन्ना की बहुत सहायता की। बस से उतरने पर उनका भारी सामान उठा लिया। फिर वे उन्हें घायल अवस्था में एक अस्पताल ले गए। अपने पास से पैसे खर्च करके उन्हें टीका लगवाया। तदन्तर उन्हें पंचायत भवन पहुंचाया।

प्रश्न (ग)
‘मुँह बोले बेटे’ कहानी का उद्देश्य स्पष्ट करें।
उत्तर:
‘मुँह बोले बेटे’ कहानी का उद्देश्य यह है कि मुसीबत और कष्ट में फंसे व्यक्ति की नि:स्वार्थ भाव से सहायता करनी चाहिए। स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों की मदद करनी चाहिए। व्यर्थ में किसी पर सन्देह नहीं करना चाहिए। सभी इन्सान स्वार्थी या धोखेबाज नहीं होते। बेरोज़गार और सुविधाविहीन लोग भी परोपकारी होते हैं और वे सेवाभाव का कोई मूल्य नहीं चाहते।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. कारक ढूंढ़ कर नाम बताएँ

(1) दो बसों की टक्कर हो गई।
(2) चण्डीगढ़ से शिमला के लिए चले थे।’
(3) बाज़ार में काफ़ी भीड़ थी।
(4) लड़कों ने डॉ० खन्ना की बहुत सेवा की।
(5) दोनों लड़के डॉ० खन्ना के मुँह बोले बेटे बन गए।
(6) डॉ० खन्ना ने अपनी आप बीती सुनाई।
(7) स्ट्रेचर से उतर कर चप्पल पहनी।
(8) हे भगवान्! रक्षा करो।
(9) लड़कों को पैसे दिए।
(10) दर्पण में देखना चाहते थे।
उत्तर:
(1) बसों की-सम्बन्ध
(2) चण्डीगढ़ से-अपादान, शिमला के लिए-कर्म
(3) बाज़ार में-अधिकरण
(4) लड़कों ने-करण, खन्ना का-संबंध।
(5) दोनों लड़केकर्ता, खन्ना के-संबंध
(6) खन्ना ने-कर्ता
(7) स्ट्रेचर से-अपादान
(8) हे भगवान्संबोधन
(9) लड़कों को-सम्प्रदान
(10) दर्पण में-अधिकरण।

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II. इन वाक्यों में सकर्मक क्रिया पर गोला लगायें तथा अकर्मक क्रिया को रेखांकित करें :

(i) दो बसों की टक्कर हो गई थी।
(ii) नींद का झोंका आया।
(ii) वे खिड़की से सटी सीट पर बैठे थे।
(iv) दोनों एक साथ बोले।
(v) खन्ना साहब ने दोनों ओर निगाह दौड़ाई।
(vi) दोपहर का समय था।
(vii) उसने अपना वाहन रोक दिया।
(viii) मार्च का महीना था।
उत्तर:
(i) बसों की टक्कर हो गई-सकर्मक
(ii) नींद का झोंका आया-अकर्मक
(iii) सीट पर बैठे थे-सकर्मक
(iv) दोनों एक साथ बोले-अकर्मक
(v) दोनों ओर निगाह दौड़ाई-अकर्मक
(vi) दोपहर का समय था-अकर्मक
(vii) वाहन रोक दिया-सकर्मक
(viii) मार्च का महीना था-अकर्मक।

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III. विराम चिह्न लगायें

  • एक युवक ने हँसते हुए कहा हम ही आपको पंचायत भवन पहुँचाएँगे
  • बस हमारे पीछे पीछे चले आओ
  • मुँह खोलने में कष्ट होने पर भी शिष्टाचार के नाते उन्होंने पूछ ही लिया बेटा तुम क्या काम करते हो
  • डॉक्टर ने पूछा कहिए दादा कैसा लग रहा है
  • उन्होंने कहा हाँ अब ठीक हूँ

उत्तर:

  • एक युवक ने हँसते हुए कहा- “हम ही आपको ‘पंचायत भवन’ पहुँचाएँगे।” ।
  • बस, हमारे पीछे-पीछे चले आओ।
  • मुँह खोलने में कष्ट होने पर भी शिष्टाचार के नाते उन्होंने पूछ ही लिया, “बेटा! तुम क्या काम करते हो?”
  • डॉक्टर ने पूछा, “कहिए दादा! कैसा लग रहा है?”
  • उन्होंने कहा, “हाँ! अब ठीक हूँ।”

IV. विशेषण बनायें।

नीचे = निचला
ऊपर = …………….
आगे = …………….
भीतर = …………….
पीछे = …………….
बाहर = …………….
उत्तर:
नीचे = निचला
ऊपर = ऊपरी
आगे = अगला
भीतर = भीतरी
पीछे = पिछला
बाहर = बाहरी।

V. यद्यपि-तथापि, जो-सो, यदि-तो, क्योंकि-इसलिए आदि योजकों को प्रयोग करते हुए वाक्य बनाएँ।

उत्तर:
यद्यपि-तथापि – यद्यपि वह ग़रीब है, तथापि ईमानदार है।
जो-सो – जो उचित समझो, सो लिखो।
यदि-तो – यदि तुम वहाँ गए तो मेरा काम करते आना।।
क्योंकि-इसलिए – क्योंकि वह बीमार हो गया, इसलिए परीक्षा नहीं दे सका।

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VI. शब्दों के शुद्ध रूप लिखें

दूरघटना – …………….
लहूलुहान – …………….
सवारिया – …………….
वयोवरदध – …………….
अनूरोध – …………….
उत्तर:
अशुद्ध रूप – शुद्ध रूप
दूरघटना – दुर्घटना
लहूलूहान – लहूलुहान
सवारिया – सवारियाँ
वयोवरदध – वयोवृद्ध
अनूरोध – अनुरोध।

VII. समस्त पद विग्रह करें

पंचायत-भवन = …………….
दुर्घटना-स्थल = …………….
गंतव्य-स्थलों = …………….
उत्तर:
(1) पंचायत का भवन।
(2) दुर्घटना का स्थल।
(3) गंतव्य का स्थल।

(घ) रचना भाग

I. अपने मित्र को आँखों देखी दुर्घटना का विवरण देते हुए पत्र लिखो।

उत्तर:
181-मॉडल टाऊन,
पटियाला।
दिसंबर 18, 20….
प्रिय परमजीत,
नमस्ते।

आशा है कि घर में सभी प्रसन्नचित होंगे। मैं काफी दिन से तुम्हें पत्र लिखने की सोच रहा था। लेकिन परीक्षाओं के कारण ऐसा नहीं कर पाया। आज स्कूल से लौटते समय मैंने एक ऐसी दुर्घटना देखी जिसे तुम्हें बताने के लिए मैं चाह कर भी स्वयं को रोक नहीं पा रहा हूँ। तुम्हें तो पता ही है कि मेरा स्कूल और घर का फासला बहुत कम है और मुझे वहाँ पहुंचने में मुश्किल से पांच मिनट लगते हैं। आज जब छुट्टी के बाद मैं स्कूल से घर की ओर चला तो स्कूल के गेट से कुछ आगे एक मोटा आवारा सांड सड़क किनारे खड़ा था। वह बिल्कुल शांत था। एक रिक्शा चालक वहीं पास ही सड़क पर खड़ा था। शायद वह सवारी का इंतजार कर रहा था। अचानक सांड को पता नहीं क्या हुआ? उसने दो-तीन बार अपने अगले खुर जमीन पर ज़ोर से मारे और उस रिक्शा चालक की ओर सिर झुका कर तेज़ी से भागा और सीधा उसके पेट में टक्कर मार दी। उसके सींग उस बेचारे के पेट में जा घुसे। सांड ने अपना सिर पीछे किया। खून से रंगा हुआ रिक्शा चालक चीख भी नहीं पाया था कि सांड ने उसे अपने पाँव से कुचल डाला। जब तक लोग सांड को काबू कर पाते तब तक बेचारा रिक्शा वाला खून से लथपथ सड़क किनारे मृत रूप में पड़ा था। यह देखकर सब सन्न रह गए थे। यह दृश्य मेरे लिए अति भयानक था। ईश्वर ऐसा कभी किसी को न दिखाए। मेरा मन अभी भी अन्दर ही अन्दर डर रहा है। बाकी फिर कभी लिखूगा।
माता-पिता जी को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा मित्र,
रमनीत सिंह।

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II. यदि आपकी किसी ने संकट के समय सहायता की हो तो उसे 50 शब्दों में लिखें।

उत्तर:
पिछले सोमवार मैं स्कूल नहीं गया था। पेट में तेज दर्द था जो दवाई लेने के बाद भी ठीक नहीं हुआ था। मम्मी ने मुझे स्कूल न जाने के लिए कहा था और स्वयं ही पड़ोस में रहने वाले आलोक को मेरी छुट्टी का प्रार्थना-पत्र दे आई थी। लगभग दो-तीन घंटे बाद पेट दर्द ठीक हो गया और मैं पिता जी की दुकान पर चला गया। उन्होंने मुझे बिजली का बिल जमा कराने के लिए पैसे दिए। मैं साइकिल पर बिल जमा कराने गया। बिल जमा करा के जब लौट रहा था तो मेरा साइकिल एक स्कूटर वाले से टकरा गया। मैं सड़क पर जा गिरा था। मेरा सिर सड़क से टकरा गया था। मुझे इसके बाद कुछ पता नहीं। मुझे एक आदमी उठा कर डॉक्टर के पास ले गया था। मेरी आँखें जब खुली तो वह मेरे पास था। उसने मेरी पट्टी करवाई थी। वही मुझे मेरे घर छोड़ कर गया था। मैं उसकी सद्भावना और सहायता को अपने जीवन में कभी नहीं भुला पाऊँगा।

PSEB 8th Class Hindi Guide मुँह बोले बेटे Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर.लिखें

प्रश्न 1.
एक बस चण्डीगढ़ से कहाँ जा रही थी ?
(क) कांगड़ा
(ख) मनाली
(ग) शिमला
(घ) सोलन।
उत्तर:
शिमला।

प्रश्न 2.
दूसरी बस शिमला से कहाँ जा रही थी ?
(क) चण्डीगढ़
(ख) रोपड़
(ग) अमृतसर
(घ) लुधियाना।
उत्तर:
चण्डीगढ़।

