PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
पौधों तथा जंतुओं से प्राप्त होने वाले भोजन पदार्थों का वर्णन करो।
उत्तर-
पौधों से प्राप्त होने वाले भोजन – पौधों से हमें गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, दालें, सब्जियां, फल तथा शर्करा आदि प्राप्त होते हैं। पौधे से प्राप्त होने वाले भोजन पदार्थों को निम्नलिखित चार भागों में बांटा जा सकता है-

  1. दालें (Pulses) – उदाहरण : मटर, चना, अरहर आदि।
  2. अन्न (Cereals) – उदाहरण : मक्का, गेहूँ, चावल, बाजरा तथा ज्वार आदि।
  3. आयल सीड्स (Oil Seeds) – उदाहरण : सूरजमुखी, मूंगफली तथा सरसों आदि।
  4. फल तथा सब्ज़ियाँ (Fruits and Vegetables) – उदाहरण : केला, नींबू, संतरा, आलू, प्याज, बैंगन, बंदगोभी, फूलगोभी, गाजर, भिंडी, मौसमी, शलगम, आम, सेब तथा अनानास आदि।

जंतुओं से प्राप्त होने वाले भोजन – जंतुओं से हमें मांस, मछली, अंडे, दूध, रेशे आदि प्राप्त होते हैं। जंतुओं से प्राप्त होने वाले भोजन पदार्थों को निम्नलिखित चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है-

  1. मछलियाँ (Fishes) – ये उच्च ऊर्जायुक्त भोजन है। उदाहरण : मृदुजल तथा समुद्री मछलियाँ जैसे कतला, रोहू, प्रोम्फेट, सारडीन।
  2. अंडे (Eggs) – बत्तखें तथा मुर्गी।
  3. मांस (Meat) – मुर्गी, गाय, भैंस, पशु, भेड़, बकरी आदि।
  4. दूध (Milk) – गाय, भैंस, बकरी आदि।

प्रश्न 2.
खाद को तैयार करने की विधि का वर्णन करो।
उत्तर-
खाद को तैयार करने की विधि (सर्दी व गर्मी में)-खाद को तैयार करने के लिए एक 4 मीटर लंबा, 5 मीटर चौड़ा तथा 1.5 मीटर गहरा गड्ढा बनाया जाता है। इस गड्ढे में वनस्पति पदार्थों जैसे सूखी पत्तियाँ, हरे खरपतवार, घास-फूस, पौधे या फ़सल का बचे हुए भाग की लगभग 15 सेमी० मोटी पर्त बनाई जाती है। इस तह पर एक पतली पर्त (5 सेमी० मोटी) गोबर की तथा 2 सेमी० पर्त मल-मूत्र से सनी मिट्टी, राख आदि की डाली जाती है। इस पर्त के ऊपर 15 सेमी० मोटी वनस्पति पदार्थों की एक तह लगाई जाती है। इस क्रिया को तब तक किया जाता है जब तक गड्ढा लगभग 20-25 सेमी० खाली रह जाए। गोबर आदि की पर्त पर प्रत्येक बार पानी छिड़का जाता है।

इसके पश्चात् भरे हुए गड्ढों में अब मिट्टी की तह लगा कर ढक दिया जाता है। मिट्टी की तह आस-पास की भूमि से थोड़ी ऊँची तथा ढलवी बनाई जाती है। इसका अभिप्रायः यह होता है कि अधिक पानी और वायु इसके अंदर न जा सके। ऐसा करने पर धूप का प्रभाव भी इस पर नहीं पड़ेगा। इसे 4-5 मास के लिए इसी अवस्था में पड़ा रहने दिया जाता है। 4-5 मास के पश्चात् गड्ढे के अंदर खाद तैयार हो जाती है।

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प्रश्न 3.
खाद उर्वरक से कैसे भिन्न है ?
उत्तर-
खाद तथा उर्वरक में अंतर-खाद तथा उर्वरक में निम्नलिखित मुख्य अंतर हैं-

खाद (Manure) उर्वरक (Fertilizer)
(1) ये गोबर तथा गले सड़े पौधों जैसे प्राकृतिक पदार्थों से बनती हैं। (1) ये कृत्रिम पदार्थ हैं जो कारखानों में तैयार किए जाते हैं।
(2) ये मुख्यत: कार्बनिक पदार्थ हैं। (2) ये मुख्यतः अकार्बनिक पदार्थ हैं।
(3) ये अधिक स्थान घेरते हैं। इसलिए इनका स्थानांतरण तथा भंडारण असुविधाजनक है। (3) ये कम स्थान घेरते हैं। इसलिए इनका स्थानांतरण तथा भंडारण सुविधाजनक है।
(4) ये नमी के अवशोषण से खराब नहीं होते। (4) ये नमी का अवशोषण करके खराब हो जाते हैं।
(5) इनमें पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में नहीं होते। (5) इनमें पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम जैसे पोषक तत्व बहुत अधिक मात्रा में होते हैं।
(6) खादें पोषक विशेष नहीं होतीं। ये केवल मिट्टी के सामान्य प्रभाव को पूरा कर सकती हैं। (6) उर्वरक पोषक विशेष होते हैं नाइट्रोजन युक्त, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम युक्त उर्वरक मिट्टी में मिला देने से कोई भी वांछित पोषक तत्व प्राप्त किया जा सकता है।
(7) खादें मिट्टी को ह्यूमस प्रदान करती हैं। (7) उर्वरक मिट्टी को ह्यूमस प्रदान नहीं करते।
(8) खादें मिट्टी के गठन को प्रभावित करती हैं जिससे मिट्टी में पौधों को थामे रखने की क्षमता प्रदान करा देती हैं। (8) उर्वरक मिट्टी के गठन (Texture) को प्रभावित नहीं करते।
(9) खादें जल में अघुलनशील होती हैं जिससे फसली पौधों द्वारा इनका अवशोषण धीरे-धीरे होता है। (9) उर्वरक जल में घुलनशील होने के कारण फसली पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिए जाते हैं।

प्रश्न 4.
मिश्रित फसली क्या है ? इसे उगाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर-
मिश्रित फसली – एक ही खेत में एक ही मौसम में दो या दो से अधिक फसलों को उगाना मिश्रित फसल कहलाता है। मिश्रित फसल उगाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  1. साथ-साथ उगाई जाने वाली फसलों के मूल तंत्र भिन्न प्रकार के होने चाहिएँ।
  2. मिश्रित फसल के लिए चुनी गई फसलों में पोषक तत्वों, प्रकाश तथा नमी के लिए संघर्ष नहीं होना चाहिए।
  3. मिश्रित फसलों की सिंचाई, निराई, गुड़ाई, उर्वरक आदि प्रयोग करने में असुविधा नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 5.
गायों की विभिन्न जातियों को कार्य के आधार पर कितने भागों में वर्गीकरण किया गया है ? गाय की विदेशी नस्लों के नाम बताओ।
उत्तर-
भारतवर्ष में गायों की लगभग 20 जातियाँ पाई जाती हैं। कार्यों के आधार पर इन्हें निम्नलिखित तीन भागों में बांटा जा सकता है-

  1. दुधारू नस्लें – ये वे नस्लें हैं जो अधिक दूध देती हैं परंतु इनके बछड़े कृषि कार्यों के लिए उपयोगी नहीं होते।
  2. भारवाही नस्लें – ये वे नस्लें हैं जो दूध बहुत कम देती हैं परंतु इनके बछड़े अधिक शक्तिशाली, सुदृढ़ तथा तेज़ चलने वाले होते हैं। ये कृषि कार्यों तथा बोझ ढोने के काम आते हैं।
  3. द्वि-उद्देशीय नस्लें-ये वे नस्लें हैं जो दूध भी अधिक देती हैं और इनके बछड़े कृषि कार्य तथा भार ढोने के काम आते हैं।

गाय की उच्च दुग्ध उत्पादन वाली देशी नस्लें-

  1. रैड सिंधी – यह गाय मध्यम आकार की होती है तथा इसका रंग गहरा तथा हल्का लाल होता है।
  2. साहीवाल – इसका आकार बड़ा होता है तथा यह अधिक दूध देती हैं।
  3. गिर गाय – यह गुजरात के गिर के जंगलों में पाई जाती है। यह मध्यम आकार की होती है तथा अधिक दूध देती है।

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गाय की उच्च दुग्ध उत्पादन वाली विदेशी नस्लें-

  1. जरसी की नस्ल (यू०एस०ए०)
  2. होल्सटीन फ्रिजीयन (हालैंड में)
  3. ब्राऊन स्विस (स्विट्ज़रलैंड में)।

प्रश्न 6.
अच्छे पशु आवास व्यवस्था की क्या विशेषताएं हैं ?
उत्तर-
अच्छे पशु आवास की विशेषताएँ-

  1. पशु आवास में प्रकाश पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए।
  2. पशु आवास खुला तथा हवादार होना चाहिए।
  3. आवास में जल की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  4. आवास में से पशुओं के मल-मूत्र को विसर्जित करने का ठीक प्रबंध होना चाहिए जिससे कि आवास में सफ़ाई रह सके तथा पशुओं को कष्ट कम हो जिससे ऊर्जा हानि कम होती है।
  5. पशुओं के आवास में उनके आहार के लिए ठीक ढंग से व्यवस्था होनी चाहिए जिससे प्रत्येक मवेशी को आहार उपलब्ध हो सके।
  6. पशु आवास में पीने के साफ़ पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
  7. पशु आवास ऐसा होना चाहिए जो उन्हें सर्दी, गर्मी तथा वर्षा से बचा सके।

प्रश्न 7.
पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल किस प्रकार की जाती है ?
उत्तर-
पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल – खाद्य के लिए पाले गए पशुओं को प्रतिकूल मौसम से तथा शत्रुओं से बचाना अति आवश्यक है। उन्हें संक्रामक रोगों से बचाना भी अति आवश्यक है। पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए उनके आहार तथा आवास को विशेष स्थान दिया जाता है, परंतु उससे अधिक ध्यान उन्हें रोगों से बचाने पर दिया जाना चाहिए। यदि कोई पशु रोगग्रस्त हो जाए तो पशु निष्क्रिय हो जाता है ; भोजन ग्रहण करना बंद कर देता है जिसका परिणाम यह होता है कि दुग्ध उत्पादन, अंडे देने की क्षमता तथा कार्य करने की दक्षता में कमी आ जाती है। उपयुक्त स्वच्छता का प्रबंध, आहार नियंत्रण तथा पूर्ण विश्राम से रोगी पशु शीघ्र ठीक हो सकता है। पशु के रोगों के निदान तथा उपचार के लिए पशु स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा संबंधी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हैं। पशुओं को संक्रमण से सुरक्षा के लिए उन्हें टीके लगवाना चाहिए। उसी पशु का स्वास्थ्य ठीक रहेगा जिसको उचित आहार, उचित आवास तथा उचित चिकित्सा प्राप्त होगी।

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प्रश्न 8.
कुक्कुट की नस्लों में सुधार कैसे किया गया है ? कुछ नस्लों के नाम लिखो जिनको संकरण द्वारा उत्पन्न किया गया है। संकरण द्वारा उत्पन्न कुक्कुट के लाभ लिखिए।
उत्तर-
कुक्कुट की अच्छी नस्ल से अभिप्रायः होता है कि अंडे, मांस अधिक प्राप्त हों तथा आहार कम देना पड़े। अतः संकरण विधि द्वारा ही उत्तम किस्म की नस्लें प्राप्त की जाती हैं। हमारी देशी मुर्गियों की दो नस्लें असील तथा बसारा हैं । यह छोटी, कम वृद्धि दर वाली परंतु पुष्ट होती हैं तथा इनमें रोगों से लड़ने की क्षमता अधिक होती है। अतः संकरण के लिए केवल वही पक्षी लिए जाते हैं जो उत्पादन कम करते हो परंतु संकरण के पुष्ट हों।

व्हाइट लैंगहार्न तथा रोड आलैंड रैड उच्च उत्पादन वाली विदेशी मुर्गियों का देशी नस्ल की मुर्गियों के साथ संकरण करके उत्पन्न किया गया। इस प्रकार प्राप्त नई नस्ल दोनों में नस्लों के लक्षण हैं।
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उदाहरण – ILS-82 तथा B-77 नस्ल की क्षमता लगभग 200 अंडे प्रति पक्षी प्रति वर्ष है तथा इनका आहार भी अपेक्षाकृत कम है। 12 अंडे उत्पन्न करने के लिए इन्हें 2 किलोग्राम आहार की आवश्यकता होती है जबकि इतने ही अंडे उत्पन्न करने के लिए देशी पक्षी को 6 किलोग्राम आहार की आवश्यकता होती है।

देशी पक्षियों का मांस उत्पादन भी कम होता है। उनको 1 किलोग्राम मांस उत्पन्न करने के लिए 5-6 किलोग्राम आहार देना पड़ता है जबकि उन्नत नस्लों को उतने ही मांस उत्पादन के लिए केवल 2-3 किलोग्राम आहार की आवश्यकता होती है।

उन्नत नस्लों के लाभ-

  1. इनसे कम आहार द्वारा अधिक (अंडों की संख्या) प्राप्त होती है।
  2. इनके द्वारा कम आहार लेने पर भी मांस का उत्पादन अधिक होता है।
  3. ये उन्नत किस्म की नस्लें हैं तथा इनमें प्राकृतिक रूप से रोगों से लड़ने की क्षमता होती है।
  4. इनका आहार ऊर्जा युक्त खाद्य पदार्थों से बनता है इसलिए इनसे प्राप्त उत्पादन भी प्रोटीन ऊर्जा युक्त होते हैं।

प्रश्न 9.
खाद्य उत्पाद प्राप्त करने हेतु पशु-पालन में आवश्यक पद्धतियों को क्रमबद्ध कीजिए।
उत्तर-
पालतू पशुओं से खाद्य उत्पाद प्राप्त करने के लिए पशु-पालन में आवश्यक पद्धतियां निम्नलिखित क्रम में अपनायी जाती हैं-

(i) भरण (Feeding) – पशुओं से अधिक मांस, अंडे तथा दूध आदि खाद्य उत्पाद प्राप्त करने के लिए उनको आवश्यकतानुसार उपयुक्त भोजन, हरा चारा, भूसा, सांद्रित आहार (खल, बिनौला, चना आदि) या विशेष तत्व युक्त भोजन दिया जाता है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने के लिए साफ़ पानी दिया जाता है।

(i) आवास व्यवस्था (Shelter) – गर्मी, सर्दी और वर्षा से उन्हें बचाने, सुविधापूर्वक उठने-बैठने तथा शत्रुओं से सुरक्षा के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाती है। उसमें वायु का संवहन तथा प्रकाश का उचित प्रबंध होना चाहिए। उनके बैठने तथा खड़ा होने का स्थान खुला, सूखा एवं आरामदेय होना चाहिए।

(iii) रोगों से सुरक्षा (Protection from Diseases) – पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए टीके लगवाए जाते हैं और रोग होने पर उचित इलाज करवाया जाता है। पशुओं को अन्तः तथा बाह्य परजीवियों से बचाया जाता है।

(iv) देखभाल (General Care) – कुछ पशुओं की कुछ विशेष आवश्यकताएं होती हैं। उनकी आवश्यकतानुसार देखभाल की जाती है जैसे भैंस को नहलाना, गाय या बैल की त्वचा पर खुरदरा ब्रुश फेरना, व्यायाम के तौर पर घुमाना आदि।

(v) प्रजनन (Breeding) – संकरण, कृत्रिम गर्भाधान, भ्रूण प्रतिरोपण जैसी आधुनिक विधियां अपनाकर ऐच्छिक गुणों वाले पशुओं का जनन तथा नस्लों का सुधार खाद्य उत्पादन वृद्धि के लिए आवश्यक है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
हमारे भोजन के विभिन्न स्रोतों के नाम बताओ।
उत्तर-
पौधे तथा जंतु हमारे भोजन के विभिन्न स्रोत हैं।

  1. पौधों से प्राप्त भोजन – चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, मक्का, दालें, ऑयलसीड, फल, सब्जियां तथा शर्करा आदि हमें पौधों से प्राप्त होती हैं।
  2. जंतुओं से प्राप्त भोजन – दूध, अंडा, मक्खन, मांस, मछली आदि हमें जंतुओं से प्राप्त होती हैं।

प्रश्न 2.
पौधों के पोषक तत्वों के विभिन्न स्त्रोतों की व्याख्या करें।
उत्तर-
वायु, जल तथा मिट्टी से पौधों के विभिन्न पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। इनके स्रोत निम्न सारणी अनुसार हैं-

वायु जल मिट्टी
कार्बन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, (i) वृहत् पोषक – नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, गंधक।
मैंग्नीज़, बोरॉन, ऑक्सीजन (ii) सूक्ष्मपोषण – लौह, जस्ता, तांबा, मालिब्डिनम और क्लोरीन।

प्रश्न 3.
खाद प्रयोग करने के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-खाद प्रयोग करने के लाभ-

  1. मिट्टी में अपघटन के द्वारा कार्बनिक खाद ह्यूमस में परिवर्तित हो जाती है।
  2. खाद में मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ जाती है।
  3. पौधों को वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
  4. कार्बनिक खादें मृदा की नमी को संरक्षित करने में सहायक होती हैं।
  5. खादों के प्रयोग से मृदा प्रदूषण कम होता है।

प्रश्न 4.
भारत में कौन-कौन सी सिंचाई प्रणालियाँ अपनाई जाती हैं ?
उत्तर-
भारतवर्ष में अपनाई जाने वाली विभिन्न सिंचाई प्रणालियां निम्नलिखित हैं-

  1. नहर प्रणाली
  2. तालाब
  3. कुएं तथा ट्यूबवैल
  4. नदी घाटी प्रणाली
  5. नदी जल उठाव प्रणाली।

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प्रश्न 5.
पीडककीट फसलों पर किस प्रकार प्रकोप करते हैं ?
उत्तर-
पीड़ककीट फसलों पर निम्नलिखित प्रकार से प्रकोप करते हैं-

  1. ये फसलों की जड़, तना तथा पत्ती को काटते हैं।
  2. ये फसलों की जड़ तथा तने में छेद करते हैं।
  3. ये पौधों से उनका रस चूसते हैं।

प्रश्न 6.
फसलों पर रोग किस प्रकार फैलते हैं ?
उत्तर-
फसलों पर रोग निम्नलिखित ढंगों द्वारा फैलते हैं-

  1. बीजों द्वारा – ये तना तथा मूल पर आक्रमण से होता है।
  2. मिट्टी द्वारा – ये तना तथा जड़ पर आक्रमण से होता है।
  3. जड़ द्वारा – ये पौधे के तने तथा जड़ पर आक्रमण से होता है।
  4. वायु द्वारा – यह पत्ती, पुष्प तथा फसलों पर आक्रमण द्वारा होता है।

प्रश्न 7.
भंडारण में अनाज की क्षति किन कारणों से होती है ?
उत्तर-
भंडारित दानों के ह्रास के लिए जैविक तथा अजैविक कारक उत्तरदायी हैं-
जैविक कारक – कवक, चूहा, कीट, साइटस तथा जीवाणु जैविक कारक हैं।
अजैविक कारक – ताप तथा नमी अजैविक कारक हैं।

प्रश्न 8.
खरपतवार फसलों को कैसे क्षति पहुँचाते हैं ?
उत्तर-
खेतों में स्वयं उगने वाले अवांछनीय पौधों को खरपतवार कहते हैं । ये भूमि से जल तथा पोषक तत्व आदि ले लेते हैं तथा इस प्रकार फसली पौधों को जल तथा पोषक तत्व न मिलने के कारण उनकी वृद्धि कम हो जाती है और वे नष्ट हो जाते हैं।

प्रश्न 9.
खरपतवार नियंत्रण के विभिन्न उपायों की सूची बनाएँ।
उत्तर-
खरपतवार नियंत्रण के विभिन्न उपाय निम्नलिखित हैं-

  1. हाथों द्वारा – खरपतवारों को हाथों द्वारा निकाल कर उखाड़ दिया जाता है।
  2. खुरपे द्वारा – इनको खुरपे द्वारा या पल्टे द्वारा निकाला जाता है। कुछ खरपतवार तो हल चलाते समय ही नष्ट हो जाते हैं। इनको जड़ सहित ही निकालना चाहिए।
  3. खरपतवार नाशकों द्वारा – आजकल इनको नष्ट करने के लिए खरपतवार नाशकों का छिड़काव किया जाता है। आइसोप्रोटरोन, ऐटेजीन तथा 2-4-डी० मुख्य खरपतवारनाशक हैं।

प्रश्न 10.
खाद की परिभाषा लिखिए। विभिन्न खादें कौन-कौन सी होती हैं और ये मिट्टी को किस प्रकार प्रभावित करती हैं ?
उत्तर-
खाद (Manure) – यह प्राकृतिक पदार्थ है। यह कार्बनिक पदार्थों जैसे कि पौधों के विभिन्न भागों, मृत पदार्थों, जीव जंतुओं आदि के विभिन्न उत्सर्जी अथवा मृत भागों के जीवाणुओं आदि से बनती हैं।

खादें निम्नलिखित प्रकार की होती हैं-
(1) गोबर की खाद (Farm Yard Manure) – इसे एफ० वाई० एम० भी कहते हैं । यह पशुओं के गोबर और मूत्र, उनके नीचे के बिछावन तथा उनके खाने से बचे व्यर्थ चारे आदि जैविक पदार्थों से बनती है। यह सभी खादों में श्रेष्ठ मानी जाती है। इसमें सभी पोषक तत्व होते हैं। यह मिट्टी में पौधे के लिए आवश्यक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के अतिरिक्त मिट्टी की भौतिक, जैविक तथा रासायनिक दशा को भी सुधारती है। इसमें 0.5% नाइट्रोजन, 0.2% फॉस्फोरस तथा 0.05% पोटाश होती है।

(2) कंपोस्ट खाद (Compost Manure) – यह खाद पौधे और उनके अवशेष पदार्थों, कूड़े-कर्कट, पशुओं के गोबर, मनुष्य के मल-मूत्र आदि कार्बनिक पदार्थों के जीवाणु तथा कवकों की क्रिया द्वारा तैयार की जाती है। यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को स्थिर रखने, बढ़ाने तथा पुनः प्राप्त करने के लिए उपयोगी है।

(3) हरी खाद (Green Manure) – फसलों को उगाकर उन्हें फूल आने से पहले ही हरी अवस्था में खेत में जोतकर सड़ा देने को हरी खाद कहते हैं। यह भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती है। हरी खाद के लिए दलहनी फसलें अधिक उपयोगी हैं। दलहनी फसलों की जड़ों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु होते हैं जो भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाते हैं।

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प्रश्न 11.
हरी खाद क्या होती है ? हरी खाद के लिए उपयुक्त फसलों के नाम बताइए।
उत्तर-
हरी खाद (Green Manure) – फसलों को उगाकर उन्हें फूल आने से पूर्व ही हरी अवस्था में खेत में जोतकर सड़ा देने को हरी खाद कहते हैं। यह मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती है। इसके लिए दलहनी फसलें अधिक उपयोगी हैं। इन फसलों की जड़ों में पाई जाने वाली ग्रंथिकाओं में नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु पाए जाते हैं। इनसे भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा में वृद्धि होती है तथा जैविक पदार्थ भी मिल जाते हैं जो भूमि के गठन में सुधार करते हैं।
उदाहरण – सनई, लैंचा, ग्वार, बरसीम, मूंग, लोबिया आदि मुख्य हरी खाद की फसलें हैं।

प्रश्न 12.
उर्वरक क्या होते हैं ? उर्वरकों को उपयुक्त उदाहरण देकर वर्गीकृत करिए।
उत्तर-
उर्वरक (Fertilizers) – ऐसी कृत्रिम रासायनिक खाद जो मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करती है, उसे उर्वरक कहते हैं।

उर्वरक निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-

  1. नाइट्रोजन देने वाले उर्वरक – ये उर्वरक भूमि को नाइट्रोजन देते हैं। यूरिया, अमोनियम सल्फेट, कैल्शियम, अमोनियम नाइट्रेट, नाइट्रोजन देने वाले उर्वरक हैं।
  2. फॉस्फोरस देने वाले उर्वरक – ये उर्वरक भूमि को फॉस्फोरस देने का मुख्य स्रोत हैं। सुपर फॉस्फेट, ट्रिपल सुपर फॉस्फेट और डाइकैल्शियम फॉस्फेट फॉस्फोरस देने वाले उर्वरक हैं।
  3. पोटैशियम देने वाले उर्वरक – ये उर्वरक भूमि को पोटैशियम देते हैं। पोटैशियम सल्फेट तथा पोटैशियम क्लोरेट पोटैशियम देने वाले उर्वरक हैं।
  4. मिश्रित उर्वरक – ये उर्वरक, भूमि को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम देते हैं। नाइट्रोफॉस्फेट, अमोनियम फॉस्फेट तथा यूरिया महत्त्वपूर्ण मिश्रित उर्वरक हैं।

प्रश्न 13.
भारत में विभिन्न सिंचाई प्रणाली क्या है ? खेत में दिए गए जल की क्षमता कैसे बढ़ाई जाती है ?
उत्तर-
भारत में सिंचाई की प्रणालियां – फसलों को कृत्रिम रूप से पानी देने की क्रिया को सिंचाई करना कहते हैं। भारत में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग वर्षा होती है। अनियमित वर्षा होने के कारण फसलों को कृत्रिम रूप से जल देना अति आवश्यक है। भारत में सिंचाई की मुख्य प्रणालियां निम्नलिखित हैं-

(1) नहर प्रणाली (Canal System) – इस प्रणाली में नदियों से जल नहरों में डाला जाता है । इनको फिर छोटी माइनरों में बांट दिया जाता है । इसके पश्चात् समयानुसार जल को खेतों में बांट दिया जाता है। नहर द्वारा सिंचाई वाले क्षेत्रों में चक्र प्रणाली का भी प्रयोग किया जाता है ताकि सभी खेतों को सिंचाई के लिए ठीक मात्रा में जल उपलब्ध हो सके।

(2) तालाब (Tanks) – वर्षा के जल को छोटे-छोटे भंडारों में भर लिया जाता है। छोटे-छोटे बांध भी बनाए जाते हैं। इन में से जल के बाहर निकलने को रोकने का प्रबंध भी किया जाता है। तालाबों में एकत्रित जल को नियमानुसार खेतों में दिया जाता है।

(3) कुएं तथा नलकूप (Wells and Tubewells) – कुएं तथा नलकूप भूमिगत जल को निकालते हैं। कुएं दो प्रकार के होते हैं-डिग कुआं तथा ट्यूबवैल। डिग कुओं में से बैलों द्वारा भूमिगत जल को खींचकर निकाला जाता है। ट्यूबवैल विद्युत् की सहायता से चलते हैं।

(4) नदी घाटी प्रणाली (River Valley System) – जिन स्थानों पर जल की मात्रा अधिक होती है, वहां पर इस विधि का प्रयोग किया जाता है। पश्चिमी घाट कर्नाटक में जहां वर्षा बहुत अधिक होती है। यहां पर जल घाटियों में भर जाता है। इस जल में खेतों से आवश्यकतानुसार सिंचाई की जाती है।

(5) जल उठाव प्रणाली (River Lift System) – इस प्रणाली में नदियों से जल निकाला जाता है। इस जल से खेतों में सिंचाई की जाती है।
कृषि में प्रयोग होने वाले जल की क्षमता को जल का सही तथा समयानुसार ठीक ढंग से प्रयोग करके बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न 14.
फसल उत्पादन में कौन-कौन से पीड़क जीव होते हैं ? पीड़क जीवों के उन्मूलन के उपाय बताइए।
उत्तर-
पीड़क (Pests) – फसलों को हानि पहुँचाने वाले तथा खाने वाली वस्तुओं को नष्ट करने वाले जीवों को पीड़क कहते हैं। हमारे देश में कुल उत्पादन का लगभग 20% प्रतिवर्ष पीड़कों द्वारा नष्ट कर दिया जाता है।

पीड़कों के उन्मूलन के उपाय – पीड़कों के उन्मूलन के लिए निम्नलिखित उपाय ध्यान में रखने चाहिएं-

  1. पीड़क रोधी फसलें उगानी चाहिएं।
  2. रबी की फसलें अधिक उगानी चाहिएं।
  3. जैविक नियंत्रण तथा खरीफ की फसलें कम उगानी चाहिएं।
  4. टैप फसलों की स्वच्छ कृषि करनी चाहिए।
  5. फसल चक्र अपनाना चाहिए।

प्रश्न 15.
रबी और खरीफ फसलें क्या होती हैं ?
उत्तर-
फसलें ऋतुओं के अनुसार दो प्रकार की होती हैं-
(1) रबी फसलें
(2) खरीफ फसलें।

(1) रबी फसलें – कुछ फसलें जो शीत ऋतु में उगाई जाती हैं जो नवंबर से अप्रैल मास तक होती हैं ? इन फसलों को रबी फसलें कहते हैं। उदाहरण-गेहूँ, चना, मटर, सरसों तथा अलसी इत्यादि।

(2) खरीफ फसलें – कुछ फसलें जो वर्षा ऋतु में उगाई जाती हैं जो जून से आरंभ होकर अक्तूबर मास तक होती हैं । इन फसलों को खरीफ फसलें कहते हैं। उदाहरण-धान, सोयाबीन, अरहर, मक्का, मूंग तथा उड़द इत्यादि।

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प्रश्न 16.
कार्बनिक खेती क्या होती है ?
उत्तर-
कार्बनिक खेती – यह खेती करने की वह पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरक, पीड़कनाशी इत्यादि का उपयोग बहुत कम होता है। इस पद्धति में अधिक-से-अधिक कार्बनिक खाद कृषि अपशिष्ट का पुनर्चक्रण, जैविक कारक जैसे कि नील-हरित शैवाल का संवर्धन, जैविक उर्वरक बनाने में उपयोग किया जाता है। नीम की पत्तियों तथा हल्दी से जैव कीटनाशकों के रूप में खाद्य संग्रहण में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 17.
भंडारण में अनाज को क्षति पहुँचाने वाले कारकों का ब्यौरा दीजिए।
उत्तर-
अनाज के भंडारण को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं-

  1. जैविक कारक (Biotic Factors) – इसमें चूहे, पक्षी, पशु, कीट, सूक्ष्मजीव आदि आते हैं। ये सभी अनाज तथा भंडारित खाद्य पदार्थों को नष्ट करते हैं।
  2. अजैविक कारक (Abiotic Factors) – प्राकृतिक या निर्जीव घटक कृषि तथा भोजन को प्रभावित करते हैं।

निम्नलिखित अजैविक कारक भंडारण काल में खाद्य पदार्थों को खराब करते हैं-

  1. तापमान
  2. हवा में नमी
  3. खाद्य पदार्थों में नमी
  4. बर्तन का पदार्थ।
    ताप, आर्द्रता, नमी आदि अजैविक घटक फलों तथा सब्जियों को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 18.
पौधों की वृद्धि के लिए उन पोषक तत्वों को लिखिए जिनकी उन्हें अत्यधिक तथा अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है।
उत्तर-
हरे पौधों को 16 वनस्पति तत्वों की आवश्यकता होती है जिनको पोषक तत्व कहते हैं। इनको हम दो वर्गों में विभाजित करते हैं-

  • वृहत पोषक तत्व (Macronutrients) – जिन तत्वों की आवश्यकता बहुत अधिक होती है उन्हें वृहत् पोषक तत्व कहते हैं । वृहत पोषक तत्वों के नाम कार्बन, नाइट्रोजन, कैल्शियम, हाइड्रोजन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, ऑक्सीजन, पोटैशियम, सल्फर।
  • सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) – जिन तत्वों की थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्व कहते हैं। उनके नाम हैं-लोहा, जिंक, क्लोरीन, मैंगनीज़, बोरान, तांबा, मोलिबिडेनम।

प्रश्न 19.
नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण को किस प्रकार प्रभावित करता है ?
उत्तर-
आवश्यकता से अधिक नाइट्रोजन का उपयोग मृदा तथा जल में नाइट्रेट का सांद्रण बढ़ा देता है। नाइट्रेट युक्त जल पीने योग्य नहीं होता। जब यह तालाबों, नदियों, झीलों जैसे जल भंडारों में पहुंचता है तो शैवाल की वृद्धि की दर बढ़ जाती है जिससे जल में घुली ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। परिणामस्वरूप जलीय जीवन की मृत्यु हो जाती है। इस प्रकार तालाबों अथवा झीलों में ऑक्सीजन की मात्रा का कम होना पर्यावरण को विषैला बनाता है। इस प्रक्रिया को सुपोषण (Eutrophication) कहते हैं।

प्रश्न 20.
अधिक सिंचाई से होने वाली हानियां लिखिए।
उत्तर-
अधिक सिंचाई से होने वाली हानियां-

  1. अधिक सिंचाई से बीजों का अंकुरण ठीक नहीं होता।
  2. अधिक सिंचाई से खेत में पानी के खड़े रहने से मिट्टी में वायु संचार की कमी होती है जिससे पौधों की वृद्धि ठीक प्रकार से नहीं होती।
  3. अधिक सिंचाई से फसल नष्ट होती है, पैदावार कम होती है तथा अमूल्य पानी भी बेकार जाता है।

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प्रश्न 21.
सिंचाई मिट्टी की प्रकृति पर किस प्रकार निर्भर करती है ? उदाहरण देकर लिखिए।
उत्तर-
सिंचाई की आवश्यकता मिट्टी की प्रकृति पर भी निर्भर करती है। जैसे-चिकनी मिट्टी की पारगम्यता कम होती है अर्थात् चिकनी मिट्टी में पानी अधिक देर तक खड़ा रह सकता है। इसलिए चिकनी मिट्टी में सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। रेतीली मिट्टी की उच्च पारगम्यता के कारण इसमें पानी रोकने की क्षमता कम होती है। अतः इस प्रकार की मिट्टी की सिंचाई की आवश्यकता अधिक होती है।

प्रश्न 22.
कृषि में पानी की उपलब्धि बढ़ाने के लिए क्या किया जाता है ?
उत्तर-
इसके लिए आधुनिक विधियों का जैसे वर्षा के पानी का संग्रहण तथा जल विभाजन का उचित प्रबंधन द्वारा उपयोग किया जाता है। इसके लिए छोटे बाँध बनाए जाते हैं जिससे कि भूमि के नीचे जलस्तर बढ़ जाए। ये छोटे बांध वर्षा के पानी को बहने से रोकते हैं तथा मृदा अपरदन को भी कम करते है।

प्रश्न 23.
खरपतवार किसे कहते हैं ? इसके कुछ उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
खरपतवार- ऐसे अवांछनीय पौधे जो फसलों के साथ स्वयं उग आते हैं उन्हें खरपतवार कहते हैं। इनकी प्रमुख किस्में हैं-जंगली ओट, जावी, घास, चौलाई, बथुआ तथा हिरन खुरी। चौलाई एक ऐसी खरपतवार है जो लगभग सभी फसलों के साथ उगती है। कई ऐसे खरपतवार भी हैं जिन्हें बार-बार निकालने पर भी उनका नाश नहीं होता है।

प्रश्न 24.
खरपतवार से क्या हानियां होती हैं ? इन्हें नियंत्रण में करने के उपाय लिखिए।
उत्तर-
खरपतवार की हानियां-

  1. खरपतवार स्वयं बढ़ने के लिए मिट्टी से पोषक तत्वों को ले लेते हैं जिसके परिणामस्वरूप फसलों को पूर्ण रूप से पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते, अतः पैदावार कम होती है।
  2. ये खरपतवार कम समय में ही बहुत अधिक बढ़ जाते हैं जिससे फसल कम होती है।
  3. इनको निकालने और नष्ट करने में समय भी व्यर्थ जाता है।

खरपतवार को नियंत्रित करने के उपाय-

  1. इन को खुरपे या पल्टे द्वारा निकाला जाता है। कुछ तो हल चलाते समय नष्ट हो जाते हैं। इनको सदैव जड़ सहित ही निकालना चाहिए।
  2. आजकल खरपतवार नाशकों (Weedicides) का छिड़काव करते हैं जो फसलों को तो प्रभावित नहीं करते परंतु खरपतवार को आसानी से नष्ट कर देते हैं।

प्रश्न 25.
पीड़कनाशियों का प्रयोग करते समय सावधानी रखना आवश्यक है, क्यों ?
उत्तर-
पीड़कनाशियों का हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। पीड़कनाशियों का त्वचा, श्वसन संस्थान पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि पीड़कनाशियों का अपघटन सरल तथा हानि रहित पदार्थों में न हो तो यह मिट्टी तथा पानी मिल जाता है जिससे पौधे उन्हें ग्रहण करते हैं जिनका उपयोग मानव और जंतुओं द्वारा करने पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इनका छिड़काव करते समय हाथों पर रबड़ के दस्ताने पहनने चाहिए तथा चेहरे और नाक पर कपड़ा अवश्य बांधना चाहिए।

प्रश्न 26.
हरित क्रांति के लाभ और हानियां लिखिए।
उत्तर-
हरित क्रांति के लाभ-

  1. इससे देश अन्न उत्पादन में आत्म-निर्भर हो गया है।
  2. इससे अनाज का पर्याप्त सुरक्षित भंडार एकत्रित हो गया।
  3. भंडार से प्राकृतिक विपदाएं आने की स्थितियों का सामना आसानी से कई बार किया जा चुका है।
  4. इसने किसान की जीवन-पद्धति तथा आर्थिक स्तर को बदल दिया।
  5. इसने कृषि को उद्योग का रूप दिया जिससे अनेक क्षेत्रों को विकास के लिए आधार प्राप्त हुआ।

हरित क्रांति की हानियाँ-

  1. हरित क्रांति से किसान की उर्वरकों पर निर्भरता बढ़ गई।
  2. अधिक जल आवश्यकता के कारण प्राकृतिक जल संपदा का कृत्रिम तरीकों से दोहन किया गया है।
  3. इससे पीड़कनाशकों पर निर्भरता बढ़ गई।
  4. उर्वरकों, पीड़कनाशकों के अधिक उपयोग ने मानव तथा पशु के स्वास्थ्य को सीधा प्रभावित किया है।

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प्रश्न 27.
भंडारण के दौरान अजैविक कारकों से खाद्यान्नों को किस प्रकार क्षति पहंचती है ?
उत्तर-
खाद्यान्नों का भंडारण करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक होता है कि दाने में नमी की मात्रा 14% से अधिक न हो। नमी की अधिक मात्रा से खाद्यान्नों का आकार बढ़ जाता है। जिसमें इनमें रासायनिक एवं भौतिक परिवर्तनों की दर बढ़ जाती है जो उनमें उपस्थित सूक्ष्म जीवों एवं एंजाइमों की अभिक्रियाओं द्वारा होती है। नमी की मात्रा में वृद्धि से कीटों, जीवाणुओं तथा अन्य सूक्ष्म जीवों की संख्या तथा उनकी सक्रियता की दर भी तीव्र गति से बढ़ती है। इन्हीं कीटों के श्वसन द्वारा उत्पन्न ऊष्मा खाद्यान्नों का ताप बढ़ा देती है।

नमी की अधिक मात्रा तथा उच्च ताप से फफूंदी की दर बढ़ जाती है। खाद्यान्नों में नमी की मात्रा 14% से बढ़कर 18% हो जाती है। इन नमतापन या आर्द्र अन्नतापन से बीजों के आगामी अंकुरण पर प्रभाव पड़ता है तथा खाद्यान्नों के गुण भी कम हो जाते हैं।

प्रश्न 28.
उन प्रमुख कीटों के नाम लिखो जो भंडारित खाद्य पदार्थों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह भी लिखिए कि वे कैसे नुकसान पहुँचाते हैं ?
उत्तर-
खाद्य पदार्थ कीट, कृमि तथा सूक्ष्म जीवों द्वारा खराब हो जाते हैं । इन जीवों के द्वारा हुए आक्रमण को ग्रसन (infestation) कहते हैं। इनका आकार अत्यंत छोटा होता है। इनमें घुन, ग्रेनबोरर, रेडफ्लोर बीटल, एलमोंड, मोथ-सी, टोथैड बीटल आदि प्रमुख हैं। यह खाद्य पदार्थों के पोषक तत्वों को नष्ट कर देते हैं तथा उनको जालों, ककून तथा मृत शरीर द्वारा दूषित करते हैं।

प्रश्न 29.
भविष्य में खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति हम कैसे कर सकते हैं ? ।
उत्तर-
भविष्य में खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति की एक ही विधि है कि हम अपने उत्पादन को बढ़ाएं। इसके लिए हमें फसल चक्र, बहु-फसलीय खेती, मिश्रित खेती, फसलों तथा जंतुओं की उच्च उपजी किस्मों का प्रयोग करना चाहिए। हमें पीड़कनाशकों, कीटनाशकों तथा कवकनाशकों आदि का प्रयोग करना चाहिए। हमें अधिक उपज लेने के लिए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 30.
अंतर्फसली की परिभाषा लिखिए।
उत्तर-
अंतर्फसली (Inter Cropping) – किन्हीं दो फसलों को निश्चित ढंग से पंक्तियों में उगाने की विधि को अंतर्फसली कहते हैं। इनका उद्देश्य उत्पादन को बढ़ाना तथा समय की बचत करना है।

प्रश्न 31.
फसल चक्र क्यों अपनाना चाहिए ?
उत्तर-
फसल चक्र – एक ही खेत में प्रतिवर्ष अनाज तथा फलीदार पौधों को अदल-बदल कर एक के बाद एक फसल को उगाने की विधि को फसल चक्र कहते हैं । हमें फसल चक्र को निम्नलिखित कारणों से अपनाना चाहिए-

  1. खेत में एक ही फसल बार-बार उगाने से मिट्टी की उर्वरता शक्ति कम हो जाती है। इसे बनाए रखने के लिए फसलों को अदल बदल कर बोना चाहिए।
  2. फसल चक्र से उत्पादन बढ़ जाता है।
  3. फसल चक्र पौधों की बीमारियों को नियंत्रित करता है।

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प्रश्न 32.
मिश्रित फसली किसे कहते हैं ? मिश्रित फसली के क्या लाभ हैं ?
उत्तर-
मिश्रित फसली (Mixed Cropping) – एक ही खेत में एक ही मौसम में दो या दो से अधिक फसलों को उगाने की विधि को मिश्रित फसली कहते हैं। मिश्रित फसली के लाभ-

  1. इसमें किसान के समय तथा परिश्रम की बचत होती है।
  2. इसमें उत्पादन व्यय कम होता है क्योंकि एक ही फसल को उर्वरक, पानी आदि देने पर सभी फसलों को मिल जाता है।
  3. फसलों के भिन्न-भिन्न समय पर पकने के कारण किसान अपना कार्य स्वयं कर लेता है।
  4. फसलों की जड़ें मिट्टी को ऊपर तक बांधकर रखती हैं जिससे भूमि अपरदन नहीं होता।
  5. भूमि में पाए जाने वाले पोषक तत्वों का ठीक ढंग से उपयोग होता है।
  6. सीमित भूमि से अधिक आय होती है।

प्रश्न 33.
मिश्रित फसली के उद्देश्य बताइए।
उत्तर-
मिश्रित फसली के उददेश्य-मिश्रित फसली के उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

  1. फसल के नष्ट होने की अवस्था में जोखिम को कम करना।
  2. फसल पर आने वाले व्यय को कम करना।
  3. किसान तथा उसके परिवार को संतुलित आहार देना।

प्रश्न 34.
अंतर्फसली क्या है ? यह मिश्रित फसली से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर-
अंतर्फसली (Inter Cropping) – एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों को एक विशेष पंक्ति पैटर्न में उगाने की विधि को अंतर्फसली कहते हैं।

अंतर्फसली तथा मिश्रित फसली में अंतर

अंतर्फसली (Inter Cropping) मिश्रित फसली (Mixed Cropping)
(1) यह खेत की उत्पादकता में वृद्धि करती है। (1) यह खेत में फसल की हानि को कम करती है।
(2) इसमें पीड़कनाशियों का प्रयोग आसान है। (2) इसमें पीड़कनाशियों का प्रयोग कठिन होता है।
(3) इसमें पंक्तियां निश्चित क्रम में होती हैं। (3) इसमें पंक्तियां निश्चित क्रम में नहीं होती।
(4) इसमें बीजों को बोने से पहले नहीं मिलाया जाता। (4) इसमें बीजों को बोने से पहले मिलाया जाता है।
(5) फसल की कटाई तथा थैशिंग आसानी से हो जाती है। (5) फसल की कटाई तथा थैशिंग कठिन होती है।
(6) फसल उत्पाद अलग-अलग एकत्रित किए जाते हैं। (6) फसल के उत्पाद मिश्रण के रूप में प्राप्त होते
(7) उर्वरकों का आवश्यकतानुसार प्रयोग होता है। (7) उर्वरकों की आवश्यकता नहीं होती।

प्रश्न 35.
कुछ मुख्य मिश्रित फसली क्रियाओं के उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
कुछ मुख्य मिश्रित फसली क्रियाएं निम्नलिखित अनुसार हैं-

  1. गेहूँ + सरसों
  2. मक्का + उड़द
  3. अरहर + मूंगबीन
  4. मूंगफली + सूर्यमुखी
  5. ज्वार + अरहर
  6. गेहूँ + चना
  7. जौ + चना
  8. सोयाबीन + अरहर।

प्रश्न 36.
संकरण के लाभ बताओ।
उत्तर-
संकरण के लाभ-

  1. ये पौधे पर्यावरण के प्रति अनुकूलित होते हैं।
  2. ये छोटे होते हैं। इसलिए इन पर तेज़ हवाओं का कोई प्रभाव नहीं होता।
  3. इन पौधों में वांछित लक्षण पाए जाते हैं।
  4. इन पौधों से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जाता है अर्थात् ये अच्छी उपज देते हैं।

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प्रश्न 37.
उच्च उपजी किस्मों की तीन हानियां बताओ।
उत्तर-
उच्च उपजी किस्मों की हानियां-

  1. ये बहुत कम मात्रा में चारा देती हैं।
  2. इन्हें जल्दी-जल्दी खरपतवारनाशकों तथा पीड़कनाशकों की आवश्यकता होती है।
  3. इससे मिलने वाले पदार्थ उच्च प्रकार के होते हैं।

प्रश्न 38.
कुक्कट की नई किस्में क्यों विकसित की जाती हैं ?
उत्तर-
निम्नलिखित गुणों के कारण कुक्कट की नई किस्में विकसित की जाती हैं-

  1. चूजों की संख्या और गुणवता।
  2. छोटे कद के ब्रोलर माता-पिता द्वारा चूजों के व्यावसायिक उत्पादन हेतु।
  3. गर्मी अनुकूलन क्षमता उच्च तापमान को सहने की क्षमता।
  4. देखभाल में कम खर्च की आवश्यकता।
  5. अंडे देने वाले तथा ऐसी क्षमता वाले पक्षी जो कृषि के उपोत्पाद से प्राप्त सस्ते, रेशेदार आहार का उपभोग कर सकें।

प्रश्न 39.
किन्हीं दो भारतीय नस्लों के नाम लिखिए-
(i) गाय तथा
(ii) भैंस।
उत्तर-
गाय की भारतीय नस्लें – रैड सिंधी, गिर, साहीवाल।
भैंस की भारतीय नस्लें – मुर्रा, मेहसाना, सूरती।

प्रश्न 40.
विदेशज नस्ल की दो गायों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. इंग्लैंड की जर्सी
  2. स्विट्जरलैंड की ब्राऊन स्विस।

प्रश्न 41.
गाय की उन्नत संकर नस्लों के नाम लिखो।
उत्तर-

  1. करण स्विस
  2. करण फ्राइज
  3. फ्रीशियन साहीवाल।

प्रश्न 42.
गाय, मुर्गी तथा मछलियों के दो-दो संक्रामक रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर-

जंतु संक्रामक रोग
(i) गाय (i) एंथैक्स तथा (ii) मुँह और खुर के रोग।
(ii) पोल्ट्री (मुर्गी) (i) फाउल पॉक्स, (ii) एस्परजीलोसिस।
(iii) मछली (i) वायरल हिर्मोहिजीक सेप्टीसेमिया (ii) संचारी पैंक्रियाटिक नेरकोसिस

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प्रश्न 43.
पशुओं में संकरण किस प्रकार उपयोगी है ?
उत्तर-

  1. इनसे पशुओं में दूध देने की मात्रा में वृद्धि होती है।
  2. इनसे पशुओं के दूध देने के काल में वृद्धि होती है।
  3. क्रास संकरण से उत्पन्न होने वाले पशु अधिक चुस्त तथा फुर्तीले होते हैं।

प्रश्न 44.
दो प्रकार की भारतीय मछलियों के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. समुद्री मछली – प्रोस्फेट तथा जालमन।
  2. मृदु जल मछली – रोहू तथा कतला।

प्रश्न 45.
मछलियों के अतिरिक्त अन्य समुद्री खाद्य के नाम लिखिए।
उत्तर-
लोबस्टर, केंकड़े, थ्रिरपस, आयस्टर तथा झींगा मछली कुछ मुख्य समुद्रीय भोजन हैं।

प्रश्न 46.
जानवरों में होने वाले रोगों की रोकथाम हेतु कुछ उपाय बताइए।
उत्तर-
जानवरों में होने वाले रोगों की रोकथाम हेतु उपाय-

  1. पशुओं को अच्छे, स्वच्छ तथा वायुवीय स्थान पर रखना चाहिए।
  2. पोषक भोजन तथा स्वच्छ जल देना चाहिए।
  3. पशुओं को नियमित रूप से नहलाना चाहिए।
  4. पशुओं का नियमित रूप से टीकाकरण करना चाहिए।
  5. पशुओं के आश्रय पर कीटनाशकों का छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 47.
किन उपायों द्वारा देश में जंतु स्त्रोत से प्राप्त खाद्य उत्पाद को बढ़ाया जा सकता है ?
उत्तर-
देश में जंतु स्रोत से प्राप्त खाद्य उत्पादों को निम्नलिखित उपायों द्वारा बढ़ाया जा सकता है-

  1. पशुओं को हवादार, सुरक्षित तथा साफ़-सुथरे आश्रय स्थलों में रखना चाहिए।
  2. पशुओं को अच्छा तथा संतुलित आहार देना चाहिए जिसमें सभी पोषक तत्व ठीक अनुपात में हों।
  3. पशुओं में संकरण, वीर्य सेचन, भ्रूण स्थानांतरण आदि की विधियों को अपनाना चाहिए ताकि इनमें मिलने वाली दूध की मात्रा अधिक हो।
  4. पशुओं को नियमित रूप से नहलाना चाहिए तथा टीकाकरण करना चाहिए।
  5. पशुओं के मल-मूत्र का ठीक प्रकार से विसर्जन करना चाहिए।

प्रश्न 48.
पशु-पालन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
पशु-पालन – पशुओं के पालन-पोषण की विभिन्न पद्धतियां मिल जुलकर पशु-पालन कहलाती हैं। खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने वाले जंतुओं को पालने के लिए अनेक विधियां अपनाई जाती हैं। इन पद्धतियों में मुख्य रूप से खाना-पिलाना (feeding), पालन-पोषण तथा प्रजनन आता है। विभिन्न विधियों द्वारा पालतू जानवरों की उपयोगिता बढ़ाई जाती है। पशु-पालन में मुख्य रूप से दूध देने वाले, मांस, मछली, अंडे देने वाले, घर या खेतों में कार्य करने वाले जानवर आते हैं । जंतु स्वयं भोजन का निर्माण नहीं कर सकते, इसलिए इनके भोजन की व्यवस्था, आवास तथा स्वास्थ्य की व्यवस्था करना आदि पशु-पालन की पद्धतियां हैं।

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प्रश्न 49.
कार्योपयोगी पशु किन्हें कहते हैं ? किन्हीं दो के नाम बताइए।
उत्तर-
कार्योपयोगी पशु – जिन पशुओं का उपयोग सवारी, भार ढोने तथा खेतों की प्रक्रियाओं को करने के लिए किया जाता है उन्हें कार्योपयोगी पशु कहते हैं जैसे-घोड़ा, बैल, ऊंट, खच्चर, कुत्ता आदि मुख्य कार्योपयोगी पशु हैं । बैल खेतों में हल जोतने के काम आता है। घोड़े, बैल, ऊंट का उपयोग लोगों तथा सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने-ले जाने के लिए किया जाता है। गधा तथा खच्चर भार ढोने के काम आते हैं। कुत्ता हमारे घरों तथा खेतों की रखवाली करता है।

प्रश्न 50.
रुक्षांश किसे कहते हैं ? पशु इसे कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
रुक्षांश (Roughage) – पशुओं के आहार में उपस्थित रेशायुक्त खुरदरी तथा कम पोषण वाली घास-फूस को रुक्षांश कहते हैं। पशु इन्हें सूखे भूसे, घास आदि के रूप में प्राप्त कर लेते हैं। घास, हरा चारा तथा रेशायुक्त पदार्थों में भी रुक्षांश प्राप्त होते हैं। एक गाय को औसतन 15-20 किलो हरा चारा तथा सूखी घास देने से रुक्षांश की मात्रा उपलब्ध हो जाती है।

प्रश्न 51.
दुग्धधारी पशुओं में आहार उनके उत्पादन को किस प्रकार प्रभावित करता है ?
उत्तर-
पशुओं के आहार की आवश्यकता उनकी आंतरिक संरचनाओं तथा प्रथम अमाशय की कार्य क्षमता के आधार पर की जाती है। किसी पशु का दुग्ध उत्पादन मुख्यतः उसको दिए गए आहार के गुणों पर निर्भर करता है। अपुष्ट अथवा अल्पपुष्ट पशु आहार पशुओं में कम दूध के कारण होते हैं। हमारे देश में पशुओं द्वारा कम मात्रा में दूध देने का कारण यही है कि उन्हें आहार उचित मात्रा में प्राप्त नहीं होता। एक दूध देने वाली गाय को प्रतिदिन 15-20 किलोग्राम हरा चारा, सूखी घास तथा लगभग 4-5 किलोग्राम दाना आदि आवश्यक होता है। इसके साथ-साथ 32 लिटर पानी प्रतिदिन की आवश्यकता होती है। पशुओं में दूध की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है यदि उन्हें रूक्ष-अंश के अतिरिक्त कुछ सांद्र पदार्थ जैसे बिनौले, तिलहन, खल तथा कुछ अन्न-चना, बाजरा आदि प्रतिदिन दिया जाए। इन सांद्र पदार्थों में एकसे-अधिक पोषक तत्व होते हैं जिनसे दुग्ध उत्पादन बढ़ता है तथा उसका गुण भी बढ़ता है। अच्छी नस्ल के पशुओं को अच्छा आहार देकर उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।

प्रश्न 52.
पशु स्वास्थ्य की देखभाल के लिए किन तीन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर-

  • भरण – पशुओं का भोजन उनकी आंतरिक संरचनाओं तथा प्रथम अमाशय की कार्यक्षमता तथा उनके आहार एवं चारे के पोषण संबंधी गुणों के आधार पर करना चाहिए।
  • आवास – पशु आवास व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें पर्याप्त प्रकाश, हवा तथा जल उपलब्ध हो तथा सफ़ाई का विशेष प्रबंध हो।
  • रोगों से बचाव – पशुओं पर परजीवियों या रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं से रोग उत्पन्न हो जाते हैं विशेषकर जीवाणु, विषाणु तथा फफूंद। पशुओं को इनसे बचाने के लिए टीके लगाए जाने चाहिएं।

प्रश्न 53.
उन विदेशी मुर्गियों के नाम लिखो जिनका भारतीय नस्लों के साथ संकरण किया गया है। भारतीय मुर्गियों की दो नस्लों के नाम लिखो।
उत्तर-
भारतीय या देशी मुर्गियों की दो नस्लें असील तथा बसारा हैं जो छोटी, कम अंडे देने वाली परंतु पुष्ट होने के साथ-साथ रोगों से लड़ने की भी क्षमता रखती हैं। इनका संकरण विदेशी नई नस्लों व्हाइट लैंगहार्न तथा रोडेआलैंड रैड (उच्च उत्पादन वाली) के साथ किया गया है। इस प्रकार प्राप्त नस्ल में दोनों वांछनीय गुण होते हैं।

प्रश्न 54.
कुक्कुट आहार के रूप में प्रयोग होने वाले खादयान्नों के नाम लिखिए।
उत्तर-
कुक्कुट आहार के रूप में मुख्यतः पिसा हुआ अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, गेहूं, मक्का, चावल की भूसी तथा मूंगफली की खल होते हैं।

प्रश्न 55.
पशु संकरण के लिए किन-किन विशेषताओं को ध्यान में रखना चाहिए ?
उत्तर-
पशु-प्रजनन या पशु संकरण के लिए हमें नर तथा मादा पशुओं की अग्रलिखित विशेषताओं या लक्षणों को ध्यान में रखना चाहिए-

  1. संकरण से पहले नस्लों का अध्ययन करना चाहिए।
  2. वांछित गुणों का अध्ययन किया जाए।
  3. दुग्ध स्रावण अवधि, प्रजनन अवधि, पोषण संबंधी आवश्यकताएँ जाननी चाहिएं।
  4. जलवायु परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता, रोगों से लड़ने की क्षमता तथा उत्पादन का ज्ञान होना चाहिए।
  5. संकरण कराए जाने वाले पशुओं का संभोग मंदकाल (heat period) जानना आवश्यक है।
  6. स्वस्थ एवं पुष्ट जीवों का ही चयन संकरण के लिए किया जाए।
  7. संचित वीर्य की जाँच के बाद ही संकरण कराया जाना चाहिए।

प्रश्न 56.
उत्पादन में वृद्धि हेतु पशु प्रजनन में क्या सुधार आवश्यक हैं ?
उत्तर-

  1. पशुओं का चयनात्मक प्रजनन जिनमें आवश्यक वांछनीय लक्षण हो।
  2. दो विभिन्न नस्लों के संकरण से ऐसी नस्ल तैयार करना जिसमें दोनों नस्लों के गुण विद्यमान हों।
  3. पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए विकसित पशुपालन पद्धतियों को अपनाया जाना चाहिए।

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प्रश्न 57.
ऑपरेशन फ्लड तथा सिल्वर रिवोल्यूशन कार्यक्रम किस प्रयोजनाओं से संबंध रखते हैं ? उनका उद्देश्य क्या है ?
उत्तर-
ऑपरेशन फ्लड (Operation flood) तथा सिल्वर रिवोल्यूशन (Silver revolution) कार्यक्रम दूध तथा अंडों के उत्पादन से संबंध रखते हैं। इन योजनाओं द्वारा दूध तथा अंडों के उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि लाना, इनका उद्देश्य है।

प्रश्न 58.
मछली किस प्रकार खाद्य पदार्थ के रूप में ठीक समझी जाती है ? .
उत्तर-
मछली तथा समुद्र से प्राप्त अन्य पदार्थ प्रोटीन युक्त होते हैं। इनमें वसा, तेल, आयोडीन आदि पोषक पदार्थ होते हैं। मत्स्य उत्पादन में भारत का विश्व में आठवां नंबर है। हिंद महासागर के तटीय क्षेत्र में मत्स्य भंडार के 45% भाग का दोहन होता है। आजकल मत्स्य पालन भी एक व्यवसाय बन चुका है।

प्रश्न 59.
खारे जल तथा मीठे जल की मछलियों की दो किस्मों के नाम बताइए।
उत्तर-
खारे जल (समुद्र) की मछलियाँ – हिल्सा, केटलफिश, रिब्बनफिश।
मीठे जल (तालाब, झील) की मछलियाँ – कतला, रोहू, टीरीका आदि।

प्रश्न 60.
मिश्रित मछली संवर्धन में निहित समस्याओं को लिखिए।
उत्तर-
मिश्रित मछली संवर्धन में एक समस्या यह है कि इनमें से अनेक मछलियां केवल गर्म ऋतु में ही जनन करती हैं। यदि मत्स्य डिंभ देशी नस्ल से लिए जाएं तो अन्य वे स्पीशीज के साथ मिलाए जा सकते हैं। इस मछली संवर्धन के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले डिंभ नहीं मिल पाते। इस समस्या के समाधान के लिए ऐसी विधियां खोजी जा रही हैं जिससे तालाब में इन मछलियों का संवर्धन हार्मोन के उपयोग से किया जा सके। इससे ऐच्छिक मात्रा में शुद्ध मछली के डिंभ प्राप्त रहेंगे।

प्रश्न 61.
मछली संवर्धन की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर-
मछली संवर्धन धान की फसल के साथ किया जा सकता है। अधिक मछली संवर्धन मिश्रित मछली संवर्धन तंत्र से किया जा सकता है। इस तंत्र में देशी तथा विदेशी प्रकार की मछलियों का उपयोग किया जाता है। ऐसे तंत्रों में एक अकेले तालाब में 5 अथवा 6 मछली की स्पीशीज का उपयोग किया जाता है। इनमें ऐसी मछलियों का चयन किया जाता है जिसमें आहार के लिए प्रतिस्पर्धा न हो तथा उनके आहार की आदत अलग-अलग हो। इससे तालाब के हर भाग में स्थित प्राप्त आहार का उपयोग हो जाता है। जैसे कटला मछली पानी की सतह से अपना भोजन लेती है। रोहु मछली तालाब के मध्य क्षेत्र से अपना भोजन लेती है। मृगल तथा कॉमन कार्प तालाब की तली से भोजन लेती हैं। ग्रास कार्प खर-पतवार खाती हैं। इस प्रकार ये सभी मछलियां साथ-साथ रहते हुए भी स्पर्धा के अपना-अपना आहार लेती हैं। इससे तालाब से मछली के उत्पादन में वृद्धि होती है।

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प्रश्न 62.
हमारे देश में मछली उत्पादन की कौन-कौन सी विधियाँ अपनाई जाती हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
हमारे देश में मछली उत्पादन की प्रमुख रूप से दो विधियाँ हैं-

(I) प्राकृतिक स्त्रोत – मछलियों को समुद्री जल तथा ताज़ा जल (अलवणीय जल) से पकड़ा जाता है। हमारे देश का समुद्री मछली संसाधन क्षेत्र 7500 किमी० समुद्री तट तथा इसके अतिरिक्त समुद्र की गहराई तक है। सैटेलाइट तथा प्रतिध्वनि गंभीरता मापी से खुले समुद्र के मछलियों के बड़े समूह का पता लगा कर मछलियों का उत्पादन बढ़ाया गया है। इस तरीके से पॉमफ्रेट, मैकर्ल, टुना, सारडाइन, बांबेडक आदि मछलियाँ प्राप्त की जाती हैं।

(II) मछली संवर्धन – समुद्री जल में आर्थिक महत्त्व वाली कुछ जातियों का संवर्धन किया जाता है। इसे मेरी कल्चर कहते हैं। इस विधि से जिन प्रजातियों को पकड़ा जाता है, वे हैं-मुलेट, भेटकी, पर्ल स्पॉट (पंखयुक्त मछलियाँ), कवचीय मछलियाँ जैसे झींगा (Prawn), मस्सल, ऑएस्टर आदि। ऑएस्टर के संवर्धन से मोतियों को भी प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 63.
अंत:स्थली मात्स्यकी क्या है ?
उत्तर-
नदी मुख (एस्चुरी) तथा लैगून महत्त्वपूर्ण मत्स्य-भंडार हैं। जहाँ समुद्री जल और ताजा जल मिलते हैं, वहाँ मछलियों को प्राप्त किया जाता है, लेकिन ऐसे अंत:स्थली स्रोतों पर मछली उत्पादन अधिक नहीं होता।

प्रश्न 64.
पशु उत्पादों का पोषक में तत्वों (प्रतिशत मात्रा में) सारणी बद्ध कीजिए।
उत्तर-
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प्रश्न 65.
शहद क्या है ? शहद की शुद्धता की जांच किस प्रकार की जा सकती है ?
उत्तर-
शहद एक गाढ़ा, मीठा तरल पदार्थ है जो मधुमक्खियों द्वारा अपने छत्तों में इकट्ठा किया जाता है। शहद के मुख्य संघटक जल, शर्करा (चीनी), खनिज तथा पराग कण हैं।

शुद्ध शहद की जांच-

  1. एक कांच के गिलास को ऊपर तक पानी में भरकर इसमें शहद की बूंदे मिलाने पर शुद्ध शहद पानी में एक पतली तार बनाएगा जबकि मिलावटी शहद पानी में घुल जाएगा।
  2. सूक्ष्मदर्शी से देखने पर शुद्ध शहद में अनेक प्रकिण्व या एंजाइम दिखाई देते हैं, अशुद्ध में नहीं।

प्रश्न 66.
शहद के मुख्य गुण तथा उपयोग बताओ।
उत्तर-
शहद के मुख्य गुण-शहद स्वाद में मीठा तथा पानी में घुलनशील होता है। यदि शहद को खुला रखा जाए तो यह वायुमंडल की नमी सोख लेता है तथा इसका किण्वन हो जाता है।

उपयोग–यह सहज ही पाचक और एंटीसेप्टिक होता है। इसलिए अनेक प्रकार की औषधियों में प्रयोग होता है।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
भोजन की आवश्यकता किनको होती है ?
उत्तर-
सभी जीवधारियों को भोजन की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2.
भोजन से हमें क्या प्राप्त होता है ?
उत्तर-
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन तथा खनिज लवण।

प्रश्न 3.
मानव के भोजन के मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
पौधे और जंतु।

प्रश्न 4.
अधिकांश भोज्य पदार्थ हमें कहां से प्राप्त होते हैं ?
उत्तर-
कृषि तथा पशुपालन से।

प्रश्न 5.
हमारे देश को प्रति वर्ष कितने उत्पादन की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
लगभग एक चौथाई बिलियन टन की।

प्रश्न 6.
हमने किस क्रांति से फसल उत्पादन में वृद्धि की है ?
उत्तर-
हरित क्रांति से।

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प्रश्न 7.
दूध का उत्पादन किस प्रकार बढ़ाया गया है ?
उत्तर-
श्वेत क्रांति से।

प्रश्न 8.
क्रांतियों के कारण हमारे प्राकृतिक संतुलन के बिगड़ने का खतरा क्यों बढ़ गया है ?
उत्तर-
प्राकृतिक संपदा की हानि के कारण।

प्रश्न 9.
कृषि और पशु पालन के लिए किन प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है ?
उत्तर-
संपूषणीय प्रणालियों की।

प्रश्न 10.
कार्बोहाइड्रेट किन-किन फसलों से प्राप्त होता है ?
उत्तर-
गेहूँ, चावल, मक्का, बाजरा और ज्वार ।

प्रश्न 11.
प्रोटीन किन-किन फसलों से प्राप्त होती है ?
उत्तर-
चना, मटर, उड़द, मूंग, अरहर और मसूर।

प्रश्न 12.
तेल देने वाले बीजों के नाम लिखिए।
उत्तर-
सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरंड, सरसों, अलसी तथा सूरजमुखी।

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प्रश्न 13.
चारा देने वाली फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर-
बरसीम, जई।

प्रश्न 14.
फसलों की उचित वृद्धि के लिए किन-किन परिस्थितियों की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
जलवायवीय परिस्थितियां, तापमान तथा दीप्तिकाल ।

प्रश्न 15.
दीप्तिकाल का संबंध किस से है ?
उत्तर-
सूर्य प्रकाश के काल से संबंधित है।

प्रश्न 16.
पौधों में पुष्पन और वृद्धि किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
सूर्य प्रकाश पर।

प्रश्न 17.
पौधे किस प्रक्रिया से अपना भोजन तैयार करते हैं ?
उत्तर-
प्रकाश संश्लेषण।

प्रश्न 18.
वर्षा ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें किस नाम से जानी जाती हैं ?
उत्तर-
खरीफ की फसलें।

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प्रश्न 19.
खरीफ फसलों का समय क्या है ?
उत्तर-
जून मास से आरंभ होकर अक्तूबर मास तक।

प्रश्न 20.
शीत ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें किस नाम से जानी जाती हैं ?
उत्तर-
रबी की फसलें।

प्रश्न 21.
रबी की फसलों का समय क्या है ?
उत्तर-
नवंबर से अप्रैल तक।

प्रश्न 22.
खरीफ फसलों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
धान, सोयाबीन, अरहर, मक्का, कपास, मूंग तथा उड़द।

प्रश्न 23.
रबी फसलों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गेहूँ, चना, मटर, सरसों तथा अलसी।

प्रश्न 24.
भारत में 1960 से 2004 तक कृषि भूमि तथा अन्न की पैदावार में कितनी वृद्धि हुई है ?
उत्तर-
25% कृषि भूमि में तथा अन्न की चार गुणा पैदावार में वृद्धि हुई है।

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प्रश्न 25.
कृषि प्रणालियों को किन तीन चरणों में बांटा जाता है ?
उत्तर-

  1. बीज का चुनना,
  2. फसल की देखभाल,
  3. सुरक्षा तथा कटी हुई फसल को हानि से बचाना।

प्रश्न 26.
संकरण किन-किन में हो सकता है ?
उत्तर-
अंतराकिस्मीय (विभिन्न किस्मों में), अंतरास्पीशीज (एक ही जीनस की दो विभिन्न स्पीशीज में) अथवा अंतरावंशीय (विभिन्न जेनरा में)।

प्रश्न 27.
उच्च उत्पादन क्या है ?
उत्तर-
प्रति एकड़ फसल का उत्पादन बढ़ाना ।

प्रश्न 28.
व्यापक अनुकूलता क्या है ?
उत्तर-
एक ही किस्म की विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न जलवायु में उगाना व्यापक अनुकूलता है।

प्रश्न 29.
उत्पादन प्रणालियां किन तीन प्रकारों की होती हैं ?
उत्तर-
खर्च रहित उत्पादन, कम खर्च उत्पादन तथा अधिक खर्च उत्पादन प्रणालियां ।

प्रश्न 30.
पौधे अपने पोषण के लिए पोषक तत्व कहां से प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
पौधे हवा से ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, पानी से हाइड्रोजन तथा मिट्टी से 13 पोषक प्राप्त करते हैं।

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प्रश्न 31.
पौधों को कितने वृहत् पोषकों की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
छः पोषक तत्वों की।

प्रश्न 32.
पौधों को कितने सूक्ष्म पोषकों की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
7 पोषक तत्वों की।

प्रश्न 33.
खाद में किसकी अधिकता होती है ?
उत्तर-
कार्बनिक पदार्थों की।

प्रश्न 34.
खाद को किससे तैयार किया जाता है ?
उत्तर-
खाद को जंतु के अपशिष्ट तथा पौधे के कचरे के अपघटन से तैयार किया जाता है।

प्रश्न 35.
खाद का चिकनी मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
चिकनी मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की अधिक मात्रा में पानी को निकालने में सहायता मिलती है जिससे पानी एकत्रित नहीं होता।

प्रश्न 36.
कंपोस्ट को किस प्रकार बनाते हैं ?
उत्तर-
कंपोस्ट को कृषि अपशिष्ट, जंतु अपशिष्ट, घरेलू कचरे, खरपतवार आदि को गड्ढों में अपघटित करके बनाते हैं।

