PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 8 भाखड़ा बाँध

Hindi Guide for Class 5 PSEB भाखड़ा बाँध Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
बाँध किसे कहते हैं ?
उत्तर:
बाँध वह निर्माण है जिसके द्वारा नदियों के पानी को बाँध कर अथवा इकट्ठा करके आवश्यकता के समय उपयोग में लाया जाता है।

प्रश्न 2.
भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है?
उत्तर;
भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर बनाया गया है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 8 भाखड़ा बाँध

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई कितनी है ?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई 226 मीटर है।

प्रश्न 4.
‘गोबिन्द सागर’ झील का नाम किस गुरु के नाम पर रखा गया है ?
उत्तर:
गोबिन्द सागर झील का नाम दशम गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के नाम पर रखा गया है।

प्रश्न 5.
किस नहर पर और कहाँ दो बिजली घर बनाए गए हैं ?
उत्तर:
सतलुज नहर पर गंगूवाल और कोटला नामक स्थानों पर दो बिजलीघर बनाए गए हैं।

प्रश्न 6.
भाखड़ा बाँध से किस-किस राज्य को सिंचाई के लिए पानी मिलता है?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को सिंचाई के लिए पानी मिलता है।

प्रश्न 7.
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे कब राष्ट्र को समर्पित किया था ?
उत्तर:
पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे 22 अक्तूबर, सन् 1963 को राष्ट्र को समर्पित किया था।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच वाक्यों में लिखो

प्रश्न 1.
कैसा स्थान बाँध बनाने के लिए उपयुक्त समझा जाता है ?
उत्तर:
दो पहाड़ों के बीच का संकरा रास्ता, जहाँ नदी के पानी को आसानी से इकट्ठा किया जा सके, बाँध बनाने के लिए उपयुक्त स्थान समझा जाता है।

प्रश्न 2.
गोबिन्द सागर झील की सुन्दरता का वर्णन करो।
उत्तर:
तीन ओर से पहाड़ों से घिरी हरी-भरी घाटियाँ. ऊँचे-ऊँचे वक्षों की पंक्तियाँ और बीच में लहराता हुआ जल गोबिन्द सागर झील की सुन्दरता का अनुपम दृश्य उपस्थित करता है। दर्शकों का मन तो इस प्राकृतिक सौन्दर्य की छटा को देखकर मुग्ध हो उठता है।

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध के निर्माण से पंजाब के पड़ोसी राज्यों को क्या-क्या लाभ हुए हैं ?
उत्तर:
भाखड़ा बाँध के निर्माण से पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान को भी खूब लाभ मिला है। इन्हें सिंचाई के लिए पानी मिलता है जिस कारण इन राज्यों की उपज भी दोगुनी हो गई है। पहले जहाँ इन स्थानों में भूमि रेतीली और बंजर नज़र आती थी अब वहाँ फ़सलें लहलहाती नज़र आ रही हैं।

III. वाक्य पूरे करो-

(i) भाखड़ा बाँध …………. पहला बाँध है।
(ii) यह आनन्दपुर साहिब से . सतलुज नदी पर बनाया गया है।
(iii) भाखड़ा बाँध ………………. में से एक है।
(iv) भाखड़ा बाँध बनने से ………….. दृष्टिगोचर होते हैं।
(v) भाखड़ा बाँध …………………… गौरव है।
उत्तर:
(i) स्वतन्त्र भारत में बनाया गया
(ii) लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर
(iii) एशिया के सबसे ऊँचे बाँधों
(iv) पंजाब और हरियाणा में चारों ओर लहलहाते खेत
(v) हमारे देश का।

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IV. वाक्यों में प्रयोग करो

स्वर्गीय, प्राकृतिक, तीर्थ, आधुनिक, सौन्दर्य, दृष्टिगोचर, सोना उगलना।
उत्तर:
स्वर्गीय-स्वर्गीय पं० जवाहर लाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे।
प्राकृतिक-शिमला का प्राकृतिक सौन्दर्य अनूठा है।
तीर्थ-अमृतसर पंजाब का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
आधुनिक-भाखड़ा बाँध को पं० नेहरू ने आधुनिक तीर्थ स्थल कहा।
सौन्दर्य-पहाड़ों में प्रकृति का सौन्दर्य दर्शनीय है।
दृष्टिगोचर-पंजाब के खेतों में हरियाली ही हरियाली दृष्टिगोचर होती है।
सोना उगलना-पंजाब की उपजाऊ धरती सोना उगलती है।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

(i) बहना = बहाव
(ii) चुनना = ……….
(iii) दबना = ………..
(iv) सींचना = सिंचाई
(v) चढ़ना = ……….
(vi) पढ़ना = …………
उत्तर:
(i) बहना = बहाव।
(ii) चुनना = चुनाव।
(iii) दबना = दबाव।।
(iv) सींचना = सिंचाई।
(v) चढ़ना = चढाई।
(vi) पढ़ना = पढ़ाई।

VI. शुद्ध शब्द पर गोला लगाओ:

(i) उदोयोग – उद्योग – उदयोग
(ii) समरीध – समृद्ध – समृद्ध
(iii) समरपित – समर्पित – समीत
(iv) द्रिष्टि – दरिष्टि – दृष्टि
(v) उपस्थित – उपस्थीत – उपस्थिति
उत्तर:
शुद्ध शब्द
(i) उद्योग!
(ii) समृद्ध।
(iii) समर्पित।
(iv) दृष्टि।
(v) उपस्थित।

VII. अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द लिखो.

(i) किसी देश का सबसे बड़ा मन्त्री = प्रधानमन्त्री
(ii) नदी के पानी को बाँधना/रोकना = ……………..
(iii) सुख सुविधाओं से परिपूर्ण = ……………..
(iv) ज़मीन के नीचे खोदकर बनाई हुई नाली = ……………..
(v) सैलानियों के घूमने-फिरने का स्थान = ……………..
(vi) वह भूमि जो खेती योग्य न हो = ……………..
(vii) वह भूमि जिस पर भरपूर फ़सल हो = ……………..
(viii) पशुओं के चरने की जगह = ……………..
(ix) मृत्यु को प्राप्त = ……………..
उत्तर:
(i) किसी देश का सबसे बड़ा मन्त्री = प्रधानमन्त्री।
(ii) नदी के पानी को बांधना/रोकना = बाँध।
(iii) सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण = समृद्ध।
(iv) जमीन के नीचे खोदकर बनाई हुई नाली = सुरंग।
(v) सैलानियों के घूमने-फिरने का स्थान = पर्यटन स्थल।
(vi) वह भूमि जो खेती योग्य न हो = बंजर।
(vii) वह भूमि जिस पर भरपूर फसल हो = ऊसर/ उपजाऊ।
(viii) पशुओं के चरने की जगह = चारागाह।
(ix) मृत्यु को प्राप्त = मृत।

VIII. निम्नलिखित गद्यांश में आए संज्ञा शब्दों पर गोला तथा सर्वनाम शब्दों को रेखांकित करें

भाखड़ा बाँध पर काम करने वाले मजदूरों तथा इंजीनियरों की सुविधा के लिए विशेष रूप से एक बस्ती बनाई गई है। यह बस्ती नया नंगल के नाम से प्रसिद्ध है। यह स्थान भाखड़ा से तेरह किलोमीटर की दूरी पर है और बाँध के सबसे समीप पड़ता है। इसी स्थान पर सतलुज नदी पर एक छोटा बाँध और बनाया गया है। इससे एकनिहर निकाली गई है, जिस पर दो बिजली घर गंगुवाल तथा कोटला नामक स्थानों पर बनाए गए हैं।

IX. पढ़ो, समझो और लिखो

(क) ‘समर्पित’ शब्द में मूल शब्द समर्पण है। उसमें ‘इत’ शब्दांश जोड़ कर समर्पित शब्द बना है। इसी प्रकार नए शब्द बनाएँ-
(i) समर्पण + इत = समर्पित
(ii) प्रवाह + इत = ……………..
(iii) सम्मान + इत = …………….
(iv) एकत्र + इत = …………….
(v) निर्माण + इत = …………..
(vi) अनुमान + इत = …………
उत्तर:
इत’ प्रत्यय लगाकर बनाए गए शब्द
(i) समर्पण + इत = समर्पित।
(ii) प्रवाह + इत = प्रवाहित।
(iii) सम्मान + इत = सम्मानित।
(iv) एकत्र + इत = एकत्रित।
(v) निर्माण + इत = निर्माणित।
(vi) अनुमान + इत = अनुमानित।

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प्रयोगात्मक व्याकरण

(ख) विशेषण-
उदाहरण-

  1. हरी भरी घाटियाँ तथा ऊँचे-ऊँचे वृक्ष दिखाई दे रहे थे।
  2. हज़ारों मजदूरों की मेहनत रंग लाई।
  3. रेतीली भूमि में भी फ़सलें लहलहाने लगी हैं।।
  4. यह ऊँचा है।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘हरी भरी’ शब्द घाटियों (संज्ञा) की ‘ऊँचे-ऊँचे’ शब्द वृक्ष (संज्ञा) की, ‘हज़ारों’ शब्द मज़दूरों (संज्ञा) की, ‘रेतीली’ शब्द भूमि (संज्ञा) की तथा ‘ऊँचा’ शब्द ‘यह’ सर्वनाम की विशेषता बता रहा है।

परिभाषा-संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।

निम्नलिखित में से विशेषण शब्द छाँटिए।
1. अनेक यात्री भाखड़ा बाँध की सैर करने आते हैं।
2. इसके लिए दो सुरंगें खोदी गईं।
3. अब बंजर भूमि सोना उगलने लगी है।
4. कँटीली झाड़ियाँ नजर आ रही हैं।
5. प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू का सपना साकार हुआ।
उत्तर:
विशेषण शब्द
(1) अनेक।
(2) दो।
(3) बंजर।
(4) कँटीली
(5) प्रथम।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
भाखड़ा बाँध की ऊँचाई कितनी है ?
(क) 255 मीटर
(ख) 226 मीटर
(ग) 227 मीटर
(घ) 228 मीटर।
उत्तर:
(ख) 226 मीटर

प्रश्न 2.
भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है ?
(क) गंगा
(ख) यमुना
(ग) सतलुज
(घ) गोदावरी।
उत्तर:
(ग) सतलुज

प्रश्न 3.
भाखड़ा बाँध से किस राज्य को सिंचाई के लिएं पानी मिलता है ?
(क) पंजाब
(ख) हरियाणा
(ग) राजस्थान
(घ) तीनों को।
उत्तर:
(घ) तीनों को।

प्रश्न 4.
भाखड़ा बाँध का उद्घाटन कब हुआ ?
(क) 22 अक्तूबर 1963
(ख) 22 अक्तूबर 1964
(ग) 22 अक्तूबर 1965
(घ) 22 अक्तूबर 1966.
उत्तर:
(ख) 22 अक्तूबर 1964

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प्रश्न 5.
आनंदपुर साहिब से भाखड़ा बाँध की दूरी लगभग कितने कि०मी० है ?
(क) 20
(ख) 25
(ग) 30
(घ) 35
उत्तर:
(ग) 30

प्रश्न 6.
भाखड़ा बाँध हमारे देश का क्या है ?
(क) गौरव
(ख) बाँध
(ग) सागर
(घ) सब कुछ।
उत्तर:
(क) गौरव

प्रश्न 7.
भाखड़ा बाँध के लिए बनाई झील का क्या नाम है ?
(क) गोबिन्द सागर
(ख) गोबिन्द झील
(ग) गोबिन्द नदी
(घ) गोबिन्द बिन्दू।
उत्तर:
(क) गोबिन्द सागर

भाखड़ा बाँध Summary

भाखड़ा बाँध पाठ का सार

भारत का आधुनिक तीर्थ भाखड़ा बाँध हमारे देश की स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद बनाया गया सबसे पहला बाँध है। नदियों के पानी को इकट्ठा कर बाँध की सहायता से उपयोग में लाया जाता है। भाखड़ा बाँध चण्डीगढ़ से एक सौ पन्द्रह किलोमीटर दूर है। इसे आनन्दपुर से लगभग तीस किलोमीटर दूर सतलुज पर बनाया गया है। यहाँ सतलुज दो पहाड़ों के बीच में से गुज़रती है। बाँध बनाने से पहले दो सुरंगें खोदकर नदी का पानी इनसे निकाला गया था। यह बाँध एशिया के सबसे ऊँचे बाँधों में से एक है जिस की ऊँचाई 226 मीटर है। यह कुतुब मीनार से तीन गुणा ऊंचा है। इसके लिए बनाई गई झील का नाम गुरु गोबिन्द सिंह जी के नाम पर गोबिन्द सागर’ रखा गया है। इससे एक नहर निकालकर उस पर दो बिजली घर बनाए गए हैं। इससे सिंचाई के लिए। पानी प्राप्त होता है। इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में फसलें लहलहाने लगी हैं। इससे प्राप्त बिजली का उपयोग उद्योगों के विकास के लिए किया गया है। यह बाँध हमारे देश का गौरव है।

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कठिन शब्दों के अर्थ:

स्वतन्त्र = आज़ाद। आधुनिक = आजकल का, नवीन। निर्माण = बनाना, रचना। सम्पन्न = धनी, उन्नतिशील। आवश्यकता = ज़रूरत। उद्योग-धन्धे = ऐसे धन्धे जिनके द्वारा कुछ उत्पादन किया जा सके। संकरे = तंग। उपयुक्त = उचित, ठीक। प्रवाह = बहाव। अनुपम = जिसकी कोई उपमा न हो। दर्शक = देखने वाला। प्राकृतिक = कुदरती। सौन्दर्य = सुन्दरता। मुग्ध = प्रसन्न। पर्यटन स्थल = घूमने का स्थान। दृष्टिगोचर = नज़र आना। चरागाह = पशुओं के चराने के लिए बने घास के मैदान। अधिकांश = ज़्यादा भाग। विकास = उन्नति। समृद्ध = खुशहाल, सम्पन्न। सहस्त्रों = हज़ारों। अथक = जो कभी न थके। गौरव = बड़प्पन। स्वर्गीय = जिसकी मृत्यु हो चुकी हो। समर्पित = समर्पण करना, सौंप देना।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 9 गलती छिपाने की सजा

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PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 9 गलती छिपाने की सजा

Hindi Guide for Class 5 PSEB गलती छिपाने की सजा Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
अपनी ग़लती स्वीकार कर लेने में क्या समझदारी है ?
उत्तर:
अपनी ग़लती स्वीकार कर लेने में समझदारी है क्योंकि इससे सबका विश्वास बना रहता है।

प्रश्न 2.
कुश के पापा से बचपन में ग़लती से क्या टूट गया था ?
उत्तर:
बचपन में कुश के पापा से इटली से मँगवाई गई काँच की ट्रे टूट गई थी।

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प्रश्न 3.
उन्होंने अपनी ग़लती छिपाने की क्या कोशिश की थी ?
उत्तर:
उन्होंने अपनी ग़लती छिपाने के लिए ट्रे के टुकड़े उठाकर कूड़ेदान में फेंक दिए और घर में किसी को बताया नहीं।

प्रश्न 4.
कुश की बुआ उसके पापा को बचपन में क्यों ब्लैकमेल करती थी ?
उत्तर:
कुश के पापा ने बचपन में ट्रे के टूटने की ख़बर किसी को नहीं दी थी लेकिन उसकी बहन ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया था। वह इसी बात का फ़ायदा उठा कर उसे ब्लैकमेल करती थी।

प्रश्न 5.
कश के पापा ने अपनी बहन की ब्लैकमेलिंग से कैसे छुटकारा पाया ?
उत्तर:
अपनी बहन की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर कुश के पापा ने अपने दादा जी को ट्रे वाली सारी बात बता दी और अपनी बहन की ब्लैकमेलिंग से छुटकारा पाया।

