PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई (2nd Language)

बुराई नहीं, भलाई अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਬੁਰਾਈ = बुराई
  • ਜੋੜਾ = जोड़ा
  • ਬੰਦਰ = बंदर
  • ਹਿਰਣ = हिरण
  • ਭਲਾਈ = भलाई
  • ਭੋਲੂ = भोलू

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

  • ਇੱਕ = एक
  • ਵੇਲ = लता
  • ਸ਼ਰਮਿੰਦਾ = लज्जित
  • ਵਰਤਾਵ = व्यवहार
  • ਮਾਂ-ਪਿਓ = माता-पिता
  • ਸ਼ਰਾਰਤੀ = नटखट

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) म् + ह = म्ह = तुम्हारा
व् + य = व्य = व्यवहार
न् + ह = न्ह = नन्हा
च् + च = च्च = बच्चा
ल् + ल = ल्ल = चिल्ला
म् + म = म्म = हिम्मत
ज् + ज = ज्ज = लज्जित
उत्तर :
विद्यार्थी उपरोक्त शब्दों के सही और शुद्ध उच्चारण का अभ्यास करें।

बताओ

प्रश्न 1.
पेड़ पर कौन रहता था?
उत्तर :
पेड़ पर बन्दर और बंदरिया, अपने नटखट बेटे भोलू के साथ रहते थे।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

प्रश्न 2.
भोलू का स्वभाव कैसा था?
उत्तर :
भोलू बड़ा ही नटखट स्वभाव का था। वह अपनी शरारतों से हमेशा दूसरों को दु:खी करता था।

प्रश्न 3.
भोलू ने हिरण के साथ क्या शरारत की?
उत्तर :
भोलू ने हिरण को देखकर उसे अपने को पकड़ने के लिए कहा। जब हिरण तेज़ी से दौड़ कर उसे पकड़ने लगा तो वह झट से पेड़ पर चढ़ गया और हिरण दलदल में गिर गया।

प्रश्न 4.
भोलू के माता-पिता ने लाली को कैसे बचाया?
उत्तर :
भोलू के पिता ने पेड़ पर लिपटी एक मज़बूत लता को खींचा और उसे लाली की ओर फेंका। लाली ने उसे मुँह से पकड़ लिया और भोलू के पिता ने उसे खींच कर बाहर निकाल लिया। इस प्रकार उन्होंने लाली को बचा लिया।

प्रश्न 5.
हमें दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर :
हमें दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

पढ़ो और समझो

(क) पेड़ = वृक्ष
मुँह = मुख
हिरण = मृग
डर = भय
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के पर्यायवाची शब्द उनके सामने लिखे गए हैं। विद्यार्थी इन्हें कण्ठस्थ कर लें।

(ख) बंदर = बंदरिया
माता = पिता
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के विपरीत लिंगी शब्द सामने लिखे गए हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

(ग) बुराई = भलाई
बुरा व्यवहार = भला व्यवहार
अन्दर = बाहर
धीरे-धीरे = तेजी से
दुःखी= सुखी
एक = अनेक
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के विपरीतार्थक शब्द सामने दिए गए हैं। विद्यार्थी इन्हें स्मरण रखें।

इनसे नये शब्द बनाओ

च्च, ल्ल, म्म, ज्ज
उत्तर :
च्च = बच्चा, कच्चा।
ल्ल = हल्ला, बल्ला।
म्म = अम्मा, निकम्मा।
ज्ज = लज्जा, सज्जा।

रचनात्मक अभिव्यक्ति

चित्र में दिखाई गई बातों के आधार पर चित्र के नीचे भली आदत/बुरी आदत लिखें।
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई 1

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
अगर ‘बंदर’ का ‘बंदरिया’ है तो ‘माता’ का है:
(i) पिता
(ii) दादा
(iii) दादी
(iv) रानी।
उत्तर :
(i) पिता

प्रश्न 2.
अगर ‘बुराई’ ‘भलाई’ है ‘अन्दर’ का है
(i) बंदर
(ii) सुंदर
(iii) बाहर
(iv) शहर।।
(iv) रोक।
उत्तर :
(iii) बाहर

प्रश्न 3.
अगर दुखी’ का ‘सुखी है तो ‘एक’ का है
(i) अनेक
(ii) शेर
(iii) शेर
उत्तर :
(i) अनेक

प्रश्न 4.
भोलू का स्वभाव कैसा था?
(i) नटखट
(ii) खटपट
(iii) शैतानी
(iv) निडर।
उत्तर :
(i) नटखट।

बुराई नहीं, भलाई Summary in Hindi

किसी पेड़ पर बन्दर और बन्दरिया का जोड़ा रहता था। उनका एक छोटा बच्चा भी था, जिसका नाम भोलू था। वह बड़ा ही नटखट था। वह ऐसी शरारतें करता था जिससे दूसरों को परेशानी होती थी। उसकी इस आदत से सभी दुखी थे। एक बार की बात है कि भोल और उसके मातापिता आपस में बातें कर रहे थे तभी अचानक भोलू उनसे नज़रें बचाकर चला गया। उसने एक दलदल देखी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 7 बुराई नहीं, भलाई 2

इसे देख उसके मन में शरारत सूझी। उसने देखा कि सामने से हिरण का बच्चा ‘लाली’ आ रहा है। उसने लाली को कहा, “लाली ! मुझे पकड़ो।” लाली भोलू को पकड़ने के लिए दौड़ा। भोलू दौड़ता हुआ जैसे ही दलदल के समीप पहुँचा वह झट से – पेड़ पर. चढ़ गया लेकिन उसके पीछे आ रहा लाली – संभल न पाया और दलदल में गिर गया। लाली दलदल में फँसता जा रहा था। यह देखकर भोलू भी घबरा गया और सहायता के लिए चिल्लाने लगा।

उसकी आवाज़ सुनकर उसके माँ-बाप दौड़ते हुए आए। उन्होंने जल्दी से पेड़ से लिपटी एक मज़बूत लता को खींचा और उसे लाली की ओर फेंका। लाली ने उसे पकड़ लिया और इधर इन्होंने उसे खींच कर दलदल से बाहर निकाल लिया। इस तरह लाली की जान बच गई।

भोलू अपने किए पर शर्मिंदा था। उसके पिता जी ने उसे समझाते हुए कहा कि बेटा, हमें दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे दूसरों को नुकसान हो। भोलू के मन पर इन बातों का बहुत असर हुआ और उसने शरारतें करनी करनी छोड़ दीं। अब वह बदल गया था।

शब्दार्थ

  • नटखट = शरारती
  • लता = बेल
  • दलदल = कीचड़
  • नुकसान = हानि
  • धड़ाम = ज़ोर की आवाज़
  • व्यवहार = बर्ताव
  • लजित = शर्मिदा
  • भलाई – दूसरे का हित करना
  • लपककर = सहसा तेज़ी से आगे बढ़ना

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 6 ईमानदार बालक (2nd Language)

ईमानदार बालक अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਹੱਲ = हल
  • ਕ੍ਰਿਸ਼ਣਪੁਰ = कृष्णपुर
  • ਮਿੱਤਰ = मित्र
  • ਗੁਰੁ = गुरु
  • ਸੱਚਾ = सच्चा
  • ਦੰਡ = दंड

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

  • ਘਰ = गृह
  • ਪਿੰਡ = गाँव
  • ਕੰਮ = कार्य
  • ਘਰ = योग्य
  • ਹਿਰਦਾ = हृदय
  • ਹਿੰਮਤੀ = साहसी

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) कृ + ष् = कृष् = कृष्ण
स् + ट = स्ट = मास्टर
स् + त = स्त = वास्तव
त् + र = त्र = मित्र
स् + क = स्क = मुस्कराते
ग् + य = ग्य = योग्य

(ख) च् + च = च्च = सच्चाई
ज् + ज = ज्ज = ताज्जुब

बताओ

प्रश्न 1.
गुरु जी ने किस विषय का गृह कार्य दिया था?
उत्तर :
गुरु जी ने गणित विषय का गृह-कार्य दिया था।

प्रश्न 2.
जिस बालक के सारे सवाल ठीक थे, उसका क्या नाम था?
उत्तर :
जिस बालक के सारे सवाल ठीक थे, उसका नाम गोपाल था।

प्रश्न 3.
गोपाल रोने क्यों लगा?
उत्तर :
गोपाल को लगा कि वह वास्तव में उस तारीफ़ के लायक नहीं था जो अध्यापक ने की थी, इसीलिए वह रोने लगा।

प्रश्न 4.
गोपाल ने मास्टर जी के सामने क्या कहा?
उत्तर :
गोपाल ने मास्टर जी से सच कहा कि उसने कुछ सवाल अपने मित्र की कापी से उतारे थे।

प्रश्न 5.
मास्टर जी ने गोपाल के किन गुणों की प्रशंसा की?
उत्तर :
मास्टर जी ने गोपाल की सच्चाई, ईमानदारी और साहसी होने की प्रशंसा की।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

वाक्य बनाओ

पीठ थपथपाना, फूट पड़ना, मंद-मंद मुस्कराना, रोमांचित होना
उत्तर :

  1. पीठ थपथपाना (शाबाशी देना)परीक्षा में रमेश के प्रथम स्थान पर आने पर उसके माता-पिता ने उसकी पीठ थपथपाई।
  2. फूट पड़ना (प्रकट होना)-गिलास टूट जाने पर मालिक का गुस्सा फूट पड़ा।
  3. मंद-मंद मुस्कराना (धीमे-धीमे मुस्कराना)छोटे बच्चे के मुँह से तुतलाती बातें सुन कर माँ मंदमंद मुस्कराने लगी।
  4. रोमांचित होना (खुश होना)-सैनिकों के बहादुरी के कारनामे देखकर मन रोमांचित हो उठा।

समझो

सवाल = प्रश्न
तारीफ = प्रशंसा
ताज्जुब = हैरान
मास्टर गुरु
उत्तर :
उपरोक्त रेखांकित शब्दों के अर्थ उनके सामने दिए गए हैं। विद्यार्थी इन अर्थों को याद करके लिखने का अभ्यास करें।

समझो और लिखो

सच्चा = सच्चाई
ईमानदार = ईमानदारी
खूबसूरत = खूबसूरती
साहस = साहसी
उत्तर :
उपरोक्त वाक्यों में ‘ई’ प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा शब्द बनाए गए हैं।

समझो

ईमानदार = बेईमान
सच्चा = झूठा
दण्ड = इनाम
प्रश्न = उत्तर
ठीक = गलत
लायक = नालायक
उत्तर :
ऊपर दिए गए शब्दों के सामने वाले शब्दों के कार्य उनके उलट हैं। ऐसे शब्दों को विपरीतार्थक शब्द कहते हैं।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

नये शब्द बनाओ

स्ट, त्र, न्ह, च्च, न्न
उत्तर :
स्ट = स्टेशन, स्टोर।
त्र = पत्र, मित्र।
न्ह = मध्यान्ह, उन्हें।
च्च = उच्च, सच्चा।
न = अन्न, संपन्न।

विराम चिह्न लगाओ

मास्टर जी आपने मेरी इतनी तारीफ की लेकिन मैं इसके लायक नहीं
उत्तर :
“मास्टर जी ! आपने मेरी इतनी तारीफ़ की, लेकिन मैं इसके लायक नहीं।”

रचनात्मक कौशल

इस कहानी से मिलने वाली शिक्षा के सूत्र वाक्यों ‘ईमानदार बनो’, ‘सच बोलो’, ‘साहसी बनो’ को चार्ट पर लिखकर कक्षा में टाँगो।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
गुरु जी ने किस विषय का गृहकार्य दिया था?
(i) गणित
(ii) हिंदी
(iii) विज्ञान
(iv) संस्कृत।
उत्तर :
(i) गणित

प्रश्न 2.
पंजाबी शब्द “विमलयन’ का हिन्दी में अर्थ
कृष्ण/कृष्णपुर/कृष्णानगर/कान्हा
उत्तर :
कृष्णपुर

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द “थिंड’ का हिन्दी अर्थ है।
नगर/गाँव/बसेरा/तेरा
उत्तर :
गाँव

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

प्रश्न 4.
‘फूट पड़ना’ का अर्थ है
(i) प्रकट होना
(ii) प्रकट आना
(iii) ओझल होना
(iv) दिखना।
उत्तर :
(i) प्रकट होना

प्रश्न 5.
रोमांचित होना का अर्थ हैं –
(i) रोमांच होना
(ii) रोमांच करना
(ii) खुश होना
(iv) खुशी करना।
उत्तर :
(ii) खुश होना।

प्रश्न 6.
अगर ईमानदार’ का बेईमान है तो ‘सच्चा’ का है
(i) झूठ
(ii) झूठा
(iii) सत्य
(iv) असत्य।
उत्तर :
(ii) झूठा

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

प्रश्न 7.
अगर प्रश्न का उत्तर है तो ‘लायक’ का
(i) नालायक
(ii) नाकाबिल
(iii) नाबालिग
(iv) नागुज़ार।
उत्तर :
(i) नालायक।

ईमानदार बालक Summary in Hindi

कृष्णपुर गाँव की पाठशाला में गुरु जी गणित की कापियाँ जाँच रहे थे। वह गोपाल की कापी देखकर बहुत खुश हुए क्योंकि उसने सारे सवाल ठीक हल किए थे। उन्होंने कक्षा के सामने उसकी तारीफ़ की लेकिन अपनी तारीफ़ सुनकर प्रसन्न होने की जगह गोपाल रोने लगा।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक 1

अध्यापक और बच्चे सभी हैरान थे कि गोपाल रोने क्यों लगा। अध्यापक के पूछे जाने पर गोपाल ने कहा कि गुरु जी आपने तो मेरी तारीफ़ की है लेकिन मैं तो सज़ा का हकदार हूँ क्योंकि ये सवाल मैंने स्वयं नहीं हल किए बल्कि अपने मित्र की कापी से उतारे हैं।

उसकी सच्ची बातों को सुनकर गुरु जी बहुत प्रसन्न हुए और वह बोले कि गोपाल तुम सच में। प्रशंसा के योग्य हो क्योंकि तुम सच्चे और ईमानदार ही नहीं बल्कि साहसी भी हो। सच को बोलने का साहस तुम में है। गोपाल गुरु जी की बात सुनकर रोमांचित हो गया।

शिक्षा-हमें सदा सत्य बोलना चाहिए।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 6 ईमानदार बालक

शब्दार्थ

  • गृह कार्य = घर से हल करके लाया जाने वाला काम
  • ताज्जुब = हैरानी
  • सुबकना = धीमी आवाज़ में रोना
  • दण्ड = सज़ा
  • मंद-मंद = धीरे-धीरे
  • रोमांचित = जिसके रोयें खड़े हों, पुलकित, खुश।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता) Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 5 ठीक समय (कविता) (2nd Language)

ठीक समय (कविता) अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • ਨਿਤ = नित
  • ਮੌਜ = मौज
  • ਗਾਨਾ = गाना
  • ਨਹਾਓ = नहाओ
  • ਠੀਕ = ठीक
  • ਖਾਓ = खाओ

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

बताओ

इस कविता में क्या बताया गया है?
उत्तर :
इस कविता में बताया गया है कि जीवन में ‘बड़ा’ बनने और सफलता पाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक काम सही समय पर करें।

कविता की पंक्तियाँ पूरी करो :

  1. ठीक समय पर ………………………………. उठ जाओ।
  2. ………………………………. खाना खाओ।
  3. ठीक समय पर ………………………………. जाओ।

उत्तर :

  1. ठीक समय पर नित उठ जाओ।
  2. ठीक समय पर खाना खाओ।
  3. ठीक समय पर पढ़ने जाओ।

तुक मिलाओ

जाओ ………………………………. खाना ……………………………….
उत्तर :
जाओ – खाओ।
खाना – गाना।

लिखो

समय खाना पढ़ने मौज पाओ
उत्तर :
विद्यार्थी उपरोक्त शब्दों को अपनी उत्तरपुस्तिका में लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

रचनात्मक कौशल

घड़ी का चित्र बनाओ। एक से बारह तक अंक लिखो। घड़ी की सभी सुइयों के बारे में पता करो। अपने माता-पिता तथा अध्यापक की सहायता से समय देखना सीखो।
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता) 1

अध्यापन निर्देश :
अध्यापक इस कविता का सस्वर वाचन करवाये तथा बच्चों में सभी काम समय पर करने की आदत विकसित करे।

(i) ठीक समय पर
नित उठ जाओ।
ठीक समय पर
चलो नहाओ।
ठीक समय पर
खाना खाओ।
ठीक समय पर
पढ़ने जाओ।
उत्तर :
सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक से कविता ‘ठीक समय’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने समय के महत्त्व को बताते हुए कहा है कि हमें प्रत्येक कार्य ठीक समय पर करना चाहिए। सुबह ठीक समय पर उठना चाहिए। हमें नहाना चाहिए और खाना खाना चाहिए। हमें ठीक समय पर पढ़ने के लिए जाना चाहिए।

(ii) ठीक समय पर
मौज उड़ाओ।
ठीक समय पर
गाना गाओ।
ठीक समय पर
सब कर पाओ।
तो तुम बहुत
बड़े कहलाओ।
उत्तर :
सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी की पाठ्य-पुस्तक से कविता ‘ठीक समय’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने बच्चों को समय का महत्त्व बताते हुए उन्हें प्रत्येक काम समय पर करने को कहा है। कवि कहता है कि हमें उचित समय पर ही मौज-मस्ती (खेलना-कूदना) करनी चाहिए और जब गाने का उचित समय हो तभी गाना चाहिए। यदि सभी काम तुम अपने ठीक समय पर करोगे तभी तुम ‘बड़े’ कहलाओगे।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 5 ठीक समय (कविता)

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘खाओ’ से तुकबन्दी करते हुए शब्द मिलाएँ/सही पर गोला लगाओ।
(i) मिलाओ
(ii) जाओ
(iii) बताओ
(iv) मिलना।
उत्तर :
(i) जाओ

प्रश्न 2.
पंजाबी शब्द ‘मैन’ का हिन्दी अर्थ है-
मौज़/रोम/फर्ज/तर्ज
उत्तर :
मौज

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘गाटा’ का हिन्दी में अर्थ है। रोना/गाना/जाना/रहना।
उत्तर :
गाना।

शब्दार्थ

  • नित = (नित्य) हर रोज़
  • ठीक = सही
  • समय = वक्त

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 4 मीठे फल Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 4 मीठे फल (2nd Language)

मीठे फल अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो –

  • गुरुमुखी लिपि = देवनागरी लिपि
  • ਮਹਾਰਾਜ = महाराज
  • ਬੇਰੀ = बेरी
  • ਕੰਨਪਟੀ = कनपटी
  • ਸ਼ਿਕਾਰ = शिकार

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिन्दी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो –

  • पंजाबी शब्द – हिन्दी भाषा के शब्द
  • ਸਿੰਘ = सिंह
  • ਸਮਾਂ = समय
  • ਅੰਗ-ਰੱਖਿਅਕ = अंगरक्षक
  • ਮਾਫ਼ = क्षमा
  • ਪੱਥਰ = पत्थर
  • ਇੱਕ = एक

पढ़ो, समझो और लिखो

(क) त् + थ = त्थ = पत्थर
म् + ह = म्ह = तुम्हें
न् + ह = न्ह = उन्हें, उन्होंने
(ख) च् + च = च्च = बच्चे

बताओ

प्रश्न 1.
महाराजा रणजीत सिंह कहाँ जा रहे थे?
उत्तर :
महाराजा रणजीत सिंह शिकार खेलने जा रहे थे।

प्रश्न 2.
बच्चे पत्थर मारकर क्या तोड़ रहे थे?
उत्तर :
बच्चे पत्थर मार कर बेर तोड़ रहे थे।

प्रश्न 3.
महाराजा को पत्थर कहाँ पर लगा?
उत्तर :
महाराजा को पत्थर कनपटी पर लगा।

प्रश्न 4.
महाराजा ने बच्चों से क्या कहा?
उत्तर :
महाराजा ने बच्चों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं। जब एक बेरी पत्थर खाकर तुम्हें मीठे-मीठे बेर देती है तो आपका महाराजा पत्थर खाकर भला आपको सज़ा क्यों देगा ?