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प्रश्न 37.
वर्मीकंपोस्ट क्या है ?
उत्तर-
केचुएं के उपयोग से तैयार कंपोस्ट को वर्मीकंपोस्ट कहते हैं। इससे अपशिष्ट पदार्थों का शीघ्र निस्तीकरण हो जाता है।

प्रश्न 38.
हरी खाद क्या है ?
उत्तर-
फसल उगाने से पहले पटसन, मूंग, ज्वार आदि को उगा कर उन्हें हल की सहायता से मिट्टी में मिला देने से हरे पौधे हरी खाद में बदल जाते हैं।

प्रश्न 39.
हरी खाद में कौन-से दो तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं ?
उत्तर-
नाइट्रोजन और फॉस्फोरस।

प्रश्न 40.
सूखा किस कारण होता है ?
उत्तर-
पानी की कमी अथवा वर्षा की अनियमितता के कारण।

प्रश्न 41.
सिंचाई के लिए चार जल स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर-
कुएं, नहरें, नदियां, तालाब।

प्रश्न 42.
कुएं किस-किस प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
खुदे हुए कुएं, ट्यूबवैल।

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प्रश्न 43.
नदी लिफ्ट पंप क्या है ?
उत्तर-
नदियों के किनारे स्थित खेतों में सिंचाई करने के लिए नदियों से सीधे ही पानी निकालना ‘नदी लिफ्ट पंप’ कहलाता है।

प्रश्न 44.
मिश्रित फसल क्या है ?
उत्तर-
मिश्रित फसल दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ खेतों में उगाना है।

प्रश्न 45.
मिश्रित फसल के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर-

  1. गेहूँ + सरसों,
  2. मूंगफली + सूर्यमूखी।

प्रश्न 46.
अंतरा फसलीकरण क्या है ?
उत्तर-
अंतरा फसलीकरण दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ एक ही खेत में निर्दिष्ट पैटर्न पर उगाना है जिसमें कुछ पंक्तियां में एक प्रकार की फसल तथा उसके एकांतर दूसरी पंक्तियों में दूसरी प्रकार की फसल उगाना है।

प्रश्न 47.
अंतरा फसलीकरण के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. सोयाबीन + मक्का,
  2. बाजरा + लोबिया।

प्रश्न 48.
फसलों को कौन-कौन हानि पहुंचाते हैं ?
उत्तर-
खरपतवार, कीट, पीड़क तथा रोग।

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प्रश्न 49.
खरपतवार के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
गोखरू (जैंथियम), गाजर घास (पारथेनियम), मोथा (साइटेनस रोटेंडस)।

प्रश्न 50.
खरपतवार किसके लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं ?
उत्तर-
भोजन, स्थान तथा प्रवास के लिए।

प्रश्न 51.
खरपतवार के कारण फसलों की अच्छी पैदावार क्यों नहीं होती ?
उत्तर-
खरपतवार अपनी वृद्धि के लिए मिट्टी से पोषक तत्व ले लेते हैं।

प्रश्न 52.
कीटनाशक पौधों पर कहां-कहां आक्रमण करते हैं ?
उत्तर-
ये पौधों के मूल, तने, पत्तियों पर आक्रमण करते हैं तथा उनके विभिन्न भागों से कोशिकीय रस चूस लेते हैं। वे तने और फलों में छिद्र कर देते हैं।

प्रश्न 53.
पौधों में रोग किन कारकों से होते हैं ?
उत्तर-
बैक्टीरिया, कवक और वायरस से।

प्रश्न 54.
खरपतवारों को किस प्रकार नष्ट किया जाता है ?
उत्तर-
खरपतवारनाशियों तथा यांत्रिकी विधि से।

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प्रश्न 55.
पीड़कों पर नियंत्रण पाने के लिए निरोधक विधियां कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर-
प्रतिरोध क्षमता वाली किस्मों का उपयोग तथा ग्रीष्मकाल में हल से जुताई।

प्रश्न 56.
पीड़कों को नष्ट करने के लिए क्या किया जाता है ?
उत्तर-
गर्मी के मौसम में गहराई तक हल चलाया जाता है।।

प्रश्न 57.
कौन-से जैविक कारक कृषि उत्पाद के भंडारण में हानि पहुंचाते हैं ?
उत्तर-
कीट, कुंतक, कवक, चिंचडी तथा जीवाण।

प्रश्न 58.
कौन-से अजैविक कारक कृषि उत्पाद के भंडारण को हानि पहुंचाते हैं ?
उत्तर-
नमी और ताप।

प्रश्न 59.
हानिकारक कारक अनाज को क्या हानि पहुंचाते हैं ?
उत्तर-
अनाज की गुणवत्ता खराब करते हैं, वजन कम कर देते हैं, अंकुरण करने की क्षमता कम करते हैं तथा बदरंग करते हैं।

प्रश्न 60.
भंडारण से पहले उत्पाद को क्या करना चाहिए ?
उत्तर-
पहले सूर्य की धूप में और फिर छाया में सुखाना तथा धूमन का प्रयोग।

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प्रश्न 61.
पशुपालन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं।

प्रश्न 62.
पशुपालन के अंतर्गत क्या कार्य किए जाते हैं ?
उत्तर-
भोजन देना, प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण करना।

प्रश्न 63.
पशुपालन के उद्देश्य लिखिए।
उत्तर-
खाद्य (दूध, अंडे, माँस) प्राप्त करना तथा कृषि कार्य (हल चलाना, सिंचाई तथा माल ढोना)।

प्रश्न 64.
पालतु पशुओं की प्रमुख कौन-सी स्पीशीज़ हैं ?
उत्तर-
गाय और भैंस।

प्रश्न 65.
दुधारू पशु किसे कहते हैं ?
उत्तर-
दूध देने वाली मादाओं को दुधारू पशु कहते हैं।

प्रश्न 66.
ड्राफ्ट पशु किसे कहते हैं ?
उत्तर-
बोझा ढोने वाले पशुओं को ड्राफ्ट पशु कहते हैं।

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प्रश्न 67.
लंबे समय तक दुग्ध स्रावण काल के लिए विदेशी नस्लें कौन-सी हैं ?
उत्तर-
जर्सी, ब्राउन, स्विस।

प्रश्न 68.
किन देसी नस्लों में रोगों के लिए प्रतिरोधिकता अधिक है ?
उत्तर-
रेडसिंधी, साहीवाल।

प्रश्न 69.
पशुओं के आवास का फर्श कैसा होना चाहिए ?
उत्तर-
ढलवां, साफ और सखा।

प्रश्न 70.
पशु आहार किन दो प्रकार के होते हैं ?
उत्तर-
मोटा चारा (रुक्षांश) तथा सांद्र (कम रेशे वाला)।

प्रश्न 71.
‘ओं ने अमाशय तथा आंत में कौन-से कृमि हो जाते हैं ?
उत्तर-
संतः परजाची।

प्रश्न 72.
पशुओं के यकृत को कौन परजीवी प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
पर्ण कमि (फलक वर्म)।

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प्रश्न 73.
कुक्कट पालन में किन मुर्गियों को पाला जाता है ?
उत्तर-
अंडों के लिए लेअर तथा माँस के लिए ब्रोलर।

प्रश्न 74.
नई किस्मों के लिए किन कुक्कटों का संकरण कराया जाता है ?
उत्तर-
देशी एसिल तथा विदेशी लेगहार्न नस्लों का।

प्रश्न 75.
ब्रौलर का आहार किससे परिपूर्ण होता है ?
उत्तर-
प्रोटीन तथा वसा से।

प्रश्न 76.
मुर्गियों में किस कारण कई तरह के रोग हो जाते हैं ?
उत्तर-
जीवाणु, विषाणु, कवक, परजीवी तथा पोषण हीनता के कारण।

प्रश्न 77.
मछलियां किन दो तरीकों से प्राप्त की जाती हैं ?
उत्तर-

  1. प्राकृतिक स्रोत से (मछली पकड़ना),
  2. मछली संवर्धन।

प्रश्न 78.
भारत का समुद्री संसाधन क्षेत्र कितना है ?
उत्तर-
यह 7500 कि० मी० समुद्री तट तथा इसके बाद समुद्र की गहराई तक।

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प्रश्न 79.
सर्वाधिक प्रचलित पांच समुद्री मछलियों के नाम लिखिए।
उत्तर-
पॉमफेट, मैकर्ल, टूना, सारडाइन, कंबेडक।

प्रश्न 80.
मछलियों के बड़े समूह का पता किस प्रकार लगाया जाता है ?
उत्तर-
सैटेलाइट तथा प्रतिध्वनि गंभीरता मापी से।

प्रश्न 81.
समुद्री जल में संवर्धित मछलियों के नाम लिखिए।
उत्तर-
मुलेट, भेटकी, पर्लस्पॉट (पंख युक्त मछलियां)।

प्रश्न 82.
मोतियों की प्राप्ति के लिए किस का संवर्धन किया जाता है ?
उत्तर-
ऑएस्टर।

प्रश्न 83.
समुद्री संवर्धन (येरी कल्चर) क्या है ?
उत्तर-
समुद्री मछलियों का स्टॉक भविष्य में जब कम होगा तो मछली की मांग की पूर्ति संवर्धन से होगी। इस प्रणाली को समुद्री संवर्धन कहते हैं।

प्रश्न 84.
एस्चुरी क्या है ?
उत्तर-
ताजे पानी और समुद्री खारे पानी के मिश्रण को एस्चुरी कहते हैं।

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प्रश्न 85.
किस फसल के साथ मछली संवर्धन किया जा सकता है ?
उत्तर-
धान की फसल के साथ। प्रश्न 86. तालाब के किस-किस भाग से कौन-कौन सी मछलियां अपना भोजन लेती हैं ?
उत्तर-
कटला पनी की सतह से, रोहु तालाब के मध्य से, मृगल और कॉयन कार्प तली से भोजन लेती हैं।

प्रश्न 87.
मधुमक्खी क्या बनाती है ?
उत्तर-
मधुमक्खी शहद और मोम तैयार करती है।

प्रश्न 88.
व्यावसायिक स्तर पर मधु उत्पादन के लिए किस देसी मक्खी का प्रयोग किया जाता है ?
उत्तर-
ऐपिस संरना इंडिया (सामान्य भारतीय मक्खी), ऐपिस जोरसेटा (एक शैल मक्खी) तथा ऐपिस फ्लोरी (लिटिल मक्खी)।

प्रश्न 89.
किस मक्खी की सहायता से मधु उत्पादन बढ़ाया जा रहा है ?
उत्तर-
इटेलियन मक्खी ऐपिस येलीफेरा।

प्रश्न 90.
मधु की गुणवत्ता किस पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
मधुमक्खी को उपलब्ध फूलों पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
मृदा निर्माण में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न चरणों का वर्णन करें।
उत्तर-
प्रकृति को मृदा निर्माण में लाखों वर्ष लगे हैं। यह चट्टानों से बनी है। अब भी मृदा के ठीक नीचे कठोर चट्टानों को सतह विद्यमान है। भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं से चट्टानें टूटती-फूटती हैं। ज्वालामुखी के फटने से ये चट्टानें छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं। मिट्टी का निर्माण चट्टानों के टूटने से शुरू होता है। टूटने की यह प्रक्रिया वर्षा, बर्फ, हवा, ग्लेशियर तथा बहते पानी के कारण निरंतर चलती रहती है। मृदा निर्माण मुख्य तीन कारणों से हुआ है-

  1. रासायनिक कारण – नमी और वायु रासायनिक कारण के आधार हैं। यह मरुस्थलों में प्रभावपूर्ण नहीं होते क्योंकि वहाँ पानी की कमी होती है। विभिन्न रासायनिक यौगिक पानी में घुल कर रासायनिक क्रियाएं करते हैं जिससे चट्टानें मिट्टी में परिवर्तित हो जाती हैं।
  2. भौतिक कारण – तापमान, पानी, बर्फ, गुरुत्व और वायु के भिन्न भौतिक कारण हैं जो अपने गुणों से चट्टानों के संकुचन और फैलाव से उन्हें तोड़ डालते हैं। वही बाद में टूट-फूट से मिट्टी में बदल जाते हैं।
  3. जीव वैज्ञानिक कारण – सूक्ष्म जीव, फफूंदियां, लाइकेन, मॉस आदि के जैविक आधार हैं जो खनिजीय संरचना को बदल देते हैं। इनसे चट्टानों की भौतिक संरचना पर प्रभाव पड़ता है और वे मृदा निर्माण में सहायक बन जाते हैं।

मृदा निर्माण में सहायक साधन-

  1. तापमान – तापमान में परिवर्तन चट्टानों को फैलने और सिकुड़ने में सहायता देता है। चट्टानों का ऊपरी तल नीचे के तल की अपेक्षा अधिक प्रभावित होता है। इससे चट्टानों में दरारें उत्पन्न हो जाती हैं जो टूट कर मिट्टी में बदल जाती हैं।
  2. जल – वर्षा का जल चट्टानों की दरारों में प्रवेश कर नीचे चला जाता है जो चट्टानों को तोड़ कर मिट्टी में बदल देता है। कम तापमान से जल जमकर बर्फ बन जाता है। उससे उत्पन्न दबाव से चट्टानें टूट जाती हैं।
  3. वायु – तेज़ गति से चलने वाली वायु और आंधियां चट्टानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लुढ़काती और तोड़ती हैं।
  4. पेड़-पौधे – पेड़-पौधों की जड़ें चट्टानों में फैल कर उन्हें तोड़ देती हैं। लाइकेन तथा कुछ अन्य पौधे चट्टानों में रहकर अम्ल का उत्पादन करते हैं जो मिट्टी के निर्माण में सहायक बनते हैं। कई जीवाणु भी इस प्रक्रिया में सहायक बनते हैं।
  5. जीव-जंतु – अनेक जीव-जंतु चट्टानों में छेद कर अपने रहने का स्थान बनाते हैं। चींटियां, दीमक, मकौड़े तथा अनेक कीट मिट्टी बनाने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 2.
मृदा अपरदन के मुख्य कारण क्या-क्या हैं ?
उत्तर-
मृदा अपरदन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

  • जंगलों की कटाई – मृदा अपरदन के प्रमुख कारणों में से जंगलों की अंधाधुंध कटाई सर्वप्रमुख है। पेड़ों को जड़ें मिट्टी को बांधने का काम करती हैं। इससे मृदा अपने स्थान से आगे नहीं बहती। इनसे मिट्टी नम रहती है। जंगलों की कटाई से बाढ़ों का आना बढ़ गया है जिस कारण मृदा अपरदन होता है।
  • अनियंत्रित पशुओं को चराना – पशुओं को पहाड़ों की ढलानों पर अनियंत्रित रूप से चराया जाता है। इससे मृदा नंगी हो जाती है और वर्षा या आंधियों से वह वहां से हट जाती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में इस प्रकार का मृदा अपरदन प्रायः दिखाई देता है।
  • कृषि के अवैज्ञानिक तरीके – कई बार किसान खेतों में एक ही फसल बार-बार उगाते हैं जो उस फसल की उपज के लिए हानिकारक तो है ही पर साथ ही इस मृदा में ह्यूमस कम हो जाते है । गलत ढंग से जुताई, सिंचाई, कम उर्वरक प्रयोग आदि मृदा अपरदन को बढ़ाते हैं।
  • बाढ़ और आंधियां – नदियों पर बांधों के न बने होने के कारण उन में बाढ़ आती है जिससे उपजाऊ मृदा बह जाती है। भूमि पर घास और झाड़ियों की कमी से भी मृदा आंधियों के द्वारा अपने स्थान से हट जाती है जिससे मृदा अपरदन हो जाता है।
  • वनों में आग लगने से – अनेक कारणों से वनों में आग लग जाती है। पेड़-पौधे तथा घास नष्ट हो जाने के कारण मृदा नंगी हो जाती है जो तेज़ हवाओं से उड़ जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक संपदा

प्रश्न 3.
मृदा की संरचना किन मूल अवयवों से हुई है ? संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
उत्तर-
भिन्न प्रकार की मृदा की संरचना भिन्न प्रकार की होती है पर उन में मूल अवयव समान ही होते हैं। वे निम्नलिखित होते हैं-

(i) खनिज कण – मृदा में बजरी, रेत और चिकनी मृदा के कण विद्यमान होते हैं । ये मृदा को गठन और बनावट प्रदान करते हैं। मिट्टी में कणों का आकार उसे भिन्न प्रकार के गुण प्रदान करता है।

(ii) अकार्बनिक पदार्थ – मृदा में अनेक प्रकार के अकार्बनिक पदार्थ होते हैं जैसे-पोटाशियम, सोडियम, मैग्नीशियम, लोहा, नाइट्रेट, सल्फेट, फास्फेट, कार्बोनेट आदि। जिन चट्टानों से मृदा मूल रूप से बनती है ये अकार्बनिक पदार्थ इसमें मिल जाते हैं।

(iii) कार्बनिक पदार्थ – पौधों तथा जीव-जंतुओं की क्रियाओं से अनेक कार्बनिक पदार्थ मृदा में मिल जाते हैं। उनके मरने, नष्ट होने और गलने से कार्बनिक पदार्थ बढ़ते रहते हैं। जीव-जंतुओं की उत्सर्जन क्रिया से भी ऐसे पदार्थ मृदा में मिलते हैं। इनमें से ह्यूमस बनते हैं जो मृदा की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते हैं। इन से मृदा में सूक्ष्म जीवों को पनपने और बढ़ने में भी सहायता मिलती है।

(iv) सूक्ष्मजीवी एवं अन्य प्राणियों की उत्सर्जन क्रियाएं – अनेक प्रकार के अति छोटे जीव मृदा में रहते हैं : बैक्टीरिया, फफूंदियां, काई आदि मृदा से जीवन प्राप्त करते हैं। चींटियां, दीमक, टिड्डे, केंचुए आदि मृदा में रहते हैं। चूहे, खरगोश आदि भी मृदा में अपना घर बनाते हैं। इनकी उत्सर्जित गंदगी से मृदा की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। इससे मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है।

(v) जल – लगभग सभी प्रकार की मृदा में जल होता है। यह जल अणुओं के बीच विद्यमान होता है। यह पेड़पौधों के पोषण के लिए आवश्यक है। मृदा का यह गुण है कि वह पानी का अवशोषण करे।

(vi) वायु – मृदा के कणों के बीच वायु उपस्थित होती है। यह पेड़-पौधों तथा अन्य जीव-जंतुओं के श्वसन के लिए उपयोगी होती है। प्रत्येक मृदा की किस्म में वायु को रोकने की क्षमता अलग-अलग होती है।

प्रश्न 4.
मृदा का संरक्षण किस प्रकार किया जा सकता है ?
उत्तर-
मृदा अपरदन के कारण भूमि की ऊपरी सतह से उपजाऊ मृदा हट जाती है जिस कारण वह अनउपजाऊ बन जाती है। वायु और जल के वेग पर नियंत्रण पा कर मृदा का संरक्षण किया जा सकता है। इससे मृदा को निरंतर होने वाली क्षति नहीं सहनी पड़ती। मिट्टी का संरक्षण निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है-

(i) पेड़-पौधे और घास लगा कर – पहाड़ी ढलानों पर बहुत अधिक मात्रा में पेड़-पौधे, झाड़ियां और घास लगाकर मृदा के बहाव को रोका जा सकता है। मृदा को जड़ें बांध लेती हैं। पानी और वायु के कारण वह मृदा अपने स्थान से दूर हट नहीं पाती। हमारे देश में वन महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत नये पेड़-पौधे इसीलिए लगाए जाते हैं : पेड़ों को काटने से रोकने के लिए ‘चिपको आंदोलन’ भी चलाया गया है।

(ii) सीढ़ीदार खेती – पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों से मृदा को नीचे बहने से रोकने के लिए सीढ़ीदार खेती की जाती है। वर्षा का पानी ढलानों पर बहुत तेजी से नीचे बहता है और अपने साथ उपजाऊ मृदा को बहा ले जाता है। मृदा को रोकने के लिए ढलान के साथ-साथ सीढ़ियां बनाई जाती हैं जिससे पानी का बहाव कमज़ोर पड़ जाता है और ढलान से बहुत कम मृदा बह कर नीचे जाती है।

(iii) बांध और किनारे बनाने से – हर वर्ष मानसून आने पर नदियों के किनारों की मृदा बह जाती है। यदि नदियों के वे किनारे अच्छी तरह से बना दिए जाएं जहां पानी वेग से टकराता है तो मृदा बहने से बच जाए। इसी प्रकार बांध बनाने से बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सकता है। नदियों के किनारों पर चट्टानें और बड़े-बड़े पत्थर लगा कर मृदा को बहने से रोका जाना चाहिए।

(iv) अतिचारण के प्रतिबंधित करने से – पशुओं के लिए चरागाह बनाए जाने चाहिए ताकि वे पहाड़ों की ढलानों पर न चरें। उनके अतिचारण से मृदा घास से रहित हो जाती है जो तेज़ वर्षा और आंधी से उड़ जाती है।

(v) खाद और उर्वरकों के प्रयोग से – मृदा में खाद और उर्वरकों का उचित प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि फसरों पर्याप्त मात्रा में हों, भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़े। वनस्पतियों की अधिकता से मृदा का संरक्षण किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
वायु प्रदूषण के विभिन्न कारणों को लिखिए। वायु प्रदूषण को रोकने में हमारा क्या योगदान हो सकता है ?
उत्तर-
वायु के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में अनचाहे परिवर्तनों के कारण वायु प्रदूषण होता है। वायु प्रदूषण कच्चे पदार्थों, औद्योगिक प्रक्रियाओं, आवास स्थानों आदि को प्रभावित करता है। वायु प्रदूषण प्राकृतिक प्रक्रियाओं या मानव क्रियाओं के कारण होता है।

वायु प्रदूषण ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान बाहर निकले लावा के साथ विभिन्न गैसों तथा कणिकीय पदार्थों की आंधी तथा उड़ती हुई धूल, धुआं तथा कोहरा आदि के कारण होता है।

इसके अलावा दलदल से उत्पन्न मिथेन गैस, पेड़-पौधे तथा जीव-जंतुओं के अवशेषों के अपघटन से भी वायु प्रदूषण होता है। वह प्रदूषण का प्रमुख कारण विभिन्न स्रोतों-कोयला तथा अन्य ईंधन के दहन से, रेल इंजन, वाहन तथा वायुयान आदि से उत्पन्न धुआं कालिख, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनो-ऑक्साइड है। उद्योगों के कारण कुछ प्रमुख स्थानों पर क्लोरीन, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, अमोनिया, बैंजीन, सल्फर के ऑक्साइड आदि गैसें भी वायु प्रदूषण करती हैं।

उद्योग-धंधों तथा कारखानों की चिमनियों से निरंतर धुआं निकलता है। तापीय ऊर्जा संयंत्रों से फ्लाइ ऐश निकलती है। तंबाकू का प्रयोग करने वाले किसी की भी परवाह न करते हुए धुआं उड़ाते रहते हैं। लंबित कणीय द्रव्य (SPM), क्लोरो फ्लोरो कार्बन (CFCs), नाइट्रोजन के ऑक्साइड, ओज़ोन तथा लेड वायु को प्रदूषित करते हैं। इन से स्वास्थ्य संबंधी अनेक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं।

वायु प्रदूषण पर अनेक विधियों से नियंत्रण पाया जा सकता है-

  1. पेड़-पौधों को अधिक मात्रा में उगाया जाना चाहिए।
  2. उद्योग-धंधों को नगरीय क्षेत्रों से दूर स्थापित करना चाहिए।
  3. कारखानों की चिमनियां बहुत ऊंची होनी चाहिए।
  4. वाहनों में सीसा-रहित पेट्रोल प्रयुक्त करना चाहिए।
  5. धुआं रहित ऊर्जा के स्रोतों का प्रयोग करना चाहिए।
  6. धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर रोक लगा देनी चाहिए।

प्रश्न 6.
जैव रसायन चक्र क्या होता है ?
उत्तर-
जैव रसायन चक्र-पौधे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया CO2 को वायमंडल से प्राप्त करते हैं तथा पौधे द्वारा मिट्टी में से पानी के साथ खनिज ग्रहण किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में C, N, O, S, P तथा जल आदि भाग लेते हैं। ये पदार्थ या तत्व पारिस्थितिक तंत्र के उत्पादक स्तर में प्रवेश करने के पश्चात् दूसरे स्तर पर स्थानांतरित कर दिए जाते हैं। इनका स्थानांतरण एवं परिवहन, मिट्टी, वायु, जल तथा जैव जीवों के द्वारा होता है। इन रसायनों की पारिस्थितिक तंत्र या जीवमंडल में पुनः प्रवेश करना जैव रसायन चक्र कहलाता है। ऊर्जा की तरह ये रसायन भी नष्ट नहीं होते। पौधों एवं जंतुओं के मृत शरीरों को अपघटकों द्वारा अपघटित किए जाने पर ये पदार्थ फिर से पोषण भंडार में मुक्त कर दिए जाते हैं जिन्हें फिर पौधों द्वारा अवशोषित किया जाता है। इन पदार्थों के पुनः चक्रण में अपघटकों की मुख्य भूमिका है।

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प्रश्न 7.
प्रकृति में जल-चक्र को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
प्रकृति में जल-चक्र-
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  • सूर्य की गर्मी से नदियों, झीलों, समुद्रों के पानी का वाष्पन होता रहता है और वह जल-वाष्प में बदलता रहता है।
  • जल-वाष्प हल्की होने के कारण वायु में में ऊपर जाती है। वायु द्वारा जल-वाष्प को पर्वतों की ओर ले जाया जाता है। पहाड़ों से टकराने के पश्चात् वह और ऊपर जाती है। इससे जल-वाष्प बादलों का रूप ले लेती है।
  • जब बादलों की जल-वाष्प ठंडी होती है तब वह फिर जल के रूप में वापस आ जाती है और वर्षा होने लगती है।
  • पृथ्वी की सतह पर गिरने वाला वर्षा का कुछ जल मृदा में से रिसकर नीचे जाता है। अंतत: यह जल किसी कठोर चट्टान द्वारा रोक लिया जाता है और वहाँ एकत्रित हो जाता है। यही भूमिगत जल हमें कुएं खोदने पर प्राप्त होता है।
  • नदियों तथा समुद्रों के पानी का वाष्पन होता है और बाद में फिर नदियों, समुद्रों में पहुँच जाता है। यही जलचक्र कहलाता है।

प्रश्न 8.
प्रकृति में नाइट्रोजन चक्र किस प्रकार चलता है, विस्तार से लिखिए।
उत्तर-
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नाइट्रोजन चक्र – वायुमंडल में वायुमंडल में नाइट्रोजन लगभग 78% होती है जो अपने आण्विक रूप N, में पाई जाती है। जल भंडारों में भी नाइट्रोजन होती है। इसके अतिरिक्त जैव स्थिरीकरण जीवों के ऊतकों, प्रोटीनों, एमीनो अम्लों तथा न्यूक्लिक अम्लों का एक घटक नाइट्रोजन होती है। नाइट्रोजन का उपयोग न तो पौधे न ही जंतु इसके तत्त्व के रूप में कर सकते हैं। इसके उपयोग के लिए इसे नाइट्रेट के रूप में बदलना पड़ता है। कुछ विशेष जीवाणु वायुमंडल की नाइट्रोजन को स्थिरीकरण या स्वांगीकरण द्वारा नाइट्रेट या नाइट्राइट्स में परिवर्तित कर देते हैं।

नाइट्रोजन का स्थिरीकरण-कुछ विशेष जीवाणु ही नाइट्रोजन को नाइट्रेट में बदल सकते हैं परंतु नील-हरित शैवाल भी नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने में सक्षम होते हैं। नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले जीवाणु फलीदार फसल के पौधों की जड़ों की गांठों में पाए जाते हैं। जीवाणुओं तथा शैवाल द्वारा किए गए नाइट्रोजन का स्थिरीकरण नाइट्रेट्स या नाइट्राइट्स के रूप में होता है जिसका फिर सूक्ष्मजीवों द्वारा अमोनीकरण किया जाता है।

मिट्टी में स्थित नाइट्रेट पौधों द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं। अमोनिया के यौगिकों को नाइट्राइट में बदला जाता है जिनमें NO
2 होती है। ये यौगिक घुलनशील होते हैं। इसी प्रकार नाइट्रोबेक्टर जीवाणु इन नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलते हैं जिन्हें पौधों की जड़ें अवशोषित कर लेती हैं।

एक अन्य प्रकार के सूक्ष्मजीव इन नाइट्रेट्स और नाइट्राइट्स को अपघटित करके नाइट्रोजन को मुक्त करते हैं। सूक्ष्मजीव डीनाइट्रीकरण प्रक्रिया द्वारा पौधों तथा जंतुओं के मृत शरीरों को अपघटित करके नाइट्रोजन के रूप में मुक्त करते हैं जो वायुमंडल में फिर से मिल जाती है। इस प्रकार नाइट्रोजन चक्र चलता रहता है।

प्रश्न 9.
प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र का विवरण लिखिए।
उत्तर-
प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र-वायुमंडल के गैसीय घटकों में ऑक्सीजन की लगभग 21% मात्रा है। जल भंडारों में ऑक्सीजन पानी में घुली हुई स्थिति में होती है जिस पर जलीय जीव जीवित रहता है। जीवमंडल के सारे जीव, पौधे, जंतु तथा अपघटक श्वसन हेतु वायुमंडल में ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं तथा इस क्रिया में CO2 मुक्त होती है। कोयला, लकड़ी तथा अन्य ईंधनों के दहन में ऑक्सीजन प्रयुक्त होती है। इन सभी प्रक्रियाओं में वायुमंडल की ऑक्सीजन निरंतर CO2 में परिवर्तित होती रहती है।

ऑक्सीजन का लगातार सांस लेने में उपयोग CO2 की मात्रा बढ़ाता है। परंतु हरे पौधे दिन में प्रकाश-संश्लेषण द्वारा वायुमंडल की CO, को भोजन तैयार करने हेतु उपयोग करते हैं तथा ऑक्सीजन को मुक्त करते हैं। इस प्रकार ऑक्सीजन की मात्रा कम नहीं होती तथा CO2 की मात्रा में वृद्धि नहीं होती। ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्सइड अभूतपूर्व संतुलन बनाए रखने में तथा इन दोनों चक्रों में जीव प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
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प्रश्न 10.
जीवमंडल में कार्बन चक्र किस प्रकार संपन्न होता है ? विवरण दीजिए।
उत्तर-
जीवमंडल में कार्बन चक्र-जीवमंडल में सभी प्राणियों का मूल घटक कार्बन है जो कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन तथा न्यूक्लिक अम्लों के रूप मे होता है। गैसीय रूप में कार्बन का भंडार वायुमंडल है। कार्बन वायु में कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में प्राप्त होता है जो लगभग (0.03.- 0.04 % है। कार्बन का स्थानांतरण आहार श्रृंखला के माध्यम से होता है। वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड को हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा कार्बोहाइड्रेट के रूप में इकट्ठा करते हैं। पोषण रीति से यह शाकाहारी जंतुओं से मांसाहारी जंतुओं में खाद्य पदार्थ के रूप में बदलता रहता है। जंतुओं के अपघटकों द्वारा यह फिर वायुमंडल एवं जल भंडारों में वापिस चला जाता है। वायुमंडल एवं जल भंडारों के मध्य CO2 का विनिमय लगातार चलता रहता है। ज्वालामुखी पर्वतों से भी वायुमंडल को कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त होती है।
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विभिन्न प्रकार के पदार्थों के गलने, सड़ने तथा जलने से कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में मिलती रहती है। कार्बनिक यौगिकों से अनेक प्रकार के पदार्थ प्राप्त होते हैं जिनके जलाने से CO उत्पन्न होती है जैसे- पेट्रोलियम आदि। वानस्पतिक कार्बनिक यौगकों से कोयला भी प्राप्त होता है जो जल कर कार्बन को CO2 के रूप में मिला देता है। इस प्रकार लगातार CO2 की मात्रा बढ़ती जाती है जिसका उपयोग हरे पौधे तथा सागर करते हैं।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वायुमंडल की रचना कैसे होती है ?
उत्तर-
वायुमंडल की रचना अनेक गैसों के मिश्रण से होती है। वायु एक विलयन है जिसमें कुछ गैसें अधिक मात्रा में तो कुछ कम मात्रा में विद्यमान हैं।

  1. मुख्य गैसें-नाइट्रोजन और ऑक्सीजन।
  2. सूक्ष्म मात्रा में गैसें-आर्गान, कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प।
  3. अति सूक्ष्म मात्रा में गैसें-हीलियम, निऑन, क्रिप्टॉन, जीनॉन। हमारा वायुमंडल पृथ्वी से लगभग 120 km ऊँचाई तक फैला हुआ है। वायु की संघटना ताप तथा ऊँचाई के साथ बदलती रहती है।

प्रश्न 2.
हमारे दैनिक जीवन में मौसम की भविष्यवाणी का क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
हमारे दैनिक जीवन में मौसम की भविष्यवाणी बहुत महत्त्वपूर्ण है। बादलों के बनने, वर्षा होने, हिमपात, आंधी व तूफान आदि में वायुमंडल का महत्त्वपूर्ण योगदान है। वायुमंडल के अध्ययन से मौसम संबंधी अनेक बातों की भविष्यवाणी की जा सकती है जिस से विनाश के प्रबंधन में सहायता मिल जाती है। मूसलाधार वर्षा, बादलों के फटने, चक्रवात, समुद्री हलचलों, सूखा आदि की पूर्व जानकारी मिल जाने से जन-जीवन की सुरक्षा का प्रबंध किया जा सकता है। इससे जनजीवन, पशु और फसलों को बचाने के प्रयत्नों में सफलता मिलती है। सूखे और बाढ़ से निपटने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 3.
ओजोन परत पर संक्षिप्त नोट लिखो।
उत्तर-
वायुमंडल के मध्य मंडल में ओजोन परत पाई जाती है जिसमें मुख्यतः ओजोन (O3) होती है। पृथ्वी से 16 km की ऊंचाई पर सूर्य की किरणें वहां उपस्थित ऑक्सीजन (O2) को ओजोन (O2) में परिवर्तित कर देती है। 23 km की ऊंचाई तक ओजोन का घनत्व अधिकतम होता है।

प्रश्न 4.
ओज़ोन परत का महत्त्व क्या है ?
उत्तर-
पृथ्वी से लगभग 16 किलोमीटर की ऊंचाई पर ओज़ोन की एक परत आरंभ होती है जो समस्त जीवों के लिए अति महत्त्वपूर्ण है। यह परत सूर्य से आ रही हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों (U-V Rays) को सोख लेती है जिसमें पराबैंगनी विकिरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पातीं। पराबैंगनी विकिरणों की तरंगदैर्ध्य कम होती है तथा यह हमारे शरीर में बहुत गहराई तक प्रवेश कर सकती हैं जो जैव शरीर के विभिन्न ऊतकों को नष्ट कर सकती है तथा त्वचा के कैंसर का कारण भी बन सकती है। ओजोन परत पराबैंगनी विकिरणों के कुप्रभाव से मनुष्य को बचाती है। इस परत की सबसे अधिक सघनता 23 कि०मी० ऊपर है।

प्रश्न 5.
वायु प्रदूषण क्या है ? कुछ वायु प्रदूषकों के नाम बताओ।
उत्तर-
वायु प्रदूषण – धूलकण, धुआं. तथा कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी विषैली गैसों की उपस्थिति द्वारा वायु का गंदा होना वायु प्रदूषण कहलाता है।

वायु प्रदूषक – कुछ प्रमुख वायु प्रदूषक हैं कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, ओज़ोन, धूलकण. तथा धुआं आदि।

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प्रश्न 6.
कार्बन डाइऑक्साइड का जीवों पर क्या कुप्रभाव पड़ता है ? .
उत्तर-
वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड का जीवों पर निम्नलिखित कुंप्रभाव पड़ता है-

  1. वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा द्वारा सूर्य की किरणों का अवशोषण करके अत्यधिक ताप पैदा करता है। यह ताप ग्लेशियर को पिघला देता है जिससे समुद्रीय तटों के निचले भागों में बाढ़ आ जाती है।
  2. अधिक ताप फसलों को नष्ट करके कृषि पैदावार को कम कर देता है।
  3. वायुमंडल के अधिक ताप के कारण जीवन असुविधाजनक हो जाता है जिससे काम करने की क्षमता कम हो जाती है।

प्रश्न 7.
वायुमंडल में पौधों की भूमिका स्पष्ट करो।
उत्तर-
पौधे प्रकाश-संश्लेषण तथा श्वसन प्रक्रियाओं के द्वारा वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) तथा ऑक्सीजन (O2) के स्तर को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीव-जंतु श्वसन क्रिया द्वारा वायुमंडल में से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। इसके विपरीत पौधे, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश-संश्लेषण द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करके ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं।

प्रश्न 8.
पौधे वायुमंडल के ताप को किस प्रकार कम करते हैं ?
उत्तर-
पौधे अपनी सतह से लगातार वाष्पोत्सर्जन से जल वाष्पित करते हैं। इस प्रक्रिया में निकली जल वाष्प वायुमंडल में आ जाती है। ये जलवाष्प अपनी वाष्पीकरण के लिए ऊष्मा वायुमंडल से लेते हैं। अतः इस प्रक्रिया से वायुमंडल का ताप कम होने लगता है।

प्रश्न 9.
लंबित कणीय द्रव्य क्या हैं ? इनसे क्या क्षति पहुँचती है ?
उत्तर-
लंबित कणीय द्रव्य – ये वायु में उपस्थित ठोस कण हैं जो धूल, धुएं और वाष्पों के रूप में विद्यमान रहते हैं। शीत ऋतु में धुंध के कारण यहीं बनते हैं। महानगरों में वाहनों तथा उद्योगों की अधिकता के कारण इसकी उपस्थिति वहाँ अधिक होती है। इनके कारण श्वसन में कठिनाई होती है। अधिक सूक्ष्म सांस के रास्ते फेफड़ों में प्रवेश कर उन्हें खराब कर सकते हैं या श्वसन संबंधी बीमारियां प्रदान कर सकते हैं।

प्रश्न 10.
क्लोरो फ्लुओरो कार्बन (CFC) किस प्रकार ओज़ोन-परत को क्षति पहुँचाते हैं ?
उत्तर-
क्लोरो फ्लुओरो कार्बन (CFC) वातानुकूलन तथा शीतलन संयंत्रों में प्रयुक्त किए जाते हैं। जब ये समताप मंडल में चले जाते हैं तो विसरित हो कर पराबैंगनी किरणों के प्रभाव से विखंडित हो जाते हैं और फिर ओज़ोन परत को क्षति पहुंचाते हैं। ओजोन परत ही सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती
है।

प्रश्न 11.
धूम कुहरा (Smog) किस प्रकार बनता है ? इससे क्या हानि होती है ?
उत्तर-
धूम कुहरा (धूम + कोहरा) वायु में नाइट्रोजन के ऑक्साइडों के कारण छा जाता है। यह अम्लीय वर्षा का कारण भी बनता है। यह जीवाश्मी ईंधन के दहन से उत्पन्न होता है। इससे साँस की बीमारियाँ हो जाती हैं। बच्चे इससे अधिक प्रभावित होते हैं।

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प्रश्न 12.
भूमंडलीय ऊष्णता को नियंत्रित करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं ?
उत्तर-
सारे विश्व में भू-मंडलीय ऊष्णता को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रीन हाऊस गैसों के सांद्रण को नियंत्रित करके ऐसा किया जा सकता है। इस प्रयत्न में पूरी सफलता तब पूरी मिलेगी जब प्राकृतिक गैस और जीवाश्म ईंधनों के ज्वलन को कम कर दिया जाएगा।

प्रश्न 13.
नाइट्रोजन के जैविक स्थिरीकरण में पौधों की मूल या जड़ ग्रंथियों की क्या भूमिका है ?
उत्तर-
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चना, मटर, सेम जैसे फलीदार पौधों की जड़ों में ग्रंथियां होती हैं। इन ग्रंथियों में नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणु उपस्थित रहते हैं। वे वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं।

प्रश्न 14.
पृथ्वी की ऊपरी सतह का क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
पृथ्वी की ऊपरी सतह मृदा से ढकी हुई है जो जीवन के लिए अति उपयोगी है। यद्यपि इस पर मृदा की मोटाई कुछ मि० मी० से लेकर 3-4 मीटर तक ही होती है पर यह जीवन के लिए परमावश्यक पौधों की वृद्धि एवं विकास की आधार है। इसी से खनिज एवं लवण प्राप्त होते हैं। भूमिगत जल इसी के नीचे चट्टानों पर इकट्ठा होता है।

प्रश्न 15.
चट्टानों के कण प्रकृति द्वारा किस प्रकार अपघटित होते हैं ?
उत्तर-
ऑक्सीकरण, अपचयन, कार्बोनेटीकरण, जल–अपघटन, जलभंजन आदि से चट्टानों के कण प्रकृति द्वारा अपघटित होते हैं। कुछ खनिज पानी में घुल कर वर्षा के पानी के साथ रिसते हुए नीचे पहुँच जाते हैं। लाइकेन जैसे कुछ पौधे चट्टानों पर रह कर अम्लों को बनाते हैं जो मिट्टी की रचना में सहायता देते हैं। कुछ जीवाणु भी इसमें सहायता प्रदान करते हैं।

प्रश्न 16.
मृदा अपरदन विश्व के लिए चिंता का कारण क्यों है ?
उत्तर-
मृदा अपरदन से पृथ्वी की ऊपरी उपजाऊ सतह पानी में बह जाती है या तेज़ वायु से उड़ जाती है। इससे हमारे संसाधन का आधार नष्ट हो रहा है। मिट्टी के उपजाऊ न रहने से फसलों से पूरी मेहनत का फल नहीं मिलेगा।

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प्रश्न 17.
मृदा अपरदन से मृदा के नष्ट होने के अतिरिक्त अन्य नुकसान लिखिए।
उत्तर-
मृदा अपरदन मिट्टी को नष्ट करने के अतिरिक्त और भी अधिक नुकसान पहुंचाता है। अवनलिकाओं के बनने से सड़क तथा इमारतों को नुकसान पहुँचता है। हवा तथा बाढ़ के द्वारा बहाकर लाई गई मृदा तालाबों, झीलों तथा नदियों में जमा हो जाती है। यह जल को पंकिल बना देता है। इससे तालाबों, झीलों तथा नदियों की गहराई कम हो जाती है। गाद के कारण उनके स्तर से जलीय प्राणियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र बाढ़ के प्रकोप का क्षेत्र बन जाता है। जिसके फलस्वरूप स्थानीय जलवायु तथा पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती है।

प्रश्न 18.
मृदा की संरचना में जैविक अपघटकों का योगदान लिखिए।
उत्तर-
मृदा की संरचना में कीड़े-मकौड़ों और पेड़-पौधों का बहुत बड़ा योगदान होता है। मॉस तथा लाइकेन जैसे पौधे चट्टानों पर उगते हैं। इससे उत्पन्न अम्लों से चट्टानों पर रासायनिक क्रिया होती है जिस कारण वे टूटती हैं और मिट्टी के कण बनते हैं। पेड़ों की जड़ें चट्टानों के छिद्रों में उग कर उन पर दबाव डालती हैं जिससे वे टूटती हैं और मृदा में बदल जाती हैं। चींटियां तथा तरह-तरह के कीड़े-मकौड़े मृदा को बनाने में सहयोग देते हैं।

प्रश्न 19.
मिट्टी में ह्यूमस की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर-
मिट्टी में ह्यूमस की उपयोगिता-

  1. मिट्टी के कणों को परस्पर जोड़ कर उनकी प्रकृति में सुधार करता है।
  2. कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ा कर मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाता है।
  3. वर्षा के कारण खनिजों को होने वाले नुकसान को रोकता है।
  4. मिट्टी में पानी को संरक्षित करता है।
  5. रेतली मिट्टी की संरचना में परिवर्तन कर उसे उपजाऊ बनाता है।
  6. कीटों, केंचुओं, सूक्ष्म जीवों आदि को भोजन प्रदान करता है।

प्रश्न 20.
मिट्टी में विभिन्न जीवों की उपयोगिता लिखिए।
उत्तर-
मिट्टी में विभिन्न जीवों की उपयोगिता-

  1. जीवाणु ह्यूमस को बढ़ाते हैं।
  2. केंचुए मिट्टी को मुलायम बनाते हैं।
  3. राइजोबियम जैसे जीवाणु फलीदार पौधों की जड़ों की सहायता से वायु में उपस्थित नाइट्रोजन को पानी में घुलनशील नाइट्रेट में बदल कर उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं।
  4. कुछ जीव मिट्टी में छिद्र करते हैं जिससे पौधों को बढ़ने में सहायता मिलती है।

प्रश्न 21.
दो ऐसी क्रियाएं बताइए जो वायुमंडल में से ऑक्सीजन का उपभोग करती हैं तथा एक ऐसी प्रक्रिया जो वायुमंडल को ऑक्सीजन प्रदान करती है।
उत्तर-

  1. वायुमंडल में से ऑक्सीजन का प्रयोग करने वाली दो क्रियाओं के नाम हैं-
    (a) पौधों, जंतुओं तथा अपघटकों जैसे जीवों के द्वारा सांस लेना।
    (b) ईंधनों का दहन।
  2. वायुमंडल को ऑक्सीजन प्रदान करने वाली एक प्रमुख प्रक्रिया का नाम है-हरे पौधों द्वारा किया गया प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)।

प्रश्न 22.
उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर-
उर्वरक मिट्टी और पानी प्रदूषण को बढ़ाते हैं। इस प्रदूषण से मिट्टी में पाए जाने वाले लाभदायक जीव और जल में पाई जाने वाली मछलियाँ प्रभावित होती हैं । उर्वरकों के कारण शैवालों (Algae) की वृद्धि दर बढ़ जाती है और ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है जिससे पानी में रहने वाले जीवों को भारी क्षति पहुंचती है। यह जल पीने योग्य नहीं रहता।

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प्रश्न 23.
वनों के कटने से क्या हानि होती है ?
उत्तर-
यदि वृक्षों के कटने की दर उनकी वृद्धि दर से अधिक हो तो वृक्षों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जाएगी। वृक्ष वाष्पन की क्रिया से बड़ी मात्रा में जल मुक्त करते हैं। इससे वर्षा वाले बादल आसानी से बनते हैं। जब वन कम हो जाते हैं तब उस क्षेत्र में वर्षा कम होती है। इससे वृक्ष कम संख्या में उग पाते हैं। इस प्रकार एक दुष्चक्र आरंभ हो जाता है और वह क्षेत्र रेगिस्तान भी बन सकता है। वृक्षों के बहुत अधिक मात्रा में कटने से जैव पदार्थों में समृद्ध मिट्टी की सबसे ऊपरी परत वर्षा के पानी के साथ बहकर लुप्त होने लगती है।

प्रश्न 24.
भारी उद्योगों के स्थापित होने से स्थानीय जलवायु पर होने वाले कोई दो प्रभाव लिखिए।
उत्तर-

  1. भारी उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं से CO2 के द्वारा प्रदूषण होता है तथा वायुमंडल के तापमान में वृद्धि हो जाती है।
  2. आर्द्रता कम हो जाने से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होता है।

प्रश्न 25.
किसी व्यस्त चौराहे से प्रतिपल अनेक मोटर वाहन गुजरते हैं। चौराहे के निकट वायुमंडल में किन गैसों का सांद्रण अधिक होगा ?
उत्तर-
किसी व्यस्त चौराहे से प्रतिपल अनेक मोटर वाहन गुज़रने से चौराहे के निकट वायुमंडल में

  1. कार्बन मोनोऑक्साइड,
  2. कार्बन डाइऑक्साइड,
  3. सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसों का सांद्रण होगा।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
हमारे ज्ञान के आधार पर किस ग्रह पर जीवन मौजूद है ?
उत्तर-
पृथ्वी पर।

प्रश्न 2.
जीवन के लिए किस-किस की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
परिवेश, ताप, पानी और भोजन।

प्रश्न 3.
सभी जीवों की मूल आवश्यकता किसके द्वारा पूरी की जाती है ?
उत्तर-
सूर्य से ऊर्जा और पृथ्वी पर उपलब्ध संपदा द्वारा।

प्रश्न 4.
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
स्थलमंडल।

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प्रश्न 5.
पृथ्वी पर कितने प्रतिशत पानी है ?
उत्तर-
75% (लगभग)।

प्रश्न 6.
हवा पृथ्वी को किस प्रकार ढांपे हुए है ?
उत्तर-
एक कंबल के समान।

प्रश्न 7.
जीवमंडल क्या है ?
उत्तर-
जीवन को आश्रय देने वाला पृथ्वी का वह घेरा जहां वायुमंडल, स्थलमंडल और जलमंडल एक-दूसरे से मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं उसे जीवमंडल कहते हैं।

प्रश्न 8.
जीवमंडल के जैविक घटक कौन-से हैं ?
उत्तर-
सभी सजीव।

प्रश्न 9.
जीवमंडल के निर्जीव घटक कौन-से हैं ?
उत्तर-
हवा, जल और मिट्टी।

प्रश्न 10.
वायु किन गैसों का मिश्रण है ?
उत्तर-
नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प।

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प्रश्न 11.
शुक्र और मंगल ग्रहों पर मुख्य रूप से कौन-सी गैस है ?
उत्तर-
95 से 97% तक CO2 गैस।

प्रश्न 12.
यूकेरियोटिक और प्रोकेरियोटिक कोशिकाओं को ग्लूकोज़ अणुओं को तोड़ने और ऊर्जा पाने के लिए किस गैस की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
ऑक्सीजन गैस की।

प्रश्न 13.
दहन क्रिया क्या है ?
उत्तर-
वह क्रिया जिसमें O2 की खपत और CO2 का उत्पादन होता है उसे दहन क्रिया कहते हैं।

प्रश्न 14.
CO2 किन दो विधियों से स्थिर होती है ?
उत्तर-

  1. हरे पेड़- पौधे के द्वारा CO2 को कार्बोहाइड्रेट्स में बदलने में।
  2. समुद्री जल में घुले कार्बोनेट से कवच बनाने में।

प्रश्न 15.
पृथ्वी के औसत तापमान को वर्ष-भर कौन नियत रखता है ?
उत्तर-
वायुमंडल।

प्रश्न 16.
चंद्रमा की सतह पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान कितना होता है ?
उत्तर-
न्यूनतम तापमान = -190°C
अधिकतम तापमान = 110°C.

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प्रश्न 17.
गर्म होने से वायु में कौन-सी धाराएं उत्पन्न होती हैं ?
उत्तर-
संवहन धाराएं।

प्रश्न 18.
जल और स्थल के विकिरण से गर्म होकर वायु किस तरफ उठती है ?
उत्तर-
ऊपर की ओर।

प्रश्न 19.
कौन-सी वायु अधिक गर्म होती है-जल के ऊपर या स्थल के ऊपर ?
उत्तर-
स्थल के ऊपर।

प्रश्न 20.
दिन के समय वायु किस दिशा से किस दिशा की ओर प्रस्थान करती है ?
उत्तर-
समुद्र से स्थल की ओर।

प्रश्न 21.
रात के समय वायु किस दिशा से किस दिशा की ओर बढ़ती है ?
उत्तर-
स्थल से समुद्र की ओर।

प्रश्न 22.
वायु की गतियां किसका परिणाम हैं ?
उत्तर-
वायुमंडलीय प्रक्रियाओं का परिणाम।

प्रश्न 23.
हवाओं को कौन-से दो कारक प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
पृथ्वी की घूर्णन गति तथा पर्वत श्रृंखलाएं।

प्रश्न 24.
बादल कैसे बनते हैं ?
उत्तर-
गर्म वायु के साथ जलवाष्प ऊपर उठकर संघनित हो जाते हैं और हवा में उपस्थित कणों के चारों ओर जमा होकर बूंदों में बदल कर बादलों का रूप ले लेते हैं।

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प्रश्न 25.
ओले कब गिरते हैं ?
उत्तर-
जब हवा का तापमान कम हो जाता है तब वर्षा की बूंदें ओलों के रूप में गिरती हैं।

प्रश्न 26.
वर्षा का पैटर्न किस पैटर्न पर निर्भर करता है ?
उत्तर-
पवन के पैटर्न पर।

प्रश्न 27.
भारत के बड़े भू-भाग पर किस कारण वर्षा होती है ?
उत्तर-
दक्षिण पश्चिम या उत्तर पूर्वी मानसून के कारण।

प्रश्न 28.
वायु की गुणवत्ता में कमी क्यों आई है ?
उत्तर-
नाइट्रोजन और सल्फर के जलने के कारण।

प्रश्न 29.
धूम कोहरा किससे बनता है ?
उत्तर-
सर्दी के मौसम में पानी के साथ हवा में संघनन से।

प्रश्न 30.
धूम कोहरा किसकी ओर संकेत करता है ?
उत्तर-
वायु प्रदूषण की ओर।

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प्रश्न 31.
शुद्ध रूप में जल कहाँ विद्यमान है ?
उत्तर-
ध्रुवों पर बर्फ के रूप में, भूमिगत जल, नदियों, झीलों, तालाबों के रूप में।

प्रश्न 32.
स्थलीय प्राणी खारे पानी का प्रयोग क्यों नहीं कर पाते ?
उत्तर-
उनका शरीर खारे पानी में नमक की अधिक मात्रा को सहज नहीं कर पाता।

प्रश्न 33.
पानी की उपलब्धता स्पीशीज़ के वर्ग को किस-किस प्रकार प्रभावित करती है ?
उत्तर-

  1. संख्या
  2. जीवन में विविधता।

प्रश्न 34.
जलाशयों में प्राय: क्या मिल जाता है ?
उत्तर-
पीड़कनाशी, उर्वरक, विषैले पदार्थ, जीवाणु तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थ ।

प्रश्न 35.
जलीय जीव प्रदूषण से कब प्रभावित होते हैं ?
उत्तर-
जब जलीय ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

प्रश्न 36.
जलाशय का तापमान बढ़ने से क्या दुष्परिणाम होते हैं ?
उत्तर-
जीवों का प्रजनन प्रभावित होता है क्योंकि विभिन्न प्रकार के जंतुओं के अंडे और लारवा तापमान परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होते हैं।

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प्रश्न 37.
मिट्टी की सबसे बाहरी परत को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
भूपृष्ठ।

प्रश्न 38.
भूपृष्ठ में उपस्थित खनिज किस कार्य में सहायक होते हैं ?
उत्तर-
जीवों के पालन-पोषण में।

प्रश्न 39.
पत्थर टूट कर मिट्टी में किन प्रक्रमों से बदलते हैं ?
उत्तर-
भौतिक, रासायनिक और कुछ जैव प्रक्रमों से।

प्रश्न 40.
मिट्टी क्या है ?
उत्तर-
चट्टानों के टूटने के बाद अंत में बचे महीन कण मिट्टी कहलाते हैं।

प्रश्न 41.
कौन-से पौधे मिट्टी बनाने में सहायक होते हैं ?
उत्तर-
लिचन, मॉस तथा अन्य छोटे-बड़े पेड़-पौधे।

प्रश्न 42.
ह्यूमस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
मिट्टी में गले-सड़े जीवों के अवशेष ह्यूमस कहलाते हैं।

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प्रश्न 43.
मिट्टी के गुण किस-किस के कारण होते हैं ?
उत्तर-
यूमस की मात्रा तथा सूक्ष्म जीवों के कारण।

प्रश्न 44.
मिट्टी के पोषक तत्व किस पर निर्भर करते हैं ?
उत्तर-
उन चट्टानों पर जिनसे टूट कर वह मिट्टी बनी थी।

प्रश्न 45.
मिट्टी की संरचना को किसने बर्बाद किया है ?
उत्तर-
पीड़कनाशकों तथा उर्वरकों के अधिक प्रयोग ने।

प्रश्न 46.
पीड़कनाशकों और उर्वरकों ने मिट्टी में किसे नष्ट कर दिया है ?
उत्तर-
सूक्ष्मजीवों तथा केंचुओं को।

प्रश्न 47.
किस प्रकार की खेती न करने से मिट्टी जल्दी बंजर बन जाती है ?
उत्तर-
संपूषशीय खेती।

प्रश्न 48.
मिट्टी में स्थित जैविक विविधता किस प्रकार नष्ट होती है ?
उत्तर-
उपयोगी घटकों का मिट्टी से हटना तथा दूसरे हानिकारक पदार्थों के मिट्टी में मिलने से।

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प्रश्न 49.
मिट्टी का अपरदन किन स्थानों पर त्वरित होता है ?
उत्तर-
पहाड़ी और पर्वतों वाले भागों में।

प्रश्न 50.
जलीय चक्र के दौरान पानी को क्या होता है ?
उत्तर-
अनेक घुलनशील पदार्थ पानी में घुल कर नदियों के माध्यम से समुद्र में चले जाते हैं। इससे मिट्टी के पोषक तत्व भी समुद्र में चले जाते हैं जिनका उपयोग समुद्री जीव-जंतु करते हैं।

प्रश्न 51.
वायुमंडल में नाइट्रोजन कितने प्रतिशत है ?
उत्तर-
78% (लगभग)।

प्रश्न 52.
नाइट्रोजन का उपयोग जीवन के लिए किस रूप से है ?
उत्तर-
प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, DNA, RNA और विटामिन रूप से।

प्रश्न 53.
अन्य जैविक यौगिकों में नाइट्रोजन किस रूप में विद्यमान है ?
उत्तर-
ऐल्केलॉइड तथा यूरिया।

प्रश्न 54.
नाइट्रोजन को स्थिरीकरण करने वाले कौन-से पौधे होते हैं ?
उत्तर-
द्विबीज पत्री पौधे।

प्रश्न 55.
नाइट्रोजन को स्थिर करने वाले बैक्टीरिया कहाँ होते हैं ?
उत्तर-
फलीदार पौधों की जड़ों की मूल ग्रंथिका में।

प्रश्न 56.
बादलों में चमकने वाली बिजली नाइट्रोजन को क्या करती है ?
उत्तर-
नाइट्रोजन को ऑक्साइड में बदल देती है।

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प्रश्न 57.
सामान्यतः पौधे नाइट्रेटस और नाइट्राइट्स को किस में बदल देते हैं ?
उत्तर-
अमीनो अम्ल में।

प्रश्न 58.
विभिन्न खनिजों में कार्बन किस रूप में मिलता है ?
उत्तर-
कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट के रूप में।

प्रश्न 59.
जीवन में कार्बन आधारित अणुओं के नाम लिखिए।
उत्तर-
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, वसा, न्यूक्लिक अम्ल, विटामिन।

प्रश्न 60.
वायुमंडल में कितने प्रतिशत ऑक्सीजन गैस है ?
उत्तर-
21% (लगभग)।

प्रश्न 61.
ऑक्सीजन का उपयोग किन तीन प्रक्रियाओं में होता है ?
उत्तर-
श्वसन, दहन और नाइट्रोजन ऑक्साइड के निर्माण में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
संचरणीय तथा असंचरणीय रोग किन्हें कहते हैं ? संचरणीय रोग किस प्रकार फैलते हैं ? वर्णन करो।
उत्तर-
संचरणीय रोग – ये ऐसे रोग हैं जो सूक्ष्मजीवों, विषाणुओं, जीवाणुओं, कवकों तथा प्रोटोजोआ द्वारा उत्पन्न होते हैं । इन रोगों के रोगाणु वायु, जल, भोजन, संपर्क तथा कीटों द्वारा संचारित होते हैं । ये रोग बीमार व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संचारित होते हैं। इसलिए इन्हें संचरणीय रोग कहते हैं।

असंचरणीय रोग – ये रोग बीमार व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में नहीं फैलते। इसलिए इन्हें असंचरणीय रोग कहते हैं। डायबिटीज़, कैंसर, एनीमिया, क्वाशियोरकार आदि असंचरणीय रोग हैं।

संचरणीय रोग के फैलाव की विधि – संचरणीय रोग रोगी मनुष्य से स्वस्थ मनुष्य में दो प्रकार से फैलते हैं-
(i) प्रत्यक्ष स्थानांतरण
(i) अप्रत्यक्ष स्थानांतरण।

(i) प्रत्यक्ष स्थानांतरण – यह निम्नलिखित ढंगों द्वारा होता है-

  1. यह रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने तथा बात करने आदि से होता है। इसे ड्रोपलेट संक्रमण भी कहते हैं।
  2. यह संक्रमित व्यक्ति के स्वस्थ व्यक्ति से संपर्क द्वारा होता है।
  3. यह व्यक्ति के भूमि के साथ संपर्क द्वारा होता है।
  4. यह जंतुओं के काटने से होता है।
  5. यह रक्त द्वारा संचारित होता है।

(ii) अप्रत्यक्ष स्थानांतरण – यह निम्नलिखित ढंगों द्वारा होता है-

  1. यह कीटों तथा अन्य जंतुओं द्वारा होता है।
  2. यह संक्रमित जल, भोजन तथा वायु द्वारा होता है।
  3. यह धुआं तथा धूल आदि द्वारा होता है।

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प्रश्न 2.
यदि आपका घर स्वच्छ है किंतु पास-पड़ोस स्वस्थ नहीं है तो आप स्वस्थ रह सकते हैं ? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर-
हमारे स्वास्थ्य पर वातावरण का प्रभाव अवश्य पड़ता है। यदि हमारा वातावरण दूषित है तो यह निश्चित है कि उसका विपरीत प्रभाव हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। यदि हमारा घर स्वच्छ हो, परंतु यदि पड़ोस का वातावरण अस्वच्छ है तो निश्चित रूप से हम स्वच्छ नहीं रह सकते। पड़ोस के लोगों की अस्वच्छ व्यक्तिगत आदतों के कारण वातावरण को स्वच्छ रखना कठिन होता है। यदि पड़ोस में रहने वाले लोग अपने अपशिष्ट पदार्थों का विसर्जन खुले में करें, गंद, गोबर गली में फेंके या नालियों द्वारा मल-मूत्र बाहर निकालें तो वातावरण किस प्रकार स्वच्छ रहेगा?