प्रश्न 3.
किस बस का ड्राइवर खून से लथपथ था ?
(क) शिमला की
(ख) चण्डीगढ़ की
(ग) सोलन की
(घ) रोपड़ की।
उत्तर:
चण्डीगढ़ की।

प्रश्न 4.
डॉ० सोहनलाल खन्ना किस सीट पर बैठे थे ?
(क) सातवीं
(ख) आठवीं
(घ) दसवीं।
उत्तर:
नौवीं।

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प्रश्न 5.
एम्बुलेंस कितने घायलों को अस्पताल ले गई ?
(क) चार
(ख) पाँच
(ग) छः
(घ) सात।
उत्तर:
छः।

प्रश्न 6.
वैन के किस ड्राइवर ने खन्ना साहब को अस्पताल तक पहुँचाया ?
(क) पारसी
(ख) खान
(ग) सिक्ख
(घ) पंडित।
उत्तर:
सिक्ख।

प्रश्न 7.
खन्ना साहब को युवकों ने कहाँ पहुँचाया ?
(क) उनके घर
(ख) पंचायत भवन
(ग) होटल
(घ) धर्मशाला।
उत्तर:
पंचायत भवन।

प्रश्न 8.
कितने युवकों ने खन्ना साहब की सहायता की ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पांच।
उत्तर:
दो।

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प्रश्न 9.
युक्क खन्ना साहब के लिए क्या खरीद कर लाए ?
(क) फल
(ख) भोजन
(ग) टीका
(घ) दवा।
उत्तर:
टीका

प्रश्न 10.
खन्ना साहब ने युवकों को कितने रुपए का नोट देना चाहा ?
(क) पचास
(ख) सौ
(ग) दो सौ
(घ) पाँच सौ।
उत्तर:
पचास।

प्रश्न 11.
युवक कितने पढ़े-लिखे थे ?
(क) मैट्रिक
(ख) बारहवीं
(ग) बी. ए.
(घ) एम. ए.।
उत्तर:
बी.ए.।

प्रश्न 12.
युवकों को किसकी तलाश थी ?
(क) मकान की
(ख) भोजन की
(ग) नौकरी की
(घ) समान की।
उत्तर:
समान की।

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मुँह बोले बेटे Summary

मुँह बोले बेटे कहानी का सार

‘मुँह बोले बेटे’ नामक कहानी इन्सानियत का पाठ पढ़ाने वाली एक कहानी है। दो बसों में टक्कर हो गई। एक बस चण्डीगढ़ से शिमला जा रही थी, दूसरी शिमला से चण्डीगढ़। चण्डीगढ़ वाली बस का ड्राइवर खून से लथपथ अपनी सीट में फँसा कराह रहा था। डॉ० सोहन लाल खन्ना नौवीं सीट पर बैठे थे। वह शिमला जा रहे थे। वे नींद के झोंके में थे। जैसे ही टक्कर हुई वह अगली सीट से टकरा गए। खून की कुछ बूंदें टपक पड़ी। सभी सवारियों को अपनी जान के लाले पड़े थे। सभी बस से उतरने लगे। सब उतरने की जल्दी में थे। डॉ० सोहन लाल खन्ना सब के बाद बस से उतर सके। उनका रुमाल खून से तर-बतर हो चुका था। बस से उतरने पर दो युवक खन्ना साहब की ओर बढ़े। एक ने उनका अटैची थाम लिया और दूसरे ने बैग।

पुलिस की सूचना पर एक एम्बुलेंस की गाड़ी आई। वह छः घायलों को अस्पताल ले गई। इनमें एक महिला भी थीं। रोकने पर भी कोई वाहन वहाँ न रुकता था। लोग दुर्घटना के लिए कंकरीट को दोष दे रहे थे। खन्ना साहब को यह डर था कि कहीं दोनों युवक सामान लेकर चंपत न हो जाएं। युवकों के अनुरोध पर खन्ना साहिब ने पहाड़ी सड़क पर चढ़ने का इरादा बना लिया। एक किलोमीटर चलने के बाद तिराहा आया। इतने में एक वैन आई। उसका ड्राइवर एक सिक्ख नौजवान था। वह उन्हें अस्पताल तक पहुँचाने को तैयार हो गया। दोनों युवक और खन्ना साहब उसमें सवार हो गए। दस-बारह मिनट बाद वैन एक चौड़ी सड़क पर जा रुकी। अब तीनों अस्पताल तक पहुँचने के लिए छोटे रास्ते पर चल पड़े। खन्ना साहब अब भी शंकित थे। थोड़ी देर में एक सरकारी अस्पताल में पहुँच गए। डॉक्टर ने खन्ना साहब को स्ट्रेचर पर लिटाया और चोट पर दवाई का फाहा रख दिया। डॉक्टर के कहने पर एक नौजवान दवाइयों वाली दुकान से टीका खरीद लाया।

खन्ना साहब की कमर में टीका लगाया गया। खन्ना साहब ने स्वस्थ मन से कहाअब वह ठीक है। पहाड़ी-साहित्य-गोष्ठी का समय दस बजे था। खन्ना साहब ने कहाडॉक्टर साहब आपका भी धन्यवाद है, और इन दोनों बेटों का भी। उन्होंने लड़कों से कहा बेटा ! इंजैक्शन कितने का आया ? अपने पैसे ले लो। मुझे एक कुली कर दो, जो पंचायतभवन पहुँचा दे। एक युवक ने हँसते हुए कहा-हम ही आपको पंचायत भवन पहुँचाएंगे।

दूसरे ने कहा-वहीं आपसे इंजैक्शन के पैसे ले लेंगे। डॉक्टर की फीस और माल ढुलाई का भाड़ा भी लेंगे। तीनों पंचायत भवन की ओर चल पड़े। पूछने पर दोनों युवकों ने बताया कि वे बी० ए० पास थे और वे किसी नौकरी की तलाश में थे। अब खन्ना साहब पंचायत भवन पहुँच गए थे। खन्ना साहब ने लड़कों को पचास रुपये का नोट देते हुए कहा-‘बेटा’, यह लो दवाई के पैसे। अपने घर का पता बता दो। युवकों ने कहा-आपने हमें बार-बार बेटा कहा है। पैसे देकर हमारी इन्सानियत पर धब्बा न लगाएं। खन्ना साहब के मन में उन ‘मुँह बोले बेटों’ के सद् कारनामे याद आने लगे।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 5 पेड़ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 पेड़

Hindi Guide for Class 8 PSEB पेड़ Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ:

स्वच्छ = साफ़।
विश्रामस्थल = आराम का स्थान
कोटर = वृक्षों की खोह, गह्वर।
नीड़ = घोंसला।
बरगद = बोहड़, वटवृक्ष।
वन-सम्पदा = वनों की दौलत।
लोलुप = लालची।
विभूतियाँ = सम्पत्तियाँ।
आशीष = आशीर्वाद।
पथिकों = मुसाफिरों।
पर्यावरण = वातावरण।
चिकित्सक = वैद्य, डॉक्टर।
भक्षक = खाने वाला।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें.

प्रश्न (क)
धूल और धुएँ से दूषित वातावरण में पैदा होने वाले रोगों की कौनसी सर्वोत्तम दवा है ?
उत्तर:
दूषित वातावरण में, खाँसी, श्वास-रोग, हृदय रोग, कैंसर आदि घातक रोग पनपते हैं। इनसे बचने की एकमात्र दवा शुद्ध वायु है। यह केवल पेड़ों से ही उपलब्ध हो सकती है।

प्रश्न (ख)
पेड़ किस तरह अपनी ममता बरसाते हैं ?
उत्तर:
पेड़ मनुष्य को फल-फूल देकर अपनी ममता बरसाते रहते हैं।

प्रश्न (ग)
शरारती बच्चे पेड़ों से किस तरह फल प्राप्त करते हैं ?
उत्तर:
शरारती बच्चे उन पर पत्थर फेंक कर फल प्राप्त करते हैं।

प्रश्न (घ)
पक्षी और जीव-जन्तु पेड़ पर कहाँ-कहाँ घर बनाकर रहते हैं ?
उत्तर:
पक्षी पेड़ पर घोंसले बना कर रहते हैं। अन्य जीव-जन्तु पेड़ों की खोखल (खोह) में अपना आवास बनाते हैं।

प्रश्न (ङ)
नीम के पेड़ को बड़ा चिकित्सक क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
नीम के सभी अंग अर्थात् जड़, छाल, पत्ते, फल-फूल किसी-न-किसी रोग का इलाज उपलब्ध कराते हैं। मधुमेह के रोगियों के लिए नीम वरदान है। इसके पत्ते, फलफूल रक्त-शोधक हैं। इसी कारण नीम को बड़ा चिकित्सक कहा गया है।

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प्रश्न (च)
पेड़ों को सोने के अण्डे देने वाली मुर्गी क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
पेड़ मानव-जाति के लिए हर प्रकार से उपयोगी हैं। मनुष्य को फल-फूल, जड़ी-बूटियाँ, लकड़ी पेड़ों से ही प्राप्त होती है। इसी कारण इन्हें सोने का अंडा देने वाली मुर्गी कहा गया है।

प्रश्न (छ)
पाँच फल देने वाले पेड़ों के नाम लिखें।
उत्तर:
(1) आम
(2) जामुन
(3) अनार
(4) सेब
(5) खजूर।

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II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में लिखें

प्रश्न (अ)
प्रस्तुत कविता ‘पेड़’ का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर:
‘पेड़’ कविता का सारांश पहले दिया जा चुका है।

