PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 13 नवयुवकों के प्रति

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 13 नवयुवकों के प्रति Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 13 नवयुवकों के प्रति

Hindi Guide for Class 8 PSEB नवयुवकों के प्रति Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ : देखिए

नवयुवाओ = नवयुवको, नौजवानों।
दृष्टि = नज़र।
मनुज = मनुष्य।
ज्योति = प्रकाश।
योग = सहायता, सहयोग।
देशोद्धार = देश का उद्धार करना।
कार्य = काम।
परिणत = बदलना, परिवर्तन करना।
भक्तवर = भक्तों में श्रेष्ठ।
निम्नोक्ति = नीचे लिखी उक्ति या कथन।
धरो = धारण करो, रखो।
कौमार = कुमार, यौवन की अवस्था।
भागवत = प्रभु का।
धर्माचरण = धर्म के अनुसार आचरण, व्यवहार करना।
नर-जन्म = इन्सान का जन्म।
दुर्लभ = कठिन।
अधिक = ज्यादा।
पथ = रास्ता।
असंयम = संयम से रहित, अनियन्त्रित।
अशुभ = बुरा।
शुभ = अच्छा, भला, कल्याणकारी, हितकारी।
प्रथम = पहले।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 13 नवयुवकों के प्रति

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

(क) इस कविता के कवि का नाम लिखें।
उत्तर:
इस कविता के कवि का नाम ‘नवयुवको’ के प्रति’ है।

(ख) यह कविता किन्हें सम्बोधित की गई है ?
उत्तर:
यह कविता देश के युवाओं को सम्बोधित की गई है।

(ग) जो कुछ पढ़ो तुम कार्य में भी साथ ही परिणत करो।’ इस काव्य-पंक्ति का अर्थ लिखें।
उत्तर:
इस पंक्ति का अर्थ है कि हम पुस्तक में जो कुछ पढ़ें उसे कार्य क्षेत्र और व्यावहारिक जीवन में भी स्थान दें तभी हम उसकी उपयोगिता को समझ पाएंगे।

(घ) नवयुवकों के सम्मुख कौन-से दो पथ हैं ? उन्हें किस पथ का चुनाव करना चाहिए ?
उत्तर:
नवयुवकों के सम्मुख दो पथ हैं-असंयम का पथ और संयम का पथ । असंयम का पथ कभी नहीं चुनना चाहिए क्योंकि वह अहितकर और बुरा है जबकि दूसरा पथ संयम का है। यह दूसरा पथ हितकर होता है।

II. इन काव्य-पंक्तियों की सप्रसंग व्याख्या करें :

दो पथ असंयम ………….. संभलोगे कभी।
उत्तर:
कवि कहता है कि हे युवाओ! तुम्हें जीवन में अब सदा ही असंयम और संयम नामक दो रास्ते मिलेंगे। कभी न भूलना कि पहला रास्ता बुरा और अकल्याणकारी है और दूसरा अच्छा और कल्याणकारी है। तुम्हारा मन सदा की तरह तुम्हें पहले रास्ते की ओर झुकायेगा। हर मनुष्य को बुरा रास्ता जल्दी आकृष्ट करता है पर ध्यान रखना कि यदि तुम अभी नहीं सम्भलोगे तो फिर तुम कभी नहीं सम्भल पाओगे। भाव है कि जब मनुष्य एक बार बुराई की राह पर बढ़ चलता है तो फिर आसानी से अच्छाई की राह की ओर नहीं बढ़ पाता।

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III. नवयुवक देश के उत्थान में क्या-क्या योगदान दे सकते हैं ? चार-पाँच वाक्यों में उत्तर दें।

उत्तर:
नवयुवक ही तो देश के विकास को वास्तविक दिशा देने वाले होते हैं। उनमें नये युग के साथ कदम से कदम मिला कर आगे बढ़ने की क्षमता होती है। उनके पास साहस और क्षमता के साथ-साथ नया ज्ञान होता है। उनमें नई सोच होती है जिसके कारण वे रूढ़ियों को ठोकर मार कर नया रास्ता बना सकते हैं। वे अपनी शक्ति से विरोधी शक्तियों को परे धकेल सकते हैं। वे ही अच्छे शिल्पी, सैनिक, वैज्ञानिक, कलाकार, अध्यापक, चिकित्सक, इन्जीनियर और प्रत्येक क्षेत्र में मेहनतकश कर्मी बनने की क्षमता रखते हैं।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखें :

मनुज = ………………..
ज्योति = ………………..
संसार = ………………..
पथ = ………………..
उत्तर:
मनुज = मनुष्य , मानव।
ज्योति = लौ , जोत।
संसार = विश्व , दुनिया
पथ = मार्ग , राह।

II. ‘अ’ लगाकर विपरीत शब्द बनायें :

अ + संयम = असंयम
अ + शुभ = ………………..
अ + धर्म = ………………..
अ + विश्वास = ………………..
उत्तर
अ + संयम = असंयम
अ + शुभ = अशुभ
अ + धर्म = अधर्म
अ + विश्वास = अविश्वास।

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III. देश + उद्धार धर्म + आचरण इसी प्रकार नये शब्द बनायें

अ + उ = ओ
निम्न + उक्ति = निम्नोक्ति
चन्द्र + उदय = चन्द्रोदय
नव + उदय = नवोदय
सर्व + उत्तम = सर्वोत्तम
शुभ + उदय = शुभोदय
सूर्य + उदय = सूर्योदय
सर्व + उत्तम = सर्वोत्तम
भाग्य + उदय = भाग्योदय
मानव + उचित = मानवोचित
रोग + उपचार = रोगोपचार
हित + उपदेश = हितोपदेश

अ + आ = आ
कर्म + अनुसार = कर्मानुसार
सत्य + अग्रह = सत्याग्रह
युग + आदि = युगादि
मरण + आसन्न = मरणासन्न
न्याय + आलय = न्यायालय
विरह + आतुर = विरहातुर
शुभ + आरम्भ = शुभारम्भ
नव + आगत = नवागत
प्राण + आयाम = प्राणायाम
देव + आलय = देवालय
हिम + आलय = हिमालय।

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PSEB 8th Class Hindi Guide नवयुवकों के प्रति Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
‘नवयुवकों के प्रति’ कविता किस कवि की रचना है ?
(क) हरिवंशराय बच्चन
(ख) योगेंद्र बख्शी
(ग) मैथिलीशरण गुप्त ।
(घ) गोपाल दास नीरज।
उत्तर:
मैथिलीशरण गुप्त।

प्रश्न 2.
कवि किन्हें संबोधित कर रहा है ?
(क) बालकों को
(ख) युवाओं को
(ग) नेताओं को
(घ) कर्मचारियों को।
उत्तर:
युवाओं को।

प्रश्न 3.
कवि नवयुवकों को देश का क्या मानता है ?
(क) कर्मकार
(ख) कर्णधार
(ग) कर्मचारी
(घ) कर्मठ।
उत्तर:
कर्णधार।

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प्रश्न 4.
नवयुवकों को कौन-सी आदत डाल लेनी चाहिए ?
(क) धर्माचरण की
(ख) राजनीति की
(ग) स्वार्थ की
(घ) परार्थ की।
उत्तर:
धर्माचरण की।

प्रश्न 5.
कवि ने किस मार्ग को शुभ बताया है ?
(क) असंयम
(ख) संयम
(ग) विकट
(घ) सरल।
उत्तर:
संयम।

प्रश्न 6.
कवि ने किस भक्त का उल्लेख किया है ?
(क) ध्रुव
(ख) प्रहलाद
(ग) नरसी
(घ) श्रवण।
उत्तर:
प्रहलाद

सप्रसंग व्याख्या

1. हे नवयुवाओ! देश भर की दृष्टि तुम पर ही लगी,
है मनुज जीवन की तुम्हीं में ज्योति सब से जगमगी।
दोगे न तुम तो कौन देगा योग देशोद्धार में ?
देखो, कहाँ क्या हो रहा है आजकल संसार में॥

शब्दार्थ:
नवयुवाओ = नवयुवको, नौजवानों। दृष्टि = नज़र। मनुज = मनुष्य। ज्योति = प्रकाश। योग = सहायता, सहयोग। देशोद्धार = देश का उद्धार करना।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक में संकलित कविता ‘नवयुवकों के प्रति’ से ली गई हैं। कवि ने देश के युवा वर्ग को सम्बोधित करते हुए उन्हें प्रेरणा दी है कि वे देश के विकास के लिए काम करे।

व्याख्या:
कवि कहता है कि देश के नवयुवको! सारे देश के लोगों की नज़र तुम्हारी ही ओर लगी है। मानव-जीवन ने अब तक जितनी भी विशेषताएँ समय के साथ-साथ प्राप्त की हैं वे सब प्रकाश तुम्हारे भीतर जगमगा रही हैं। तुम उन सभी गुणों और विशेषताओं से सम्पन्न हो। देश के उद्धार के लिए यदि तुम ही सहयोग नहीं दोगे तो फिर और कौन देगा ? देश का उद्धार तुम्हारे ही हाथ में है। तुम सजग और सचेत रहो। तुम देखो कि इस संसार में आजकल सभी जगह क्या हो रहा है और कैसे हो रहा है ? भाव है कि संसार की चाल को देख कर ही विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा जा सकता है।

विशेष:

  1. कवि ने युवावर्ग को प्रेरणा दी है कि वह समय की चाल को समझे और उसके अनुसार ही जीवन की राह में आगे बढ़े।
  2. भाषा सरल, सरस और भावपूर्ण है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 13 नवयुवकों के प्रति

2. जो कुछ पढ़ो तुम कार्य में भी साथ ही परिणत करो,
सब भक्तवर प्रह्लाद की निम्नोक्ति को मन में धरो”
कौमार में ही भागवत धर्माचरण कर लो यहाँ
नर-जन्म दुर्लभ और वह भी अधिक रहता है कहाँ॥

शब्दार्थ:
कार्य = काम। परिणत = बदलना, परिवर्तन करना। भक्तवर = भक्तों में श्रेष्ठ। निम्नोक्ति = नीचे लिखी उक्ति या कथन। धरो = धारण करो, रखो। कौमार = कुमार, यौवन की अवस्था। भागवत = प्रभु का। धर्माचरण = धर्म के अनुसार आचरण, व्यवहार करना। नर-जन्म = इन्सान का जन्म। दुर्लभ = कठिन। अधिक = ज्यादा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक में संकलित कविता ‘नवयुवकों के प्रति’ से ली गई हैं। कवि ने नवयुवकों को प्रेरणा दी है कि वे देश के लिए परिश्रम करें और उसे विकास के मार्ग पर आगे ले चलें।

व्याख्या:
कवि कहता है कि हे नौजवानों! तुम जिस भी विषय को पढ़ो उसे केवल पुस्तक के ज्ञान तक सीमित न रखो बल्कि उसे उपयोगी कार्य में भी बदलो। उस शिक्षा को इस्तेमाल करना सीखो। सभी युवक भक्तों में श्रेष्ठ प्रहलाद की नीचे लिखी इस पंक्ति को भी ध्यान में रखो कि युवावस्था के आरम्भ में ही ईश्वर के नाम और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की आदत को अपना लो, ग्रहण कर लो। मानव जीवन प्राप्त करना बहुत कठिन होता है। वह आसानी से प्राप्त नहीं होता और बहुत अधिक देर तक रहता भी कहाँ है अथवा मनुष्य का जीवन छोटा होता है। भाव है कि मनुष्य को भगवान के द्वारा दिए गए अपने छोटे से जीवन में कार्यों के साथ-साथ ईश्वर के नाम की ओर भी बढ़ना चाहिए।

विशेष:

  1. कवि का मानना है कि युवाओं को पढ़ने और कार्य करने के साथ-साथ ईश्वर का नाम भी लेना चाहिए।
  2. भाषा सरल, सरस और भावपूर्ण है।

3. दो पथ, असंयम और संयम हैं तुम्हें अब सब कहीं॥
पहला अशुभ है, दूसरा शुभ है इसे भूलो नहीं”।
पर मन प्रथम की ओर ही तुम को झुकावेगा अभी,
यदि तुम न सम्भलोगे अभी तो फिर न संभलोगे कभी॥

शब्दार्थ:
पथ = रास्ता। असंयम = संयम से रहित, अनियन्त्रित। अशुभ = बुरा। शुभ = अच्छा, भला, कल्याणकारी, हितकारी। प्रथम = पहले।

प्रसंग:
यह अवतरण हिन्दी की पाठ्य पुस्तक में संकलित ‘नवुयवकों के प्रति’ नामक कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने प्रेरणा दी है कि हमें अपने जीवन में उच्चता और श्रेष्ठता के लिए अच्छी राह को चुनना चाहिए।

व्याख्या:
कवि कहता है कि हे युवाओ! तुम्हें जीवन में अब सदा ही असंयम और संयम नामक दो रास्ते मिलेंगे। कभी न भूलना कि पहला रास्ता बुरा और अकल्याणकारी है और दूसरा अच्छा और कल्याणकारी है। तुम्हारा मन सदा की तरह तुम्हें पहले रास्ते की ओर झुकायेगा। हर मनुष्य को बुरा रास्ता जल्दी आकृष्ट करता है पर ध्यान रखना कि यदि तुम अभी नहीं सम्भलोगे तो फिर तुम कभी नहीं सम्भल पाओगे। भाव है कि जब मनुष्य एक बार बुराई की राह पर बढ़ चलता है तो फिर आसानी से अच्छाई की राह की ओर नहीं बढ़ पाता।

विशेष:

  1. कवि ने प्रेरणा दी है कि मनुष्य को सदा जीवन में अच्छी राह पर आगे बढ़ना चाहिए। उसे बुरी राह छोड़ देनी चाहिए।
  2. भाषा सरल, सरस और भावपूर्ण है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 13 नवयुवकों के प्रति

नवयुवकों के प्रति Summary

नवयुवकों के प्रति कविता का सार

कवि देश के युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहता है कि हे युवाओ! सारे देश की दृष्टि उन पर ही लगी हुई है। सारी मानव जाति के गुणों की चमक तुम्हीं में जगमगा रही है। तुम्हारे बिना देश के उद्धार में योगदान और कौन दे सकता है ? तुम जरा देखो तो सही कि इस संसार में आजकल क्या हो रहा है। तुम जो कुछ भी शिक्षा प्राप्त करो उसे कार्य के रूप में बदल दो। तुम सब भक्त प्रह्लाद की इस बात को मन में धारण कर लो कि युवावस्था में ही ईश्वर के प्रति अपने भक्ति भावों को मन में रखना है। प्राणियों का इन्सान का जन्म बहुत कठिनाई से प्राप्त होता है और जिनको प्राप्त होता भी है तो वह बहुत देर तक नहीं रहता। जीवन जीते हुए दो ही रास्ते मिलते हैं-असंयम और संयम। असंयम का रास्ता बुरा होता है और संयम का अच्छा। लेकिन मन प्रायः असंयम के रास्ते पर पहले चलने लगता है, इसका झुकाव उधर ही होता है। यदि इस रास्ते पर एक बार चलना शुरू कर दिया और तुम नहीं सम्भले तो फिर कभी भी नहीं सम्भल पाओगे। सदा सोच-विचार कर अच्छे और सही मार्ग पर ही चलना सीखो।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