इन्हीं अपशिष्ट पदार्थों तथा गंदगी के ढेरों में रोगों को फैलाने वाले अनेक सूक्ष्म जीव तथा रोगाणु पलते हैं, जिनको मच्छर तथा मक्खियां हमारे भोजन पर लाकर छोड़ देती हैं। यही प्रदूषित भोजन हमारे स्वास्थ्य को खराब करता है। अतः अपना और पड़ोस का वातावरण शुद्ध रखना अत्यंत आवश्यक होगा।

प्रश्न 3.
मक्खी किस प्रकार संक्रमण फैलाती है?
उत्तर-
घरेलू मक्खियां संक्रमण फैलाने वाले जीवों के लिए सामान्य वाहक हैं। मक्खियों को प्रवृत्ति सदा कूड़े-कर्कट, मानव मल-मूत्र तथा भोजन की ओर आकृष्ट होने की रहती है। जब वे मल-मूत्र या सड़े-गले पदार्थों पर बैठती हैं तो असंख्य सूक्ष्म जीव उनकी टांगों, बालों तथा शरीर के अन्य भागों में चिपक जाते हैं। जब ये मक्खियां हमारे खाद्य-पदार्थों पर बैठती हैं तो वे सूक्ष्मजीव उन पदार्थों पर छोड़ जाती हैं। जब मनुष्य इन सूक्ष्म जीवों वाले खाद्य-पदार्थों का सेवन करता है तो वे सूक्ष्म जीव शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। शरीर में उचित वातावरण पाकर इनकी संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि हो जाती है जिस कारण हम रोगग्रस्त हो जाते हैं। इन मक्खियों द्वारा टायफाइड, हैज़ा आदि रोगाणु हम तक पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त मक्खियां घार, आँखों तथा त्वचा को भी संक्रमित करती हैं।

प्रश्न 4.
अच्छा स्वास्थ्य रखने में शिक्षा किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर-
स्वास्थ्य शिक्षा का ज्ञान ही मनुष्यों तथा समुदायों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य संबंधी सामान्य ज्ञान हो तो वह अपने तथा समुदाय के स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायता कर सकता है। स्वास्थ्य शिक्षा से हमें यह पता चलता है कि संतुलित आहार के लिए किस-किस पदार्थ का सेवन करना चाहिए जिससे सभी पोषक तत्व प्राप्त हो सकें। संतुलित आहार मनुष्य के शरीर में ऊर्जा तथा प्रतिरक्षक प्रदान करता है। इस प्रकार विभिन्न रोगों के फैलने के कारण तथा उनकी रोकथाम के उपाय पता हों तो स्वयं तथा अन्य व्यक्तियों को समय से पहले ही रोग से प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। इस प्रकार का ज्ञान प्राप्त करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना होनी चाहिए।

कुछ सामान्य बातों का ज्ञान सभी के लिए आवश्यक होना चाहिए जैसे कि मलेरिया मच्छरों द्वारा फैलता है जो खड़े पानी में, तालाबों आदि में पलते हैं; मक्खियां गंदगो पर बैठकर हमारे भोजन पर करोड़ों को संख्या में कीटाणु छोड़ जाती हैं जिनसे हैजा, पेचिश, उल्टियां आदि लग सकती हैं। अतः स्वस्थ शिक्षा का ज्ञान होने से मक्खी, मच्छरों को मारा जा सकता है या इनसे बचाव किया जा सकता है। यदि इस प्रकार का ज्ञान प्राप्त हो तो सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण को नियंत्रण में रखा जा सकता है। इस प्रकार की शिक्षा का प्रसार हम सबको करना चाहिए ताकि सभी को स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत विषयों की जानकारी तथा उचित प्रशिक्षण प्राप्त हो।

गांवों में सफाई का विशेष ध्यान रखने की विधियां, स्वच्छ पानी की व्यवस्था आदि का ज्ञान सभी को हो जाए तो कई रोगों से बचा जा सकता है। शिशु को कौन-से टीके किस आयु में लगवाने हैं-इस प्रकार की जानकारी सभी को उपलब्ध हो तो शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य शिक्षा से अनेक प्रकार की असुविधाओं से सभी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

प्रश्न 5.
रोगों को रोकने या उनको फैलने से रोकने के लिए कुछ उपाय लिखिए।
उत्तर-
रोगों को रोकने या उनको फैलने से रोकने के उपाय-

  1. शरीर को स्वच्छ रखना चाहिए तथा साफ़ वस्त्र पहनने चाहिए।
  2. आहार संतुलित होना चाहिए ताकि शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा ठीक बनी रहे।
  3. खाद्य पदार्थों को मक्खियों, मच्छरों, धूल-कण आदि से बचा कर सुरक्षित रखना चाहिए।
  4. घर तथा अड़ोस-पड़ोस में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि मच्छर वहां पर वृद्धि न कर सकें।
  5. सीवर व्यवस्था बहुत अच्छी होनी चाहिए ताकि जल-मल का विसर्जन ठीक हो।
  6. मानव के मल-मूत्र एवं घरेलू अपशिष्ट का निपटान ठीक प्रकार से होना चाहिए।
  7. खुले स्थानों पर मल त्यागने से पर्यावरण दूषित होता है तथा नदी-नालों का जल भी दूषित हो जाता है। इसलिए कम लागत वाले ढके पाखानों का निर्माण करना चाहिए।
  8. धूम्रपान, शराब या संवेदना मंदक पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
  9. यौन संबंध द्वारा फैलने वाले सिफ़लिस, गोनोरिया, एड्स जैसे रोगों की रोकथाम संयमित तथा स्वच्छ जीवन पद्धति द्वारा की जा सकती है।
  10. व्यक्तिगत तथा सामुदायिक स्तर पर पर्यावरण को साफ़ रखना चाहिए।

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प्रश्न 6.
अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक मूल परिस्थितियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसके शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक जीवन क्षमता की सामान्य स्थिति होता है। अच्छा स्वास्थ्य होने पर भी हम व्यक्ति के रूप में, एक समाज के रूप में, एक राष्ट्र के रूप में, अपनी क्षमता का उपयोग कर सकते हैं। अस्वस्थता तथा रोगों से मुक्ति अच्छे स्वास्थ्य के लक्षण हैं। चिंताओं तथा सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक तनावों से स्वतंत्र होना एक अच्छा स्वास्थ्य प्रदर्शित करता है। अत: अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अनलिखित मूल परिस्थितियां होती हैं-

1. उपयुक्त आहार – अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार आवश्यक होता है क्योंकि संतुलित आहार से ही हमें पोषक तत्व मिलते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं तथा प्रतिरक्षण प्रदान करते हैं।

2. व्यक्तिगत एवं घरेलू स्वास्थ्य विज्ञान – स्वास्थ्य व्यक्तिगत तथा सामुदायिक स्तर पर ठीक होना चाहिए। व्यक्तिगत स्तर पर शरीर स्वच्छ रखना, साफ़-सुथरे कपड़े पहनना, संतुलित आहार लेना तथा मादक एवं संवेदनामंदक पदार्थों से दूर रहना आदि बातों का ध्यान रखना होता है। घरेलू स्वास्थ्य के अंतर्गत, घरेलू अपशिष्ट पदार्थों का निपटान, मल-मूत्र त्यागने और विसर्जन का ठीक से निपटान तथा खाद्य पदार्थों को जीवाणुओं तथा रोगाणुओं से सुरक्षित रखना आदि प्रबंधन आते हैं। सूक्ष्म जीव ही हमारे भोजन को संक्रमित करके खराब करते हैं । इसलिए घरों में खाद्य पदार्थों को जालीदार अलमारी में रखने से मक्खियों तथा कीटों से बचाया जा सकता है। मल-मूत्र त्यागने के पश्चात् तथा भोजन से पहले हाथों को ठीक प्रकार से साबुन तथा पानी से धोने से सूक्ष्मजीवों से कुछ सीमा तक छुटकारा पाया जा सकता है।

3. स्वच्छ भोजन, जल एवं वायु – बाज़ार से फल, सब्जियां आदि लाने पर उन्हें स्वच्छ पानी से धोना चाहिए, जिसे पीड़कनाशक या धूल आदि जो बाहरी आवरण पर चिपके होते हैं, वे उतर जाते हैं और फल तथा सब्जियां सूक्ष्म जीव, कृमि आदि के प्रभाव से बच जाती हैं। इन सब्जियों को साफ़, ठंडे तथा मक्खी रहित स्थान पर भंडारित करना चाहिए।

पानी को उबाल कर छान कर पीने से पानी कीटाणु रहित हो जाता है। बीमारी वाले दिनों में तो अवश्य ही पानी को उबाल कर ही उपयोग में लाना चाहिए, ऐसा करने से पानी जीवाणुओं से मुक्त हो जाता है। बर्तन धोने, खाना पकाने तथा पीने आदि के लिए कभी भी तालाब या नदी का पानी प्रयोग नहीं करना चाहिए।

जिस प्रकार स्वच्छ भोजन और जल जीवन के लिए आवश्यक है, उसी प्रकार शुद्ध, स्वच्छ तथा ताजी वायु भी स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है। यही शुद्ध वायु शरीर में भोजन का दहन करके शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। प्रदूषित वायु में सांस लेने से श्वसन रोग हो जाते हैं। तंबाकू का प्रयोग करने वालों में कैंसर तथा हृदय रोगों की संभावना अधिक रहती है। धुएं रहित चूल्हों का उपयोग करने से उसके हानिकारक प्रभावों से महिलाओं को बचाया जा सकता है।

4. व्यायाम, विश्राम तथा व्यसन – नियमित व्यायाम शरीर तथा मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है। समय पर व्यायाम, विश्राम एवं सोना शारीरिक प्रक्रियाओं को दक्षतापूर्ण कार्य करने में सहायक है। अच्छा स्वास्थ्य होने पर भी यदि हमें किसी व्यसन की आदत पड़ जाए तो शरीर में मानसिक तथा शारीरिक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। तंबाकू के प्रयोग से मुख और फेफड़ों का कैंसर हो जाता है। शराब मस्तिष्क की जागरूकता को कम करती है तथा इसका अधिक सेवन यकृत में विकार उत्पन्न करता है। अतः इन मादक और नशीले पदार्थों के व्यसन से बचना चाहिए।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य किसे कहते हैं ?
उत्तर-
स्वास्थ्य – स्वास्थ्य मानव शरीर के सभी अंगों तथा तंत्रों के ठीक से कार्य करने की स्थिति है। किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य उसके शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक जीवन क्षमता की सामान्य स्थिति है। उद्देश्यपूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए अच्छा स्वास्थ्य आवश्यक है। अस्वस्थता तथा रोगों से मुक्ति अच्छे स्वास्थ्य के लक्षण हैं किंतु स्वास्थ्य में चिंताओं तथा सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक तनावों से स्वतंत्रता भी इसमें सम्मिलित है। स्वास्थ्य अच्छा होने पर हम व्यक्ति, समाज तथा एक राष्ट्र के रूप में अपनी क्षमता का सर्वोत्तम उपयोग कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना किस प्रकार कठिन हो गया है ?
उत्तर-
बढ़ती जनसंख्या तथा घनी आबादी के क्षेत्रों में रहन-सहन के कारण अपशिष्ट पदार्थों की अधिकता वायु तथा जल को प्रदूषित करती है। कारखानों और विकिरणों के कारण उत्पन्न प्रदूषण आदि ऐसी समस्याएं हैं जो पर्यावरण को अधिक मात्रा में प्रदूषित करती हैं। व्यक्तिगत आदतें सारे समुदाय के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती हैं। वाहनों से निकला धुआं, चिमनियों से निकला धुआं तथा सह-उत्पाद सभी मिलकर वायु तथा जल को अर्थात् पर्यावरण को लगातार प्रदूषित करते रहते हैं। इसके अतिरिक्त घरेलू तथा सामुदायिक अस्वस्थ परंपराएं भी पर्यावरण पर कुप्रभाव डालती हैं।

प्रश्न 3.
व्यक्तिगत स्तर पर ठीक स्वास्थ्य के लिए हमारे क्या कर्तव्य हो सकते हैं?
उत्तर-
व्यक्तिगत स्तर पर शरीर को प्रतिदिन साफ़ पानी से धोना चाहिए ताकि उस पर चिपकी धूल आदि हट जाए। त्वचा साफ़ हो तो दुर्गंध नहीं आती तथा चर्म रोग आदि के लगने की संभावना कम होती है। हमारे कपड़े स्वच्छ होने चाहिएं। बर्तनों तथा खाद्य पदार्थों को मक्खियों तथा कीटों से बचा कर जालीदार अलमारी में रखना चाहिए। मल-मूत्र त्यागने के पश्चात् तथा भोजन से पहले हाथों को साबुन से तथा पानी से अच्छी तरह धो लेने से वे रोगाणु मुक्त हो जाते हैं। पानी को उबाल कर पीना लाभप्रद होगा।

प्रश्न 4.
संचरणीय तथा असंचरणीय रोगों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
संचरणीय तथा असंचरणीय रोगों में अंतर-

संचरणीय रोग असंचरणीय रोग
(1) यह रोग शरीर में रोगाणुओं के प्रवेश कर जाने के कारण होता है। (1) ये रोग अन्य कारणों से उत्पन्न होते हैं-जैसे उपापचय, संतुलित भोजन न मिलने से, शरीर के किसी भाग में अनियंत्रित कोशिका विभाजन इत्यादि से।
(2) रोग का फैलाव वायु, पानी, दूध, भोजन तथा माता के प्लेसैंटा से भ्रूण में हो सकता है। (2) इनके फैलाव के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
(3) ये रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संपर्क द्वारा फैलते हैं। (3) ये रोग शरीर में उत्पन्न होते हैं। संपर्क द्वारा नहीं फैलते।

प्रश्न 5.
सूक्ष्मजीव हमारे शरीर में किन-किन साधनों से प्रवेश करते हैं ? प्रत्येक का उदाहरण लिखिए।
उत्तर-
सूक्ष्मजीव हमारे शरीर में वायु, जल तथा भोजन द्वारा, त्वचीय स्पर्श द्वारा प्रवेश करते हैं। सामान्य सर्दी या जुकाम में वायरस वायु द्वारा फैलते हैं। हैजा, जठरांत्र शोथ तथा मियादी बुखार के जीवाणु भोजन तथा जल के माध्यम से फैलते या शरीर में प्रवेश करते हैं। रिंगवर्म एक प्रकार की फंगस का संक्रमण है। यह त्वचा के स्पर्श द्वारा फैलती है। सिफलिस, गोनोरिया जैसे यौन रोग जीवाणुओं से फैलते हैं और एड्स वायरस से फैलता है।

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प्रश्न 6.
उन दो स्थितियों को बताइए जिसके कारण हमारे देश में स्वास्थ्य समस्याओं का उन्मूलन अभी तक संभव नहीं हो सका।
उत्तर-

  • चिकित्सा सुविधाओं के अत्यधिक प्रसार के बाद भी इन सुविधाओं की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं है।
  • इन रोगों को जड़ से समाप्त कर देने के लिए सामाजिक स्तर पर आवश्यक परिस्थितियों का अभाव है। मलमूत्र के सुरक्षित विसर्जन के लिए उपयुक्त व्यवस्था का न होना तथा जनता में शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान के कारण अभाव के प्रत्येक नागरिक इस दिशा में सक्रिय योगदान प्रदान नहीं कर पाता।

प्रश्न 7.
डायरिया क्या है ? इससे बच्चे को बचाने की विधि लिखिए।
उत्तर-
डायरिया के कारण बच्चे को उल्टी तथा दस्त लगते हैं जिसके परिणाम में उनमें निर्जलीकरण की संभावना बढ जाती है। निर्जलीकरण से बचाने के लिए बच्चे को निम्नलिखित विधि से तैयार किया घोल एक दिन में 5-6 बार दिया जाना चाहिए। एक गिलास स्वच्छ पानी में तीन चम्मच चीनी, एक चौथाई चम्मच नमक, एक चुटकी खाने का सोडा तथा कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इसके अतिरिक्त सूप, दाल, चावल का पानी तथा छाछ भी पानी की कमी को पूरा करते हैं।

प्रश्न 8.
एक वर्ष तक के बच्चे को लगने वाले टीके लिखिए।
उत्तर-

  1. B.C.G. – यह टीका शुरू में ही क्षय रोग से बचाने के लिए लगाया जाता है।
  2. खसरा का टीका – यह छोटी माता या खसरा से बचने के लिए लगाया जाता है।
  3. पोलियो – इसकी दवाई मुंह द्वारा दी जाती है। प्रत्येक मास के अंतर पर इसे तीन बार दिया जाना चाहिए।
  4. D.P.T. के तीन टीके एक-एक मास के अंतर पर दिये जाते हैं। इनसे बच्चा डिप्थीरिया, कुकुर खांसी तथा टिटनेस से सुरक्षित रहता है।

प्रश्न्र 9.
क्षय रोग कौन-से अंग को प्रभावित करता है? यह कैसे फैलता है ? इससे कैसे बचा जा सकता है ?
उत्तर-
क्षय रोग मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, परंतु बाद में लिंफनोड, मस्तिष्क, अस्थियां तथा आंत भी प्रधावित हो जाते हैं।
गोग थक दवारा फैलता है।
इससे बचने के लिए बी० सी० जी० (B.C.G.) के टीके लगवाने चाहिए।

प्रश्न 10.
यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता काट जाए तो क्या उपाय करना चाहिए?
उत्तर-
कुत्ते के काटने से बने घाव को साबुन तथा साफ़ पानी से धोकर रोगाणुनाशक दवाई लगानी चाहिए। जब काटने वाला कुत्ता पागल हो तो काटे गए व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह पर एंटीरेबीज़ टीके अवश्य लगवाने चाहिएं।

प्रश्न 11.
कारणात्मक जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर-
प्राय: संक्रामक बीमारियां एक प्राणी से दूसरे प्राणियों तक वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ, कवक और कृमियों के द्वारा पहुंचती हैं। हैजा, क्षय रोग तथा टायफाइड को बैक्टीरिया फैलाते हैं। चेचक, छोटी माता, पोलियो, रेबीज़, जुकाम आदि वायरस से फैलते हैं। दस्त और पेचिश आंतरिक गड़बड़ियों से फैलते हैं। बीमारी फैलाने में सहायक इन जीवों को कारणात्मक जीव कहते हैं।

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प्रश्न 12.
टीके पर तापमान और समय सीमा का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर-
टोके पर तापमान का प्रभाव पड़ता है। उसे कम तापमान में रखना चाहिए क्योंकि उच्च तापमान पर वे नष्ट हो जाते हैं। उनका संरक्षण समय सीमित होता है। अधिक समय तक उनका प्रयोग न होने पर उनकी शक्ति का प्रभाव नष्ट हो जाता है जिसे पुनः हासिल नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 13.
वाहक (Vector) से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
वाहक (Vector) – बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्म जीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने वाले जीवों को वाहक कहते हैं। घरेलू मक्खी हैजे, पेचिश आदि के कीटाणुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है तो मादा एनाफ्लीज़ मच्छर मलेरिया को फैलाते हैं। ऐडीज मच्छर डेंगू को फैलाता है।

प्रश्न 14.
एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) किसे कहते हैं ? ये किस प्रकार अपना कार्य करते हैं ?
उतर-
ये वे पदार्थ हैं जो सूक्ष्म जीवों से उत्पन्न किए जाते हैं और ये सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकते हैं। पैनिसीलिन ऐसा पहला प्रति जैविक पदार्थ है जो मनुष्य द्वारा उपयोग के लिए तैयार किया गया है। एंटीबायोटिक सामान्य रूप से बैक्टीरिया के महत्त्वपूर्ण जैव रासायनिक मार्ग को बंद कर देते हैं। अनेक बैक्टीरिया अपनी रक्षा के लिए एक कोशिका भित्ति बना लेते हैं पर एंटीबायोटिक उनकी कोशिका भित्ति बनाने वाली प्रक्रिया को बाधित कर देते हैं जिस कारण वे सरलता से मर जाते हैं।

प्रश्न 15.
कुछ सामान्य बीमारियों को वर्गीकृत करें जो कारणात्मक जीवों के द्वारा होती हैं ?
उत्तर-
(क) जीवाणुओं द्वारा फैलाये जाने वाले रोग – जो बीमारियां जीवाणुओं के द्वारा फैलाई जाती हैं उन्हें बैक्टीरियल कहते हैं, जैसे-क्षय रोग, हैजा, टायफाइड, दस्त, टैटनस, डिप्थीरिया आदि।

(ख) विषाणुओं द्वारा फैलाये जाने वाले रोग – जो बीमारियां वायरस के द्वारा फैलती हैं उन्हें वायरल बीमारियां कहते हैं, जैसे-पोलियो, चिकन पाक्स, रेबीज़, जुकाम, खसरा, एडस आदि।

(ग) प्रोटोजोआ द्वारा फैलाये जाने वाले रोग – जो बीमारियां प्रोटोजोआ के द्वारा फैलाई जाती हैं उन्हें प्रोटोजाअन कहते हैं, जैसे-डायरिया, गैस्ट्रोइटाइटिस, मलेरिया आदि।

(घ) कवक द्वारा फैलाये जाने वाले रोग – जो रोग कवकों के द्वारा फैलाये जाते हैं उन्हें कवकीय रोग कहते हैं। जैसे—दाद, त्वचा रोग आदि।

प्रश्न 16.
जुकाम से बचना कठिन है, इस पर विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर-
जुकाम ऐसी बीमारी है जो शायद विश्व के सभी लोगों को कभी न कभी संक्रमित कर चुकी है। इसके लिए अनेक वायरस ज़िम्मेदार होते हैं जिनसे पूरी तरह बचाव बहुत कठिन है। इनके प्रभाव से श्वसन नलिका की ऊपरी श्लेष्मा झिल्ली, नाक और गला संक्रमित होते हैं जिस कारण नाक और आंखों से तरल पदार्थ निकलता है। शरीर के संक्रमित भाग पर जलन होती है। कुछ विशेष औषधियों से इनको कुछ सीमा तक कम करने में सहायता मिलती है। विटामिन-सी इसके लिए उपयोगी है।

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प्रश्न 17.
टीकाकरण क्या है?
उत्तर-
टीकाकरण – वर्तमान युग में रोगों से बचने या उनके उपचार के लिए टीकाकरण की बहुत अधिक सहायता ली जाती है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ का संरोपण एक स्वस्थ व्यक्ति में किया जाता है ताकि उसमें विशेष बीमारी के प्रति प्रतिरक्षित पैदा हो जाए। प्रतिरक्षण पॉस्क के बाध्य बीमारी को पहचानने, समाप्त करने और उसे पूरी तरह उखाड़ फेंकने में सहायता मिलती है। टीकाकरण प्रक्रिया में किसी सूक्ष्मजीव की जीवित या मृत कुछ मात्रा को व्यक्ति के शरीर में पहुंचाया जाता है जो बीमारी के विपरीत प्रतिरक्षा करते हुए हानिकारक बाह्य सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देते हैं। टीके में रोग वाहक सूक्ष्म जीव कम सांद्रित अवस्था में होते हैं।

प्रश्न 18.
सामुदायिक स्वास्थ्य की देखभाल के विभिन्न तत्व बताओ।
उत्तर-
सामुदायिक स्वास्थ्य की देखभाल के विभिन्न तत्व निम्नलिखित हैं-

  1. जनता के लिए सुरक्षित स्वच्छ पीने का जल।
  2. बच्चों को अल्पपोषण तथा कुपोषण से बचाने के लिए पौष्टिक भोजन तथा दूध ।
  3. स्वास्थ्य शिक्षा।
  4. चिकित्सा सहायता तथा इलाज।
  5. बच्चों को पोलियो, टी० बी०, टेटनस, डिप्थीरिया, हिपेटिटिस आदि का टीका लगाना।
  6. परिवार नियोजन तथा सलाह।

प्रश्न 19.
अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रसन्न रहना क्यों आवश्यक है ?
उत्तर-
स्वस्थ रहने के लिए हमें प्रसन्न रहना आवश्यक है। यदि किसी से हमारा व्यवहार ठीक नहीं है और हम एक-दूसरे से डरते हैं तो हम प्रसन्न तथा स्वस्थ नहीं रह सकते। व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए सामाजिक समानता बहुत ज़रूरी है। अनेक सामुदायिक और व्यक्तिगत समस्याएँ हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। इसलिए हमें चाहिए कि हम हर अवस्था में प्रसन्न रहने का प्रयत्न करें।

प्रश्न 20.
तीव्र तथा दीर्घकालिक रोग में अंतर लिखिए।
उत्तर-
तीव्र तथा दीर्घकालिक रोग में अंतर-

तीव्र (प्रचंड) रोग दीर्घकालिक रोग
1. तीव्र रोगों की अवधि बहुत लंबो नहीं होती। 1. दीर्घकालिक रोगों की अवधि बहुत लंबी होती है।
2. ये रोग जीवन भर नहीं रहते। 2. ये रोग जीवन भर रह सकते हैं।
3. इन से शरीर को क्षति बहुत गंभीर नहीं होती। उदाहरण – खांसी, जुकाम। 3. इनकी शरीर को क्षति बहुत गंभीर हो सकती है। ये मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं।
उदाहरण – क्षय रोग।

प्रश्न 21.
पेप्टिक व्रण का संबंध किससे माना जाता था ? इसका वास्तविक कारण और उपचार क्या है ?
उत्तर-
अनेक वर्षों से माना जाता था कि पेप्टिक व्रण का संबंध ग्रहणी में ऐसिटिडी (Acidity) से है। परेशानी और चिंता से आमाशय में एसिड का स्राव होता है जिस कारण पेप्टिक व्रण हो जाता है पर ऑस्ट्रेलिया के डॉ० रॉबिन वॉरेन तथा बैरी मॉर्शल ने पता लगाया है कि यह रोग हेलीको बैक्टर पायलोरी नामक एक बैक्टीरिया से होता है जो आमाशय के निचले भाग में इकट्ठे हो जाते हैं। अब इस रोग का उपचार बड़ी सरलता से प्रतिजैविक के प्रयोग से किया जाता है।

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प्रश्न 22.
बैक्टीरिया को एंटिबायोटिक प्रभावित करते हैं पर मानव को नहीं। क्यों ?
उत्तर-
एंटिबायोटिक सामान्यतः बैक्टीरिया के महत्त्वपूर्ण जैव रासायनिक मार्ग को बंद कर देते हैं। अनेक बैक्टीरिया अपनी रक्षा के लिए कोशिका भित्ति बना लेते हैं। पैनिसिलीन एंटिबॉयोटिक बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति बनाने वाली प्रक्रिया को बाधित कर देती है। जिस कारण बैक्टीरिया कोशिका भित्ति नहीं बना सकते हैं और वे सरलता से मर जाते हैं। मानव की कोशिकाएं कोशिका भित्ति नहीं बना सकती इसलिए पेनिसिलीन का प्रभाव हम पर नहीं होता। पेनिसिलीन ऐसे सभी बैक्टीरिया को प्रभावित करते हैं जिनमें कोशिका भित्ति बनाने की प्रक्रिया होती है। इसलिए अनेक एंटिबायोटिक बैक्टीरिया की अनेक स्पीशीज़ को प्रभावित करते हैं न कि केवल एक स्पीशीज़ को।

प्रश्न 23.
वाइरस पर एंटिबायोटिक का प्रभाव क्यों नहीं दिखाई देता ?
उत्तर-
वाइरस की जैव प्रक्रियाएं बैक्टीरिया से भिन्न होती हैं। वे मेजबानों की कोशिकाओं में रहते हैं। इनमें ऐसा मार्ग नहीं होता जैसा कि बैक्टीरिया में होता और यही कारण है कि कोई भी एंटिबायोटिक बैक्टीरिया संक्रमण पर प्रभावकारी नहीं है। यदि हम खांसी-जुकाम से ग्रस्त हैं तो एंटिबायोटिक लेने से रोग की तीव्रता अथवा उसकी समय विधि कम नहीं होती।

प्रश्न 24.
शोथ के कारण शरीर पर कुछ स्थानीय सामान्य प्रभाव क्या पड़ते हैं और क्यों ? ।
उत्तर-
संक्रामक रोगों के ऊतक-विशिष्ट प्रभाव के अतिरिक्त उनके अन्य सामान्य प्रभाव भी होते हैं। अधिकांश सामान्य प्रभाव इस पर निर्भर करते हैं कि संक्रमण से शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र क्रियाशील हो जाएँ। एक सक्रिय प्रतिरक्षा तंत्र प्रभावित ऊतक के चारों ओर रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को मारने के लिए अनेकों कोशिकाएं बना देता है। नई कोशिकाओं के बनने के प्रक्रम को शोथ कहते हैं। इस प्रक्रम के अंतर्गत स्थानीय प्रभाव जैसे फूलना तथा दर्द होना और सामान्य प्रभाव जैसे बुखार होते हैं।

प्रश्न 25.
एड्स (AIDS) क्या है ? इसके संक्रमण के क्या कारण हैं ? इससे सुरक्षा के उपायों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर-
एड्स (AIDS) एक अति भयानक संक्रामक रोग है जिसका उपचार आज तक वैज्ञानिकों के द्वारा नहीं खोजा जा सका है। इसका पूरा नाम उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता सिंड्रोम (Acquired Immuno Deficiency Syndrome) है जो HIV (Human Immuno Virus) नामक विषाणु से फैलता है। यह विषाणु मानव शरीर में पहुँच कर प्रतिरक्षा तंत्र को नष्ट कर देता है जिसके परिणामस्वरूप शरीर की प्रतिरोध क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है और व्यक्ति किसी संक्रमण से पीडित हो कर मर जाता है।

संक्रमण के कारण – एड्स का संक्रमण निम्नलिखित कारणों से होता है-

  1. एड्स रोग से संक्रमित व्यक्ति के साथ लैंगिक संबंध ।
  2. एड्स से ग्रसित व्यक्ति से रक्त स्थानांतरण के द्वारा।
  3. समलैंगिक संभोग।
  4. एड्स-पीड़ित माता से शिशु जन्म।
  5. संक्रमित सूई के प्रयोग से।
  6. एड्स से ग्रसित माता के द्वारा शिशु के स्तनपान द्वारा। रोग की जाँच-एड्स की जांच ELISA विधि से की जाती है।

बचाव-

  1. रक्त स्थानांतरण से पहले सुनिश्चित कर लिया जाना चाहिए कि रक्त HIV मुक्त होगा।
  2. लैंगिक संबंध अति सावधानीपूर्वक बनाए जाने चाहिए।
  3. टीके की सूई का इस्तेमाल केवल एक ही बार किया जाना चाहिए।

एड्स संक्रमण किससे नहीं होता – हाथ मिलाने से, गले मिलने से, खेलकूद जैसे कुश्ती और कोई अन्य विधि जिससे हम सामाजिक-संपर्क में आते हैं।

प्रश्न 26.
HIV-AIDS रोगी की मृत्यु का कारण किस लिए बन जाता है ?
उत्तर-
संक्रमण के विशिष्ट ऊतक कई बार अति सामान्य प्रभाव को लक्षित करते हैं। HIV संक्रमण में वाइरस प्रतिरक्षा तंत्र में जाते हैं और इसके कार्य को नष्ट कर देते हैं। HIV-AIDS से अनेक प्रभाव इसलिए होते हैं क्योंकि हमारा शरीर प्रतिदिन होने वाले छोटे संक्रमणों का मुकाबला नहीं कर पाता। हल्के-खांसी-जुकाम से भी निमोनिया हो सकता है तथा आहार नाल के संक्रमण से रुधिरयुक्त प्रवाहिका हो सकता है। ऐसे छोटे-छोटे अन्य संक्रमण ही HIV-AIDS के रोगी की मृत्यु का कारण बनते हैं।

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प्रश्न 27.
किसी रोग की तीव्रता किस बात पर निर्भर करती है ?
उत्तर-
रोग की तीव्रता की अभिव्यक्ति शरीर में स्थित सूक्ष्मजीवों की संख्या पर निर्भर करती है। यदि सूक्ष्मजीव की संख्या बहुत कम है तो रोग की अभिव्यक्ति भी कम होगी। यदि उसी सूक्ष्मजीव की संख्या अधिक होगी तो रोग की अभिव्यक्ति इतनी तीव्र होगी कि जीवन को भी खतरा हो सकता है।

प्रश्न 28.
एंटी वाइरल औषधि बनाना एंटी बैक्टीरियल औषधि बनाने से कठिन क्यों है ?
उत्तर-
एंटी वाइरल औषधि का बनाना एंटीबैक्टीरियल औषधि के बनाने की अपेक्षा कठिन होता है। इसका कारण है कि बैक्टीरिया में अपनी जैव रासायनिक प्रणाली होती है जबकि वाइरस में अपनी जैव रासायनिक प्रणाली बहुत कम होती है। वाइरस हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और अपनी जीवन प्रक्रिया के लिए हमारी मशीनरी का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ यह है कि आक्रमण करने के लिए अपेक्षाकृत कम वाइरस विशिष्ट लक्ष्य होते हैं।

प्रश्न 29.
यदि एक बार किसी को चेचक हो जाए तो दुबारा उसे कभी चेचक नहीं हो सकती। क्यों ?
उत्तर-
यदि कोई व्यक्ति एक बार चेचक से ग्रसित हो जाए तो उसे दुबारा यह रोग कभी नहीं हो सकता क्योंकि जब रोगाणु प्रतिरक्षा तंत्र पर पहली बार आक्रमण करते हैं तो प्रतिरक्षा तंत्र रोगाणुओं से इसके प्रति क्रिया करता है और फिर इसका विशिष्ट रूप से स्मरण कर लेता है। इस प्रकार जब वहीं रोगाणु या उससे मिलता-जुलता रोगाणु संपर्क में आता है तो पूरी शक्ति से उसे नष्ट कर देता है। इससे पहले संक्रमण की अपेक्षा दूसरा संक्रमण शीघ्र ही समाप्त हो जाता है। यह प्रतिरक्षाकरण के नियम का आधार है।

प्रश्न 30.
टीकाकरण से प्रतिरक्षा तंत्र को ‘मूर्ख’ बनाना क्यों माना जाता है ?
उत्तर-
टीकाकरण का सामान्य नियम है कि शरीर में विशिष्ट संक्रमण प्रविष्ट कराकर प्रतिरक्षा तंत्र को ‘मूर्ख’ बनाना। वह उन रोगाणुओं की नकल करता है जो टीके के द्वारा शरीर में पहुंचे हैं। यह वास्तव में रोग पैदा नहीं करते लेकिन यह वास्तव में रोग पैदा करने वाले रोगाणुओं को उसके बाद रोग पैदा करने से रोकता है।

प्रश्न 31.
हमारे देश में छोटे बच्चे हिपेटाइटिस ‘A’ के प्रति किस प्रकार प्रतिरक्षी हो चुके हैं ?
उत्तर-
हिपेटाइटिस के कुछ वाइरस जिससे पीलिया होता है, पानी द्वारा संचारित होता है। हिपेटाइटिस ‘A’ के लिए टीका उपलब्ध है। पर हमारे देश के अधिकांश भागों में जब बच्चे की आयु पांच वर्ष होती है तब तक वह हिपेटाइटस ‘A’ के प्रति प्रतिरक्षी हो चुका होता है। इसका कारण यह है कि वह पानी के द्वारा वाइरस के प्रभाव में आ चुका हो।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
स्वास्थ्य एवं रोग किस समुदाय में एक जटिल समस्या है ?
उत्तर-
मानव समुदाय में।

प्रश्न 2.
मानवीय अंगों में चलने वाली चार विशिष्ट क्रियाएं लिखिए।
उत्तर-
हृदय का धड़कना, फेफड़ों का साँस लेना, वृक्क में निस्पंदन द्वारा मूत्र बनना, मस्तिष्क का सोचना।

प्रश्न 3.
वृक्क में निस्पंदन न होने से शरीर में क्या होगा ?
उत्तर-
शरीर में विषैले पदार्थ एकत्रित हो जाएंगे।

प्रश्न 4.
मानवीय शरीर को भोजन की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर-
कोशिकाओं तथा ऊतकों को कार्य करने के लिए।

प्रश्न 5.
स्वास्थ्य क्या है ?
उत्तर-
स्वास्थ्य वह अवस्था है जिस के अंतर्गत शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक कार्य समुचित क्षमता से उचित प्रकार किया जा सके।

प्रश्न 6.
अच्छे स्वास्थ्य के लिए किस-किस बात की आवश्यकता है ?
उत्तर-
सामुदायिक स्वच्छता, भोजन, अच्छी आर्थिक स्थिति।

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प्रश्न 7.
‘बोधित आराम’ और ‘असुविधा’ क्या है ?
उत्तर-
रोग का दूसरा नाम।

प्रश्न 8.
शरीर की क्रियाओं में बदलाव क्या दर्शाते हैं ?
उत्तर-
रोग के लक्षण।

प्रश्न 9.
किन्हीं चार लक्षणों को लिखिए जिनसे रोग का पता लगता है ?
उत्तर-
सिरदर्द, खांसी, दस्त, किसी घाव में मवाद।

प्रश्न 10.
लक्षण किसी चिकित्सक को किस बात के संकेत देते हैं ?
उत्तर-
किसी रोग के बारे सुनिश्चित संकेत देते हैं।

प्रश्न 11.
जिन रोगों की अवधि कम होती है उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर-
तीव्र रोग अथवा प्रचंड रोग।

प्रश्न 12.
लंबी अवधि तक या जीवनपर्यंत रहने वाले रोगों को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
दीर्घकालिक रोग।

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प्रश्न 13.
तीव्र रोग का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
खांसी-जुकाम।

प्रश्न 14.
दीर्घकालिक रोग का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
एलिफेनटाइसिस अथवा पील पांव रोग।

प्रश्न 15.
स्वास्थ्य को अधिक क्षति किस प्रकार के रोग से होती है ?
उत्तर-
दीर्घकालिक रोग से।

प्रश्न 16.
पतले दस्त लगने का कारण क्या है ?
उत्तर-
दूषित भोजन और गंदे पानी का प्रयोग।

प्रश्न 17.
संक्रमण रोग किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वे रोग जिन के तात्कालिक कारक सूक्ष्मजीव होते हैं उन्हें संक्रामक रोग कहते हैं। ये सूक्ष्मजीव समुदाय में रोग फैला देते हैं।

प्रश्न 18.
कैंसर रोग का क्या कारण है ?
उत्तर-
आनुवांशिक असामान्यता।

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प्रश्न 19.
ऐसिडिटी और पेप्टिक व्रण का कारण क्या माना जाता था ?
उत्तर-
परेशानी भरी सोच और चिंता।

प्रश्न 20.
पेप्टिक व्रण किस कारण होता है ?
उत्तर-
हेलीको बैक्टर पायलोरी नामक बैक्टीरिया द्वारा।

प्रश्न 21.
किन दो वैज्ञानिकों ने पैप्टिक व्रण के कारक बैक्टीरिया का पता लगाया ?
उत्तर-
ऑस्ट्रेलिया के रोग विज्ञानी रॉबिन वॉरेन तथा बैरी मार्शल ने।

प्रश्न 22.
पैप्टिक व्रण का उपचार अब किस से हो जाता है ?
उत्तर-
प्रतिजैविक के प्रयोग से।

प्रश्न 23.
वॉरेन और मार्शल को पैप्टिक व्रण के उपचार को खोजने के लिए कब नोबेल पुरस्कार दिया गया ?
उत्तर-
सन् 2005 में।

प्रश्न 24.
वायरस से होने वाले चार रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर-
खांसी-जुकाम, इंफ्लुएंजा, डेंगु बुखार तथा AIDSI

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प्रश्न 25.
बैक्टीरिया से फैलने वाले चार रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर-
टायफॉयड, हैज़ा, क्षय रोग, एंथ्रेक्स।

प्रश्न 26.
प्रोटोजोआ से कौन-से दो रोग फैलते हैं ?
उत्तर-
मलेरिया तथा कालाजार।

प्रश्न 27.
सामान्य त्वचा रोग किससे फैलते हैं ?
उत्तर-
विभिन्न प्रकार की फंजाई से। प्रश्न 28. रोग फैलाने वाले किस कारक का गुणन अपेक्षाकृत धीमा होता है ?
उत्तर-
कृमि का गुणन।

प्रश्न 29.
रोग की अवस्था में एंटिबायोटिक क्या करते हैं ?
उत्तर-
एंटिबायोटिक बैक्टीरिया के महत्त्वपूर्ण जैव रासायनिक मार्ग को बंद कर देते हैं।

प्रश्न 30.
पैनिसिलीन एंटिबायोटिक मूल रूप से क्या करता है ?
उत्तर-
बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति बनाने वाली प्रक्रिया को पैनिसिलीन बाधित कर देती है। मानव की कोशिकाएं कोशिका भित्ति नहीं बना सकतीं। इसलिए पैनिसिलीन का प्रभाव हम पर न होकर बैक्टीरिया पर होता है।

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प्रश्न 31.
किस कारण एक एंटिबायोटिक बैक्टीरिया की अनेक स्पीशीज़ को प्रभावित करता है ?
उत्तर-
जो एंटिबायोटिक किसी भी बैक्टीरिया के जैव रासायनिक मार्ग को बंद कर कोशिका भित्ति बनाने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है वह उन सब को प्रभावित करता है।

प्रश्न 32.
एंटिबायोटिक का प्रभाव रोग फैलाने वाले किस कारक को प्रभावित नहीं करता ?
उत्तर-
वाइरस को।

प्रश्न 33.
सामान्य खांसी-जुकाम पर एंटिबायोटिक प्रभाव क्यों नहीं दिखा पाते ?
उत्तर-
सामान्य खांसी-जुकाम वाइरस से होता है और एंटिबायोटिक वाइरस को प्रभावित नहीं कर पाते।

प्रश्न 34.
जल से संक्रमण कैसे होता है ?
उत्तर-
जब संक्रमणीय रोग से ग्रसित रोगी के अपशिष्ट पेयजल में मिल कर स्वस्थ व्यक्ति के द्वारा जानेअनजाने पी लिया जाता है तो रोग का संक्रमण हो जाता है।

प्रश्न 35.
लैंगिक संपर्क से फैलने वाले दो रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर-
सिफलिस, AIDS ।

प्रश्न 36.
लैंगिक संचारी रोग किस प्रकार नहीं फैलते ?
उत्तर-
हाथ मिलाने, गले मिलने, खेल-कूद, कुश्ती आदि से।

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प्रश्न 37.
किसी सामान्य रोग वाहक का नाम लिखिए।
उत्तर-
मच्छर।

प्रश्न 38.
मच्छर समतापी प्राणियों का रक्त क्यों पीता है ?
उत्तर-
अत्यधिक पोषण के लिए ताकि परिपक्व अंडे दे सके।

प्रश्न 39.
यदि सूक्ष्मजीवी हवा से नाक द्वारा शरीर में प्रवेश करें तो वे कहां जाएंगे ?
उत्तर-
फेफड़ों में।

प्रश्न 40.
आहार नाल से शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्मजीवी कहां रहेंगे ?
उत्तर-
आहार नाल या यकृत में।

प्रश्न 41.
पीलिया का कारक कौन है ?
उत्तर-
हिपेटाइटिस बैक्टीरिया।

प्रश्न 42.
क्षय रोग की अवस्था में बैक्टीरिया फेफड़ों में कहां से प्रवेश करते हैं ?
उत्तर-
नाक से।

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प्रश्न 43.
टायफायड के बैक्टीरिया किस रास्ते से शरीर में प्रवेश करते हैं ?
उत्तर-
मुँह से।

प्रश्न 44.
HIV कहां फैलते हैं ?
उत्तर-
लसीका ग्रंथियों में।

प्रश्न 45.
जापानी बुखार (ऐंसेफेलाइटिस) किस अंग को प्रभावित करता है ?
उत्तर-
मस्तिष्क को।

प्रश्न 46.
मस्तिष्क पर सूक्ष्मजीवों के आक्रमणों के क्या लक्षण हैं ?
उत्तर-
सिरदर्द, उल्टी आना, चक्कर या बेहोशी आना।

प्रश्न 47.
शोथ किसे कहते हैं ?
उत्तर-
शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र क्रियाशील होकर प्रभावित ऊतक के चारों ओर एक सक्रिय प्रतिरक्षा तंत्र बना देता है जिससे रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को मारने के लिए अनेक कोशिकाएं बन जाती हैं। नई कोशिकाओं के बनने के प्रक्रम को शोथ कहते हैं।

प्रश्न 48.
शोथ प्रक्रम के सामान्य प्रभाव क्या हैं ?
उत्तर-
फूलना, दर्द होना, बुखार।

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प्रश्न 49.
HIV-AIDS से व्यक्ति की मृत्यु प्रायः किस कारण होती है ? .
उत्तर-
HIV-AIDS संक्रमण से प्रतिरक्षा तंत्र के कार्य नष्ट हो जाते हैं। प्रतिदिन होने वाले छोटे-छोटे संक्रमणों का मुकाबला भी व्यक्ति नहीं कर पाता और यही रोगी की मृत्यु के कारण बन जाते हैं।

प्रश्न 50.
एंटी वाइरल औषधि बनाना क्यों कठिन है ?
उत्तर-
वाइरस की अपनी जैव रासायनिक प्रणाली बहुत कम होती है। वे हमारे शरीर में प्रवेश कर अपनी जीवन प्रक्रिया के लिए हमारी मशीनरी का प्रयोग करते हैं इसलिए एंटी वाइरल औषधि बनाना कठिन है।

प्रश्न 51.
कौन-सी एंटीवाइरल औषधि अब उपलब्ध है ?
उत्तर-
HIV संक्रमण को नियंत्रित करने की औषधि।

प्रश्न 52.
कौन-सा रोग विश्व से मिटाया जा चुका है ?
उत्तर-
चेचक।

प्रश्न 53.
कौन-सा रोग ऐसा है जो एक बार हो जाने के बाद दोबारा कभी नहीं होता ?
उत्तर-
चेचक।

प्रश्न 54.
प्रतिरक्षाकरण के नियम का आधार क्या है ?
उत्तर-
जब रोगाणु प्रतिरक्षा तंत्र पर दूसरी बार आक्रमण करता है तो स्मृति के आधार पर प्रतिरक्षा तंत्र अपनी पूरी शक्ति से उसे नष्ट कर देता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

प्रश्न 55.
हिपेटाइटिस की किस प्रकार के लिए टीका उपलब्ध है ?
उत्तर-
हिपेटाइटिस ‘A’ ।

प्रश्न 56.
कितने वर्ष की अवस्था तक देश के अधिकांश बच्चे हिपेटाइटिस ‘A’ के प्रति प्रतिरक्षी हो चुके होते हैं ?
उत्तर-
पांच वर्ष की आयु तक।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
तरंग गति से आप क्या समझते हो ? यह कैसे बनती है ? विस्तारपूर्वक वर्णन करो।
उत्तर-
तरंग गति (Wave Motion) – यह एक प्रकार की हलचल है जो किसी माध्यम के कण की दोहराई जाने वाली आवर्ती गति के कारण होती है। यह गति एक कण से दूसरे कण में स्थानांतरित होती है।

तरंग गति का बनना – नीचे दी गई उदाहरण से तरंग का बनना अच्छी तरह समझा जा सकता है-
लालाब के खड़े पानी में एक पत्थर फेंको। संकेंद्रीय छल्लों के रूप में पानी के तल पर वृत्ताकार जल तरंगें उत्पन्न होती हैं। इन छोटी तरंगों को लघु तरंगें या रिएल भी कहते हैं। बढ़ते अर्धाव्यास वाली ये तरंगें बाहर की ओर चल पड़ती हैं तथा लगभग पानी की समस्त सतह पर फैल जाती हैं। यह तरंगें तालाब के किनारों पर जाकर समाप्त होती हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 1

ऐसा महसूस होता है कि तालाब का वह पानी जहाँ पत्थर फेंका गया था, बाहर की ओर चलना शुरू कर देता है, परन्तु ऐसा नहीं होता है। पानी तो अपनी जगह पर स्थिर रहता है।

व्याख्या – जिस बिंदु पर पत्थर फेंका गया था, पानी के कुछ अणु अपनी साम्य अवस्था से नीचे दब जाते हैं तथा स्थितिज ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं। क्योंकि पानी एक लचीला पदार्थ है इसलिए पानी के अणु बराबर मात्रा में गतिज ऊर्जा से फिर अपनी मूल अवस्था में वापिस आ जाते हैं। इस तरह यह साम्य अवस्था से आगे चले जाते. हैं। यह क्रिया लगातार चलती रहती है। यह अणु एक कंपन पूरा करने के बाद अपनी ऊर्जा साथ वाले अणु को देते हैं। यह क्रिया तब तक चलती रहती है जब तक तालाब का किनारा नहीं आ जाता। इस ऊर्जा को हलचल कहा जाता है, जो एक अणु से दूसरे अणु तक प्रत्येक तरफ से बाहर की ओर चलती रहती है तथा तरंग के रूप में दिखाई देती है।

यह भी सिद्ध किया जा सकता है कि पानी के अणु गति नहीं करते। वे केवल अपनी संतुलन अवस्था के इर्द गिर्द ऊपर नीचे गतिशील होते हैं। आप इन लघु तरंगों पर कार्क रखो। आप देखोगे कि कार्क आगे नहीं जाता अपितु उसी जगह ऊपर-नीचे होता रहता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 2.
(क) दो तरह की तरंगों के नाम लिखो।
(ख) अनुप्रस्थ तरंगों की रचना समझाने के लिए एक प्रयोग बताओ।
(ग) अनुप्रस्थ तरंगों की परिभाषा दो।
(घ) अनुप्रस्थ तंरगों की उत्पत्ति के लिए क्या परिस्थितियां होनी चाहिए ?
(ङ) अनुप्रस्थ तरंग की उदाहरण दें।
(च) शीर्ष और गर्त की परिभाषा दें।
उत्तर-
(क) तरंग की किस्में – कणों के दोलन की दिशा के अनुरूप तरंगों का वर्गीकरण किया जाता है। यह दोलन तरंग गति के समानांतर या लंबात्मक दिशा में हो सकता है। इस तरह तरंगें दो प्रकार की होती हैं-

  1. अनुदैर्ध्य तरंगें
  2. अनुप्रस्थ तरंगें।

(ख) अनुप्रस्थ तरंगों की रचना – अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की रचना को समझने के लिए दीवार से लगी एक हुक के साथ धागे या तार का एक सिरा बांधो तथा दूसरे सिरे को अपने हाथ में पकड़ लो। चित्र में दिखाए अनुसार सारे धागे पर बराबर-बराबर 10-10 सें० मी० लंबे रंगदार धागे के टुकड़े बांधो। अब हाथ में
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 2

पकड़े सिरे को झटका दो। एक स्पंदन (Pulse) के रूप में धागे की लंबाई के साथ-साथ एक हलचल चल पड़ेगी। अर्थात् धागे के कण तरंग गति अर्थात् हलचल गति की दिशा में लंबात्मक दिशा में कंपन करते हैं। यदि आप थोड़ी-थोड़ी देर बाद झटका देना जारी रखें तो आप देखोगे कि रंगदार धागे उन बिंदुओं के आस-पास जहाँ वे प्रमुख धाग के साथ बंधे हुए हैं ऊपर-नीचे की ओर कंपन करते हैं। ऐसी हलचल एक तरंग है जिसे अनुप्रस्थ तरंग कहते हैं।
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इसलिए एक अनुप्रस्थ तरंग में माध्यम के कण ऊपर-नीचे की ओर कंपन करते हैं जबकि हलचल क्षैतिज दिशा में चलती है।
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(ग) अनुप्रस्थ तरंगें – अनुदैर्ध्य तरंगों में प्रत्येक कण तरंग-संचार की दिशा के लंबात्मक दिशा में दोलन करता है। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। ऊर्जा कणों की हिल-जुल की दिशा में स्थानांतरित होती है।

(घ) अनुप्रस्थ तरंग बनाने के लिए आवश्यक परिस्थितियां-

  1. माध्यम में जड़त्व का गुण होना चाहिए।
  2. माध्यम तन्य होना चाहिए ताकि स्थानांतरण के बाद कण अपनी वास्तविक स्थिति अपना सके।
  3. माध्यम के विभिन्न कणों में विरोध बहुत कम होना चाहिए ताकि कण काफ़ी देर तक दोलन करते रहें।

(ङ) अनुप्रस्थ तरंगों के उदाहरण-

  1. धागे में या ढीले स्प्रिंग में यदि हाथ को निरंतर स्प्रिंग में लंबात्मक दिशा में ऊपर-नीचे किया जाये तो अनुप्रस्थ तरंग उत्पन्न होती है।
  2. पानी की सतह पर तरंग-यदि एक पत्थर जौहड़ के पानी में फेंका जाए तो जल की सतह पर जल-तरंगें उत्पन्न होती हैं। पानी की सतह पर तैर रहा कॉर्क केवल ऊपर-नीचे दोलित होता है, यह तरंगों के साथ विस्थापित नहीं होता। ये तरंगें अनुप्रस्थ हैं।

प्रश्न 3.
(क) अनुदैर्ध्य तरंग की रचना समझाने के लिए एक प्रयोग का संयोजन करो।
(ख) अनुदैर्ध्य तरंग की परिभाषा लिखो।
(ग) अनुदैर्ध्य तरंग के संदर्भ में संपीडन तथा विरलन को परिभाषित करो।
उत्तर-
अनुदैर्ध्य तरंग की रचना-
प्रयोग – ट्यूनिंग फोर्क की एक भुजा A1 को धीरे से टकराओ। यह अपनी साम्य स्थिति के आस-पास बाईं तथा दाईं ओर कंपन करती है।
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जैसे ही फोर्क की भुजा A1 दाईं तरफ स्थिति E1 पर पहुंचती है तो अपने संपर्क में आये हुए वायु के अणुओं को दबा देती है। संपीडित हुए यह अणु अगले अणुओं को दबा देते हैं। इस तरह दाईं तरफ एक संपीडन की श्रृंखला चल पड़ती है। अब जब वही भुजा A1बाईं तरफ स्थिति E2 की ओर जाती है तो संपीडित वायु विरली हो जाती है। इस तरह एक विरलन उत्पन्न हो जाता है। फैले हुए यह अणु पड़ोसी अणुओं को और विरला कर देते हैं। इस तरह विरलनों की एक श्रृंखला बन जाती है।

यह बारी-बारी संपीडन तथा विरलन दाईं ओर चल पड़ती है जिस कारण अनुदैर्ध्य तरंग बनती है।
अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) – अनुदैर्ध्य तरंगें वे हैं जिनमें कणों का दोलन स्थानांतरण के समानांतर सरल रेखीय दिशा में होता है। ऊर्जा उसी दिशा में स्थानांतरित होती है, जिसमें माध्यम के कण दोलन करते हैं।
अनुदैर्ध्य तरंगें बनने के लिए आवश्यक परिस्थितियां वहीं हैं जो अनुप्रस्थ तरंगों के लिए आवश्यक हैं।

(ग) अनुदैर्ध्य तरंग के संपीडन और विरलन – अनुदैर्ध्य तरंग माध्यम में से संपीडन और विरलन के रूप में चलती है। संपीडन की परिभाषा इस प्रकार है-
संपीडन माध्यम का वह क्षेत्र है जिसमें कण परस्पर निकट आ जाते हैं अर्थात् कण सामान्य स्थिति की अपेक्षा कम दूरी पर होते हैं।
अनुदैर्ध्य तरंग के संचार के समय संपीडन पर माध्यम के कणों के आयतन में अस्थायी रूप से कमी आ जाती है। इसके परिणामस्वरूप माध्यम के इस क्षेत्र में घनत्व बढ़ जाता है।
विरलन माध्यम का वह क्षेत्र है जिसमें कण अपनी सामान्य दूरी से थोड़ा दूर-दूर हो जाते हैं।
तरंग के संचार के समय विरलन पर माध्यम के कणों का आयतन अस्थायी रूप से अधिक हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप माध्यम के इस क्षेत्र में दबाव कम हो जाता है।

प्रश्न 4.
आवर्ती तरंग के लिए तरंग वेग, आवृत्ति और तरंग-लंबाई में संबंध स्थापित करें।
उत्तर-
मान लो
v = तरंग का वेग
v = तरंग की आवृत्ति (अर्थात् माध्यम के कणों के दोलन की आवृत्ति)
λ = तरंग की तरंग-लंबाई
T = किसी कण के एक दोलन का दोलन-काल (माध्यम के किसी एक कण द्वारा एक दोलन पूरा करने में लगा समय)
हम जानते हैं कि तरंग लंबाई माध्यम के किसी कण द्वारा एक दोलन पूरा करने में लगे समय में तय दूरी है।
∴ T समय में तरंग द्वारा तय दूरी = λ
इकाई समय में तरंग द्वारा तय दूरी = \(\frac{\lambda}{\mathrm{T}}\)
किंतु इकाई समय में तय दूरी तरंग वेग है अर्थात्
v = \(\frac{\lambda}{\mathrm{T}}\)
या v = vλ (∴ \(\frac{1}{T}\) = v)
तरंग-वेग = आवृत्ति × तरंग लंबाई
यह संबंध अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य दोनों तरंगों के लिए सत्य है।

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प्रश्न 5.
ध्वनि और प्रकाश तरंगों में क्या अंतर है ?
उत्तर-
ध्वनि और प्रकाश तरंगों में अंतर

ध्वनि तरंग प्रकाश तरंग
(1) ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें हैं। (1) प्रकाश तरंगें विदयुत्-चुंबकीय तरंगें होती हैं।
(2) ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें हैं जिनमें दोलन तरंग की दिशा में समानांतर होता है। (2) प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं जिनमें दोलन तरंग की दिशा में लंबात्मक होता है।
(3) ध्वनि तरंगें निर्वात में से नहीं गुज़र सकतीं। इनको संचार के लिए किसी ठोस, द्रव या गैस जैसे भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है। (3) प्रकाश तरंगें निर्वात से भी गुज़र सकती हैं।
(4) ध्वनि तरंगों की वायु में चाल 340 m s-1 के लगभग बराबर होती है। (4) वायु में प्रकाश तरंगों की गति बहुत अधिक होती है। यह 3 × 10s8 m s-1 है।
(5) ध्वनि तरंगें संबंधित माध्यम के कणों के दोलन के कारण उत्पन्न होती हैं। (5) प्रकाश किरणें विद्युतीय या चुंबकीय क्षेत्रों में परिवर्तन पर निर्भर करती हैं ।
(6) ध्वनि तरंगों की आवृत्ति कम तथा तरंग-लंबाई अधिक होती है। (6) प्रकाश तरंगों की आवृत्ति बहुत अधिक तथा तरंग लंबाई कम होती है।
(7) ध्वनि तरंगों को ध्रुवित नहीं किया जा सकता। (7) प्रकाश तरंगों को ध्रुवित किया जा सकता है।
(8) ध्वनि तरंगें हमारे कानों को प्रभावित करती हैं। (8) प्रकाश तरंगें हमारी आँखों को प्रभावित करती हैं।
(9) ध्वनि तरंगें प्रक्षेपक नहीं होती। (9) प्रकाश तरंगें प्रक्षेपक हो सकती हैं।
(10) इन तरंगों का वेग तरंग-लंबाई से स्वतंत्र होता है। (10) इन तरंगों का वेग तरंग-लंबाई पर निर्भर करता है।

प्रश्न 6.
किसी माध्यम में ध्वनि तंरग की गति को घनत्व तथा दाब परिवर्तन को दर्शाते हुए संपीडन तथा विरलन समझाएं।
उत्तर-
जब ध्वनि तंरग किसी माध्यम में गति करती है तो घनत्व तथा दाब में परिवर्तन होता है। किसी निश्चित समय पर माध्यम का घनत्व तथा दाब दोनों ही उनके औसत मान से ऊपर और नीचे दूरी के साथ परिवर्तित होते हैं। चित्र (a) तथा चित्र (b) प्रदर्शित करते हैं कि जब ध्वनि तरंग माध्यम में संचरित होती है तो घनत्व तथा दाब में कैसे उतार-चढ़ाव होते हैं।
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संपीड़न वह क्षेत्र है जहाँ कण पास-पास आ जाते हैं, इन्हें वक्र के ऊपरी भाग में दिखाया गया है। चित्र (c)। शिखर अधिकतम संपीडन के क्षेत्र को प्रदर्शित करता है। इस प्रकार संपीड़न वह क्षेत्र है जहाँ घनत्व तथा दाब दोनों ही अधिक होते हैं । विरलन निम्न दाब के क्षेत्र हैं जहाँ कण दूर-दूर हो जाते हैं और उन्हें घाटी के रूप में प्रदर्शित करते हैं। इन्हें वक्र के निम्न भाग से दिखाया गया है। शिखर को तरंग का शृंग तथा घाटी को गर्त कहा जाता है।

प्रश्न 7.
ध्वनि तंरगों का आवृत्ति परास के आधार पर वर्गीकरण करके समझाओ।
उत्तर-

  • श्रव्य तंरगें – वे ध्वनि तरंगें जिन्हें मानव कान सुन सकता है श्रव्य तंरगे कहलाती हैं। मानव में ध्वनि की श्रव्य सीमा 20 H से 20000 HZ तक है। ज्यों-ज्यों व्यक्ति की आयु बढ़ती है। उसके कान उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि के लिए कम संवेदनशील हो जाते हैं। ये तंरगें वायु स्तंभ के कंपन, द्विभुज स्वरित्र तथा वायलिन में उत्पन्न होती हैं।
  • पराश्रव्य तरंगों – 20 KHz (अर्थात् 20000 Hz) से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि तंरगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं। कुछ प्रजातियों के कीट पराश्रव्य तंरगें सुन सकते हैं। चमगादड़, डालफिन तथा पर पाईज़ मछली पराश्रव्य तंरगें उत्पन्न करते हैं।
  • अवश्रव्य तरंगें – वे तरंगें जिनकी आवृत्ति 20 Hz से कम होती है अवश्रव्य तंरगें कहलाती हैं । व्हेल तथा हाथी अवश्रव्य ध्वनि तरंगें उत्पन्न करते हैं। भूचाल की मुख्य आवृत्ति वाली तरंगें के आने से पूर्व अवश्रव्य ध्वनि तरंगें पैदा होती हैं जिन्हें सुनकर कुछ जीव-जंतु परेशान हो जाते हैं। संभवतः यह उन्हें सचेत करने के लिए होता है।

प्रश्न 8.
परश्रव्य ध्वनि तरंगों का चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्र में क्या उपयोग है ? ..
उत्तर-
पराश्रव्य तंरगों ने आधुनिक चिकित्सा तथा मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है। इससे शरीर के आंतरिक अंगों की जानकारी प्राप्त की जा रही है जो इस प्रकार हैं :
(i) ECG – पराध्वनि तंरगों को हृदय के विभिन्न भागों से परावर्तित करा कर हृदय का प्रतिबिंब बनाया जाता है। इस तकनीक को “इकोकार्डियोग्राफ़ी” (ECG) कहा जाता है।

(ii) सोनोग्राफी – पराध्वनि संसूचक एक ऐसा यंत्र है जो पराध्वनि तरंगों का उपयोग करके मानव शरीर के आंतरिक अंगों का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए काम में लाया जाता है। इस संसूचक से रोगी के अंगों ; जैसे-यकृत, पित्ताशय, गर्भाशय, गुर्दे आदि का प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सकता है। यह संसूचक को शरीर की असमान्यताएँ, जैसे पित्ताशय तथा गुर्दे में पथरी तथा विभिन्न अंगों में अर्बुद (ट्यूमर) का पता लगाने में सहायता करता है। इस तकनीक में पराध्वनि तरंगें शरीर के ऊतकों में गमन करती हैं तथा उस स्थान से परावर्तित हो जाती है जहाँ ऊतक के घनत्व में परिवर्तन होता है। इसके पश्चात् इन तरंगों को विद्युत् संकेतों में परिवर्तित किया जाता है जिससे कि उस अंग का प्रतिबिंब बना लिया जाए। इन प्रतिबिंबों को मॉनीटर पर प्रदर्शित किया जाता है। इस तकनीक को अल्ट्रासोनोग्राफी कहते हैं। अल्ट्रासोनोग्राफ़ी का उपयोग गर्भ काल में भ्रूण की जाँच तथा उनके जन्मजात दोषों तथा उसकी वृद्धि की अनियमितताओं का पता लगाने में भी किया जाता है।

(ii) लिँथोट्रिप्सी-पराध्वनि का उपयोग गुर्दे की छोटी पथरी को बारीक कणों को तोड़ने के लिए भी किया जा सकता है। ये कण बाद में मूत्र के साथ बाहर निकल जाते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 9.
ध्वनि परावर्तन के नियम क्या हैं ? एक प्रयोग द्वारा आप इन नियमों को कैसे सिद्ध करोगे ?
उत्तर-
प्रकाश की भांति ध्वनि भी परावर्तन के उन नियमों का पालन करती है।

  1. परावर्तित सतह पर आपतन बिंदु पर खींचा गया लंब के साथ ध्वनि की आपतित होने की दिशा तथा परावर्तन होने की दिशा के बीच बने कोण सदैव आपस में बराबर होते हैं।
  2. तीनों-आपतित ध्वनि की दिशा, परावर्तित ध्वनि की दिशा तथा लंब एक ही तल में होते हैं।

प्रयोग – चित्र के अनुसार एक समान पेपर के दो पाइप लें। इन्हें दीवार के निकट किसी मेज़ पर रखें। अब एक पाइप के खुले सिरे के पास घड़ी रखो। आप दूसरे पाइप के खुले सिरे में से घड़ी की आवाज़ सुनने की कोशिश करें। दोनों पाइपों की स्थिति इस प्रकार करें कि आपको घड़ी की आवाज़ स्पष्ट सुनाई दे। उन पाइपों की दिशाओं तथा लंब के बीच के कोण मापो। आप देखोगो कि स्पष्ट आवाज़ सुनाई देने की स्थिति में दोनों कोण परस्पर बराबर हैं जो पहले
नियम को सत्यापित करता है। क्योंकि दोनों पाइप तथा लंब एक ही मेज़ (तल) की सतह में हैं जो दूसरे नियम की सत्यता को प्रमाणित करता है।
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लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
आवर्ती गति किसे कहते हैं ? इस गति की तीन उदाहरण भी दें।
उत्तर-
आवर्ती गति (Periodic Motions) – वस्तु की वह गति जो किसी निश्चितं समय अंतरालों में बारबार होती रहती है, आवर्ती गति कहलाती है। ऐसी गति को दोलन गति या कंपन गति भी कहते हैं।

उदाहरण-

  1. पृथ्वी की सूर्य के इर्द-गिर्द गति ।
  2. एक झूले की गति जो इधर-उधर (अर्थात् दाएं-बाएं) अपनी मध्य स्थिति के इर्द-गिर्द गति करता रहता है।
  3. एक सरल लोलक की गति ।

प्रश्न 2.
सरल लोलक क्या होता है ? सरल लोलक के एक दोलन तथा एक कंपन क्या है ?
उत्तर-
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सरल लोलक – ऐसा प्रबंध जिसमें एक डोरी (धागा) जिसका एक सिरा दृढ़ आधार से बंधा हो तथा दूसरे सिरे पर भार लटका हो तथा जो स्वतंत्रतापूर्वक दोलन कर सके, सरल लोलक कहलाता है।

यह एक पीतल या तांबे का बहुत ही छोटा गोलक का बना होता है जिसको 80-120 cm लंबे धागे के साथ बांधा होता है। इसको चित्र में दिखाए अनुसार एक दृढ़ आधार से लटकाया जाता है
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 9

गोलक बहुत ही छोटा परंतु अधिक द्रव्यमान वाला होता है।

मान लो सरल लोलक की लंबाई ‘L’ है, जिसको दृढ़ आधार पर ‘m’ पुंज वाली एक गोलक के साथ लटकाया गया। जब गोलक गति की स्थिति में नहीं है तो यह माध्य स्थिति ‘0’ पर होता है। इसको संतुलन स्थिति में भी कहा जाता है।

गोलक की दोलन गति – गोलक को हाथ से पकड़ कर दाईं तरफ शिखर स्थिति ‘E1‘ तक ले जाकर छोड़ दो। गोलक स्थिति ‘E1‘ से बाईं तरफ शिखर स्थिति ‘E2‘ पर तथा फिर वापिस संतुलन स्थिति ‘O’ पर आ जाती है। इस तरह गोलक दोलन करना जारी रखता है।

दोलन्द – गोलक की एक दूरतम सिरे से दूसरे दूरतम सिरे तथा वापिस पहले सिरे तक तय की गई दूरी को दोलन कहते हैं।

कंपन – गोलक की संतुलन स्थिति O से शिखर स्थिति E1 तथा फिर संतुलन बिंदु O में से गुज़र कर दूसरी शिखर स्थिति E2 तक तथा वापिस संतुलन स्थिति ‘O’ तक तय किए गए पथ को एक कंपन कहा जाता है।

प्रश्न 3.
तरंग गति की परिभाषा दो तथा बताओ कि किसी माध्यम में तरंग के संचार के लिए कौन-कौन सी शर्ते आवश्यक हैं ?
उत्तर-
तरंग गति (Wave Motion) – यह एक प्रकार की हलचल है जो किसी माध्यम के कणों की दोहराई जाने वाली आवर्ती गति के कारण होती है। यह गति एक कण से दूसरे कण में स्थानांतरण होती है।

माध्यम में तरंग संचार के लिए आवश्यक शर्ते-

  1. माध्यम लचकीला होना चाहिए। यदि माध्यम लचकीला नहीं होगा तो अणुओं की ऊर्जा पड़ोसी अणुओं को नहीं दी जा सकेगी।
  2. माध्यम में जड़त्व का होना आवश्यक है।

वे तरंगें जो केवल एक पदार्थिक माध्यम में उत्पन होती हैं, लचकीली या यांत्रिक तरंगें कहलाती हैं।
वे तरंगें जिनके संचार के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं, उन्हें गैर-यांत्रिक तरंगें कहते हैं। प्रकाशीय तथा विद्युत् तरंगें इस प्रकार की होती हैं।

प्रश्न 4.
अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य तरंगों में क्या अंतर है ?
उत्तर-
अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य तरंगों में निम्नलिखित अंतर हैं-

अनुप्रस्थ तरंग अनुदैर्ध्य तरंग
(1) अनुप्रस्थ तरंग में माध्यम के कण तरंग की दिशा के लंबात्मक दोलन करते हैं। (1) अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण तरंग की दिशा के समानांतर दोलन करते हैं।
(2) अनुप्रस्थ तरंग शृंगों और गर्मों से बनती है। (2) अनुदैर्ध्य तरंग संपीडनों और विरलनों से बनती है।
(3) आकार की तन्यता का उपयोग होता है। (3) आयतन की तन्यता का उपयोग होता है।
(4) अनुप्रस्थ तरंगें ठोस में से या द्रव के तल के ऊपर से गुज़र सकती हैं। अनुप्रस्थ तरंगें गैसों से बिल्कुल नहीं गुजर सकतीं। । (4) अनुदैर्ध्य तरंग ठोस, द्रव और गैसों में से गज़र सकती है।
(5) अनुप्रस्थ तरंग का ध्रुवण हो सकता है। (5) अनुदैर्ध्य तरंग का ध्रुवण नहीं हो सकता।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 5.
तरंग संचार के लिए माध्यम का लचकीला होना क्यों आवश्यक है ?
उत्तर-
ठोस, द्रव तथा गैस माध्यम अणुओं के बने होते हैं जिनका व्यास 10-9 मीटर होता है। उनकी आण्विक रेंज, जहां तक हलचल के समय अणु जा सकते हैं, लगभग 10-8 मीटर तक होती है। इसके अंदर-अंदर ये बेतरतीब गति करते हैं। इस सीमा के अंदर-अंदर गति कर रहा अणु पड़ोसी अणुओं द्वारा आकर्षित होता रहता है। उन्हें अपनी

मूल स्थिति में वापिस आने में सहायक होता है। अणुओं का यह व्यवहार माध्यम को लचकीला बनाता है क्योंकि माध्यम करोड़ों अणुओं का बना होता है, इसलिए तरंग-संचार के लिए माध्यम का लचकीला होना बहुत ही आवश्यक

प्रश्न 6.
ध्वनि का संचार कैसे होता है ? क्या इसका संचार निर्वात में हो सकता है ? ठोस, द्रव तथा गैसों में से किस माध्यम में ध्वनि का वेग अधिकतम तथा किसमें न्यूनतम होता है ?
उत्तर-
ध्वनि का संचार अनुदैर्ध्य तरंगों के रूप में होता है इसलिए ध्वनि तरंगों मे संपीडन तथा विरलन होती है। ध्वनि का स्रोत सदैव ही कंपन स्थिति में होता है। कंपन कर रहे एक स्रोत से उत्पन्न ध्वनि एक माध्यम द्वारा ही आगे संचार की जा सकती है।

ध्वनि तरंगों का संचार निर्वात में कभी नहीं हो सकता। अनुप्रस्थ तरंगें प्रत्येक किस्म के माध्यम, ठोस, द्रव और गैस में संचरित हो सकती हैं। यह माध्यम के लचकीलेपन के कारण हैं। ठोस, द्रवों से और द्रव, गैसों से अधिक लचकीले होते हैं।
प्रयोगों से सिद्ध हो चुका है कि ध्वनि तरंगों की चाल ठोस में अधिकतम होती है जब कि गैसों में चाल न्यूनतम होती है।

प्रश्न 7.
पराश्रव्य तरंगें क्या होती हैं ? इनके उपयोग लिखो।
उत्तर-
पराश्रव्य ध्वनि (Ultrasonic Sound) – 20000 कंपन प्रति सैकेंड से अधिक की आवृत्ति को ध्वनि पराश्रव्य ध्वनि (Ultrasonic Sound) कहते हैं। यह ध्वनि हमें सुनाई नहीं देती, परंतु कुछ पशुओं जैसे कुत्तों में पराश्रव्य कंपन को सुनने की क्षमता होती है। चमगादड़ों में पराश्रव्य ध्वनि को पैदा करने तथा सुनने की क्षमता होती है। इन्हीं कंपनों के कारण चमगादड़ों को अपने गमन-पथ का आभास होता है। इसी सिद्धांत के अनुसार राडार का
आविष्कार किया गया है।

पराश्रव्य तरंगों के उपयोग-

  1. SONAR में पनडुब्बियों की गहराई मापने में इनकी सहायता ली जाती है।
  2. बैक्टिरिया को नष्ट करने और दूध की जीवाणु रहित बनाने के लिए उपयोग होती हैं।
  3. ठोस वस्तुओं में छिद्र और दरारें ढूंढ़ने के लिए।
  4. पराश्रव्य तरंगों का प्रयोग शरीर के भीतर पनपने वाले कैंसर तथा माँस पिंडों को जाँचने में किया जाता है।
  5. पराश्रव्य तरंगों से गुर्दो की पत्थरी की जाँच होती है।
  6. इन तरंगों से भ्रूण की जाँच की जा सकती है।
  7. माँसपेशियों की दर्द तथा जोड़ों के दर्द के निवारण में इनकी सहायता ली जाती है।
  8. हवाई जहाज़ों, रेलवे लाइनों तथा पाइपों के दोषों को इनकी सहायता से ढूँढा जाता है।
  9. समुद्रों की गहराई मापी जाती है।
  10. ये फोटोग्राफी फिल्मों को बनाने में सहायक होती हैं।

प्रश्न 8.
तरंग-गति के क्या गण हैं ?
उत्तर-
तरंग-गति के गुण-

  1. यह एक हिल-जुल है, जो माध्यम में से गुज़रती है। तरंग गति के साथ कोई भी द्रव्यमान स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
  2. माध्यम के कण अपने मध्य स्थिति के इर्द-गिर्द दोलन करते हैं।
  3. किसी कण का दोलन उससे पहले वाले कण से कुछ देर बाद शुरू होता है। क्रमिक स्थितियों में निरंतर फेज़-अन्तर होता है।
  4. दोलन के दौरान कणों का वेग विभिन्न स्थितियों में विभिन्न होता है। यह मध्य स्थिति पर अधिक तथा उच्चतम स्थितियों पर शून्य होता है।
  5. किसी माध्यम में तरंग का वेग अचर होता है।
  6. माध्यम के बिना किसी वास्तविक स्थानांतरण के हिल-जुल के साथ ऊर्जा भी स्थानांतरित हो जाती है।
  7. यांत्रिक तरंग गति के स्थानांतरण के लिए भौतिक माध्यम आवश्यक है। इस माध्यम में तन्यता और जड़त्व के गुण होने चाहिएं तथा माध्यम के कणों में घर्षण बल लघुतम होना चाहिए।

प्रश्न 9.
ध्वनि क्या है ? संक्षेप में बताओ।
उत्तर-
ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है जो हमारे कानों में सुनने की संवेदना उत्पन्न करती है। यह एक प्रकार की कणों में हलचल (Disturbance) है जो बाहरी कारणों से उत्पन्न होती है।

हम कई प्रकार की ध्वनियां सुनते हैं, जैसे-बच्चे का रोना, वायु का तेज़ चलना, कुत्ते का भौंकना, बिजली का गर्जना, रेल के इंजन की सीटी, वायुयान की गड़गड़ाहट आदि। हर प्रकार की ध्वनि पैदा करने वाली वस्तु कंपन कर रही होती है।

प्रश्न 10.
एक तंग कमरे में प्रतिध्वनि सुनाई नहीं देती। व्याख्या करो, क्यों ?
उत्तर-
तंग कमरे में प्रतिध्वनि – हमारे कान में सुनने की संवेदना का प्रभाव 0.1 सैकेंड तक रहता है यद्यपि ध्वनि का स्रोत कंपन करना बंद कर दे। इसलिए गूंज सुनने के लिए परावर्तित ध्वनि हमारे कानों में मूल ध्वनि के पहुंचने से 0.1 सैकेंड बाद आनी चाहिए। अर्थात् ध्वनि द्वारा दोनों ओर से तय की गई कुल दूरी 344 × 0.1 = 34.4 मीटर होनी चाहिए। इसलिए यह स्पष्ट है कि गूंज उत्पन्न करने के लिए स्रोत तथा परावर्तक तक ध्वनि को 34.4 मी० का आधा अर्थात् 17.2 मीटर की दूरी तक करनी चाहिए। यदि ध्वनि स्रोत तथा परावर्तक के बीच की दृरी 17.2 मी० से कम होगी तो प्रतिध्वनि सुनाई नहीं देगी। इसलिए तंग कमरे की दीवारों की दूरी 17.2 मी० से कम होती है इसलिए प्रतिध्वनि नहीं देती।

प्रश्न 11.
कंपन गति से ध्वनि उत्पन्न होती है, फिर कंपन कर रहा एक लोलक ध्वनि उत्पन्न क्यों नहीं करता ?
उत्तर-
दोलन या कंपन कर रहा लोलक ध्वनि इसलिए उत्पन्न नहीं करता क्योंकि इससे उत्पन्न हुई दोलन तरंगें वायु के माध्यम में बिखर जाती हैं। यदि निर्वात में लोलक का कंपन हो तो ध्वनि सुनाई देगी।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 12.
दूर बज रहे सायरन के साथ हम अपनी घड़ी सैट करते हैं ? क्या वह तेज़ चलेगी या धीमी ? व्याख्या करो।
उत्तर-
सायरन से उत्पन्न हुई ध्वनि को हम तक पहुंचने के लिए कुछ समय लगेगा। अर्थात् जब सायरन बजा तथा जब ध्वनि हम तक पहुंची है उसमें कुछ समय लगता है। इसलिए सायरन के साथ सैट की हुई घड़ी वास्तविक समय से पीछे रह जाएगी अर्थात् धीमी चलेगी।

प्रश्न 13.
एक संपीडन तथा एक विरलन क्या होते हैं ?
उत्तर-
अनुदैर्ध्य तरंग के संपीडन और विरलन – अनुदैर्ध्य तरंग माध्यम में से संपीडन और विरलन के रूप में चलती है।

संपीडन की परिभाषा – संपीडन माध्यम का वह क्षेत्र है जिसमें कण परस्पर निकट आ जाते हैं अर्थात् कण सामान्य परिस्थिति की अपेक्षा कम दूरी पर होते हैं।

