PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

Punjab State Board PSEB 8th Class Home Science Book Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 8 Home Science Chapter 8 प्राथमिक सहायता

PSEB 8th Class Home Science Guide प्राथमिक सहायता Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
प्राथमिक सहायता क्यों ज़रूरी है ?
उत्तर-
घायल की तत्काल थोड़ी सहायता, रोग को अधिक गम्भीर होने से बचाना, रक्त स्राव रोकना, अचानक बेहोश होने या बेहोशी दूर करना।

प्रश्न 2.
जलन कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर-
जलन दो प्रकार की होती है-

  1. सूखी (शुष्क) जलन,
  2. तरल जलन।

प्रश्न 3.
अगर कपड़ों को आग लग जाए तो क्या करना चाहिए ?
उत्तर–
व्यक्ति को मोटे कंबल आदि में लपेटें तथा धरती पर लिटा कर लुढ़काना चाहिए।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 4.
डॉक्टर के आने से पहले जले हुए घाव पर क्या लगाओगे ?
उत्तर-
बरनौल।

प्रश्न 5.
अपने आप को लू से कैसे बचाओगे ?
उत्तर-
पानी अधिक पीना चाहिए, कच्चे आम को भून कर रस पीना चाहिए। प्याज का प्रयोग करना चाहिए, सीधे धूप में नहीं जाना चाहिए।

प्रश्न 6.
ल वाले रोगी को किस तरह से सम्भालोगे ?
उत्तर-
रोगी को छाया वाली ठण्डी जगह पर रखें। धड़ को ठंडे पानी में डुबोना चाहिए। सिर पर बर्फ की थैली रखनी चाहिए। कच्चे आम का रस देना चाहिए आदि।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 7.
लू क्यों लगती है ?
उत्तर-
तेज़ गर्मी के मौसम में अचानक सूर्य की किरणें किसी कमज़ोर व्यक्ति, बच्चे या बूढ़े पर पड़ जाएं तो उसे लू लग सकती है।

प्रश्न 8.
ज़ख्म पर क्या लगाना चाहिए ?
उत्तर-
डिटोल, स्पिरीट आदि।

लघूत्तर प्रश्न

प्रश्न 1.
कान में से खून बहने का क्या कारण है ?
उत्तर-
खोपड़ी के धरातल की हड्डी टूटने से कान से खून बहने लगता है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 2.
प्राथमिक सहायता से आप क्या समझते हो ?
अथवा
प्राथमिक सहायता से क्या भाव है ?
उत्तर-
प्राथमिक सहायता वह सहायता है जो डॉक्टर के आने से पहले या रोगी को डॉक्टर के पास ले जाने से पहले रोग की पड़ताल करके, उसे शीघ्र ही चिकित्सा के रूप में पहुँचाई जाए।

प्रश्न 3.
प्राथमिक सहायता करने वाला व्यक्ति कैसा होना चाहिए?
उत्तर-
प्राथमिक सहायता करने वाला व्यक्ति धैर्यवान्, सहनशील, शान्त, दयावान्, होशियार, पक्के इरादे वाला, स्पष्टवादी, शारीरिक और मानसिक स्तर पर चुस्त होना चाहिए।

प्रश्न 4.
क्या प्राथमिक सहायता के उपरान्त डॉक्टर को बुलाना आवश्यक है ?
उत्तर-
प्राथमिक सहायता के उपरान्त शेष कार्य डॉक्टर के लिए छोड़ देना चाहिए। जितनी जल्दी हो उसे डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए और डॉक्टर के पहुंचने पर उसे बीमार की पूरी स्थिति बता देनी चाहिए।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 5.
सूखी जलन से आप क्या समझते हो?
उत्तर-
आग या धातु का गर्म टुकड़ा शरीर के किसी भाग के साथ छू जाए या रगड़ा जाए अथवा गाढ़े तेज़ाब या क्षार द्वारा पैदा हुआ जख्म या घाव सूखी जलन कहलाता है।

प्रश्न 6.
तरल जलन कैसे हो जाती है?
उत्तर-
भाप, गर्म तेल, लुक या उबलती चाय या दूध या अयोग्य ढंग से लगाई हुई पुलटिस के साथ पैदा हुए घाव को तरल जलन कहा जाता है।

प्रश्न 7.
डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए एक-एक पल कीमती क्यों होता है ?
उत्तर-
डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के लिए एक-एक पल कीमती है, क्योंकि कई बार डूबने से आदमी मरता तो नहीं, लेकिन बेहोश हो जाता है। झिल्ली काम करना बन्द कर देती है और सांस रुक जाता है। इस समय अगर बनावटी सांस दिया जाए तो जान बच सकती है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
जख्म कितनी तरह के होते हैं ?
उत्तर-
जख्म या घाव कई तरह के होते हैं। मुख्य प्रकार से जख्मों या घावों को निम्न श्रेणियों में बाँटा जा सकता है-
1. कटा हुआ घाव या कर्टित घाव-कभी-कभी तेज़ चाक, ब्लेड या काँच आदि के किनारे से लगकर रक्त बहने लगता है। यदि घाव गहरा हो जाता है तो धमनियाँ तथा नाड़ियाँ भी कट जाती हैं।

2. फटा हुआ घाव या दीर्घ घाव-इस प्रकार के घाव सामान्यतः मशीन के कल-पुर्जो, जानवरों के सींगों तथा पंजों द्वारा हो जाया करते हैं। घाव के किनारे फटे तथा टेढ़े-मेढ़े हो जाते प्राथमिक सहायता हैं। ये घाव ज्यादा खतरनाक होते हैं। इनके विषैले होने का खतरा रहता है। घाव के भर जाने पर भी शरीर पर स्थाई तथा भद्दे निशान पड़ जाते हैं।

3. संवेधित घाव-इस प्रकार के घाव गोली लगने, लकड़ी की फास चुभने, नुकीला हथियार लगने, काँटा चुभने आदि से हो जाते हैं। इन घावों का मुंह ऊपर से छोटा होता है। इनके बारे में सही अनुमान लगाना सम्भव नहीं होता। गोली लगने पर गोली निकालने का काम डॉक्टर पर छोड़ देना चाहिए।

4. कुचला हुआ घाव या कुचलित घाव-किसी भारी वस्तु के शरीर पर गिरने से, हथौड़े की चोट उँगली पर पड़ जाने से, दरवाज़े के बीच उंगली आ जाने से जो घाव बनता है; वह कुचला हुआ या कुचलित घाव कहलाता है।

प्रश्न 2.
अगर नाक में खून आए तो क्या करोगे?
उत्तर-
प्रायः गर्मियों में अधिक गर्मी होने के कारण नाक से खून बहता है। इसे नक्सीर आना या फूटना कहते हैं। नक्सीर फूटने पर निम्नलिखित प्रकार से उपचार करना चाहिए-
PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता 1
चित्र 8.1 नाक से खून बहना

  1. रोगी को खुले स्थान पर खिड़की के सामने ले जाकर कुर्सी पर बिठाना चाहिए जिससे शुद्ध वायु मिल सके।
  2. उसके सिर को पीछे और हाथों को ऊँचा करना चाहिए।
  3. यदि रोगी बैठ न सकता हो तो उसके कन्धे के नीचे दो तकिये लगा देने चाहिएँ।
  4. गर्दन व छाती के आस-पास के वस्त्रों को ढीला कर देना चाहिए।
  5. नाक द्वारा सांस न लेकर मुँह द्वारा साँस लेने को कहना चाहिए।
  6. नाक, हँसली और रीढ़ की हड्डी पर ठण्डे पानी की पट्टी रखनी चाहिए ताकि खून का बहना कम हो जाए।
  7. पाँव गर्म रखने चाहिएँ। ऐसा करने के लिए एक चिलमची में गुनगुना पानी लेकर रोगी के पैरों को उसमें रखकर तौलिए से ढक देना चाहिए। इससे खून का बहाव पैरों की ओर अधिक होगा।
  8. खून बहना बन्द हो जाने पर भी रोगी की नाक जल्दी साफ़ नहीं करनी चाहिए और न ही उसे बहुत हिलने-डुलने देना चाहिए।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 3.
आप रोगी की सहायता कैसे करोगे?
उत्तर-
रोगी की सहायता-कान की कनपटी पर थोड़ी रूई रखकर ढीली पट्टी बाँध देनी चाहिए और रोगी का सिर चोट वाली तरफ झुका देना चाहिए।

Home Science Guide for Class 8 PSEB प्राथमिक सहायता Important Questions and Answers

I. बहुविकल्पी प्रश्न

प्रश्न 1.
दहन कितने प्रकार की होती है ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) पांच
(घ) दस।
उत्तर-
(ख) दो

प्रश्न 2.
कांटा चुभने के कारण हुआ घाव कैसा है ?
(क) कर्टित घाव
(ख) दीर्घ घाव
(ग) संवेधित घाव
(घ) कुचलित घाव।
उत्तर-
(ग) संवेधित घाव

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 3.
कुचलित घाव है
(क) तेज़ चाकू वाला
(ख) मशीन के पुर्जे के कारण
(ग) बांस चुभना
(घ) दरवाज़े में ऊंगली आ जाना।
उत्तर-
(घ) दरवाज़े में ऊंगली आ जाना।

प्रश्न 4.
ठीक तथ्य है
(क) जले हुए स्थान पर बरनौल लगानी चाहिए।
(ख) घाव को एंटीसेप्टिक घोल से साफ़ करना चाहिए।
(ग) क्षार से जले हुए अंग को पानी से धो दें।
(घ) सभी ठीक।
उत्तर-
(घ) सभी ठीक।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

II. ठीक/गलत बताएं

  1. शरीर में 6 दबाव बिन्दु होते हैं।
  2. धमनी की तुलना में शिरा का रक्त स्राव सरलता से रोका जा सकता है।
  3. लू वाले रोगी के सिर पर बर्फ की थैली रखनी चाहिए।
  4. लू लगने से रोगी की नब्ज तेज़ चलती है।
  5. गर्म धातु से जलना तरल जलन है।

उत्तर-

III. रिक्त स्थान भरें

  1. लू वाले रोगी को ……………….. स्थान पर ले जाएं।
  2. दरवाज़े में उंगली आने से ……………….. घाव बनता है।
  3. शरीर में ……………….. दबाव बिंदु है।
  4. लू लगने पर शरीर का तापमान 102° F से ……………….. तक हो सकता है।

उत्तर-

  1. ठण्डे,
  2. कुचला,
  3. छ:,
  4. 108°

IV. एक शब्द में उत्तर दें

प्रश्न 1.
कान से खून आने का कारण बताएं।
उत्तर-
खोपड़ी के धरातल की हड्डी टूटना।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 2.
लू से बचने के लिए नमक की मात्रा कम लेनी चाहिए या अधिक ?
उत्तर-
साधारण से 1/2 गुणा अधिक।

प्रश्न 3.
जले हुए घाव पर किस घोल से ड्रेसिंग करनी चाहिए ?
उत्तर-सोडे के घोल से।

प्रश्न 4.
सूखी जलन का उदाहरण दें।
उत्तर-
गर्म धातु से जलन।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रमुख घरेलू दुर्घटनाएं कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
भीगे या चिकने फर्श पर फिसल कर गिर जाना, सीढ़ियों से लुढ़क जाना, खेल-कूद में चोट लगना, रसोई में आग लगना, गर्म जल या दीपक या किसी तेज़ गर्म वस्तु से जल जाना, गर्म पानी या चाय आदि के गिरने से जल जाना, आग से झुलस जाना, भाप से जल जाना, दम घुटना, कटना या खरोंच पड़ना, धोखे से जहरीली दवाएँ पी लेना आदि-आदि।

प्रश्न 2.
प्राथमिक सहायता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
अचानक घटने वाली दुर्घटनाओं की जो चिकित्सा डॉक्टर के पास या अस्पताल ले जाने से पूर्व की जाती है, उसे प्रार्थामक सहायता कहते हैं।

प्रश्न 3.
प्राथमिक सहायता से क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
घायल की तत्काल थोड़ी सहायता, रोग को अधिक गम्भीर होने से बचाना, रक्त स्राव रोकना, अचानक बेहोश होने पर बेहोशी दूर करना।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 4.
रक्तस्त्राव किसे कहते हैं ? ।
उत्तर-
चोट से, खरोंच से, सुई चुभने से या किसी तेज़ धार वाली वस्तु द्वारा धमनी या शिरा के कट जाने से रक्त के बहने को रक्तस्राव कहते हैं।

प्रश्न 5.
रक्तस्त्राव कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-

  1. कोशिकाओं के कट जाने से रक्तस्राव,
  2. धमनी से रक्तस्राव,
  3. शिरा से रक्तस्राव,
  4. आन्तरिक रक्तस्राव,
  5. नाक से रक्तस्राव

प्रश्न 6.
कान से खून बहने का क्या कारण है?
उत्तर-
खोपड़ी के धरातल की हड्डी टूटने से कान से खून बहने लगता है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 7.
कान से खून बहने पर आप क्या उपचार करेंगी?
उत्तर-
कान की कनपटी पर थोड़ी रूई रखकर ढीली पट्टी बाँध देना चाहिए और रोगी का सिर चोट वाली तरफ झुका देना चाहिए।

प्रश्न 8.
दबाव बिन्दु क्या होते हैं ?
उत्तर-
शरीर में ऐसे स्थान जहाँ पर दबाव डालकर खून का बहना रोका जा सकता है।

प्रश्न 9.
शरीर में कितने दबाव बिन्दु प्रमुख हैं ? नाम दीजिए।
उत्तर-
शरीर में छः दबाव बिन्दु प्रमुख हैं

  1. गले स्राव नलिका की बगल में,
  2. कान के ठीक सामने की ओर,
  3. जबड़े से कोण बनाता हुआ 2.5 सेमी. की दूरी पर,
  4. कॉलर की हड्डी के अन्दर के भाग के पीछे की ओर,
  5. भुजाओं के अन्दर की ओर,
  6. जाँघ में मूत्राशय के निकट।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 10.
दबाव बिन्दु का प्रमुख कार्य क्या है?
उत्तर-
दबाव बिन्दुओं पर उचित दबाव डालकर रक्त के बहने को रोक कर रोगी को एक बहुत बड़े सदमे से बचाया जा सकता है।

प्रश्न 11.
नक्सीर फूटना किसे कहते हैं ?
उत्तर-
तेज़ गर्मी से छींकने अथवा सीधी चोट के कारण नाक से खून बहने लगता है, तो उसे नक्सीर फूटना कहते हैं।

प्रश्न 12.
प्राथमिक चिकित्सक के गुण क्या हैं ?
उत्तर-

  1. स्पष्ट बोलने वाला।
  2. धैर्यवान्, सहनशील तथा साहसी।
  3. मृदु भाषी तथा प्रसन्नचित
  4. दूरदर्शी, सतर्क तथा निपुण।
  5. हृष्ट-पुष्ट।
  6. दयालु व सेवाभाव रखने वाला।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 13.
भाप, गर्म तेल या उबलती चाय के साथ पैदा हुए घाव को कौन सी जलन कहां जाता है ?
उत्तर-
तरल जलन।

प्रश्न 14.
शुष्क जलन से क्या भाव है ?
उत्तर-
स्वयं उत्तर दें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्राथमिक सहायता से क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
रोगी की प्राथमिक सहायता करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं-

  1. घायल की तत्काल थोड़ी-सी सहायता करने से उसका जीवन बच सकता है।
  2. प्राथमिक सहायता से रोग को और अधिक गम्भीर होने से बचाया जा सकता है।
  3. किसी भी कारण खून के बहने को रोका जा सकता है।
  4. किसी के अचानक चोट लगने पर या बेहोश हो जाने पर बेहोशी दूर करने के उपाय किए जा सकते हैं।
  5. थोड़ी देर के लिए अचानक पीड़ा को कम किया जा सकता है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 2.
सूखी गर्मी से जलने के क्या लक्षण होते हैं? इसका उपचार किस प्रकार किया जाना चाहिए?
उत्तर-
आग, गर्म धातु, तेज़ाब, क्षार, बिजली, तेज़ घूमने वाले पहिये या तार की रगड से जलने को सूखी गर्मी से जलना कहते हैं। इसके प्रमुख लक्षण निम्न होते हैं

  1. पीड़ा अधिक होती है।
  2. सदमा पहुँचता है।
  3. त्वचा पर लाली आ जाती है।

उपचार-

  1. सदमें को दूर करने के लिए घायल को गर्म रखना चाहिए।
  2. जलन को कम करने के लिए कोई भी ठण्डक पहुँचाने वाला घोल, जैसे खाने के सोडे का गाढ़ा घोल जले हुए स्थान पर लगाना चाहिए।
  3. जले हुए स्थान पर बरनॉल नामक औषधि भी लगाई जा सकती है।

प्रश्न 3.
लू लगने के क्या लक्षण होते हैं ?
उत्तर-
लू लगने के लक्षण-

  1. रोगी की नब्ज तेज़ चलती है।
  2. शरीर का तापमान बढ़ जाता है।
  3. बुखार 102°F से 110°F तक हो सकता है।
  4. बुखार बढ़ने से नाक-कान से खून बहने लगता है।
  5. मूर्छा आ जाती है।
  6. पुतली सिकुड़ जाती है।
  7. सिर घूमने लगता है।
  8. प्यास लगने लगती है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 4.
रक्तस्त्राव को रोकने के उपाय बताइए।
उत्तर-
रक्तस्राव को रोकने के निम्नलिखित उपाय हैं-

  1. खरोंच, सूई चुभने या सामान्य कोशिका के कट जाने पर रक्तस्त्राव को रोकने के लिए कटे स्थान को हाथ या अँगूठे से दबा दिया जाता है।
  2. यदि अँगूठे या हाथ से रक्त का बहाव बन्द न हो तो रूई व कपड़े का पैड या बौरसिक लिन्ट के टुकड़े को घाव पर रखकर पट्टी बाँधनी चाहिए। तब तक पट्टी न खोली जाये जब तक रक्त का बहाव बन्द न हो जाए।
  3. धमनी से रक्त बहने की स्थिति में पहले घायल व्यक्ति को लिटा देना चाहिए। जिस अंग से रक्त बह रहा हो उसे यथासम्भव हृदय के लैवल से ऊपर उठाकर रखना चाहिए।
  4. बर्फ की थैली रखने से भी रक्त बहना बन्द हो जाता है।
  5. शिरा से रक्त बहने पर चोट लगे हिस्से को नीचे की ओर झुकाना चाहिए।
  6. यदि हड्डी नहीं टूटी हो तो घाव को अँगूठे व हथेली से दबाकर भी रक्त बहना बन्द किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
तेज़ाब से जलने पर प्राथमिक उपचार बताइए।
उत्तर-

  1. क्षतिग्रस्त भाग को दो चाय के चम्मच बेकिंग सोडा, सोडियम बाइकार्बोनेट या सोडा कार्बन एक पाइन्ट गर्म पानी में घोलकर भली-भान्ति धो डालें।
  2. दूषित वस्त्रों को सावधानीपूर्वक उतार दें और जले हुए घाव के सामान्य नियमों का पालन करें।
  3. जले हुए भाग को कभी भी सादे पाने से न धोयें।
  4. यदि आँख पर तेज़ाब पड़ने की शंका हो तो उसे पानी से अच्छी प्रकार धोकर पट्टी बाँध दें।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 6.
क्षार से जलने पर क्या प्राथमिक उपचार किया जाना चाहिए ?
उत्तर-

  1. जले अंग पर पड़ा क्षार (चूना) नर्म ब्रुश से हटा दें।
  2. जले हुए अंग को पानी से धो डालें।
  3. सिरका या नींबू के रस को समान मात्रा में पानी मिलाकर क्षतिग्रस्त भाग को धोएँ इससे क्षार का प्रभाव कम हो जाता है।
  4. दृषित वस्त्रों को शीघ्र हटा दें और जलने के सामान्य नियमों का पालन करें।
  5. यदि आँख पर क्षार पड़ने की शंका हो तो पानी में भली-भान्ति धो डालें। आँखों को नर्म रूई की गद्दी लगाकर पट्टी बाँध दें तथा डॉक्टर को तुरन्त दिखाने का प्रयास करें।

प्रश्न 7.
शिरा के रक्तस्त्राव को कैसे रोका जा सकता है ?
उत्तर-
धमनी की अपेक्षा शिरा का रक्तस्राव सरलता से रोका जा सकता है। शिराओं से बहने वाला रक्त अशुद्ध तथा नीलापन लिए हुए गहरे रंग का होता है। शिरा से रक्त लगातार तेज़ी से एक बंधी धार के साथ निकलता है।

उपचार-जिस अंग में चोट लगी हो उसे नीचे की ओर झुका देना चाहिए। यदि घाव गन्दा हो तो एण्टीसेप्टिक घोल से धो देना चाहिए। यदि हड्डी न टूटी हो तो उँगली से घाव को ज़ोर से दबाना चाहिए और रूई का एक मोटे पैड पर रखकर बाँध देना चाहिए। घाव के नीचे कसकर पट्टी बाँध देने से रक्तस्राव पूर्ण रूप से बन्द हो जाता है।।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 8.
डूबते व्यक्ति को बचाने के लिए उस की प्राथमिक सहायता कैसे करोगे ?
उत्तर-
डूबते व्यक्ति को पानी में से बाहर निकाल कर बचाने के लिए उस को उल्टा कर पेट पर दबाव डाल कर फालतू पानी निकाल दें तथा बनावटी सांस देनी चाहिए। जल्दी ही डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए।

प्रश्न 9.
प्राथमिक सहायता किसे कहते हैं तथा प्राथमिक सहायता करने वाला व्यक्ति कैसा होना चाहिए ?
उत्तर-
स्वयं उत्तर दें।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 1.
विभिन्न प्रकार के घाव के उपचार बताइए।
उत्तर-
1. कटे हुए घाव का उपचार-यदि घाव कम गहरा हो तो थोड़ा-सा रक्त बहा देना चाहिए। इससे कीटाणु बाहर निकल जायेंगे। इस प्रकार के घाव को एण्टीसेप्टिक घोल, टिंचर आयोडीन, स्प्रिट आदि से साफ़ करना चाहिए तथा घाव के ऊपर रूई रखकर पट्टी बाँध
देनी चाहिए। साफ़ करते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आस-पास की गन्दगी तथा पानी घाव में न जाये। यदि रक्तस्राव अधिक हो तो कसकर पट्टी बाँध देनी चाहिए। यदि घाव बड़ा हो तो डॉक्टर की सलाह से टाँके लगवा देने चाहिएँ।

2. फटे हुए घाव का उपचार-

  • रक्तस्राव बन्द करके घाव को एण्टीसेप्टिक घोल से साफ़ करना चाहिए।
  • घाव साफ़ करने के बाद उस पर सल्फोनामाइड पाउडर अच्छी तरह बुरक कर तथा रूई रखकर बाँध देना चाहिए। डॉक्टरी इलाज करना चाहिए।

3. संवेधित घाव का उपचार-रक्तस्राव रोकने के उपरान्त घाव को एण्टीसेप्टिक घोल से धोकर साफ़ करना चाहिए और फिर रूई को मरक्यूरीक्रोम या एक्रोफ्लेविन में भिगोकर घाव पर रखने के बाद पट्टी बाँध देनी चाहिए। यदि गोली अन्दर रह गई हो तो घायल को तुरन्त चिकित्सालय ले जाना चाहिए। रोगी को मूर्छित नहीं होने देना चाहिए।

4. कुचले हुए या कुचलित घाव का उपचार- इस प्रकार के घाव को एण्टीसेप्टिक घोल से धोकर कपड़े को बर्फ के पानी में गीला कर बाँध देना चाहिए। यदि घायल को बेचैनी हो तो ठण्डे पानी के साथ ग्लुकोस देना चाहिए।

प्रश्न 2.
फर्स्ट एड बॉक्स क्या होता है ? प्राथमिक सहायता हेतु आवश्यक वस्तुओं की सूची दीजिए।
उत्तर-
प्राथमिक सहायता के लिए आवश्यक सामग्री को एक डिब्बे में रखा जाता है जिससे उसका उपयोग आपातकाल के समय तुरन्त किया जा सके और सामान के लिए इधरउधर न भटकना पड़े। इस डिब्बे को फर्स्ट एड बॉक्स (First Aid Box) कहते हैं।
फर्स्ट एड बॉक्स में प्राथमिक सहायता सम्बन्धी निम्नलिखित सामान होना चाहिए-
PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता 2
चित्र 8.2 फर्स्ट एड बॉक्स

  1. टिंक्चर आयोडीन
  2. टिंक्चर बेन्जोइन
  3. मरक्यूरोक्रोम या ऐक्रीफ्लेविन
  4. स्प्रिट तथा अमोनिया
  5. पोटाशियम परमैंगनेट (लाल दवाई)
  6. डिटोल (कृमिनाशक घोल)
  7. सोडा बाइकार्बोनेट (खाने का मीठा सोडा)
  8. सूंघने का नमक (स्मैलिंग साल्ट)
  9. बरनॉल
  10. आयोडेक्स
  11. दवाईयुक्त प्लास्टर (हेसिव टेप)
  12. ए० पी० सी०, डिस्प्रीन, एनासिन या नोवलजिन
  13. पट्टियाँ (गोल व तिकोनी)
  14. गॉज (जाली वाला कपड़ा)
  15. रूई (कॉटन) मेडीकेटिड
  16. खपच्चियाँ
  17. आँख धोने का गिलास
  18. आधा दर्जन सेफ्टी पिन
  19. 2-3 ड्रापर
  20. कुछ लम्बी सीकें जो फुरहरी बनाने के काम आयें
  21. टूनिकेट
  22. छोटी कैंची, चाकू तथा चिमटी।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 3.
सूखे तथा तरल दहन से क्या भाव है ? उदाहरण देकर स्पष्ट करें।
अथवा
शुष्क और तरल जलन से क्या अभिप्राय है ? उदाहरण देकर स्वष्ट कीजिए।
उत्तर-
स्वयं उत्तर दें।

प्रश्न 4.
लू क्यों लगती है तथा लू वाले रोगी की प्राथमिक सहायता कैसे करोगे ?
उत्तर-
उपरोक्त प्रश्नों में देखें।

प्रश्न 5.
प्राथमिक सहायता क्यों ज़रूरी है?
उत्तर-
दैनिक जीवन में कई प्रकार की दुर्घटनाएं घटती रहती हैं। घर में, स्कूल में, सड़क पर यात्रा करते हुए, कारखाने आदि में कहीं भी दुर्घटना हो सकती है। जल जाना, लू लगना, किसी कीड़े-मकौड़े का काटना, गलती से कोई विषैली वस्तु खा लेना, किसी अंग का कट जाना, मूर्च्छित हो जाना, चोट लगने से रक्त बहना आदि भी रोज़ की घटनाएँ हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर को बुलाना और इलाज करना आवश्यक हो जाता है। परन्तु हर जगह और हर समय शीघ्र डॉक्टर का मिलना सम्भव नहीं होता। डॉक्टर के न मिलने पर तत्काल उपचार न होने से मरीज की हालत बिगड़ जाती है और मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की स्थिति को डॉक्टर के आने से पूर्व बिगड़ने से रोकने के लिए और उसकी जान बचाने के लिए प्राथमिक सहायता (प्राथमिक उपचार) की आवश्यकता होती है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 6.
अगर कपड़ों को आग लग जाए तो क्या करना चाहिए?
उत्तर-
कपड़ों को आग लगने पर उपाय-
1. यदि खाना बनाते समय या किसी और कारण से कपड़ों में आग लग गई हो तो रोगी को तुरन्त ज़मीन पर लेट कर लुढ़कना चाहिए। रोगी के ऊपर एक कम्बल या ओवरकोट डालना चाहिए, लेकिन रोगी का मुँह खुला रखना चाहिए।
2. आग बुझाने के लिए जलते हुए व्यक्ति पर कभी भी पानी नहीं डालना चाहिए, नहीं तो घाव और गम्भीर हो जाते हैं।
3. रोगी के कपड़े व जूते उतार देने चाहिएं। यदि नहीं उतर सकें तो उन्हें काट देना चाहिए।
4. रोगी को उठाकर किसी एकान्त स्थान पर ले जाकर लिटा देना चाहिए। उसे पीने के लिए गर्म दूध या चाय देनी चाहिए।
5. यदि फफोले पड़ गए हों तो उन्हें फोड़ना नहीं चाहिए।
6. जले हुए स्थान पर खाने के सोडे के घोल से ड्रेसिंग करनी चाहिए।
7. एक भाग अलस के तेल में एक भाग चूने का पानी मिलाकर स्वच्छ कपड़े के फाये द्वारा जले हुए भाग पर लगाना लाभदायक होता है।बरनोल उपलब्ध हो तो जले हुए स्थान पर धीरे-धीरे लगाना चाहिए।
8. जले हुए स्थान पर नारियल का तेल मलने से भी आराम मिलता है।
9. यदि अधिक जल गया हो तो जले हुए स्थान के कपड़े सावधानीपूर्वक हटा देने चाहिएँ यदि कपड़े चिपक गए हों तो उस स्थान पर नारियल या जैतून का तेल लगा देना चाहिए।
10. रोगी को शीघ्रातिशीघ्र डॉक्टर के पास या अस्पताल ले जाना चाहिए।

प्रश्न 7.
डॉक्टर के आने से पहले जले हुए घाव पर क्या लगाओगे?
उत्तर-
डॉक्टर के आने से पूर्व जले हुए व्यक्ति के फफोले या छाले नहीं फोड़ने चाहिएं क्योंकि ये बाहर के रोगाणुओं से घाव को बचाते हैं। डॉक्टर के आने से पहले जले हुए घाव पर निम्नलिखित पदार्थ लगाए जा सकते हैं-
1. यदि कपड़ों के जलने से शरीर जला है तो जले हुए स्थान पर खाने के सोडे का घोल, एक भाग चूने का पानी मिलाकर, जैतून या नारियल का तेल या बरनोल लगाया जा सकता है।

2. यदि शरीर रासायनिक पदार्थों से जला है तो जले हुए स्थान के भाग को पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। यदि शरीर का भाग तेज़ाब (अम्ल) से जला है तो उस पर अमोनिया या खाने के सोडे का घोल लगाना चाहिए।

3. तीव्र क्षार से जलने पर सिरके या नींबू के रस में पानी मिलाकर लगाने से आराम मिलता है और क्षार का प्रभाव कम हो जाता है। कार्बोलिक अम्ल से जले हुए भाग पर एल्कोहल मलने से आराम मिलता है।

4. वाष्प या शुष्क ताप से जलने पर या बिजली से जलने पर भी वही उपचार देना चाहिए जो कपड़ों में आग लगने पर गम्भीर रूप से जलने पर दिया जाता है।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 8.
अपने आपको लू से कैसे बचाओगे?
उत्तर-
अपने आप को लू से बचाने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए-

  1. गर्मी में काम करते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिएँ।
  2. गर्मी के स्थान से वातानुकूलित ठण्डे स्थान में या वातानुकूलित ठण्डे स्थान से गर्मी के स्थान पर एकाएक नहीं आना-जाना चाहिए।
  3. घर से खाली पेट बाहर नहीं जाना चाहिए। खाना खाए हुए व्यक्ति की अपेक्षा खाली पेट वाले व्यक्ति को लू अधिक तेजी से लगती है।
  4. अधिकाधिक पानी पीना चाहिए। घर से जाते समय भी पानी पी कर जाना चाहिए।
  5. लू के दिनों में कच्चे आम के पीने (आम को भून कर बनाए गए रस) तथा प्याज का सेवन करना चाहिए।
  6. नमक की मात्रा अधिक लेनी चाहिए।
  7. पौष्टिक खुराक लेने वाले को लू कम लगती है। शराब पीने वालों को, त्वचा के रोगियों को व पौष्टिक खुराक न खाने वालों को जल्दी लू लगती है।

प्रश्न 9.
लू वाले रोगी को किस तरह सम्भालोगे?
उत्तर-
लू से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल डॉक्टरी सहायता पहुँचानी चाहिए। अन्यथा तेज़ बुखार से उसकी मृत्यु का भय रहता है। लू लगने पर निम्नलिखित प्राथमिक उपचार किए जाने चाहिएँ.