Hindi Guide for Class 8 PSEB बाबा साहेब अम्बेदकर Textbook Questions and Answers

(क) भाषा बोध

शब्दार्थ:

समस्त = सम्पूर्ण।
उपेक्षित = जिसकी उपेक्षा की गई हो, तिरस्कृत ।
दृढ़ संकल्प = पक्का निश्चय।
परिश्रम = मेहनत। कटु = कड़वा।
आजीविका = रोजी, पेट भरने का धन्धा।
पीड़ित = सताया हुआ।
शोषित = जिसका शोषण किया गया हो।
छात्रवृत्ति = वज़ीफा।
दुर्व्यवहार = बुरा बर्ताव।
उद्विग्न = दुःखी।
जागृति = जागना।
क्षितिज = आसमान।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

(ख) विषय बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

(क) बाबा अम्बेदकर का जन्म कब, कहाँ और किसके घर हुआ ?
उत्तर:
अम्बेदकर का जन्म मऊ (इन्दौर) के निकट 14 अप्रैल, सन् 1891 को श्री राम जी राव के घर हुआ।

(ख) इन की प्रारम्भिक शिक्षा कहाँ हुई ?
उत्तर:
डॉ० अम्बेदकर की प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम के स्कूल में हुई।

(ग) सामाजिक भेदभाव को मिटाने के लिए डॉ० अम्बेदकर का क्या योगदान रहा ?
उत्तर:
सामाजिक भेदभाव समाप्त करने के लिए डॉ० अम्बेदकर ने ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ स्थापित की। इससे सम्बद्ध ही ‘बहिष्कृत भारत’ समाचार-पत्र निकाला।

(घ) इन्होंने कौन-कौन से समाचार-पत्रों में काम किया ?
उत्तर:
डॉ० अम्बेदकर ने बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ और ‘बहिष्कृत भारत’ समाचारपत्रों में काम किया।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

(क) बाबा साहब अम्बेदकर को ‘उपेक्षितों का मसीहा’ क्यों कहा जाता है ? लगभग 50 शब्दों में उत्तर लिखो।
उत्तर:
डॉ० अम्बेदकर ने समाज के उपेक्षित वर्ग को समानता का अधिकार दिलाया है। उन्हीं के प्रयासों से समाज के इस वर्ग को सभी क्षेत्रों, स्कूलों, गाड़ियों, होटलों, तीर्थों, मन्दिरों में समानता के अधिकार प्राप्त हुए। अब सरकारी नौकरियों और चुनाव क्षेत्रों में उनके लिए स्थान आरक्षित हैं। इन्हीं कारणों से उन्हें उपेक्षितों का मसीहा कहा जाता है।

(ख) छुआछूत को मिटाने के लिए बाबा साहिब का क्या योगदान रहा ? ।
उत्तर:
छुआछूत के कलंक को मिटाने के लिए डॉ० अम्बेदकर ने अनेक प्रयत्न किए। उन्होंने भाषणों, लेखों द्वारा छुआछूत की कुरीति के विरुद्ध प्रचार किया। लन्दन की गोलमेज़ सभा में भी इस समस्या की चर्चा की। वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य होने पर वहाँ भी इस प्रश्न को उठाया। उन्हीं के प्रयत्न से स्वतन्त्र भारत के संविधान ने छुआछूत को दण्डनीय अपराध माना है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. शुद्ध करके लिखें

परिशरम – …………………….
दरिदरता – …………………….
संसकृत – …………………….
छातरवृती – …………………….
जागरित – …………………….
आकरषित – …………………….

उत्तर:
अशुद्ध रूप – शुद्ध रूप
परिशरम – परिश्रम
दरिदरता – दरिद्रता
संसकृत – संस्कृत
छातरवृती – छात्रवृत्ति
जागरित – जागृत।
आकरषित – आकर्षित

II. भाववाचक संज्ञाएँ बनाएँ

एक – …………………….
समान – …………………….
महान – …………………….
स्वतंत्र – …………………….
उत्तर:
भाववाचक – संज्ञाएँ
एक – एकता
समान – समानता
महान् – महानता
स्वतंत्र – स्वतंत्रतां।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

III. विशेषण बनाएं

परिवार – …………………….
शिक्षा – …………………….
परिश्रम – …………………….
समाज – …………………….
आधार – …………………….
अनुभव – …………………….
आरक्षण – …………………….
आयोजन – …………………….
धर्म – …………………….
शोषण – …………………….
उत्तर:
विशेषण
परिवार – पारिवारिक
शिक्षा – शैक्षिक
परिश्रम – पारिश्रमिक
समाज – सामाजिक
आधार – आधारित
अनुभव – अनुभवी
आरक्षण – आरक्षित
आयोजन – आयोजित
धर्म – धार्मिक
शोषण – शोषित।

IV. सुशिक्षित में ‘सु’, दुर्व्यवहार में ‘दुर्’ और विलीन में ‘वि’ उपसर्ग हैं। अब ‘सु’, ‘दुर्’, ‘वि’ उपसर्गों से पाँच-पाँच नये शब्द बनाएँ।

उत्तर:
‘सु’-सुरक्षा, सुधीर, सुगंध, सुचारु, सुगठित।
“दुर्’-दुर्गम, दुर्भिक्ष, दुर्दिन, दुर्बोध, दुर्जेय।
“वि’-विकार, विक्रय, विग्रह, विपक्ष, विफल।

V. समस्त पद बनायें :

मंत्रियों का मण्डल – …………………….
संविधान की सभा – …………………….
कानून का मंत्री – …………………….
बुद्ध का धर्म – …………………….
परिषद् के सदस्य – …………………….
अभ्यास की पुस्तिका – …………………….
स्त्री और पुरुष – …………………….
महान् है जो राजा – …………………….
राष्ट्र की भाषा – …………………….

उत्तर:
मंत्रियों का मण्डल – मंत्रिमण्डल
संविधान की सभा – संविधानसभा
कानून का मंत्री – कानून मंत्री
बुद्ध का धर्म – बौद्धधर्म
परिषद् के सदस्य – परिषद् सदस्य
अभ्यास की पुस्तिका – अभ्यासपुस्तिका
स्त्री और पुरुष – स्त्री-पुरुष
महान् है जो राजा – महाराजा
राष्ट्र की भाषा – राष्ट्रभाषा।

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VI.
(1) संधि करें :

सम् + विधान = …………………….
सम् + कल्प = …………………….
सम् + पूर्ण = …………………….
सम् + उन्नत = …………………….
सम् + तोष = …………………….
उत्तर:
सम् + विधान = संविधान
सम् + पूर्ण = संपूर्ण
सम् + तोष = संतोष
सम् + उन्नत = समोन्नत
सम + कल्प = संकल्प।

(2) संधि विच्छेद करें:

प्रधानाध्यापक = …………………….
व्यवहार = …………………….
परीक्षा = …………………….
विद्यालय = …………………….
दुर्व्यवहार = …………………….
अध्यवसाय = …………………….
शताब्दी = …………………….
संगठित = …………………….
उत्तर:
प्रधानाध्यापक = प्रधान + अध्यापक
व्यवहार = विः + अव + हार
परीक्षा = परि + ईक्षा
विद्यालय = विद्या + आलय
दुर्व्यवहार = दुः + व्यवहार
अध्यवसाय = अधि + अव + साय
शताब्दी = शत + अब्दी
संगठित = सम् + गठित।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

VII. विराम चिह्न लगाएँ

सैनिक सचिव के पद पर रहते हुए उन्हें अनेक कटु अनुभव हुए चपरासी तक उनके हाथों से फाइलें लेने में कतराते थे उन्हें पानी तक नहीं मिलता था अंत में तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और बम्बई चले गए।
उत्तर:
सैनिक सचिव के पद पर रहते हुए उन्हें अनेक कटु अनुभव हुए। चपरासी तक उनके हाथों से फाइलें लेने में कतराते थे। उन्हें पानी तक नहीं मिलता था। अंत में तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और बम्बई चले गए।

VIII. इन वाक्यों में उचित योजक शब्द लगायें :

(1) वे संस्कृत पढ़ना चाहते थे ……….. अध्यापक उन्हें संस्कृत पढ़ाने को तैयार न थे।
(2) उन्होंने दृढ़ निश्चय किया था ……. वे समाज के इस दुर्व्यवहार के प्रति संघर्ष करेंगे।
(3) वहाँ उन्हें सबसे प्यार …….. समानता का व्यवहार मिला।
(4) समाज में मनुष्य शिक्षा से ही सम्मान पा सकता है ……… वे अपने प्रिय पुत्र भीमराव को उच्च शिक्षा दिलाने के इच्छुक थे।
(5) वे बौद्ध धर्म को पसन्द करते थे ……….. वह समानता पर आधारित है।
(6) डॉ० अम्बेदकर के जीवन को देखकर यही सिद्ध होता है ……… कोई भी व्यक्ति जन्म से नहीं, बल्कि कर्म से महान् बनता है।
उत्तर:
(1) लेकिन
(2) कि
(3) और
(4) इसलिए
(5) क्योंकि
(6) कि

PSEB 8th Class Hindi Guide बाबा साहेब अम्बेदकर Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
बाबा साहब अम्बेडकर का पूरा नाम क्या है ?
(क) डॉ० भीमराव अम्बेडकर
(ख) रामराव अम्बेडकर
(ग) भीष्मराव अम्बेडकर
(घ) डॉ. भीमा सिंह अम्बेडकर।
उत्तर:
डॉ० भीमराव अम्बेडकर।

प्रश्न 2.
बाबा साहब अम्बेडकर के पिता का क्या नाम था ?
(क) श्री राम राव
(ख) श्री राम जी राव
(ग) श्री रामकुमार राव
(घ) श्री रामरत्न राव।
उत्तर:
श्री राम जी राव।

प्रश्न 3.
बाबा साहब अम्बेडकर का जन्म कब हुआ था ?
(क) 14-4-1879
(ख) 14-4-1889
(ग) 14-4-1891
(घ) 14-4-1899.
उत्तर:
14-4-1891

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 11 बाबा साहेब अम्बेदकर

प्रश्न 4.
बाबा साहब अम्बेडकर अमेरिका पढ़ने किस राज्य की छात्रवृत्ति पर गए थे?
(क) मैसूर
(ख) बड़ौदा
(ग) इंदौर
(घ) ग्वालियर।
उत्तर:
बड़ौदा।

प्रश्न 5.
अमेरिका के किस विश्वविद्यालय से बाबा साहब अम्बेडकर ने डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी ?
(क) न्यूजर्सी
(ख) कोलम्बिया
(ग) न्यूयार्क
(घ) कैलफोरनिया।
उत्तर:
कोलम्बिया।

प्रश्न 6.
बाबा साहब अम्बेडकर अमेरिका में कब से कब तक पढ़ते रहे ?
(क) 1913 से 1917 तक
(ख) 1913 से 1916 तक
(ग) 1913 से 1918 तक
(घ) 1913 से 1919 तक।
उत्तर:
1913 से 1917 तक।

प्रश्न 7.
बड़ौदा रियासत में बाबा साहब ने किस सचिव के पद पर कार्य किया ?
(क) वित्त
(ख) शिक्षा
(ग) सैनिक
(घ) गृह।
उत्तर:
सैनिक।

प्रश्न 8.
स्वतंत्र भारत में बाबा साहब को किस विभाग का मंत्री बनाया गया ?
(क) वित्त
(ख) विधि
(ग) गृह
(घ) शिक्षा।
उत्तर:
विधि।

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प्रश्न 9.
बाबा साहब स्वतंत्र भारत में किस समिति के अध्यक्ष थे ?
(क) समाज कल्याण
(ख) संविधान
(ग) रक्षा
(घ) शिक्षा।
उत्तर:
संविधान।

प्रश्न 10.
बाबा साहब का निधन कब हुआ ?
(क) 6-12-1955
(ख) 6-12-1956
(ग) 6-12-1957
(घ) 6-12-1958.
उत्तर:
6-12-1956.

बाबा साहब अम्बेदकर Summary

बाबा साहब अम्बेदकर पाठ का सार

डॉ० भीमराव अम्बेदकर आधुनिक भारत के प्रमुख विधिवेत्ता, समाज सुधारक और राष्ट्रीय नेता थे। उनका जन्म 14 अप्रैल, सन् 1891 ई० को मऊ में हुआ जो अब मध्य प्रदेश में इन्दौर के पास स्थित है। वे महार जाति के थे। उनके पिता श्री राम जी राव एक सैनिक स्कूल के प्रधानाध्यापक थे। उन्होंने भीमराव को जीवन में आगे बढ़ने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प किया। बी० ए० की परीक्षा पास करने के बाद वे बड़ौदा राज्य की छात्रवृत्ति पर अमेरिका में अध्ययन के लिए गए। वहाँ उन्होंने पीएच० डी० की उपाधि प्राप्त की। अध्ययन के उपरान्त बड़ौदा लौटकर वे बड़ौदा महाराज के सैनिक सचिव बन गए। इसके बाद उन्होंने वकालत शुरू करने का इरादा बनाया। समाज में बराबरी के अधिकार के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया।

जब भारत आजाद हुआ तो पं० नेहरू ने उन्हें अपने मन्त्रिमण्डल में विधि मन्त्री बनाया। वे स्वतन्त्र भारत का संविधान तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष थे। उन्हीं के प्रयत्नों से समानता के मूल अधिकारों को सुरक्षित रखा गया। डॉ० अम्बेदकर के जीवन को देखकर यही सिद्ध होता है कि कोई भी व्यक्ति जन्म से नहीं बल्कि कर्म से महान् बनता है। कर्म करते रहने से व्यक्ति किसी भी उच्च स्तर तक पहुँच सकता है। लगभग तीस वर्षों तक देश के क्षितिज पर चमकने वाला यह नक्षत्र 6 दिसम्बर, सन् 1956 को सदा के लिए विलीन हो गया।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran संज्ञा

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Sangya संज्ञा Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar संज्ञा

प्रश्न 1.
संज्ञा की परिभाषा लिखो और उसके भेद बताओ।
अथवा
संज्ञा किसे कहते हैं ? उसके कितने भेद हैं ?
उत्तर:
किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, जाति, गुण या भाव का बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं; जैसे-राम, कृष्ण, दिल्ली, सिंह, पुस्तक, गर्मी, सुन्दरता, दया आदि।
संज्ञा के तीन भेद हैं-
(1) व्यक्तिवाचक
(2) जातिवाचक
(3) भाववाचक।
1. व्यक्तिवाचक : जो शब्द किसी विशेष व्यक्ति, स्थान आदि का बोध कराए, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे-कृष्ण, दिल्ली, गंगा आदि।
2. जातिवाचक : जो शब्द किसी सम्पूर्ण जाति का बोध कराए, उसे जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है; जैसे-स्त्री, पुरुष, पशु, नगर आदि।
3. भाववाचक : जो शब्द किसी धर्म, अवस्था, भाव, गुण, दोष आदि प्रकट करे, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे-मिठास, मानवता, सत्यता आदि।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran संज्ञा