अनुदैर्ध्य तरंग के संचार के समय संपीडन पर माध्यम के कणों के आयतन में अस्थायी रूप से कमी आ जाती है। इसके परिणामस्वरूप माध्यम के इस क्षेत्र में घनत्व बढ़ जाता है।

विरलन की परिभाषा – विरलन माध्यम का वह क्षेत्र है जिसमें कण अपनी सामान्य दूरी से थोड़ा परे-परे हो जाते हैं।

तरंग के संचार के समय विरलन पर माध्यम के कणों का आयतन अस्थायी रूप से अधिक हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप माध्यम के इस क्षेत्र में दबाव कम हो जाता है। क्योंकि माध्यम के दबाव में कमी होती है, इसलिए इन तरंगों को दबाव तरंगें भी कहते हैं।

ध्वनि तरंगें भी अनुदैर्ध्य होती हैं जो माध्यम में से गुजरते समय संपीडन और विरलन की श्रृंखला से युक्त होती हैं। जब ध्वनि तरंग वायु में गुजरती है, तो वायु के कण आगे नहीं बढ़ते परंतु उसी दिशा में दोलित होते हैं, जिसमें ध्वनि तरंग गतिशील होती है।

जब माध्यम में अनुदैर्ध्य तरंगें चलती हैं तो माध्यम की घनता में परिवर्तन चित्र में दिखाये अनुसार होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 10

प्रश्न 14.
श्रृंग और गर्त में अंतर बतलाओ।
उत्तर-
श्रृंग (शीर्ष) (Crest) – अनुप्रस्थ तरंगों में दोलन कर रहे कणों की संतुलन स्थिति में धनात्मक दिशा की ओर अधिकतम विस्थापन वाले सबसे ऊंचे बिंदु को शीर्ष कहते हैं।

गर्त (ट्रफ) (Trough) – अनुप्रस्थ तरंगों में दोलन कर रहे कणों की संतुलन स्थिति से ऋणात्मक दिशा की ओर अधिकतम विस्थापन वाले सबसे निम्न बिंदु को गर्त कहते हैं।

अनुप्रस्थ तरंग के शीर्ष और गर्त – अनुप्रस्थ तरंग हिल-जुल रेखा के शून्य बिंदु से ऊपर उठने तथा नीचे बैठने के रूप में बनती है। माध्य के उठान को शीर्ष कहते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 11

प्रश्न 15.
क्या आप ध्वनि की सहायता से एक प्रकाश के धब्बे को नृत्य करा सकते हैं ? कैसे ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
एक टिन का डिब्बा लो। इसके दोनों सिरों को काट कर खोखला बेलन बना लो। एक गुब्बारे को इस प्रकार काटो कि उसकी एक झिल्ली बन जाए। इस झिल्ली को खींच कर डिब्बे के एक खुले सिरे के ऊपर तान दो। गुब्बारे के चारों ओर एक रबड़ का छल्ला लपेट दो। समतल दर्पण का एक छोटा टुकड़ा लेकर इसे गोंद की सहायता से गुब्बारे से इस प्रकार चिपकाओ कि उसकी चमकदार सतह ऊपर की ओर हो।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 12

एक झिरों से आने वाले प्रकाश को दर्पण पर पड़ने दो। परावर्तन के पश्चात् प्रकाश का धब्बा दीवार पर पहुँचाता है। डिब्बे के खुले भाग में सीधे ही बात करो या ज़ोर से चिल्लाओ। आप दीवार पर प्रकाश के धब्बे को नाचते हुए देखोगे।

प्रश्न 16.
ध्वनि बूम से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ध्वनि बूम (Sonic boom) – जब कोई ध्वनि स्रोत वायु में, ध्वनि की चाल से अधिक चाल से चलता है तो वह वायु में प्रघाती तंरगें उत्पन्न करता है जिनमें बहुत अधिक ऊर्जा होती है। इन तंरगों के कारण वायुदाब में परिवर्तन से एक तेज़ और प्रबल ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे ध्वनि बूम कहते हैं। पराध्वनिक यान से उत्पन्न ध्वनि बूम में इतनी ऊर्जा होती है कि आस-पास के मकानों की खिड़कियाँ के काँच झनझना उठती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 17.
ध्वनि पट्ट (बोर्ड) क्या होता है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
ध्वनि-पट्ट – ध्वनि पट्ट एक अवतल पृष्ठ होता है जिसे बड़े हॉलों इत्यादि में स्पीकर के पीछे रख देते हैं। इसका प्रयोग ध्वनि को पूरे हॉल में समान रूप से फैलाने में किया जाता है। वक्ता S चित्र अनुसार ध्वनि-पट्ट को चित्रानुसार ध्वनि-पट्ट के फोकस पर अवस्थित है। अवतल परावर्तक ध्वनि पट्टों को चित्रानुसार वक्ता (स्पीकर) के पीछे रखते हैं जिससे ध्वनि विभिन्न दिशाओं में फैलने से रुकती है। ध्वनि पट्ट फोकस पर स्थित वक्ता की ध्वनि की तंरगों को श्रोताओं की ओर परावर्तित करता है, इनसे दूर बैठे श्रोतागण भी वक्ता का भाषण स्पष्ट सुन पाते हैं। अतः ध्वनि पट्ट की कार्यविधि ध्वनि के परावर्तन पर आधारित है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 13

प्रश्न 18.
ध्वनि परावर्तन से आपका क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ध्वनि का परावर्तन – प्रकाश की भाँति ध्वनि भी अपनी दिशा बदल सकती है तथा परावर्तित हो सकती है। ध्वनि का दीवारों से टकराकर वापस लौटना ध्वनि का परावर्तन कहलाता है ; जैसे-ध्वनि तंरगें धातु की चादर, लकड़ी इत्यादि से परावर्तित हो जाती हैं। प्रकाश परावर्तन के नियम ध्वनि के लिए भी लागू होते हैं, परंतु ध्वनि के परावर्तन के लिए किसी चिकनी तथा चमकीली सतह की आवश्यकता नहीं होती है। ध्वनि तरंगों के परावर्तन के लिए बड़े आकार के अवरोधों की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 19.
क्या कारण है कि दूर से आने वाली रेलगाड़ी की ध्वनि सुनाई नहीं देता परंतु पटरी पर कान रखकर हम उसकी आवाज़ सुन सकते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि वायु की अपेक्षा धातुओं आदि में एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुगमता से तीव्र चाल से चलती है। अत: रेलगाडी की आवाज़ पटरी में से होकर हमारे कानों तक पहुंच जाती है।

प्रश्न 20.
क्या कारण है कि औरतों की आवाज़ पतली व पुरुषों की आवाज़ मोटी होती है ?
उत्तर-
ध्वनि का मोटा अथवा पतला होना ध्वनि के तारत्व पर निर्भर करता है, क्योंकि औरतों की ध्वनि का तारत्व अधिक होता है, अत: आवाज़ पतली होती है। इसके विपरीत पुरुषों की ध्वनि का तारत्व कम होता है अत: आवाज़ मोटी होती है।

प्रश्न 21.
क्या कारण है कि हम भूकंप से उत्पन्न तरंगों को नहीं सुन पाते जबकि चमगादड़ या कुत्ते सुन सकते हैं ?
उत्तर-
हमारा कान 20 हर्ट्ज़ से 20,000 हर्ट्ज़ तक की आवृत्तियों वाली तरंगों को सुन सकते हैं। आवृत्ति का यह परास श्रवण परास कहलाता है। भूचाल द्वारा पैदा हुई तरंगों की आवृत्ति इस परास में नहीं होती। इसलिए हम इन तरंगों को नहीं सुन सकते परंतु चमगादड़ और कुत्ते के कान भूचाल द्वारा पैदा हुई तरंगों के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए चमगादड़ और कुत्ते आसानी से इन तरंगों को सुन सकते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 22.
मच्छर की आवाज़ तथा शेर की आवाज़ में क्या अंतर है ?
उत्तर-
मच्छर की आवाज़ की प्रबलता कम होती है परंतु आवृत्ति अधिक होती है। दूसरी तरफ शेर की आवाज़ की प्रबलता अधिक होती है परंतु आवृत्ति कम होती है, इसलिए मच्छर की आवाज़ शेर की आवाज़ से तीखी होती है।

प्रश्न 23.
श्रवण सहायक युक्ति क्या है और यह किस प्रकार कार्य करती है ?
उत्तर-
श्रवण सहायक युक्ति – जिन व्यक्तियों को कम सुनाई देता है उन्हें इस युक्ति की आवश्यकता होती हैं। यह बैट्री से चलने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है। इसमें एक छोटा-सा माइकोफोन, एक एंप्लीफायर व स्पीकर होता है। जब ध्वनि माइक्रोफोन पर पड़ती है तो वह ध्वनि तरंगों को विद्युत् संकेतों में परिवर्तित कर देता है।

एंप्लीफायर इन विद्युत् संक्तों को प्रवर्धित कर देता है। ये संकेत स्पीकर द्वारा ध्वनि की तरंगों में परिवर्तित कर दिए जाते हैं। ये ध्वनि तरंगें कान के डायफ्राम पर आपतित होती हैं तथा व्यक्ति को ध्वनि साफ़ सुनाई देती है।

महत्त्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)

1. तरंग का वेग, (v) = v × λ
2. आवृत्ति (v) = \(\)
3. तरंग लंबाई (λ) = V × T
4. कुल दूरी = वेग × समय

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
मोहन के हृदय की आवृत्ति कितनी है, जब वह 1 मिंट में 75 बार धड़क रहा हो ?
हल :
75 बार हृदय के धड़कने को लगा समय = 1 मिनट = 60 सैकेंड
1 बार हृदय के धड़कने को लगा समय = \(\frac{60}{75}\) सैकेंड
= 0.80 सैकेंड
∴ आवर्त काल (T) = 0.80 सैकेंड
हम जानते हैं, कि आवृत्ति (v) = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 14
v = \(\frac{1}{0.80}\)
= 1.25 हज़ उत्तर

प्रश्न 2.
एक नाव समुद्र की तरंगों से टकरा गई है, जिसकी क्रमागत श्रृंग 100 मी० की दूरी पर है। श्रृंग की तरंग-वेग 20 मी०सै० है। नाव की तरंगों से टकराने की आवृत्ति कितनी है ?
हल :
तरंगदैर्ध्य, (λ) = 100 m
तरंग वेग, (v) = 20 m/s
आवृत्ति, (v) = ?
हम जानते हैं, v = v × λ
20 = v × 100
v = \(\frac{20}{100}\)
= 0.2 हज़ = 0.16

प्रश्न 3.
तरंग का एक स्रोत 0.4 सैकेंड में 40 श्रृंग और 40 गर्त उत्पन्न करता है। तरंग की आवृत्ति ज्ञात करो।
उत्तर-
एक तरंग साइकिल में एक श्रृंग तथा एक गर्त होता है। क्योंकि दिया हुआ स्रोत 40 श्रृंग उत्पन्न करता है, अत: यह 0.4s में 40 तरंग साइकिल उत्पन्न करता है। इसलिए,
0.4s में तरंग साइकिल उत्पन्न होती है = 40
1s में तरंग साइकिल उत्पन्न होगी = \(\frac{40 \times 1 \mathrm{~s}}{0.4 \mathrm{~s}}\)
= 100
∴ तरंग की आवृत्ति (υ) = 100 Hz

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 4.
एक तार पर एक तरंग प्लस 8 मीटर की दूरी 0.05 सैकेंड में तय करती है। तरंग वेग कितना है ? यदि तार की आवृत्ति 200 हर्ट्ज़ है तो तरंग की लंबाई कितनी होगी ?
हल :
तरंग का वेग, υ = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 15
υ = \(\frac{8}{0.05}\)
= 160 मी०/सै०
हम जानते हैं कि, v = υλ
λ = \(\frac{v}{v}\)
λ = \(\frac{160}{200}\)
λ = 0.8 मीटर उत्तर

प्रश्न 5.
ध्वनि तरंगों का वेग 330 m/s है। यदि ध्वनि तरंग की आवृत्ति 550 Hz हो, तो उसकी तरंगदैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल :
υ = 550 Hz, v = 330 ms-1, λ = ?
υ = vλ
या, λ = \(\frac{v}{v}=\frac{330}{550}\) = 0.6 m

प्रश्न 6.
एक स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि की तरंग-लंबाई 1.7 × 10-2m है। यदि इसका वेग 343.4 ms-1 हो, तो ध्वनि की आवृत्ति ज्ञात करें।
हल :
वेग υ = 343.4 ms-1, आवृत्ति υ = ? तरंग-लंबाई = 1.7 × 10-2 m
υ = vλ
या v = \(\frac{v}{\lambda}\)
या v = \(\frac{343.4}{1.7 \times 10^{-2}}\)
= 2.02 × 104 Hz.

प्रश्न 7.
उस तंरंग की आवृत्ति क्या होगी जिसका आवर्तकाल 0.05 s है ?
हल :
आवर्तकाल T = 0.05 s, आवृत्ति, v = ?
आवृत्ति v = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)
या v = \(\frac{1}{0.05}=\frac{100}{5}\) = 20 Hz.

प्रश्न 8.
एक चमगादड़ 120 KH2. तक की आवृत्ति की ध्वनि को सुन सकता है। इस आवृत्ति के लिए, वायु में ध्वनि की तरंगदैर्ध्य क्या होगी ? वायु में ध्वनि का वेग 344 m/s लीजिए।
हल:
आवृत्ति (v) = 120 कि० हर्ट्ज़ = 120 × 1000 हर्ट्स
= 120,000 हज़
ध्वनि का वेग = V= 344 मी०/सै०
तरंगदैर्ध्य, λ = ?
V = vλ
λ = \(\frac{\mathrm{V}}{v}\)
= \(\frac{344}{120,000}\)m
= \(\frac{344 \times 100}{120,000}\)m
= 0.28 m

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 9.
वकीय तरंग, जिसका आवर्तकाल 10 सैकेंड 15 मी०/सै० के वेग से चल रही है। उसकी तरंग लंबाई ज्ञात करो। एक तरंग शीर्ष तथा अगली तरंग गर्त के मध्य क्षैतिज दूरी बताओ।
हल:
आवर्तकाल, T = 10 sec.
v = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)
= \(\frac{1}{10}\) = 0.1 हलज़
वेग, V = 15 m/s
हम जानते हैं, V = vλ
λ = \(\frac{\mathrm{V}}{v}\)
= \(\frac{15}{0.1}\)
= 150 मी०
एक तरंगशीर्ष तथा अगली तरंग गर्त के बीच दूरी = \(\frac{\lambda}{2}\)
= \(\frac{150}{2}\)
= 75 मी०

प्रश्न 10.
चित्र में किस क्षण एक आवर्त तरंग का दूरी विस्थापन का ग्राफ दिखाया गया है, यदि तरंग का वेग 320 m/s हो, तो ज्ञात कीजिए-
(a) तरंगदैर्ध्य
(b) आवृत्ति।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 16

(a) तरंगदैर्ध्य = दो शृंगों के बीच की दूरी
= 50 – 10 = 40 cm
= \(\frac{40}{100}\)m = 0.4 m

(b) तरंग का वेग υ = 320 m/s, v = ?, λ = 0.4
υ = vλ
v = \(\frac{v}{\lambda}=\frac{320}{0.4}\) = 800Hz .
दूरी (सें मील) -1 2. 0.4
∴ आवृत्ति v = 800 Hz

प्रश्न 11.
किसी स्प्रिंग (Spring) पर कोई अनुदैर्ध्य तरंग उत्पन्न की जाती है। यह तरंग 3th cm/s वेग से चलती है और इसकी आवृत्ति 20 Hz है। स्प्रिंग के दो क्रमागत संपीडनों के बीच न्यूनतम दूरी कितनी है ?
हल :
V = 30 cm/s = 0.30 m/s, आवृत्ति v = 20 Hz, λ = ?
V = vλ
0.30 = 20 Hz × λ
λ = \(\frac{.30}{20}\)
= .015 मीटर
= 1.5 सेमी०

प्रश्न 12.
एक रिपल तालाब (Ripple tank) में प्रति सैकेंड 10 पूरी लहरें उत्पन्न होती हैं। पड़ोसी गर्त और शिखरों में दूरी 12 cm है। आवृत्ति, तरंग-लंबाई और तरंग का वेग ज्ञात करें।
हल :
चूँकि 10 लहरें प्रति सैकेंड की दर से उत्पन्न होती हैं। इसलिए आवृत्ति 10 Hz है। चूँकि तरंग-लंबाई पड़ोसी गर्त और शिखर की दूरी की दुगुनी है, इसलिए तरंग-लंबाई है
λ = 2 × 12 = 24 cm
V = v × λ = 10 × 24 = 240 ms-1

प्रश्न 13.
एक प्रेषक चट्टान के सामने 200 मीटर दूर खड़ा होता है। वह सीटी बजाता है। अगर ध्वनि हवा में 332 m/s के वेग से चलती हो तो यह सीटी की प्रति ध्वनि कितनी देर बाद सुन सकेगा ?
हल :
ध्वनि का वेग = 332 मीटर प्रति सै०
ध्वनि वापस आने के लिए चली गई दूरी = 200 मी० + 200 मी० = 400 मी०
332 मी० ध्वनि चलने के लिए लिया गया समय = 1 सैकेंड
1 मी० ध्वनि चलने के लिए लिया गया समय = \(\frac{1}{332}\) सैकेंड
400 मी० ध्वनि चलने के लिए लिया गया सभय = \(\frac{1}{332}\) × 400
= \(\frac{100}{83}\) से०
= 1.2 सैकेंड उत्तर

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 14.
एक नाव में एक ध्वनि संकेत भेजा गया। यह संकेत समुद्र की तली से परावर्तन होने के 0.8 सैकेंड के बाद नाव पर लौट आया। समुद्र की गहराई ज्ञात करो यदि पानी में ध्वनि का वेग 1500 मीटर प्रति सैकेंड हो।
हल :
ध्वनि का वेग = 1500 मी० प्रति सैकेंड
लगा समय = 0.8 सैकेंड
ध्वनि द्वारा कुल तय दूरी = ध्वनि का वेग × समय
= 1500 × 0.8
= 1500 × \(\frac{8}{10}\)
= 1200 मी०
समुद्र की गहराई = \(\frac{1200}{2}\) = 600 मी०

प्रश्न 15.
कोई बच्चा किसी शक्तिशाली पटाखे के फटने के 4 सैकेंड बाद उसकी किसी खड़ी चट्टान के कारण प्रतिध्वनि सुनता है। बच्चे से चट्टान की दूरी क्या है ? हल :
ध्वनि द्वारा जाने तथा फिर वापिस आने में तय की गई कुल दूरी = 2d
V = \(\frac{2 d}{t}\)
d = \(\frac{\mathrm{V} \times t}{2}\)
d = \(\frac{344 \times 4}{2}\)
= 688 मीटर उत्तर

प्रश्न 16.
एक स्वरित्र की आवृत्ति 400 हर्ट्ज़ है। इसका आवर्तकाल कितना होगा ?
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 17

प्रश्न 17.
एक स्वरित्र का दोलनकाल 1/10 सेकंड है। स्वरित्र की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 18
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 19
∴ υ = 40 हर्ट्ज़।

प्रश्न 17.
एक तरंग की चाल 100 मीटर/सेकंड तथा तरंग-दैर्ध्य 50 सेमी है। तरंग की आवृत्ति ज्ञात कीजिए :
हल :
दिया है, तरंग की चाल (v) = 1000 मीटर/सेकंड, तरंग दैर्ध्य (λ) 50 सेमी = 50 × 10-2 मीटर, आवृत्ति (v) = ?
सूत्र υ = vλ से
तरंग की आवृत्ति v = \(\frac{v}{\lambda}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 20
= 200 हर्ट्ज़

प्रश्न 18.
ध्वनि वायु में 330 मीटर/सेकंड की चाल से चलती है। एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 550 हर्ट्स है। इस तरंग की तरंग-दैर्ध्य क्या होगी ?
हल :
दिया है : तरंग वेग (υ) = 330 मीटर/सेकंड, आवृत्ति (v) = 550 हर्टज
सूत्र υ = v × λ = से,
तरंग-दैर्ध्य λ = \(\frac{v}{v}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 21
= \(\frac{3}{5}\) मीटर = 0.6 मीटर

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 19.
एक रेडियो प्रसारण केंद्र से 40 मेगा ह आवृत्ति की विद्युत्-चुंबकीय तरंगें प्रसारित होती हैं। यदि विदयुत्-चुंबकीय तरंग की चाल 3.0 × 108 मीटर/सेकंड हो तो इन तरंगों की तरंग-दैर्ध्य क्या होगी?
हल :
दिया है : आवृत्ति (v) = 40 मेगा हर्ट्ज़ = 40 × 106 हज़, चाल (v) = 3.0 × 106 मीटर/सेकंड, तरंगदैर्ध्य (λ) = ?
सूत्र v = vλ
तरंग-दैर्ध्य λ = \(\frac{v}{v}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 22
= 7.5 मीटर

प्रश्न 20.
किसी (खड़ी नाव) से जल तरंगें लगातार टकरा रही हैं। यदि इन तरंगों के दो क्रमागत श्रृंगों के बीच की दूरी 100 मीटर तथा जल में तरंगों का वेग 20 मीटर/सेकंड है तो तरगों के नाव से टकराने की आवृत्ति क्या है ?
हल :
दिया है : जल में तरंगों का वेग (υ) = 20 मीटर/सेकंड
क्रमागत शृंगों के बीच की दूरी = 100 मीटर, तरंगों की आवृत्ति (v) = ?
∵ दो क्रमागत शृंगों के बीच की दूरी = तरंग्ध्य (λ)
∴ तरंग-दैर्ध्य λ = 100 मीटर
सूत्र = v × λ से,
आवृत्ति v = \(\frac{v}{\lambda}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 23
= 0.2 हज़

प्रश्न 21.
एक स्रोत वायु में 1.2 मीटर तरंग-दैर्ध्य की तरंगें उत्पन्न कर रहा है। यही स्रोत जल में 5.4 मीटर तरंग-दैर्ध्व की तरंगें उत्पन्न करता है। यदि वायु में ध्वनि की चाल 330 मीटर/सेकंड हो तो तरंग की जल में चाल ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है : वायु में तरंग दैर्ध्य (λ1) = 1.2 मीटर तथा तरंग वेग (υ1) = 330 मीटर/सेकंड
∴ तरंग की आवृत्ति (v) = \(\frac{v_{1}}{\lambda_{1}}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 24
= 275 हज़
दोनों तरंगें एक ही स्रोत से उत्पन्न हो रही हैं क्योंकि दोनों की आवृत्तियाँ समान हैं
जल में तरंग-दैर्ध्य (λ2) = 5.2 मीटर
∴ जल में तरंग की चाल (υ2) = v × λ2
= 275 हज़ × 5.4 मीटर
= 1485 मीटर/सेकंड

प्रश्न 22.
सोनार द्वारा पानी के पृष्ठ पर ध्वनि स्पंद उत्सर्जित किए जाते हैं। ये स्पंद पानी की तली से परावर्तन के पश्चात् संसूचित किए जाते हैं। यदि उत्सर्जित होने व संसूचन के बीच समय अंतराल 2 सेकंड है तो पानी की गहराई कितनी है ? (पानी में ध्वनि की गति = 1498 मीटर/सेकंड)
हल :
दिया है, उत्सर्जन व संसूचन के मध्य समयांतराल (t) = 2 सेकंड
पानी में ध्वनि की चाल (v) = 1498 मीटर/सेकंड
मान लो पानी की गहराई = S = ?
प्रश्नानुसार, ध्वनि तरंगें (t) = 2 सेकंड में 25 दूरी तय करती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 25
अतः पानी की गहराई S = \(\frac {1}{2}\)υt
= \(\frac {1}{2}\) × (1498 मीटर/सेकंड) × 2 सेकंड
= 1498 मीटर

प्रश्न 23.
एक पत्थर 44.1 मीटर गहरे कुएँ में गिराया जाता है। यदि पत्थर के पानी से टकराने की ध्वनि, पत्थर गिराने के 3.13 सेकंड बाद सुनाई देती है तो वायु में ध्वनि का वेग ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, कुएँ की गहराई (h) = 44.1 मीटर, गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 मीटर/सेकंड2
पत्थर को जल के तल तक जाने में तथा ध्वनि को ऊपर तक आने में लगा समय 1 = 3.13 सेकंड
मान लो पत्थर को जल के तल तक जाने में t1 समय लगता है तो
समीकरण S = ut + \(\frac {1}{2}\)gt2 से,
44.1 मीटर = 0 × t1 + \(\frac {1}{2}\) × (9.8 मीटर/सेकंड2) × t12
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 26
= 3.0 सेकंड
∴ ध्वनि को कुएँ के शिखर तक पहुँचने में लगा समय t2 = t – t1
= (3.13 – 3.0) सेकंड
= 0.13 सेकंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 27
= 339.2 मीटर/सेकंड

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 24.
प्रतिध्वनि सुनने के लिए किसी कमरे की न्यूनतम लंबाई कितनी होनी चाहिए ? वायु में ध्वनि की चाल 320 मीटर/सेकंड है।
हल :
मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव t = 0.1 सेकंड तक बना रहता है,
∴ प्रतिध्वनि सुनने के लिए आवश्यक है, ध्वनि को श्रोता से चलकर दीवार से टकराने तथा वापस श्रोता तक पहुँचने में न्यूनतम 0.1 सेकंड का समय लगना चाहिए।
मान लो कमरे की न्यूनतम लंबाई = (S)
तब ध्वनि 0.1 सेकंड में 2S दूरी तय करेगी।
तय हुई दूरी (2S) = चाल × समय
2S = 320 मीटर/सेकंड × 0.1 सेकंड
या 2S = 32 मीटर
S = 16 मीटर
इसलिए कमरे की न्यूनतम लंबाई 16 मीटर होनी चाहिए।

प्रश्न 25.
किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 2kHz और उसकी तरंगदैर्ध्य 35cm है। यह 1.5 km दूरी चलने में कितना समय लेगी ?
हल :
दिया हुआ है,
आवृत्ति (v) = 2 kHz
= 2000 Hz
तरंगदै- (λ) = 35 cm
= 0.35 m
हम जानते हैं, तरंग वेग (υ) = तरंगदैर्ध्य × आवृत्ति
υ = λ × v
= 0.35m × 2000 Hz
= 700 m/s
समय (t) = \(\frac{d}{v}=\frac{1.5 \times 1000 \mathrm{~m}}{700 \mathrm{~ms}^{-1}}\)
= \(\frac{15}{7}\)s
= 2.1s
∴ ध्वनि 1.5 km दूरी तय करने में 2.1 s समय लेगी।

प्रश्न 26.
एक मनुष्य किसी खड़ी चट्टान के पाम ताली बजाता है और उसकी प्रतिध्वनि 5s के पश्चात् सुनाई देती है। यदि ध्वनि की चाल 346 ms-1 ली जाए, तो चट्टान तथा मनुष्य के बीच की दूरी कितनी होगी ?
हल :
ध्वनि की चाल (υ) = 346 ms-1
प्रतिध्वनि सुनने में लिया गया समय t = 5s
ध्वनि द्वारा चली गई दूरी (S) = υ × t = 346 ms-1 × 5 s
= 1730 m
5 s में ध्वनि ने चट्टान तथा मनुष्य के बीच की दोगुनी दूरी तय की।
1730 चट्टान तथा मनुष्य के बीच की दूरी = \(\frac{1730}{2}\)m
= 865 m

प्रश्न 27.
एक जहाज पराध्वनि उत्पर्जित करता है जो समुद्र तल से परावर्तित होकर 3.42 s के पश्चात् संसूचित की जाती है। यदि समुद्र जल में पराध्वनि की चाल 1531 m/s हो, तो समुद्र तल से जहाज़ की कितनी दूरी होगी ?
हल :
प्रेषण तथा संसूचन के बीच लगा समय t = 3.42 s
समुद्र जल में पराश्वनि की चाल (υ) = 1531 m/s
पराध्वनि द्वारा चली गई दूरी = 2d. जहाँ d = समुद्र की गहराई
∴ 2d = ध्वनि की चाल – समय = 1531 m/s × 3.42s
= 5236 m
d = \(\frac{5236}{2}\)m
= 2618 m
∴ जहाज़ से समुद्र तल की दूरी 2618 m = 2.62 km है।

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
ध्वनि किसे कहते हैं ?
उत्तर-
ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है जो कंपन द्वारा उत्पन्न होती है।

प्रश्न 2.
ध्वनि की गति गैसों में अधिक होती है अथवा ठोस में ?
उत्तर-
ठोस में अधिक होती है।

प्रश्न 3.
ध्वनि की गति की द्रवों और ठोसों में तुलना करो।
उत्तर-
ध्वनि की गति द्रवों में कम होती है परंतु ठोसों में अधिक होती है।

प्रश्न 4.
मानव कान किस आवृत्ति वाली ध्वनि को सुन सकता है ?
उत्तर-
मानव कान 20 हर्टज़ से 20,000 हर्ट्ज़ वाली ध्वनि सुन सकता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 5.
क्या ध्वनि निर्वात में चल सकती है?
उत्तर-
नहीं।

प्रश्न 6.
ध्वनि की प्रकृति अनुप्रस्थ तरंग है या अनुदैर्ध्य तरंग ?
उत्तर-
अनुदैर्ध्य तरंग।

प्रश्न 7.
तरंग उत्पन्न करने के लिए माध्यम के क्या गुण होने चाहिए ?
उत्तर-
माध्यम में जड़त्व तथा आकार में लचकीलापन का गुण होना चाहिए।

प्रश्न 8.
तरंग उत्पन्न करने के लिए माध्यम के क्या गुण होने चाहिएं ?
उत्तर-
माध्यम में जड़त्व तथा आयतन में लचकीलापन अवश्य होना चाहिए।

प्रश्न 9.
बताएँ कि निम्नलिखित अनुप्रस्थ तरंगें हैं या अनुदैर्ध्य तरंगें
(i) प्रकाश-तरंग,
(ii) जल में लहरें,
(ii) ध्वनि तरंगें।
उत्तर-
(i) अनुप्रस्थ तरंग,
(ii) अनुप्रस्थ तरंग,
(iii) अनुदैर्ध्य तरंग।

प्रश्न 10.
आवृत्ति, तरंग-लंबाई और तरंग-वेग में क्या संबंध है ?
उत्तर-
तरंग वेग = आवृत्ति × तरंग-लंबाई।

प्रश्न 11.
आवृत्ति की इकाई क्या है ?
उत्तर-
हज़।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 12.
आवृत्ति (v) और आवर्तकाल (T) में क्या संबंध है ?
उत्तर-
v = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)

प्रश्न 13.
पराश्रव्य ध्वनि कौन सुन सकते हैं ?
उत्तर-
चमगादड़ तथा कुत्ते।

प्रश्न 14.
प्रतिध्वनि के लिए वस्तु ध्वनि के स्रोत से कितने मीटर से अधिक दूरी पर होनी चाहिए ?
उत्तर-
17.2 मीटर।

प्रश्न 15.
रडार किस सिदधांत पर कार्य करता है ?
उत्तर-
पराश्रव्य ध्वनि के सिद्धांत पर।

प्रश्न 16.
कान पर प्रतिध्वनि का प्रभाव कब तक रहता है ?
उत्तर-
कान पर ध्वनि का प्रभाव \(\frac {1}{10}\) सेकंड तक रहता है।

प्रश्न 17.
छोटे कमरों में प्रतिध्वनि सुनाई क्यों नहीं देती ?
उत्तर-
छोटे कमरों की लंबाई 17.2 मीटर से कम होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 18.
ध्वनि तरंगों के संचारण के लिए माध्यम में कौन-से दो गुण होने चाहिए ?
उत्तर-

  1. प्रत्यास्थता तथा
  2. जड़त्व।

प्रश्न 19.
किस प्रकार की तरंगों के संचरण के लिए द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती ?
उत्तर-
विट्दत मंजकीय तरंगों के लिए।

प्रश्न 20.
एक यांत्रिक तरंग क्षैतिज दिशा में गति कर रही है। माध्यम के कण किस दिशा में कंपन करेंगे, यदि तरंग
(i) अनुप्रस्थ है,
(ii) अनदैर्ध्य है ?
उत्तर-
(i) ऊर्ध्वाधर दिशा में,
(ii) क्षैतिज दिशा में।

प्रश्न 21.
दो ऐसी युक्ग्यिों के नाम बताइए जो
(i) ध्वनि ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में तथा
(ii) विद्युत् ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में बदलती है ?
उत्तर-
(i) ध्वनि ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदलने वाली युक्ति माइक्रोफोन,
(ii) विद्युत् ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में बदलने वाली युक्ति लाउडस्पीकर ।

प्रश्न 22.
आवृत्ति का मात्रक क्या है ?
उत्तर-
आवृत्ति का मात्रक ह है।

प्रश्न 23.
आवर्तकाल तथा आवृत्ति में क्या संबंध है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि 28

प्रश्न 24.
तरंग-दैर्ध्य का S.I. मात्रक क्या है ?
उत्तर-
मीटर।

प्रश्न 25.
यदि किसी तरंग के किसी बिंदु पर श्रृंग बन रहा है तो कितने समय पश्चात् उस पर गर्त बनेगा ?
उत्तर-
\(\frac{\mathrm{T}}{2}\) समय पश्चात् गर्त बनेगा, जहाँ T तरंग का आवर्तकाल है।

प्रश्न 26.
तरंग-दैर्ध्य, आवृत्ति तथा तरंग वेग के बीच संबंध लिखिए।
उत्तर-
तरंग वेग (υ) = आवृत्ति (v) × तरंग-दैर्ध्य (λ)।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 27.
श्रव्य तरंगों का आवृत्ति परास बताइए।
उत्तर-
श्रव्य तरंगों का आवृत्ति परास–20 हर्ट्स से 20 किलोह तक है।

प्रश्न 28.
हम चंद्रमा पर होने वाले विस्फोट की आवाज पृथ्वी पर क्यों नहीं सुन पाते ?
उत्तर-
पृथ्वी व चंद्रमा के बीच द्रव्यात्मक माध्यम न होने के कारण।

प्रश्न 29.
उन कारकों के नाम बताइए जो किसी माध्यम में ध्वनि की चाल को प्रभावित करते हैं ?
उत्तर-
माध्यम का

  1. ताप,
  2. घनत्व तथा
  3. आर्द्रता।

प्रश्न 30.
वायु में ध्वनि की चाल पर ताप पर का प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
ताप बढ़ने पर वायु में ध्वनि की चाल बढ़ती है।

प्रश्न 31.
ठोसों, द्रवों तथा गैसों में ध्वनि की चाल किसमें सबसे अधिक तथा किसमें सबसे कम होती है ?
उत्तर-
ठोसों में सबसे अधिक गैसों में सबसे कम होती है।

प्रश्न 32.
हमारे कान में ध्वनि की संवेदना कितने समय तक बनती रहती है ?
उत्तर-
0.1 सेकंड तक।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 33.
अनुप्रस्थ तरंगें किस प्रकार के माध्यम में उत्पन्न की जा सकती हैं ?
उत्तर-
ठोसों में तथा द्रवों की सतह पर, जिनमें दृढ़ता होती है।

प्रश्न 34.
अनुदैर्ध्य तरंगें किस प्रकार के माध्यम में उत्पन्न की जा सकती हैं ?
उत्तर-
ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में।

प्रश्न 35.
जल में पत्थर फेंकने से जल की सतह पर उत्पन्न तरंगें किस प्रकार की होती हैं ?
उत्तर-
अनुप्रस्थ तरंग।

प्रश्न 36.
लोहे में उत्पन्न ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं ?
उत्तर-
अनुदै गयो।

प्रश्न 37.
वायु में उत्पन्न दनि ता किस प्रकार की होती हैं ?
उत्तर-
अनुदैर्ध्य तरंगें।

प्रश्न 38.
किसी तार को दो खूटियों के बीच तानकर लंबाई के लंबवत् खींचकर छोड़ दिया जाता है तो तार में उत्पन्न तरंग का नाम बताइए।
उत्तर-
अनुप्रस्थ तरंगें।

प्रश्न 39.
उन दो जानवरों के नाम बताओ जो 20,000 हर्ट्ज़ से उच्च आवृत्ति की तरंगों के प्रति संवेदनशील
उत्तर-
कुत्ता तथा चमगादड़।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 40.
SONAR का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर-
SONAR का पूरा नाम Sound Navigation and Ranging है।

प्रश्न 41.
SONAR के दो उपयोग बताइए।
उत्तर-

  1. समुद्र की गहराई ज्ञात करना,
  2. शत्रु पनडुब्बी की स्थिति ज्ञात करना।

प्रश्न 42.
पराध्वनि तरंगों के दो उपयोग बताइए।
उत्तर-

  1. मनुष्य के पेट में किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त करना।
  2. धातु के ब्लॉक में दरारों का पता लगाना।

प्रश्न 43.
सेस्मोग्राफ क्या है ?
उत्तर-
सेस्मोग्राफ भूकंप की तीव्रता नापने वाला उपकरण है।

प्रश्न 44.
भूकंप की तीव्रता के मापन के लिए कौन-सा पैमाना प्रायोग किया जाता है?
उत्तर-
रिक्टर पैमाना प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 45.
रिक्टर पैमाने पर कितनी तीव्रता तक का भूकंप सुरक्षित माना जाता है ?
उत्तर-
रिक्टर पैमाने पर 5 तीव्रता तक का भूकंप सुरक्षित माना जाता है।

प्रश्न 46.
बादलों की चमक तथा गड़गड़ाहट में से कौन-सी ऊर्जा हम तक पहले पहुँचेगी ?
उत्तर-
चमक पहले पहुँचेगी क्योंकि प्रकाश का वेग ध्वनि की अपेक्षा अधिक है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 12 ध्वनि

प्रश्न 47.
चमगादड़ अंधेरे में भली प्रकार अपना रास्ता मालूम कर सकता है, क्यों ?
उत्तर-
चमगादड़ अंधेरे में पराश्रव्य तरंगों के उत्सर्जन व संसूचन के कारण भली प्रकार अपना रास्ता मालूम कर सकता है।

प्रश्न 48.
किसी तरंग की ऊर्जा तथा उसके आयाम में क्या संबंध है ?
उत्तर-
ऊर्जा ∝ आयाम2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
स्थितिज ऊर्जा किसे कहते हैं ? स्थितिज ऊर्जा के लिए गणितीय सूत्र स्थापित करो तथा इस ऊर्जा की व्यावहारिक उदाहरणें भी दो।
उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) – ” यह किसी वस्तु में उसके आकार या उसकी पृथ्वी की सतह से ऊपर या नीचे स्थिति के कारण धारण की हुई ऊर्जा होती है।”

गणितीय सूत्र – मान लो ‘m’ द्रव्यमान वाला पत्थर पृथ्वी की सतह से ऊँचाई ‘h’ तक ऊपर तक उठाया जाता है। ऐसा करने के लिए पृथ्वी के गुरुत्व के विरुद्ध पत्थर पर कार्य करना पड़ता है।
∴ किया गया कार्य = बल × ऊँचाई
W = F × h
परंतु F, = पत्थर का भार = mg
पत्थर पर किया गया यह कार्य उस पत्थर में स्थितिज ऊर्जा (P. E.) के रूप में स्टोर हो जाता है।
∴ स्थितिज ऊर्जा (P.E.) = mgh
इस समीकरण से स्पष्ट है कि जितनी अधिक ऊँचाई होगी उतनी ही अधिक पत्थर में स्थितिज ऊर्जा स्टोर होगी।

व्यावहारिक उदाहरणें-
(i) पुराने जमाने की घड़ियां डिजिटल नहीं होती थीं और उन्हें चलाने के लिए चाबी भरनी पड़ती थी। जब इसकी कमानी पूरी तरह खुली होती है तो घड़ी नहीं चलती। परंतु जब हम इसकी कमानी की चाबी भरते हैं, तो हम कुछ कार्य करते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 1

चित्र (ख) में दिखाए अनुसार चाबी घुमाने से कमानी सिकुड़ती जाती है जिस कारण इसमें स्थितिज ऊर्जा स्टोर होती जाती है। स्टोर की हुई यह स्थितिज ऊर्जा घड़ी की सुइयों को डायल पर चलाने में सहायता करती है।

(ii) अपने दोनों हाथों से एक कमानी को खोलने की कोशिश करो। आपके हाथों द्वारा कार्य हो रहा है। ऐसा करने से कसी हुई कमानी की लंबाई बढ़ती है तथा इस तरह इसमें स्थितिज ऊर्जा स्टोर हो जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 2.
गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं ? गतिज ऊर्जा के लिए गणितीय सूत्र स्थापित करो तथा इस ऊर्जा की व्यावहारिक उदाहरणें भी दो।
उत्तर-
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) – “किसी वस्तु में किसी भी प्रकार की गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा गतिज ऊर्जा कहलाती है।” यदि वस्तु गतिशील नहीं है तो इसमें गतिज ऊर्जा नहीं है।

गणितीय सूत्र-मान लो ‘m’ द्रव्यमान वाली एक फुटबाल जो विराम अवस्था में है, पर बल F लगाया जाता है। इस बल के कारण फुटबाल ‘t’ समय में S दूरी तय करता हुआ वेग v प्राप्त कर लेता है। इसलिए इसमें प्रवेग ‘a’ उत्पन्न होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 2

फुटबाल पर किया गया कार्य W = F × S …………… (1)
न्यूटन की गति के दूसरे नियम अनुसार, F = m × a ……………… (2)
हम जानते हैं गति का एक रेखीय समीकरण
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2 …………….. (3)
तथा v = u + at ……………. (4)
फुटबाल विराम अवस्था से चली है;
u = 0
अब (3) तथा (4) समीकरणों में u = 0 भरने पर
S = \(\frac {1}{2}\)at2 ………………. (5)
तथा v = at …………… (6)
सभीकरण (1) में समीकरण (2), (5) तथा (6) का मान रखने पर
W = (m . a)(\(\frac {1}{2}\)at2)
W = \(\frac {1}{2}\)ma2t2
W = \(\frac {1}{2}\) m at2 ………….. (7)
समीकरण (6) को (7) में भरने से
W = \(\frac {1}{2}\)mv2 ……………. (8)
समीकरण (8) सिद्ध करती है कि फुटबाल पर किया गया कार्य उसके अंदर गतिज रूप में स्टोर हो जाता है।
∴ किया गया कार्य = स्टोर की गई गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)mv2
गतिज ऊर्जा की इकाई जूल (J) है।
समीकरण (8) से यह सिद्ध हो गया है कि गतिशील वस्तु की गतिज ऊर्जा-
(i) वस्तु के पुंज के समानुपाती होती है अर्थात् भारी वस्तुओं में हल्की वस्तुओं की अपेक्षा अधिक गतिज ऊर्जा होती है।
(ii) वस्तु के वेग के वर्ग के समानुपाती होती है अर्थात् जितनी वस्तु की चाल अधिक होगी उतनी ही अधिक उस वस्तु की गतिज ऊर्जा होगी।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 3

उदाहरण – आओ एक तीर तथा कमान के बारे में विचार करो। साधारण अवस्था में तीर तथा कमान में कोई भी ऊर्जा नहीं होती। जब हम तीर को कमान में रखते हैं तो हम उस पर कार्य करते हैं। यह कार्य तीर-कमान प्रणाली में स्थितिज ऊर्जा के रूप में स्टोर हो जाता है। अब जब तीर को कमान से छोड़ा जाता है तो स्टोर की गई स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।

प्रश्न 3.
ऊर्जा संरक्षण नियम क्या है ? एक उदाहरण के साथ इस नियम की व्याख्या करो तथा इस वास्तविकता को सिद्ध करो।
उत्तर-
ऊर्जा संरक्षण नियम – इस नियम के अनुसार ऊर्जा की मात्रा सदैव ही अचर रहती है अर्थात् कुल ऊस सदैव उतनी ही रहती है। यद्यपि ऊर्जा के एक रूप को दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है. इसकी मात्रा नहीं बदला जा सकता।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 4

उदाहरण सहित व्याख्या – पृथ्वी की सतह से गेंद को ऊपर की ओर | अधिकतम गतिज ऊर्जा फेंको। आप गेंद पर कार्य करते हो। यह कार्य गेंद में स्थितिज ऊर्जा के रूप में स्टोर हो जाता है। इसे गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा भी कहते हैं। गेंद ज्योंज्यों ऊपर की ओर जाती है, यह दूरी तय करती है, परंतु कम वेग के साथ। इस तरह स्थितिज ऊर्जा बढ़ती जाती है तथा गतिज ऊर्जा कम होती जाती है। गेंद द्वारा उच्चतम ऊँचाई तक पहुँच कर इसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम तथा गतिज ऊर्जा न्यूनतम (शून्य) हो जाती है। हम गणितीय रूप से सिद्ध कर सकते हैं कि गेंद की गति के पथ पर किसी भी बिंदु पर इसकी स्थितिज तथा गतिज ऊर्जा का कुल जोड़ हमेशा स्थिर रहता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 5

गणितीय रूप द्वारा ऊर्जा संरक्षण नियम की पुष्टि
मान लो 10 kg पुंज वाली एक गेंद फर्श से 30 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक बिंदु A से नीचे की ओर फेंकी जाती है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

बिंदु A पर-
गेंद की स्थितिज ऊर्जा (P.E.) = m × g × h
= 10 × 10 × 30
= 3000J
गेंद क्योंकि आरंभ में विराम अवस्था में है इसलिए बिंदु A पर इसकी गतिज ऊर्जा (K.E.) = 0
∴ गेंद की कुल यांत्रिक ऊर्जा = P.E. + K.E.
= 3000 + 0 = 3000 J ……………. (i)

बिन्दु B पर-
गेंद अब 20 मीटर की ऊंचाई पर है।
स्थितिज ऊर्जा (P.E.) = m × g × h
= 10 × 10 × 20
= 2000J
समीकरण υ2 – u2 = 2gh की सहायता से
υ2 = u2 + 2gh
υ2 = 0 + 2 × 10 × 10
∴ υ2 = 200
∴ बिंदु B पर गेंद की गतिज ऊर्जा (K.E.) = \(\frac {1}{2}\)mv2
= \(\frac {1}{2}\) × 10 × (200)
= 1000 J
∴ बिंदु B पर गेंद की कुल यांत्रिक ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा + गतिज ऊर्जा
= 2000 + 1000
= 3000 J …………….. (ii)
इसी तरह C तथा D बिंदुओं पर भी कुल यांत्रिक ऊर्जा 3000 J ही होगी।
इन समीकरणों से सिद्ध होता है कि कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है।

प्रश्न 4.
यदि किसी वस्तु पर लग रहा बल गति की दिशा में न लगे तो किए गये कार्य की परिकल्पना कैसे करोगे ? उदाहरण देकर स्पष्ट करो तथा यह भी बताओ कि कार्य कब न्यूनतम तथा कब अधिकतम होता है ?
उत्तर-
जब वस्तु पर लग रहा बल गति की दिशा में नहीं होता-एक माली घास काटने वाली मशीन को लान में आगे की ओर चलाता है। वह मशीन की ओर अपना मुँह करके ग्राऊंड पर खड़े होकर मशीन के हैंडल HH1 पर F बल लगाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 6

जैसा कि चित्र में स्पष्ट है; माली क्षैतिज दिशा में बल नहीं लगा रहा अपितु कोण बनाई दिशा की ओर बल लगाता है। ऐसी स्थिति में मशीन पर लगने वाला बल जो इसे स्थिति A से B की ओर क्षैतिज दिशा की ओर चलाता है F नहीं अपितु इसका क्षैतिज घटक = F cos θ होता है।

यहां विस्थापन घटक; F sin θ घास काटने वाली मशीन को संतुलित करता है।
∴ मशीन द्वारा किया गया कार्य, (W) = बल घटक × विस्थापन
= F cos θ × S

(i) जब बल वस्तु की दिशा में कार्य करता है तो θ = 0° तथा cos θ = 1
W = F cos θ × S
W = F × 1 × S
W = F × S
यह कार्य (W) का अधिकतम मान है।

(ii) जब बलं वस्तु की लंबात्मक दिशा पर लगता है तो θ = 90° तथा cos 90° = 0
∴ W = F cos 90° × S
W = F × 0 × S
W = 0
यह कार्य (W) का न्यूनतम मान है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
कार्य किसे कहते हैं ? इसकी गणना कैसे की जाती है ? कार्य की इकाई भी लिखो।
उत्तर-
कार्य (Work) – “किसी बल द्वारा किया गया कार्य या किसी वस्तु द्वारा किया गया कार्य वस्तु पर लग रहे बल तथा बल की दिशा में उस द्वारा उत्पन्न विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है।”
यदि
F = वस्तु पर लग रहा बल है
S = वस्तु द्वारा बल की दिशा में हुआ विस्थापन है।
तो बल द्वारा किया गया कार्य, W = F × S ……….. (i)
हम जानते हैं कि वस्तु पर कोई बल लगता है, तो वस्तु में प्रवेग उत्पन्न होता है इसलिए यदि m = वस्तु का द्रव्यमान
a = वस्तु में उत्पन्न हुआ त्वरण हो
तो न्यूटन के दूसरे गति नियम अनुसार,
F = [m × a] …………….. (ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से
W = m × a × S ………….. (iii)
कार्य की इकाई (Unit of Work) – जब बल न्यूटन (N) तथा दूरी मीटरों (m) हो, तो
कार्य = न्यूटन × मीटर
W = N × m
W = जूल (J)
∴ कार्य की S.I. इकाई जूल (J) तथा C.G.S. इकाई अर्ग (erg) है।
1 जूल = 107 अर्ग।

प्रश्न 2.
एक उदाहरण देकर समझाओ कि यदि किसी वस्तु पर लग रहा बल वस्तु में विस्थापन उत्पन्न नहीं करता तो किया गया कार्य शून्य (0) होगा।
उत्तर-
इस कथन को निम्नलिखित उदाहरण देकर समझाया जा सकता है-
यदि एक बच्चा अधिक-से-अधिक बल लगा कर एक कार को धक्का लगाने की कोशिश करता है, परंतु यदि कार एक सैंटीमीटर तक नहीं हिलती तथा बच्चा पूरी तरह थक जाता है, तो हम भौतिक विज्ञान की भाषा में यह कहेंगे कि उसने कोई कार्य नहीं किया।

इस स्थिति में मान लो बच्चे ने F बल लगाया तथा विस्थापन S = 0 है तो
कार्य, W = F × S
W = F × 0
W = 0

प्रश्न 3.
एक पत्थर को धागे के साथ बाँधकर चक्कर में घुमाया गया है। बताओ इस वक्रीय गति में अभिकेंद्री जल कितना कार्य करता है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 7
एक पत्थर को चित्र में दर्शाए अनुसार गोल चक्कर में घुमाया जाता है तो जिस उंगली से आपने धागे को पकड़ा हुआ है, उस पर आप कुछ बल लग रहा अनुभव करोगे! घूम रहे पत्थर पर लग रहे बल को अभिकेंद्री बल (Centripetal force) कहते हैं।

यह बल वक्रीय पथ के अर्धव्यास के साथ केंद्र की ओर लगता है। यदि ऐसी स्थिति में धागा पत्थर से खुल जाए तो पत्थर AT या BT स्पर्श रेखा के साथ बाहर की ओर गतिशील हो जाएगा जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। अब क्योंकि अभिकेंद्री बस पत्थर की गति के लंबात्मक दिशा में लग रहा है। इसलिए अभिकेंद्री बल द्वारा कोई भी कार्य नहीं हो रहा है।

प्रश्न 4.
ऊर्जा की परिभाषा दो। आप उदाहरण देकर कैसे समझाओगे कि ऊर्जा तथा कार्य एक-दूसरे में एरिवर्तनशील हैं ?
उत्तर-
ऊर्जा (Energy) – “किसी वस्तु की किसी भी रूप में कार्य करने की क्षमता को, ऊर्जा कहते हैं।” ऊर्जा तथा कार्य दोनों ही दिशाहीन हैं।

ऊर्जा और कार्य की आपस में परिवर्तनशीलता – निम्नलिखित उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि ऊर्जा तथा कार्य आपस में परिवर्तनशील हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 8

यदि आप गेंद को पृथ्वी से ऊपर की ओर फेंकते हो, तो आप ने पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कोई कार्य किया है। ज्यों-ज्यों गेंद ऊपर की ओर जाती है तो गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊर्जा प्राप्त करती है। यह गेंद द्वारा प्राप्त वह ऊर्जा है जो गेंद को अधिकतम ऊँचाई तक पहुँचने के बाद पृथ्वी की ओर नीचे फेंकने में सहायता करती है।

जब गेंद स्थिति A से उच्चतम बिंदु B तक पहुंचती है, तो गेंद पर किया गया कार्य गेंद के अंदर स्टोर हो जाता है। जब गेंद पथ BC द्वारा पृथ्वी पर वापिस गिरता है, तो गेंद में स्टोर हुआ कार्य अब गेंद द्वारा किया जाता है।
यही कारण है कि हम कहते हैं कि ऊर्जा तथा कार्य परस्पर परिवर्तनशील हैं।

प्रश्न 5.
शक्ति से आप क्या समझते हैं ? इसकी SI इकाई भी लिखो।
उत्तर-
शक्ति (Power ) – हरीश तथा करण 60-60 आम तोड़ने के लिए एक वृक्ष पर चढ़े। दोनों ने एक ही समय चढ़ना शुरू किया। हरीश ने 60 आम 30 मिनटों में तथा करण ने 60 आम 60 मिनटों में तोड़े। इसका अर्थ है कि करण ने एक जैसा कार्य करने के लिए अधिक समय लगाया। दोनों ने एक जैसा कार्य किया, दोनों में एक जितना सामर्थ्य अर्थात् ऊर्जा थी परंतु उनकी शक्ति बराबर नहीं है अर्थात् हरीश की शक्ति, करण से अधिक है।

शक्ति – “किसी वस्तु या मशीन की शक्ति उस द्वारा कार्य करने की दर होती है।” अर्थात् कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 9
यदि कार्य जूल तथा समय सैकेंड में मापा जाए तो शक्ति ‘वॉट’ में मापी जाती है।
∴ 1 वॉट = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 10
शक्ति की व्यापारिक इकाई ‘किलोवाट’ है।
1 किलोवाट = 1000 वाट = 1000 जूलासेकेंड

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 6.
ऊर्जा रूपांतरण से आप क्या समझते हो ? स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में रूपांतरण समझाने के लिए एक उदाहरण दो।
उत्तर-
ऊर्जा रूपांतरण (Energy Transformation) – ऊर्जा रूपांतरण नियमानुसार “ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। इसको केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।” इसको ऊर्जा रूपांतरण कहते हैं।

उदाहरण – जब हम कमान में तीर खींचते हैं तो कमान की आकृति बदल जाती है। कमान पर किया गया कार्य तीरकमान प्रणाली में स्थितिज ऊर्जा के रूप में स्टोर हो जाता है। जब तीर छोड़ा जाता है तो इस स्थितिज ऊर्जा का कुछ भाग तीर की गतिज ऊर्जा में बदल जाता है। जब तीर निशाने पर धंस जाता है तो यह कुछ कार्य करता है। अर्थात् तीर की गतिज ऊर्जा, कार्य में बदल जाती है। इस कार्य का कुछ हिस्सा निशाने अंदर ऊष्मा उत्पन्न करता है अर्थात् ऊष्मीय ऊर्जा में बदल जाता है तथा शेष बचा कार्य आवाज़ पैदा करता है अर्थात् ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित हो जाता है।

प्रश्न 7.
पानी द्वारा विद्युत् कैसे उत्पन्न होती है ?
अथवा
पन्न विद्युत् केंद्रों से विद्युत् कैसे उत्पन्न होती है ?
उत्तर-
बाँधों में पृथ्वी की सतह से काफ़ी ऊँचाई पर बहुत अधिक मात्रा में पानी एकत्रित करके रखा जाता है। बाँध कर यह रखा पानी जब नियंत्रित ढंग से छोड़ा जाता है तो स्टोर की गई यह स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। यह गतिज ऊर्जा जनरेटर की शॉफ्ट को चलाती है जिससे यह विद्युत् ऊर्जा में बदल जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 11

प्रश्न 8.
एक प्रयोग द्वारा सिद्ध करो कि यांत्रिक ऊर्जा को ऊष्मीय ऊर्जा में बदला जा सकता है।
अथवा
जब हम लकड़ी के किसी तख्ते में हथौड़े से कील गाड़ते हैं तो कील गर्म हो जाती है। क्यों ?
उत्तर-
एक लकड़ी का तख्ता लेकर उस पर एक कील रखकर हथौड़े से मारो तो कील लकड़ी में कुछ अंश तक धंस जाती है परंतु जब कील पूरी तरह तख्ते में धंस जाती है तो फिर हथौड़े से मारने पर कील, हथौड़ा तथा तख्ता गर्म हो जाते हैं। इसका कारण इस प्रकार है। जब हथौड़ा ऊपर उठाया जाता है, तो उसमें उसकी स्थिति के कारण स्थितिज ऊर्जा होती है। जब यह कील पर गिरता है तो इसकी सारी ऊर्जा कील में स्थानांतरित हो जाती है जिससे कील को कुछ गतिज ऊर्जा मिलती है और वह लकड़ी के अंदर धंस जाता है। जब कील पूर्ण रूप से धंस जाता है तो हथौड़े की यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा में बदलकर कील, तख्ने तथा हथौडे को गर्म कर देती है अर्थात यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है।

प्रश्न 9.
कार्य, ऊर्जा और शक्ति में अंतर बताइए। इनमें प्रत्येक राशि का SI मात्रक लिखिए।
उत्तर-

क्रम कार्य (Work) ऊर्जा (Energy) शक्ति (Power)
1. बल लगाकर किसी वस्तु को बल की दिशा में विस्थापित करना, कार्य कहलाता है। कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है। जिस दर से ऊर्जा उपलब्ध कराई जाए या खर्च की जाए उसे शक्ति कहते हैं।
2 इसका मात्रक जूल है। इसका मात्रक जूल है। इसका मात्रक वाट या किलोवाट है।

प्रश्न 10.
स्थितिज ऊर्जा तथा गतिज ऊर्जा के बीच अंतर बताइए।
उत्तर-
गतिज ऊर्जा एवं स्थितिज ऊर्जा में अंतर-

गतिज ऊर्जा (P.E.) स्थितिज ऊर्जा (K.E.)
(1) किसी पिंड की गतिज ऊर्जा उसकी गति के कारण होती है। (1) किसी पिंड की स्थितिज ऊर्जा उस पिंड की स्थिति एवं आकार पर निर्भर करती है।
(2) गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\) mυ2 (2) स्थितिज ऊर्जा = mgh
(3) किसी पिंड की गतिज ऊर्जा उस पिंड की चाल द्वारा मापी जाती है। (3) स्थितिज ऊर्जा पिंड की ऊंचाई या गहराई जो कि पृथ्वी की सतह से मापी जाती है, पर निर्भर करती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 11.
एक घोड़ा तथा एक कुत्ता समान चाल से दौड़ रहे हैं। यदि घोड़े का भार कुत्ते के भार से दस गुणा हो तो उसकी गतिज ऊर्जा का क्या अनुपात होगा ?
उत्तर-
मान लो कुत्ते का द्रव्यमान m है।
∴ घोड़े का द्रव्यमान = 10 m
घोड़े का वेग = कुत्ते का वेग = υ (मान लो)
∴ घोड़े की गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\) × (10 m) × υ2
∴ कुत्ते की गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\) × m × υ2
घोड़े की गतिज ऊर्जा : कुत्ते की गतिज ऊर्जा = (\(\frac {1}{2}\) × 10m × υ2) : (\(\frac {1}{2}\) × m × υ2)
= \(\frac{\frac{1}{2} \times 10 m \times v^{2}}{\frac{1}{2} \times m \times v^{2}}\)
= \(\frac{10}{1}\)
= 10 : 1

प्रश्न 12.
(i) यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान तीन गुणा कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा ?
(ii) यदि वस्तु की गति को तीन गुणा कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा ?
उत्तर-
(i) ∴ KE = \(\frac {1}{2}\)mυ2
यदि υ परिवर्तित न हो, तो KE ∝ m
इसलिए द्रव्यमान को तीन गुणा करने पर, गतिज ऊर्जा भी तीन गुणा हो जायेगी।

(ii) ∵
KE = \(\frac {1}{2}\)mυ2 और द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है इसलिए K.E. ∝ υ2 यदि वेग तीन गुणा कर दिया जाए तो वस्तु की गतिज ऊर्जा 9 गुणा हो जाएगी।

प्रश्न 13.
बराबर द्रव्यमान के दो पिंड को तथा 2h की ऊँचाइयों पर रखा गया है। बताओ उनकी स्थितिज ऊर्जा में क्या अनुपात है ?
उत्तर-
माना दोनों पिंड A तथा B का बराबर द्रव्यमान m है जोकि क्रमशः h और 2h ऊँचाइयों पर हैं।
पिंड A की स्थितिज ऊर्जा, (ΦA) = mgh ……………. (i)
पिंड B की स्थितिज ऊर्जा, (ΦB) = mg × 2h ……………. (ii)
समीकरण (i) को (ii) से भाग देने पर,
\(\frac{\phi \mathrm{A}}{\phi \mathrm{B}}\) = \(\frac{m g h}{m g \times 2 h}\) = \(\frac{1}{2}\)
अर्थात् स्थितिज ऊर्जाओं में अनुपात = 1 : 2

प्रश्न 14.
बराबर द्रव्यमान के दो पिंड v तथा 2v वेग से चल रहे हैं। उनकी गतिज ऊर्जा का अनुपात मालूम कीजिए।
उत्तर-
माना पिंड A एवं B का बराबर द्रव्यमान m है और वेग क्रमशः v एवं 2v हैं।
∴ A की गतिज ऊर्जा, KA = \(\frac {1}{2}\)m(v)2
= \(\frac {1}{2}\)mv2 ……………… (i)
B की गतिज ऊर्जा, KB = \(\frac {1}{2}\)m (2v)2
= \(\frac {4}{2}\)mv2 ……………. (ii)
= 2mv2
समीकरण (i) को (ii) से भाग देने पर,
\(\frac{\mathrm{K}_{\mathrm{A}}}{\mathrm{K}_{\mathrm{B}}}=\frac{\frac{1}{2} m \mathrm{v}^{2}}{2 m \mathrm{v}^{2}}\)
\(\frac {1}{4}\)
∴ गतिज ऊर्जाओं में अनुपात = 1 : 4

प्रश्न 15.
किन-किन परिस्थितियों में मानव की शारीरिक कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है ?
उत्तर-
बीमारी तथा बुढ़ापे की परिस्थितियों में मानव की शारीरिक कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि उसके शरीर की मांसपेशियों की ऊर्जा कम होती जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 16.
ऊपर से मुक्त रूप से गिरती हुई एक रबड़ की गेंद भूमि से टकरा कर ऊपर उछलती है। इस प्रक्रिया में क्या कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है ? यदि हां तो वह किस-किस रूप में बदलती होगी, जब वह भूमि से टकराती है ?
उत्तर-
ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत के अनुसार गेंद की कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है। भूमि से टकराने के पश्चात् इसकी ऊर्जा निम्नलिखित रूपों में रूपांतरित हो जाती है-

  1. ऊष्मीय ऊर्जा तथा ध्वनि ऊर्जा में
  2. गतिज ऊर्जा में
  3. स्थितिज ऊर्जा में।

प्रश्न 17.
किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका गया है। इसके वेग में लगातार कमी होती जाती है। जब इसका वेग शून्य हो जाता है तब गतिज ऊर्जा का क्या होता है ?
उत्तर-
हम जानते हैं गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)mv2
जब वेग υ = 0 तो इसकी गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\) × m × (0)2
अर्थात् वस्तु की गतिज ऊर्जा = 0

प्रश्न 18.
जब एक वस्तु को v वेग से ऊर्ध्वाधर रूप में ऊपर फेंका जाता है तो उसकी ऊर्जा किस प्रकार रूपांतरित होती है ?
उत्तर-
जब एक वस्तु को v वेग से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है तब इसमें =mvगतिज ऊर्जा होती है। जैसे-जैसे पत्थर ऊपर जाता है वैसे-वैसे उसकी गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है। अधिकतम ऊँचाई पर पहुंचकर उसका वेग शून्य हो जाता है। अतः गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाती है। स्पष्टतः इस स्थिति में समस्त गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, mgh में परिवर्तित हो जाती है। इस ऊँचाई से जैसे ही पत्थर नीचे गिरने लगता है, उसकी स्थितिज ऊर्जा का परिवर्तन गतिज ऊर्जा में होने लगता है और जैसे ही यह पृथ्वी के धरातल पर पहुँचती है तो इसकी सारी स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में परिवर्तन हो जाता है।

प्रश्न 19.
एक व्यक्ति एक सूटकेस उठाए खड़ा है, क्या वह कोई कार्य कर रहा है ?
उत्तर-
हम जानते हैं कि वस्तु द्वारा किया गया कार्य उस वस्तु पर लग रहे बल तथा बल की दिशा में उत्पन्न विस्थापन के गुणनफल के बराबर बल होता है। इस स्थिति में व्यक्ति द्वारा उठाए गए सूटकेस पर गुरुत्वीय बल के बराबर बल क्रिया कर रहा है परंतु इस बल द्वारा सूटकेस में विस्थापन उत्पन्न नहीं हुआ है। इसलिए व्यक्ति ने कोई कार्य नहीं किया है।
यहाँ F = mg
विस्थापन S = 0
हम जानते हैं कि, W = F × S
= m × g × S
= mg × 0
W = 0
अर्थात् सूटकेस उठाए हुआ खड़ा व्यक्ति कोई कार्य नहीं करता।

प्रश्न 20.
नाव चला रहा व्यक्ति नदी के किनारे के सापेक्ष विराम अवस्था में है। क्या वह कोई कार्य कर रहा
उत्तर-
क्योंकि किश्ती चला रहा व्यक्ति नदी के किनारे के सापेक्ष विराम अवस्था में है अर्थात् कोई विस्थापन नहीं हो रहा है। इसलिए वह कोई कार्य नहीं कर रहा है।

प्रश्न 21.
पानी की एक बाल्टी उठाए एक व्यक्ति एक समतल सड़क पर एकसमान वेग से चल रहा है। वह कितना कार्य कर रहा है ?
उत्तर-
जब पानी की बाल्टी उठाए व्यक्ति एक समतल सड़क पर एक समान वेग से चलता है तो उस समय उस व्यक्ति द्वारा लगाया गया बल बाल्टी के भार के बराबर ऊपर की तरफ होता है। इस अवस्था में बल तथा विस्थापन की दिशा के मध्य कोण 90° का होता है अर्थात् बल विस्थापन दिशा के लंबवत् होता है।
हम जानते हैं कि यदि बल तथा विस्थापन दिशा के मध्य कोण θ हो, तो
बल द्वारा किया गया कार्य W = F Cos θ × S
W = mg Cos θ × S
W = mg × o × S
W = 0
∴ किया गया कार्य शून्य है।

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प्रश्न 22.
क्या एक वस्तु को गति देने के लिए किया गया कार्य इस बात पर निर्भर करता है कि वस्तु कितनी तेज़ चल रही है ?
उत्तर-
किसी वस्तु को गति प्रदान करने के लिए किया गया कार्य उसमें गतिज ऊर्जा उत्पन्न करता है जो वस्तु के वेग के समानुपाती होता है।

प्रश्न 23.
क्या पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल सुरक्षित है ?
उत्तर-
हाँ, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल सुरक्षित रहता है क्योंकि बल द्वारा किया गया कार्य वस्तु में जमा रहता है। इसलिए गुरुत्वाकर्षण बल कंजरवेटिव (सुरक्षित) बल है।

प्रश्न 24.
कलाई की एक घड़ी के स्प्रिंग में ऊर्जा का कौन-सा रूप उपयोग में आता है ?
उत्तर-
जब घड़ी की कमानी पूरी तरह खुली होती है तो घड़ी नहीं चलती जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। जब इसकी कमानी की चाबी को भरते हैं तो इसकी कमानी को बंद करने के लिए हम कुछ कार्य करते हैं। यह किया गया कार्य घड़ी की कमानी में स्थितिज ऊर्जा के रूप में स्टोर (जमा) हो जाता है। यह स्टोर की हुई स्थितिज ऊर्जा घड़ी की सूइयों को डायल पर चलाने में सहायता करती है। इस तरह स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 12

प्रश्न 25.
क्या किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा ऋणात्मक हो सकती है ?
उत्तर-
नहीं, किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा ऋणात्मक नहीं हो सकती क्योंकि गतिज ऊर्जा, द्रव्यमान तथा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है।

प्रश्न 26.
वह स्थिति बतलाएं जब एक बल द्वारा कोई कार्य नहीं होता है ?
उत्तर-
स्थितियाँ जब बल द्वारा कोई कार्य नहीं होता
(i) यदि वस्तु पर लग रहा बल वस्तु को विस्थापन करने में असफल रहता है तो वस्तु पर उस बल द्वारा कोई कार्य किया हुआ नहीं माना जाता।

(ii) यदि वस्तु पर लग रहा बल वस्तु में हुए विस्थापन के लंब रूप में हो तो बल द्वारा कोई कार्य नहीं होता।
क्योंकि इस स्थिति में θ = 90°
बल द्वारा किया गया कार्य W = F Cos θ × S
= F Cos 90° × S
= F × o × S
W = 0

प्रश्न 27.
कार्य, स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और शक्ति के S.I. मात्रक बतलाएं।
उत्तर-
कार्य की S.I. इकाई-कार्य की S.I. इकाई जूल (J) (न्यूटन मीटर) है।। स्थितिज तथा गतिज ऊर्जा की S.I. इकाई-जूल (J) शक्ति की S.I. इकाई-वाट।

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प्रश्न 28.
जब कोई वस्तु क्षैतिज दिशा में चलती है तो गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं हो रहा, क्यों ?
उत्तर-
जब कोई वस्तु क्षैतिज दिशा में चलती है, तो उस अवस्था में गुरुत्वाकर्षण बल जो नीचे पृथ्वी की ओर लगता है विस्थापन के दिशा में लंबात्मक रूप में होता है।
∴ θ = 90° तथा Cos θ = Cos 90° = 0
कार्य, W = F Cos θ × S
W = F × o × S
W = 0
अर्थात् कोई कार्य नहीं किया जाता है।

प्रश्न 29.
जब एक गेंद को ऊपर की ओर फेंका जाता है, किस बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा तथा गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है ?
उत्तर-
जब एक गेंद को ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो आरंभ में इसका वेग अधिकतम होता है जिस कारण इसकी गतिज ऊर्जा अधिक होगी जबकि स्थितिज ऊर्जा कम। गेंद ज्यों-ज्यों ऊपर की ओर जाती है, वस्तु कम वेग से दूरी तय करती है। इसलिए समय के साथ स्थितिज ऊर्जा अधिक और गतिज ऊर्जा कम होती जाती है। गेंद द्वारा अधिकतम ऊँचाई पर पहुंच कर वेग शून्य हो जाता है इसलिए वहां गतिज ऊर्जा सबसे कम (शून्य) तथा स्थितिज ऊर्जा सबसे अधिक होती है।