प्रश्न 6.
कुश के पापा अपने बचपन की बात के द्वारा कुश को क्या सिखाना चाहते थे ?
उत्तर:
कुश के पापा अपने बचपन की बात के द्वारा कुश को सिखाना चाहते थे कि जीवन में ग़लती सबसे हो ही जाती है, लेकिन उस ग़लती को छिपाना नहीं चाहिए बल्कि सबको विश्वास में लेकर अपनी ग़लती मान लेनी चाहिए। इससे सबका विश्वास बना रहता है और कोई भी उस ग़लती की आड़ में उसे ब्लैकमेल नहीं कर पाता।

प्रश्न 7.
कुश ने अपने पापा से अपनी कौन-सी ग़लती स्वीकार की और क्यों ?
उत्तर:
कुश ने फ्रिज़ में से आईसक्रीम चोरी से निकाल कर खाने की ग़लती अपने पापा के सामने स्वीकार की।

II. निम्नलिखित मुहावरों के वाक्य बनायें

मुहावरा अर्थ वाक्य
(i) राहत की साँस लेना चैन मिलना चोरी का सारा सामान ठिकाने लगा कर चोरों ने राहत की साँस ली।
(ii) आँखें तरेरना क्रोध से देखना सेठ ने गुस्से में आँखें तरेर कर नौकर को देखा तो नौकर सकपका गया।
(iii) खून का चूंट पीकर रह जाना अत्यधिक क्रोध का आवेश सह लेना मैं बेबसी में खून का चूंट पीकर रह गया।
(iv) आनाकानी करना किसी काम को करने से हिचकिचाना मैंने रमेश से अपनी पुस्तक माँगी तो वह देने में आनाकानी करने लगा।
(v) दब्बू बनना डरपोक बनना पिता जी के अत्यधिक आक्रोश के चलते मोहन दब्बू बन कर रह गया।
(vi) तंग आना परेशान होना मैं तुम्हारी हरकतों से तंग आ गया हूँ।
(vii) पानी सिर के ऊपर से निकल जाना किसी बात की हद हो जाना पानी सिर के ऊपर से निकलता देख मंटू ने सारी बात अपने पिता को सच-सच बता दी।
(viii) हाथ बंटाना सहायता करना हमें अपने माता-पिता के कामों में हाथ बँटाना चाहिए।
(ix) उधेड़बुन में बैठे रहना चिन्ता में रहना, फिक्र करना दिन रात मैं इसी उधेड़बुन में लगा रहा कि यह कार्य कैसे पूरा कर सकूँगा।
(x) आसमान से धरती पर आ गिरना कल्पना लोक से निकल कर यथार्थ में आना कल्पना की दुनिया में विचरने वाली सुनीता का सच्चाई से जब सामना हुआ तो मानों वह आसमान से धरती पर आ गिरी।
(xi) दादागिरी सहन करना किसी का जुल्म सहना “मोहन ! मैं तुम्हारी दादागिरी अब और सहन नहीं करूँगा।”
(xii) सिर झुकाकर खड़ा हो जाना शर्म से गर्दन झुकाकर खड़े हो जाना चोरी पकड़े जाने पर नौकर सेठ के सामने सिर झुकाकर खड़ा हो गया।

III. इस पाठ में अंग्रेजी और फ़ारसी के शब्दों का प्रयोग भी हुआ है। कम-से-कम पाँच ऐसे शब्दों को चुनकर लिखें

अंग्रेजी के शब्द – फ़ारसी के शब्द
स्कूल – ग़लतफहमी
ब्लैकमेलिंग – ग़लती
ट्रे शॉट – हादसा। खुद
गैलरी – आईसक्रीम
रोज़मर्रा – जुल्म।

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IV. (क) लिंग बदलो-

पापा – …………
दादा – ………….
सहेली – ……………
बहन – …………
तुम्हारा ….तुम्हारी…
अपना – …………….
बुआ – ……………
उत्तर:
पापा = माँ।
दादा = दादी।
सहेली = सखा।
बहन = बहनोई।
तुम्हारा = तुम्हारी।
अपना = अपनी।
बुआ = फूफा।.

(ख) वचन बदलो

तुम्हारा – तुम्हारे
अपना – ……………
यह . ………….
वह . ………….
उत्तर:
एकवचन = बहुवचन
तुम्हारा = तुम्हारे
अपना = अपने।
यह = ये।
वह = वे।

V. निम्नलिखित प्रत्येक समूह में से सबसे जो अलग हो उस पर गोला लगायें।

1. बाल, बल्ला, शाट, खुश
2. दादा, बहन, बुआ, दादागिरी
3. रोज़मर्रा, कभी-कभी, दिनभर, विश्वास
4. गुस्सा, प्रेम, मुस्कान, स्कूल
5. हाथ, कान, आँख, आईसक्रीम।
उत्तर:
1. खुश
2. दादागिरी
3. विश्वास
4. स्कूल
5. आईसक्रीम

VI. अन्तर समझो और वाक्य बनाओ

1. मुद्रा : मुख, हाथ, गर्दन आदि
विशेष भाव सूचक स्थिति
………………..
मुद्रा : रुपया/सिक्का
उत्तर:
मुद्रा – उसकी मुख मुद्रा पर चिन्ता की रेखाएँ स्पष्ट थीं।
मुद्रा – अमेरिका की मुद्रा डालर है।

2. वहन : भार ढोना, निर्वाह करना
…………………..
बहन : माँ-बाप की बेटी
उत्तर:
वहन-मैं अब आपका भार वहन नहीं कर सकता।
बहन-मेरी बड़ी बहन मेरा बहुत ध्यान रखती है।

3. साँस : श्वास, दम
………………….
सास : पत्नी या पति की माता
उत्तर:
साँस-जब तक साँस तब तक आस।
सास-मेरी सास बहुत बुद्धिमान स्त्री है।।

4. बाल : केश, बालक
………………..
बॉल : गेंद
उत्तर:
बाल-मैंने बाल कटवा लिए हैं।
बॉल-मुझे क्रिकेट की बॉल चाहिए।

प्रयोगात्मक व्याकरण

I. पढ़ो, समझो और लिखो

1. वर्तमान काल : हमारी माँ नहीं है इसलिए यह ज़िम्मेदारी ऊषा बहन को वहन करनी पड़ती है।
भूतकाल : हमारी माँ नहीं थी इसलिए यह जिम्मेवारी ऊषा बहन को वहन करनी पड़ती थी।
भविष्यकाल : हमारी माँ नहीं होगी इसलिए यह जिम्मेवारी ऊषा बहन को वहन करनी पड़ेगी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 9 गलती छिपाने की सजा

2. वर्तमान काल : ……………..
भूतकाल : मुझे दादा जी ने नसीहत दी।
भविष्यकाल : ………………
उत्तर:
वर्तमान काल : मुझे दादा जी नसीहत देते हैं।
भूतकाल : मुझे दादा जी ने नसीहत दी।
विष्यकाल : मुझे दादा जी नसीहत देंगे।

3. वर्तमान काल : ………………
भूतकाल : …………….
भविष्यकाल : मैं स्कूल में पढुंगा।
उत्तर:
वर्तमान काल : मैं स्कूल में पढ़ता हूँ।
भूतकाल : मैं स्कूल में पढ़ता था।
भविष्यकाल : मैं स्कूल में पढुंगा।

II. क्या आप ने कभी अपनी ग़लती के लिए क्षमा माँगी है ? चार-पाँच वाक्यों में लिखें।

मनुष्य से जीवन में गल्तियाँ हो ही जाती हैं। मैंने भी जीवन में एक छोटी-सी ग़लती की थी। मैंने अपने दोस्तों के कहने पर पापा की जेब से बीस रुपए चुरा लिए थे और दोस्तों के साथ कैंटीन में खूब खाया-पिया। लेकिन अन्दर ही अन्दर मन के भीतर से यह आवाज़ बार-बार आ रही थी कि मन्न तूने यह अच्छा नहीं किया। मुझसे रहा न गया मैंने रात को पिता जी से अपनी ग़लती मानते हुए सारी बात सच-सच बता दी। पिता जी सुनने के बाद कुछ पल शाँत रहे फिर मुझे गले से लगाकर समझाया कि इस तरह किसी के बहकावे में नहीं आया करते वरना तुम्हारा जीवन नष्ट हो जाएगा। उस दिन के बाद से मैं कभी किसी के बहकावे में नहीं आता।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं.

प्रश्न 1.
कुश के पापा से बचपन में क्या टूट गई थी ?
(क) इटली की कांच की ट्रे
(ख) इटली की मीनार
(ग) इटली का जग
(घ) इटली का खिलौना।
उत्तर:
(क) इटली की कांच की ट्रे

प्रश्न 2.
कुश के पापा को कौन ब्लैकमेल करती थी ?
(क) कुश की मां
(ख) कुश की बुआ
(ग) कुश की दादी
(घ) कुश की चाची।
उत्तर:
(ख) कुश की बुआ

प्रश्न 3.
कुश के पापा ने अपनी बहन की ब्लैकमेलिंग को रोकने के लिए किसे सारी बात बताई ?
(क) दादा जी को
(ख) पापा जी को
(ग) माँ को
(घ) मामा जी को।
उत्तर:
(क) दादा जी को

गलती छिपाने की सजा Summary

गलती छिपाने की सजा पाठ का सार

पिता जी ने अपने बेटे को समझाते हुए कहा कि देखो बेटा गलतियाँ तो सबसे होती हैं, लेकिन अपनी ग़लती को मान लेना सबसे बड़ी समझदारी है और इसे छिपाने की चेष्टा कई बार बड़ी महँगी पड़ सकती है। कुश ने हैरान होकर पूछा, “बड़ी महँगी कैसे ? पापा।”

पिता ने उसे समझाते हुए कहा कि एक बार जब मैं स्कूल में पढ़ता था तो क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। एक दिन इसी से मेरे द्वारा काँच की वह ट्रे टूट गई जिसे मेरे दादा जी ने इटली से मँगवाया था। मैं घबरा गया और चुपचाप ट्रे के टुकड़े उठाकर कूड़ेदान में फेंक आया और संतोष किया कि किसी ने मुझे देखा नहीं, नहीं तो मुसीबत हो जाती। लेकिन मेरी छोटी बहन ऊषा ने मुझे ऐसा करते हुए देख लिया था लेकिन उसने भी किसी से कुछ नहीं कहा।। लेकिन अब जब भी दादा जी उसे किसी भी काम जैसे बर्तन धोने, झाड़ पोंछा लगाने के लिए कहते तो वह झट से मेरा नाम ले लेती और यदि मैं मना करता तो मुझे धमकाती कि मैं बता दूँ दादा जी को, ट्रे वाली बात। मैं डर के मारे चुपचाप सारे काम करने लगता। ऐसा करते-करते ऊषा की हिम्मत बहुत बढ़ गई। वह धमकी दे-देकर मुझसे सारे काम करवा लेती थी।

एक दिन परेशान होकर मैं दादा जी के पास पहुँचा और सिर झुका कर सारी बात बता दी और सज़ा के लिए इन्तज़ार करने लगा। लेकिन सारी बात सुनकर दादा जी ने हँसते हुए कहा कि मुझे पहले ही इस बात का पता था लेकिन तुमने अपनी ग़लती को छिपाया और ऊषा की ब्लैकमेलिंग का शिकार होते रहे दादा जी ने मुझे समझाया कि ग़लती छिपाने की कितनी बड़ी सज़ा मिल सकती है।

कहानी सुनते ही कुश झट से अपने कान पकड़ते हुए बोल पड़ा कि पापा जी फ्रिज में रखी हुई आईसक्रीम मैंने खाई थी, लव ने नहीं। वह तो अभी इतना छोटा है कि फ्रिज़ भी नहीं खोल सकता।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 9 गलती छिपाने की सजा

कठिन शब्दों के अर्थ:

स्वीकार = मान। चेष्टा = कोशिश। उधेड़बुन = असमंजस, फैसला न कर पाने की स्थिति मुद्रा = अवस्था। सकुचाते = शर्माते हुए। आलीशान = बहुत सुन्दर, महँगी। अप्रत्याशित 1 = अचानक। हादसा = घटना। अवशेष = टुकडे। राहत = चैन। लफड़ा = मुसीबत। गलतफहमी = भ्रम, झूठा विश्वास। वहन = उठाना। संकल्प = प्रण। आँखें तरेरना = गुस्सा दिखाना। खून के छूट पीकर रह जाना = मज़बूरी में मन मार कर रह जाना। रोज़मर्रा = प्रतिदिन। आनाकानी करना = इन्कार करना। कुटिल = फीकी। दब्बू बनकर = डरकर। कबूल करना = मान लेना। अविश्वास = विश्वास न होना। स्नेहपूर्वक = प्रेम से भरकर। रहस्योद्घाटन = भेद खोलना। क्षमा = माफ़। ब्लैकमेलिंग = ठगी करना। नसीहत = समझाना। तपाक = जल्दी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 10 फूल और काँटा Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 10 फूल और काँटा

Hindi Guide for Class 5 PSEB फूल और काँटा Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
फूल और काँटे को कौन-सी समान परिस्थितियाँ मिलती हैं ?
उत्तर:
फूल और काँटे को एक ही पौधा पालता है, चाँद की रोशनी, वर्षा का पानी और हवाएँ एक समान प्राप्त होती हैं।

प्रश्न 2.
फूल किस प्रकार सुख देता है ?
उत्तर:
फूल अपनी सुगन्धि, सुन्दरता तथा रस से दूसरों को सुख देता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

प्रश्न 3.
काँटा किस प्रकार दुःख देता है ?
उत्तर:
काँटा दूसरों की उँगलियों में चुभ कर और उनके सुन्दर कपड़े फाड़कर दुःख देता है।

प्रश्न 4.
देवता के शीश पर किसे चढ़ाया जाता है?
उत्तर;
देवता के शीश पर फूल को चढ़ाया जाता है।

प्रश्न 5.
कवि ने इस कविता में कुल का क्या महत्त्व बताया है ?
उत्तर:
इस कविता में कवि ने कुल का नहीं बल्कि अच्छे कर्म का महत्त्व बताया है।

II. इन प्रश्नों के उत्तर चार-पाँच पंक्तियों में लिखो

प्रश्न 1.
इस कविता से आपको क्या शिक्षा मिलती है ? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर:

  1. हमें सभी से प्यार करना चाहिए।
  2. हमें किसी को दुःख नहीं पहुँचाना चाहिए।
  3. हमें दूसरों का भला करना चाहिए।
  4. हमें अपने अन्दर अच्छाइयाँ (गुण) पैदा करनी चाहिएं।

प्रश्न 2.
समान कुल में जन्म लेने और समान परिस्थितियाँ मिलने पर भी व्यक्तियों का व्यवहार अलग-अलग होता है। क्यों ? उदाहरण देकर लिखो।
उत्तर:
(1) रावण और विभीषण एक ही खानदान में पले थे, परन्तु रावण ने पराई स्त्री का धोखे से हरण किया। इसके विपरीत विभीषण ने उसे छुड़ाने में भगवान् राम का साथ दिया।

(2) राम और लक्ष्मण दोनों भाई थे। एक ही पिता के आश्रय तले पालन-पोषण होने पर भी दोनों के व्यवहार में बहुत अन्तर था। राम धीर-गम्भीर और शान्त स्वभाव के थे जबकि लक्ष्मण उग्र और अधीर स्वभाव के थे।

III. काव्य-पंक्ति पूरी करो

(1) एक ही पौधा …………….
(2) मेह उन पर है ……………..।
(3) प्यार डूबी ……………।
(4) जब किसी में ……………।
उत्तर:
(1) उन्हें है पालता
(2) बरसता एक सा
(3) तितलियों के पर कतर
(4) हो बड़प्पन की कसर।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