प्रश्न 2.
भाववाचक संज्ञा का निर्माण किस प्रकार होता है ?
उत्तर:
भाववाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया-विशेषण और निरर्थक शब्द से बनती है।
(i) जातिवाचक संज्ञा से मनुष्य से मनुष्यता, शिशु से शैशव, लड़का से लड़कपन आदि।
(ii) सर्वनाम से-अपना से अपनापन, सर्व से सर्वस्व, स्व से स्वत्व, अहं से अहंकार आदि।
(iii) विशेषण से-अच्छा से अच्छाई, सुन्दर से सौन्दर्य, भला से भलाई, उष्ण से उष्णीय आदि।
(iv) क्रिया से:-दौड़ना से दौड़, हँसना से हँसी, हँसाई, लड़ना से लड़ाई, पुकारना से पुकार, सजाना से सजावट आदि।
(v) क्रिया-विशेषण से-दूर से दूरी, समीप से समीपता, शीघ्र से शीघ्रता आदि।
(vi) निरर्थक शब्दों से-चरचराहट, सरसराहट, भिनभिनाहट आदि।

प्रश्न 3.
जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जातिवाचक संज्ञा-जो शब्द किसी सम्पूर्ण जाति का बोध कराए, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं; जैसे-स्त्री, पुरुष, पशु, नगर आदि।

प्रश्न 4.
व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा कैसे बन जाती है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग सदा एकवचन में होता है, परन्तु जब कोई व्यक्तिवाचक संज्ञा व्यक्ति विशेष का बोध न करा कर उस व्यक्ति जैसे गुणों या दोषों से युक्त अनेक व्यक्तियों का बोध कराती है तब वह व्यक्तिवाचक न रहकर जातिवाचक हो जाती है; जैसे-विभीषणों से बचकर रहो।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे लिखे वाक्यों में से संज्ञा शब्द चुनकर लिखें
(क) राम पढ़ता है।
(ख) खिलाड़ी खेलता है।
(ग) गाय घास चरती है।
(घ) सिंह दहाड़ता है।
(ङ) पक्षी उड़ते हैं।
उत्तर:
(क) राम
(ख) खिलाड़ी
(ग) गाय, घास
(घ) सिंह
(ङ) पक्षी।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran संज्ञा

प्रश्न 2.
नीचे लिखे वाक्यों में से भाववाचक संज्ञा चुनकर लिखें
(क) शीला की पढ़ाई कैसी चल रही है।
(ख) यह जानकर मुझे प्रसन्नता हुई।
(ग) सुंदरता एक आभूषण है।
(घ) हमेशा सच्चाई की जीत होती है।
(ङ) आवश्यकता आविष्कार की जननी है।
(च) निर्धनता उसका रास्ता रोक रही थी।
उत्तर:
(क) पढ़ाई
(ख) प्रसन्नता
(ग) सुंदरता
(घ) सच्चाई
(ङ) आवश्यकता
(च) निर्धनता।

प्रश्न 3.
नीचे लिखे वाक्यों की भाववाचक संज्ञाएँ बदलो-
उत्तर:
(क) गन्ना मीठा होता है। – गन्ने में मिठास होती है।
(ख) हर व्यक्ति अच्छा होना चाहिए। – हर व्यक्ति में अच्छाई होनी चाहिए।
(ग) फूल बहुत सुंदर है। – फूल में बहुत सुंदरता है।
(घ) मनुष्य को कृतघ्न नहीं होना चाहिए। – मनुष्य में कृतघ्नता नहीं होनी चाहिए।
(ङ) यह बात उचित है। – इस बात में औचित्य है।
(च) हमारे देश में विषम परिस्थितियाँ हैं। – हमारे देश में विषमता पूर्ण परिस्थितियाँ हैं।
(छ) कच्चा आम खट्टा होता है। – कच्चे आम में खटास होती है।
(ज) देश में अनेक प्राकृतिक स्रोत हैं। – देश में प्राकृतिक स्रोतों की अनेकता है।
(झ) वह बड़ा कुरूप आदमी है। – उस आदमी में बड़ी कुरूपता है।
(ञ) सत्य एक उत्तम गुण है। – सत्यता एक उत्तम गुण है।
(ट) साँप एक मीटर लम्बा था। – साँप की लम्बाई एक मीटर थी।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran शब्द प्रकरण

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Shabd Prakaran शब्द प्रकरण Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar शब्द प्रकरण

प्रश्न 1.
शब्द किसे कहते हैं ?
उत्तर:
दो या दो से अधिक सार्थक वर्णों के मेल को शब्द कहते हैं; जैसे-राम, लक्ष्मण, सूर्य, गुरु आदि।

प्रश्न 2.
शब्द किसे कहते हैं ? अर्थ के आधार पर इसके कितने भेद हैं ?
उत्तर:
शब्द : दो या दो से अधिक सार्थक वर्णों के मेल को शब्द कहते हैं; जैसेराम, लक्ष्मण, सूर्य, गुरु आदि। अर्थ के आधार पर शब्द के दो भेद हैं-सार्थक और निरर्थक।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran शब्द प्रकरण

प्रश्न 3.
व्युत्पत्ति (रचना या बनावट) के विचार से शब्द के कितने भेद हैं ?
उत्तर:
व्युत्पत्ति के विचार से शब्द के तीन भेद हैं-
(1) रूढ़ि
(2) यौगिक
(3) योग रूढ़ि।
1. रूढ़ि : जिन शब्दों के खण्ड का कोई अर्थ नहीं होता, वे रूढ़ि शब्द कहलाते हैं। जैसे-कमल (क + म + ल), दवात (द + वा + त)।

2. यौगिक : जो दो शब्दों के योग से बनते हैं, उन्हें यौगिक शब्द कहा जाता है। जैसे-पाठशाला (पाठ + शाला), विद्यालय (विद्या + आलय), महात्मा (महा + आत्मा) आदि।

3. योग रूढ़ि : जो यौगिक शब्दों की भान्ति दो शब्दों के योग से तो बनें परन्तु किसी विशेष अर्थ को प्रकट करें, उन्हें योग रूढ़ि कहा जाता है। जैसे-पीताम्बर (पीत = पीला, अम्बर = कपड़ा) पीताम्बर शब्द का अर्थ पीला कपड़ा न होकर इसका विशेष अर्थ कृष्ण (भगवान् कृष्ण) है। पंकज (पंक = कीचड़, ज = उत्पन्न होने वाला) पंकज का अर्थ कीचड़ में उत्पन्न होने वाला मेंढक, कछुआ आदि नहीं बल्कि इसका अर्थ कमल है।

प्रश्न 4.
शब्द भण्डार या उत्पत्ति के विचार से शब्द के कितने भेद हैं ?
उत्तर:
उत्पत्ति के विचार से हिन्दी में चार प्रकार के शब्द हैं-
(1) तत्सम
(2) तद्भव
(3) देशज
(4) विदेशज।
1. तत्सम : जो शब्द संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं; जैसे-माता, पिता, ज्ञान, सुन्दर आदि।
2. तद्भव : संस्कृत के वे शब्द जो कुछ बिगाड़ कर हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं; जैसेहस्त से हाथ, ग्राम से गाँव, अग्नि से आग।
3. देशज : जो शब्द स्थानीय भाषाओं में से हिन्दी में प्रयुक्त होते हों; जैसे-रोड़ा, बैंगन, आलू, सेब आदि।
4. विदेशज : जो शब्द अंग्रेजी, उर्दू, फ़ारसी आदि विदेशी भाषाओं से हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं; जैसे-स्टेशन, स्कूल, आदमी, वकील, बाज़ार आदि।

प्रश्न 5.
अर्थ के अनुसार शब्द के कितने भेद हैं ? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
अर्थ के अनुसार शब्द के दो भेद हैं-
(1) सार्थक और
(2) निरर्थक।
1. सार्थक : जिन शब्दों का कोई अर्थ हो; जैसे-कुर्सी, गाय, घोड़ा आदि।
2. निरर्थक : जिन शब्दों का कोई अर्थ न हो; जैसे-घोड़ा-घाड़ा (घाड़ा), आलूशालू आदि।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran शब्द प्रकरण

प्रश्न 6.
प्रयोग के अनुसार शब्द के कितने भेद हैं ?
उत्तर:
प्रयोग के अनुसार शब्द के आठ भेद हैं
विकारी
(1) संज्ञा
(2) सर्वनाम
(3) विशेषण
(4) क्रिया
अविकारी
(5) क्रिया विशेषण
(6) सम्बन्ध बोधक
(7) समुच्चय बोधक
(8) विस्मयादि बोधक
विकारी : जिन शब्दों का पुरुष, लिंग, वचन आदि के कारण रूप बदल जाता है, उन्हें विकारी कहा जाता है; जैसे-पर्वत-पर्वतों। बादल-बादलों। विद्वान्-विदुषी आदि।
अविकारी : जिन शब्दों का रूप नहीं बदलता; जैसे-और, यहाँ, वहाँ, या, अथवा आदि।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वर्ण प्रकरण

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Varn Prakaran वर्ण प्रकरण Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar वर्ण प्रकरण

प्रश्न 1.
वर्ण या अक्षर को परिभाषित करो।
उत्तर:
वह छोटी-से-छोटी मूल ध्वनि को जिसके टुकड़े न हो सकें, वर्ण या अक्षर कहा जाता है ; जैसे-अ, इ, उ, ऋ, क्, च्, ट्, त्, प् आदि।

प्रश्न 2.
उच्चारण किसे कहते हैं ? भाषा के वर्गों का शुद्ध उच्चारण क्यों आवश्यक है ?
उत्तर:
बोलते समय जब वायु कंठ से लेकर होठों तक किसी उच्चारण अवयव द्वारा व्यक्त की जाती है तो विशेष प्रकार की ध्वनि पैदा होती है जिसे उच्चारण कहते हैं। किसी भाषा के सम्यक् ज्ञान के लिए उसके वर्णों का शुद्ध उच्चारण बहुत आवश्यक है।

प्रश्न 3.
वर्णमाला किसे कहते हैं ? हिन्दी वर्णमाला में कितने वर्ण (अक्षर) हैं ?
उत्तर:
वर्णों के क्रमानुसार समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिन्दी वर्णमाला में 44 वर्ण हैं-ग्यारह स्वर तथा तैंतीस व्यंजन।

प्रश्न 4.
वर्ण के कितने भेद हैं ?
उत्तर:
वर्ण के दो भेद हैं-स्वर और व्यंजन।

प्रश्न 5.
स्वर किसे कहते हैं ? उसके कितने भेद हैं ?
उत्तर:
जो बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता से बोले जाते हैं, उन्हें स्वर कहा जाता है। जैसे-अ, इ, उ, ऋ आदि ग्यारह स्वर हैं।
स्वर के तीन भेद हैं:
(i) ह्रस्व
(ii) दीर्घ
(iii) प्लुत।
(i) ह्रस्व : जिनके बोलने में कम समय लगे। जैसे-अ, इ, उ, ऋ। इन्हें एक मात्रिक स्वर भी कहा जाता है।
(ii) दीर्घ : जिनके बोलने में ह्रस्व स्वर से दुगुना समय लगे। जैसे-आ, ई, ऋ, ए, ओ, औ।
(iii) प्लुत : जिनके बोलने में ह्रस्व स्वर से तिगुना समय लगे। जैसे-ओ३म्, हे राम ! आदि।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वर्ण प्रकरण

प्रश्न 6.
अनुनासिक और निरनुनासिक में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा
उच्चारण के अनुसार स्वरों के भेद बताओ।
उत्तर:
उच्चारण के अनुसार सभी प्रकार (ह्रस्व, दीर्घ, प्लुत) स्वरों के दो भेद हैं
1. अनुनासिक : जब स्वरों का उच्चारण मुख और नासिका से होता है, तब वे ‘अनुनासिक’ कहलाते हैं। इस स्वर के ऊपर चन्द्रबिन्दु (ँ) या अनुस्वार ( . ) लगाया जाता है। जैसे-हँसना, दाँत, हंस आदि।।

2. निरनुनासिक : जब स्वरों का उच्चारण केवल मुख से होता है, तब वे ‘निरनुनासिक’ कहलाते हैं। इनके ऊपर चन्द्र बिन्दु नहीं लगता है। जैसे-अ, आ, इ, ई आदि स्वर।
इसी तरह नाग, अमर, मगर, जाग, भाग आदि शब्दों में आए हुए स्वर भी निरनुनासिक हैं।

प्रश्न 7.
व्यंजन किसे कहते हैं और इसके कितने भेद हैं ?
उत्तर:
जो वर्ण स्वरों की सहायता से बोले जाएँ, उन्हें व्यंजन कहते हैं। जैसे – क (क् + अ), च (च् + अ), ट (ट् + अ), त (त् + अ), प (प् + अ) आदि।

व्यंजन के भेद :
(i) स्पर्श
(ii) अन्तस्थ
(iii) ऊष्म।
स्पर्श वर्ण : क से ले र म तक = 25 वर्ण।
अन्तस्थ वर्ण : य, र, ल, व।
ऊष्म वर्ण : श, ष, स, ह।

प्रश्न 8.
संयुक्त व्यंजन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जो दो या दो से अधिक व्यंजनों से मिलकर बनते हैं, उन्हें संयुक्त व्यंजन कहते हैं, देवनागरी लिपि में ये चार हैं
(i) क्ष = क् + ष् + अ।
(ii) त्र = त् + र् + अ।
(iii) ज्ञ = ज् + ञ् + अ।
(iv) श्र = श् + र् + अ।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वर्ण प्रकरण

प्रश्न 9.
वर्गों के उच्चारण स्थान लिखो।
उत्तर:
वर्णों के उच्चारण स्थान निम्नलिखित हैं
उच्चारण स्थान तालिका

वर्ण स्थान नाम
अ, आ, कवर्ग (क, ख, ग, घ, ङ), ह, विसर्ग ( : ) कण्ठ कण्ठ्य
इ, ई, चवर्ग (च, छ, ज, झ, ञ), य, श तालु तालव्य
ऋ, टवर्ग (ट, ठ, ड, ढ, ण), र, ष मूर्धा मूर्धन्य
तवर्ग (त, थ, द, ध, न), ल, स दन्त दन्त्य
उ, ऊ, पवर्ग (प, फ, ब, भ, म) ओष्ठ ओष्ठ्य
ङ, ञ, ण, न, म, अनुस्वार नासिका नासिक्य
ए, ऐ कण्ठ-तालु कण्ठ-तालव्य
ओ, औ कण्ठ-ओष्ठ कण्ठौष्ठ्य
दन्त-ओष्ठ दान्तौष्ठ्य

नोट : हिन्दी वर्णमाला में तीन संयुक्त अक्षर भी सम्मिलित किए गए हैं-क्ष, त्र, ज्ञ। जैसे-क् + ष् + अ = क्ष, त् + र् + अ = त्र, ज् + ञ् + अ = ज्ञ।