प्रश्न 30.
वह स्थिति बताएं जब किसी वस्तु द्वारा किया गया कार्य शून्य हो परंतु उस पर बल लग रहा हो।
उत्तर-
ऐसा दो स्थितियों में संभव है कि वस्तु पर बल तो लग रहा है परंतु किया गया कार्य शून्य होता है।
(i) जब वस्तु पर लग रहा बल तथा बल द्वारा वस्तु में उत्पन्न हुआ विस्थापन एक-दूसरे के लंबात्मक हो।
ऐसी स्थिति में कोण θ = 90°
∴ cos 90° = 0
वस्तु द्वारा किया गया कार्य (W) = F cos θ × विस्थापन
= 0 × विस्थापन
अर्थात् W = 0

(ii) यदि वस्तु पर लग रहा बल वस्तु में थोड़ा-सा भी विस्थापन न करे।
बल = F
विस्थापन (S) = 0
कार्य (W) = F × S
= F × 0
अर्थात्, W = 0

प्रश्न 31.
बताएं कि समय, ऊर्जा में या शक्ति में शामिल होता है ?
उत्तर-
बल द्वारा किए गए कार्य (ऊर्जा) की गणना, W = F × S से की जाती है। इस समीकरण में समय शामिल नहीं है। अब, शक्ति की परिभाषा अनुसार, “शक्ति कार्य करने की दर है।”
अर्थात् शक्ति (P) = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 13

इस समीकरण में समय शामिल है अर्थात् शक्ति समय पर निर्भर करती है।
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि समय शक्ति में शामिल होता है न कि ऊर्जा में।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 32.
किसी वस्तु द्वारा किए गए कार्य तथा किसी वस्तु पर किए गए कार्य का अंतर उदाहरण देकर समझाओ।
उत्तर-
जब वस्तु का विस्थापन लगाए गए बाह्य बल की दिशा में होता है तो वस्तु पर कार्य किया जाता है। परंतु जब वस्तु का विस्थापन बल की विपरीत दिशा में होता है तो कार्य वस्तु द्वारा किया जाता है।

उदाहरण-यदि किसी बर्तन में भरी गैस को बल द्वारा दबाएँ तो कार्य गैस पर किया गया। अब यदि बर्तन की गैस फैलती है तो यह वायुमंडलीय दाब के विरुद्ध गैस द्वारा किया गया कार्य है।

प्रश्न 33.
एक पिंड पर बल लगाकर उसे विस्थापित किया जाता है, बताइए-
(i) पिंड पर किस दिशा में बल लगाने पर अधिकतर कार्य होगा ?
(ii) पिंड पर किस दिशा में बल लगाने पर कार्य शून्य होगा?
उत्तर-
पिंड पर किए गए कार्य W = F × S cos θ से,
(i) जब θ = 0° तो cos 0° = 1 जो कि cos θ का अधिकतम मान है।
W = F × S × cos o°
W = F × S × 1
अतः W (अधिकतम) = F × S
अतः यदि पिंड का विस्थापन लगाए गए बल की दिशा में है, (अर्थात् θ = 0°) तो किया गया कार्य अधिकतम होगा।

(ii) जब θ = 90° तो cos 90° = 0 जो कि cos θ का न्यूनतम मान है।
W = F × S × cos 90°
W = F × S × 0
अतः W (न्यूनतम) = 0
अत: यदि पिंड का विस्थापन लगाए गए बल के लंबवत् है, (अर्थात् e = 90°) तो किया गया कार्य शून्य (न्यूनतम) होगा।

प्रश्न 34.
इलेक्ट्रॉन को किसी वृत्तीय कक्षा में घूमते हुए एक चक्कर लगाने में कितना कार्य करना पड़ता
उत्तर-
वृत्तीय कक्षा में गति करते समय इलेक्ट्रॉन पर कार्य करने वाला अभिकेंद्र आकर्षण बल गति की दिशा के लंबवत् होता है अर्थात् बल और विस्थापन के बीच 90° का कोण होता है,
इसलिए कार्य (W) = F × S cos θ
= F × S cos 90°
= 0 (शून्य) होगा।

इस प्रकार, वृत्तीय गति में इलेक्ट्रॉन द्वारा एक या अधिक चक्कर लगाने में किया गया कार्य शून्य होता है।

प्रश्न 35.
ऊर्जा तथा सामर्थ्य में अंतर उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
ऊर्जा तथा सामर्थ्य में अंतर – ऊर्जा द्वारा किए जा सकने वाले कार्य के कुल परिमाण है, इसका समय से कोई संबंध नहीं है।
सामर्थ्य-यह कार्य करने की दर है। इसका कार्य के कुल परिमाण से कोई संबंध नहीं है।

उदाहरण – एक मजदूर किसी कार्य को पूरा करने में 1 घंटा लगता है, जबकि दूसरा मज़दूर उसी काम को करने में 2 घंटे लगाता है। इस दशा में दोनों मजदूरों ने बराबर कार्य किया अर्थात् दोनों की बराबर ऊर्जा व्यय हुई, परंतु पहले मजदूर ने कार्य आधे समय में किया, इसलिए पहले मज़दूर का दूसरे मजदूर की अपेक्षा दोगुना सामर्थ्य है।

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प्रश्न 36.
दो प्रोटॉनों को एक-दूसरे के समीप लाने पर स्थितिज ऊर्जा में वदधि होगी अथवा कमी ?
उत्तर-
प्रोटॉनों को एक-दूसरे के समीप लाने पर, प्रतिकर्षण बल बढ़ने से अधिक कार्य करना पड़ेगा। यह कार्य उनमें स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होगा। इसलिए प्रोटॉनों को एक-दूसरे के समीप लाने में स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होगी।

प्रश्न 37.
एक घोड़ा, बल F लगाकर एक तांगे को सड़क पर नियत वेग υ से खींच रहा है। घोड़े की शक्ति के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।
उत्तर-
मान लो घोड़ा t समय में ताँगे को S दूरी तक खींचता है।
क्योंकि घोड़े तथा ताँगे का वेग v नियत है, इसलिए t समय में ताँगे का विस्थापन S = υt ………..(1) [∵ त्वरण = 0]
∴ घोड़े द्वारा + समय में, ताँगे को खींचने में किया गया कार्य W = F × s
समीकरण (1) का प्रयोग करके,
या W = F × vt
घोड़े की शक्ति (P) = \(\frac{W}{t}=\frac{F \times v t}{t}\)
∴ P = F × v

प्रश्न 38.
व्यायाम करते समय एक बालक 10 मिनट तक बार-बार उठता बैठता है। समय के साथ उसके शरीर की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन को दर्शाने के लिए ग्राफ बनाइए।
उत्तर-
प्रत्येक बार उठने पर बालक की स्थितिज ऊर्जा बढ़ेगी तथा प्रत्येक बार बैठने पर स्थितिज ऊर्जा कम होगी। इसके ग्राफ प्रदर्शित चित्र के अनुरूप होगा।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 14

महत्त्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)

1. गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)mυ2
2. स्थितिज ऊर्जा = mgh
यहाँ m = वस्तु का द्रव्यमान; g = गुरुत्वीय त्वरण तथा h = ऊँचाई
3. कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (S) शक्ति
4. शक्ति (P) = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 15
या शक्ति (P) = \(\frac{\mathrm{F} \times \mathrm{S}}{t}\)
= F × υ
5. 1 जूल = 1 न्यूटन × 1 मीटर
6. 1 जूल = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 16
7. एक अश्व शक्ति (Horse Power) = 746 वॉट
8. 1 किलोवाट-घंटा = 36,00,000 जूल = 3.6 × 106 जूल
9. 1 वाट घंटा = 3600 जूल

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
0.5 किलोग्राम द्रव्यमान वाले एक बक्से को उठाने के लिए 1 जूल ऊर्जा लगाई गई, तो यह कितना ऊँचा उठेगा ?
हल :
स्थितिज ऊर्जा, (P.E.) = 1 जूल
द्रव्यमान, (m) = 0.5 कि० ग्रा०
गुरुत्वीय प्रवेग, (g) = 10 m/s2
ऊँचाई, (h) = ?
हम जानते हैं कि, स्थितिज ऊर्जा P.E. = m × g × h
1 = 0.5 × 10 × h
1 = 5h
या h = \(\frac{1}{5}\) = 0.2
∴ बक्सा जितना ऊँचा उठेगा = 0.2 m

प्रश्न 2.
एक स्त्री 10 m गहरे कुएँ से 5 किलोग्राम भारी पानी की बाल्टी 10 सैकेंड में खींच लेती है। उसकी शक्ति कितनी है ?
हल :
पानी से भरी बाल्टी का द्रव्यमान, (m) = 5 कि० ग्रा०
कुएँ की गहराई, (h) = 10 मीटर
g = 10 मीटर / सै०2
महिला द्वारा किया गया कार्य = mgh
= 5 × 10 × 10
= 500 जूल
समय = 10 सैकेंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 17
= 50 जूल/सै० या वॉट उत्तर

प्रश्न 3.
200 न्यूटन बल से एक दीवार को दबा रहा एक व्यक्ति कितना कार्य कर रहा है ?
हल :
यहां, व्यक्ति द्वारा लगाया गया बल (f) = 200 N
बल की दिशा में उत्पन्न हुआ विस्थापन (S) = 0
[∵ व्यक्ति द्वारा लगाये गए बल से दीवार में कोई विस्थापन नहीं हुआ है।]
∴ व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य (W) = F × S
= 200 N × 0
= 0
अर्थात् व्यक्ति ने 200N बल लगाने पर भी कोई कार्य नहीं किया है।

प्रश्न 4.
100 वॉट वाला बिजली का एक बल्ब कितनी विद्युत् ऊर्जा की खपत करेगा, यदि वह दो घंटों तक जलता रहे ?
हल:
बल्ब की शक्ति (P) = 100 वॉट
समय (t) = 2 घंटे
= 2 × 60 × 60 = 7200 सैकेंड
खपत की गई ऊर्जा की मात्रा (E) = ?
हम जानते हैं कि, p = \(\frac{\mathrm{W}}{t}\)
⇒ p = \(\frac{\mathrm{E}}{t}\)
या E = P × t
E = 100 वाट × 7200 सैकेंड
E = 7,20,000 जूल
E = 7.2 × 105 जूल उत्तर

प्रश्न 5.
25 km की ऊँचाई से एक रॉकेट को 1 km/s के वेग से ऊपर की ओर दागा गया। यदि रॉकेट का द्रव्यमान 3 × 106 हो, तो इसकी स्थितिज और गतिज ऊर्जा की गणना करो। (g = 10 m/s2)
हल :
रॉकेट का द्रव्यमान, (m) = 3 × 106 कि० ग्रा०
वेग, (υ) = 1 km/s = 1000 मीटर / सै०
ऊँचाई, (h) = 25 km
= 25 × 1000 मीटर
= 25,000

(i) मीटर रॉकेट की स्थितिज ऊर्जा = m × g × h
= 3 × 106 × 10 × 25000
= 75 × 1010 जूल

(ii) रॉकेट की गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)mυ2
= \(\frac {1}{2}\) × 3 × 106 × (1000)2
= \(\frac {1}{2}\) × 3 × 106 × 106
= 1.5 × 1012 जूल उत्तर

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प्रश्न 6.
शिमला में विशेष प्रकार के रिक्शा होते हैं, जिनमें साइकिल वाली चैन नहीं होती और वह पेट्रोल के बिना ही चलते हैं, परंतु लोग ही उनको खींचते हैं। एक व्यक्ति ऐसे एक रिक्शे को 300 न्यूटन के बल से खींचकर सड़क पर उसमें 18 Km/h का वेग उत्पन्न कर रहा है। उस व्यक्ति की शक्ति की परिकलना करो।
हल :
व्यक्ति दवारा रिक्शा खींचने में लगाया गया बल, (F) = 300 N
रिक्शे में उत्पन्न हुआ वेग, (υ) = 18 Km/h
υ = \(\frac{18 \times 1000}{60 \times 60}\) m/s
υ = 5 m/s
व्यक्ति की शक्ति (P) = \(\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{t}}\)
= \(\frac{\mathrm{F} \times \mathrm{S}}{\mathrm{t}}\) [∵ W = F × S]
= F × \(\frac{S}{t}\)
= F × υ (∵ υ = \(\frac{S}{t}\))
= 300 υ 5
= 1500 वॉट उत्तर

प्रश्न 7.
एक व्यक्ति 30 किलोग्राम भारी बक्सा सिर पर उठाकर-
(i) ऊपर की ओर
(ii) क्षैतिज दिशा में 10 मी० की दूरी चलता है। उसने कितना कार्य किया ?
हल :
बक्से का द्रव्यमान, (m) = 30 Kg
विस्थापन, (S) = 10 m
गुरुत्वीय प्रवेग (g) = 9.8 m/s2

(i) ऊपर की ओर व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य, (W) = F × S
W = m × g × s
= 30 × 9.8 × 10
= 2940 जूल उत्तर

(ii) क्षैतिज दिशा में किया गया कार्य-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 18
कार्य, W = F cos θ × S
= (30 × 9.8) × cos 90° × 10
= 30 × 9.8 × 0 × 10 [∵ cos 90° = 0]
= 0 (शून्य) उत्तर

प्रश्न 8.
1000 kg की 30 m/s की चाल से चल रही कार ब्रेक लगाने पर एक समान त्वरण से 50 मीटर की दूरी पर रुक जाती है। ब्रेक द्वारा कार पर लगे बल तथा कृत कार्य को ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ, = 30 ms-1
υ = 0
S = 50 m
अत्र υ2 – u2 = 2aS
(0)2 – (30)2 = 2 × a × 50
– (30 × 30) = 100 × a
a = \(\frac{-900}{100}\)
= -9m/s2
बल, F = m × a
= 1000 × 9 = 9000 न्यूटन
ब्रेक द्वारा किया कार्य = F × S
= 9000 × 50
= 45 × 10000
= 4.5 × 105 J

प्रश्न 9.
एक मजदर 10 कि०ग्रा० भारी टोकरी अपने सिर पर रखकर समतल सड़क पर 100 मीटर क्षैतिज दिशा में चल रहा है। उसके द्वास गुरुत्वीय बल के विरुद्ध किया गया कार्य ज्ञात करो। (g = 9.8 मी०/सै०2 )
हल :
टोकरी का भार = mg = 10 × 9.8
= 98 N
गुरुत्वीय बल की दिशा (नीचे) में विस्थापन = 0
∴ कार्य = बल × विस्थापन
= 98 × 0
= 0

प्रश्न 10.
एक बच्चा समतल क्षैतिज फर्श पर अपनी खिलौना गाड़ी को 10 मीटर की दूरी तक खींचता है। खिलौना गाड़ी से बंधी हुई डोरी क्षैतिज समतल के साथ 60° का कोण बनाती है। यदि बच्चे के द्वारा लगाया गया बल 5 N हो तो उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना कीजिए।
हल :
यहाँ,
F = 5 N, θ = 60°, S = 10 मी०
बच्चे द्वारा किया गया कार्य (W) = F cos θ × S
= 5 cos 60° × 10
= 5 × \(\frac {1}{2}\) = × 10 [cos 60° = [∵ latex]\frac {1}{2}[/latex]
= 25 जूल उत्तर

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 11.
पानी के पंप की विद्युत् शक्ति की गणना करो जो 100 kg पानी को 30 m ऊँची टैंकी में 30 सैकेंड में फेंकने का सामर्थ्य रखता है। (g = 10 m/s2)
हल :
यहाँ, m = 100 kg
S = 30 m
g = 10m/s2
t = 30s
गुरुत्व विरुद्ध पंप द्वारा किया गया कार्य, W = mgs
W = 100 × 10 × 30
W = 30000 J जूल
पंप की शक्ति (P) = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 19
P = \(\frac{30000 \mathrm{~J}}{30 s}\)
30s P = 1000 J/s या वाट
P = 1 किलोवाट उत्तर

प्रश्न 12.
एक मशीन 240 सैकेंड में 1960 जूल कार्य करती है। मशीन की शक्ति क्या है ?
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 20
= 8.17 जूल/सैकेंड
= 8.17 वाट उत्तर

प्रश्न 13.
5 मीटर की ऊँचाई पर रखे 10 ग्राम वजन वाले पत्थर की ऊर्जा बताओ।( दिया है, g = 9.8 मी०/सै०2)
हल:
पत्थर का द्रव्यमान (m) = 10 ग्राम
\(\frac{10}{1000}\)
= .01 किलोग्राम
ऊँचाई (h) = 5 मीटर
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 मी०/सै०2
पत्थर में उपस्थित ऊर्जा (P.E.) = mgh
= .01 × 5 × 9.8
= 0.49 जूल उत्तर

प्रश्न 14.
50 कि० ग्रा० द्रव्यमान का कोई व्यक्ति 30 सीढ़ियां 30 सैकेंड में चढ़ जाता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी 20 सै० मी. ऊँची हो तो उस व्यक्ति द्वारा सीढ़ियां चढ़ने में प्रयुक्त शक्ति का परिकलन कीजिए।
हल :
m = 50 कि० ग्रा०, समय t = 30 सै०
सीढ़ियों की संख्या = 30
एक सीढ़ी की ऊँचाई = 20 सै०मी०
∴ 30 सीढ़ियों की कुल ऊँचाई = 30 × 20
= 600 सै०मी०
= 6 मीटर
किया गया कुल कार्य, (P.E.) = mgh
= 50 × 10 × 6
= 3000 जूल
शक्ति (P) = \(\frac{\text { P.E }}{t}\)
= \(\frac{3000}{30}\) = 100 वाट उत्तर

प्रश्न 15.
60 kg द्रव्यमान वाला व्यक्ति 30 सीढ़ियों वाली ऊँचाई को 40s में चढ़ जाता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी 20 cm ऊँची हो तो किया गया कार्य ज्ञात करो।
हल:
तय कुल ऊँचाई = सीढ़ियों की संख्या × प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई
= \(\frac{30 \times 20}{100}\)
= 6m
m = 60 kg, 8 = 10 ms-2, h = 6m
किया गया कार्य = स्थितिज ऊर्जा, (P.E.) = mgh
= 60 × 10 × 6
= 3600 J

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 16.
एक मनुष्य का भार 50 किलोग्राम है। यह 20 सैकेंड में एक पहाड़ी पर ऊर्ध्वारतः 10 मीटर चढ़ जाता है। उसकी शक्ति मालूम करें। (दिया है : g = 9.8 मी०/सै०2)
हल:
द्रव्यमान (m) = 50 kg
गुरुत्व त्वरण (g) = 9.8 मी०/सै०2
समय (t) = 20 सैकेंड
ऊँचाई (h) = 10 m
कार्य (W) = स्थितिज ऊर्जा
= mgh
= 50 × 9.8 × 10J
= 4900J
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 21
= \([\frac{4900 \mathrm{~J}}{20 \mathrm{~s}}/latex]
= 45 जूल/सैकेंड
= 45 वाट उत्तर

प्रश्न 17.
रोडवेज की एक बस 72 Km/h की चाल से पूर्व दिशा की ओर जा रही है। राकेश तथा मुकेश जिनका क्रमशः द्रव्यमान 50 kg तथा 55 kg है; बस में सफर कर रहे हैं। क्या उनकी गतिज ऊर्जा बराबर है ?
हल :
राकेश का वेग = बस का वेग = मुकेश का वेग
= 72 km/h
= [latex]\frac{72 \times 1000}{60 \times 60}\) m/s
v = 20 m/s
∴ राकेश की गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)m (राकेश का वेग)2
= \(\frac {1}{2}\) × 50 × (20)2
= \(\frac {1}{2}\) 50 × 20 × 20
10,000 J. …………….. (i)
मुकेश की गतिज ऊर्जा = \(\frac {1}{2}\)m (मुकेश का वेग)2
= \(\frac {1}{2}\) × 55 × 20 × 20
= 11,000 J. ……………. (ii)
:. मुकेश की गतिज ऊर्जा, राकेश की गतिज ऊर्जा से अधिक है।

प्रश्न 18.
मुक्त रूप से गिरता हुआ 1 kg द्रव्यमान का कोई हथौड़ा लकड़ी के टुकड़े पर लगी किसी कील पर गिरता है। यदि हथौड़ा 1 m ऊँचाई से गिरता है, तो कील से टकराने से ठीक पहले गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
(g = 10 m/s2)
हल :
हथौड़े का द्रव्यमान, (m) = 1 kg
हथौड़े की ऊंचाई, (h) = 1 m
υ2 – u2 = 2gS
υ2 – 0 = 2 × 10 × 1
υ2 = 20
हथौड़े की गतिज ऊर्जा (K.E.) = \(\frac {1}{2}\) × m × υ2
= \(\frac {1}{2}\) × 1 × 20
= 10 जूल उत्तर

प्रश्न 19.
एक कार 54 कि०मी०/घंटा वेग से चल रही है। इसमें बैठे 40 कि० ग्रा० के लड़के की गतिज ऊर्जा क्या होगी ?
हल:
लड़के का वेग = कार का वेग
= 54 कि०मी०/ घंटा
= \(\frac{54 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 15 m/s
लड़के का द्रव्यमान, (m) = 40 kg
लड़के की गतिज ऊर्जा (K.E.) = \(\frac {1}{2}\)mυ2
= \(\frac {1}{2}\) × 40 × (15)2
= 4500 जूल उत्तर

प्रश्न 20.
कोई वस्तु 5 सैकेंड में 50 जूल कार्य करती है। इसकी शक्ति क्या है ?
हल:
किया गया कार्य, (W) = 50 जूल
लगाया गया समय, (t) = 5 सैकेंड शक्ति
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 22
= 10 जूल/सैकेंड
= 10 वाट उत्तर

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 21.
एक पंप का बल ज्ञात करो जो 19 मीटर ऊँची टंकी में 100 कि० ग्रा० पानी 25 सैकेंड में पहँचा सकता है। (g = 10 मी०/सै०2 )
हल :
यहाँ, m = 100 कि०ग्रा०
h = 19 m
g = 10 मी०/सै०2
t = 25 सै०
कार्य, (W) = mgh
= 100 × 10 × 19
= 19000 जूल
शक्ति, (P) = \(\frac{\mathbf{W}}{t}\)
= \(\frac{19000}{25}\)
= 760 वॉट उत्तर

प्रश्न 22.
हृदय द्वारा एक धड़कन के लिए 1 जूल ऊर्जा व्यय होती है। हृदय की शक्ति का परिकलन कीजिए यदि यह एक मिनट में 72 बार धड़कता है।
हल :
हृदय की एक धड़कन द्वारा किया गया कार्य = 1 जूल
72 धड़कनों में किया गया कार्य = 72 × 1
= 72 जूल
समय = 1 मिनट
= 60 सैकेंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 23
\(\frac{72}{60}\)
= 1.2 J/s
= 1.2 वॉट उत्तर

प्रश्न 23.
कोई व्यक्ति 100 W का बल्ब प्रतिदिन 10 घंटे जलाता है। 30 दिन में वह कितने यूनिट विदयुत् ऊर्जा की खपत करेगा ?
हल :
बल्ब की शक्ति (P) = 100 W
जितने समय तक बल्ब जला (t) = 10 × 30 घंटे
खपत हुई ऊर्जा (E) = P × t
= 100 × 10 × 30
= 30000 वाट घंटा
= \(\frac{30000}{1000}\) kWh
= 30 kWh
= 30 यूनिट उत्तर

प्रश्न 24.
एक घर में 500 वाट का विद्युत् चूल्हा 10 घंटे प्रतिदिन कार्य करता है। 30 दिन में उस घर की व्यय होने वाली ऊर्जा की यूनिट (kWh) में गणना करो।
हल :
चूल्हे की शक्ति = 500 वाट
जितने समय के लिए प्रयोग किया गया = 10 × 30 = 300 घंटे
30 दिनों में खर्च हुई ऊर्जा = 500 वाट × 300 घंटे
= 150000 वाट घंटा
= \(\frac{150000}{1000}\)
= 150 किलोवाट घंटा
= 150 यूनिट उत्तर

प्रश्न 25.
10 kg द्रव्यमान के पिंड को 5 m/s2 के त्वरण के अधीन 2m की दूरी से विस्थापित किया जाता है। पिंड पर किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल :
यहां पिंड का द्रव्यमान (m) = 10 kg
पिंड का त्वरण (a) = 5 m/s2
पिंड में विस्थापन (S) = 2 m
हम जानते हैं, कार्य (W) = F × S
= m × a × S (परंतु F = m × a)
= 10 × 5 × 2
= 100 J

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 26.
10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को कुछ ऊँचाई तक ऊपर उठाने में 490 J कार्य किया गया। जितनी ऊँचाई में से वस्तु को ऊपर उठाया गया मालूम कीजिए। गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8m/2
हल :
यहाँ वस्तु का द्रव्यमान (m) = 10 kg
किया गया कार्य (W) = 490J
गुरुत्वीय त्वरण (g) = + 9.8 m/s2
मान लो वस्तु को h ऊँचाई में से ऊपर उठाया गया है, तो वस्तु पर किया गया कार्य
= वस्तु की स्थितिज ऊर्जा
W = mgh
490 = 10 × 9.8 × h
या h = \(\frac{490}{10 \times 9.8}\)
= \(\frac{490}{98}\)
ऊँचाई, h = 5m

प्रश्न 27.
एक वस्तु पर 20 N का बल लगाकर उसे 10 cm की दूरी में से विस्थापित करने में 1J का कार्य करना पड़ा। बल तथा विस्थापन के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
यहाँ बल (F) = 20 N
विस्थापन (S) = 10 cm = \(\frac{10}{100}\)m
= 0.1 m
वस्तु पर किया गया कार्य (W) = 1.0 J
बल की दिशा तथा विस्थापन के मध्य कोण = θ (मान लो)
अब W = FS cos θ
1 = 20 × 0.1 × cos θ
1 = 2 cos θ
cos θ = \(\frac {1}{2}\)
∴ θ = 60°

प्रश्न 28.
दो समान द्रव्यमान वाले पिंड क्रमशः एक समान वेग υ तथा 3υ से गति कर रहे हैं। इन पिंडों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल :
मान लो प्रत्येक पिंड का द्रव्यमान m है।
पहले पिंड की गतिज ऊर्जा (EK1) = \(\frac {1}{2}\)mυ2 …………… (1)
दूसरे पिंड की गतिज ऊर्जा (EK2) = \(\frac {1}{2}\)m(3υ)2
= \(\frac {1}{2}\)m(9υ)2
= 9 × \(\frac {1}{2}\)mυ2 (2)
दोनों पिंडों का गतिज ऊर्जाओं का अनुपात = \(\frac{\mathrm{E}_{\mathrm{K}_{1}}}{\mathrm{E}_{\mathrm{K}_{2}}}\)
= \(\frac{\frac{1}{2} mv^{2}}{9 \times \frac{1}{2} m v^{2}}\)
= \(\frac {1}{9}\) = 1 : 9

प्रश्न 29.
एक 2 kg द्रव्यमान वाली वस्तु विरामावस्था से धरती पर गिरती है। गिरने के 2 बाद वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी होगी।g का मान 10 m/s2 लें।
हल:
यहां द्रव्यमान (m) = 2 kg
प्रारंभिक वेग (u) = 0 (विरामावस्था)
समय (t) = 2s
अंतिम वेग (υ) = ?
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 m/s2
υ = u + gt का प्रयोग करने पर
υ = 0 + 10 × 2
∴ υ = 20 m/s
अब 2 सेकंड के बाद वस्तु की गतिज ऊर्जा (EK)
= \(\frac {1}{2}\)mυ2
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × (20)2
= \(\frac {1}{2}\) × 2 × 20 × 20J
= 400 J

प्रश्न 30.
एक समतल सड़क पर स्कूटर चालक ब्रेक लगा कर स्कूटर की चाल 36 km/h से कम करके 18 km/h कर देता है। बताओ ब्रेक द्वारा कितना कार्य किया गया यदि खाली स्कूटर का द्रव्यमान 86 kg और चालक तथा पेट्रोल का द्रव्यमान 64 kg हो।
हल:
कुल द्रव्यमान (m) = स्कूटर का द्रव्यमान + चालक तथा पेट्रोल का द्रव्यमान
= m1 + m2
= 86 kg + 64 kg
= 150 kg
प्रारम्भिक वेग (u) 36 km/h
= 36 × \(\frac {5}{18}\)m/s
= 10 m/s
अंतिम वेग (υ) = 18 km/h
= 18 × \(\frac {5}{18}\) m/s
= 5 m/s
ब्रेक द्वारा किया गया कार्य = स्कूटर द्वारा गतिज ऊर्जा की हानि
= प्रारंम्भिक गतिज ऊर्जा – अतिम गतिज ऊर्जा
= \(\frac {1}{2}\)mu2 – \(\frac {1}{2}\)mυ2
= = \(\frac {1}{2}\)m (u2 – υ2)
= \(\frac {1}{2}\)m (u + υ) (u – υ)
= \(\frac {1}{2}\) × 150 × (10 + 5) (10 – 5)
= \(\frac {1}{2}\) × 150 × 15 × 5
= 75 × 75
= 5625

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 31.
एक कार एक समान वेग से गतिशील है। 18 km/h, 36 km/h, 54 km/h तथा 72 km/h कुछ अंतरालों पर कार में बैठे 40 kg द्रव्यमान वाले लड़के की इन वेगों पर गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए तथा गतिज ऊर्जा और वेग के मध्य ग्राफ भी बनायें और बताइए कि ग्राफ की प्रकृति कैसी है?
उत्तर-
यहाँ, m = 40 Kg
υ1 = 18 km/h = 18 × \(\frac{5}{18}\)m/s
= 5 m/s
υ2 = 36 km/h – 10 m/s
υ3 = 54 km/h = 15 m/s
υ4 = 72 km/h = 20 m/s

K1 = \(\frac{1}{2} \mathrm{~m} v_{1}^{2}\) = \(\frac {1}{2}\) × 40 × (5)2
= 500J

K2 = \(\frac{1}{2} m v_{2}^{2}\)
\(\frac {1}{2}\) × 40 × (10)2
= 2000 J

K3 = \(\frac{1}{2} m v_{3}^{2}\)
\(\frac {1}{2}\) × 40 × (15)2
= 4500 J

K4 = \(\frac{1}{2} m v_{4}^{2}\)
\(\frac {1}{2}\) × 40 × (20)2
= 8000 J
चित्र में दर्शाए गए अनुसार गतिज ऊर्जा और वेग के मध्य ग्राफ परवलयाकार (पैराबोला) है क्योंकि गतिज ऊर्जा ∝ υ2
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 24

प्रश्न 32.
मान लो आपके हाथ में 1 kg द्रव्यमान की वस्तु है। आप इसे कितनी ऊँचाई तक ऊपर उठाएँगे ताकि गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा 1J प्राप्त कर लें। (g = 10 ms-2)
हल :
यहाँ स्थितिज ऊर्जा (p) = 1J
द्रव्यमान (n) = 1 kg
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 ms-2
हम जानते हैं, स्थितिज ऊर्जा (P) = mgh
1 = 1 × 10 × h
∴ h = \(\frac{1}{10}\)m
= 0.1 m = 10 cm

प्रश्न 33.
एक 1000 W विद्युत् हीटर प्रतिदिन 2 घंटे चलाया जाता है। 28 दिन के महीना भर चलाने में ऊर्जा का क्या खर्च आयेगा जबकि ऊर्जा की दर 3.00 ₹ प्रति यूनिट हो।
हल:
हीटर की शक्ति (P) = 1000 W = 1 kW
कुल समय (t) = 2 × 28 = 56h
ऊर्जा की खपत (E) = P × t
= 1 kW × 56h
= 56 kWh
= 56 यूनिट
ऊर्जा की दर = 3.00 ₹ प्रति यूनिट
∴ कुल खर्च = 56 × 3.00 ₹
= 168.00 ₹

प्रश्न 34.
मुक्त रूप से गिरता हुआ 1 किग्रा द्रव्यमान का एक हथौड़ा लकड़ी के टुकड़े पर लगी किसी कील पर गिरता है। यदि हथौड़ा 1 मीटर ऊँचाई से गिरता है तो कील से टकराने से पहले गतिज ऊर्जा कितनी होगी ? (g = 10 ms-2)
हल :
दिया है : हथौड़े का द्रव्यमान (m) = 1 किग्रा.
हथौड़े की प्रारंभिक ऊँचाई (h) = 1 मीटर,
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 ms-2
कील से टकराने से पूर्व हथौड़े की गतिज ऊर्जा = ?
हथौड़े का प्रारंभिक वेग (u) = 0
मान लो हथौड़ा υ वेग से कोल से टकराता है, तो
समीकरण υ2 = u2 + 2gh से,
υ2 = 02 + 2 × 10 × 1
= 20
υ = \(\sqrt{20}\) ms-1
अतः कील से टकराने से पूर्व हथौड़े की गतिज ऊर्जा
EK = \(\frac {1}{2}\)mυ2
= \(\frac {1}{2}\) × 1 × किग्रा × 20
= 10 जूल उसर

प्रश्न 35.
10kg का कोई पिण्ड 50 cm ऊँचाई से गिराया जाता है। पृथ्वी की सतह से टकराते समय ज्ञात कीजिए
(i) इसकी गतिज ऊर्जा,
(ii) इसका वेग,
(iii) स्पष्ट कीजिए कि वेग पिण्ड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है?
हल :
दिया है, पिण्ड का द्रव्यमान (m) = 10 kg, प्रारंभिक ऊँचाई (h) = 50 cm = 0.5 m
प्रारंभिक वेग (u) = 0,
मान लो पृथ्वी की सतह से टकराते समय पिण्ड का वेग = υ है
समीकरण
υ2 = u2 + 2g h से,
υ2 = 02 + 2 × (10) × (0.5)
= 10
∴ υ = \(\sqrt{10 \mathrm{~ms}^{-1}}\)
= 3.16 ms-1

(i) सूत्र गतिज ऊर्जा EK = \(\frac {1}{2}\)mυ2
पृथ्वी की सतह से टकराते समय पिण्ड की गतिज ऊर्जा = (EK)
= \(\frac {1}{2}\) × 10 kg × 10 m2s-2
= 50 जूल उत्तर

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 36.
दो वस्तुओं के द्रव्यमानों में 5 : 6 का अनुपात है। यदि उनके वेग परस्पर बराबर हों तो उनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात क्या होगा ?
हल :
मान लो पहली वस्तु का द्रव्यमान m1 वेग, υ1 तथा गतिज ऊर्जा (EK1) और दूसरी वस्तु का द्रव्यमान m2 वेग υ2 तथा गतिज ऊर्जा (EK2) है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 25
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 26
गतिज ऊर्जाओं का अनुपात 5 : 6 होगा।

प्रश्न 37.
1 किलोग्राम के पिण्ड की गतिज ऊर्जा 1 जूल है। इसकी चाल कितनी होगी ?
हल :
दिया है, पिण्ड का द्रव्यमान (m) = 1 किलोग्राम, पिण्ड की गतिज ऊर्जा (EK) = 1 जूल, वेग (υ) = ?
गतिज ऊर्जा (EK) = \(\frac {1}{2}\)mυ2 से,
1 = \(\frac {1}{2}\) × 1 × υ2
υ2 = 2
चाल (υ) = √2
= 1.414 ms-1/sup>

प्रश्न 38.
एक गतिमान पिण्ड की गतिज ऊर्जा 400 जूल है। पिंड पर उसकी गति के विरुद्ध 25 N का औसत बल लगाने से पिण्ड कितनी दूर जाकर रुक जाएगा ?
हल :
दिया है, पिण्ड की गतिज ऊर्जा = 400 जूल, औसत बल = 25 न्यूटन
∴ पिण्ड की गतिज ऊर्जा = पिण्ड द्वारा रुकने तक किया गया कार्य
= बल × पिण्ड द्वारा चली गई दूरी
अथवा 400 जूल = 25 न्यूटन × पिण्ड द्वारा चली गई दूरी
अत: रुकने से पूर्व पिण्ड द्वारा चली गई दूरी = \(\frac{400}{25}\) = 16 मीटर

प्रश्न 39.
एक कार का इंजन 1000 N का बल लगाकर कार को 72 km/h की एक समान चाल से समतल सड़क पर खींच रहा है। इंजन की शक्ति का परिकलन किलोवाट में कीजिए।
हल :
दिया है, इंजन का बल (F) = 1000 N
कार का वेग (υ) = 72 Km/h
= 72 × \(\frac {5}{18}\) = 20 m/s
∴ इंजन की शक्ति (P) = F × υ
= 1000 N × 20 m/s
= 20000 W
= \(\frac{20000}{1000}\) KW
= 20 KW .

प्रश्न 40.
50 kg द्रव्यमान का एक लड़का दौड़कर 45 सीढ़ियां 9s में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊंचाई 15 cm हो तो उसकी शक्ति का परिकलन कीजिए।g का मान 10 ms-2 लीजिए।
हल :
लड़के का भार = mg = 50 kg × 10 m/s2
= 500 N
कुल ऊँचाई (h) = सीढ़ियों की संख्या × एक सीढ़ी की ऊँचाई
= 45 × 15 cm
= 675 cm
= 6.75 m
लगा समय t = 9s
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 27
= \(\frac{m g h}{t}\)
= \(\frac{500 \mathrm{~N} \times 6.75 \mathrm{~m}}{9 \mathrm{~s}}\)
= 375 W

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 41.
0.05 किलोग्राम द्रव्यमान की एक वस्तु धरती से 1000 मीटर ऊँचाई से गुरुत्वीय त्वरण के अंतर्गत स्वतंत्रतापूर्वक नीचे गिरता है। इसका धरती पर पहुंचने पर वेग एवं कुल ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
(g = 9.8 मीटर/सेकंड2)
हल :
दिया है, u = 0, h = 1000 मीटर, g = 9.8 मीटर/सेकंड2, υ = ?
υ2 = u2 + 2gh से,
υ2 = (0)2 + 2 × 9.8 × 1000
= 19600 मीटर2/सैकेंडर2
∴ वस्तु का धरती पर पहुँचने का वेग (υ) = 140 मीटर/सेकंड।
धरती पर पहुंचने पर कुल ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा + गतिज ऊर्जा
= 0 + \(\frac {1}{2}\)mυ2
= \(\frac {1}{2}\)mυ2
\(\frac {1}{2}\) × 0.05 × (140)2
= 490 जूल

प्रश्न 42.
एक पंप प्रति सेकंड 100 kg जल 5 m की ऊँचाई तक उठाता है। पंप की सामर्थ्य की गणना कीजिए। (g = 10 ms-2)
हल :
दिया है, समय (t) = 1 s, जल का द्रव्यमान (m) = 100 kg, ऊँचाई h = 5m
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 28
= 5000 W

प्रश्न 43.
40 वाट का एक बल्ब प्रतिदिन 10 घंटे जलाया जाता है। यदि 1 यूनिट की कीमत 2.50 ₹ है तो 30 दिन के महीने में उपभोग की गई विद्युत् ऊर्जा की कीमत ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, बल्ब की शक्ति = 40 वाट,
समय = 10 घंटे, दिनों की संख्या = 30 दिन
1 यूनिट की कीमत = 2.50 ₹
एक माह में व्यय विद्युत् ऊर्जा = बल्ब को शक्ति × समय × दिनों की संख्या
= 40 वाट × 10 घंटे × 30 घंटे
= (\(\frac{40}{1000}\)) किलोवाट × 10 × 30 घंटे
= \(\frac{40 \times 10 \times 30}{1000}\) किलोवाट-घंटा
= 12 यूनिट
∴ विद्युत् ऊर्जा की कीमत = यूनिटों की संख्या × 1 यूनिट की कीमत
= 12 यूनिट × (2.50 ₹/प्रति यूनिट)
= 30₹

प्रश्न 44.
एक कुली 10 kg का बोझ धरती से 1.5 m ऊपर ऊठाकर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा बोझे पर किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल :
बोझ का द्रव्यमान (m) = 10 kg तथा
विस्थापन (S) = 1.5 m
किया गया कार्य (V) = F × S
= mg × s
= 10 kg × 10 ms-2 × 1.5 m
= 150 Nm = 225 J

प्रश्न 45.
यदि किसी कार का द्रव्यमान 1500 kg है तो उसके वेग को 30 km h-1 से 60 km h-1 तक बढ़ाने में कितना कार्य करना पड़ेगा ?
हल :
कार का द्रव्यमान (m) = 1500 kg
कार का प्रारंभिक वेग (u) = 30 km h-1
= \(\frac{30 \times 1000 \mathrm{~m}}{100 \times 60 \mathrm{~s}}\)
= 8.33 m s-1
कार का अंतिम वेग (υ) = 60 km h-1 = 16.66 m s-1

इसलिए कार की प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (Ekf ) = \(\frac {1}{2}\)mu2
\(\frac {1}{2}\) × 1500 kg × (8.33 ms-1)2
= 52041.68 J
कार की अंतिम गतिज ऊर्जा (Eki = \(\frac {1}{2}\) × 1500 kg × (16.66 m s-‘)
= 208416.68J
अतः किया गया कार्य = गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
= Ekf – Eki
= 156375 J

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 46.
15 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 4 ms-1 के एक समान वेग से गतिशील है। वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी होगी ?
हल:
वस्तु का द्रव्यमान (m) = 15 kg
वस्तु का वेग (υ) = 4 ms-1
वस्तु की गतिज ऊर्जा (Ek) = \(\frac {1}{2}\) mυ2 से
= \(\frac {1}{2}\) × 15 kg × 4 m s-1 × 4 ms-1
= 120J

प्रश्न 47.
दो लड़कियाँ जिनमें से प्रत्येक का भार 200 N है एक रस्से पर 8 m की ऊँचाई तक चढ़ती हैं। हम एक लड़की का नाम A रखते हैं तथा दूसरी का BIइस कार्य को पूरा करने में लड़की A,20s का समय लेती है जबकि लकड़ी B, 50 s का समय लेती है। प्रत्येक लड़की द्वारा व्यय की गई शक्ति का परिकलन कीजिए।
हल :
(i) लड़की A द्वारा व्यय की गई शक्ति :
लड़की का भार (mg) = 200 N
विस्थापन (ऊँचाई) (h) = 8 m
लिया गया समय (t) = 20 s
किया गया कार्य शक्ति (P) = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 29
= \(\frac{m g h}{t}\)
= \(\frac{m g h}{t}\)
= 80 W

(ii) लड़की B द्वारा व्यय की गई शक्ति :
लड़की का भार (mg) = 200 N
विस्थापन ऊँचाई (h) = 8 m
लिया गया समय (t) = 50s शक्ति (P) = \(\frac{m g h}{t}\)
= \(\frac{200 \mathrm{~N} \times 8 \mathrm{~m}}{50 \mathrm{~s}}\)
= 32 W

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
कार्य का SI मात्रक लिखो।
उत्तर-
कार्य का SI मात्रक जूल (J) है।

प्रश्न 2.
एक किलोग्राम पत्थर के किसी टुकड़े को एक मीटर ऊँचाई तक उठाने में कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी ?
उत्तर-
9.8 जूल। [∵ W = mgh = 1 × 9.8 × 1 = 9.8 जूल]

प्रश्न 3.
किसी पिंड के वेग में क्या परिवर्तन करना चाहिए जिससे कि पिंड का द्रव्यमान चार गुणा बढ़ाने पर भी उसकी गतिज ऊर्जा में कोई परिवर्तन न हो ?
उत्तर-
वेग आधा करना पड़ेगा।

प्रश्न 4.
यांत्रिक ऊर्जा के दो प्रकार बताओ।
उत्तर-

  1. स्थितिज ऊर्जा
  2. गतिज ऊर्जा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 5.
ऊर्जा की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
जूल।

प्रश्न 6.
शक्ति की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
वाट।

प्रश्न 7.
यदि एक 5 किलोवाट शक्ति के किसी स्रोत को 3 घंटे तक उपयोग किया जाए तो ऊर्जा आपूर्ति कितनी होगी ?
उत्तर-
15 किलोवाट घंटा (kWh)।

प्रश्न 8.
व्यापारिक स्तर पर ऊर्जा के मात्रक का नाम लिखकर उसकी परिभाषा लिखिए।
उत्तर-
व्यापारिक स्तर पर ऊर्जा का मात्रक किलोवाट-घंटा है।
किलोवाट-घंटा – यदि एक किलोवाट शक्ति का 1 घंटा उपयोग किया जाये तो ऊर्जा की आपूर्ति एक किलोवाटघंटा (kWh) के बराबर होती है।

प्रश्न 9.
चाबी द्वारा खिलौना चलाने से कौन-सी ऊर्जा किस ऊर्जा में परिवर्तित होती है ?
उत्तर-
खिलौने की आकृति के कारण स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है।

प्रश्न 10.
हथेलियों के परस्पर रगड़ने से वे गर्म क्यों हो जाती हैं ?
उत्तर-
हथेलियों की गतिज ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा में रूपांतरित होती है।

प्रश्न 11.
पनचक्की द्वारा ऊर्जा का कौन-सा रूप कार्य में परिवर्तित होता है ?
उत्तर-
गतिज ऊर्जा।

प्रश्न 12.
शक्ति, ऊर्जा तथा समय का परस्पर संबंध बताओ।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 30

प्रश्न 13.
वे कौन-से दो कारक हैं जिन पर स्थितिज ऊर्जा निर्भर करती है ?
उत्तर-

  1. द्रव्यमान और
  2. वेग।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 14.
बाँध के एकत्रित पानी में कौन-सी ऊर्जा होती है ?
उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा।

प्रश्न 15.
जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं तो कौन-सी ऊर्जा का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर-
मांसपेशियों की ऊर्जा।

प्रश्न 16.
तेज़ आंधी वाले दिन कई मकानों की छतें क्यों उड़ जाती हैं ?
उत्तर-
तेज़ आंधी की गतिज ऊर्जा के कारण।

प्रश्न 17.
एक किलोवाट शक्ति का कोई इंजन एक घंटे में कितनी ऊर्जा की आपूर्ति करेगा ?
उत्तर-
ऊर्जा = 1 किलोवाट × 1 घंटा = 1 किलोवाट घंटा।

प्रश्न 18.
एक इंजन एक मिनट में 6000 जूल ऊर्जा पैदा करता है। उसकी शक्ति कितनी है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 31
= 100 जूल/सेकंड
= 100 वाट

प्रश्न 19.
एक किलोग्राम पानी को 5 मीटर ऊपर उठाने में कितना कार्य करना पड़ेगा ?
उत्तर-
पानी उठाने में किया गया कार्य = स्थितिज ऊर्जा
= m × g × h
= 1 × 10 × 5
= 50 जूल

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 20.
अगर किसी वस्तु का वेग तीन गुना बढ़ा दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा पर क्या असर होगा ?
उत्तर-
∵ K.E. ∝ v2
∴ यह 9 गुना हो जायेगी।

प्रश्न 21.
5 किलोग्राम भार को 20 मीटर ऊँचाई तक उठाने के लिए लगभग कितनी ऊर्जा की आवश्यकता
होती है ?
उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा = 5 × 10 × 20 = 1000 जूल।

प्रश्न 22.
यदि किसी वस्तु को गर्म किया जाये तो उसके कणों को गतिज ऊर्जा के साथ क्या होगा ?
उत्तर-
गतिज ऊर्जा में वृद्धि हो जाएगी।

प्रश्न 23.
गुलेल के खिंचे हुए रबड़ में ऊर्जा का कौन-सा रूप है ?
उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा।

प्रश्न 24.
अधिकतम तथा न्यूनतम मात्रा में कार्य करने के लिए बल तथा विस्थापन के मध्य कितने अंश का कोण होना चाहिए ?
उत्तर-
अधिकतम कार्य के लिए θ = 0°
न्यूनतम कार्य के लिए θ = 90°

प्रश्न 25.
एक कुली सूटकेस को सिर पर उठाए हुए प्लेटफार्म पर आधे घंटे से खड़ा हुआ है। बताओ उसने कितना कार्य किया है ?
उत्तर-
शून्य, क्योंकि भार में कोई विस्थापन नहीं है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 26.
एक व्यक्ति कठोर दीवार को 500 N बल से दबा रहा है। बताओ उसने कितना कार्य किया ?
उत्तर-
शून्य

प्रश्न 27.
एक कृत्रिम उपग्रह कितना कार्य करता है जब वह धरती के गिर्द घूमता है?
उत्तर-
शून्य क्योंकि धरती का गुरुत्व बल उपग्रह की गति की दिशा के लम्बवत् क्रिया करता है।

प्रश्न 28.
एक कार का वेग 4 गुना करने से उसकी गतिज ऊर्जा को कैसे प्रभावित करेगा ?
उत्तर-
कार की गतिज ऊर्जा पहले से 16 गुना बढ़ जाएगी क्योंकि गतिज ऊर्जा ∝ (वेग)2

प्रश्न 29.
गतिज ऊर्जा पर किसका अधिक प्रभाव होगा-द्रव्यमान या वेग दो गुणा करने पर ?
उत्तर-
वेग का प्रभाव अधिक होगा।
गतिज ऊर्जा ∝ द्रव्यमान
तथा गतिज ऊर्जा ∝ (वेग)2

प्रश्न 30.
स्थिति परिवर्तन के कारण उत्पन्न हुई स्थितिज ऊर्जा का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
बाँध के पीछे एकत्रित पानी में स्थितिज ऊर्जा होती है।

प्रश्न 31.
स्प्रिंग को दबाने से उसमें किस किस्म की ऊर्जा होती है।
उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा।

प्रश्न 32.
एक ऐसा उदाहरण दें जब वस्तु में गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा उपस्थित हो।
उत्तर-
ऊँचाई पर उड़ रहे जहाज़ में दोनों स्थितिज ऊर्जा तथा गतिज ऊर्जा होती हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 33.
एक ऐसा उदाहरण दें जब वस्तु की आकृति में हुए परिवर्तन के कारण स्थितिज ऊर्जा हो।
उत्तर-
खिंचे हुए कमान में आकृति परिवर्तन के फलस्वरूप स्थितिज ऊर्जा होती है।

प्रश्न 34.
क्या चलती हुई कार के ऊपर खड़े व्यक्ति में गतिज ऊर्जा होगी ?
उत्तर-
हाँ, उसमें गतिज ऊर्जा होगी क्योंकि वह कार के साथ कार की गति बाँट रहा है।

प्रश्न 35.
क्या गतिज ऊर्जा ऋणात्मक हो सकती है ?
उत्तर-
नहीं, क्योंकि दोनों m तथा 02 धनात्मक हैं।

प्रश्न 36.
क्या ऐसी परिस्थिति हो सकती है कि वस्तु में संवेग हो परंतु ऊर्जा न हो ?
उत्तर-
नहीं, यदि वस्तु में संवेग है तो वह वस्तु अवश्य गतिशील होगा और फिर उसमें गतिज ऊर्जा होगी।

प्रश्न 37.
ऊर्जा संरक्षण नियम क्या है ?
उत्तर-
ऊर्जा संरक्षण नियम – “ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। ऊर्जा केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित की जा सकती है।” अर्थात् ऊर्जा रूपांतरण के दौरान निकाय की कुल ऊर्जा नियत रहती है।

प्रश्न 38.
कौन-सी युक्ति विद्युत् ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरित करती है ?
उत्तर-
विद्युत् मोटर।

प्रश्न 39.
विद्युत् पंखे में कौन-सी ऊर्जा किस ऊर्जा में रूपांतरित होती है ?
उत्तर-
विद्युत् ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरण होता है।

प्रश्न 40
हाइड्रो इलैक्ट्रिक पावर स्टेशन पर किस प्रकार की ऊर्जा का रूपांतरण होता है ?
उत्तर-
गिरते हुए पानी की स्थितिज ऊर्जा का रूपांतरण गतिज ऊर्जा में और फिर विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तन।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 41.
वाट तथा किलोवाट में क्या संबंध है ?
उत्तर-
1 किलोवाट = 1000 वाट।

प्रश्न 42.
ऊर्जा के S.I. मात्रक तथा 1 kWh में संबंध बताओ।
उत्तर-
ऊर्जा का S.I. मात्रक जूल है-
1 kWh = 3.6 × 106 जूल

प्रश्न 43.
जब हम किसी गेंद को फेंकते हैं तो किस प्रकार का ऊर्जा रूपांतरण होता है ?
उत्तर-
भोजन से रासायनिक क्रिया द्वारा हमारे शरीर को पेशीय ऊर्जा प्राप्त होती जिसका प्रयोग हम गेंद को फेंकने में करते हैं। यह पेशीय ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है।

प्रश्न 44.
बंदूक से निकली गोली लक्ष्य से टकरा कर रुक गई। बताइए गोली की गतिज ऊर्जा किन रूपों में रूपांतरित हुई।
उत्तर-
गोली की गतिज ऊर्जा लक्ष्य से टकराकर प्रकाश ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा तथा ऊष्मीय ऊर्जा में रूपांतरित हो गई।

प्रश्न 45.
ऊर्जा अदिश राशि है अथवा सदिश राशि ?
उत्तर-
ऊर्जा एक अदिश राशि है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 46.
किन दशाओं में किसी पिंड पर बल लगाने से बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होगा ?
उत्तर-
जब बल पिंड की गति के लंबवत् हो अथवा पिण्ड का विस्थापन शून्य हो।

प्रश्न 47.
कलाई घड़ी में ऊर्जा का स्रोत क्या होता है ?
उत्तर-
कमानी में संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम की परिभाषा लिखो तथा गणितीय दृष्टि से दो वस्तुओं के मध्य लग रहे आकर्षण बल का सूत्र स्थापित करो।
उत्तर-
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम ((Newton’s Universal Law of Gravitation) – इस ब्रह्मांड में विद्यमान प्रत्येक कण को एक बल के साथ आकर्षित करता है जो
(i) दोनों के पुंजों के गुणनफल के समानुपाती होता है और
(ii) दोनों के केंद्र के बीच दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल सदैव ही उन वस्तुओं के केंद्रों को मिलाने वाली रेखा की दिशा में लगता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 1

गणितीय दृष्टि से – ऊपर दर्शाए चित्र अनुसार मान लो हमारे पास दो गेंदें A तथा B हैं जिनके द्रव्यमान क्रमशः m1 तथा m2 हैं। इनके केंद्रों के मध्य की दूरी ‘r’ है।

न्यूटन के अनुसार गेंद A, गेंद B पर गुरुत्वाकर्षण बल FBA लगाएगी तथा FAB बल गेंद A पर गेंद B द्वारा लगेगा। इन दोनों बलों की मात्रा समान है परंतु एक-दूसरे के विपरीत दिशा में लग रहे हैं।
FAB = – FBA
मान लो FAB = – FBA = F
तो न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम अनुसार
F ∝ m1 m2 ……………. (i)
तथा F ∝ \(\frac{1}{r^{2}}\) …………..(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से
F ∝ \(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\)
या F = G\(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\)
यहां ‘G’ को सार्वत्रिक गुरुत्वीय स्थिरांक कहा जाता है। इसको यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि समस्त ब्रह्मांड में इसका संख्यात्मक मान एक ही रहता है तथा यह सूत्र न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम है।
G का मान, G = 6.67 × 10-11 N – m2/Kg2 है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 2.
ग्रहों की गति के संदर्भ में केप्लर के नियम लिखिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 2
ग्रहों की गति के संदर्भ में केप्लर के नियम – सोलहवीं शताब्दी तक अनेक खगोलशास्त्रियों ने ग्रहों की गति से संबंधित बहुत से आँकड़े एकत्रित कर लिए थे। जोहांस केप्लर ने इन आँकड़ों के आधार पर तीन नियम व्युत्पन्न किए। इन्हें केप्लर के नियम कहा जाता है। ये नियम इस प्रकार हैं :

1. कक्षा का नियम (प्रथम नियम) – प्रत्येक ग्रह की कक्षा एक दीर्घवृत्त होती है और सूर्य इस दीर्घवृत्त के एक फोकस पर होता है जैसा कि निम्न चित्र में दिखाया गया है। इस चित्र में सूर्य की स्थिति को O से दर्शाया गया है।

2. क्षेत्रफल का नियम (दूसरा नियम) – सूर्य तथा ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है। इस प्रकार यदि A से B तक गति करने में लगा समय C से D तक गति करने में लगे समय के बराबर हो तो क्षेत्रफल OAB तथा क्षेत्रफल OCD बराबर होंगे।

3. परिक्रमण काल का नियम (तीसरा नियम) – सूर्य से किसी ग्रह की औसत दूरी (r) का धन उस ग्रह के सूर्य के परितः परिक्रमण काल T के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
अथवा T2 ∝ r3
कैप्लर ने कोई सिद्धांत प्रस्तुत न कर सका जो ग्रहों की गति की व्याख्या कर सके।
न्यूटन ने यह दिखाया कि ग्रहों की गति के कारण गुरुत्वाकर्षण वह बल ही है जो सूर्य उन पर लगाता है।
अथवा r3/T2 = स्थिरांक।

प्रश्न 3.
राबर्ट बॉयल ने प्रयोग द्वारा कैसे सिद्ध किया कि निर्वात में सभी वस्तुएं एक ही दर से नीचे गिरती हैं ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 3
बॉयल प्रयोग – राबर्ट बॉयल ने एक लंबी काँच की ट्यूब ली जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। एक सिक्का और कागज़ का टुकड़ा ट्यूब के भीतर रखा गया। ट्यूब के सिरों को बंद कर दिया गया। ट्यूब में से वायु को निर्वात पंप द्वारा निष्कासित कर दिया गया। जब ट्यूब को शीघ्रता से उल्टा किया गया तो यह देखने में आया कि सिक्का तथा कागज़ का टुकड़ा एक साथ ट्यूब की तली में पहुँचे । अब फिर इस प्रयोग को दोहराया गया जब ट्यूब के भीतर वायु थी। इस बार देखा गया कि कागज़ का टुकड़ा धीरे-धीरे नीचे गिरता है जबकि सिक्का शीघ्र ही ट्यूब की तली पर पहुँच गया। इस प्रयोग से यह स्पष्ट होता है कि निर्वात में सभी वस्तुएं हल्की तथा भारी एक ही त्वरण से पृथ्वी निर्वात पंप की ओर गति करती हैं।

प्रश्न 4.
एक वस्तु का भार पृथ्वी की सतह पर 90 कि०ग्रा० (Kg) है। चंद्रमा की सतह पर इसका भार कितना होगा, जिसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का \(\frac {1}{9}\) और त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या का \(\frac {1}{2}\) है।
हल :
वस्तु का पृथ्वी की सतह पर भार = 90 Kg
मान लो पृथ्वी का द्रव्यमान (Me) = M
मान लो पृथ्वी का अर्धव्यास (Re) = R
अब चंद्रमा का द्रव्यमान (Mm) = \(\frac {1}{9}\) × पृथ्वी का द्रव्यमान
= \(\frac {1}{9}\) × M
या Mm = \(\frac{\mathrm{M}}{9}\)
चंद्रमा का अर्धव्यास (Rm) = \(\frac {1}{2}\) × पृथ्वी का अर्धव्यास
= \(\frac {1}{2}\) × R
Rm = \(\frac{\mathrm{R}}{2}\)
हम जानते हैं कि
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 4
= \(\frac {1}{9}\) × 4
= \(\frac {4}{9}\)
क्योंकि द्रव्यमान एक स्थिर राशि है
∴ = \(\frac {4}{9}\)
या वस्तु का चंद्रमा की सतह पर भार \(\frac {4}{9}\) × वस्तु का पृथ्वी की सतह पर भार
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 5
= 40 कि०ग्रा० उत्तर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 5.
(क) सिद्ध करो कि गुरुत्वीय त्वरण का मान वस्तु के द्रव्यमान के मान से स्वतंत्र होता है।
(ख) ‘g’ का मान ज्ञात करो।
उत्तर-
(क) जैसा कि दिखाया गया है पृथ्वी तल पर m द्रव्यमान वाली एक वस्तु पर विचार करो। मान लो M और R क्रमशः पृथ्वी के द्रव्यमान और अर्धव्यास हैं।
मानो वस्तु पर क्रिया कर रहा गुरुत्व बल F है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 6
इस समीकरण में वस्तु का द्रव्यमान ‘m’ नहीं है। इससे पता चलता है कि गुरुत्व बल के कारण किसी वस्तु द्वारा प्राप्त त्वरण इसके द्रव्यमान से स्वतंत्र होता है। अतः हम कहते हैं कि सभी आकार और द्रव्यमान वाली वस्तुएं किसी स्थान पर समान त्वरण से गिरती हैं।

(ख) ‘g’ का मान ज्ञात करना-
G = 6.67 × 10-11 Nm2 Kg-2
पृथ्वी का अर्ध-व्यास, R = 6400 Km
= 6400 × 1000 m
= 6.4 × 106 m
पृथ्वी का द्रव्यमान, M = 6 × 1024 Kg
या g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}\)
g = \(\frac{6.67 \times 10^{-11} \times 6 \times 10^{24}}{\left(6.4 \times 10^{6}\right)^{2}}\)
g = 9.8 m s-2

प्रश्न 6.
(क) स्वतंत्र गिर रही वस्तुओं के समीकरण की परिभाषा दें।
(ख) स्वतंत्र गिर रही वस्तुओं के गति समीकरण में परिवर्तन कैसे होता है ?
(ग) जब वस्तु को बिल्कुल सीधे ऊपर फेंका जाता है तो उसके द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊंचाई ज्ञात करने के लिए समीकरण लिखो।
(घ) सिद्ध करो कि गिरने का समय और ऊपर जाने का समय समान होता है।
उत्तर-
(क) गुरुत्व के अधीन क्रिया करने वाले गति समीकरण स्वतंत्र गिर रही वस्तुओं के समीकरण कहलाते है।

(ख) उन्हें एक समान गति वाली समीकरणों में a के स्थान पर g का विस्थापन करके प्राप्त किया जा सकता है। स्वतंत्र गिरावट के निम्नलिखित समीकरण होंगे-
(i) v = u + gt
(ii) h = ut + \(\frac {1}{2}\)gt2
(iii) v2 – u2 = 2gh
यहां पर से प्रारंभिक वेग, v अंतिम वेग, h प्राप्त ऊँचाई तथा t समय है।
जब वस्तु को छोड़ा जाता है तो वस्तु का प्रारंभिक वेग शून्य होता है अर्थात् u = 0

(ग) अधिकतम ऊंचाई के लिए व्यंजक – आओ आरंभिक वेग ५ वाली किसी वस्तु को ऊपर फेंके जाने पर प्राप्त अधिकतम ऊंचाई के लिए व्यंजक ज्ञात करें।
उच्चतम बिंदु पर अंतिम वेग शून्य होगा। गुरुत्व-वेग g ऋण होगा। यदि h अधिकतम ऊंचाई है तो,
v2 – u2 = 2gh
या 02 – u2 = 2(-g) h
∴ h = \(\frac{u^{2}}{2 g}\)

(घ) ऊपर जाने तथा नीचे आने का समय अर्थात् अवरोहण तथा आरोहण समय-
उच्चतम बिंदु तक पहुंचने में लगा समय अवरोहण समय है। अधिकतम ऊंचाई से नीचे वापिस आने में लगा समय आरोहण समय है।
अवरोहणयहां-
υ = 0, a = -g
υ = u + at
0 = u – gt
t = \(\frac{u}{g}\)
आरोहण समय-अब, उच्चतम बिंदु पर वेग u है।
∴ u = 0
और h = \(\frac{u^{2}}{2 g}\)
h = ut + \(\frac {1}{2}\)gt2 से = h = \(\frac {1}{2}\)gt2
∴ \(\frac{u^{2}}{2 \mathrm{~g}}\) = \(\frac {1}{2}\)gt2
∴ \(\frac{u^{2}}{2 \mathrm{~g}}\) = gt2
t = \(\frac{u}{g}\)
∴ आरोहण समय अवरोहण समय के बराबर है।

प्रश्न 7.
उन कारकों का वर्णन करो जिनके फलस्वरूप गुरुत्वीय त्वरण ‘g’ के मान में अंतर आता है।
उत्तर-
गुरुत्वीय त्वरण के मान में अंतर निम्नलिखित कारणों से होता है-
(i) पृथ्वी की ऊँचाई कारण ‘g’ में अंतर (Variation ing with altitude)-‘g’ का मान पृथ्वी की सतह पर अधिकतम होता है। जैसे-जैसे हम पृथ्वी की सतह से ऊपर की ओर जाते हैं तो ‘g’ का मान कम होता जाता है। पृथ्वी की सतह से ऊपर किसी भी ऊँचाई पर ‘g’ के मान की गणना हम एक निश्चित गणितीय सूत्र की सहायता से निकाल सकते हैं
यदि
ge = पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण
gh = पृथ्वी की ऊँचाई h पर गुरुत्वीय त्वरण
R = पृथ्वी का अर्ध-व्यास
हम जानते हैं कि
gh = ge[latex]\frac{\mathrm{R}^{2}}{(\mathrm{R}+h)^{2}}[/latex]
‘h’ का मान पता होने पर gh का मान निकाला जा सकता है।
विशेष अवस्था (Special Case) – पृथ्वी के अर्ध-व्यास से आधी ऊँचाई h पर अर्थात् है पर अर्थात् h = \(\frac{\mathrm{R}}{2}\) पर सूत्र से
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 7
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 8
gh = 4.36 m/s2
एक और रोचक बात यह है कि पृथ्वी के केंद्र पर ‘g’ का मान शून्य होगा।

(ii) पृथ्वी की आकृति कारण ‘g’ में अंतर (Variation in g due to shape of earth) – पृथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है। इसकी आकृति अंडाकार है। यह ध्रुवों के पास थोड़ी-सी समतल तथा भूमध्य रेखा के पास थोड़ीसी बाहर की ओर उभरी हुई होती है। जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया है।

ऊपर दिखाए गए चित्र अनुसार पृथ्वी का भूमध्य रेखीय अर्ध-व्यास 6378 कि०मी० तथा ध्रुवीय अर्ध-व्यास 6357 कि०मी० है। इसलिए पृथ्वी (ध्रुवों पर) का अधिकतम ‘g’ का मान gp = 9.831 m/s2 तथा कम-से-कम (भूमध्य रेखा पर) मान ge = 9.782 m/s2 है। हम जो ‘g’ का मान लेते हैं वह gp तथा ge का मध्यमान होता है।

(iii) गहराई का प्रभाव (Effect of depth) – यदि हम नीचे गुफा में या खानों में चले जाएं तो ‘g’ का मान कम हो जाता है अर्थात् गहराई के साथ ‘g’ का मान कम होता जाता है। पृथ्वी के केंद्र पर इसका मान शून्य हो जाता है।
\(\frac{\mathrm{W}_{d}}{\mathrm{~W}_{e}}\) = \(\frac{g_{d}}{g_{e}}\) = [1 – \(\frac{d}{R}\)]

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 8.
किसी वस्तु के चंद्रमा तथा पृथ्वी के भारों की तुलना करो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 10
पृथ्वी तथा चंद्रमा पर वस्तु के भार की तुलना-
प्रत्येक ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान उसके द्रव्यमान तथा उसके अर्ध-व्यास पर निर्भर करता है। इसी कारण से चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार, उसके पृथ्वी पर भार का \(\frac {1}{6}\) गुणा होता है।

माना वस्तु का द्रव्यमान ‘m’ है। यदि Me पृथ्वी का द्रव्यमान तथा Re पृथ्वी की त्रिज्या हो तो पृथ्वी पर वस्तु का भार (Fe)
Fe = \(\frac{\mathrm{GM}_{e} \times m}{\mathrm{R}_{e}^{2}}[latex] …………… (i)
इसी प्रकार यदि Mm चंद्रमा का द्रव्यमान तथा Rm चंद्रमा की त्रिज्या हो तो चंद्रमा पर वस्तु का भार (Fm)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 11
∴ पृथ्वी का द्रव्यमान चंद्रमा के द्रव्यमान से लगभग 100 गुणा अधिक है तथा अर्ध-व्यास चार गुणा अधिक है।
∴ Me = 100 Mm तथा
Re = 4 Rm
Me तथा Re का मान लगाने पर
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 12
= 6 लगभग
अतः Fe = 6 × Fm
अत: यह स्पष्ट हो गया है कि चंद्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान ‘m’ ही रहता है, परंतु उसका भार चंद्रमा की अपेक्षा पृथ्वी पर 6 गुणा अधिक होता है।

प्रश्न 9.
‘g’ तथा ‘G’ के मध्य संबंध स्थापित करो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 13
‘g’ तथा ‘G’ के मध्य संबंध (Relation betweeng and G) – मान लो ‘m’ द्रव्यमान तथा ‘d’ अर्ध-व्यास वाली एक गेंद पृथ्वी की सतह पर पड़ी है जिसका द्रव्यमान M तथा अर्ध-व्यास R है।
मान लो पृथ्वी तथा गेंद के केंद्रों की बीच की दूरी, r है भाव है,
r = d + R
पृथ्वी गेंद को अपने केंद्र की ओर F बल से आकर्षित करती है।
∴ F = G[latex]\frac{\mathrm{M} \times m}{\mathrm{R}^{2}}\) ……………. (i)
∴ F = m × गेंद में पृथ्वी द्वारा उत्पन्न त्वरण
F = m × g ……………… (ii)
यहां ‘g’ का पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं तथा पृथ्वी की सतह पर इसका अधिकतम मान 9.81 m/s2 है। समीकरण (i) तथा (ii) की तुलना करने पर
m × g = G\(\frac{\mathrm{M} \times m}{r^{2}}\)
या g = \(\frac{\mathrm{GM}}{r^{2}}\) ………..(iii)
अब क्योंकि गेंद का अर्ध-व्यास, पृथ्वी के अर्ध-व्यास की तुलना में बहुत कम है।
अर्थात् r = R
∴ g = G\(\frac{\mathrm{M}}{\mathrm{R}^{2}}\) …………… (iv)
समीकरण (iv) g तथा G में संबंध दर्शाती है।

प्रश्न 10.
एक व्यक्ति पृथ्वी तल की तुलना में चंद्रमा की सतह पर अधिक ऊँची छलांग लगा सकता है, क्यों ? व्याख्या करें।
उत्तर-
मान लो ‘m’ द्रव्यमान वाला व्यक्ति M द्रव्यमान वाली पृथ्वी जिसका अर्ध-व्यास ‘R’ है की सतह पर खड़ा है। पृथ्वी उस व्यक्ति को अपने केंद्र की ओर गुरुत्वाकर्षण बल लगाकर आकर्षित करती है।
F = व्यक्ति का द्रव्यमान × व्यक्ति में पृथ्वी द्वारा उत्पन्न त्वरण
F = m × g ………….. (i)
यहां ‘g’ को पृथ्वी का गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं।
हम जानते हैं कि
F = G.\(\frac{m \times \mathrm{M}}{\mathrm{R}^{2}}\)
m × g = G.\(\frac{m \times \mathrm{M}}{\mathrm{R}^{2}}\)
या g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}\) …………. (ii)
यदि समीकरण (ii) में चंद्रमा का द्रव्यमान तथा अर्ध-व्यास भरे जाएं तो चंद्रमा पर g का मान gm कहलाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 14
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 15
∴ चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण = \(\frac{1}{6}\) x पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण। अब क्योंकि चंद्रमा की सतह पर लग रहा गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी की सतह पर लग रहे गुरुत्वीय त्वरण का \(\frac{1}{6}\) वां भाग है, इसलिए व्यक्ति पृथ्वी की सतह से चंद्रमा की सतह पर 6 गुणा ऊँची छलांग लगा सकता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 11.
आर्किमीडीज़ का सिद्धांत क्या है ? प्रायोगिक क्रिया द्वारा इसको सत्यापित कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 16
आर्किमीडीज़ का सिद्धांत – “जब किसी ठोस वस्तु को किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है तो वह ऊपर की दिशा में एक बल को अनुभव करती है जो वस्तु द्वारा हटाए गए। तरल के भार के बराबर होता है।”