IV. सरलार्थ करो

है खटकता एक सबकी आँख में,
दूसरा है सोहता सुर-सीस पर।।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जब किसी में हो बड़प्पन की कसर।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत पद्यांश में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया है।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे की तुलना करते हुए लिखता है कि इनमें से एक (काँटा) सभी को बुरा लगता है। दूसरा (फूल) देवता के सिर पर शोभा देता है। इस प्रकार किसी बड़े खानदान में पैदा होने का कोई लाभ नहीं, जब तक कि उसमें स्वयं बड़ों जैसे गुण न हों।

V. वाक्य बनाओ

(i) कली का जी खिलना = प्रसन्न होना ………….
(ii) आँख में खटकना = बुरा लगना ……………
उत्तर:
(i) कली का जी खिलना = भँवरे के मंडराने से कली का जी खिल उठा।
(ii) आँख में खटकना = काँटा सबकी आँख में खटकता है।

VI. विपरीत शब्दों का मिलान करो

(क)

श्याम दुर्गन्ध
सुगन्ध असुर
सुर घृणा
एक अनेक
प्यार श्वेत।

उत्तर:
श्याम – श्वेत।
सुगन्ध – दुर्गन्ध।
सुर – असुर।
एक – अनेक।
प्यार – घृणा।

(ख) फूल के चित्र में से समानार्थक शब्द ढूँढकर लिखो

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा 1

(i) फूल = पुष्प …………..
(ii) चाँद = ……………
(iii) हवा = ……………
(iv) वर्षा = …………..
(v) देवता = …………..
(vi) भौंरा = …………..
(vii) चाँदनी = …………..
उत्तर:
(i) फूल = पुष्प, सुमन।
(ii) चाँद = शशि, राकेश।
(iii) हवा = समीर, मारुत।
(iv) वर्षा = मेह, बारिश।
(v) देवता = देव, सुर।
(vi) भौंरा = अलि, भ्रमर।
(vii) चाँदनी = ज्योत्स्ना, चंद्रिका।

(ग) बहुवचन रूप लिखो-

उँगली = उँगलियाँ
काँटा = काँटे
हवा = हवाएँ
कली = ……..
भौंरा = ……………
कविता = …………
तितली = …………..
निराला = ………….
लता = …………..
उत्तर:
उँगली = उँगलियाँ।
कली = कलियाँ।
तितली = तितलियाँ।
काँटा = काँटे।
भौंरा = भौंरे।
निराला = निराले।
हवा = हवाएँ।
कविता = कविताएँ।
लता = लताएँ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

कविता में ‘श्याम-तन’ ‘वर-वसन’ ‘सुर-शीश’ शब्द युग्म के रूप में प्रयोग हुए हैं। इनमें पहला शब्द दूसरे शब्द की विशेषता बताता है। जिसकी विशेषता बताई जाये, उसे विशेष्य और जो शब्द विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। इन शब्द-युग्मों में से विशेषण और विशेष्य अलग-अलग कर लिखो।
उत्तर:
विशेषण – विशेष्य
(i) श्याम – तन।
(ii) वर – वसन।
(iii) सुर – शीश।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
फूल और कांटे के जीवन में क्या समानता
(क) एक पौधे द्वारा पालना
(ख) दो पौधों द्वारा पालना
(ग) अलग-अलग
(घ) एक रस।
उत्तर:
(क) एक पौधे द्वारा पालना

प्रश्न 2.
फूल हमें क्या देता है ?
(क) सुगंध
(ख) सुन्दरता
(ग) रस
(घ) सभी।
उत्तर:
(घ) सभी।

प्रश्न 3.
कांटा हमें क्या देता है ?
(क) चुभन
(ख) कपड़े फाड़ना।
(ग) पीड़ा
(घ) सभी।
उत्तर:
(घ) सभी।

प्रश्न 4.
देवता के शीश पर किसे चढ़ाया जाता है ?
(क) फूल
(ख) कांटा
(ग) चावल
(घ) आटा।
उत्तर:
(क) फूल

प्रश्न 5.
कुल से बढ़कर किसका महत्त्व ज्यादा है?
(क) अच्छे कर्म का
(ख) अच्छे धर्म का
(ग) अच्छे सौंदर्य का
(घ) अच्छी ऊंचाई का।
उत्तर:
(क) अच्छे कर्म का

फूल और काँटा Summary

फूल और काँटा पाठ का सार

कवि फूल और काँटे के विषय में कहता है कि दोनों एक ही पौधे पर लगते हैं। चाँद की चाँदनी उन पर एक-सी ही पड़ती है, वर्षा एक साथ ही बरसती है और हवा भी एक समान प्राप्त होती है पर फिर भी दोनों में कितना बड़ा अन्तर होता है। काँटा चुभ कर किसी को कष्ट देता है, कपड़े फाड़ता है, भंवरों| तितलियों को बींध डालता है तो फूल सबको प्रसन्नता देता है। अपनी सुगन्ध से सबको हर्षित करता है। काँटा सबको बुरा लगता है तो फूल देवताओं के शीश पर शोभा देता है। प्रत्येक जीव अपने कार्यों से ही श्रेष्ठता प्राप्त करता है न कि परिवार के नाम से।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

पद्यांशों के सरलार्थ

1. हैं जन्म लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी,
एक-सी ही चाँदनी है डालता॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
जगह = स्थान। पालता = पालन करना। चाँदनी = चाँद की रोशनी।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया गया है।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे का वर्णन करते हुए लिखता है कि ये दोनों एक ही जगह पर जन्म (पैदा होते हैं) लेते हैं। एक ही पौधा उन्हें पालतापोसता है। रात के समय चाँद उन पर एक समान चमकता है और उन दोनों पर एक-जैसी रोशनी डालता है।

भावार्थ:
फूल हो या काँटा-प्रकृति उन्हें अपने समान व्यवहार से ही पालती-पोसती है।

2. मेह उन पर है बरसता एक-सा,
एक-सी उन पर हवाएँ हैं बहीं।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।

कठिन शब्दों के अर्थ:
मेह = वर्षा। बहीं = बहती हैं। ढंग = तरीका।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में समान परिस्थितियाँ होते हुए भी फूल और काँटे के | भाग्य में अन्तर को स्पष्ट किया गया है।

सरलार्थ:
फूल और काँटे दोनों पर एक समान वर्षा बरसती है। उन पर हवाएँ भी एक-सी बहती हैं। लेकिन हमें हमेशा ही यह दिखाई देता है कि उन दोनों, फूल और काँटे के तरीके एक समान नहीं होते।

भावार्थ:
प्रकृति का व्यवहार सभी के लिए एक समान ही होता है-चाहे कोई अच्छा हो या बुरा।

3. छेद कर काँटा किसी की उंगलियाँ,
फाड़ देता है किसी का वर वसन।
प्यार में डबी तितलियों के पर कतर,
भौंर का है बेध देता श्याम तन॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
छेदकर = बेधकर। वर वसन = सुन्दर कपड़े। कतर = काट देना। पर = पंख। श्याम = काला। बेध देता = जख्मी कर देता है।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। इन पंक्तियों में कवि ने काँटे के स्वभाव के बारे में बताया है।

सरलार्थ:
पौधे पर लगा काँटा किसी आदमी की उंगलियाँ छेदकर अथवा उंगलियों में चुभ कर दुःख पहुँचाता है। काँटा किसी के सुन्दर कपड़ों को फाड़ देता है। वह फूलों के प्यार में डूबी प्यार करने वाली तितलियों के पंख काट देता है। वह भंवरों के काले शरीर को ज़ख्मी कर देता है।

भावार्थ:
बुरों का व्यवहार सबके लिए बुरा ही होता है।

4. फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगन्धित औ’ निराले ढंग से,
है सदा देता कली का जी खिला॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
अनूठा = निराला, बहुत अच्छा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित ‘हरिऔध’ जी द्वारा लिखित कविता ‘फूल और काँटा’ में से लिया गया है। इन पंक्तियों में कवि ने फूल के कोमल स्वभाव के बारे में बताया है।

सरलार्थ:
फूल तितलियों को अपनी गोद में ले प्यार करता है और भंवरे को अपना मीठा रस पिलाता है। फूल अपनी खुशबू और अपने अच्छे ढंग से हमेशा कली के दिल को प्रसन्न कर देता है। कहने का भाव यह है कि फूल सबको सुख पहुँचाता है।

भावार्थ:
अच्छे स्वभाव वाले सभी के प्रति अच्छा व्यवहार ही करते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 10 फूल और काँटा

5. है खटकता एक सब की आँख में,
दूसरा है सोहता सुर-सीस पर।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जब किसी में हो बड़प्पन की कसर॥

कठिन शब्दों के अर्थ:
खटकता = बुरा लगता है। सोहता = शोभा देता है। सुर = देवता। कुल = खानदान। बड़प्पन = श्रेष्ठता।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश ‘फूल और काँटा’ नामक कविता से लिया गया है, जिसमें कवि ने स्पष्ट किया है कि हमारे कार्य और गुण ही हमें बड़ा बनाते हैं न कि हमारा परिवार।

सरलार्थ:
कवि फूल और काँटे की तुलना करते हुए लिखता है कि इनमें से एक (काँटा) सभी को बुरा लगता है। दूसरा (फूल) देवता के सिर पर शोभा देता है। इस प्रकार किसी बड़े खानदान में पैदा होने का कोई लाभ नहीं, जब तक कि उसमें स्वयं बड़ों जैसे गुण न हों।

भावार्थ:
प्रत्येक प्राणी अपने गुणों से बड़ा बनता है न कि अपने परिवार की श्रेष्ठता से।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

Hindi Guide for Class 5 PSEB क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
सावित्रीबाई फुले का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उत्तर:
सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी, सन् 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नैगाँव, तहसील खण्डाला में हुआ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

प्रश्न 2.
सावित्रीबाई फुले के माता-पिता व पति का क्या नाम था?
उत्तर:
सावित्रीबाई फुले की माता का नाम लक्ष्मी और पिता का नाम खंदोजी नैवसे तथा पति का नाम ज्योतिबा राव फुले था।

प्रश्न 3.
सबसे पहले सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के स्कूल की स्थापना कब की?
उत्तर:
सावित्रीबाई फुले ने सन् 1848 में सबसे पहले लड़कियों के स्कूल की स्थापना की।

प्रश्न 4.
ब्रिटिश सरकार ने उन्हें व उनके पति को कब सम्मानित किया?
उत्तर:
ब्रिटिश सरकार ने सावित्री और उनके पति को सन 1852 में सम्मानित किया।

प्रश्न 5.
सावित्रीबाई फुले की मृत्यु कब और |किस बीमारी की चपेट में आने से हुई?
उत्तर:
सावित्रीबाई फुले की मृत्यु 10 मार्च, सन् 1897 में प्लेग के कारण हुई।

प्रश्न 6.
सावित्रीबाई फुले को पढ़ने व पढ़ाई के कार्य में किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?
उत्तर:
सावित्रीबाई को पढ़ने के लिए घर में ही काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन वह अडिग अपने लक्ष्य-पथ पर चलती रही। पढ़ाई के कार्य में चलते हुए भी उन्हें लोगों का विरोध सहना पड़ता। लोग उन्हें कई कुछ भला-बुरा कहते और उसके कपड़ों पर कीचड़ आदि फेंकते। लेकिन सावित्री बाई इन बातों से घबराई नहीं और अपने रास्ते पर चलती रही।

प्रश्न 7.
भारत सरकार ने सावित्रीबाई फुले का डाक टिकट कब जारी किया?
उत्तर:
भारत सरकार ने 10 मार्च, सन् 1998 को उनके नाम का डाक टिकट जारी किया।

II. शुद्ध शब्द पर गोला लगाओ

1. तहसील/तहिसील/तहसिल
2. अध्यापीका/अध्यिापिका/अध्यापिका
3. सावित्री/सावितरी/सावीत्री
4. महतवपूर्ण/महत्त्वपूर्ण/महत्वपूरण
5. सथापना/स्थापना/स्थाप्ना
6. समानित/सम्मानित/सम्मानीत
7. प्रेरणादायक/प्रेरणादाइक/प्ररेनादायक
8. सरानीय/सराहनीय/सराहनिय
9. प्रकाशित/प्ररकाशित/प्रकासित
उत्तर:
1. तहसील
2. अध्यापिका
3. सावित्री
4. महत्त्वपूर्ण
5. स्थापना
6. सम्मानित
7. प्रेरणादायक
8. सराहनीय
9. प्रकाशित।

III. समान अर्थ वाले शब्द ढूँढ़कर लिखो

कल्याण, अंधेरा, लगातार, इरादा, पहली, हौसला, स्वयं, शिक्षिका, खेमा।
प्रथम – ……………
शिविर – ……………
धैर्य – ……………
अंधकार – ……………
अध्यापिका -. …………..
निश्चय – ……………
उद्धार – ……………
निरन्तर – ……………
खुद – ……………
उत्तर:
प्रथम – पहली
शिविर – खेमा
धैर्य – हौसला
अंधकार – अंधेरा
अध्यापिका – शिक्षिका
उद्धार – कल्याण
निश्चय – इरादा
निरन्तर – लगातार
खुद – स्वयं

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

IV. बहुवचन रूप लिखो

स्त्री = स्त्रियाँ
बच्चा = बच्चे
लड़की = ……………
कपड़ा = ……………
बेटी = …………..
बेटा = ……………
उत्तर:
स्त्री = स्त्रियाँ
बच्चा = बच्चे
लड़की = लड़कियाँ
बेटी = बेटियाँ
बेटा = बेटे
कपड़ा = कपड़े

पढ़ो, समझो और लिखो-

शिक्षक = शिक्षिका
औरत = मर्द
कवि = कवयित्री
विधवा = सधवा।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
सावित्रीबाई फुले का जन्म कब हुआ ?
(क) 3 जनवरी 1831 को
(ख) 3 जनवरी 1852 को
(ग) 3 जनवरी 1833 को
(घ) 3 जनवरी 1834 को।
उत्तर:
(क) 3 जनवरी 1831 को

प्रश्न 2.
सावित्रीबाई का जन्म कहां हुआ ?
(क) पंजाब में
(ख) महाराष्ट्र में
(ग) हरियाणा में
(घ) राजस्थान में।
उत्तर:
(ख) महाराष्ट्र में

प्रश्न 3.
सावित्रीबाई का विवाह किसके साथ हुआ ?
(क) ज्योतिबा राव
(ख) ज्योति प्रसाद
(ग) ज्योति सिंह
(घ) ज्योति भारती।
उत्तर:
(क) ज्योतिबा राव

प्रश्न 4.
ज्योतिबा राव किसके पक्षधर थे ?
(क) धर्म के
(ख) सम्प्रदाय के
(ग) स्त्री-शिक्षा के
(घ) स्त्री-प्रथा
उत्तर:
(ग) स्त्री-शिक्षा के

प्रश्न 5.
सावित्रीबाई ने पति के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए स्कूल कब खोला ?
(क) 1845 ई० में
(ख) 1846 ई० में
(ग) 1847 ई० में
(घ) 1848 ई० में।
उत्तर:
(घ) 1848 ई० में।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

प्रश्न 6.
भारत सरकार ने सावित्रीबाई के नाम पर क्या जारी किया ?
(क) डाक टिकट
(ख) डाक पार्सल
(ग) डाक गाड़ी
(घ) डाकपाल।
उत्तर:
(क) डाक टिकट