प्रश्न 10.
अयोगवाह किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जो बिना किसी अन्य वर्ण के आधार लिए नहीं बोले जा सकते। जैसे-
(i) अं (अनुस्वार) इसमें अनुस्वार का बिन्दु अ अक्षर का सहारा लिए हुए है।
(ii) अः (विसर्ग) दोनों बिन्दु ( : ) अ अक्षर का सहारा लिए हुए हैं।

प्रश्न 11.
अनुस्वार और अनुनासिक में क्या भेद ( अन्तर) है ?
उत्तर:
उत्तर:
अनुस्वार (अं) : इसका उच्चारण करते समय श्वास (साँस) केवल नाक से निकलती है। अनुस्वार सामने के व्यंजन पर आश्रित होता है, अत: कभी भी शब्द के अन्त में नहीं आ सकता ; जैसे-रंक, पंक, मंगल आदि।

अनुनासिक (अँ) : इसका उच्चारण मुख और नासिका दोनों से मिलकर होता है। जैसे-हँसना, पाँच, साँठ, गाँठ आदि। अनुनासिक पूर्व के स्वर पर आश्रित रहता है। अतः शब्द के अन्त में नासिका ध्वनि सदा अनुनासिक ही होती है। अनुस्वार नहीं, जैसेलड़कियाँ, जाएँ, आएँ आदि।

प्रश्न 12.
विसर्ग किसे कहते हैं ? इसका उच्चारण कैसे होता है ?
उत्तर:
विसर्ग दो बिन्दुओं ( : ) के चिह्न को कहते हैं। इसका उच्चारण ‘ह’ की ध्वनि के समान होता है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वर्ण प्रकरण

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के वर्गों को अलग-अलग दर्शाइए
क्षत्रिय, प्रसिद्ध, परीक्षा, विज्ञान, विद्या, क्रान्ति, दीक्षा, हृदय, राष्ट्र, प्रत्येक, उज्ज्वल, उद्दण्ड, स्वास्थ्य, उत्कर्ष, कार्यक्रम।
उत्तर:
क्षत्रिय = क् + ष् + अ, त् + र् + इ, य् + अ।
प्रसिद्ध = प् + र् + अ, स् + इ, द् + ध् + अ।
परीक्षा = प् + अ, र् + ई, क् + ष् + आ।
विज्ञान = व् + इ, ज् + ञ् + आ, न् + अ।
विद्या = व् + इ, द् + य् + आ।
क्रान्ति = क् + र् + आ, न् + त् + इ।
दीक्षा = द् + इ, क् + ष् + आ।
हृदय = ह् + ऋ, द् + अ, य् + अ।
राष्ट्र = र् + आ + ष् + ट् + र् + अ।
प्रत्येक = प् + र् + अ + त् + य् + ए + क् + अ।
उज्व ल = उ + ज् + ज् + व् + अ + ल् + अ।
उद्दण्ड = उ + द् + द् + अ + ण् + ड् + अ।
स्वास्थ्य = स् + व् + आ + स् + थ् + य् + अ।
उत्कर्ष = उ + त् + क् + अ + र् + ष् + अ।
कार्यक्रम = क् + आ + र् + य् + अ + क् + र् + अ + म् + अ।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran भाषा और व्याकरण

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Bhasha aur Vyakaran भाषा और व्याकरण Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar भाषा और व्याकरण

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran भाषा और व्याकरण

प्रश्न 1.
भाषा किसे कहते हैं ? सोदाहरण बताओ।
अथवा
भाषा की परिभाषा सोदाहरण लिखिए।
उत्तर:
भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने विचार (बोल कर या लिख कर) दूसरों तक प्रकट करते हैं। हिंदी, संस्कृत, अंग्रेज़ी, बांग्ला, उर्दू, पंजाबी, गुजराती, तमिल, तेलगू, मलयालम, कन्नड़ आदि भाषाएँ हैं। विश्व में बोली तथा लिखी जाने वाली भाषाएँ हिन्दी, अंग्रेज़ी, लेटिन, चीनी, रूसी तथा जर्मन हैं।

प्रश्न 2.
भाषा किसे कहते हैं और इसके कितने भेद हैं ?
उत्तर:
भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने मन के विचार दूसरों तक प्रकट करते हैं और दूसरों के विचारों से परिचित होते हैं। इसके दो भेद होते हैं-
(1) मौखिक।
(2) लिखित।

प्रश्न 3.
लिपि किसे कहते हैं ? हिन्दी की लिपि का नाम लिखो।
उत्तर:
जिन वर्ण चिह्नों के द्वारा भाषा लिखी जाती है, उसे लिपि कहते हैं। हिंदी भाषा को लिपि का नाम देवनागरी है।

प्रश्न 4.
भाषा का प्रयोग कितने प्रकार से होता है ?
उत्तर:
भाषा का प्रयोग दो प्रकार से होता है
(i) मौखिक रूप से
(ii) लिखित रूप से।
(i) मौखिक रूप : जब हम अपने विचारों को मुख से बोल कर प्रकट करते हैं, उसे भाषा का मौखिक रूप कहते हैं।
(ii) लिखित रूप : जब हम अपने विचारों को लिखकर प्रकट करते हैं, उसे भाषा का लिखित रूप कहते हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran भाषा और व्याकरण

प्रश्न 5.
भाषा की सार्थक इकाई क्या है ?
उत्तर:
भाषा की सार्थक इकाई वाक्य है।

प्रश्न 6.
भाषा की लघुत्तम इकाई क्या है ?
उत्तर:
भाषा की लघुत्तम इकाई शब्द है।

प्रश्न 7.
भाषा और बोली में मुख्य अंतर क्या है ?
उत्तर:
बोली जाने वाली शब्दावली को बोली कहते हैं, जबकि भाषा बोली का विकसित रूप है। विचारों के प्रकटीकरण में गहनता, स्पष्टता तथा अनेकता लाने के लिए भाषा की ज़रूरत पड़ती है। बोली का क्षेत्र सीमित होता है जबकि भाषा का क्षेत्र विस्तृत होता है।

प्रश्न 8.
व्याकरण से आपका क्या अभिप्राय है ?
उत्तर:
जिस शास्त्र के द्वारा हमें भाषा के शुद्ध या अशुद्ध होने का ज्ञान प्राप्त हो, उसे व्याकरण कहते हैं।

प्रश्न 9.
व्याकरण का ज्ञान क्यों आवश्यक है ?
अथवा
व्याकरण किस काम आता है ?
उत्तर:
व्याकरण के ज्ञान के बिना न तो किसी भाषा को ठीक ढंग से पढ़ा जा सकता है और न ही उसे शुद्ध रूप में लिखा जा सकता है। अतः भाषा की शुद्धि और अशुद्धि का विवेचन करने के लिए व्याकरण का ज्ञान आवश्यक है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran भाषा और व्याकरण

प्रश्न 10.
हिन्दी व्याकरण के घटक कौन-से हैं ?
अथवा
हिन्दी व्याकरण के कितने भाग हैं ?
उत्तर:
हिन्दी व्याकरण के तीन भाग हैं
(1) वर्ण विचार
(2) शब्द विचार और
(3) वाक्य विचार।
1. वर्ण विचार : व्याकरण का वह भाग है जिसमें वर्गों के आकार, भेद, उच्चारण स्थान तथा उनके मेल से शब्द बनाने के नियमों पर विचार किया जाता है।
2. शब्द विचार : व्याकरण का वह भाग है जिसके अन्तर्गत शब्दों के निर्माण, भेद, रूप परिवर्तन, व्युत्पत्ति आदि विषयों पर विचार किया जाता है।
3. वाक्य विचार : व्याकरण के इस भाग में वाक्यों की रचना या संगठन, वाक्यों के भेद तथा लक्षण, वाक्य विश्लेषण और विराम चिह्नों पर विचार किया जाता है।

प्रश्न 11.
भाषा की तीन परस्पर सापेक्ष इकाइयाँ कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर:
भाषा की तीन परस्पर सापेक्ष इकाइयाँ-वर्ण, शब्द और वाक्य हैं।

प्रश्न 12.
भाषा का मुख्य अंग क्या है ?
अथवा
भाषा का क्या मूल है ?
उत्तर:
भाषा का मुख्य अंग या मूल ‘वाक्य’ होता है। प्रत्येक व्यक्ति अपना अभिप्राय या विचार सदा वाक्य के रूप में ही प्रकट करता है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

Hindi Guide for Class 8 PSEB पदावली-सूरदास, मीराबाई Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ:

औगुन = अवगुण, बुराइयाँ, दोष। समदरसी = समदर्शी, सब को समान देखने वाला। नार = नाला। नीर = जल। बरन = रंग, एक रूप। बधिक = शिकारी। पारस = एक ऐसा पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा भी सोना बन जाता है। कंचन = सोना। टरौ = टल जाएगा। दाऊ = बलदेव। खिझायौ = चिढ़ाता है। मोसौ = मुझसे। लीन्हौ = लिया है। कहा करौं = क्या करूँ या क्या कहूँ। रिस के मारे = गुस्से के मारे। पुनि-पुनि = बारबार। मात = माता। कत = किस लिए। स्यामल = काले रंग का। गात = शरीर। दाउहीं = बलदेव को। रिस = गुस्सा। चबाई = चुगलखोर। धूत = धूर्त। सौं = सौगन्ध । पूत = पुत्र। वसतु = वस्तु। अमोलक = अमूल्य। खरचै = खर्च करने पर। सत्त = सत्य। खेवटिया = मल्लाह, केवट। हरषि = प्रसन्न। जस = यश। पग = पैर। बावरी = पगली। न्यात = नातेदार, रिश्तेदार । कुलनासी = कुल का नाश करने वाली। पीवत = पीकर । सहज = आसानी से। अविनासी = सदा रहने वाला भगवान्।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

II. हिंदी रूप लिखें :

औगुन – ………………….
समदरसी – ………………….
बधिक – ………………….
बरन – ………………….
मोसों – ………………….
कान्ह – ………………….
मोहौं – ………………….
बसतु – ………………….
किरपा – ………………….
इक – ………………….
उत्तर:
औगुन – अवगुण ।
समदरसी – समदर्शी।
बधिक – वधिक।
बरन – वर्ण।
मोसों – मुझसे।
कान्ह – कृष्ण।
मोहौं –मुझे।
बसतु – वस्तु।
किरपा – कृपा।
इक – एक।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें

प्रश्न (क)
श्रीकृष्ण ने यशोदा से क्या शिकायत की है ?
उत्तर:
श्रीकृष्ण ने यशोदा से यह शिकायत की कि बड़ा भाई बलराम उसे चिढ़ाता है। वह कहता है कि तुझे तो मोल लिया गया है। तू यशोदा का पुत्र नहीं है, क्योंकि नन्द बाबा भी गोरे हैं तथा यशोदा भी गोरी है। तू काले शरीर वाला है।

प्रश्न (ख)
माता ने श्रीकृष्ण को कैसे विश्वास दिलाया कि वह उसका पुत्र है ?
उत्तर:
माता यशोदा ने श्रीकृष्ण को यह कह कर विश्वास दिलाया कि बलदेव तो जन्म काल से ही चुगलखोर और धूर्त है। मुझे गो-धन की सौगन्ध है कि तू मेरा पुत्र है और मैं तेरी माता हूँ।

प्रश्न (ग)
बलराम श्री कृष्ण को कैसे खिझाते थे ?
उत्तर:
बलराम श्रीकृष्ण को यह कहकर खिझाते थे-तू तो मोल लिया हुआ है। तू यशोदा का पुत्र नहीं है।

प्रश्न (घ)
मीरा ने राम रूपी रत्न-धन कैसे प्राप्त किया ?
उत्तर:
मीरा ने राम रूपी रत्न-धन अपने सतगुरु की कृपा से प्राप्त किया।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

प्रश्न (ङ)
‘सत की नाव’ से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
‘सत की नाव’ का अर्थ-सत्य स्वरूप परमात्मा। मीरा ने भगवान् के भजन को ‘सत्य की नौका’ कहा है जोकि इस भव सागर से पार उतारने वाला है।

प्रश्न (च)
मीरा को जहर क्यों दिया गया ?
उत्तर:
मीरा का देवर उसे कुल को बदनाम करने वाली मानता था। उसे मीरा द्वारा साधु-सन्तों की संगति पसन्द नहीं थी। इस कारण मीरा को जहर दिया गया।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें

प्रश्न (क)
तीसरे पद के आधार पर मीरा की भक्ति-भावना पर संक्षिप्त नोट लिखो।
उत्तर:
मीरा ने अपने गुरु की कृपा से राम नाम का रत्न-धन प्राप्त कर लिया। मानो उसने जन्म-जन्म की पूँजी पा ली हो। पूँजी भी ऐसी, जो कभी खर्च करने से कम नहीं होती, बल्कि उत्तरोत्तर बढ़ती ही रहती है। मीरा भगवान् कृष्ण के रंग में पूरी तरह रंग गई।

प्रश्न (ख)
चौथे पद की प्रसंग सहित व्याख्या करो।
उत्तर:
मीरा पैरों में घुघरू बाँध कर नाचती है और कहती है कि मैं तो अपने नारायण श्रीकृष्ण की स्वयं ही दासी बन गई हूँ। लोग कहते हैं कि मीरा पागल हो गई है और रिश्तेदार कहते हैं कि वह कुल का नाश करने वाली हो गई है। राणा जी ने मीरा को मारने के लिए विष का प्याला भेजा। उसे पीकर वह हँसने लगी। मीरा कहती है कि मेरे तो प्रभु चतुर गिरिधारी कृष्ण हैं, वे सदा रहने वाले भगवान् मुझे आसानी से मिल गए हैं। भाव है कि संसार के कष्टों को मीरा तुच्छ मानती है। उसे अब देह (शरीर) की चिन्ता नहीं रही। उस पर जहर के प्याले का भी कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि वह श्रीकृष्ण की शरण में चली गई है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

पर्यायवाची लिखें :

प्रभु – ………………….
कंचन – ………………….
जल – ………………….
गंगा – ………………….
माता – ………………….
पूत – ………………….
कृपा – ………………….
उत्तर:
1. प्रभु – ईश्वर, परमात्मा।
2. कंचन – सोना, स्वर्ण, हेम।
3. जल – पानी, नीर, वारि, तोय, आब, अंबू।
4. गंगा – जाह्नवी, सुरसरिता, मंदाकिनी, जाह्नवी।
5. माता – माँ, जननी, अम्बा।
6. पूत – पुत्र, तनय, सुत, तनुज।
7. कृपा – दया, अनुकम्पा, मेहरबानी, अनुग्रह।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

PSEB 8th Class Hindi Guide पदावली-सूरदास, मीराबाई Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
‘समदरसी’ किस का नाम है ?
(क) कवि का
(ख) भगवान का
(ग) प्रांत का
(घ) देश का।
उत्तर:
भगवान का।

प्रश्न 2.
श्रीकृष्ण को कौन खिझाता है ?
(क) दाऊ
(ख) भाऊ
(ग) दमन
(घ) रमन।
उत्तर:
दाऊ।

