PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 5 पेड़ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 5 पेड़

Hindi Guide for Class 8 PSEB पेड़ Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ:

स्वच्छ = साफ़।
विश्रामस्थल = आराम का स्थान
कोटर = वृक्षों की खोह, गह्वर।
नीड़ = घोंसला।
बरगद = बोहड़, वटवृक्ष।
वन-सम्पदा = वनों की दौलत।
लोलुप = लालची।
विभूतियाँ = सम्पत्तियाँ।
आशीष = आशीर्वाद।
पथिकों = मुसाफिरों।
पर्यावरण = वातावरण।
चिकित्सक = वैद्य, डॉक्टर।
भक्षक = खाने वाला।

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(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें.

प्रश्न (क)
धूल और धुएँ से दूषित वातावरण में पैदा होने वाले रोगों की कौनसी सर्वोत्तम दवा है ?
उत्तर:
दूषित वातावरण में, खाँसी, श्वास-रोग, हृदय रोग, कैंसर आदि घातक रोग पनपते हैं। इनसे बचने की एकमात्र दवा शुद्ध वायु है। यह केवल पेड़ों से ही उपलब्ध हो सकती है।

प्रश्न (ख)
पेड़ किस तरह अपनी ममता बरसाते हैं ?
उत्तर:
पेड़ मनुष्य को फल-फूल देकर अपनी ममता बरसाते रहते हैं।

प्रश्न (ग)
शरारती बच्चे पेड़ों से किस तरह फल प्राप्त करते हैं ?
उत्तर:
शरारती बच्चे उन पर पत्थर फेंक कर फल प्राप्त करते हैं।

प्रश्न (घ)
पक्षी और जीव-जन्तु पेड़ पर कहाँ-कहाँ घर बनाकर रहते हैं ?
उत्तर:
पक्षी पेड़ पर घोंसले बना कर रहते हैं। अन्य जीव-जन्तु पेड़ों की खोखल (खोह) में अपना आवास बनाते हैं।

प्रश्न (ङ)
नीम के पेड़ को बड़ा चिकित्सक क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
नीम के सभी अंग अर्थात् जड़, छाल, पत्ते, फल-फूल किसी-न-किसी रोग का इलाज उपलब्ध कराते हैं। मधुमेह के रोगियों के लिए नीम वरदान है। इसके पत्ते, फलफूल रक्त-शोधक हैं। इसी कारण नीम को बड़ा चिकित्सक कहा गया है।

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प्रश्न (च)
पेड़ों को सोने के अण्डे देने वाली मुर्गी क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
पेड़ मानव-जाति के लिए हर प्रकार से उपयोगी हैं। मनुष्य को फल-फूल, जड़ी-बूटियाँ, लकड़ी पेड़ों से ही प्राप्त होती है। इसी कारण इन्हें सोने का अंडा देने वाली मुर्गी कहा गया है।

प्रश्न (छ)
पाँच फल देने वाले पेड़ों के नाम लिखें।
उत्तर:
(1) आम
(2) जामुन
(3) अनार
(4) सेब
(5) खजूर।

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II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में लिखें

प्रश्न (अ)
प्रस्तुत कविता ‘पेड़’ का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर:
‘पेड़’ कविता का सारांश पहले दिया जा चुका है।

प्रश्न (आ)
पेड़ों को उगाना और उनकी रक्षा करना मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक
उत्तर:
मानव-सभ्यता का विकास करने में पेड़ों का योगदान सभी को ज्ञात है। हम अपने जीवन बिताने के लिए जो कुछ खाते हैं, वह पेड़-पौधों की ही देन है। सभी प्रकार के फल जैसे-आम, सेब, अंगूर, आदि मधुर फल हमें पेड़ों से ही प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार की सब्जियाँ और दालें भी पौधों से ही प्राप्त होती हैं। हमारे घरों में जितना भी फर्नीचर है, दरवाजे और खिड़कियाँ हैं, उनकी लकड़ी हमें पेड़ों से ही प्राप्त होती है। हमारे आवागमन को सुविधापूर्ण बनाने में पेड़ों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। रेलगाड़ियों के डिब्बे और पटड़ियों के आधार पेड़ों से प्राप्त लकड़ी से ही तैयार होते हैं। पेड़ों की लकड़ी ईंधन के रूप में भी प्रयुक्त होती है। इन्हीं कारणों से मनुष्य को पेड़ लगाने चाहिए। पेड़ वातावरण को भी स्वच्छ रखते हैं अतः मनुष्य के लिए पेड़ लगाना आवश्यक है।

(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन काव्य-पंक्तियों में से क्रिया-शब्द छाँटिए

हरियाली-आशीष बाँटते,
भरते जीवन की झोली।
वर्षा लाते अन्न उगाते,
बरसाते ममता भोली।
उत्तर:
बाँटते, भरते, लाते उगाते, बरसाते क्रिया-शब्द हैं।

II. इन शब्दों के समानार्थक शब्द देंपेड़, मानव, हवा, फूल, नज़र, पक्षी, हाथ, नीड़।

उत्तर:
पेड़ = वृक्ष, तरु। मानव = मनुष्य, इन्सान, नर। हवा = वायु, अनिल। फूल = कुसुम, पुष्प। नज़र = दृष्टि, निगाह। पक्षी = खग, विहग। नीड़ = घोंसला, घरोंदा। हाथ = हस्त, कर।

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III. विपरीतार्थक शब्द लिखेंरक्षक, प्राणी, रोग, लाभ, धूप, ताज़ा, दुःख, स्वागत।

रक्षक – …………….
प्राणी – …………….
रोग – …………….
लाभ – …………….
धूप – …………….
ताज़ा – …………….
दुःख – …………….
स्वागत – …………….
उत्तर:
रक्षक – भक्षक।
प्राणी – अप्राणी (जड़)।
रोग – नीरोग।
लाभ – हानि।
धूप – छाया।
ताज़ा – बासी।
दुःख – सुख।
स्वागत – तिरस्कार।

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IV. शुद्ध करके लिखें

अशुद्ध – शुद्ध रूप
विशराम – …………….
चीकित्सक – …………….
कुलहाड़ा – …………….
विभूती – …………….
लोलूप – …………….
सम्पधा – …………….
भाशा – …………….
उत्तर:
अशुद्ध – शुद्ध रूप
विशराम – विश्राम
चीकित्सक – चिकित्सक
कुलहाड़ा – कुल्हाड़ा.
विभूती – विभूति
लोलूप – लोलुप।
सम्पधा – संपदा
भाशा – भाषा।

V. निम्नलिखित समासों का विग्रह. करें तथा समास का नाम बतायें :

विश्राम स्थल = …………….
जीव-जन्तु = …………….
वन सम्पदा = …………….
पीपल-बरगद = …………….
उत्तर:
विश्राम स्थल = विश्राम के लिए स्थल – संप्रदान तत्पुरुष समास

जीव-जन्तु = जीव और जन्तु – द्वंद्व समास
वन-सम्पदा = वन की सम्पदा – संबंध तत्पुरुष समास
पीपल-बरगद = पीपल और बरगद – द्वंद्व समास।

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VI. निम्नलिखित की संधि विच्छेद करें :

स्वच्छ – …………….
पर्यावरण – …………….
मनोरम – …………….
स्वागत – …………….
वर्षर्तु – …………….
उत्तर:
स्वच्छ – सु + अच्छ
पर्यावरण – परि + आवरण
मनोरम – मनः + रम
स्वागत – सु + आगत
वर्षर्तु – वर्षा + ऋतु।

(घ) रचना – भाग

I. ‘पेड़ों’ का हमारे जीवन में महत्त्व’ विषय पर एक 150 शब्दों का निबन्ध । लिखें।

उत्तर:
पेड़ों का हमारे जीवन में महत्त्व
प्राय : कहा जाता है कि पेड़-पौधे ही हमारा जीवन हैं। यह कथन पूरी तरह से सत्य है। पेड़-पौधे हम सब जीवों के लिए प्रकृति के अद्भुत उपहार हैं और इन्हीं के कारण हम सब का जीवन संभव है। यदि पेड़-पौधे न हों तो धरती पर अन्य प्राणियों का जीवन संभव नहीं हो सकता। पेड़-पौधे ही सूर्य के प्रकाश में अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं। वे स्वयं जीवित रहते हैं और अन्य सभी प्राणी उन से ही किसी-न-किसी रूप में जीवन प्राप्त करते हैं। पेड़-पौधे ही हमें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पेड़ हमें भयानक से भयानक रोगों को समाप्त करने वाली अमूल्य औषधियां प्रदान करते हैं। इन्हीं से हमें तरहतरह के फल प्राप्त होते हैं; पौधे हमें सब्ज़ियाँ और अनाज प्रदान करते हैं जिन से आवश्यक पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है। ये ही प्राकृतिक खाद प्रदान करते हैं जिनसे फसलें उगती हैं और भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। पेड़-पौधों के महत्त्व के कारण ही प्राचीनकाल में ऋषि-मुनि वनों में रहते थे और वहीं अपने शिष्यों को शिक्षा दिया करते थे। युगों से बढ़, पीपल, तुलसी, नीम आदि को जीवन में अति महत्त्वपूर्ण माना जाता रहा है। हरे वक्षों को काटना पाप माना जाता है। संध्या के बाद किसी पत्ते को तोड़ने का निषेध है। पेड़ वर्षा लाने में सहायक होते हैं। प्राचीन काल में जब कागज़ की खोज नहीं हुई थी तो भोज पत्तों पर ही लिखा जाता था। आदि मानव ने सदियों तक वृक्षों की छाल को अपने वस्त्रों के समान प्रयोग किया था। उनकी टहनियों को अस्त्र-शस्त्र की तरह प्रयुक्त किया था। जब वह सभ्य हुआ तो उन्हीं की सहायता से अपनी झोंपड़ियां और घर बनाए थे। आज भी पेड़ों से प्राप्त लकड़ी का घर में भरपूर प्रयोग किया जाता है। फर्नीचर इसी से ही तो बनता है। पेड़ों की रक्षा हर अवस्था में की जानी चाहिए। यदि किसी भी कारण हमें एक पेड़ काटना पड़े तो उसकी जगह दो पेड़ लगाने चाहिए और उनकी रक्षा की जानी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति और समाज को पेड़ों का महत्त्व समझना चाहिए।

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II. अपने मित्र को पत्र लिखकर अपने स्कूल में होने वाले ‘वन-महोत्सव’ का वर्णन करें।

उत्तर:
48-सराभा नगर,
लुधियाना।
सितम्बर 17, 20….
प्रिय सखी नव्या,
नमस्ते।

मैं तुम्हें बहुत लम्बे समय के बाद पत्र लिख रही हूँ। तुम्हारा भी तो कोई पत्र नहीं आया था। शायद तुम्हें पढ़ाई और परीक्षाओं में उलझ कर समय नहीं मिला होगा। मैं पिछले सप्ताह तक अपने स्कूल के एक कार्यक्रम के कारण बहुत व्यस्त थी। हमारे स्कूल में वन महोत्सव इस बार बड़े उत्साह से मनाया गया था और मुझे भी इस कार्यक्रम के लिए कुछ ज़िम्मेदारियों को सौंपा गया था। सच मुझे कार्यक्रम में सहभागी बन कर बहुत अच्छा लगा। कार्यक्रम से पंद्रह दिन पहले ही सब कक्षाओं में पर्यावरण बचाओ’ शीर्षक से चित्रकलाप्रतियोगिता का हर कक्षा में आयोजन किया गया था और सभी से दस-दस श्रेष्ठ प्रवृष्टियां ले कर उन्हें मुख्य हॉल में सजाया गया था। माली ने स्कूल के चारों ओर की दीवार के साथ-साथ पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोद दिए थे। जिस दिन मुख्य कार्यक्रम था उसमें एक दिन पहले शाम के समय दो सौ फूलों-फलों के पौधे नर्सरी से स्कूल में मंगवा लिए थे। मुख्य कार्यक्रम में नगर के उपायुक्त महोदय को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। वे ठीक समय पर पहुँच गए थे। पहले उनका स्वागत किया गया और फिर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें पर्यावरण संबंधी एक नाटिका भी प्रस्तुत की गई थी। मुख्य अतिथि के भाषण के बाद पौधों में से एक को रोपित किया गया था। अन्य पौधे अध्यापकों और विद्यार्थियों ने लगाए थे। उन पौधों की देखभाल की ज़िम्मेदारी माली के साथ-साथ हम विद्यार्थियों को भी दी गई है। जब पेड़-पौधे बड़े हो जाएंगे तब हमारा स्कूल हरा-भरा दिखाई देने लगेगा। तुम भी मुझे स्कूल के बारे में कुछ लिखना। अच्छा, अब बस करती हूँ।

अंकल-आंटी को मेरी ओर से नमस्ते।
तुम्हारी सखी,
मान्या।

III. एक-एक पौधा लगायें और उसकी देखभाल करें।

उत्तर:
आप अपनी मनपसंद का पौधा लगायें और उसकी देखभाल करें।

PSEB 8th Class Hindi Guide पेड़ Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
‘पेड़’ कविता के कवि कौन हैं ?
(क) डॉ. बच्चन
(ख) डॉ. योगेन्द्र बख्शी
(ग) डॉ. संसार चन्द्र
(घ) डॉ. पंत।
उत्तर:
डॉ. योगेन्द्र बख्शी।

प्रश्न 2.
पेड़ झूम-झूम कर क्या देते हैं ?
(क) फल
(ख) फूल
(ग) पत्ते
(घ) हवा।
उत्तर:
हवा।

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प्रश्न 3.
पेड़ किनके विश्राम स्थल हैं ?
(क) छाया के
(ख) धरती के
(ग) पथिकों के
(घ) जल के।
उत्तर:
पथिकों के।

प्रश्न 4.
पेड़ पक्षियों को क्या देते हैं ?
(क) कोटर
(ख) नीड़
(ग) पीड़ा
(घ) छाया।
उत्तर:
नीड़।

प्रश्न 5.
कवि ने बड़ा चिकित्सक’ किस पेड़ को बताया है ?
(क) आम
(ख) अमरूद
(ग) कीकर
(घ) नीम।
उत्तर:
नीम।

सप्रसंग व्याख्या

1 झूम-झूम कर पेड़ कह रहे
यह लो ताज़ा स्वच्छ हवा,
धूल धुएँ से दूषित जग के,
रोगों की है यही दवा।

शब्दार्थ : स्वच्छ = साफ़। दूषित = गन्दा। जग = संसार। रोगों = बीमारियों।

प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘पेड़’ कविता में से लिया गया है। कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। इसमें पेड़ों की महिमा का वर्णन किया गया है।

व्याख्या:
पेड़ मानव समाज को झूम-झूम कर कह रहे हैं कि ताज़ा और स्वच्छ हवा लो। पेड़ ही वायु को शुद्ध कर देते हैं। धूल और धुएँ से दूषित हुए इस संसार को यही पेड़ बीमारियों से छुटकारा दिलाते हैं। भाव यह है कि पेड़ धूल और धुएँ को दूर करते हैं और रोगों से मुक्ति दिलाते हैं।

विशेष

  1. कवि ने पेड़ों की देन की ओर संकेत किया है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

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2 हरियाली-आशीष बाँटते।
भरते जीवन की झोली।
वर्षा लाते, अन्न उगाते,
बरसाते ममता भोली।

शब्दार्थ : आशीष = आशीर्वाद। जीवन = ज़िन्दगी। वर्षा = बरसात। ममता = ममत्व, प्यारा।

प्रसंग:
यह पद्यांश डॉ० योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते हैं।

व्याख्या:
पेड़ मानव समाज को हरियाली का आशीर्वाद बाँटते हैं। ये मनुष्य की झोली खुशियों से भर देते हैं। पेड़ वर्षा लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। यही अन्न पैदा करने में मददगार बनते हैं। ये अपना भोला प्यार बरसाते रहते हैं। भाव यह है कि पेड़ हरियाली प्रदान कर मानव को प्रसन्न रखते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता की ओर संकेत किया है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

3 विश्रामस्थल ये पथिकों के,
कड़ी धूप में दे छाया।
पत्थर फेंक रहे हाथों ने,
भी इनसे मधु फल पाया।

शब्दार्थ : विश्रामस्थल = आराम का स्थान। पथिकों = मुसाफिरों। मधु = मीठा।

प्रसंग : यह पद्यांश डॉ योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते

व्याख्या:
पेड़ों की महिमा का गुण-गान करते हुए कवि कहता है कि ये थके-मांदे मुसाफिरों के लिए आराम करने का स्थल प्रदान करते हैं अर्थात् थके-हारे मुसाफ़िर इसकी शीतल छाया में आराम करते हैं। ये उन्हें कड़कती धूप में छाया प्रदान करते हैं। पेड़ों की महिमा का कहाँ तक बख़ान करें, जो हाथ इन पर पत्थर फेंकते हैं, उन्हें भी ये मीठे फल प्रदान करते हैं। भाव यह है कि हम पेड़ों की बहुत उपेक्षा करते हैं, जबकि पेड़ हमें स्वच्छ वायु, फल, लकड़ी एवं छाया प्रदान करते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों के महत्त्व को स्पष्ट किया है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