  1. रोगी को सबसे छायादार या ठण्डे स्थान पर ले जाना चाहिए।
  2. जितना शीघ्र हो सके उसके मस्तिष्क को ठण्डक पहुँचानी चाहिए। इसके लिए उसके धड़ को ठण्डे पानी में डुबोना चाहिए। पूरे शरीर को ठण्डे पानी से मल-मल कर नहलाना चाहिए।
  3. रोगी के सिर पर बर्फ की थैली रखनी चाहिए।
  4. बुखार उतरते ही रोगी को बिस्तर पर लिटा देना चाहिए। यदि बुखार दुबारा तेज़ होता है तो यही उपचार करना चाहिए।
  5. रोगी को कच्चा आम भूनकर या उबालकर उसका रस बनाकर देना चाहिए। प्याज़ का रस देना भी लाभदायक रहता है।
  6. रोगी के हाथ-पाँव पर विशेष रूप से हथेलियों एवं तलवों पर मेंहदी या प्याज़ पीस कर मलना चाहिए।
  7. रोगी को लस्सी या नींबू के साथ नमक खिलाना चाहिए क्योंकि पसीने द्वारा अधिक मात्रा में नमक शरीर से बाहर निकल जाता है।
  8. रोगी को कोई उत्तेजक पदार्थ नहीं पिलाना चाहिए।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्रश्न 10.
ल क्यों लगती है?
उत्तर-
लू गर्म देशों में घटित होने वाली घटना है। तेज़ गर्मी के मौसम में एकापक सूर्य की तेज़ किरणें दुर्बल व्यक्ति, बच्चे या बूढ़े पर पड़ती हैं तो उसे लू लग सकती है। मनुष्य काफ़ी लम्बे समय के लिए खुली गर्मी में काम करे तो उसे लू लग सकती है। घर के अन्दर भी तेज़ गर्मी लू लगने के समान परिणाम ला सकती है। लू लगने की दशा में शरीर तापं के निष्कासन की सामान्य शक्ति नष्ट हो जाती है।

प्रश्न 11.
जख्म पर क्या लगाना चाहिए?
उत्तर-
जख्म से यदि खून बहता हो तो पहले खून बन्द करने का उपचार करना चाहिए। जिस अंग से खून बहता हो उसे हल्के से पकड़कर हृदय के लैवल से थीड़ा ऊपर रखना चाहिए ताकि खून बहना बन्द हो जाए। यदि हड्डी टूटी हो तो जख्म पर सख्त कपड़ा रखकर ज़ोर से पट्टी बाँधने से खून बहना बन्द हो जाता है। यदि जख्म में कोई चीज़ या हड्डी का टुकड़ा फँसा हो तो जख्म के किनारों पर दबाव डालना चाहिए।

खुले जख्म के सबसे पहले किसी कीटाणुनाशक या एण्टीसेप्टिक घोल, जैसे डिटोल, पोटेशियम परमैंगनेट या स्प्रिट से साफ़ करना चाहिए। इससे घाव विषैला होने से बच जाता है। घाव पर मरक्यूरी क्रीम या टिंचर बेंजोइन लगाना चाहिए। घाव पर यदि खुरण्ड बन आया हो तो उसे नहीं हटाना चाहिए क्योंकि यह खून बहना रोकने का प्राकृतिक साधन है।

प्रश्न 12.
काटे जाने पर रक्त बहने की स्थिति में प्राथमिक सहायतों के बारे में लिखें। जख़्म कितनी प्रकार के होते हैं ? विस्तार से लिखें।।
उत्तर-
ऐसी स्थिति में प्राथमिक सहायता देने का भाव है कि रक्त बहने से रोकना तथा रोगाणुओं को रक्त में मिलने से रोकना। साधारण जख़्म पर टिंकचर आयोडीन लगा देनी चाहिए। गहरे जख़्म को पानी से धो कर फलालैन के कपड़े से पोंछ दें। यदि दवाई न हो तो शहद का प्रयोग कर सकते हैं।
जख़्मों के प्रकार-स्वयं करें।

PSEB 8th Class Home Science Solutions Chapter 8 प्राथमिक सहायता

प्राथमिक सहायता PSEB 8th Class Home Science Notes

  • प्राथमिक सहायता वह सहायता है, जो डॉक्टर के आने से पहले या रोगी को डॉक्टर के पास ले जाने से पहले रोगी के रोग की पड़ताल करके, उसे शीघ्र ही चिकित्सा के रूप में पहुँचाई जाए।
  • प्राथमिक सहायता करने वाला व्यक्ति धैर्यवान्, सहनशील, शान्त, दयावान्, होशियार, पक्के इरादे वाला, स्पष्टवादी, शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त होना चाहिए।
  • आग या धातु का गर्म टुकड़ा शरीर के किसी भाग के साथ छू जाए या रगड़ा जाए अथवा गाढ़े तेज़ाब या क्षार द्वारा पैदा हुआ ज़ख्म या घाव सूखी जलन कहलाता है।
  • भाप, गर्म तेल, लुक या उबलती चाय का दूध या अभोज्य ढंग से लगाई हुई पुलटिस के साथ पैदा हुए घाव को तरल जलन कहा जाता है।
  • जले हुए स्थान पर तेल लगाने से खून में जहर फैलने का डर रहता है।
  • जले हुए व्यक्ति को गर्म मीठी चाय में हल्दी डालकर रोगी को देना चाहिए ताकि रोगी को गर्म रखा जा सके।
  • लू लगने से रोगी की नब्ज़ तेज़ चलती है।
  • गर्मी में काम करने वाले को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिएँ।
  • गर्मी के दिनों में धूप में काले चश्मों और छतरी का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • लू अधिक शराब पीने वालों को, एग्ज़ीमा के रोगियों को, पौष्टिक खुराक न खाने वालों को जल्दी लगती है।
  • साधारण कटे हुए ज़ख्म पर टॅनर आयोडीन लगानी ठीक रहती है।
  • किसी भी तेज़ ब्लेड, उस्तरा आदि लगने से हुए घाव को कटित घाव कहते हैं।
  • मशीन में शरीर के किसी अंग का आ.। या किसी पशु के मुँह में आ जाने से होने वाले घाव को दीर्घ घाव कहते हैं।
  • किसी चाकू, तेज़ धार वाले या नुकीले हथियार से हुए गहरे घाव, जिसका मुँह ऊपर से छोटा होता है, लेकिन अन्दर घाव गहरा होता है, इसको ही संवेधित घाव कहते हैं।
  • किसी भारी वस्तु के शरीर पर गिरने से या किसी कुंद हथियार के ज़ोर से लगने से होने वाला घाव कुचलित घाव कहलाता है।
  • नाक से खून बहे तो नाक पर ठंडे पानी की पट्टी रखें। और नाक साफ़ नहीं करना चाहिए।
  • लू के दिनों में पानी और नमक का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।
  • लू लगे हुए रोगी को ठंडी और खुली हवा में लिटाना चाहिए।

PSEB 7th Class Agriculture Objective Questions and Answers

Punjab State Board PSEB 7th Class Agriculture Book Solutions Agriculture Objective Questions and Answers.

PSEB 7th Class Agriculture Objective Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

हरित क्रांति

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्ष 1967-68 में रासायनिक खादों का कितना प्रयोग होता था ?
(क) 10 लाख टन
(ख) 5 लाख टन
(ग) 25 लाख टन
(घ) 19 लाख टन।
उत्तर-
(क) 10 लाख टन

प्रश्न 2.
हरित क्रांति किस कारण आई ?
(क) परिश्रमी किसान
(ख) रासायनिक खादों के उत्पादन में वृद्धि
(ग) खोज तथा परीक्षण सुविधाओं में वृद्धि
(घ) सारें ठीक
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 3.
वर्ष 1960 में हुए कृषि उत्पादन की वृद्धि को कौन-सा नाम दिया गया?
(क) हरित क्रांति
(ख) सफेद क्रांति
(ग) काली क्रांति
(घ) सुनहरी क्रांति।
उत्तर-
(क) हरित क्रांति।

रिक्त स्थान भरो

  1. चावल पंजाब की …………. फसल नहीं है
  2. आज देश में कृषि लागत में ………… हो गई है।
  3. वर्ष 1971-72 में पंजाब का अनाज उत्पादन …………. था।

उत्तर-

  1. पारम्परिक
  2. वृद्धि
  3. 119 लाख टन।

ठीक/गलत

  1. हरित क्रान्ति के कारण दूध की पैदावार में वृद्धि हुई।
  2. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय कपूरथला में है।
  3. हरित क्रांति के कारण कृषि विभिन्नता घटी है।

उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✗)
  3. (✓)

कृषि हेतु मिट्टी एवं जल परीक्षण

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मिट्टी के परीक्षण से पता लगने वाले लघु तत्त्व हैं :
(क) जिंक
(ख) लोहा
(ग) मैंगनीज़
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
मिट्टी का नमूना लेने के लिये सही समय कौन सा है?
(क) फसल काटने के बाद
(ख) वर्षा होने के बाद
(ग) खेत को पानी देने के बाद
(घ) सारे गलत
उत्तर-
(क) फसल काटने के बाद।

प्रश्न 3.
पानी तथा मिट्टी का परीक्षण कितने समय बाद करना चाहिए ?
(क) दस साल बाद
(ख) हर तीन साल बाद
(ग) कभी नहीं करना चाहिए
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(ख) हर तीन साल बाद।

रिक्त स्थान भरो

  1. बाग लगाने के लिए मिट्टी का परीक्षण करवाने के लिए खेत में ………… गहरा गड्डा बनाना चाहिए।
  2. टयूबवैल से पानी का नमूना लेने के लिए कम से कम ……….. तक चलते रखना चाहिए।
  3. खारे पानी से लगातार सिंचाई करते रहने से मिट्टी की .. …….. शक्ति घटती है।

उत्तर-

  1. 6 फुट
  2. आधे घंटा
  3. उपजाऊ।

ठीक / गलत

  1. सिंचाई के लिये नमक वाले पानी का प्रयोग करना चाहिए।
  2. सेम वाली भूमि में बाग लगाया जा सकता है।
  3. पी०ए०यू० के क्षेत्रीय केन्द्र गुरदासपुर में मिट्टी का परीक्षण किया जा सकता है।

उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✗)
  3. (✓)

फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्त्व

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नाइट्रोजन तत्त्व वाली खाद है :
(क) यूरिया
(ख) अमोनियम क्लोराइड
(ग) कैन
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
पोटाशियम की पूर्ति के लिए कौन सी खाद है?
(क) म्यूरेट आफ पोटाश
(ख) कैन
(ग) यूरिया
(घ) सोडियम क्लोराइड
उत्तर-
(क) म्यूरेट आफ पोटाश।

प्रश्न 3.
रेतली भूमि में बोए गेहूँ में कौन से तत्त्व की कमी हो जाती है?
(क) मैंगनीज़
(ख) लोहा
(ग) फास्फोरस
(घ) कोई नहीं।
उत्तर-
(क) मैंगनीज़

रिक्त स्थान भरो

  1. जिप्सम, सुपर फास्फेट में फास्फोरस के साथ ………. तत्त्व भी मिल जाते हैं।
  2. जिंक ……….. का आवश्यक भाग है।
  3. मैगनीज़ पौधे में ………… बनाने का काम करते हैं।

उत्तर-

  1. गंधक
  2. एन्जाइमों
  3. क्लोरोफिल

ठीक / गलत

  1. डाया खाद में लोहा तत्त्व मिलता है।
  2. जिंक की कमी से धान के पत्तों में पीलापन आ जाता है।
  3. लोहे की कमी की पूर्ति म्युरेट आफ पोटाश के साथ की जाती है।

उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✓)
  3. (✗)

कृषि में पानी का कुशल प्रयोग

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्ष 2023 तक पानी का स्तर कितने फुट नीचे होने की सम्भावना है?
(क) 160
(ख) 500
(ग) 223
(घ) 634.
उत्तर-
(क) 160

प्रश्न 2.
कम पानी की आवश्यकता वाली फसल है :
(क) दालें
(ख) तेल बीज
(ग) नरमा
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 3.
आधुनिक सिंचाई प्रणाली के तरीके हैं :
(क) बूंद-बूंद प्रणाली
(ख) फव्वारा प्रणाली
(ग) दोनों ठीक (घ) दोनों गलत।
उत्तर-
(ग) दोनों ठीक

रिक्त स्थान भरो

  1. फसलों में पराली की परत बिछाने को ………… कहा जाता है।
  2. …………लेवलर से 25-30 प्रतिशत पानी की बचत हो जाती है।
  3. …………. की फसल में टैंशियोमीटर का प्रयोग करके भी पानी की बचत हो जाती

उत्तर-

  1. मल्चिग
  2. लेज़र
  3. धान।

ठीक / गलत

  1. नहरों तथा नालों को पक्का करने से पानी की बरबादी होती है।
  2. बूंद-बूंद सिंचाई भी सिंचाई की एक प्रणाली है।
  3. कियारा विधि में पानी की खपत कम होती है।

उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✓)
  3. (✗)

फसलों में खरपतवार एवं उनकी रोकथाम

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गेहूँ में चौड़े पत्ते वाले खरपतवार हैं :
(क) मैना
(ख) मैनी
(ग) तकला
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
गुडाई में काम आने वाले कृषि औजार हैं :
(क) खुरपा
(ख) ‘कसौला
(ग) त्रिफाली
(घ) सारे ठीक
उत्तर-
(घ) सारे ठीक

प्रश्न 3.
खरपतवार फसलों के साथ उनके कौन से ऊर्जा स्त्रोतों से मुकाबला करते
(क) सूर्य प्रकाश
(ख) पोषक तत्त्व
(ग) खादें
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

रिक्त स्थान भरो

  1. गुल्ली डंडा …………फसलों के चक्र वाले खेतों में होते हैं।
  2. खड़ी फसल में खरपतवार को खत्म करने के लिए ………… खरपतवारनाशके का प्रयोग किया जाता है।
  3. खरपतवारनाशकों का प्रयोग ………… मौसम वाले दिन ही करना चाहिए।

उत्तर-

  1. गेहूँ धान
  2. टौपिक
  3. शांत।

ठीक / गलत

  1. तकड़ी घास सावनी की फसलों में होते हैं।
  2. खरपतवारों को गुडाई करके भी खत्म किया जा सकता है।
  3. राऊंड अप को सुरक्षित हुड लगा कर प्रयोग किया जाता है।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✓)
  3. (✓)

फसलों के कीट और बीमारियाँ

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
फसल को कौन-से रस चूसने वाले कीड़े हानि पहुंचाते हैं ?
(क) तेला
(ख) चेपा
(ग) सफेद मक्खी
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
पत्ते खाने वाले कीडे हैं :
(क) टिड्डे
(ख) सैनिक सूंडी
(ग) लाल भंग
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 3.
उल्ली के साथ होने वाले रोग हैं :
(क) झुलस रोग
(ख) कंगियारी
(ग) बीज गलने का रोग
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक

रिक्त स्थान भरो

  1. दीमक …………. को नुकसान पहुंचाने वाला कीड़ा है।
  2. चितकबरा रोग …………. के कारण होता है।
  3. ………… में 1943 में धान के भूरी चित्ती के रोग के कारण अकाल पड़ गया था।

उत्तर-

  1. जड़ों
  2. विषाणुओं
  3. बंगाल

ठीक/ गलत

  1. यदि किसी को जहर चढ़ जाये तो नमक वाला पानी पिला कर उल्टी करवाई जाती है।
  2. कृषि ज़हरों का छिड़काव भूखे पेट नहीं करना चाहिए।
  3. कीटों के हमले के कारण फसलों का झाड़ बढ़ जाता हैं।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✓)
  3. (✗)

पौष्टिक घरेलू बगीचा

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विटामिन ए की कमी से कौन-सा रोग होता है ?
(क) अन्धराता
(ख) सकर्वी
(ग) रिकेट्स
(घ) अनीमिया।
उत्तर-
(क) अन्धराता।

प्रश्न 2.
घरेलू बगीचों में उगाए जा सकने वाले पौधे हैं :
(क) अमरूद
(ख) पपीता
(ग) नाशपाती
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 3.
घरेलू बगीचे में फलों के पौधे कौन-सी दिशा में लगाये जाने चाहिए?
(क) उत्तर
(ख) पूर्व
(ग) पश्चिम
(घ) दक्षिण।
उत्तर-
(क) उत्तर।

रिक्त स्थान भरो

  1. तीन ………… में 1500 वर्ग मीटर होते हैं।
  2. तोरी ……….. जाति की सब्जी है।
  3. करेला ………. महीने में बोया जाता है।

उत्तर-

  1. कनाल
  2. कद्
  3. फरवरी।

ठीक/ गलत

  1. लोहे की कमी के कारण अनीमिया रोग हो जाता है।
  2. सब्जियों में से मिलने वाले रेशे मनुष्य के पाचन को खराब करते हैं।
  3. स्वस्थ व्यक्ति को रोज 50 ग्राम फल अवश्य खाने चाहिएं।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)

सजावटी पौधे

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सड़कों के आस-पास लगाने वाले वृक्ष हैं :
(क) पिलकन
(ख) सिल्वर ओक
(ग) डेक
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
खुशबूदार फूलों वाली झाड़ी है :
(क) रात की रानी
(ख) पिलकन
(ग) बोतल बुरश
(घ) सारे गलत।
उत्तर-
(क) रात की रानी।

प्रश्न 3.
हल्की बेल है:
(क) लोनीसोरा
(ख) माधवी लता
(ग) झुमका बेल
(घ) बिगनोनिया।
उत्तर-
(क) लोनीसोरा।

रिक्त स्थान भरो

  1. अर्जुन ………… गुणों वाला वृक्ष है।
  2. घरों के अन्दर …………. के लिए प्रयोग होने वाली बेल है मनी प्लांट।
  3. गोल्डन शावर …………. वाली बेल है।

उत्तर-

  1. औषधी
  2. सजावट
  3. पर्दे।

ठीक / गलत

  1. कैलेंडुला सर्दी ऋतु के फूल हैं।
  2. कचनार सजावटी वृक्ष है।
  3. जीनीया गर्मी के मौसमी फूल हैं।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✓)
  3. (✓)

अनाज की सम्भाल

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अनाज को लगने वाले कीड़े हैं :
(क) खपरा
(ख) सुसरी
(ग) दाने का छोटा बोरर
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

प्रश्न 2.
एक टोपी गोदाम में कितनी बोरियां आ सकती है?
(क) 200
(ख) 96
(ग) 150
(घ) 500
उत्तर-
(ख) 96.

प्रश्न 3.
दानों की कीटों से बचाने के लिए प्रयोग करते हैं :
(क) सुमीसाइडीन
(ख) सिम्बुश
(ग) साइथियॉन
(घ) सारे ठीक।
उत्तर-
(घ) सारे ठीक।

रिक्त स्थान भरो

  1. मैलाथियान ………… को शोधने के लिये प्रयोग की जाने वाली दवाई है।
  2. स्टोर किये दानों में लगभग ………… किस्म के कीड़े लग सकते हैं।
  3. मूंगफली में अधिकतम ………… नमी होनी चाहिए।

उत्तर-

  1. गोदामों
  2. 20
  3. 10 प्रतिशत।

ठीक / गलत

  1. स्टोर भण्डार तीन किस्म के होते हैं।
  2. दीवारों से बोरियों को 5-6 मीटर दूर रखना चाहिए।
  3. 65°F पर कीड़े अण्डे देना बन्द कर देते हैं।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)

प्राकृतिक संसाधनों का अनुरक्षण

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत है :
(क) कोयला
(ख) हवा
(ग) सूर्य का प्रकाश
(घ) पानी
उत्तर-
(क) कोयला

प्रश्न 2.
पैट्रोल में हानिकारक तत्त्व है :
(क) सल्फर
(ख) लोहा
(ग) ताँबा
(घ) सोना।
उत्तर-
(क) सल्फर।

प्रश्न 3.
धरती पर उपलब्ध कुल पानी में से कितना पानी प्रयोग होने योग्य है ?
(क) 1 प्रतिशत
(ख) 3 प्रतिशत
(ग) 5 प्रतिशत
(घ) 8 प्रतिशत
उत्तर-
(क) 1 प्रतिशत।

रिक्त स्थान भरो

  1. ढलानों पर ………….. कृषि करनी चाहिए।
  2. धरती पर ……………… पानी है।
  3. हवा के प्रदूषण के कारण …………… परत का क्षय हो रहा है।

उत्तर-

  1. सीढ़ीदार
  2. 70 %
  3. ओजोन।

ठीक/ गलत

  1. पानी के प्रदूषण के कारण बीमारियां पैदा होती हैं।
  2. धरती पर 2% पानी है।
  3. कोयले के स्थान पर बायोगैस का प्रयोग करना चाहिए।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)

बायोगैस

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बायोगैस में मीथेन गैस कितने प्रतिशत हैं ?
(क) 10-20%
(ख) 30-40%
(ग) 50-60%
(घ) 15-20%
उत्तर-
(ग) 50-60%.

प्रश्न 2.
देश में सालाना कितना गोबर पैदा होता है?
(क) 5500 लाख टन
(ख) 9800 लाख टन
(ग) 2500 लाख टन
(घ) 1000000 लाख टन
उत्तर-
(ख) 9800 लाख टन

प्रश्न 3.
1 घन मीटर बायोगैस कितनी बिजली ऊर्जा के बराबर है?
(क) 0.47 किलो वाट बिजली
(ख) 1.90 किलो वाट बिजली
(ग) 2.56 किलो वाट बिजली
(घ) 5.23 किलो वाट बिजली
उत्तर-
(क) 0.47 किलो वाट बिजली।

रिक्त स्थान भरो

  1. बायोगैस में मुख्य तौर पर ………… गैस होती है।
  2. कोयला ……………. ऊर्जा का स्त्रोत है।
  3. दीनबंधु बायोगैस प्लांट…………. में अस्तित्व में आया।

उत्तर-

  1. मीथेन
  2. पारंपरिक
  3. 1984

ठीक/ गलत

  1. बायोगैस में से बहुत धुआं निकलता है।
  2. बायोगैस में 30-40% कार्बनडाईआक्साइड होती है।
  3. बायोगैस बहुत महंगी होती है।

उत्तर-

  1. (✗)
  2. (✓)
  3. (✗)

लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

Punjab State Board PSEB 10th Class Physical Education Book Solutions लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules.

लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 1.
लेज़ियम से आप क्या समझते हो ? लेजियम की मूलभूत अवस्थाएं बताइए।
उत्तर-
लेज़ियम-इसमें 16 लकड़ियों का एक लम्बा हैंडल होता है जिसके साथ लोहे की चेन लगी होती है। यह लकड़ी के दोनों सिरों से जुड़ी होती है। इसमें एक 5 इंच की छड़ होती है जिसको पकड़कर लेज़ियम से तालयुक्त झंकार और ध्वनि उत्पन्न की जा सकती है। इसका भार लगभग एक किलोग्राम होता है।
लेज़ियम का प्रयोग भारत देश के ग्रामीणीय क्षेत्रों में तालयुक्त क्रियाओं के लिए किया जाता है। इसके साथ ढोलक पर ताल दी जाती है। स्कूली छात्र इसमें बड़े उत्साह से भाग लेते हैं। इसलिए लेज़ियम से बच्चों का मनोरंजन बहुत अधिक होता है। शारीरिक व्यायाम के रूप में लेज़ियम का बहुत महत्त्व है, क्योंकि इसमें भाग लेने वालों को काफी व्यायाम करना पड़ता है।