प्रायोगिक पड़ताल – एक पत्थर का टुकड़ा लीजिए और इसे कमानीदार तुला (Spring balance) के हुक्क से बाँधिए । तुला को स्टैंड से अथवा हाथ से पकड़ कर पत्थर को लटकाइए जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। पत्थर का भार कमानीदार तुला का पाठ्याँक नोट कर ज्ञात कीजिए। अब बीकर को पूरा पानी से भरकर पत्थर को बीकर में रखे पानी में धीरे से डुबोइए जैसा चित्र (b) में दर्शाया गया है। आप देखेंगे कि जब पत्थर पानी में डूब जाता है तो कमानीदार तुला का पाठ्याँक कम हो जाता है अर्थात् पानी में डुबोने पर पत्थर के भार में कमी आ गई है। पहले पाठयाँक में से दूसरे पाठ्याँक को घटा कर पत्थर के भार में हुई कमी ज्ञात कर सकते हैं। जैसे ही पत्थर को डुबोया जाएगा, पत्थर के आयतन के बराबर पानी विस्थापित होगा। इस विस्थापित पानी को दूसरे बीकर में इकट्ठा कर भार कर लें। यह पानी का भार पत्थर के भार में हुई कमी के बराबर होगा। इस प्रकार आर्किमीडीज़ का नियम सत्यापित हो जाता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
इनमें से कौन-सा अधिक है-1 Kg लोहे पर पृथ्वी द्वारा लग रहा गुरुत्वाकर्षण बल या पृथ्वी पर 1 Kg लोहे द्वारा लग रहा गुरुत्वाकर्षण बल और क्यों ?
उत्तर-
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण-बल के नियम अनुसार दो वस्तुओं के बीच परस्पर आकर्षण बल होता है। इसलिए न तो लोहा पृथ्वी पर तथा न ही पृथ्वी लोहे पर अधिक बल लगाती है। परंतु क्योंकि लोहे का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान से कम है, इसलिए पृथ्वी, 1 Kg लोहे के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है जिसकी गति यह दर्शाती है कि पृथ्वी 1 Kg लोहे के टुकड़े पर अधिक बल लगाती है।

प्रश्न 2.
G को सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक क्यों कहते हैं ? .
उत्तर-
G को सार्वत्रिक स्थिरांक इसलिए कहा जाता है कि समस्त ब्राह्मांड में इसका संख्यात्मक मान एक ही रहता है जिसका मान है, G = 6.67 × 10-11 Nm2/Kg2

प्रश्न 3.
क्या ‘g’ का मान एक ज्ञात स्थान पर भिन्न-भिन्न वस्तुओं के लिए समान होता है या भिन्न ?
उत्तर-
पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण (g) तथा सार्वत्रिक गुरुत्वीय G के मध्य सम्बन्ध से हम जानते हैं कि
g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}\)
इसी समीकरण से यह पता चलता है कि ‘g’ का मान वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता। इसलिए हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि किसी ज्ञात स्थिति पर भिन्न-भिन्न वस्तुओं के लिए ‘g’ का मान बराबर है।

प्रश्न 4.
एक वस्तु का भार भूमध्य रेखा पर ध्रुवों पर अधिक कहां होता है ?
उत्तर-
पृथ्वी की आकृति पूरी तरह से गोल नहीं होती, परंतु थोड़ी-सी अंडाकार है। यह ध्रुवों के पास समतल (चपटी) है जबकि भूमध्य रेखा के पास थोड़ी सी बाहर की ओर उभरी हुई होती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 17
भूमध्य रेखीय अर्ध-व्यास लगभग 6378 Km है जबकि ध्रुवीय अर्ध-व्यास 6357 Km है। भूमध्य रेखीय अर्ध-व्यास, ध्रुवीय अर्ध-व्यास से 21 Km अधिक है।
हम जानते हैं कि g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}[latex] अर्थात् ‘g’ का मान R के व्युत्क्रमानुपाती। g α = ([latex]\frac{1}{R^{2}}\)) होता है इसलिए भूमध्य रेखा पर ‘g’ का मान कम होगा तथा ध्रुवों पर ‘g’ का मान अधिक होगा।

प्रश्न 5.
एक वस्तु पृथ्वी के केंद्र पर भारविहीन क्यों हो जाती है ?
उत्तर-
पृथ्वी के केंद्र पर वस्तु का भारहीन होना – हम जानते हैं कि पृथ्वी से नीचे जाते समय ‘g’ का मान कम होता है तथा पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्वीय त्वरण (g) = 0 होता है। इसलिए कोई वस्तु जिसका द्रव्यमान m है,
वस्तु का भार = m × o
= 0 शून्य है।
अर्थात् वस्तु भारहीन होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 6.
टेनिस की गेंद मैदानों से पर्वतों पर अधिक उछलती है। व्याख्या करें।
उत्तर-
ज्यों-ज्यों ऊँचाई पर जाते हैं तो गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान कम होता जाता है जिसके कारण गेंद का गुरुत्वाकर्षण बल पहाड़ों पर कम होता है जिसके फलस्वरूप गेंद पहाड़ों पर मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक उछलती है।

प्रश्न 7.
पृथ्वी-तल पर एक वस्तु का भार लगभग 9.8 N है। इस कथन की पुष्टि करें।
उत्तर-
हम जानते हैं कि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान 9.8 m/s2 है तथा वस्तु के भार के लिए संबंध है-
w = m × g
9.8 = m × 9.8
m = \(\frac{9.8}{9.8}\)
m = 1 किलोग्राम
दिए गए कथन का अर्थ है कि पृथ्वी की सतह पर वस्तु का द्रव्यमान 1 किलोग्राम है।

प्रश्न 8.
गुरुत्व अधीन स्वतंत्र रूप से गिर रही वस्तु की गति कैसी होगी ?
उत्तर-
गुरुत्व अधीन स्वतंत्र गिर रही वस्तु एक समान गति से नीचे गिरेगी। यदि भिन्न-भिन्न द्रव्यमान तथा आकार की वस्तुओं को निर्वात में से पृथ्वी की ओर नीचे गिरने दिया जाए तो उनमें एक समान गुरुत्वीय त्वरण होगा।

प्रश्न 9.
एक पदार्थ का आवश्यक विशेष गुण कौन-सा है, द्रव्यमान अथवा भार ?
उत्तर-
किसी पदार्थ का आवश्यक गुण द्रव्यमान होता है न कि उसका भार क्योंकि कोई ऐसा स्थान नहीं जहां पर पदार्थ का द्रव्यमान न हो। पृथ्वी के केंद्र पर वस्तु का भार शून्य हो सकता है परंतु द्रव्यमान नहीं। इसके अतिरिक्त कोई भी वस्तु जिसका द्रव्यमान होता है तथा जो स्थान घेरती है वह पदार्थ होता है जोकि पदार्थ की परिभाषा है। इसलिए पदार्थ का आवश्यक गुण उसका द्रव्यमान है न कि उसका भार।

प्रश्न 10.
एक विद्यार्थी विपिन, जो कहता है कि वह 52 Kg का है, के द्रव्यमान और भार के गुणों की तुलना करो।
उत्तर-
विपिन 52 कि० ग्रा० का है, से भाव है कि उसका द्रव्यमान 52 कि० ग्रा० है अर्थात् यह उसके शरीर का निर्माण करने वाले रुधिर, हड्डियाँ तथा त्वचा आदि की मात्रा को दर्शाता है। विपिन का भार वह आकर्षण बल है जिससे पृथ्वी उसको अपनी ओर आकर्षित करती है। यदि विपिन पृथ्वी से ऊपर किसी भी बिंदु पर चला जाएगा तो उसका द्रव्यमान 52 कि० ग्रा० ही रहेगा जबकि उसका भार प्रत्येक बिंदु पर भिन्न-भिन्न होगा। ऊँचाई पर जाने से विपिन का भार कम हो जाएगा। द्रव्यमान एक दिशाहीन राशि है जबकि भार एक बल है इसलिए सदिश राशि है। द्रव्यमान को किलोग्राम में मापते हैं तथा भार को न्यूटन (N) में मापा जाता है।

प्रश्न 11.
गुरुत्वाकर्षण बल के गुण लिखो जिनके कारण इसका दैनिक जीवन में महत्त्व है।
उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण बल के गुण निम्नलिखित हैं जिनके कारण इनका दैनिक जीवन में महत्त्व है-

  1. यह एक परस्पर बल है अर्थात् दो वस्तुएं एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
  2. यह बल वस्तुओं के द्रव्यमानों के सीधे तौर पर निर्भर करता है।
  3. यह बल तात्कालिक तथा समकालिक है अर्थात् दोनों ही वस्तुएं एक ही समय एक-दूसरे को आकर्षित करती
  4. यह बल सदैव आकर्षण करता है न कि प्रतिकर्षण
  5. यह बल वस्तुओं के आकार तथा आकृति पर निर्भर नहीं करता।
  6. यह उस माध्यम के स्वभाव पर भी निर्भर नहीं करता जहां पर एक जैसा आकर्षण-बल हो।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में अंतर बताओ
(i) गुरुत्वीय त्वरण (g) तथा (G) सार्वत्रिक स्थिरांक
(ii) भार तथा द्रव्यमान
(iii) द्रव्यमान केंद्र तथा गुरुत्व केंद्र।
उत्तर-
(i) g तथा (G) में अंतर-

‘g’ ‘G’
(1) यह गुरुत्वीय त्वरण को प्रदर्शित करता है। (1) यह गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक को प्रदर्शित करता है।
(2) इसका मान भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न होता है। (2) इसका मान सभी स्थानों पर समान है। इसलिए इसे सार्वत्रिक स्थिरांक भी कहते हैं।
(3) इसका पृथ्वी पर मान 9.8 m/s2 है। (3) इसका मान 9.67 × 10-11 N-m2 Kg-2 है।

(ii) भार तथा द्रव्यमान में अंतर-

भार (Weight) द्रव्यमान (Mass)
(1) भार वह बल है जिससे वस्तु पृथ्वी के केंद्र की ओर आकर्षित होती है। (1) द्रव्यमान वस्तु में विद्यमान पदार्थ की मात्रा है।
(2) भार एक सदिश राशि है। (2) द्रव्यमान एक अदिश राशि है।
(3) यह अचर राशि नहीं, अपितु एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलती रहती है। (3) यह एक अचर राशि है।
(4) भार को स्प्रिंग तुला से मापा जाता है। (4) द्रव्यमान को दंड तुला से मापा जाता है।
(5) वस्तु का भार पृथ्वी के केंद्र पर शून्य हो सकता है। (अर्थात् = 0)। (5) वस्तु का द्रव्यमान कभी भी शून्य नहीं हो सकता।
(6) इसे न्यूटन या किलोग्राम भार में मापा जाता है। (6) इसे किलोग्राम में मापा जाता है।

(iii) द्रव्यमान केंद्र तथा गुरुत्व केंद्र में अंतर – पृथ्वी की सतह पर या उसके पास का वह बिंदु जहां गुरुत्वीय बल स्थिर होता है, उसे द्रव्यमान कहते हैं। द्रव्यमान केंद्र ही वह बिंदु है जहां वास्तव में वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल अनुभव किया जाता है। जबकि वस्तु का गुरुत्व केंद्र वह बिंदु है जहाँ गुरुत्व बल संपूर्ण वस्तु पर क्रिया करता हुआ माना जा सकता है।

प्रश्न 13.
आप विषुवत् रेखा ( भूमध्य ) पर स्थित किसी स्थान पर से W भार की चीनी खरीदते हैं और उसे अंटार्कटिका ले जाते हैं। क्या वहाँ उसका भार वही रहेगा ? यदि नहीं, तो यह कम होगा या अधिक ?
उत्तर-
अंटार्कटिका पर ‘g’ का मान वह नहीं होता जो भूमध्य रेखा पर होता है । अंटार्कटिका में ‘g’ का मूल्य बढ़ता है इसलिए जब चीनी का बैग भूमध्य रेखा पर स्थित किसी स्थान से खरीद कर वहाँ ले जाया जाएगा तो उस का भार बढ़ जाएगा परंतु द्रव्यमान में कोई अंतर नहीं आएगा क्योंकि द्रव्यमान एक स्थिर राशि है।

प्रश्न 14.
हम सभी सितारों को हिलाए-डुलाए बगैर अपनी अंगुली भी नहीं हिला सकते। टिप्पणी करो।
उत्तर-
जब हम अपनी अंगुली हिलाते हैं, तो अंगुली और इस ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं की दूरी बदल जाने के कारण गुरुत्वाकर्षण बल बदल जाता है। अतः सभी वस्तुएं हिल-डुल जाती हैं, भले ही यह हिल-डुल बहुत नगण्य क्यों न हो।

प्रश्न 15.
जब कोई वस्तु भूमि पर गिरती है तो उसे मिलने के लिए पृथ्वी ऊपर की ओर गति करती है । पृथ्वी की गति दिखाई क्यों नहीं देती ?
उत्तर-
क्योंकि पृथ्वी का द्रव्यमान वस्तु के द्रव्यमान की अपेक्षा बहुत अधिक होता है। इसलिए इसमें उत्पन त्वरण नगण्य होता है। इसलिए इसकी गति दिखाई नहीं देती।
.
प्रश्न 16.
गुरुत्वाकर्षण और गुरुत्व की परिभाषा दो।
उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण – यह इस ब्रह्मांड की किन्हीं दो वस्तुओं के मध्य आकर्षण बल है।
गुरुत्व – यह पृथ्वी (या ग्रह) द्वारा इसके तल या इसके निकट स्थित सभी वस्तुओं पर लगाया गया आकर्षण बल है। गुरुत्व गुरुत्वाकर्षण का एक विशेष उदाहरण है- जब दो वस्तुओं में से एक वस्तु पृथ्वी हो।

प्रश्न 17.
सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति का क्या कारण है ?
उत्तर-
सभी ग्रह अपने-अपने परिपथ में सूर्य के चारों ओर उसके गुरुत्वाकर्षण के कारण घूमते हैं। यह गति भी बिल्कुल उसी प्रकार है जिस प्रकार चंद्रमा गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी की परिक्रमा करता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 18

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 18.
गुरुत्वाकर्षण बल प्रायः नगण्य क्यों होता है ?
उत्तर-
सामान्य द्रव्यमान के लिए गुरुत्वाकर्षण बल इतना कम होता है कि इसे अति संवेदनशील उपकरण के द्वारा ही ज्ञात किया जा सकता है।
यदि आप और आपका मित्र 1 मीटर दूर खड़े हों और आप दोनों का भार चालीस-चालीस कि० ग्रा० हो तो
F = G\(\frac{m_{1} m_{2}}{r^{2}}\)
= \(\frac{6.67 \times 10^{-11} \times 40 \times 40}{(1)^{2}}\)
F = 1.0672 × 10-7N
यह मान अत्यधिक कम है अर्थात् यह नगण्य है।

प्रश्न 19.
गुरुत्वाकर्षण बल का प्रयोग जिन व्यावहारिक क्रियाओं से होता है, उनके कुछ उदाहरण दो।
उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण बल पर आधारित व्यावहारिक क्रियाएँ-

  1. सूर्य और पृथ्वी में क्रिया कर रहे गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही पृथ्वी, सूर्य के गिर्द अपनी वर्तुल गति को कायम रखती है।
  2. सौर मंडल का अस्तित्व गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही होता है।
  3. ग्रह के तल पर वायुमंडल भी गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही होता है।
  4. समुद्र में उठने वाला ज्वार-भाटा सूर्य और चांद के पानी पर क्रिया करने वाले गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही होता है।
  5. हम गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही पृथ्वी पर पक्की तरह खड़े रह सकते हैं।
  6. कृत्रिम उपग्रह के चक्कर लगाने का बल भी गुरुत्वाकर्षण बल ही है।

प्रश्न 20.
द्रव्यमान के अभिलक्षण लिखिए।
उत्तर-
द्रव्यमान – किसी वस्तु में उपस्थित द्रव्य की मात्रा को द्रव्यमान कहते हैं जिसके प्रमुख अभिलक्षण निम्नलिखित होते हैं-

  1. यह एक अदिश राशि है।
  2. यह प्रत्येक स्थान पर समान रहता है।
  3. इसे भौतिक तुला से मापा जाता है।

प्रश्न 21.
भार के अभिलक्षण लिखिए।
उत्तर-
भार – किसी वस्तु का भार वह बल है, जिससे पृथ्वी उसे अपनी ओर खींचती है। इसके प्रमुख अभिलक्षण निम्नलिखित होते हैं-

  1. यह एक सदिश राशि है।
  2. इसे कमानीदार तुला से मापा जाता है।
  3. यह स्थान-स्थान पर बदलता रहता है। ।
  4. यह द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होता है।

प्रश्न 22.
जब हम पृथ्वी तल से ऊपर जाते हैं तो हमारे भार पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
किसी वस्तु का भार वस्तु के द्रव्यमान (m) तथा गुरुत्वीय त्वरण (g) का गुणनफल होता है। गुरुत्वीय त्वरण का मान वस्तु की केंद्र से दूरी पर निर्भर करता है।
क्योंकि g = \(\frac{\mathrm{GM}_{e}}{\mathrm{R}^{2}}\)

गुरुत्वीय त्वरण वस्तु की पृथ्वी के केंद्र से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अतः भार भी वस्तु की पृथ्वी के केंद्र से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होगा। अर्थात् ज्यों-ज्यों हम पृथ्वी तल से ऊपर जाते हैं तो हमारी पृथ्वी के केंद्र से दूरी बढ़ जाती है जिसके कारण हमारा भार भी कम होता जाता है। यदि हम पृथ्वी तल से पृथ्वी के अर्ध-व्यास के बराबर ऊपर चले जाएं तो वस्तु का भार पृथ्वी के भार की अपेक्षा \(\frac{1}{4}\) गुणा रह जाएगा।

प्रश्न 23.
जब किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है तो वस्तु की गति पर क्या प्रभाव पड़ता है ? उसका त्वरण कितना होता है ?
उत्तर-
जब किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है तो पृथ्वी उसे अपने गुरुत्व बल के कारण नीचे की और आकर्षित करती है। गुरुत्व बल वस्तु की गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है अतः वस्तु का वेग कम होता जाता है। ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु का त्वरण नीचे की ओर गिरती हुई वस्तु के त्वरण के बराबर होता है परंतु ऋणात्मक होता है।

ऊपर फेंकी गई वस्तु का त्वरण = -9.8m/s2 है। इसलिए जब वस्तु ऊपर की ओर फेंकी जाती है उसका वेग 9.8m/s2 की दर से घटता जाता है। वेग तब तक घटता जाता है जब तक वह शून्य नहीं हो जाता। अधिकतम ऊँचाई पर पहुँच कर वेग शून्य हो जाता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 24.
चंद्रमा पृथ्वी की ओर गिरता रहता है, इसका तात्पर्य क्या है ? यह पृथ्वी तल पर गिर क्यों नहीं जाता ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 19
चंद्रमा अपने अक्ष के चारों ओर घूमता हुआ पृथ्वी की ओर गिरता है, पर अपकेंद्रण बल के कारण अपने ही कक्ष में रहता है। यह अपकेंद्रण बल पृथ्वी और चंद्रमा के बीच आकर्षण बल के कारण उत्पन्न होता है। इस बल के अभाव में चंद्रमा अपने पथ से दूर हट जाता है।

यदि चंद्रमा हमारी पृथ्वी से h ऊँचाई पर है तो गुरुत्वाकर्षण बल को इस प्रकार प्रकट किया जा सकता है-
\(\frac{\mathrm{G} m \mathrm{M}}{(\mathrm{R}+h)^{2}}\) = \(\frac{m v_{0}^{2}}{(\mathrm{R}+h)}\)
\(\frac{\mathrm{GM}}{(\mathrm{R}+h)}\) = \(v_{0}^{2}\)
∴ υ0 = \(\sqrt{\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}+h}}\)
α\(\frac{1}{d^{2}}\)
पृथ्वी
जहाँ υ0 कक्षीय वेग (orbital velocity) है।
अतः υ0 वेग से घूमता चंद्रमा अपने कक्ष में घूमता रहेगा। यह पृथ्वी की ओर गिरता रहेगा पर हर बार गिरने से चूकता भी रहेगा।

प्रश्न 25.
पृथ्वी सेब को आकर्षित करती है तो सेब भी पृथ्वी को आकर्षित करता है ? यदि हाँ, तो पृथ्वी सेब की ओर गति क्यों नहीं करती ?
उत्तर-
सेब निश्चित रूप से पृथ्वी को अपनी ओर आकर्षित करता है, पर सेब का द्रव्यमान बहुत कम है और उसकी तुलना से पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक है। सेब और पृथ्वी के बीच का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी पर बहर कम पर सेब पर बहुत अधिक त्वरण उत्पन्न करता है जिस कारण वह पृथ्वी की ओर गिरता है। पृथ्वी में उत्पन्न त्वमा इतना कम होता है कि वह सेब की ओर गति नहीं करती। पृथ्वी का विस्थापन बल लगभग शून्य ही होता है।

प्रश्न 26.
यदि किसी कारणवश गुरुत्वीय बल लुप्त हो जाए तो हम पृथ्वी से अंतरिक्ष में क्यों फेंक दिए जाएंगे ?
उत्तर-
हाँ, हम वास्तव में ही अंतरिक्ष में उड़ने लगेंगे यदि गुरुत्व बल को समाप्त कर दिया जाए। हर अंतरिक्ष में अपकेंद्रण बल के कारण उड़ने लगेंगे।

प्रश्न 27.
मान लीजिए पृथ्वी का द्रव्यमान एकाएक 10% बढ जाए, किंतु उसके आकार में कोई परिवर्तन न हो, तब आपके भार में क्या परिवर्तन होगा ? यदि पृथ्वी की त्रिज्या उसकी वर्तमान त्रिज्या की दुगुनी हो जाए, किंतु उसका द्रव्यमान वही रहे तो आपके भार में क्या परिवर्तन होगा ?
उत्तर-
(i) पृथ्वी के आकार में बिना परिवर्तन किए हुए यदि इसका द्रव्यमान 10% बढ़ जाए तो (g) का मान भी बढ़ जाएगा जिसके परिणामस्वरूप हमारा भार भी 10% बढ़ जाएगा।
∵ g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}\) तथा W = mg
‘g’ का मान ‘M’ के समानुपाती होता है और उसकी दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

(ii) यदि पृथ्वी का अर्ध-व्यास वर्तमान व्यवस्था से दुगुना हो जाए और इसके द्रव्यमान में कोई अंतर न किया जाए तो (g) का मान कम हो जाएगा और हमारा भार \(\sqrt{2}\) गुणा कम हो जाएगा।

प्रश्न 28.
अंतरिक्ष में किसी स्थान पर 1Kg पुंज पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल 5 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करता है। यदि उसकी जगह 3Kg का द्रव्यमान हो तो कितना त्वरण उत्पन्न होगा ?
उत्तर-
किसी स्थान पर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उत्पन्न त्वरण किसी वस्तु के द्रव्यमान से स्वतंत्र होता है, इसलिए 3Kg द्रव्यमान वाली वस्तु का उसी स्थान पर त्वरण उतना ही अर्थात् 5m/s2 होगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 29.
सिद्ध कीजिए यदि दो वस्तुओं पर पृथ्वी द्वारा आरोपित गुरुत्वीय बल बराबर हैं तो उन दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान भी बराबर होंगे।
उत्तर-
मान लो दो वस्तुओं के द्रव्यमान क्रमशः m1 तथा m2 हैं तथा ये दोनों वस्तुएँ पृथ्वी के केंद्र से समान दूरी R पर रखी हैं । पृथ्वी के द्रव्यमान M तथा वस्तु के द्रव्यमान m1 के बीच आकर्षण बल F1 है।
∴ F1 = \(\frac{\mathrm{GM} \times m_{1}}{R^{2}}\)
इसी प्रकार, पृथ्वी के द्रव्यमान M तथा वस्तु के द्रव्यमान m2 के बीच आकर्षण बल F2 है।
F2 = \(\frac{\mathrm{GM} \times m_{2}}{R^{2}}\)
परंत दिया गया है : F1 = F2
\(\frac{\mathrm{GM} \times m_{1}}{R^{2}}\) = \(\frac{\mathrm{GM} \times m_{2}}{R^{2}}\)
अतः m1 = m2
अर्थात् दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान बराबर हैं।

प्रश्न 30.
उत्प्लावन बल तथा उत्प्लावन केंद्र से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
उत्प्लावन बल तथा उत्प्लावन केंद्र – प्रत्येक द्रव अपने अंदर पूर्ण अथवा आंशिक रूप से डुबोई गई वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है। इस बल को उत्प्लावन बल (उत्क्षेप) कहते हैं। यह बल वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के गुरुत्व-केंद्र पर कार्य करता है, जिसे उत्प्लावन केंद्र कहते हैं।

प्रश्न 31.
नदियों पर बनाए गए बाँधों की दीवारें नीचे मोटी व ऊपर पतली क्यों बनाई जाती हैं ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 20
बाँध की दीवारों का नीचे मोटी व ऊपर पतली होना-बाँधों की गहराई बहुत अधिक होती है तथा द्रव के अंदर किसी बिंदु पर दाब, उस बिंदु की मुक्त तल से गहराई के अनुक्रमानुपाती होता है। इसलिए बांध की तली में जल का दाब अधिकतम होता है। अतः बाँध की दीवार पर सबसे अधिक दाब नीचे होता है ; जैसे-जैसे ऊपर आते हैं दाब भी कम होता जाता है। अत: बाँध की दीवार नीचे से मोटी बनाई जाती है, जिससे वह अधिक दाव-बल को सहन कर सके।

प्रश्न 32.
रेलगाड़ी की पटरियों के नीचे लकड़ी अथवा लोहे के चौड़े स्लीपर क्यों लगाए जाते हैं ?
उत्तर-
यदि रेलगाड़ी की पटरियों के नीचे चौड़े स्लीपर न लगाए जाएँ तो रेल की पटरियाँ अधिक दबाव के कारण पृथ्वी में फँस सकती हैं। पटरियों के नीचे स्लीपर लगाने से क्षेत्रफल अधिक हो जाता है, जिससे दाब कम पड़ता है और रेल की पटरियाँ पृथ्वी में नहीं धंस सकतीं।

प्रश्न 33.
एक तख्ते पर कुछ पुस्तकें फैलाकर रखने की अपेक्षा वही पुस्तकें एक जगह पर ऊपर-नीचे रखने पर तख्ता अधिक नीचे की ओर झुक जाता है, ऐसा क्यों ?
उत्तर-
हम जानते हैं कि दाब तथा क्षेत्रफल व्युत्क्रमानुपाती होते हैं अर्थात् P ∝ \(\frac{1}{\mathrm{~A}}\) इसलिए तो पर पुस्तकों को फैलाकर रखने से, उनके द्वारा घिरा क्षेत्रफल (A) अधिक होगा, जिसके कारण तख्ते पर दाव (P = F/A) कम लगेगा। इन्हीं पुस्तकों को ऊपर नीचे रखने से उनके द्वारा घिरा क्षेत्रफल (A) कम होगा जिससे तख्ते पर दाब बढ़ जाएगा और तख्ता नीचे की ओर झुक जाएगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 34.
भारी वाहनों के पहियों के टायर काफी चौड़ें क्यों बनाए जाते हैं।
उत्तर-
भारी वाहनों के टायर काफी चौड़े बनाना – भारी वाहनों के टायर चौड़े होने से क्षेत्रफल A अधिक हो जाता है तथा परिणामस्वरूप सड़क अथवा पृथ्वी पर लगने वाला दाब कम हो जाता है। इसीलिए वाहन के पहिये कम दाब के कारण सड़क में धंसने से बच जाते हैं।

प्रश्न 35.
नदी के जल की अपेक्षा समुद्र के जल में तैरना क्यों अधिक सुगम होता है ? ।
उत्तर-
नदी की अपेक्षा समुद्र में तैरना सुगम – नदी के जल का घनत्व, समुद्र (नमक घुला होने के कारण) के जल के घनत्व से कम होता है, इसलिए मनुष्य को समुद्र में तैरने के लिए जल का कम आयतन हटाना पड़ेगा (अर्थात् शरीर का कम भाग जल में डूबेगा) ; अत: मनुष्य का नदी के जल की अपेक्षा समुद्र के जल में तैरना अधिक सुगम होता है।

प्रश्न 36.
कएँ से जल खींचते समय जल से भरी बाल्टी जल की सतह से ऊपर आने पर धीरे-धीरे भारी क्यों प्रतीत होने लगती है ?
उत्तर-
जब बाल्टी जल में डूबी होती है, तब उस पर उसके द्वारा हटाए गए जल के भार के बराबर उत्प्लावन बल लगता है जिस कारण बाल्टी वास्तविक भार की अपेक्षा कम भारी प्रतीत होती है। जैसे-जैसे बाल्टी को जल से बाहर निकालते हैं, उस पर लगने वाले उत्प्लावन बल कम होने लगता है और बाल्टी भारी लगने लगती है।

प्रश्न 37.
समान बल लगाने से मोटी कील की अपेक्षा नुकीली कील, दीवार में शीघ्र क्यों घुस जाती है ?
उत्तर-
मोटी तथा नुकीली कीलों पर दाब – नुकीली कील के सिरे का क्षेत्रफल, मोटी कील के सिरे के क्षेत्रफल की अपेक्षा बहुत कम होता है। अतः दोनों कीलों पर एक-समान बल लगाने से नुकीली कील द्वारा दीवार पर मोटी कील की अपेक्षा अधिक दाब (P = F / A) लगाता है, जिससे नुकीली कील दीवार में आसानी से घुस जाती है।

महत्त्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)

1. F = G\(\frac{\mathrm{Mm}}{\mathrm{R}^{2}}\)
2. F = mg
3. g = G\(\frac{\mathrm{M}}{\mathrm{R}^{2}}\)
4. v = u + gt
5. v2 = u2 + 2gh
6. h = ut + \(\frac {1}{2}\)gt2
7. gm = \(\frac {1}{6}\)ge
(gm = चंद्रमा पर त्वरण, ge = पृथ्वी पर त्वरण)

आवश्यक आंकड़े-
पृथ्वी
द्रव्यमान = 6 × 1024 Kg
अर्ध-व्यास = 6.4 × 106 m (6400 Km)
सूर्य से दूरी = 1.5 × 1011 m
चंद्रमा
द्रव्यमान = 7.3 × 1022 Kg

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
1 Kg द्रव्यमान वाले दो गोलों में दूरी 3m है। उनमें गुरुत्वाकर्षण बल की गणना करो। ज्ञात है G = 6.67 × 10-11 Nm2/Kg2.
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 21
यहाँ m1 = m2 = 1 Kg
दोनों गोलों के बीच दूरी, (r) = 3m
सार्वत्रिक स्थिरांक, (G) = 6.67 × 10-11 Nm2/Kg2
हम जानते हैं कि F = G.\(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\)
F = \(\frac{6.67 \times 10^{-11} \times 1 \times 1}{(3)^{2}}\)
= \(\frac{6.67 \times 10^{-11}}{9}\)N
F = 0.741 × 10-11 N
F = 7.41 × 10-12 N (लगभग)

प्रश्न 2.
बृहस्पति ग्रह का द्रव्यमान 1.9 × 1027 Kg और सूर्य का 1.99 × 1030 Kg है। दोनों के केंद्रों में 7.8 × 1011m दूरी है। सूर्य द्वारा बृहस्पति पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल कितना होगा?
हल :
बृहस्पति का द्रव्यमान, (m1) = 1.9 × 1027 Kg
सूर्य का द्रव्यमान, (m2) = 1.99 × 1030 Kg
बृहस्पति तथा सूर्य के बीच दूरी (r) = 7.8 × 1011 m
G = 6.67 × 10-11 N – m2/Kg2
हम जानते हैं कि F = G.\(\frac{m_{1} \cdot m_{2}}{r^{2}}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 22
= 4.1446 × 1024 N

प्रश्न 3.
चंद्रमा की त्रिज्या 1.7 × 106 m और इसका द्रव्यमान 7.35 × 1022 Kg है। चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय-स्वरण कितना है ? (ज्ञात है कि G = 6.67 × 10-11 N – m2/Kg2) .
हल :
चंद्रमा की त्रिज्या, (R) = 1.7 × 106 m
चंद्रमा का द्रव्यमान, (M) = 7.35 × 1022 Kg
G = 6.67 × 10-11 N-m2/Kg2
हम जानते हैं कि, चंद्रमा पर गुरुत्वीय-त्वरण
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 23
= 1.69m/s2 (लगभग)
= 1.70m/s2

प्रश्न 4.
वस्तु के भार में प्रतिशत परिवर्तन बताएं जब इसको भू-मध्य रेखा से ध्रुवों तक ले जाया जाता है। ध्रुव त्रिज्या 6357 कि०मी० है और भू-मध्य रेखीय त्रिज्या 6378 कि०मी० है।
हल :
ध्रुवीय अर्ध-व्यास , (r) = 6357 Km
भूमध्य रेखीय अर्ध-व्यास, (R) = 6378 Km
∴ h = R – r
⇒ h = 6378 – 6357
h = 21 Km
R = 6400 Km (लगभग)
हम जानते हैं कि
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 24
= \(\frac{2 h}{\mathrm{R}}\) x 100
= \(\frac{2 \times 21 \times 100}{6400}\)
= \(\frac{42}{64}\)
= 0.656
= 0.7% (लगभग)

प्रश्न 5.
पृथ्वी पर सूर्य और चंद्रमा द्वारा लग रहे गुरुत्वाकर्षण बलों की तुलना करो। कौन अधिक बल लगाता है और कितना ?
हल :
पृथ्वी का द्रव्यमान, (Me) = 6 × 1024 Kg
चंद्रमा का द्रव्यमान, (Mm) = 7.3 × 1022 Kg
सूर्य का द्रव्यमान, (Ms) = 2 × 1030 Kg
पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी (Rem) = 3.84 × 108 m
पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी (Res) = 1.5 × 1011 m
पृथ्वी और चंद्रमा के बीच गुरुत्वीय बल Fem = G\(\frac{\mathrm{M} e \times \mathrm{M}_{s}}{\mathrm{R}_{e m}^{2}}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 25
= 179.97
= 180 (लगभग)
∴ सूर्य पर अधिक गुरुत्वीय बल लगता है जो लगभग 180 गुणा अधिक होता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 6.
पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान सतह ऊपर इसके मान से आधा होगा ? पृथ्वी की त्रिज्या ‘R’ मान लीजिए।
हल :
मान लो ‘h’ ऊंचाई है जो पृथ्वी की सतह से ऊपर है जहाँ g’ = \(\frac{g}{2}\) है, तो
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 26
√2 R = R + h
h = √2 R – R
h = R (√2 – 1)
= R (1.414- 1)
= R (0.414)
= (0.414 R

प्रश्न 7.
एक गेंद 40 मी० ऊँचे मीनार के शीर्ष-बिंदु से फेंकी जाती है। 20 मी० की दूरी तय करने के पश्चात् इसका वेग कितना होगा ? पृथ्वी से टकराने पर इसका वेग कितना होगा ?
हल :
(i) यहां (h) = 40 m
आरंभिक वेग, (u) = 0
गुरुत्वीय त्वरण (a) = g = 10m/s2
तय की गई दूरी (S) = 20m
हम जानते हैं कि υ2 – u2 = 2aS
υ2 – 0 = 2 × 10 × 20
υ2 = 400
υ = 20 m/s

(ii) यहां u = 0
a = g = 10
तय की गई दूरी (S) = 40 km
हम जानते हैं कि υ2 – u2 = 2aS
υ2 – 0 = 2 × 10 × 40
υ2 = 800
υ = \(\sqrt{800}\)
= \(\sqrt{400 \times 2}\)
υ = 20√2
अर्थात् पृथ्वी पर टकराते समय वेग = 20√2 m/s

प्रश्न 8.
पृथ्वी की सतह से कितनी ऊंचाई पर ‘g’ का मान पृथ्वी की सतह पर मान का 4% रह जाएगा? पृथ्वी की त्रिज्या = 6400 कि० मी० (Km) दी गई है।
हल :
मान लो पृथ्वी की सतह से ‘h’ दूरी पर (ऊँचाई) ‘g’ का मान पृथ्वी की सतह के मान का 4% हो जाता है।
अर्थात्
g’ = g का 4%
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 27
h = 4 R
h = 4 × 6400 Km [यहां R = 6400 Km]
h = 25600 Km

प्रश्न 9.
पृथ्वी के तल से कितनी ऊँचाई पर ‘g’ मान पृथ्वी के तल पर इसके मान का 50% होगा ? पृथ्वी की त्रिज्या 6400 कि० मी० (Km) दी गई है।
हल :
मान लो पृथ्वी की सतह से ‘h’ ऊँचाई पर ‘g’ का मान पृथ्वी की सतह के मान का 50% रह जाता है।
∴ g’ = g का 50%
g’ = \(\frac{50}{100}\) × g
= \(\frac {1}{2}\)g
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 28
R × 0.414 = h
6400 × 0.414 = h
h = 2649.6 Km

प्रश्न 10.
10 कि० ग्रा० और 25 कि० ग्राम के दो गोलों के केंद्रों के बीच की दूरी 5 मी० है। दोनों गोलों के बीच लगा गुरुत्वाकर्षण बल ज्ञात करो जबकि G = 6.7 × 10-11 Nm2/Kg2.
हल :
M1 = 10 कि० ग्रा०, M2 = 25 कि० ग्रा०
r = 5 मी०, G = 6.7 × 10-11 Nm2/Kg2
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम अनुसार
F = G\(\frac{\mathrm{M}_{1} \mathrm{M}_{2}}{r^{2}}\)
= \(\frac{6.7 \times 10^{-11} \times 10 \times 25}{(5)^{2}}\)N
F = 6.7 × 10-10N

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 11.
कल्पना कीजिए कि आप और आपके मित्र, प्रत्येक का द्रव्यमान 50 Kg है। मान लीजिए कि आप इस प्रकार खड़े हैं कि आप दोनों के गुरुत्व केंद्रों के बीच की दूरी 1 m है। अपने और अपने मित्र के बीच लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल की गणना कीजिए।
हल :
(i) आप और आपके मित्र का अलग-अलग द्रव्यमान M1 = M2 = 50 कि० ग्रा०
गुरुत्व केंद्रों के मध्य दूरी (r) = 1 मी०
G = 6.67 × 10-11 N – m2/kg2
F = ?
हम जानते हैं कि,
F = G\(\frac{\mathrm{M}_{1} \mathrm{M}_{2}}{r^{2}}\)
= \(\frac{6.7 \times 10^{-11} \times 50 \times 50}{(1)^{2}}\)
= 16.625 × 10-9N

प्रश्न 12.
यदि किसी वस्तु का भार 49N है तो इसका द्रव्यमान क्या होगा ?
हल :
वस्तु का भार, W = 49 N
g = 9.8ms-2
भार = द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण
W = m × g
49 = m × 9.8
m = \(\frac{49}{9.8}\)
= 5 Kg

प्रश्न 13.
एक वस्तु 50 m/s के वेग से लंबात्मक दिशा में ऊपर की ओर फेंकी गई। वस्तु कितने समय बाद अधिकतम ऊँचाई प्राप्त कर लेगी।
हल :
आरंभिक वेग. (u) == 50 m/s
गुरुत्वीय त्वरण (g) = -10m/s2
अधिकतम ऊँचाई पर अंतिम वेग, (υ) = 0
समय, (t) = ?
हम जानते हैं कि,
υ = u + gt
0 = 50 – 10 × t
10t = 50
t = \(\frac{50}{10}\)
t = 5s
इस तरह 5 सैकेंड बाद वस्तु अधिकतम ऊँचाई प्राप्त कर लेगी।

प्रश्न 14.
किसी पत्थर को छत के किनारे से गिराया गया। यदि वह 2m ऊँची खिड़की को 0.1 सैकेंड में पार करे तो खिड़की के ऊपरी किनारे से छत कितनी ऊपर है ?
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 29
खिड़की पार करने में तय हुई दूरी (S) = 2m
g = 9.8ms-2; t = 0.1s
अब पत्थर खिड़की के ऊपरी किनारे A तक पहुंचता है तो उसका वेग υ है
अब, S = ut + \(\frac {1}{2}\)gt2
2 = v × 0.1 × \(\frac {1}{2}\) × 9.8 × (0.1)2
2 = 0.1υ + 0.049
0.1υ = 1.951
υ = 1.951 × 10
= 19.51ms-1
यहां प्रारंभिक वेग u = 0
यह वेग पथ OA के लिए अंतिम वेग है।
इसलिए υ2 – u2 = 2gs
(19.51)2 – 02 = 2 × 9.8 × S
S = \(\frac{19.51 \times 19.51}{2 \times 9.8}\)
= 19.42m

प्रश्न 15.
यदि पृथ्वी पर आपका भार 60 Kg हो तो आपको पृथ्वी के केंद्र से कितनी दूर जाना पड़ेगा ताकि आपका भार 30 Kg रह जाए ?
हल :
मान लो पृथ्वी तल से h दूरी पर भार 30 Kg होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 30
R + h = √2 R
h = √2 R – R
= ( √2 – 1) R
= (1.414- 1) R
= 0.414 × 6400 (∴ R = 6400 Km)
= 2649.9 Km

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 16.
70 kg द्रव्यमान के किसी मनुष्य का चन्द्रमा पर भार क्या होगा ? उसका पृथ्वी तथा चन्द्रमा पर द्रव्यमान क्या होगा ?
हल :
द्रव्यमान एक अचर राशि है, इसलिए मनुष्य का पृथ्वी तथा चांद दोनों पर द्रव्यमान समान होगा।
पृथ्वी पर मनुष्य का द्रव्यमान = 70 kg
चंद्रमा पर मनुष्य का द्रव्यमान = 70 kg
पृथ्वी पर मनुष्य का भार (W1) = ?
पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s2
मनुष्य का चंद्रमा पर भार (W2) = ?
हम जानते हैं
= W1 = mg
= 70 × 9.8 = 686 N
अत: पृथ्वी पर मनुष्य का भार = 686 N
चंद्रमा पर मनुष्य का भार (W2) = \(\frac{1}{6}\) × पृथ्वी पर मनुष्य का भार
= \(\frac{W_{1}}{6}\)
= \(\frac{686 N}{6}\)
= 114.33 N

प्रश्न 17.
चंद्रमा के तल पर गुरुत्व प्रवेग का मान ज्ञात करो।
चंद्रमा का द्रव्यमान = 7.4 × 1022 kg
चंद्रमा का अर्ध-व्यास = 1740 km
और G = 6.673 × 10-11 Nm2 kg-2
हल : यहां G = 6.673 × 10-11 Nm2 kg-2
चंद्रमा का द्रव्यमान M = 7.4 × 1022 kg
चंद्रमा का अर्ध-व्यास, R = 1740000 m
g = \(\frac{\mathrm{GM}}{\mathrm{R}^{2}}\)
= \(\frac{6.673 \times 10^{-11} \times 7.4 \times 10^{22}}{1740000 \times 1740000}\)
= 1.63 मी० सै०-2

प्रश्न 18.
एक व्यक्ति का पृथ्वी पर भार 600 न्यूटन है। चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण, पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण का 1/6 है। यदि पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण 10 m/s2 है, तो चंद्रमा पर व्यक्ति का द्रव्यमान और भार क्या होंगे ?
हल :
मान लो व्यक्ति का द्रव्यमान m कि०ग्रा० है।
w = mg = 600 न्यूटन
m = \(\frac{600}{g}\)
= \(\frac{600}{10}\) = 60 किग्रा०
∴ वस्तुओं के द्रव्यमान गुरुत्वीय त्वरण ‘g’ पर निर्भर नहीं करते। इसलिए पृथ्वी तथा चंद्रमा पर दोनों जगह व्यक्ति का द्रव्यमान 60 किग्रा होगा।
चंद्रमा पर व्यक्ति का भार w1 = \(\frac{1}{6}\) × mg
\(\frac{m g}{6}\)
\(\frac{1}{6}\) mg
= \(\frac{1}{6}\) × 60 × 10
= 100 न्यूटन उत्तर

प्रश्न 19.
पृथ्वी का द्रव्यमान 6 × 1024 kg है तथा चंद्रमा का द्रव्यमान 7.4 × 1022 kg है। यदि पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच की दूरी 3.84 × 105 km है तो पृथ्वी द्वारा चंद्रमा पर लगाए गए बल का परिकलन कीजिए।
G = 6.7 × 10-11 Nm2kg2
हल :
पृथ्वी का द्रव्यमान (M) = 6 × 1024 kg
चंद्रमा का द्रव्यमान (m) = 7.4 × 1022 kg
पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच की दूरी,
(d) = 3.84 × 105 km
= 3.84 × 105 × 1000 m
= 3.84 × 108 m
G = 6.7 × 10-11 N m2 kg-2
पर लगाया गया बल,
F = G\(\frac{\mathrm{M} \times m}{d^{2}}\)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 31
= 2.01 × 1020 N.
अतः पृथ्वी द्वारा चंद्रमा पर लगाया गया बल 2.01 × 1020 N है।

प्रश्न 20.
एक कार किसी कगार से गिर कर 0.5s में धरती पर आ गिरती है। परिकलन में सरलता के लिए g का मान 10 ms-2 लीजिए।
(i) धरती पर टकराते समय कार की चाल क्या होगी ?
(ii) 0.5s के दौरान इसकी औसत चाल क्या होगी ?
(ii) धरती से कगार कितनी ऊँचाई पर है ?
हल:
समय, t = 0.5 s
प्रारंभिक वेग, u = 0 m s-1
गुरुत्वीय त्वरण, g = 10 m s-2
कार का त्वरण, a = + 10 m s-2 (अधोमुखी दिशा)

(i) चाल υ = at
υ = 10 m s-2 × 0.5 s
= 5 m s-1

(ii) औसत चाल = \(\frac{u+v}{2}\)
= (0 ms-1 + 5ms-1)
= 2
= 2.5 ms-1

(iii) तय की गई दूरी S = 1/2 at2
= 1/2 × 10 ms-2 × (1/2 s)2
= 1/2 × 10 ms-2 × 1/4 s2
= 1.2 m
अतः
(i) धरती पर टकराते समय कार की चाल = 5 ms-1
(ii) 1/2 सेकंड के दौरान इसकी औसत चाल = 2.5 ms-1
(iii) धरती की सतह से कगार की ऊँचाई = 1.25 m

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 21.
एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंका जाता है और यह 10 m की ऊँचाई तक पहुँचती है। परिकलन कीजिए
(i) वस्तु कितने वेग से ऊपर फेंकी गई तथा
(ii) वस्तु द्वारा उच्चतम बिंदु तक पहुंचने में लिया गया समय।
हल :
चली गई दूरी (S) = 10 m
अंतिम वेग (υ) = 0 ms-1
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 ms-2
वस्तु का त्वरण (a) = – 9.8 ms-2 (ऊर्ध्वमुखी दिशा में फेंकने के कारण)

(i) υ2 = u2 + 2as
0 = u2 + 2 × (-9.8 ms-2) × 10 m
-u2 = – 2 × 9.8 × 10 m2s-2
u = \(\sqrt{196}\) ms-1
= 14 ms-1

(ii) υ = u + at
0 = 14 ms-1 – 9.8 ms-2 × t
t = 1.43 s.

प्रश्न 22.
पृथ्वी की सतह पर मापने पर एक वस्तु का भार 10 N आता है। चंद्रमा की सतह पर मापने पर इसका भार कितना होगा ?
उत्तर-
हमें ज्ञात है-
चंद्रमा पर वस्तु का भार=(1/6) × पृथ्वी पर इसका भार
अर्थात्,
Wm = \(\frac{\mathrm{W}_{e}}{6}\)
= \(\frac{10}{6}\)N
= 1.67 N.
अतएव चंद्रमा की सतह पर वस्तु का भार 1.67 N होगा।

प्रश्न 23.
एक लकड़ी का गुटका मेज़ पर रखा है। लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान 5 kg है तथा इसकी विमाएँ 40 cm × 20 cm × 10 cm हैं। लकड़ी के टुकड़े द्वारा मेज पर लगने वाले दाब को ज्ञात कीजिए, यदि इसकी निम्न विमाओं की सतह मेज़ पर रखी जाती हैं। (a) 20 cm × 10 cm और (b) 40 cm × 20 cm।
हल:
(i) लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान = 5 kg
विमाएं = 40 cm × 20 cm × 10 cm
यहाँ लकड़ी के गुटके का भार मेज़ की सतह पर प्रणोद लगाता है। चित्र (a)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 32
अर्थात्, प्रणोद (F’) = m × g
= 5 kg × 9.8 ms-2
= 49 N
सतह का क्षेत्रफल = लंबाई चौड़ाई
= 20 cm × 10 cm
= 200 cm2 = 0.02 cm2
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 33
= 2450 Nm-2

(ii) जब गुटके को 40 cm × 20 cm विमाओं की सतह चित्र (b) मेज़ पर रखी जाती है, यह मेज़ की सतह पर पहले जितना ही प्रणोद लगता है।
क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
= 40 cm × 20 cm
= 800 cm2 = 0.08 m2
बल = PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 34 = \(\frac{49 \mathrm{~N}}{0.08 m^{2}}\) = 612.5 Nm-2
प्रश्न 24.
50 cm3 आयतन के लोहे के एक टुकड़े को कमानीदार तुला से लटकाकर जल में डुबोया जाता है। लोहे के टुकड़े द्वारा कमानी पर लगाए गए खिंचाव बल का मान न्यूटन में ज्ञात कीजिए।(लोहे का घनत्व = 7.6 × 103 kg/m3, जल का घनत्व = 1 × 103 kg/m3)
हल :
लोहे के टुकड़े का आयतन = 50 cm3
= 50 × 10-6 m3
लोहे के टुकड़े का द्रव्यमान = लोहे का घनत्व × आयतन
= (7.6 × 103 kg/m3) × (50 × 10-6 m3)
= 0.38 kg
अतः लोहे के टुकड़े का वायु में भार= 0.38 kg
मान लो जल में डुबोने पर लोहे के टुकड़े का भार = W Kg
∴ जल में डुबोने पर लोहे के टुकड़े के भार में कमी = (0.38 – W) kg
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 35
= 0.05
= 0.38 – W = 0.05
या W = 0.38 – 0.05 = 0.33 kg wt.
अतः लोहे के टुकड़े द्वारा कमानी पर लगाया गया खिंचाव बल
= 0.33 × g
= 0.33 × 10 = 3:3N

प्रश्न 25.
पानी में तैरते हुए किसी ठोस वस्तु का 4/5 भाग डूबा रहता है। वस्तु का घनत्व ज्ञात कीजिए। (पानी का घनत्व = 1000 kg/m3 है)
हल :
मान लो ठोस वस्तु का आयतन V तथा घनत्व d kg/m3 है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 36
∴ ठोस वस्तु का घनत्व (d) = \(\frac{4}{5}[latex] × 1000 = 800 kg/m3

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 26.
जल में किसी वस्तु के आयतन का 4/5 भाग डूब जाता है। उसी वस्तु को यदि 1.6 आपेक्षिक घनत्व वाले द्रव में तैराया जाए तो वस्तु का कितना भाग डूबेगा ?
हल :
मान लो वस्तु का आयतन V तथा घनत्व d है।
जल में तैराने पर, वस्तु द्वारा हटाए गए जल का भार = वस्तु का भार
[latex]\frac{4}{5}\)V × 1 × g = V × d × g …………. (1)
मान लो द्रव में वस्तु के आयतन का x भाग डूबता है; अत:
वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार = वस्तु का भार
x V × 1.6 × g = V × d × g
समीकरण (1) तथा समीकरण (2) से,
\(\frac{4}{5}\)V × 1 × g = × V × 16 × g …………. (2)
अथवा x = \(\frac{4}{5 \times 1.6}=\frac{1}{2}\)
अतः द्रव में वस्तु के आयतन का आधा (\(\frac{1}{2}\)) भाग डूबेगा।

प्रश्न 27.
लकड़ी के एक टुकड़े का कुल भार 6 kg है। पानी में तैरते समय इसका 1/3 भाग पानी के भीतर रहता है। इस टुकड़े पर कितना भार रखने से वह पूरा डूबकर तैरेगा ?
हल :
मान लो लकड़ी के टुकड़े पर W भार रखने पर वह पानी में पूरा डूब जाता है। मान लो इसका आयतन V है। चूंकि तैरते समय टुकड़े के आयतन का 1/3 भाग पानी के भीतर रहता है, अत:
लकड़ी के टुकड़े का कुल भार = टुकड़े द्वारा हटाए गए जल का भार
अथवा
6 = \(\frac {1}{3}\)V × d × g …………… (1)
W kg भार और रख देने पर टुकड़ा पूरी तरह डूब जाता है, अत:
6 + W = V × d × g ……………… (2)
समीकरण (2) को समीकरण (1) से भाग देने पर,
\(\frac{6+W}{6}=\frac{3}{1}\)
अथवा 6 + W = 18
अतः लकड़ी के टुकड़े का भार W = 18 – 6 = 12 kg

प्रश्न 28.
कोई हैलीकॉप्टर किसी स्थिर नाव में फंसे हुए लोगों के लिए भोजन के पैकेट गिराने भेजा गया। यह 20 m की ऊँचाई पर 2 m/s के एक समान क्षैतिज वेग से चल रहा है। जब नाव का सबसे निकट वाला सिरा हैलीकॉप्टर के ठीक नीचे है तभी भोजन के पैकेट गिराए जाते हैं। यदि नाव 5 m लंबी है, तो क्या नाव में उपस्थित लोगों को पैकेट मिलेंगे ?
हल :
h = 20 मीटर, u = 2 मी०/से० g = 10 ms-2
ऊर्ध्वाधर रेंज R = 4\(\sqrt{2 h / g}\)
4\(\sqrt{\frac{2 \times 20}{10}}\) = 2√4
= 4 मीटर
नाव की लंबाई = 5 मी०
इसलिए नाव में बैठे आदमी भोजन के बंडल प्राप्त कर सकेंगे।

प्रश्न 29.
कोई गेंद एक 40 मी० ऊँची किसी मीनार की चोटी से गिराई गई। 20 मी० गिरने के पश्चात् इसका वेग कितना होगा ? पृथ्वी तल पर टकराते समय इसका वेग क्या होगा ?
हल :
h = 40 मी०, u = 0, a = 100 मी०/सैकंड2
तय की गयी दूरी (S) = 20 मी०, υ = ?
υ2 – u2 = 2gS
या u2 – (0)2 = 2 × 10 × 20
या υ2 = 400
या υ = 20 मी०/सेकंड

(ii) υ = ?, S = 40 मी
υ2 – u2 = 2aS
υ2 – (0)2 = 2 × 10 × 40
या υ2 = 800
या υ2 = \(\sqrt{800}=\sqrt{400 \times 2}\)
= 20√2 मी/सेकंड
∵ वस्तु नीचे गिराई गई
∴ v = – 20 ms-1

प्रश्न 30.
चांदी का आपेक्षिक घनत्व 10.8 है। पानी का घनत्व 103 kg m-3 है। S.I. मात्रक में चांदी का घनत्व क्या होगा ?
हल :
चांदी का आपेक्षिक घनत्व = 10.8
पानी का घनत्व = 103 kgm-3
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण 37
∴ चांदी का घनत्व = चांदी का आपेक्षिक घनत्व × पानी का घनत्व
= 10.8 × 103 kg m-3

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अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
सौर मण्डल में ग्रहों की सूर्य के इर्द-गिर्द घूर्णन गति किस कारण होती है ?
उत्तर-
उनके बीच परस्पर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण।

प्रश्न 2.
चंद्रमा का पृथ्वी के इर्द-गिर्द गति के पथ का आकार कैसा होता है ?
उत्तर-
अंडाकार आकृति जैसा।

प्रश्न 3.
दो वस्तुओं के मध्य परस्पर लग रहे आकर्षण बल को गणितीय रूप में लिखो।
उत्तर-
F = G\(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\)

प्रश्न 4.
G का मान कितना है ?
उत्तर-
G = 6.67 × 10-11 N-m2/kg2.

प्रश्न 5.
एक बैंच पर बैठे दो विद्यार्थियों के मध्य परस्पर गुरुत्वाकर्षण बल लगता है, परंतु दोनों विद्यार्थी इस बल को अनुभव नहीं करते। क्यों ?
उत्तर-
हम जानते हैं कि गुरुत्वाकर्षण बल F = G\(\frac{m_{1} \times m_{2}}{r^{2}}\) । यहां G का मान बहुत कम होता है जिस कारण यह बल बहुत कम होता है तथा अनुभव नहीं किया जाता।

प्रश्न 6.
पृथ्वी की सतह पर ‘g’ का मान कितना होता है ?
उत्तर-
पृथ्वी की सतह पर ‘g’ का मान अधिकतम होता है अर्थात् g = 9.81 m/s2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 7.
क्या ‘g’ का मान ऋणात्मक हो सकता है ?
उत्तर-
जब वस्तु को ऊपर की ओर फेंका जाता है तो ‘g’ का मान कम होता है। इसलिए ‘g’ को ऋणात्मक लिया जाता है।

प्रश्न 8.
प्रक्षेप्य या प्रोजैक्टाइल का गति पथ कैसा होता है ?
उत्तर-
प्रक्षेप्य का गतिपथ पैराबोलिक पथ होता है।

प्रश्न 9.
किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
द्रव्यमान।

प्रश्न 10.
द्रव्यमान की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
किलोग्राम।

प्रश्न 11.
पृथ्वी के किस भाग में यह शून्य होता है?
उत्तर-
पृथ्वी के केंद्र पर।

प्रश्न 12.
द्रव्यमान तथा भार में से कौन-सी राशि अदिश या स्केलर है?
उत्तर-
द्रव्यमान।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 10 गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 13.
भार की SI इकाई क्या है ?
उत्तर-
न्यूटन (N)।

प्रश्न 14.
भार कैसी राशि है-अदिश या सदिश ?
उत्तर-
भार एक बल है, इसलिए यह वैक्टर (सदिश राशि) है।

प्रश्न 15.
यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान पृथ्वी पर 30 kg है तो बताओ चंद्रमा की सतह पर उसका द्रव्यमान कितना होगा ?
उत्तर-
द्रव्यमान एक स्थिर राशि है इसलिए चंद्रमा की सतह पर वस्तु का द्रव्यमान 30 kg होगा।

प्रश्न 16.
किसी वस्तु का गुरुत्वीय प्रवेग का मान पृथ्वी के अर्ध-व्यास की आधी ऊंचाई पर कितना होता है ?
उत्तर-
यहां h = \(\frac{\mathrm{R}}{2}\)
इसलिए
gh = ge × \(\frac{4}{9}\)
= 9.81 × \(\frac{4}{9}\)
= 4.36 m/s2

प्रश्न 17.
पृथ्वी के केंद्र पर ‘g’ का मान कितना होता है ?
उत्तर-
पृथ्वी के केंद्र पर g = 0।

प्रश्न 18.
बताओ किसी वस्तु का भार कहाँ अधिक होगा-ध्रुव या भूमध्य रेखा पर ?
उत्तर-
ध्रुव पर वस्तु का भार अधिक होगा।

प्रश्न 19.
दो वस्तुओं के मध्य दूरी तीन गुणा करने पर गुरुत्वीय बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
उत्तर-
पहले से \(\frac {1}{9}\) वाँ भाग रह जाएगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
बल कितने प्रकार के होते हैं ? प्रत्येक को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
बल के प्रकार-बल दो प्रकार के होते हैं-
(i) संतुलित बल,
(ii) असंतुलित बल।

(i) संतुलित बल – जब किसी वस्तु पर एक-साथ कई बल क्रिया कर रहे हों और उनका परिणामी बल शून्य हो तो उन बलों को संतुलित बल कहते हैं। संतुलित बलों की अवस्था में यदि कोई वस्तु स्थिर है तो स्थिर रहेगी तथा यदि एक समान गति कर रही है तो वह उसी एक समान गति से गतिशील रहेगी, जैसे कि वस्तु पर कोई बल कार्य ही न कर रहा हो। इस प्रकार संतुलित बलों के प्रभाव से वस्तु की स्थिति में परिवर्तन नहीं होता है।

संतुलित बलों से वस्तु की आकृति बदल जाती है; जैसे- यदि रबड़ की एक गेंद को हथेलियों के बीच रखकर बराबर व विपरीत बल लगाएं तो गेंद की आकृति बदल जाती है। यह गेंद गोल न रहकर चपटी-सी हो जाती है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 1

उदाहरण – रस्साकशी के खेल में जब दोनों टीमें रस्से को बराबर बल से खींचती हैं, तब परिणामी बल शून्य होता है। अतः दोनों टीमें अपने स्थान पर स्थिर बनी रहती हैं। इस दशा में दोनों टीमों द्वारा रस्से पर लगाया गया बल संतुलित है।

दो बलों के संतुलित होने की शर्त – दो समान तथा विपरीत दिशा में क्रिया कर रहे बल तभी संतुलित होते हैं, यदि वे एक रेखा में क्रिया करते हैं तथा उनका परिमाण समान होता है।

संतुलित बलों का प्रभाव – किसी वस्तु पर क्रिया कर रहे बल यदि इसकी विराम या गतिशील अवस्था में परिवर्तन नहीं कर सकते तो ये अवश्य ही वस्तु की आकृति में परिवर्तन करेंगे।

(ii) असंतुलित बल – जब किसी वस्तु पर लगे अनेक बलों का परिणामी बल शून्य न हो अर्थात् उनका कुछ नेट बल हो तो उन बलों को असंतुलित बल कहते हैं। यह बल वस्तु की गति की दिशा तथा अवस्था में परिवर्तन करता है।

उदाहरण (1) रस्साकशी का उदाहरण असंतुलित बल को दर्शाता है। यदि इनमें से एक टीम रस्से को अधिक बल लगा कर खींचती है तो उन दोनों टीमों द्वारा लगाये गए बल असंतुलित हो जाते हैं जिससे परिणामी बल उत्पन्न होता
है।

उदाहरण (2) मान लो दो बच्चे एक बक्से को खुरदरे फर्श पर धकेलने का यत्न कर रहे हैं जैसा कि चित्र (a) में दर्शाया गया है। वे कम बल के साथ बक्से को धकेलते हैं, तो बक्सा नहीं खिसकता है, क्योंकि घर्षण बल धकेलने की विपरीत दिशा में काम कर रहा है [चित्र (a)] । यह घर्षण बल बक्से के नीचे की सतह तथा फ़र्श की खुरदरी सतह के बीच उत्पन्न होता है। यह घर्षण बल, धकेलने में लगे बल को संतुलित करता है और यही कारण है कि बक्सा नहीं खिसकता है। अब बच्चे बक्से को ज़ोर से धकेलते हैं लेकिन बक्सा फिर भी नहीं खिसकता जैसा चित्र (b) में दिखाया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि घर्षण बल अभी भी धकेलने वाले बल को संतुलित कर रहा है। अब बच्चे बक्से को अधिक ज़ोर से धकेलते हैं ताकि धकेलने वाला बल घर्षण बल से अधिक हो जाता है [चित्र (c)] । यहाँ असंतुलित बल के कारण बक्सा खिसकने लगता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 2

असंतुलित बल वस्तु की गति को नष्ट कर सकते हैं। जब एक गेंद फ़र्श पर लुढ़कती है तो फ़र्श पर विपरीत दिशा में घर्षण बल क्रिया करने लगती है, जिससे बल असंतुलित हो जाते हैं। परिणामस्वरूप गेंद कुछ समय बाद रुक जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 2.
न्यूटन के पहले गति नियम की परिभाषा लिखो तथा इसकी व्याख्या करो।
उत्तर-
न्यूटन का पहला गति नियम- यह बताता है, “इस ब्रह्मांड में सभी वस्तुएँ तब तक विराम अवस्था में बनी रहेंगी अथवा सरल रेखीय एक समान गति में चलती रहेंगी, जब तक कोई बाहरी बल लगाकर उनकी अवस्था परिवर्तन के लिए उस पर क्रिया नहीं करता।”
इस नियम के अनुसार गति को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है-

(i) पहले भाग के अनुसार जो वस्तु विराम अवस्था में है वह तब तक विराम अवस्था में ही रहेगी, जब तक इसकी अवस्था परिवर्तन के लिए बाहर से कोई बल नहीं लगाया जाता। यह स्वयं ही स्पष्ट है। हम देखते हैं कि मेज़ पर पड़ी पुस्तक तब तक वहीं पड़ी रहेगी, जब तक कोई उसे उठाता नहीं।

(ii) इस नियम के दूसरे भाग के अनुसार कोई वस्तु सरल रेखीय में एक समान गति से गतिशील तब तक रहेगी, जब तक उसे रोकने के लिए कोई बाहरी बल नहीं लगाया जाता। किंतु ऐसा हमारे दैनिक जीवन से कुछ भिन्न दिखाई देता है। उदाहरण के लिए जैसे ही हम बल लगाना बंद करते हैं तो चलती हुई साइकिल रुक जाती है। ध्यानपूर्वक अध्ययन से पता चला कि साइकिल के टायरों और भूमि के बीच घर्षण बल क्रिया करता है जो बाहरी बल है और विपरीत बल के रूप में क्रिया करता है। वायु के कारण भी गति अवरुद्ध होती है। इसलिए बाह्य बल के कारण चल रही साइकिल रुक जाती है।

प्रश्न 3.
जड़त्व किसे कहते हैं ? जड़त्व की विभिन्न किस्में बताओ। प्रत्येक के लिए उदाहरण भी दो।
उत्तर-
जड़त्व – जड़त्व वस्तु का वह गुण है जिसके फलस्वरूप वस्तु अपनी विराम अवस्था या सरल रेखीय गति की अवस्था को बदलने में अक्षम होती है।
इसी गुण के कारण न्यूटन के पहले गति नियम को जड़त्व का नियम भी कहा जाता है।

जड़त्व की किस्में-जड़त्व तीन प्रकार का होता है-
1. विराम-जड़त्व – इसका अर्थ है कि जो वस्तु विराम अवस्था में है वह विराम अवस्था में ही रहने का यत्न करती है। इसको निम्नलिखित उदाहरण द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है रुकी हुई बस या रेलगाड़ी में आराम से खड़ा व्यक्ति बस या रेलगाड़ी के अचानक चलने पर पीछे की ओर गिरता है। इसका कारण यह है कि व्यक्ति का निचला धड़ तो गति में आ जाता है, किंतु उसका ऊपरी धड़ विराम-जड़त्व के कारण विराम अवस्था में ही रहने का यत्न करता है।

2. गति-जड़त्व – इसका अर्थ यह है कि जो वस्तु गतिशील है वह उसी दर से गति में रहने का यत्न करती है।
उदाहरण-
(i) चल रही बस या गाड़ी में आराम से बैठा व्यक्ति बस या गाड़ी के एकदम रुकने पर आगे की ओर गिरता है। ऐसी अवस्था में यात्री के शरीर का निचला भाग तो गाड़ी के रुकते ही विराम अवस्था में आ जाता है, किंतु उसके शरीर का ऊपरी भाग गति की दिशा में गतिशील रहने की कोशिश करता है।

(ii) लंबी छलांग लगाने से पहले एक एथलीट कुछ दूरी तक दौड़ लगाता है, ताकि उसके शरीर का गति-जड़त्व छलांग लगाते समय उसके पेशीय बल की सहायता करता है।

3. दिशायी-जड़त्व – वस्तु का यह गुण वस्तु को अपनी दिशा स्थिर रखने में सहायता करता है।
व्याख्या के लिए उदाहरण- पहिए पर मडगार्ड दिशायी-जड़त्व के कारण स्पर्श रेखीय दिशा में आ रहे कीचड़ से बचाव के लिए पत्थर की गति की दिशा लगाए जाते हैं।

एक धागे के साथ बंधे एक पत्थर पर विचार करें, जोकि क्षैतिज वृत्त में चक्र काट रहा है। यदि ऐसा करते हुए यह धागा टूट जाए तो दिशायी-जड़त्व के कारण पत्थर वृत्त की स्पर्श रेखीय दिशा में उड़ कर सरल रेखीय दिशा में गतिशील हो जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 3

प्रश्न 4.
न्यूटन के दूसरे गति नियम की परिभाषा दो तथा इसकी व्याख्या करो। इस नियम की सहायता से बल का माप निकालो।
उत्तर-
न्यूटन का दूसरा गति नियम – न्यूटन का दूसरा गति नियम किसी वस्तु को गति में लाने के लिए आवश्यक बल की गणना करने में सहायक है। इस नियम के दो भाग हैं
(i) किसी वस्तु की संवेग परिवर्तन की दर उस पर क्रिया कर रहे बल के समानुपाती होती है। और
(ii) बाहरी बल के कारण हो रहा संवेग परिवर्तन लगाये गए बल की दिशा में क्रिया करता है।

अर्थात् इस नियम के अनुसार, “किसी वस्तु पर बाहर से लगाया गया बल, उस वस्तु के द्रव्यमान तथा उस वस्तु में बल की दिशा में उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होता है।”

व्याख्या – जब कोई बल किसी वस्तु पर क्रिया करता है, तो यह वस्तु का संवेग परिवर्तन करता है। यदि बल दुगुना होता है तो संवेग में भी दुगुना परिवर्तन होता है। अतः जितना अधिक बल लगाया जाता है, संवेग परिवर्तन की दर भी उतनी ही अधिक होती है। संवेग पुंज और वेग का गुणनफल है। प्रायः पुंज परिवर्तन नहीं होता। अतः संवेग परिवर्तन की दर वास्तव में वेग परिवर्तन की दर है। अत: लगाया गया बल त्वरण के समानुपाती है।

जब विराम अवस्था में पड़ी वस्तु पर कोई बाहरी बल क्रिया करता है तो वस्तु बल की दिशा में गतिशील हो जाती है। जब बल गतिशील वस्तु की गति की दिशा में क्रिया करता है तो वस्तु का संवेग बढ़ जाता है। जब बल गतिशील वस्तु पर गति की विपरीत दिशा में क्रिया करता है तो संवेग कम हो जाता है।