4 जीव-जन्तुओं को कोटर दें,
पक्षी को देते हैं नीड़।
पर्यावरण मनोरम करते,
प्राणी का दुःख इनकी पीड़।

शब्दार्थ : कोटर = वृक्षों की खोह, गह्वर। नीड़ = घोंसला। पर्यावरण = वातावरण। मनोरम = सुन्दर, मन को अच्छा लगने वाला। प्राणी = जीव। पीड़ = दुःख।

प्रसंग:
यह पद्यांश ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। यह डॉ० योगेन्द्र बख्शी द्वारा रचित है। इसमें कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक होते हैं।

व्याख्या:
कवि वृक्षों के महत्त्व को प्रतिपादित करते हुए कहता है-ये सभी जीवजन्तुओं को रहने के लिए तनों में बने खोह (कोटर) प्रदान करते हैं। उड़ने वाले पक्षियों को ये घोंसले देते हैं। अधिकतर पक्षी वृक्षों पर अपने घोंसले बनाते हैं। ये पेड़ वातावरण को सुन्दर एवं स्वच्छ बनाते हैं। हर जीव के दुःख को ये अपना दुःख मानते हैं। भाव है कि पेड़ समस्त मानव जाति एवं जीव-जन्तुओं को हमेशा देते ही हैं, उनसे कुछ लेते नहीं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता प्रकट की है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

5 पीपल बरगद युगों-युगों से,
अपने बनते रहे हकीम।
सारी नज़रें टिकी उसी पर,
बड़ा चिकित्सक अपना नीम।

शब्दार्थ : बरगद = बोहड़, वटवृक्ष। चिकित्सक = वैद्य, डॉक्टर।
प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के कवि डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है-अति प्राचीनकाल से ही पेड़ के विभिन्न भाग औषधि के रूप में प्रयुक्त होते रहे हैं। पीपल और बरगद तो हकीम के रूप में सिद्ध हुए हैं। आज के नवीन अनुसंधानों ने भी सिद्ध कर दिया कि नीम का पेड़ रोगों का उपचार करने वाला बहुत बड़ा वैद्य है। भाव यह है कि पेड़ हमें अनेक प्रकार की जीवनदायी जड़ी-बूटियाँ भी प्रदान करते हैं।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों के महत्त्व को प्रकट किया है।
  2. सामान्य बोलचाल के शब्दों का प्रयोग किया है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

6 सोने के अण्डे देती,
मुर्गी पर तने, कुल्हाड़े अब।
थोड़ा लाभ प्राप्त करने हित
लोलुप नज़रें गाड़े अब।

शब्दार्थ : लाभ = फायदा। प्राप्त = पाना, ग्रहण करना। करने हित = करने के लिए। लोलुप = लालची।

प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि पेड़ों की अन्धा-धुन्ध कटाई पर क्षुब्ध होकर कहता है-पेड़ तो सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी के समान हैं। उस पर मनुष्य ने कुल्हाड़े तान लिए हैं। उन्हें काटने पर उतारू हो गया है। यह तो मानव की हीन प्रवृत्ति है कि थोड़ा-सा लाभ प्राप्त करने के लिए उन पर लालची नजरें गड़ा रखी हैं। भाव है कि थोड़े से लाभ के लिए वृक्षों को काटना निंदनीय है।

विशेष:

  1. कवि ने मनुष्य के लालची और स्वार्थी स्वभाव को प्रकट किया है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

7 वन-सम्पदा धरोहर अपनी,
प्राणि मात्र की रक्षक है।
इसका नाश करेगा जो भी,
मानवता का भक्षक है।

शब्दार्थ : वन-सम्पदा = वनों की दौलत। धरोहर = विरासत। प्राणि मात्र = सब जीवों। रक्षक = रक्षा करने वाला। मानवता = इन्सानियत। भक्षक = खाने वाला।

प्रसंग : प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के रचयिता डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि वन हमें विरासत में मिली एक महान् दौलत हैं। वनसम्पदा जीव मात्र की रक्षा करती है। जो भी इसे नष्ट करेगा, वह इन्सानियत का भक्षक होगा। भाव है कि वन-सम्पदा हमारी धरोहर है, इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्त्तव्य है।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ काटने वालों को बुरा माना है।
  2. भाषा सरल, सरस और सहज है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 5 पेड़

8 रंग-बिरंगे गंध भरे,
फूलों की भाषा में स्वागत।
पाना है तो पेड़ उगाओ,
ये विभूतियाँ बिन लागत।

शब्दार्थ : गन्ध = खुशी। स्वागत = आने पर खुशी। विभूतियाँ = सम्पत्तियाँ।

प्रसंग:
प्रस्तुत अवतरण ‘पेड़’ नामक कविता से लिया गया है। इसके कवि डॉ० योगेन्द्र बख्शी हैं। कवि ने पेड़ों के महत्त्व को इस माध्यम से प्रकट किया है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि पेड़ विविध रंगों वाले हैं, जो खुशबू से भरे रहते हैं। ये अपने फूलों की भाषा में सबका स्वागत करते हैं। यदि बिना मूल्य दिए बहुमूल्य दौलत प्राप्त करनी है तो सबको मिलकर पेड़ लगाने चाहिए। भाव है कि पेड़ मानव जाति की अमूल्य सम्पत्ति हैं, सभी को पेड़ लगाने चाहिए।

विशेष:

  1. कवि ने पेड़ों की उपयोगिता के कारण इन्हें उगाने की प्रेरणा दी है।
  2. भाषा सरल और सरस है।

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पेड़ Summary

पेड़ कविता का सार

‘पेड़’ डॉ० योगेन्द्र बख्शी के द्वारा रचित कविता है। इसमें कवि ने पेड़ों की महिमा का गान किया है। पेड़ पर्यावरण की रक्षा करते हैं। इन्हीं से वायु स्वच्छ होती है। संसार को धुएँ और धूल से दूर करके यही रोगों से मुक्ति दिलाते हैं। पेड़ हरियाली लाते हैं। यही वर्षा लाते हैं और अन्न पैदा करते हैं। झुलसती गर्मी में ये पथिकों को छाया प्रदान करते हैं। हमें मधुर फल भी पेड़ से प्राप्त होते हैं। पेड़ ही जीव-जन्तुओं और पक्षियों को सहारा देते हैं। पर्यावरण को स्वच्छ बनाकर सभी प्राणियों को सुख पहुँचाते हैं। पीपल, बरगद युगों से हकीम बन कर प्राणियों के रोग दूर करते आए हैं। नीम अनेक रोगों को दूर करता रहा है और वह हमारा बड़ा चिकित्सक सिद्ध होता है। पेड़ तो सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी के समान है। मनुष्य की लोभी नज़रें इसी पर कुल्हाड़ा चला रही हैं। वन-सम्पदा को जो भी नष्ट करता है, वह मानवता का भक्षक है। पेड़ धरती की विभूतियाँ हैं। इनकी रक्षा करना सबका कर्त्तव्य है।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 4 कश्मीर यात्रा

Hindi Guide for Class 8 PSEB कश्मीर यात्रा Textbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ

ग्रीष्मावकाश = गर्मियों की छुट्टियाँ
अचानक = एकाएक
सौन्दर्य = सुन्दरता
मध्य = बीच में
पर्वतीय = पहाड़ी क्षेत्र
पर्यटन स्थल = वह स्थान जहाँ यात्री घूमने आते हैं।
खूबसूरत = सुन्दर
अनुभूति = महसूस होना
आजीविका = रोजगार
पर्यटक = सैलानी
सुरम्य = सुन्दर
नौका-विहार = किश्ती से सैर
रौनक = गहमागहमी, चहलकदमी
प्रतिबिम्ब = परछाई
वास्तव में = सच में
मशहूर = प्रसिद्ध
सूर्योदय = सूरज का चढ़ना
मनोहारी = मन हरने वाला
सूर्यास्त = सूर्य का डूबना
व्यञ्जन = खाद्य
पदार्थ सीढ़ीनुमा = सीढ़ी जैसा
हिमक्रीड़ा = बर्फ के खेल
निर्यात = बाहर भेजना
रोमांचकारी = आनन्द दायक
उत्कृष्ट = सबसे अच्छा
धूमिल = ओझल

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

II. शुद्ध करें

श्रृंखला, थित, मुखय, ग्रीष्म अवकाश, हिमकरीड़ा, शोपिंग सैंटर
उत्तर:
श्रृंखला, स्थित, मुख्य, ग्रीष्मावकाश, हिमक्रीड़ा, शॉपिंग सैंटर।

(ख) विषय बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
कश्मीर अन्य पर्वतीय प्रदेशों से किस प्रकार अलग है ?
उत्तर:
कश्मीर में अन्य पर्वतीय प्रदेशों की तरह ढलानों पर घर, बाज़ार नहीं बसे हैं। वे सब इसकी विशाल घाटी में मैदानी क्षेत्र की तरह बने हुए हैं।

प्रश्न (ख)
कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन क्या है ?
उत्तर:
पर्यटन ही कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है।

प्रश्न (ग)
इस प्रदेश की गर्मी और सर्दी की राजधानी के नाम लिखें।
उत्तर:
इस प्रदेश की गर्मी की राजधानी श्रीनगर और सर्दी की जम्मू है।

प्रश्न (घ)
यहाँ पर कौन-कौन सी झीलें हैं ?
उत्तर:
यहां पर डल, वूलर, नगीना आदि झीलें हैं।

प्रश्न (ङ)
यहाँ के लोगों को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
यहां के लोगों को डोगरी कहते हैं।

प्रश्न (च)
यहाँ के कौन-कौन से बाग देखने योग्य हैं ?
उत्तर:
यहां के निशात और शालीमार बाग देखने योग्य हैं।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

प्रश्न (छ)
यहाँ की प्रसिद्ध वस्तुएँ कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर:
पशमीना, अंगोरा, जामावर शाल, कश्मीरी कढ़ाई वाले फरन, गलीचे, केसर, सूखे मेवे, हस्तशिल्प, पेपरमेशी और चमड़े की बनी वस्तुएँ प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न (ज)
यहाँ के लोग अपने आपको ठण्ड से कैसे बचाते हैं ?
उत्तर:
यहां के लोग अपने आपको कहवा, गर्म कपड़ों और कांगड़ी से अपने आपको ठण्ड से बचाते हैं।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
डल झील के सौन्दर्य का वर्णन करें।
उत्तर:
डल झील कश्मीर की शोभा है। इसमें खिले हुए कमल इसकी शोभा को चार चाँद लगा देते हैं। इसमें हाऊस बोट तैरती हुई बहुत सुन्दर लगती है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय आकाश का नारंगी रंग इसे अपने रंग में रंग देता है। रात के समय हाऊस बोटों की बत्तियाँ इसके पानी में झिलमिलाती हुई दिखाई देती हैं तब ऐसा लगता है जैसे आकाश के तारे इसमें जगमगाने लगे हों।

प्रश्न (ख)
मुगल बागों की क्या विशेषता है ?
उत्तर:
कश्मीर के मुगल बाग निशात और शालीमार मुगल बादशाहों ने शाही आरामगाहों के रूप में बनवाये थे। निशात बाग तो डल झील के किनारे बना हुआ है पर शालीमार वहाँ से दस किलोमीटर दूर है। निशात को ‘बागों की रानी’ कहते हैं और शालीमार ‘बागों का राजा’ माना जाता है। इन बागों में चिनार, देवदार और चील के लम्बे-लम्बे पेड़ शोभा देते हैं। सीढ़ीनुमा बागों में रंग-बिरंगे फूल, मखमली घास, आड़, बादाम, चेरी, खुमानी, सेब आदि के फलों से लदे हुए पेड़ अति आकर्षक लगते हैं।

प्रश्न (ग)
हाऊस बोट के बारे में आपने क्या जाना ?
उत्तर:
हाऊस बोट डल झील में तैरती हुई नौकाएं हैं जो किसी होटल के समान ही दिखाई देती हैं। इनमें घर की तरह रसोई, खाने, बैठने और सोने के अलग-अलग कमरे बने होते हैं। इन्हें फूलों से सजाया जाता है। रोशनी की पूरी व्यवस्था इन पर की जाती है। रात के समय इनमें जलने वाली बत्तियाँ पानी में दीपमालिका की तरह जगमगाती हुई बहुत ही सुन्दर लगती हैं। तब ऐसा लगता है जैसे आसमान तारों सहित धरती पर उतर आया हो।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

व्यावहारिक व्याकरण

I. इन मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग करें :

चार चाँद लगाना = …………..
मन मोहित करना = …………..
अपने रंग में रंग लेना = …………..
मनोहारी लगना = …………..
मंत्र मुग्ध करना = …………..
मन मोह लेना = …………..
उत्तर:
1. चार चाँद लगाना = सुन्दरता को बढ़ा देना-विवाह मंडप में मोतियां और गुलाब के फूलों की सुन्दर लड़ियों ने तो चार चांद लगा दिए थे।
2. मन मोहित करना = आकृष्ट करना-श्री कृष्ण की बाँसुरी की मोहक तान ने राधा का मन मोहित कर दिया था।
3. अपने रंग में रंग लेना = पूरी तरह से प्रभावित करना-नवाब को तो अब बाबा जी के उपदेशों ने पूरी तरह अपने रंग में रंग लिया है।
4. मनोहारी लगना = सुन्दर लगना-चांदनी रात में ताजमहल बहुत मनोहारी लगता है।
5. मन्त्र मुग्ध करना = बस में कर लेना, प्रभावित कर लेना-लता मंगेश्कर की मधुर आवाज़ तो सभी को मन्त्र मुग्ध करने की क्षमता रखती है।
6. मन मोह लेना = आकृष्ट कर लेना-तुम्हारे इस सुन्दर नृत्य ने सभी का मन मोह लिया है।

II. वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखें :

1. सूर्य का उदय होना = …………..
2. सूर्य का अस्त होना = …………..
3. गर्मियों की छुट्टियाँ = …………..
4. जहाँ तरह-तरह की वस्तुएं प्रदर्शित की जाएं = …………..
5. आराम करने का स्थान = …………..
6. मनमोहने वाला = …………..
उत्तर
1. सूर्य का उदय होना = सूर्योदय
2. सूर्य का अस्त होना = सूर्यास्त
3. गर्मियों की छुट्टियाँ = ग्रीष्मावकाश
4. जहां तरह-तरह की वस्तुएं प्रदर्शित की जाएं। = प्रदर्शनी
5. आराम करने का स्थान = आरामगाह
6. मन मोहने वाला = मनमोहक

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

III. विपरीतार्थक शब्द लिखें :

दिन = ………………
देश = …………..
विशाल = ………………
सर्दी = ………………
निर्यात = ………………
सुबह = ………………
सूर्योदय = = ………………
दूर = ………………
सरकारी = ………………
उत्तर:
दिन = रात
देश = विदेश
विशाल = संकुचित
सर्दी = गर्मी
निर्यात = आयात।
सुबह = शाम
सूर्योदय = सूर्यास्त
दूर = पास
सरकारी = गैर-सरकारी

IV. इन शब्दों में से विशेषण और विशेष्य अलग करके लिखें :-

शब्द = विशेषण – विशेष्य
पर्वत श्रृंखला = पर्वत , श्रृंखला
पर्वतीय प्रदेश = ………. – ………..
पहाड़ी ढलान = ………. – ………..
विशाल घाटी = ………. – ………..
मैदानी शहर = ………. – ………..
मनमोहक झील = ………. – ………..
सुरम्य वातावरण = ………. – ………..
अद्भुत सौन्दर्य = ………. – ………..
शाकाहारी व्यंजन = ………. – ………..
मुगल उद्यान = ………. – ………..
सीढ़ीनुमा बाग = ………. – ………..
बर्फ की चादर = ………. – ………..
उत्तर:
शब्द – विशेषण – विशेष्य
पर्वत श्रृंखला = पर्वत – श्रृंखला
पर्वतीय प्रदेश = पर्वतीय – प्रदेश
पहाड़ी ढलान = पहाड़ी – ढलान
विशाल घाटी = विशाल – घाटी
मैदानी शहर = मैदानी – शहर
मनमोहक झील = मनमोहक – झील
सुरम्य वातावरण = सुरम्य – वातावरण
अद्भुत सौन्दर्य = अद्भुत – सौन्दर्य
शाकाहारी व्यंजन = शाकाहारी – व्यंजन
मुगल उद्यान = मुगल – उद्यान
सीढ़ीनुमा बाग = सीढ़ीनुमा – बाग
बर्फ की चादर = बर्फ की – चादर