लेजियम की मूलभूत अवस्थाएं

  1. लेज़ियम संकद-इसको बाईं भुजा में डालकर कंधे पर रखा जाता है, जोकि अंडे के रूप में होती है। लकड़ी का बड़ा हैंडल कंधे के पीछे और लोहे की चेन सामने होती है।
    लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 1
  2. आराम-लेजियम को लोहे की छड़ से दाएं हाथ में पकड़कर और बाएं हाथ में पकड़कर बाईं तरफ लटके रहने दिया जाता है। जब विद्यार्थी इससे होशियार अवस्था में हो, तो आराम का आदेश दिया जाता है।
  3. होशियार-व्यायाम शुरू करने के लिए होशियार अवस्था में आना होता है। यह अवस्था उस समय की जा सकती है, जब बच्चे लेज़ियम को कंधे पर रखकर सावधान या आराम की अवस्था में हो, इस क्रिया की गणना दो में की जा सकती है। इसकी गणना में लोहे की छड़ को दाएं हाथ से पकड़ा जाता है। दो की गणना में लेज़ियम को बाएं कंधे से उतार कर छाती के सामने लाते हैं। बाएं हाथ में लकड़ी का हैंडल पकड़े हुए आगे को फैलाया जाता है और लोहे की छड़ को दाएं हाथ से छाती की तरफ खींचा जाता है। व्यायाम के बाद इस अवस्था में आना होता है।
  4. पवित्रता-यह अवस्था संकद अवस्था से हासिल की जाती है। दाएं घुटने को सीधा रख कर, बाएं घुटने में झुकाव डालकर, दायां पैर पीछे कर के घुटना झुकाकर, बाएं पैर पर आना चाहिए और उस पैर को नीचे दबाना चाहिए। शरीर का धड़ सीधा रख कर छाती, सिर और एड़ियों को ज़मीन पर रखते हुए ऊपर की तरफ करो इससे दायां पैर बाएं पैर के समकोण पर रहे, लेज़ियम होशियार अवस्था में होनी चाहिए।
  5. चार आवाज़-शुरू की अवस्था होशियार एक से घुटनों को सीधा रखते हुए, धड़ को नीचे झुकाओ और पैरों के नज़दीक पहला स्ट्रोक लो। इस अवस्था में बाईं कलाई बाहर की तरफ हो जाती है और लकड़ी का हैंडल शरीर के बराबर हो जाता है। दूसरी अवस्था में धड़ को ऊपर उठा कर और लोहे की चेन को लकड़ी के हैंडल से दूर खींच कर, दूसरा स्ट्रोक लें। इस अवस्था में लेज़ियम कमर के पास शरीर के सामने होगा।
    तीसरी अवस्था में धड़ सीधा करके खड़े होने की अवस्था में आकर, लकड़ी के हैंडल को जल्दी से दाएं कंधे के ऊपर लाओ, बायां हाथ सामने हो।
    चौथी अवस्था में हैंडल ऊपर की तरफ और मुंह सामने इस तरह फैलाओ जिससे लेजियम में देखा जा सके।
  6. एक जगह-इस व्यायाम में पहली चार गणनाएँ और लेजियम को अर्ध-गोलाकार रूप में घुमाकर बाएं से दाएं की तरफ लाया जाता है। इसके बाद अगली चार गणनाओं में इसे बाईं तरफ लाया जाता है।
  7. आदि लगाओ-इस व्यायाम में एक स्थान की सभी आठ गणनाएं उसी तरह होंगी और साथ ही प्रत्येक विषम गणना से पैर पर क्रिया की जाएगी, चार बार आवाज़ भिन्न करते समय बाईं टांग को दाईं टांग से लगाया जाएगा और बायां पैर दाईं एड़ी के नज़दीक ज़मीन पर रखा जाता है। टांगों को ऊपर ले जाते समय पहले उसको आगे फैलाओ और तब दूसरे के ऊपर ले जाओ।
  8. शुरू की अवस्था पवित्र-इस अवस्था में पीछे घूमते समय चार आवाज़ चार बार करो। शुरू की अवस्था में आने से क्रिया पूरी हो जाती है। घूमने की क्रिया दाएं तरफ को
    की जाती है और लेज़ियम को सामने की तरफ छाती की ऊँचाई तक रखा जाता है। ताल को बनाए रखने के लिए चौथी गणना के साथ तेज़ी से मुड़ा जाए। इस व्यायाम को करते समय भुजा गोलाकार घुमाई जाती है।
  9. दो रुख-यह आठ गणना का व्यायाम है। इसमें पवित्रता शुरू की अवस्था में होती है। तीन तक की गणना तीन गणना के सामने होती है। चौथे से उल्ट दिशा की तरफ़ मुंह करते हुए बदली हुई पवित्रता स्थिति में बाएं से एकदम आगे को झपटते हुए चार बार आवाज़ करो। पांच पर लेजियम को उल्टा करते हुए बाएं से दाएं पैर के नज़दीक होकर चार आवाज़ करो। छः दो बार, सात शुरू की दिशा में पूरी तरह मुड़ी और अच्छी पवित्रता अवस्थाएं बनाए रखते हुए चार आवाज़ तीन करो और आठ ऊपर शुरू की अवस्था जारी रखो।
  10. आगे छलांग-यह दस गणना का व्यायाम है। शुरू की अवस्था पवित्रता होती है। एक आगे झुककर बाएं पैर के नज़दीक चार बार आवाज़ तीन उस समय करो, जब दाएं पैर से लाया गया कदम पूरा हो जाए, जहां बाएं तरफ मुड़ा जाता है। तीसरी गणना से दाएं पैर से आगे कदम करते हुए पीछे मुड़ कर दूसरी दिशा की तरफ मुंह करके बाएं पैर से आगे को उछलते हैं। इस तरह बाएं पैर के नज़दीक पांच और चार आवाज़ एक किया जाता है। छठा और सातवां स्ट्रोक लेते समय लेज़ियम के साथ बनाया पैर भी आगे लाया जाता है
    और पवित्र अवस्था के साथ आगे रख दिया जाता है। आठ और चार आवाज़ चार बार करो। नौवें पर नीचे झुकते हुए चार आवाज़ एक स्ट्रोक बाएं पैर के नज़दीक लाया जाता है, दसवें पर धड़ को ऊपर उठा कर चार आवाज़ दो करके पवित्र अवस्था लेनी चाहिए।
  11. पीछे छलांग-इस व्यायाम के गणना दस से शुरू होगी और शुरू की अवस्था पवित्र होती है, पहला बाएं पैर के नज़दीक चार आवाज़ एक करो। दूसरे और तीसरे में दाएं तरफ घूमते हुए आवाज़ दो करो और विपरीत दिशा में बायां पैर आगे बढ़ा कर चार आवाज़ तीन करो और चार आवाज़ चार करो। पांच और बाएं पैर के नज़दीक आवाज़ एक करो। छठे और सातवें पर बाएं पैर की तरफ घूमते हए उस तरफ दायां पैर पीछे रखो। आठ से चार आवाज़ चार यहां विद्यार्थी बाएं तरफ पवित्र स्थिति में होंगे। नौवें से नीचे झुकते हुए चार आवाज़ एक दी जाती है।
  12. आगे झुकना-एक से बायां पैर थोड़ा सा आगे को रखें, दाईं तरफ नीचे झुको और झुके हुए धड़ की हालत में लेज़ियम खोलो। दो पर दायां पैर 3 इंच ऊपर उठाओ और झुके हुए धड़ की स्थिति में सामने की तरफ लेज़ियम बंद करो। तीन पर दायां पैर थोड़ सा आगे रखो और दायें तरफ गणना एक की हरकत दोहराओ। इस प्रकार व्यायाम जारी रखा जा सकता है। इस प्रकार लेज़ियम के भिन्न-भिन्न व्यायाम किए जा सकते हैं।

लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 2.
डम्बल से आप क्या समझते हो ? विस्तारपूर्वक समझाइए।
उत्तर-
डम्बल-डम्बल पश्चिमी देशों का खेल है। जो शरीर निर्माण के लिए ज़िमनेज़ियम में प्रयोग किया जाता है। डम्बल दो प्रकार के होते हैं। एक भारी लोहे के दूसरे हल्के लकड़ी के। डम्बल का अर्थ दो सिरा भार है। लकड़ी के डम्बल से स्कूलों के बच्चे कसरत करते हैं। एक हाथ में एक डम्बल पकड़ा जाता है और बाजुओं को घुमाकर इनका अभ्यास किया जाता है। डम्बल से कसरत करने का उद्देश्य वह कसरत है जिस से शारीरिक और मानसिक विकास हो सके। इनके साथ बाजुओं की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं। छाती चौड़ी होकर ज्यादा हवा सांस के द्वारा दिल तक पहुँचाती है जिससे खून साफ होता है। साफ खून मिलने से शरीर निरोग और स्वस्थ रहता है, पुरातन समय में मलयुद्ध और कुश्तियां करने वाले डम्बल का अभ्यास ज़रूर करते हैं। जिन लोगों को बाजुओं की मांसपेशियां बनानी होती थी और छाती चौड़ी करनी होती थी वह भी डम्बल का व्यायाम करते थे।
लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 2
आज भी डम्बल का प्रयोग पुरातन समय की तरह ही होता है। डम्बल एक प्रकार का खेल भी है और व्यायाम भी। खेल और व्यायाम के साथ ही मनोरंजन का साधन भी है। डम्बल सूखी लकड़ी का बना होता है जिसके अन्दर मुट्ठी होती है। यह दोनों सिरों से गोल एवं मोटा होता है। इस मुट्ठी को हाथ से पकड़ा जाता है। सूखी लकड़ी के डम्बल मज़बूत होते हैं। इसकी आवाज़ भी काफी तीखी होती है। डम्बल व्यायाम में परस्पर टकराया जाता है। इसलिए इन्हें सावधानी से पकड़ने की जरूरत होती है। डम्बल को बीच से पकड़कर, पहले मुट्ठी के गिर्द, चारों उंगलियों को लपेट लिया जाता है। अंगूठा चारों उंगलियों के बीच रखा जाता है। डम्बल इस ढंग से पकड़ना चाहिए कि डम्बल टकराते समय हाथ से गिर न जाए।

डम्बल करते समय शरीर की स्थिति—
डम्बल करते समय पैर से एड़ियां मिली होनी चाहिएं और पैर खुले होने चाहिएं। घटने एवं टांगें सीधी हों। कंधे को पीछे खींचने से छाती तनी होगी। आँखें सामने सीधी होंगी। डम्बल करते समय विद्यार्थी विश्राम से सावधान अवस्था में आता है और दोनों हाथों में डम्बल पकड़े होते हैं और उनको सावधान स्थिति में रहना पड़ता है।
लेज़ियम डम्बल (Lezium Dumble) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 3
पहले अभ्यास को शुरू करते हुए लीडर सावधान की मुद्रा (अवस्था) में होने का निर्देश देता है। उसके आदेश पर विद्यार्थी सावधान अवस्था में डम्बल पकड़े हुए अपने हाथ ऊपर को उठाते हैं और वह डम्बलों को अपनी कहनी की तरफ मोडते हैं। डम्बलों को अपने पेट के पास लाते हैं और दोनों पैरों से मिलाते हुए एक ही सुर से बाएं और दाएं हाथ के डम्बल एक-दूसरे से टकराते हैं, डम्बल जब परस्पर टकराते हैं और साथ ही मिली जुली ध्वनि पैदा होती है। उसके अनुसार लीडर विश्राम का आदेश देता है। विश्राम के आदेश पर सभी विद्यार्थी अपने दाएं पैर को उठाएंगे और कम से कम 6 इंच की दूरी से ज़ोर से भूमि पर पटक के इकट्ठे ध्वनि पैदा करेंगे।

ऐसा करते हुए दोनों हाथों से पकड़े हुए डम्बल को पीछे की तरफ ले जाएंगे और इकट्ठे डम्बल इस तरह बजाएंगे कि एक साथ ध्वनि पैदा हो जाए। इसके बाद सावधान का आदेश देने से अभ्यास करता कुहनी को मोड़ कर और दोनों हाथों से पकड़े डम्बलों को अपनेअपने सामने लाकर टकराएंगे और एक साथ ध्वनि उत्पन्न करेंगे। फिर अपने दोनों हाथों को सीधा भूमि की तरफ ले जाते हैं। इस अभ्यास में निम्नलिखित अवस्थाएं होती हैं—
इस अवस्था में सबसे पहले सावधान हो जाएं। दोनों पैरों की एड़ियां आपस में मिलाई जाती हैं और पैर फैले हुए होते हैं। कुहनी घुमाकर दोनों हाथों में पकड़े डम्बलों को परस्पर टकराया जाता है और ध्वनि पैदा की जाती है।
दूसरी अवस्था में आने के लिए पहली अवस्था को बदल दिया जाता है। इसमें दोनों हाथों को सीधा आगे किया जाता है।
हाथों की हथेलियाँ भूमि की तरफ की जाती हैं। उपरोक्त मुद्रा में डम्बल परस्पर तीसरी अवस्था में आने के लिए दूसरी अवस्था में परिवर्तन किया जाता है।
तीसरी अवस्था से पहली अवस्था में आया जाता है। इस अवस्था में हाथों को अपनी ठोड़ी के नीचे लाया जाता है। इस अवस्था में हाथों की हथेलियां ऊपर की ओर होती हैं।
हाथों को ठोड़ी के नीचे लाकर डम्बलों को परस्पर टकराया जाता है और एक.साथ ध्वनि पैदा की जाती है।
चौथी अवस्था में आने के लिए फिर से तीसरी अवस्था में परिवर्तन किया जाता है। इस अवस्था में सावधान स्थिति में लाया जाया है। सावधान स्थिति में अभ्यास करने वाला एड़ियों को मिलाकर और पैर खोलकर रखते हैं। उनकी टांगें सीधी होती हैं और घुटने लगभग एक-दूसरे से मिले हुए होते हैं। हाथों में पकड़े हुए डम्बल नीचे शरीर के साथ स्पर्श करते हैं। इस समय गर्दन सीधी होती है। नज़रें सामने होती हैं। कंधे पीछे को खींचे हुए और सीना तना हुआ होता है।

  1. पहली अवस्था-अभ्यास नं० 4 की अवस्था का अभ्यास करने वाले सावधान की अवस्था में खड़े होते हैं। दोनों बाजुओं को आगे की तरफ फैलाया जाता है। हाथ की हथेलियां आगे को झुकी होती हैं।
    इस अवस्था में डम्बल परस्पर टकरा कर ध्वनि पैदा करते हैं और इस तरह करते समय नज़र सामने की तरफ सीधी रखी जाती हैं।
  2. दूसरी अवस्था—दूसरी अवस्था में आने के लिए पहली अवस्था में परिवर्तन किया जाता है।
    दोनों हाथों को ऊपर की तरफ सीधा किया जाता है और डम्बल सिर के ऊपर लाए जाते हैं। इस अवस्था में दोनों की हथेलियां आगे की तरफ आती हैं। बाजू पीछे रख कर डम्बल आपस में टकराए जाते हैं और एक साथ ध्वनि उत्पन्न की जाती है। इस अवस्था में ध्यान रखना चाहिए कि अभ्यास करने वाले का चेहरा सूरज की तरफ न हो।

(इ) तीसरी अवस्था-इस अवस्था में आने के लिए दूसरी अवस्था में परिवर्तन किया जाता है। ऊपर उठे हुए बाजुओं को पहले नीचे लेकर आते हैं, कुहनी मोड़ कर बाजू ऊपर की ओर जाती हैं और ठोड़ी के नीचे की जाती है।
डम्बलों को ठोड़ी के नीचे टकराकर ध्वनि पैदा की जाती है।

(ई) चौथी अवस्था–इस अवस्था में आने के लिए उठे हुए हाथों को नीचे लाया जाता है।
चौथी अवस्था में सावधान मुद्रा बनाई जाती है, जिस में अभ्यास करने वाले एड़ियां मिलाकर और पैर खोलकर खड़े होते हैं, टांगें सीधी होती हैं और घुटने लगभग एक-दूसरे से स्पर्श करते हैं, इस समय गर्दन सीधी रखी जाती है। नज़रें सामने को देखते हुए, कंधे पीछे को खींचे हुए और सीना तना हुआ होता है।
अभ्यास 5 में निम्नलिखित चार अवस्थाएं आती हैं—

  1. पहली अवस्था में अभ्यास करने वाला सावधान मुद्रा में आता है। फिर कुहनियों को मोड़ कर हाथ ऊपर की तरफ ले जाते हैं और फिर हाथ ठोड़ी के नीचे किए जाते हैं।
  2. दूसरी अवस्था में आने के लिए पहली अवस्था में काफी परिवर्तन किया जाता है। ऊपर को उठी बाजू को नीचे लाया जाता है और बाजुओं को पीछे करके हाथ पीछे लाए जाते हैं, फिर दोनों को सीधा करने के बाद कुहनियां पेट के साथ लगाई जाती है। इस मुद्रा में डम्बल परस्पर टकराकर एक ही समय ध्वनि उत्पन्न की जाती है।
  3. तीसरी अवस्था में आने के लिए पीछे किए हुए हाथों को वहां से हटा कर आगे लाया जाता है। इस मुद्रा में डम्बल परस्पर टकराकर एक ही समय ध्वनि उत्पन्न की जाती
  4. चौथी अवस्था में अभ्यास करने वाले सावधानी की अवस्था में आ जाते हैं, डम्बल मुट्ठी से हाथों में पकड़े हुए शरीर को स्पर्श करेंगे।

PSEB 11th Class Practical Geography Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना

Punjab State Board PSEB 11th Class Geography Book Solutions Practical Geography Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना.

PSEB 11th Class Practical Geography Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना

प्रश्न-
नक्शों को बड़ा और छोटा करने की विधियाँ बताएँ।
उत्तर-
नक्शों को बड़ा और छोटा करना-कई बार किसी क्षेत्र के अलग-अलग आकार के नक्शों की ज़रूरत होती है। इस उद्देश्य के लिए नक्शे का पैमाना बदलकर उसे बड़ा या छोटा किया जाता है। इस प्रकार नक्शे को बड़ा या छोटा करने का अर्थ है कि नक्शे का पैमाना बदल देना (Change of Scale)।

ज़रूरत (Necessity)-

  1. जब किसी नक्शे पर अधिक वर्णन दिखाने हों, तो नक्शे को बड़ा किया जाता है।
  2. दो नक्शों को आपस में जोड़ने के लिए उनका पैमाना बदलकर एक किया जाता है।
  3. पुस्तकों और एटलसों के लिए नक्शे को छोटा करना पड़ता है।

नक्शे को बड़ा और छोटा करने के लिए नीचे लिखी विधियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं-

1. ग्राफिक विधियाँ (Graphical Methods)

  • वर्ग विधि (Square Method)
  • समरूप त्रिभुज विधि (Method of Similar Triangles)

2.यांत्रिका विधियाँ (Mechanical Methods)-

  • फोटोग्राफी की मदद से (Camera Method)
  • पैंटोग्राफ द्वारा (By Pantograph)

विधियाँ (Methods)
वर्ग विधि (Square Method)—यह सबसे आसान विधि है, जिसमें किसी यंत्र की आवश्यकता नहीं होती। इसमें मूल नक्शे पर वर्गों का एक जाल बनाकर (Net work of Squares) नक्शे को बड़ा या छोटा किया जाता है।

PSEB 11th Class Geography Practical Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना

PSEB 11th Class Geography Practical Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना 1

रचना विधि (Steps of Construction)-

1. मूल नक्शे (Original map) पर किसी एक इकाई के वर्ग बनाए जाते हैं।
2. इन वर्गों का आकार (Size of the squares) सुविधानुसार निश्चित किया जाता है।
3. यदि नक्शे को बड़ा करना हो, तो नए नक्शे पर वर्ग की भुजा नीचे लिखे फार्मूले के अनुसार निश्चित की जाती है।

PSEB 11th Class Geography Practical Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना 2

4. एक नए कागज़ पर छोटे या बड़े वर्ग बनाए जाते हैं। इनकी कुल गिनती मूल नक्शे जितनी ही होती है।
5. नए नक्शे पर हर वर्ग में मूल नक्शे के वर्णन को अंकित कर लिया जाता है। इसके लिए वर्गों के कटाव की सहायता ली जाती है।

PSEB 11th Class Geography Practical Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना

उदाहरण-दिए हुए अफ्रीका के नक्शे, जिसकी प्रतिनिधि भिन्न \(\frac{1}{40,000,000}\) है। इस नक्शे को \(\frac{1}{80,000,000}\) की प्रतिनिधि भिन्न पर बनाएँ।

रचना (Construction)-नया नक्शा मूल नक्शे से छोटे पैमाने पर है, इसलिए नक्शे के आकार को कम करना होगा। मूल नक्शे को 1′ की भुजा के वर्गों में बना लें। पूरे नक्शे पर 10 x 10 = 100 वर्ग बनेंगे। यदि मूल नक्शे के वर्ग की भुजा 1′ है, तो नए नक्शे पर वर्ग की भुजा फार्मूले से ढूँढ़ी जाती है।
PSEB 11th Class Geography Practical Chapter 3 नक्शों को बड़ा और छोटा करना 3
नए नक्शे पर \(\frac{1}{2}\)” की भुजा वाले 10 × 10 = 100 वर्ग बनाएँ। मूल नक्शे पर वर्गों को देखकर नए नक्शे में ब्यौरा भर लें।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

Punjab State Board PSEB 10th Class Physical Education Book Solutions टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules.

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules – PSEB 10th Class Physical Education

याद रखने योग्य बातें

  1. टेबल टेनिस खेल की किस्म = दो सिंगल और डबल
  2. टेबल टेनिस मेज़ की लम्बाई और चौड़ाई = 274 × 152.5 सैंटीमीटर
  3. खेलने वाले फर्श की ऊंचाई = 76 सैंटीमीटर
  4. खेलने वाले फर्श से जाल की ऊंचाई = 15.25 सैंटीमीटर
  5. जाल की लम्बाई = 183 सैंटीमीटर
  6. गेंद का वज़न = 2.55 ग्राम के 2.7 ग्राम.
  7. गेंद किस वस्तु का बना होता है = सेल्यूलाइड अथवा सफेद प्लास्टिक
  8. गेंद की परिधि = 40 सैंटीमीटर
  9. गेंद का रंग = सफेद
  10. मैच के अधिकारी = 1 रैफ़री, अम्पायर, 1 सहायक अम्पायर।
  11. गेमों के मध्य अन्तराल = 1 मिनट
  12. मैच के दौरान टाइम आउट = 1 मिनट
  13. रेखाओं की चौडाई = 2 सैं०मी०
  14. सतह को विभाजित करने वाली रेखा की चौड़ाई = 3 मि०मी०

टेबल टेनिस खेल की संक्षेप रूप-रेखा
(Brief outline of the Table Tennis Game)

  1. टेबल टेनिस के मेज़ की लम्बाई 274 सैंटीमीटर और चौड़ाई 152.5 सैंटीमीटर होती है।
  2. टेबल टेनिस की खेल दो प्रकार की होती है-सिंगल्ज़ तथा डबल्ज़। सिंगल्ज़-इसमें कुल खिलाड़ी दो होते हैं। एक खिलाड़ी खेलता है तथा एक खिलाड़ी अतिरिक्त होता है। डबल्ज़-इसमें चार खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से दो खेलते हैं तथा दो खिलाड़ी अतिरिक्त होते हैं।
  3. डबल्ज़ खेल के लिए खेलने की सतह (Playing Surface) को 3 सैंटीमीटर चौड़ी सफ़ेद रेखाओं द्वारा दो भागों में बांटा जाएगा।
  4. टेबल टेनिस की खेल में सिरों तथा सर्विस आदि के चुनाव का फैसला टॉस द्वारा किया जाता है।
  5. टॉस जीतने वाला सर्विस करने का फैसला करता है तथा टॉस हारने वाला सिरे का चुनाव करता है।
  6. सिंगल्ज़ खेल में 2 प्वाइंटों के बाद सर्विस बदल दी जाती है।
  7. मैच की अन्तिम सम्भव गेम में जब कोई खिलाड़ी या जोड़ी पहले 10 प्वाइंट कर ले तो सिरे बदल लिए जाते हैं।
    टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 1
  8. मैच एक पांच गेमों या सात गेमों में से सर्वोत्तम गेम होता है।
  9. टेनिस के टेबल की लाइनें सफेद होनी चाहिएं।
  10. टेनिस के टेबल का शेष भाग हरा और नीला होना चाहिए।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
टेबल टेनिस की खेल के सामान का संक्षेप वर्णन करें।
उत्तर-
मेज़ (Table)-मेज़ आयताकार होता है। इसकी लम्बाई 274 सैंटीमीटर तथा चौड़ाई 152.5 सैंटीमीटर होती है। इसकी ऊपरी सतह फर्श से 76 सैंटीमीटर ऊंची होगी। मेज़ किसी भी पदार्थ से निर्मित हो सकता है, परन्तु उसके धरातल पर 30.5 सैंटीमीटर की ऊंचाई से कोई प्रामाणिक गेंद फैंकने पर एक सार ठप्पा खाएगी जो 22 सेंटीमीटर से कम तथा 25 सैंटीमीटर से अधिक ऊंचा नहीं होना चाहिए। मेज़ के ऊपरी धरातल को क्रीड़ा तल (Playing Surface) कहते हैं। यह गहरे हल्के रंग का होता है। इसके प्रत्येक किनारे 42 सैंटीमीटर चौड़ी श्वेत रेखा होगी, 152.2 सैं० मी० के किनारे वाली रेखाएं अन्त रेखाएं तथा 23.4 सैंटीमीटर किनारे की रेखाएं पार्श्व (साइड) रेखाएं कहलाती हैं। डबल्ज़ खेल में मेज़ की सतह 3 मिलीमीटर चौड़ी सफेद रेखा दो भागों में विभक्त होती है जो साइड रेखा के समान्तर तथा प्रत्येक के समान दूरी पर होती है, इसे केन्द्र रेखा कहते हैं।
टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 2
जाल (Net)-जाल की लम्बाई 183 सैं० मी० होती है। इसका ऊपरी भाग क्रीडा तल (Playing Surface) से 15.25 सैं० मी० ऊंचा होता है। यह रस्सी द्वारा- 15.25 सैं० मी० ऊंचे सीधे खड़े डण्डों से बांधा होता है। प्रत्येक डण्डे की बाहरी सीमा उसी पार्श्व रेखा अर्थात् 15.25 सैंटीमीटर से बाहर की ओर होती है।
गेंद (Ball)—गेंद गोलाकार होती है। यह सैल्यूलाइड अथवा प्लास्टिक की सफ़ेद पीली परन्तु प्रतिबिम्बहीन होती है। इ’ का व्यास 37.2 मिलीमीटर से कम तथा 40 मि० गी0 से अधिक नहीं होता। इसका भार 2.40 ग्रा० से कम तथा 2.53 ग्रा० से अधिक नहीं होता।
रैकेट (Racket)-फेट किसी भी आकार या भार का हो सकता है। इसका तल गहरे रंग का होना चाहिए। यह खेल 21 अंक का होता है।

प्रश्न
टेबल टेनिस खेल में निम्नलिखित से आपका क्या भाव है ?
(1) टेबल का कम
(2) बाल खेल में
(3) अच्छी सर्विस
(4) अच्छी वापिसी
(5) लैट।
उत्तर-
खेल का क्रम (Order of Play) एकल (Single) खेल में सर्विस करने वाला (सर्वर) लगातार पांच वार सर्विस करता है, चाहे उसका अंक बने या न बने। उसके पश्चात् सर्विस दूसरे खिलाड़ी को मिलती है। इस तरह उसे भी पांच सर्विस करने का हक मलता है। इस तरह हर पांच सर्विस करने के बाद सर्विस में तबदीली होती है।
टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education 3
दोकल (Double)-खेल में सर्वर सर्विस करता है तथा रिसीवर अच्छी वापसी करेगा। सर्वर का साथी फिर बढ़िया वापसी करेगा और बारी-बारी प्रत्येक खिलाड़ी उसी क्रम से बढ़िया वापसी करेंगे।

उत्कृष्ट ( अच्छी) सर्विस (Good Service) सर्विस में गेंद का सम्पर्क करता हुआ मुक्त हाथ खुला, अंगुलियां जुड़ी हुईं तथा अंगूठा मुक्त रहेगा और क्रीड़ा तल के लेवल के द्वारा सर्वर गेंद को ला कर हवा में इस प्रकार सर्विस शुरू करेगा कि गेंद हर समय निर्णायक को नज़र आए।
गेंद फिर इस प्रकार प्रहारित होगी कि सर्वप्रथम सर्वर का स्पर्श करके सीधे जाल के ऊपर या आस-पास पार करती हुई पुनः प्रहारक के क्षेत्र का स्पर्श कर ले।
दोकल (Double)-खेल में गेंद पहले सर्वर का दायां अर्द्धक या उसके जाल की ओर की केन्द्र रेखा स्पर्श करके जाल के आस-पास या सीधे ऊपर से गुजर कर प्रहारक के दायें अर्द्धक या उसके जाल की ओर केन्द्र रेखा स्पर्श करे।
उत्कृष्ट ( अच्छी) वापसी (A Good Return) सर्विस या निवर्तन (Return) की हुई गेंद खिलाड़ी द्वारा इस प्रकार प्रहारित की जाएगी कि वह सीधे जाल को पार करके या चारों ओर पार करके विरोधी के क्षेत्र को स्पर्श कर ले।
बाल खेल में (Ball in Play)-सर्विस में हाथ द्वारा आगे को बढ़ाने के क्षण में गेंद खेल में मानी जाएगी जब तक कि—

  1. गेंद एक क्षेत्र में दो बार स्पर्श नहीं कर लेती।
  2. वह किसी खिलाड़ी को या उसके वस्त्र को छू नहीं लेती।
  3. वह किसी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक बार लगातार प्रहारित नहीं हो जाती।
  4. सर्विस को छोड़ कर वह प्रत्येक क्षेत्र को रैकेट तुरन्त प्रहारित किए बिना एकान्तर से स्पर्श नहीं कर लेती।
  5. बिना टप्पा खाए आती है।
  6. वह जाल तथा उसकी टेकों (Supports) को छोड़ कर किसी अन्य वस्तु से छू जाए।
  7. दोकल (Double) खेल की सर्विस में सर्वर या रिसीवर की बाईं कोर्ट को छू ले।
  8. डबल्ज़ खेल में यदि टीम से बाहर के खिलाड़ी ने प्रहार किया हो।

लैट (Let)—विराम लैट होता है—

  1. अच्छी सर्विस होने पर गेंद यदि जाल पार करते समय जाल या उसकी टेकों को छू जाती है।
  2. जब सर्विस प्राप्तकर्ता या उसके साथी के तैयार न होने की अवस्था में सर्विस कर दी जाए।
  3. यदि किसी दुर्घटना के कारण कोई खिलाड़ी अच्छी सर्विस या रिटर्न करने से रुक जाता है।
  4. यदि किसी त्रुटि को दूर करने के लिए खेल रोका जाता है।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न
टेबल टेनिस खेल में अंक कैसे मिलते हैं और खिलाड़ी कैसे विजय होता है ?
उत्तर-
अंक (Points)—नियम 9 में दी गई स्थिति को छोड़ कर कोई भी खिलाड़ी अंक खो देगा—

  1. यदि वह अच्छी सर्विस करने में असफल रहता है।
  2. यदि विपक्षियों में से किसी एक द्वारा सर्विस या अच्छी रिटर्न होते पर वह अच्छी रिटर्न में असफल हो जाए।
  3. यदि किसी खिलाड़ी या गेंद के खेल में रहते हुए क्रीड़ा तल को हिला दे।
  4. यदि उसका मुक्त हाथ गेंद के खेल में रहते हुए क्रीड़ा तल का स्पर्श कर ले।
  5. यदि गेंद खेल में आने से पूर्व अन्त रेखा या पार्श्व रेखा पार करती हुई उनकी ओर की मेज़ के क्रीड़ा तल को स्पर्श नहीं कर पाई है।
  6. यदि गेंद बिना टप्पा खाये लौटता है।
  7. दोकल खेल (Double) में यदि वह उचित अनुक्रम के बिना गेंद को प्रहारित नहीं करता।

जब कोई खिलाड़ी सर्विस करता है या कोई स्ट्रोक मारता है तो उसकी तरफ से खेली गई गेंद विरोधी तरफ से टप्पा खाने की बजाए सीधी उसके रैकेट को लगती है तो उस अवस्था में टेकन होता है जो अंक या स्ट्रोक मारने वाले को मिलता है।
खेल (Game)-खेल उस खिलाड़ी या जोड़े द्वारा जीती हुई मानी जाएगी जो पहले 11 अंक बना लेगा। यदि दोनों खिलाड़ी जोड़े 10 अंक बना लेते हैं तो उस वक्त दोनों खिलाड़ी या जोड़े को क्रमवार एक-एक सर्विस करने के लिए सुचेत किया जाता है जो खिलाड़ी या जोड़ा पहले दो अंक विरोधी से अधिक बना लेगा वह विजयी कहलाएगा।