प्रश्न 3.
‘चबाई’ कौन होता है ?
(क) खिलाड़ी
(ख) शैतान
(ग) संत
(घ) चुगलखोर।
उत्तर:
चुगलखोर।

प्रश्न 4.
मीरा ने कौन-सा ‘रत्न’ पाया है ?
(क) राम
(ख) श्याम
(ग) सीता
(घ) राधा।
उत्तर:
राम।

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प्रश्न 5.
मीरा किस नाव पर सवार है ?
(क) लकड़ी की
(ख) मन की
(ग) सत की
(घ) शरीर की।
उत्तर:
सत की।

प्रश्न 6.
राणा जी ने किस का प्याला भेजा था ?
(क) विष का
(ख) दूध का
(ग) शहद का
(घ) जल का।
उत्तर:
विष का।

प्रश्न 7.
‘न्यात’ का क्या अर्थ है ?
(क) न्यौता देना
(ख) नाते-रिश्तेदार
(ग) मना करना
(घ) स्नान करना।
उत्तर:
नाते रिश्तेदार।

प्रश्न 8.
गोवर्धन पर्वत किसने उठाया था ?
(क) राम ने
(ख) बलराम ने
(ग) कृष्ण ने
(घ) रावण ने।
उत्तर:
कृष्ण ने।

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सप्रसंग व्याख्या

1. हमारे प्रभु, औगुन चित न धरौ।
समदरसी है नाम तुम्हारी, सोई पार करौ॥
इक लोहा पूजा मैं राखत, इक घर बधिक परौ।
सो दुबिधा पारस नहिं जानत, कंचन करत खरौ॥
इक नदिया इक नार कहावत, मैलो नीर भरौ।
जब मिलि गए तब एक बरन है, गंगा नाम परौ॥
तन माया, ज्यौ ब्रह्म कहावत, सूर सु मिलि बिगरौ।
कै इनकौ निरधार कीजियै, कै प्रन जात टरौ॥

शब्दार्थ:
औगुन = अवगुण, बुराइयाँ, दोष। समदरसी = समदर्शी, सब को समान देखने वाला। नार = नाला। नीर = जल। बरन = रंग, एक रूप। बधिक = शिकारी। पारस = एक ऐसा पत्थर जिसके स्पर्श से लोहा भी सोना बन जाता है। कंचन = सोना। टरौ = टल जाएगा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पदावली’ से लिया गया है। प्रस्तुत पद में सूरदास जी भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहते हैं

व्याख्या:
हे परमात्मा ! हमारी बुराइयों को अपने मन में न रखो। हमारे अवगुणों को क्षमा कर दो। आपका नाम तो समदर्शी है अर्थात् आप सब को समान दृष्टि से देखते हैं, इसलिए चाहो तो हमें भवसागर से पार उतार दो। एक लोहा पूजा में रखा जाता है और एक शिकारी के घर में तीर तलवार आदि के रूप में पड़ा होता है। पारस इस भेद को नहीं जानता। वह उन दोनों के गुण-दोष नहीं देखता बल्कि अपने संपर्क से दोनों को खरा सोना बना देता है। एक पवित्र जल वाली नदी कहलाती है। एक नाला कहलाता है, जिसमें गंदा पानी भरा होता है। जब ये दोनों मिल जाते हैं तब एक रूप हो जाते हैं और दोनों मिल कर बहते हुए गंगा नदी में मिल जाते हैं, उनका नाम गंगा पड़ जाता है। सूरदास जी कहते हैं कि यह सारा संसार माया और भ्रम के जाल से भरा हुआ कहलाता है। माया के इस भ्रम जाल को दूर कर दो। हे भगवान् ! मुझे इस बार संसार सागर से पार उतार दो, नहीं तो आपका पतित-पावन होने का प्रण टल जाएगा। कवि का भाव है कि भगवान् भले-बुरे सब का रक्षक है। वह पारस पत्थर के समान है, जो अच्छे-बुरे दोनों तरह के लोहे को सोना बना देता है।

विशेष:

  1. कवि ने ईश्वर की महिमा का वर्णन किया है।
  2. ब्रज भाषा का प्रयोग किया गया है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

2. मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायौ।
मोसौं कहत मोल को लीन्हौं, तू जसुमति कब जायौ।
कहा करौं, इहि रिस के मारै खेलन कै नहिं जात।
पुनि पुनि कहत कौन है माता, को है तेरौ तात॥
गोरे नन्द, जसोदा गोरी, तुम कत स्यामल गात।
चुटकी दे दे ग्वाल नचावत, हंसत सबै मुसकात॥
तू मोही कौं मारन सीखी, दाउहिं कबहुं न खीझे।
मोहन मुख रिस की ये बातें, जसुमति सुनि-सुनि रीझै॥
सुनहु कान्ह, बलभद्र चबाई, जनमत ही को धूत।
सूर स्याम मोहिं गोधन की सौं, हौं माता तू पूत॥

शब्दार्थ:
दाऊ = बलदेव। खिझायौ = चिढ़ाता है। मोसौ = मुझसे। लीन्हौ = लिया है। कहा करौं = क्या करूँ या क्या कहूँ। रिस के मारे = गुस्से के मारे। पुनि-पुनि = बारबार। मात = माता। कत = किस लिए। स्यामल = काले रंग का। गात = शरीर। दाउहीं = बलदेव को। रिस = गुस्सा। चबाई = चुगलखोर। धूत = धूर्त। सौं = सौगन्ध । पूत = पुत्र।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पदावली’ में से लिया गया है। यह पद सूरदास जी द्वारा रचित है। इसमें बाल-कृष्ण माता यशोदा से अपने बड़े भाई बलराम की शिकायत करते हुए कहते हैं

व्याख्या:
हे माता ! मुझे भाई बलराम बहुत चिढ़ाता है। वह मुझे कहता है कि तू मोल लिया गया है; तुझे तो खरीदा गया है। यशोदा ने तुझे कब जन्म दिया है? क्या कहूँ, इसी गुस्से के मारे मैं खेलने के लिए नहीं जाता। वह मुझे बार-बार कहता है कि कौन तुम्हारी माता है और कौन तुम्हारे पिता हैं ? क्योंकि नन्द गोरे रंग के हैं, यशोदा भी गोरे रंग की है, तू काले शरीर वाला किस लिए है। सभी ग्वालों को वह चुटकी बजा-बजा कर नचवाता है। सब हँसते और मुस्कुराते हैं। तू तो मुझे ही

मारना सीखी है, बलदेव को तो तू कभी भी गुस्से भी नहीं होती। कृष्ण के गुस्से से भरे मुख को देख कर तथा ये बातें बार-बार सुनकर यशोदा प्रसन्न होती है। यशोदा कहती है कि हे कृष्ण ! सुनो, बलदेव तो चुगलखोर है, जन्म से ही वह धूर्त है। सूरदास कहते हैं कि माता यशोदा कृष्ण से फिर कहती है कि मुझे गो धन (गऊओं) की सौगन्ध है-मैं तुम्हारी माता हूँ और तू मेरा पुत्र है। भाव है कि बालकृष्णं माता यशोदा से बड़े भैया बलराम की शिकायत करते हैं कि वह मुझे चिढ़ाता है कि तुझे मोल लिया गया है, तो माता यशोदा गऊओं की सौगन्ध खाकर कृष्ण को विश्वास दिलाती है। वह कहती है कि मैं तुम्हारी माता हूँ और तू मेरा पुत्र है।

विशेष:

  1. कवि ने यशोदा ममता और श्रीकृष्ण के प्रेम को वाणी प्रदान की है।
  2. ब्रज भाषा का प्रयोग किया गया है। |

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

3. मैंने राम रतन धन पायौ।
वसतु अमोलक दी मेरे सतगुरु, करि किरपा अपणायो।
जनम जनम की पूँजी पाई, जग में सबै खवायो।
खरचै नहिं कोई चोर न लवै, दिन-दिन बढ़त सवायौ।
सत्त की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तरि आयो।
‘मीरा’ के प्रभु गिरिधर नागर, हरखि हरखि जस गायौ॥

शब्दार्थ:
वसतु = वस्तु। अमोलक = अमूल्य। खरचै = खर्च करने पर। सत्त = सत्य। खेवटिया = मल्लाह, केवट। हरषि = प्रसन्न। जस = यश।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पदावली’ में से लिया गया है। प्रस्तुत पद में मीरा गुरु की महिमा का गुण-गान करती हुई कहती है

व्याख्या:
मैंने भगवान् के नाम का रत्न-धन प्राप्त कर लिया है। मेरे सच्चे गुरु ने मुझे अमूल्य वस्तु प्रदान की है। कृपा करके उन्होंने मुझे अपनी शरण में अपना लिया है। मैंने तो जन्म-जन्म की सम्पत्ति प्राप्त कर ली है। इस संसार में मेरे पास जो कुछ था उस सब को मैंने त्याग दिया है। मैंने सांसारिक मोह-माया को त्याग कर गुरु की शरण प्राप्त कर ली है। भगवान् के नाम रूपी रत्न धन को खर्च करने से भी वह कम नहीं होता। चोर इसे ले नहीं सकता। यह तो दिन-प्रतिदिन सवाया होकर बढ़ता जाता है। मीरा कहती है कि मैंने सत्य की नाँव बनाकर और सच्चे गुरु को मल्लाह बनाकर इस संसार रूपी सागर को पार कर लिया है। मेरे प्रभु गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले चतुर कृष्ण हैं। मैं हर्ष के साथ उन्हीं का यशोगान करती हूँ कि सच्चे गुरु की कृपा से भगवान् के नाम का रत्न धन प्राप्त किया जा सकता है।

विशेष:

  1. कवयित्री ने श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति-भावना को प्रकट किया है।
  2. भाषा में गेयता का गुण है।

4. पग धुंघरू बाँध मीरा नाची रे।
मैं तो अपने नारायण की, आपहि हो गई दासी रे।
लोग कहैं मीरा भई बावरी, न्यात कहैं कुलनासी रे।
विष का प्याला राणाजी भेज्या, पीवत मीरा हांसी रे।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, सहज मिले अविनासी रे।

शब्दार्थ:
पग = पैर। बावरी = पगली। न्यात = नातेदार, रिश्तेदार । कुलनासी = कुल का नाश करने वाली। पीवत = पीकर । सहज = आसानी से। अविनासी = सदा रहने वाला भगवान्।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पदावली’ में से लिया गया है। प्रस्तुत पद में मीरा ने भगवान् कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति-भावना और आप बीती का वर्णन किया है।

व्याख्या:
मीरा पैरों में घुघरू बाँध कर नाचती है और कहती है कि मैं तो अपने नारायण श्रीकृष्ण की स्वयं ही दासी बन गई हूँ। लोग कहते हैं कि मीरा पागल हो गई है और रिश्तेदार कहते हैं कि वह कुल का नाश करने वाली हो गई है। राणा जी ने मीरा को मारने के लिए विष का प्याला भेजा। उसे पीकर वह हँसने लगी। मीरा कहती है कि मेरे तो प्रभु चतुर गिरिधारी कृष्ण हैं, वे सदा रहने वाले भगवान् मुझे आसानी से मिल गए हैं। भाव है कि संसार के कष्टों को मीरा तुच्छ मानती है। उसे अब देह (शरीर) की चिन्ता नहीं रही। उस पर जहर के प्याले का भी कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि वह श्रीकृष्ण की शरण में चली गई है।

विशेष:

  1. मीरा ने श्रीकृष्ण के प्रति अपने प्रेम और भक्ति को व्यक्त किया है।
  2. गेयता का गुण है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 25 पदावली-सूरदास, मीराबाई

पदावली (सूरदास, मीराबाई) Summary

पदावली (सूरदास, मीराबाई) पदावली सार

सूरदास का ईश्वर के प्रति गहरा विश्वास है कि वे सभी प्राणियों का कल्याण करते हैं। वे उनके अवगुणों की ओर ध्यान नहीं देते। जिस प्रकार पारस पत्थर मंदिर में रखे हुए लोहे को सोना बना देता है तो वह कसाई के द्वारा प्रयोग में लाए जाने वाले लोहे के साधन को भी वह सोना ही बनाता है। वे उनमें कर्म के आधार पर भेद-भाव नहीं करता। गंदे नालोंनालियों का जल भी गंगा की धारा में मिल कर गंगा की पवित्रता को पा जाता है। हर अच्छे-बुरे का रक्षक ईश्वर ही है। श्रीकृष्ण साँवले रंग के थे। उनके बड़े भाई बलराम उन्हें चिढ़ाते थे कि उनका जन्म यशोदा माता से नहीं हुआ। उन्हें तो बाज़ार से खरीदा गया था। यशोदा माता ने गउओं की सौगंध खाकर कहा कि वह ही उनकी माँ थी। बलराम का कहना झूठ था क्योंकि वह तो जन्म से ही धूर्त था। मीराबाई कृष्ण भक्ति के विषय में कहती है कि उनकी भक्ति सबसे अच्छी है जिसे चोर चुरा नहीं सकता, खर्च करने पर वह घटती नहीं बल्कि बढ़ती ही जाती है। वह सत्य की नौका को चलाने वाले हैं। उन्हीं का यश गागा कर वह प्रसन्नता प्राप्त करती है। वह अपने पाँवो में धुंघुरू बाँध कर उनके समक्ष नाचती है। लोग कहते हैं कि वह कुल का नाश कर रही थी पर वह उनकी परवाह नहीं करती। उसने राणा के द्वारा भेजा जहर का प्याला भी उनका प्रसाद समझ कर पी लिया था। वह तो केवल श्रीकृष्ण का है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 24 नेत्रदान Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 24 नेत्रदान

Hindi Guide for Class 8 PSEB नेत्रदान Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ:

नसीब = भाग्य।
सहसा = अचानक।
आशैंका = सन्देह, शक।
हृदयआघात = दिल का दौरा।
चुहलबाजी = शरारती।
विलाप = रोना-धोना।
असहनीय = जिसे सहन न किया जा सके।
संकल्प = इच्छा, निश्चय।
सर्वोपरि = सबसे ऊपर।
स्वेच्छा = अपनी इच्छा।
आर्द्र = नमी युक्त।
शल्य = चीर-फाड़।
आश्वस्त = जिसे आश्वासन या भरोसा मिला हो।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

II. इन मुहावरों के अर्थ समझते हुए वाक्य बनायें

लुत्फ उठाना, मातम छाना, गले से लिपटकर रोना, किसी और दुनिया में जाना, जीवन प्रकाशमान होना, यज्ञ सफल होना, जीवन के मायने बदलना।