बल (F) ∝ संहति (m) × त्वरण (a)
अथवा बल (F) = K × m × a (जहाँ, K एक नियतांक है।) ……………… (1)
यदि हम बल F के मात्रक इस प्रकार चुनें कि एकांक बल, एकांक द्रव्यमान की वस्तु में एकांक त्वरण उत्पन्न कर सके, तब
समीकरण (1) में F = 1, m = 1 तथा a = 1 रखने पर,
1 = K × 1 × 1
अथवा K = 1
अतः समीकरण (1) से, F = 1 × m × a
F = m × a
अर्थात् बल = द्रव्यमान × त्वरण
इसे ही न्यूटन का गति का दूसरा नियम कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 5.
गति के दूसरे नियम की सहायता से बल के गणितिक परिमाण के लिए सूत्र को व्युत्पन्न करें।
उत्तर-
न्यूटन के दूसरे गति नियम से बल का गणितिक परिमाण-मान लो द्रव्यमान ‘m’ की एक वस्तु का आरंभिक वेग ‘u’ है। इस पर बल F, t समय के लिए लगता है जिस कारण इसका वेग ‘v’ हो जाता है।
आरंभिक संवेग p1 = mu
अंतिम संवेग p2 = mv
अब क्योंकि अंतिम वेग आरंभिक वेग से अधिक है, इसलिए अंतिम संवेग p2 आरंभिक संवेग p1 से अधिक होता है।
∴ संवेग में परिवर्तन = P2 – P1
= mv – mu
= m (v – u)
इस नियम के अनुसार
बाहरी बल F α संवेग में परिवर्तन की दर
Fα \(\frac{\left(p_{2}-p_{1}\right)}{t}\)
Fα \(\frac{m(v-u)}{t}\)
F= K\(\frac{m(v-u)}{t}\) जहां K एक स्थिरांक है ………………. (1)

हम जानते हैं कि वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
∴ \(\frac{v-u}{t}\) = a ………………… (2)
समीकरणों (1) तथा (2) से
F = Kma.
F ; m तथा a के इकाई मूल्य के लिए K = 1
∴ F = ma ………………… (3)
समीकरण (3) न्यूटन के दूसरे गति नियम का गणितिक रूप है।
बल = द्रव्यमान × त्वरण

प्रश्न 6.
न्यूटन के तीसरे गति नियम की परिभाषा दो तथा इसकी व्याख्या करो।
उत्तर-
न्यूटन का तीसरा गति नियम- यह नियम बताता है कि, “प्रत्येक क्रिया के लिए बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।” इस नियम अनुसार, एक बल की मौजूदगी नहीं होती। बल हमेशा जोड़ों (युग्म) में रहता है। अर्थात् क्रिया और प्रतिक्रिया के बल हमेशा दो विभिन्न वस्तुओं पर काम करते हैं।

व्याख्या-(1) दो एक समान स्प्रिंग तुलाओं पर विचार करो, जो एक-दूसरे के साथ हुक में हुक डाल कर जुड़े हुए हैं। स्प्रिंग तुला A का एक सिरा स्थिर सहारे में बंधा हुआ है। तुला B के स्वतंत्र सिरे को दाईं ओर खींचो। हन दोनों तुलाओं में एक समान पठन देखते हैं। तुला A तुला B को उसी बल के साथ विपरीत दिशा में खींचती है। यह चित्र में दिखाया गया है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 4

(2) रबड़ की दो गेंदें A तथा B मेज़ पर एक-दूसरे से कुछ दूरी पर रखो। जब आप गेंद A को गेंद B की ओर धकेलते हो तो गेंद A, गेंद B पर क्रिया (बल) करता है। इस क्रिया-बल को F द्वारा दर्शाया जाता है। न्यूटन के अनुसार गेंद B भी गेंद A पर प्रतिक्रिया (बल) करती है। यह प्रतिक्रिया बल FB द्वारा दर्शाया जाता है। यदि गेंदें दोनों एक जैसी हों तो क्रिया (बल) का परिमाण प्रतिक्रिया (बल) के परिमाण के बराबर होगा।
∴ FA→B= – FB→A
क्रिया तथा प्रतिक्रिया बल हमेशा एक-दूसरे की विपरीत दिशा में कार्य करते हैं। जैसे कि नीचे चित्र में दिखाया गया है कि क्रिया (बल) दाईं तरफ तथा प्रतिक्रिया (बल) बाईं तरफ कार्य करते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 5

व्यावहारिक उदाहरण-
(i) जब लान सर्पिकलर की वक्र नोजलों से पानी बाहर निकलता है तो यह सर्पिकलर के पीछे की ओर बराबर बल लगाता है। इस तरह सर्पिकलर घूमना शुरू कर देता है तथा पानी सभी दिशाओं की ओर छिड़कना शुरू हो जाता है।
(ii) जब हम चलते हैं तो हमारे पाँव धरती को पीछे की ओर धकेलते हैं। प्रतिक्रिया स्वरूप धरती हमारे पैरों को आगे की ओर धकेलती है। धरती द्वारा हमारे पाँव पर हुई प्रतिक्रिया के फलस्वरूप ही हम चल पाते हैं।

प्रश्न 7.
इस कथन की व्याख्या करो, “न्यूटन के तृतीय गति नियम में क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर क्रिया नहीं कर सकते।”
उत्तर-
न्यूटन के तीसरे गति नियम अनुसार, “प्रत्येक क्रिया (बल) के लिए, उसके बराबर तथा उल्ट दिशा में एक प्रतिक्रिया (बल) होती है।”

इस नियम अनुसार, एक बल का अस्तित्व कभी भी नहीं होता। बल हमेशा युग्म में होते हैं। यदि किया तथा प्रतिक्रिया दोनों बल, जो कि एक-दूसरे के बराबर परंतु विपरीत दिशा में होते हैं। यदि एक ही वस्तु पर क्रिया करेंगे तो उनका परिणामी बल शून्य हो जाएगा तथा वस्तु विराम अवस्था में रहेगी। इस बात को अग्रलिखित उदाहरण द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है.-

जब हम रबड़ की गेंद को दीवार पर मारते हैं तो गेंद दीवार से टकराती है तो उतने बल से उछल कर वापिस आ जाती है तथा आप इसे वापिस आते समय पकड़ सकते हैं। इससे सिद्ध होता है कि गेंद का दीवार पर क्रिया बल, दीवार द्वारा गेंद पर लगाए गए प्रतिक्रिया बल के बराबर तथा उल्ट दिशा में होता है। जब आप उसी रबड़ की गेंद को लटक रहे पतले कपड़े पर मारते हो तो गेंद आपकी तरफ वापिस नहीं आती क्योंकि कपड़े पर गेंद की क्रिया कपड़े को पीछे की ओर धकेलती है। अब क्योंकि कपड़े ने क्रिया समाप्त कर दी इसलिए यह गेंद पर प्रतिक्रिया करके इसको वापिस नहीं फेंक सकता तथा इस तरह गेंद कपड़े के ऊपर से ही सीधी धरती पर गिर जाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 8.
संवेग संरक्षण नियम से क्या भाव है ? संवेग संरक्षण नियम को न्यूटन की गति के दूसरे तथा तीसरे नियम की सहायता से इसको गणितिक तौर पर सिद्ध करो।
उत्तर-
संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) – इस नियम के अनुसार, “यदि कणों के किसी संकाय (system) पर कोई बाहरी बल क्रिया नहीं करता तो उस संकाय का कुल संवेग संरक्षित रहता है।”
न्यूटन की गति के दूसरे नियमानुसार
F = K\(\frac{m(v-u)}{t}\)
F = K\(\frac{(m v-m u)}{t}\)
F = K\(\frac{\left(p_{2}-p_{1}\right)}{t}\)
जहां आरंभिक संवेग P1 = mu
अंतिम संवेग P2 = mv
यदि वस्तु पर कोई बल न लग रहा हो तो F = 0
∴ K\(\frac{\left(p_{2}-P_{1}\right)}{t}\) = 0
या P2 – P1 = 0
अर्थात् P2 = P1 ……………. (i)

संवेग संरक्षण नियम – जब दो या दो से अधिक वस्तुएँ किसी बाहरी बल की सहायता से आपस में टकराती हैं तो टकराने से पहले और बाद में उनका संवेग बराबर होता है।

गणितिक प्रमाण – मान लो द्रव्यमान m1 तथा m2 की रबड़ गेंदें A तथा B आरंभिक वेग u1 तथा u2 के साथ गति कर रही हैं। उनका आपस में टकराने के पश्चात् ‘t’ समय में उनके अंतिम वेग v1 तथा v2 हो जाते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 6

न्यूटन के दूसरे गति नियम से
गेंद A द्वारा गेंद B पर लगाया गया बल FAB = गेंद A के संवेग में परिवर्तन की दर
FAB = \(\frac{m_{1} v_{1}-m_{1} u_{1}}{t}\)
FAB = \(\frac{m_{1}\left(v_{1}-u_{1}\right)}{t}\) …………….. (ii)

न्यूटन के तीसरे गति नियम से
गेंद B द्वारा गेंद A पर प्रतिक्रिया बल, FBA = गेंद B के संवेग में परिवर्तन की दर
FBA = \(\frac{m_{2} v_{2}-m_{2} u_{2}}{t}[latex]
FBA = [latex]\frac{m_{2}\left(v_{2}-u_{2}\right)}{t}[latex] ………………. (iii)

न्यूटन के तीसरे गति नियम अनुसार,
FAB = -FBA
[latex]\frac{m_{1}\left(v_{1}-u_{1}\right)}{t}\) = \(\frac{m_{2}\left(v_{2}-u_{2}\right)}{t}\) [समीकरण (ii) तथा (iii) से]
m1v1 – m1u1 = – m2v2 + m2u2
– m1u1 – m2u2 – m2v2 – m2v2
या m1u1 + m2u2 = m2v2 + m1v2
अर्थात् टक्कर से पहले गेंदों A तथा B का कुल संवेग = टक्कर के बाद गेंदों A तथा B का कुल संवेग इससे यह सिद्ध होता है कि गेंदों का कुल संवेग संरक्षित रहता है।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
बल किसे कहते हैं ? बल की इकाइयां बताओ।
उत्तर-
बल – बल ऐसा कारक है जो-

  1. वस्तु को गतिशील करता है या करने का प्रयत्न करता है।
  2. गतिशील वस्तु को रोकता है या रोकने का प्रयत्न करता है तथा
  3. वस्तु की गति को बढ़ाता या कम करता है। इस तरह, बल वह भौतिक कारण है जो वस्तु की गति अवस्था में परिवर्तन करता है या करने का प्रयत्न करता है।

बल एक सदिश राशि है।
बल का मात्रक (इकाई) – बल का मात्रक द्रव्यमान तथा त्वरण के मात्रक पर निर्भर करता है। बल का मानक मात्रक (S.I.) न्यूटन (N) तथा C.G.S. मात्रक डाइन (Dyne) है।
IN = 105 डाइन

प्रश्न 2.
यदि कोई दौड़ता हुआ घोड़ा अचानक रुक जाता है, तो घुड़सवार आगे की ओर क्यों गिरता है ?
उत्तर-
जब घोड़ा दौड़ रहा होता है तो घोड़ा तथा घुड़सवार दोनों गति की अवस्था में होते हैं। जब घोड़ा अचानक रुक जाता है तो घोड़ा तथा घुड़सवार का निचला धड़ विराम अवस्था में आ जाता है जबकि घुड़सवार का ऊपरी धड़ गति की अवस्था में रहता है। इस कारण वह आगे की ओर गिरता है।

प्रश्न 3.
जब घोड़ा अचानक दौड़ना शुरू कर देता है, तो घुड़सवार पीछे की ओर क्यों गिरता है ?
उत्तर-
घोड़ा और घुड़सवार एक संकाय (System) बनाते हैं। प्रारंभ में दोनों विराम अवस्था में होते हैं। जब अचानक घोड़ा दौड़ने लगता है, तो घोड़े के साथ घुड़सवार के शरीर का निचला भाग भी आगे की ओर गतिशील हो जाता है, किन्तु शरीर का ऊपरी भाग स्थिर जड़ता के कारण विराम अवस्था में रहने का यत्न करता है। इसी कारण घोड़े के अचानक दौड़ने पर घुड़सवार पीछे की ओर गिरता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 4.
गतिशील बस में से नीचे उतरते समय सवारी आगे की तरफ गिर जाती है, क्यों ?
उत्तर-
गतिशील बस में से नीचे उतरते समय सवारी आगे की तरफ गिर पड़ती है क्योंकि जब सवारी पैर नीचे रखती है तो धरती को छूने से उसका निचला भाग (पैर) विराम अवस्था में आ जाता है परंतु ऊपर वाला भाग गति में ही रहता है। इस तरह सवारी आगे की तरफ गिर पड़ती है।

प्रश्न 5.
संवेग की परिभाषा दो। इसकी इकाई भी लिखो।
उत्तर-
संवेग (Momentum) – वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।
यदि m = वस्तु का द्रव्यमान और \(\vec{v}\) = वस्तु का वेग हो तो
वस्तु की सरल रेखीय संवेग \(\vec{p}\) = m × \(\vec{v}\)
संवेग एक सदिश राशि है। इसकी दिशा वही होती है जो वेग की होती है।
संवेग की इकाइयां-CGS प्रणाली में संवेग g cms-1 और मानक इकाइयों (SI) में kg ms-1 में मापा जाता

प्रश्न 6.
यदि गतिशील साइकिल की आगे वाली ब्रेक लगाएं तो हम आगे की ओर गिर जाते हैं। क्यों ?
उत्तर-
यदि गतिशील साइकिल की आगे वाली ब्रेक लगाते हैं तो साइकिल सवार को आगे की ओर झटका लगता है। आगे वाली ब्रेक लगाने पर साइकिल एकदम रुक जाता है तो आपके शरीर का निचला भाग विराम अवस्था में आ जाता है, परंतु आपका ऊपरी भाग गति जड़त्व के कारण गति अवस्था में ही रहने की कोशिश करता है तथा आप आगे की ओर झटका महसूस करते हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि गतिशील साइकिल की आगे पहिए वाली ब्रेक नहीं लगानी चाहिए।

प्रश्न 7.
बल का किसी वस्तु पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
बल के प्रभाव-

  1. यह वस्तु की गति को कम या अधिक करके इसकी चाल में परिवर्तन लाता है।
  2. यह वस्तु की गति की दिशा को बदल देता है।
  3. यह वस्तु की आकृति में परिवर्तन कर सकता है।

प्रश्न 8.
क्रिकेट के खिलाड़ी तेज़ी से आती हुई बॉल को पकड़ते समय अपने हाथ पीछे की ओर क्यों खींचते हैं ?
उत्तर-
तेज गति से आती हुई बॉल को रोकने के लिए बहुत अधिक बल लगाना पड़ता है। बॉल को पकड़ते समय हाथों को पीछे खींचने से गेंद का त्वरण पहले से कुछ कम होता है और उसे रोकने के लिए कम बल लगाने की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 9.
नाव को आगे बढ़ाने के लिए पतवारों को विपरीत दिशा में क्यों चलाना पड़ता है ?
उत्तर-
क्रिया और प्रतिक्रिया समान और विपरीत दिशा में होती है। नाव को आगे बढ़ाने के लिए पतवार से पानी को पीछे की ओर धकेलना पड़ता है। इस बल की प्रतिक्रिया से नाव आगे की ओर बढ़ती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 10.
एक कार तथा एक ट्रक दोनों बराबर वेग से चल रहे हैं। इनमें से किसका संवेग अधिक होगा और रोकने के लिए किस में अधिक बल की आवश्यकता पड़ेगी ?
उत्तर-

  • कार और ट्रक दोनों समान वेग से चल रहे हैं। इनमें से कार का द्रव्यमान कम होता है। अतः कार का संवेग कम होगा तथा ट्रक का संवेग अधिक होगा।
  • यदि दोनों को समान समयांतराल में रोका जाए, तो दोनों का अंतिम संवेग शून्य तो है ही जाएगा परंतु ट्रक का संवेग अधिक होने के कारण ट्रक के संवेग में परिवर्तन कार की अपेक्षा अधिक होगा। अत: ट्रक को रोकने के लिए कार की अपेक्षा अधिक बल लगाना पड़ेगा।

प्रश्न 11.
तीव्र गति से आ रही गोली खिड़की के शीशे में गोल छिद्र बना देती है, जबकि पत्थर मारने पर शीशा चटक जाता है। क्यों ?
उत्तर-
यदि खिड़की के शीशे पर पत्थर मारा जाए, तो वह टुकड़े-टुकड़े हो जाता है, जबकि तीव्र गति से आ रहो गोली इसमें गोल छिद्र बना देती है। इसका कारण यह है कि छिद्र के पास वाले काँच के कण तीव्र गति से आ रही गोली के साथ जड़ता के कारण गति नहीं कर पाते और बिखरते नहीं।

प्रश्न 12.
तीव्र वेग से गतिशील किसी पत्थर लगने से खिड़की का कांच टूट जाता है, क्यों ?
उत्तर-
जब कोई पत्थर का टुकड़ा खिड़की के शीशे से टकराता है तो वह स्थान अधिक गति में आ जाता है जबकि शीशे का शेष भाग जड़त्व के कारण विराम अवस्था में ही रहता है। पत्थर के टुकड़े का वेग कम होने के कारण, पत्थर के आर-पार जाने से पहले ही शीशे का शेष भाग वह वेग ले लेता है और वह टूट जाता है।

प्रश्न 13.
बोझ से लदा कोई ट्रक तथा कार बराबर परिणाम v के वेग से एक-दूसरे के विपरीत गतिशील हैं जबकि उनमें आमने-सामने की टक्कर होती है और फलस्वरूप दोनों ही विराम अवस्था में आ जाते हैं। यदि टक्कर 10 s तक रही तो,
(अ) दोनों में से किस पर प्रतिघात का अधिक बल लगेगा ?
(ब) किस वाहन के संवेग में अधिक परिवर्तन हुआ ?
(स) किस वाहन में अधिक त्वरण उत्पन्न हुआ ?
(द) कार को ट्रक की अपेक्षा अधिक क्षति होने की संभावना क्यों है ?
उत्तर-
(अ) कार पर बल का प्रभाव अधिक होगा क्योंकि उसका द्रव्यमान कम था।
(ब) ट्रक की गति में अधिक परिवर्तन होगा। (स) कार का त्वरण अधिक होगा।
(द) कार की हानि ट्रक की अपेक्षा अधिक होगी क्योंकि उस पर अधिक बल लगेगा।

प्रश्न 14.
संवेग संरक्षण का नियम लिखें।
उत्तर-
संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) – जब दो (या दो से अधिक) वस्तुएँ एक-दूसरे पर क्रिया करती हैं, तो उनका कुल संवेग सदैव समान रहता है, जब तक कि कोई बाहरी बल उन पर क्रिया नहीं करता अर्थात् बाह्य बल शून्य होने पर संकाय (System) का कुल संवेग (Totul fomenta71) अचर (Constant) रहता है।

प्रश्न 15.
यदि क्रिया-प्रतिक्रिया के बराबर होती है तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़े के द्वारा खींची गाड़ी आगे की ओर कैसे चलती है ?
उत्तर-
न्यूटन के गति के तीसरे नियम के आधार पर क्रिया-प्रतिक्रिया सदा समान होते हैं। जब गाडी को घोड़े के द्वारा खींचा जाता है तो वह अपने पैरों से धरती को पीछे की ओर दबाता है। धरती की प्रतिक्रिया ऊपर की ओर कार्य करती है। प्रतिक्रियात्मक बल दो भागों में बंट जाता है। बल का उर्ध्वाधर घटक घोड़े को संतुलन देता है और क्षैतिज घटक गाड़ी को आगे की दिशा में गति देता है। गाड़ी के पहियों और सड़क के बीच घर्षण बल पीछे की ओर कार्य करता है। जब बल सड़क और पहियों के घर्षण बल से अधिक हो जाता है तब गाड़ी चलने लगती है।

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प्रश्न 16.
सड़क पर चलने वाले वाहनों के टायरों को खुरदरा लहरदार क्यों बनाया जाता है ?
उत्तर-
सड़कों पर वाहनों का चलना वाहनों के टायरों तथा सड़कों के बीच घर्षण के कारण ही होता है। यदि टायर चिकने होंगे, तो सड़क और टायरों के बीच घर्षण कम होगा जिससे वाहनों की गति पर नियंत्रण करना कठिन होगा और दुर्घटना हो सकती है। इन दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहनों के टायरों को खुरदरा तथा लहरदार बनाया जाता है ताकि सड़क और टायरों के बीच घर्षण बढ़ सके जिससे टायरों की सड़क के साथ पकड़ अच्छी हो और उन्हें फिसलने से रोका जा सके।

प्रश्न 17.
रेत की दलदल या बालुपंक बहुत चिकने और छोटे रेत के कणों से बनता है। यदि कोई व्यक्ति या भारी जंतु रेगिस्तान में ऐसे स्थान पर चलता है तो क्या हो सकता है ?
उत्तर-
रेत के कण बहुत छोटे और चिकने होते हैं इसलिए किसी व्यक्ति या भारी जानवर के द्वारा उस पर चलने के लिए जब बल लगाया जाता है तो ये अपेक्षाकृत कम प्रभावी परिणाम दे पाते हैं क्योंकि घर्षण कम उत्पन्न होता है। जब हम चलते हैं तो पैरों से पृथ्वी को पीछे की ओर धकेलते हैं और वह हमें आगे बढ़ने के लिए प्रतिक्रिया प्रदान करती है पर यह कार्य घर्षण से ही संभव हो सकता है। पर रेगिस्तान में रेत के कणों के कारण पर्याप्त घर्षण की प्राप्ति नहीं हो पाती। इसलिए रेत में चलना मुश्किल है।

प्रश्न 18.
जब कभी अचानक हमारा पैर केले के छिलके पर पड़ जाता है तो हमारे लिए अपने शरीर का पंतुलन बनाए रखना कठिन क्यों हो जाता है ?
उत्तर-
जब हमारा पैर अचानक केले के छिलके पर पड़ जाता है तो उसके चिकनेपन के कारण घर्षण कम होता है जिससे हमारे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।

प्रश्न 19.
व्याख्या करो कि धूल भरा कंबल एक या दो बार ज़ोर से झटकने पर धूल रहित कैसे हो जाता है ?
उत्तर-
जब एक धूल भरे कंबल को ज़ोर से झटका जाता है अथवा छड़ी से पीटा जाता है तो उससे धूल-कण नीचे गिर जाते हैं क्योंकि धूल-कण विराम जड़त्व के कारण विराम की अवस्था में ही रहना चाहते हैं पर छड़ी से पीटे जाने के कारण कंबल आगे-पीछे गति करने लगता है। इसके परिणामस्वरूप धूल-कण नीचे गिर जाते हैं।

प्रश्न 20.
क्या किसी वस्तु को एक समान वेग से चलते रहने के लिए बल की आवश्यकता होती है ?
उत्तर-
वेग की दर को त्वरण कहते हैं। जब कोई वस्तु एक समान वेग से चलती है तो उसमें कोई त्वरण उत्पन्न नहीं होता। वस्तु का त्वरण उस पर लग रहे बल के समानुपाती है अर्थात् वस्तु में उत्पन्न त्वरण उस पर लग रहे बल पर निर्भर करता है। इसलिए किसी वस्तु को एक समान वेग में चलते रहने के लिए बल की आवश्यकता होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 21.
किसी वस्तु के जड़त्व और द्रव्यमान में क्या संबंध है ?
उत्तर-
किसी वस्तु में उपस्थित पदार्थ की मात्रा को उसका द्रव्यमान कहते हैं। इस तरह द्रव्यमान वस्तु के जड़त्व का मापक है अर्थात् वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है। वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, उतना ही जड़त्व बढ़ेगा तथा कम द्रव्यमान वाली वस्तु का जड़त्व भी कम होता है।

उदाहरण 1. यदि हम फुटबाल को किक करते हैं तो यह बहुत दूर चली जाती है परंतु यदि उसी आकार के ही एक पत्थर के टुकड़े को किक करते हैं तो वह अपनी जगह से नहीं हिलता तथा पाँव को चोट लगती है। इसका कारण यह है कि पत्थर में गति के परिवर्तन को रोकने की सामर्थ्य अधिक होती है अर्थात् पत्थर का जड़त्व अधिक होता है।

उदाहरण 2. एक ही आकार की रबड़ तथा स्टील की दो गेंदें मेज़ पर रखो। गति में लाने के लिए स्टील की गेंद की अपेक्षा रबड़ की गेंद पर कम बल लगाना पड़ता है। इसका कारण है कि रबड़ की गेंद का पुंज, स्टील की गेंद के पुंज से कम होता है।
इससे सिद्ध होता है कि कम पुंज वाली वस्तु का घनत्व और जड़त्व भी कम होता है।

प्रश्न 22.
पंखे का स्विच बंद करने के बाद भी पंखा कछ समय तक घूमता क्यों रहता है ?
उत्तर-
जब पंखा गति में होता है तो गतिज जड़त्व के कारण स्विच बंद करने के बाद भी पंखा गति की अवस्था में रहने की कोशिश करता है । वायु के घर्षण बल के विरोध कारण ही यह केवल कुछ ही समय के लिए गति में रहता है।

प्रश्न 23.
बंदूक से निकली गोली और वायु का अणु यद्यपि एक ही गति से चलते हैं, परंतु किसी व्यक्ति से टकराने पर गोली अधिक खतरनाक होती है। व्याख्या करो।
उत्तर-
किसी वस्तु का संवेग उसके द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल के बराबर होता है। इसलिए बंदूक से निकली गोली का संवेग वायु के अणु के संवेग से अधिक होता है क्योंकि गोली का द्रव्यमान अधिक है। अधिक संवेग होने के कारण, इसके संवेग को समाप्त करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता पड़ती है जिसके कारण व्यक्ति को अधिक चोट लगती है।

प्रश्न 24.
एक ऊबड़-खाबड़ सड़क पर 30 km/h के समान वेग से गति कर रही कार पर क्रिया कर रहे बल की मात्रा ज्ञात करो।
उत्तर-
क्योंकि वस्तु समान वेग से चल रही है, इसलिए वस्तु का त्वरण शून्य होगा तथा इस पर क्रिया कर रहा बल भी शून्य होगा।
क्योंकि F = m × a
F = m × 0
F = 0

प्रश्न 25.
एक क्रिकेट की गेंद की अपेक्षा रबड़ की गेंद को पकड़ना आसान होता है यद्यपि दोनों एक ही वेग से गति कर रही हों ? क्यों ?
उत्तर-
यद्यपि क्रिकेट तथा रबड़ की गेंदों का वेग एक समान है पर क्रिकेट की गेंद का द्रव्यमान अधिक होने के कारण इसका संवेग भी अधिक होता है जिसके फलस्वरूप वह हाथ पर अधिक चोट लगाता है। इसलिए क्रिकेट की गेंद की अपेक्षा रबड़ की गेंद को पकड़ना आसान है।

प्रश्न 26.
अधिक द्रव्यमान वाली वस्तुओं को गतिशील करने के लिए अधिक प्रारंभिक बल की आवश्यकता होती है। क्यों ?
उत्तर-
हम जानते हैं कि वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है। इसलिए अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु का जडत्व अधिक होगा। इसलिए उसको गतिशील करने के लिए अधिक प्रारंभिक बल की आवश्यकता होगी।

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प्रश्न 27.
जब बंदूक में से गोली निकलती है तब बंदूक पीछे की ओर धक्का मारती है, क्यों ? व्याख्या करो।
उत्तर-
जब बंदूक में से गोली नहीं चलाई गई, तो बंदूक तथा गोली दोनों विराम अवस्था में होती हैं जिसके कारण दोनों का भिन्न-भिन्न तथा कुल संवेग शून्य होता है। बंदूक चलाने के बाद गोली बहुत तेज़ वेग से बंदूक में से आगे की ओर निकलती है अर्थात् इसका बहुत अधिक संवेग होता है। अब संवेग संरक्षण नियम के अनुसार अब भी कुल संवेग शून्य होना चाहिए जैसा कि गोली चलाने से पहले था। इसलिए गोली के आगे की ओर संवेग को संतुलित करने के लिए बंदूक का संवेग बराबर तथा उल्ट दिशा में होता है। इसलिए बंदूक गोली की अपेक्षा अधिक भारी होने के कारण कम वेग से पीछे की ओर गति करती है जिससे वह पीछे की ओर धक्का मारती है।

प्रश्न 28.
जब कोई व्यक्ति नाव से किनारे की ओर छलांग लगाता है तो नाव विपरीत दिशा में गति करती है, क्यों ? व्याख्या करो।
उत्तर-
नाव से छलांग लगाते समय व्यक्ति आवश्यक गति प्राप्त करने के लिए आगे की ओर बल लगाता है। उसकी प्रतिक्रिया नाव पर होती है जो न्यूटन के गति के तीसरे नियम के आधार पर विपरीत दिशा में होती है। इसके परिणामस्वरूप नाव विपरीत दिशा में गति करती हुई किनारे से दूर हटती है।

प्रश्न 29.
जब कोई चलती हुई बस अचानक रुक जाती है तो हम आगे की ओर क्यों गिरते हैं ?
उत्तर-
जब कोई गतिशील बस अचानक ब्रेक लगाने पर रुक जाती है, तो हम आगे की ओर गिरते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि हमारे पांव तथा शरीर का निचला भाग बस के रुकने के साथ ही विराम अवस्था में आ जाते हैं, परंतु शरीर का ऊपरी भाग गतिज जड़त्व के कारण गतिशील रहने की कोशिश करता है। इसलिए हम आगे की ओर गिरते हैं।

प्रश्न 30.
न्यूटन के द्वितीय गति नियम का क्या महत्त्व है ? ।
उत्तर-
न्यूटन की गति के दूसरे नियम की महत्ता-

  1. न्यूटन की गति का दूसरा नियम किसी वस्तु को गति में लाने के लिए आवश्यक बल की मात्रा निकालने में सहायता करता है।
  2. न्यूटन की गति के दूसरे नियम का कथन, “किसी वस्तु में संवेग में परिवर्तन की दर, उस पर लगाये गए बाहरी बल के समानुपाती होती है तथा संवेग में परिवर्तन की दिशा लगाए गए बल की दिशा में होती है।”

न्यूटन का दूसरा गति नियम संवेग के संकल्प की व्याख्या करता है तथा बताता है कि वस्तु पर लग रहा बल, उसमें उत्पन्न हुए त्वरण के समानुपाती होता है।

प्रश्न 31.
जब आप किसी पुस्तक के नीचे पड़े कागज़ को तेज़ी से झटका मारकर उठाते हो तो पुस्तक बिल्कुल नहीं हिलती। क्यों ?
उत्तर-
जब हम पुस्तक के नीचे पड़े कागज़ को शीघ्रता से झटका लगाकर उठाते हैं तो पुस्तक बिल्कुल नहीं हिलती। इसका कारण यह है कि बाहरी बल (झटका मारते समय लगा बल) केवल पुस्तक के नीचे पड़े कागज़ पर ही लगता है जिस कारण कागज़ बाहर निकल जाता है तथा पुस्तक विराम जड़त्व के कारण उसी ही स्थिति अर्थात् विराम अवस्था में रहती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 32.
जड़त्व क्या है ? जड़त्व का माप क्या है ?
उत्तर-
जड़त्व (Inertia) – जड़त्व वस्तु का वह गुण है जिसके फलस्वरूप वस्तु अपनी विराम या सरल रेखीय गति अवस्था या गति की दिशा में परिवर्तन की अवस्था को बदलने में अयोग्य या अक्षम है।

स्वाभाविक तौर पर एक वस्तु अपनी उसी अवस्था में रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल न लगे। जड़त्व तीन प्रकार का होता है-

  1. विराम जड़त्व (Inertia of Rest)
  2. गतिज जड़त्व (Inertia of Motion)
  3. दिशा जड़त्व (Inertia of Direction)

जड़त्व का माप – जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है अर्थात् जड़त्व की इकाई किलोग्राम (kg) है जो कि द्रव्यमान की इकाई है।

प्रश्न 33.
स्पष्ट कीजिए कि गति के द्वितीय नियम \(\overrightarrow{\mathrm{F}}\) = m\(\vec{a}\) में न्यूटन का गति-विषयक पहला नियम निहित है।
उत्तर-
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से,
\(\overrightarrow{\mathrm{F}}\) = m\(\vec{a}\)
यदि F = 0 हो तो a = 0 अर्थात् यदि वस्तु पर बाह्य बल न लगाया जाए तो वस्तु में त्वरण भी उत्पन्न नहीं होगा। त्वरण के शून्य होने पर या तो वस्तु विरामावस्था में ही रहेगी या एकसमान वेग से गतिमान रहेगी। यही न्यूटन का गति का पहला नियम है। अत: न्यूटन के गति के द्वितीय नियम में प्रथम नियम निहित है।

प्रश्न 34.
संतुलित बल तथा असंतुलित बल में अंतर लिखिए।
उत्तर-

संतुलित बल असंतुलित बल
(1) संतुलित बल जब किसी वस्तु पर एक साथ कार्य करते हैं तो उनका परिणाम शून्य नहीं होता। (1) असंतुलित बल जब वस्तु पर एक साथ कार्य करते हैं तो उनका परिणाम शन्य होता है।
(2) यदि वस्तु विरामावस्था में हो तो संतुलित बल उसे गति प्रदान नहीं कर सकता। (2) यदि कोई वस्तु विरामावस्था में हो तो असंतुलित बल उसे गति प्रदान कर सकता है।
(3) यह बल गतिमान वस्तु की चाल तथा दिशा में परिवर्तन नहीं कर सकता। (3) यह बल गतिमान वस्तु की चाल तथा दिशा में परिवर्तन कर सकता है।
(4) यह बल वस्तु के आकार में परिवर्तन ला सकता है। (4) यह बल वस्तु के आकार में परिवर्तन नहीं ला सकता है।

प्रश्न 35.
यदि एक ही आकार के फुटबाल तथा पत्थर के टुकड़े को पांव से ठोकर मारें तो कौन-सा पदार्थ अधिक दूर जाएगा और क्यों ?
उत्तर-
यादि एक ही आकार के फुटबाल और पत्थर को ठोकर मारें तो फुटबाल दूर लुढक जाएगी, परंतु पत्थर अपनी जगह से नहीं हटेगा और हमारे पाँव में भी चोट लग सकती है। फुटबाल की अपेक्षा पत्थर में अपनी गति के परिवर्तन को रोकने की क्षमता अधिक है। इसका कारण उसकी द्रव्यमान का अधिक होना है, परंतु किसी वस्तु का द्रव्यमान हो उसके जड़त्व का माप होती है। पत्थर का जड़त्व अधिक है।

प्रश्न 36.
नाव को आगे बढ़ाने के लिए पतवारों को विपरीत दिशा में क्यों चलाना पड़ता है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 7
वह बल, जो किसी दिशा में गति प्रदान करता है, हमारे द्वारा लगाए बल की प्रतिक्रिया होती है। नाव को आगे | बढ़ाने के लिए पतवार से पानी को पीछे की ओर धकेलना पड़ता है। इस बल की प्रतिक्रिया से नाव आगे की ओर बढ़ती है क्योंकि क्रिया और प्रतिक्रिया समान और विपरीत दिशा में होती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 37.
घर्षण बल का कारण क्या है ?
उत्तर-
ठोस वस्तुओं के तल समतल नहीं होते। इनमें कुछ अनियमितताएँ होती हैं. जब एक तल A दूसरे तल B पर सरकता है, तो बल की अनियमितताएँ दूसरे की अनियमतताओं की जकड़ में आ जाती हैं। इस जकड़न को तोड़ने के लिए बहुत बल की आवश्यकता होती है। इसी विरोधी बल को ही घर्षण बल कहते हैं। घर्षण बल सदा गति से विपरीत दिशा में किया करते हैं।

प्रश्न 38.
यदि हथौडा हत्थे में ढीला हो तो हत्थे को ऊर्ध्वाधर पथ्वी पर पटकने से हथौडा हत्थे में क्यों कस
उत्तर-
हथौड़ा ऊपर से कुछ पतला और नीच से मोटा होता है। नीचे पटकने की अवस्था में हथौड़ा और हत्था दोनों नीचे की ओर गतिमान हो जाती है। पृथ्वी पर लगते ही हत्थे का वेग शून्य हो जाता है पर हथौड़ा गति के जड़त्व के कारण गतिमान रहता है और वह हत्थे में कस जाता है।

प्रश्न 39.
तेल टैंकरों को भरते समय उनके ऊपर कुछ खाली स्थान क्यों छोड़ दिया जाता है ?
उत्तर-
तेल टैंकरों में भरा तेल अति वाष्पशील प्रकृति का पदार्थ होता है। जब तेल वाष्पित होता है तो इसके वाष्प स्थान घेरते हैं और वे दाब डालते हैं। तेल के वाष्पण के लिए पर्याप्त स्थान देने के लिए टैंकर भरते समय उसके ऊपर खाली स्थान छोड़ा जाता है। यदि टैंकर में पर्याप्त खाली स्थान न छोड़ा जाए तो अधिक वाष्प-दाब के कारण टैंकर के फटने का भय उत्पन्न हो जाता है।

प्रश्न 40.
क्रिकेट के खिलाड़ी तेज़ी से आती हुई बॉल को पकड़ते समय अपने हाथ पीछे की ओर क्यों खींचते हैं ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 8
क्रिकेट की गेंद पकड़ते समय खिलाड़ी अपने हाथ पीछे की ओर खींच लेता है – इसका कारण यह है कि यदि खिलाड़ी हाथ को स्थिर रखकर गेंद पकड़ता है तो गेंद को रुकने में बहुत कम समय लगता है जिससे वेग-परिवर्तन की दर (अर्थात् मंदन) अधिक रहती है। अत: खिलाड़ी की हथेली को गेंद रोकने में अधिक बल (F = m × a) लगाना होता है जिससे खिलाड़ी की हथेली में चोट लग सकती है।। इसलिए खिलाड़ी गेंद को अधिक समय में रोकने के लिए हाथ को गेंद की गति की दिशा में पीछे खींचता है जिससे कि वेग- परिवर्तन की दर (अर्थात् मंदन) कम हो तथा उसे कम बल लगाना पड़े। इससे खिलाड़ी के हाथ में चोट लगने की संभावना कम हो जाती है।

प्रश्न 41.
घर्षण बल के उपयोग लिखिए।
उत्तर-

  1. घर्षण बल के कारण हम मनुष्य सीधे खड़े रह पाते हैं।
  2. घर्षण बल वाहनों को सड़कों पर फिसलने से रोकता है।
  3. घर्षण बल न होने के कारण अनेक मशीनें नहीं चल पाएंगी।

प्रश्न 42.
कुएँ से जल खींचते समय यकायक रस्सी टूट जाने पर पानी खींचने वाला व्यक्ति पीछे की ओर क्यों गिर पड़ता है ?
उत्तर-
कुएँ से जल खींचते समय यकायक रस्सी टूट जाने पर पानी खींचने वाला व्यक्ति पीछे की ओर गिर पड़ता है–इसका कारण यह है कि जब कोई व्यक्ति रस्सी द्वारा जल से भरी बाल्टी को खींचता है तो बाल्टी भी उसी बल से व्यक्ति को अपनी ओर खींचती है। यदि रस्सी यकायक (अचानक) टूट जाए तो बाल्टी द्वारा व्यक्ति पर लगाया गया बल समाप्त हो जाता है तथा व्यक्ति अपने द्वारा लगाए गए बल के कारण पीछे की ओर गिर पड़ता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 43.
जैवलिन थ्रो में यदि खिलाड़ी किसी निश्चित रेखा को पार लेता है तो यह फाउल माना जाता है, किंतु खिलाड़ी इस रेखा पर रुकने में प्रायः असफल रहते हैं। स्पष्ट कीजिए, क्यों ?
उत्तर-
जैवलिन थ्री में तीव्र गति से भाला फेंकने के लिए खिलाड़ी तीव्र गति से आगे की ओर भागता है, इसलिए निश्चित रेखा तक पहुँचते समय खिलाड़ी गति की अवस्था में होता है। अतः शरीर गति जड़त्व के कारण प्रायः वह निश्चित रेखा तक अपने को रोकने में असफल रहता है।

महत्त्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)

1. बल (F) = m × a
2. त्वरण (a) = \(\frac{\mathrm{F}}{m}\)
3. त्वरण (a) = \(\frac{v-u}{t}\)
4. संवेग (p) = m × v
5. दाब (P) =PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 9

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
किसी 10 ग्राम के द्रव्यमान में 5 मीटर/सेकंड2 का त्वरण उत्पन्न करने में अधिक बल की आवश्यकता होगी अथवा 20 ग्राम के द्रव्यमान में 2 मीटर/सेकंड2 का त्वरण उत्पन्न करने में ?
हल :
पहली अवस्था में,
दिया है, द्रव्यमान (m1) = 10 ग्राम, = 10 × 10-3 किग्रा, त्वरण (a1) = 5 मीटर/सेकंड
∴ बल (F1) = m1 × a1
= (10 × 10-3 किग्रा) × (5 मीटर/सेकंड2)
= 5 × 10-2 किग्रा-मीटर/सेकंड
= 5 × 10-2 न्यूटन
= 0.05 न्यूटन।

दूसरी अवस्था में,
दिया है : द्रव्यमान (m2) = 20 ग्राम = 20 × 10-3 किग्रा, त्वरण (a2) = 5 मीटर/सेकंड2
∴ बल (F2) = m2 × a2
= (20 × 10-3 किग्रा) × (2 मीटर/सेकंड2)
= 40 × 10-2 किग्रा-मीटर/सेकंड
= 40 × 10-2 न्यूटन
= 0.4 न्यूटन।

क्योंकि F2 का परिमाण F1 से अधिक है, अतः पहली अवस्था में अर्थात् 10 ग्राम द्रव्यमान में 5 मीटर/सेकंड2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी।

प्रश्न 2.
किसी 3 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 12 न्यूटन बल लगाने से उत्पन्न त्वरण क्या होगा ?
हल:
बल (F) = 12 N (न्यूटन)
द्रव्यमान (m) = 3 kg
त्वरण (a) = ?
F = m × a,
12 = 3 × a
a = \(\frac{12}{3}\) = 4 ms-2

प्रश्न 3.
किसी 6 kg द्रव्यमान की एक गेंद में 4 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिए कितने बल की आवश्यकता होगी ?
हल:
द्रव्यमान, (m) = 6 kg
त्वरण, (a) = 4 ms-2
बल, (F) = ?
F = m × a
= 6 × 4 = 24 (न्यूटन)

प्रश्न 4.
70g द्रव्यमान की क्रिकेट की कोई गेंद 0.5 m/s के वेग से गतिमान है। क्रिकेट का कोई खिलाड़ी इसे 0.5 सै० में रोक लेता है। खिलाड़ी द्वारा बॉल को रोकने के लिए लगाए गए बल की गणना कीजिए।
हल :
गेंद का द्रव्यमान (m) = 70 ग्राम
= \(\frac{70}{1000}\) = 0.07 कि०ग्रा०
u = 0.5 मी०/सै०
t = 0.5 सेकंड
υ = 0
∴ υ = u + at
∴ 0 = 0.5 + a × 0.5
a = \(\frac{0.5}{0.5}\) = -1 मी०सै०2
F = ma
F = 0.07 × 1 = 0.07 N.

प्रश्न 5.
दो पिंडों पर समान बल लगाने पर उनमें त्वरणों का अनुपात 1 : 2 है। पहले पिंड का द्रव्यमान 2 किग्रा है। दूसरे पिंड का द्रव्यमान क्या होगा?
हल :
दिया है, (\(\frac{a_{1}}{a_{2}}\)) = \(\frac{1}{2}\) m1 = 2 किग्रा. m2 = ?
सूत्र F = m × a से,
m1 × a2 = m2 × a2
अतः दूसरे पिंड का द्रव्यमान (m2) = \(\frac{m_{1} \times a_{1}}{a_{2}}\) = \(\frac{2 \times 1}{2}\) = 1 किग्रा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 6.
किसी वस्तु पर 1.2 s समय के लिये कोई बल लगाने पर उसकी चाल 1.8 m/s से 4.2 m/s हो जाती है। बाद में उसी बल को 2s के लिये लगाया गया। 2 सेकंड में चाल में परिवर्तन कितना होगा ?
हल :
प्रारंभिक वेग, (u) = 1.8 ms-1
अंतिम वेग, (υ) = 4.2 ms-1
समय, (t) = 1.2s
बल, (F) = ?
मान लिया कि वस्तु का द्रव्यमान m है।
हम जानते हैं कि F × t = m (υ – u)
F × 1.2 = m (4.2 – 18)
F × 1.2 = m × 2.4
F = \(\frac{m \times 2.4}{1.2}\)
F = 2m
अब बल F = 2 m वस्तु पर 2 s के लिए लगाकर चाल में परिवर्तन (υ – u) करता है।
[F × t = m (υ – u)]
2m × 2 = m (υ – u)
\(\frac{2 m \times 2}{m}\) = υ – u
∴ चाल में परिवर्तन (υ – u) = 4 ms-1 है।

प्रश्न 7.
10g द्रव्यमान की कोई गोली 0.003 सेकंड में किसी राइफल की नाल से होकर 300 मी०/सै० के वेग से बाहर निकलती है। राइफल द्वारा गोली पर कितना बल लगाया गया ?
हल :
m = 10 ग्राम
= \(\frac{10}{1000}\) = .01 कि०ग्रा०
t = 0.003 सै०
u = 0
υ = 300 मी०सै०
υ = u + at
a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{300-0}{.003}\) = 105 मी०सै०2
F = m × a
F = 0.01 × 105 = 103 N
= 1000 न्यूटन।

प्रश्न 8.
एक 5 किग्रा द्रव्यमान की वस्तु पर 2 सेकंड के लिए एक नियत बल कार्यरत होता है। यह वस्तु के वेग को 3 मीटर/सेकंड से बढ़ाकर 7 मीटर/सेकंड कर देता है। लगाए गए बल की मात्रा ज्ञात कीजिए। यदि इस बल को 5 सेकंड के लिए आरोपित किया जाए तो वस्तु का अंतिम वेग क्या होगा?
हल :
दिया है : m = 5 किग्रा, u = 3 मीटर/सेकंड, υ = 7 मीटर/सेकंड, t = 2 सेकंड,
F = ? यदि बल t = 5 सेकंड तक लगे तो υ = ?
सूत्र a = \(\frac{v-u}{t}\) से.
वस्तु का त्वरण (a) = \(\frac{7-3}{2}\)
= \(\frac{4}{2}\) = 2 मीटर/सेकंड2
सूत्र F = m × a से,
F = 5 किग्रा × 2 मीटर/सेकंड
= 10 किग्रा-मीटर/सेकंड2
= 10 न्यूटन।

प्रश्न 9.
10 kg द्रव्यमान वाली किसी वस्तु पर 10 s के लिए कोई बल क्रिया करता है इसके बाद बल हटा दिया जाता है। वस्तु अगले 5 s में 50 m दूरी तय करती है। बल ज्ञात करो।
हल :
यहां पर वस्तु का आरंभिक वेग, (u) = 0
वस्तु का द्रव्यमान, (m) = 10 kg
समय, (t) = 10s
मान लो F बल लग रहा है।
बल हटाने पर तय की गई दूरी (S) = 50 m
दूरी तय करने में लगा समय (t) = 5s
वेग का अंतिम वेग (υ) = \(\frac{S}{t}=\frac{50 \mathrm{~m}}{5 \mathrm{~s}}\)
υ = 10 m/s
हम जानते हैं कि υ = u + at
10 = 0 + a × 10
10 = 10a
∴ a = 1 m/s2
F = m × a
अब F = 10 × 1
F = 10 N

प्रश्न 10.
12 m/s के वेग से चल रही 0.25 kg द्रव्यमान वाली एक वस्तु को 0.6 N का बल लगाकर रोक लिया जाता है। वस्तु को रोकने के लिए लगाया गया समय पता करो।
हल:
वस्तु का प्रारंभिक वेग, (u) = 12 m/s
वस्तु का अंतिम वेग, (υ) = 0 [∵ वस्तु अंत में विराम अवस्था में आ जाती है।
वस्तु का द्रव्यमान, (m) = 0.25 kg
वस्तु पर लग रहा बल (F) = 0.6 N
मान लो वस्तु को रोकने पर लगा समय = t s
मान लो वस्तु के अंदर उत्पन्न हुआ त्वरण ‘a’ है।
हम जानते हैं, F = m × (- a)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 10
t = 5
∴ वस्तु को रोकने में लगा समय = 5 s

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 11.
एक कार 108 kg/h की गति से चल रही है और ब्रेक लगाने के बाद यह रुकने में 4s का समय लेती है। कार पर ब्रेक लगाए जाने के बाद लगने वाले बल की गणना करें। कार का कुल द्रव्यमान (यात्रियों सहित) 1000 kg है।
हल :
कार का प्रारंभिक वेग (u) = 108 km/h
= 108 × 1000 m
60 × 60 s
= 30 m s-1
तथा कार का अंतिम वेग (υ) = 0 m s-1
कार का कुल द्रव्यमान (m) = 1000 kg तथा गाड़ी को रोकने में लगा समय (t) = 4 s तथा
ब्रेक लगाने वाले बल F का परिणाम = m\(\frac{(v-u)}{t}\)
मान रखने पर,
F = 1000 kg × \(\frac{(0-30)}{4 s}\) m s-1
= – 750 kg m s-2
= -750N
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि ब्रेक के द्वारा लगाया गया बल गाड़ी की गति के विपरीत दिशा में आरोपित है।

प्रश्न 12.
1000 kg द्रव्यमान की किसी कार को तथा 10000 kg से लदे हुए किसी ट्रक को 2 सेकंड में रोकने के लिए क्रमशः कितने बल की आवश्यकता होगी, यदि दोनों 5 m/s के वेग से गतिशील हों ?
हल :
u = 5 m/s, υ = 0, t = 2 सेकंड
υ = u + at
υ = 5 + a × 2
a = \(\frac{5}{2}\) मी०/से०2
कार को रोकने के लिए F1 = m × a
= 100 × (\(\frac{-5}{2}\)) = – 250 N
ट्रक को रोकने के लिए F2 = ma2
= 10000 × (\(\frac{-5}{2}\))
= – 2500 N

प्रश्न 13.
किस में अधिक बल की आवश्यकता होगी, 2 किग्रा द्रव्यमान वाली किसी वस्तु को 5 मीटर/सेकंड2 की दर से त्वरित करने में या 4 किग्रा द्रव्यमान वाली वस्तु को 2 मीटर/सेकंड2 की दर से त्वरित करने में ?
हल :
दिया है, m1 = 2 किग्रा, a1 = 5 मीटर/सेकंड2
m2 = 1 किग्रा, a2 = 2 मीटर/सेकंड2
प्रथम वस्तु के लिए आवश्यक बल
F1 = m1a1
= 2 किग्रा × 5 मीटर/सेकंड2
= 10 न्यूटन
द्वितीय वस्तु के लिए आवश्यक बल
F2 = m2 a2
= 4 किग्रा × 2 मीटर/सेकंड
= 8 न्यूटन।
F1 > F2
उपर्युक्त से स्पष्ट है कि प्रथम वस्तु को त्वरित करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होगी।

प्रश्न 14.
5 न्यूटन का बल किसी द्रव्यमान m1 को 10 मीटर/सेकंड2 का त्वरण देता है तथा द्रव्यमान m2 को 20 मीटर/सेकंड2 का त्वरण देता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को एक साथ दिया जाए तो इस बल के द्वारा कितना त्वरण उत्पन्न होगा ?
हल :
दिया है, F = 5 न्यूटन, m1 का त्वरण a1 = 10 मीटर/सेकंड2
m2 का त्वरण a2 = 20 मीटर/सेकंड, दोनों को एक साथ जोड़ने पर त्वरण a = ?
सूत्र F = m a से, m = \(\frac{F}{a}\)
∴ m1 = \(\frac{F}{a_{1}}=\frac{5}{10}\) = 0.5 किग्रा
तथा m2 = \(\frac{F}{a_{2}}=\frac{5}{20}\) = 0.25
∴ दोनों को जोड़ने पर कुल द्रव्यमान = m1 + m2 = 0.5 + 0.25 = 0.75 किग्रा
∴ सूत्र F = m a से,
दोनों पिंडों का त्वरण = \(\frac{F}{m_{1}+m_{2}}\) = \(\frac{5}{0.75}\) = 0.67 मीटर/सेकंडर2

प्रश्न 15.
45 Km/n के वेग से चलती हुई 1000 kg द्रव्यमान की कोई कार एक पेड़ से टकरा कर 5 सै में रुक जाती है। कार द्वारा पेड़ पर कितना बल लगाया गया ?
हल :
m = 1000 कि० ग्रा०
u = 45 कि० मी०/घंटा
= \(\frac{45 \times 1000}{60 \times 60}\)
= \(\frac{25}{2}\) मी०/सै०
= 12.5 मी०/सै०
t = 5 सै०
υ = 0
υ = u + at
υ – u = at
a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{0-12.5}{5}\)
a = 2.5 मी०सै०
F = m × a
= 1000 × 2.5
= 2500 N

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 16.
एक 100 kg द्रव्यमान वाली बंदूक द्वारा 0.02 kg द्रव्यमान की गोली दागी जाती है। यदि गोली की चाल 80 m/s हो तो बंदूक की पीछे की ओर धक्का लगाने की चालत मालूम करो।
हल :
गोली का द्रव्यमान (m) = 0.02 kg
गोली की चाल (υ) = 80 m/s
बंदूक का द्रव्यमान (M) = 100 kg
मान लो बंदूक का वेग V है। संवेग संरक्षण नियमानुसार,
गोली चलने के पश्चात् पूरे संकाय का संवेग = गोली चलने से पहले संवेग + गोली चलने के बाद संवेग
0 = mv + MV
V = \(\frac{-m v}{\mathbf{M}}\)
= \(\frac{-0.02 \times 80}{100}\)
= \(\frac{-2 \times 80}{100 \times 100}\)
= \(\frac{-16}{1000}\)
∴ बंदूक का वेग (V) = – (0.016 m/s
ऋण चिन्ह बन्दूक का पीछे की ओर धक्के की ओर संकेत करता है परंतु उसका वेग – 0.016 m/s है।

प्रश्न 17.
एक 30 kg भारी विस्फोटक गोला 48 m/s की गति से उड़ रहा है। विस्फोट के बाद इसका 18 kg का भार वाला एक भाग रुक जाता है जबकि शेष भाग उड़ जाता है। उड़ने वाले भाग का वेग ज्ञात करो।
हल :
यहां विस्फोटक गोले का द्रव्यमान (M) = 30 kg
विस्फोटक गोले का वेग (V) = 48 m/s
विस्फोटक गोले के एक भाग का द्रव्यमान (m1) = 18 kg
विस्फोटक गोले के एक भाग का वेग = 0
विस्फोटक गोले का शेष भाग जो गतिशील नहीं है का द्रव्यमान (m2) = (30 – 18) kg
= 12 kg
शेष भाग का वेग = υ2 (मान लो)
अब संवेग संरक्षण नियमानुसार
MV = m1υ1 + m2υ2
30 × 48 = 18 × 0 + 12υ2
30 × 48 = 12υ2
υ2 = \(\frac{30 \times 48}{12}\)
υ2 = 30 × 4
υ2 = 120 m/s

प्रश्न 18.
3 कि. ग्रा० की एक राइफल से 0.03 कि. ग्रा० की एक गोली चलाई गई जो 100 मी०/सै० वेग से नली से बाहर निकली। यदि गोली को 0:003 सै० नली से बाहर निकलने में लगे हों तो राइफल पर लगे बल की गणना करो।
हल :
m1 = 3 कि० ग्रा०, m2 = 0.03 कि० ग्रा०
u1 = u2 = 0, v1 = ?, v2 = 100 मी०/सै०
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार
m1u1 + m2u2 = m1v1 + m2v2
0+ 0 = 3 × v1 + 100 (0.03)
v1 = \(-\frac{10(0 \times 0.0)}{3}\)
= -1 मी०सै०
(ऋणात्मक चिन्ह राइफल के विपरीत दिशा में धक्का लगाने को दर्शाता है।)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 11
= -1000 कि० ग्रा०/सै०2
= -1000 N

प्रश्न 19.
5000 g द्रव्यमान की बंदूक से 20 g की गोली पृथ्वी की अपेक्षा 500 ms-1 के वेग से छूटती है, बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (Recoil velocity) बताएँ।
हल :
संवेग संरक्षण सिद्धांत के अनुसार
MV + mv = 0
V = \(-\frac{m v}{\mathrm{M}}\)
अब m = 0.020 kg, υ = 500 ms-1 तथा M = 5.00 kg रखने पर
V = \(-\frac{20 \times 500}{5000}\)
या V = -2 ms-1
ऋण चिहन बंदक के प्रक्षेपित होने की ओर संकेत करता है।

प्रश्न 20.
किसी द्रव्यमान m1 पर 5 न्यूटन का बल लगाने पर 8 m/s2 का त्वरण उत्पन्न होता है, जबकि इसी परिमाण का बल किसी द्रव्यमान m2 में 24 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करता है। यदि दोनों द्रव्यमानों को परस्पर बांधकर एक कर दिया जाये, तो इस बल द्वारा संयुक्त द्रव्यमान में कितना त्वरण उत्पन्न होगा ?
हल :
पहला द्रव्यमान (m1) = \(\frac{\mathrm{F}}{a_{1}}=\frac{5}{8}\) kg
दूसरा द्रव्यमान m2 = \(\frac{\mathrm{F}}{a_{2}}=\frac{5}{24}\) kg
संयुक्त द्रव्यमान (m) = m1 + m2
\(\frac{5}{8}+\frac{5}{24}=\frac{20}{24}\) = \(\frac{5}{6}\) kg
5 न्यूटन द्वारा \(\frac{5}{6}\)kg द्रव्यमान से उत्पन्न त्वरण
a = \(\frac{\mathrm{F}}{m}=\frac{5}{5 / 6}\) = 6 ms-2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 21.
दो ब्लॉक आकार तथा साइज में बराबर हैं परंतु भिन्न-भिन्न धातुओं के बने हैं। बराबर परिमाण के बल लगाने पर वह क्षैतिज तल में गतिशील हो जाते हैं। यदि एक ब्लॉक में उत्पन्न त्वरण दूसरे में उत्पन्न त्वरण के पाँच गुना हो, तो दोनों के द्रव्यमान का अनुपात क्या होगा ?
हल :
हम जानते हैं, F = ma
अत: पहले ब्लॉक के लिए F1 = m1a1
तथा दूसरे ब्लॉक के लिए F2 = m2a
∵ F1 = F2 (दिया गया है।)
∴ m1a1 = m2 a2
= \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{a_{2}}{a_{1}}\)
= \(\frac{m_{1}}{m_{2}}=\frac{5 a_{1}}{a_{2}}\) [∵ a2 = 5a1]
या \(\frac{m_{1}}{m_{2}}\) = 5
अतः पहले ब्लॉक का द्रव्यमान दूसरे से पाँच गुना है।

प्रश्न 22.
2 kg के एक पिस्टल से 20 g द्रव्यमान की एक गोली 150 ms-1 के क्षैतिज वेग से छोड़ी जाती है। पिस्टल के पीछे हटने के वेग का परिकलन करें।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 12
गोली का द्रव्यमान, m1 = 20 g (= 0.02 kg)
पिस्टल का द्रव्यमान m2 = 2 kg
प्रशिक्षण से पहले गोली का प्रारंभिक वेग (u1) तथा पिस्टल का प्रारंभिक वेग (u2) क्रमशः शून्य है।
अर्थात् u1 = u2 = 0
गोली का अंतिम वेग υ1 = + 150 m s-1
गोली की दिशा बाएँ से दाएँ परिपाटी के अनुसार धनात्मक ली गई है। माना कि पिस्टल का प्रतिक्षेपित वेग υ है।
गोली छूटने के पहले, गोली तथा पिस्टल का कुल संवेग,
= (2 + 0.02) kg × 0 m s-1
= 0 kg m s-1
गोली छूटने के बाद कुल संवेग,
= 0.02 kg × (+ 150 m s-1) + 2 kg × υ m s-1
= (3 + 2υ) kg × m s-1
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार,
गोली छूटने के बाद का कुल संवेग = गोली छूटने के पहले का कुल संवेग
3 + 2υ = 0
υ = 0 – 3
⇒ υ = – 1.5 m s-1
ऋणात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि पिस्टल गोली के विपरीत दिशा में अर्थात् दाईं से बाईं ओर प्रतिक्षेपित होगी।

प्रश्न 23.
40 kg द्रव्यमान वाली एक लड़की, 5 ms-1 के क्षैतिज वेग से एक 3 kg द्रव्यमान वाली स्थिर गाड़ी पर कूदती है। गाड़ी के पहिए घर्षण रहित हैं। गाड़ी की गति प्रारंभ करने की अवस्था में लड़की का वेग क्या होगा ? मान लें कि क्षैतिज दिशा में कोई असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा है।
हल :
मान लो कि गाड़ी की प्रारंभिक गति के समय गाड़ी तथा लड़की का वेग υ है।
= 40 kg × 5 m s-1 + 3 kg × 0 m s-1
= 200 kg m s
लड़की तथा गाड़ी का लड़की के कूदने से पहले कुल संवेग
= (40 + 3) kg × υ m s-1
= 43 υ kg m s-1
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 13
= 43 υ kg m s-1
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार
43υ = 200
⇒ υ = 200/43
= + 4.65 m s-1
गाड़ी पर सवार लड़की 4.65 m s-1 के वेग से छलांग लगाने की दिशा में चलेगी।

प्रश्न 24.
हॉकी की प्रतिद्वंदी टीमों के दो खिलाड़ी गेंद को हिट करने के प्रयास में परस्पर टकरा जाते हैं तथा आपस में उलझ जाते हैं। एक का द्रव्यमान 60 kg है और वह 5.0 ms-1 के वेग से गति में था, जबकि दूसरा खिलाड़ी, जिसका द्रव्यमान 55 kg है 6.0 m s-1 के वेग से पहले खिलाड़ी की ओर गति कर रहा था। टकराकर उलझने के बाद वे दोनों किस दिशा में किस वेग से गति करेंगे। मान लें कि दोनों खिलाड़ियों के पैर तथा पृथ्वी के बीच कार्यरत घर्षण बल नगण्य है।
हल :
मान लो कि पहला खिलाड़ी बाएँ से दाएँ दौड़ रहा है तथा परिपाटी के अनुसार, बाएँ से दाएँ गति की दिशा धनात्मक तथा दाएँ से बाएँ गति की दिशा को ऋणात्मक लेते हैं।
दिया है,
m1 = 60 kg ; u1 = + 5 m s-1 ; तथा
m2 = 55 kg ; u2 = – 6 m s-1
टक्कर से पहले दोनों खिलाड़ियों का कुल संवेग
= 60 kg × (+ 5 m s-1) + 55 kg × (- 6 m s-1)
= – 30 kg m s-1
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 14
माना कि दोनों खिलाड़ियों के टकराने के पश्चात् उलझने पर वेग υ है,
टक्कर के पश्चात् कुल संवेग = (m1 + m2) × υ
= (60 + 55) kg × υ m s-1
= 115 × υ kg m s-1
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार,
υ = – 30/115
= – 0.26 m s-1
अतः उलझने के पश्चात् दोनों खिलाड़ी दाएँ से बाएँ 0.26 m s-1 के वेग से गतिशील हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 25.
एक लंबी मेज पर सीधी रेखा में जा रही 20 ग्राम द्रव्यमान की गेंद का वेग-समय ग्राफ संलग्न चित्र में प्रदर्शित है। गेंद को विरामावस्था में लाने के लिए मेज द्वारा कितना बल लगाया जाएगा?
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 15
हल :
ग्राफ से स्पष्ट है कि t = 0 पर गेंद का प्रारंभिक वेग u = 20 सेमी/सेकंड तथा t = 10 सेकंड बाद गेंद का वेग υ = 20 गेंद का द्रव्यमान m = 20 ग्राम
∴ ग्राफ एक सरल रेखा है, इससे स्पष्ट है कि गेंद एक नियत त्वरण के अधीन गति करती है।
सूत्र a = \(\frac{v-u}{t}\) से,
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम 16
= -2 सेमी/सेकंडर2
= -0.02 मीटर/सेकंड2
∴ सूत्र F = m a से,
मेज द्वारा गेंद पर लगाया गया बल
F = 20 ग्राम × (- 0.02 मीटर/सेकंड2)
= \(\frac{20}{1000}\) किग्रा × (-0.02 मीटर/सेकंडर2)
= – 0.0004 न्यूटन
ऋणात्मक चिह्न यह प्रदर्शित करता है कि मेज द्वारा गेंद पर बल गति के विपरीत दिशा में लगाया जाता है।

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
वस्तुओं की गति के बारे में पूर्णत: भिन्न संकल्पना किन वैज्ञानिकों ने दी थी ?
उत्तर-
गैलीलियो और आइजैक न्यूटन ने।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु को गति की अवस्था में लाने के लिए क्या करना पड़ता है ?
उत्तर-
उसे खींचना, धकेलना या ठोकर लगाना पड़ता है।

प्रश्न 3.
वस्तु ऊपर से नीचे क्यों गिरती है ?
उत्तर-
असंतुलित गुरुत्वीय बल के कारण।

प्रश्न 4.
किसी वस्तु की दिशा बदलने के लिए कैसे बल की आवश्यकता होती है ? संतुलित बल या असंतुलित बल।
उत्तर-
असंतुलित बल की आवश्यकता।

प्रश्न 5.
कोई वस्तु कुछ दूर लुढ़कने के बाद क्यों रुक जाती है ?
उत्तर-
घर्षण बल के कारण।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 6.
घर्षण बल किस प्रकार घटाया जा सकता है ?
उत्तर-
समतल सतह पर लुब्रीकेंट के लेप से।

प्रश्न 7.
गति के तीन नियम किस वैज्ञानिक ने प्रस्तुत किए थे ?
उत्तर-
न्यूटन ने।

प्रश्न 8.
न्यूटन की गति का पहला नियम क्या है ?
उत्तर-
प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या सरल रेखा में एक समान गति की अवस्था में बनी रहती है जा तक कि उस पर कोई बाहरी बल कार्यरत न हो।

प्रश्न 9.
जड़त्व किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जड़त्व – किसी वस्तु के विरामावस्था में रहने या समान वेग से गतिशील रहने की प्रवृत्ति को जड़ता कहते हैं।

प्रश्न 10.
गति का पहला नियम किस अन्य नाम से जाना जाता है ?
उत्तर-
जड़त्व का नियम ।

प्रश्न 11.
एकदम ब्रेक लगाने से गाड़ी में बैठे यात्रियों को झटका क्यों लगता है ?
उत्तर-
यात्रियों का शरीर गतिज जड़त्व के कारण गति अवस्था में ही बने रहने की प्रवृत्ति रखता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 12.
गाड़ियों में सुरक्षा बेल्ट का उपयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर-
इनसे हमारे आगे बढ़ने की गति धीमी हो जाती है।

प्रश्न 13.
बल की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
बल – बल वह बाहरी कारक है जो किसी वस्तु की विराम की अवस्था या गतिमान वस्तु की चाल तथा दिशा को बदलने या बदलने की प्रवृत्ति रखता है।

प्रश्न 14.
संतुलित बल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
संतुलित बल – यदि वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल शून्य हो तो वस्तु पर लगने वाले सभी बल, संतुलित बल कहलाते हैं।

प्रश्न 15.
असंतुलित बल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
असंतुलित बल – यदि किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल शून्य न हो, तो वे बल असंतुलित बल कहलाते हैं।

प्रश्न 16.
रबड़ की गेंद को हथेलियों के बीच में रखकर दबाते समय किस प्रकार का बल लगता है ?
उत्तर-
संतुलित बल।

प्रश्न 17.
घर्षण की परिभाषा लिखें।
उत्तर-
घर्षण – जब एक वस्तु किसी अन्य वस्तु के संपर्क में रहते हुए गति करती है तो उस गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य करता है जिसे घर्षण कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 18.
जब हम साइकिल के पैडल को चलाना बंद कर देते हैं तो साइकिल रुक जाती है, क्यों ?
उत्तर-
साइकिल के टायर और सड़क के बीच लगने वाला घर्षण बल उसकी गति को कम करके साइकिल को रोक देता है।

प्रश्न 19.
संवेग क्या होता है ?
उत्तर-
संवेग-किसी वस्तु का संवेग उसके वेग तथा द्रव्यमान का गुणनफल है।
∴ संवेग = द्रव्यमान × वेग।

प्रश्न 20.
न्यूटन का दूसरा गति-नियम क्या है ?
उत्तर-
किसी वस्तु पर क्रिया कर रहा बल उस वस्तु के पुंज और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।

प्रश्न 21.
न्यूटन का तीसरा नियम क्या है ?
उत्तर-
क्रिया और प्रतिक्रिया समान किंतु विपरीत दिशा में क्रिया करती है।

प्रश्न 22.
संवेग सदिश राशि है या अदिश राशि ?
उत्तर-
संवेग एक सदिश राशि है।

प्रश्न 23.
एक एथलीट तब छलांग लंबी लगा सकता है, जब वह भागता हुआ आता है। जब वह अचानक ही छलांग लगा देता है तो छलांग छोटी रह जाती है। ऐसा क्यों ?
उत्तर-
जब एथलीट दूरी से दौड़ता हुआ आता है तो उसके गति-जड़त्व में वृद्धि हो जाती है। इसी कारण वह लंबी छलांग लगा पाता है। दूसरा स्थिति में छलांग छोटी होगी।

प्रश्न 24.
गोली चल चुकने के बाद बंदूक और गोली का कुल संवेग कितना होता है ?
उत्तर-
शून्य।

प्रश्न 25.
बल की मानक इकाई क्या है ?
उत्तर-
न्यूटन।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 26.
यदि वस्तु पर क्रिया कर रहा परिणामी बल शून्य हो तो बल संतुलित होंगे या असंतुलित ?
उत्तर-
बल संतुलित होंगे।

प्रश्न 27.
यदि 1 kg द्रव्यमान पर 1 न्यूटन बल लगाया जाए तो परिणामी त्वरण क्या होगा ?
उत्तर-
F = m × a
1 = 1 × a
a = 1 ms-2

प्रश्न 28.
वस्तु पर क्रिया कर रहे अनेक बल उसकी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं करते। बल संतुलित हैं या असन्तुलित ?
उत्तर-
बल संतुलित है।

प्रश्न 29.
चार ऐसे उदाहरण दो जहां बल लगाने से स्थिर वस्तु गतिशील हो जाती है।
उत्तर-

  1. झाड़ से कूड़ा-कर्कट हटाना,
  2. ठोकर मार कर गेंद को लुढ़काना,
  3. घोड़े के द्वारा तांगा खींचना,
  4. हॉकी से बाल को हिट मारना।

प्रश्न 30.
जब बॉल को बैट के द्वारा हिट मारी जाती है तो क्या परिवर्तन दिखाई देता है ?
उत्तर-
बॉल की चाल शून्य से कुछ मान तक बढ़ जाती है।

प्रश्न 31.
किसका जड़त्व अधिक होगा ?
(i) एक पुस्तक या स्कूल बैग
(ii) पानी से भरा घड़ा या रेफ्रिजिरेटर।
उत्तर-
(i) स्कूल बैग
(ii) रेफ्रिजिरेटर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 32.
हल्की और भारी वस्तुओं में से जड़त्व किसका अधिक होता है ?
उत्तर-
भारी वस्तुओं का जड़त्व अधिक होता है।

प्रश्न 33.
संवेग का S.I. मात्रक लिखिए।
उत्तर-
संवेग का S.I. मात्रक किलोग्राम मीटर/सै० होता है।

प्रश्न 34.
न्यूटन बल की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
न्यूटन बल – वह बल जो एक किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में 1 मी/सै2 का त्वरण उत्पन्न कर देता है। न्यूटन बल कहलाता है।

प्रश्न 35.
किसी बाहरी बल की अनुपस्थिति में जब दो वस्तुएं परस्पर टकराती हैं तो निकाय (System) के संवेग में संपूर्ण परिवर्तन क्या होगा ?
उत्तर-
कोई परिवर्तन नहीं होगा क्योंकि कुल संवेग संरक्षित रहता है।

प्रश्न 36.
बंदूक से गोली चलाने पर बंदूक पीछे क्यों हटती है ?
उत्तर-
बंदूक संवेग संरक्षण के नियम के कारण पीछे हटती है।

प्रश्न 37.
तैरने के दौरान कोई व्यक्ति पानी को अपने हाथों से पीछे क्यों दबाता है ?
उत्तर-
पानी को हाथों से पीछे दबाने पर प्रतिक्रिया का बल उसे आगे की ओर धकेलता है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 38.
कैरम बोर्ड पर खेलते समय प्रायः पाऊडर का प्रयोग क्यों करना पड़ता है ?
उत्तर-
घर्षण को कम करने के लिए।

प्रश्न 39.
क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही पिंड पर कार्य करती हैं या अलग-अलग पिंडों पर ?
उत्तर-
अलग-अलग पिंडों पर।

प्रश्न 40.
दरी को छड़ी से पीटने पर धूल क्यों झड़ जाती है ?
उत्तर-
स्थिर जड़त्व के कारण।

प्रश्न 41.
खिलाड़ी कूदने से पहले क्यों दौड़ता है ?
उत्तर-
संवेग बढ़ाने के लिए ताकि अधिक ऊँची कूद लगाई जा सके।

प्रश्न 42.
संवेग संरक्षण का नियम क्या है ?
उत्तर-
संवेग संरक्षण नियम – दो वस्तुओं के संवेग का योग टकराने से पहले और टकराने के बाद बराबर रहता है जबकि उन पर कोई असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो।

प्रश्न 43.
बल का मात्रक लिखिए।
उत्तर-
बल का मात्रक न्यूटन है।

प्रश्न 44.
बल कैसी राशि है?
उत्तर-
बल एक सदिश राशि है।

प्रश्न 45.
एक बस और एक गेंद समान चाल से चल रहे हैं। दोनों में से किसे रोकने के लिए अधिक बल लगाना पड़ेगा ?
उत्तर-
अधिक संवेग के कारण बस को रोकने के लिए अधिक बल लगाना पड़ेगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 46.
कोई लड़की 20 kg द्रव्यमान के डिब्बे को 60 N बल लगाकर धकेलती है। डिब्बे का त्वरण क्या होगा?
उत्तर-
a = \(\frac{\mathrm{F}}{m}=\frac{60 \mathrm{~N}}{20 \mathrm{~kg}}\) = 3 m/s2

प्रश्न 47.
ब्रेक लगाने पर एक चलती गाड़ी रुक जाती है, इस प्रक्रिया में गाड़ी के संवेग का क्या होता है ?
उत्तर-
इस प्रक्रिया में गाड़ी के संवेग का अधिकांश भाग पृथ्वी को तथा शेष भाग वायु के अणुओं को चला जाता है।

प्रश्न 48.
यदि किसी वस्तु पर असंतुलित बल न लगा हो तो क्या वस्तु समान वेग से चलती रहेगी ?
उत्तर-
हां, वस्तु एक समान वेग से चलती रहेगी।

प्रश्न 49.
यदि किसी वस्तु पर नेट बाह्य बल शून्य है तो क्या वह वस्तु अवश्य ही विरामावस्था में होगी ?
उत्तर-
आवश्यक नहीं है कि वस्तु विरामावस्था में हों कि वस्तु एकसमान चाल से एक निश्चित दिशा में चल रही हो सकती है।

प्रश्न 50.
1 किग्रा-भार कितने न्यूटन के बराबर होता है ?
उत्तर-
1 किग्रा-भार = 9.8 न्यूटन।

प्रश्न 51.
1 न्यूटन में कितने किग्रा-भार होता है ?
उत्तर-
1 न्यूटन = 0.102 किग्रा-भार।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 52.
जड़त्व किस भौतिक पर निर्भर करता है ?
उत्तर-
द्रव्यमान पर।

प्रश्न 53.
दो समान वेग वाले पिंडों के द्रव्यमान 1 : 2 के अनुपात में हैं। उनके जड़त्वों में क्या अनुपात होगा ?
उत्तर-
1 : 2 का अनुपात होगा।

प्रश्न 54.
किसी पिंड पर लगे बल (F), द्रव्यमान (m) तथा त्वरण (a) में परस्पर संबंध बताइए।
उत्तर-
बल (F) = द्रव्यमान (m) × त्वरण (a)।

प्रश्न 55.
एक कार को 300 न्यूटन के बल से सड़क पर खींचने से वह एक नियत वेग से चलती है। कार व पृथ्वी के बीच कितना घर्षण बल कार्य कर रहा है?
उत्तर-
300 न्यूटन।

प्रश्न 56.
पदार्थ का वह कौन-सा गुण है, जो पदार्थ की अवस्था परिवर्तन का विरोध करता है?
उत्तर-
जड़त्व का गुण।

प्रश्न 57.
रॉकेट का क्रिया-सिद्धांत, न्यूटन के गति के किस नियम पर आधारित है?
उत्तर-
न्यूटन के गति के तीसरे नियम पर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 9 बल तथा गति के नियम

प्रश्न 58.
किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा त्वरण के गुणनफल को क्या नाम दिया गया है ?
उत्तर-
संवेग।

प्रश्न 59.
‘m’ द्रव्यमान वाली एक वस्तु पर ‘F’ बल कार्य कर रहा है और त्वरण ‘a’ उत्पन्न होता है ? यदि बल की मात्रा आधी कर दी जाये तो त्वरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
उत्तर-
क्योंकि a ∝ F, इसलिए बल की मात्रा \(\frac{F}{2}\) कर त्वरण \(\frac{a}{2}\) हो जाएगा।

प्रश्न 60.
एक ट्रक और एक कार v वेग से गतिशील हैं, दोनों एक-दूसरे से आमने-सामने संघट्ट करते हैं तथा कुछ समय बाद दोनों रुक जाते हैं। अगर संघट्ट का समयांतराल 1s है, तो
(a) कौन-सी गाड़ी पर बल का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा ?
(b) किस गाड़ी से संवेग में सबसे अधिक परिवर्तन होगा ?
(c) किस गाड़ी का त्वरण सबसे अधिक होगा ?
(d) ट्रक की अपेक्षा कार को अधिक नुकसान क्यों होगा ?
उत्तर-
(a) दोनों गाड़ियों पर बराबर बल लगेगा क्योंकि क्रिया तथा प्रतिक्रिया समान होते हैं। अब क्योंकि चार का द्रव्यमान कम है इसलिए कार पर प्रभाव अधिक होगा।
(b) क्योंकि क्रिया तथा प्रतिक्रिया समान होते हैं तथा यह संवेग का परिवर्तन होता है, इसलिए कार तथा ट्रक का संवेग परिवर्तन भी समान होगा।
(c) कार का त्वरण अधिक होगा क्योंकि इसका द्रव्यमान ट्रक के द्रव्यमान की अपेक्षा कम है।
(d) कार का कम जड़त्व होने के कारण इसे अधिक नुकसान होगा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

Punjab State Board PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति Important Questions and Answers.