मैच (Match)—मैच एक गेम, तीन गेम या पांच गेम का होगा। खेल निरन्तर जारी रहेगा, जब तक कोई खिलाड़ी या युगल विश्राम के लिए नहीं कहता। यह विश्राम पांच खेल वाले में से तीसरी और चौथी खेल के बीच पांच मिनट से अधिक नहीं होगा। अन्तरवर्ती क्षेत्रों में विश्राम एक मिनट से अधिक नहीं होगा।

प्रश्न
टेबल टेनिस में दिशा और सर्विस का चुनाव कैसे होता है ? दिशा परिवर्तन कैसे होता है ? सर्विस और रसीव करने की ग़लतियों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
दिशा और सर्विस का चुनाव (Selection of side and service)प्रत्येक मैच में दिशा का चुनाव तथा सर्वर या प्रहारक बनने का अधिकार चुनता है तो विपक्षी को दिशा चुनने का अधिकार होगा। यह रीति विपरीत क्रम में भी रहेगी। टॉस जीतने वाला यदि चाहे तो विपक्षी को प्रथम- चयन का अधिकार दे सकता है।
दोकल (Double)-खेल में जिस जोड़े को पहले सर्विस करने का अधिकार होगा वह निश्चित करेगा कि किस साथी को ऐसा करना है। इसी प्रकार मैच के प्रथम खेल में विपक्षी जोड़ा भी यह निश्चित करेगा कि किस साथी खिलाड़ी ने पहले सर्विस प्राप्त करनी है।
दिशा परिवर्तन तथा सर्विस
(Change of Ends and Service)
खेल में एक दिशा से प्रारम्भ करने वाला खिलाड़ी या जोड़ा उससे अगले खेल में दूसरी ओर से प्रारम्भ करेगा। यह क्रम मैच के अन्त तक जारी रहेगा। मैच के अन्तिम खेल में जो खिलाड़ी या जोड़ा पहले 5 फलांकन बना लेगा वह दिशा परिवर्तन कर सकता है। . एकल (Single) खेल में 2 अंक के पश्चात् रिसीवर सर्वर बन जाएगा और सर्वर रिसीवर
और यही क्रम मैच के अन्त तक जारी रहेगा (नीचे दी हुई स्थिति को छोड़ कर)।

दोकल खेल में पहली 2 सर्विस उस जोड़े के चुने हुए साथी द्वारा होगी जिन्हें निर्णय का अधिकार या विपक्षी जोड़े के चुने हुए साथी द्वारा प्राप्त की जाएगी। दूसरी 2 सर्विस, प्रथम 2 सर्विस प्राप्त करने वाला प्रहार करेगा तथा पहली 2 सर्विस करने वाला सर्वर उन्हें प्राप्त करेगा। तीसरी 2 सर्विस प्रथम 2 सर्विस करने वाला सर्वर का साथी करेगा तथा प्रथम 2 सर्विस प्राप्त करने वाला प्रहारक का साथी उन्हें प्राप्त करेगा। चौथी । सर्विस प्रथम 2 सर्विस करने वाला प्रहारक का साथी करेगा तथा प्रथम 2 सर्विस करने वाला सर्वर उन्हें प्राप्त करेगा। पांचवीं 2 सर्विस प्रथम 2 सर्विस के समान संक्रमिन होगी। खेल इसी क्रम में जारी रहेगा जब तक खेल समाप्त नहीं हो (नीचे दी हुई स्थिति को छोड़ कर) जाता।

फलांकन के 10 अंक होने पर या खेल के एकस्पिडाइट पद्धति के अन्तर्गत खेले जाने पर सर्विस और प्रहार करने का क्रम वही रहेगा, किन्तु खेल के अन्त तक प्रत्येक खिलाड़ी बारी-बारी से केवल एक सर्विस करेगा जो खिलाड़ी या जोड़ा पहले खेल में सर्विस करेगा वह उससे अगले खेल में सर्विस प्राप्त करेगा।

‘दोकल’ मैच के अन्तिम खेल में 5 फलांकन पर जोड़े दिशा परिवर्तन कर लेंगे। इस तरह सिगल्ज़ में भी अन्तिम गेंद में 10 अंक खेलने के बाद दिशा बदल जाती है।
दिशा में सर्विस अनियमतता (Out of orders of Ends of Service)–यदि कोई खिलाड़ी समय पर दिशा परिवर्तन नहीं करते तो वे त्रुटि ज्ञात होते ही दिशाएं बदलेंगे, जब तक कि त्रुटि के बाद खेल समाप्त न हो चुका हो। तब त्रुटि की उपेक्षा कर दी जाएगी। किसी भी परिस्थिति में त्रुटि ज्ञात होने से पूर्व वे सब बनाए हुए अंक माने जाएंगे।

यदि कोई खिलाड़ी अपनी बारी के बिना सर्विस करता है तो त्रुटि ज्ञात होते ही खेल रोक दिया जाएगा और खेल उस खिलाड़ी की सर्विस या प्राप्ति द्वारा पुनः जारी किया जाएगा जिस खेल के प्रारम्भिक क्रम के अनुसार करनी चाहिए थी या फलांकन के 5 पर पहुंचने पर। यदि नियम 14 के अंतर्गत उस क्रम में परिवर्तन हो गया तो उसी क्रम के अनुसार उसे सर्विस करनी या प्राप्त करनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में त्रुटि होने से पूर्व के सब बनाये हुए अंक माने जाएंगे।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

PSEB 10th Class Physical Education Practical टेबल टेनिस (Table Tennis)

प्रश्न 1.
टेबल टेनिस के मेज़ की लम्बाई और चौड़ाई बताओ।
उत्तर-
टेबल टेनिस के मेज़ की लम्बाई 2.74 सैंटीमीटर और चौड़ाई 152.5 सैंटीमीटर होती है।

प्रश्न 2.
टेबल टेनिस की खेल कितनी प्रकार की होती है ?
उत्तर-
टेबल टेनिस की खेल दो प्रकार की होती है—

  1. सिंगल्ज़
  2. डबल्ज़।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 3.
टेबल टेनिस के खिलाड़ियों की संख्या बताओ।
उत्तर-

  1. सिंगल्ज़-इसमें दो खिलाड़ी होते हैं। एक खेलता है और एक खिलाड़ी अतिरिक्त (Substitute) होता है।
  2. डबल्ज़-इसमें तीन खिलाड़ी होते हैं। दो खिलाड़ी खेलते हैं और एक खिलाड़ी अतिरिक्त (Substitute) होता है।

प्रश्न 4.
खेल कैसे शुरू होता है ?
उत्तर-
टॉस जीतने वाला सर्विस करने का फैसला करता है और हारने वाला सिरे का चुनाव करता है।

प्रश्न 5.
जाल की लम्बाई और ऊंचाई बताओ।
उत्तर-
जाल की लम्बाई 1.83 सैंटीमीटर होगी और इसकी ऊंचाई सतह (Playing Surface) से 15.25 सैंटीमीटर होगी।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 6.
गेंद का भार और उसकी गोलाई बताओ।
उत्तर-
गेंद का भार कम-से-कम 2.40 ग्राम और अधिक-से-अधिक 2.50 ग्राम होगा। उसकी गोलाई कम-से-कम 37.2 m.m. और अधिक-से-अधिक 38.2 m.m. होनी चाहिए।

प्रश्न 7.
रैकेट किस तरह का होना चाहिए ?
उत्तर-
रैकेट (Racket) किसी भी आकार या भार का हो सकता है। इसका तल गहरे रंग (Dark Colour) का होना चाहिए।

प्रश्न 8.
टेबल टेनिस बाल को किस तरह जज करेंगे कि बाल ठीक है ?
उत्तर-
टेबल टेनिस का बाल 30.5 सेंटीमीटर की ऊंचाई से गिराया जाए तो कम-से-कम 22 सैंटीमीटर और अधिक-से-अधिक 25 सैंटीमीटर उछलना चाहिए।

टेबल टेनिस (Table Tennis) Game Rules - PSEB 10th Class Physical Education

प्रश्न 9.
टेबल टेनिस की गेम कितने प्वाइंटों की होती है ?
उत्तर-
टेबल टेनिस का एक खिलाड़ी या एक जोड़ा गेम जीत जाएगा, यदि वह पहले 11 प्वाइंट स्कोर कर लेता है। जब दो खिलाड़ियों का जोड़ा 11 प्वाईंट कर ले तो वे खिलाड़ी या जोड़ा विजयी होगा जो दूसरे से पहले दो प्वाइंट प्राप्त कर लेगा।

प्रश्न 10.
टेबल टेनिस की खेल में प्वाइंट कैसे किए जाते हैं और कोई खिलाड़ी कैसे विजयी होता है ?
उत्तर-

  1. प्वाइंट (Point) एक खिलाड़ी एक प्वाइंट दे देगा यदि वह अच्छी सर्विस करने से असफल रहे।
  2. यदि उसके विरोधी ने अच्छी तरह सर्विस या अच्छी रिटर्न तो की है और वह आप अच्छी रिटर्न करने में असफल हो जाए।
  3. यदि वह या उसका रैकेट जाल को स्पर्श कर जाए जब कि गेंद खेल में (Ball in Play) हो।
  4. यदि उसका स्वतन्त्र हाथ (Free Hand) खेल की सतह (Playing Surface) को स्पर्श कर जाए जबकि गेंद खेल में (Ball in Play) हो।
  5. यदि वह गेंद को वॉली (Volley) मारता है।
  6. डबल्ज़ में अपनी बारी के बिना गेंद को चोट मारता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions Civics Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science Civics Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

SST Guide for Class 6 PSEB समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ Textbook Questions and Answers

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
समाज की मूलभूत प्राथमिक सामाजिक इकाई कौन-सी है?
(क) परिवार
(ख) शहर।
उत्तर-
परिवार।

प्रश्न 2.
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी क्यों है?
(क) मनुष्य अकेला रह सकता है ।
(ख) मनुष्य अकेला नहीं रह सकता।
उत्तर-
मनुष्य अकेला नहीं रह सकता।

प्रश्न 3.
सांस्कृतिक भाईचारे से कौन-सी भावना पैदा होती है?
(क) देशभक्ति की भावना
(ख) साम्प्रदायिक भावना।
उत्तर-
देशभक्ति की भावना।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 4.
सबसे पहले मनुष्य ने प्राचीन समय में किस पदार्थ के हथियार बनाए?
(क) पत्थर
(ख) ताँबा।
उत्तर-
पत्थर।

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
मनुष्य को सामाजिक प्राणी क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
मनुष्य वास्तव में ही एक सामाजिक प्राणी है। प्रथम, मनुष्य स्वभाव से अकेला नहीं रह सकता। वह अन्य लोगों के साथ मिलकर रहना पसन्द करता है। दूसरे, मनुष्य की आवश्यकताएं उसे सामाजिक प्राणी बनाती हैं। कोई भी मनुष्य अपनी सभी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा नहीं कर सकता। इनकी पूर्ति के लिए उसे कई लोगों के सहयोग की ज़रूरत होती है। इन्हीं कारणों से मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहा जाता है।

प्रश्न 2.
समाज की प्रारम्भिक इकाई कौन-सी है?
उत्तर-
परिवार।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 3.
प्राचीन समाज में मानव का जीवन किस प्रकार का था?
उत्तर-
प्राचीन समाज में मानव जीवन जंगली जीवों जैसा था। आदि मानव जंगलों में रहता था। वह जंगली जानवरों तथा पक्षियों का शिकार करके अपना पेट भरता था। धीरे-धीरे वह पशुओं को पालने लगा और उनसे भोजन प्राप्त करने लगा। इसे ‘पशुपालन अवस्था’ कहा जाता है। इस अवस्था में भी मनुष्य का जीवन स्थायी नहीं था। वह अपने पशुओं के साथ चरागाहों की तलाश में स्थान-स्थान पर घूमता रहता था।

प्रश्न 4.
कबीले के जीवन और शहरी जीवन में क्या अन्तर है?
उत्तर-
कबीले का जीवन-कबीला समाज का एक छोटा रूप है। प्राचीन काल में मानव कबीलों में रहता था। इसमें कई मानव-परिवार शामिल थे। कबीले की आवश्यकताएं बहुत कम थीं और जीवन का ढंग सादा था।

शहरी जीवन-शहरी जीवन से अभिप्राय आधुनिक समाज से है। इसमें लोगों की आवश्यकताएं बढ़ गई हैं। लोगों का जीवन स्तर भी ऊंचा हो गया है। इसमें विज्ञान और तकनीकी को बहुत अधिक महत्त्व दिया जाता है।

प्रश्न 5.
समाज मनुष्य के लिए क्यों ज़रूरी है?
उत्तर-
मनुष्य के लिए समाज निम्नलिखित कारणों से ज़रूरी है –

  1. अपनी सुरक्षा के लिए
  2. अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए
  3. अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए
  4. अपना सुख-दुःख बांटने के लिए
  5. विभिन्न कार्यों में सहयोग पाने के लिए।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 6.
प्राकृतिक पर्यावरण पर संक्षिप्त नोट लिखो।
उत्तर-
आरंभ में मनुष्य प्रकृति पर निर्भर था। धीरे-धीरे उसने अपने दिमाग का प्रयोग किया, नई-नई खोजें की और मानव सभ्यता का विकास किया। परंतु लंबे समय तक उसका तकनीकी ज्ञान सीमित रहा। अतः वह प्राकृतिक वातावरण के उपहारों का उचित लाभ न उठा सका। परंतु आज मनुष्य ने अपने विकसित तकनीकी ज्ञान द्वारा प्राकृतिक पर्यावरण को अपने अनुकूल बना लिया है और इससे अनेक सुविधाएं प्राप्त कर ली हैं। मनुष्य आज भी नई तकनीकें खोज रहा है। इनके प्रयोग से वह प्राकृतिक पर्यावरण को और अधिक उपयोगी भी बना सकता है और उसे क्षति भी पहुंचा सकता है।

प्रश्न 7.
हमें अपने भारतीय समुदाय पर गर्व क्यों है?
उत्तर-
हमें अपने भारतीय समुदाय अर्थात् भारत देश से बहुत कुछ मिलता है। यह हमें सुरक्षा प्रदान करता है और हमें शिक्षित करके अच्छा नागरिक बनाता है। हमारी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति भी यही समुदाय करता है। इतना ही नहीं यह हम सबमें भाईचारे तथा एकता की भावना का विकास भी करता है। इसलिए हम भारतीय समुदाय पर गर्व करते हैं।

प्रश्न 8.
मनुष्य में अन्य सजीवों की अपेक्षा क्या अन्तर है?
उत्तर-
मनुष्य अपने बच्चों की पूरी देखभाल करता है। वह उन्हें अच्छा भोजन तथा अच्छे वस्त्र देता है। बच्चों के स्वास्थ्य का भी उचित ध्यान रखा जाता है। उन्हें उच्च से उच्च शिक्षा दिलाई जाती है। मानव परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम, सहनशीलता, त्याग आदि नागरिक गुण भी पाये जाते हैं। पशु-पक्षियों तथा अन्य सजीवों के लिए इन बातों का कोई महत्त्व नहीं होता।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

II. निम्नलिखित रिक्त स्थान भरो

  1. प्राचीनकाल में …………% भारतवासी गांवों में रहते थे।
  2. शहरी जनसंख्या दिन-प्रतिदिन ………… जा रही है।
  3. समुदाय को परिवारों का ………… कहा जाता है।
  4. प्रारम्भिक मनुष्य का व्यवसाय ………… था।
  5. परिवार समाज की प्रारंभिक ………… इकाई है।

उत्तर-

  1. 90
  2. बढ़ती
  3. समूह
  4. शिकार करना
  5. सामाजिक।

III. निम्नलिखित वाक्यों पर सही (✓) या ग़लत (✗) का निशान लगाओ

  1. भारत को अनेकता में एकता वाला देश कहा जाता है।
  2. कश्मीर तथा राजस्थान की जलवायु एक जैसी है।
  3. प्रत्येक मनुष्य अपने समुदाय का महत्त्वपूर्ण भाग है।
  4. मनुष्य अकेला रह सकता है।
  5. कृषि व्यवसाय से गांवों का विकास हुआ।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✓)
  4. (✗)
  5. (✓)

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

PSEB 6th Class Social Science Guide समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ Important Questions and Answers

कम से कम शब्दों में उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
समुदाय किस सामाजिक इकाई का समूह होता है?
उत्तर-
परिवार।

प्रश्न 2.
किस खोज ने मानव को भोजन पका कर खाने में सहायता की?
उत्तर-
आग।

प्रश्न 3.
भारत देश की संस्कृति विशाल एवं समृद्ध है। देश के लिए इसका क्या महत्त्व है? कोई एक बिन्दु लिखिए।
उत्तर-
यह संस्कृति देश की शक्ति का स्रोत है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अपने इर्द-गिर्द भिन्न-भिन्न समूहों की सूची बनाओ।
उत्तर-
परिवार, स्कूल, गांव आदि।

प्रश्न 2.
परिवार कौन-कौन सी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है?
उत्तर-
परिवार भोजन, वस्त्र, आवास तथा सुरक्षा आदि आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

प्रश्न 3.
परिवार भविष्य के नागरिक कैसे तैयार करता है?
उत्तर-
परिवार बच्चों में सामाजिक गुणों का विकास करके भविष्य के नागरिक तैयार करता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 4.
पहाड़ी तथा मरुस्थलीय क्षेत्रों में जनसमुदायों का मुख्य व्यवसाय क्या है?
उत्तर-
भेड़-बकरियाँ पालना।

प्रश्न 5.
समुदाय किसे कहते हैं?
उत्तर-
एक साथ रहने वाले परिवारों के समूह को समुदाय कहते हैं। समुदाय के परिवार अपने सहयोग से समुदाय की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।

प्रश्न 6.
हमारे देश के लोग कौन-कौन से धर्म को मानते हैं?
उत्तर-
हमारे देश के लोग भिन्न-भिन्न धर्मों को मानते हैं। इनमें से मुख्य धर्म हैं— हिन्दू धर्म, इस्लाम, सिक्ख, ईसाई आदि।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 7.
शहर और कस्बों में रहने वाले लोगों को क्या कहा जाता है?
उत्तर-
शहर में रहने वाले लोगों को नगरवासी तथा कस्बों में रहने वाले लोगों को कस्बा वासी कहा जाता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की सभ्यता पर विदेशी प्रभाव किस प्रकार और क्यों पड़ा?
उत्तर-
भारत में समय-समय पर कई विदेशी जातियां आईं। भारत के लोग इनके साथ-साथ घुल मिल गए। उनमें विवाह-सम्बन्ध भी स्थापित हुए। भारतीयों ने उनकी सभ्यता की कई अच्छी बातें अपना लीं। इस प्रकार भारत की सभ्यता समृद्ध बनी।

प्रश्न 2.
भारत को उपमहाद्वीप क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
भारत एशिया महाद्वीप का एक भाग है। परन्तु उत्तर के पर्वत तथा हिन्द महासागर इसे एशिया से एक अलग इकाई बनाते हैं। इसकी एशिया से अलग अपनी विशेष सभ्यता है। इसका विस्तार भी बहुत अधिक है। इसी कारण भारत को ‘उपमहाद्वीप’ कहा जाता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 3.
एक-दूसरे पर निर्भरता से क्या भाव है? उदाहरण देकर समझाओ।
उत्तर-
कोई भी मनुष्य अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं नहीं कर सकता। इसके लिए उसे दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। उदाहरण के लिए हमें अपना मकान बनवाने के लिए राज़ तथा मजदूरों की ज़रूरत होती है। अनाज के लिए हम किसान पर और दूध के लिए ग्वाले पर निर्भर हैं।

प्रश्न 4.
भारत की भाषा विभिन्नता पर नोट लिखो।
उत्तर-
भारत में भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वाले लोग रहते हैं। देश में कुल मिलाकर लगभग 400 भाषाएं बोली जाती हैं। उत्तरी भारत की मुख्य भाषाएं हिन्दी, पंजाबी तथा बांग्ला हैं, जबकि दक्षिणी भारत की मुख्य भाषाएं तेलुगू, तमिल तथा मलयालम हैं।

प्रश्न 5.
परिवार और समाज में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर-
परिवार अपने आप में ही एक समाज है। यह समाज का छोटा रूप है। जिस प्रकार समाज आपसी सहयोग और निर्भरता से चलता है, उसी प्रकार परिवार भी आपसी सहयोग और निर्भरता से चलता है। वास्तव में प्रत्येक बड़े समाज का आधार परिवार ही है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 6.
हमारे देश की भौगोलिक विभिन्नता का क्या कारण है?
उत्तर-
हमारे देश की भौगोलिक विभिन्नता का मुख्य कारण देश की विशालता है। देश के भिन्न-भिन्न भागों का धरातल, जलवायु तथा वनस्पति भिन्न-भिन्न है। कहीं ऊंचेऊंचे पर्वत हैं तो कहीं मैदान। कहीं अत्यधिक ठंड पड़ती है, तो कहीं अत्यधिक गर्मी। इसी प्रकार कहीं घने वन पाये जाते हैं, तो कहीं कांटेदार झाड़ियां।

प्रश्न 7.
शहरी जनसंख्या तीव्र गति से क्यों बढ़ रही है?
उत्तर-
शहर जनसंख्या निम्नलिखित कारणों से इतनी तेज़ी से बढ़ रही है –

  1. गाँव का कार्यक्षेत्र सीमित है। वहाँ नौकरियों का अभाव है। इसलिए युवा ग्रामीण रोजी-रोटी कमाने के लिए शहरों की ओर आकर्षित होते हैं।
  2. नगरों में जीवन की सभी सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं। यह बात भी ग्रामीणों को नगरों की ओर आकर्षित करती है।
  3. आज के पढ़े-लिखे ग्रामीण स्वतन्त्र जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। अतः विवाह के पश्चात् वे अपने परिवार से अलग होकर नगर में आ बसते हैं।

प्रश्न 8.
समाज परिवारों का परिवार है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
यह बात बिल्कुल सत्य है कि समाज परिवारों का परिवार है। समाज एक बड़ा परिवार है जो छोटे-छोटे परिवारों के मेल से बनता है। उदाहरण के लिए हम ग्रामीण समाज को लेते हैं। यह गाँव में रहने वाले परिवारों का ही समूह होता है। इसी प्रकार शहरी समाज का निर्माण शहरी परिवारों के मेल से होता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 9.
समुदाय के लोगों में सहयोग की भावना क्यों रहती है?
उत्तर-
समुदाय के लोग प्रायः काफ़ी समय तक साथ-साथ रहते हैं। उनका लगभग प्रतिदिन आपस में सम्पर्क होता है। उनके आचार-विचार भी प्रायः समान होते हैं। उनके पढ़ने के लिए एक ही स्कूल और इलाज के लिए समान अस्पताल होते हैं। कई जगह तो उनके कारोबार और उद्योग-धन्धे भी साँझे होते हैं। इन सब बातों के कारण उनमें निकटता आती है और वे एक-दूसरे के समीप आते हैं। फलस्वरूप उनमें सहयोग की भावना बढ़ती है।

प्रश्न 10.
सामुदायिक भावना किन-किन तत्त्वों पर आधारित है?
उत्तर-
सामुदायिक भावना निम्नलिखित तत्त्वों पर आधारित है –

  1. सुरक्षा-मनुष्य अपनी सुरक्षा के लिए समुदाय में रहना पसन्द करता है।
  2. आवश्यकताओं की पूर्ति-मनुष्य अकेला अपनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। इन्हें पूरा करने के लिए वह समुदाय में रहता है।
  3. सुख-शान्ति तथा विकास-मनुष्य सुख-शान्ति से रह कर अपना विकास करना चाहता है। उसकी इस भावना से सामुदायिक भावना को बल मिलता है।

प्रश्न 11.
हमें सामुदायिक जीवन के बारे में जानकारी क्यों प्राप्त करनी चाहिए?
उत्तर-
सामुदायिक जीवन का हमारे लिए बड़ा महत्त्व है। इसलिए इसकी जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। इसकी जानकारी के निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. इसकी जानकारी से हम सरकार तथा अन्य स्रोतों द्वारा मिलने वाली सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
  2. इसकी जानकारी से हम समुदाय में अपने स्थान को पहचान सकते हैं।
  3. इससे हमें अधिकारों तथा कर्तव्यों की जानकारी मिलती है।
  4. सामुदायिक जीवन की जानकारी होने पर हम स्थानीय संस्थाओं को अधिक सफल बना सकते हैं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

प्रश्न 12.
मानव सभ्यता के विकास के बारे में संक्षिप्त नोट लिखो।
उत्तर-
आरम्भ में मानव शिकारी था। समय बीतने पर वह पशुपालक बन गया और पशुओं से भोजन प्राप्त करने लगा। धीरे-धीरे वह कृषि करना भी सीख गया। कृषि ने उसके जीवन को स्थायी बनाया। अब वह एक स्थान पर टिक कर रहने लगा। स्थायी जीवन ही मानव सभ्यता का आधार बना। मनुष्य द्वारा धातुओं की खोज ने सभ्यता एवं संस्कृति के विकास को नई गति दी। आज मानव मशीनी युग में रहता है और तकनीकी के विकास ने उसके जीवन का स्वरूप ही बदल दिया है।

प्रश्न 13.
समाज का विकास क्यों और किस तरह हुआ?
उत्तर-
समाज का विकास मुख्य रूप से दो कारणों से हुआ-सुरक्षा और सहयोग। शिकारी मानव हिंसक जानवरों से अपनी सुरक्षा के लिए झुंड बना कर रहता था। जब वह कृषि करना सीख गया तो उसे दूसरों के सहयोग की आवश्यकता हुई। अतः वह परिवार बना कर रहने लगा। परिवारों से कबीले बने और धीरे-धीरे गांव अस्तित्व में आये। धातुओं की खोज से शहरीकरण का आरम्भ हुआ और समाज का आकार बढ़ने लगा। आज पूरा विश्व एक समाज है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 19 समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ

समुदाय और मानवीय आवश्यकताएँ PSEB 6th Class Social Science Notes

  • परिवार – समाज तथा समुदाय की मूलभूत सामाजिक इकाई।
  • समुदाय – कई परिवारों का समूह जो आर्थिक अन्त:निर्भरता को बढ़ावा देता है।
  • सामुदायिक जीवन – हमारे परिवार, स्कूल और आस-पास के लोगों में जो गतिविधियाँ चलती हैं, उन्हें सामुदायिक जीवन कहते हैं।
  • मानव की मूलभूत आवश्यकताएँ – मानव की मूलभूत आवश्यकताएँ भोजन, वस्त्र तथा मकान हैं।
  • सहयोग – सहयोग सामुदायिक जीवन का आधार है।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

Punjab State Board PSEB 10th Class Welcome Life Book Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Welcome Life Chapter 10 तनाव प्रबंधन

PSEB 10th Class Welcome Life Guide तनाव प्रबंधन Textbook Questions and Answers

अभ्यास-I

प्रश्न 1.
तनाव हमारे लिए कैसे उपयोगी हो सकता है?
उत्तर-
आमतौर पर कहा जाता है कि तनाव हमारे लिए हानिकारक है लेकिन कभी कभी यह उपयोगी भी हो सकता है। तनाव हमें प्रतिकूल परिस्थितियों से लड़ना सिखाता है, हमारी एकाग्रता को बढ़ाता है, हमारी कार्य क्षमता और आत्म सम्मान को बढ़ाता है। इस प्रकार तनाव हमारे लिए एक उपयोगी पहलू भी है।

प्रश्न 2.
तनाव ग्रस्त होने पर कौन-से शारीरिक और मानसिक परिवर्तन महसूस होते हैं?
उत्तर-
आंतरिक रूप से, तनाव का शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति का दिल तेज़ी से धड़कता है, हृदय रोग होता है, सिरदर्द शुरू होता है और सांस लेने में समस्या शुरू हो जाती है। यह शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को भी कम करता है। बाहरी रूप से शरीर कई बदलावों से गुज़रता है। व्यक्ति का वज़न बढ़ना शुरू हो जाता है, बाल झड़ने लगते हैं, पसीना निकलने लगता है। व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो जाता है, जिसका असर उसके चेहरे पर साफ दिखता है और उसके चेहरे पर चिंताएँ हमेशा दिखाई देती हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 3.
तनाव ग्रस्त व्यक्ति का चेहरा कैसा होता है?
उत्तर-
तनाव ग्रस्त व्यक्ति का चेहरा मुरझा जाता है, वह हमेशा ही बीमार दिखने लगता है और उसके माथे पर हमेशा चिंता के भाव रहते हैं।

प्रश्न 4.
आपके लिए कौन-सी बातें तनाव देने वाली हैं?
उत्तर-
यदि हम छात्र के दृष्टिकोण से देखें, तो तनाव का मुख्य कारण कक्षा में कम अंक लाना, पीछे रह जाना तथा फेल होने का डर इत्यादि तनाव के मुख्य कारण होते हैं। एक पिता या पति के रूप में तनाव के मुख्य कारण नौकरी या व्यवसाय की चिंताएं, आय और व्यय की चिंता, परिवार की चिंता, बच्चों के सैट होने की चिंता तनाव के कारण हैं। इस प्रकार अलग-अलग परिस्थितियों तनाव के कारण अलग-अलग होते हैं।