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

प्रश्न 5.
महाराजा ने बच्चों को क्या दिया?
उत्तर :
महाराजा ने बच्चों को मीठे बेर और मिठाइयाँ खाने को दी।

वाक्य बनाओ

  1. मार-मार,
  2. डरते-डरते,
  3. मीठे-मीठे,
  4. हँसते-खेलते

उत्तर :

  1. मार-मार-पुलिस ने चोर को मार-मार कर अधमरा कर दिया।
  2. डरते-डरते-बच्चा डरते-डरते मेरे सामने आया।
  3. मीठे-मीठे-चाचा जी ने मुझे मीठे-मीठे बेर खाने को दिए।
  4. हँसते-खेलते-बच्चे हँसते-खेलते ही अच्छे लगते हैं।

समझो

तुम = तुम्हें
यह = ये
उन = उन्हें/उन्होंने
वह = वे
उत्तर :
निर्देश- उपरोक्त सर्वनाम शब्दों के एकवचन और बहुवचन रूप को दिखाया गया है।

(क) अन्तर समझो

जज ने चोर को एक साल जेल की [सज़ा] दी। (दंड)
मैंने अपना कमरा [सजा] दिया है। (सजाना)
उत्तर :
सजा, सजा शब्दों के अर्थ में अन्तर हैं। ऐसे शब्द युग्म शब्द कहलाते हैं।

(ख) बॉक्स में दिये गये चिह्नों की पहचान करो

(1) बच्चे बेर तोड़ रहे थे। [ । ]
(2) महाराजा ने पूछा [ , ] [ ” ] बच्चो [ ! ] आपने मुझे पत्थर क्यों मारा [ ? ] [ ” ]
उत्तर :
(i) [ । ] पूर्ण विराम कहलाता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

अध्यापन निर्देश :

  1. अध्यापक बच्चों को महाराजा के प्रजा के प्रति प्रेम के बारे में बताते हुए बताये कि प्राचीन काल में राजा अपनी प्रजा के हित का पूरा ध्यान रखते थे। प्रजा भी अपने राजा के गुणों की प्रशंसा करती थी।
  2. अध्यापक विराम चिह्नों।, , ? ” ” के बारे में बच्चों को जानकारी दे।
  3. द्वित्व व्यंजन : जब एक व्यंजन दो बार आए तो उसे द्वित्व रूप में लिखा जाता है। द्वित्व व्यंजन लिखते समय पहला व्यंजन स्वर रहित और दूसरा व्यंजन स्वर सहित होता है। जैसे ‘बच्चा’ शब्द में ‘च’ व्यंजन दो बार (एक बार आधा और दूसरी बार पूरा) आया है।

नोट : किसी भी वर्ग के दूसरे तथा चौथे व्यंजन का वित्व नहीं होता परन्तु जहाँ इनके वित्व होने का आभास मिलता है वहाँ वर्ग के पहले और दूसरे तथा तीसरे और चौथे व्यंजन का संयोग होता है। जैसे ‘पत्थर’ शब्द में ‘थ’ व्यंजन के द्वित्व होने का आभास मिलता है परन्तु दूसरे व्यंजन (थ) के साथ पहला व्यंजन (त्) जोड़ा जाता है। इसी प्रकार ‘शुद्ध’ शब्द में ‘ध’ व्यंजन के द्वित्व होने का आभास मिलता है। परन्तु चौथे व्यंजन ‘ध’ के साथ तीसरे व्यंजन ‘द्’ का संयोग होता है।

रचनात्मक कौशल
फलों के नाम लिखें व रंग भरें:
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल 1
अध्यापक बच्चों को फल धोकर खाने को कहे।

अध्यापन निर्देश : ‘सजा’ शब्द का अर्थ है- दंड। इसमें उर्दू क ध्वनि ‘ज’ का प्रयोग हुआ है। हिंदी में एक शब्द है ‘सजा’ जिसका अर्थ है- आकर्षक व सुंदर। इसमें – ‘ज’ ध्वनि है। विद्यार्थियों को बताया जाये कि उर्दू से आए अरबी-फारसी मूलक वे शब्द जो अब हिंदी के अंग बन चके हैं व जिनकी विदेशी ध्वनियों का हिंदी ध्वनियों में रूपांतर हो चुका है, हिंदी रूप में ही स्वीकार किये जा सकते हैं। जैसे -कलम, किला, दाग आदि (क़लमए क़िला, दाग़ नहीं) किंतु ‘सजा’ जैसे कुछ ऐसे अन्य शब्द भी हैं जिनमें ध्वनि भेद (ज़-ज) के कारण अर्थ बदल जाता है। अतः शुद्ध विदेशी रूप में प्रयोग करने या उच्चारण-भेद स्पष्ट करते समय कई बार नुक्ता लगाना पड़ जाता है और लगाना भी चाहिए। अन्य उदाहरण- राज (शासन) राज (रहस्य)।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘तुम’ तुम्हे है तो यह …….. है।
(i) ये
(ii) वे
(iii) उन्हें
(iv) उनसे।
उत्तर :
(i) ये,

प्रश्न 2.
‘वह’ …………………….. वे है तो ‘उन’ …………………….. है।
(i) तुम्हे
(ii) उन्हें
(iii) किन्हें
(iv) तुमने।
उत्तर :
(ii) उन्हें,

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘मिथ’ का हिन्दी में अर्थ है- शेर/सिंह/सिघ्म/भरत
उत्तर :
सिंह

प्रश्न 4.
पंजाबी शब्द ‘अंग-धिभव’ का हिन्दी अर्थ है-
सेना नायक/अंग-रक्षक/सार्थक/अंगीकार।
उत्तर :
अंगरक्षक

प्रश्न 5.
राजा अपने …………. के साथ शिकार पर गया।
(i) अगंरक्षक
(ii) अंगरक्षक
(iii) अगरक्षक
(iv) अगरक्षक
उत्तर :
(i) अंगरक्षक।

मीठे फल Summary in Hindi

एक बार महाराजा रणजीत सिंह अपने अंगरक्षकों के साथ शिकार पर गए। वहीं एक पत्थर उनकी कनपटी पर आकर लगा। पता करने पर पता चला कि बच्चे बेरी पर पत्थर मार-मार कर बेर तोड़ रहे थे। उनमें से एक पत्थर महाराजा के आ लगा। बच्चों ने उन से क्षमा माँगी।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 4 मीठे फल 2

महाराजा ने कहा यदि बेरी तुम्हें पत्थर मारने पर मीठे-मीठे फल देती है तो मैं भी तुम्हें कुछ दूंगा। यह कहकर महाराजा ने बच्चों को मीठे-मीठे बेर और मिठाइयाँ दिलवाईं।

शब्दार्थ

  • अंगरक्षक = राजा-महाराजा की रक्षा के लिए नियुक्त सैनिक
  • कनपटी = कान और आँख के बीच का स्थान
  • क्षमा = माफ़ी

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 3 आत्मविश्वास (2nd Language)

Hindi Guide for Class 5 PSEB आत्मविश्वास Textbook Questions and Answers

आत्मविश्वास अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो :

  • मप्ल = स्कूल
  • ਪਾਸ = पास
  • हिरिभातपी = विद्यार्थी
  • भाउभ-दिप्तराम = आत्मविश्वास
  • ताप्लटतथी = राष्ट्रपति
  • ਨਾਖੁਸ਼ = नाखुश
  • ਭਾਰਤ = भारत
  • ਤੁਰੰਤ = नाखुश

निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी के इन शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो :

माप्लाठा = वार्षिक
ठीसा = परिणाम
पीधिभा = परीक्षा
भलाठ = घोषित
मेटी = कक्षा
उत्तर :
विद्यार्थी हिन्दी में लिखे गए शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

पढ़ो, समझो और लिखो

त् + म = त्म = आत्म
क + ष = क्ष = क्षमा, परीक्षा
स् + क = स्क = स्कूल
ष् + ट् + र = ष्ट्र = राष्ट्र
द् + व = व = द्वारा
न् + द् + र = न्द्र = राजेन्द्र
क् + य = क्य = क्योंकि
प् + र = प्र= प्रसाद, प्रिंसिपल
न् + त = न्त = तुरन्त
द् + य = द्य = विद्यार्थी
क् + ल = क्ल = क्लर्क
उत्तर :
हिन्दी भाषा में आधे व्यंजन को लिखने के लिए हलन्त (.) का प्रयोग किया जाता है। विद्यार्थी इनकी पहचान करना सीखें और शुद्ध-उच्चारण करना सीखें।

बताओ

प्रश्न 1.
वार्षिक परिणाम सुनकर एक विद्यार्थी खुश क्यों नहीं था?
उत्तर :
वार्षिक परिणाम सुनकर एक विद्यार्थी खुश इसलिए नहीं था क्योंकि पास होने वाले विद्यार्थियों में उसका नाम नहीं बोला गया था।

प्रश्न 2.
उस विद्यार्थी ने प्रिंसिपल से क्या कहा?
उत्तर :
उस विद्यार्थी ने प्रिंसीपल से निवेदन किया कि उसका नाम नहीं बोला गया था।

प्रश्न 3.
प्रिंसिपल को अपनी गलती का अनुभव कब हुआ?
उत्तर :
जब स्कूल के क्लर्क ने आकर प्रिंसीपल को बताया कि गलती से एक विद्यार्थी का नाम टाइप होने से रह गया है कृपया इस नाम को भी सूची में शामिल कर लें, तब प्रिंसीपल को अपनी गलती का अनुभव हुआ।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

प्रश्न 4.
जिसका नाम पास विद्यार्थियों में नहीं बोला गया, उस बालक का क्या नाम था?
उत्तर :
उस बालक का नाम राजेन्द्र प्रसाद था।

प्रश्न 5.
बड़ा होकर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद किस तरह प्रसिद्ध हुए?
उत्तर :
बड़े होकर डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में प्रसिद्ध हुए।

वाक्य बनाओ

  1. आत्मविश्वास
  2. जुर्माना
  3. सूची
  4. नाखुश
  5. निवेदन
  6. तुरंत
  7. राष्ट्रपति
  8. कृपया

उत्तर :

  1. आत्म-विश्वास – बालक राजेन्द्र प्रसाद ने बड़े आत्म-विश्वास के साथ प्रिंसीपल को कहा कि वह कभी फेल नहीं हो सकता।
  2. सूची-वार्षिक परीक्षा के घोषित परिणाम की सूची बोर्ड पर लगा दी गई थी।
  3. नाख़ुश-बालक घोषित परीक्षा परिणाम से नाखुश था।
  4. निवेदन-राघव ने कक्षा बदलने के लिए अध्यापक से निवेदन किया।
  5. जुर्माना-अध्यापक ने उसे दस रुपए जुर्माना किया।
  6. राष्ट्रपति-डॉ० राजेन्द्र प्रसाद हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति थे।
  7. कृपया-कृपया, यहां बैठ जाएं।
  8. तुरंत-मोहन ने अध्यापक द्वारा पूछे प्रश्नों का तुरंत जवाब दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

इन्हें जानो

स्कूल = पाठशाला
परिणाम = नतीजा
वार्षिक = सालाना
विद्यार्थी = छात्र
बधाई = मुबारक
अंक = नंबर
उत्तर :
उपरोक्त शब्दों के सामने उनके समान अर्थ वाले शब्द लिखे गए हैं। अतः एक समान अर्थ वाले शब्दों को समानार्थी या समानार्थक शब्द कहते हैं।

जानो

फेल = पास
अधिक = कम
पास = दूर
जोड़ = घटा
उत्तर :
उपरोक्त विपरीत अर्थ दर्शाने वाले शब्दार्थ विपरीतार्थक शब्द कहलाते हैं।

अन्तर समझो

(क) क्लर्क ने प्रिंसिपल के [ पास ] आकर कहा। (निकट)
वह बालक अपने [ पास ] होने का दावा कर रहा था। (उत्तीर्ण)
(ख) उस बालक के सबसे अधिक [ अंक ] थे। (नंबर)
बालक माँ के [ अंक ] में बैठा था। (गोदी)
उत्तर :
उपरोक्त पंक्तियों में पास और अंक शब्दों के एक से अधिक अर्थ देखे गए हैं। जहाँ पर एक शब्द के एक से अधिक अर्थ हों उन्हें अनेकार्थी या अनेकार्थक शब्द कहते हैं।

रचनात्मक अभिव्यक्ति-लंगड़े व्यक्ति द्वारा बैसाखी की सहायता से पहाड़ पर चढ़ना, अंधे व्यक्ति को ब्रेल लिपि से पुस्तक पढ़ते हुए दिखाया जाए, एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति द्वारा बोझा उठाना, स्कूल के खेल के मैदान में एक अपाहिज विद्यार्थी E द्वारा दौड़ में भाग लेना।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

अध्यापन निर्देश :

  1. अध्यापक बच्चों में आत्मविश्वास के गुण को विकसित करे। भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की जीवनी पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे।
  2. अध्यापक ‘र’ व्यंजन के विभिन्न रूप बच्चों को समझाये।
    • हलंत ‘र’ अर्थात् स्वर रहित ‘र’ अपने से अगले व्यंजन पर ‘रेफ’ (‘) के रूप में प्रयुक्त होता है जैसे ‘क्लर्क’ शब्द में हलंत ‘र’ अपने से अगले व्यंजन ‘क’ पर ‘क’ के रूप में आया है।
    • यदि हलत ‘र’ के बाद वाले व्यंजन के साथ मात्रा लगी हो तो हलंत ‘र’ मात्रा के ऊपर या बाद में लगता है। जैसे ‘जुर्माना’ शब्द में रेफ ‘ ‘ ‘ मात्रा के ऊपर () आया है।
    • जब ‘र’ से पहले हलंत व्यंजन (अर्थात् स्वर रहित व्यंजन) हो तो ‘र’ उस व्यंजन के नीचे लिखा जाता है और उस व्यंजन का हलंत हट जाता है। जैसे ‘प्रसाद’ शब्द में ‘र’ ‘प्’ व्यंजन के नीचे ‘प्र’ लगा है।
    • टवर्ग व्यंजनों में ‘ट्’ और ‘इ’ के साथ ‘र’ ट, ड रूप में लिखा जाता है। जैसे ‘राष्ट्र’।

रचनात्मक अभिव्यक्ति
PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास
चित्र देखकर नीचे दिए गए शब्दों की सहायता से वाक्य पूरे करें

भार
पुस्तक
खेल
आत्मविश्वास के बल पर एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति ………………………….. उठा सकता है, अंधा व्यक्ति ………………………….. पढ़ सकता है। एक पैर से अपाहिज व्यक्ति ………………………….. भी सकता है।
उत्तर :
आत्मविश्वास के बल पर एक हाथ से अपाहिज व्यक्ति भार उठा सकता है, अंधा व्यक्ति पुस्तक पढ़ सकता है। एक पैर से अपाहिज व्यक्ति खेल भी सकता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
अगर फेल का पास है तो अधिक का है
(i) कम
(ii) ज्यादा
(iii) शून्य
(iv) ज़ीरो।
उत्तर :
(i) कम

प्रश्न 2.
अगर ‘पास का दूर है तो ‘जोड़’ का है
(i)कम
(ii) ज्यादा
(iii) तोड़
(iv) घटा।
उत्तर :
(iv) घटा

प्रश्न 3.
पंजाबी शब्द ‘मल’ का हिन्दी अर्थ है।
स्कूल/कमरा/अंदर/बड़ा।
उत्तर :
स्कूल

प्रश्न 4.
पंजाबी शब्द ‘डाउ’ का हिन्दी अर्थ है।
भरत/भारत/परत/भगत।
उत्तर :
भारत

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

प्रश्न 5.
नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में लिखते हुए वाक्य बनाओ।

(i) राजेन्द्र/बालक/प्रसाद/उस/का/ नाम/था।
(ii) भारत/ राजेन्द्र /डॉ०/प्रसाद/ राष्ट्रपति/प्रथम/प्रसिद्ध/हुए/के/रूप में।
उत्तर :
(i) उस बालक का नाम राजेन्द्र प्रसाद था।
(ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में प्रसिद्ध हुए।

आत्मविश्वास Summary in Hindi

एक बार किसी स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। प्रिंसीपल ने पास हुए विद्यार्थियों के नाम बताए और उन्हें बधाई दी। एक विद्यार्थी, जिसका नाम नहीं बोला गया, वह कुछ उदास हो गया और प्रिंसीपल को उसने बताया कि मेरा नाम नहीं बोला गया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास 2

प्रिंसीपल ने उसे बताया कि जिसका नाम नहीं बोला गया वह फेल है। लड़के को अपने पर पूरा विश्वास था कि ,वह फेल नहीं हो सकता। उसने प्रिंसीपल से कहा तो उन्होंने उसे पाँच रुपए जुर्माना कर दिया। इस पर भी लड़का चुप नहीं हुआ तो उन्होंने उसका जुर्माना बढ़ा कर दस रुपए कर दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास

लड़का तब भी अपनी बात पर अड़ा रहा कि वह फेल नहीं हो सकता। इतने में प्रिंसीपल के पास स्कूल का क्लर्क आया और उन्हें बताया कि पास हुए विद्यार्थियों में गलती से एक नाम टाइप होना रह गया था। आप कृपया वह नाम भी उस सूची में शामिल कर लें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 3 आत्मविश्वास 3

यह नाम उसी विद्यार्थी का था जिसे पहले फेल माना गया था और दस रुपए जुर्माना किया गया था। यह बालक और कोई नहीं बल्कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद थे।

आत्मविश्वास शब्दार्थ

  • आत्म-विश्वास = अपने ऊपर भरोसा होना
  • वार्षिक = प्रति वर्ष होने वाला, सालाना
  • घोषित = ऐलान
  • प्रिंसिपल = सीनियर सेकंडरी स्कूल का मुखिया
  • अडिग = न डिगने वाला
  • क्षमा = माफ़ी

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

Punjab State Board PSEB 5th Class Hindi Book Solutions Chapter 2 एक रुपया Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 5 Hindi Chapter 2 एक रुपया (2nd Language)

Hindi Guide for Class 5 PSEB एक रुपया Textbook Questions and Answers

एक रुपया अभ्यास

नीचे गुरुमुखी और देवनागरी लिपि में दिये गये शब्दों को पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखने का अभ्यास करो-

  • प्टीतहत = ईश्वर
  • पैसा = पैसा
  • वाप्लव = बालक
  • ठेग्झी = रेहड़ी
  • वसन = बाज़ार
  • यूटाभ = प्रणाम
  • पहिउठ = पवित्र

निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी में लिखे गए शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

नीचे एक ही अर्थ के लिए पंजाबी और हिंदी भाषा में शब्द दिये गये हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ो और हिंदी शब्दों को लिखो –

  • उौध = भीख
  • पैतां सौ पु३ = चरण-धूलि

आवश्यक निर्देश-विद्यार्थी हिन्दी शब्दों को लिखने का अभ्यास करें।

पढ़ो, समझो और लिखो

  • श् + व = श्व = ईश्वर
  • स् + थ = स्थ = स्थान
  • न् + द् + र + न्द्र = चंद्र
  • द् + य + द्य = विद्या
  • म् + ह + म्ह = तुम्हें
  • क् + य + क्य = क्या
  • प् + र = प्र = प्रणाम
  • त् + र = त्र = पवित्र

निर्देश-विद्यार्थी आधे-व्यंजन की पहचान करना सीखें और उनका सही और शुद्ध – उच्चारण करना सीखें।

बताओ

प्रश्न 1.
बालक ने ईश्वर चन्द्र विद्यासागर से क्या माँगा?
उत्तर :
बालक ने ईश्वर चन्द्र विद्यासागर से एक पैसा माँगा।

प्रश्न 2.
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बालक से क्या कहा?
उत्तर :
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बालक से कहा कि यदि मैं तुम्हें एक पैसे के स्थान पर एक रुपया दूं तो तुम क्या करोगे ?