प्रश्न (आ)
पेड़ों को उगाना और उनकी रक्षा करना मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक
उत्तर:
मानव-सभ्यता का विकास करने में पेड़ों का योगदान सभी को ज्ञात है। हम अपने जीवन बिताने के लिए जो कुछ खाते हैं, वह पेड़-पौधों की ही देन है। सभी प्रकार के फल जैसे-आम, सेब, अंगूर, आदि मधुर फल हमें पेड़ों से ही प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार की सब्जियाँ और दालें भी पौधों से ही प्राप्त होती हैं। हमारे घरों में जितना भी फर्नीचर है, दरवाजे और खिड़कियाँ हैं, उनकी लकड़ी हमें पेड़ों से ही प्राप्त होती है। हमारे आवागमन को सुविधापूर्ण बनाने में पेड़ों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। रेलगाड़ियों के डिब्बे और पटड़ियों के आधार पेड़ों से प्राप्त लकड़ी से ही तैयार होते हैं। पेड़ों की लकड़ी ईंधन के रूप में भी प्रयुक्त होती है। इन्हीं कारणों से मनुष्य को पेड़ लगाने चाहिए। पेड़ वातावरण को भी स्वच्छ रखते हैं अतः मनुष्य के लिए पेड़ लगाना आवश्यक है।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन काव्य-पंक्तियों में से क्रिया-शब्द छाँटिए

हरियाली-आशीष बाँटते,
भरते जीवन की झोली।
वर्षा लाते अन्न उगाते,
बरसाते ममता भोली।
उत्तर:
बाँटते, भरते, लाते उगाते, बरसाते क्रिया-शब्द हैं।

II. इन शब्दों के समानार्थक शब्द देंपेड़, मानव, हवा, फूल, नज़र, पक्षी, हाथ, नीड़।

उत्तर:
पेड़ = वृक्ष, तरु। मानव = मनुष्य, इन्सान, नर। हवा = वायु, अनिल। फूल = कुसुम, पुष्प। नज़र = दृष्टि, निगाह। पक्षी = खग, विहग। नीड़ = घोंसला, घरोंदा। हाथ = हस्त, कर।

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III. विपरीतार्थक शब्द लिखेंरक्षक, प्राणी, रोग, लाभ, धूप, ताज़ा, दुःख, स्वागत।

रक्षक – …………….
प्राणी – …………….
रोग – …………….
लाभ – …………….
धूप – …………….
ताज़ा – …………….
दुःख – …………….
स्वागत – …………….
उत्तर:
रक्षक – भक्षक।
प्राणी – अप्राणी (जड़)।
रोग – नीरोग।
लाभ – हानि।
धूप – छाया।
ताज़ा – बासी।
दुःख – सुख।
स्वागत – तिरस्कार।

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IV. शुद्ध करके लिखें

अशुद्ध – शुद्ध रूप
विशराम – …………….
चीकित्सक – …………….
कुलहाड़ा – …………….
विभूती – …………….
लोलूप – …………….
सम्पधा – …………….
भाशा – …………….
उत्तर:
अशुद्ध – शुद्ध रूप
विशराम – विश्राम
चीकित्सक – चिकित्सक
कुलहाड़ा – कुल्हाड़ा.
विभूती – विभूति
लोलूप – लोलुप।
सम्पधा – संपदा
भाशा – भाषा।

V. निम्नलिखित समासों का विग्रह. करें तथा समास का नाम बतायें :

विश्राम स्थल = …………….
जीव-जन्तु = …………….
वन सम्पदा = …………….
पीपल-बरगद = …………….
उत्तर:
विश्राम स्थल = विश्राम के लिए स्थल – संप्रदान तत्पुरुष समास

जीव-जन्तु = जीव और जन्तु – द्वंद्व समास
वन-सम्पदा = वन की सम्पदा – संबंध तत्पुरुष समास
पीपल-बरगद = पीपल और बरगद – द्वंद्व समास।

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VI. निम्नलिखित की संधि विच्छेद करें :

स्वच्छ – …………….
पर्यावरण – …………….
मनोरम – …………….
स्वागत – …………….
वर्षर्तु – …………….
उत्तर:
स्वच्छ – सु + अच्छ
पर्यावरण – परि + आवरण
मनोरम – मनः + रम
स्वागत – सु + आगत
वर्षर्तु – वर्षा + ऋतु।

(घ) रचना – भाग

I. ‘पेड़ों’ का हमारे जीवन में महत्त्व’ विषय पर एक 150 शब्दों का निबन्ध । लिखें।

उत्तर:
पेड़ों का हमारे जीवन में महत्त्व
प्राय : कहा जाता है कि पेड़-पौधे ही हमारा जीवन हैं। यह कथन पूरी तरह से सत्य है। पेड़-पौधे हम सब जीवों के लिए प्रकृति के अद्भुत उपहार हैं और इन्हीं के कारण हम सब का जीवन संभव है। यदि पेड़-पौधे न हों तो धरती पर अन्य प्राणियों का जीवन संभव नहीं हो सकता। पेड़-पौधे ही सूर्य के प्रकाश में अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं। वे स्वयं जीवित रहते हैं और अन्य सभी प्राणी उन से ही किसी-न-किसी रूप में जीवन प्राप्त करते हैं। पेड़-पौधे ही हमें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पेड़ हमें भयानक से भयानक रोगों को समाप्त करने वाली अमूल्य औषधियां प्रदान करते हैं। इन्हीं से हमें तरहतरह के फल प्राप्त होते हैं; पौधे हमें सब्ज़ियाँ और अनाज प्रदान करते हैं जिन से आवश्यक पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है। ये ही प्राकृतिक खाद प्रदान करते हैं जिनसे फसलें उगती हैं और भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। पेड़-पौधों के महत्त्व के कारण ही प्राचीनकाल में ऋषि-मुनि वनों में रहते थे और वहीं अपने शिष्यों को शिक्षा दिया करते थे। युगों से बढ़, पीपल, तुलसी, नीम आदि को जीवन में अति महत्त्वपूर्ण माना जाता रहा है। हरे वक्षों को काटना पाप माना जाता है। संध्या के बाद किसी पत्ते को तोड़ने का निषेध है। पेड़ वर्षा लाने में सहायक होते हैं। प्राचीन काल में जब कागज़ की खोज नहीं हुई थी तो भोज पत्तों पर ही लिखा जाता था। आदि मानव ने सदियों तक वृक्षों की छाल को अपने वस्त्रों के समान प्रयोग किया था। उनकी टहनियों को अस्त्र-शस्त्र की तरह प्रयुक्त किया था। जब वह सभ्य हुआ तो उन्हीं की सहायता से अपनी झोंपड़ियां और घर बनाए थे। आज भी पेड़ों से प्राप्त लकड़ी का घर में भरपूर प्रयोग किया जाता है। फर्नीचर इसी से ही तो बनता है। पेड़ों की रक्षा हर अवस्था में की जानी चाहिए। यदि किसी भी कारण हमें एक पेड़ काटना पड़े तो उसकी जगह दो पेड़ लगाने चाहिए और उनकी रक्षा की जानी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति और समाज को पेड़ों का महत्त्व समझना चाहिए।

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II. अपने मित्र को पत्र लिखकर अपने स्कूल में होने वाले ‘वन-महोत्सव’ का वर्णन करें।

उत्तर:
48-सराभा नगर,
लुधियाना।
सितम्बर 17, 20….
प्रिय सखी नव्या,
नमस्ते।

मैं तुम्हें बहुत लम्बे समय के बाद पत्र लिख रही हूँ। तुम्हारा भी तो कोई पत्र नहीं आया था। शायद तुम्हें पढ़ाई और परीक्षाओं में उलझ कर समय नहीं मिला होगा। मैं पिछले सप्ताह तक अपने स्कूल के एक कार्यक्रम के कारण बहुत व्यस्त थी। हमारे स्कूल में वन महोत्सव इस बार बड़े उत्साह से मनाया गया था और मुझे भी इस कार्यक्रम के लिए कुछ ज़िम्मेदारियों को सौंपा गया था। सच मुझे कार्यक्रम में सहभागी बन कर बहुत अच्छा लगा। कार्यक्रम से पंद्रह दिन पहले ही सब कक्षाओं में पर्यावरण बचाओ’ शीर्षक से चित्रकलाप्रतियोगिता का हर कक्षा में आयोजन किया गया था और सभी से दस-दस श्रेष्ठ प्रवृष्टियां ले कर उन्हें मुख्य हॉल में सजाया गया था। माली ने स्कूल के चारों ओर की दीवार के साथ-साथ पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोद दिए थे। जिस दिन मुख्य कार्यक्रम था उसमें एक दिन पहले शाम के समय दो सौ फूलों-फलों के पौधे नर्सरी से स्कूल में मंगवा लिए थे। मुख्य कार्यक्रम में नगर के उपायुक्त महोदय को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। वे ठीक समय पर पहुँच गए थे। पहले उनका स्वागत किया गया और फिर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें पर्यावरण संबंधी एक नाटिका भी प्रस्तुत की गई थी। मुख्य अतिथि के भाषण के बाद पौधों में से एक को रोपित किया गया था। अन्य पौधे अध्यापकों और विद्यार्थियों ने लगाए थे। उन पौधों की देखभाल की ज़िम्मेदारी माली के साथ-साथ हम विद्यार्थियों को भी दी गई है। जब पेड़-पौधे बड़े हो जाएंगे तब हमारा स्कूल हरा-भरा दिखाई देने लगेगा। तुम भी मुझे स्कूल के बारे में कुछ लिखना। अच्छा, अब बस करती हूँ।

अंकल-आंटी को मेरी ओर से नमस्ते।
तुम्हारी सखी,
मान्या।

III. एक-एक पौधा लगायें और उसकी देखभाल करें।

उत्तर:
आप अपनी मनपसंद का पौधा लगायें और उसकी देखभाल करें।

PSEB 8th Class Hindi Guide पेड़ Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
‘पेड़’ कविता के कवि कौन हैं ?
(क) डॉ. बच्चन
(ख) डॉ. योगेन्द्र बख्शी
(ग) डॉ. संसार चन्द्र
(घ) डॉ. पंत।
उत्तर:
डॉ. योगेन्द्र बख्शी।

प्रश्न 2.
पेड़ झूम-झूम कर क्या देते हैं ?
(क) फल
(ख) फूल
(ग) पत्ते
(घ) हवा।
उत्तर:
हवा।

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प्रश्न 3.
पेड़ किनके विश्राम स्थल हैं ?
(क) छाया के
(ख) धरती के
(ग) पथिकों के
(घ) जल के।
उत्तर:
पथिकों के।

प्रश्न 4.
पेड़ पक्षियों को क्या देते हैं ?
(क) कोटर
(ख) नीड़
(ग) पीड़ा
(घ) छाया।
उत्तर:
नीड़।