व्यायाम-II

प्रश्न 1.
क्या इंसान जीव-जन्तुओं के बिना धरती पर रह सकता है?
उत्तर-
नहीं, इंसान जीव-जन्तुओं के बिना धरती पर जीवित नहीं रह सकता। इसका कारण यह है कि प्रकृति ने एक जीवन चक्र बनाया है जिसके अनुसार एक प्राणी दूसरों पर जीने के लिए निर्भन करता है। उसी तरह, मानव अपने अस्तित्व के लिए दूसरे जानवरों पर निर्भर करता है। उनकी अनुपस्थिति में, मानव अस्तित्व खतरे में होगा। यही कारण है कि मनुष्य दूसरे जीव-जन्तुओं पर निर्भर करता है।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 2.
प्राकृतिक वनस्पति को नष्ट करने से क्या नुकसान हैं?
उत्तर-

  1. प्राकृतिक वनस्पति वर्षा लाने में मदद करती है। इसके अभाव में वर्षा की कमी होगी।
  2. प्राकृतिक वनस्पति मिट्टी के कटाव को रोकती है। इसके अभाव में मिट्टी का कटाव कभी नहीं रुकेगा?
  3. प्राकृतिक वनस्पतियाँ लकड़ी की हमारी ज़रूरतों को पूरा करती हैं, और इसके अभाव में ऐसी ज़रूरतें पूरी नहीं होंगी।
  4. यदि प्राकृतिक वनस्पति नहीं होगी तो वन्य जीवों के लिए कोई निवास स्थान नहीं होगा।

प्रश्न 3.
प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए हम छात्रों के रूप में क्या कर सकते हैं?
उत्तर-

  1. हम प्राकृतिक वनस्पति के संरक्षण के लिए दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं।
  2. प्राकृतिक वनस्पति की संभाल के लिए सैमिनार आयोजित किया जा सकता है।
  3. छात्र प्राकृतिक वनस्पति बढ़ाने के लिए नए पौधे लगा सकते हैं।

पाठ पर अधारित प्रश्न

प्रश्न 1.
तनाव हमारे शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
उत्तर-
अभ्यास-I का प्रश्न 2 देखें।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 2.
तनाव कम करने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर-

  1. जब भी आप तनाव में हों, धीरे-धीरे अपनी आँखें बंद करें। पांच मिनट के बाद अपनी आँखें खोलें। यह आपके तनाव को कम करेगा।
  2. जब भी आप तनाव में हों, गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  3. हमें सुबह की सैर के लिए बाहर जाने या योग करने की आवश्यकता है।
  4. संतुलित आहार लेने से तनाव को कम किया जा सकता है।
  5. तनाव कम करने के लिए आपको अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से बात करते रहना चाहिए।
  6. व्यक्ति को अपने शौक पूरे करने चाहिएं।

प्रश्न 3.
दूसरों को तनाव मुक्त रखने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर-
देखें पिछला प्रश्न।

प्रश्न 4.
क्या तनाव हमारे लिए उपयोगी भी हो सकता है?
उत्तर-
अभ्यास-I का प्रश्न नं0 1 देखें।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

Welcome Life Guide for Class 10 PSEB तनाव प्रबंधन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(क) बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
………. वह स्थिति जो हमारे तन, मन की उम्मीद के अनुसार नहीं हो रही होती।
(a) तनाव
(b) खुशी
(c) घृणा
(d) द्वेश।
उत्तर-
(a) तनाव।

प्रश्न 2.
मन की वह स्थिति जिसको हम ………. मान लेते हैं उसे ही हम तनाव कहते हैं।
(a) घृणा
(b) बोझ
(c) खुशी
(d) अत्याचार।
उत्तर-
(d) यह सभी।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 3.
इनमें से तनाव का कारण क्या है?
(a) अधिक आकांक्षाएं
(b) हमारा प्राकृतिक स्वभाव
(c) काम का दबाव
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

प्रश्न 4.
तनाव से हमारी ……… शक्ति कमजोर होती है।
(a) शारीरिक
(b) मानसिक
(c) दोनों (a) और (b)
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों (a) और (b)।

प्रश्न 5.
तनाव के कारण इनमें से कौन-सी बीमारी होती है?
(a) एड्स
(b) दिल का रोग
(c) कैंसर
(d) टी० बी०।
उत्तर-
(b) दिल का रोग।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 6.
तनाव का गलत पहलू क्या है?
(a) व्यक्ति काम करना बंद कर देता है।
(b) व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों से दूर भागता है।
(c) तनाव कई बीमारियों का कारण बनता है।
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

प्रश्न 7.
तनाव कम करने के लिए छात्र क्या कर सकते हैं?
(a) सुबह की सैर या योग करके
(b) हम दोस्तो के साथ खेल सकते हैं
(c) हम परिवार के सदस्यों से बात कर सकते हैं
(d) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(d) उपरोक्त सभी।

(ख) खाली स्थान भरें

  1. पृथ्वी पर ………… और जीव-जन्तु रहने के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
  2. ………….. वनस्पति को संरक्षित किया जाना चाहिए।
  3. ………….. करने से तनाव को कम किया जा सकता है।
  4. ………. के कारण दिल की बीमारी हो सकती है।
  5. तनाव हमारे जीवन की ……….. घटना है।
  6. तनाव हमारे लिए ………. भी हो सकता और ……… भी।

उत्तर-

  1. मनुष्य,
  2. प्राकृतिक,
  3. सुबह की सैर,
  4. तनाव,
  5. प्राकृतिक,
  6. लाभदायक, नुकसानदायक।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

(ग) सही/ग़लत

  1. तनाव के बोझ के कारण एड्स हो सकता है।
  2. तनाव दिमाग पर बोझ डाल देता है।
  3. काम के भोझ से तनाव नहीं होता।
  4. तनाव से मानसिक शक्ति कमज़ोर होती है।
  5. तनाव के कारण कई लोग ज़िम्मेदारियों से दूर भागते हैं।
  6. इंसान और जीव-जन्तु एक-दूसरे के मददगार हैं।

उत्तर-

  1. ग़लत,
  2. सही,
  3. ग़लत,
  4. सही,
  5. सही,
  6. सही।

(घ) कॉलम से मेल करें

कॉलम ए — कॉलम बी
(a) तनाव — (i) तनाव का नतीजा
(b) काम का दबाव — (ii) प्रकृति का संतुलन
(c) हृदय रोग — (iii) तनाव को दूर करने का तरीका
(d) गहरी सांस लेना — (iv) मन की स्थिति
(e) जीव-जंतु — (v) तनाव का कारण।
उत्तर-
कॉलम ए — कॉलम बी
(a) तनाव — (iv) मन की स्थिति
(b) काम का दबाव — (v) तनाव का कारण
(c) हृदय रोग — (i) तनाव का नतीजा
(d) गहरी सांस लेना — (iii) तनाव को दूर करने का तरीका
(e) जीव-जंतु — (ii) प्रकृति का संतुलन

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तनाव क्या है?
उत्तर-
वह मन की अवस्था जिसे हम बोझ मान लेते हैं, तनाव होता है।

प्रश्न 2.
तनाव को कैसे कम किया जा सकता है?
उत्तर-
इसके कारण को समझ उसका समाधान करके से तनाव को कम किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
हम तनावग्रस्त क्यों हो जाते हैं?
उत्तर-
जब हम किसी समस्या को बोझ मानने लगते हैं, तो हम तनावग्रस्त हो जाते हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 4.
तनाव का एक कारण दीजिए।
उत्तर-
हम तब तनाव में आते हैं जब हमारी आकांक्षाएं पूरी नहीं होती हैं।

प्रश्न 5.
दूसरों से तुलना करके हम तनाव में कैसे आ जाते हैं?
उत्तर-
जब हम देखते हैं कि अन्य लोग अधिक सफल हो रहे हैं, तो हम तनाव में आ जाते हैं।

प्रश्न 6.
तनाव का हम पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर-
तनाव हमारी शारीरिक और मानसिक स्थिति को कमज़ोर करता है।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 7.
तनाव से कौन-सी बीमारी हो जाती है?
उत्तर-
तनाव से हृदय रोग होता है और रक्तचाप भी बढ़ सकता है।

प्रश्न 8.
तनाव का गलत पहलू क्या है?
उत्तर-
यह हमें काम करने से रोकता है और हमें कभी भी अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा नहीं करने देता है।

प्रश्न 9.
छात्र तनाव में क्यों आते हैं?
उत्तर-
असफलता का डर, कम अंक प्राप्त करने का डार, कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त न करने का डर इत्यादि ऐसे कारण हैं जिनके कारण छात्र तनाव में आते हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 10.
तनाव कम करने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
उत्तर-
धीरे-धीरे अपनी आँखें बंद करें, पाँच सैकेंड के बाद आँखें खोलें या तनाव को कम करने के लिए लंबी साँसें लें।

प्रश्न 11.
छात्र तनाव को कैसे कम कर सकते है?
उत्तर-
सुबह की सैर या योग करने से छात्र तनाव को कम कर सकते हैं।

प्रश्न 12.
प्रकृति का संतुलन क्या हैं?
उत्तर-
यह कि मनुष्य और अन्य जीव-जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर हैं।

प्रश्न 13.
प्रकृति का संतुलन कैसे बनाए रखा जा सकता है?
उत्तर-
यदि हम सभी प्राकृतिक चीज़ों की परवाह करते हैं, तो प्रकृति का संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 14.
प्राकृतिक वनस्पति का एक लाभ दें।
उत्तर-
प्राकृतिक वनस्पति से हमें ऑक्सीजन मिलती है।

प्रश्न 15.
प्राकृतिक वनस्पतियों को नष्ट करने का नुकसान कया है?
उत्तर-
इससे हमारी लकड़ी की ज़रूरत नहीं पूरी होगी और वर्षा भी कम होगी।

प्रश्न 16.
प्राकृतिक वनस्पति को कैसे बचाया जा सकता है?
उत्तर-
नए पौधे लगाकर, प्राकृतिक वनस्पति को बचाया जा सकता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तनाव की स्थिति पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
तनाव एक प्रकार की वह स्थिति है जो हमारे मन के अनुसार नहीं है। यह मन की वह स्थिति है जिसे हम बोझ समझते हैं और उसे तनाव का नाम देते हैं। उदाहरण के लिए यदि हमें किसी काम को करने में देर हो जाती है, तो हम तनाव में आ जाते हैं। तनाव सकारात्मक और साथ ही व्यक्ति के लिए नकारात्मक स्थिति भी पैदा कर सकता है। यदि हमें तनाव के कारण के बारे में पता चल जाए, तो हम आसानी से इसका समाधान पा सकते हैं। लेकिन यदि कारण का पता न चले तो यह समस्या हमारे लिए बोझ बन जाती है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम तनाव को एक सहायक या समस्या के रूप में कैसे ले सकते हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

प्रश्न 2.
तनाव के चार कारण बताइए।
उत्तर-

  1. हमारी कई आकांक्षाएं हैं और यदि वे पूरी नहीं होती हैं, तो हम तनाव में आ जाते हैं।
  2. कुछ लोगों का तनाव में रहना स्वाभाविक प्रवृत्ति है। वे हमेशा तनाव में रहते हैं।
  3. लोग काम के दबाव में होते हैं और अपने बॉस के गुस्से का शिकार हो जाते हैं। इसलिए वे तनाव में आते हैं।
  4. कई व्यक्तियों की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है और वे हमेशा तनाव में रहते हैं।

प्रश्न 3.
तनाव के प्रभाव क्या हैं?
उत्तर-

  1. तनाव हमारी शारीरिक और मानसिक शक्ति को कमज़ोर करता है और दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है।
  2. व्यक्ति सो नहीं पाता और अधिक पसीना आने लगता है। वह मोटा हो जाता है। कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे पेट में दर्द, सिरदर्द, दिल की बीमारियां, रक्तचाप बढ़ना इत्यादि।
  3. हम बीमारियों से लड़ने में बहुत अधिक ऊर्जा खो देते हैं और हम तनाव से राहत नहीं ले पाते।
  4. तनाव का सबसे बुरा हिस्सा यह है कि यह हमें अपनी ज़िम्मेदारियों से दूर भगाता है, और हमें काम करने से रोकता है।

प्रश्न 4.
तनाव से बचने के लिए छात्र क्या कर सकते हैं?
उत्तर-

  1. तनाव कम करने के लिए हम अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ खेल सकते हैं।
  2. तनाव को कम करने के लिए प्राकृतिक वातावरण में सैर के लिए निकल सकते हैं।
  3. हम परिवार के सदस्यों के साथ काम कर सकते हैं, उनके साथ सहयोग कर सकते हैं, तनाव को दूर करने में उनकी मदद ले सकते हैं।
  4. सुबह की सैर के लिए बाहर जा सकते हैं, योग कर सकते हैं और तनाव कम करने के लिए संतुलित आहार ले सकते हैं।

PSEB 10th Class Welcome Life Solutions Chapter 10 तनाव प्रबंधन

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न-तनाव के कारण क्या हैं?
उत्तर-

  1. हम अपनी पारिवारिक स्थितियों या पड़ोस की स्थितियों के कारण तनाव में आ जाते हैं।
  2. यदि किसी को छोटे कद या शरीर के किसी हिस्से के बारे में साथियों द्वारा चिढ़ाया जाता है, तो वह तनाव में आ सकता है।
  3. देश में विपरीत परिस्थितियों के कारण भी व्यक्ति तनाव में आ सकता है।
  4. हमारी कई आकांक्षाएँ हैं और यदि वे पूरी नहीं होती हैं तो हम तनाव में आ जाते हैं।
  5. कुछ लोग स्वाभाविक रूप से तनाव में रहते हैं।
  6. कुछ लोग काम के दबाव में और प्रबंधन के दबाव के कारण तनाव में रहते हैं।
  7. यदि कोई किसी बीमारी से पीड़ित है या किसी ने किसी से का लिया है, तो वह तनाव में रहता है।
  8. यदि हम दूसरों के साथ अपनी तुलना करते हैं तो हम तनाव में आ जाते हैं।

तनाव प्रबंधन PSEB 10th Class Welcome Life Notes

  • यदि कोई भी स्थिति हमारे मन के अनुरूप नहीं है या हमारे मन के अनुसार नहीं है, तो यह तनाव की स्थिति है। ज्यादातर तनाव हानिकारक होता है लेकिन कई बार यह फलदायक भी हो सकता है।
  • तनाव के कई कारण हो सकते हैं जैसे हमारा प्राकृतिक व्यवहार, अधिक आकांक्षाएं, बीमारी, कर्जा, काम का बोझ इत्यादि।
  • सकारात्मक दृष्टिकोण वाले लोग अपने लाभ के लिए भी तनावपूर्ण स्थिति का उपयोग करते हैं। तनाव का समाधान खोजने के दौरान वह एक नई चीज़ की खोज करते हैं या स्थिति से बहुत लाभ प्राप्त करते हैं।
  • तनाव से अनिद्रा, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, हृदय रोग इत्यादि जैसे गलत प्रभाव हो सकते हैं। तनाव से लड़ने में बहुत ऊर्जा खर्च होती है और इसीलिए लोग अपनी ज़िम्मेदारियों से दूर भागते हैं।
  • हालांकि तनाव किसी के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है लेकिन इसे कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए। गहरी साँस लेना, आँखें बंद करके बैठना, चिंताओं के बारे में न सोचना यह कुछ ऐसे तरीके हैं जिनसे हम तनाव को कम कर सकते हैं।
  • धरती पर इंसान और जानवर एक-दूसरे का साथ देते हैं। यह प्राकृतिक प्रणाली को संतुलित करने में मदद करता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

Punjab State Board PSEB 6th Class Social Science Book Solutions Geography Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 6 Social Science Geography Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

SST Guide for Class 6 PSEB ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल Textbook Questions and Answers

I. नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
ग्लोब को पृथ्वी का मॉडल (नमूना) क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
ग्लोब पृथ्वी का बिल्कुल सही प्रतिरूप है। यह पृथ्वी की तरह गोल होता है। इस पर पृथ्वी के महाद्वीपों तथा महासागरों को उनके ठीक आकार में दिखाया जाता है। इस पर दूरियाँ तथा दिशाएं भी सही-सही दर्शायी जाती हैं। इसीलिए ग्लोब को पृथ्वी का मॉडल कहा जाता है।

प्रश्न 2.
ग्लोब की कील के किनारों को क्या नाम दिया जाता है?
उत्तर-
इन्हें क्रमशः उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी किनारे को दक्षिणी ध्रुव कहा जाता है।

प्रश्न 3.
दोनों ध्रुवों को मिलाने वाली अर्द्धगोलाकारों को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर-
देशान्तर रेखाएं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 4.
गोलार्द्ध का क्या अर्थ है? उस रेखा का नाम बताओ जो पृथ्वी को दो भागों में बांटती है?
उत्तर-
पृथ्वी (गोले) के आधे भाग को गोलार्द्ध कहते हैं। भूमध्य रेखा पृथ्वी को दो समान भागों में बांटती है।

प्रश्न 5.
मुख्य मध्यन (मध्यान्तर) रेखा किसको कहते हैं और यह कहां से गुज़रती
उत्तर-
0° देशान्तर को मुख्य मध्यन रेखा कहते हैं। यह इंग्लैण्ड के ग्रीनविच नामक स्थान से गुज़रती है।

प्रश्न 6.
अक्षांश और देशान्तर में अन्तर बताओ।
उत्तर-

  1. किसी स्थान की भूमध्य रेखा से कोणीय दूरी को अक्षांश कहते हैं। इसके विपरीत देशान्तर किसी स्थान की मुख्य मध्यान्तर रेखा से दूरी को दर्शाते हैं।
  2. अक्षांशों की संख्या 180 है जबकि देशान्तरों की संख्या 360 है।
  3. अक्षांशों के साथ उ० अथवा द० लिखा जाता है, परन्तु देशान्तरों के साथ पू० अथवा प० लिखा जाता है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 7.
पृथ्वी या ग्लोब को कितने देशान्तरों में बांटा गया है?
उत्तर-
360 देशान्तरों में।

प्रश्न 8.
ग्लोब का सबसे बड़ा चक्र कौन-सा है? नाम बताओ।
उत्तर-
0° अक्षांश का चक्र ग्लोब का सबसे बड़ा चक्र है। इसे भूमध्य रेखा कहा जाता है।

प्रश्न 9.
अक्षांश रेखाओं और देशान्तर रेखाओं में अन्तर बताओ।
उत्तर-
अक्षांश रेखाएं तथा देशांतर रेखाएं ग्लोब (पृथ्वी) पर खींची गई काल्पनिक रेखाएं हैं इनमें निम्नलिखित अंतर है:

अक्षांश रेखाएं

  1. ये भूमध्यरेखा के समानांतर हैं।
  2. ये पूर्व से पश्चिम की ओर जाती हैं।
  3. पूर्व ग्लोब पर 180° अक्षांश हैं। 90° उत्तरी गोलार्द्ध में तथा 90° दक्षिणी गोलार्द्ध में।
  4. भूमध्य रेखा को 0° अक्षांश माना गया है। यह पृथ्वी के मध्य से गुज़रती है।
  5. ये वृत्ताकार हैं।

देशांतर रेखाएं

  1. ये समानान्तर नहीं हैं। ये धुवों पर आपस में मिल जाती हैं।
  2. ये ध्रुवों को आपस में मिलाती हैं।
  3. इनकी संख्या 360 है।
  4. लंदन के समीप ग्रीनविच से गुजरने वाली देशांतर रेखा को 0° देशान्तर माना गया है। इसे प्रधान देशांतर भी कहते हैं।
  5. ये अर्द्ध वृत्ताकार हैं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 10.
देशान्तर का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
देशान्तरों का निम्नलिखित महत्त्व है –
1. स्थिति का ज्ञान-देशान्तरों की सहायता से हम किसी स्थान की स्थिति का पता लगा सकते हैं। उदाहरण के लिए लुधियाना 76° पू० देशान्तर पर स्थित है। इसका अर्थ यह है कि लुधियाना मुख्य मध्यान्तर रेखा से 76° पू० में है।

2. समय का ज्ञान-देशान्तरों की सहायता से हम किसी स्थान के समय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक दो देशान्तरों के बीच 4 मिनट के समय का अन्तर होता है। जो स्थान ग्रीनविच के पूर्व में स्थित हैं उनका समय 4 मिनट प्रति देशान्तर आगे होता है। परन्तु जो स्थान ग्रीनविच के पश्चिम दिशा में स्थित हैं उनका समय 4 मिनट प्रति देशान्तर पीछे होता है।

प्रश्न 11.
कौन-सी रेखाएँ तापखंड बनाने में सहायता करती हैं? तापखंड क्यों बनाए जाते हैं? कारण बताओ।
उत्तर-
तापखंड बनाने में अक्षांश रेखाएँ सहायता करती हैं। तापखंड निम्नलिखित कारणों से बनाए जाते हैं –

1. सूर्य की सीधी और तिरछी किरणें-सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर कम स्थान घेरती हैं। इसलिए उनमें गर्म करने की शक्ति अधिक होती है। इसके विपरीत सूर्य की तिरछी किरणें अधिक स्थान घेरती हैं। अत: उनमें गर्म करने की शक्ति कम होती है।

2. पृथ्वी का गोल आकार-तापखंड बनाने का दूसरा कारण पृथ्वी का गोल आकार है। पृथ्वी का मध्य भाग उभरा हुआ है। यह अधिक सूर्यातप प्राप्त करता है। ध्रुवों की ओर जाने पर सूर्यातप की तीक्षणता कम होती जाती है। इसलिए कम ऊष्मा का तापखंड बन जाता है।

प्रश्न 12.
स्थानीय तथा भारतीय प्रमाणिक (मानक) समय में अंतर बताओ।
उत्तर-
स्थानीय समय किसी स्थान विशेष के मध्याहन (दोपहर, 12 बजे) के सूर्य के अनुसार होता है। परन्तु भारतीय प्रमाणिक समय ग्रीनविच से गुजरने वाली मुख्य मध्याह्न (देशान्तर) रेखा के अनुसार निश्चित किया गया है। यह समय 82½° पू० देशान्तर रेखा के अनुसार है। यह ग्रीनविच के समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

II. रिक्त स्थान भरो

  1. उष्ण-खण्ड कर्क रेखा और ………… रेखाओं के साथ दर्शाया जाता है।
  2. मकर रेखा ……….. अक्षांश रेखा द्वारा दर्शायी जाती है।
  3. अक्षांश और देशान्तर ग्लोब पर ………… बनाते हैं।
  4. दो समानान्तर रेखाओं के बीच दूरी हमेशा ………… होती है।
  5. ………. को शून्य देशान्तर कहते हैं।
  6. भारत में ………… देशान्तर को प्रमाणिक देशान्तर माना गया है।
  7. ग्रीनविच के औसत समय और भारतीय प्रमाणिक समय में ……….. का अन्तर है।

उत्तर-

  1. मकर
  2. 23½° द०
  3. ग्रिड या जाल
  4. एक समान
  5. मध्यन रेखा
  6. 82½° पू०
  7. 5 घण्टे 30 मिनट।

III. नीचे लिखे तथ्य सहीं है या ग़लत –

प्रश्न 1.
हरेक देशान्तर अर्द्ध-गोला होता है।
उत्तर-
सही

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 2.
जैसे-जैसे भूमध्य रेखा से दूर जाएं, तापमान बढ़ता जाता है।
उत्तर-
ग़लत

प्रश्न 3.
उष्ण-तापखंड कर्क रेखा तथा मकर रेखा के बीच होता है।
उत्तर-
सही

प्रश्न 4.
पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है।
उत्तर-
सही

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

PSEB 6th Class Social Science Guide ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल Important Questions and Answers

कम से कम शब्दों में उत्तर वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण तक अनेक अर्द्ध गोलाकार रेखाएं खिंची दिखाई देती हैं। क्या आप बता सकते हैं कि इन्हें क्या नाम दिया जाता है?
उत्तर-
देशांतर रेखाएँ।

प्रश्न 2.
आप दो देशांतरों के मध्य दूरी मापने के लिए किस इकाई (Unit) का प्रयोग करेंगे?
उत्तर-
डिग्री।

प्रश्न 3.
भारत तथा इंग्लैंड के बीच भारतीय समय के अनुसार सायं 3.30 बजे मैच शुरू हुआ। उस समय इंग्लैंड में क्या समय होगा?
उत्तर-
प्रातः 10.00
नोट-भारत का मानक समय इंग्लैंड के समय से साढ़े पांच घंटे आगे है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भूमध्य रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों में बांटती है। इनमें से ऊपर वाला भू-भाग क्या कहलाता है?
(क) दक्षिणी गोलार्द्ध
(ख) उत्तरी गोलार्द्ध
(ग) उष्ण तापखंड।
उत्तर-
(ख) उत्तरी गोलार्द्ध

प्रश्न 2.
पृथ्वी को कितने तापखंडों में बांटा जाता है?
(क) पांच
(ख) चार
(ग) तीन।
उत्तर-
(ग) तीन

प्रश्न 3.
किस देशान्तर को अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं?
(क) 0°
(ख) 90°
(ग) 180° पू० या प० ।
उत्तर-
(ग) 180° पू० या प० ।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

सही (✓) या गलत (✗) कथन

  1. भूमध्य रेखा पृथ्वी पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई एक कल्पित रेखा है।
  2. उष्ण तापखंड धुत्रों के निकट पाये जाते हैं।
  3. पृथ्वी को देशान्तरों की सहायता से तापखंडों में बांटा जाता है।

उत्तर-

  1. (✓)
  2. (✗)
  3. (✗)

सही जोड़े

  1. ग्लोब – (क) लुधियाना
  2. 0° देशान्तर – (ख) पृथ्वी का मॉडल
  3. 82 ½° देशान्तर – (ग)भारतीय मानक समय
  4. 76° पू० देशान्तर – (घ) प्रमुख याम्योत्तर।

उत्तर-

  1. ग्लोब-पृथवी का मॉडल,
  2. 0° देशान्तर–प्रमुख याम्योत्तर,
  3. 82½° देशान्तर-भारतीय मानक समय,
  4. 76° पू० देशान्तर-लुधियाना।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-
पृथ्वी के अक्ष पर उत्तरी बिन्दु को उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी बिन्दु को दक्षिणी ध्रुव कहते हैं।

प्रश्न 2.
उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव के अक्षांश बताओ।
उत्तर-
क्रमश: 90° उ० तथा 90° द०।

प्रश्न 3.
कर्क वृत्त (रेखा) किस गोलार्द्ध में स्थित है?
उत्तर-
उत्तरी गोलार्द्ध में।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य के लिए कोई एक पारिभाषिक शब्द लिखो –
(क) पृथ्वी के वे ताप कटिबन्ध जिनके एक ओर कर्क या मकर वृत्त हो और दूसरी ओर आर्कटिक या अंटार्कटिक वृत्त हो।
(ख) ग्रीनविच से गुजरने वाली 0° देशान्तर रेखा।
(ग) 66° 30′ दक्षिण अक्षांश।
उत्तर-
(क) शीतोष्ण कटिबन्ध।
(ख) प्रधान मध्याह्न रेखा।
(ग) अंटार्कटिक वृत्त।

प्रश्न 5.
किसी दिए गए बिन्दु की विषुवत् वृत्त से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी के माप को क्या कहते हैं?
उत्तर-
अक्षांश।

प्रश्न 6.
कर्क और मकर वृत्त का जो क्षेत्र सबसे अधिक गर्मी प्राप्त करता है, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर-
उष्ण तापखंड।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 7.
अंटार्कटिक वृत्त किस गोलार्द्ध में है?
उत्तर-
दक्षिणी गोलार्द्ध में।

प्रश्न 8.
0° देशान्तर रेखा कहाँ से गुज़रती है?
उत्तर-
ग्रीनविच।

प्रश्न 9.
पृथ्वी 24 घंटे में कितने देशान्तर घूम जाती है?
उत्तर-
360°

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हम उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को 90° से ही क्यों व्यक्त करते हैं?
उत्तर-
पृथ्वी गोल है। इसे एक वृत्त भी कहा जा सकता है। एक वृत्त में 360° होते हैं। यदि विषुवत् वृत्त से सीधे चलकर उत्तरी ध्रुव तक जाएं तो पृथ्वी का ¼ भाग (90°) तय हो जाएगा। इसी प्रकार विषुवत् वृत्त से दक्षिणी ध्रुव तक भी 90° का सफ़र तय करना पड़ता है। इसीलिए हम उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को 90° से व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 2.
अक्षांश रेखाओं को समानान्तर रेखाएँ क्यों कहते हैं?
उत्तर-
अक्षांश रेखाएँ, विषुवत् वृत्त के समानान्तर खींची हुई मानी गई हैं। इसलिए इन्हें समानान्तर रेखाएँ भी कहते हैं।