क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले Summary

क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले पाठ का सार

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी, सन् 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नैगाँव, तहसील खण्डाला में हुआ। इनके पिता जी का नाम खंदोजी नैवसे तथा माता का नाम लक्ष्मी था। 9 वर्ष की आयु में ही इनका विवाह ज्योतिबा राव फुले के साथ हुआ। ज्योतिबा राव स्त्री-शिक्षा के पक्षधर थे। उन्होंने औरतों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया क्योंकि वे समझते थे कि स्त्री शिक्षा से ही समाज में फैले अज्ञानअन्धकार को दूर किया जा सकता है। इसलिए सबसे पहले उन्होंने सावित्री फुले को पढ़ाने का निश्चय किया। ज्योतिबा ने खाली समय में सवित्रीबाई को पढ़ाना शुरू किया। हालांकि परिवार में इस बात का बहुत विरोध भी हुआ, लेकिन ज्योतिबा अपने रास्ते पर चलते रहे। पढ़ाई के कार्यों में भी सावित्री को बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मार्ग में चलते हुए लोग न जाने उन्हें क्या-क्या कहते, कपड़ों पर कीचड़ आदि फेंकते, लेकिन सावित्री बाई इन सब की परवाह न करते हुए अपने लक्ष्य पर अडिग चलती रही और लड़कियों को पढ़ाती रही।

सन् 1848 में उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए एक स्कूल खोला। इस स्कूल की पहली मुख्याध्यापिका सावित्रीबाई बनी। इसी प्रकार उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर और भी कई स्कूल खोले। इनके इन कार्यों से प्रसन्न होकर ब्रिटिश सरकार ने सन् 1852 में उन्हें और ज्योतिबा राव. को सम्मानित किया।

ज्योतिबा राव ने ग़रीबों, अनाथों और विधवाओं की भलाई के लिए जो भी कार्य किए, सावित्री जी ने उन्हें अपना पूरा सहयोग दिया। उन्होंने एक ग़रीब औरत को सहारा दिया, उसे अपनी बेटी के समान -घर पर रखा। सावित्रीबाई ने उसके बेटे का पालनपोषण किया और उसे पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाया। ज्योतिबा के निधन के पश्चात् इन्होंने उनके द्वारा स्थापित सत्यशोधक मंडल का दायित्व स्वयं सम्भाल लिया।

प्लेग फैलने पर सावित्रीबाई ने प्लेग-पीड़ितों की खूब सेवा की। उन्होंने उनके लिए शिविर लगवाए तथा उनके भोजन का प्रबन्ध किया। इसी प्रकार एक प्लेग पीड़ित बालिका की सेवा करते हुए वह स्वयं
भी इसका शिकार हो गई और इसी बीमारी के चलते 10 मार्च, सन् 1897 को उन्होंने प्राण त्याग दिए। निश्चय ही महिलाओं की मुक्ति के लिए सावित्री जी का योगदान सराहनीय है। भारत सरकार ने 10 मार्च, | सन् 1998 को उनके नाम पर डाक-टिकट जारी किया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 11 क्राँतिजोत : सावित्रीबाई फुले

कठिन शब्दों के अर्थ:

अधिकार = हक। अन्याय = न्याय न होना। ताल्लुक = सम्बन्ध। उद्धार = कल्याण। अन्धकार = अन्धेरा। दृढ़ निश्चय = पक्का इरादा। विद्या = शिक्षा। बीड़ा उठाया = दायित्व लिया। निश्चय = इरादा। निरन्तर = लगातार। समस्याएँ = मुश्किलें। अडोल = बिना डगमगाए, स्थिर। अडिग = स्थिर। डगमगाई = लड़खड़ाई, डोली। धैर्य = हौंसला। कथनी = कहना। आश्रय = सहारा। लालन-पालन = पालना-पोसना, परवरिश। बखूबी = बड़ी अच्छी तरह। फर्ज = कर्त्तव्य। निधन = मृत्यु। दायित्व = ज़िम्मेदारी। खुद = स्वयं। सराहनीय = प्रशंसा के योग्य।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

Hindi Guide for Class 5 PSEB श्रद्धा और अभ्यास Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
पाँच पाँडवों के नाम लिखो।
उत्तर:
पाँच पाँडवों के नाम हैं-युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव।

प्रश्न 2.
कौरव-पांडव के गुरु कौन थे?
उत्तर:
कौरव-पांडव के गुरु द्रोणाचार्य थे।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

प्रश्न 3.
गुरु शिष्यों को कौन-सी विद्या सिखा रहे थे?
उत्तर;
गुरु द्रोणाचार्य अपने शिष्यों को धनुर्विद्या सिखा रहे थे।

प्रश्न 4.
अर्जुन किस विद्या में निपुण था?
उत्तर;
अर्जुन धनुर्विद्या में निपुण था।

प्रश्न 5.
बनवासी बालक क्या कर रहा था?
उत्तर:
बनवासी बालक धनुर्विद्या का अभ्यास कर रहा था।

प्रश्न 6.
आश्रम में कुत्ते को देखकर सभी क्यों चकित हो गए?
उत्तर:
कुत्ते का मुँह बाणों से भरा हुआ था। यह देखकर आश्रम में सभी चकित हो गए।

प्रश्न 7.
गुरु द्रोणाचार्य प्रतिमा देखकर क्यों हैरान हो गए?
उत्तर:
गुरु द्रोणाचार्य प्रतिमा देखकर हैरान इसलिए हो गए क्योंकि वह प्रतिमा उन्हीं की थी।

प्रश्न 8.
एकलव्य का गुरु कौन था?
उत्तर:
एकलव्य ने गुरु द्रोणाचार्य को अपना गुरु माना था।

प्रश्न 9.
श्रद्धा और अभ्यास का एकलव्य पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
श्रद्धा और अभ्यास के बल पर एकलव्य धनुर्विद्या में कुशल हो गया।

प्रश्न 10.
इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि श्रद्धा, विश्वास, लगन और परिश्रम से कोई भी कार्य कठिन नहीं रह सकता।

II. वाक्य पूरे करो

1. अर्जुन का निशाना अन्य ………………. से सर्वश्रेष्ठ था।
2. ………… उन्हें धनुष विद्या सिखा रहे थे।
3. अचानक एक …………… वहाँ आया।
4. कुत्ते का मुँह ……………. से भरा था।
5. वह बालक ………………. था।
6. मैंने मन से आपको ……………….. मान लिया था।
7. बालक सभी को ………………… के सम्मुख ले गया।
उत्तर:
(1) शिष्यों
(2) गुरु द्रोणाचार्य
(3) कुत्ता
(4) बाणों
(5) एकलव्य
(6) गुरु
(7) मूर्ति।

III. बनवासी शब्द वन + वासी शब्द जोड़ कर बना है नीचे कुछ शब्द जोड़ दिए गए हैं इनसे शब्द बनाओ और अर्थ लिखो

शब्दजोड़ – शब्द – अर्थ
(i) वन + चर …………… , …………….
(ii) वन + राज …………… , …………….
(iii)वन + मानुष …………… , …………….
(iv) वन + माली ………………… , वनमाला धारण करने वाला, कृष्ण
(v) वन + रोपण …………… , …………….
(vi) वन + पाल ………….., वन की रक्षा करने वाला सरकारी कर्मचारी
उत्तर:
(i) वन + चर = वनचर-वन में घूमनेफिरने वाला।
(ii) वन + राज = वनराज-वन (जंगल) में राज करने वाला।
(iii) वन + मानुष = वनमानुष-जंगली।
(iv) वन + माली = वनमाली-पौधों की देखभाल करने वाला/वनमाला धारण करने वाला, कृष्ण।
(v) वन + रोपण = वनरोपण-वन (पौधों) का लगाना।
(vi) वन + पाल = वनपाल-वन (पौधों) का पालन-पोषण, देख-रेख करने वाला/वन की रक्षा करने वाला सरकारी कर्मचारी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

IV. निम्न मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो.

मुहावरा = अर्थ
1. गद्गद् होना = प्रसन्न होना
वाक्य – पुत्र का परीक्षा-परिणाम देखते ही माँ गद्गद् हो गई।

2. एकटक देखना = लगातार देखना
वाक्य – बच्चा चन्द्रमा की ओर एकटक देखता रहा।

3. मुँह से शब्द न निकलना = चुप्पी साध लेना
वाक्य – पुलिस के सामने रघु के मुँह से शब्द तक नहीं निकला।

4. चकित होना = हैरान होना
वाक्य – अरे, मैं तो तुम्हारा यह रूप देखकर चकित रह गया हूँ।

5. एक पंथ दो काज = एक कार्य करते समय दूसरा कार्य भी हो जाना
वाक्य – इधर आकर खरीदारी हो गई और तुम्हें भी मिल लिया। यह तो एक पंथ दो काज हो गए।

6. मन में बसना = प्रिय लगना, पसंद आना
वाक्य – प्रत्येक बच्चा अपने माँ-बाप के मन में बसता है।

7. आश्चर्य का ठिकाना न रहना = बहुत हैरान
होना वाक्य – तीन फुट ऊँचे पेड़ को आमों से लदा देख मेरे आश्चर्य का ठिकाना न रहा।

8. नतमस्तक होना = नम्र बनना
वाक्य – अपने गुरु जी को देखते ही मैं नतमस्तक हो गया।

इनको भी जानो

(1) महान विद्वान् वरदराज जिसे गुरु ने मूढ़ समझ आश्रम से निकाल दिया था, परन्तु अभ्यास के बल पर एक दिन विद्वान् बन गया तभी तो कहा है-
करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान॥

(2) राजा ब्रूस की कहानी अपने अध्यापक से सुनें और उससे शिक्षा लेते हुए अपने जीवन के उद्देश्य की ओर बढ़ें।

VI. निम्नलिखित शब्दों के एक से अधिक शब्द बनाएँ.

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास 1

प्रयोगात्मक व्याकरण

I. (क) क्रिया
(1) गुरु द्रोणाचार्य अपने शिष्यों को धनुर्विद्या की शिक्षा दे रहे थे।
(2) मैं आपकी प्रतिमा के सम्मुख प्रतिदिन -अभ्यास करता हूँ।
(3) गुरु शिष्यों से तीर चलवाते थे।
(4) अचानक एक कुत्ता आश्रम में आया।
(5) गुरु के प्रति ऐसी श्रद्धा देख कर सभी चकित

उपर्युक्त वाक्यों में ‘दे रहे थे’, ‘करता हूँ’, से काम का करना, ‘चलवाते थे’, से काम करवाना तथा ‘आया’ और थे में काम का होना प्रकट हो रहा हैं।

परिभाषा-वाक्य में जिस पद से किसी काम का ‘करना’, ‘करवाना’ या ‘होना’ प्रकट हो, उसे क्रिया कहते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

(ख) निम्नलिखित वाक्यों में से क्रिया शब्दों को छाँटिए

(1) बालक गुरु द्रोण को श्रद्धा से देख रहा था।
(2) उसकी आवाज़ तक नहीं निकल रही थी।
(3) उसने मिट्टी की एक मूर्ति बनायी।
(4) वह एकटक गुरु को निहारता रहा।
(5) मेरे गुरु आप हैं।
(6) मेरी एकाग्रता भंग हो रही थी।
उत्तर:
(1) देख रहा था।
(2) निकल रही थी।
(3) बनायी।
(4) निहारता रहा।
(5) हैं। (होना)
(6) भंग हो रही थी।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
महाभारत किन-किन के बीच हुआ ?
(क) कौरव-पांडवों के
(ख) कौरव-यक्षों के
(ग) पांडव-सेना के
(घ) कौरव-दिल्ली।
उत्तर:
(क) कौरव-पांडवों के

प्रश्न 2.
कौरव-पांडवों को किसने शिक्षा दी ?
(क) गुरु द्रोणाचार्य
(ख) गुरु वशिष्ट
(ग) गुरु परशुराम
(घ) गुरु आचार्य।
उत्तर:
(क) गुरु द्रोणाचार्य

प्रश्न 3.
अर्जुन किस विद्या में निपुण थे ?
(क) गदा विद्या
(ख) धनुर्विद्या
(ग) तलवार विद्या
(घ) पास विद्या।
उत्तर:
(ख) धनुर्विद्या

प्रश्न 4.
कुत्ते का मुँह वाणों से किसने भर दिया ?
(क) एकलव्य ने
(ख) एकत्नय ने
(ग) एकरस ने
(घ) एक लता ने।
उत्तर:
(क) एकलव्य ने

प्रश्न 5.
एकलव्य के गुरु कौन थे ?
(क) गुरु वशिष्ट
(ख) गुरु अर्जुन देव
(ग) गुरु द्रोणाचार्य
(घ) गुरु वशिष्ट।
उत्तर:
(ग) गुरु द्रोणाचार्य

श्रद्धा और अभ्यास Summary

श्रद्धा और अभ्यास पाठ का सार

महाभारत के समय की बात है। पाँचों पाण्डव और कौरव पत्र दुर्योधन तथा दुशासन आदि गुरु द्रोणाचार्य के पास दूर जंगल में उनके आश्रम में शिक्षा ग्रहण करते थे। एक दिन जब वे सभी गुरु द्रोणाचार्य के साथ धनुर्विद्या प्राप्त कर रहे थे तो एक बनवासी बड़ी श्रद्धा से उन्हें देख रहा था। बनवासी बालक ने अर्जुन की धनुर्विद्या देखकर प्रण किया कि वह भी अर्जुन की तरह महान् धनुर्धर बनेगा। वह चुपचाप अपनी कुटिया में लौट आया। उसने मिट्टी की एक मूर्ति बनाई और वह रोज़ उस मूर्ति को प्रणाम करता और फिर धनुष चलाने का अभ्यास करता।

समय बीतता गया फिर एक दिन द्रोणाचार्य अपने आश्रम में शिष्यों को शिक्षा दे रहे थे कि अचानक एक कुत्ता आश्रम में आया जिसका मुँह बाणों से भरा हुआ था और उसकी आवाज़ भी नहीं निकल रही थी। सभी यह देखकर हैरान रह गए। सभी के मन में उस धनुर्धारी को देखने की इच्छा हुई। सभी उसे देखने के लिए जंगल में निकल पड़े। कुछ दूरी पर जाकर उन्होंने देखा कि एक बालक अपने अभ्यास में लीन था। वह इतना मग्न था कि उसे इनके आने का पता भी नहीं चला। द्रोणाचार्य ने उस बालक से पूछा कि तुम कौन हो? बालक गुरु द्रोणाचार्य को सामने देखकर मुंह से कुछ न बोल सका बस उन्हें . एकटक देखता रह गया। गुरु ने फिर पूछा कि बालक तुम कौन हो? तुम्हारा गुरु कौन है? उस कुत्ते को तुमने दंड क्यों दिया? बालक ने उन्हें प्रणाम किया और कहा कि गुरुवर मैं एक साधारण बनवासी हूँ। मेरे गुरु आप हैं। गुरु द्रोणाचार्य ने हैरान होते हुए कहा कि मैंने तो तुम्हें शिक्षा नहीं दी है? फिर मैं कैसे तुम्हारा गुरु हआ? बालक ने उत्तर दिया कि मैंने आपको मन में अपना गुरु मानकर आपकी एक प्रतिमा बनाई और उसी के सामने मैं अभ्यास करता हूँ। कुत्ते के बारे में पूछने पर उसने बताया कि यह कुत्ता भौंक-भौंक कर मेरे कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा था इसलिए मैंने उसका मुँह ही बन्द कर दिया।

गुरु के प्रति ऐसी श्रद्धा और अपने काम के प्रति इतनी लगन देखकर सभी हैरान थे। यह बालक था एकलव्य जो अपने अभ्यास और श्रद्धा के बल पर महान् बना। सच है कि श्रद्धा, विश्वास और लगन तथा परिश्रम से कोई भी कार्य कठिन नहीं रह जाता।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 12 श्रद्धा और अभ्यास

कठिन शब्दों के अर्थ:

काल = समय। आश्रम = साधु, संन्यासियों के रहने का स्थान। धनुर्विद्या = धनुष चलाने की शिक्षा। सर्वोत्तम = सबसे अच्छा। गद्गद् = खुश। बनवासी = जंगल में वास (रहने) करने वाला। कुटिया = झोंपड़ी। एकांत = जहाँ कोई न हो, अकेले में। सानिध्य = पास। सम्मुख = सामने। प्रमाण = सबूत। प्रबल = तेज़। तल्लीन = मग्न। एकाग्रता = एकचित्त होना, एक केन्द्र पर मन लगना। धन्य = आनन्दित। एकटक = बिना पलक झपके, लगातार। निहारता = देखता। दण्ड = सजा। दण्डवत = लेट कर प्रणाम करना। जिज्ञासा = जानने की इच्छा। प्रतिमा = मूर्ति। समर्पण = त्याग। चकित = हैरान। परिश्रम = मेहनत।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 13 अनाथ

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 13 अनाथ Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 13 अनाथ

Hindi Guide for Class 5 PSEB अनाथ Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
मनोहर कौन था? मंजरी ने उसे क्या काम दिया?
उत्तर:
मनोहर एक आठ वर्ष का बालक था जो मंजरी के घर में नौकर था। मंजरी ने उसे अपने बेटे वैभव के साथ स्कूल जाने का काम दिया।

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प्रश्न 2.
वैभव ने मंजरी से क्या जिद्द की?
उत्तर:
वैभव ने मंजरी से जिद्द की कि वह मनोहर से कहे कि वह भी मंजरी को मम्मी कहा करे।

प्रश्न 3.
मनोहर स्कूल में कैसे दाखिल हुआ?
उत्तर:
मनोहर स्कूल में लिए गए टैस्ट में अच्छे अंकों से पास हो गया। शपथ-पत्र आदि दाखिल करके मनोहर भी स्कूल में दाखिल हो गया।

प्रश्न 4.
घर आकर मनोहर क्या-क्या काम करता?
उत्तर:
घर आकर मनोहर घर के सारे काम करता, फिर अपनी पढ़ाई भी करता।

प्रश्न 5.
मोनू रात को वैभव को क्यों जगाता रहता?
उत्तर:
मोनू रात को वैभव को पढ़ाई करने के लिए जगाता रहता। वह चाहता था कि पढ़ाई करके कक्षा में अच्छे नम्बर प्राप्त करे।

प्रश्न 6.
वैभव की पढ़ाई के पीछे किसका हाथ था?
उत्तर:
वैभव की पढ़ाई के पीछे मनोहर का हाथ था।

प्रश्न 7.
प्रिंसिपल ने देवेन्द्र को स्कूल क्यों बुलाया?
उत्तर:
परीक्षा में मनोहर के प्रथम आने पर और वैभव के अच्छे अंक लेकर पास होने पर प्रिंसिपल ने देवेन्द्र को स्कूल बुलाया था।

प्रश्न 8.
देवेन्द्र स्कूल जाकर क्यों गद्गद् हो उठे?
उत्तर:
स्कूल के प्रिंसिपल के हाथों सम्मान पाकर देवेन्द्र गद्गद् हो उठे। प्रिंसिपल ने तालियों से उनका स्वागत करते हुए शाल व सरस्वती की काँस्य प्रतिमा देकर उनका सम्मान किया।

प्रश्न 9.
प्रिंसिपल ने मोनू को क्या इनाम दिया और क्यों?
उत्तर:
प्रिंसिपल ने मोनू को मण्डल में सर्वश्रेष्ठ छात्र होने का ईनाम दिया क्योंकि उसने अपनी प्रतिभा तथा कला कौशल और अपनी लगन से न केवल स्कूल में ही बल्कि मण्डलीय स्तर पर आयोजित प्रत्येक प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर स्कूल का और अपना नाम रोशन किया था।

प्रश्न 10.
मनोहरको देवेन्द्र-मंजरी ने क्या इनाम दिया?
उत्तर:
मनोहर की प्रतिभा से खुश होकर देवेन्द्र और मंजरी ने कहा कि मोनू हमारा बेटा बनकर रहेगा। वह जितना भी पढ़ेगा, पढ़ाया जाएगा। वह आज से हम दोनों को मम्मी और पापा कहा करेगा।

II. निम्नलिखित मुहावरों के वाक्य बनाओ

मुहावरा – अर्थ – वाक्य।
1. रोड़े अटकाना : रुकावटें पैदा करना – कभी किसी की राह में रोड़े नहीं अटकाने चाहिएं।
2. गद्गद् होना : खुश होना – पुरस्कार पाकर मैं तो गद्गद् हो गया।
3. मूंछे खड़ी करना : मान रखना – बेटे की तरक्की ने पिता की मूंछे खड़ी कर दी थीं।
4. गुपचुप बातें करना : चोरी छिपे बातें करना – गुपचुप बातें बन्द करो और जाकर सो जाओ।
5. दंग रह जाना : हैरान रह जाना – छोटे से बच्चे के करतब देख मैं दंग रह गया था।

III. नीचे लिखे अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखें

1. साथ पढ़ने वाला : सहपाठी
2. आठ साल का : …………..
3. स्कूल का प्रधान अध्यापक : …………..
4. माता-पिता, रक्षा एवं देखभाल करने वाला : ……………
5. संस्कृति से सम्बन्धित : ……………
6. समाज से सम्बन्धित : …………….
7. सबसे श्रेष्ठ करना : ………….
उत्तर:
1. साथ पढ़ने वाला = सहपाठी।
2. आठ साल का = अष्टायु।
3. स्कूल का प्रधान अध्यापक = प्रिंसिपल (प्राचार्य)।
4. माता-पिता, रक्षा एवं देखभाल करने वाला = अभिभावक।
5. संस्कृति से सम्बन्धित = सांस्कृतिक।
6. समाज से सम्बन्धित = सामाजिक।
7. सबसे श्रेष्ठ = सर्वश्रेष्ठ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 13 अनाथ

IV. पढ़ो, समझो और लिखो

(क) (i) वर्ष : …………….
(ii) सप्ताह : ………………
(iii) समाज : …………….
(iv) संस्कृति : ………………
(v) अर्थ : ………….
उत्तर:
(i) वर्ष – वार्षिक।
(ii) सप्ताह – साप्ताहिक।
(iii) समाज – सामाजिक।
(iv) संस्कृति – सांस्कृतिक।
(v) अर्थ – आर्थिक।
विशेष- भाग में ‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग मूल शब्द में हुआ है।

(ख) (i) अभिनन्दन : अभिनंदित
(ii) सम्मान : ……………
(iii) आयोजन : ………….
(iv) स्थापना : ………….
उत्तर:
(i) अभिनन्दन – अभिनन्दित।
(ii) सम्मान – सम्मानित।
(iii) आयोजन – आयोजित।
(iv) स्थापना – स्थापित।
विशेष- भाग में ‘इत’ प्रत्यय का प्रयोग मूल शब्द के साथ हुआ है।

V. शुद्ध करके लिखो

वरषीय, सलाना, छुटी, स्कुल, दौडकर, प्रिंसीपल, समारो, परितियोगता, कीरतीमान, मूछे, शाबश, सतर।
उत्तर:
शुद्ध रूप-
वर्षीय।
सालाना।
छुट्टी।
स्कू ल।
दौड़कर।
प्रिंसिपल।
समारोह।
प्रतियोगिता।
कीर्तिमान।
मूंछे।
शाबाश।
सत्र।

VI. (क) नीचे अंग्रेजी और हिन्दी के शब्द घुलमिल गए हैं अतः अंग्रेजी के साथ सही हिन्दी

शब्द चुनकर लिखें-
अंग्रेजी शब्द – हिन्दी शब्द
बाउंड्री चारदीवारी
उत्तर:
अंग्रेजी शब्द – हिन्दी शब्द
(1) बाउंड्री – चारदीवारी।
(2) कलास – कक्षा
(3) स्कूल – विद्यालय।
(4) मम्मी – माँ/माता जी।
(5) मेम साहिब – मालकिन।
(6) बाथरूम – स्नानगृह।
(7) टैस्ट – परीक्षण।
(8) रिपोर्ट – प्रतिवेदन।
(9) सर – श्रीमान।
(10) प्रिंसिपल – प्रधानाचार्य।
(11) नम्बर – अंक।
(12) शाल – ओढ़नी।

(ख) नीचे फ़ारसी और हिन्दी के शब्द घुलमिल गए हैं अतः फ़ारसी के साथ सही हिन्दी शब्द चुनकर लिखें-

सालाना, प्रवेश, हर, जलसा, विशेष, ज़रूर, वार्षिक, दाखिला, अंदर, खास, व्याकुल, नहीं तो, सभा, रोज़ाना, परेशान, भीतर, नित्य, प्रत्येक, वरना, अवश्य।

फ़ारसी शब्द – हिन्दी शब्द
सालाना वार्षिक
उत्तर:
फ़ारसी शब्द – हिन्दी शब्द
(1) सालाना – वार्षिक।
(2) दाखिला – प्रवेश।
(3) हर – प्रत्येक
(4) जलसा – सभा।
(5) खास विशेष।
(6) ज़रूर – अवश्य।।
(7) वरना – नहीं तो।
(8) रोज़ाना – नित्य।
(9) परेशान – व्याकुल।
(10) अंदर – भीतर।

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बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
मनोहर कितने वर्ष का बालक था ?
(क) आठ
(ख) नौ
(ग) दस
(घ) सात।
उत्तर:
(क) आठ

प्रश्न 2.
वैभव की पढ़ाई के पीछे किसका हाथ था ?
(क) मन का
(ख) मनोहर का
(ग) गुरु का
(घ) माँ का।
उत्तर:
(ख) मनोहर का

प्रश्न 3.
प्रिंसीपल के हाथों कौन सम्मानित हुए ?
(क) वैभव
(ख) देवेन्द्र
(ग) सुरेन्द्र
(घ) मनेन्द्र।
उत्तर:
(ख) देवेन्द्र

प्रश्न 4.
मोनू किस में सर्वश्रेष्ठ छात्र रहा ?
(क) मंडल में
(ख) स्कूल में
(ग) कॉलेज में
(घ) घर में।
उत्तर:
(क) मंडल में

अनाथ Summary

अनाथ पाठ का सार

एकांकी में तीन दृश्य हैं। पहले दृश्य में मंजरी अपने इकलौते पुत्र वैभव के आग्रह पर अपने नौकर मनोहर को समझाती है कि वह उसे मम्मी कहकर सम्बोधित किया करे। मनोहर गाँव में रहने वाला अनाथ बच्चा था जिसकी आयु लगभग वैभव के बराबर थी। मंजरी ने ममोहर को मोनू नाम देकर बताया कि उसे वैभव के साथ प्रतिदिन स्कूल जाना था और उसके साथ छुट्टी हो जाने के बाद वापिस आ जाना था। मंजरी मोनू को वैभव की तरह साफ़स्वच्छ रहने के लिए भी कहती है। दूसरे दृश्य में वैभव ने अपने मित्र राजन को बताया कि मोनू गाँव से आया है और अब वह भी उनके साथ मांटेसरी स्कूल में पढ़ा करेगा। मोनू स्कूल का टेस्ट पास कर चौथी कक्षा में दाखिला प्राप्त कर लेता है। मोनू दिन भर स्कूल में पढ़ाई के बाद मंजरी को घर के कामों में सहायता देता है और रात को देर तक पढ़ता है। वह वैभव को भी पढ़ने की प्रेरणा देता रहता है। तीसरे दृश्य में स्कूल के प्रिंसिपल पत्र लिखकर वैभव के पिता देवेन्द्र को वार्षिक समारोह में आमन्त्रित करते हैं। स्कूल के जलसे में वे वैभव और मोनू की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं और बताते हैं कि मोनू ने स्कूल में ही नहीं बल्कि मंडलीय स्तर पर भी अनेक प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर स्कूल के नाम को रोशन किया है। मोनू की प्रेरणा के कारण वैभव ने भी अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। ऐसे पुत्रों के पिता देवेन्द्र सिंह को प्रिंसिपल ने माला पहनाकर शाल और कांस्य प्रतिमा से सम्मानित किया था। घर लौटकर प्रसन्नता भरे देवेन्द्र ने मंजरी के सामने घोषणा की कि मोनू अब उन का नौकरः नहीं बल्कि पुत्र की तरह ही घर में रहेगा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 13 अनाथ

कठिन शब्दों के अर्थ:

अधिकारी = अफ़सर। बांउड्री = चार-दीवारी। मोटर गैराज = गाड़ियों के रखने का स्थान। वार्तालाप = बातचीत। परेशान = दुःखी; चिन्तित। गुपचुप = धीरे-धीरे। बाथरूम = नहाने का कमरा। टैस्ट = परीक्षण। घरेलू = घर का। अध्ययन = पढ़ाई। जागरूक = सचेत। प्रगति = तरक्की, विकास। सर्वश्रेष्ठ = सबसे अच्छे। रोड़े मत अटकाना = रुकावट न डालना। हरदम = हर समय। बिल्कुल = ज़रा भी। सालाना = वार्षिक। जलसा = समारोह। अभिभावक = माता-पिता। अभिनन्दन = स्वागत। प्रतिभा = कौशल, विलक्षण बौद्धिक क्षमता। कीर्तिमान = यशस्वी कार्य, रिकार्ड। मण्डलीय = सामूहिक। वाग्देवी = सरस्वती देवी। काँस्य = कांसे की मूर्ति। अनाथ = जिसके माता-पिता न हों।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 14 मैं झरना

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 14 मैं झरना Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 14 मैं झरना

Hindi Guide for Class 5 PSEB मैं झरना Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
झरना कहाँ से निकलता है?
उत्तर:
झरना पहाड़ों की चोटियों से निकलता है।

प्रश्न 2.
झरने के रास्ते में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं ?
उत्तर:
झरने के रास्ते में छोटे-बड़े पहाड़, चट्टानें आदि बाधाएँ आती हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 14 मैं झरना

प्रश्न 3.
झरना किन-किन की प्यास बुझाता है?
उत्तर:
झरना प्यासे पौधों, पंछियों, यात्रियों आदि सभी की प्यास बुझाता है।

प्रश्न 4.
झरना कहाँ पर बहता है?
उत्तर:
झरना पहाड़ों से होता हुआ धरती पर आकर बहता है।

प्रश्न 4.
बहता झरना आपको क्या प्रेरणा देता है?
उत्तर:
बहता झरना प्रेरणा देता है कि जीवन के रास्ते पर आने वाली बाधाओं, मुश्किलों से डरना नहीं चाहिए बल्कि हिम्मत से काम लेते हुए मुश्किलों पर विजय पाते हुए आगे बढ़ते जाना चाहिए।

II. सरलार्थ लिखो

नहीं जानता हूँ मैं रोना,
हँसता हर पल गाता हूँ।
प्यासे पौधे, पंछी, पंथी,
सबकी प्यास बुझाता हूँ।
उत्तर:
झरना कहता है-मैं कभी रोना नहीं जानता। मैं हर क्षण हँसता और गाता रहता हूँ। प्यासे पौधे, पक्षी और मुसाफिर की मैं सबकी प्यास बुझा देता हूँ।

III. (क) समानार्थक शब्द लिखो

(i) पहाड़ : ………………
(ii) राह : …………….
(iii) सूरज : …………..
(iv) धरती : ……………..
(v) चंदा : …………..
(vi) अम्बर : …………
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
(i) पहाड़ = नग, अचल।
(ii) राह = रास्ता, मार्ग।
(iii) सूरज = सूर्य, रवि।
(iv) धरती = धरा, भू।
(v) चंदा = चाँद, राकेश।
(vi) अम्बर = आकाश, नभ।