प्रश्न 5.
कवि ने बड़ा चिकित्सक’ किस पेड़ को बताया है ?
(क) आम
(ख) अमरूद
(ग) कीकर
(घ) नीम।
उत्तर:
नीम।

सप्रसंग व्याख्या

1 झूम-झूम कर पेड़ कह रहे
यह लो ताज़ा स्वच्छ हवा,
धूल धुएँ से दूषित जग के,
रोगों की है यही दवा।

शब्दार्थ : स्वच्छ = साफ़। दूषित = गन्दा। जग = संसार। रोगों = बीमारियों।

प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पेड़’ कविता में से लिया गया है। कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। इसमें पेड़ों की महिमा का वर्णन किया गया है।

व्याख्या:
पेड़ मानव समाज को झूम-झूम कर कह रहे हैं कि ताज़ा और स्वच्छ हवा लो। पेड़ ही वायु को शुद्ध कर देते हैं। धूल और धुएँ से दूषित हुए इस संसार को यही पेड़ बीमारियों से छुटकारा दिलाते हैं। भाव यह है कि पेड़ धूल और धुएँ को दूर करते हैं और रोगों से मुक्ति दिलाते हैं।

विशेष

  1. कवि ने पेड़ों की देन की ओर संकेत किया है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

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2 हरियाली-आशीष बाँटते।
भरते जीवन की झोली।
वर्षा लाते, अन्न उगाते,
बरसाते ममता भोली।

शब्दार्थ : आशीष = आशीर्वाद। जीवन = ज़िन्दगी। वर्षा = बरसात। ममता = ममत्व, प्यारा।

प्रसंग:
यह पद्यांश डॉ० योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते हैं।

व्याख्या:
पेड़ मानव समाज को हरियाली का आशीर्वाद बाँटते हैं। ये मनुष्य की झोली खुशियों से भर देते हैं। पेड़ वर्षा लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। यही अन्न पैदा करने में मददगार बनते हैं। ये अपना भोला प्यार बरसाते रहते हैं। भाव यह है कि पेड़ हरियाली प्रदान कर मानव को प्रसन्न रखते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता की ओर संकेत किया है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

3 विश्रामस्थल ये पथिकों के,
कड़ी धूप में दे छाया।
पत्थर फेंक रहे हाथों ने,
भी इनसे मधु फल पाया।

शब्दार्थ : विश्रामस्थल = आराम का स्थान। पथिकों = मुसाफिरों। मधु = मीठा।

प्रसंग : यह पद्यांश डॉ योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते

व्याख्या:
पेड़ों की महिमा का गुण-गान करते हुए कवि कहता है कि ये थके-मांदे मुसाफिरों के लिए आराम करने का स्थल प्रदान करते हैं अर्थात् थके-हारे मुसाफ़िर इसकी शीतल छाया में आराम करते हैं। ये उन्हें कड़कती धूप में छाया प्रदान करते हैं। पेड़ों की महिमा का कहाँ तक बख़ान करें, जो हाथ इन पर पत्थर फेंकते हैं, उन्हें भी ये मीठे फल प्रदान करते हैं। भाव यह है कि हम पेड़ों की बहुत उपेक्षा करते हैं, जबकि पेड़ हमें स्वच्छ वायु, फल, लकड़ी एवं छाया प्रदान करते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों के महत्त्व को स्पष्ट किया है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

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4 जीव-जन्तुओं को कोटर दें,
पक्षी को देते हैं नीड़।
पर्यावरण मनोरम करते,
प्राणी का दुःख इनकी पीड़।

शब्दार्थ : कोटर = वृक्षों की खोह, गह्वर। नीड़ = घोंसला। पर्यावरण = वातावरण। मनोरम = सुन्दर, मन को अच्छा लगने वाला। प्राणी = जीव। पीड़ = दुःख।

प्रसंग:
यह पद्यांश ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। यह डॉ० योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते हैं।

व्याख्या:
कवि वृक्षों के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहता है-ये सभी जीवजन्तुओं को रहने के लिए तनों में बने खोह (कोटर) प्रदान करते हैं। उड़ने वाले पक्षियों को ये घोंसले देते हैं। अधिकतर पक्षी वृक्षों पर अपने घोंसले बनाते हैं। ये पेड़ वातावरण को सुन्दर एवं स्वच्छ बनाते हैं। हर जीव के दुःख को ये अपना दुःख मानते हैं। भाव है कि पेड़ समस्त मानव जाति एवं जीव-जन्तुओं को हमेशा देते ही हैं, उनसे कुछ लेते नहीं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता प्रकट की है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

5 पीपल बरगद युगों-युगों से,
अपने बनते रहे हकीम।
सारी नज़रें टिकी उसी पर,
बड़ा चिकित्सक अपना नीम।

शब्दार्थ : बरगद = बोहड़, वटवृक्ष। चिकित्सक = वैद्य, डॉक्टर।
प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के कवि डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है-अति प्राचीनकाल से ही पेड़ के विभिन्न भाग औषधि के रूप में प्रयुक्त होते रहे हैं। पीपल और बरगद तो हकीम के रूप में सिद्ध हुए हैं। आज के नवीन अनुसंधानों ने भी सिद्ध कर दिया कि नीम का पेड़ रोगों का उपचार करने वाला बहुत बड़ा वैद्य है। भाव यह है कि पेड़ हमें अनेक प्रकार की जीवनदायी जड़ी-बूटियाँ भी प्रदान करते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया है।
  2. सामान्य बोलचाल के शब्दों का प्रयोग किया है।

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6 सोने के अण्डे देती,
मुर्गी पर तने, कुल्हाड़े अब।
थोड़ा लाभ प्राप्त करने हित
लोलुप नज़रें गाड़े अब।

शब्दार्थ : लाभ = फायदा। प्राप्त = पाना, ग्रहण करना। करने हित = करने के लिए। लोलुप = लालची।

प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि पेड़ों की अन्धा-धुन्ध कटाई पर क्षुब्ध होकर कहता है-पेड़ तो सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी के समान हैं। उस पर मनुष्य ने कुल्हाड़े तान लिए हैं। उन्हें काटने पर उतारू हो गया है। यह तो मानव की हीन प्रवृत्ति है कि थोड़ा-सा लाभ प्राप्त करने के लिए उन पर लालची नजरें गड़ा रखी हैं। भाव है कि थोड़े से लाभ के लिए वृक्षों को काटना निंदनीय है।

विशेष:

  1. कवि ने मनुष्य के लालची और स्वार्थी स्वभाव को प्रकट किया है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

7 वन-सम्पदा धरोहर अपनी,
प्राणि मात्र की रक्षक है।
इसका नाश करेगा जो भी,
मानवता का भक्षक है।

शब्दार्थ : वन-सम्पदा = वनों की दौलत। धरोहर = विरासत। प्राणि मात्र = सब जीवों। रक्षक = रक्षा करने वाला। मानवता = इन्सानियत। भक्षक = खाने वाला।

प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि वन हमें विरासत में मिली एक महान् दौलत हैं। वनसम्पदा जीव मात्र की रक्षा करती है। जो भी इसे नष्ट करेगा, वह इन्सानियत का भक्षक होगा। भाव है कि वन-सम्पदा हमारी धरोहर है, इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्त्तव्य है।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ काटने वालों को बुरा माना है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

8 रंग-बिरंगे गंध भरे,
फूलों की भाषा में स्वागत।
पाना है तो पेड़ उगाओ,
ये विभूतियाँ बिन लागत।

शब्दार्थ : गन्ध = खुशी। स्वागत = आने पर खुशी। विभूतियाँ = सम्पत्तियाँ।

प्रसंग:
प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसके कवि डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि पेड़ विविध रंगों वाले हैं, जो खुशबू से भरे रहते हैं। ये अपने फूलों की भाषा में सबका स्वागत करते हैं। यदि बिना मूल्य दिए बहुमूल्य दौलत प्राप्त करनी है तो सबको मिलकर पेड़ लगाने चाहिए। भाव है कि पेड़ मानव जाति की अमूल्य सम्पत्ति हैं, सभी को पेड़ लगाने चाहिए।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता के कारण इन्हें उगाने की प्रेरणा दी है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

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पेड़ Summary

पेड़ कविता का सार

‘पेड़’ डॉ० योगेन्द्र बख्शी के द्वारा रचित कविता है। इसमें कवि ने पेड़ों की महिमा का गान किया है। पेड़ पर्यावरण की रक्षा करते हैं। इन्हीं से वायु स्वच्छ होती है। संसार को धुएँ और धूल से दूर करके यही रोगों से मुक्ति दिलाते हैं। पेड़ हरियाली लाते हैं। यही वर्षा लाते हैं और अन्न पैदा करते हैं। झुलसती गर्मी में ये पथिकों को छाया प्रदान करते हैं। हमें मधुर फल भी पेड़ से प्राप्त होते हैं। पेड़ ही जीव-जन्तुओं और पक्षियों को सहारा देते हैं। पर्यावरण को स्वच्छ बनाकर सभी प्राणियों को सुख पहुँचाते हैं। पीपल, बरगद युगों से हकीम बन कर प्राणियों के रोग दूर करते आए हैं। नीम अनेक रोगों को दूर करता रहा है और वह हमारा बड़ा चिकित्सक सिद्ध होता है। पेड़ तो सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी के समान है। मनुष्य की लोभी नज़रें इसी पर कुल्हाड़ा चला रही हैं। वन-सम्पदा को जो भी नष्ट करता है, वह मानवता का भक्षक है। पेड़ धरती की विभूतियाँ हैं। इनकी रक्षा करना सबका कर्त्तव्य है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 4 कश्मीर यात्रा

Hindi Guide for Class 8 PSEB कश्मीर यात्रा Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ

ग्रीष्मावकाश = गर्मियों की छुट्टियाँ
अचानक = एकाएक
सौन्दर्य = सुन्दरता
मध्य = बीच में
पर्वतीय = पहाड़ी क्षेत्र
पर्यटन स्थल = वह स्थान जहाँ यात्री घूमने आते हैं।
खूबसूरत = सुन्दर
अनुभूति = महसूस होना
आजीविका = रोजगार
पर्यटक = सैलानी
सुरम्य = सुन्दर
नौका-विहार = किश्ती से सैर
रौनक = गहमागहमी, चहलकदमी
प्रतिबिम्ब = परछाई
वास्तव में = सच में
मशहूर = प्रसिद्ध
सूर्योदय = सूरज का चढ़ना
मनोहारी = मन हरने वाला
सूर्यास्त = सूर्य का डूबना
व्यञ्जन = खाद्य
पदार्थ सीढ़ीनुमा = सीढ़ी जैसा
हिमक्रीड़ा = बर्फ के खेल
निर्यात = बाहर भेजना
रोमांचकारी = आनन्द दायक
उत्कृष्ट = सबसे अच्छा
धूमिल = ओझल

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

II. शुद्ध करें

श्रृंखला, थित, मुखय, ग्रीष्म अवकाश, हिमकरीड़ा, शोपिंग सैंटर
उत्तर:
श्रृंखला, स्थित, मुख्य, ग्रीष्मावकाश, हिमक्रीड़ा, शॉपिंग सैंटर।

(ख) विषय बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
कश्मीर अन्य पर्वतीय प्रदेशों से किस प्रकार अलग है ?
उत्तर:
कश्मीर में अन्य पर्वतीय प्रदेशों की तरह ढलानों पर घर, बाज़ार नहीं बसे हैं। वे सब इसकी विशाल घाटी में मैदानी क्षेत्र की तरह बने हुए हैं।

प्रश्न (ख)
कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन क्या है ?
उत्तर:
पर्यटन ही कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है।

प्रश्न (ग)
इस प्रदेश की गर्मी और सर्दी की राजधानी के नाम लिखें।
उत्तर:
इस प्रदेश की गर्मी की राजधानी श्रीनगर और सर्दी की जम्मू है।

प्रश्न (घ)
यहाँ पर कौन-कौन सी झीलें हैं ?
उत्तर:
यहां पर डल, वूलर, नगीना आदि झीलें हैं।

प्रश्न (ङ)
यहाँ के लोगों को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
यहां के लोगों को डोगरी कहते हैं।

प्रश्न (च)
यहाँ के कौन-कौन से बाग देखने योग्य हैं ?
उत्तर:
यहां के निशात और शालीमार बाग देखने योग्य हैं।

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प्रश्न (छ)
यहाँ की प्रसिद्ध वस्तुएँ कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर:
पशमीना, अंगोरा, जामावर शाल, कश्मीरी कढ़ाई वाले फरन, गलीचे, केसर, सूखे मेवे, हस्तशिल्प, पेपरमेशी और चमड़े की बनी वस्तुएँ प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न (ज)
यहाँ के लोग अपने आपको ठण्ड से कैसे बचाते हैं ?
उत्तर:
यहां के लोग अपने आपको कहवा, गर्म कपड़ों और कांगड़ी से अपने आपको ठण्ड से बचाते हैं।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
डल झील के सौन्दर्य का वर्णन करें।
उत्तर:
डल झील कश्मीर की शोभा है। इसमें खिले हुए कमल इसकी शोभा को चार चाँद लगा देते हैं। इसमें हाऊस बोट तैरती हुई बहुत सुन्दर लगती है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आकाश का नारंगी रंग इसे अपने रंग में रंग देता है। रात के समय हाऊस बोटों की बत्तियाँ इसके पानी में झिलमिलाती हुई दिखाई देती हैं तब ऐसा लगता है जैसे आकाश के तारे इसमें जगमगाने लगे हों।

प्रश्न (ख)
मुगल बागों की क्या विशेषता है ?
उत्तर:
कश्मीर के मुगल बाग निशात और शालीमार मुगल बादशाहों ने शाही आरामगाहों के रूप में बनवाये थे। निशात बाग तो डल झील के किनारे बना हुआ है पर शालीमार वहाँ से दस किलोमीटर दूर है। निशात को ‘बागों की रानी’ कहते हैं और शालीमार ‘बागों का राजा’ माना जाता है। इन बागों में चिनार, देवदार और चील के लम्बे-लम्बे पेड़ शोभा देते हैं। सीढ़ीनुमा बागों में रंग-बिरंगे फूल, मखमली घास, आड़, बादाम, चेरी, खुमानी, सेब आदि के फलों से लदे हुए पेड़ अति आकर्षक लगते हैं।

प्रश्न (ग)
हाऊस बोट के बारे में आपने क्या जाना ?
उत्तर:
हाऊस बोट डल झील में तैरती हुई नौकाएं हैं जो किसी होटल के समान ही दिखाई देती हैं। इनमें घर की तरह रसोई, खाने, बैठने और सोने के अलग-अलग कमरे बने होते हैं। इन्हें फूलों से सजाया जाता है। रोशनी की पूरी व्यवस्था इन पर की जाती है। रात के समय इनमें जलने वाली बत्तियाँ पानी में दीपमालिका की तरह जगमगाती हुई बहुत ही सुन्दर लगती हैं। तब ऐसा लगता है जैसे आसमान तारों सहित धरती पर उतर आया हो।

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व्यावहारिक व्याकरण

I. इन मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग करें :

चार चाँद लगाना = …………..
मन मोहित करना = …………..
अपने रंग में रंग लेना = …………..
मनोहारी लगना = …………..
मंत्र मुग्ध करना = …………..
मन मोह लेना = …………..
उत्तर:
1. चार चाँद लगाना = सुन्दरता को बढ़ा देना-विवाह मंडप में मोतियां और गुलाब के फूलों की सुन्दर लड़ियों ने तो चार चांद लगा दिए थे।
2. मन मोहित करना = आकृष्ट करना-श्री कृष्ण की बाँसुरी की मोहक तान ने राधा का मन मोहित कर दिया था।
3. अपने रंग में रंग लेना = पूरी तरह से प्रभावित करना-नवाब को तो अब बाबा जी के उपदेशों ने पूरी तरह अपने रंग में रंग लिया है।
4. मनोहारी लगना = सुन्दर लगना-चांदनी रात में ताजमहल बहुत मनोहारी लगता है।
5. मन्त्र मुग्ध करना = बस में कर लेना, प्रभावित कर लेना-लता मंगेश्कर की मधुर आवाज़ तो सभी को मन्त्र मुग्ध करने की क्षमता रखती है।
6. मन मोह लेना = आकृष्ट कर लेना-तुम्हारे इस सुन्दर नृत्य ने सभी का मन मोह लिया है।

II. वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखें :

1. सूर्य का उदय होना = …………..
2. सूर्य का अस्त होना = …………..
3. गर्मियों की छुट्टियाँ = …………..
4. जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं प्रदर्शित की जाएं = …………..
5. आराम करने का स्थान = …………..
6. मनमोहने वाला = …………..
उत्तर
1. सूर्य का उदय होना = सूर्योदय
2. सूर्य का अस्त होना = सूर्यास्त
3. गर्मियों की छुट्टियाँ = ग्रीष्मावकाश
4. जहां तरह-तरह की वस्तुएं प्रदर्शित की जाएं। = प्रदर्शनी
5. आराम करने का स्थान = आरामगाह
6. मन मोहने वाला = मनमोहक

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

III. विपरीतार्थक शब्द लिखें :

दिन = ………………
देश = …………..
विशाल = ………………
सर्दी = ………………
निर्यात = ………………
सुबह = ………………
सूर्योदय = = ………………
दूर = ………………
सरकारी = ………………
उत्तर:
दिन = रात
देश = विदेश
विशाल = संकुचित
सर्दी = गर्मी
निर्यात = आयात।
सुबह = शाम
सूर्योदय = सूर्यास्त
दूर = पास
सरकारी = गैर-सरकारी

IV. इन शब्दों में से विशेषण और विशेष्य अलग करके लिखें :-

शब्द = विशेषण – विशेष्य
पर्वत श्रृंखला = पर्वत , श्रृंखला
पर्वतीय प्रदेश = ………. – ………..
पहाड़ी ढलान = ………. – ………..
विशाल घाटी = ………. – ………..
मैदानी शहर = ………. – ………..
मनमोहक झील = ………. – ………..
सुरम्य वातावरण = ………. – ………..
अद्भुत सौन्दर्य = ………. – ………..
शाकाहारी व्यंजन = ………. – ………..
मुगल उद्यान = ………. – ………..
सीढ़ीनुमा बाग = ………. – ………..
बर्फ की चादर = ………. – ………..
उत्तर:
शब्द – विशेषण – विशेष्य
पर्वत श्रृंखला = पर्वत – श्रृंखला
पर्वतीय प्रदेश = पर्वतीय – प्रदेश
पहाड़ी ढलान = पहाड़ी – ढलान
विशाल घाटी = विशाल – घाटी
मैदानी शहर = मैदानी – शहर
मनमोहक झील = मनमोहक – झील
सुरम्य वातावरण = सुरम्य – वातावरण
अद्भुत सौन्दर्य = अद्भुत – सौन्दर्य
शाकाहारी व्यंजन = शाकाहारी – व्यंजन
मुगल उद्यान = मुगल – उद्यान
सीढ़ीनुमा बाग = सीढ़ीनुमा – बाग
बर्फ की चादर = बर्फ की – चादर

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

V. इन शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखें :

बाग = ………. , ………..
पहाड = ………. , ………..
आजीविका = ………. , ………..
पर्यटक = ………. , ………..
आकाश = ………. , ………..
तारा = ………. , ………..
प्रसिद्ध = ………. , ………..
उत्तर:
बाग = बगीचा , वाटिका
पहाड़ = पर्वत , गिरि
आजीविका = धन्धा , रोज़गार
पर्यटक = घुमक्कड़ , भ्रमणकारी
आकाश = व्योम , नभ
तारा = तारक , नक्षत्र
प्रसिद्ध = मशहूर , विख्यात।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