प्रश्न 3.
प्रधान देशान्तर (मध्याहन ) रेखा किसे कहते हैं?
उत्तर-
0° देशान्तर रेखा को प्रधान देशान्तर रेखा कहते हैं। यह रेखा लन्दन के समीप ग्रीनविच नामक स्थान से गुज़रती है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 4.
उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिणी गोलार्द्ध से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
विषुवत वृत्त (भूमध्य रेखा) पृथ्वी को दो बराबर भागों में विभाजित करता है। विषुवत् वृत्त के उत्तरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिणी भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
देशान्तर रेखाओं और समय में क्या सम्बन्ध है? स्पष्ट करो।
उत्तर-
देशान्तर रेखाओं तथा समय में बड़ा गहरा सम्बन्ध है। यदि हमें किसी स्थान के देशान्तर का पता हो तो हम वहाँ का समय ज्ञात कर सकते हैं। पृथ्वी अपने अक्ष पर सूर्य के सामने घूमती है, जिसके कारण प्रत्येक देशान्तर बारी-बारी से दिन में एक बार सूर्य के सामने आता है। अतः एक देशान्तर पर सूर्य एक ही समय पर उदय होगा और एक ही समय पर अस्त होगा। इसीलिए एक देशान्तर पर स्थित सभी स्थानों का समय एक ही होता है। इस समय को स्थानीय समय कहते हैं। जब किसी समय किसी देशान्तर पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं तो उस समय वहाँ दोपहर होती है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल 1

पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घण्टों में एक चक्कर पूरा कर लेती है। दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि अक्ष पर घूमती हुई पृथ्वी की 24 घण्टों में 360 देशान्तर रेखाएँ सूर्य के सामने से गुज़र जाती हैं। इस प्रकार 1° देशान्तर घूमने में समय लगेगा :
24 × 60 = 1440 मिनट ÷ 360 = 4 मिनट।

इसका अर्थ यह है कि किन्हीं दो देशान्तरों के बीच 4 मिनट का अन्तर पड़ जाता है क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व को घूमती है, इसलिए पूर्वी देशान्तर पर सूर्य पहले उदय होता है और पश्चिमी देशान्तरों पर सूर्य बाद में उदय होता है। दो देशान्तरों के बीच 4 मिनट का अन्तर होने के कारण किसी देशान्तर पर इससे पश्चिम वाले देशान्तर की अपेक्षा सूर्य 4 मिनट पहले उदय होगा और इससे पूर्व वाले देशान्तर की अपेक्षा सूर्य 4 मिनट बाद उदय होगा। उदाहरण के लिए एक स्थान 84° पूर्वी देशान्तर पर स्थित है और वहाँ प्रातः के 10 बजकर 20 मिनट हुए हैं तो 85° पूर्वी देशान्तर पर उस समय 10 बजकर 24 मिनट होंगे और 83° पूर्वी देशान्तर पर उस समय 10 बजकर 16 मिनट होंगे।

इस नियम के आधार पर यदि हमें किन्हीं दो स्थानों के देशान्तरों का पता हो और उनमें से किसी एक स्थान का समय ज्ञात हो, तो हम दूसरे स्थान का समय बड़ी सरलता से ज्ञात कर सकते हैं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 2.
अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के क्या लाभ हैं?
अथवा
ग्रिड का क्या महत्त्व है?
उत्तर-
ग्लोब पर अक्षांश और देशान्तर रेखाएं एक जाल बनाती हैं। इस जाल को ग्रिड कहा जाता है। इसका निम्नलिखित महत्त्व है –
1.  किसी स्थान की स्थिति ज्ञात करना-ग्रिड की सहायता से हम ग्लोब पर किसी स्थान की सही स्थिति का पता लगा सकते हैं। इस प्रकार हम किसी नदी, पर्वत या चोटी को आसानी से ढूँढ़ सकते हैं।

2. तापमान का ज्ञान-अक्षांशों की सहायता से हम किसी स्थान का तापमान जान सकते हैं। यह नियम है कि भूमध्य रेखा के समीप तापमान अधिक होता है। जो स्थान भूमध्य रेखा से दूर उत्तर या दक्षिण अक्षांश पर स्थित होते हैं वहाँ का तापमान कम होता है।

3. स्थानों की दूरी ज्ञात करने में सहायता-अक्षांशों की सहायता से हम दो स्थानों के बीच की दूरी ज्ञात कर सकते हैं। दो अक्षांशों के बीच 111 किलोमीटर की दूरी होती है। यदि कोई स्थान भूमध्य रेखा से 5° उत्तर में है तो उसकी भूमध्य रेखा से दूरी 555 किलोमीटर होगी।

4. समय का ज्ञान देशान्तरों की सहायता से हम किसी स्थान के समय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक दो देशान्तरों के बीच 4 मिनट प्रति देशान्तर का अन्तर होता है। जो देश ग्रीनविच के पूर्व में स्थित हैं उनका समय 4 मिनट प्रति देशान्तर आगे होता है। परन्तु जो स्थान ग्रीनविच से पश्चिम दिशा में स्थित है उनका समय 4 मिनट प्रति देशान्तर पीछे होता है।

5. मानचित्र बनाने में सहायता-इन रेखाओं की सहायता से हम विभिन्न देशों के मानचित्र तथा एटलस तैयार कर सकते हैं और बनाए हुए मानचित्र को पढ़ सकते हैं।

6. सीमा ज्ञान-ये रेखाएँ भिन्न-भिन्न देशों की सीमाओं को भी निश्चित करती हैं। हम यह आसानी से जान सकते हैं कि कौन-सा देश किस रेखा से आरम्भ हो रहा है और उसका विस्तार कहाँ तक है।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

प्रश्न 3.
तीन ताप कटिबन्धों (तापखंडों) का उनकी निश्चित सीमाओं के साथ नाम लिखिए।
उत्तर-
तीन ताप कटिबन्ध (तापखंड) निम्नलिखित हैं –
1. उष्ण कटिबन्ध- यह कटिबन्ध कर्क और मकर वृत्त के उत्तरी शीत कटिबन्ध बीच स्थित है। यह क्षेत्र सबसे अधिक गर्मी प्राप्त करता है।

2. शीतोष्ण कटिबन्ध-यह कटिबन्ध कर्क वृत्त के उत्तर में और मकर वृत्त के दक्षिण में फैला हुआ है। उत्तरी गोलार्द्ध में आर्कटिक वृत्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अंटार्कटिक वृत्त इसकी सीमा बनाते हैं। यहाँ न तो अधिक गर्मी पड़ती है और न अधिक सर्दी। इसे शीतोष्ण कटिबन्ध कहते हैं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल 2

3. शीत कटिबन्ध-यह कटिबन्ध उत्तरी गोलार्द्ध में आर्कटिक वृत्त और उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अंटार्कटिक वृत्त और दक्षिणी ध्रुव के बीच स्थित है। यह कटिबन्ध विश्व का सबसे अधिक ठंडा भाग है।

प्रश्न 4.
प्रमुख अक्षांश रेखाओं की जानकारी दीजिए।
उत्तर-
ग्लोब की प्रमुख अक्षांश रेखाएं निम्नलिखित हैं –
(क) भूमध्य रेखा-इसका अक्षांश 0° है। यह पृथ्वी के ठीक मध्य में स्थित है और पृथ्वी को दो समान गोलार्डों में बांटती है। इस रेखा पर सूर्य की किरणें सारा वर्ष सीधी पड़ती हैं।

(ख) कर्क रेखा-23½°- उत्तर की अक्षांश रेखा को कर्क रेखा कहते हैं। 12 जून की अवस्था में इस रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं।
(ग) मकर रेखा-23½°- दक्षिण की अक्षांश रेखा मकर रेखा कहलाती है। 22 दिसम्बर की अवस्था में सूर्य की किरणें इस रेखा पर लम्ब रूप में पड़ती हैं।

(घ) आर्कटिक वृत्त-66½°- उत्तरी अक्षांश रेखा को आर्कटिक वृत्त कहते हैं। 21 जून को इस रेखा पर सूर्य की किरणें उत्तरी ध्रुव को पार करके पड़ती हैं।

(ङ) अंटार्कटिक वृत्त-66½°, दक्षिणी अक्षांश को अंटार्कटिक वृत्त कहते हैं। 22 दिसम्बर को इस रेखा पर सूर्य की किरणें दक्षिण ध्रुव को पार करके पड़ती हैं।

(च) उत्तरी ध्रुव-90° उत्तरी अक्षांश रेखा को उत्तरी ध्रुव कहते हैं। यहां सूर्य की किरणें सारा साल तिरछी पड़ती हैं।

(छ) दक्षिणी ध्रुव-90° दक्षिणी अक्षांश रेखा को दक्षिणी ध्रुव कहते हैं। इस पर सूर्य की किरणें सारा साल तिरछी पड़ती हैं।

PSEB 6th Class Social Science Solutions Chapter 2 ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल

ग्लोब – पृथ्वी का मॉडल PSEB 6th Class Social Science Notes

  • ग्लोब – पृथ्वी के प्रतिरूप (मॉडल) को ग्लोब कहते हैं।
  • अक्ष – अक्ष उत्तरी ध्रुव और दक्षिण ध्रुव को मिलाने वाली वह काल्पनिक रेखा है जिस पर पृथ्वी घूमती है।
  • ध्रुव – पृथ्वी के अक्ष के दोनों सिरे ध्रुव कहलाते हैं।
  • अक्षांश वृत्त – विषुवत् वृत्त के समानान्तर खींचे गए काल्पनिक वृत्तों को अक्षांश वृत्त कहते हैं।
  • देशान्तर रेखाएं (वृत्त) – एक ध्रुव को दूसरे ध्रुव से मिलाने वाले काल्पनिक वृत्तों को देशान्तर रेखाएं कहते हैं।
  • प्रमुख अक्षांश वृत्त – प्रमुख अक्षांश वृत्त इस प्रकार हैं – 1. विषुवत् वृत्त 2. कर्क वृत्त 3. मकर वृत्त 4. आर्कटिक वृत्त 5. अंटार्कटिक वृत्त।
  • पृथ्वी के ताप कटिबन्ध अथवा तापखंड – पृथ्वी के तीन ताप कटिबन्ध हैं-1. उष्ण कटिबन्ध 2. शीतोष्ण कटिबन्ध 3. शीत कटिबन्ध ।
  • प्रधान मध्याह्न रेखा – ग्रीनविच वेधशाला से गुजरने वाली देशान्तर रेखा को प्रधान मध्याह्न रेखा कहते हैं। इस देशान्तर का मान 0° है। इससे हम 180 अंश पूर्व तथा 180 अंश पश्चिम देशान्तर की गणना करते हैं।
  • स्थानीय समय – किसी स्थान पर जब सूर्य आकाश में सबसे अधिक ऊंचाई पर होता है तो दिन के 12 बजते हैं। इस समय को वहां का स्थानीय समय कहते हैं।
  • अक्षांश – किसी स्थान की विषुवत् वृत्त से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी अक्षांश कहलाती है।
  • मानक (प्रमाणिक) समय – किसी देश की मानक मध्यन रेखा का स्थानीय समय मानक समय कहलाता है।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

Punjab State Board PSEB 11th Class Geography Book Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 11 Geography Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

PSEB 11th Class Geography Guide हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व Textbook Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न तु (Objective Type Questions)

नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर 2-4 शब्दों में दें-

प्रश्न 1.
हिंद महासागर का विस्तार बताएँ।
उत्तर-
7 करोड़ 80 लाख वर्ग किलोमीटर।

प्रश्न 2.
हिंद महासागर विश्व के महासमुद्री क्षेत्र का कितने प्रतिशत है ?
उत्तर-
20.9%.

प्रश्न 3.
कौन-से महाद्वीप हिंद महासागर के तटों को छूते हैं ?
उत्तर-
एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 4.
हिंद महासागर के पश्चिम की ओर के किन्हीं दो छोटे सागरों के नाम बताएँ।
उत्तर-
लाल सागर और अरब सागर।

प्रश्न 5.
हिंद महासागर में मिलने वाली धातुओं की गाँठें बताएँ।
उत्तर-
मैंगनीज़, तांबा और कोबाल्ट।

प्रश्न 6.
हिंद महासागर के तट पर मिलने वाले तेल क्षेत्र बताएँ।
उत्तर-
खाड़ी कच्छ, खंबात की खाड़ी, मुंबई हाई।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न – (Very Short Answer Type Questions)

नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर 2-3 वाक्यों में दें-

प्रश्न 1.
भू-राजनीति से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
राष्ट्रीय संबंधों के बारे में भूगोल के योगदान और विश्लेषण के तरीके को भू-राजनीति कहते हैं।

प्रश्न 2.
कौन-से देशांतर हिंद महासागर की सीमाएँ हैं ?
उत्तर-
दक्षिणी गोलार्द्ध में कैपटाऊन का लंबकार 18°82′ पूर्व हिंद महासागर को भौगोलिक पक्ष से अंध महासागर से और तस्मानिया प्रायद्वीप का दक्षिण-पूर्वी लंबकार 147° पूर्व, प्रशांत महासागर से अलग करता है।

प्रश्न 3.
हिंद महासागर को ‘ग्रेट रेस बेस’ क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
भू-राजनीतिक महत्ता के कारण सभी बड़ी शक्तियाँ इस क्षेत्र पर कब्जा करने में लगी हुई हैं।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 4.
हिंद महासागर को ‘तृतीय विश्व का हृदय’ क्यों कहते हैं ?
उत्तर-
पूर्वी भागों को तृतीय विश्व या ‘तीसरी दुनिया’ कहा जाता है। इस क्षेत्र में हिंद महासागर एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग है, इसलिए इस महत्त्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग के कारण इसे ‘तृतीय विश्व का हृदय’ कहा जाता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न । (Short Answer Type Questions)

नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर 60-80 शब्दों में दें-

प्रश्न 1.
हिंद महासागर की उसके पड़ोसी देशों के साथ सीमाएँ बताएँ।’ .
उत्तर-
विश्व के तीन महाद्वीपों एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के तटीय किनारे इस महाद्वीप को छूते हैं, जबकि यह महासागर अपने उत्तर की ओर एशियाई धरती से बंद है, परंतु दक्षिण की ओर इसका खुला प्रसार है। अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक ऑर्गेनाइजेशन (आई० एच० ओ०) अंटार्कटिका के तट को हिंद महासागर का दक्षिणी सिरा मानती है। विश्व की कुल तट रेखा का 40% भाग हिंद महासागर के तटों को छूता है।

प्रश्न 2.
हिंद महासागर के पास वाले कम गहरे सागरों के नाम बताएँ।
उत्तर-
हिंद महासागर में कई ऐसे कम गहरे सागर शामिल हैं, जो पास वाले तटीय क्षेत्रों को छूते हैं। इनमें मैलागासी सागर, लक्षद्वीप सागर, लाल सागर, अदन की खाड़ी, अरब की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, अरब सागर, पाक जलडमरू, सुवा सागर, तिमौर सागर, अराफरा सागर, कारपैंटरिया की खाड़ी के टोर जलडमरू, ऐगज़माऊथ खाड़ी, ऑस्ट्रेलियाई धुंडी, स्पैंसर खाड़ी और बास जलडमरू आदि शामिल हैं।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 3.
हिंद महासागर के आस-पास कितने देश हैं ?
उत्तर-
हिंद महासागर के आस-पास 38 + 15 + 15 देश पड़ते हैं, जो हिंद महासागरीय रिम ऐसोसिएशन (Indian Ocean Rim Association) की ओर से संगठित हैं। इनमें अफ्रीका के 13, मध्य पूर्व (Middle East) के 11, दक्षिणी एशिया के 5, दक्षिण-पूर्वी एशिया के 5, पूर्वी तिमोर, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस तथा बर्तानिया के कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं।

प्रश्न 4.
हिंद महासागर में अलग-अलग संकरे मार्ग बताएँ।
उत्तर-
हिंद महासागर में पड़ते अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों में कम-से-कम 7 संकरे मार्ग आते हैं-

  1. मोजंबिक चैनल,
  2. बाब-अल-मेंडर,
  3. सुएज़ या स्वेज़ नदी,
  4. स्ट्रेट ऑफ होरमूज,
  5. मलाका स्ट्रेट,
  6. सूंदा स्ट्रेट,
  7. लोबोक स्ट्रेट।

निबंधात्मक प्रश्न (Essay Type Questions)

नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर 150-250 शब्दों में दें-

प्रश्न 1.
हिंद महासागर के नक्शे और विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर-
हिंद महासागर का उत्तरी क्षेत्र ऐतिहासिक और कार्य शैली के पक्ष से बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह पूर्वी और पश्चिमी भागों से कई सँकरे जल डमरुओं (Straits) से जुड़ा हुआ है। पश्चिम में लाल सागर और अरब की खाड़ी तथा पूर्व में मलाका जल डमरू, तिमौर सागर और अराफरा सागर इसके अंग हैं।

विशेषताएं-हिंद महासागर की अपनी अलग विलक्षण विशेषताएँ हैं-

  1. सुदूर दक्षिणी भाग को छोड़कर बाकी सारे महासागर का जल न केवल गर्म और शांत है, बल्कि यहाँ बहती हवाओं का वेग भी अनुमान से बहुत अधिक भटकता नहीं।
  2. सर्दी और गर्मी की बदलती ऋतु में हवाओं की बदलती दिशा, हवाओं के वेग द्वारा गहराई वाले सागरों में जहाज़रानी को आसान कर देती है।
  3. हिंद महासागर में किसी विरोधी (विपरीत) धारा का प्रवाह भी नहीं है।
  4. ‘रोरिंग फोर्टीज़’ नामक पश्चिमी वायु, जो 40° दक्षिण की ओर चलती है, गुड होप जल डमरू से ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट तक सागरीय जहाजरानी में बहुत सहायक सिद्ध होती है।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व 1

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 2.
हिंद महासागरों के प्राकृतिक साधनों का वर्णन करें।
उत्तर-
हिंद महासागर विभिन्न प्राकृतिक साधनों से भरपूर है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-
1. समुद्री समूह-समुद्री समूह में रेत, बजरी और शैल (खोल) के समूह मिलते हैं, जो किसी-न-किसी रूप में निर्माण कार्यों के लिए प्रयोग किए जाते हैं। ये समूह महाद्वीपीय शैल्फों पर मिलते हैं।

2. प्लेसर-प्लेसर समूहों में मिलने वाले वे खनिज हैं, जो सागरीय रेत और बजरी में मिलते हैं। ये भारी और लचकीले रासायनिक विशेषताओं वाले खनिज होते हैं, जो खनिज पदार्थों के अपरदन के कारण सागरीय जल में शामिल हो जाते हैं। इन खनिजों में सोना, टिन, प्लास्टिक, टाइटेनियम, मैग्नेटाइट (लोहा), जिरकोनियम बोरियम और रत्न आदि शामिल हैं।

3. बहु-धात्वीय गाँठे-समुद्र में ऐसी गाँठें भी मिलती हैं, जो अनेक धातुओं के मिश्रण से बनी होती हैं। हिंद महासागर में मैंगनीज़, तांबा, गिल्ट (निकल) और कोबाल्ट आदि धातुओं का मिश्रण अधिक मात्रा में पाया जाता है।

4. मैंगनीज़ गाँठे-ये धात्वीय गाँठें सबसे पहले 1872-76 के दौरान चैलेंजर की वैज्ञानिक यात्रा के दौरान खोजी गई, परंतु इनका खोज कार्य 1950 के दशक के अंत में ही आरंभ किया जा सका। संयुक्त राष्ट्र ने भारत को हिंद महासागर के डेढ़ लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से ही बहु धात्वीय गाँठे निकालने की अनुमति दी है। हिंद महासागर की गोद में फास्फेट, बेरीयम सल्फेट, तांबा, कोबाल्ट, कच्चा लोहा, बॉक्साइट, सल्फर आदि भी मिलता है। मैंगनीज़ की गाँठे समुद्री फर्श पर सतह से 2 से 6100 मीटर की गहराई तक मिलती हैं।

5. तेल और गैस-हिंद महासागर की महाद्वीपीय शैल्फ खनिज तेल से भरपूर है। वर्तमान समय में, कुल तेल और गैस के उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा सागरीय भंडारों से आता है और 75 से अधिक देश समुद्रों में से तेल और गैस उत्पन्न करते हैं। भारत के नज़दीकी क्षेत्र कच्छ की शैल्फ, खंबात की खाड़ी और मुंबई हाई खनिज तेल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के तट से परे समुद्र में स्थित कृष्णा-गोदावरी बेसिन प्राकृतिक गैस के बड़े स्रोत के रूप में प्रसिद्ध है। विश्व-भर में खनिज तेल और गैस के उत्पादन के लिए अरब की खाड़ी सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। इस खाड़ी की विशेषता यह भी है कि यह सागर से थोड़ा हटकर है। कम गहरी है और आने वाली कठिनाइयाँ भी कम हैं। सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतार, संयुक्त अरब अमीरात (यू०ए०ई०), इरान और इराक इस खाड़ी से सबसे अधिक लाभ लेने वाले देश हैं।

प्रश्न 3.
हिंद महासागर की भू-राजनीति और समस्याएँ बताएँ।
उत्तर-
भू-राजनीति (Geo-Politics)-हिंद महासागर की भू-राजनीति कुछ प्राथमिक बिंदुओं के आस-पास घूमती है, जोकि इस प्रकार हैं-

  1. ऋतु परिवर्तन
  2. ध्रुवीकरण और उत्जीविता समीकरण
  3. प्राकृतिक संसाधनों का विकास
  4. आर्थिक विकास पर बेरोक आपूर्ति तंत्र

समस्याएँ-

  1. हिंद महासागर के सभी क्षेत्रों में व्यापारिक जहाज़रानी पर डकैतियाँ।
  2. व्यापक साधनों का विकास, विशेष रूप से खनिज तेल, प्राकृतिक गैस, खनिज पदार्थों और मछलियों के रूप में फैली आर्थिकता के पक्ष।
  3. हिंद महासागर के निकट के तटीय क्षेत्रों में, समुद्री जल में बंदरगाहों के निर्माण पर राजनीतिक और वित्तीय परिणाम।
  4. क्षेत्रीय और गैर-क्षेत्रीय देशों की ओर से हिंद महासागर में जल-सेना शक्ति का प्रदर्शन।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 4.
चीन की ‘स्टरिंग ऑफ पर्लज’ कूटनीति का वर्णन करें।
उत्तर-
स्टरिंग ऑफ पर्लज़ (String of Pearls) वास्तव में चीन की ओर से अपने खनिज तेल के व्यापार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह एक राजनीतिक युक्ति है। चीन अपने बढ़ रहे भू-राजनीतिक प्रभाव को समर्थ बनाने के लिए कूटनीति संबंधों द्वारा सुरक्षा-शक्ति को ही ताकतवर नहीं बना रहा, बल्कि अपनी बंदरगाहों और हवाई अड्डों की सुरक्षा की ओर भी विशेष ध्यान दे रहा है। चीन की यह कोशिश दक्षिण चीन सागर से स्वेज़ नदी तक प्रसार करने की है, जिसमें मलाका स्ट्रेट, स्ट्रेट ऑफ होरमूज़, अरब की खाड़ी और लाल सागर सहित सारे हिंद महासागर में अड्डे बनाना शामिल है। चीन का ‘स्टरिंग ऑफ पर्लज़’ इन व्यापारिक समुद्री भागों में से होकर गुजरता है और भविष्य में एशियाई ऊर्जा स्रोतों तक पहुँचने का सपना देखता है।

भारत ने सन् 1971 से 1999 तक मलाका स्ट्रेट पर पाबंदी लगाकर चीन और पाकिस्तान के बीच पनपते स्वतंत्र समुद्री संबंधों पर रोक लगा दी थी। ‘स्टरिंग ऑफ पर्लज़’ की नीति वास्तव में चीन की ओर से हिंद महासागर में हर . प्रकार के व्यापारिक संबंधों को बिना मानव हस्तक्षेप के और भारत के स्वतंत्र अस्तित्व’ को प्रभाव मुक्त करने के लिए अपनाई है। यद्यपि चीन का मानना है, “हम सभी का महासागर पर समान रूप से अधिकार है, इस पर किसी एक का अधिकार नहीं है। हम किसी सैनिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं करेंगे और न ही किसी ताकत का प्रदर्शन करेंगे और न ही किसी अन्य देश के साथ ईर्ष्या को बढ़ावा देंगे।”

पर्लज़ (चीनी अड्डे)

  1. हांगकांग (विस्तृत प्रशासकीय क्षेत्र)
  2. हैनान का टापू (टांगकिंग की खाड़ी)
  3. वूडी टापू
  4. स्पार्टा टापू (छ: देश-चीन, वियतनाम, ताईवान, मलेशिया, फिलीपाइन्ज़ और बरुनी के अधीन)
  5. कैमपोंग सोम
  6. कराह ईस्थमस-थाईलैंड
  7. म्यांमार के कोको टापू
  8. म्यांमार का तटीय शहर सितवें
  9. बांग्लादेश में चिट्टागांग
  10. श्रीलंका में हंबनटोटा
  11. मालद्वीप में हाराओ अतोल
  12. पाकिस्तान (बलोचिस्तान) में गवाडर
  13. ईराक में अल-अहदाब
  14. कीनिया में लामू
  15. सूडान में उत्तरी बंदरगाह (North Port)

प्रश्न 5.
भारत की ओर से चीन की ‘स्टरिंग ऑफ पर्लज़’ नीति का क्या जवाब दिया गया ?
उत्तर-
भारतीय जल सेना और भारतीय जल सैनिक राजनीतियों/कूटनीतियों के पक्ष को सामने रखते हुए सन् 2007 में एक दस्तावेज़ ‘इंडियन मेरीटाईम डॉक्टरिन’ जारी किया, जिसमें भारतीय जल सेना ने ‘स्ट्रेट ऑफ होरमूज़’ से ‘मलाका स्ट्रेट’ तक भारतीय जल सेना की भरपूर गतिविधियों की बात की गई। इस दस्तावेज़ में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों की पुलिस की देख-रेख और तंग समुद्री मार्गों पर पूर्ण नियंत्रण की बात की गई। पिछले दो दशकों के दौरान भारत ने अपनी विदेश नीति के अंतर्गत हिंद महासागर के आस-पास के देशों में अपने हितों का विशेष ध्यान रखते हुए मारीशस, मालदीव, सिसली और मैडगास्कर के द्वीपीय देशों और दक्षिणी अफ्रीका, तंजानिया और मोजम्बिक आदि देशों के साथ अपने संबंधों में प्रसार किया है।

भारतीय जल सेना के पास अति आधुनिक हाइड्रोग्राफिक (जल सर्वेक्षण और चित्रकारी) कैडर है, जिसमें पूरे उपकरणों से युक्त सर्वेक्षणीय समुद्री जहाज़, कई सर्वेक्षणीय किश्तियाँ, देहरादून में विश्व-स्तर के इलैक्ट्रॉनिक चार्ट तैयार करने की सुविधा और गोवा में एक हाइड्रोग्राफिक प्रशिक्षण स्कूल है। चीन की तरह ही भारत अपनी ऊर्जा प्राप्त करने के लिए खनिज तेल के आयात पर निर्भर करता है। भारत का 89% के लगभग खनिज तेल समुद्री जहाज़ के मार्ग से भारत तक पहुँचता है, जो भारत की कुल ऊर्जा की ज़रूरतों की 33% पूर्ति करता है। इसलिए प्रमुख समुद्री मार्गों की सुरक्षा सबसे अहम् आर्थिक ज़रूरत बन जाती है। इतिहास साक्षी है कि भारत शुरू से ही हिंद महासागर में डकैती और आतंकी कार्रवाइयों का सदा से ही तीखा विरोधी रहा है।

PSEB 11th Class Geography Solutions Chapter 10 हिंद महासागर की स्थिति का भू-राजनीति के पक्ष से महत्त्व

प्रश्न 6.
महासागरों संबंधी बनाए गए U.N.O. के कानूनों का वर्णन करें।
उत्तर-
महासागरों संबंधी कानूनों के बारे में संयुक्त राष्ट्रीय सम्मेलन (UNCOLS)—सन् 1972 से 1982 तक सागरों संबंधी अंतर्राष्ट्रीय नियमावली और कानून बनाने हेतु संयुक्त राष्ट्र की ओर से करवाए गए सम्मेलनों के दौरान तीसरे सम्मेलन के सम्मुख आए अंतर्राष्ट्रीय समझौते को समुद्री सम्मेलनों का कानून भी कह दिया जाता है। इस कानून के अंतर्गत विश्व-भर के महासागरों की पूर्ति करने हेतु राष्ट्रों के अधिकार और कर्तव्य तय कर दिए गए हैं, वित्तीय कार्यवाही के लिए नियमावली बना दी गई है और समुद्री प्राकृतिक साधनों के प्रबंध के लिए अनिवार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं। यू० एन० कोल्ज़ (UNCOLS) सन् 1994 में लागू हुआ और इस सम्मेलन में अगस्त 2014 में, 165 देश और यूरोपीय संघ शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान कई नियम भी लागू किए गए, जिनमें से महत्त्वपूर्ण थे-सीमा निर्धारण, जहाजरानी नियम, द्वीप समूहों के अधिकार-क्षेत्र और यातायात नियम, विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ), महाद्वीपीय शैल्फ की सीमाएँ, समुद्री फर्श पर खनन के नियम, समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा, विज्ञान अन्वेषण और झगड़ों के निपटारे संबंधी नियम। सम्मेलन के दौरान कई क्षेत्रों में सीमाएँ निर्धारित की गई हैं या परिभाषित की गईं।

1. बेस लाइन-निम्न जल रेखा या वह सीधी रेखा, जो गहरे तटीय क्षेत्रों में चट्टानी भित्तियों को जोड़ती है।