(ख) बहुवचन रूप लिखो

(i) पहाड़ : …………….
(ii) शिखर : …………..
(iii) चट्टान : ……………
(iv) पौधा : ……………
(v) तारा : ……………
उत्तर:
(i) पहाड़ = पहाड़ों।
(ii) शिखर = शिखरों।
(iii) चट्टान = चट्टानों।
(iv) पौधा = पौधों।
(v) तारा = तारों।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 14 मैं झरना

जानिए
1. जब नदी का पानी चट्टानों के ऊपर से नीचे गिरता है तो झरना बनता है।
2. यदि झरना बहुत बड़ा हो तो उसे जल प्रपात कहा जाता है।
3. विश्व के तीन सबसे प्रसिद्ध जल प्रपात हैं अमेरिका का नियाग्रा फॉल्स अफ्रीका का विक्टारिया फॉल्स अर्जेंटीना, ब्राजील और पेराग्वे का इगूआसू फॉल्स।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
झरना कहाँ से निकलता है ?
(क) पहाड़ों की चोटियों से
(ख) नदियों से
(ग) बादलों से
(घ) हिमालय से।
उत्तर:
(क) पहाड़ों की चोटियों से

प्रश्न 2.
झरने के रास्ते में क्या-क्या आता है ?
(क) पहाड़
(ख) चट्टानें
(ग) पहाड़ और चट्टानें
(घ) नदी।
उत्तर:
(ग) पहाड़ और चट्टानें

प्रश्न 3.
झरना किनकी प्यास बुझाता है ?
(क) पौधों
(ख) पक्षियों
(ग) यात्रियों
(घ) सभी की।
उत्तर:
(घ) सभी की।

मैं झरना Summary

मैं झरना पाठ का सार

झरना अपनी कहानी सुनाते हुए कहता है कि वह पहाड़ों की चोटियों से झर-झर की आवाज़ करता हुआ झरता है। वह छोटे-बड़े पहाड़ों के बीच से चट्टानों को चीरते हुए अपना रास्ता बनाता जाता है। बिना थके वह अपने रास्ते की सारी रुकावटों को हटाता जाता है। बिना रोये-चिल्लाए वह सदा हंसते हुए दूसरों की प्यास बुझाता हुआ धरती पर बहता रहता है। सूर्य चाँद-तारे उस की गोदी में खेलते से प्रतीत होते हैं तो वह आकाश को भी गले लगाता है।

पद्यांशों के सरलार्थ

1. उछल पहाड़ों के शिखरों से
झर झर झर झर झरता हूँ।
आओ सुनो कहानी मेरी
झरना मैं खुद को कहता हूँ।

कठिन शब्दों के अर्थ:
शिखरों = चोटियों। खुद = अपने आप।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कवि सुरेश द्वारा लिखित कविता ‘मैं झरना’ में से लिया गया है।

सरलार्थ:
झरना कहता है-मैं पहाड़ों की चोटियों में ‘झर-झर’ करता हुआ गिर रहा हूँ। आओ, मेरी कहानी सुनो-मैं अपने आपको झरना कहता है।

भावार्थ:
झरना उत्साह से भरा हुआ अपनी कहानी स्वयं सुनाता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 14 मैं झरना

2. छोटे बड़े पहाड़ों में से,
अपनी राह बनाता हूँ,
चीर-चीर चट्टानों को मैं,
आगे बढ़ता जाता हूँ।

कठिन शब्दों के अर्थ:
राह = रास्ता। चट्टानों = बड़े-बड़े पत्थरों।

सरलार्थ:
झरना कहता है-मैं छोटे-बड़े पहाड़ों में से अपना रास्ता बना लेता हूँ। मैं बड़े-बड़े पहाड़ों को चीर-चीर कर आगे ही आगे बढ़ता जाता हूँ।

भावार्थ:
झरना अपनी वीरता और धैर्य से प्रेरणा देना चाहता है कि सब परिश्रम करें।

3. पथ की सारी बाधाओं से,
खेल-खेल कर भिड़ता हूँ,
थकता हूँ मैं नहीं कभी भी,
पीछे कभी न हटता हूँ।

कठिन शब्दों के अर्थ:
पथ = रास्ता। बाधाओं = रुकावटों।

सरलार्थ:
झरना कहता है-मैं अपने रास्ते की सभी रुकावटों से खेल-खेल में भिड़ जाता हूँ। मुझे कभी भी थकान नहीं होती और न कभी पीछे हटता हूँ।

भावार्थ:
झरने के उत्साह से पथ की रुकावटों को दूर करने की प्रेरणा प्राप्त होती है।

4. नहीं जानता हूँ मैं रोना,
हंसता हर पल गाता हूँ,
प्यासे पौधे, पंछी, पंथी,
सबकी प्यास बुझाता हूँ।

कठिन शब्दों के अर्थ:
हर पल = हर क्षण। पंछी = पक्षी। पंथी = मुसाफिर।।

सरलार्थ:
झरना कहता है-मैं कभी रोना नहीं जानता। मैं हर क्षण हँसता और गाता रहता हूँ। प्यासे पौधे, पक्षी और मुसाफिर की मैं सबकी प्यास बुझा देता हूँ।

भावार्थ:
झरने के परोपकारी स्वभाव को प्रकट किया गया है।

5. सूरज-चंदा ताराओं को,
गोदी में दुलारता हूँ,
बहता हूँ धरती पर,
पर अंबर को गले लगाता हूँ।

कठिन शब्दों के अर्थ:
ताराओं = तारों। दुलारता = प्यार करता। अंबर = आकाश।

सरलार्थ:
झरना कहता है-मैं सूर्य, चन्द्रमा और तारों को अपनी गोद में बैठा कर उनसे प्यार करता हूँ। मैं चाहे धरती पर बहता हूँ परन्तु आकाश को अपने गले लगाता हूँ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 14 मैं झरना

भावार्थ:
झरने के पानी में सूर्य, चाँद, तारों और आकाश के प्रतिबिंब बनने की कल्पना सुन्दर है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

Hindi Guide for Class 5 PSEB एक दीवाली ऐसी भी Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
स्कूल से आते ही दीपक ने माँ से क्या जिद्द की ?
उत्तर:
स्कूल से आते ही दीपक ने माँ से पटाखे लेने की जिद्द की।

प्रश्न 2.
स्कूल का काम समाप्त करने के बाद दीपक क्या करने लगा ?
उत्तर:
स्कूल का काम समाप्त करने के बाद दीपक अपने पिता जी के आने का इंतजार करने लगा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

प्रश्न 3.
अचानक दीपक की नज़र कहाँ पड़ी ?
उत्तर:
अचानक दीपक की नज़र कुर्ता पायजामा पहने, काला बैग उठाए हुए एक नौजवान पर पड़ी।

प्रश्न 4.
कुछ लोग देश में आतंक क्यों फैलाते हैं?
उत्तर:
पर्वो, त्योहारों आदि के अवसर पर कुछ असामाजिक तत्व अपने स्वार्थ की पर्ति के लिए भीड़ में बम आदि चला कर लोगों में आतंक फैलाने का प्रयास करते हैं। ऐसा करके वे देश की एकता और अखण्डता को हानि पहुँचाना चाहते हैं।

प्रश्न 5.
हमें किनसे सतर्क रहना चाहिए?
उत्तर:
हमें असामाजिक तत्वों से सदैव सतर्क रहना चाहिए।

प्रश्न 6.
दीपक ने लावारिस वस्तु मिलने पर क्या किया?
उत्तर:
लावारिस वस्तु देखकर दीपक ने चिल्लाना शुरू कर दिया। इससे लोग सतर्क हो गए और वह नौजवान भी पकड़ा गया और जान-माल का नुकसान भी होने से बच गया।

प्रश्न 7.
बम फट जाने से क्या नुकसान होता?
उत्तर:
बम फट जाने से जान-माल का भारी नुकसान होता।

प्रश्न 8.
दीवाली पर लोग आमतौर पर क्याक्या खरीदते हैं ?
उत्तर:
दीवाली पर लोग आमतौर पर पटाखे और मिठाइयाँ खरीदते हैं।

प्रश्न 9.
दीपक का फ़ोटो अखबार में क्यों छपा ?
उत्तर:
दीपक की सतर्कता ने भारी जान-माल का नुकसान होने से बचाया था। इसी सतर्कता और बुद्धिमत्ता के कारण उसका फ़ोटो अखबार में छपा था।

II. वाक्य पूरे करो

1. सब तरफ से………………की आवाजें आ रही थीं।
2. देखते ही देखते बाज़ार में…………..जलने लगीं।
3. दीपक चिल्लाया, …………….वाले को पकड़ो-पकड़ो।”
4…………..सुनकर दीपक की माँ…………..की ओर लपकी।
5. तभी वायरलैस फोन पर……………को बुलाया गया।
6. हमारी थोड़ी सी……….और…………….ही स्वार्थी लोगों को………..फैलाने का अवसर देती है।
7. वह……………लेना ही भूल गया।
उत्तर;
(1) हॉकरों
(2) बत्तियाँ.
(3) कुर्ते-पायजामे
(4) शोर, बरामदे
(5) बम एक्सपर्ट
(6) लापरवाही, चूक, आतंक
(7) पटाखे।

III. पढ़ो, समझो और लिखो

स्वतन्त्र स्वतन्त्रता
जागरूक ………….
अखण्ड …………..
विशेष ………….
सजग …………
तर्क …………..
उत्तर:
स्वतन्त्र – स्वतन्त्रता
अखण्ड – अखण्डता
सजग – संजगता
जागरूक – जागरूकता।
विशेष – विशेषता। .
सतर्क – सतर्कता

विशेष – उपरोक्त शब्दों में ता प्रत्यय लगाया गया है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

IV. विराम चिह्न लगाएँ

अपने बेटे को पुलिस के पास खड़ा देखकर उनके पाँव तले जमीन खिसक गई तभी इन्स्पेक्टर दीपक के सिर पर हाथ फेरते हुए कहने लगा आज आपके बेटे की सतर्कता, जागरूकता एवं बुद्धिमत्ता के कारण बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया यह शब्द सुनते ही माता-पिता का मन गद्गद् हो उठा
उत्तर:
अपने बेटे को पुलिस के पास खड़ा देखकर उनके पाँव तले जमीन खिसक गई। तभी इन्स्पेक्टर दीपक के सिर पर हाथ फेरते हुए कहने लगा, “आज आपके बेटे की सतर्कता, जागरूकता एवं बुद्धिमत्ता के कारण बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।” यह शब्द सुनते ही माता-पिता का मन गद्गद् हो उठा।

V. वाक्य बनाओ अर्थ वाक्य

1. लालायित होना …………….
2. नज़र बचाना …………..
3. मोल भाव करना ……………
4. अफ़रा-तफ़री मचना …………….
5. राहत की साँस लेना …………….
6. बाँहों में भरना ……………
7. श्मशान में तबदील होना ……………
8. मन गद्गद् हो उठना …………….
9. आँखों का तारा …………
10. दुआएँ देना …………….
11. छा जाना …………
उत्तर:
1. लालायित होना-ललचाना।
बच्चा रंग-बिरंगे गुब्बारों को पाने के लिए
लालायित हो उछल रहा था।

2. नज़र बचाना-छिपना।
चोर नज़र बचा कर भाग निकला था।

3. मोल भाव करना-दाम घटाने-बढ़ाने की
चेष्टा करना। औरत रेहड़ी वाले से सब्जी का मोल-भाव कर रही है।

4. अफरा-तफरी मचना-भाग-दौड़ मचना।
भीड़ में सांड के घुसते ही अफरा-तफ़री मच गई थी।

5. राहत की साँस लेना-सुख-चैन अनुभव करना।
अपने खोये हुए पुत्र को पा कर माँ ने राहत की साँस ली।

6. बाँहों में भरना-दुलारना।
वर्षों से बिछुड़ी बेटी को माँ ने बाँहों में भर लिया था।

7. श्मशान में तबदील होना-नष्ट हो जाना।
आतंकवादियों के बम विस्फोट से चौराहा तो श्मशान में तबदील हो गया था।

8. मन गद्गद् हो उठना-प्रसन्न हो जाना।
लंबे समय के बाद मित्र से मिलकर मन गद्गद् हो उठा था। .

9. आँखों का तारा-बहुत प्यारा।
प्रत्येक बच्चा अपने माता-पिता की आँखों का तारा होता है।

10. दुआएँ देना-आसीस देना।
भीख पाते ही भिखारी ने मोहनीश को दुआएँ दीं।

11. छा जाना-प्रभावित करना, प्रसिद्धि पाना।
अपने काम से नेता जी तो आजकल छाये हुए हैं।

VI. करो

प्रश्न 1.
दीवाली पर बाज़ार के दृश्य पर दस पंक्तियाँ लिखो।
उत्तर:

  1. दीवाली पर्व पर सारा बाजार सजा हुआ होता है।
  2. कहीं पटाखे सजे हैं तो कहीं मिठाइयाँ और खिलौनों की दुकानें सजी होती हैं।
  3. लोग नए-नए कपड़े पहन कर खरीदारी करते हैं।
  4. बच्चे पटाखे की दुकानें देखकर खुश होते हैं।
  5. बाजारों में बड़ी चहल पहल होती है।
  6. दुकानदार अपनी वस्तुओं को बेचने के लिए ऊँचे-ऊँचे चिल्लाते हैं।
  7. मोमबत्तियाँ और अगरबत्ती बेचने वाले भी बाज़ारों में फड़ी लगाए बैठे रहते हैं।
  8. फल बेचने वाले अपने फलों की रेहड़ियाँ लगाए रहते हैं।
  9. हर व्यक्ति को सामान खरीदने की जल्दी मची रहती है।
  10. इन दिनों बाज़ारों में जेबकतरे और चोर भी खूब सक्रिय रहते हैं।

प्रश्न 2.
आप दीवाली कैसे मनाते हैं ? लिखो।
उत्तर:
दीवाली हमारा एक पवित्र त्योहार है। यह रोशनी का पर्व माना जाता है। हमारे घर में दीवाली मनाने की परम्परा आरम्भ से है। इस दिन हम सब मिल कर घर की सफ़ाई करते हैं। घर को सजाते हैं। शाम के समय हम बाज़ार से मिठाइयाँ, पटाखे, मोमबत्तियाँ, फल आदि लेकर आते हैं। संध्या समय लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। इस समय हम सब परिवार के सदस्य इकट्ठे बैठ कर पूजा करते हैं। माता जी लक्ष्मी पूजा करते हैं। पूजा के पश्चात् सारे घर पर रोशनी सजाई जाती है। मोमबत्तियाँ जलाते हैं। मिठाइयां खाते हैं और फिर मित्रों के साथ पटाखे चलाते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

प्रश्न 3.
आप दीपक की जगह होते, तो क्या करते ?
उत्तर:
यदि दीपक की जगह मैं होता तो यह दृश्य देखकर चिल्लाता नहीं बल्कि चुपचाप नीचे आकर फिर शोर मचाते हुए उसे स्वयं ही पकड़ने की कोशिश करता ताकि चिल्लाने से कहीं भीड़ का फायदा उठाकर वह भाग न जाए। उसे पकड़कर लोगों की सहायता से उसकी जम कर पिटाई करता और पुलिस के हवाले करता।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
हमें किन-से सतर्क रहना चाहिए ?
(क) चोरों से
(ख) असामाजिक तत्वों से
(ग) तत्वों से
(घ) गुंडों से।
उत्तर:
(ख) असामाजिक तत्वों से

प्रश्न 2.
लावारिस वस्तु मिलने पर दीपक ने क्या किया ?
(क) चिल्लाया
(ख) रोया
(ग) भागा
(घ) गिर पड़ा।
उत्तर:
(क) चिल्लाया

प्रश्न 3.
बम फट जाने से किसकी हानि होती है ?
(क) जान-माल की
(ख) धर्म की।
(ग) पैसे की
(घ) सबकी।
उत्तर:
(क) जान-माल की