(घ) रचना बोध

  • इस पत्र को पढ़कर कश्मीर के बारे में दस पंक्तियाँ लिखें।

उत्तर:
हमारे देश भारत के उत्तर दिशा में स्थित कश्मीर राज्य अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसे धरती का स्वर्ग माना जाता है। यह अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की तरह नहीं है क्योंकि इसके घर, दुकानें, संस्थान आदि पहाड़ी ढलानों पर बने हुए नहीं हैं। वे सब मैदानी नगरों की तरह एक बड़ी और अपार सुन्दर घाटी में बने हुए हैं। इसमें जहां सब ओर ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं तो दूसरी ओर समतल मैदान हैं जिन पर केसर लहलहाता है। यहाँ शालीमार, निशात और चश्माशाही जैसे सुन्दर बाग हैं जिनसे नज़र हटाने का मन नहीं करता। इनके ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, रंग-बिरंगे फूल और हरी-भरी मखमली घास सभी को अपने पास रोक रखने की अद्भुत प्राकृतिक क्षमता रखते हैं। पीर पंचाल के आंचल में स्थित बेरी नाग, जलस्रोतों का प्राकृतिक स्थल कुक्कर नाग, दूध जैसे पानी से भरी नदी वाला पहलगाम, पर्वतीय शिखर पर बना गुलमर्ग और जादुई भूमि सनासर इसी राज्य की शोभा हैं जो संसारभर में पर्यटकों को अपनी ओर आकृष्ट करते हैं। डल झील, वुल्लर झील और विष्णु पाद झील अपनी सुन्दरता से सब का मन मोह लेती हैं। कश्मीर घाटी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है। यहाँ की सुन्दरता से मन और तन को अपार सुख प्राप्त होता है।

  • भ्रमण से जहां हमारा ज्ञान बढ़ता है वहीं हमें स्थानीय लोगों की संस्कृति, वेशभूषा, रीति-रिवाज, खान-पान आदि समझने का भी अवसर प्राप्त होता है। यदि आपने किसी अन्य प्रदेश की यात्रा की हो तो अपने अनुभव डायरी में नोट करें।
  • कश्मीर के लोक गीत याद करें और वार्षिक उत्सव या किसी अन्य अवसर पर भाव-भंगिमा के साथ गायें।
  • छुट्टियों में आप अन्य कौन-कौन से काम सीख सकते हैं, उनकी सूची बनायें। जैसे :
  • नृत्य सीखना
  • चटनी, जैम आदि बनाना सीखना
  • चित्रकला सीखना • वस्त्रों की सिलाई करना
  • तैराकी सीखना • कढ़ाई करना
  • योग-आसन करना
  • मिट्टी, पेपरमेशी, पत्थर, लकड़ी आदि से हस्तशिल्प बनाना
  • चारपाई बुनना
  • पेंट-सफेदी करना
  • बिजली का काम
  • खेतीबाड़ी करना
  • जूडो-कराटे सीखना।
  • अपने माता-पिता के द्वारा किए जाने वाले व्यावसायिक कार्य को सीखना

PSEB 8th Class Hindi Guide कश्मीर यात्रा Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
कश्मीर भारत की किस दिशा में है ?
(क) उत्तर
(ख) दक्षिण
(ग) पूर्व …
(घ) पश्चिम।
उत्तर:
उत्तर।

प्रश्न 2.
‘कश्मीर यात्रा’ पत्र किसने गुंजन को लिखा है ?
(क) महक
(ख) सुगन्ध
(ग) खुशबू
(घ) खुशनुमा।
उत्तर:
खुशबू।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

प्रश्न 3.
कश्मीर की कितनी राजधानियाँ हैं ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार।
उत्तर:
दो।

प्रश्न 4.
कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन क्या है ?
(क) खेती
(ख) सरकारी नौकरी
(ग) पर्यटन
(घ) दस्तकारी।
उत्तर:
पर्यटन।

प्रश्न 5.
डल झील के किनारे कौन-सा बाग है ?
(क) निशान
(ख) निशात
(ग) निहात
(घ) निहाल।
उत्तर:
निशात।

प्रश्न 6.
कश्मीर की घाटियाँ किससे महकती हैं ?
(क) केवड़े
(ख) केसर
(ग) कमल
(घ) क्यूर।
उत्तर:
केसर।

प्रश्न 7.
कश्मीर का प्रसिद्ध गर्म पेय कौन-सा है ?
(क) चाय
(ख) काफी
(ग) कहवा
(घ) काढ़ा।
उत्तर:
कहवा।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

प्रश्न 8.
कश्मीर में बागों का राजा कौन-सा बाग है ?
(क) निशात
(ख) शालीमार
(ग) शालीन
(घ) निस्बत।
उत्तर:\
शालीमार।

प्रश्न 9.
कश्मीर में बागों की रानी किस बाग को कहते हैं ?
(क) निकहत
(ख) निशात
(ग) निहाल
(घ) निस्बत।
उत्तर:
निशात।

प्रश्न 10.
जाड़े से बचने के लिए कश्मीरी अपने साथ क्या रखते हैं ?
(क) काँवड़ी
(ख) काँगड़ी
(ग) काँखड़ी
(घ) काँघड़ी।
उत्तर:
काँगड़ी।

प्रश्न 11.
कश्मीर के लोगों को क्या कहते हैं ?
(क) कश्मीरी
(ख) कह्वा
(ग) शालीमार
(घ) डोगरी।
उत्तर:
कश्मीरी।

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कश्मीर यात्रा Summary

कश्मीर यात्रा पाठ का सार

‘कश्मीर यात्रा’ नामक पाठ पत्र-शैली में लिखा गया है। जालन्धर में रहने वाली एक लड़की खुशबू ने अपनी सहेली गुंजन को गर्मी की छुट्टियों में की गई अपनी कश्मीर-यात्रा का वर्णन एक पत्र में किया है। कश्मीर ग्रेट हिमालयन रेंज और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित एक सुन्दर पर्वतीय प्रदेश है। यह एक विशाल घाटी के बीचो-बीच स्थित है। इसलिए इसके घर, बाज़ार आदि पहाड़ी ढलानों पर नहीं बने हुए हैं। यह मैदानी शहरों जैसा ही लगता है। गर्मियों में यहाँ का मौसम बहुत सुहावना होता है और सर्दियों में हर तरफ बर्फ की चादर बिछी होती है। पतझड़ आने पर चिनार के पेड़ों का सुनहरा सौन्दर्य सभी का मन मुग्ध कर देता है। कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर है और सर्दियों की जम्मू। कश्मीर झीलों और बागों का प्रदेश है। डल, वूलर, नगीना आदि इसकी प्रसिद्ध झीलें हैं जो कमल के फूलों से सजी-संवरी प्रतीत होती हैं। डल झील पर सुबह से शाम तक रौनक छाई रहती है। पर्यटक प्रायः हाऊसबोट पर ठहरना पसन्द करते हैं जिनमें घर की तरह सब सुख-सुविधाएं होती हैं। इनसे झील की सुबह, दोपहर, शाम और रात की सुन्दरता झिलमिलाती-सी दिखाई देती रहती है। रात के समय हाऊसबोटस में जगमगाती रोशनियां इसके जल में ऐसे लगती हैं जैसे आकाश के तारे झील के जल में उतर आए हों। झील के बीचों-बीच एक छोटे से टापू पर नेहरू पार्क बना हुआ है। यहाँ से दूर-दूर का दृश्य बहुत सुन्दर लगता है। यहाँ के लोगों को डोगरी और उनकी भाषा को कश्मीरी कहते हैं। ये बहुत अच्छे मेहमाननवाज़ होते हैं। मुगल-उद्यान निशात बाग डल झील के किनारे बना हुआ है। इसे बागों की रानी कहते हैं। शालीमार बाग यहाँ से दस किलोमीटर दूर है। उसे बागों का राजा कहते हैं। ये बाग अपनी सुन्दरता से सभी के मन को मोह लेते हैं। कश्मीर में केसर बहुत उगता है। इसीलिए इसे ‘केसर की क्यारी’ कहते हैं। संसार का सबसे ऊँचा गोल्फ कोर्स भी यहीं है। सर्दियों में यहीं हिमक्रीड़ा और स्कीइंग के शौकीन अपना शौक पूरा करते हैं। कड़ाके की सर्दी को दूर करने के लिए यहाँ का कहवा बहुत प्रसिद्ध है। हमने सरकारी एम्पोरियम हस्तकला प्रदर्शनी और लाल चौंक शॉपिंग केन्द्र से अनेक वस्तुएँ भी खरीदी। यहाँ के लोग सुन्दर, आकर्षक और लम्बे कद के हैं। युवक प्रायः पठानी सूट और युवतियाँ कश्मीरी कढ़ाई वाले पोंचू या फरन पहनती हैं। यहाँ की सुन्दरता के चित्र देखकर ही मन में धरती के स्वर्ग की सैर करने की इच्छा जाग जाती है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Vakyansh ke Lie Ek Shabd वाक्यांशों के लिए एक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar वाक्यांशों के लिए एक शब्द

1. जो कभी जन्म न ले – अजन्मा, अज
2. जो कभी दिखाई न दे – अदृश्य
3. जो पढ़ा हुआ न हो – अनपढ़
4. जिसका भाग्य खराब हो – अभागा
5. जिसका आदि न हो – अनादि
6. जो धर्म को न माने – अधर्मी
7. अन्याय करने वाला – अन्यायी
8. जो कुछ भी न जानता हो – अज्ञानी , अगण्य
9. जो गिना जा सके – अगणित – अगम्य, अगम
10. जहाँ कोई जा न सके – अजातशत्रु

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

11. जिसका कोई शत्रु पैदा न हुआ हो – अचूक
12. जिसका वार खाली न जाए, अवश्य फल दे – अमोघ
13. जो परीक्षा में पास न हो – अनुत्तीर्ण
14. कम जानने वाला – अल्पज्ञ
15. जो बिना वेतन के काम करे – अवैतनिक
16. जो दूर की न सोचे – अदूरदर्शी
17. जिसका अन्त न हो – अनन्त
18. जो कभी न मरे – अमर
19. जो कभी बूढ़ा न हो। – अजर
20. जिसको कोई जीत न सके – अजेय
21. जो खाने के योग्य न हो – अभक्ष्य
22. जिस पर विश्वास न किया जा सके – अविश्वसनीय
23. जो क्षमा के योग्य न हो – अक्षम्य
24. बिना सोच-समझे किया जाने वाला विश्वास – अन्धविश्वास