उत्तर:
1. लुत्फ उठाना – सभी बच्चों ने रीना की जन्मदिवस पार्टी में बहुत लुत्फ उठाया था।
2. मातम छाना – भरी सभा में नेता जी की हृदय गति रुक जाने के कारण मातम छा गया।
3. गले से लिपटकर रोना – विवाह के पश्चात् विदाई के समय रोहिणी अपनी मम्मी के गले से लिपट फूट-फूट कर रो रही थी।
4. किसी और दुनिया में जाना-हम सब को मर कर किसी और दुनिया में जाना ही
5. जीवन प्रकाशमान होना-भाई साहब ने अपनी सारी संपत्ति दीन-दुखियों को दान देकर समाज सेवा में लगकर अपने जीवन को प्रकाशमान कर लिया।
6. यज्ञ सफल होना-ग्यारह गरीब लड़कियों का आर्य समाज में विवाह कराने का काम कठिन था पर सब की कोशिश से यज्ञ सफल हो ही गया।
7. जीवन के मायने बदलना-बचपन से अपंग हो चुके राजेश ने जब से कृत्रिम पाँव प्राप्त किए हैं तब से उसके जीवन के मायने बदल गए हैं।

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें

प्रश्न (क)
नेत्रदान करने का संकल्प किस-किसने किया था ?
उत्तर;
नेत्रदान करने का संकल्प मृतका और उसकी सहेली ने किया था।

प्रश्न (ख)
हृदयाघात के कारण किसकी मृत्यु हो गई थी ?
उत्तर:
हृदयाघात के कारण लेखिका की सखी की मृत्यु हो गई थी।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

प्रश्न (ग)
नेत्र संकल्प का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
नेत्र संकल्प का अर्थ है-मृत्यु के पश्चात् नेत्रों का दान।

प्रश्न (घ)
सहेली के परिवार वालों ने नेत्रदान करने का विरोध कैसे किया ?
उत्तर:
सहेली के परिवार वालों ने नेत्रदान करने का विरोध इसलिए किया था कि उन्हें उसके नेत्रदान के विषय में कुछ भी पता नहीं था।

प्रश्न (ङ) एक व्यक्ति की आँखें कितने लोगों को लगाई जाती हैं ?
उत्तर:
एक व्यक्ति की आँखें दो लोगों को लगाई जाती हैं।

प्रश्न (च)
हमारे देश में कितने लोग ऐसे हैं जिनका आँखों का पर्दा किसी न किसी कारण धुंधला हो जाता है ?
उत्तर:
हमारे देश में 25 लाख से अधिक लोगों की आँखों का पर्दा किसी न किसी कारण धुंधला हो जाता है।

प्रश्न (छ)
नेत्र बैंक की टीम के पहुंचने से पूर्व क्या करना चाहिए ?
उत्तर:
नेत्र बैंक की टीम पहुँचने से पूर्व मृतक की दोनों आँखें बंद कर उन पर रूई में लपेट कर बर्फ रखनी चाहिए और पंखा बंद कर देना चाहिए।

प्रश्न (ज)
नेत्रदान करने में कितना समय लगता है ?
उत्तर:
नेत्रदान करने में 15-20 मिनट लगते हैं।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें

प्रश्न (क)
जीवित नेत्र संकल्प पत्र के बारे में आप क्या जानते हैं ? लिखें।
उत्तर:
जीवित नेत्र संकल्प पत्र एक प्रकार का शपथ-पत्र होता है जिसके द्वारा कोई भी व्यक्ति शपथ लेता है कि जब वह मर जाएगा तो उसकी दोनों आँखें घर के लोग दान दे देंगे। उन आँखों को डॉक्टर किन्हीं दो ज़रूरतमंद लोगों को लगाएंगे जिससे वे इस संसार को देख सकें। नेत्रदान विशेष नेत्र-बैंकों के डॉक्टर ही ले सकते हैं।

प्रश्न (ख)
नेत्रदान के क्या लाभ हैं ?
उत्तर:
नेत्रदान एक ऐसा दान है जो किसी नेत्रहीन को फिर से संसार की सुन्दरता देखने के योग्य बना देता है। इससे एक साथ दो अंधे लोगों को देखने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। जिन मृतक आँखों को नष्ट होना ही था वे किसी को जीवन देने के योग्य बन जाती हैं। इससे मृतक शरीर को कोई क्षति नहीं होती।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. ‘अ’ लगाकर विपरीत शब्द बनायें

प्रिय = …………………
सहनीय = …………………
सहमति = …………………
सहयोग = …………………
सम्भव = …………………
उत्तर:
प्रिय = अप्रिय
सहनीय = असहनीय
सहमति = असहमति
सहयोग = असहयोग
सम्भव = असम्भव।

इन विपरीत अर्थ वाले शब्दों को भी समझें

अर्थ = अनर्थ
इच्छा = अनिच्छा
ठण्डक = तपन
कर्तव्य = अधिकार।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

II. लिंग बदलें

बेटा = …………………
पति = …………………
सास = …………………
माता = …………………
मौसी = …………………
दादी = …………………
साधु = …………………
उत्तर:
बेटा = बेटी
पति = पत्नी
सास = ससुर
माता = पति
मौसी = मौसा
दादी = दादा
साधु = साध्वी।

III. ‘बे’ लगाकर नये शब्द बनायें

बे + ख़बर = …………………
बे + सहारा = …………………
बे + शक = …………………
बे + मेल = …………………
+ रोक = …………………
उत्तर
बे + ख़बर = बेख़बर
बे + सहारा = बेसहारा
बे + शक = बेशक
बे + मेल = बेमेल
बे + रोक = बेरोक।

IV. ‘नेत्र’ शब्द के पर्यायवाची लिखें।

उत्तर:
नेत्र = आँख, दृग, लोचन, नयन, चक्षु, विलोचन, अक्षि।

योग्यता विस्तार

  • नेत्रदान किसी भी आय में मरणोपरान्त किया जा सकता है।
  • एक व्यक्ति की आँखें किन्हीं दो व्यक्तियों को प्रत्यारोपित की जाती हैं।
  • यह सूचना गुप्त रखी जाती है कि किस व्यक्ति को किसकी आँख लगी है।
  • नेत्रदान करने वाले को दानी (Donar) और नेत्र प्राप्त करने वाले को प्राप्त कर्ता (Donee) कहा जाता है।
  • नेत्र लेने के बाद इन्हें 24 से 36 घंटे तक रखा जाता है, जहाँ इनकी जाँच-पड़ताल की जाती है।
  • नेत्र बैंक में एक रजिस्टर लगा होता है जिसमें इच्छुक व्यक्तियों के नाम दर्ज होते हैं। क्रम अनुसार ही नेत्र प्रत्यारोपित किये जाते हैं।
  • नेत्र लगाने को ग्राफटिंग (Grafting) कहते हैं।
  • केवल आँख का पर्दा (Cornea) ही प्रत्यारोपित किया जाता है।
  • नेत्र में रोशनी आने में तीन से चार माह लगते हैं।
  • कोर्निया के धुंधले होने के अनेक कारण जैसे आँख में संक्रमण, चोट, खान-पान में कमी और आप्रेशन में कोई बाधा आदि हैं।
  • जिस व्यक्ति का रेटिना खराब हो गया या पीलिया, कैंसर, एडज़, रेबीज जैसे संक्रामक रोग से पीड़ित मृतक के नेत्रदान के अयोग्य होते हैं।
  • नेत्र बैंक की टीम के पहुँचने तक मृत्यु के उपरान्त दोनों आँखें बन्द कर दें, पंखा न चलायें। बर्फ रुई में लपेटकर उसकी आँखों पर रख दें। तकिया लगाकर मृतक का सिर ऊँचा कर दें।

संकल्प

  • कोई भी जीवित व्यक्ति संकल्प पत्र भर सकता है।
  • संकल्प पत्र निकटवर्ती क्षेत्र बैंक को भेजा जाता है।
  • नेत्र बैंक से नेत्र दानी कार्ड (Eye Donar Card) मिलता है। इसे हमेशा अपने पास संभाल कर रखें।
  • संकल्प पत्र न भी भरा हो तो भी नेत्रदान हो सकता है। उत्तराधिकारी की सहमति आवश्यक है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

PSEB 8th Class Hindi Guide नेत्रदान Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
लेखिका को किसकी मृत्यु की सूचना मिली थी ?
(क) भाई
(ख) पिता
(ग) माता
(घ) सहेली।
उत्तर:
सहेली।

प्रश्न 2.
लेखिका को सहेली की मृत्यु की सूचना किस दिन मिली ?
(क) रविवार को
(ख) सोमवार को
(ग) मंगलवार को
(घ) बुधवार को।
उत्तर:
रविवार को।

प्रश्न 3.
एक व्यक्ति की आँखें कितने लोगों को लगाई जा सकती हैं ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार।
उत्तर:
दो।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

प्रश्न 4.
लेखिका की सहेली को दिल का दौरा सुबह कब पड़ा था ?
(क) दो बजे
(ख) तीन बजे
(ग) चार बजे
(घ) पाँच बजे।
उत्तर:
चार बजे।

प्रश्न 5.
मृतका के नेत्रदान करने के संकल्प की किसने,सराहना की थी ?
(क) मौसा ने
(ख) ससुर ने
(ग) पति ने
(घ) मौसी सास ने।
उत्तर:
मौसी सास ने।

प्रश्न 6.
मौसी सास ने नेत्रदान का संकल्प पत्र कितने वर्ष पूर्व भरा था ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच।
उत्तर:
चार।

प्रश्न 7.
क्या लगाने से न देख सकने वाले भी देख सकते हैं ?
(क) लैंस
(ख) ऐनक
(ग) कार्निया
(घ) सुरमा।
उत्तर:
कार्निया।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

प्रश्न 8.
नेत्रदान के लिए किस बैंक को सूचना देनी होती है ?
(क) ब्लड
(ख) नेत्र
(ग) सहकारी
(घ) सरकारी।
उत्तर:
नेत्र।

प्रश्न 9.
हमारे देश में कितने लाख से अधिक लोग देख नहीं सकते ?
(क) बीस
(ख) पच्चीस
(ग) तीस
(घ) पैंतीस।
उत्तर:
पच्चीस।

प्रश्न 10.
नेत्रदान करने में कितने मिनट का समय लगता है ?
(क) 10-12
(ख) 15-20
(ग) 8-10
(घ) 12-15.
उत्तर:
15-20.

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 24 नेत्रदान

नेत्रदान Summary

नेत्रदान पाठ का सार

प्रातः का समय था। ठंडी हवा चल रही थी। अपनी बात सुनाने वाली महिला घर के बगीचे में चाय पी रही थी कि फोन की घंटी बजी। उसकी बेटी फोन बाहर ही ले आई और उसने फोन अपनी मम्मी को दिया। फोन सुनते ही वह फूट-फूट कर रोने लगी। पूछने पर पता लगा कि उसकी प्रिय सहेली हृदयघात से चल बसी थी। वह और उसका पति शीघ्रता से उसके घर को चले। घर से चलने से पहले उसने अपने नेत्रदान करने का संकल्प पत्र उठाया और फोन से नेत्र बैंक को सूचना दी। वहाँ पहुँचकर पता लगा कि सुबह चार बजे उसकी सहेली को दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। महिला ने उसके पति को बताया कि उसकी मृतक पत्नी ने कुछ दिन पहले नेत्रदान करने का संकल्प किया था। पति ने बताया कि वह बाहर गया हुआ था और कल रात ही वापस लौटा था। उसने फोन पर इतना अवश्य बताया था कि वह मुझे कोई महत्त्वपूर्ण बात बताने वाली थी। महिला ने उसे अपना नेत्रदान पत्र दिखाया।

सहेली की सास और ससुर पहले तो अपनी बहू के नेत्रदान के लिए तैयार नहीं हुए लेकिन बाद में वे इसके लिए मान गए। मृतका की मौसी सास ने तो बहू की इस काम के लिए सराहना की। उसने स्वयं भी चार वर्ष पहले नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा था। उसका पोता देख नहीं सकता था और हो सकता था कि बहू की आँखों से वह देखने लगे। नेत्रदान किसे प्राप्त होगा यह बात गुप्त रखी जाती है और एक व्यक्ति को एक ही आँख दान में दी जाती है। हमारे देश में 25 लाख से अधिक ऐसे बच्चे हैं जो देख नहीं सकते। आँख के सामने का कॉर्निया नामक पर्दा धुंधला हो जाने के कारण दिखाई नहीं देता। जब साफ कॉर्निया लगा दिया जाए तो न देख सकने वाले वे लोग भी देख सकते हैं। मृतका की सहेली शल्य चिकित्सकों के आने से पहले रूई में बर्फ लपेट कर मृत शरीर की आँखों पर रखती रही थी। डॉक्टरों ने 15 से 20 मिनट में आँखें लेकर मृतका को नकली आँखें लगा दी थीं ताकि उसका चेहरा सामान्य बना रह सके।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 23 फलों की चौपाल

Hindi Guide for Class 8 PSEB फलों की चौपाल Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ:

चौपाल = खुली मंडपाकार बैठक जहाँ गाँव के लोग बैठकर पंचायत आदि करते हों, छायादार बड़ा चबूतरा।
कफ़ सिरप = खांसी की दवा।
नेत्र ज्योति = आँखों की देखने की शक्ति।
इजाजत = आज्ञा
अवशेष = बचा हुआ।
विसर्जित = त्यागा हुआ, छोड़ा हुआ।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

(ख) विचार – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
अमरूद को कब खाना चाहिए ?
उत्तर:
अमरूद को अच्छी तरह धोकर दोपहर के समय खाना चाहिए।

प्रश्न (ख)
गाजर ने खाने से पहले अपने बारे में क्या हिदायत दी ?
उत्तर:
गाजर ने खाने से पहले अपने बारे में हिदायत दी कि मुझे खाने से पहले अच्छी तरह मल-मल कर धोना चाहिए और साफ करना चाहिए।

प्रश्न (ग)
उन दो सब्जियों के नाम लिखें जिन पर रोएं होते हैं ?
उत्तर:
गाजर और मूली पर रोएं होते हैं।

प्रश्न (घ)
अंगूर ने अपने क्या फायदे बताये ?
उत्तर:
अंगूर से खून बढ़ता है, खून साफ होता है, पाचन क्रिया ठीक होती है, नेत्र ज्योति बढ़ती है और कमजोर लोग स्वस्थ हो जाते हैं।

प्रश्न (ङ)
फलों को खाने से पहले धोना क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर:
धूल-मिट्टी और हानिकारक बेक्टीरिया को दूर करने के लिए उन्हें धोना ज़रूरी है।

प्रश्न (च)
उन दो फलों के नाम लिखें जिन्हें खाने से पहले कुछ देर तक पानी में भिगोना चाहिए ?
उत्तर:
अंगूर और गाजर को खाने से पहले कुछ देर तक पानी में भिगोना चाहिए।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

प्रश्न (छ)
सेब के छिलके क्यों नहीं उतारने चाहिए ?
उत्तर:
सेब के छिलके के ठीक नीचे विटामिन ‘सी’ और ‘ए’ होते हैं जो उसे उतारने से नष्ट हो जाते हैं इसलिए उसका छिलका नहीं उतारना चाहिए।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
फलों को खाने से पहले क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए ?
उत्तर:
फलों को खाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह मल-मल कर धोना चाहिए। अंगूर, सेब, गाजर आदि को कुछ समय तक पानी में रखा जाना चाहिए। फलों का छिलका नहीं उतारना चाहिए। छिलकों के ठीक नीचे सेब जैसे फलों में विटामिन होते हैं जो छिलका उतर जाने से नष्ट हो जाते हैं।