प्रश्न 3.
बालक ने एक रुपये का क्या किया?
उत्तर :
बालक ने एक रुपए से फल खरीदे और फलों की रेहड़ी लगाने लगा।

प्रश्न 4.
इस कहानी से आपको क्या संदेश मिलता है?
उत्तर :
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि परिश्रम के बल पर ही सफलता प्राप्त होती है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

पढ़ो और समझो

(क) एक = अनेक
रुपया = रुपये पैसा = पैसे
दुकान = दुकानें

निर्देश-किसी संज्ञा शब्द की अकेली इकाई एकवचन कहलाता है और जब इसको एक से अधिक इकाई या रूप में प्रयोग किया जाए तो बहुवचन कहलाता है।

(ख) बालक = बालिका
युवक = युवती

निर्देश-किसी भी संज्ञा शब्द का पुरुषवाचक रूप पुल्लिंग कहलाता है। जैसे-बालक और इसी का स्त्रीवाचक रूप स्त्रीलिंग कहलाता है; जैसेबालिका।।

वाक्य बनाओ

  1. प्रणाम
  2. पवित्र
  3. रेहड़ी
  4. धूलि

उत्तर :

  1. प्रणाम-हमें अपने माता-पिता को प्रणाम करना चाहिए।
  2. पवित्र-बालक ने पवित्र सरोवर में स्नान किया।
  3. रेहड़ी-वह फलों की रेहडी लगाता है।
  4. धूलि-गाड़ी धूलि उड़ाती चली गई।

नये शब्द बनाओ

  1. श्व
  2. न्द्र
  3. स्थ
  4. प्रत्र

उत्तर :

  1. श्व = अश्व, विश्व, श्वासन।
  2. न्द्र = इन्द्र, सुरेन्द्र, महेन्द्र।
  3. स्थ = स्थान, स्थल, स्थापित।
  4. प्र = प्रणाम, प्रसाद, प्रकाश।
  5. त्र = मित्र, पत्र, चित्र।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

रचनात्मक अभिव्यक्ति

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया 1
चित्र देखकर वाक्य पूरे करो –

  1. सामान उठाने वाला …………………………।
  2. पौधों की देखभाल करने वाला …………………………।
  3. जूतों को गाँठने वाला …………………………।
  4. फसल उगाने वाला …………………………।
  5. डाक बाँटने वाला …………………………।
  6. घड़े बनाने वाला …………………………।

उत्तर :

  1. सामान उठाने वाला = कुली।
  2. फसल उगाने वाला = किसान।
  3. पौधों की देखभाल करने वाला = माली।
  4. डाक बाँटने वाला = डाकिया।
  5. जतों को गाँठने वाला = चर्मकार।
  6. घड़े बनाने वाला = कुम्हार।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
रचनात्मक अभिव्यक्ति –
सामान उठाए हुए कुली का चित्र।
पौधों को सींचते हुए माली का चित्र।
जूते गाँठते हुए व्यक्ति का चित्र।
हल चलाते हुए किसान का चित्र।
डाक बाँटते हुए डाकिये का चित्र।
घड़े बनाता हुआ कुम्हार का चित्र।
उत्तर :
विद्यार्थी पीछे बताए गए चित्रों को बनाने का प्रयास करें।

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
बालक ने ईश्वरचन्द्र विद्यासागर से मांगा
(क) एक रुपया
(ख) एक पैसा
(ग) दस रुपये
(घ) सौ रुपये।
उत्तर :
(ख) एक पैसा

प्रश्न 2.
हम इन्हें क्या कहते हैं। सही पर गोला लगाओ।

  1. सामान उठाने वाला-कुली/माली
  2. फसल उगाने वाला-माली/किसान
  3. पौधों की देखभाल करने वाला – कुली/माली
  4. डाक बाँटने वाला-डाकिया/किसान
  5. जूतों को गाँठने वाला-चर्मकार/ललार
  6. घड़े बनाने वाला-कुम्हार/चर्मकार।

उत्तर :

  1. कुली
  2. किसान
  3. माली
  4. डाकिया
  5. चर्मकार
  6. कुम्हार

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

प्रश्न 3.
‘एक’ अनेक है: तो पैसा …….. है।
(i) पैसे
(ii) पैसो
(iii) रुपया
(iv) रुपये।
उत्तर :
(i) पैसे

प्रश्न 4.
अगर बालक का बालिका है तो ‘युवक’ का है –
(i) युवा
(ii) युवती
(iii) यौवन
(iv) युवान।
उत्तर :
(ii) युवती।

एक रुपया Summary in Hindi

एक बार ईश्वर चन्द्र विद्यासागर कहीं जा रहे थे तभी एक बालक उनके पास आया। वह उनसे ‘एक पैसा’ माँगने लगा। विद्यासागर ने उससे पूछा कि यदि मैं तुम्हें एक पैसे के स्थान पर एक रुपया दे दूँ तो तुम क्या करोगे ? बालक ने उत्तर दिया कि मैं फिर भीख नहीं माँगूगा। उसका उत्तर सुनकर विद्यासागर ने उसे एक रुपया दे दिया।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया 2

कई साल के बाद विद्यासागर एक बार बाज़ार में घूम रहे थे तभी एक युवक आया और उन्हें प्रणाम करते हुए बोला कि मैं वही हूँ जिसे आपने एक रुपया दिया था। मैंने उससे फलों की रेहड़ी लगाई और आज इसी बाज़ार में मेरी फलों की दुकान है। आप इसे अपने चरणों से पवित्र करें।

शिक्षा – ईमानदारी और परिश्रम से व्यक्ति सफलता अवश्य प्राप्त करता है।

PSEB 5th Class Hindi Solutions Chapter 2 एक रुपया

एक रुपया शब्दार्थ

  • चरण = पैर
  • प्रणाम = हाथ जोड़कर अभिवादन
  • चरण-धूलि = पैरों की धूल
  • पवित्र = स्वच्छ, सत्व भाव से युक्त

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ

Punjab State Board PSEB 5th Class Punjabi Book Solutions Punjabi Rachana ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ Exercise Questions and Answers.

PSEB 5th Class Punjabi Rachana ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ (1st Language)

1. ਤਿਹਾਇਆ ਕਾਂ
ਜਾਂ
ਪਿਆਸਾ ਕਾਂ

ਇਕ ਵਾਰੀ ਇਕ ਕਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਤੇਹ ਲੱਗੀ। ਉਹ ਪਾਣੀ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿਚ ਇਧਰ – ਉਧਰ ਉੱਡਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਇਕ ਬਗੀਚੇ ਵਿਚ ਪੁੱਜਾ। ਉਸ ਨੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਇਕ ਘੜਾ ਦੇਖਿਆ। ਉਹ ਘੜੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਉੱਤੇ ਜਾ ਬੈਠਾ। ਉਸ ਨੇ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਘੜੇ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਥੋੜ੍ਹਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਚੁੰਝ ਪਾਣੀ ਤਕ ਨਹੀਂ ਸੀ ਪਹੁੰਚਦੀ। ਉਸ ਨੇ ਘੜੇ ਨੂੰ ਉਲਟਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਉਹ ਅਸਫਲ ਰਿਹਾ।

ਉਹ ਕਾਂ ਬਹੁਤ ਸਿਆਣਾ ਸੀ। ਉਸ ਨੇ ਘੜੇ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕੁੱਝ ਰੋੜੇ ਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਦੇਖੀਆਂ। ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਢੰਗ ਸੁੱਝਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਰੋੜੇ ਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਚੁੱਕ ਕੇ ਘੜੇ ਵਿਚ ਪਾਉਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੇ। ਹੌਲੀ – ਹੌਲੀ ਘੜਾ ਰੋੜਿਆਂ ਅਤੇ ਠੀਕਰੀਆਂ ਨਾਲ ਭਰਨ ਲੱਗਾ ਤੇ ਉਸ ਵਿਚਲਾ ਪਾਣੀ ਉੱਪਰ ਆ ਗਿਆ ਕਾਂ ਨੇ ਰੱਜ ਕੇ ਪਾਣੀ ਪੀਤਾ ਅਤੇ ਉੱਡ ਗਿਆ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਜਿੱਥੇ ਚਾਹ ਉੱਥੇ ਰਾਹ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ

2. ਕਾਂ ਅਤੇ ਲੂੰਬੜੀ

ਇਕ ਵਾਰੀ ਇਕ ਲੂੰਬੜੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਭੁੱਖ ਲੱਗੀ। ਉਹ ਕੋਈ ਖਾਣ ਵਾਲੀ ਚੀਜ਼ ਲੱਭਣ ਲਈ ਇਧਰ – ਉਧਰ ਘੁੰਮੀ, ਪਰ ਉਸ ਨੂੰ ਕੁੱਝ ਨਾ ਮਿਲਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਦਰੱਖ਼ਤਾਂ ਦੇ ਇਕ ਬੁੰਡ ਹੇਠ ਪਹੁੰਚੀ। ਉਹ ਬਹੁਤ ਥੱਕੀ ਹੋਈ ਸੀ ਤੇ ਉਹ ਦਰੱਖ਼ਤਾਂ ਦੀ ਸੰਘਣੀ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਲੰਮੀ ਪੈ ਗਈ।

ਇੰਨੇ ਨੂੰ ਲੂੰਬੜੀ ਨੇ ਉੱਪਰ ਧਿਆਨ ਮਾਰਿਆ। ਦਰੱਖ਼ਤ ਦੀ ਇਕ ਟਹਿਣੀ ਉੱਤੇ ਉਸ ਨੇ ਇਕ ਕਾਂ ਦੇਖਿਆ, ਜਿਸ ਦੀ ਚੁੰਝ ਵਿਚ ਪਨੀਰ ਦਾ ਇਕ ਟੁਕੜਾ ਸੀ। ਇਹ ਦੇਖ ਕੇ ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਆਇਆ ਉਸ ਨੇ ਕਾਂ ਕੋਲੋਂ ਪਨੀਰ ਦਾ ਟੁਕੜਾ ਖੋਹਣ ਦਾ ਇਕ ਢੰਗ ਕੱਢ ਲਿਆ।

ਉਸ ਨੇ ਬੜੀ ਚਲਾਕੀ ਤੇ ਪਿਆਰ ਭਰੀ ਅਵਾਜ਼ ਨਾਲ ਕਾਂ ਨੂੰ ਕਿਹਾ, ”ਤੂੰ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮਨਮੋਹਣਾ ਪੰਛੀ ਹੈਂ। ਤੇਰੀ ਅਵਾਜ਼ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸੁਰੀਲੀ ਹੈ। ਮੇਰਾ ਜੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੇਰਾ ਇਕ ਮਿੱਠਾ ਗੀਤ ਸੁਣਾਂ। ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਗਾ ਕੇ ਸੁਣਾ।” ਕਾਂ ਲੂੰਬੜੀ ਦੀ ਖ਼ੁਸ਼ਾਮਦ ਵਿਚ ਆ ਕੇ ਖੁਸ਼ੀ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਗਿਆ। ਜਿਉਂ ਹੀ ਉਸ ਨੇ ਗਾਉਣ ਲਈ ਮੂੰਹ ਖੋਲ੍ਹਿਆ, ਤਾਂ ਪਨੀਰ ਦਾ ਟੁਕੜਾ ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚੋਂ ਹੇਠਾਂ ਡਿਗ ਪਿਆ। ਲੂੰਬੜੀ ਪਨੀਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਨੂੰ ਝੱਟ – ਪੱਟ ਖਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਰਾਹ ਤੁਰਦੀ ਬਣੀ ਤੇ ਕਾਂ ਉਸ ਵਲ ਦੇਖਦਾ ਹੀ ਰਹਿ ਗਿਆ।

ਸਿੱਖਿਆ – ‘ਸਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਖੁਸ਼ਾਮਦ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।

3. ਸ਼ੇਰ ਅਤੇ ਚੂਹੀ

ਇਕ ਦਿਨ ਬਹੁਤ ਗਰਮੀ ਸੀ। ਇਕ ਸ਼ੇਰ ਇਕ ਦਰੱਖ਼ਤ ਦੀ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਸੁੱਤਾ ਪਿਆ ਸੀ। ਨੇੜੇ ਹੀ ਇਕ ਖੁੱਡ ਵਿਚ ਇਕ ਚੂਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਸੀ। ਚੂਹੀ ਆਪਣੀ ਖੁੱਡ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲੀ ਅਤੇ ਸ਼ੇਰ ਦੇ ਉੱਪਰ ਚੜ੍ਹ ਕੇ ਟੱਪਣ ਲੱਗੀ। ਸ਼ੇਰ ਨੂੰ ਜਾਗ ਆ ਗਈ। ਉਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਗੁੱਸਾ ਆਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਚੂਹੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੰਜੇ ਵਿਚ ਫੜ ਲਿਆ। ਉਹ ਚੂਹੀ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਹੀ ਲੱਗਾ ਸੀ ਕਿ ਚੂਹੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੇਰੇ ਤੇ ਰਹਿਮ ਕਰੋ, ਮੈਥੋਂ ਭੁੱਲ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਕਦੇ ਸਮਾਂ ਆਇਆ, ਤਾਂ ਮੈਂ ਤੁਹਾਡੀ ਮਿਹਰਬਾਨੀ ਦਾ ਬਦਲਾ ਚੁਕਾਵਾਂਗੀ।” ਸ਼ੇਰ ਨੇ ਉਸ ਉੱਤੇ ਤਰਸ ਖਾਧਾ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ।

ਕੁੱਝ ਦਿਨਾਂ ਮਗਰੋਂ ਇਕ ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਨੇ ਸ਼ੇਰ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜਾਲ ਵਿਚ ਫਸਾ ਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਜਾਲ ਵਿਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੱਥ – ਪੈਰ ਮਾਰੇ, ਪਰ ਵਿਅਰਥ , ਉਹ ਦੁੱਖ ਨਾਲ ਗਰਜਣ ਲੱਗਾ। ਉਸ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਚੂਹੀ ਦੇ ਕੰਨੀਂ ਪਈ।

ਚੂਹੀ ਆਪਣੀ ਖੁੱਡ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲੀ। ਉਸ ਨੇ ਜਾਲ ਦੀਆਂ ਰੱਸੀਆਂ ਨੂੰ ਟੁੱਕਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਜਲਦੀ ਹੀ ਸ਼ੇਰ ਜਾਲ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲ ਆਇਆ ॥ ਉਸ ਨੇ ਚੂਹੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਅੰਤ ਭਲੇ ਦਾ ਭਲਾ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ

4. ਲੂੰਬੜੀ ਅਤੇ ਅੰਗੂਰ
ਜਾਂ
ਹੱਥ ਨਾ ਪਹੁੰਚੇ ਤਾਂ ਬੂਹ ਕੌੜੀ

ਇਕ ਦਿਨ ਬੜੀ ਗਰਮੀ ਸੀ। ਇਕ ਲੂੰਬੜੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਭੁੱਖ ਲੱਗੀ, ਪਰ ਉਸ ਨੂੰ ਇਧਰੋਂ-ਉਧਰੋਂ ਖਾਣ ਲਈ ਕੁੱਝ ਨਾ ਮਿਲਿਆ। ਉਹ ਖ਼ੁਰਾਕ ਦੀ ਭਾਲ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਦੂਰ ਨਿਕਲ ਗਈ। ਅੰਤ ਉਹ ਇਕ ਸੰਘਣੀ ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਦਰੱਖ਼ਤ ਹੇਠ ਪੁੱਜੀ। ਉਹ ਉਸ ਦੀ ਛਾਂ ਹੇਠ ਲੰਮੀ ਪੈ ਗਈ। ਇੰਨੇ ਨੂੰ ਲੂੰਬੜੀ ਦੀ ਨਿਗਾਹ ਉੱਪਰ ਪਈ। ਉਸ ਨੇ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਵੇਲ ਨਾਲ ਪੱਕੇ ਹੋਏ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੇ ਗੁੱਛੇ ਲਮਕ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਸ ਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਭਰ ਆਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਉੱਛਲ ਕੇ ਅੰਗੂਰ ਤੋੜਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਅੰਗੂਰ ਬਹੁਤ ਉੱਚੇ ਸਨ। ਉਸ ਨੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਛਾਲਾਂ ਮਾਰੀਆਂ, ਪਰ ਵਿਅਰਥ। ਅੰਤ ਉਹ ਨਫ਼ਰਤ ਨਾਲ ਇਹ ਕਹਿੰਦੀ ਹੋਈ ਅੱਗੇ ਤੁਰ ਪਈ ਕਿ ਅੰਗੂਰ ਖੱਟੇ ਹਨ।

ਸਿੱਖਿਆ – ਹੱਥ ਨਾਂ ਪਹੁੰਚੇ ਧੂਹ ਕੌੜੀ।

5. ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ

ਇਕ ਅਮੀਰ ਆਦਮੀ ਦਾ ਪੁੱਤਰ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਵਿਚ ਪੈ ਗਿਆ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਦੀ ਇਸ ਆਦਤ ਦਾ ਬਹੁਤ ਦੁੱਖ ਹੋਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਮਝਾਇਆ ਕਿ ਉਹ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਛੱਡ ਦੇਵੇ, ਪਰ ਪੁੱਤਰ ਉੱਤੇ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਾ ਹੋਇਆ ਅੰਤ ਉਸ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਰਾਹ ਪਾਉਣ ਲਈ ਇਕ ਤਰੀਕਾ ਕੱਢਿਆ।

ਉਸ ਨੇ ਬਜ਼ਾਰੋਂ ਵਧੀਆ ਸੇਬਾਂ ਦੀ ਇਕ ਟੋਕਰੀ ਮੰਗਾਈ ਅਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਇਕ ਗਲਿਆ – ਸੜਿਆ ਸੇਬ ਮੰਗਵਾ ਲਿਆ। ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਗਲੇ – ਸੜੇ ਸੇਬ ਨੂੰ ਬਾਕੀ ਚੰਗੇ ਸੇਬਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਰੱਖ ਦੇਵੇ। ਪੁੱਤਰ ਨੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਫਿਰ ਪਿਤਾ ਦੇ ਕਹੇ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸ ਨੇ ਉਹ ਟੋਕਰੀ. ਅਲਮਾਰੀ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ।

ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਿਤਾ ਨੇ ਪੁੱਤਰ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਟੋਕਰੀ ਵਿਚੋਂ ਇਕ ਸੇਬ ਲਿਆਵੇ। ਪੁੱਤਰ ਨੇ ਅਲਮਾਰੀ ਖੋਲ੍ਹੀ। ਜਦੋਂ ਉਸ ਨੇ ਟੋਕਰੀ ਚੁੱਕੀ, ਤਾਂ ਦੇਖਿਆ ਕਿ ਉਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਸੇਬ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਪਿਤਾ ਨੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਂਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਕ ਖ਼ਰਾਬ ਸੇਬ ਨੇ ਸਾਰੇ ਸੇਬ ਖ਼ਰਾਬ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਤੈਨੂੰ ਇਸ ਤੋਂ ਸਬਕ ਸਿੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਤੈਨੂੰ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਇਹ ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਬਰਾ ਬਣਾ ਦੇਵੇਗੀ। ਪਿਤਾ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਪੱਤਰ ਦੇ ਮਨ ‘ਤੇ ਅਸਰ ਕਰ ਗਈ ਅਤੇ ਉਸ ਨੇ ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਦਾ ਤਿਆਗ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਕਹਾਣੀ ਰਚਨਾ

ਸਿੱਖਿਆ – ਬੁਰੀ ਸੰਗਤ ਨਾਲੋਂ ਇਕੱਲਾ ਭਲਾ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ

Punjab State Board PSEB 5th Class Punjabi Book Solutions Punjabi Rachana ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ Exercise Questions and Answers.