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

25. जो कानून के प्रतिकूल हो – अवैध
26. जो अनुकरण करने के योग्य हो – अनुकरणीय
27. जिस पर मुकद्दमा चल रहा हो – अभियुक्त
28. जो पहले कभी न देखा गया हो – अदृष्टपूर्व
29. जिसके समान दूसरा कोई न हो – अद्वितीय
30. जिसका अंग भंग हो गया हो – अपाहिज
31. जो पहले कभी न हुआ हो – अभूतपूर्व
32. जो राज नियमों का विरोधी हो – अराजकतावादी
33. जो मनुष्य से न हो सके – अमानवीय
34. जो बात अवश्य होकर रहे – अनिवार्य, अवश्यम्भावी
35. जो मनुष्यता से दूर हो – अमानुषिक
36. जहाँ विशेष नियम लागू न हो – अपवाद
37. जो वध करने के योग्य न हो – अवध्य
38. जिसकी तुलना न की जा सके – अतुलनीय
39. जिसके माता-पिता मर चुके हों – अनाथ
40. जिसके निवास का किसी को पता न हो – अज्ञातवास
41. जिसका इलाज न हो सके – असाध्य
42. नजिसका कोई पार न हो – अपार
43. जिसकी थाह न पाई जा सके – अथाह
44. जो ईश्वर को मानता हो – आस्तिक
45. जो सारे जन्म तक हो – आजन्म

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

46. जो अपने पर बीती हो – आपबीती
47. जिसने आशा का आश्रय लिया हो – आशावादी
48. आकाश से सुनाई देने वाली आवाज़ – आकाशवाणी
49. जो अपनी हत्या स्वयं करना चाहे – आत्मघाती
50. आज्ञा पालन करने वाला – आज्ञाकारी
51. जिसे दिखाई न दे – अन्धा
52. जो कभी न मिटे – अमिट
53. अत्याचार करने वाला – अत्याचारी
54. इच्छा होने पर मृत्यु होना – इच्छा मरण
55. इतिहास को जानने वाला – इतिहासज्ञ
56. ऊपर कहा गया – उपर्युक्त
57. जिसने ऋण चुका दिया हो – उऋण
58. इतिहास से सम्बन्ध रखने वाली – ऐतिहासिक
59. किसी के उपकार को मानने वाला – कृतज्ञ
60. जो बुरे रास्ते पर चलता हो – कुमार्गगामी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

61. जो काम करने से दिल चुराए – कामचोर
62. कुरु के वंश में उत्पन्न होने वाला – कौरव
63. जो किए हुए उपकार को भूल जाए – कृतघ्न
64. जो काम करने वाला हो – कर्मठ
65. उच्च वंश में उत्पन्न हुआ – कुलीन
66. आकाश में चलने वाला – खग
67. जो निरन्तर घूमता रहे – घुमक्कड़
68. दूसरों का उपचार करना – चिकित्सा
69. घोड़ा बाँधने का स्थान – अस्तबल
70. जिसकी चार भुजाएँ हों – चतुर्भुज
71. छात्रों की पढ़ाई के लिए मिलने वाला धन – छात्रवृत्ति
72. जिसके मुँह से आग निकलती हो – ज्वालामुखी
73. जल में रहने वाला या घूमने वाला – जलचर
74. तीन महीनों बाद आने वाली – त्रैमासिक

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

75. जो काम करने में कठिन हो – दुष्कर
76. जो कठिनाई से समझा जाए – दुर्बोध
77. प्रतिज्ञा पूरी करने वाला – दृढ़-प्रतिज्ञ
78. जिसका आचरण गन्दा हो – दुराचारी
79. जहाँ कठिनता से पहुँचा जाए – दुर्गम
80. जिसमें दया हो – दयालु
81. जो दूर की बात सोचता हो – दूरदर्शी
82. जो प्रतिदिन होता हो – दैनिक
83. जो दर्शनों का अभिलाषी हो – दर्शनाभिलाषी
84. जो दूध के अतिरिक्त कुछ न पीता हो – दुग्धाहारी
85. पति और पत्नी का जोड़ा – दम्पत्ति
86. जो हर काम में देर करता हो – दीर्घसूत्री
87. जो कठिनाई से मिले – दुर्लभ
88. जानने की इच्छा रखने वाला – जिज्ञासु
89. जो दर्शन शास्त्र का ज्ञाता हो – दार्शनिक
90. जो सम्पत्ति दूसरे के पास रखी जाए – धरोहर

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

91. धनुष चलाने की विद्या। – धनुर्विद्या
92. धर्म का उपदेश देने वाला – धर्मोपदेशक
93. जो मांस न खाता हो – (शाकाहारी) निरामिष
94. जिसे कोई रोग न हो – नीरोग
95. जिसका कोई आकार न हो – निराकार
96. जो बिना आश्रय के ठहरे – निराधार
97. जिसने अपराध न किया हो – निराधार
98. धन न होने का भाव – निर्धनता
99. विघ्नों से रहित – निर्विन
100. जिसके हाथ में कोई शस्त्र न हो – निःशस्त्र
101. जो ईश्वर में विश्वास न करता हो – नास्तिक
102. नीति को जानने वाला – नीतिज्ञ
103. जो दूसरों की निन्दा करता है – निन्दक
104. जिसको कोई चिन्ता न हो – निश्चिन्त
105. जिसमें दया न हो – निर्दय

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

106. जिसमें कोई रस न हो – नीरस
107. जो किसी बात की लज्जा न करता हो – निर्लज्ज
108. जो नगर में रहे – नगरीय
109. जो (स्त्री) पति भक्त हो – पतिव्रता
110. जो दूसरों की प्रशंसा करता है – प्रशंसक
111. जो आँखों के सामने हो – प्रत्यक्ष
112. जो आँखों के पीछे हो – परोक्ष
113. जो पन्द्रह दिन में एक बार हो – पाक्षिक
114. जो दूसरों का भला करे – परोपकारी
115. जो बहुत खाने वाला हो – पेटू
116. जिस पर मुकद्दमा चलाया जाना है – प्रतिवादी
117. जो बाप-दादाओं से मिली हुई हो – पैतृक
118. बुद्धि ही जिसकी आँखें हों – प्रज्ञाचक्षु
119. केवल फल खाने वाला – फलाहारी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

120. बहुत कुछ जानने वाला – बहुज्ञ
121. जो अनेक रूप धारण कर सकता हो – बहुरूपिया
122. जिसके जानने वाले बहुत हों – बहुपरिचित
123. भयानक प्रतिज्ञा करने वाला – भीष्म-प्रतिज्ञ
124. जो मीठा बोलने वाला हो – मधुरभाषी
125. जो मोक्ष की इच्छा रखता हो – मुमुक्षु
126. मांस खाने वाला – मांसाहारी
127. जिसकी आत्मा महान् हो – महात्मा
128. सोच-समझ कर खर्च करने वाला – मितव्ययी
129. जो थोड़ा बोलने वाला हो – मितभाषी
130. जो मान करने के योग्य हो
131. जो एक मास में होता हो – मासिक
132. जो किसी की अपनी सूझ से बना हो – मौलिक
133. राजा का उत्तराधिकारी – युवराज
134. युग का परिवर्तन करने वाला – युग-प्रवर्तक

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

135. जिस नगर में राज्य का शासन होता है – राजधानी
136. रक्षा करने वाला व्यक्ति – रक्षक
137. जो वस्तु थोड़े समय के लिए किसी के पास गिरवी रखी हो। – रेहन
138. जिससे कुछ लाभ प्राप्त हो – लाभदायक
139. जिसको लज्जा आ गई हो – लज्जित
140. जिसकी पत्नी मर गई हो – विधुर
145. जिसका पति मर गया हो – विधवा
146. जिस पर विश्वास किया जा सके – विश्वसनीय
147. जो मारने के योग्य हो – वध्य
148. जिस स्त्री में सन्तान उत्पन्न करने की क्षमता न हो – बन्ध्या
149. विष से भरा हुआ – विषैला
150. सांसारिक ऐश्वर्य में लीन रहने वाला – विलासी
151. जो व्यक्ति बहुत बोलने वाला हो – वाचाल
152. जो वर्ष में एक बार हो – वार्षिक
153. केवल सब्जी खाने वाला – शाकाहारी
154. शिशु होने का भाव – शैशव

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

155. जिसका पति जीवित हो – सधवा
156. जो अपने आप उत्पन्न हो – स्वयंभू
157. जो अपना मतलब सिद्ध करे – स्वार्थी
158. जिसमें सहन शक्ति हो – सहिष्णु, सहनशील
159. जो सप्ताह में एक बार हो – साप्ताहिक
160. जो रोग एक से दूसरे में फैलने वाला हो – संक्रामक
161. जो अच्छे आचरण वाला हो – सदाचारी
162. जिसकी शक्ल हो। – साकार
163. जो सब कुछ जानने वाला हो – सर्वज्ञ
164. सब को समान समझने वाला – समदर्शी
165. जो साथ पढ़ता हो – सहपाठी
166. जो आसानी से मिल सके – सुलभ

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

167. समाज का सुधार करने वाला – समाज-सुधारक
168. जिसमें सब प्रकार की शक्ति हो – सर्वशक्तिमान्
169. जो साफ़ कहने वाला हो – स्पष्टवादी
170. जो सब जगह फैला हुआ हो – सर्वव्यापक
171. जो स्वयं सेवा करने वाला हो – स्वयंसेवक
172. जो समाचार देता हो – संवाददाता
173. जो निडरता से कार्य करे – साहसी
174. जो सबसे उत्तम हो – सर्वोत्तम
175. जिसकी आशा टूट चुकी हो – हताश
176. जो भावी उन्नति की सूचना देने वाला हो – होनहार
177. जिसे सुनकर हृदय के टुकड़े-टुकड़े हो जाएँ – हृदय-विदारक
178. जो हृदय को छूने वाला हो – हृदयस्पर्शी
179. पाँच नदियों का संगम – पंचतरणी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Samocharit Bhinnarthak Shabd समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

1. अभ्यास-आभास
अभ्यास = आदत-प्रातः शीघ्र उठने का अभ्यास डालें।
आभास = झलक-परिस्थितियों से ऐसा आभास मिलता है कि चुनाव होंगे।