2. आंतरिक (Internal) जल-क्षेत्र-तट के निकट का वह जल-क्षेत्र जो बेस लाइन और तट के बीच हो। इस क्षेत्र के लिए संबंधित देश ही नियम तय करता है, लागू करता है और यहाँ के साधनों का प्रयोग करता है। विदेशी जहाजों और किश्तियों को किसी भी अन्य देश के आंतरिक जल-क्षेत्र में आने-जाने की आज्ञा नहीं होती।

3. क्षेत्रीय (Territorial) जल-क्षेत्र-बेस लाइन से 12 नाटीकल मील (सड़क के 22 किलोमीटर या 14 मील) तक का क्षेत्र क्षेत्रीय जल-क्षेत्र होता है जिसके बारे में तटीय देश को नियम-कानून बनाने का अधिकार होता है और वह प्राकृतिक साधनों का प्रयोग भी कर सकता है। शांतमयी ढंग से गुजरने वाले विदेशी जहाज़ों और किश्तियों को भी इस क्षेत्र में से गुज़रने की अनुमति होती है, जबकि युद्ध नीति रखने वाले महत्त्वपूर्ण स्ट्रेटों (जल-डमरुओं) में से गुजरने वाले युद्धपोतक नावों को आज्ञा लेनी पड़ती है।

4. टापू-समूह (आरकीपिलाजिक) जल-क्षेत्र-सम्मेलन के दौरान द्वीप समूही जल-क्षेत्र की परिभाषा चौथे भाग (अध्याय) में दी गई, जिसमें किसी देश को अपनी क्षेत्रीय सीमा निर्धारित करने के लिए आधार भी परिभाषित किए गए। द्वीप-समूहों में से सबसे बाहरी द्वीप के सबसे बाहरी भागों को जोड़ती एक बेस लाइन खींच ली जाती है और इस रेखा के अंदर आते जल-क्षेत्र को द्वीप-समूह जल-क्षेत्र का नाम दिया जाता है। किसी भी देश को अपने इस जल-क्षेत्र संबंधी संपूर्ण प्रभुसत्ता प्राप्त होती है।

5. निकटवर्ती (Contiguous) जल-क्षेत्र-किसी भी तट से 12 नाटीकल मील (22 किलोमीटर) की सीमा से आगे 12 नाटीकल मील की सीमा तक के जल-क्षेत्र को निकटवर्ती जल-क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में कोई भी देश चार विषयों-निर्यात शुल्क, शुल्क निर्धारण, आवास नियम और प्रदूषण संबंधी अपने नियम लागू कर
सकता है।

6. विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone)-किसी भी देश की बेस लाइन से आगे, क्षेत्रीय जल-क्षेत्र में और आगे 200 नाटीकल मील (370 किलोमीटर या 230 मील) तक का जल-क्षेत्र विशेष आर्थिक क्षेत्र होता है, जहाँ के प्राकृतिक साधनों के प्रयोग के सभी अधिकार तटीय देशों के पास सुरक्षित होते हैं।

7. महाद्वीपीय शैल्फ (Continental Shelf)—महाद्वीपीय शैल्फ को किसी भी थल-क्षेत्र का प्राकृतिक विस्तार माना जाता है, जोकि भू-क्षेत्र से महाद्वीपीय तट के बाहरी सिरे तक या फिर 200 नाटीकल मील किलोमीटर) में से जो अधिक हो, तक माना जाता है। किसी स्थान पर यदि महाद्वीपीय शैल्फ कम हो तो उसका जल-क्षेत्र 200 नाटीकल मील तक माना ही जाएगा।

8. समुद्री कानून संबंधी अंतर्राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल (आई० ई० एल० ओ० एस०)-यह ट्रिब्यूनल नियम-कानूनों की व्यवस्था के अतिरिक्त मछली पकड़ने संबंधी नियमों और विशेषकर समुद्री वातावरण के झगड़ों के निपटारे संबंधी कार्य करता है।

9. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री थल अथॉरिटी (International Sea-Bed Authority – I.S.A) – missing अधिकारित जल-क्षेत्र से बाहर के क्षेत्र, जोकि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री थल का क्षेत्र माना जाता है, में खनिज पदार्थों संबंधी और अन्य नियंत्रण अथवा संगठन के लिए अंतर-सरकारी टीम तैयार की गई है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री थल अथॉरिटी के नाम से जाना जाता है।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

Punjab State Board PSEB 10th Class Social Science Book Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 10 Social Science History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

SST Guide for Class 10 PSEB बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें Textbook Questions and Answers

(क) निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर एक शब्द/एक पंक्ति (1-15 शब्दों) में लिखें

प्रश्न 1.
हुक्मनामे में गुरु (गोबिन्द सिंह) जी ने पंजाब के सिक्खों को क्या आदेश दिए?
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर उनका राजनीतिक नेता होगा तथा वे मुग़लों के विरुद्ध धर्मयुद्ध में बंदे का साथ दें।

प्रश्न 2.
बंदा सिंह बहादुर दक्षिण से पंजाब की तरफ क्यों आया?
उत्तर-
मुगलों के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही करने के लिए।

प्रश्न 3.
समाना पर बंदा सिंह बहादुर ने आक्रमण क्यों किया?
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर ने सिक्ख गुरुओं पर अत्याचार करने वाले जल्लादों को दण्ड देने के लिए समाना पर आक्रमण किया।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 4.
बंदा सिंह बहादुर की तरफ से भूणा गांव पर आक्रमण करने का क्या कारण था?
उत्तर-
अपनी सैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन प्राप्त करने के लिए।

प्रश्न 5.
बंदा सिंह बहादुर ने सढौरा पर क्यों आक्रमण किया?
उत्तर-
सढौरा के अत्याचारी शासक उसमान खान को दण्ड देने के लिए।

प्रश्न 6.
बंदा सिंह बहादुर ने चप्पड़-चिड़ी तथा सरहिन्द पर क्यों आक्रमण किए?
उत्तर-
सरहिन्द के अत्याचारी सूबेदार वज़ीर खान को दण्ड देने के लिए।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 7.
सहों के युद्ध के क्या कारण थे?
उत्तर-
जालन्धर दोआबे के सिक्खों ने वहां के फ़ौजदार शम्स खां के विरुद्ध शस्त्र उठा लिए।

प्रश्न 8.
बजीर खां कहां का सूबेदार था? उसका बंदा सिंह बहादुर के साथ किस स्थान पर युद्ध हुआ?
उत्तर-
बज़ीर खां सरहिन्द का सुबेदार था। चप्पड़-चिड़ी में।

प्रश्न 9.
बंदा सिंह बहादुर की शहादत के बारे में लिखिए।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर को 1716 ई० को उसके साथियों सहित दिल्ली में शहीद कर दिया गया।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 10.
‘करोड़सिंघिया’ मिसल का नाम कैसे पड़ा?
उत्तर-
करोड़सिंघिया मिसल का नाम इसके संस्थापक करोड़सिंह के नाम पर पड़ा।

प्रश्न 11.
सदा कौर कौन थी?
उत्तर-
सदा कौर महाराजा रणजीत सिंह की सास थी।

(ख) निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 30-50 शब्दों में लिखो

प्रश्न 1.
बंदा सिंह बहादुर तथा गुरु गोबिंद सिंह जी की मुलाकात का वर्णन करो।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर का आरम्भिक नाम माधोदास था। वह एक बैरागी था। 1708 ई० में गुरु गोबिन्द सिंह जी मुग़ल सम्राट् बहादुरशाह के साथ दक्षिण में गए। वहां माधोदास उनके सम्पर्क में आया। गुरु जी के आकर्षक व्यक्तित्व ने उसे इतना अधिक प्रभावित किया कि वह शीघ्र ही उनका शिष्य बन गया। गुरु जी ने उसे सिक्ख बनाया और उसे पंजाब में ‘सिक्खों’ का नेतृत्व करने के लिए भेजा। पंजाब में वह ‘बंदा सिंह बहादुर’ के नाम से विख्यात हुआ।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 2.
बंदा सिंह बहादुर की समाना की विजय पर एक नोट लिखिए।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर ने 26 नवम्बर, 1709 ई० को समाना पर आक्रमण किया। इसका कारण यह था कि गुरु गोबिन्द सिंह जी के दो साहिबजादों को शहीद करने वाले जल्लाद समाना के थे। समाना की गलियों में कई घण्टों तक लड़ाई होती रही। सिक्खों ने लगभग 10,000 मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया और नगर के कई सुन्दर भवनों को नष्ट कर दिया। हत्यारे जल्लाद परिवारों का सफाया कर दिया गया। इस विजय से बंदा सिंह बहादुर को बहुत-सा धन भी प्राप्त हुआ।

प्रश्न 3.
चप्पड़-चिड़ी तथा सरहिन्द की लड़ाई का वर्णन करो।
उत्तर-
सरहिन्द के सूबेदार वज़ीर खान ने गुरु गोबिन्द सिंह जी को जीवन भर तंग किया था। इसके अतिरिक्त उसने गुरु साहिब के दो साहिबजादों को सरहिन्द में ही दीवार में चिनवा दिया था। इसलिए बंदा सिंह बहादुर इसका बदला लेना चाहता था। जैसे ही वह सरहिन्द की ओर बढ़ा, हजारों लोग उसके झण्डे तले एकत्रित हो गए। सरहिन्द के कर्मचारी, सुच्चा नंद का भतीजा भी 1,000 सैनिकों के साथ बंदा की सेना से जा मिला। परन्तु बाद में उसने धोखा दिया। दूसरी ओर वज़ीर खान के पास लगभग 20,000 सैनिक थे। सरहिन्द से लगभग 16 किलोमीटर पूर्व में चप्पड़चिड़ी के स्थान पर 22 मई, 1710 ई० को दोनों सेनाओं में घमासान युद्ध हुआ। वज़ीर खान को मौत के घाट उतार दिया गया। शत्रु के सैनिक बड़ी संख्या में सिक्खों की तलवारों के शिकार हुए। वज़ीर खान की लाश को एक पेड़ पर टांग दिया गया, । सुच्चा नंद जिसने सिक्खों पर अत्याचार करवाये थे, की नाक में नकेल डाल कर नगर में उसका जुलूस निकाला गया।

प्रश्न 4.
गुरदास नंगल के युद्ध का वर्णन करो।
उत्तर-
मुग़ल बंदा सिंह बहादुर की निरन्तर विजयों से आग-बबूला हो उठे थे। अत: 1715 ई० में एक विशाल मुग़ल सेना ने बंदा सिंह बहादुर पर आक्रमण कर दिया। इस सेना का नेतृत्व अब्दुस्समद खां कर रहा था। सिक्खों ने इस सेना का वीरता से सामना किया, परन्तु उन्हें गुरदास नंगल (गुरदासपुर से 6 कि० मी० दूर पश्चिम में) की ओर हटना पड़ा। वहां उन्होंने बंदा सिंह बहादुर सहित दुनीचन्द की हवेली में शरण ली। शत्रु को दूर रखने के लिए उन्होंने हवेली के चारों ओर खाई खोद कर उसमें पानी भर दिया। अप्रैल, 1715 ई० में मुग़ल सेना ने भाई दुनी चन्द की हवेली को घेर लिया। सिक्ख बड़े साहस और वीरता से मुग़लों का सामना करते रहे। आठ मास के लम्बे युद्ध के कारण उनकी खाद्य सामग्री समाप्त हो गई। विवश होकर उन्हें पराजय स्वीकार करनी पड़ी। बंदा सिंह बहादुर तथा उसके 200 साथी बन्दी बना लिए गए।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 5.
सबसे पहली मिसल कौन-सी थी? उसका वर्णन करो।
उत्तर-
सबसे पहली मिसल फैज़लपुरिया मिसल थी। इसका संस्थापक नवाब कपूर सिंह था। उसने सबसे पहले अमृतसर के निकट फैजलपुर नामक गांव पर अधिकार किया और इसका नाम ‘सिंहपुर’ रखा। इसलिए इस मिसल को ‘सिंहपुरिया मिसल’ भी कहते हैं। 1753 ई० में नवाब कपूर सिंह की मृत्यु हो गई और उसका भतीजा खुशहाल सिंह इस मिसल का नेता बना। उसके काल में सिक्खों का प्रभुत्व काफ़ी बढ़ गया और सिंहपुरिया मिसल का अधिकार क्षेत्र दूर-दूर तक फैल गया। 1795 ई० में उसके पुत्र बुद्ध सिंह ने इस मिसल की बागडोर सम्भाली। वह अपने पिता के समान वीर तथा योग्य न था। 1819 ई० में महाराजा रणजीत सिंह ने इस मिसल को अपने राज्य में मिला लिया।

(ग) निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 100-120 शब्दों में लिखो

प्रश्न 1.
बंदा सिंह बहादुर की प्रारम्भिक विजयों का वर्णन करो।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर अपने युग का महान् सेनानायक था। गुरु साहिब का आदेश पाकर वह दिल्ली पहुंचा। उसने मालवा, दोआबा तथा माझा के सिक्खों के नाम गुरु गोबिन्द सिह जी के हुक्मनामे भेजे। शीघ्र ही हज़ारों की संख्या में सिक्ख उसके नेतृत्व में इकट्ठे हो गए। सेना का संगठन करने के पश्चात् बंदा सिंह बहादुर बड़े उत्साह से अत्याचारी मुग़लों के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही करने के लिए पंजाब की ओर चल पड़ा।
यहां से उसका विजय अभियान आरम्भ हुआ।

  1. सोनीपत पर आक्रमण-बंदा सिंह बहादुर ने सबसे पहले सोनीपत पर आक्रमण किया। उस समय उसके साथ केवल 500 सिक्ख ही थे। परन्तु वहाँ का फ़ौजदार सिक्खों की वीरता के बारे में सुन कर अपने सैनिकों सहित शहर छोड़ कर भाग गया।
  2. भूणा (कैथल) के शाही खज़ाने की लूट-सोनीपत से बंदा सिंह बहादुर कैथल के पास पहुँचा। उसे पता चला कि कुछ मुग़ल सैनिक भूमिकर इकट्ठा करके भूना गांव में ठहरे हुए हैं। अत: बंदा सिंह बहादुर ने भूना पर धावा बोल दिया। कैथल के फ़ौजदार ने उसका सामना किया, परन्तु पराजित हुआ। बंदा बहादुर ने मुग़लों से सारा धन छीन लिया।
  3. समाना की विजय-भूणा के पश्चात् बंदा सिंह बहादुर समाना की ओर बढ़ा। गुरु तेग़ बहादुर जी को शहीद करने वाला जल्लाद सय्यद जलालुद्दीन वहीं का रहने वाला था। सरहिन्द में गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबजादों (जोरावर सिंह तथा फतेह सिंह) को शहीद करने वाले जल्लाद शासल बेग तथा बाशल बेग भी समाना के ही थे। उन्हें दण्ड देने के लिए 26 नवम्बर,1709 ई० को बंदा सिंह बहादुर ने समाना पर आक्रमण कर दिया। लगभग 10,000 मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया गया। सय्यद जलालुद्दीन, शासल बेग तथा बाशल बेग के परिवारों का सफाया कर दिया गया।
  4. घुड़ाम की विजय-लगभग एक सप्ताह पश्चात् बंदा सिंह बहादुर ने घुड़ाम पर धावा बोल दिया। वहां के पठानों ने सिक्खों का विरोध किया, परन्तु अन्त में उन्हें भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। घुड़ाम से भी सिक्खों को बहुतसा धन मिला।
  5. कपूरी पर आक्रमण-घुड़ाम के बाद बंदा सिंह बहादुर कपूरी पहुँचा। वहाँ का शासक कतमऊद्दीन हिन्दुओं पर बहुत अत्याचार करता था। बंदा सिंह बहादुर ने उसे पराजित करके मौत के घाट उतार दिया। उसकी हवेली को जला कर राख कर दिया गया।
  6. सढौरा की विजय-सढौरे का शासक उसमान खान भी हिन्दुओं पर अत्याचार करता था। भंगानी के युद्ध में गुरु जी की सहायता करने के कारण उसने पीर बुद्ध शाह को कत्ल करवा दिया था। इन अत्याचारों का बदला लेने के लिए बंदा सिंह बहादुर ने सढौरा पर आक्रमण किया और उसमान खान को पराजित करके शहर को खूब लूटा ।
  7. मुखलिसपुर की जीत-अब बंदा सिंह बहादुर ने मुखलिसपुर पर धावा बोला और बहुत ही आसानी से वहां अधिकार जमा लिया। वहां के किले का नाम बदल कर लोहगढ़’ रख दिया । बाद में यही नगर बंदा सिंह बहादुर की राजधानी बना।
  8. चप्पड़-चिड़ी की लड़ाई तथा सरहिन्द की जीत-बंदा सिंह बहादुर का वास्तविक निशाना सरहिन्द था। यहाँ के सूबेदार वज़ीर खान ने गुरु गोबिन्द सिंह जी को जीवन भर तंग किया था। इसके अतिरिक्त उसने गुरु साहिब के दो छोटे साहिबजादों को सरहिन्द में ही दीवार में चिनवा दिया था। इसका बदला लेने के लिए बंदा ने सरहिंद पर आक्रमण कर दिया। सरहिन्द से लगभग 16 किलोमीटर पूर्व में चप्पड़-चिड़ी के स्थान पर 22 मई, 1710 ई० को दोनों सेनाओं में घमासान युद्ध हुआ। सिक्ख बड़े उत्साह से लड़े और उन्होंने वज़ीर खान को मौत के घाट उतार दिया। उसकी लाश को एक पेड़ पर टांग दिया गया। सुच्चानंद जिसने सिक्खों पर अत्याचार करवाये थे, की नाक में नकेल डाल कर नगर में उसका जुलूस निकाला गया। सिक्ख सैनिकों ने शहर में भारी लूट-मार की।
  9. सहारनपुर तथा जलालाबाद पर आक्रमण-इसी समय बंदा सिंह बहादुर को पता चला कि जलालाबाद का गवर्नर जलाल खां अपनी हिन्दू प्रजा पर घोर अत्याचार कर रहा है। अतः वह जलालाबाद की ओर बढ़ा। मार्ग में उसने सहारनपुर पर विजय प्राप्त की। परन्तु उसे जलालाबाद को विजय किए बिना ही वापस लौटना पड़ा।
  10. जालन्धर दोआब पर अधिकार-बंदा सिंह बहादुर की विजयों से उत्साहित होकर जालंधर दोआब के सिक्खों ने वहां के फ़ौजदार शम्स खां के विरुद्ध विद्रोह कर दिया और बंदा सिंह बहादुर को सहायता के लिए बुलाया। शम्स खां ने एक विशाल सेना सिक्खों के विरुद्ध भेजी। राहों के स्थान पर दोनों सेनाओं में एक भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें सिक्ख विजयी रहे।
  11. अमृतसर, बटाला, कलानौर तथा पठानकोट पर अधिकार-बंदा सिंह बहादुर की सफलता से उत्साहित होकर लगभग आठ हज़ार सिक्खों ने मुसलमान शासकों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। शीघ्र ही उन्होंने अमृतसर, बटाला, कलानौर तथा पठानकोट को अपने अधिकार में ले लिया। कुछ समय पश्चात् लाहौर भी उनके अधिकार में आ गया।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 2.
बहादुर शाह ने बंदा बहादुर के विरुद्ध जो युद्ध लड़े, उनका वर्णन करो।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर ने पंजाब के मुग़ल शासकों में हड़कंप मचा रखा था। जब यह समाचार मुग़ल सम्राट बहादुरशाह तक पहुंचा, तो वह क्रोधित हो उठा। उसने अपना सारा ध्यान पंजाब पर केन्द्रित कर दिया । 27 जून, 1710 ई० को वह अजमेर से पंजाब की ओर चल पड़ा। उसने दिल्ली तथा अवध के सूबेदारों तथा मुरादाबाद तथा इलाहाबाद के निज़ामों तथा फ़ौजदारों को आदेश दिया कि वे अपनी-अपनी सेनाओं सहित पंजाब में पहुंचे।

  1. अमीनाबाद की लड़ाई-बंदा सिंह बहादुर की शक्ति को कुचलने के लिए बहादुर शाह ने सर्वप्रथम फिरोज़ खान मेवाती तथा महावत खान के अधीन सिक्खों के विरुद्ध एक विशाल सेना भेजी। इस सेना का सामना बिनोद सिंह तथा राम सिंह ने 26 अक्तूबर, 1710 ई० को अमीनाबाद (बनेसर तथा तरावड़ी के बीच) में किया । उन्होंने महावत खान को एक बार तो पीछे धकेल दिया, परन्तु शत्रु की संख्या बहुत अधिक होने के कारण सिक्खों को अन्त में पराजय का मुंह देखना पड़ा।
  2. सढौरा की लड़ाई-जब बंदा सिंह बहादुर को सिक्खों की पराजय का समाचार मिला तो उसने अपने सैनिकों सहित शत्रु पर चढ़ाई कर दी। उस समय मुग़लों की विशाल सेना सढौरा में पड़ाव डाले हुए थी। 4 दिसम्बर, 1710 ई० को शत्र की सेना किसी उचित ठिकाने की खोज में निकली। अवसर का लाभ उठाकर सिक्खों ने उस पर धावा बोल दिया। उन्होंने शत्रु को बहुत क्षति पहुंचाई, परन्तु शाम को बहुत बड़ी संख्या में शाही सेना शत्रु की सेना से आ मिली। अतः सिक्खों ने लड़ाई छोड़ कर ‘लोहगढ़’ में शरण ली।।
  3. लोहगढ़ का युद्ध-अब बहादुर शाह ने स्वयं बंदा सिंह बहादुर के विरुद्ध कार्यवाही करने का निर्णय किया। उसने सिक्खों की शक्ति का पता लगाने के लिए वज़ीर मुनीम खान को किले की ओर बढ़ने का आदेश दिया। परन्तु उसने 10 दिसम्बर,1710 ई० को लोहगढ़ के किले पर आक्रमण कर दिया। उसे देखकर अन्य मुगल सरदारों ने भी किले पर धावा बोल दिया। सिक्खों ने शत्रु का डट कर सामना किया, परन्तु किले में खाद्य-सामग्री की कमी के कारण सिक्खों को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अंत में बंदा सिंह बहादुर अपने सिक्खों सहित नाहन की पहाड़ियों की ओर निकल गया। ___ 11 दिसम्बर, 1710 ई० को मुनीम खान ने फिर से किले पर धावा बोल दिया और किले पर अधिकार कर लिया। अत: बहादुर शाह ने बंदा सिंह बहादुर का पीछा करने के लिए हमीद खान को नाहन की ओर भेजा। वह स्वयं सढौरा, बडौली, रोपड़, होशियारपुर, कलानौर आदि स्थानों से होता हुआ लाहौर जा पहुँचा।
  4. पहाड़ी प्रदेश में बंदा सिंह बहादुर की गतिविधियां-पहाड़ों में जाकर बंदा सिंह बहादुर ने सिक्खों के नाम हुक्मनामा भेजे। थोड़े समय में ही एक बड़ी संख्या में सिक्ख कीरतपुर में एकत्रित हो गए।
    1. सबसे पहले बंदा सिंह बहादुर ने गुरु गोबिन्द सिंह जी के पुराने शत्रु बिलासपुर के शासक भीमचन्द को एक ‘परवाना’ भेजा और उसे अधीनता स्वीकार करने के लिए कहा। उसके न करने पर बंदा ने बिलासपुर पर आक्रमण कर दिया। एक घमासान युद्ध हुआ जिसमें भीमचन्द तथा 1300 सैनिक मारे गए। सिक्खों को शानदार विजय प्राप्त हुई।
    2. बंदा सिंह बहादुर की विजय से शेष पहाड़ी राजा भयभीत हो गए। उनमें से कइयों ने बंदा सिंह बहादुर को नज़राना देना स्वीकार कर लिया। मण्डी के राजा सिद्ध सेन ने यह घोषणा कर दी कि वह सिक्ख गुरु साहिबान का अनुयायी है।
    3. मण्डी से बंदा सिंह बहादुर कुल्लू की ओर बढ़ा। वहाँ के शासक मान सिंह ने चालाकी से उसे कैद कर लिया, परन्तु जल्दी ही बंदा सिंह बहादुर वहां से बच निकलने में सफल हो गया।
    4. कुल्लू से बंदा सिंह बहादुर चम्बा रियासत की ओर बढ़ा। वहाँ के राजा उदय सिंह ने उसका हार्दिक स्वागत किया। उसने अपने परिवार में से एक लड़की का विवाह भी उसके साथ कर दिया। 1711 ई० के अन्त में बंदा के यहाँ एक पुत्र पैदा हुआ। उसका नाम अजय सिंह रखा गया।
    5. बहिरामपुर की लड़ाई-अब बंदा सिंह बहादुर रायपुर तथा बहिरामपुर के पहाड़ों से निकल कर मैदानी प्रदेश में आ गया। वहां जम्मू के फ़ौजदार बायजीद खां खेशगी ने उस पर आक्रमण कर दिया। 4 जून, 1711 ई० को बहिरामपुर के निकट लड़ाई हुई। इस लड़ाई में बाज़ सिंह तथा फतेह सिंह ने अपनी वीरता के जौहर दिखाए और सिक्खों को विजय दिलाई।
      बहिरामपुर की विजय के पश्चात् बंदा सिंह बहादुर ने रायपुर, कलानौर तथा बटाला पर आक्रमण किए और इन स्थानों को अपने अधिकार में ले लिया, परन्तु उसकी ये विजयें चिर-स्थायी सिद्ध न हुईं। उसने फिर से पहाड़ों में शरण ली। परन्तु बहादुर शाह के अधीन मुग़ल सरकार उसकी शक्ति को कुचलने में असफल रही।

प्रश्न 3.
बंदा सिंह बहादुर की गंगा-यमुना के इलाके में लड़ी गई लड़ाइयों का वर्णन करो।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर की विजयों से जन साधारण में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोगों को विश्वास हो गया कि बंदा ही उन्हें मुग़लों के अत्याचारों से मुक्ति दिला सकता है। बस फिर क्या था। देखते ही देखते बहुत-से हिन्दू तथा मुसलमान सिक्ख बनने लगे। उनारसा गाँव के निवासी भी सिक्ख बन गए। जलालाबाद का फ़ौजदार जलाल खां इसे सहन न कर सका। उसने वहाँ के बहुत-से सिक्खों को कैद कर लिया। उन सिक्खों को छुड़ाने के लिए बंदा सिंह बहादुर अपने सैनिकों को लेकर उनारसा की ओर चल पड़ा।

  1. सहारनपुर पर आक्रमण-यमुना नदी को पार करके सिक्खों ने पहले सहारनपुर पर आक्रमण किया। वहाँ का फ़ौजदार अली हामिद खान दिल्ली की ओर भाग गया। उसके कर्मचारियों ने सिक्खों का सामना किया, परन्तु वे परास्त हुए। नगर के अधिकतर भाग पर सिक्खों का अधिकार हो गया। उन्होंने सहारनपुर का नाम बदल कर भाग नगर’ रख दिया।
  2. बेहात की लड़ाई-सहारनपुर से बंदा सिंह बहादुर ने बेहात की ओर कूच किया। वहाँ के पीरज़ादे हिन्दुओं पर अत्याचार कर रहे थे। वे खुले तौर पर बाज़ारों तथा गलियों में गौ हत्या करते थे। बंदा सिंह बहादुर ने अनेक पीरज़ादों को मौत के घाट उतार दिया। कहते हैं कि उनमें से केवल एक पीरज़ादा ही जीवित बच सका जोकि बुलंद शहर गया हुआ था।
  3. अम्बेता पर आक्रमण-बेहात के उपरान्त बंदा सिंह बहादुर ने अम्बेता पर आक्रमण किया। वहाँ के पठान बड़े धनी थे। उन्होंने सिक्खों का कोई विरोध न किया। सिक्खों को वहाँ से बहुत-सा धन मिला।
  4. नानौता पर आक्रमण-21 जुलाई, 1710 ई० को सिक्खों ने नानौता पर आक्रमण किया। वहाँ के शेखज़ादे तीर चलाने में बड़े निपुण थे। वे सिक्खों के सामने डट गए। नानौता की गलियों तथा बाजारों में घमासान युद्ध हुआ। लगभग 300 शेखज़ादे युद्ध में मारे गए और सिक्खों को विजय प्राप्त हुई।
  5. उनारसा पर आक्रमण- यहाँ से बंदा सिंह बहादुर ने अपने मुख्य शत्रु अर्थात् उनारसा के जलाल खां की ओर ध्यान दिया। अपने दूत द्वारा उसने जलाल खां के पास एक पत्र भेजा। उसने लिखा कि वह कैदी सिक्खों को छोड़ दे तथा उसकी अधीनता स्वीकार कर ले। परन्तु जलाल खां ने बंदा सिंह बहादुर की इस मांग को ठुकरा दिया। उसने दूत का निरादर भी किया। परिणामस्वरूप बंदा सिंह बहादुर ने उनारसा पर भयंकर धावा बोल दिया। एक घमासान युद्ध हुआ जिसमें सिक्खों को विजय प्राप्त हुई। इस युद्ध में जलाल खां के दो भतीजे जमाल खां तथा पीर खां भी मारे गए।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 4.
पंजाब की तीन प्रसिद्ध मिसलों का वर्णन करो।
उत्तर-
मिसल अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है-एक समान। 1767 से 1799 ई० तक पंजाब में जितने भी सिक्ख जत्थे बने उनमें मौलिक समानता पाई जाती थी। इसलिए उन्हें मिसल कहा जाने लगा। प्रत्येक मिसल का सरदार अपने जत्थे के अन्य सदस्यों के साथ समानता का व्यवहार करता था। इसके अतिरिक्त एक मिसल का जत्थेदार तथा उसके सैनिक दूसरी मिसल के जत्थेदार तथा सैनिकों से भी भाई-चारे का नाता रखते थे। सिक्ख मिसलों की कल संख्या 12 थी। इनमें से तीन प्रसिद्ध मिसलों का वर्णन इस प्रकार है —