PSEB 5th Class Punjabi Rachana ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ (1st Language)

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 1
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 1.
ਉਪਰੋਕਤ ਚਿਤਰ ਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ 7-8 ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਇਸ ਚਿਤਰ ਵਿਚ ਪੁਰਾਣੇ ਨਮੂਨੇ ਦਾ ਇਕ ਘਰ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਵਿਹੜੇ ਵਿਚ ਚਾਰ ਕੁੜੀਆਂ ਬੈਠੀਆਂ ਹਨ। ਇਹ ਕੱਤਣ ਤੁੰਬਣ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਇਕ ਕੁੜੀ ਸਾਹਮਣੇ ਚਰਖ਼ਾ ਡਾਹ ਕੇ ਤੰਦ ਕੱਢਦੀ ਹੋਈ ਕੱਤ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਬੈਠੀ ਕੁੜੀ ਕਢਾਈ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਅਗਲੀ ਕੁੜੀ ਕੱਤੇ ਹੋਏ ਸਤ ਨੂੰ ਅਟੇਰ ਰਹੀ ਹੈ।

ਸੱਜੇ ਪਾਸੇ ਬੈਠੀ ਪਹਿਲੀ ਕੁੜੀ ਵੀ ਕਢਾਈ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਖੱਬੇ ਪਾਸੇ ਚਾਟੀ ਵਿਚ ਮਧਾਣੀ ਪਈ ਹੈ ਅਤੇ ਸੱਜੇ ਪਾਸੇ ਚੌਂਕੇ ਦਾ ਓਟਾ ਤੇ ਪਿੱਛੇ ਭੜੋਲੀ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 2
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 2.
ਉਪਰੋਕਤ ਚਿਤਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਅੱਠ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਇਸ ਚਿਤਰ ਵਿਚ ਦੋ ਸਿੱਖ ਨੌਜਵਾਨ ਗਤਕਾ ਖੇਡ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਖ਼ਾਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨੇ ਹੋਏ ਹਨ ਤੇ ਕਮਰਕੱਸੇ ਕੀਤੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਦੋਹਾਂ ਦੇ ਸੱਜੇ ਹੱਥਾਂ ਵਿਚ ਤਲਵਾਰਾਂ ਹਨ ਤੇ ਖੱਬੇ ਵਿਚ ਢਾਲਾਂ ਇਕ ਜ਼ਰਾ ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਦਾ ਖਿਡਾਰੀ ਪਿੱਛੇ ਆਪਣੀ ਵਾਰੀ ਲਈ ਤਿਆਰ-ਬਰ-ਤਿਆਰ ਹੈ।

ਖੱਬੇ ਹੱਥ ਵਾਲਾ ਖਿਡਾਰੀ ਪੂਰੇ ਜੋਸ਼ ਨਾਲ ਲਪਕ ਕੇ ਦੂਜੇ ਉੱਤੇ ਤਲਵਾਰ ਦਾ ਵਾਰ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਅਗਲਾ ਅੱਗੋਂ ਪੂਰੀ ਚੁਸਤੀ ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਨਾਲ ਰੋਕ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਗਤਕਾ ਖੇਡਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਚਾਰ-ਪੰਜ ਸਾਥੀ ਹੋਰਨਾਂ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਵਿਚ ਖੜ੍ਹੇ ਹਨ। ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਇਕ ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਦਾ ਗਤਕੇ ਦਾ ਖਿਡਾਰੀ ਵੀ ਹੈ। ਖੇਡ ਬੜੀ ਜੋਸ਼ ਭਰੀ ਤੇ ਉਤਸੁਕਤਾ-ਜਗਾਊ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 3
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 3.
ਚਿਤਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਸੱਤ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਇਸ ਚਿਤਰ ਵਿਚ ਛੋਟੇ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦਿਆਂ ਦੀ ਸ਼ਹੀਦੀ ਦੀ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਹੈ ਸਰਹੰਦ ਦੇ ਨਵਾਬ ਵਜ਼ੀਰ – ਖਾਂ ਨੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨਿੱਕੇ-ਨਿੱਕੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਧਰਮ ਨਾ ਬਦਲਣ ਕਰ ਕੇ ਜਿਊਂਦਿਆਂ ਨੀਂਹਾਂ ਵਿਚ ਚਿਣਨ ਦਾ ਹੁਕਮ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਹੁਕਮ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਰਾਜ ਮਿਸਤਰੀ ਮਸਾਲਾ ਲਾ ਕੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੁਆਲੇ ਇੱਟਾਂ ਦੀ ਚਿਣਾਈ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਨਵਾਬ ਵਜ਼ੀਰ ਖ਼ਾਂ, ਕਾਜ਼ੀ ਤੇ ਹੋਰ ਦਰਸ਼ਕ ਉੱਥੇ ਖੜ੍ਹੇ ਹਨ।

ਬੱਚੇ ਮੌਤ ਤੋਂ ਬੇਪਰਵਾਹ ਹਨ ਤੇ ਬਾਂਹਾਂ ਉਠਾ ਕੇ ਦੱਸ ਰਹੇ ਹਨ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਖੀ ਸਿਦਕ ਜਾਨ ਤੋਂ ਪਿਆਰਾ ਹੈ। ਕੰਧ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਛਾਤੀ ਤਕ ਪਹੁੰਚ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਬੇਪਰਵਾਹੀ ਦੇਖ ਕੇ ਵਜ਼ੀਰ ਖਾਂ ਨੂੰ ਹੈਰਾਨੀ ਤੇ ਘਬਰਾਹਟ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 4
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 4.
ਉਪਰੋਕਤ ਚਿੱਤਰ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਅੱਠ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਚਿਤਰ ਵਿਚ ਇਕ ਚਿੜੀਆ-ਘਰ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਚਿੜੀਆ-ਘਰ ਵਿਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਜਾਨਵਰਾਂ ਨੂੰ ਦੇਖਣ ਲਈ ਕੁੱਝ ਬੱਚੇ ਆਏ ਹਨ। ਚਿੜੀਆ-ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਉੱਚਾ ਗੇਟ ਹੈ, ਜਿਸਨੂੰ ਲੰਘ ਕੇ ਦਰਸ਼ਕ ਅੰਦਰ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ਤੇ ਫਿਰ ਟਿਕਟ ਲੈਣ ਵਾਲੀ ਖਿੜਕੀ ਕੋਲ ਪਹੁੰਚਦੇ ਹਨ। ਚਿੜੀਆਘਰ ਵਿਚ ਪਿੰਜਰੇ ਵਿਚ ਸਾਹਮਣੇ ਤਿੰਨ ਜ਼ੈਬਰੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਅੱਗੇ ਇਕ ਬਾਂਦਰ ਪੂਛ ਨਾਲ ਲਮਕ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਸ ਅੱਗੇ ਇਕ ਪਾਸੇ ਵੱਡੇ ਜੰਗਲੇ ਵਿਚ ਵੱਡਾ ਹਾਥੀ ਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਬਾਰਾਂਸਿੰਝਾ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਾਣੀ ਕੰਢੇ ਵੱਡੇ ਸਾਰਸ, ਉਸ ਤੋਂ ਅੱਗੇ ਇਕ ਲੰਬੜੀ, ਪਾਂਡਾ, ਹੋਰ ਅੱਗੇ ਇਕ ਮਗਰਮੱਛ, ਜਿਰਾਫ਼, ਗਿਰਝ ਤੇ ਉੱਲੂ ਤੇ ਲਮਕਦਾ ਸੱਪ ਵੀ ਹੈ। ਚਿੜੀਆ-ਘਰ ਵਿਚ ਖਜੂਰਾਂ ਤੇ ਹੋਰ ਰੁੱਖ-ਪੌਦੇ ਵੀ ਹਨ। ਬੱਚੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਖ਼ੁਸ਼ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 5
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 5.
ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਸੱਤ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਇਸ ਚਿਤਰ ਵਿਚ ਕੁੱਝ ਰੁੱਖ ਲਾਉਣ ਦਾ ਚਿਤਰ ਹੈ। ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਖੜੇ-ਮੁੰਡਿਆਂ ਦੇ ਲੱਗੀਆਂ ਟਾਈਆਂ ਤੇ ਇਕੋ-ਜਿਹੀ ਵਰਦੀ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਕੂਲ ਦਾ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਹੈ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨਾਲ ਇਕ ਅਧਿਆਪਕਾ ਵੀ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਧਿਆਪਕਾ ਨੇ ਕਹੀ ਨਾਲ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਤੇ ਖ਼ਾਦ ਪਾ ਕੇ ਇਕ ਰੁੱਖ ਲਾਇਆ ਹੈ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ ਨਵੇਂ ਲਾਏ ਰੁੱਖ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣ ਲਈ ਇਕ ਬਾਲਟੀ ਵੀ ਹੈ। ਸਾਰੇ ਬੱਚੇ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਰੁੱਖ ਲਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਸਿੱਖ ਰਹੇ ਹਨ। ਇੱਥੇ ਆਲਾ-ਦੁਆਲਾ ਹਰਿਆਵਲ ਤੋਂ ਖਾਲੀ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਰੁੱਖ ਲਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 6
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 6.
ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਸੱਤ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਇਹ ਕਿਸੇ ਸਕੂਲ ਦਾ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਝੰਡੇ ਦੇ ਪਿਆਰ ਦਾ ਗੀਤ ਗਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਬੱਚਿਆਂ ਨੇ ਝੰਡੇ ਦੇ ਅਦਬ ਵਿਚ ਸਿਰ ਨੀਵੇਂ ਕਰ ਕੇ ਹੱਥ ਜੋੜੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਛੋਟੀਆਂ ਕਲਾਸਾਂ ਦੇ ਬੱਚੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚ ਮੁੰਡੇਕੁੜੀਆਂ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ। ਸਕੂਲ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਕਾਫੀ ਵੱਡੀ ਹੈ ਤੇ ਉਸਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਤਿਰੰਗਾ ਲਹਿਰਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।

ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਕੱਪੜੇ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਤੋਂ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਕੂਲ ਵਿਚ 15 ਅਗਸਤ ਅਜ਼ਾਦੀ ਦਾ ਦਿਨ ਮਨਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਇਸ ਝੰਡੇ ਵਿਚ ਤਿੰਨ ਰੰਗ ਹਨ ਤੇ ਵਿਚਕਾਰ ਅਸ਼ੋਕ ਚੱਕਰ ਹੈ। ਸਕੂਲ ਦੀਆਂ ਛੱਤਾਂ ਦੇ ਦੋਹੀਂ ਪਾਸੇ ਹਰੇ ਭਰੇ ਰੁੱਖ ਦਿਖਾਈ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਵਰਣਨ 7
ਪ੍ਰਸ਼ਨ 7.
ਚਿਤਰ ਦੇਖ ਕੇ ਅੱਠ ਸਤਰਾਂ ਲਿਖੋ।
ਉੱਤਰ :
ਦੋ ਬੰਦੇ ਕੁਹਾੜਾ ਤੇ ਕਹੀ ਲੈ ਕੇ ਰੁੱਖ ਵੱਢਣ ਲਈ ਆਏ ਜਾਪਦੇ ਹਨ। ਰੁੱਖ ਖੇਤਾਂ ਵਿਚ ਜਾਪਦਾ ਹੈ। ਛਾਹ-ਵੇਲਾ ਹੋ ਗਿਆ ਜਾਪਦਾ ਹੈ, ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਇਕ ਇਸਤਰੀ ਘਰੋਂ ਭੱਤਾ ਸਿਰ ਉੱਤੇ ਚੁੱਕੀ ਉੱਥੇ ਆ ਪਹੁੰਚੀ ਹੈ।

ਰੁੱਖ ਵੱਢਣ ਵਾਲੇ ਦੋਹਾਂ ਬੰਦਿਆਂ ਨੂੰ ਇਕ ਬਜ਼ੁਰਗ ਸ਼ਾਇਦ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਰੁੱਖ ਨੂੰ ਨਾ ਵੱਢਣ ਉਹ ਕਹਿੰਦਾ ਜਾਪਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉੱਥੇ ਕੇਵਲ ਇੱਕੋ ਹੀ ਰੁੱਖ ਹੈ, ਜਿਸਨੂੰ ਵੱਢਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।ਉਹ ਦੱਸ ਰਿਹਾ ਜਾਪਦਾ ਹੈ ਕਿ ਰੁੱਖ ਵੱਢਣ ਨਾਲ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਤੇ ਗਰਮੀ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ, ਮੀਂਹ, ਘਟ ਰਹੇ ਹਨ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਪੰਛੀ ਮਰ ਰਹੇ ਹਨ।

ਇਕ ਹੋਰ ਆਦਮੀ ਵੀ ਕੋਲ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ ਤੇ ਸਾਰੀ ਗੱਲ ਸੁਣ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਰੁੱਖ ਵੱਢਣ ਲਈ ਸੰਦ ਲੈ ਕੇ ਬੰਦੇ ਵੀ ਬਜ਼ੁਰਗ ਦੀ ਗੱਲ ਸੁਣ ਕੇ ਰੁੱਖ ਵੱਢਣ ਤੋਂ ਰੁਕ ਗਏ ਜਾਪਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਨੁੱਖਾਂ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ-ਪੰਛੀਆਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਰੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਹਾਨਤਾ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗ ਗਿਆ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Punjab State Board PSEB 5th Class Punjabi Book Solutions Punjabi Rachana ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ Exercise Questions and Answers.

PSEB 5th Class Punjabi Rachana ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ (1st Language)

Question 1.
ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਸਾਲਾਨਾ ਇਮਤਿਹਾਨ ਵਿਚੋਂ ਪਾਸ ਹੋਣ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ਦੇਣ ਲਈ ਇਕ ਚਿੱਠੀ ਲਿਖੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
…………… ਸਕੂਲ,
…………… ਸ਼ਹਿਰ।
12 ਅਪਰੈਲ, 20……………

ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਪਿਤਾ ਜੀ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਆਪ ਜੀ ਨੂੰ ਇਹ ਜਾਣ ਕੇ ਬਹੁਤ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਿ ਮੈਂ ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਪਾਸ ਕਰ ਲਈ ਹੈ। ਮੈਂ ਸਾਰੀ ਜਮਾਤ ਵਿਚੋਂ ਪਹਿਲੇ ਨੰਬਰ ‘ਤੇ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਮੇਰਾ ਮਿੱਤਰ ਲੱਕੀ ਵੀ ਪਾਸ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਘਰ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਰਾਜ਼ੀ-ਖੁਸ਼ੀ ਹਨ। ਮਾਤਾ ਜੀ ਅਤੇ ਪੱਪੂ ਵਲੋਂ ਆਪ ਜੀ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।

ਆਪ ਜੀ ਦਾ ਸਪੁੱਤਰ,
ਸੰਦੀਪ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 2.
ਆਪਣੇ ਮਿੱਤਰ/ਸਹੇਲੀ ਨੂੰ ਗਰਮੀਆਂ ਦੀਆਂ ਛੁੱਟੀਆਂ ਇਕੱਠੇ ਬਿਤਾਉਣ ਲਈ ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,

…………… ਸਕੂਲ,
…………… ਸ਼ਹਿਰ।
10 ਜੂਨ, 20……………

ਪਿਆਰੇ ਸੁਰਿੰਦਰ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਸਾਡੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ 15 ਜੂਨ ਤੋਂ ਗਰਮੀਆਂ ਦੀਆਂ ਛੁੱਟੀਆਂ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਮੇਰਾ ਵਿਚਾਰ ਦੋ ਹਫ਼ਤਿਆਂ ਲਈ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਦੇ ਕੋਲ ਸ਼ਿਮਲੇ ਜਾਣ ਦਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਤੂੰ ਵੀ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸ਼ਿਮਲੇ ਚਲੇਂ। ਅਸੀਂ ਦੋਵੇਂ ਉੱਥੇ ਰਹਿ ਕੇ ਪਹਾੜਾਂ ਦੀ ਸੈਰ ਕਰਾਂਗੇ। ਉੱਥੋਂ ਦਾ ਪੌਣ-ਪਾਣੀ ਸਾਡੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਭਦਾਇਕ ਰਹੇਗਾ। ਮੈਨੂੰ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਤੇਰੇ ਮਾਤਾਪਿਤਾ ਤੈਨੂੰ ਸ਼ਿਮਲੇ ਭੇਜਣ ਲਈ ਮੰਨ ਜਾਣਗੇ। ਆਪਣੀ ਸਲਾਹ ਬਾਰੇ ਮੈਨੂੰ ਇਕ-ਦੋ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਚਿੱਠੀ ਜਾਂ ਟੈਲੀਫ਼ੋਨ ਰਾਹੀਂ ਪਤਾ ਦੇਣਾ।

ਤੇਰਾ ਮਿੱਤਰ,
ਗੁਰਬਖ਼ਸ਼ ਸਿੰਘ

Question 3.
ਆਪਣੇ ਮਿੱਤਰ ਨੂੰ ਇਕ ਪੱਤਰ ਰਾਹੀਂ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਖੇਡਦੇ ਹੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
…………….. ਸ਼ਹਿਰ।
2 ਮਾਰਚ, 20………………

ਪਿਆਰੇ ਅਜੀਤ,
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ। ਅੱਜ ਹੀ ਤੇਰੀ ਚਿੱਠੀ ਮਿਲੀ, ਜਿਸ ਵਿਚ ਤੂੰ ਮੈਨੂੰ ਪੁੱਛਿਆ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀਆਂ-ਕਿਹੜੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਖੇਡਦਾ ਹਾਂ। ਇਹ ਤਾਂ ਤੈਨੂੰ ਪਤਾ ਹੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੀ ਕਬੱਡੀ ਟੀਮ ਦਾ ਕਪਤਾਨ ਹਾਂ। ਪਰ ਹੁਣ ਮੈਂ ਆ ਰਹੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰ ਦੇ ਸਕੂਲੀ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿਚ ਉੱਚੀ ਛਾਲ ਤੇ ਦੌੜਾਂ ਵਿਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਦੀ ਵੀ ਤਿਆਰੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ। ਮੈਨੂੰ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿਚ ਵੀ ਮੈਂ ਜੇਤੂ ਰਹਾਂਗਾ।

ਤੇਰੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।

ਤੇਰਾ ਮਿੱਤਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: ………………।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 4.
ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਨੂੰ ਇਕ ਚਿੱਠੀ ਲਿਖੋ, ਜਿਸ ਵਿਚ ਛੋਟੇ ਭਰਾ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਬਾਰੇ ਲਿਖਿਆ ਹੋਵੇ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।
22 ਸਤੰਬਰ, 20 ………………

ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਪਿਤਾ ਜੀ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਮੈਂ ਆਪ ਨੂੰ ਇਕ ਪੱਤਰ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਲਿਖ ਚੁੱਕਾ ਹਾਂ। ਪਰ ਆਪ ਵਲੋਂ ਉਸ ਦਾ ਕੋਈ ਉੱਤਰ ਨਹੀਂ ਆਇਆ। ਸਮਾਚਾਰ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਦਲਵੀਰ ਨੂੰ ਪਿਛਲੇ ਦਸ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਸਖ਼ਤ ਬੁਖ਼ਾਰ ਚੜ੍ਹਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਡਾਕਟਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਨੂੰ ਮਿਆਦੀ ਬੁਖ਼ਾਰ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਉਸ ਨੇ ਦਲਵੀਰ ਦਾ ਮੰਜੇ ਤੋਂ ਉੱਠਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।

ਆਪ ਜਾਣਦੇ ਹੀ ਹੋ ਕਿ ਮੇਰਾ ਇਮਤਿਹਾਨ ਸਿਰ ‘ਤੇ ਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਮੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦਾ ਬਹੁਤ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਮਾਤਾ ਜੀ ਦਲਵੀਰ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਸੰਭਾਲ ਸਕਦੇ। ਉਹ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਕਹਿ ਰਹੇ ਹਨ ਕਿ ਬਹੁਤ ਚੰਗਾ ਹੋਵੇ ਜੇਕਰ ਆਪ ਜਲਦੀ ਘਰ ਆ ਜਾਓ। ਦਲਵੀਰ ਵੀ ਆਪ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਯਾਦ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਪੂਰੀ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਆਪ ਜਲਦੀ ਹੀ ਛੁੱਟੀ ਲੈ ਕੇ ਘਰ ਆਉਗੇ। ਸਾਰਿਆਂ ਵਲੋਂ ਆਪ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।

ਆਪ ਦਾ ਸਪੁੱਤਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………..