2. अनल-अनिल
अनल = आग-अनल में हाथ क्यों डालते हो ?
अनिल = हवा-धीमी-धीमी अनिल बह रही है।

3. अभिराम-अविराम
अभिराम = सुन्दर-यह दृश्य कितना अभिराम है।
अविराम = लगातार-सफलता के लिए अविराम परिश्रम करो।

अचर-अचिर
अचर = जड़-संसार में चर भी है और अचर भी।
अचिर = शीघ्र-यहाँ से अचिर चले जाओ।

5. अचल-अचला
अचल = पर्वत-हिमालय अचल है।
अचला = पृथ्वी-पृथ्वी को अचला भी कहते हैं।

6. अवलम्ब-अविलम्ब
अवलम्ब = सहारा-अहिंसा ही महात्मा गाँधी का अवलम्ब था।
अविलम्ब = बिना देर किए-आप इस काम को अविलम्ब निपटा कर घर जाइए।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

7. अम्बर-अम्बार
अम्बर = आकाश-अम्बर में काले बादल छाए हुए हैं।
अम्बार = ढेर-बाग में जगह-जगह पत्तों के अम्बार लगे हुए हैं।

8. अपर-अपार
अपर = दूसरा-अपर व्यक्ति को बुलाओ।
अपार = असीम-ईश्वर की महिमा अपार है।

9. आसन्न-आसन
आसन्न = निकट-आसन्न ही मेरी कुटिया है।
आसन = बैठने की चटाई आदि-मेरे आसन से उठ जाओ।

10. अपमान-उपमान
अपमान = निरादर-किसी का अपमान न करो।
उपमान = जिससे तुलना की जाए-तुम्हारी अंगूठी का कोई उपमान नहीं है।

11. आदि-आदी
आदि = आरम्भ-आदिकाल से ही भारत विश्व में जगत्गुरु माना जाता है।
आदी = अभ्यस्त-मैं झूठ बोलने का आदी महीं हूँ।

12. अपेक्षा-उपेक्षा
अपेक्षा = तुलना, आवश्यकता-मोहन की अपेक्षा सोहन चालाक है।
उपेक्षा = लापरवाही-पढ़ाई में कभी उपेक्षा न दिखाओ।

13. आकर-आकार
आकर = भण्डार, खजाना-समुद्र रत्नों का आकर है।
आकार = रूप, फैलाव-यह शीशा बड़े आकार का है।

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14. उत्तर-उतर
उत्तर = दिशा-हिमालय भारत के उत्तर में स्थित है।
उतर = उतरने की क्रिया-चलती गाड़ी से मत उतर।

15. उदार-उधार
उदार = विशाल दिल-हमारे सभी अध्यापक बड़े उदार हैं।
उधार = कर्ज़-कभी उधार न लो।

16. उदर-उधर
उदर = पेट-कई लोग खा-पीकर उदर पर हाथ फेरते हैं।
उधर = तरफ-उधर मत जाओ, वहाँ दंगा हो रहा है।

17. ओर-और
ओर = तरफ-उस ओर मत जाइए।
और = तथा-मैं और मोहन कल दिल्ली जाएँगे।

18. कृपण-कृपाण
कृपण = कंजूस-कृपण व्यक्ति से दान की आशा करना व्यर्थ है।
कृपाण = तलवार-अब अपनी कृपाण निकालो।

19. कलि-कली
कलि = एक युग का नाम-महाभारत के युद्ध के बाद कलियुग प्रारम्भ हो गया था।
कली = फूल की डोडी-कली को मत तोड़ो।

20. कुल-कूल
कुल = वंश-मोहन अच्छे कुल का बालक है।
कूल = किनारा-नदी का कूल बड़ा सुहावना है।

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21. कपट-कपाट
कपट = छल-अपने दिल में कपट न रखो।
कपाट = किवाड़-कपाट खोल दो।

22. कर्ण-करुण
कर्ण = कान-अपने कर्ण पकड़ो।
करुण = दयालु-ईश्वर बड़ा करुण है।

23. कर्म-क्रम
कर्म = काम-हमेशा श्रेष्ठ कर्म करो।
क्रम = सिलसिला, तरतीब-पुस्तकों को क्रम से रखो।

24. ग्रह-गृह
ग्रह = नक्षत्र-नव ग्रह की पूजा करो।
गृह = घर–मेरा गृह निकट ही है।

25. चर्म-चरम
चर्म = चमड़ा-चर्म उद्योग विकसित हो रहा है।
चरम = अन्तिम-आपके जीवन का चरम लक्ष्य क्या है ?

26. चपल-चपला
चपल = चंचल-रमाकान्त बड़ा चपल बालक है।
चपला = बिजली-आकाश में चपला चमक रही है।

27. चरित-चरित्र
चरित = जीवन कथा-महापुरुषों के जीवन-चरित से हमें शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
चरित्र = आचरण-मनुष्य का चरित्र ही उसके व्यक्तित्व का दर्पण है।

28. चिर-चीर
चिर = पुराना-चिरकाल से आपका कोई पत्र नहीं मिला।
चीर = वस्त्र-दुर्योधन ने द्रौपदी का चीर-हरण करवाया।

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29. चिता-चिन्ता
चिता = बेटे ने अपने पिता की चिता को आग दी।
चिन्ता = चिन्ता करने से कुछ नहीं होता।

30. छत्र-छात्र
छत्र = छाता-छत्र वर्षा से बचाता है।
छात्र = विद्यार्थी-कुसंगति छात्र चरित्र को नष्ट कर देती है।

31. जगत्-जगत
जगत् = संसार-इस जगत् में अद्भुत जीव-जन्तु निवास करते हैं।
जगत = कुएँ का चबूतरा-कुएँ की जगत् पक्की ईंटों की बनी हुई थी।

32. जलज-जलद
जलज = कमल-सरोवर में चारों ओर जलज खिले हुए हैं।
जलद = बादल-जलद के उमड़ आने पर मोर नाचने लगते हैं।

33. दस-दंश
दस = दस-संस्कृत में दस तक गिनो।
दंश = डंक-साँप ने दंश मारा।

34. दिन-दीन
दिन = दिवस-आज कौन-सा दिन है।
दीन = निर्धन-उस दीन पर दया करो।

35. दुर-दूर
दुर = दुर वचन मत बोलो।
दूर = उसकी पहुँच बहुत दूर तक है।

36. है-हैं
है = वह रोज़ सैर को जाता है।
हैं = यहाँ बड़े-बड़े लोग बैठे हैं।

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37. धुन-धन
धुन = दृढ़ विचार-कर्मठ व्यक्ति धुन का पक्का होता है।
धन = द्रव्य-आज के युग में धन की बड़ी महत्ता है।

38. धेनु-धनु
धेन = गाय-विदेशी नस्ल की धेनु बहुत दूध देती है।
धनु = धनुष-अर्जुन धनु-विद्या में बहुत प्रवीण था।

39. निधन-निर्धन
निधन = देहान्त-लम्बी बीमारी के पश्चात् उसका निधन हो गया।
निर्धन = ग़रीब-मोहन निर्धन माँ-बाप का बेटा है।

40. नीर-नीड़
नीर = जल-सदैव स्वच्छ नीर पीना चाहिए।
नीड़ = घोंसला-कुछ पक्षी सुन्दर नीड़ बनाते हैं।

41. पक्ष-पक्षी
पक्ष = पंख-पक्ष के बिना पक्षी उड़ नहीं सकते।
पक्षी = खग-आकाश में पक्षी उड़ते हैं।

42. परिणाम-परिमाण-प्रमाण
परिणाम = नतीजा-परीक्षा परिणाम कब निकलेगा ? परिमाण = मात्रा–भौतिक पदार्थों का परिमाण बताना मुश्किल है।
प्रमाण = सबूत-पुलिस को चोरी का कोई प्रमाण नहीं मिला।

43. बात-वात
बात = बातचीत-मुझे झूठी बात कभी अच्छी नहीं लगती।
वात = हवा-कई लोग वात रोग से पीड़ित रहते हैं।

44. मूल-मूल्य
मूल = जड़-इस पेड़ का मूल बड़ा मज़बूत है।
मूल्य = कीमत-इस पुस्तक का कितना मूल्य है ?

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45. में-मैं
में = अन्दर-घड़े में पानी कम था।
मैं = निजवाचक-मैं आपको नहीं जानता।

46. रक्त-रिक्त
रक्त = खून-उसके घुटनों से रक्त बह रहा है।
रिक्त = खाली-अभी यह स्थान रिक्त है।

47. लक्ष-लक्ष्य
लक्ष = लाख-मेरे पास एक लक्ष रुपए हैं।
लक्ष्य = उद्देश्य-आपके जीवन का लक्ष्य क्या है ?

48. वक्ष-वृक्ष
वक्ष = छाती-दण्ड बैठक से वक्ष सुडौल बनता है।
वृक्ष = पेड़-नीम का वृक्ष जलवायु को शुद्ध करता है।

49. वसन-व्यसन
वसन = कपड़ा-सदा स्वच्छ वसन पहनने चाहिएँ।
व्यसन = बुरी आदत-आलोक को सिगरेट का व्यसन है।

50. शुल्क-शुक्ल
शुल्क = फीस-शुल्क क्षमा करवाने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।
शुक्ल = वह शुक्ल पक्ष की नवमी को पैदा हुआ था।

51. सम्मान-समान-सामान
सम्मान = आदर-सबका सम्मान करो।
समान = बराबर-उसके समान कोई नहीं है।
सामान = चीजें-यह किसका सामान है ?

52. सुत-सूत
सुत = पुत्र-अपना सुत सबको प्यारा होता है।
सूत = धागा-बुढ़िया सूत कात रही है।

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53. सर-शर
सर = तालाब-सर में कमल खिले हैं।
शर = तीर-यह शर बड़ा तेज़ है।

54. समिति-सम्मति
समिति = सभा-जगदेव लोक सेवा समिति का सदस्य है।
सम्मति = सलाह-राम और कृष्ण आपस में एक-दूसरे की सम्मति से काम करते हैं।

55. मास-मांस
मास = महीना-बसन्त मास आरम्भ हो गया है।
मांस = मीट-मांस खाने से हमें परहेज करना चाहिए।