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

V. इन शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखें :

बाग = ………. , ………..
पहाड = ………. , ………..
आजीविका = ………. , ………..
पर्यटक = ………. , ………..
आकाश = ………. , ………..
तारा = ………. , ………..
प्रसिद्ध = ………. , ………..
उत्तर:
बाग = बगीचा , वाटिका
पहाड़ = पर्वत , गिरि
आजीविका = धन्धा , रोज़गार
पर्यटक = घुमक्कड़ , भ्रमणकारी
आकाश = व्योम , नभ
तारा = तारक , नक्षत्र
प्रसिद्ध = मशहूर , विख्यात।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

(घ) रचना बोध

  • इस पत्र को पढ़कर कश्मीर के बारे में दस पंक्तियाँ लिखें।

उत्तर:
हमारे देश भारत के उत्तर दिशा में स्थित कश्मीर राज्य अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसे धरती का स्वर्ग माना जाता है। यह अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की तरह नहीं है क्योंकि इसके घर, दुकानें, संस्थान आदि पहाड़ी ढलानों पर बने हुए नहीं हैं। वे सब मैदानी नगरों की तरह एक बड़ी और अपार सुन्दर घाटी में बने हुए हैं। इसमें जहां सब ओर ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हैं तो दूसरी ओर समतल मैदान हैं जिन पर केसर लहलहाता है। यहाँ शालीमार, निशात और चश्माशाही जैसे सुन्दर बाग हैं जिनसे नज़र हटाने का मन नहीं करता। इनके ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, रंग-बिरंगे फूल और हरी-भरी मखमली घास सभी को अपने पास रोक रखने की अद्भुत प्राकृतिक क्षमता रखते हैं। पीर पंचाल के आंचल में स्थित बेरी नाग, जलस्रोतों का प्राकृतिक स्थल कुक्कर नाग, दूध जैसे पानी से भरी नदी वाला पहलगाम, पर्वतीय शिखर पर बना गुलमर्ग और जादुई भूमि सनासर इसी राज्य की शोभा हैं जो संसारभर में पर्यटकों को अपनी ओर आकृष्ट करते हैं। डल झील, वुल्लर झील और विष्णु पाद झील अपनी सुन्दरता से सब का मन मोह लेती हैं। कश्मीर घाटी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र है। यहाँ की सुन्दरता से मन और तन को अपार सुख प्राप्त होता है।

  • भ्रमण से जहां हमारा ज्ञान बढ़ता है वहीं हमें स्थानीय लोगों की संस्कृति, वेशभूषा, रीति-रिवाज, खान-पान आदि समझने का भी अवसर प्राप्त होता है। यदि आपने किसी अन्य प्रदेश की यात्रा की हो तो अपने अनुभव डायरी में नोट करें।
  • कश्मीर के लोक गीत याद करें और वार्षिक उत्सव या किसी अन्य अवसर पर भाव-भंगिमा के साथ गायें।
  • छुट्टियों में आप अन्य कौन-कौन से काम सीख सकते हैं, उनकी सूची बनायें। जैसे :
  • नृत्य सीखना
  • चटनी, जैम आदि बनाना सीखना
  • चित्रकला सीखना • वस्त्रों की सिलाई करना
  • तैराकी सीखना • कढ़ाई करना
  • योग-आसन करना
  • मिट्टी, पेपरमेशी, पत्थर, लकड़ी आदि से हस्तशिल्प बनाना
  • चारपाई बुनना
  • पेंट-सफेदी करना
  • बिजली का काम
  • खेतीबाड़ी करना
  • जूडो-कराटे सीखना।
  • अपने माता-पिता के द्वारा किए जाने वाले व्यावसायिक कार्य को सीखना

PSEB 8th Class Hindi Guide कश्मीर यात्रा Important Questions and Answers

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
कश्मीर भारत की किस दिशा में है ?
(क) उत्तर
(ख) दक्षिण
(ग) पूर्व …
(घ) पश्चिम।
उत्तर:
उत्तर।

प्रश्न 2.
‘कश्मीर यात्रा’ पत्र किसने गुंजन को लिखा है ?
(क) महक
(ख) सुगन्ध
(ग) खुशबू
(घ) खुशनुमा।
उत्तर:
खुशबू।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

प्रश्न 3.
कश्मीर की कितनी राजधानियाँ हैं ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार।
उत्तर:
दो।

प्रश्न 4.
कश्मीरी लोगों की आजीविका का मुख्य साधन क्या है ?
(क) खेती
(ख) सरकारी नौकरी
(ग) पर्यटन
(घ) दस्तकारी।
उत्तर:
पर्यटन।

प्रश्न 5.
डल झील के किनारे कौन-सा बाग है ?
(क) निशान
(ख) निशात
(ग) निहात
(घ) निहाल।
उत्तर:
निशात।

प्रश्न 6.
कश्मीर की घाटियाँ किससे महकती हैं ?
(क) केवड़े
(ख) केसर
(ग) कमल
(घ) क्यूर।
उत्तर:
केसर।

प्रश्न 7.
कश्मीर का प्रसिद्ध गर्म पेय कौन-सा है ?
(क) चाय
(ख) काफी
(ग) कहवा
(घ) काढ़ा।
उत्तर:
कहवा।

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 4 कश्मीर यात्रा

प्रश्न 8.
कश्मीर में बागों का राजा कौन-सा बाग है ?
(क) निशात
(ख) शालीमार
(ग) शालीन
(घ) निस्बत।
उत्तर:\
शालीमार।

प्रश्न 9.
कश्मीर में बागों की रानी किस बाग को कहते हैं ?
(क) निकहत
(ख) निशात
(ग) निहाल
(घ) निस्बत।
उत्तर:
निशात।

प्रश्न 10.
जाड़े से बचने के लिए कश्मीरी अपने साथ क्या रखते हैं ?
(क) काँवड़ी
(ख) काँगड़ी
(ग) काँखड़ी
(घ) काँघड़ी।
उत्तर:
काँगड़ी।

प्रश्न 11.
कश्मीर के लोगों को क्या कहते हैं ?
(क) कश्मीरी
(ख) कह्वा
(ग) शालीमार
(घ) डोगरी।
उत्तर:
कश्मीरी।

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कश्मीर यात्रा Summary

कश्मीर यात्रा पाठ का सार

‘कश्मीर यात्रा’ नामक पाठ पत्र-शैली में लिखा गया है। जालन्धर में रहने वाली एक लड़की खुशबू ने अपनी सहेली गुंजन को गर्मी की छुट्टियों में की गई अपनी कश्मीर-यात्रा का वर्णन एक पत्र में किया है। कश्मीर ग्रेट हिमालयन रेंज और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित एक सुन्दर पर्वतीय प्रदेश है। यह एक विशाल घाटी के बीचो-बीच स्थित है। इसलिए इसके घर, बाज़ार आदि पहाड़ी ढलानों पर नहीं बने हुए हैं। यह मैदानी शहरों जैसा ही लगता है। गर्मियों में यहाँ का मौसम बहुत सुहावना होता है और सर्दियों में हर तरफ बर्फ की चादर बिछी होती है। पतझड़ आने पर चिनार के पेड़ों का सुनहरा सौन्दर्य सभी का मन मुग्ध कर देता है। कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर है और सर्दियों की जम्मू। कश्मीर झीलों और बागों का प्रदेश है। डल, वूलर, नगीना आदि इसकी प्रसिद्ध झीलें हैं जो कमल के फूलों से सजी-संवरी प्रतीत होती हैं। डल झील पर सुबह से शाम तक रौनक छाई रहती है। पर्यटक प्रायः हाऊसबोट पर ठहरना पसन्द करते हैं जिनमें घर की तरह सब सुख-सुविधाएं होती हैं। इनसे झील की सुबह, दोपहर, शाम और रात की सुन्दरता झिलमिलाती-सी दिखाई देती रहती है। रात के समय हाऊसबोटस में जगमगाती रोशनियां इसके जल में ऐसे लगती हैं जैसे आकाश के तारे झील के जल में उतर आए हों। झील के बीचों-बीच एक छोटे से टापू पर नेहरू पार्क बना हुआ है। यहाँ से दूर-दूर का दृश्य बहुत सुन्दर लगता है। यहाँ के लोगों को डोगरी और उनकी भाषा को कश्मीरी कहते हैं। ये बहुत अच्छे मेहमाननवाज़ होते हैं। मुगल-उद्यान निशात बाग डल झील के किनारे बना हुआ है। इसे बागों की रानी कहते हैं। शालीमार बाग यहाँ से दस किलोमीटर दूर है। उसे बागों का राजा कहते हैं। ये बाग अपनी सुन्दरता से सभी के मन को मोह लेते हैं। कश्मीर में केसर बहुत उगता है। इसीलिए इसे ‘केसर की क्यारी’ कहते हैं। संसार का सबसे ऊँचा गोल्फ कोर्स भी यहीं है। सर्दियों में यहीं हिमक्रीड़ा और स्कीइंग के शौकीन अपना शौक पूरा करते हैं। कड़ाके की सर्दी को दूर करने के लिए यहाँ का कहवा बहुत प्रसिद्ध है। हमने सरकारी एम्पोरियम हस्तकला प्रदर्शनी और लाल चौंक शॉपिंग केन्द्र से अनेक वस्तुएँ भी खरीदी। यहाँ के लोग सुन्दर, आकर्षक और लम्बे कद के हैं। युवक प्रायः पठानी सूट और युवतियाँ कश्मीरी कढ़ाई वाले पोंचू या फरन पहनती हैं। यहाँ की सुन्दरता के चित्र देखकर ही मन में धरती के स्वर्ग की सैर करने की इच्छा जाग जाती है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Vakyansh ke Lie Ek Shabd वाक्यांशों के लिए एक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar वाक्यांशों के लिए एक शब्द

1. जो कभी जन्म न ले – अजन्मा, अज
2. जो कभी दिखाई न दे – अदृश्य
3. जो पढ़ा हुआ न हो – अनपढ़
4. जिसका भाग्य खराब हो – अभागा
5. जिसका आदि न हो – अनादि
6. जो धर्म को न माने – अधर्मी
7. अन्याय करने वाला – अन्यायी
8. जो कुछ भी न जानता हो – अज्ञानी , अगण्य
9. जो गिना जा सके – अगणित – अगम्य, अगम
10. जहाँ कोई जा न सके – अजातशत्रु

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

11. जिसका कोई शत्रु पैदा न हुआ हो – अचूक
12. जिसका वार खाली न जाए, अवश्य फल दे – अमोघ
13. जो परीक्षा में पास न हो – अनुत्तीर्ण
14. कम जानने वाला – अल्पज्ञ
15. जो बिना वेतन के काम करे – अवैतनिक
16. जो दूर की न सोचे – अदूरदर्शी
17. जिसका अन्त न हो – अनन्त
18. जो कभी न मरे – अमर
19. जो कभी बूढ़ा न हो। – अजर
20. जिसको कोई जीत न सके – अजेय
21. जो खाने के योग्य न हो – अभक्ष्य
22. जिस पर विश्वास न किया जा सके – अविश्वसनीय
23. जो क्षमा के योग्य न हो – अक्षम्य
24. बिना सोच-समझे किया जाने वाला विश्वास – अन्धविश्वास

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

25. जो कानून के प्रतिकूल हो – अवैध
26. जो अनुकरण करने के योग्य हो – अनुकरणीय
27. जिस पर मुकद्दमा चल रहा हो – अभियुक्त
28. जो पहले कभी न देखा गया हो – अदृष्टपूर्व
29. जिसके समान दूसरा कोई न हो – अद्वितीय
30. जिसका अंग भंग हो गया हो – अपाहिज
31. जो पहले कभी न हुआ हो – अभूतपूर्व
32. जो राज नियमों का विरोधी हो – अराजकतावादी
33. जो मनुष्य से न हो सके – अमानवीय
34. जो बात अवश्य होकर रहे – अनिवार्य, अवश्यम्भावी
35. जो मनुष्यता से दूर हो – अमानुषिक
36. जहाँ विशेष नियम लागू न हो – अपवाद
37. जो वध करने के योग्य न हो – अवध्य
38. जिसकी तुलना न की जा सके – अतुलनीय
39. जिसके माता-पिता मर चुके हों – अनाथ
40. जिसके निवास का किसी को पता न हो – अज्ञातवास
41. जिसका इलाज न हो सके – असाध्य
42. नजिसका कोई पार न हो – अपार
43. जिसकी थाह न पाई जा सके – अथाह
44. जो ईश्वर को मानता हो – आस्तिक
45. जो सारे जन्म तक हो – आजन्म

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

46. जो अपने पर बीती हो – आपबीती
47. जिसने आशा का आश्रय लिया हो – आशावादी
48. आकाश से सुनाई देने वाली आवाज़ – आकाशवाणी
49. जो अपनी हत्या स्वयं करना चाहे – आत्मघाती
50. आज्ञा पालन करने वाला – आज्ञाकारी
51. जिसे दिखाई न दे – अन्धा
52. जो कभी न मिटे – अमिट
53. अत्याचार करने वाला – अत्याचारी
54. इच्छा होने पर मृत्यु होना – इच्छा मरण
55. इतिहास को जानने वाला – इतिहासज्ञ
56. ऊपर कहा गया – उपर्युक्त
57. जिसने ऋण चुका दिया हो – उऋण
58. इतिहास से सम्बन्ध रखने वाली – ऐतिहासिक
59. किसी के उपकार को मानने वाला – कृतज्ञ
60. जो बुरे रास्ते पर चलता हो – कुमार्गगामी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

61. जो काम करने से दिल चुराए – कामचोर
62. कुरु के वंश में उत्पन्न होने वाला – कौरव
63. जो किए हुए उपकार को भूल जाए – कृतघ्न
64. जो काम करने वाला हो – कर्मठ
65. उच्च वंश में उत्पन्न हुआ – कुलीन
66. आकाश में चलने वाला – खग
67. जो निरन्तर घूमता रहे – घुमक्कड़
68. दूसरों का उपचार करना – चिकित्सा
69. घोड़ा बाँधने का स्थान – अस्तबल
70. जिसकी चार भुजाएँ हों – चतुर्भुज
71. छात्रों की पढ़ाई के लिए मिलने वाला धन – छात्रवृत्ति
72. जिसके मुँह से आग निकलती हो – ज्वालामुखी
73. जल में रहने वाला या घूमने वाला – जलचर
74. तीन महीनों बाद आने वाली – त्रैमासिक

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

75. जो काम करने में कठिन हो – दुष्कर
76. जो कठिनाई से समझा जाए – दुर्बोध
77. प्रतिज्ञा पूरी करने वाला – दृढ़-प्रतिज्ञ
78. जिसका आचरण गन्दा हो – दुराचारी
79. जहाँ कठिनता से पहुँचा जाए – दुर्गम
80. जिसमें दया हो – दयालु
81. जो दूर की बात सोचता हो – दूरदर्शी
82. जो प्रतिदिन होता हो – दैनिक
83. जो दर्शनों का अभिलाषी हो – दर्शनाभिलाषी
84. जो दूध के अतिरिक्त कुछ न पीता हो – दुग्धाहारी
85. पति और पत्नी का जोड़ा – दम्पत्ति
86. जो हर काम में देर करता हो – दीर्घसूत्री
87. जो कठिनाई से मिले – दुर्लभ
88. जानने की इच्छा रखने वाला – जिज्ञासु
89. जो दर्शन शास्त्र का ज्ञाता हो – दार्शनिक
90. जो सम्पत्ति दूसरे के पास रखी जाए – धरोहर

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

91. धनुष चलाने की विद्या। – धनुर्विद्या
92. धर्म का उपदेश देने वाला – धर्मोपदेशक
93. जो मांस न खाता हो – (शाकाहारी) निरामिष
94. जिसे कोई रोग न हो – नीरोग
95. जिसका कोई आकार न हो – निराकार
96. जो बिना आश्रय के ठहरे – निराधार
97. जिसने अपराध न किया हो – निराधार
98. धन न होने का भाव – निर्धनता
99. विघ्नों से रहित – निर्विन
100. जिसके हाथ में कोई शस्त्र न हो – निःशस्त्र
101. जो ईश्वर में विश्वास न करता हो – नास्तिक
102. नीति को जानने वाला – नीतिज्ञ
103. जो दूसरों की निन्दा करता है – निन्दक
104. जिसको कोई चिन्ता न हो – निश्चिन्त
105. जिसमें दया न हो – निर्दय