Question 5.
ਤੁਹਾਡੇ ਚਾਚਾ ਜੀ ਨੇ ਤੁਹਾਡੇ ਜਨਮ-ਦਿਨ ‘ਤੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਕ ਘੜੀ ਜਾਂ ਪੈਂਨ ਭੇਜਿਆ ਹੈ। ਇਕ ਚਿੱਠੀ ਰਾਹੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।
15 ਜਨਵਰੀ, 20………………

ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਚਾਚਾ ਜੀ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਮੈਨੂੰ ਆਪਣੇ ਜਨਮ-ਦਿਨ ’ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਭੇਜੀ ਹੋਈ , ਗੁੱਟ-ਘੜੀ ਮਿਲ ਗਈ ਹੈ। ਇਹ ਘੜੀ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸੋਹਣੀ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਇਸ ਦੀ ਬਹੁਤ ਹੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਸੀ। ਮੇਰੇ ਮਿੱਤਰਾਂ ਨੇ ਇਸ ਘੜੀ ਦੀ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸੰਸਾ ਕੀਤੀ। ਹੈ। ਮੈਂ ਆਪ ਵਲੋਂ ਭੇਜੀ ਇਸ ਸੁਗਾਤ ਲਈ ਆਪ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਾ ਹਾਂ।

‘ਆਪ ਦਾ ਭਤੀਜਾ,
ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 6.
ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਨੂੰ ਚਿੱਠੀ ਲਿਖ ਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਇਮਤਿਹਾਨ ਕਿਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੋਏ ਹਨ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।
25 ਮਾਰਚ, 20 ………………

ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਪਿਤਾ ਜੀ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਕੁੱਝ ਦਿਨ ਹੋਏ ਮੈਨੂੰ ਆਪ ਦੀ ਚਿੱਠੀ ਮਿਲੀ ਪਰ ਮੈਂ ਉਸ ਦਾ ਜਵਾਬ ਇਸ ਕਰਕੇ ਨਹੀਂ ਸਾਂ ਦੇ ਸਕਿਆ ਕਿਉਂਕਿ ਮੇਰੇ ਇਮਤਿਹਾਨ ਹੋ ਰਹੇ ਸਨ। ਇਮਤਿਹਾਨ ਵਿਚ ਮੇਰੇ ਸਾਰੇ ਪਰਚੇ ਕਾਫ਼ੀ ਚੰਗੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਤੇ ਮੈਨੂੰ ਪਾਸ ਹੋਣ ਦੀ ਪੂਰੀ ਆਸ ਹੈ। ਹਿਸਾਬ ਦਾ ਪਰਚਾ ਕੁੱਝ ਜ਼ਿਆਦਾ ਔਖਾ ਸੀ ਪਰ ਇਹ ਵੀ ਚੰਗਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਵਿਚ ਮੈਂ 100 ਵਿਚੋਂ 55 ਨੰਬਰ ਜ਼ਰੂਰ ਲੈ ਲਵਾਂਗਾ ਪੰਜਾਬੀ ਦੇ ਪਰਚੇ ਵਿਚ ਉਹੀ ਪ੍ਰਸਤਾਵ ਤੇ ਕਹਾਣੀ ਆਏ, ਜਿਹੜੇ ਮੈਂ ਇਕ ਰਾਤ ਪਹਿਲਾਂ ਯਾਦ ਕੀਤੇ ਸਨ। ਤੂੰ ਮੈਨੂੰ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਜ਼ਰੂਰ ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਵਾਂਗਾ। ਮਾਤਾ ਜੀ ਨੂੰ ਪੈਰੀਂ ਪੈਣਾ।

ਤੁਹਾਡਾ ਸਪੁੱਤਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: ………………।

Question 7.
ਤੁਹਾਡਾ ਮਿੱਤਰ/ਸਹੇਲੀ ਚੌਥੀ ਜਮਾਤ ਵਿਚੋਂ ਚੰਗੇ ਨੰਬਰ ਲੈ ਕੇ ਪਾਸ ਹੋ ਗਿਆ/ਗਈ ਹੈ। ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਵਧਾਈ ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।
12 ਅਪਰੈਲ, 20 ………………

ਪਿਆਰੀ ਕੁਲਵਿੰਦਰ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਮੈਨੂੰ ਅੱਜ ਹੀ ਮਾਤਾ ਜੀ ਦੀ ਚਿੱਠੀ ਮਿਲੀ। ਉਸ ਵਿਚੋਂ ਇਹ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਬਹੁਤ ਖੁਸ਼ੀ ਹੋਈ ਹੈ ਕਿ ਤੂੰ ਸਾਰੀ ਜਮਾਤ ਵਿਚੋਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੰਬਰ ਲੈ ਕੇ ਚੌਥੀ ਦਾ ਇਮਤਿਹਾਨ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਤੇਰੀ ਇਸ ਸਫਲਤਾ ‘ਤੇ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲੀ ਵਧਾਈ ਭੇਜਦੀ ਹਾਂ। ਤੇਰੇ ਮਾਤਾਪਿਤਾ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।

ਤੇਰੀ ਸਹੇਲੀ,
ਸੁਰਿੰਦਰ।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 8.
ਤੁਹਾਡਾ ਇਕ ਮਿੱਤਰ/ਸਹੇਲੀ ਚੌਥੀ ਜਮਾਤ ਵਿਚੋਂ ਫੇਲ੍ਹ ਹੋ ਗਿਆ/ਗਈ ਹੈ। ਉਹ ਨੂੰ ਇਕ ਚਿੱਠੀ ਰਾਹੀਂ ਸਲਾ ਦਿਓ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
……………… ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।
8 ਅਪਰੈਲ, 20………………

ਪਿਆਰੇ ਬਲਬੀਰ,

ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।
ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਗੱਲ ਸੁਣ ਕੇ ਬਹੁਤ ਦੁੱਖ ਹੋਇਆ ਹੈ ਕਿ ਤੂੰ ਚੌਥੀ ਜਮਾਤ ਵਿਚੋਂ ਫੇਲ੍ਹ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈਂ। ਮੈਂ ਸਮਝਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਇਸ ਵਿਚ ਤੇਰਾ ਕੋਈ ਕਸੂਰ ਨਹੀਂ। ਤੂੰ ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਬਿਮਾਰ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤੇ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਸੀ ਜਾ ਸਕਿਆ।ਇਸ ਕਰਕੇ ਤੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਬਹੁਤ ਪਛੜ ਗਈ ਸੀ। ਜੇਕਰ ਤੂੰ ਬਿਮਾਰ ਨਾ ਹੁੰਦਾ, ਤਾਂ ਤੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਫੇਲ੍ਹ ਨਾ ਹੁੰਦਾ ਮੇਰੀ ਤੈਨੂੰ ਇਹੋ ਹੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਕਿ ਤੂੰ ਅੱਗੋਂ ਆਪਣੀ ਸਿਹਤ ਦਾ ਪੂਰਾ-ਪੂਰਾ ਖ਼ਿਆਲ ਰੱਖ ਕੇ ਪੜ੍ਹਾਈ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਰੱਖ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਉਂਦੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਵਿਚ ਤੂੰ ਜ਼ਰੂਰ ਹੀ ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਵੇਂਗਾ। ਤੈਨੂੰ ਕਿਸੇ ਹਾਲਤ ਵਿਚ ਵੀ ਨਿਰਾਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।

ਤੇਰਾ ਮਿੱਤਰ,
ਨਰਿੰਦਰ।

Question 9.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਨੂੰ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਲੈਣ ਲਈ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
ਜਾਂ
ਤੁਹਾਡੀ ਸਿਹਤ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਜੀ ਤੋਂ ਦੋ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਲੈਣ ਲਈ ਬੇਨਤੀ ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:

ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ
ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
ਗੋ: ਪ੍ਰਾ: ਸਕੂਲ,
……………… ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਮਲੇਰੀਆ ਬੁਖ਼ਾਰ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਮੈਂ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਦਾ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੈਨੂੰ ਦੋ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਆਪ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ।

ਆਪ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ
ਰਾਜ ਕੁਮਾਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..।
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ।

ਮਿਤੀ : 12 ਸਤੰਬਰ, 20……

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 10.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੀ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕਾ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਕੰਮ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਲੈਣ ਲਈ ਇਕ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕਾ ਜੀ,
ਗੌ: ਪ੍ਰਾ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸੀਮਤੀ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਇਕ ਜ਼ਰੂਰੀ ਕੰਮ ਪੈ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਮੈਂ ਅੱਜ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਦੀ। ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਇਕ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਆਪ ਦੀ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗੀ।

ਆਪ ਦੀ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ

ਮਿਤੀ : 23 ਜਨਵਰੀ, 20…………………..

Question 11.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੀ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕਾ ਨੂੰ ਅੱਧੇ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਲੈਣ ਲਈ ਇਕ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ,

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕਾ ਜੀ,
ਗੌ: ਪ੍ਰਾ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਇਕ ਜ਼ਰੂਰੀ ਕੰਮ ਪੈ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਅੱਜ ਚੌਥੇ ਪੀਰੀਅਡ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਅੱਧੇ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਆਪ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ।

ਆਪ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਗੁਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ!

ਮਿਤੀ : 28 ਜਨਵਰੀ, 20…………………..

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 12.
ਸਕੂਲ ਛੱਡਣ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲੈਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
ਗੋ: ਪ੍ਰ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦਾ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਹਾਂ। ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਪੋਸਟ ਆਫ਼ਿਸ, ਜਲੰਧਰ ਵਿਚ ਕਲਰਕ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਪਿਛਲੇ ਦਿਨੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬਦਲੀ ਲੁਧਿਆਣੇ ਦੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਮੇਰਾ ਜਲੰਧਰ ਵਿਚ ਰਹਿਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਮੈਂ ਹੁਣ ਲੁਧਿਆਣੇ ਜਾ ਕੇ ਹੀ ਪੜ੍ਹ ਸਕਾਂਗਾ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੈਨੂੰ ਸਕੂਲ ਛੱਡਣ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਆਪ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ।

ਆਪ ਜੀ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਹਰੀਸ਼ ਚੰਦਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ।

ਮਿਤੀ : 10 ਦਸੰਬਰ, 20…………………..

Question 13.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਜਾਂ ਵੱਡੇ ਭਰਾ ਜਾਂ ਭੂਆ) ਦੇ ਵਿਆਹ ਸਮੇਂ ਚਾਰ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਲਈ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
ਗੌ: ਪ੍ਰਾ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੇਰੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਦਾ ਵਿਆਹ 10 ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਹੋਣਾ ਨਿਯਤ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਵਿਆਹ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਲਈ ਮੈਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਕੰਮ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਮੈਂ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਦਾ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੈਨੂੰ 8 ਤੋਂ 11 ਜਨਵਰੀ ਤਕ ਚਾਰ ਦਿਨ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਆਪ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦੀ ਹੋਵਾਂਗਾ।

ਆਪ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..!

ਮਿਤੀ : 7 ਜਨਵਰੀ, 20…………………..

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 14.
ਇਕ ਪੱਤਰ ਰਾਹੀਂ ਆਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਡਾਕੀਏ 1 ਦੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਵਿਰੁੱਧ ਪੋਸਟ ਮਾਸਟਰ ਨੂੰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਕਰੋ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
………………….. ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ
13 ਫ਼ਰਵਰੀ, 20…………………..

ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਪੋਸਟ ਮਾਸਟਰ ਸਾਹਿਬ,
ਜਨਰਲ ਪੋਸਟ ਆਫ਼ਿਸ,
ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਸਨਿਮਰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਸਾਡੇ ਮੁਹੱਲੇ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਦਾ ਡਾਕੀਆ ਰਾਮ ਲਾਲ ਹੈ ਉਹ ਬੜਾ ਹੀ ਲਾਪਰਵਾਹ ਹੈ ! ਉਹ ਕਦੇ ਵੀ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਡਾਕ ਨਹੀਂ ਵੰਡਦਾ। ਕਈ ਵਾਰ ਉਹ ਚਿੱਠੀਆਂ ਤੀਜੇ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਵੰਡਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਚਿੱਠੀਆਂ ਵੀ ਵੇਲੇ ਸਿਰ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀਆਂ। ਅਸੀਂ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਦੋ ਵਾਰ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਪਰ ਉਹ ਇਸ ਪਾਸੇ ਕੋਈ ਧਿਆਨ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਆਪ ਉਸ ਵਿਰੁੱਧ ਯੋਗ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰੋ। ਧੰਨਵਾਦ ਸਹਿਤ !

ਆਪ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ-ਪਾਤਰ,
ਪ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ !

Question 15.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਨੂੰ ਜੁਰਮਾਨੇ ਦੀ ਮੁਆਫ਼ੀ ਲਈ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
ਗੋ: ਪ੍ਰ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ

ਸੀਮਾਨ ਜੀ,
ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦਾ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਹਾਂ। ਪਿਛਲੇ ਮਹੀਨੇ ਹੋਈ ਪੀਖਿਆ ਵਿਚ ਹਿਸਾਬ ਦਾ ਪਰਚਾ ਨਾ ਦੇ ਸਕਣ ਕਰਕੇ ਮੈਨੂੰ ਪੰਜ ਰੁਪਏ ਜੁਰਮਾਨਾ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਅਸਲ ਵਿਚ ਮੈਂ ਉਸ ਦਿਨ ਬਹੁਤ ਬਿਮਾਰ ਸੀ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਮੈਂ ਇਹ ਪਰਚਾ ਨਾ ਦੇ ਸਕਿਆ। ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਗ਼ਰੀਬ ਹਨ। ਉਹ ਮੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦਾ ਖ਼ਰਚ ਬੜੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਨਾਲ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੇਰਾ ਇਹ ਜੁਰਮਾਨਾ ਮੁਆਫ਼ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ। ਆਪ ਜੀ ਦੀ ਬੜੀ ਮਿਹਰਬਾਨੀ ਹੋਵੇਗੀ।

ਆਪ ਜੀ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਰਾਜ ਕੁਮਾਰ,
ਰੋਲ ਨੰ:…………………..
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ।

ਮਿਤੀ : 16 ਜਨਵਰੀ, 20…………………..

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 16.
ਤੁਹਾਡੇ ਮਾਤਾ ਜੀ ਦੀ ਤਬੀਅਤ ਠੀਕ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਦੋ ਦਿਨ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕੇ। ਇਸ ਬਾਰੇ ਛੁੱਟੀ ਲਈ ਬੇਨਤੀ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਜੀ,
………………….. ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਸਨਿਮਰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹਦਾ/ਪੜ੍ਹਦੀ ਹਾਂ। ਪਿਛਲੇ ਦੋ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਮੇਰੇ ਮਾਤਾ ਜੀ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ ਬੁਖ਼ਾਰ ਸੀ ਅਤੇ ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਵੀ ਕਿਸੇ ਕੰਮ ਲਈ ਬਾਹਰ ਗਏ ਹੋਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਦੇਖ-ਭਾਲ ਕਰਨ ਲਈ ਘਰ ਵਿਚ ਕੇਵਲ ਮੈਂ ਹੀ ਸਾਂ। ਇਸ ਲਈ ਮੈਂ ਦੋ ਦਿਨ ਸਕੂਲ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਿਆ/ਸਕੀ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੇਰੀ 25 ਅਤੇ 26 ਨਵੰਬਰ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਪ੍ਰਵਾਨ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ। ਧੰਨਵਾਦ ਸਹਿਤ।

ਆਪ ਜੀ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
ਉ, ਅ, ਈ
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..!

ਮਿਤੀ : 27 ਨਵੰਬਰ, 20…………………..

Question 17.
ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਨੂੰ ਫ਼ੀਸ ਮੁਆਫ਼ੀ ਲਈ ਅਰਜ਼ੀ ਲਿਖੋ !
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਜੀ,
………………….. ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਸਨਿਮਰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਮੈਂ ਆਪ ਦੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੰਜਵੀਂ “ਏ” ਦਾ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਹਾਂ। ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਇਕ ਸਧਾਰਨ ਦੁਕਾਨਦਾਰ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਾਸਿਕ ਆਮਦਨ ਲਗਪਗ ਚਾਰ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਹੈ। ਮੇਰੇ ਦੋ ਭਰਾ ਤੇ ਇਕ ਭੈਣ ਵੀ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹਦੇ ਹਨ। ਇੰਨੀ ਥੋੜ੍ਹੀ ਆਮਦਨ ਨਾਲ ਘਰ ਦਾ ਗੁਜ਼ਾਰਾ ਮੁਸ਼ਕਲ ਨਾਲ ਚਲਦਾ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦਾ ਬਹੁਤ ਸ਼ੌਕ ਹੈ। ਮੈਂ ਹਰ ਸਾਲ ਆਪਣੀ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਵਿਚੋਂ ਪਹਿਲੇ ਨੰਬਰ ‘ਤੇ ਆਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਕ੍ਰਿਕਟ ਦਾ ਵੀ ਚੰਗਾ ਖਿਡਾਰੀ ਹਾਂ। ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਮੇਰੀ ਫ਼ੀਸ ਮੁਆਫ਼ ਕਰ ਦਿਓ, ਤਾਂ ਜੋ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਰੱਖ ਸਕਾਂ। ਆਪ ਜੀ ਦੀ ਬੜੀ ਮਿਹਰਬਾਨੀ ਹੋਵੇਗੀ।

ਧੰਨਵਾਦ ਸਹਿਤ

ਆਪ ਦਾ ਆਗਿਆਕਾਰੀ,
………………….. ਸਿੰਘ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..!

ਮਿਤੀ : 2 ਮਈ, 20…………………..

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 18.
ਤੁਹਾਡੀ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਕੋਈ ਨੁਮਾਇਸ਼ ਦੇਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਜੀ ਤੋਂ ਆਗਿਆ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਨੈ-ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
………………….. ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਸਨਿਮਰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਸਾਡੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਗੌਰਮਿੰਟ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਸਾਇੰਸ ਦੀ ਇਕ ਨੁਮਾਇਸ਼ ਲੱਗੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਇਸ ਨੁਮਾਇਸ਼ ਵਿਚ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸਾਇੰਸ ਦਾ ਗਿਆਨ ਦੇਣ ਤੇ ਅਚੰਭੇ ਦਿਖਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਹਨ। ਇਹ ਨੁਮਾਇਸ਼ ਪਰਸੋਂ ਨੂੰ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਆਪ ਸਾਡੀ ਕਲਾਸ ਨੂੰ ਕੱਲ੍ਹ 10.11.20…… ਨੂੰ ਤੀਜੇ ਪੀਰੀਅਡ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਇਹ ਨੁਮਾਇਸ਼ ਵੇਖਣ ਲਈ ਜਾਣ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦੇ ਦੇਵੋ। ਇਸ ਸੰਬੰਧੀ ਸਾਡੀ ਅਗਵਾਈ ਲਈ ਸਾਡੇ ਸਾਇੰਸ ਮਾਸਟਰ ਜੀ ਨੂੰ ਵੀ ਨਾਲ ਭੇਜਣ ਦੀ ਕਿਰਪਾਲਤਾ ਕਰਨੀ। ਧੰਨਵਾਦ ਸਹਿਤ !