प्रश्न (ख)
फलों को पकाने के लिए रसायनों का प्रयोग घातक है, क्यों ?
उत्तर:
अनेक फलों को पकाने के लिए कुछ लालची फल विक्रेता और व्यापारी उन्हें विशेष रसायनों में डुबो कर रखते हैं या उन पर रसायनों का छिड़काव करते हैं। आम जैसे फल की पेटी में कैल्शियम कार्बाइड का टुकड़ा रखते हैं जो नमी की अवस्था में एसीटीलीन गैस उत्पन्न करता है जिससे फल तो पक जाते हैं पर फल के माध्यम से वह मनुष्य के शरीर को बहुत अधिक नुकसान पहुँचाते हैं। इससे शरीर को तरह-तरह की बीमारियाँ हो जाती हैं।

प्रश्न (ग)
पीले रंग के फलों के नाम लिखें जिनमें विटामिन ‘ए’ की मात्रा अधिक होती है।
उत्तर:
पीले रंग के अनेक फलों में विटामिन ‘ए’ काफ़ी मात्रा में होता है लेकिन सभी पीले रंग के फल विटामिन ‘ए’ के भंडार नहीं होते। गाजर में विटामिन ‘ए’ पर्याप्त मात्रा में होता है जो चाहे बाहर से लाल और भीतर से पीली होती है। अंगूर और सेब भी विटामिन ‘ए’ से भरपूर होते हैं। आम में विटामिन ‘ए’ काफी मात्रा में होता है।

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प्रश्न (घ)
खट्टे/रस वाले फलों के नाम लिखें जिनमें विटामिन ‘सी’ की मात्रा अधिक होती है।
उत्तर:
खट्टे/रस वाले फलों को सिटरिक परिवार के सदस्य कहते हैं। इनमें विटामिन ‘सी’ की मात्रा अधिक होती है। ये रोगों से लड़ने की क्षमता शरीर को देते हैं। संतरा, नींबू, मालटा, कीन, ग्रेफ्रूट, चकोतरा आदि फल इसी परिवार से जुड़े हुए हैं।

प्रश्न (ङ)
कौन-से ऐसे फल हैं जो यदि काटकर थोड़ी देर पड़े रहें तो काले हो जाते हैं ? उनमें भोजन का कौन-सा खनिज लवण होता है ?
उत्तर:
अनेक फल ऐसे हैं जिनमें लोहा नामक तत्व की मात्रा अन्य फलों की अपेक्षा अधिक होती है। जब इन्हें काटा जाता है तो इनमें उपस्थित लोहा वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से क्रिया करता है और उससे लोहा ऑक्साइड बन जाता है। इस कारण वे गहरे भूरे या काले रंग को प्रकट करने लगते हैं। सेब, नाशपाती, अमरूद, आम आदि इस वर्ग के फल हैं। इनको खाने से रक्त में लोहा बढ़ता है जो शरीर को शक्ति प्रदान करता है।

प्रश्न (च)
फलों और सब्जियों पर प्रचलित मुहावरे/लोकोक्ति इकट्ठी करें। जैसे आम के आम गुठलियों के दाम।
उत्तर:
फलों और सब्जियों पर आधारित और समाज में प्रचलित अनेक मुहावरे और लोकोक्तियाँ हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं
(क) आम के आम गुठलियों के दाम
(ख) मिर्च का स्वभाव होना
(ग) एक अनार सौ बीमार
(घ) एक करेला दूसरा नीम चढ़ा
(ङ) थाली का बैंगन
(च) बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद
(छ) किस खेत की मूली
(ज) गूलर का फूल होना
(झ) नमक-मिर्च लगाना
(ञ) गाजर-मूली के भाव बिकना

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(छ) उन फलों के नाम लिखें जिन्हें छिलका सहित/छिलका रहित खाया जाता है।

उत्तर:
छिलका सहित खाये जाने वाले फल
सेब
नाशपाती
अंगूर
जामुन
अमरूद
चैरी
खुमानी
आडू
आलू बुखारा
रसभरी
स्ट्राबरी

छिलका रहित खाये जाने वाले फल
खरबूजा
आम
तरबूज
अनानास
केला
श्रीफल/सीताफल/शरीफ़ा
संतरा
मौसमी
कीनू
लीची
अनार

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन शब्दों में से मूल शब्द अलग करें

प्रतिनिधित्व = प्रतिनिधि
फायदेमंद = ……………….
लापरवाही = ……………….
स्पष्टीकरण = ……………….
महत्त्वपूर्ण = ……………….
गुणवान = ……………….
अधिकाँश = ……………….
विसर्जित = ……………….
उत्तर:
प्रतिनिधित्व = प्रतिनिधि
फायदेमंद = फायदा
लापरवाही = परवाह
स्पष्टीकरण = स्पष्ट
महत्त्वपूर्ण = महत्त्व
गुणवान = गण।
अधिकाँश = अधिक
विसर्जित = सर्जित

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

II. इन शब्दों के विपरीत शब्द लिखें

फायदा = ……………….
आवश्यक = ……………….
कमज़ोर = ……………….
रोगी = ……………….
ज़रूरी = ……………….
गुण = ……………….
महत्त्वपूर्ण = ……………….
विश्वास = ……………….
उपयोगी = ……………….
गुणवान = ……………….
विसर्जन = ……………….
उत्तर:
फायदा = घाटा
आवश्यक = अनावश्यक
कमज़ोर = शक्तिशाली
रोगी = निरोगी
ज़रूरी = गैर-ज़रूरी
गुण = अवगुण
महत्त्वपूर्ण = महत्त्वहीन
विश्वास = अविश्वास
उपयोगी = अनुपयोगी
गुणवान = गुणहीन
विसर्जन = सृजन।

III. उचित योजक शब्द लगाकर वाक्य पूरे करें

(i) …………… लोगों को ऐसे ही परेशान करोगे …………. तुम्हें भला कौन पूछेगा।
(ii) ………………. यह बात सच है कि बंटी को खाँसी मेरी वजह से ही हुई है ………………… इसमें मेरा रत्ती भर भी दोष नहीं।
(iii) दाँतों …………….. मसूड़ों के लिए भी मैं फायदेमंद हूँ।
(iv) इसको कई बार समझाया गया ……………….. यह अपनी आदत से बाज़ नहीं आ रही है।
(v) मेरे शरीर के रोओं में घातक जीवाणु होते हैं …………….. मुझे खाने से पहले खूब अच्छी तरह से धो लेना चाहिए।
(vi) आप ऐसा कोई उपाय बतायें ………………. लोग बीमार न पड़ें।
(vii) लोग हमें खाने का सही तरीका नहीं जानते ………………… हम लोग चाहते हुए भी पूरा फायदा नहीं पहुंचा पाते हैं।
उत्तर:
(i) अगर लोगों को ऐसे ही परेशान करोगे तो तुम्हें भला कौन पछेगा।
(ii) यद्यपि यह बात सच है कि बंटी को खाँसी मेरी वजह से ही हुई है तथापि इसमें मेरा रत्ती भर भी दोष नहीं।
(iii) दाँतों और मसूड़ों के लिए भी मैं फायदेमंद हूँ।
(iv) इसको कई बार समझाया गया लेकिन यह अपनी आदत से बाज़ नहीं आ रही है।
(v) मेरे शरीर के रोओं में घातक जीवाणु होते हैं अतः मुझे खाने से पहले खूब अच्छी तरह से धो लेना चाहिए।
(vi) आप ऐसा कोई उपाय बतायें ताकि लोग बीमार न पड़ें।
(vii) लोग हमें खाने का सही तरीका नहीं जानते इसलिए हम लोग चाहते हुए भी पूरा फायदा नहीं पहुंचा पाते हैं।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

योग्यता विस्तार

हमें स्वस्थ रहने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए। संतुलित भोजन वह है जिसमें सभी पोषक तत्व यथा-कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल और रेशे उचित मात्रा में हों। नीचे एक ओर फलों के नाम दिये गये हैं, दूसरी ओर विटामिनों के नाम हैं। जिस फल में जो विटामिन अधिक मात्रा में पाया जाता है उसके नीचे सही शिान अंकित करें।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल 1
उत्तर:
PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल 2

अभिनय
इस एकाँकी का स्कूल के वार्षिक उत्सव पर अभिनय करवायें।

PSEB 8th Class Hindi Guide फलों की चौपाल Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
फलों का राजा किस फल को कहते हैं ?
(क) सेब को
(ख) आम को
(ग) केले को
(घ) अंगूर को।
उत्तर:
आम को।

प्रश्न 2.
क्या खाने से लड़के को खाँसी हो गई थी ?
(क) अनार
(ख) अमरूद
(ग) अंगूर
(घ) आम।
उत्तर:
अमरूद।

प्रश्न 3.
अमरूद कब खाना चाहिए ?
(क) रात को
(ख) दोपहर को
(ग) संध्या के समय
(घ) प्रभातकाल में।
उत्तर:
दोपहर को।

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प्रश्न 4.
गाजर के लम्बे बालों में कौन-से जीवाणु होते हैं ?
(क) अमीबा
(ख) एटामीबा
(ग) अक्टोबा
(घ) इकाबीमा।
उत्तर:
एटामीबा।

प्रश्न 5.
शरीर में खून बढ़ाने में सबसे अधिक योगदान किस फल का होता है ?
(क) केला
(ख) अमरूद
(ग) सेब
(घ) अंगूर।
उत्तर:
अंगूर।

प्रश्न 6.
किस फल के छिलके नीचे विटामिन ए और सी होते हैं ?
(क) अनार
(ख) अमरूद
(ग) सेब
(घ) केला।
उत्तर:
सेब।

प्रश्न 7.
छिलका सहित खाने वाला फल कौन-सा है ?
(क) अनार
(ख) केला
(ग) आम
(घ) अंगूर।
उत्तर:
अंगूर।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 23 फलों की चौपाल

प्रश्न 8.
छिलका रहित खाया जाने वाला फल है ?
(क) सेब
(ख) अंगूर
(ग) केला
(घ) अमरूद।
उत्तर:
केला।

फलों की चौपाल Summary

फलों की चौपाल पाठ का सार

तरह-तरह के फलों की एक सभा बुलाई गई। छोटे लड़के-लड़कियों ने फलों के मुखौटे लगाकर फलों का अभिनय किया। फलों के राजा आम ने अन्य फलों से पूछताछ की। वह जानना चाहते थे कि लोग उन्हें खाने के बाद बीमार क्यों पड़ जाते थे। केले ने सभा को आरम्भ किया और अमरूद पर आरोप लगाया कि उसे खाने से एक लड़के को खांसी हो गई। शारीरिक परेशानी के साथ-साथ उसे इलाज के लिए पैसे भी खर्च करने पड़े। अमरूद ने अपना बचाव करते हुए कहा कि सर्दी के दिन शाम के समय उस लड़के ने उसे बिना धोये हुए खाना शुरू कर दिया था। यदि उसे दोपहर के समय खाया जाता तो वह हानिकारक नहीं होता। वह पाचन क्रिया को बढ़ाता है, पेट साफ रखता है, दाँतोंमसूड़ों के लिए अच्छा है, कब्ज़ और बवासीर में उपयोगी है और दिमाग की गर्मी को कम करता है। वह पागलपन दूर करने में भी सहायक होता है। बस, उसका इस्तेमाल ठीक ढंग से किया जाना चाहिए।

संतरे ने गाजर पर आरोप लगाया कि उसके कारण लोगों में दस्त और पेट की गड़बड़ी होने की शिकायतें आ रही थीं। गाजर ने अपने उत्तर में कहा कि लोग उसे धोए बिना खा लेते हैं। उस पर लम्बे-लम्बे बालों में एंटामीबा नामक जीवाणु होते हैं जो पेट में जाकर पाचन क्रिया को प्रभावित करते हैं। उसमें विटामिन ‘ए’, ‘बी’, ‘डी’ और ‘के’ काफ़ी मात्रा में होते हैं जिससे शरीर का विकास होता है। उसे अच्छी तरह धोने के बाद ही खाया जाना चाहिए। गाजर के बैठते ही मूली ने अपने बारे में स्वयं कहा कि उसे खाने से पहले धोया जाना चाहिए।

केले ने अंगूर पर आरोप लगाया कि उसे खाने से अनेक लोग बीमार पड़ जाते हैं। इसका कारण क्या था ? अंगूर ने बताया कि उसमें विटामिन ए, बी, सी, प्रोटीन, वसा, कैल्शियम, फॉस्फोरस, लोहा आदि होते हैं जिनसे शरीर में खून बढ़ता है, खून साफ होता है, पाचन क्रिया ठीक होती है और नेत्र ज्योति ठीक होती है। वह कमज़ोर और रोगियो के लिए बहुत उपयोगी होता है। लोगों की बीमारी का कारण वह नहीं है बल्कि लोग स्वयं हैं। वे रेडियों और ठेले वालों से उसे खरीदते हैं। उस पर पड़ी धूल-मिट्टी, मक्खियों की गन्दगी आदि की परवाह किए बिना उसे खा जाते हैं जिस कारण वे बीमार पड़ जाते हैं। उसे पकाने के लिए रासायनिक पदार्थों का उपयोग भी नहीं किया जाना चाहिए। उसे खाने से पहले अच्छी तरह धोया जाना चाहिए। अंगूर के बैठते ही सेब स्वयं खड़ा हो गया। उसने बताया कि उसे खाने के लिए लोग उसका छिलका उतार देते हैं। छिलके के ठीक नीचे विटामिन ए और सी होते हैं। इसलिए अच्छी तरह धोकर छिलके सहित खाना चाहिए। सबकी बात सुनकर आम ने निष्कर्ष निकाला कि लोगों को फल सावधानी से खाने चाहिएं। उन्हें अच्छी तरह धोकर बिना छिलका उतारे ही खाना चाहिए।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

Hindi Guide for Class 8 PSEB उम्मीद का अन्तिम पत्ता Textbook Questions and Answers

(क) भाषा-बोध

I. शब्दार्थ :

फुसफुसाना = धीमी, अस्फुट आवाज़ में बोलना।
लता = बेल।
आग्रह = किसी बात पर बार-बार ज़ोर देना।
खनिक = खोदने वाला।
ज्वर = बुखार, ताप।
सर्वश्रेष्ठ = सबसे उत्तम।
कलाकृति = कलामयी रचना।
निमोनिया = सर्दी से फेफड़े में श्लेष्मा के जमा हो जाने से होने वाली सूजन या प्रदाह ।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

II. इन शब्दों के अर्थ समझते हुए वाक्य बनायें :लता, आग्रह, अनचाहा, चित्र, मूर्ति, सर्वश्रेष्ठ, कलाकृति।

उत्तर:
लता-स्वीटपी की लता फूलों से लदी हुई थी। आग्रह-आप मेरे आग्रह को मत ठुकराइए और सभा में अवश्य आइए। अनचाहा-अनचाहा मेहमान किसी को भी अच्छा नहीं लगता। चित्र-अनीता ने गांधी जी का सुंदर चित्र बनाया था। मूर्ति-गणेश जी की मूर्ति बहुत ही सुंदर है। सर्वश्रेष्ठ-प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ वक्ता को पुरस्कार दिया गया। कलाकृति-प्राचीन मंदिरों में अनेक कलाकृतियाँ बड़ी ही भव्य हैं।