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गणितीय विधि द्वारा गति के समीकरणों को स्थापित कीजिए।
उत्तर-
एक समान त्वरण के अंतर्गत गति के समीकरण – एक समान त्वरण के अंतर्गत सरल रेखीय गति करती हुई वस्तु के लिए गति के निम्न समीकरण हैं-
(i) ν = u + at
(ii) S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
(iii) v2 – u2 = 2aS

(i) गति का प्रथम समीकरण v = u + at
मान लो किसी गतिशील वस्तु का प्रारंभिक वेग u व एकसमान त्वरण है। मान लो 1 सेकंड में S दूरी चलने के पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है।
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि = a
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृधि = a × t
अत: t सेकंड के पश्चात् वस्तु का वेग = वस्तु का प्रारंभिक वेग + 1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि
अथवा V = u + at

(ii) गति का दूसरा समीकरण S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
मान लो किसी गतिशील वस्तु का प्रारंभिक वेग u , एक समान त्वरण a तथा 1 समय पश्चात् वस्तु का अंतिम वेग v हो जाता है, अतः
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि = a
गति के प्रारंभ होने के 1 सेकंड बाद वस्तु का वेग = (u + a)
गति समाप्त होने के 1 सेकंड पहले वस्तु का वेग = (v – a)
अतः वस्तु का औसत वेग = \(\frac{(u+a)+(v-a)}{2}\)
= \(\frac{(u+v)}{2}\)
इसी प्रकार, गति प्रारंभ होने के 2 सेकंड बाद वस्तु का वेग = (u + 2a)
गति समाप्त होने के 2 सेकंड पहले वस्तु का वेग = (v – 2a)
अतः वस्तु का औसत वेग = \(\frac{(u+2 a)+(v-2 a)}{2}\)
= \(\frac{(u+v)}{2}\)
इस प्रकार, त्वरण के नियत होने पर वस्तु का औसत वेग सदैव ही \(\frac {1}{2}\) (u + v) रहता है। अतः हम यह मान सकते हैं कि t सेकंड तक वस्तु औसत वेग \(\frac {1}{2}\)(u + v) से चलती है।
अतः t सेकंड में वस्तु द्वारा चली गई दूरी, S = वस्तु का औसत वेग × समय
= \(\frac {1}{2}\)(u + v) × t
परंतु गति के प्रथम समीकरण v = u + at से
∴ वस्तु द्वारा चली गई दूरी S = b[latex]\frac{u+(u+a t)}{2}[/latex] × t
= [latex]\frac{2 u t+a t^{2}}{2}[/latex]
S = u t + \(\frac {1}{2}\)at2

(iii) गति का तीसरा समीकरण – गति के प्रथम समीकरण v = u + at का दोनों ओर का वर्ग करने पर,
v2 = (u + at)2
= u2 + 2u at + a2t2
= u2 + 2a (ut + \(\frac {1}{2}\)at2)
परंतु गति की दूसरी समीकरण से, ut + = \(\frac {1}{2}\)at2 का मान रखने पर
v2 = u2 + 2aS
v2 – u2 = 2aS

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 2.
एक समान त्वरण से गतिमान वस्तु के लिए, ग्राफ़ीय विधि से निम्नलिखित संबंध स्थापित कीजिए-
(i) v = u + at,
(ii) S = u t + \(\frac {1}{2}\)at2,
(iii) v2 = u2 + 2 aS.
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 1
I. ग्राफ द्वारा गति के समीकरण स्थापित करना-मान लो कोई वस्तु प्रारंभिक वेग u तथा अचर त्वरण a से चलना प्रारंभ करती है तथा t समय पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है। यदि समय को X-अक्ष पर तथा वेग को Y-अक्ष पर निरूपित किया जाए तो वस्तु का समय-वेग ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा BA के रूप में प्राप्त होता है। इसकी सहायता से गति के समीकरणों को निम्नलिखित प्रकार से ज्ञात करते हैं-

BC = BD + DC
BD + OA (∵ DC = OA)
इसमें BC = v तथा OA = u रखने पर हम पाते हैं,
v = BD + u
या BD = v – u ………………….(1)
वेग समय ग्राफ़ से वस्तु के त्वरण को व्यक्त किया गया है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 2
OC = t, रखने पर हम पाते हैं,
a = BD
t …………….(2)
या BD = at
समीकरण (1) तथा (2) से हम पाते हैं।
V = u + at

II. समय-स्थिति संबंध
मान लें एक वस्तु एक समान त्वरण α से t समय में S दूरी तय की। चित्र में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी, वेगसमय ग्राफ़ AB के नीचे घिरे क्षेत्र OABC द्वारा प्राप्त की जाती है।
इस प्रकार, वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी S निम्न प्रकार से व्यक्त की जाती है,
S = OABC का क्षेत्रफल (जो एक समलंब है)
= आयत OADC का क्षेत्रफल + त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल
= OA × OC + \(\frac {1}{2}\) (AD × BD)
OA = u, OC = AD = t और BD = at, मान रखने पर हम पाते हैं,
S = u × t + \(\frac {1}{2}\) (t × at)
या S. = ut + \(\frac {1}{2}\)at2

III. वेग-स्थिति संबंध
चित्र में प्रदर्शित वेग-समय ग्राफ़ से वस्तु द्वारा एक समान त्वरण a से 1 समय में तय की गई दूरी S को ग्राफ़ नीचे समलंब चतुर्भुज OABC द्वारा घेरे गए क्षेत्रफल द्वारा प्रदर्शित किया गया है। अर्थात्
S = समलंब OABC का क्षेत्रफल
= \(\frac{(\mathrm{OA}+\mathrm{BC}) \times \mathrm{OC}}{2}\)
OA = u, BC = v और OC = t रखने पर हम पाते हैं,
S = \(\frac{(u+v)_{t}}{2}\) ………………… (3)
वेग-समय संबंध से हम पाते हैं,
t = \(\frac{(v-u)}{a}\) ……………….. (4)
समीकरण (3) और समीकरण (4) से हम पाते हैं,
S = \(\frac{(v+u) \times(v-u)}{2 a}\)
या 2a S = v2 – u2

प्रश्न 3.
(क) दूरी-समय ग्राफ़ क्या है ?
(ख) इसकी ढाल क्या प्रदर्शित करती है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 3
(क) समय-दूरी ग्राफ – यह किसी वस्तु द्वारा तय दूरी तथा लगे समय में रेखांकित ग्राफ है। यह सरल रेखीय हो भी सकता है और नहीं भी।

दूरी-समय का अर्थ – जब कोई वस्तु एक समान है चाल से गतिमान होती है तो यह समान-अंतरालों में से समान दूरी तय करती है। एक समान चाल से गतिमान वस्तु का दूरी-समय ग्राफ़ सदा सरल रेखीय होता है।

उदाहरण – समय-दूरी से यह देखा गया है कि 9 पू० दो० से 10 पृ० दो० तथा 10 पू० दो० से 11 पू० दो० के समय अंतरालों में क्रमश: AB तथा CD दूरी तय होती है।
यह भी देखा जा सकता है कि AB = CD
चित्र-दूरी समय ग्राफ़ अतः समान दूरी समान समय अंतरालों में तय की जाती है जिस कारण चाल एक समान है।

(ख) दूरी-समय ग्राफ की ढाल – मान लो a और c समय-दूरी ग्राफ पर निकटवर्ती बिंदु हैं। ad और ce दो लंब क्रमशः a और C से समय-अक्ष पर गिराओ। ab⊥ce खींचो। तब त्रिभुज abr में अनुपात \(\frac{b c}{a b}\) को ग्राफ की ढाल कहते हैं।
∴ रेखा की ढाल = \(\frac{b c}{a b}\)
फिर bc वस्तु द्वारा ab समय में तय हुई दूरी
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 4
अतः दूरी – समय ग्राफ की ढाल = चाल
दूरी – समय ग्राफ की ढाल वस्तु की चाल को दर्शाती है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 4.
वेग-समय ग्राफ की सहायता से एक समान वेग से गतिशील वस्तु की दूरी कैसे ज्ञात करोगे ? उदाहरण सहित समझाओ।
उत्तर-
एक समान गति के लिए वेग – समय ग्राफ-एक समान गति के लिए किसी वस्तु का वेग-समय ग्राफ वह ग्राफ होता है जब कोई वस्तु स्थिर वेग से चल रही हो। ऐसी अवस्था में वेग-समय ग्राफ X अक्ष के समांतर होता है। चित्र में सरल रेखा द्वारा दर्शाया गया है ।

मान लो रमेश अपने मोटर साइकिल पर 40 km/h के स्थिर वेग से जा रहा है। इसका अर्थ है कि किसी भी समय अंतराल में उसका वेग 40 km/h पर स्थिर रहेगा। इसलिए वह पहले एक घंटे में 40 km., दूसरे घंटे के अंत में 80 km तथा तीसरे घंटे के अंत में 120 km दूरी तय करेगा। अगले प्रत्येक घंटे में उसकी दूरी इसी तरह बढ़ती जाएगी। ग्राफ की सहायता से हम किसी भी दिए समय में रमेश द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 5

सरल रेखीय ग्राफ RS पर बिंदु A तथा B समय अंतरालों OD = t1 तथा OC = t2 पर रमेश की स्थिति दर्शाता है । समय मूल बिंदु 0 से मापा गया है। AD तथा BC बिंदु A तथा B से समय अक्ष पर लंब खींचे गए हैं। इस प्रकार ABCD एक आयत बन गई है ।
समय अंतराल (OC-OD) = (t2 – t1) में रमेश द्वारा तय की गई दूरी
S = आयत ABCD का क्षेत्रफल
= AD × DC
= वेग × समय अंतराल
S = v × (t2 – t1)
या S = 40 × (t2 – t1) km

प्रश्न 5.
एक समय प्रवेगित गति के लिए वेग-समय ग्राफ बनाओ तथा इस ग्राफ से आप वस्तु द्वारा तय की गई दूरी का पता कैसे करोगे ?
उत्तर-
एक समान प्रवेगित के लिए वेग-समय ग्राफ-जब कोई वस्तु स्थित वेगसे नहीं, परंतु लगातार बढ़ते हुए वेग के साथ चल रही हो, तो वह वस्तु प्रवेगित होती है तथा इसकी गति को प्रवेगित गति कहते हैं। इस अवस्था में वेग-समय (v – t) ग्राफ एक सरल रेखा OR होता है जो मूल बिंदु O से शुरू होता है तथा दोनों अक्षों से दूर जाता है ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 6

निम्न चित्र की सहायता से हम एक समान प्रवेगित गति के साथ चल रही वस्तु द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 7

OR एक सरल रेखीय ग्राफ है। ग्राफ पर दो बिंदुओं A1 तथा A2 से समय-अक्ष पर A1, A4 तथा A2, A3 लंब खींचो : A2, A3 पर एक लंब AL खींचो। समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होगी।

समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल = \(\frac {1}{2}\)(A1A4 + A2A3) × A1L
S = \(\frac {1}{2}\)(u + v) × (t2 – t1)
तय की गई दूरी S = औसत वेग × समय अंतराल

प्रश्न 6.
निम्नलिखित के ग्राफ खींचकर उदाहरण द्वारा समझाए-
(i) एकसमान त्वरित गति
(ii) असमान त्वरित गति।
उत्तर-
(i) एकसमान त्वरित गति- यदि किसी वस्तु के वेग में समान समय अंतरालों में समान परिवर्तन होता है, तो वस्तु की गति एकसमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र (a) में मुक्त रूप से गिरते हुए पत्थर का वेगसमय ग्राफ प्रदर्शित है। इसमें पत्थर का वेग प्रति सेकंड 9.8 मीटर/सेकंड बढ़ता जाता है, अर्थात् वस्तु की गति में त्वरण 9.8 मीटर/सेकंड है। यह ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि वस्तु की गति एक समान त्वरित गति है ।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 8

यदि किसी वस्तु के वेग समान समय अंतरालों में असमान परिवर्तन होते हैं, तब वस्तु की गति असमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र में एक कार की गति का वेग-समय ग्राफ दिया गया है। इसमें कार का वेग घटता-बढ़ता है। वह ग्राफ टेढ़े-मेढ़े वक्र के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि कार की गति, असमान त्वरित गति है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 9

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 7.
(क) वृत्तीय गति क्या होती है ? समान चाल की वृत्तीय गति त्वरित गति क्यों होती है ?
(ख) कोणीय वेग की परिभाषा दो । इसकी इकाई क्या है ?
(ग) सरल रेखीय और कोणीय वेगों में संबंध स्थापित करो ।
उत्तर-
(क) वृत्तीय गति – यदि किसी गतिमान वस्तु का गमन पथ सरल रेखा न होकर एक वृत्त हो, तो उस वस्तु की गति को वृत्तीय गति कहते हैं।
वृत्तीय गति में चाल अचर होने पर भी प्रत्येक बिंदु दिशा में होने वाला निरंतर परिवर्तन वेग में परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे वस्तु की गति त्वरित होती है ।

(ख) कोणीय वेग – प्रति इकाई समय में हुए कोणीय विस्थापन को कोणीय वेग कहते हैं।
यदि t समय में वस्तु θ कोण तय करती है, तो कोणीय वेग इस प्रकार दिया जा सकता है-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 10
या ω =
यह ω (ओमेगा) वर्तुल वेग को दर्शाता है
ω = \(\frac{\theta}{t}\)
कोणीय वेग की इकाई – कोणीय वेग रेडियन प्रति सेकंड में मापा जाता है।

(ग) सरल रेखीय तथा कोणीय वेग में संबंध – मान लो एक वस्तु एक समान रेखीय वेग v से r अर्धव्यास वाले वृत्त में गतिमान है। मान लो सरल रेखा में : s दूरी t समय में तय की गई और इसके सापेक्ष कोण θ विस्थापित होता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 11
तब कोण (रेडियन में)
θ = \(\frac{\mathrm{s}}{t}\) …………………. (i)
परंतु सरल रेखीय दूरी = चाल × समय
s = v × t ………………… (ii)
(2) से s का यह मान समीकरण (t) में रखने पर,
θ = \(\frac{v \times t}{r}\)
या \(\frac{\theta}{t}=\frac{v}{r}\)
ω = \(\frac{v}{r}\) (∵ \(\frac{\theta}{r}\) = ω)
अर्थात् v = r ω

प्रश्न 8.
एक समान वक्रीय या वर्तुल गति क्या होती है ? एक समान वक्रीय गति प्रवेगित गति क्यों होती है ? व्यावहारिक क्रिया द्वारा समझाओ। इससे क्या निष्कर्ष निकलता है ?
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 12
एक समान वर्तुल या वक्रीय गतिएक समान वक्रीय गति वह गति होती है जहां कि एक समान प्रवेगित गति, वेग की मात्रा में परिवर्तन के
स्पर्श रेखा कारण नहीं अपितु वेग की दिशा में परिवर्तन कारण होती है। जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो उस वृत्त की परिधि के प्रत्येक जिंदु पर गति की दिशा बदलती रहती है । दिखाए गए चित्र में बिंदु A, B, C, D वस्तु की चार स्थितियां दर्शायी गई हैं। CT तथा DT इन बिंदुओं पर गति की भिन्न-भिन्न दिशाएं हैं। अब क्योंकि गति की दिशा बदल रही है इसलिए वस्तु बदले हुए वेग से गति करती है । इसलिए यह गति एक समान प्रवेगित है।

महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष – मान लो एक विद्यार्थी, अर्धव्यास = r वाले वृत्त की परिधि के साथ-साथ एक पूरा चक्कर ‘t’ सेकंड में लगाता है, तो उसका वेग,
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 13

व्यावहारिक क्रिया – एक मीटर लंबा सूती या नायलॉन का धागा लो। इसके एक सिरे के साथ एक धातु का गोला बांधो तथा दूसरे सिरे को हाथ से पकड़ कर गोले को वृत्ताकार पथ में घुमाओ। जब गोला घूम रहा है तो इसकी चाल उस समय एक समान रहती है पर इसका वेग प्रत्येक बिंदु पर बदलता रहता है। वेग में परिवर्तन का कारण गोले की गति की दिशा में परिवर्तन है। गति की दिशा हमेशा वृत्ताकार पथ के स्पर्श रेखा के साथ होती है। स्पर्श रेखा वृत्त के अर्धव्यास के लंब रूप में होती है। चित्र में P1T तथा P2T क्रमशः P1 तथा P2 पर स्पर्श रेखाएं हैं जो इन बिंदुओं पर गोले की गति की दिशाएं दर्शाती हैं। यदि किसी भी समय गोले को छोड़ दिया जाए तो यह तीर की दिशाओं में जा गिरेगा।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 14

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
किसी वस्तु की विराम अवस्था तथा गति अवस्था को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
विराम अवस्था – यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ कोई परिवर्तन नहीं होता है तो वह वस्तु विराम अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – मेज पर रखी हुई पुस्तक. पृथ्वी पर खड़े पेड़-पौधे तथा बिजली का खंभा आदि।

गति अवस्था- यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ-साथ परिवर्तन हो रहा है तो वह वस्तु गति की अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – सड़क पर दौड़ती कार, वायु में उड़ता हुआ वायुयान आदि।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 2.
गति की विभिन्न किस्में कौन-कौन सी हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
गति की विभिन्न किस्मेंगति की तीन विभिन्न किस्में हैं-

  1. सरल रेखीय
  2. वर्तुल गति
  3. दोलन गति।

उदाहरण-
(1) मान लो एक प्रेक्षक ) पर है और वह एक कार स्थिति A में देखता है। कुछ देर बाद वह कार को स्थिति B पर देखता है। कार की इस स्थिति में परिवर्तन यह बतलाता है कि कार O के सापेक्ष गति में है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 15

(2) मान लो एक व्यक्ति धागे के एक सिरे पर बंधे पत्थर को घुमा रहा है । वह किसी क्षण पत्थर को A पर और फिर कुछ क्षण के बाद B पर देखता है। अतः O के सापेक्ष पत्थर की स्थिति बदलती है। अतः पत्थर O के सापेक्ष गति में है। यह वर्तुल या कोणीय गति का उदाहरण है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 16

(3) मान लो धागे से बंधा पत्थर एक निश्चित बिंदु से नीचे लटक रहा है। यदि पत्थर को हम एक ओर ले जाकर छोड़ दें तो यह A के इर्द-गिर्द बार-बार उसी पथ पर गति करने लगेगा। इस तरह की गति को दोलन गति कहते हैं।

प्रश्न 3.
“विराम तथा गति सापेक्ष है।” इस कथन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
विराम तथा गति सापेक्ष- इसका अर्थ यह है कि यदि कोई वस्तु किसी अन्य वस्तु के सापेक्ष विराम अवस्था में है तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह संसार की अन्य सभी वस्तुओं के सापेक्ष विराम अवस्था में है। यह अन्य वस्तुओं के सापेक्ष गति में हो सकती है। अतः हम कहते हैं कि विराम और गति सापेक्ष हैं।

प्रश्न 4.
अदिश तथा सदिश राशियों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
अदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, अदिश राशियां (scalar quantities) कहलाती हैं। जैसे-लंबाई, दूरी, द्रव्यमान, क्षेत्रफल, समय, चाल, कार्य, ऊर्जा, ताप, घनत्व, आयतन, विद्युत् धारा आदि।

किसी भी अदिश राशि को केवल एक संख्या द्वारा व्यक्त किया जा सकता है। जैसे-
अदिश राशियों को गणित के साधारण नियमों के अनुसार जोडा, घटाया, गणा एवं भाग किया जा सकता है।

सदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण एवं दिशा दोनों की आवश्यकता होती है, वे सदिश राशियां (vector quantities)) कहलाती हैं। जैसे-विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, भार, विद्युत् क्षेत्र आदि।
किसी भी सदिश राशि को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए राशि के परिमाण के साथ-साथ उसकी दिशा का उल्लेख करना भी आवश्यक है।

प्रश्न 5.
सदिश और अदिश राशियों में अंतर बताइये।
उत्तर-

सदिश अदिश
1. सदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं, जैसे-विस्थापन, बल, वेग विस्थापन आदि। 1. अदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें केवल परिमाण होता है, जैसे द्रव्यमान, आयतन, दूरी आदि।
2. इन्हें तीर के चिह्न से निरूपित किया जाता है। 2. इन्हें किसी विशेष तरीके से निरूपित नहीं किया जाता।
3. इनका संकलन त्रिभुज या समांतर चतुर्भुज के नियम द्वारा किया जा सकता है। 3. इन्हें बीज गणितीय ढंग से संकलित किया जा सकता है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित भौतिक राशियों को अदिश तथा सदिश में वर्गीकृत कीजिए-
दूरी, विस्थापन, घनत्व, बल, संवेग, वेग, त्वरण, चाल, समय, आयतन, ऊर्जा।
उत्तर-
अदिश राशियां – दूरी, घनत्व, चाल, आयतन, ऊर्जा, समय।
सदिश राशियां – विस्थापन, बल, संवेग, वेग, त्वरण।

उदाहरण – एक चल रही रेलगाड़ी में दो यात्रियों A तथा B पर विचार करें। दोनों यात्री एक-दूसरे तथा रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम अवस्था में हैं। परंतु रेलगाड़ी के बाहर स्थित प्रेक्षकों के सापेक्ष उनकी स्थिति निरंतर बदल रही है। अतः वे बाहरी प्रेक्षकों के सापेक्ष गति में हैं। अतः विराम और गति सापेक्ष कथन हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 7.
मूल बिंदु क्या है ? उदाहरण भी दो।
उत्तर-
मूल बिंदु – यह एक निश्चित बिंदु है, जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन किया जा सकता है।
वस्तु की स्थिति बताने के लिए हम मूल बिंदु से उसकी दूरी और दिशा बताते हैं। जैसे ही वस्तु गति करती है, मूल बिंदु के सापेक्ष इसकी गति और दिशा बदल सकती है।

उदाहरण-
(i) मान लो O एक निश्चित बिंदु है। इस बिंदु O से चल कर एक कार किसी समय P पर पहुंचती है। OP = 3 कि० मी० है। तब हम कहते हैं कि कार ने O के सापेक्ष 3 किलोमीटर दूरी तय की है। कार की स्थिति O के सापेक्ष ही परिभाषित की जा रही है ।
इसलिए O मूल बिंदु है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 17

(ii) एक तल में वस्तु की कोणीय गति के लिए भी वस्तु की दूरी और दिशा O मूल बिंदु के सापेक्ष ही बताई जाती है। यदि वस्तु P पर है तो यह कहा जाता है कि यह 30° पूर्व की ओर है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 18

प्रश्न 8.
दूरी तथा विस्थापन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
दूरी – किसी गतिमान वस्तु द्वारा किसी निश्चित समय में तय की गई मार्ग की लंबाई वस्तु द्वारा चली गई दूरी होती है। इसका मात्रक मीटर है। दूरी एक अदिश राशि है।

विस्थापन – किसी वस्तु की किसी निश्चित दिशा में स्थिति परिवर्तन को विस्थापन कहते हैं। यह अंतिम तथा प्रारंभिक स्थितियों के बीच की न्यूनतम दूरी होती है। विस्थापन सरल रेखीय तथा कोणीय हो सकता है। विस्थापन का मात्रक मीटर है तथा यह एक सदिश राशि है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 19

एक सरल रेखा में गतिशील वस्तु के लिए – मान लो एक वस्तु P से Q तक अपनी स्थिति बदलती है। यदि निश्चित बिंदु O से इसकी दूरी क्रमशः x1 और x2 है तो, विस्थापन ‘d’ इस तरह हो सकता है-
d = (x1 – x2) P से Q की दिशा में सरल रेखा में गति के लिए विस्थापन +ve तथा विपरीत दिशा में गति के लिए -ve चिह्नों द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 9.
एक समान रेखीय गति और एक समान वृत्तीय गति में क्या अंतर है ?
उत्तर-
एक समान रेखीय गति – यदि कोई गतिमान वस्तु किसी सरल रेखीय पथ पर इस प्रकार गति करे कि उसके द्वारा समान समय में समान दूरी तय की जाए, तो वस्तु की गति एक समान रेखीय गति कहलाती है। इस प्रकार की गति में चाल का परिमाण समान रहता है तथा गति की दिशा भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर परिवर्तित नहीं होती है। अत: एक समान रेखीय गति में वस्तु में त्वरण नहीं होता है।

एक समान वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु इस प्रकार गति करती है कि उसका पथ वृत्ताकार हो तथा उसकी चाल एक समान हो, तो वस्तु की गति एक समान वृत्तीय गति कहलाती है।
यद्यपि वस्तु की चाल का परिमाण समान रहता है, परंतु गति की दिशा प्रत्येक बिंदु पर परिवर्तित होती रहती है। दिशा में यह परिवर्तन वस्तु में त्वरण उत्पन्न करता है।

प्रश्न 10.
दूरी तथा विस्थापन में अंतर बताओ।
उत्तर-
दूरी और विस्थापन में अंतर-

दूरी विस्थापन
1. गतिमान वस्तु द्वारा तय की गई कुल लंबाई को दूरी कहते हैं। 1. निश्चित दिशा में गतिमान वस्तु की प्रारंभिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच की दूरी को विस्थापन कहते हैं।
2. दूरी एक अदिश राशि है। 2. विस्थापन एक सदिश राशि है।
3. दूरी को केवल इसके परिमाण (Magnitude) से ही वर्णित किया जा सकता है।

उदाहरण -एक पत्थर ‘h’ ऊंचाई तक फेंका गया जो वापिस आरंभिक स्थान पर पहुंच गया है।

पत्थर द्वारा तय हुई दूरी = h + h = 2h

3. विस्थापन का वर्णन दो राशियों-दूरी तथा दिशा से ही किया जाता है। दूरी को ही विस्थापन का परिमाण कहते हैं।

पत्थर का विस्थापन = h – h = 0 (शून्य)

प्रश्न 11.
चाल तथा वेग से क्या तात्पर्य है ? ये कैसी राशियां हैं ? इनके मात्रक भी लिखिए।
उत्तर-
चाल – किसी वस्तु द्वारा एक एकांक समय अंतराल में चली गई दूरी को उस वस्तु की चाल कहते हैं
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 20
इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है तथा यह अदिश राशि है।
वेग-किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में निश्चित दिशा में चली गई दूरी अर्थात् विस्थापन उस वस्तु का वेग कहलाता है। इसे v प्रदर्शित करते है; अत:
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 21
समय अंतराल इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है। यह सदिश राशि है।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 12.
चाल और वेग में अंतर बताओ।
उत्तर-

चाल तथा वेग में अंतर-

चाल वेग
1. एकांक समय में तय की गई दूरी चाल कहलाती है। 1. एकांक समय में किसी निश्चित दिशा में चली गई दूरी वेग कहलाता है। अथवा इकाई समय में हुआ विस्थापन कहलाता है।
2. चाल का वर्णन करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है। अतः यह एक अदिश राशि है। 2. वेग का वर्णन करने के लिए परिमाण तथा दिशा दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है। अतः यह एक सदिश राशि है।
3. चाल हमेशा धनात्मक होती है। 3. वेग धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों प्रकार का हो सकता है।
4. चाल को तीर युक्त सरल रेखा द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। 4. वेग को एक तीर युक्त सरल रेखा द्वारा निरूपित किया जा सकता है। तीर की लंबाई वेग के परिमाण तथा तीर की दिशा वेग की दिशा को प्रदर्शित करती है।

प्रश्न 13.
एकसमान वेग तथा परिवर्तनशील वेग से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
एकसमान वेग – यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी किसी विशेष दिशा में तय करे तो वस्तु को एकसमान वेग से गतिशील कहा जाता है।

परिवर्तनशील वेग – यदि कोई वस्तु किसी विशेष दिशा में समान समय-अंतरालों में असमान दूरी तय करे अथवा समान समय-अंतरालों में समान दूरी तय करे परंतु उसकी दिशा बदल जाए तो वस्तु के वेग को परिवर्तनशील वेग कहा जाता है।

प्रश्न 14.
औसत चाल तथा औसत वेग से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
औसत चाल – किसी गतिमान वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई औसत दूरी को उसकी औसत चाल कहते हैं। औसत चाल ज्ञात करने के लिए वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी को कुल दूरी तय करने में लगे समय से भाग दिया जाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 22
तय करने में लगा समय यदि वस्तु की गति एकसमान है तो चाल तथा औसत चाल में कोई अंतर नहीं होता।

औसत वेग – किसी वस्तु द्वारा किसी समय में तय किए गए कुल विस्थापन तथा विस्थापन तय करने में लगे कुल समय का अनुपात, वस्तु का औसत वेग कहलाता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 23
यदि वस्तु का वेग निश्चित दिशा में एकसमान दर से परिवर्तित हो रहा है तो
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 24

प्रश्न 15.
त्वरण किसे कहते हैं ? यह कैसी राशि है ? इसका मात्रक लिखिए।
उत्तर-
त्वरण – किसी गतिमान वस्तु के वेग-परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं। इसे व से प्रदर्शित करते हैं। यह सदिश राशि है। इसका मात्रक मीटर/सेकंड है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 25
समय अंतराल यदि वस्तु का प्रारंभिक वेग u, समय t में वेग v हो जाता है तो
वस्तु का त्वरण (a) = \(\frac{v-u}{t}\)

प्रश्न 16.
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग का परिमाण (अर्थात् वस्तु की चाल) समय के साथ-साथ बढ़ रहा हो तो वस्तु का त्वरण धनात्मक होता है। यदि वस्तु के वेग का परिमाण समय के साथ-साथ घट रहा हो तो रस्तु का त्वरण ऋणात्मक होता है, इसे मंदन भी कहते हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 17.
एकसमान त्वरण तथा असमान त्वरण का अर्थ उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर-
एकसमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में समान समयान्तरालों में समान परिवर्तन हो रहा है, तो वस्तु का त्वरण, एकसमान त्वरण कहलाता है।
उदाहरण-वृत्तीय गति में।

असमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन एकसमान समयान्तरालों के लिए भिन्न-भिन्न हो तो वस्तु का त्वरण, असमान त्वरण कहलाता है। उदाहरण-भीड़ भरे बाज़ार में गाड़ी चलाते समय गाड़ी का त्वरण असमान रहता है।

प्रश्न 18.
ग्राफ किसे कहते हैं ? इसकी क्या उपयोगिता है ?
उत्तर-
दो भिन्न अक्षों पर किसी भौतिक राशि को दूसरी भौतिक राशि के सापेक्ष चित्रित करने को ग्राफ कहते हैं। ग्राफ़ की उपयोगिता आज के युग में अत्यधिक है। लगभग सभी क्षेत्रों में इसका तथा तुलनात्मक तथा विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए सहायक सिद्ध होता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं-

  1. दो या दो से अधिक राशियों का तुलनात्मक अध्ययन अधिक सरलता और सुविधा से हो जाता है।
  2. विभिन्न राशियों के संबंधों को आसानी से दर्शाया जा सकता है।
  3. कम स्थान में विभिन्न आंकड़ों को प्रस्तुत किया जा सकता है।
  4. ग्राफ की ढाल से विभिन्न राशियों, सूचनाओं आदि को प्रकट किया जा सकता है।

प्रश्न 19.
आप किसी वस्तु के वेग के बारे में क्या कहेंगे यदि-
(i) समय-विस्थापन ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
(ii) समय वेग ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
उत्तर-
(i) वस्तु एक समान वेग से गतिशील है।

(ii) यदि ग्राफ समय-अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा हो तो इसका अर्थ यह है कि वस्तु एकसमान वेग से गतिशील है। यदि समय-वेग ग्राफ सरल रेखीय हो परंतु समय-अक्ष के साथ कोण बनाती हो तो इसका अर्थ है कि वस्तु असमान त्वरण से गतिशील है।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित स्थितियों में कौन-सी स्थिति संभव है तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
(a) कोई ऐसी वस्तु जिसका वेग शून्य है, परंतु उसका त्वरण स्थिर है।
(b) त्वरित गति में स्थिर वेग से चलती हुई कोई वस्तु।
(c) क्षैतिज दिशा में गति करती हुई कोई वस्तु, जिसका त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में है।
उत्तर-
(a) पृथ्वी तल से ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु जब अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर पहुंचती है तो उसका वेग शून्य होता है जबकि त्वरण अचर रहता है। [चित्र (a)]

(b) असंभव है। यदि वस्तु की गति त्वरित है तो वस्तु का वेग स्थिर नहीं रह सकता, या तो वेग का परिमाण बदलेगा अन्यथा दिशा बदलेगी। संभवतया दोनों भी परिवर्तित हो सकते हैं।

(c) प्रक्षेप्य गति में प्रक्षेप्य पथ के उच्चतम बिंदु पर वेग क्षैतिज दिशा में रहता है, जबकि त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में रहता है। [चित्र (b)]
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 26

प्रश्न 21.
निम्नलिखित ग्राफ में किस प्रकार की गति प्रदर्शित है ?
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 27
उत्तर-
(a) मंदित गति जो वस्तु को विराम अवस्था में ले आती है।

(b) परिवर्तनशील वेग। वस्तु विराम अवस्था से शुरू होती है और पहले भाग में एक समान त्वरण रखती है। दूसरे भाग में वस्तु एक समान वेग से चलती है। तीसरे भाग में वस्तु की गति मंदित होती है।

(c) विराम अवस्था से आरंभ होकर एक समान त्वरित गति।

(d) असमान त्वरित गति।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 22.
जिन कणों का निम्नलिखित वेग-समय ग्राफ हो उनके त्वरण पर टिप्पणी करो।
उत्तर-
(i) ढाल शून्य है ∴ त्वरण शून्य अर्थात् वेग अचर है।।
(ii) A और B दोनों की ढाल समान है और इसका त्वरण + ve है। त्वरण एक समान है।
(iii) यह मंदन की स्थिति है अर्थात् त्वरण ऋण है।
(iv) त्वरण परिवर्तनशील है, क्योंकि त्वरण (चक्र की ढाल) विभिन्न बिंदुओं पर भिन्न-भिन्न है।
(v) एक समान मंदन B पर एकसमान त्वरण में बदलता है।
(vi) एकसमान त्वरण A पर एक समान मंदन में बदलता है।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 28
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 29

प्रश्न 23.
एक वस्तु एकसमान चाल (V) से गतिशील है। चाल-समय ग्राफ से t1 से t2 समय के मध्य उसके द्वारा तय की गई दूरी की आप किस प्रकार गणना करेंगे ?
उत्तर-
एक समान चाल (V) से चलने वाली वस्तु का चाल-समय ग्राफ अक्ष के समानांतर रेखा के रूप में होगा।
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 30
∴ दूरी = चाल × समय
= V(t2 – t2)
= AB × (OD – OA)
= AB × AD
∴ आयत ABCD का क्षेत्रफल ही तय की गई दूरी होगी।

प्रश्न 24.
असमान गति के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हवाई जहाज़ के द्वारा पट्टी (Run way) पर उतरते हुए या उड़ान भरते समय गति।
  2. किसी बस के द्वारा ब्रेक लगाने पर गति।
  3. ऊपर से नीचे की ओर गिरती वस्तु की गति।
  4. किसी पेंडुलम की दोलन गति।

प्रश्न 25.
एक धागे के सिरे पर पत्थर को बांधकर उसे एक सिरे से पकड़ कर स्थिर वेग से वृत्तीय पथ पर घुमाया गया। धागे को छोड़ देने से पत्थर की दिशा कौन-सी होगी ? इस आधार पर वस्तुओं की एक समान वृत्तीय गति के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 31
धागे को छोड़ देने पर इसकी दिशा वृत्तीय पथ की स्पर्श रेखा में होगी। जब धागे को छोड़ा जाता है तब पत्थर उसी दिशा में गति करता रहता है जिसमें गति कर रहा था।

उदाहरण – चंद्रमा और पृथ्वी की गति, पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 26.
दो रेलगाड़ियां उत्तर और दक्षिण दिशा में जा रही हैं। उत्तर दिशा में जाने वाली गाड़ी 60 कि०मी० प्रति घंटा और दक्षिण दिशा में जाने वाली गाड़ी 80 किमी प्रति घंटा है। एक घंटे बाद इसका विस्थापन कितना होगा।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 32
एक घंटे के बाद विस्थापन = OX + OY
= 60 + 80 = 140 कि०मी०

प्रश्न 27.
चलती रेलगाड़ी में बैठा एक व्यक्ति गेंद को लंबात्मक दिशा में ऊपर की ओर फेंकता है। गेंद किस प्रकार गति करती दिखाई देगी-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को।
उत्तर-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को गेंद एकसमान गति में दिखाई देगी। यह गति बिल्कुल वैसी है जैसे गेंद पृथ्वी की सतह पर फेंकी गई हो।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को गेंद असमान गति में दिखाई देगी तथा इस गति का पथ पैराबोलिक होगा क्योंकि इस अवस्था में गेंद पर क्षैतिज तथा गुरुत्वीय वेग दोनों ही क्रिया कर रहे हैं।

प्रश्न 28.
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वेग से और कौन-सा चाल से सम्बन्ध रखता है
(क) दूरी को तय करने की दर
(ख) विस्थापन को तय करने की दर।
उत्तर-
(क) दूरी को तय करने की दर को चाल कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध चाल से है।
(ख) विस्थापन की दर को वेग कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध वेग से है।

प्रश्न 29.
एक फुटबाल सीधी ऊपर की ओर फेंकी गई है। शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग और त्वरण क्या होगा ?
उत्तर-
ऊपर सीधी फेंकी गई फुटबाल का वेग धीरे-धीरे कम होगा और शिखर शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग शून्य हो जाएगा। परंतु इसका गुरुत्वीय प्रवेग, g = – 9.81 m/s2 के बराबर होगा।

प्रश्न 30.
क्या यह संभव है कि कोई व्यक्ति स्थिर (एक समान) चाल से चले, परंतु उसका वेग अस्थिर (असमान) हो। यदि हां, तो एक उदाहरण दो।
उत्तर-
हां, यह संभव हो सकता है, जब कोई व्यक्ति वृत्ताकार पथ पर स्थिर एक समान चाल से चलता है, तो उसकी वृत्ताकार पथ के प्रत्येक बिंदु पर दिशा बदलती रहती है। गति की यह दिशा उस बिंदु पर वृत्त के टेंजैट (स्पर्श रेखा) की दिशा में होती है। इसलिए दिशा बदलने के कारण वेग अस्थिर (असमान) होता है।

प्रश्न 31.
चित्र में किसी वस्तु की गति के लिए वेग-समय ग्राफ AB दर्शाता है। उस वस्तु का प्रारंभिक वेग और त्वरण ज्ञात करो।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 33
दिए गए वेग-समय ग्राफ से यह स्पष्ट है कि
वस्तु का आरंभिक वेग (u) = 7 m/s
अंतिम वेग (v) = 0
समय (t) = 10s
मान लो वस्तु का त्वरण a है
∴ a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{0-7}{10}\)
= – 0.7 m/s2

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

भौतिक राशियों के चिह्न एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र (Symbols of Physical Quantities and Important Formula)

(क) भौतिक राशियों के चिह्न
समय = t
चाल = v
दूरी = S
आरंभिक वेग = u
अंतिम वेग = v
त्वरण = a
औसत वेग = Vav

(ख) महत्त्वपूर्ण सूत्र
यदि आरंभिक वेग u समय t पर वेग v तथा समरूप त्वरण a हो तो निम्न संबंध गति समीकरण कहलाते हैं-
v = v + at (समय t पर वेग)
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2 (समय अंतराल 1 में विस्थापन)
v2 = u2 + 2as (वेग-वर्ग संबंध)
(nवें इकाई, समयांतराल में विस्थापन) (Sn) = u + (2n – 1) (\(\frac{a}{2}\))

संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

प्रश्न 1.
रीता साइकिल पर 3.2. कि०मी० दूरी तय करने में 20 मिनट लगाती है। उसका वेग कि०मी०/ मिनट, मीटर/मिनट और कि०मी०/घंटा में ज्ञात करो।
हल :
तय की गई कुल दूरी = 3.2 कि०मी०
= 3200 मीटर
कुल समय = 20 मिनट]
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 34

प्रश्न 2.
अहमद अपनी कार 45 कि०मी०/घंटा वेग से चला रहा है ? वह (I) एक मिनट (II) एक सेकंड में कितनी दूरी तय करेगा ?
हल :
कार का वेग = 45 कि०मी०/घंटा
कार 60 मिनट में दूरी तय कर रही है = 45 कि०मी०
कार 1 मिनट में दूरी तय करेगी = \(\frac{45}{60}\)
= \(\frac{3}{4}\) = 0.75 कि०मी०
= 750 मीटर
इसी प्रकार, कार 1 सेकंड में दूरी तय करेगी
= \(\frac{750}{60}\)
= 12.5 मीटर।

प्रश्न 3.
सौरभ विराम अवस्था से अपने साइकिल का 30 सेकंड में वेग 6 मीटर/सै० प्राप्त कर लेता है। ब्रेक लगाने से अगले 5 सेकंड में साइकिल का वेग 4 मीटर/सै० हो गया। दोनों अवस्थाओं में साइकिल का त्वरण ज्ञात करो।
हल :
u = 0, v = 6 मी०/सै०, t = 30 सै०
v = u + at
6 = 0 + a × 30
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 35
= 0.2 मी०/सै०2

(ii) = 6 मी०/सै०, v = 4 मी०/सै०, t = 4 सै०
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 36
= 0.4 मी०/सै०2
मंदन = 0.4 मी०/सै०2

प्रश्न 4.
एक रेलगाड़ी विराम अवस्था से आरंभ होकर 5 मिनट में 72 कि० मी०/घंटा का वेग प्राप्त कर लेती है। समान त्वरण मानकर इसका त्वरण और तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :
u = 0, t = 5 मिनट
v = 72 कि०मी०/घंटा,
v = \(\frac{72 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 20 मी०/सै०
t = 5 × 60 = 300 सै०
परंतु a = \(\frac{v-u}{t}\)
= \(\frac{20-0}{300}=\frac{1}{15}\) = मी०/सै०2
∵ v2 = u2 + 2aS
= 0 + 2aS
S = \(\frac{v^{2}}{2 a}\)
= \(\frac{20 \times 20}{2 \times \frac{1}{15}}\) = 3000 मी०
= 3.0 कि०मी०।

प्रश्न 5.
एक कार समान त्वरण से 18 कि०/घंटा से 36 कि०/घंटा की गति 5 सेकंड में प्राप्त कर लेती है। इसका त्वरण और इस समय के बीच तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :
u = 18 कि०मी०/घंटा, v = 36 कि०मी०/घंटा, t = 5 सै०
u = \(\frac{18 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 5 मी०/सै०
v = \(\frac{36 \times 1000}{60 \times 60}\)
= 10 मी०/सै०
v = u + at
10 = 5 + a × 5
a = 1 मी०/सै०2
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
= 5 × 5 + \(\frac {1}{2}\)(1) (5)2
= 25 + 12.5 = 37.5 मीटर।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 6.
एक पुलिस की गाड़ी हाइवे पर 30 कि०मी०/घंटे की चाल से दौड़ती हुई, उसी दिशा में चोरों की गाड़ी जो 192 कि०मी० प्रति घंटे की चाल से दौड़ रही है, पर गोली चलाते हैं। यदि गोली की चाल 150 मी०/ से० हो तो किस चाल से गोली चोरों की गाड़ी को लगेगी ?
हल :
गोली की छोड़ने की चाल = 150 मी०/से० = 540 कि०मी०/घंटा
∴ कुल चाल = 30 + 540 = 570 कि०मी०/घंटा
गोली की चाल चोरों की गाड़ी की सापेक्ष, जो उसी दिशा में चल रही है
= 570 – 192 = 378 कि०मी०/घंटा
= \(\frac{378 \times 1000}{60 \times 60}\) मी./से०
= 105 मी०/सेकंड।

प्रश्न 7.
एक रेलगाड़ी जो 50 मी० लंबी है, एक सीधे तथा समतल ट्रैक पर चलकर एक खंभे के पास 5 सेकंड में पहुंचती है।
(i) गाड़ी की चाल ज्ञात करो।
(ii) 450 मी० लंबे पुल को पार करने में गाड़ी कितना समय लगायेगी।
हल :
(i) जैसा कि गाड़ी खंभे को 5 सेकंड में तय करती है तो यह अपनी लंबाई के बराबर दूरी तय करती है। तब-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 37
= 10 मी०/सेकंड

(ii) पुल को पार करने में गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी
= पुल की लंबाई + गाड़ी की लंबाई
= 450 मी० + 50 मी० = 500 मी०
इसलिए पुल को पार करने में गाड़ी को लगा समय
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 38
= 50 सेकंड

प्रश्न 8.
एक मोटर गाड़ी 50 कि०मी०/घंटा की चाल से एक निश्चित दूरी की यात्रा तय करती है और 40 कि०मी०/घंटा की चाल से वापस लौटती है। संपूर्ण यात्रा के लिए इसकी औसत चाल की गणना कीजिए।
हल :
माना कि निश्चित दूरी = x कि०मी०
50 कि०मी०/घंटा की चाल से x कि०मी० दूरी जाने में लगा समय
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 39

प्रश्न 9.
10.00 a.m. पर एक गाड़ी 40 km/h की चाल से गति कर रही है तथा 10.02 a.m. पर 50 km/ h की चाल से गाड़ी का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 40
= \(\frac{10 \times 60}{2}\) कि०मी०/घंटा2
= 300 कि०मी०/घंटा2

प्रश्न 10.
एक रेलगाड़ी 90km लंबे मार्ग में से पहले 30 km की दूरी 30 km/h की एकसमान चाल से तय करती है। शेष 60 km मार्ग को रेलगाड़ी किस चाल से तय करे कि उसकी औसत चाल 60 km/h हो जाए ?
हल :
पहले 30 km तय करने में लगा समय = \(\frac{30 \mathrm{~km}}{30 \mathrm{kmh}^{-1}}\) = 1h
मान लो x km/h की चाल से अगले 60 km तय होते हैं
तो अगले 60 km तय करने में लगा समय = \(\frac{60}{x}\)h
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 41
x = 120
अतः चाल 120 kmh-1 होनी चाहिए।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 11.
एक रेलगाड़ी 0.52 घंटे के लिए 60 km/h की चाल से 0.24 घंटे में 30 km/h तथा उससे अगले 0.71 घंटों में 70 km/h की चाल से चलती है। रेलगाड़ी की औसत चाल ज्ञात कीजिए।
हल :
0.52h समय में तय हुई दूरी
S1 = 0.52 × 60
= 31.2 km

0.24 h समय में तय हुई दूरी
S2 = 0.24 × 30
= 7.2 km

0.71 h समय में तय हुई दूरी
S3 = 0.71 × 70
= 49.7 km

कुल तय की गई दूरी = S1 + S2 + S3
= 31.2 + 7.2 + 49.7
= 88.1 km
कुल समय = 0.52 + 0.24 + 0.71
= 1.47 h
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 42
= \(\frac{88.1 \mathrm{~km}}{1.47 \mathrm{~h}}\)

प्रश्न 12.
एक कार 30 कि०मी० की दूरी 60 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है तथा अगले 30 कि०मी० की दूरी 40 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है। कुल लिया गया समय ज्ञात करो।
हल :
एक समान चाल के लिए
S = ul
माना पहले 30km की दूरी तय करने में लगा समय = t1
30 km = (60 km/h)t1
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 43
= \(\frac {1}{2}\)h = 30
मिनट इसी प्रकार, अगले 30 कि०मी० की दूरी तय करने में लगा समय = t2
30 km = (40 कि०मी०/घंटा) × t2
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 44
= 3/4 h = 45 मिनट
कुल लगा समय = t1 + t2 = 30 मिनट + 45 मिनट = 75 मिनट।
= 1 घण्टा 15 मिनट ।

प्रश्न 13.
पृथ्वी की कोणीय चाल का परिकलन कीजिए जबकि पृथ्वी अपने अक्ष के चारों ओर घूर्णन करती है।
हल :
पृथ्वी अपने अक्ष के चारों ओर एक घूर्णन 24 घंटे में पूरा करती है, अर्थात् 24 × 3600 5 में।
कोणीय विस्थापन, θ = 2π rad
समय अंतराल, t = 24h = (24 × 60 × 60) से०
पृथ्वी का कोणीय वेग,
ω = \(\frac{\theta}{t}=\frac{2 \pi \mathrm{rad}}{24 \times 3600 \mathrm{~s}}\)
= \(\frac{\pi}{43200}\)rad/s
= \(\frac{3.14}{43200}\)rad/s
= 7.27 × 10-5 rad/s.

प्रश्न 14.
एक पिंड विराम अवस्था से 0.6 मी०/से०2 के त्वरण के साथ चलता है। 300 मीटर चलने के बाद इसका वेग क्या होगा ? इस दूरी को तय करने में इसे कितना समय लगा ?
हल :
u = 0, a = 0.6 मी०/से०2
S = 300 मी०, y = ?, t = ?
v2 = u2 + 2aS
v2 = 2 × 0.6 × 300 = 360
v = \(\sqrt{360}\) = 6 × \(\sqrt{10}\) मी०/से०
= 19 मी०/से० (लगभग)
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
300 = \(\frac {1}{2}\) × 0.6 × t2
t2 = \(\frac{300}{0.3}\)
\(\frac{3000}{3}\) = 1000
t = \(\sqrt{1000}\) = 31.5 सेकंड (लगभग)

प्रश्न 15.
15 मी०/से० की गणना कि०मी०/घंटा में करो।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 45
= 54 कि०मी०/घंटा।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 16.
एक वस्तु 2 m/s के वेग से 5s तक चलती है। अगले 5s में एक समान त्वरण के कारण इसका वेग बढ़ कर 10 m/s हो जाता है। इसके बाद इस वस्तु का वेग एक समान रूप से कम होता है और वस्तु 10s में विराम की अवस्था में आ जाती है, तो
(a) इस वस्तु की गति के लिए वेग-समय तथा दूरी-समय ग्राफ खींचिए।
(b) ग्राफ में वह भाग दिखाइए, जहाँ गति एक समान है तथा जहाँ असमान है।
(c) ग्राफ से वस्तु द्वारा प्रारंभ से 25 तथा 12s बाद, तथा अंतिम 10s में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 46

(c) एकसमान गति = BC तथा CD
असमान गति = OB
2 सेकंड में तय की गई दूरी = OA × OE’ = 2 × 2 = 4 मी०
12 सेकंड में तय की गई दूरी = 12 से० के बाद दूरी = ABCFF’ का क्षेत्रफल
= OABB+ BBCC’ का क्षेत्रफल + CC FF’ क्षेत्रफल
= (5 × 2) + \(\frac {1}{2}\)(2 +10) × 5 + \(\frac {1}{2}\)(10 + 8) × 2
= 10 + 30 + 18
= 58 मी०
अंतिम 10 से० में तय की गई दूरी = \(\sqrt{(10)^{2}+(10)^{2}}\)
= \(\sqrt{100+100}\) = \(\sqrt{200}\)
= \(\sqrt{100 \times 2}\) = 10√2 मीटर

प्रश्न 17.
चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाला स्थल जंतु है और 500 मीटर से कम दूरी के लिए इसका सर्वोच्च वेग 100 km/h तक हो सकता है। यदि चीता अपने शिकार को 100m की दूरी पर देखता है तो उस तक पहुँचने में चीता कम-से-कम कितना समय लेगा यदि इस दौरान उसका औसत वेग 90kh/h हो।
हल :
औसत वेग = 90 कि०मी०/घंटा
= \(\frac{90 \times 1000}{60 \times 60}\) = 25 मी०/से०
चीते के द्वारा 25 मीटर दूरी तय की गई = 1 से०
चीते के द्वारा 1000 मीटर दूरी तय की गई = \(\frac{1}{25}\) × 100 = 4 सेकंड
अत: चीता 4 सेकंड में अपना शिकार पकड़ लेगा।

प्रश्न 18.
आजकल सभी बसों और कारों में स्पीडोमीटर लगे होते हैं जो किसी क्षण पर उनका वेग दिखाते हैं। ओडोमीटर नामक यंत्र वाहन द्वारा तय की गई दूरी मापता है। यदि किसी वाहन के आडोमीटर की माप यात्रा के प्रारंभ में 1048km और 40 मिनट बाद 1096 km थी, तो वाहन का औसत वेग परिकलित कीजिए। क्या वाहन की गतिशील स्थिति में स्पीडोमीटर की माप यही वेग प्रदर्शित करेगी ? अपने उत्तर के लिए कारण बताइए।
हल :
वाहन के द्वारा कुल तय की गई दूरी = 1096 – 1048
=48 कि०मी० समय = 40 मिनट
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 47
= 1.2 कि०मी०/मिनट
= 1.2 × 60
= 72 कि०मी०/घंटा
स्पीडोमीटर वाहन का वेग 72 कि०मी०/घंटा नहीं दर्शाएगा क्योंकि यह उसका औसत वेग है। भीड़ भरी सड़कों, चढ़ाई, उतराई आदि के कारण वाहन का वेग बढ़ता-घटता रहता है। वह सदा समान वेग से सड़क पर नहीं चलता।

प्रश्न 19.
कोई धावक 100 मीटर की दौड़ में भाग लेते हुए, पहले सेकंड में 4 मीटर, अगले 4 सेकंड में 30 मीटर व उससे अगले 4 सेकंड में 52 मीटर की दूरी तय करता है और वह दौड़ 10 सेकंड में पूरी कर लेता है तो,
(a) धावक के औसत वेग की गणना कीजिए।
(b) किस समय अंतराल में धावक का औसत वेग अधिकतम है ? इस वेग को उपयुक्त मात्रक में व्यक्त कीजिए।
(c) किस समय अंतराल में त्वरण अधिकतम होगा ?
(d) इस दौड़ में धावक की गति के लिए दूरी-समय ग्राफ बनाइए।
(e) ग्राफ की सहायता से धावक द्वारा 6 s के अंत तक तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
(a)
कुल दूरी = 100 मीटर
कुल समय = 10 सेकंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 48
= 10 मी०/सेकंड
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 49
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 50
∴ दूसरे और तीसरे अंतराल में त्वरण अधिकतम होगा।

(d) दूरी समय ग्राफ
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 51

(e) 5 सेकंड के पश्चात् धावक द्वारा तय दूरी = \(\frac{34}{5}\) = 6.8 मी०/से०
6 सेकंड के अंत तक धावक द्वारा तय की गई दूरी = 40 मी०/से०

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 20.
कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की और 5 m/s के वेग से फेंका गया है। इसका त्वरण ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर 10 m/s2 हो तो, पत्थर द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। इस उच्चतम ऊँचाई तक पहुँचने में पत्थर को कितना समय लगेगा ?
हल :
u = 5 मी०/से०, v = 0, a = 10 मी०/से०2
h = ?
t = ?
v2 = u2 + 2gh
(0)2 = (5)2 + 2 (-10) × h
0 = 25 – 20h
-20h = -25
h = \(\frac{25}{20}\)
= \(\frac{5}{4}\) = 1.2 मीटर
अब v = u + at
0 = 5 – 10t
t = \(\frac{-5}{-10}=\frac{1}{2}\) = 0.5 सेकंड

प्रश्न 21.
यात्रा शुरू होते समय कार का ओडोमीटर 2000 km प्रदर्शित करता है और यात्रा समाप्ति पर 2400 km प्रदर्शित करता है। यदि इस यात्रा में 8 h लगते हैं, तो कार की औसत चाल को km h-1 और ms-1 में ज्ञात करें।
हल :
कार के द्वारा तय की गई दूरी S = 2400 km – 2000 km = 400 km
दूरी तय करने में लगा कुल समय t = 8 h
कार की औसत चाल v = \(\frac{S}{t}\)
= \(\frac{400 \mathrm{~km}}{8 \mathrm{~h}}\) = 50km h-1
= 50 \(\frac{\mathrm{km}}{\mathrm{h}} \times \frac{1000 \mathrm{~m}}{1 \mathrm{~km}} \times \frac{1 \mathrm{~h}}{3600 \mathrm{~s}}\)
= 13.9 ms-1
कार की औसत चाल 50 km h-1 अथवा 13.9 ms-1 है।

प्रश्न 22.
ऊषा 90 m लंबे तालाब में तैरती है। वह एक सिरे से दूसरे सिरे तक सरल रेखीय पथ पर जाती है तथा वापस आती है। इस दौरान वह कुल 180 m की दूरी 1 मिनट में तय करती है। ऊषा की औसत चाल और औसत वेग को ज्ञात कीजिए।
हल:
ऊषा द्वारा 2 मिनट में तय की गई कुल दूरी (90 m + 90 m) = 180 m है।
1 मिनट में ऊष्मा का विस्थापन = 90 + (-90) = 90 – 90 = 0 m (∵ आरंभिक और अंतिम स्थिति एक ही है।)
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 52
= 0 ms-1
अतः ऊषा की औसत चाल 3 ms-1 है औसत वेग 0 ms-1 है।

प्रश्न 23.
विरामावस्था से राहुल अपनी साइकिल को चलाना शुरू करता है और 30 s में 6 ms-1 का वेग प्राप्त करता है। वह इस प्रकार से ब्रेक लगाता है कि साइकिल का वेग अगले 5 s से कम होकर 4 ms-1 हो जाता है। दोनों स्थितियों में साइकिल के त्वरण की गणना करें।
हल :
पहली स्थिति में
प्रारंभिक वेग, = 0;
अंतिम वेग, ‘ = 6 ms-1;
समय, t = 30s
∴ a = \(\frac{v-u}{t}\)
u, v और t का दिया हुआ मान ऊपर दिए गए समीकरण में रखने पर,
a = \(\frac{6 m s^{-1}-0 m s^{-1}}{30 s}\)
= 0.2 ms-2
दूसरी अवस्था में,
प्रारंभिक वेग, u = 6 ms-1;
अंतिम वेग v = 4 ms-1;
समय t = 5s;
तब a = \(\frac{4 m s^{-1}-6 m s^{-1}}{5 s}\)
= – 0.4 ms-2
साइकिल का त्वरण पहली स्थिति में 0.2 ms-2 है और दूसरी स्थिति में -0.4 ms-2 है।

प्रश्न 24.
किसी कार पर ब्रेक लगाने पर वह गति के विपरीत दिशा में 6 ms-2 का त्वरण उत्पन्न करती है। यदि कार ब्रेक लगाए जाने के बाद रुकने में 2 s का समय लेती है तो उतने समय में तय की गई दूरी की गणना करें।
हल :
दिया गया है,
a = -6 ms-2, t = 2S तथा v = 0 ms-1
v = u + at
0 = u + (-6 ms-2) × 2S
या u = 12 ms-1
S = ut + \(\frac {1}{2}\)at2
= (12 ms-1) × (2s) + \(\frac {1}{2}\) (6 ms-2) × (2s)2
= 24 m – 12 m
= 12 m
∴ कार रुकने के पहले 12 m की दूरी तय करेगी।
क्या अब आप इस महत्त्व को समझ सकते हैं कि चालक सड़क पर गाड़ी चलाते समय दूसरी गाड़ी से दूरी क्या बना कर रखते हैं ?

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

प्रश्न 25.
(i) घड़ी की सेकंडों वाली सुई
(ii) घड़ी की मिनटों वाली सुई
(iii) घड़ी की घंटों वाली सुई का कोणीय वेग ज्ञात करो।
हल :
(i) घड़ी की सेकंड वाली सुई 1 सेकंड में एक चक्र पूरा करती है। इसे समय अंतराल कहते हैं।
θ = 2π रेडियन, t = 1 मिनट = 60s
ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{60}\) rad. s-1
= \(\frac{\pi}{30}\) rad s-1

(ii) मिनटों की सुई के लिए θ = 2π rad.
t = 1h = 60 × 60s
∴ ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{60 \times 60}\)
= \(\frac{\pi}{1800}\) rad s-1

(iii) घंटों की सुई के लिए t = 12 h
∴ ω = \(\frac{\theta}{t}\)
= \(\frac{2 \pi}{12 \times 60 \times 60}\)
= \(\frac{\pi}{21600}\) rad s-1

प्रश्न 26.
एक रेडियन कितने डिग्री के बराबर है ?
हल :
रेडियन और डिग्री में संबंध-
पूरे वृत्त द्वारा केंद्र पर स्थापित कोण = \(\frac{2 \pi r}{r}\) = 2π रेडियन और केंद्र पर स्थापित कुल कोण = 360°
∵ 2π rad = 360°
π rad = 180°
1 rad = \(\frac{180}{\pi}\)
= \(\frac{180}{22 / 7}\)
= \(\frac{180 \times 7}{22}\) = 57.3
1 rad = 57.3°

प्रश्न 27.
किसी कार का वेग 18 मीटर/से० है। इसको कि०मी०/घंटा में व्यक्त कीजिए।
हल :
कार का वेग = 18 मीटर/से०
\(\frac{18}{1000}\) × 60 × 60
= 64.8 कि०मी०/घंटा

प्रश्न 28.
मान लीजिए आप एक 9m लंबे कमरे में 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा के वेग से चल रहे हैं। इस वेग को m/s के मात्रक में लिखिए। इस कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाने में आपको कितना समय लगेगा ?
हल :
वेग = \(\frac{3}{2}\) कि०मी०/घंटा
= \(\frac{3}{2} \times \frac{1000}{60 \times 60}\)
= \(\frac{5}{12}\) मी०/से०
= 0.42 मी०/से० (m/s)
\(\frac{5}{12}\) मी० की दूरी तय होने में समय लगाती है = 1/से०
9 मी० की दूरी तय होने में समय लगेगा = \(\frac{1 \times 9 \times 12}{5}\)
= \(\frac{108}{5}\) सेकंड
= 21.65 से०
∴ कमरे के एक ओर से दूसरी ओर जाने में लगा समय = 21.65 से०

प्रश्न 29.
किसी वृत्ताकार साइकिल ट्रैक की परिधि 314 मीटर है, AB इसका एक व्यास है। यदि कोई साइकिल सवार इस वृत्ताकार पथ पर A से B तक 15.7 मीटर प्रति सेकंड के स्थिर वेग से साइकिल चलाता है तो साइकिल सवार के लिए ज्ञात कीजिए-
(a) उसके द्वारा तय की गई दूरी।
(b) उसका विस्थापन, यदि AB उत्तर-दक्षिण दिशा में हो।
(c) उसका औसत वेग।
हल :
PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 53
व्यास = AB
परिधि = 314 m.
चाल = 15.7 m/s.
15.7 मी० तय करने में लगा समय = 1 से०
314 मी० तय करने में लगा समय = \(\frac{1 \times 314}{15.7}\)
= 20 से०

(a) साइकिल सवार के द्वारा तय की गई दूरी = 2πr = 314 मीटर
r = \(\frac{314}{2 \times 3.14}\)
= \(\frac{314 \times 100}{2 \times 314}\)
= 50 मी०

(b) विस्थापन = शून्य
∵ अंतिम स्थिति तथा प्रारंभिक स्थिति समान है।

(c) PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति 54
औसत वेग = \(\frac{314}{20}\)
= 15.7 मीटर/से०

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गति – जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो उसे गति में कहते हैं।

प्रश्न 2.
नियंत्रित गति का मानव के लिए एक उपयोग लिखिए।
उत्तर-
पानी के द्वारा विद्युत् उत्पादन।