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

106. जिसमें कोई रस न हो – नीरस
107. जो किसी बात की लज्जा न करता हो – निर्लज्ज
108. जो नगर में रहे – नगरीय
109. जो (स्त्री) पति भक्त हो – पतिव्रता
110. जो दूसरों की प्रशंसा करता है – प्रशंसक
111. जो आँखों के सामने हो – प्रत्यक्ष
112. जो आँखों के पीछे हो – परोक्ष
113. जो पन्द्रह दिन में एक बार हो – पाक्षिक
114. जो दूसरों का भला करे – परोपकारी
115. जो बहुत खाने वाला हो – पेटू
116. जिस पर मुकद्दमा चलाया जाना है – प्रतिवादी
117. जो बाप-दादाओं से मिली हुई हो – पैतृक
118. बुद्धि ही जिसकी आँखें हों – प्रज्ञाचक्षु
119. केवल फल खाने वाला – फलाहारी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

120. बहुत कुछ जानने वाला – बहुज्ञ
121. जो अनेक रूप धारण कर सकता हो – बहुरूपिया
122. जिसके जानने वाले बहुत हों – बहुपरिचित
123. भयानक प्रतिज्ञा करने वाला – भीष्म-प्रतिज्ञ
124. जो मीठा बोलने वाला हो – मधुरभाषी
125. जो मोक्ष की इच्छा रखता हो – मुमुक्षु
126. मांस खाने वाला – मांसाहारी
127. जिसकी आत्मा महान् हो – महात्मा
128. सोच-समझ कर खर्च करने वाला – मितव्ययी
129. जो थोड़ा बोलने वाला हो – मितभाषी
130. जो मान करने के योग्य हो
131. जो एक मास में होता हो – मासिक
132. जो किसी की अपनी सूझ से बना हो – मौलिक
133. राजा का उत्तराधिकारी – युवराज
134. युग का परिवर्तन करने वाला – युग-प्रवर्तक

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

135. जिस नगर में राज्य का शासन होता है – राजधानी
136. रक्षा करने वाला व्यक्ति – रक्षक
137. जो वस्तु थोड़े समय के लिए किसी के पास गिरवी रखी हो। – रेहन
138. जिससे कुछ लाभ प्राप्त हो – लाभदायक
139. जिसको लज्जा आ गई हो – लज्जित
140. जिसकी पत्नी मर गई हो – विधुर
145. जिसका पति मर गया हो – विधवा
146. जिस पर विश्वास किया जा सके – विश्वसनीय
147. जो मारने के योग्य हो – वध्य
148. जिस स्त्री में सन्तान उत्पन्न करने की क्षमता न हो – बन्ध्या
149. विष से भरा हुआ – विषैला
150. सांसारिक ऐश्वर्य में लीन रहने वाला – विलासी
151. जो व्यक्ति बहुत बोलने वाला हो – वाचाल
152. जो वर्ष में एक बार हो – वार्षिक
153. केवल सब्जी खाने वाला – शाकाहारी
154. शिशु होने का भाव – शैशव

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

155. जिसका पति जीवित हो – सधवा
156. जो अपने आप उत्पन्न हो – स्वयंभू
157. जो अपना मतलब सिद्ध करे – स्वार्थी
158. जिसमें सहन शक्ति हो – सहिष्णु, सहनशील
159. जो सप्ताह में एक बार हो – साप्ताहिक
160. जो रोग एक से दूसरे में फैलने वाला हो – संक्रामक
161. जो अच्छे आचरण वाला हो – सदाचारी
162. जिसकी शक्ल हो। – साकार
163. जो सब कुछ जानने वाला हो – सर्वज्ञ
164. सब को समान समझने वाला – समदर्शी
165. जो साथ पढ़ता हो – सहपाठी
166. जो आसानी से मिल सके – सुलभ

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वाक्यांशों के लिए एक शब्द

167. समाज का सुधार करने वाला – समाज-सुधारक
168. जिसमें सब प्रकार की शक्ति हो – सर्वशक्तिमान्
169. जो साफ़ कहने वाला हो – स्पष्टवादी
170. जो सब जगह फैला हुआ हो – सर्वव्यापक
171. जो स्वयं सेवा करने वाला हो – स्वयंसेवक
172. जो समाचार देता हो – संवाददाता
173. जो निडरता से कार्य करे – साहसी
174. जो सबसे उत्तम हो – सर्वोत्तम
175. जिसकी आशा टूट चुकी हो – हताश
176. जो भावी उन्नति की सूचना देने वाला हो – होनहार
177. जिसे सुनकर हृदय के टुकड़े-टुकड़े हो जाएँ – हृदय-विदारक
178. जो हृदय को छूने वाला हो – हृदयस्पर्शी
179. पाँच नदियों का संगम – पंचतरणी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Samocharit Bhinnarthak Shabd समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

1. अभ्यास-आभास
अभ्यास = आदत-प्रातः शीघ्र उठने का अभ्यास डालें।
आभास = झलक-परिस्थितियों से ऐसा आभास मिलता है कि चुनाव होंगे।

2. अनल-अनिल
अनल = आग-अनल में हाथ क्यों डालते हो ?
अनिल = हवा-धीमी-धीमी अनिल बह रही है।

3. अभिराम-अविराम
अभिराम = सुन्दर-यह दृश्य कितना अभिराम है।
अविराम = लगातार-सफलता के लिए अविराम परिश्रम करो।

अचर-अचिर
अचर = जड़-संसार में चर भी है और अचर भी।
अचिर = शीघ्र-यहाँ से अचिर चले जाओ।

5. अचल-अचला
अचल = पर्वत-हिमालय अचल है।
अचला = पृथ्वी-पृथ्वी को अचला भी कहते हैं।

6. अवलम्ब-अविलम्ब
अवलम्ब = सहारा-अहिंसा ही महात्मा गाँधी का अवलम्ब था।
अविलम्ब = बिना देर किए-आप इस काम को अविलम्ब निपटा कर घर जाइए।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

7. अम्बर-अम्बार
अम्बर = आकाश-अम्बर में काले बादल छाए हुए हैं।
अम्बार = ढेर-बाग में जगह-जगह पत्तों के अम्बार लगे हुए हैं।

8. अपर-अपार
अपर = दूसरा-अपर व्यक्ति को बुलाओ।
अपार = असीम-ईश्वर की महिमा अपार है।

9. आसन्न-आसन
आसन्न = निकट-आसन्न ही मेरी कुटिया है।
आसन = बैठने की चटाई आदि-मेरे आसन से उठ जाओ।

10. अपमान-उपमान
अपमान = निरादर-किसी का अपमान न करो।
उपमान = जिससे तुलना की जाए-तुम्हारी अंगूठी का कोई उपमान नहीं है।

11. आदि-आदी
आदि = आरम्भ-आदिकाल से ही भारत विश्व में जगत्गुरु माना जाता है।
आदी = अभ्यस्त-मैं झूठ बोलने का आदी महीं हूँ।

12. अपेक्षा-उपेक्षा
अपेक्षा = तुलना, आवश्यकता-मोहन की अपेक्षा सोहन चालाक है।
उपेक्षा = लापरवाही-पढ़ाई में कभी उपेक्षा न दिखाओ।

13. आकर-आकार
आकर = भण्डार, खजाना-समुद्र रत्नों का आकर है।
आकार = रूप, फैलाव-यह शीशा बड़े आकार का है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

14. उत्तर-उतर
उत्तर = दिशा-हिमालय भारत के उत्तर में स्थित है।
उतर = उतरने की क्रिया-चलती गाड़ी से मत उतर।

15. उदार-उधार
उदार = विशाल दिल-हमारे सभी अध्यापक बड़े उदार हैं।
उधार = कर्ज़-कभी उधार न लो।

16. उदर-उधर
उदर = पेट-कई लोग खा-पीकर उदर पर हाथ फेरते हैं।
उधर = तरफ-उधर मत जाओ, वहाँ दंगा हो रहा है।

17. ओर-और
ओर = तरफ-उस ओर मत जाइए।
और = तथा-मैं और मोहन कल दिल्ली जाएँगे।

18. कृपण-कृपाण
कृपण = कंजूस-कृपण व्यक्ति से दान की आशा करना व्यर्थ है।
कृपाण = तलवार-अब अपनी कृपाण निकालो।

19. कलि-कली
कलि = एक युग का नाम-महाभारत के युद्ध के बाद कलियुग प्रारम्भ हो गया था।
कली = फूल की डोडी-कली को मत तोड़ो।

20. कुल-कूल
कुल = वंश-मोहन अच्छे कुल का बालक है।
कूल = किनारा-नदी का कूल बड़ा सुहावना है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

21. कपट-कपाट
कपट = छल-अपने दिल में कपट न रखो।
कपाट = किवाड़-कपाट खोल दो।

22. कर्ण-करुण
कर्ण = कान-अपने कर्ण पकड़ो।
करुण = दयालु-ईश्वर बड़ा करुण है।

23. कर्म-क्रम
कर्म = काम-हमेशा श्रेष्ठ कर्म करो।
क्रम = सिलसिला, तरतीब-पुस्तकों को क्रम से रखो।

24. ग्रह-गृह
ग्रह = नक्षत्र-नव ग्रह की पूजा करो।
गृह = घर–मेरा गृह निकट ही है।

25. चर्म-चरम
चर्म = चमड़ा-चर्म उद्योग विकसित हो रहा है।
चरम = अन्तिम-आपके जीवन का चरम लक्ष्य क्या है ?

26. चपल-चपला
चपल = चंचल-रमाकान्त बड़ा चपल बालक है।
चपला = बिजली-आकाश में चपला चमक रही है।

27. चरित-चरित्र
चरित = जीवन कथा-महापुरुषों के जीवन-चरित से हमें शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
चरित्र = आचरण-मनुष्य का चरित्र ही उसके व्यक्तित्व का दर्पण है।

28. चिर-चीर
चिर = पुराना-चिरकाल से आपका कोई पत्र नहीं मिला।
चीर = वस्त्र-दुर्योधन ने द्रौपदी का चीर-हरण करवाया।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

29. चिता-चिन्ता
चिता = बेटे ने अपने पिता की चिता को आग दी।
चिन्ता = चिन्ता करने से कुछ नहीं होता।

30. छत्र-छात्र
छत्र = छाता-छत्र वर्षा से बचाता है।
छात्र = विद्यार्थी-कुसंगति छात्र चरित्र को नष्ट कर देती है।

31. जगत्-जगत
जगत् = संसार-इस जगत् में अद्भुत जीव-जन्तु निवास करते हैं।
जगत = कुएँ का चबूतरा-कुएँ की जगत् पक्की ईंटों की बनी हुई थी।

32. जलज-जलद
जलज = कमल-सरोवर में चारों ओर जलज खिले हुए हैं।
जलद = बादल-जलद के उमड़ आने पर मोर नाचने लगते हैं।

33. दस-दंश
दस = दस-संस्कृत में दस तक गिनो।
दंश = डंक-साँप ने दंश मारा।

34. दिन-दीन
दिन = दिवस-आज कौन-सा दिन है।
दीन = निर्धन-उस दीन पर दया करो।

35. दुर-दूर
दुर = दुर वचन मत बोलो।
दूर = उसकी पहुँच बहुत दूर तक है।

36. है-हैं
है = वह रोज़ सैर को जाता है।
हैं = यहाँ बड़े-बड़े लोग बैठे हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

37. धुन-धन
धुन = दृढ़ विचार-कर्मठ व्यक्ति धुन का पक्का होता है।
धन = द्रव्य-आज के युग में धन की बड़ी महत्ता है।

38. धेनु-धनु
धेन = गाय-विदेशी नस्ल की धेनु बहुत दूध देती है।
धनु = धनुष-अर्जुन धनु-विद्या में बहुत प्रवीण था।

39. निधन-निर्धन
निधन = देहान्त-लम्बी बीमारी के पश्चात् उसका निधन हो गया।
निर्धन = ग़रीब-मोहन निर्धन माँ-बाप का बेटा है।

40. नीर-नीड़
नीर = जल-सदैव स्वच्छ नीर पीना चाहिए।
नीड़ = घोंसला-कुछ पक्षी सुन्दर नीड़ बनाते हैं।

41. पक्ष-पक्षी
पक्ष = पंख-पक्ष के बिना पक्षी उड़ नहीं सकते।
पक्षी = खग-आकाश में पक्षी उड़ते हैं।

42. परिणाम-परिमाण-प्रमाण
परिणाम = नतीजा-परीक्षा परिणाम कब निकलेगा ? परिमाण = मात्रा–भौतिक पदार्थों का परिमाण बताना मुश्किल है।
प्रमाण = सबूत-पुलिस को चोरी का कोई प्रमाण नहीं मिला।

43. बात-वात
बात = बातचीत-मुझे झूठी बात कभी अच्छी नहीं लगती।
वात = हवा-कई लोग वात रोग से पीड़ित रहते हैं।

44. मूल-मूल्य
मूल = जड़-इस पेड़ का मूल बड़ा मज़बूत है।
मूल्य = कीमत-इस पुस्तक का कितना मूल्य है ?

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

45. में-मैं
में = अन्दर-घड़े में पानी कम था।
मैं = निजवाचक-मैं आपको नहीं जानता।

46. रक्त-रिक्त
रक्त = खून-उसके घुटनों से रक्त बह रहा है।
रिक्त = खाली-अभी यह स्थान रिक्त है।

47. लक्ष-लक्ष्य
लक्ष = लाख-मेरे पास एक लक्ष रुपए हैं।
लक्ष्य = उद्देश्य-आपके जीवन का लक्ष्य क्या है ?

48. वक्ष-वृक्ष
वक्ष = छाती-दण्ड बैठक से वक्ष सुडौल बनता है।
वृक्ष = पेड़-नीम का वृक्ष जलवायु को शुद्ध करता है।

49. वसन-व्यसन
वसन = कपड़ा-सदा स्वच्छ वसन पहनने चाहिएँ।
व्यसन = बुरी आदत-आलोक को सिगरेट का व्यसन है।

50. शुल्क-शुक्ल
शुल्क = फीस-शुल्क क्षमा करवाने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखो।
शुक्ल = वह शुक्ल पक्ष की नवमी को पैदा हुआ था।

51. सम्मान-समान-सामान
सम्मान = आदर-सबका सम्मान करो।
समान = बराबर-उसके समान कोई नहीं है।
सामान = चीजें-यह किसका सामान है ?