ਆਪ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ-ਪਾਤਰ,
ਮਨਿੰਦਰ ਸਿੰਘ,
ਮਨੀਟਰ,
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ !

ਮਿਤੀ : 9 ਨਵੰਬਰ, 20…………………..

Question 19.
ਤੁਹਾਡੀ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਕੋਈ ਮੈਚ ਹਾਕੀ, ਫੁੱਟਬਾਲ, ਕਬੱਡੀ ਦੇਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਆਪਣੇ ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਜੀ ਤੋਂ ਆਗਿਆ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਨੈ ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ।
Answer:
ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ

ਮੁੱਖ ਅਧਿਆਪਕ ਸਾਹਿਬ,
………………….. ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।

ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ,
ਸਨਿਮਰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਅੱਜ ਚੌਥੇ ਪੀਰੀਅਡ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਖ਼ਾਲਸਾ ਹਾਈ ਸਕੂਲ ਨਕੋਦਰ ਰੋਡ ਦੀ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿਚ ਸਾਡੇ ਸਕੂਲ ਤੇ ਸਾਈਂ ਦਾਸ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਦੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਕਬੱਡੀ (ਹਾਕੀ ਜਾਂ ਫੁੱਟਬਾਲ ਦਾ ਮੈਚ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਸਾਡੀ ਸਾਰੀ ਜਮਾਤ ਇਸ ਮੈਚ ਨੂੰ ਦੇਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਵਿਚ ਸਾਡੀ ਜਮਾਤ ਦੇ ਦੋ ਖਿਡਾਰੀ ਖੇਡ ਰਹੇ ਹਨ। ਜੇਕਰ ਆਪ ਸਾਡੀ ਸਾਰੀ ਜਮਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮੈਚ ਦੇਖਣ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦੇ ਦੇਵੋ, ਤਾਂ ਆਪ ਦੀ ਬਹੁਤ ਮਿਹਰਬਾਨੀ ਹੋਵੇਗੀ। ਧੰਨਵਾਦ ਸਹਿਤ।

ਆਪ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ-ਪਾਤਰ,
ਮਨਿੰਦਰ ਸਿੰਘ,
ਮਨੀਟਰ,
ਪੰਜਵੀਂ ਜਮਾਤ

ਮਿਤੀ : 16 ਨਵੰਬਰ, 20…………………..

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਚਿੱਠੀ-ਪੱਤਰ

Question 20.
ਆਪਣੇ ਮਿੱਤਰ ਨੂੰ ਇਕ ਪੱਤਰ ਲਿਖੋ ਕਿ ਉਹ ਤੁਹਾਡੇ ਭਰਾ ਦੇ ਵਿਆਹ ‘ਤੇ ਆਵੇ।
Answer:

ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਭਵਨ,
ਰੀ: ਪਾ: ਸਕੂਲ,
………………….. ਸ਼ਹਿਰ।
10 ਮਾਰਚ, 20…………………..

ਪਿਆਰੇ ਸ਼ਾਮ,
ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਹ ਜਾਣ ਕੇ ਬੜੀ ਖੁਸ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਿ ਮੇਰੇ ਵੱਡੇ ਭਰਾ ਦਾ ਵਿਆਹ 20 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਹੋਣਾ ਨਿਯਤ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀਂ 19 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਇੱਥੇ ਜ਼ਰੂਰ ਪੁੱਜ ਜਾਣਾ ਤਦ ਤਕ ਤੁਹਾਡੇ ਇਮਤਿਹਾਨ ਵੀ ਮੁੱਕ ਜਾਣਗੇ। ਜੰਝ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਜਾਵੇਗੀ।ਉੱਥੇ ਆਪਾਂ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਮੱਥਾ ਟੇਕਣ ਵੀ ਜਾਵਾਂਗੇ। ਮੈਨੂੰ ਪੱਕੀ ਆਸ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਜ਼ਰੂਰ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਵੋਗੇ।

ਆਪ ਦੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ।

ਤੇਰਾ ਮਿੱਤਰ,
ਰੋਲ ਨੰ: …………………..।

PSEB 5th Class Punjabi ਰਚਨਾ ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

Punjab State Board PSEB 5th Class Punjabi Book Solutions Punjabi Rachana ਲੇਖ-ਰਚਨਾ Exercise Questions and Answers.

PSEB 5th Class Punjabi Rachana ਲੇਖ-ਰਚਨਾ (1st Language)

1. ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ

ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਗੁਰੂ ਹੋਏ ਹਨ ਆਪ ਨੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੀ ਨੀਂਹ ਰੱਖੀ।

ਆਪ ਦਾ ਜਨਮ 15 ਅਪਰੈਲ, 1469 ਈ: ਨੂੰ ਰਾਇਭੋਇ ਦੀ ਤਲਵੰਡੀ (ਨਨਕਾਣਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਹੋਇਆ। ਉਂਝ ਆਪ ਦਾ ਜਨਮ ਕੱਤਕ ਦੀ ਪੂਰਨਮਾਸ਼ੀ ਨੂੰ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਆਪ ਦੇ ਪਿਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਮਹਿਤਾ ਕਾਲੂ ਜੀ ਸੀ ਤੇ ਮਾਤਾ ਦਾ ਨਾਂ ਤ੍ਰਿਪਤਾ ਦੇਵੀ ਸੀ। ਬੇਬੇ ਨਾਨਕੀ ਆਪਦੀ ਵੱਡੀ ਭੈਣ ਸੀ।

ਪੰਜ ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਆਪ ਨੂੰ ਪਾਂਧੇ ਕੋਲ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ। ਪਿਤਾ ਜੀ ਨੇ ਆਪ ਨੂੰ ਕਾਰੋਬਾਰ ਵਿਚ ਲਾਉਣ ਲਈ 20 ਰੁਪਏ ਦੇ ਕੇ ਸੱਚਾ ਸੌਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਭੇਜਿਆ, ਪਰ ਆਪ ਸਾਧੂਆਂ-ਸੰਤਾਂ ਨੂੰ ਭੋਜਨ ਸ਼ਕਾ ਆਏ ਆਪ ਦਾ ਵਿਆਹ ਬੀਬੀ ਸੁਲੱਖਣੀ ਜੀ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਆਪ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਪੁੱਤਰਾਂ-ਬਾਬਾ ਸ੍ਰੀ ਚੰਦ ਤੇ ਬਾਬਾ ਲੱਖਮੀ ਦਾਸ-ਨੇ ਜਨਮ ਲਿਆ। ਫਿਰ ਆਪ ਆਪਣੀ ਭੈਣ ਬੇਬੇ ਨਾਨਕੀ ਕੋਲ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਚਲੇ ਗਏ, ਜਿੱਥੇ ਆਪ ਨੇ ਨਵਾਬ ਦੌਲਤ ਖਾਂ ਲੋਧੀ ਦਾ ਮੋਦੀਖ਼ਾਨਾ ਚਲਾਇਆ।

ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਮਗਰੋਂ ਆਪ ਸੰਸਾਰ ਦਾ ਉੱਧਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਘਰੋਂ ਚਲ ਪਏ ਆਪ ਨੇ ਚਾਰ ਦਿਸ਼ਾਵਾਂ ਵਲ ਚਾਰ ਉਦਾਸੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਆਪ ਨੇ ਧਾਰਮਿਕ ਪਾਖੰਡ ਤੇ ਜਾਤ-ਪਾਤ ਦਾ ਖੰਡਨ ਕੀਤਾ ਆਪ ਨੇ ਮਨੁੱਖਾਂ ਨੂੰ ਨਾਮ ਜਪਣ, ਕਿਰਤ ਕਰਨ ਤੇ ਵੰਡ ਛਕਣ ਦਾ ਉਪਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸਭ ਨੂੰ ਹੱਕ-ਹਲਾਲ ਦੀ ਕਮਾਈ ਖਾਣ ਤੇ ਇਸਤਰੀ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਦਿੱਤੀ। ਆਪ ਹਿੰਦੂਆਂ-ਮੁਸਲਮਾਨਾਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਗੁਰੂ ਕਹਾਏ।

ਆਪ ਜੀ ਦੀ ਰਚੀ ਬਾਣੀ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਵਿਚ ਦਰਜ ਹੈ। ‘ਜਪੁਜੀ ਆਪ ਦੀ ਹਰਮਨ-ਪਿਆਰੀ ਬਾਣੀ ਹੈ।

ਆਪ ਨੇ ਲਾਹੌਰ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕਰਤਾਰਪੁਰ ਨਗਰ ਵਸਾਇਆ। 1539 ਈ: ਵਿਚ ਆਪ ਜੋਤੀ-ਜੋਤ ਸਮਾ ਗਏ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

2. ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ

ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਦਸਵੇਂ ਗੁਰੂ ਹੋਏ ਹਨ ਆਪ ਨੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਪੰਥ ਦੀ ਨੀਂਹ ਰੱਖੀ। ਆਪ ਦਾ ਜਨਮ 1666 ਈ: ਵਿਚ ਪਟਨਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਹੋਇਆ। ਆਪ ਦੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਅਤੇ ਮਾਤਾ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਮਾਤਾ ਗੁਜਰੀ ਜੀ ਸੀ।

ਆਪ ਬਹੁਤ ਵਿਦਵਾਨ ਤੇ ਬਹਾਦਰ ਯੋਧੇ ਸਨ। ਆਪ ਨੇ ਪਹਾੜੀ ਰਾਜਿਆਂ ਤੇ ਮੁਗਲਾਂ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਤੂੰ ਸਾਰੀਆਂ ਲੜਾਈਆਂ ਲੜੀਆਂ ਤੇ ਜਿੱਤਾਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀਆਂ। ਆਪ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਤੇ ਕੌਮ ਲਈ ਆਪਣਾ ਸਾਰਾ ਪਰਿਵਾਰ ਵਾਰ ਦਿੱਤਾ।

ਆਪ ਦਾ ਸਾਰਾ ਜੀਵਨ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿਚ ਹੀ ਗੁਜ਼ਰਿਆ ਆਪ ਸਦਾ ਹੀ ਚੜ੍ਹਦੀਆਂ ਕਲਾਂ ਵਿਚ ਰਹੇ। ਆਪ ਨੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀ ਬਾਣੀ ਰਚੀ ! “ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ’ ਆਪ ਦੀ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਰਚਨਾ ਹੈ।

ਆਪ ਨੇ ਸਿੱਖ ਪੰਥ ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਦੀ ਦਾਤ ਬਖ਼ਸ਼ੀ। 1708 ਈ: ਵਿਚ ਆਪ, ਜੋਤੀ-ਜੋਤ ਸਮਾ ਗਏ।

3. ਮਹਾਤਮਾ ਗਾਂਧੀ

ਮਹਾਤਮਾ ਗਾਂਧੀ ਭਾਰਤ ਦੀ ਅਜ਼ਾਦੀ ਦੀ ਲੜਾਈ ਦੇ ਬਹੁਤ ਵੱਡੇ ਘੁਲਾਟੀਏ ਸਨ। ਆਪ ਸੱਚ ਤੇ ਅਹਿੰਸਾ ਦੇ ਪੁਜਾਰੀ ਸਨ। ਆਪ ਨੂੰ ‘ਰਾਸ਼ਟਰ ਪਿਤਾ’ ਦੇ ਨਾਂ ਨਾਲ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

ਆਪ ਦਾ ਜਨਮ 2 ਅਕਤੂਬਰ, 1869 ਈ: ਨੂੰ ਹੋਇਆ ਆਪ ਦਾ ਪੂਰਾ ਨਾਂ ਮੋਹਨ ਦਾਸ ਕਰਮ ਚੰਦ ਗਾਂਧੀ ਸੀ।

ਆਪ ਨੇ ਵਲਾਇਤ ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਵਕਾਲਤ ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ। ਕੁੱਝ ਸਮਾਂ ਆਪ ਦੱਖਣੀ ਅਫ਼ਰੀਕਾ ਵਿਚ ਰਹੇਂ ਤੇ ਉੱਥੇ ਭਾਰਤੀਆਂ ਨਾਲ ਹੁੰਦੇ ਦੇ ਵਿਤਕਰੇ ਵਿਰੁੱਧ ਸੰਘਰਸ਼ ਕੀਤਾ ਦੇਸ਼ ਵਾਪਸ ਆ ਕੇ ਆਪ ਅਜ਼ਾਦੀ ਦੀ ਲੜਾਈ ਵਿਚ ਕੁੱਦ ਪਏ। ਆਪ ਕਈ ਵਾਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਵੀ ਗਏ। ਅਹਿੰਸਾ ਤੇ ਸੱਤਿਆਗ੍ਰਹਿ ਆਪ ਦੇ ਵੱਡੇ ਹਥਿਆਰ ਸਨ। ਲੱਖਾਂ ਭਾਰਤ ਵਾਸੀ ਆਪ ਦੇ ਹੁਕਮਾਂ ‘ਤੇ ਫੁੱਲ ਚੜ੍ਹਾਉਂਦੇ ਸਨ। 15 ਅਗਸਤ, 1947 ਈ: ਨੂੰ ਆਪ ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਅਜ਼ਾਦ ਕਰਾਉਣ ਵਿਚ ਸਫਲ ਹੋ ਗਏ।

30 ਜਨਵਰੀ, 1948 ਨੂੰ ਆਪ ਨੂੰ ਗੋਲੀਆਂ ਮਾਰ ਕੇ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।

4. ਸ਼ਹੀਦ ਊਧਮ ਸਿੰਘ

ਸ: ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਭਾਰਤ ਦੀ ਆਨ-ਸ਼ਾਨ ਲਈ ਮਰ ਮਿਟਣ ਵਾਲਾ ਦੇਸ਼-ਭਗਤ ਸੀ। ਬਚਪਨ ਵਿਚ ਹੀ ਉਸ ਦੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਦਾ ਦੇਹਾਂਤ ਹੋ ਗਿਆ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਪੰਜ-ਛੇ ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਉਸ ਨੂੰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕੇਂਦਰੀ ਯਤੀਮਖ਼ਾਨੇ ਵਿਚ ਦਾਖ਼ਲ ਕਰਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਹੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਚ ਜਲ੍ਹਿਆਂ ਵਾਲੇ ਬਾਗ਼ ਦਾ ਖੂਨੀ ਸਾਕਾ ਵਾਪਰਿਆ। ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੀ ਅੱਖੀਂ ਪੰਜ ਸੌ ਤੋਂ ਵੱਧ ਬੰਦਿਆਂ ਨੂੰ ਗੋਲੀਆਂ ਨਾਲ ਭੁੰਨੇ ਹੋਏ ਵੇਖਿਆ ਸੀ। ਉਸ ਦੇ ਮਨ ਉੱਤੇ ਇਸ ਕਤਲੇਆਮ ਦਾ ਬੜਾ ਡੂੰਘਾ ਅਸਰ ਹੋਇਆ। ਸ: ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਗੁਰੂ ਮੰਨਦਾ ਸੀ। ਉਹ ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸਰਾਭਾ ਅਤੇ ਸ਼ਹੀਦ ਮਦਨ ਲਾਲ ਢੀਂਗਰਾ ਦੀ ਕੁਰਬਾਨੀ ਤੋਂ ਵੀ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਸੀ।

ਅੰਤ ਉਹ ਇੰਗਲੈਂਡ ਪਹੁੰਚ ਗਿਆ। ਉਹ ਜਲ੍ਹਿਆਂ ਵਾਲੇ ਬਾਗ਼ ਵਿਚ ਹੋਏ ਕਤਲੇਆਮ ਦੇ ਅਸਲ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਸਰ ਮਾਈਕਲ ਓਡਵਾਇਰ ਤੋਂ ਬਦਲਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਸੀ।

ਅਖੀਰ 1940 ਈ: ਵਿਚ ਇਕ ਦਿਨ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗਾ ਕਿ ਮਾਈਕਲ ਓਡਵਾਇਰ ਇਕ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿਚ ਭਾਗ ਲਵੇਗਾ। ਉਹ ਉੱਥੇ ਜਾ ਪੁੱਜਾ ਮੀਟਿੰਗ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ‘ਤੇ ਉਸ ਨੇ ਆਪਣਾ ਪਿਸਤੌਲ ਕੱਢਿਆ ਤੇ ਮਾਈਕਲ ਓਡਵਾਇਰ ਨੂੰ ਗੋਲੀ ਮਾਰ ਕੇ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਉਸ ਨੂੰ ਮਾਰ ਕੇ ਊਧਮ ਸਿੰਘ ਆਪਣੇ ਬਚਾ ਲਈ ਉੱਥੋਂ ਭੱਜਿਆ ਨਹੀਂ ਤੇ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰੀ ਦੇ ਦਿੱਤੀ।

ਮੁਕੱਦਮਾ ਚੱਲਿਆ, ਤਾਂ ਉਸ ਨੇ ਆਪਣੇ ਬਚਾ ਲਈ ਕੋਈ ਵਕੀਲ ਨਾ ਕੀਤਾ। ਅੰਤ ਉਸ ਨੂੰ ਫਾਂਸੀ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਹੋਈ, ਜੋ ਉਸ ਨੇ ਹੱਸਦਿਆਂ ਕਬੂਲ ਕੀਤੀ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

5. ਪੁਲਾੜ-ਯਾਤਰੀ ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ

ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਛੋਟੀ ਉਮਰ ਵਿਚ ਹੀ ਪੁਲਾੜ ਵਿਚ ਉਡਾਰੀਆਂ ਮਾਰਨ ਵਾਲੀ ਦਲੇਰ, ਭਾਰਤੀ ਇਸਤਰੀ ਸੀ।

ਉਸ ਦਾ ਜਨਮ ਪਹਿਲੀ ਜੁਲਾਈ 1961 ਨੂੰ ਪਿਤਾ ਬਨਾਰਸੀ ਦਾਸ ਚਾਵਲਾ ਦੇ ਘਰ ਹੋਇਆ। ਜਦੋਂ ਉਹ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਹੋਈ, ਤਾਂ ਉਹ ਕਰਨਾਲ ਦੇ ਟੈਗੋਰ ਬਾਲ ਨਿਕੇਤਨ ਵਿਚ ਦਾਖ਼ਲ ਹੋ ਗਈ।

1976 ਵਿਚ ਦਸਵੀਂ ਪਾਸ ਕਰ ਕੇ ਉਹ ਪਹਿਲਾਂ ਡੀ. ਏ. ਵੀ. ਕਾਲਜ ਤੇ ਫਿਰ ਦਿਆਲ ਸਿੰਘ ਕਾਲਜ ਕਰਨਾਲ ਵਿਚ ਪੜੀ। ਫਿਰ ਉਸ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਕਾਲਜ ਵਿਚ ਜਹਾਜ਼ਰਾਨੀ ਦੀ ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਕੀਤੀ।

ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਪਾਸ ਕਰਨ ਪਿੱਛੋਂ ਉਹ ਅਗਲੇਰੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਲਈ ਅਮਰੀਕਾ ਦੀ ਟੈਕਸਾਸ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਚ ਜਾ ਦਾਖ਼ਲ ਹੋਈ। ਇੱਥੇ ਪੜ੍ਹਦੇ ਸਮੇਂ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਹਵਾਬਾਜ਼ ਯਾਂ ਪੀਰੇ ਹੈਰੀਸਨ ਮਿਲਿਆ। 2 ਦਸੰਬਰ, 1983 ਨੂੰ ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਦਾ ਉਸ ਨਾਲ ਵਿਆਹ ਹੋ ਗਿਆ !