प्रश्न 4.
स्कूल से आते ही दीपक ने माँ से क्या जिद्द की ?
(क) पटाखे लाने की
(ख) नई पोशाक लाने की
(ग) मिठाइयाँ लाने की
(घ) नई किताबे लाने की।
उत्तर:
(क) पटाखे लाने की

एक दीवाली ऐसी भी Summary

क दीवाली ऐसी भी पाठ का सार

दीवाली को केवल दो दिन बाकी थे। दीपक स्कूल से घर आकर पटाखे के लिए ज़िद्द करने लगा। उसकी माँ ने उसे समझाया कि तुम हाथ-मुँह धोकर खाना खाओ। तुम्हारे पिता जी शाम को दफ्तर से आकर तुम्हें पटाखे और नई पोशाक भी दिलवा देंगे। दीपक उत्साह से भर कर खाना खाकर, गृहकार्य करके पिता जी की राह देखने लगा। दीपक का घर बाज़ार में ही था। उसने ऊपर से देखा, बाज़ार में बड़ी रौनक थी। लोगों की भीड़ सामान वगैरह खरीद रही थी। दुकानदारों की आवाजें आ रही थीं। अचानक उसकी नज़र कुर्ता-पायजामा पहने कन्धे पर काले रंग का बैग लटकाए नौजवान पर पड़ी। उसने अपना मुँह ढका हुआ था। वह एक पटाखे के स्टाल के पास पहुँचा और अपना बैग नीचे रखकर पटाखों के मोल-भाव करने लगा, साथ ही पैर से अपना बैग भी अन्दर सरका रहा था। वह बिना कुछ खरीदे अपना बैग वहीं छोड़ कर जल्दी से निकल कर जाने लगा। दीपक को अपने अध्यापक की कही बातें याद आने लगीं कि पर्वो, त्योहारों, मेलों आदि के समय पर बहुत सतर्क रहना चाहिए। असामाजिक तत्व इन मौकों का फायदा उठाकर देश की एकता और अखण्डता को नुकसान पहुंचाते हैं।

दीपक को भी किसी अनहोनी की आशंका होने लगी। दीपक चिल्लाया, “कुर्ते-पायजामे वाले को पकड़ो।” यह सनते ही वह नौजवान लगभग दौड़ने लगा। लोग इधर-उधर देखने लगे। दीपक फिर चिल्लाया। वह सीढ़ियों से दौड़ता हुआ नीचे आया और बाहर आकर चिल्लाने लगा। लोगों ने मिलकर नौजवान को पकड़ लिया। पुलिस सहायता कक्ष पर तैनात पुलिस भी सहायता के लिए आ गई। उन्होंने वायरलैस द्वारा बम विशेषज्ञ को बुला लिया। पुलिस ने लोगों को घर जाने के लिए कहा। बम को निष्क्रिय कर दिया गया। लोगों ने राहत की साँस ली। दीपक की माँ ने दीपक को प्यार से अपनी बाहों में भर लिया। इतने में दीपक के पिता जी भी आ पहुँचे। दीपक को पुलिस वाले के साथ खड़ा देखकर उनके पिता जी तो घबरा गए। पुलिस वाले ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि आज तुम्हारे बेटे की सतर्कता और जागरूकता के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया नहीं तो कई लोगों की जान चली जातीं। यह ख़बर सुनते ही अख़बारों के प्रेस रिपोर्टर भी वहाँ आ गए। वे दीपक और उसके माता-पिता का फोटो और इन्टरव्यू लेने लगे। आज दीपक सबकी आँखों का तारा बना हुआ था। अगले दिन समाचारपत्र के मुख्य पृष्ठ पर दीपक छाया हुआ था।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 15 एक दीवाली ऐसी भी

कठिन शब्दों के अर्थ:

शेष = बाकी। पोशाक = कपड़े। निपटाया = समाप्त किया। गृहकार्य = घर का कार्य। उत्साहित = उत्साह, खुशी से भरा हुआ। गिफ्ट = उपहार। चहल-पहल = रौनक, लोगों का आना-जाना। दृश्य = नज़ारा। हॉकर = दुकानदार, फड़ी वाले। लालायित = इच्छुक, चाहवान। बैग = थैला। सतर्क = सचेत। अवसर = मौका। वायरलैस = बेतार। एक्सपर्ट = विशेषज्ञ। परामर्श = सलाह। निष्क्रिय = नकारा। पाँव तले ज़मीन खिसकना = घबरा जाना। सिर पर हाथ फेरना = प्यार करना। तबदील = बदलना। चूक = ग़ल्ती। स्वार्थी = मतलबी। आतंक = दहशत, भय, डर। गद्गद् = प्रसन्न। इन्टरव्यू = साक्षात्कार। आँखों का तारा = प्यारा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

Hindi Guide for Class 5 PSEB प्लास्टिक : सजग प्रयोग Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
सुबह उठते ही आपके दिन की शुरुआत किससे होती है?
उत्तर:
सुबह उठते ही हमारे दिन की शुरुआत प्लास्टिक के बने टुथब्रश से होती है।

प्रश्न 2.
आज के युग को किसकी संज्ञा दे सकते हैं?
उत्तर:
आज के युग को प्लास्टिक युग की संज्ञा दे सकते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्रश्न 3.
विभिन्न प्लास्टिकों से बनी वस्तुओं का उपयोग किन-किन क्षेत्रों में हो रहा है?
उत्तर:
प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का उपयोग हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हो रहा है।

प्रश्न 4.
कृषि-क्षेत्र तथा भवन-निर्माण में प्लास्टिक से क्या-क्या वस्तुएँ बनती हैं ?
उत्तर:
कृषि-क्षेत्र में सिंचाई के साधन, पशुआवास के निर्माण तथा ग्रीन हाऊस की छत बनाने में प्लास्टिक का प्रयोग होता है।
भवन निर्माण में आजकल प्लास्टिक के बने खिड़की, दरवाज़े तथा चौखट प्रयोग में लाये जाते हैं। छत निर्माण में भी प्लास्टिक का उपयोग किया – जाता है।

प्रश्न 5.
परिवहन क्षेत्र में प्लास्टिक से क्या निर्मित होता है?
उत्तर:
परिवहन के क्षेत्र में सभी परिवहन साधनों के टायर-ट्यूब रबड़ (एक प्रकार की प्लास्टिक) से बनाए जाते हैं। मोटर-साइकिलों और स्कूटरों की बॉडी (आवरण) भी आजकल प्लास्टिक की ही बनाई जाती है।

प्रश्न 6.
चिकित्सा क्षेत्र में प्लास्टिक की क्या भूमिका है?
उत्तर:
चिकित्सा के क्षेत्र में, विकलांगों के कृत्रिम अंग (हाथ, पैर आदि) चश्मे के फ्रेम तथा ग्लासप्लास्टिक के ही बनते हैं। यहाँ तक कि कान्टेक्ट लेंस भी एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। प्लास्टिक सर्जरी में तथा हृदय के कृत्रिम भाग आदि बनाने में प्लास्टिक की विशेष भूमिका है।

प्रश्न 7.
घर में रोजमर्रा की खाद्य सामग्री किसमें आती है?
उत्तर:
घर की रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री तथा घरेलू सामान प्लास्टिक की थैलियों में ही आते हैं।

प्रश्न 8.
अच्छी कोटि के प्लास्टिक या पॉलीथीन तथा घटिया प्लास्टिक या पॉलीथीन में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर:
अच्छी कोटि के प्लास्टिक की थैलियों में खाद्य-पदार्थों की पैकिंग पूर्णतः सुरक्षित और स्वास्थ्यकारी होती है जबकि दूसरी तरफ घटिया और सस्ते प्लास्टिक में लंबे समय तक रखे गए खाद्य पदार्थ में प्लास्टिक के हानिकारक योगशील रसायन घुल जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होते हैं।

प्रश्न 9.
हमारे पर्यावरण पर किस का दुष्प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हमारे पर्यावरण पर प्लास्टिक कचरे जैसे पॉलीथीन की थैलियाँ, कोल्ड-ड्रिंक्स की बोतलें, मिनरल वाटर की बोतलें आदि का दुष्प्रभाव पड़ता

II. चार-पाँच वाक्यों में उत्तर दें

प्रश्न 1.
सबसे लोकप्रिय प्लास्टिक कौन-सा है? खाद्य-सामग्री में उसका उपयोग किस प्रकार से हो रहा है?
उत्तर:
पॉलिइथिलीन प्लास्टिक सबसे लोकप्रिय प्लास्टिक है। आइसक्रीम के कप, कोल्ड ड्रिंक तथा मिनरल वाटर की बोतलें इसी प्लास्टिक से बनती हैं। यह पालीथीन अन्य धातुओं की तुलना में सस्ता, हल्का, मज़बूत तथा सुविधाजनक होता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्रश्न 2.
कौन-कौन से पदार्थ प्रकृति में अपघटित (नष्ट) हो जाते हैं और कौन-से नहीं?
उत्तर:
कागज़, लकड़ी, खाद्य-पदार्थ, मृतजीव शरीर प्रकृति में उपस्थित बैक्टीरिया तथा जैविक रूप से नष्ट हो जाते हैं, किन्तु प्लास्टिक तथा पॉलीथीन ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं जो न तो सड़ते हैं, न ही घुलते हैं और न ही नष्ट होते हैं।

प्रश्न 3.
प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए आप क्या योगदान दे सकते हैं ? लिखो।
उत्तर:
प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम अत्यावश्यक है। प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए हम प्लास्टिक के स्थान पर कागज़ के लिफाफे प्रयोग में लाएंगे। कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग भी प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्ति दिला सकता है।

III. विपरीत शब्द लिखो

गंदा, लाभ, विनाश, अनुपस्थित, प्राकृतिक, दुरुपयोग।
कृत्रिम : …………..
निर्माण : …………..
उपयोग : …………..
उपस्थित : …………..
हानि : …………..
स्वच्छ : …………..
उत्तर:
विपरीतार्थक शब्द
कृत्रिम = प्राकृतिक।
निर्माण = विनाश।
उपयोग = दुरुपयोग।
उपस्थित = अनुपस्थित।
हानि = लाभ।
स्वच्छ = गंदा।

(ख) समानार्थक शब्द:

विश्व ……………
दिन ……………
रात ……………
नदी ……………
समुद्र ……………
पहाड़ ……………
सूर्य ……………
वायु। ……………
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
विश्व = संसार, जग।
दिन = दिवस, वासर।।
रात = रात्रि, रजनी।
नदी = सरिता, तरंगिनी।
समुद्र = सागर, उद्धि।
पहाड़ = नग, अचल।
सूर्य = रवि, भास्कर।
वायु = पवन, मारुत।

(ग) वचन बदलो

बाल्टियाँ ……………
डिब्बा ……………
सब्जी ……………
बोतलें ……………
वस्तुएँ ……………
अपना ………………
विषैला ……………
उत्तर:
बाल्टियाँ = बाल्टी
डिब्बा = डिब्बे।।
सब्जी = सब्जियाँ।
बोतलें = बोतल।
वस्तुएँ = वस्तु।
अपना = अपने।
विषैला = विषैले।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

(घ) अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखें

वातावरण, लोकप्रिय, विषाक्त, पुनरुत्पादन, दुष्प्रभाव, हानिकारक, अभियान, विकलांग, परियोजना
अंग से हीन ……………
विष से युक्त ……………
लोगों में प्रिय ……………
व्यवस्थित आन्दोलन …………….
दोबारा उत्पादन करना ………….
बुरा प्रभाव …………..
हानि पहुँचाने वाला …………….
नियमित एवं व्यवस्थित रूप से ……………..
पृथ्वी के चारों ओर की वाय ……………
उत्तर:
अंग से हीन = विकलांग
विष से युक्त = विषाक्त।
लोगों में प्रिय = लोकप्रिय।
व्यवस्थित आन्दोलन = अभियान।
दोबारा उत्पादन करना = पुनरुत्पादन।
बुरा प्रभाव = दुष्प्रभाव।
हानि पहुँचाने वाला = हानिकारक।
नियमित एवं व्यवस्थित रूप से = परियोजना।
पृथ्वी के चारों ओर की वायु = वातावरण।

IV. वाक्य बनाओ-

कृषि ………………..
पर्यावरण ………………..
स्वास्थ्य ………………..
संचित ………………..
नियन्त्रित ………………..
रोगाणु ………………..
उत्तर:
कृषि = भारत एक कृषि प्रधान देश है।
पर्यावरण = हमारे पर्यावरण में प्रदूषण फैलने का मुख्य कारण मोटर गाड़ियों से निकलता धुआँ है।
स्वास्थ्य = अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
संचित = मैंने बड़ी मेहनत से धन संचित किया है।
नियन्त्रित = हमें बढ़ती जनसंख्या को नियन्त्रित करना होगा।
रोगाणु = रोगाणु हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

अभि + यान = अभियान, अभिमान
प्र + दूषित = प्रदूषित, ………..
सह + योगी = सहयोगी, ………………..
उप + योगी – उपयोगी, ………………..
परि + योजना = परियोजना, ………………..
अप + घटित = अपघटित,. ………………..
सु + गम = सुगम, ………………..
वि + भिन्न = विभिन्न, ………………..
उत्तर:
उपसर्ग लगाकर नए शब्द:
अभि + यान = अभियान, अभिमान।
प्र + दूषित = प्रदूषित, प्रचार।
सह + योगी = सहयोगी, सहचर।
उप + योगी = उपयोगी, उपचार।
परि + योजना = परियोजना, परिवार।
अप + घटित = अपघटित, अपराध।
सु + गम = सुगम, सुकर।
वि + भिन्न = विभिन्न, विज्ञान।

VI. सोचिए और लिखिए

(क) घटिया प्लास्टिक किस तरह वायु, जल तथा मिट्टी को प्रदूषित कर रहा है ? पाँच सात वाक्य लिखो।
उत्तर:
घटिया प्लास्टिक मानव-उपयोग के लिए तो अहितकर है ही इसका दुष्प्रभाव जल, वायु और मिट्टी पर भी होता है। जल में, तालाबों, झीलों, नदियों, समुद्रों में प्लास्टिक कचरा जल को प्रदूषित करता है। पानी के बहाव में यह प्लास्टिक बाधा बनता है। प्लास्टिक कचरे को यदि नालियों आदि में फेंक दिया जाए तो यह नाली और सीवर के पानी के बहाव में बाधा बनता है।

यदि इस प्लास्टिक कचरे को खुले वायु में जलाया या पिघलाया जाए तो इससे कई हानिकारक तथा विषाक्त पदार्थ और जहरीली गैसें निकलती हैं जो वातावरण को दूषित करती हैं। यह मानव स्वास्थ्य को भी हानि पहुँचाती हैं।

यदि इस प्लास्टिक कचरे को मिट्टी में दबाया जाए तो यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को हानि पहुँचाती है। मिट्टी में दबे प्लास्टिक के रसायन गर्मी पाकर विषैली गैसें उत्पन्न करते हैं जिनसे भूमि में रहने वाले जीवाणु और कीड़े-मकौड़े प्रभावित होते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

(ख) हमारे दैनिक जीवन में घटिया प्लास्टिक से बनने वाली चीज़ों की सूची बनाएं और उन चीज़ों के विकल्प भी बताएं।
घटिया प्लास्टिक से बनी चीजें विकल्प
1. पॉलीथीन लिफाफे कागज़ के लिफाफे,
कपड़े के थैले आदि
2. …………………
3. ………………….
उत्तर:
विद्यार्थी इनके लिए स्वयं अपने आसपास प्लास्टिक की वस्तुओं को देखें और लिखें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
आज जीवन के हर क्षेत्र में किसका बोलबाला
(क) प्लास्टिक का
(ख) धन का
(ग) राजनीति का
(घ) धर्म का।
उत्तर:
(क) प्लास्टिक का