52. सुत-सूत
सुत = पुत्र-अपना सुत सबको प्यारा होता है।
सूत = धागा-बुढ़िया सूत कात रही है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran समोच्चरित-भिन्नार्थक शब्द

53. सर-शर
सर = तालाब-सर में कमल खिले हैं।
शर = तीर-यह शर बड़ा तेज़ है।

54. समिति-सम्मति
समिति = सभा-जगदेव लोक सेवा समिति का सदस्य है।
सम्मति = सलाह-राम और कृष्ण आपस में एक-दूसरे की सम्मति से काम करते हैं।

55. मास-मांस
मास = महीना-बसन्त मास आरम्भ हो गया है।
मांस = मीट-मांस खाने से हमें परहेज करना चाहिए।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Paryayvachi ya Samanarthak Shabd पर्यायवाची या समानार्थक शब्द Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

अंग = शरीर, काया, अवयव, वपु, तनु, कलेवर, देह।
अग्नि = हुताशन, वह्नि, अनल, पावक, शिखी, दहन, ज्वाला।
अनुपम = अद्भुत, अद्वितीय, अनोखा, अपूर्व, अनूठा।
अपमान = अनादर, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर।
अथ = आरम्भ, प्रारम्भ, श्रीगणेश।
अमृत = सुधा, पीयूष, अमिय, सोम।
अरण्य = जंगल, वन, विपिन, कान्तार; गहन, कानन, अटवी।
अच्छा = सुष्ठू, शुभ, श्रेष्ठ, शोभन, सुन्दर।।
असुर = राक्षस, दैत्य, सुररिपु, दानव, दनुज, इन्द्रारि, निशाचर।
अन्धकार = तम, तिमिर, तमिस, तमर, अन्धेरा।
अश्व = घोड़ा, वाहन, हत, बाजी, घोटक, सैन्धव, तुरंग, गन्धर्व।
आयुध = हथियार, शस्त्र, अस्त्र।
आनन्द = मोद, प्रमोद, हर्ष, आमोद, सुख, विहार, प्रसन्नता।
आँख = नेत्र, चक्षु, नयन, लोचन, अक्षि।
आकाश = व्योम, गगन, अम्बर, नभ, आसमान, अनन्त ।
आभूषण = अलंकार, भूषण, आभरण, गहना।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

आम = आम्र, रसाल, फलराज।
इनाम = पुरस्कार, पारितोषिक, प्रीतिकर, आनन्दकर।
इच्छा = अभिलाषा, चाह, मनोरथ, कामना, लिप्सा, लालसा।
इन्द्र = देवेन्द्र, सुरेन्द्र, सुरपति, पुरन्दर, देवराज, शचीपति।
ईश्वर = ईश, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु, भगवान्, जगदीश।
ऊषा = प्रभात, सवेरा, अरुणोदय, निशान्त।
उदर = पेट, जठर।
उत्पन्न = पैदा, उद्भूत, आविर्भाव, प्रार्भूत।
उन्नति = उदय, वृद्धि, उत्कर्ष, उत्थान ।
उद्यम = प्रयास, प्रयत्न, यत्न, पुरुषार्थ, उद्योग।
उद्देश्य = मकसद, लक्ष्य, ध्येय, इष्ट, तात्पर्य।
उपकार = हित, भलाई, नेकी, भला।
कंचन = सोना, स्वर्ण, कुन्दन, हेम।
कपड़ा = वस्त्र, अम्बर, पट, वसन, परिधान।
कमल = अरविन्द, जलज, नलिन, पंकिज, सरोज, नीरज।
कान = कर्ण, श्रोत, श्रवण।
किनारा = तट, तीर, कूल, पुलिन।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

किरण = रश्मि, अंशु, मरीची, मयूख, कर।
केश = बाल, अलक, कच, कुन्तल।
कत्ता = कुक्कर, श्वान, सारमेय।
कोयल = पिक, कोकिल, परभृत।
कृपा = अनुग्रह, दया, अनुकम्पा।
कृष्ण = वासुदेव, गोपाल, गिरधर, केशव, कंसारि।
क्रोध = गुस्सा, रोष, कोष आमर्ष ।
खून = रक्त, रुधिर, लहू।
गणेश = गणपति, भालचन्द्र, लम्बोदर, गजानन।
गंगा = भागीरथी, देवनदी, सुरसरी, मन्दाकिनी, नदीश्वरी।
गौ = गाय, सुरभि, धेनु।
घर = गृह, सदन, निकेतन, भवन, आवास, आलय, शाला।
घन = बादल, मेघ, अभ्र।
चन्द्रमा = शशि, चन्द्र, राकेश, इन्दु, चाँद, सोम, सुधाकर।
चांदनी = ज्योत्सना, चन्द्रिका, कौमुदी, चन्द्रमरीची।
जल = वारि, नीर, पानी, पय, रस, जीवन।
जीभ = जिह्वा, रसना, रसज्ञा, रसा।
जूता = चरणदास, जूता, जोड़ा, पदत्र, पादत्राण।
तलवार = खड्ग, कृपाण, असि, शमशीर, करवाल।
तरंग = लहर, ऊर्मि, वीचि, हिलोर।
तालाब = सर, सरोवर, तड़ाग, जलाशय, ताल, पोखर।
तारा = नक्षत्र, तारक, ऋक्ष, नखत।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

तीर = बाण, शर, सायक, शिलीमुख।
दन्त = दांत, दशन, रद्, द्विज, दश।
दास = भृत्य, नौकर, सेवक, अनुचर, परिचारक।
दिवस = दिन, वार, वासर, अह्न।
देवता = सुर, अमर, देव, निर्जर, गीर्वाण, आदित्य।
दुःख = पीड़ा, कष्ट, व्यथा, विषाद, यातना, वेदना।
दुनिया = विश्व, संसार, जगत्, जग, भूमण्डल।
दूध = दुग्ध, पय, गोरस, स्तन्य।
धनुष = धनु, कोदण्ड, चाप, कमान, शरासन।
धन = द्रव्य, अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, लक्ष्मी।
नदी = सरिता, तरंगिणी, जलमाला, तटिनी।।
नारी = स्त्री, कामिनी, महिला, अबला, वनिता, भामिनी, ललना।
नमस्कार = प्रणाम, अभिवादन, वंदन।
निपुण = चतुर, कुशाल, पटु, प्रवीण, चालाक।
निर्धन = ग़रीब, दरिद्र, रंक।
नौका = नाव, तरिणी, जलयान, बेड़ा, पतंग, तरी।
पण्डित = विद्वान्, प्राज्ञ, बुद्धिमान्, धीमान्, धीर, सुधी।
पवन = हवा, वायु, समीर, अनिल, प्रकम्पन।
पक्षी = खग, नभचर, विहग, विहंगम, खेचर।
पत्नी = वधू, गृहिणी, स्त्री, प्राणप्रिया, अर्धांगिनी, भार्या।
पति = स्वामी, नाथ, वर, कान्त, प्राणनाथ, आर्य, ईश।
पराग = पुष्पराज, कुसुमराज, पुष्पधूलि।
पर्वत = गिरी, पहाड़, शैल, अचल, नग।
पिता = जनक, बाप, तात।
पुत्र = सुत, बेटा, लड़का, पूत, तनय।
पुत्री = सुता, बेटी, लड़की, नन्दिनी, तनया।
पुरुष = आदमी, मनुष्य, नर।
पत्थर = पाषाण, वज्र, पाहन, उपल, शिला।
पुष्प = कुसुम, सुमन, फूल, मंजरी, प्रसून।
प्रसिद्ध = मशहूर, प्रख्यात, विख्यात।
पृथ्वी = भू, भूमि, धरणी, वसुधा, धरिनी।
प्रकाश = उजाला, ज्योति, प्रभाष, विभा, आलोक।
बसन्त = मधु, ऋतुराज, कुसुमाकर, मधुमास।
बन्धु = सखा, मित्र, साथी।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

बाग = बगीचा, वाटिका, उपवन, उद्यान, आराम।
बादल = मेघ, घन, जलद, नीरद।
बिजली = विद्युत्, तड़ित, दामिनी, चपला।
बन्दर = कपि, वानर, शाखामृग, हरि।
भिक्षा = भीख, याचना, माँगना, खैरात।
भूख = क्षुधा, बुभुक्षा, अन्न-लिप्सा।
भौंरा = भुंग, भ्रमर, मधुकर, मधुप, अलि।
भूषण = गहना, जेवर, आभूषण, मंडन।
मछली = अंडज, मीन, मत्स्य, जलचर।
मदिरा = शराब, सुरा, मद्य, वारुणी।
माता = जननी, माँ, मात, मैया, अम्बा।
मुख = मुँह, आनन, वदन, चेहरा।
मृत्यु = निधन, देहान्त, अन्त, मौत।
मनुष्य = मनुज, नर, आदमी, मानव, पुरुष।
महादेव = शिव, चन्द्रशेखर, भूमिपति, शंकर, भव।
यौवन = जवानी, युवावस्था, शिरोमणि, तरुणाई।
युद्ध = रण, लड़ाई, समर, संग्राम।
युवक = जवान, युवा, तरुण।
राजा = नृप, भूपति, भूप, नरेश, सम्राट्, नरेन्द्र, नरपति।
रात = रजनी, निशा, रात्रि, यामिनी, शर्वरी।।
लक्ष्मी = रमा, कमला, श्री, चंचला, इन्दिरा, हरिप्रिया।
वायु = पवन, समीर, हवा, अनिल, समीरण।
वृक्ष = पेड़, तरु, पादप, द्रुम, विपट।
वात्सल्य = प्रेम, ममत्व, स्नेह, प्यार।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran पर्यायवाची या समानार्थक शब्द

विष्णु = रमापति, गरुड़ध्वज, चक्रपाणि, जलशायी।
विष = ज़हर, गरल, हलाहल, कालकूट।
शत्रु = दुश्मन, अरि, रिपु, वैरी।
सरल = सहज, आसान, सुकर।
समुद्र = जलधि, सिन्धु, सागर।
साधु = महात्मा, सन्त, सज्जन, संन्यासी।
साँप = सर्प, विषधर, भुजंग, व्याल, नाग।
सूर्य = दिनकर, रवि, दिनेश, भानु।
सुगन्ध = सुरभि, सुवास, सौरभ, खुशबू।
हाथ = कर, पाणि, हस्त।
समाज = समूह, समुदाय।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Ashuddh-Shuddh अशुद्ध-शुद्ध Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar अशुद्ध-शुद्ध

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध 1

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

वाक्यों की अशुद्धियाँ

1. अशुद्ध – गुरु जी ने छात्रों को आशीर्वाद प्रदान किया।
शुद्ध – गुरु जी ने छात्रों को आशीर्वाद दिया।

2. अशुद्ध – प्रत्येक छात्रों को पुरस्कार मिलेगा।
शुद्ध – प्रत्येक छात्र को पुरस्कार मिलेगा।

3. अशुद्ध – माँ सारी रात भर जागती रही।
शुद्ध – माँ रात भर जागती रही।

4. अशुद्ध – महादेवी जी बहुत विद्वान् हैं।
शुद्ध – महादेवी जी बड़ी विदुषी हैं।

5. अशुद्ध – वहाँ एक विधवा स्त्री रहती है।
शुद्ध – वहाँ एक विधवा रहती है।

6. अशुद्ध – महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा का संदेश दिया।
शुद्ध – महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा का उपदेश दिया।

7. अशुद्ध – सुरेश की आयु उस समय पाँच वर्ष की थी।
शुद्ध – सुरेश उस समय पाँच वर्ष का था।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

8. अशुद्ध – चिड़ियाघर वाली शेरनी बुढ़िया हो गई है।
शुद्ध – चिड़ियाघर की शेरनी बूढ़ी हो गई है।

9. अशुद्ध – आप यहाँ से चले जाओ।
शुद्ध – आप यहाँ से चले जाइए।

10. अशुद्ध -मुझे शोक है कि मैं आपके पत्र का उत्तर न दे सका।
शुद्ध – मुझे खेद है कि मैं आपके पत्र का उत्तर न दे सका।

11. अशुद्ध – आज मेरी प्रीक्षा है।
शुद्ध – आज मेरी परीक्षा है।

12. अशुद्ध – विद्यारथी शरीरिक काम से डरते हैं।
शद्ध – विद्यार्थी शारीरिक काम से डरते हैं।

13. अशुद्ध – आज विग्यान का युग है।
शुद्ध – आज विज्ञान का युग है।

14. अशुद्ध – सरदार भगत सिंह क्रांतीकारि थे।
शुद्ध – सरदार भगत सिंह क्रान्तिकारी थे।

15. अशुद्ध-कृपा करके चार दिन की छुट्टी दो।
शुद्ध-कृपा करके चार दिन की छुट्टी दीजिए।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

16. अशुद्ध – मैं घर गया और पिता जी को पत्र लिखा।
शुद्ध – मैं घर गया और मैंने पिता जी को पत्र लिखा।

17. अशुद्ध – वह केवल हिन्दी मात्र जानता है।
शुद्ध – वह केवल हिन्दी जानता है।

18. अशुद्ध – वह प्रातः काल के समय यहाँ आया था।
शुद्ध – वह प्रातः काल यहाँ आया था।

19. अशुद्ध – बहुत दिनों से आपका दर्शन नहीं हुआ।
शुद्ध – बहुत दिनों से आपके दर्शन नहीं हुए।

20. अशुद्ध – आजकल आप कहाँ रहता है ?
शुद्ध – आजकल आप कहाँ रहते हैं ?

21. अशुद्ध-प्रत्येक काम नियत समय पर करो।
शुद्ध-प्रत्येक काम समय पर करो।

22. अशुद्ध – बापू जी की मृत्यु पर मुझे बड़ा कष्ट हुआ।
शुद्ध – बापू जी की मृत्यु पर मुझे बड़ा दुःख हुआ।

23. अशुद्ध – पाँव पर चोट लगने से मुझे बड़ा दुःख हुआ।
शुद्ध – पाँव पर चोट लगने से मुझे बड़ा कष्ट हुआ।

24. अशुद्ध – मेरा रमेश के साथ घोर सम्बन्ध रहा है।
शुद्ध – मेरा रमेश के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran अशुद्ध-शुद्ध

25. अशुद्ध – आगामी सम्बन्ध आपके रुख पर निर्भर है।
शुद्ध – भावी सम्बन्ध आपके रुख पर निर्भर है।

26. अशुद्ध – निर्धनतापूर्ण जीवन का कोई महत्त्व नहीं।
शुद्ध – निर्धनतापूर्ण जीवन का कुछ महत्त्व नहीं।

27. अशुद्ध – जीवन की कुछ महत्त्वपूर्ण घटना सुनाओ।
शुद्ध – जीवन की कोई महत्त्वपूर्ण घटना सुनाओ।

28. अशुद्ध – उस पर घड़ों पानी गिर गया।
शुद्ध – उस पर घड़ों पानी पड़ गया।

29. अशुद्ध – सिपाही को देखकर चोर सात चार ग्यारह हो गया।
शुद्ध – सिपाही को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।

30. अशुद्ध – गोद में उठा लिया उसने अपने बच्चे को।
शुद्ध – उसने अपने बच्चे को गोद में उठा लिया।

31. अशुद्ध – आप के पिता सज्जन पुरुष हैं।
शुद्ध – आप के पिता सज्जन हैं।

32. अशुद्ध – आप बेफिजूल बोलते हैं।
शुद्ध – आप फिजूल बोलते हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Ling Parivartan aur Uske Niyam लिंग परिवर्तन और उसके नियम Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar लिंग परिवर्तन और उसके नियम

1. ‘आ’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
छात्र – छात्रा
प्रधान – प्रधाना
बाल – बाला
आचार्य – आचार्य
सुत – सुता
प्रिय – प्रिया
अचल – अचला
योग्य – योग्या
उपाध्याय – उपाध्याया
क्षत्रिय – क्षत्रिया
महाशय – महोदया
वृद्ध – वृद्धा
मूर्ख – मूर्खा
शिष्य – -शिष्या
पूज्य – पूज्या
कोकिल – कोकिला

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

2. ‘ई’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
नर – नारी
नाना – नानी
तरुण – तरुणी
देव – देवी
मामा – मामी
बेटा – बेटी
घोड़ा – घोड़ी
साला – साली
दोहता – दोहती
काका – काकी
ताया (ताऊ) – ताई
चाचा – चाची
पोता – पोती
हिरन – हिरनी
पुत्र – पुत्री
लड़का – लड़की
मुर्गा – मुर्गी
नगर – नगरी
दास – दासी
दादा – दादी
साधु – साध्वी
राजा – रानी
पति – पत्नी
बिलाव – बिल्ली
प्रेयस् – प्रेयसी
गीदड़ – गीदड़ी
बकरा – बकरी
मोटा – मोटी
विद्वान् – विदुषी
भाई – भाभी
युवक – युवती
पतला – पतली

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

3. ‘इया’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
लोटा – लुटिया
मुन्ना – मुनिया
चूहा – चुहिया
बन्दर – बन्दरिया
बेटा – बिटिया
गुड्डा – गुड़िया
बूढ़ा – बुढ़िया
चिड़ा – चिड़िया
बछड़ा – बछिया
कुत्ता – कुतिया
डिब्बा – डिबिया
कट्टा – कटिया
बच्छा – बछिया

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

4. ‘इका’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
गायक – गायिका
बालक – बालिका
अध्यापक – अध्यापिका
सेवक – सेविका
लेखक – लेखिका
निरीक्षक – निरक्षिका
नायक – नायिका
चालक – चालिका
पालक – चालिका
पाठक – पाठिका

5. ‘इन’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
दर्जी – दर्जिन
माली – मालिन
हलवाई – हलवाइन
ग्वाला – ग्वालिन
ठठेरा – ठठेरिन
पुजारी – पुजारिन
पापी – पापिन
बाघ – बाघिन
साँप – साँपिन
नाग – नागिन
सूबेदार – सूबेदारिन
मालि – मालकिन
समधि – समधिन

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

6. ‘आइन’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
बाबू – बबुआइन
चौबे – चौबाइन
दुबे – दुबाइन
लाला – ललाइन
पाण्डे – पण्डाइन
भिखारी – भिखारिन
तेली – तेलिन
पंडित – पंडिताइन
सुनार – सुनारिन
चौधरी – चौधराइन

7. ‘नी’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
ऊँट – ऊँटनी
रीछ – रीछनी
मोर – मोरनी
राजपूत – राजपूतनी
सिंहनी – शेरनी
हंस – हंसनी
हाथी – हथिनी
मज़दूर – मज़दूरनी
सियार – सियारनी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

8. ‘आनी’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
भव – भवानी
इन्द्र – इन्द्राणी
जेठ – जेठानी
देवर – देवरानी
चौधरी – चौधरानी
मिसर – मिसरानी
खत्री – खत्राणी
सेठ – सेठानी
नौकर – नौकरानी
मुग़ल – मुग़लानी