ਇਸ ਤੋਂ ਪਿੱਛੋਂ ਉਸ ਨੇ ਕੋਲੋਰੈਡੋ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਜਹਾਜ਼ਰਾਨੀ ਵਿਚ ਹੀ ਡਾਕਟਰੇਟ ਕੀਤੀ ਤੇ 1988 ੩ ਵਿਚ ਉਹ ਅਮਰੀਕੀ ਪੁਲਾੜ ਖੋਜ ਦੇ ਵਿਸ਼ਵ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕੇਂਦਰ ਨਾਸਾ ਵਿਚ ਪਹੁੰਚ ਗਈ। ਨਵੰਬਰ 1996 ਵਿਚ ਉਸ ਨੂੰ ਸਪੇਸ ਸ਼ਟਲ ਵਿਚ ਉਡਾਰੀ ਲਾਉਣ ਅਤੇ ਖੋਜ ਕਰਨ ਲਈ ਚੁਣ ਲਿਆ ਗਿਆ। 19 ਨਵੰਬਰ, 1997 ਨੂੰ ਉਸ ਨੇ ਇਹ ਉਡਾਰੀ ਭਰੀ। 5 ਦਸੰਬਰ ਤਕ ਇਹ ਸ਼ਟਲ ਸੋਲਾਂ ਦਿਨ ਪੁਲਾੜ ਵਿਚ ਘੁੰਮਦੀ ਰਹੀ। ਉਸ ਨੇ ਧਰਤੀ ਦੁਆਲੇ 252 ਚੱਕਰ ਕੱਟੇ।

ਛੇ ਕੁ ਸਾਲ ਬਾਅਦ 2003 ਵਿਚ ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ 1 ਨੂੰ ਇਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਸਪੇਸ ਸ਼ਟਲ ਵਿਚ ਉਡਾਰੀ ਮਾਰਨ ਦਾ ਮੌਕਾ ਮਿਲਿਆ ! ਪਹਿਲੀ ਫ਼ਰਵਰੀ 2003 ਸ਼ਨਿਚਰਵਾਰ ਦਾ ਦਿਨ ਸੀ। ਸਾਰਾ ਸੰਸਾਰ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਪਰ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਉਤਰਨ ਤੋਂ ਸੋਲਾਂ ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾਂ ਸ਼ਟਲ ਧਮਾਕੇ ਨਾਲ ਖ਼ਤਮ ਹੋ ਗਈ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ ਕਲਪਨਾ ਚਾਵਲਾ ਵੀ ਪੁਲਾੜ ਵਿਚ ਸਮਾ ਗਈ। ਉਸ ਦਾ ਜੀਵਨ ਸੰਸਾਰ ਭਰ ਦੀਆਂ ਕੁੜੀਆਂ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਨਾ ਦਾ ਸੋਮਾ ਬਣ ਗਿਆ।

6. ਸਾਡਾ ਸਕੂਲ

ਸਾਡੇ ਸਕੂਲ ਦਾ ਨਾਂ ਰੌ: ਪ੍ਰਤੀ ਸਕੂਲ, ਬੁਲੋਵਾਲ ਹੈ। ਇਹ ਉਸ ਸੜਕ ਸਥਿਤ ਹੈ, ਜਿਹੜੀ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਤੋਂ ਟਾਂਡੇ ਨੂੰ ਜ ਹੈ। ਸਕੂਲ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਪੱਕੀ ਹੈ। ਇਸਚ 7 ਕਮਰੇ ਅਤੇ ਇਕ ਦਫ਼ਤਰ ਹੈ। ਕਮਰਿਆਂ ਦੇਗੇ ਵਰਾਂਡਾ ਹੈ।

ਸਕੂਲ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਦੇ ਵਿਚਕਾਦਕ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਵਿਹੜਾ ਹੈ। ਵਿਹੜੇ ਵਿਚ ਬਹੁਤਾਰੇ ਸਫ਼ੈਦੇ ਅਤੇ ਤੂਤ ਦੇ ਦਰੱਖ਼ਤ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਇਧਰ-ਉਧਰ ਜਾਣ ਲਈਸਤੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਪੌਦੇ ਛੋਏ ਹਨ ! ਰਸਤਿਆਂ ਦੇ ਇਧਰ-ਉਧਰ ਹਰੇ ਘਾਹੇ ਲਾਅਨ ਹਨ। ਸਕੂਲ ਵਿਚ 4 ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਟੂਟੇ ਲੱਗੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹਨ ! ਸਕੂਲ ਦੇ ਕਮਰੇ ਚਾਰਟਾਂ ਨਾਲ ਸਜੇ ਹੋਨ। ਇਸ ਦੀਆਂ ਕੰਧਾਂ ‘ਤੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਮਾਟੋ ਆਦਕ ਲਿਖੇ ਹੋਏ ਹਨ, ਜੋ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਅਗਵਾਈ ਕਰਦੇ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਉਤਸ਼ਾਹ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ 200 ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਪੜ੍ਹਚੇਨ ਤੇ ਅਧਿਆਪਕ ਪੜਾਉਂਦੇ ਹਨ ਸਕੂਲ ਦੀ ਈ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਆਪਣੇ ਸਕੂਲ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪਿਤ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

7. ਸਾਡਾ ਪਿੰਡ

ਸਾਡੇ ਪਿੰਡ ਦਾ ਨਾਂ ਬੇਗਮਪੁਰ ਜੰਡਿਲਾ ਹੈ। ਇਹ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿਚ ਸਥਿਤ। ਇਹ ਭੋਗਪੁਰ-ਬੁਲੋਵਾਲ ਸੜਕ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਹੋਮਾ ਹੈ। ਇਹ ਪੁਰਾਣਾ ਤੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਪਿੰਡ ਹੈ।

ਇਸ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਘਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੰ00 ਤੇ ਅਬਾਦੀ ਲਗਪਗ ਡੇਢ ਹਜ਼ਾਰ ਹੈ। ਇਸ ਦੀਆਂ ਗਲੀਆਂ ਤੇ ਫਿਰ ਪੱਕੀ ਹੈ।

ਇੱਥੋਂ ਦੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਪੜੇ-ਲਿਹਨ। ਇੱਥੋਂ ਦੇ ਬਹੁਤੇ ਲੋਕ ਖੇਤੀ-ਬਾੜੀ ਕਰਦੇ ਹਤੇ ਉਹ ਬਹੁਤ ਮਿਹਨਤੀ ਹਨ।ਉਹ ਆਪਸ ਵਿਚ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ।

ਇਸ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਦੋ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲ ਹਨ। ਪਿੰਡੋਂ ਬਾਹਰ ਪੀਰ ਬਾਬਾ ਅਮਾਨਤ ਖਾਂ ਜੀ ਦੀ ਦਰਗਾਹ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਆਲਾ-ਦੁਆਲਾ ਹਰਾ-ਭਰਾ ਹੈ। ਦੁਰ ਉੱਤਰ-ਪੂਰਬ ਵਲ, ਸ਼ਿਵਾਲਕ ਦੀਆਂ ਪਹਾੜੀਆਂ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ ਮਨ ਨੂੰ ਮੋਂਹਦੇ ਹਨ। ਮੇਰਾ ਪਿੰਡ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਬੜਾ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਇਸ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਰਹਿ ਕੇ ਬਹੁਤ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ।

8. ਸਾਡਾ ਸ਼ਹਿਰ

ਜਲੰਧਰ ਸਾਡਾ ਸ਼ਹਿਰ ਹੈ। ਇਹ ਜਲੰਧਰ-ਦੁਆਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਦਾ ਦਿੱਲੀ ਤੋਂ ਲਾਹੌਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦੀ ਜਰਨੈਲੀ ਸੜਕ ਉੱਪਰ ਵਸਿਆ ਇਕ ਸੁੰਦਰ ਤੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਸ਼ਹਿਰ ਹੈ। ਇਸ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਪਿਛੋਕੜ ਬਾਰੇ ਕਈ ਦੰਦ-ਕਥਾਵਾਂ ਪ੍ਰਚੱਲਿਤ ਹਨ।

ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੋਰਨਾਂ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਨਾਲੋਂ ਇਸ ਵਿਚ ਕਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਗੱਲਾਂ ਹਨ। ਸਿਰਫ਼ ਇਸ ਵਿਚ ਹੀ ਰੇਡੀਓ ਸਟੇਸ਼ਨ ਹੈ ਤੇ ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ਕੇਂਦਰ ਹੈ। ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਇੱਕੋ-ਇਕ ਸ਼ਹਿਰ ਹੈ, ਜਿੱਥੋਂ ਪੰਜਾਬੀ, ਹਿੰਦੀ, ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਤੇ ਉਰਦੂ ਦੀਆਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਨਿਕਲਦੀਆਂ ਹਨ।

ਜਲੰਧਰ ਖੇਡਾਂ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਦੁਨੀਆ ਭਰ ਵਿਚ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ ਸ਼ਹਿਰ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਇੰਡਸਟ੍ਰੀਅਲ ਏਰੀਆ ਤੇ ਫੋਕਲ ਪੁਆਇੰਟ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਡਾਕਟਰੀ ਔਜ਼ਾਰ ਵੀ ਬਣਦੇ ਹਨ। ਬੱਸ ਸਟੈਂਡ ਤੋਂ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਨੂੰ ਜਾਂਦਿਆਂ ਰਸਤੇ ਵਿਚ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਸਟੇਡੀਅਮ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਰੇਡੀਓ ਸਟੇਸ਼ਨ ਕੋਲ ਹੰਸ ਰਾਜ ਸਟੇਡੀਅਮ ਹੈ। ਇਸੇ ਸਟੇਡੀਅਮ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਦੇਸ਼-ਭਗਤ ਯਾਦਗਾਰ ਹਾਲ ਹੈ ਸ਼ਹਿਰੋਂ ਬਾਹਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੀ ਸੜਕ ‘ਤੇ ਬਰਲਟਨ ਪਾਰਕ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਕ੍ਰਿਕਟ ਤੇ ਹਾਕੀ ਦੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਤੇ ਅੰਤਰ-ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮੈਚ ਖੇਡੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਜਲੰਧਰ ਵਿੱਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਇਕ ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਤੇ ਟੈਕਨੀਕਲ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਇਕ ਮੈਡੀਕਲ ਕਾਲਜ ਵੀ ਬਣ ਗਿਆ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਲੜਕੇ ਤੇ ਲੜਕੀਆਂ ਦੇ ਦਸ ਕਾਲਜ ਹਨ।

ਜਲੰਧਰ ਬੜੀ ਰੌਣਕ ਵਾਲਾ ਸ਼ਹਿਰ ਹੈ। ਇੱਥੋਂ ਦੇ ਰੈਣਕ ਬਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਰੌਣਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਦੀ ਭਰਮਾਰ ਹੈ। ਹੋਟਲਾਂ ਤੇ ਵਪਾਰਿਕ ਕੇਂਦਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਧ ਰਹੀ ਹੈ। ਇੱਥੋਂ ਦਾ ਬਾਬਾ ਸੋਢਲ ਦਾ ਮੇਲਾ ਤੇ ਹਰਿਵੱਲਭ ਸੰਗੀਤ ਸੰਮੇਲਨ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ। ਇਹ ਸ਼ਹਿਰ ਦਿਨੋ-ਦਿਨ ਤਰੱਕੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

9. ਮੇਰਾ ਬਸਤਾ

ਇਹ ਮੇਰਾ ਸੋਹਣਾ ਬਸਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਨੀਲਾ ਹੈ। ਇਹ ਮੋਟੇ ਕੱਪੜੇ ਦਾ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਚ ਦੋ ਵੱਡੇ ਖ਼ਾਨੇ ਹਨ ਤੇ ਇਕ ਚਿੱਪ ਵਾਲੀ ਜੇਬ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਛੋਟਾ ਜਿੰਦਰਾ ਵੀ ਲਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਹਰ ਸਮੇਂ ਕਿਤਾਬਾਂ, ਕਾਪੀਆਂ ਤੇ ਲਿਖਣ ਦੇ ਹੋਰ ਸਾਮਾਨ ਨਾਲ ਭਰਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਆਪਣਾ ਰੋਟੀ ਦਾ ਡੱਬਾ ਵੀ ਇਸੇ ਵਿਚ ਹੀ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ।

ਮੈਂ ਐਤਵਾਰ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਇਸ ਨੂੰ ਧੁਆਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਇਹ ਆਮ ਕਰਕੇ ਭਾਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਇਸ ਦੀਆਂ ਤਣੀਆਂ ਨੂੰ ਮੋਢਿਆਂ ‘ਤੇ ਪਾ ਕੇ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਪਿੱਠ ਉੱਤੇ ਚੁੱਕ ਕੇ ਸਕੂਲ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਦੀ ਜੇਬ ਵਿਚ ਕੁੱਝ ਪੈਸੇ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਇਹ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਮੇਰਾ ਪੱਕਾ ਸਾਥੀ ਹੈ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਮੈਂ ਇਸ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ, ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਕੋਈ ਚੀਜ਼ ਚੋਰੀ ਨਾ ਹੋ ਜਾਵੇ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਮੈਲਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਜਦੋਂ ਕਦੇ ਇਸ ਦੀ ਕੋਈ ਤਣੀ ਟੁੱਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਜਾਂ ਇਸ ਦੀ ਸਿਊਣ ਉੱਧੜ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਮੈਂ ਇਸ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਕਰਾ ਲੈਂਦਾ ਹਾਂ।

ਮੇਰਾ ਬਸਤਾ ਮੇਰੇ ਲਈ ਗਿਆਨ ਦਾ ਭੰਡਾਰ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਮੋਢਿਆਂ ‘ਤੇ ਚੁੱਕ ਕੇ ਮੈਂ ਬੜੇ ਮਾਣ ਨਾਲ ਸਕੂਲ ਜਾਂਦਾ ਤੇ ਆਉਂਦਾ ਹਾਂ।

10. ਮੇਰੇ ਦਾਦਾ ਜੀ।

ਮੇਰੇ ਦਾਦਾ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਸ: ਮਲਕੀਅਤ ਸਿੰਘ ਹੈ ਉਹ ਬਹੁਤ ਬਿਰਧ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 90 ਸਾਲ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਚੰਗੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਹੱਥ ਵਿਚ ਖੂੰਡਾ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਲਿਖੇ ਤਾਂ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਠੀਆਂ ਤੇ ਬਾਤਾਂ ਯਾਦ ਹਨ ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਆਪਣੀ ਗੀ ਦੀਆਂ ਸੁਆਦਲੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਸੁਣਾਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹ ਲੋਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਿਆਣੀ ਸਲਾਹ ਲੈਣੀ ਪਸੰਦ ਕ ਹਨ। ਉਹ ਰੇ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਤੇ ਨਹਾ ਧੋ ਕੇ ਪਾਠ ਕਰਦੇ ਹਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਜੀਵਨ ਬਹੁਤ ਸਾਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਸਾਦਾ ਪਦੇ ਹਨ ਤੇ ਥੋੜਾ ਖਾਂਦੇ ਹਨ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਿਹਤ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਉਹ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਬਹੁਆਲ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਦਾ ਕੋਈ ਨਾ ਕੋਈ ਕੰਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਆਪਣੇ ਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰੇਮ ਹੈ। ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਸ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਸਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬਾਪੂ ਜੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਉਦਾ ਬਹੁਤ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ

11. ਮੇਰੇ ਦਾਦੀ ਜੀ

ਮੇਰੇਦੀ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਬਚਨ ਕੌਰ ਹੈ। ਉਹ ਬਹੁਤ ਧੀ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 85 ਸਾਲ ਹੈ। ਉਹ ਹੱਵਚ ਖੁੰਡੀ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। “ਉਹਹੜੇ ਵਿਚ ਇਕ ਮੰਜੀ ‘ਤੇ ਬੈਠੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਕੋਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੱਥਾ ਟੇਕਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਹ ਬਹੁਤ ਸਾਂ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਵੇਰੇ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਤੇ ਫੇਰ ਬਾਹਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਫੇਰ ਗੁਰਦੁਖ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਹਨ ਸਾਦਾ ਪਹਿਨਦੇ ਅਤੇ ਥੋੜਾ ਖਾਂਦੇ ਹਨ।

ਉਦੀ ਸਿਹਤ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਉਹ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਬਖ਼ਿਆਲ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਦਾ ਕੋਈ ਨਾ ਕੋਈ ਕਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ।

ਉਸਾਨੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਰਾਤ ਨੂੰ ਬਾਤਾਂ ਸੁਣਾਉਂਦੇ ਹਨ।

ਅ ਸਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਬਹੁਤ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਅਸੀਂ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਾ ਪਾਲਣ ਕਰਦੇ ਹਾਂ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

12. ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ

ਪਿਤਾ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਸ: ਬਲਵੰਤ ਸਿੰਘ ਹੈ। ਉਹ ਐੱਸ. ਸੀ. ਪਾਸ ਹਨ।

ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 45 ਸਾਲ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਉਹ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਤੇ ਸੈਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਹ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੇ ਤੇ ਸਾਦੇ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਖ਼ੁਰਾਕ ਬਹੁਤ ਸਾਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਇਕ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਚ ਸੁਪਰਿੰਟੈਂਡੈਂਟ ਹਨ। ਉਹ ਆਪਣੇ ਦਫ਼ਤਰ ਦਾ ਕੰਮ ਪੂਰੀ ਈਮਾਨਦਾਰੀ ਨਾਲ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਰਿਸ਼ਵਤ ਨਹੀਂ ਲੈਂਦੇ। ਉਹ ਆਪਣੇ ਕਰਤੱਵ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਬਹੁਤ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਹੈ। ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਸਭ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ।

13. ਮੇਰੇ ਮਾਤਾ ਜੀ

ਮੇਰੇ ਮਾਤਾ ਜੀ ਦਾ ਨਾਂ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 35 ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਬੀ. ਏ., ਬੀ. ਐੱਡ. ਪਾਸ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹ ਇਕ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਅਧਿਆਪਕ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਉਹ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਅਤੇ ਸੋਸ਼ਲ ਸਟੱਡੀ ਪੜ੍ਹਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਤੇ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਵੇਰੇ ‘ਜਪੁਜੀ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਪਾਠ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਸ਼ਾਮ ਵੇਲੇ ਉਹ ਰਹਿਰਾਸ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਪਾਠ ਕਰਦੇ ਹਨ ਉਹ ਸਦਾ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੇ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਦੇ ਹਨ।

ਉਹ ਘਰ ਦਾ ਸਾਰਾ ਕੰਮ ਆਪ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਦਾ ਕੰਮ ਵਿਚ ਜੁੱਟੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸੁਭਾ ਬਹੁਤ ਚੰਗਾ ਹੈ। ਉਹ ਸਦਾ ਖੁਸ਼ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਸਭ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਅਸੀਂ ਸਭ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਬਹੁਤ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਗਲੀ-ਗੁਆਂਢ ਵਿਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਬਹੁਤ ਸਤਿਕਾਰ ਹੈ। ਉਹ ਮੁਹੱਲੇ ਦੀ ਇਸਤਰੀ ਸਭਾ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਨ। ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਵਿਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਲਾਹ ਲੈਂਦੇ ਹਨ

14. ਮੇਰਾ ਮਿੱਤਰ

ਮੇਰੇ ਮਿੱਤਰ ਦਾ ਨਾਂ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ ਹੈ। ਉਹ ਮੇਰਾ ਜਮਾਤੀ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਉਮਰ 10 ਸਾਲ ਹੈ।