  1. फैजलपुरिया मिसल-फैजलपुरिया मिसल सबसे पहली मिसल थी। इस मिसल का संस्थापक नवाब कपूर सिंह था। उसने अमृतसर के पास फैजलपुर नामक गाँव पर कब्जा करके उसका नाम ‘सिंहपुर’ रखा। इसीलिए इस मिसल को ‘सिंहपुरिया’ मिसल भी कहा जाता है।
    1753 ई० में नवाब कपूर सिंह की मौत हो गई और उसका भतीजा खुशहार सिंह फैजलपुरिया मिसल का नेता बना। उसने अपनी मिसल का विस्तार किया। उसके अधीन फैजलपुरिया मिसल में जालन्धर, नूरपुर, बहरामपुर, पट्टी आदि प्रदेश शामिल थे। खुशहाल सिंह की मृत्यु के बाद उसका पुत्र बुध सिंह फैजलपुरिया मिसल का सरदार बना। वह अपने पिता की तरह वीर तथा साहसी नहीं था। रणजीत सिंह ने उसे हरा कर उसकी मिसल को अपने राज्य में मिला लिया।
  2. भंगी मिसल- भंगी मिसल सतलुज दरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित थी। इस मिसल के क्षेत्र में लाहौर, अमृतसर, गुजरात तथा सियालकोट जैसे महत्त्वपूर्ण शहर शामिल थे।
    रणजीत सिंह के मिसलदार बनने के समय भंगी मिसल पहले जैसी शक्तिशाली नहीं थी। इस मिसल के सरदार गुलाब सिंह तथा साहिब सिंह अयोग्य तथा व्यभिचारी थी। वे भांग व शराब पीने में ही अपना सारा समय बिता देते थे। वे अपनी मिसल के राजप्रबन्ध में बहुत रुचि नहीं लेते थे। अतः मिसल के लोग उनसे तंग आए हुए थे।
  3. आहलूवालिया मिसल-जस्सा सिंह अहलूवालिया के समय वह मिसल बड़ी शक्तिशाली थी। इस मिसल का सुलतानपुर लोधी, कपूरथला, होशियारपुर, नूरमहल आदि प्रदेशों पर अधिकार था। 1783 ई० में इस मिसल के सबसे शक्तिशाली सरदार जस्सासिंह अहलूवालिया की मृत्यु हो गई। 1783 से 1801 ई० तक इस मिसल का नेता भागसिंह रहा। उसके बाद फतह सिंह आहलूवालिया उसका उत्तराधिकारी बना। रणजीत सिंह ने समझदारी से काम लेते हुए उससे मित्रतापूर्ण सम्बन्ध स्थापित कर लिए और उसकी ताकत तथा सेवाओं का प्रयोग अपने राज्य विस्तार के लिए किया।

प्रश्न 5.
पंजाब में दिए गए मानचित्र पर बंदा सिंह बहादुर द्वारा किए गए युद्धों के स्थानों को दर्शाओ।
उत्तर-
विद्यार्थी अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

PSEB 10th Class Social Science Guide बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Type Questions)

I. उत्तर एक शब्द अथवा एक लाइन में

प्रश्न 1.
गुरदास नंगल के युद्ध में सिक्ख क्यों हारे?
उत्तर-
गुरदास नंगल के युद्ध में सिक्ख खाद्य सामग्री समाप्त हो जाने के कारण हारे।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 2.
पंजाब में एक सिक्ख राज्य की स्थापना में बंदा सिंह बहादुर की असफलता का एक प्रमुख कारण बताएं।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर अपने साधु स्वभाव को छोड़ कर राजसी ठाठ-बाठ से रहने लगा था।

प्रश्न 3.
नवाब कपूर सिंह ने सिक्खों को 1734 ई० में किन दो दलों में बांटा?
उत्तर-
1734 ई० में नवाब कपूर सिंह ने सिक्खों को दो दलों में बांट दिया-‘बुड्ढा दल’ तथा ‘तरुण दल’।

प्रश्न 4.
सिक्ख मिसलों की कुल संख्या कितनी थी?
उत्तर-
सिक्ख मिसलों की कुल संख्या 12 थी।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 5.
फैज़लपुरिया, आहलूवालिया, भंगी तथा रामगढ़िया मिसल के संस्थापक कौन थे?
उत्तर-
नवाब कपूर सिंह, जस्सा सिंह आहलूवालिया, हरि सिंह तथा जस्सा सिंह रामगढ़िया ने क्रमश: फैजलपुरिया, आहलूवालिया, भंगी तथा रामगढ़िया मिसल की स्थापना की।

प्रश्न 6.
जय सिंह, सरदार चढ़त सिंह, चौधरी फूल सिंह तथा गुलाब सिंह ने क्रमशः किन-किन मिसलों की स्थापना की?
उत्तर-
जय सिंह, सरदार चढ़त सिंह, चौधरी फूल सिंह तथा गुलाब सिंह ने क्रमशः कन्हैया, शुकरचकिया, फुल्कियां तथा डल्लेवालिया मिसल की स्थापना की।

प्रश्न 7.
निशानवालिया, करोड़सिंघिया, शहीद अथवा निहंग तथा नक्कई मिसलों के संस्थापक कौन थे?
उत्तर-
रणजीत सिंह तथा मोहर सिंह, करोड़ सिंह, सुधा सिंह तथा हीरा सिंह ने क्रमशः निशानवालिया, करोड़सिंघिया, शहीद अथवा निहंग तथा नक्कई मिसलों की स्थापना की।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 8.
बंदा सिंह बहादुर को पंजाब में किसने भेजा था?
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने।

प्रश्न 9.
माधोदास (बंदा सिंह बहादुर) के साथ गुरु गोबिन्द सिंह जी की मुलाकात कहां हुई थी?
उत्तर-
नंदेड़ में।

प्रश्न 10.
गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी को शहीद करने वाला जल्लाद कौन था?
उत्तर-
सैय्यद जलालुद्दीन।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 11.
सैय्यद जलालुद्दीन कहां का रहने वाला था?
उत्तर-
समाना का।

प्रश्न 12.
बंदा सिंह बहादुर ने सढौरा में किस शासक को हराया था?
उत्तर-
उसमान खां को।

प्रश्न 13.
सढौरा में स्थित पीर बुद्ध शाह की हवेली आजकल किस नाम से जानी जाती है?
उत्तर-
कत्लगढ़ी।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 14.
बंदा सिंह बहादुर ने किस स्थान के किले को ‘लोहगढ़’ का नाम दिया?
उत्तर-
मुखलिसपुर।

प्रश्न 15.
गुरु गोबिन्द सिंह साहिब के दो छोटे साहिबजादों को दीवार में कहां चिनवाया गया था?
उत्तर-
सरहिन्द में।

प्रश्न 16.
बंदा द्वारा सुच्चानन्द की नाक में नकेल डाले जुलूस कहां निकाला गया था?
उत्तर-
सरहिन्द में।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 17.
बंदा सिंह बहादुर ने सरहिन्द विजय के बाद वहां का शासक किसे नियुक्त किया?
उत्तर-
बाज़ सिंह को।

प्रश्न 18.
बंदा सिंह बहादुर ने किस स्थान को अपनी राजधानी बनाया?
उत्तर-
मुखलिसपुर को।

प्रश्न 19.
सहारनपुर का नाम ‘भाग नगर’ किसने रखा था?
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर ने।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 20.
बंदा सिंह बहादुर की सिक्ख सेना को पहली बड़ी हार का सामना कब और कहां करना पड़ा?
उत्तर-
अक्तूबर 1710 में अमीनाबाद में।

प्रश्न 21.
मुग़ल सम्राट् बहादुर शाह की मृत्यु कब हुई?
उत्तर-
18 फरवरी, 1712 को।

प्रश्न 22.
बहादुर शाह के बाद मुग़ल राजगद्दी पर कौन बैठा?
उत्तर-
जहांदार शाह।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 23.
जहांदार शाह के बाद मुग़ल सम्राट् कौन बना?
उत्तर-
फरुख़सीयर।

प्रश्न 24.
अब्दुससमद खां ने सढौरा तथा लोहगढ़ के किलों पर कब विजय प्राप्त की?
उत्तर-
अक्तूबर 1713 में।

प्रश्न 25.
गुरदास नंगल में सिक्खों ने मुगलों के विरुद्ध कहां शरण ली?
उत्तर-
दुनीचंद की हवेली में।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 26.
दुनीचन्द की हवेली में बंदा सिंह बहादुर का साथ किसने छोड़ा?
उत्तर-
विनोद सिंह तथा उसके साथियों ने।

प्रश्न 27.
बंदा सिंह बहादुर को उसके 200 साथियों सहित कब गिरफ्तार किया गया?
उत्तर-
7 दिसम्बर, 1715 को।

प्रश्न 28.
बंदा सिंह बहादुर की शहीदी कब हुई?
उत्तर-
19 जून, 1716 को।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 29.
दल खालसा की स्थापना कब और कहां हुई?
उत्तर-
दल खालसा की स्थापना 1748 में अमृतसर में हुई।

प्रश्न 30.
महाराजा रणजीत सिंह का सम्बन्ध किस मिसल से था?
उत्तर-
शुकरचकिया मिसल से।

प्रश्न 31.
महाराजा रणजीत सिंह शुकरचकिया मिसल का सरदार कब बना?
उत्तर-
1797 ई० में।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 32.
करोड़सिंघिया मिसल का दूसरा नाम क्या था?
उत्तर-
पंजगढ़िया मिसल।

II. रिक्त स्थानों की पर्ति

  1. बंदा सिंह बहादुर ने उसमान खान को दण्ड देने के लिए …………. पर आक्रमण किया।
  2. बंदा सिंह बहादुर को उसके 200 साथियों सहित …………… ई० को गिरफ्तार किया गया।
  3. गुरु गोबिन्द सिंह साहिब के दो छोटे. साहिबजादों को दीवार में ……….. में चिनवाया गया था।
  4. बंदा सिंह बहादुर ने ……………. की नाक में नकेल डालकर सरहिंद में जुलूस निकाला।
  5. बंदा सिंह बहादुर ने सहारनपुर का नाम ………….. रखा।।
  6. गुरदास नंगल में सिक्खों ने मुग़लों के विरुद्ध ………….. की हवेली में शरण ली।
  7. दल ख़ालसा की स्थापना ………. ई० में हुई।
  8. बंदा सिंह बहादुर की शहीदी 1716 में …………. में हुई।

उत्तर-

  1. सढौरा,
  2. 7 दिसंबर, 1715,
  3. सरहिंद,
  4. सुच्चानन्द,
  5. भाग नगर,
  6. दुनीचंद,
  7. 1748,
  8. दिल्ली।

III. बहविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गुरु गोबिन्द सिंह जी ने पंजाब में सिखों का नेतृत्व करने के लिए किसे भेजा?
(A) वज़ीर खां को
(B) जस्सा सिंह को
(C) बंदा सिंह बहादुर को
(D) सरदार राजेंद्र सिंह को।
उत्तर-
(C) बंदा सिंह बहादुर को

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 2.
वजीर खां और बंदा सिंह बहादुर का युद्ध किस स्थान पर हुआ?
(A) चप्पड़-चिड़ी
(B) सरहिन्द
(C) सढौरा
(D) समाना।
उत्तर-
(A) चप्पड़-चिड़ी

प्रश्न 3.
बंदा सिंह बहादुर की शहीदी कब हुई?
(A) 1761 ई० में
(B) 1716 ई० में
(C) 1750 ई० में
(D) 1756 ई० में।
उत्तर-
(B) 1716 ई० में

प्रश्न 4.
भंगी मिसल के सरदारों के अधीन इलाके थे
(A) लाहौर
(B) गुजरात
(C) सियालकोट
(D) उपरोक्त सभी।
उत्तर-
(D) उपरोक्त सभी।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 5.
आहलूवालिया मिसल का संस्थापक था
(A) करोड़ सिंह
(B) रणजीत सिंह
(C) जस्सा सिंह
(D) महा सिंह।
उत्तर-
(C) जस्सा सिंह

IV. सत्य-असत्य कथन

प्रश्न-सत्य/सही कथनों पर (✓) तथा असत्य/गलत कथनों पर (✗) का निशान लगाएं

  1. बंदा सिंह बहादुर की शहीदी 1716 में दिल्ली में हुई।
  2. सदा कौर महाराजा रणजीत सिंह की माता थी।
  3. फैजलपुरिया मिसल को सिंहपुरिया मिसल भी कहा जाता है।
  4. बंदा सिंह बहादुर ने गुरु-पुत्रों पर अत्याचार का बदला लेने के लिए सरहिन्द पर आक्रमण किया।
  5. दल खालसा की स्थापना आनंदपुर साहिब में हुई।

उत्तर-

  1. (✓),
  2. (✗),
  3. (✓),
  4. (✓),
  5. (✗).

V. उचित मिलान

  1. नवाब कपूर सिंह – भंगी मिसल
  2. जस्सा सिंह आहलूवालिया – फैजलपुरिया मिसल
  3. हरि सिंह – रामगढ़िया मिसल
  4. जरसा सिंह रामगढ़िया – आहलूवालिया मिसल

उत्तर-

  1. नवाब कपूर सिंह-फ़ैज़लपुरिया मिसल,
  2. जस्सा सिंह आहलूवालिया-आहलूवालिया मिसल,
  3. हरि सिंह-भंगी मिसल,
  4. जस्सा सिंह रामगढ़िया-रामगढ़िया मिसल।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

छोटे उत्तर वाले प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
बंदा सिंह बहादुर के किन्हीं चार सैनिक कारनामों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
बंदा सिंह बहादुर के सैनिक कारनामों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है —

  1. समाना और कपूरी की लूटमार-बंदा सिंह बहादुर ने सबसे पहले समाना पर आक्रमण किया और वहां भारी लूटमार की। तत्पश्चात् वह कपूरी पहुंचा। इस नगर को भी उसने बुरी तरह लटा।
  2. सढौरा पर आक्रमण-सढौरा का शासक उस्मान खां हिन्दुओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था। उसे दण्ड देने के लिए बंदा सिंह बहादुर ने सढौरा पर धावा बोल दिया। इस नगर में इतने मुसलमानों की हत्या की गई कि उस स्थान का नाम ही ‘कत्लगढ़ी’ पड़ गया।
  3. सरहिन्द की विजय-सरहिन्द में गुरु जी के दो छोटे पुत्रों को दीवार में जीवित चिनवा दिया गया था। इस अत्याचार का बदला लेने के लिए बंदा सिंह बहादुर ने यहाँ भी मुसलमानों का बड़ी निर्दयता से वध किया। सरहिन्द का शासक नवाब वजीर खां भी युद्ध में मारा गया।
  4. जालन्धर दोआब पर अधिकार-बंदा सिंह बहादुर की विजयों ने जालन्धर दोआब के सिक्खों में उत्साह भर दिया। उन्होंने वहां के फ़ौजदार शम्स खां के विरुद्ध विद्रोह कर दिया और बंदा सिंह बहादुर को सहायता के लिए बुलाया। राहों नामक स्थान पर दोनों सेनाओं में भयंकर युद्ध हुआ। इस युद्ध में सिक्ख विजयी रहे। इस प्रकार जालन्धर और होशियारपुर के क्षेत्र सिक्खों के अधिकार में आ गए।

प्रश्न 2.
बंदा सिंह बहादुर की शहीदी पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
गुरदास नंगल के युद्ध में बंदा सिंह बहादुर तथा उसके सभी साथियों को बन्दी बना लिया गया था। उन्हें पहले लाहौर और फिर दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली के बाजारों में उनका जुलूस निकाला गया और उनका अपमान किया गया। बाद में बंदा सिंह बहादुर तथा उसके 740 साथियों को इस्लाम धर्म स्वीकार करने को कहा गया। उनके इन्कार करने पर बंदा सिंह बहादुर के सभी साथियों की हत्या कर दी गई। अन्त में 19 जून, 1716 ई० में मुग़ल सरकार ने बंदा सिंह बहादुर के वध का भी फरमान जारी कर दिया। उनके वध से पहले उन पर अनेक अत्याचार किए गए। उनकी आंखों के सामने उनके शिशु पुत्र के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। लोहे की गर्म सलाखों से बंदा सिंह बहादुर का मांस नोचा गया। इस प्रकार बंदा सिंह बहादुर शहीदी को प्राप्त हुआ।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 3.
पंजाब में एक स्थायी सिक्ख राज्य की स्थापना में बंदा सिंह बहादुर की असफलता के कोई चार कारण बताओ।
उत्तर-
संक्षेप में, बंदा सिंह बहादुर द्वारा पंजाब में स्थायी सिक्ख राज्य की स्थापना करने में असफलता के कारण निम्नलिखित थे —

  1. बंदा सिंह बहादुर के शाही रंग-ढंग-बंदा सिंह बहादुर साधुपन को छोड़ राजसी ठाठ-बाठ से रहने लगा था। इसलिए समाज में उनका सम्मान कम हो गया।
  2. अन्धाधुन्ध हत्याएं-लाला दौलत राम के अनुसार बंदा सिंह बहादुर ने अपने अभियानों में पंजाबवासियों की अन्धाधुन्ध हत्याएं की और उन्होंने क्रूर मुसलमानों तथा निर्दोष हिन्दुओं में कोई भेद नहीं समझा। इस रक्तपात के कारण वह हिन्दू और सिक्खों का सहयोग खो बैठा।
  3. शक्तिशाली मुग़ल साम्राज्य-मुग़ल साम्राज्य अभी इतना क्षीण नहीं हुआ था कि बंदा सिंह बहादुर और उसके कुछ हज़ार साथियों के विद्रोह को न दबा पाता।
  4. बंदा सिंह बहादुर के सीमित साधन-अपने सीमित साधनों के कारण भी बंदा सिंह बहादुर पंजाब में स्थायी सिक्ख राज्य की स्थापना न कर सका। मुग़लों की शक्ति का सामना करने के लिए सिक्खों के पास अच्छे साधन नहीं थे।

प्रश्न 4.
आहलूवालिया मिसल का संस्थापक कौन था? उसने इस मिसल की शक्ति को कैसे बढ़ाया?
उत्तर-
आहलूवालिया मिसल का संस्थापक जस्सा सिंह आहलूवालिया था।

  1. 1748 से 1753 ई० तक जस्सा सिंह ने मीर मन्नू के अत्याचारों का सफलतापूर्वक सामना किया। अन्त में मीर मन्नू ने जस्सा सिंह के साथ सन्धि कर ली।
  2. 1761 ई० में जस्सा सिंह ने लाहौर पर आक्रमण किया और वहां के सूबेदार ख्वाजा आबेद को पराजित किया। लाहौर पर सिक्खों का अधिकार हो गया।
  3. 1762 ई० में अहमदशाह अब्दाली ने पंजाब पर आक्रमण किया। कुप्पर हीड़ा नामक स्थान पर जस्सा सिंह को पराजय का मुंह देखना पड़ा, परन्तु वह शीघ्र ही सम्भल गया। अगले ही वर्ष सिक्खों ने उसके नेतृत्व में कसूर तथा सरहिन्द को खूब लूटा।
  4. 1764 ई० में जस्सा सिंह ने दिल्ली पर आक्रमण किया और वहां खूब लूट-मार की।

प्रश्न 5.
रणजीत सिंह के उत्थान के समय मराठों की स्थिति कैसी थी?
उत्तर-
अहमदशाह अब्दाली ने मराठों को पानीपत के तीसरे युद्ध (1761) में हरा कर पंजाब से निकाल दिया था। परन्तु 18वीं शताब्दी के अन्त में वे फिर से पंजाब की ओर बढ़ने लगे।
मराठा सरदार दौलत राव सिंधिया ने दिल्ली पर अपना अधिकार जमा लिया था। उसने यमुना तथा सतलुज के मध्य के प्रदेशों पर भी आक्रमण करने आरम्भ कर दिए थे। परन्तु शीघ्र ही अंग्रेजों ने पंजाब की ओर उनके बढ़ते कदमों को रोक दिया।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

प्रश्न 6.
महाराजा रणजीत सिंह के उत्थान के समय भारत में अंग्रेजी राज्य का वर्णन करो।
उत्तर-
1773 ई० से 1785 ई० तक वारेन हेस्टिंग्ज़ भारत में अंग्रेज़ी राज्य का गवर्नर-जनरल रहा। उसने मराठों को पंजाब की ओर बढ़ने से रोका। परन्तु उसके उत्तराधिकारियों लॉर्ड कार्नवालिस (1786 ई० से 1793 ई०) तथा जॉन शोर (1793 ई० से 1798 ई० तक) ने ब्रिटिश राज्य की बढ़ौत्तरी के लिए कोई महत्त्वपूर्ण योगदान न दिया। 1798 ई० में लॉर्ड वैलज़ली गवर्नर-जनरल बना। उसने अपने राज्य में हैदराबाद, मैसूर, कर्नाटक, तंजौर, अवध आदि देसी रियासतों को मिलाया। वह मराठों के विरुद्ध भी लड़ता रहा। इसलिए वह पंजाब की ओर ध्यान न दे सका। 1803 ई० में अंग्रेजों ने दौलत राव सिंधिया को हरा कर दिल्ली पर अधिकार कर लिया।

बड़े उत्तर वाला प्रश्न (Long Answer Type Question)

प्रश्न
निम्नलिखित मिसलों की संक्षिप्त जानकारी दो

  1. फुल्कियां
  2. डल्लेवालिया
  3. निशानवालिया
  4. करोड़सिंघिया तथा
  5. शहीद मिसल।

उत्तर-
दी गई मिसलों के इतिहास का संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है —

  1. फुल्कियां मिसल — फुल्कियां मिसल की नींव एक सन्धु जाट चौधरी फूल सिंह ने रखी थी, परन्तु इसका वास्तविक संगठन बाबा आला सिंह ने किया। उसने सबसे पहले बरनाला के आस-पास के प्रदेशों को विजय किया। 1762 ई० में अब्दाली ने उसे मालवा क्षेत्र का नायब बना दिया। 1764 ई० में उसने सरहिन्द के गवर्नर जैन खां को पराजित किया। 1765 ई० में आला सिंह की मृत्यु हो गई। उसकी मृत्यु के पश्चात् अमर सिंह ने फुल्कियां मिसल की बागडोर सम्भाली। उसने अपनी मिसल में भठिण्डा, रोहतक तथा हांसी को भी मिला लिया। अहमद शाह ने उसे ‘राजाए रजगाने’ की उपाधि प्रदान की। अमर सिंह की मृत्यु के पश्चात् उसका पुत्र साहिब सिंह मिसल का सरदार बना। वह बड़ा कमज़ोर शासक था। अन्त में 1809 ई० में एक सन्धि के अनुसार अंग्रेजों ने इस मिसल को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया।
  2. डल्लेवालिया मिसल — इस मिसल की स्थापना गुलाब सिंह ने की थी। वह रावी के तट पर स्थित ‘डल्लेवाल’ गांव का निवासी था। इसी कारण इस मिसल को डल्लेवालिया के नाम से पुकारा जाने लगा। इस मिसल का सबसे प्रसिद्ध तथा शक्तिशाली सरदार तारा सिंह घेबा था। उसके अधीन 7,500 सैनिक थे। वह अपार धन-दौलत का स्वामी था। जब तक वह जीवित रहा रणजीत सिंह उसका मित्र बना रहा, परन्तु उसकी मृत्यु के पश्चात् रणजीत सिंह ने इस मिसल को अपने राज्य में मिला लिया। तारा सिंह की पत्नी ने उसका विरोध किया, परन्तु उसकी एक न चली।।
  3. निशानवालिया मिसल — इस मिसल की नींव रणजीत सिंह तथा मोहर सिंह ने रखी थी। ये दोनों कभी खालसा दल का झण्डा (निशान) उठाया करते थे। इसलिए उनके द्वारा स्थापित मिसल को ‘निशानवालिया मिसल’ कहा जाने लगा। इस मिसल में अम्बाला तथा शाहबाद के प्रदेश सम्मिलित थे। राजनीतिक दृष्टि से इस मिसल का कोई विशेष महत्त्व नहीं था।
  4. करोड़सिंघिया मिसल — इस मिसल की नींव करोड़ सिंह ने रखी थी। बघेल सिंह इस मिसल का पहला प्रसिद्ध सरदार था। उसने नवांशहर, बंगा आदि प्रदेशों को जीता। उसकी गतिविधियों का केन्द्र करनाल से बीस मील की दूरी पर था। उसकी सेना में 12,000 सैनिक थे। सरहिन्द के गवर्नर जैन खां की मृत्यु के पश्चात् उसने सतलुज नदी के उत्तर की ओर के प्रदेशों पर अधिकार करना आरम्भ कर दिया। बघेल सिंह के पश्चात् जोध सिंह उसका उत्तराधिकारी बना। जोध सिंह ने मालवा के बहुत सारे प्रदेशों पर विजय प्राप्त की तथा उन्हें अपनी मिसल में मिला लिया। अन्त में इस मिसल का कुछ भाग कलसिया रियासत का अंग बन गया और शेष भाग महाराजा रणजीत सिंह ने अपने राज्य में मिला लिया।
  5. शहीद अथवा निहंग मिसल — इस मिसल की नींव सुधा सिंह ने रखी थी। वह मुसलमान शासकों के विरुद्ध लड़ता हुआ शहीद हो गया था। अतः उसके द्वारा स्थापित मिसल का नाम शहीद मिसल रखा गया। उसके पश्चात् इस मिसल के प्रसिद्ध नेता बाबा दीप सिंह, करम सिंह, गुरुबख्श सिंह आदि हुए। इस मिसल के अधिकांश सिक्ख अकाली अथवा निहंग थे। इस कारण इस मिसल को निहंग मिसल भी कहा जाता है। यहां निहंगों की संख्या लगभग दो हज़ार थी। इस मिसल का मुख्य कार्य अन्य मिसलों को संकट के समय सहायता देना था।

PSEB 10th Class SST Solutions History Chapter 6 बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें

बन्दा बहादुर तथा सिक्ख मिसलें PSEB 10th Class History Notes

  • बंदा सिंह बहादुर गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में-1708 ई० में माधोदास नामक एक रागी नंदेड नामक स्थान पर गुरु गोबिन्द सिंह जी के सम्पर्क में आया। गुरु जी के आकर्षक व्यक्तित्व ने उसे इतना प्रभावित किया कि वह शीघ्र ही उनका शिष्य बन गया। गुरु जी ने उसे सिक्खों का नेतृत्व करने के लिए पंजाब की ओर भेज दिया।
  • बंदा सिंह बहादुर पंजाब में-गुरु जी का आदेश पाकर बंदा सिंह बहादुर पंजाब पहुंचा। पंजाब में वह बंदा सिंह बहादुर के नाम से विख्यात हुआ। वहां उसने सिक्खों को संगठित किया और अपना सैनिक अभियान आरम्भ कर दिया।
  • बंदा सिंह बहादुर की सफलताएं-बंदा सिंह बहादुर ने गुरु गोबिन्द सिंह जी के साहिबजादों को शहीद करने वाले जल्लादों को दण्डित किया। उन्होंने सरहिन्द के फ़ौजदार वज़ीर खां का भी वध कर दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गुरु गोबिन्द सिंह जी के विरोधी पहाड़ी राजा भीमचन्द को भी परास्त किया।
  • महत्त्वपूर्ण विजयें-बंदा सिंह बहादुर की महत्त्वपूर्ण विजयें थीं-सढौरा, सरहिन्द, जलालाबाद तथा लोहगढ़ की विजय।
  • गुरदास नंगल का युद्ध-1715 ई० में मुग़ल सेना ने गुरदास नंगल के स्थान पर सिक्खों को भाई दुनी चन्द की हवेली में घेर लिया। आठ मास के लम्बे युद्ध के कारण सिक्खों की खाद्य सामग्री समाप्त हो गई। विवश होकर उन्हें पराजय स्वीकार करनी पड़ी। बंदा सिंह बहादुर तथा उसके सभी साथी बन्दी बना लिए गए।
  • बंदा सिंह बहादुर की शहीदी-बंदा सिंह बहादुर तथा उसके बन्दी साथियों को लाहौर लाया गया। यहां से 1716 ई० को उन्हें दिल्ली ले जाया गया। जून, 1716 ई० में बंदा सिंह बहादुर तथा उसके साथियों का निर्ममता से वध कर दिया गया।
  • मिसलें-बंदा सिंह बहादुर की शहीदी के पश्चात् सिक्खों को एक लम्बे अन्धकार युग से गुज़रना पड़ा, परन्तु इसी संकट काल में उनके 12 जत्थों का उत्थान हुआ। इन जत्थों में समानता होने के कारण इन्हें मिसलों का नाम दिया गया।
  • रणजीत सिंह का उत्थान-रणजीत सिंह का सम्बन्ध शुकरचकिया मिसल से था। इस मिसल की स्थापना उसके दादा चढ़त सिंह ने की थी। 1792 ई० में अपने पिता महा सिंह की मृत्यु के पश्चात् रणजीत सिंह गद्दी पर बैठा। उसने थोड़े समय में ही पंजाब में एक विशाल साम्राज्य की स्थापना कर ली।