9. ‘इनी’ लगाने से

पुल्लिग – स्त्रीलिंग
ब्रह्मचारी – ब्रह्मचारिणी
तपस्वी – तपस्विनी
मन्त्री – मन्त्रिणी
हितकारी – हितकारिणी
अपराधी – अपराधिनी
स्वामी – स्वामिनी
वैरी – वैरिणी

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

10. ‘मती’, ‘वती’ लगाने से

श्रीमान् – श्रीमती
बुद्धिमान् – बुद्धिमती
धनवान् – धनवती
गुणवान् – गुणवती
महिमावान् – महिमावती
भगवान् – भगवती
दयावान् – दयावती
बलवान् – बलवती
रूपवान – रूपवती।

11. ‘त्री’ लगाने से

दाता – दात्री
कवि – कवयित्री
निर्माता – निर्मात्री
रचयिता – रचयित्री
व्याख्याता – व्याख्यात्री
धाता – धात्री
कर्त्ता – कर्त्री

12. भिन्न रूप वाले शब्द

विधुर – विधवा
भैंसा – भैंस
ननदोई – ननद
वर – वधू
सम्राट – साम्राज्ञी
बैल – गाय
बहनोई – बहन
पिता – वधू
बाप – माँ
ससुर – सास
महाराजा – महारानी
आदमी – औरत

केवल पुल्लिंग में-चीता, खरगोश, खटमल, बाज, भेड़िया, कछुआ, कौआ।
केवल स्त्रीलिंग में मछली, दीमक, मैना, जूं, जोंक, गिलहरी, चील, कोयल, मक्खी।
कई शब्दों का लिंग बदला ही नहीं जाता ; जैसे-सती, धाय, सुहागिन, नर्स, राष्ट्रपति, राज्यपाल आदि।
जो शब्द पुल्लिग और स्त्रीलिंग दोनों में प्रयुक्त होते हैं उन्हें उभयलिंग कहते हैं ; जैसे-बर्फ, पवन, आत्मा, समाज, श्वास, बाहु।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित वाक्यों में मोटे (काले) संज्ञा शब्दों के लिंग बदलिए तथा अन्य आवश्यक परिवर्तन भी कीजिए।

(1) सरदार के हाथ में छुरा था। – सरदारनी के हाथ में छुरी थी।

(2) धनवान् ने कवि को पुरस्कार दिया। – धनवती ने कवयित्री को पुरस्कार दिया।

(3) सम्राट् ने नौकर से कहा कि आज साधु का जन्म दिवस है। – साम्राज्ञी ने नौकरानी से कहा कि आज साध्वी साधु का जन्म दिवस है।

(4) भगवान् की कृपा से ठाकुर के घर पुत्र का जन्म हुआ। – भगवती की कृपा से ठकुराइन के घर पुत्री का जन्म हुआ।

(5) निरीक्षक ने छात्र को परीक्षा भवन से बाहर निकाल दिया। – निरीक्षका ने छात्रा को परीक्षा भवन से बाहर निकाल दिया।

(6) स्वामी ने सेविका से कहा। – स्वामिनी ने सेवक से कहा।

(7) मैंने चिड़ियाघर में एक सिंह और देखी। – मैंने चिड़ियाघर में एक सिंहनी और एक मोरनी एक मोर देखा।

(8) दर्जी कपड़े सी रहा है। – दर्जिन कपड़े सी रही है।

(9) सेठ ने बेटे से कहा, “अच्छा बालक मूर्ख की संगति नहीं करता। – सेठानी ने बेटी से कहा, “अच्छी बालिका करता।

(10) उसकी पत्नी परीक्षा की निरीक्षका है। – उसका पति परीक्षा का निरीक्षक है।

(11) सेठ अन्दर है और सेवक द्वार पर खड़ा है। – सेठानी अन्दर है और सेविका द्वार पर खड़ी है।

(12) श्रीमान् मेरा पुत्र आप जैसे विद्वान् कवि का शिष्य होना पसन्द करता है। – श्रीमती, मेरी पुत्री आप जैसी विदुषी कवयित्री की शिष्या होना पसन्द करती है।

(13) नगर में बच्चों को मिठाई बाँटी गई। – नगरी में बच्चियों को मिठाई बाँटी गई।

(14) इस बूढ़े के दो बेटे हैं। – इस बुढ़िया की दो बेटियाँ हैं।

(15) अध्यापक ने छात्र को इनाम दिया। – अध्यापिका ने छात्रा को इनाम दिया।

(16) लड़की सवेरे सैर करने गई। लड़का सवेरे सैर करने गया।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran लिंग परिवर्तन और उसके नियम

(17) अध्यापक पाठ पढ़ाता है। – अध्यापिका पाठ पढ़ाती है।

(18) मैं पापी को मार डालँगा। – मैं पापिन को मार डालूँगा।

(19) बार-बार मुझे महाराज क्यों कह रहे हो। – बार-बार मुझे महारानी क्यों कह रही है।

(20) क्षत्रिय वचन का पक्का होता है। – क्षत्राणी वचन की पक्की होती है।

(21) ठठेरा बर्तन बना रहा है। – ठठेरिन बर्तन बना रही है।

(22) ठाकुर के पास चार घोड़े हैं। – ठकुराइन के पास चार घोड़ियाँ हैं।

(23) पिंजरों में बन्द तोता, शेर, बन्दर, हिरण सब छोड़ दिए जाएँ। – पिंजरों में बन्द तोती, शेरनी, बन्दरिया, हिरनी सब छोड़ दिए जाएँ।

(24) ग्वाले ने बैल को नहलाया। ग्वालिन ने गाय को नहलाया।

(25) लेखक और रचयिता में क्या भेद लेखिका और रचयित्री में क्या भेद है?

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Vachan Parivartan वचन परिवर्तन Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar वचन परिवर्तन

(1) अकारान्त पुल्लिग शब्दों के ‘आ’ को ‘ए’ में बदल कर एकवचन से बहुवचन बनाया जाता है ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
कुत्ता – कुत्ते
बेटा – बेटे
लड़का – लड़के
शीशा – शीशे
बच्चा – बच्चे
कपड़ा – कपड़े
घोड़ा – घोड़े
तोता – तोते
लोटा – लोटे
राजा- राजे
पैसा – पैसे
पिंजरा – पिंजरे

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(2) अकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के अन्त में ‘अ’ को ‘एँ’ में बदल कर एकवचन से बहुवचन बनता है ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
कलम – कलमें
दवात – दवातें
पुस्तक – पुस्तकें
रात – रातें
आँख – आँखें
बात – बातें
मेज़ – मेजें
चाल – चालें
फौज – फौजें
सड़क – सड़कें
मशाल – मशालें
बटेर – बटेरें
कटार – कटारें
आह – आहे
बन्दूक – बन्दूकें
किताब – किताबें

(3) इकारान्त और ईकारान्त स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अन्तिम इ और ई को ह्रस्व करके अन्त में याँ जोड़कर एकवचन से बहुवचन बनाया जाता है ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
रीति – रीतियाँ
नदी – नदियाँ
गोली – गोलियाँ
टोपी – टोपियाँ
तिथि – तिथियाँ
कापि – कापियाँ
शक्ति – शक्तियाँ
लड़की – लड़कियाँ
रानी – रानियाँ
धोती – धोतियाँ
नीति – नीतियाँ
सखी – सखियाँ
नारी – नारियाँ
अशुद्धि – अशुद्धियाँ
दवाई – दवाइयाँ
सलाई – सलाइयाँ
मिठाई – मिठाइयाँ
स्त्री – स्त्रियाँ
आतिशबाजी – आतिशबाजियाँ
बेड़ी – बेड़ियाँ
टोली – टोलियाँ
उंगली – उंगलियाँ

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(4) जिन शब्दों के अन्त में ‘या होता है, उनमें ‘याँ’ पर चन्द्रबिन्दु को लगाकर एकवचन से बहुवचन बनाया जाता है ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
गुड़िया – गुड़ियाँ
चिड़िया – चिड़ियाँ
बुढ़िया – बुढ़ियाँ
डिबिया – डिबियाँ
चुहिया – चुहियाँ
कुटिया – कुटियाँ

(5) अकारान्त, उकारान्त और आकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के अन्त में ‘एँ’ जोड़कर एकवचन से बहुवचन बनते हैं ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
कन्या – कन्याएँ
गौ – गौएँ
कथा – कथाएँ
वस्तु – वस्तुएँ
माला – मालाएँ
ऋतु – ऋतुएँ
वधु – वधुएँ
महिला – महिलाएँ
शाखा – शाखाएँ
वार्ता – वार्ताएँ
लता – लताएँ
धातु – धातुएँ
दुआ – दुआएँ
दिशा – दिशाएँ
माता – माताएँ

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(6) अकारान्त पुल्लिग शब्दों को छोड़कर शेष पुल्लिग शब्द एकवचन से बहुवचन में रहते हैं ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
आम वृक्ष से गिर पड़ा। – आम वृक्ष से गिर पड़े।
उल्लू रात को निकलता है। – उल्लू रात को निकलते हैं।
शेर गरजता है। – शेर गरजते हैं।

(7) किसी संज्ञा के एकवचन के साथ गण, लोग, वृन्द, जाति, दल आदि शब्द लगने से एकवचन का बहुवचन बन जाता है ; जैसे-

एकवचन – बहुवचन
पाठक – पाठकगण
विद्यार्थी – विद्यार्थीगण
आप – आप लोग
ग़रीब – ग़रीब लोग
सज्जन – सज्जनवृन्द
गुरु – गुरुजन
आर्य – आर्यजन
मित्र – मित्रवर्ग
मज़दूर – मज़दूर
स्त्री – स्त्रीजाति
वीर – वीर दल
सेना – सेना दल

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(8) दर्शन, प्राण, बाल, समाचार, भाग्य आदि शब्द प्रायः बहुवचन में आते हैं ; जैसे-
आपके दर्शन दुर्लभ हो गए। प्राण बच गए। मेरे बाल सफ़ेद हो गए हैं। विधवा के भाग्य खुल गए।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में वचन बदलो तथा आवश्यक परिवर्तन करोप्रश्न

(1) इसी कारण आज इसका रूप बदल गया।
उत्तर:
इन्हीं कारणों से आज इनके रूप बदल गए।

(2) साधु झोंपड़ी बनाकर जंगल में रहता है।
उत्तर:
साधु झोंपड़ियाँ बनाकर जंगलों में रहते हैं।

(3) ब्राह्मण कभी गौ बेचना पसन्द नहीं करता।
उत्तर:
ब्राह्मण लोग कभी गौएँ बेचना पसन्द नहीं करते।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(4) लड़की गुड़िया बनाकर पुरस्कार प्राप्त करती है।
उत्तर:
लड़कियाँ गुड़ियाँ बनाकर पुरस्कार प्राप्त करती

(5) महात्मा शिष्य को उपदेश देता
उत्तर:
महात्मा लोग शिष्यों को उपदेश देते हैं।

(6) वह कुर्सी बुनता है।
उत्तर:
वे कुर्सियाँ बुनते हैं।

(7) प्रश्न-पत्र में अशुद्धि थी।
उत्तर:
प्रश्न-पत्रों में अशुद्धियाँ थीं।

(8) उसने मेरी बात पर ध्यान नहीं
उत्तर:
उन्होंने हमारी बातों पर ध्यान नहीं दिया। दिया।

(9) वह प्रत्येक नारी को माता समझ उसका आदर करता है।
उत्तर:
वे नारियों को माताएँ समझ, उनका आदर करते है।

(10) कौआ काय-काय करता है।
उत्तर:
कौए काय-काय करते हैं।

(11) मक्खी भिनभिना रही है।
उत्तर:
मक्खियाँ भिनभिना रही हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(12) अध्यापिका पढ़ा रही है।
उत्तर:
अध्यापिकाएँ पढ़ा रही हैं।

(13) बच्चा रात-भर जागता रहा।
उत्तर:
बच्चे रात भर जागते रहे।

(14) सिपाही ने गोली चलाई।
उत्तर:
सिपाहियों ने गोलियाँ चलाईं।

(15) उसने मेरी बात को ध्यान से सुना।
उत्तर:
उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना।

(16) सरदार के हाथ में एक छुरा था।
उत्तर:
सरदारों के हाथों में छुरे थे।

(17) हम सड़क पर घूमने गए।
उत्तर:
मैं सड़क पर घूमने गया।

(18) किसान के घर में गाय है।
उत्तर:
किसानों के घरों में गायें हैं।

(19) यह हमारे स्कूल का विद्यार्थी हैं।
उत्तर:
ये मेरे स्कूल के विद्यार्थी हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(20) पालतू कुत्ता भी सावधान चौकीदार का काम देता है।
उत्तर:
पालतू कुत्ते भी सावधान चौकीदारों का काम देते

(21) ऐसा भी स्कूल है, जहाँ अन्धाभी पढ़ सकता है।
उत्तर:
ऐसे भी स्कूल हैं, जहाँ अन्धे भी पढ़ सकते हैं।

(22) मैं तेरे साथ चलता हूँ।
उत्तर:
हम तुम्हारे साथ चलते हैं।

(23) सर्दी में रात लम्बी होती है।
उत्तर:
सर्दियों में रातें लम्बी होती हैं।

(24) उसने झूठा समाचार फैलाया।
उत्तर:
उन्होंने झूठे समाचार फैलाये।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran वचन परिवर्तन

(25) बुढ़िया बहू को डाँटती है।
उत्तर:
बुढ़ियाँ बहुओं को डाँटती हैं।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Hindi Grammar Viram Chinh विराम-चिह्न Exercise Questions and Answers, Notes.

PSEB 8th Class Hindi Grammar विराम-चिह्न

प्रश्न 1.
विराम चिहन किसे कहते हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
विराम चिह्न-बोलते समय हम सब कुछ एक ही गति से नहीं बोलते जाते। एक वाक्य के मध्य में कहीं-कहीं कुछ क्षणों के लिए रुकते हैं और इसी प्रकार वाक्य के समाप्त होने पर भी रुकना पड़ता है। इसी रुकने को ‘विराम’ कहते हैं। इसी विराम को प्रकट करने के लिए हम जिन चिह्नों को लिखते हैं, उन्हें ‘विराम चिह्न’ कहते हैं।
जैसे-पकड़ो मत, जाने दो।
पकड़ो, मत जाने दो।
इन दोनों वाक्यों में विराम चिह्न अल्पविराम के प्रयोग से अर्थ ही उलट गया है। लिखते समय जिन विराम चिहनों का प्रयोग होता है वे निम्नलिखित हैं

1. पूर्ण विराम (।) : वाक्य की पूर्ति की सूचना देने वाले चिह्न को पूर्ण विराम कहते हैं; जैसे-जीवन में अनुशासन का विशेष महत्त्व है।
2. अर्द्ध विराम (;) : वाक्य की पूर्ण समाप्ति न होने पर भी जहाँ बीच में समाप्ति सी लगे। अगले वाक्य से जोड़ने वाले अव्यय का अभाव हो, तब इसका प्रयोग होता है; जैसे-आजकल शिक्षा का उद्देश्य नौकरी है; इसलिए इसका वास्तविक महत्त्व जाता रहा
3. अल्पविराम (,) : पढ़ते समय जहाँ थोड़ी देर ठहरना हो, वहाँ अल्प विराम (,) लगाते हैं; जैसे-लोकमान्य तिलक, मालवीय, महात्मा गाँधी आदि महान् नेता थे।
4. अपूर्ण विराम (:-) : आगे जाने वाली बात के लिए पहले वाक्य से संकेत करना हो तो इसका निर्देशक वाक्य के साथ प्रयोग होता है; जैसे-निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार का उत्तर दीजिए
5. प्रश्न सूचक (?) : वाक्य को प्रश्न वाचक सूचित करने के लिए इसका प्रयोग होता है; जैसे-क्या मूर्ख को समझाना सरल है ?
6. विस्मयादिबोधक (!) : मानसिक आवेगों को प्रकट करने के लिए इसका प्रयोग होता है। जैसे हाय ! मैं मारा गया। उफ ! इतनी पीड़ा।
7. निर्देशक (-) : किसी शब्द के भाव को साफ-साफ स्पष्ट करने के लिए उसके आगे लगाया जाता है; जैसे-लाला लाजपतराय-पंजाब केसरी–ने अंग्रेजी साम्राज्य की जड़ें हिला दी थीं। यथा, जैसे आदि शब्द के बाद भी इसका प्रयोग होता है।
8. संयोजक (-) : यह ससम्त पदों के बीच लगकर समास की सूचना देता है; जैसे–माता-पिता, सुख-दुःख।
9. कोष्ठक चिहन [ ] : किसी बात के स्पष्टीकरण के लिए इसका अर्थ वाक्य का अंग न बनाते हुए इसमें लिखा जाता है; जैसे-30 जनवरी हमारे राष्ट्रपिता (महात्मा गाँधी) की बलिदान तिथि है।
10. उद्धरण चिह्न (“”) : जब किसी वक्ता या लेखक की उक्ति को ज्यों-कात्यों उद्धृत करना हो; जैसे-लाला लाजपतराय ने कहा था, “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के कफ़न में कील का काम देगी।”
11. लाघव चिह्न (०) : किसी शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए इसका प्रयोग होता है; जैसे-पं० नेहरू। ला० लाजपतराय। डॉ० राजेन्द्र प्रसाद।
12. सम्बोधन चिह्न (!) : किसी को बुलाने या पुकारने में इसका प्रयोग होता है; जैसे हे ईश्वर ! हम पर दया करो।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

1. निम्नलिखित में जहाँ जो विराम चिह्न लग सकता है, लगाएँ

प्रश्न (1)
मित्र कैसा अद्भुत खेल है क्या जीवन भी एक खेल के समान है थोड़ा सोच कर बताना
उत्तर:
“मित्र, कैसा अद्भुत खेल है ? क्या जीवन भी एक खेल के समान है ? थोड़ा सोचकर बताना।”

प्रश्न (2)
उसने पुस्तकें कॉपियाँ तथा कुछ अन्य सामान खरीदा सामान को थैले में डाल कर दुकानदार से पूछा कितने पैसे दूँ।
उत्तर:
उसने पुस्तकें, कापियाँ तथा कुछ अन्य सामान खरीदा ; सामान को थैले में डाल कर दुकानदार से पूछा, “कितने पैसे दूँ ?”