प्रश्न 2.
विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जाने वाला पदार्थ क्या है?
(क) पैसा
(ख) प्लास्टिक
(ग) पेपर
(घ) पेंसिल।
उत्तर:
(ख) प्लास्टिक

प्रश्न 3.
आज के युग को किसकी संज्ञा दे सकते हैं ?
(क) प्लास्टिक युग
(ख) राजनीति युग
(ग) बाल युग
(घ) अंतरिक्ष युग।
उत्तर:
(क) प्लास्टिक युग

प्रश्न 4.
सुबह उठते ही दिन की शुरुआत किससे होती है ?
(क) टुथब्रुश से
(ख) पानी से
(ग) नाश्ते से
(घ) रोटी से।
उत्तर:
(क) टुथब्रुश से

प्रश्न 5.
प्लास्टिक पर्यावरण के लिए क्या है ?
(क) लाभदायक
(ख) हानिकारक
(ग) श्रेष्ठ
(घ) अच्छा
उत्तर:
(ख) हानिकारक

प्रश्न 6.
क्या हमें प्लास्टिक का प्रयोग करना चाहिए ?
(क) कभी नहीं
(ख) कभी-कभी
(ग) नहीं
(घ) हां।
उत्तर:
(क) कभी नहीं

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 16 प्लास्टिक : सजग प्रयोग

प्लास्टिक : सजग प्रयोग Summary

प्लास्टिक : सजग प्रयोग पाठ का सार

आज के युग को प्लास्टिक का युग कहा जा सकता है। जीवन के हर क्षेत्र में प्लास्टिक का ही बोलबाला है। यह विश्व भर में सब से अधिक प्रयोग में लाया जाने वाला पदार्थ है। घरेलू उपयोगी सामान के अतिरिक्त कृषि, परिवहन, भवन-निर्माण, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में भी इसका अधिकता से उपयोग हो रहा है। वाहनों के ढाँचे, इमारतों की खिड़कियाँ, दरवाजे, चौखट और छतें भी प्लास्टिक से बनाई जाने लगी हैं। चश्मे के फ्रेम, लेंस, कान्टेक्ट लेंस, हृदय के कृत्रिम वाल्व, तरह-तरह की थैलियाँ, आईस क्रीम के कप, कोल्डड्रिंक तथा मिनरल वाटर की बोतलें आदि इसी से बनाए जाते हैं क्योंकि यह हल्का, मज़बूत और सुविधाजनक होता है। सामान्य रूप से अच्छी कोटि का प्लास्टिक हानिकारक और विषैला नहीं होता लेकिन जब घटिया किस्म के प्लास्टिक में रंग मिलाए जाते हैं तो वे हानिकारक प्रभाव दिखाते हैं। प्लास्टिक का पर्यावरण पर भी कुप्रभाव पड़ता है। प्लास्टिक तथा पॉलीथीन प्राकृतिक और जैविक विधि से नष्ट नहीं होते। गर्मी पाकर ये विषैली गैसें उत्पन्न करते हैं। इसके कारण अनेक जीव जन्तु मर जाते हैं। इनसे सीवर बंद हो जाते हैं। गाय-भैंसें आदि इन्हें खाद्य पदार्थों के साथ निगल जाती हैं और मौत के मुँह में समा जाती हैं। इसलिए हमें प्लास्टिक का उपयोग सावधानी से करना चाहिए।

कठिन शब्दों के अर्थ:

प्रत्येक = हर एक। क्षेत्र = इलाका। दबदबा = रोबदाब। मानव निर्मित = मनुष्य के बनाए हुए। कृषि = खेती। पशु-आवास = जानवरों के रहने का स्थान। निर्माण = बनाना। सर्जरी = शल्य क्रिया। कृत्रिम = नकली। रोज़मर्रा = दैनिक उपयोगी।खाद्य-सामग्री = खाने का सामान। लोकप्रिय = प्रसिद्ध। हाऊस = घर। जगत = संसार। प्रदूषण = दूषित। परिवहन = एक स्थान से दूसरे स्थान तक। उपलब्ध = प्राप्त। खाद्य-पदार्थ = खाने वाली वस्तुएँ। विषैले = ज़हरीले। पूर्णतः = पूरी तरह। प्रतिरोधता = रुकावट। घातक = हानिकारक। कचरा = गन्दगी। पर्यावरण = वातावरण। विषाक्त = विष युक्त, ज़हरीले। मृतजीव = मरे हुए जीव। उत्पन्न = पैदा। जीवाणु = अति सूक्ष्म जीव। असमय = समय से पहले। समक्ष = सामने। परेशानियों = मुश्किलों। नियन्त्रण = वश में।।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 17 उन्नति का मंत्र

Hindi Guide for Class 5 PSEB उन्नति का मंत्र Textbook Questions and Answers

I. बताओ

प्रश्न 1.
संसार में लगातार परिवर्तन होता रहता है, इसके कोई पाँच उदाहरण लिखो।
उत्तर:
संसार में लगातार होने वाले पाँच परिवर्तन इस प्रकार हैं

  1. सूरज का रोज़ निकलना और छिप जाना।
  2. फूल का डाली पर खिलना और सूख कर झड़ जाना।
  3. कभी बचपन कभी जवानी और फिर बुढ़ापा तथा मृत्यु।
  4. रात के बाद दिन का निकलना, दिन के बाद फिर रात का आना।
  5. समय का आगे बढ़ते जाना, फिर लौट कर न आना।
  6. पेड़-पौधों के पत्तों का कोमल हरा और फिर पीला हो जाना।

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प्रश्न 2.
समय नष्ट न करने वाले को क्या मिलता
उत्तर:
समय नष्ट न करने वाले को जीवन में सारे सुख मिलते हैं। वह जीवन में उन्नति करता है।

प्रश्न 3.
कवि ने उन्नति का कौन-सा मन्त्र कविता में दिया है?
उत्तर:
कवि ने उन्नति का मूल मन्त्र बताते हुए कहा है-‘समय को कभी मत गँवाओ।’

प्रश्न 4.
‘समय अमूल्य है,’ इस विषय पर पाँच वाक्य लिखो।
उत्तर:
समय एक बहुमूल्य धन है। यह कभी लौट कर नहीं आता। इसलिए समय के महत्त्व को समझो। समय को कभी व्यर्थ न गँवाओ। समय पर किया गया काम ही अच्छा होता है। जो विद्यार्थी समय | के महत्त्व को नहीं समझते, वे बाद में पछताते हैं। ऐसे लोग जीवन में ठोकरें खाते रहते हैं। इसी कारण हमारे महापुरुषों ने समय को बड़ा महत्त्व दिया है।

II. सरलार्थ करो

कभी बालपन मिलता हमको,
कभी जवानी आती है।
पागल बन जब झूमा करते,
तभी जरा आ जाती है।
उत्तर:
कवि कहता है कि मनुष्य का जीवन एक-सा नहीं रहता। प्रकृति में भी कभी सुबह होती है तो कभी रात का अन्धेरा छा जाता है और चाँद मुस्कुराने लगता है। फूल कभी डाली पर खिलता है और कभी वह झड़ जाता है। कभी हमें बचपन मिलता है और कभी जवानी (यौवन) आ जाती है। जवानी की मस्ती में पागल हो कर जब हम झूमते हैं तो उसी समय बुढ़ापा आ जाता है।

वाक्य बनाओ

(i) बालपन = ………………….
(ii) नष्ट = ………………….
(iii) इच्छा = ………………….
(iv) सुख = ………………….
उत्तर:
(i) बालपन = बालपन में अधिकतर बच्चे नटखट होते हैं।
(ii) नष्ट = पशुओं ने सारा बाग नष्ट कर दिया।
(iii) इच्छा = मेरी इच्छा डॉक्टर बनने की है।
(iv) सुख = यदि हमें सुख की इच्छा है तो परिश्रम करना होगा।

III. समानार्थक शब्द लिखो

(i) सवेरा = ………………….
(ii) अन्धेरा = ………………….
(iii) चाँद = ………………….
(iv) फूल = ………………….
(v) डाली = ………………….
उत्तर:
समानार्थक शब्द-
(i) सवेरा = सुबह, प्रातः
(ii) अन्धेरा = अन्धकार, तम।
(iii) चाँद = निशिकर, रजनीकर।
(iv) फूल = पुष्प, सुमन।
(v) डाली = शाखा, टहनी।

IV. विपरीत शब्द समझो

इच्छा = अनिच्छा
सुख = दुःख
आलसी = चुस्त
जीवन = मृत्यु
आबाद = उजाड़
उत्तर:
विद्यार्थी ऊपर लिखे गए विपरीतार्थक शब्दों को समझें।

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V. रेखांकित शब्दों के वचन बदल कर वाक्य दोबारा लिखो

यह आम के पेड़ की डाली है।
पेड़ का पत्ता हरा है।
उत्तर:
(i) ये आम के पेड़ों की डालियाँ हैं।
(ii) पेड़ों के पत्ते हरे हैं।

VI. नये शब्द बनाओ

न् + न = न्न = उन्नति,
त् + र = त्र = मन्त्र, ……………
न् + त = न्त = निरन्तर, ……………
त् + त = त्त, त्त = पत्ती, …………..
प् + र = प्र = प्राण, …………………
ष् + ट = ष्ट = नष्ट, …………………
द् + य = द्य, द्य = विद्या, ………….
उत्तर:
नए शब्द-
न् + न = न्न = उन्नति, अन्न, खिन्न।
त् + र = त्र = मन्त्र, स्वतन्त्र, मित्र।
न् + त = न्त = निरन्तर, अन्त, अन्तर।
त् + त = त्त (त्त) = पत्ती, कुत्ता, पत्ता।
प् + र = प्र = प्राण, प्रबल, प्रखर।
ष् + ट = ष्ट = नष्ट, कष्ट, दुष्ट।
द् + य = द्य (द्य) = विद्या, विद्यार्थी, विद्यालय।

VII. शब्दों की माला पूरी करो

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बहुवैकल्पिक प्रश्न

पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✓) निशान लगाएं

प्रश्न 1.
परिवर्तन किसका नियम है ?
(क) प्रकृति का
(ख) मनुष्य का
(ग) सबका
(घ) धन का।
उत्तर:
(क) प्रकृति का

प्रश्न 2.
इस कविता में कवि ने क्या शिक्षा दी है ?
(क) धन कमाने की
(ख) समय नष्ट न करने की
(ग) पढ़ने की
(घ) जगने की।
उत्तर:
(ख) समय नष्ट न करने की

प्रश्न 3.
समय कैसा धन है ?
(क) अमूल्य
(ख) मूल्य
(ग) धनी
(घ) अच्छा
उत्तर:
(क) अमूल्य

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प्रश्न 4.
जो समय को नष्ट करता है उसे कौन-सा धन नहीं मिलता?
(क) विद्या धन
(ख) विद्या पैसा
(ग) धन
(घ) गृह धन।
उत्तर:
(क) विद्या धन

प्रश्न 5.
उन्नति का मंत्र क्या है ?
(क) समय का लाभ उठाना
(ख) समय गंवाना
(ग) समय देना
(घ) समय न देना।
उत्तर:
(क) समय का लाभ उठाना

उन्नति का मंत्र Summary

उन्नति का मंत्र पाठ का सार

कवि ने समय के लगातार बदलने और उसके अच्छे-बुरे प्रभावों को अपनी कविता में प्रकट किया -है। समय बदलने के साथ कभी सवेरा होता है तो कभी रात का अंधेरा। कभी पौधों पर फूल महकते हैं तो कभी झड़ जाते हैं। बचपन जवानी में बदलता है तो जवानी बुढ़ापे में बदल जाती है। संसार का कण-कण बदलता है। मनुष्य को समय की इज्जत करनी चाहिए। उसे कभी भी गंवाना नहीं चाहिए। समय ही मान है, प्राण है और सब सुखों का दाता है। कभी समय न गंवाना ही सब सुखों को प्राप्त करने का मूल मंत्र है।

पद्यांशों के सरलार्थ

1. कभी सवेरा कभी अँधेरा,
कभी चाँद मुसकाता है।
खिलता फूल कभी डाली पर,
वही कभी झड़ जाता है।
कभी बालपन मिलता हमको,
कभी जवानी आती है।
पागल बन जब झुमा करते,
तभी ज़रा आ जाती है।

कठिन शब्दों के अर्थ:
सवेरा = सुबह। मुसकाता = मुस्कुराता, हँसता। बालपन = बचपन। जरा = बुढ़ापा।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मन्त्र’ में से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में कवि ने समय के मूल्य को जानना ही उन्नति का मन्त्र बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि मनुष्य का जीवन एक-सा नहीं रहता। प्रकृति में भी कभी सुबह होती है तो कभी रात का अन्धेरा छा जाता है और चाँद मुस्कुराने लगता है। फूल कभी डाली पर खिलता है और कभी वह झड़ जाता है। कभी हमें बचपन मिलता है और कभी जवानी (यौवन) आ जाती है। जवानी की मस्ती में पागल हो कर जब हम झूमते हैं तो उसी समय बुढ़ापा आ जाता है।

भावार्थ:
समय निरन्तर बढ़ता रहता है तथा उसके साथ बदलाव भी निश्चित है।

2. समय निरन्तर बढ़ता जाता,
बदल रहा जग-जीवन है।
बदल रही है पत्ती-पत्ती,
बदल रहा सब कण-कण है।
यदि इच्छा है सुख की तुमको,
समय व्यर्थ मत खोना रे।
जो कुछ करना, करो समय पर,
नहीं आलसी होना रे।

कठिन शब्दों के अर्थ:
समय = वक्त। निरन्तर = लगातार। जग-जीवन = सांसारिक जीवन। कणकण = ज़र्रा-ज़र्रा इच्छा = चाह। व्यर्थ = फजूल। आलसी = सुस्त।

प्रसंग:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मंत्र’ से लिया गया है। प्रस्तुत कविता में कवि ने समय का महत्त्व बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है कि समय लगातार बढ़ता जाता है। समय बीतता रहता है। इसी के साथ संसार का जीवन भी बदलता रहता है।

दुनिया में पत्ती-पत्ती और हर कण बदल रहा है। अरे मानव ! यदि तुम सुख चाहते हो तो अपना समय व्यर्थ मत गँवाओ। तुम्हें जो कुछ भी करना है, उसे समय पर कर डालो। आलसी बनकर रहना बुरी बात है।

भावार्थ:
समय अमूल्य है, वह लौट कर नहीं आता।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 17 उन्नति का मंत्र

3. समय मान है, समय प्राण है,
समय सभी सुख द्गाता है।
समय नष्ट कर नहीं कोई भी,
विद्या धन सुख पाता है।
नहीं समय को कभी गँवाओ,
मंत्र उन्नति का याद रहे।
मूल्य समय का जो पहचाने,
जीवन उसका आबाद रहे।

कठिन शब्दों के अर्थ:
मान = इज्जत। प्राण = जान। सुखदाता = सुख देने वाला। विद्याधन = विद्या रूपी दौलत। उन्नति = तरक्की। मूल्य = कीमत।

प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित कविता ‘उन्नति का मन्त्र’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने जीवन में उन्नति पाने के लिए समय की कद्र करना बताया है।

सरलार्थ:
कवि कहता है-समय इज्जत है और समय ही प्राण है। कोई भी व्यक्ति समय को बरबाद करके विद्या रूपी धन एवं सुख प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए समय को कभी मत गँवाओ। इस उन्नति के
मन्त्र को हमेशा याद रखो। जो व्यक्ति समय की कीमत को पहचानता है, उसका जीवन आबाद रहता है।

भावार्थ:
हमें समय के महत्त्व को पहचानना चाहिए।