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
स्यू और जॉनसी कौन थीं ?
उत्तर;
स्यू और जॉनसी दोनों सहेलियाँ थीं और दोनों ही अच्छी कलाकार थीं।

प्रश्न (ख)
जॉनसी को क्या हो गया था ?
उत्तर;
जॉह्नसी को निमोनिया हो गया था।

प्रश्न (ग)
उसके मन में क्या बात बैठ गई थी ?
उत्तर:
उसके मन में बैठ गया था कि आईवीलता का आखिरी पत्ता गिर जाएगा तो वह भी मर जाएगी।

प्रश्न (घ)
जॉनसी का मन बहलाने के लिए स्यू ने क्या किया ?
उत्तर:
जॉनसी का मन बहलाने के लिए उसने फैशन और कपड़ों की बातें कीं और उनके कमरे में ही चित्र बनाने का कार्य किया।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

प्रश्न (ङ)
आईवी लता से गिरते पत्ते को देखकर उसने स्यू से क्या कहा ?
उत्तर:
आईवी लता के गिरते पत्ते को देखकर उसने स्यू से कहा कि उसके आखिरी पत्ते गिरने के बाद वह भी मर जाएगी।

प्रश्न (च)
बहरमैन कौन था ?
उत्तर:
बहरमैन साठ साल का बूढ़ा कलाकार था जो चित्र बनाया करता था।

प्रश्न (छ)
उसकी सर्वश्रेष्ठ कलाकृति क्या थी ?
उत्तर:
बहरमैन की सर्वश्रेष्ठ कलाकृति वह हरे-पीले रंग का पत्ता था जिसे उसने आई वी लता पर लगाया था।

प्रश्न (ज)
अन्तिम पत्ते को लता पर लगा देखकर जॉनसी को क्या विश्वास हो गया था ?
उत्तर:
अन्तिम पत्ते को लता पर लगे देखकर जॉनसी को विश्वास हो गया था कि वह अभी नहीं मरेगी। वह अभी और जियेगी।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
जॉनसी में जीने की चाह क्यों नहीं थी ?
उत्तर:
जॉनसी को निमोनिया था। बिस्तर पर लेटे-लेटे उसने बाहर लगी आईवी लता से गिरते पत्ते देखे थे तो उसे वहम हो गया था कि जिस प्रकार पत्ते गिर रहे थे वह भी उसी तरह मौत की ओर जा रही थी। बेल के आखिरी पत्ते के गिरने के बाद वह भी मर जाएगी। निराशा और हताशा के कारण उसमें जीने की चाह नहीं रही थी।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

प्रश्न (ख)
स्यू ने अपनी सहेली के लिए क्या-क्या काम किये ?
उत्तर:
स्यू ने अपनी सहेली के लिए वे सब काम किए जो कोई भी बहुत अच्छी सहेली कर सकती थी। उसने उसके मानसिक वहम को दूर करने के लिए उसे समझायाबुझाया। उसका ध्यान बदलने के लिए फैशन और वस्त्रों की बातें कीं। उसके कमरे में ही चित्रकला की। डॉक्टर और बहरमैन से उसके बारे में बातचीत की। उसे दुलारा, प्यार किया और सब प्रकार से उसकी सेवा-सुश्रुषा की।

प्रश्न (ग)
बहरमैन ने जॉनसी के लिए ऐसा क्या किया जिससे उसके मन में जीने की चाह उत्पन्न हो गई ?
उत्तर:
बहरमैन एक अच्छा चित्रकार था। जब उसे स्यू से पता चला कि जॉनसी के मन में एक वहम घर कर गया था कि लता पर लगा आखिरी-पत्ता जब गिर जाएगा तब वह भी मर जाएगी तो उसने आखिरी पत्ते के गिर जाने के बाद तूफ़ानी रात में एक पत्ता बनाकर बेल पर लगा दिया जो दूर से असली लगता था। उसे तुफ़ान में भी गिरता न देखकर उसके मन में जीने की चाह उत्पन्न हो गई थी।

(घ) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन शब्दों में से मूल शब्द अलग करके लिखें :

1. चिन्तित = ………………..
2. तूफ़ानी = ………………..
3. दिलचस्पी = ………………..
4. बर्फीली = ………………..
5. शान्ति = ………………..
6. स्वास्थ्य = ………………..
7. उत्सुकता = ………………..
8. परेशानी = ………………..
9. अन्तिम = ………………..
उत्तर:
मूल शब्द
1. चिन्ता
2. तूफ़ान
3. दिल
4. बर्फ
5. शान्त
6. स्वस्थ
7. उत्सुक
8. परेशान
9. अन्त।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

II. विपरीत शब्द लिखें :

स्वस्थ = ………………..
सहयोग = ………………..
अन्धेरा = ………………..
इच्छा = ………………..
निराश = ………………..
दुर्व्यवहार = ………………..
परेशानी = ………………..
उत्सुकता = ………………..
उत्तर:
स्वस्थ = अस्वस्थ
सहयोग = असहयोग
अन्धेरा = उजाला
इच्छा = अनिच्छा
निराश = आशावान
दुर्व्यवहार = सद्व्यवहार
परेशानी = आसानी
उत्सुकता = अनौत्सुकता

III. पर्यायवाची शब्द लिखें :

उम्मीद = ………………..
लता = …………………
बारिश = ………………..
पत्ता = ………………..
उत्तर:
उम्मीद = आशा , अपेक्षा
लता = बेल , वल्लरी।
बारिश = वर्षा , बरखा
पत्ता = पत्र , पर्ण

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

IV. ‘अनचाहा’ में ‘अन’ और दुर्व्यवहार में ‘दुर’ उपसर्ग है। ‘अन’ और ‘दुर’ लगाकर नये शब्द बनायें :

अन + जान = ………………..
अन + ……. = ………………..
अन + ………. = ………………..
दुर् + दशा = ………………..
दुर् + …………… = ………………..
दुर् + …………… = ………………..
उत्तर
अन + जान = अनजान
अन + होनी = अनहोनी
अन + मेल = अनमेल
दुर् + दशा = दुर्दशा
दुर् + भाग्य = दुर्भाग्य
दुर् + गम = दुर्गम।

(घ) रचना – बोध

आपको सहेली/मित्र का पत्र मिला है जिससे आपको मालूम हुआ कि उसके पिता/माता दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। उनकी स्थिति गम्भीर है। ऐसे में पत्र लिखकर उसका उत्साह बढ़ायें।

उत्तर:
810-प्रेम नगर,
पटियाला।
28 नवम्बर, 20……….
प्रिय नीरजा,

नमस्ते। मुझे अभी कुछ मिनट पहले ही पंजाब केसरी में छपे समाचार से पता लगा है कि तुम्हारे पापा दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। उनके बाईक को पीछे से एक कार वाले ने टक्कर मार दी। उनका नाम और घर का पता पढ़कर एक बार तो मैं सिर से पाँव तक काँप गई थी। मेरी आँखें सोचने मात्र से आँसुओं से भर गई थीं। मैं तुम्हारी और आंटी की स्थिति की कल्पना भलीभांति कर सकती हूँ। समाचार-पत्र में जिस अस्पताल का नाम छपा है वह अच्छा है और वहाँ के डॉक्टर भी बहुत कुशल हैं। ईश्वर अंकल को निश्चित रूप से ठीक करेंगे। ईश्वर बहुत दयालु हैं। वह गम्भीर से गम्भीर स्थिति को भी पल भर में ठीक कर देते हैं। तुम हौंसला बनाए रखना। अपनी मम्मी को सहारा देना। मैं भी अपने पापा के साथ शीघ्र तुम्हारे पास आऊंगी। तुम चिन्ता न करना। चाची जी को नमस्कार।
तुम्हारी सखी,
अनुराधा

चिन्तन एवं मनन :
जीवन में कई बार ऐसे क्षण आते हैं जब मन निराशा से भर जाता है। ऐसे क्षणों में भी हमें छोटी-छोटी चीजों में आशा की एक किरण दिखाई दे सकती है। अत: निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है। ऐसे सुख के छोटे-छोटे क्षण ढूंढें।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

PSEB 8th Class Hindi Guide उम्मीद का अन्तिम पत्ता Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
स्यू और जॉनसी छोटे से घर की किस मंजिल पर रहती थी ?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी।
उत्तर:
तीसरी।

प्रश्न 2.
जॉनसी को कौन-सी बीमारी थी ?
(क) निमोनिया
(ख) कैंसर
(ग) टी०वी०
(घ) डायरिया।
उत्तर:
निमोनिया।

प्रश्न 3.
स्यू और जॉनसी क्या थी ?
(क) कलाकार
(ख) डॉक्टर
(ग) नर्स
(घ) अध्यापक।
उत्तर:
कलाकार।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

प्रश्न 4.
जॉह्नसी किस लता को देख रही थी ?
(क) आईवी
(ख) सीवी
(ग) जीवी
(घ) ओवी।
उत्तर:
आईवी।

प्रश्न 5.
स्यू क्या बना रही थी ?
(क) सूप
(ख) चित्र
(ग) दवा
(घ) टीका।
उत्तर:
चित्र।

प्रश्न 6.
बहरमैन की उम्र कितनी थी ?
(क) पचास वर्ष
(ख) साठ वर्ष
(ग) पैंसठ वर्ष
(घ) चालीस वर्ष।
उत्तर;
साठ वर्ष।

प्रश्न 7.
बहरमैन ने आईवी लता पर क्या लगाया था ?
(क) झंडा
(ख) तूफ़ान से बचाने के लिए तिरपाल
(ग) हरे-पीले रंग का आईवी लता के पत्ते का चित्र
(घ) छतरी।
उत्तर:
हरे-पीले रंग का आईवी लता के पत्ते का चित्र।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 22 उम्मीद का अन्तिम पत्ता

प्रश्न 8.
बहरमैन कैसे मरा ?
(क) निमोनिया से
(ख) डायरिया से
(ग) कैंसर से
(घ) टी० वी० से।
उत्तर:
निमोनिया से।

उम्मीद का अन्तिम पत्ता Summary

उम्मीद का अन्तिम पत्ता कहानी का सार

मन में उत्पन्न होने वाले आशा के भाव किसी में भी नया जीवन भर देने की ताकत रखते हैं। स्यू और जॉनसी दो सहेलियां थीं। वे कलाकार थीं और एक साथ एक पुराने मकान की तीसरी मंजिल पर रहती थीं। नवम्बर महीने में जॉनसी को निमोनिया हो गया था। वह बिना हिले-डुले बिस्तर पर लेटी रहती थी। डॉक्टर उसका इलाज कर रहा था पर उस पर दवाई का कोई असर ही नहीं हो रहा था। एक दिन डॉक्टर ने स्यू से कहा कि उसे लगता था कि उसकी सहेली ने अपने दिमाग में यह बात बिठा ली थी कि वह अब ठीक नहीं हो सकती थी। ऐसा होने के कारण दवाइयाँ उस पर असर नहीं कर रही थीं। स्यू ने अपनी सहेली के ध्यान बंटाने के लिए फैशन, वस्त्रों, चित्रकला आदि से जुड़ी हुई बातें कीं लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया। वह अपना ड्राइंग बोर्ड भी उसके कमरे में ले आई थी। एक दिन स्यू ने जॉनसी को खिड़की के बाहर लेटे-लेटे आइवी-लता के झड़ते पत्तों को गिनते देखा। वह बेल खिड़की के सामने ईंटों की दीवार के मध्य तक चढ़ी हुई थी।

बाहर लगातार बढ़ती ठंड के कारण बेल के पत्ते गिर रहे थे। जब स्यू ने उससे इस बारे में पूछा तो जानसी ने उत्तर दिया कि तीन दिन पहले वहाँ लगभग सौ पत्ते थे। अब केवल पाँच पत्ते शेष रह गए थे। जब अन्तिम पत्ता गिर जाएगा तो वह भी मर जाएगी। स्यू ने उसे समझाया कि झड़ते पत्तों का उसके जीवन से कोई सम्बन्ध नहीं था लेकिन वह भी कुछ नहीं बोली। अब बेल पर केवल तीन पत्ते शेष रह गए थे। जाह्नसी अन्धेरा होने से पहले पके हुए अन्तिम पत्ते को भी गिरते हुए देखना चाहती थी और सोचती थी कि उसके बाद वह भी सदा के लिए सो जाएगी। स्यू ने उसे दुलारा, प्यार किया और उसे समझाया। उसने उससे कहा कि जब तक वह चित्र पूरा नहीं बना लेती तब तक वह खिड़की के बाहर उस पत्ते की ओर न देखे। वह बूढ़े खनिक का चित्र बनाने के लिए सबसे नीचे वाली मंजिल की ओर चली गई जहां बहरमैन नामक बूढ़ा चित्रकार रहता था। वह उसे अपने चित्र का मॉडल बनाना चाहती थी। वह बूढ़ा चित्रकार एक सर्वश्रेष्ठ कलाकृति बनाना चाहता था। स्य ने अपनी सहेली से सम्बन्धित सारी परेशानियाँ बहरमैन को बताईं। वे दोनों जब कमरे में आए तो जाह्नसी सो रही थी। बेल पर अब केवल एक पत्ता शेष बचा था, बाहर तेज़ बारिश हो रही थी और बर्फीली हवा चल रही थी, ऐसा लगता था कि आखिरी पत्ता भी गिर जाएगा। बहरमैन बिना कुछ बोले वापस अपने कमरे में चला गया।

अगली सुबह जब पर्दा हटाया तो तेज़ हवाओं के बावजूद आखिरी पत्ता नहीं गिरा था। वह काफी हरा और स्वस्थ लग रहा था। कुछ-कुछ देर बाद जाह्नसी अपनी आँखें खोलकर उस पत्ते की ओर देख लेती थी। शाम को एक बार फिर तूफ़ान आया वह पत्ता फिर भी नहीं गिरा। कुछ देर बाद उसने स्यू से कहा कि उसके विचार ठीक नहीं थे। वह जान गई थी कि मौत की चाह रखना पाप था। दोपहर बाद डॉक्टर साहब ने उसे जाँच कर कहा कि अब ठीक थी और शीघ्र पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी। उसने यह भी बताया कि बहरमैन को भी निमोनिया हो गया था और कोई उम्मीद नहीं थी कि वह जिन्दा रह पाएगा। अगली सुबह स्यू ने जॉनसी को बताया कि बहरमैन की मृत्यु हो गई थी। उसे दो दिन से निमो िथा। चौकीदार ने बताया कि वह गीले कपड़े और गीले जूते पहने हुए बिस्तर पर पड़ा काँप रहा था। वह तूफ़ानी रात में बाहर निकला था। उसने आईवीलता का आखिरी पत्ता गिर जाने के बाद हरे-पीले रंगों का पत्ता बनाकर वहां लगाया था जो फड़फड़ाता नहीं था। वह उसकी सर्वश्रेष्ठ कलाकृति थी।