प्रश्न (3)
मेरे मित्र दौड़ कर आओ यह देखो कितना सुन्दर फूल खिला है इसे तोड़ना मत मित्र ने मुझसे कहा
उत्तर:
मेरे मित्र ! दौड़ कर आओ। यह देखो कितना सुन्दर फूल खिला है। “इसे तोड़ना मत।”-मित्र ने मुझसे कहा।

प्रश्न (4)
पिता पुत्र तथा पुत्री तीनों एक साथ बोले क्या गाड़ी अभी तक नहीं आई नहीं आई” मैं उत्तर में बोला।
उत्तर:
पिता, पुत्र तथा पुत्री-तीनों एक साथ बोले, “क्या गाड़ी अभी तक नहीं आई।” नहीं आई, मैं उत्तर में बोला।

प्रश्न (5)
यह देखकर उस किसान ने कहा देखा एकता का प्रभाव यदि तुम सब इसी प्रकार इकट्ठे रहोगे तुम्हारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता यदि तुम अलग-अलग रहे तो तुम्हारा भी हाल छड़ियों जैसे होगा शत्रु आसानी से तुम्हें नष्ट कर देगा इसलिए मेरे उपदेश को मन में धारण करके उस पर आचरण करना इससे तुम्हें सारा जीवन सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होगा यह उपदेश देकर किसान चल बसा।
उत्तर:
यह देखकर उस किसान ने कहा, “देखा, एकता का प्रभाव, यदि तुम सब इसी प्रकार इकट्ठे रहोगे तुम्हारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यदि तुम अलग-अलग रहे तो तुम्हारा भी हाल छड़ियों जैसा होगा। शत्रु आसानी से तुम्हें नष्ट कर देगा। इसलिए मेरे उपदेश को मन में धारण करके उस पर आचरण करना। इससे तुम्हें सारा जीवन सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होगा।”-यह उपदेश देकर किसान चल बसा।।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

प्रश्न (6)
पंजाब भारत के बाजू के समान है जिसमें सदा तलवार पकड़ी रहती है अब दुनिया के हर भाग में पंजाबी रहते हैं उनकी बहादुरी तपस्या लगन कुर्बानी की कहानियाँ सुनकर बड़े-बड़े पत्थर दिल भी हिल जाते हैं पंजाबियों के कार्यों से भारत पर ही नहीं वरन् सारे संसार पर प्रभाव पड़ा है संसार का प्रत्येक मनुष्य इस बात को मानता है कि पंजाबी बहादुर निर्भीक और हिम्मती हैं।
उत्तर:
पंजाब भारत के बाजू के समान है, जिसमें सदा तलवार पकड़ी रहती है। अब दुनिया के हर भाग में पंजाबी रहते हैं। उनकी बहादुरी, तपस्या, लगन, कुर्बानी की कहानियाँ सुनकर बड़े-बड़े पत्थर दिल भी हिल जाते हैं। पंजाबियों के कार्यों से भारत पर ही नहीं वरन् सारे संसार पर प्रभाव पड़ा है। संसार का प्रत्येक मनुष्य इस बात को मानता है कि पंजाबी बहादुर, निर्भीक और हिम्मती हैं।

2. उपयुक्त विराम चिह्न लगाएँ

प्रश्न (1)
उसके मस्तिष्क का सिन्दूर पोंछती हुई चाची ने उत्तर दिया अभागिनी तेरा करम फूट गया
उत्तर:
उसके मस्तिष्क का सिन्दूर पोंछती हुई चाची ने उत्तर दिया, “अभागिनी ! तेरा करम फूट गया।”

प्रश्न (2)
संजय ने पापा से पूछा पापा यह फसल कहीं-कहीं से क्यों कटी हुई है
उत्तर-संजय ने पापा से पूछा, “पापा यह फसल कहीं से क्यों कटी हुई है?”

प्रश्न (3)
मुझे आते देख पिता जी बोले बेटी तैयार नहीं हुई देर न कर वे लोग आधपौन घंटे तक आने वाले हैं
उत्तर:
मुझे आते देख, पिता जी बोले, “बेटी तैयार नहीं हुई। देर न कर, वे लोग आध-पौन घंटे तक आने वाले हैं।”

प्रश्न (4)
माँ तुम रो क्यों रही हो क्या तुम्हें अपने किए पर दुःख है राकेश ने प्रश्न किया
उत्तर:
“माँ, तुम रो क्यों रही हो ? क्या तुम्हें अपने किए पर दुःख है ?” राकेश ने प्रश्न किया।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

प्रश्न (5)
स्वामी रामतीर्थ एक कवि दार्शनिक सन्त देशभक्त तथा समाज सुधारक थे।
उत्तर:
स्वामी रामतीर्थ एक कवि, दार्शनिक, सन्त, देशभक्त तथा समाज-सुधारक थे।

प्रश्न (6)
सैनिक सचिव के पद पर रहते हुए उन्हें अनेक कटु अनुभव हुए चपरासी तक उनके हाथों से फाइलें लेने में कतराते थे उन्हें पानी तक नहीं मिलता था।
उत्तर:
सैनिक-सचिव के पद पर रहते हुए उन्हें अनेक कटु अनुभव हुए। चपरासी तक उनके हाथों से फाइलें लेने में कतराते थे। उन्हें पानी तक नहीं मिलता था।

प्रश्न (7)
धोबी ने कपड़े गिनकर कहा बाबू साहब लिखिए चौदह पायजामे बीस कमीजें।
उत्तर:
धोबी ने कपड़े गिनकर कहा, “बाबू साहब ! लिखिए-चौदह पायजामे, बीस कमीजें।

प्रश्न (8)
दोनों ने बारी-बारी से उत्तर दिया हम बी० ए० पास हैं नौकरी की तलाश में हैं।
उत्तर:
दोनों ने बारी-बारी से उत्तर दिया, “हम बी० ए० पास हैं। नौकरी की तलाश में हैं।”

प्रश्न (9)
महात्मा बुद्ध ने बड़े प्रेमपूर्वक उससे पूछा मैं तो ठहर गया भला तुम कब ठहरोगे
उत्तर:
महात्मा बुद्ध ने बड़े प्रेमपूर्वक उससे पूछा, “मैं तो ठहर गया, भला तुम कब ठहरोगे ?”

प्रश्न (10)
बच्चो शान्तिपूर्वक बैठो अध्यापक ने कहा
उत्तर:
“बच्चो, शान्तिपूर्वक बैठो”-अध्यापक ने कहा।

प्रश्न (11)
मोहन तुम क्या कर रहे हो ज़रा इधर तो आओ माँ ने कहा
उत्तर:
“मोहन तुम क्या कर रहे हो ? ज़रा इधर तो आओ”-माँ ने कहा।

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

प्रश्न (12)
बेटी मुझे माफ कर दो मैं लालच में अन्धा हो गया था तुमने मेरी आँखें खोल दी हैं
उत्तर:
“बेटी, मुझे माफ कर दो। मैं लालच में अन्धा हो गया था। तुमने मेरी आँखें खोल दी हैं।”

प्रश्न (13)
महात्मा बुद्ध ने बड़े प्रेमपूर्वक अंगुलिमाल से कहा मैं तो ठहर गया भला तुम कब ठहरोगे
उत्तर:
महात्मा बुद्ध ने बड़े प्रेमपूर्वक अंगुलिमाल से कहा- “मैं तो ठहर गया, भला तुम कब ठहरोगे ?”

प्रश्न (14)
सच्च है सच्चे पातशाह भाई कन्हैया ने निःसंकोच स्वीकार किया।
उत्तर:
“सच्च है सच्चे पातशाह !” भाई कन्हैया ने निःसंकोच स्वीकार किया।

प्रश्न (15)
सबकी आँखें आकाश की ओर लगी रहती थीं मगर वहाँ दुर्भाग्य की घटाएँ थीं पानी की घटाएँ न थीं
उत्तर:
सबकी आँखें आकाश की ओर लगी रहती थीं, मगर वहाँ दुर्भाग्य की घटाएँ थीं, पानी की घटाएँ न थीं।

प्रश्न (16)
मैंने कहा, बाबा अब नहीं रहा जाता कहीं से रोटी का टुकड़ा ला दें
उत्तर:
मैंने कहा, बाबा अब नहीं रहा जाता; कहीं से रोटी का टुकड़ा ला दें।”

प्रश्न (17)
मेरे हृदय में गुदगुदी सी होने लगी पूछा तो तुमने महाराज के दर्शन किए हैं
उत्तर:
मेरे हृदय में गुदगुदी-सी होने लगी; पूछा-“तो तुमने महाराज के दर्शन किए

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

प्रश्न (18)
धोबी के कपड़े गिनकर कहा बाबू साहब लिखिए चौदह पायजामे बीस कमीजें मैंने कॉपी उठा ली और लिखने लगा।
उत्तर:
धोबी के कपड़े गिनकर कहा, “बाबू साहब ! लिखिए चौदह पायजामे, बीस कमीजें।” मैंने कॉपी उठा ली और लिखने लगा।

प्रश्न (19)
भगवान् अब मौत दे दे ग़रीब थे पर किसी के सामने हाथ तो नहीं फैलाते
उत्तर:
भगवान् अब मौत दे दे। ग़रीब थे, पर किसी के सामने हाथ तो नहीं फैलाते

प्रश्न (20)
एक युवक ने कहा अंकल हौसला रखो बस दो मिनट में अस्पताल पहुंचे।
उत्तर:
एक युवक ने कहा, “अंकल ! हौसला रखो, बस दो मिनट में अस्पताल पहुँचे।”

प्रश्न (21)
क्या करूँ एक ही बच्चा है इतने दिनों बाद मिला भी तो मृत्यु उसको अपने चंगुल में दबा रही है, इसे कैसे बचाऊँ
उत्तर:
‘क्या करूँ, एक ही बच्चा है। इतने दिनों बाद मिला भी तो मृत्यु उसको अपने चंगुल में दबा रही है। इसे कैसे बचाऊँ ?’

PSEB 8th Class Hindi Vyakaran विराम-चिह्न

प्रश्न (22)
मुँह खोलने में कष्ट होने पर भी शिष्टाचार के नाते उन्होंने पूछ ही लिया बेटा तुम क्या काम करते हो।।
उत्तर:
मुंह खोलने में कष्ट होने पर भी शिष्टाचार के नाते उन्होंने पूछ ही लिया, “बेटा तुम क्या काम करते हो ?”

प्रश्न (23)
अच्छा भाई चाय तो वैसे मैं अभी घर से पीकर आया हूँ पर तुम बुरा न मान जाओ इसलिए तुम्हारा साथ देता हूँ
उत्तर:
“अच्छा भाई ! चाय तो वैसे मैं अभी घर से पीकर आया हूँ, पर तुम बुरा न मान जाओ, इसलिए तुम्हारा साथ देता हूँ।”

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 3 रक्त की आत्मकथा

Punjab State Board PSEB 8th Class Hindi Book Solutions Chapter 3 रक्त की आत्मकथा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Hindi Chapter 3 रक्त की आत्मकथा

Hindi Guide for Class 8 PSEB रक्त की आत्मकथाTextbook Questions and Answers

(क) भाषा – बोध

I. शब्दार्थ

नाड़ी = शरीर की रक्त वहन करने वाली शिरा। संपूर्ण = सारा। विश्व = संसार। अपेक्षा = बजाए की तुलना में। कार्य स्थल = काम करने का स्थान। जटिल = कठिन। संरचना = बनावट। वयस्क = अठारह वर्ष से अधिक आयु वाला। सूक्ष्मदर्शी = एक यंत्र, जिसमें छोटी चीज़ का बड़ा आकार दिखाई देता है। अनीमिया = रक्ताल्पता (रक्त की कमी)। विकसित = बनना, बढ़ना। उत्पादन = निर्माण, बनना। परिवर्तन = बदलाव। निरंतर = लगातार। जमावड़ा = इकट्ठा होना। बेझिझक = बिना संकोच। घुसपैठ = पहुँच। द्रव्य = तरल पदार्थ। नामुराद = जिस की कोई कामना न हो। स्वेच्छा = अपनी इच्छा से। अत्यन्त = बहुत। संकल्प = इरादा, निश्चय। पर्याप्त = काफ़ी। व्यर्थ = बेकार।

II. इन मुहावरों और लोकोक्ति के अर्थ समझते हुए वाक्यों में प्रयोग करें

चैन की साँस लेना, प्राण देना, शहीद होना, साँस में साँस आना, हाथ कंगन को आरसी क्या।
उत्तर:
1. चैन की साँस लेना-भूकंप के झटकों के बाद पुत्र को सुरक्षित घर वापस आया देख माँ ने चैन की सांस ली।
2. प्राण देना-देश की आजादी के लिए लाखों देश भक्तों ने अपने प्राण दे दिए थे।
3. शहीद होना-वीर सैनिक दुश्मन के टेंक को बम से उड़ाने के बाद शहीद हो गया था।
4. साँस में साँस आना-मेरे पीछे लगे कुत्ते को जब तुमने मार भगाया तब मेरी साँस में साँस आई।
5. हाथ कंगन को आरसी क्या-तुम्हारे बस्ते में से मैंने अपनी कॉपी तुम्हारे सामने ही निकाली है और तुम स्वयं को अभी भी चोर नहीं मान रहे। अब तुम्हीं बताओ कि हाथ कंगन को आरसी क्या?

PSEB 8th Class Hindi Solutions Chapter 3 रक्त की आत्मकथा

(ख) विषय – बोध

I. इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें

प्रश्न (क)
रक्त के कितने अंग होते हैं ? उनके नाम लिखें।
उत्तर:
रक्त में चार अंग होते हैं-प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कणिकाएं और प्लेटलेट्स।

प्रश्न (ख)
लाल कोशिकाओं का रंग किस पदार्थ के कारण लाल होता है ?
उत्तर:
लाल कोशिकाएं हीमोग्लोबिन के कारण लाल होती हैं।

प्रश्न (ग)
हीमोग्लोबिन किस-किस तत्व का बना होता है ?
उत्तर:
हीमोग्लोबिन लोहे और प्रोटीन से बना होता है।

प्रश्न (घ)
लाल कोशिकाओं का मुख्य कार्य क्या है ?
उत्तर:
लाल कोशिकाएँ फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अंगों तक और कार्बन डाइऑक्साइड को शरीर से बाहर फिंकवाती हैं।

प्रश्न (ङ)
लाल कोशिकाओं का विकास कहाँ होता है ?
उत्तर:
लाल कोशिकाओं का विकास बोन मैरो में होता है।

प्रश्न (च)
श्वेत कोशिकाएँ क्या कार्य करती हैं ?
उत्तर:
श्वेत कणिकाएँ बाहरी रोगाणुओं से लड़ कर शरीर को स्वस्थ रखती हैं।

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प्रश्न (छ)
प्लेटलेट्स कोशिकाएँ रक्त जमाव में कैसे सहायता करती हैं ?
उत्तर:
पारदर्शी प्लेटलेट्स प्लाज्मा में उपस्थित विशेष प्रोटीन के साथ मिल कर मकड़ी के जाल की तरह एक बढ़िया-सा जाल लाल कोशिकाओं को रोक देता है। पपड़ी के रूप में जम कर यह रक्त जमाव कर देता है।

प्रश्न (ज)
प्लाज्मा का विकास शरीर के किस अंग में होता है ?
उत्तर:
प्लाज्मा का विकास जिगर (लिवर) में होता है।

प्रश्न (झ)
एक वयस्क स्त्री और पुरुष में प्रति किलोग्राम रक्त की कितनी मात्रा होती है ?
उत्तर:
एक वयस्क स्त्री में प्रति किलोग्राम में 67 सी०सी० और पुरुष में 75 सी०सी० रक्त की मात्रा होती है।

प्रश्न (ज)
किस आयु वर्ग के व्यक्ति रक्तदान कहाँ-कहाँ पर जाकर कर सकते हैं ?
उत्तर:
अठारह वर्ष से लेकर पैंसठ वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ व्यक्ति किसी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक, रक्त शिविर या आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को रक्तदान कर सकते हैं।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार या पाँच वाक्यों में लिखें :

प्रश्न (क)
रक्त के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं ? प्रत्येक अंग के बारे में लिखें।
उत्तर:
रक्त के मुख्य अंग प्लाज्मा, लाल कोशिकाएँ, श्वेत कोशिकाएँ और प्लेटलेट्स होते हैं। प्लाज्मा हल्के पीले रंग का द्रव्य है जिसमें उसके अन्य सभी अंग तैरते रहते हैं और इसी की सहायता से अपना-अपना काम करते हैं। इसका विकास जिगर (लिवर) में होता है। लाल रक्त कोशिकाएँ हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण लाल होती हैं। इनका आकार बालूशाही की तरह होता है। ये फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अंगों तक भेजती हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों के द्वारा शरीर से बाहर निकालती हैं। श्वेत कोशिकाएँ बोन मैरो में बनती हैं। इनकी संख्या लाल कोशिकाओं से बहुत कम होती है पर ये आकार में उनसे दुगुनी बड़ी होती हैं। ये शरीर में प्रवेश करने वाले रोगाणुओं से लड़ती हैं और शरीर को रोगों से बचाती हैं। प्लेटलेट्स पारदर्शी छोटी सपाट प्लेटों जैसे होते हैं। ये रक्त को बहने से रोकने के लिए जमाव क्रिया में सहायता करते हैं।

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प्रश्न (ख)
लाल कोशिकाओं के बारे में आपने क्या सीखा ?
उत्तर:
लाल कोशिकाओं का रंग सदा लाल होता है और इसका कारण इनमें उपस्थित हीमोग्लोबिन होता है जो लोहे और प्रोटीन से बनता है। लाल कोशिकाओं की बनावट दोनों ओर से दबी बालूशाही जैसी होती है। किसी वयस्क पुरुष में रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लगभग पचास लाख तक होती है लेकिन स्त्रियों और बच्चों में इनकी संख्या इससे भिन्न होती है। लाल कोशिकाएँ दिन-रात काम करती हैं और फेफड़ों से ऑक्सीजन ले कर शरीर के सभी अंगों तक पहुँचाती हैं। ये ही कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों के माध्यम से शरीर से बाहर निकलती हैं। लाल कोशिकाएं बोन-मैरो में बनती हैं और इनकी आयु . चार महीने ही होती है।

प्रश्न (ग)
श्वेत कोशिकाओं के बारे में आपने क्या सीखा ?
उत्तर:
श्वेत रक्त कोशिकाएं बोन मैरो में बनती हैं। ये प्लाज्मा में तैरती रहती हैं। ये लाल कोशिकाओं से आकार में दो गुणा बड़ी होती हैं लेकिन संख्या में बहुत कम होती हैं। रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लगभग दस हज़ार होती है। ये शरीर में प्रवेश करने वाले रोगाणुओं से लड़ती हैं और उन्हें मार कर बीमारियों से हमारी रक्षा करती हैं। किसी चोट से निकली मवाद या पस भरी हुई श्वेत रक्त कोशिकाएं ही होती हैं। इनकी आयु कुल छ: सात घण्टे ही होती है। ये आवश्यकतानुसार बढ़ कर शरीर की रक्षा करती हैं और इन्हें किसी विशेष प्रकार के भोजन की आवश्यकता नहीं होती।

प्रश्न (घ)
प्लेटलेट्स की क्या भूमिका है ?
उत्तर:
प्लेटलेट्स प्लाज़मा में तैरने वाले पारदर्शी छोटी-छोटी सपाट-प्लेटों की तरह होते हैं। ये शरीर से बहने वाले रक्त की जमाव-क्रिया में सहायता देती हैं। रक्त के प्रति घन मिलीमीटर में इनकी संख्या लगभग डेढ़ लाख से चार लाख तक होती है। चोट लग जाने की स्थिति में ये एक विशेष प्रोटीन के साथ मिलकर मकड़ी के जाल की तरह जालासा बना देती है जिससे लाल रक्त कणिकाएं बाहर बहनी बन्द हो जाती हैं। समय के साथ ये त्वचा के साथ विकसित होकर घाव को भर देती हैं। इन्हें किसी विशेष भोजन की आवश्यकता नहीं होती। ये अपनी तरह की अन्य कोशिकाओं को स्वयं विकसित कर लेती

प्रश्न (ङ)
प्लाज़मा के बारे में आपने क्या जाना ?
उत्तर:
प्लाज़मा रक्त का प्रमुख अंग है जिसमें रक्त की अन्य कोशिकाएं अपने-अपने कार्य करने के लिए तैरती रहती हैं। हल्के-पीले रंग के इस द्रव्य की उपस्थिति में ही रक्त के अंग अपने काम को पूरा कर पाते हैं। यह जिगर (लिवर) में बनता है और इसकी रचना अनेक प्रकार के प्रोटीन्ज़ से होती है। आवश्यकता पड़ने पर जिगर (लिवर) इसका विकास सामान्य की अपेक्षा आठ गुणा तेज़ी से कर सकता है।

प्रश्न (च)
रक्त दान करना क्यों जरूरी है ?
उत्तर:
प्रत्येक मनुष्य के जीवन के लिए रक्त बहुत आवश्यक होता है। यह जीवन का प्रमुख आधार है। यह कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता। यह बोन मैरो में ही बनता है। दुर्घटनाओं, भयंकर बीमारियों, बड़े आप्रेशनों आदि के कारण अनेक बार शरीर में रक्त कम हो जाता है जिसे तत्काल पूरा करने के लिए स्वस्थ लोगों के रक्तदान से सहायता लेनी ही पड़ती है। ऐसा करने से रक्तदाता को कोई क्षति नहीं होती लेकिन ज़रूरतमन्द व्यक्ति की जान बच जाती है। रक्तदान को इसीलिए महादान भी कहा जाता है।

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(ग) व्यावहारिक व्याकरण

I. इन शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द बनायें

उपस्थित = …………………
उचित = …………..
इच्छा = …………..
आवश्यकता = …………..
नियमित = …………..
स्वस्थ = …………..
हिंसा = …………..
पूर्ति = …………..
जन्म = …………..
एक = …………..
ग्रहण = …………..
सामान्य = …………..
उत्तर:
उपस्थित = अनुपस्थित
उचित = अनुचित
इच्छा = अनिच्छा
आवश्यकता = अनावश्यकता
नियमित = अनियमित
स्वस्थ = अस्वस्थ
हिंसा = अहिंसा
पूर्ति = अपूर्ति
जन्म = मरण
एक = अनेक
ग्रहण = त्याग
सामान्य = असामान्य।

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II. इन शब्दों में से मूल शब्द पहचान कर लिखें

सम्पूर्ण = …………..
संरचना = …………..
संकल्प = …………..
सुरक्षित = …………..
नियमित = …………..
विकसित = …………..
प्रदर्शित = …………..
सुरक्षा = …………..
उत्तर:
सम्पूर्ण = पूर्ण
संरचना = रचना
संकल्प = कल्प
सुरक्षित = रक्षा
नियमित = नियम
विकसित = विकास
प्रदर्शित = दर्श
सुरक्षा = रक्षा

III. इन शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखें-

रक्त = …………..
स्वस्थ = …………..
नाड़ी = …………..
भूमिका = …………..
घुसपैठ = …………..
उत्तर:
रक्त = लहू, शोणित
स्वस्थ = निरोग, हृष्टपुष्ट
नाड़ी = नली, रक्तवाहिनी
भूमिका = पृष्ठभूमि, प्रस्तावना
घुसपैठ = बलपूर्वक प्रवेश, बँसना।

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IV. इन रेखांकित विशेषण शब्दों के भेद का नाम लिखिए

प्रश्न (क)
मेरा रंग लाल होता है। (गुणवाचक विशेषण)
उत्तर:
गुणवाचक विशेषण।

प्रश्न (ख)
वयस्क पुरुष में मेरी एक बूंद में इनकी संख्या लगभग पचास लाख होती है।
उत्तर:
वयस्क = गुणवाचक विशेषण, एक = निश्चित संख्यावाचक विशेषण। लगभग पचास लाख-अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण।

प्रश्न (ग)
इनके स्थान पर नई कोशिकाएं जन्म ले लेती हैं।
उत्तर:
नई = गुणवाचक विशेषण।

प्रश्न (घ)
हमें सदैव सन्तुलित भोजन लेना चाहिए।
उत्तर:
सन्तुलित-गुण वाचक विशेषण।

प्रश्न (ङ)
मेरी श्वेत कोशिकाएं आपके शरीर में किसी रोगाणु की घुसपैठ के समय किसी बहादुर सिपाही की तरह बचाव के लिए आती हैं।
उत्तर:
श्वेत = गुणवाचक विशेषण, बहादुर = गुणवाचक विशेषण।

अतिरिक्त ज्ञान:

(क) अपने रक्त समूह (ब्लड ग्रुप) की जाँच करवायें। अपना रक्त समूह नोट करके रखें।
(ख) रक्त समूह आठ प्रकार के होते हैं ए-पाजिटिव, ए-नेगेटिव, बी-पाजिटिव, बी-नेगेटिव, ए-बी पाजिटिव, ए-बी नेगेटिव, ओ-पाज़िटिव, ओ-नेगेटिव।
(ग) मान्यता प्राप्त संस्था को ही रक्त दान करें।
(घ) रक्त बेचना दण्डनीय अपराध है।

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PSEB 8th Class Hindi Guide रक्त की आत्मकथा Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखें

प्रश्न 1.
किसके कारण इन्सानों का जीवन चलता है ?
(क) माँस
(ख) खाल
(ग) बाल
(घ) रक्त।
उत्तर:
रक्त।

प्रश्न 2.
रक्त का रंग क्या होता है ?
(क) लाल
(ख) नीला
(ग) पीला
(घ) बैंगनी।
उत्तर:
लाल।

प्रश्न 3.
कोशिकाएँ सदा किसमें तैरती हैं ?
(क) प्लेटों में
(ख) प्लाज्मा में
(ग) प्लैटिनिम में
(घ) प्लाटों में।
उत्तर:
प्लाज्मा में।

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प्रश्न 4.
हीमोग्लोबिन की कमी से कौन-सा रोग होता है ?
(क) अफारा
(ख) आसियाना
(ग) अनीमिया
(घ) शूगर।
उत्तर:
अनीमिया।

प्रश्न 5.
रक्त में लाल कोशिकाओं की आयु कितने मास की होती है ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच।
उत्तर:
चार

प्रश्न 6.
कितने वर्ष की आयु का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है ?
(क) 15-20
(ख) 18-50
(ग) 18-60
(घ) 18-65.
उत्तर:
18-65.

प्रश्न 7.
लाल कोशिकाओं का विकास कहाँ होता है ?
(क) बौनमैरी में
(ख) प्लाज्मा में
(ग) प्रोटीन में
(घ) प्लेटलेस में।
उत्तर:
बोनमैरी में।

प्रश्न 8.
रक्त में मुख्य रूप से कितने अंग होते हैं ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच।
उत्तर:
दो।

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रक्त की आत्मकथा Summary

रक्त की आत्मकथा पाठ का सार

रक्त अपनी कहानी सुनाते हुए कहता है कि उसके कारण ही हम इन्सानों का जीवन चलता है। वह निरन्तर हमारी नाड़ियों में बहता रहता है। लाल रंग का रक्त शरीर से किसी भी कारण बाहर निकलने पर पानी की तरह बहता है। रक्त के मुख्य रूप से दो हिस्से होते हैं-प्लाज्मा और कोशिकाएँ। कोशिकाएँ सदा प्लाज्मा में तैरती रहती हैं। रक्त का 55 प्रतिशत भाग प्लाज्मा होती है और शेष 45 प्रतिशत भाग लाल कोशिकाएँ, श्वेत कोशिकाएँ और पारदर्शी प्लेटलेट्स कोशिकाएँ बनाती हैं। लाल कोशिकाओं के कारण रक्त लाल रंग का दिखाई देता है। किसी भी वयस्क पुरुष के खून की एक बूंद में लाल कोशिकाओं की लगभग संख्या पचास लाख होती है। बच्चों और स्त्रियों में इनकी संख्या बदल जाती हैं। इनका लाल रंग हीमोग्लोबिन नामक एक पदार्थ के कारण होता है। लाल कोशिकाओं की बनावट ऐसी होती है जैसे बालूशाही को दोनों ओर से दबाया गया हो। ये लाल कोशिकाएँ दिन-रात चौबीसों घंटे ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अंगों तक पहुँचाती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों के माध्यम से बाहर फेंकती हैं। हीमोग्लोबिन लोहे और प्रोटीन से बनता है। यदि रक्त में हीमोग्लोबिन कम हो जाए तो अनीमिया नामक बीमारी हो जाती है। लाल कोशिकाओं का विकास ‘बोन मैरो’ नामक पदार्थ में होता है जो हड्डियों के खोखले भाग में भरा होता है। बोन मैरो का तीन-चौथाई भाग श्वेत कोशिकाओं और प्लेटलेट्स बनाने का कार्य करता है।

रक्त में लाल कोशिकाओं की आयु चार महीने ही होती है। रक्त के निर्माण के लिए हम सब को प्रोटीन, लोह तत्व और विटामिन खाने चाहिएं। यदि रक्त अधिक मात्रा में बह जाए तो बोन मैरो इसके उत्पादन को आठ गुणा तक बढ़ा सकती है। रक्त का प्रत्येक हिस्सा हमारे लिए उपयोगी होता है। श्वेत कोशिकाएँ शरीर का सुरक्षा कवच बनती हैं और आकार में लाल कोशिकाओं से दो गुणा बड़ी होती हैं, पर संख्या में कम होती हैं। ये रोगाणुओं से लड़ती हैं। जब ये मर जाती हैं तो पस या मवाद के रूप में दिखाई देती हैं। इनकी आयु छ:-सात घंटे ही होती है। प्लाज्मा में तैरती प्लेटलेट्स कोशिकाएँ छोटी-छोटी पारदर्शी प्लेटों की तरह होती हैं। ये रक्त की जमाव क्रिया में सहायक होती हैं। इनकी संख्या प्रति घन मिलीमीटर में डेढ़ लाख से चार लाख तक होती है। जब कभी चोट लगती है तो ये प्लाज्मा में उपस्थित एक विशेष प्रोटीन के साथ मिल कर एक जाल-सा बना देती है जिससे खून बहना बंद हो जाता है। जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स अपने जैसी कोशिकाओं को स्वयं बना लेते हैं। इन्हीं के कारण हम मच्छरों से फैलने वाले ‘डेंगू’ से बच पाते हैं। हल्के-पीले रंग का प्लाज्मा अन्य सभी अंगों को साथ लेकर कार्य करता है। कोशिका के तीनों अंग इसी में तैरते रहते हैं। प्लाज्मा तरह-तरह के प्रोटीन्ज़ से बनता है और इसका विकास जिगर (लिवर) में होता है। जब कभी कोई व्यक्ति रक्त दान करता है तो जिगर सामान्य की अपेक्षा आठ गुना तेज़ी से इसका निर्माण कर देता है। किसी वयस्क पुरुष के शरीर में रक्त की मात्रा 75 सी०सी० प्रति किलोग्राम और वयस्क स्त्री में यह 67 सी०सी० प्रति किलोग्राम होती है। जरूरत पड़ने पर अपना रक्त दूसरों को दान दिया जा सकता है। रक्त फैक्ट्रियों में नहीं बनाया जा सकता। इसलिए इसे जरूरतमंद लोगों को देना चाहिए। अठारह से पैंसठ वर्ष का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन महीने बाद रक्त दान कर सकता है। अब ऐसी अनेक मशीनें हैं जो रक्त के हिस्सों को अलग-अलग कर सकती हैं और अलग-अलग रोगियों को उन्हें दिया जा सकता है। रक्त बहुत उपयोगी है और इसे हिंसा के द्वारा कभी नहीं बहाना चाहिए।