ਉਹ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠਦਾ ਹੈ ਤੇ ਸੈਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਕਸਰਤ ਕਰ ਕੇ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ ਉਹ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਪਾਠ ਵੀ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਸਦਾ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਸਫ਼ਾਈ ਦਾ ਬਹੁਤ ਧਿਆਨ ਰੱਖਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਫ਼ਜ਼ੂਲ-ਖ਼ਰਚੀ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ। ਉਹ ਆਪਣੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਪੜ੍ਹਨ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਹੁਸ਼ਿਆਰ ਹੈ। ਉਸ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹਾਈ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਹੋਰ ਕਿਤਾਬਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਦਾ ਵੀ ਸ਼ੌਕ ਹੈ। ਸਾਰੇ ਅਧਿਆਪਕ ਉਸ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਸ ਨੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਇਨਾਮ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਦੋਵੇਂ ਇਕੱਠੇ ਖੇਡਦੇ ਹਾਂ। ਉਹ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ ਦੌੜਦਾ ਹੈ (ਉਹ ਫੁੱਟਬਾਲ ਦਾ ਇਕ ਵਧੀਆ ਖਿਡਾਰੀ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਉਸ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਹੈ।

15. ਸਾਡਾ ਅਧਿਆਪਕ

ਸਾਡੇ ਅਧਿਆਪਕ ਦਾ ਨਾਂ ਸ: ਗੁਰਚਰਨ ਸਿੰਘ ਹੈ। ਉਹ ਬਹੁਤ ਹਰਮਨ-ਪਿਆਰੇ ਅਧਿਆਪਕ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 45 ਸਾਲ ਹੈ। ਉਹ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠਦੇ ਹਨ ਤੇ ਸੈਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਕਸਰਤ ਕਰ ਕੇ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਦਾ ਸਾਫ਼ ਤੇ ਸਾਦੇ ਕੱਪੜੇ ਪਹਿਨਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸੁਭਾ ਬਹੁਤ ਚੰਗਾ ਹੈ। ਉਹ ਹਰ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਬੋਲਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਾਨੂੰ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਪੜ੍ਹਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪੜ੍ਹਾਉਣ ਦਾ ਢੰਗ ਬਹੁਤ ਚੰਗਾ ਹੈ। ਉਹ ਬੜੇ ਮਿਹਨਤੀ ਹਨ। ਸਾਰੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਕਿੱਤੇ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਹੈ। ਉਹ ਇਕ ਆਦਰਸ਼ ਅਧਿਆਪਕ ਹਨ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

16. ਮੇਰਾ ਪੈੱਨ

ਇਹ ਮੇਰਾ ਸੋਹਣਾ ਪੈਂਨ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਨੀਲਾ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਪਾਇਲਟ ਪੈੱਨ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੀ ਕੀਮਤ 25 ਰੁਪਏ ਹੈ। ਇਹ ਜਾਪਾਨ ਦਾ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਨਿੱਬ ਲਈ ਵਰਗੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਪੇਟ ਵਿਚ ਸਿਆਹੀ ਭਰੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਟੋਪੀ ਬੜੀ ਸੁੰਦਰ ਹੈ। ਇਹ ਮੇਰੀ ਸੋਹਣਾ ਤੇ ਸਾਫ਼ ਲਿਖਣ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਨਾਲ ਲਿਖਦਿਆਂ ਮੈਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸੁਆਦ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਜੇਬ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਤੇ ਇਸ ਦਾ ਕਲਿੱਪ ਲਾ ਕੇ ਸੰਭਾਲ ਕੇ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਇਸ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੀ ਪਾਈ ਸਿਆਹੀ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਇਕ ਹਫ਼ਤਾ ਚਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਸਿਆਹੀ ਹੋਰਨਾਂ ਪੈਂਨਾਂ ਦੀ ਸਿਆਹੀ ਤੋਂ ਮਹਿੰਗੀ ਹੈ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਦੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ। ਇਹ ਮੈਨੂੰ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰਾ ਲਗਦਾ ਹੈ।

17. ਮੇਰੀ ਪੈਂਨਸਿਲ

ਇਹ ਮੇਰੀ ਪੈਂਨਸਿਲ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਕਾਲਾ ਹੈ। ਇਹ ਕੈਮਲਿਨ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਚਲਾ ਸਿੱਕਾ ਵੀ ਕਾਲਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੀ ਕੀਮਤ ਪੰਜ ਰੁਪਏ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਸਿੱਕਾ ਨਾ ਨਰਮ ਹੈ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਸਖ਼ਤ। ਇਸ ਉੱਤੇ ਕੰਪਨੀ ਦੇ ਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, HD ਲਿਖਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਪੈਂਨਸਿਲ ਘਾੜੇ ਨਾਲ ਘੜਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਨਾਲ ਕਾਪੀਆਂ ਉੱਤੇ ਲਿਖਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਚਿਤਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਬਸਤੇ ਵਿਚ ਸੰਭਾਲ ਕੇ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਦੀ ਚੁੰਝ ਤਿੱਖੀ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਦੋ ਕੁ ਵਾਰੀ ਘੜਨੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਇਹ ਬਹੁਤ ਛੋਟੀ ਰਹਿ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਸੁੱਟ ਦਿੰਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਨਵੀਂ ਪੈਂਨਸਿਲ ਖ਼ਰੀਦ ਲੈਂਦਾ ਹਾਂ। ਇਸ ਦਾ ਲਿਖਿਆ ਹੋਇਆ ਮਿਟਾਉਣ ਲਈ ਮੈਂ ਰਬੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਦਾ ਹਾਂ।

18. ਮੈਂ ਐਤਵਾਰ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਕਿਵੇਂ ਗੁਜ਼ਾਰਦਾ ਹਾਂ

ਮੈਨੂੰ ਐਤਵਾਰ ਦੀ ਛੁੱਟੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਚਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਛੇ ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹਨ ਪਿੱਛੋਂ ਇਸ ਦਿਨ ਦੀ ਬਹੁਤ ਬੇਸਬਰੀ ਨਾਲ ਉਡੀਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠ ਕੇ ਮੈਂ ਕੇਸੀਂ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦਾ ਹਾਂ। ਫੇਰ ਆਪਣੇ ਨਹੁੰ ਕੱਟਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਮਗਰੋਂ ਕੁੱਝ ਖਾਂਦਾ-ਪੀਂਦਾ ਹਾਂ। ਇਸ ਪਿੱਛੋਂ ਮੈਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ। ਬੀਤੇ ਹਫ਼ਤੇ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਦੀ ਦੁਹਰਾਈ ਕਰਦਾ ਹਾਂ। ਇਸ ਦਿਨ ਮੈਂ ਕੋਈ ਨਾ ਕੋਈ ਰਸਾਲਾ ਵੀ ਪਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਰੇਡੀਓ ਤੋਂ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਵੀ ਸੁਣਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ਉੱਤੇ ਕਾਰਟੂਨ ਵੀ ਦੇਖਦਾ ਹਾਂ। ਸ਼ਾਮ ਵੇਲੇ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਖੇਡਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਬਾਗ਼ ਦੀ ਸੈਰ ਕਰਨ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ। ਕਦੇ-ਕਦੇ ਮੈਂ ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ਉੱਤੇ ਫ਼ਿਲਮ ਵੀ ਵੇਖਦਾ ਹਾਂ। ਇਹ ਦਿਨ ਮੇਰੇ ਲਈ ਬਹੁਤ ਖ਼ੁਸ਼ੀਆਂ ਭਰਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।

19. ਮੈਂ ਸਕੂਲ ਜਾਣ ਲਈ ਕਿਵੇਂ ਤਿਆਰ

ਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਸਵੇਰੇ ਉੱਠਦਾ ਹਾਂ। ਪਹਿਲਾਂ ਬਾਹਰ ਸੈਰ ਨੂੰ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ। ਫਿਰ ਕਸਰਤ ਕਰ ਕੇ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਕੱਪੜੇ ਬਦਲਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਫੇਰ ਭੋਜਨ ਛਕਦਾ ਹਾਂ। ਕੁੱਝ ਚਿਰ ਬੈਠ ਕੇ ਮੈਂ ਪੜ੍ਹਦਾ ਹਾਂ। ਫੇਰ ਮੈਂ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦਾ ਹਾਂ। ਸਿਰ ‘ਤੇ ਪਟਕਾ ਬੰਨ੍ਹਦਾ ਹਾਂ। ਜੁਰਾਬਾਂ ਪਾ ਕੇ ਬੂਟ ਪਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਫਿਰ ਆਪਣੇ ਬਸਤੇ ਵਿਚ ਪੁਸਤਕਾਂ ਤੇ ਕਾਪੀਆਂ ਠੀਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਪਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਸਿਆਹੀ ਤੇ ਸਲੇਟੀਆਂ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਰੋਟੀ ਦਾ ਡੱਬਾ ਵੀ ਬਸਤੇ ਵਿਚ ਪਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਫਿਰ ਮਾਤਾ ਤੇ ਪਿਤਾ ਨੂੰ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਬੁਲਾਉਂਦਾ ਹਾਂ। ਫਿਰ ਬਸਤਾ ਗਲ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਸਕੂਲ ਨੂੰ ਤੁਰ ਪੈਂਦਾ ਹਾਂ। ਰਾਹ ਵਿਚੋਂ ਆਪਣੇ ਮਿੱਤਰ ਸੁਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈਂਦਾ ਹਾਂ। ਸਕੂਲ ਸਾਡੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੀ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਦੋਵੇਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰਦੇਕਰਦੇ ਸਕੂਲ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ।

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

20. ਦੁਸਹਿਰਾ

ਦੁਸਹਿਰਾ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਇਕ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ। ਇਹ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਧੂਮ-ਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਜੀ ਨੇ ਲੰਕਾ ਦੇ ਰਾਜੇ ਰਾਵਣ ਨੂੰ ਮਾਰਿਆ ਸੀ। ਇਸ ਨੂੰ ਸੱਚ ਦੀ ਜਿੱਤ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਅਤੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਨਗਰਾਂ ਵਿਚ ਦੁਸਹਿਰੇ ਤੋਂ ਕਈ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਰਾਮ-ਲੀਲ੍ਹਾ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਦਸਹਿਰੇ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਅਸੀਂ ਸਵੇਰੇ ਖ਼ਸ਼ੀ-ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਉੱਠੇ। ਇਸ਼ਨਾਨ ਕੀਤਾ, ਨਵੇਂ ਕੱਪੜੇ ਪਾਏ ਤੇ ਮੇਲਾ ਵੇਖਣ ਲਈ ਸਮਰਾਲੇ ਗਏ। ਉੱਥੇ ਮੇਲਾ ਬਹੁਤ ਭਰਿਆ ਹੋਇਆ ਸੀ।

ਇਕ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਮੈਦਾਨ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਰਾਵਣ, ਮੇਘਨਾਦ ਤੇ ਕੁੰਭਕਰਨ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਗੱਡੇ ਹੋਏ ਸਨ। ਉਸ ਦੇ ਦੁਆਲੇ ਕੁੱਝ ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਲੋਕ ਖੜੇ ਸਨ। ਵਿਚਕਾਰ ਆਤਿਸ਼ਬਾਜ਼ੀ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ। ਮੇਲੇ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਪੁਲਿਸ ਕਰ ਰਹੀ ਸੀ। ਇਧਰ-ਉਧਰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਸਜੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਸਨ ਅਸੀਂ ਮੇਲੇ ਦਾ ਬਹੁਤ ਅਨੰਦ ਮਾਣਿਆ ਮਠਿਆਈ ਅਤੇ ਹੋਰ ਕਈ ਚੀਜ਼ਾਂ ਖਾਧੀਆਂ ਪੰਘੂੜੇ ਉੱਤੇ ਝੂਟੇ ਲਏ ਅਤੇ ਜਾਦੂ ਦੇ ਖੇਲ਼ ਦੇਖੇ। ਰਾਵਣ, ਮੇਘਨਾਦ ਤੇ ਕੰਭਕਰਨ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਸਾੜੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਹਨੇਰਾ ਹੋਣ ਲੱਗਾ ਤੇ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਘਰ ਮੁੜ ਆਏ॥

21. ਦੀਵਾਲੀ

ਦੀਵਾਲੀ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਜੀ 14 ਸਾਲਾਂ ਦਾ ਬਨਵਾਸ ਕੱਟ ਕੇ ਵਾਪਸ ਅਯੁੱਧਿਆ ਪਰਤੇ। ਇਸ ਖੁਸ਼ੀ ਵਿਚ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਦੀਪਮਾਲਾ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਇਸੇ ਹੀ ਦਿਨ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਛੇਵੇਂ ਗੁਰੂ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਗੋਬਿੰਦ ਸਾਹਿਬ ਮੁਗ਼ਲਾਂ ਦੀ ਕੈਦ ਵਿਚੋਂ ਰਿਹਾ ਹੋ ਕੇ ਆਏ ਸਨ। ਇਸ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਵਿਚ ਇਹ ਤਿਉਹਾਰ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਲੋਕ ਬਹੁਤ ਖ਼ੁਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਆਪਣੇ ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਸੁਆਰਦੇ ਤੇ ਸ਼ਿੰਗਾਰਦੇ ਹਨ। ਸਾਰੇ ਬਜ਼ਾਰ ਸਜੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ।

ਲੋਕ ਮਠਿਆਈਆਂ ਖ਼ਰੀਦਦੇ – ਹਨ ਅਤੇ ਚੰਗੇ-ਚੰਗੇ ਭੋਜਨ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਅਸੀਂ ਦੀਵਾਲੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਸ਼ਹਿਰ ਤੋਂ ਮਠਿਆਈ ਲਿਆਂਦੀ ਮਾਤਾ ਜੀ ਨੇ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਭੋਜਨ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਅਸੀਂ ਖੂਬ ਅਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਰਾਤ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਲੱਛਮੀ ਦੀ ਪੂਜਾ ਕੀਤੀ ਤੇ ਮੱਥਾ। ਟੇਕਿਆ ਫੇਰ ਦੀਪਮਾਲਾ ਕੀਤੀ ਤੇ ਪਟਾਕੇ ਚਲਾਏ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਦੀਵਾਲੀ ਮਨਾਈ।

22. ਲੋਹੜੀ

‘ਲੋਹੜੀ ਮੌਸਮੀ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ। ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਸਮੇਂ ਸਰਦੀ ਆਪਣੇ ਜੋਬਨ ‘ਤੇ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।

ਇਸ ਤਿਉਹਾਰ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਕਈ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਇਸ ਦੀਆਂ ਉਡੀਕਾਂ ਲੱਗੀਆਂ ਰਹਿੰਦੀਆਂ ਹਨ।

ਲੋਹੜੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਛੁੱਟੀ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਇਸ ਲਈ ਛੁੱਟੀ ਮਿਲਦੇ ਸਾਰ ਹੀ ਅਸੀਂ ਭੱਜ ਕੇ ਘਰ ਪਹੁੰਚ ਗਏ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਬੱਚੇ ਘਰਾਂ ਵਿਚੋਂ ਲੋਹੜੀ ਮੰਗ ਰਹੇ ਸਨ ਤੇ ਲੋਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੈਸੇ, ਗੁੜ, ਰਿਉੜੀਆਂ ਤੇ ਮੰਗਫਲੀ ਦੇ ਰਹੇ ਸਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰੀਂ ਮੁੰਡੇ ਜੰਮੇ ਸਨ, ਅਸੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰੀਂ ਗੀਤ ਗਾਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਾਨੂੰ ਰਿਉੜੀਆਂ ਤੇ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦਿੱਤੀ।

ਫੇਰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਅੱਗੇ ਪਾਥੀਆਂ ਦੀ ਧੂਣੀ ਲਾਈ ਤੇ ਬਹੁਤ ਚਿਰ ਤਕ ਅੱਗ ਸੇਕਦੇ ਰਹੇ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਲੋਹੜੀ ਮਨਾਈ॥

PSEB 5th Class Punjabi Grammar ਲੇਖ-ਰਚਨਾ

23. ਵਿਸਾਖੀ ਦਾ ਮੇਲਾ
ਜਾਂ
ਅੱਖੀਂ ਡਿੱਠਾ ਮੇਲਾ

ਵਿਸਾਖੀ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਕੌਮੀ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ। ਇਹ ਮੇਲਾ ਵਿਸਾਖ ਦੀ ਸੰਗਰਾਂਦ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਥਾਂ-ਥਾਂ ‘ਤੇ ਲਗਦਾ ਹੈ।

ਇਸ ਸਮੇਂ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਕਈ ਥਾਂਵਾਂ ‘ਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਵੀ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।

ਪੱਕੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਬਹੁਤ ਖ਼ੁਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਲੋਕ ਨਹਿਰਾਂ, ਦਰਿਆਵਾਂ ਅਤੇ ਸਰੋਵਰਾਂ ਵਿਚ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਮੇਲੇ E ਲਗਦੇ ਹਨ।

ਐਤਕੀਂ ਅਸੀਂ ਵਿਸਾਖੀ ਦਾ ਮੇਲਾ ਦੇਖਣ ਮਾਛੀਵਾੜੇ ਗਏ। ਉੱਥੇ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਵਿਚ ਇਸ਼ਨਾਨ ਕੀਤਾ। ਫੇਰ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਗਏ। ਇਸ ਪਿੱਛੋਂ ਮੇਲੇ ਦਾ ਅਨੰਦ ਮਾਣਿਆ। ਮੇਲੇ ਵਿਚ ਅਸੀਂ ਮਠਿਆਈ ਖਾਧੀ, ਜਾਦੂ ਦੇ ਖੇਲ਼ ਤੇ ਸਰਕਸ ਦੇਖੀ। ਅਸੀਂ ਕੁੱਝ ਖਿਡਾਉਣੇ ਵੀ ਖ਼ਰੀਦੇ। ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਘਰ ਵਾਪਸ ਆ ਗਏ।

24. ਫੁੱਟਬਾਲ ਦਾ ਮੈਚ
ਜਾਂ
ਅੱਖੀਂ ਡਿੱਠਾ ਮੈਚ

ਪਿਛਲੇ ਐਤਵਾਰ ਸਾਡੇ ਸਕੂਲ ਤੇ ਦੁਆਬਾ ਹਾਈ ਸਕੂਲ ਦੀ ਟੀਮ ਵਿਚਕਾਰ ਫੁੱਟਬਾਲ ਦਾ ਇਕ ਮੈਚ ਖੇਡਿਆ ਗਿਆ। ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਚਾਰ ਵਜੇ ਖਿਡਾਰੀ ਖੇਡ ਦੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿਚ ਆ ਗਏ। ਰੈਫ਼ਰੀ ਨੇ ਠੀਕ ਸਮੇਂ ‘ਤੇ ਵਿਸਲ ਵਜਾਈ ਅਤੇ ਦੋਵੇਂ ਟੀਮਾਂ ਮੈਚ ਖੇਡਣ ਲਈ ਮੈਦਾਨ ਵਿਚ ਆਂ ਗਈਆਂ ਸਾਡੀ ਟੀਮ ਦਾ ਕੈਪਟਨ ਜਸਬੀਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਦੁਆਬਾ ਹਾਈ ਸਕੂਲ ਦੀ ਟੀਮ ਦਾ ਕੈਪਟਨ ਕਰਮ ਚੰਦ ਸੀ। ਟਾਸ ਸਾਡੇ ਸਕੂਲ ਨੇ ਜਿੱਤਿਆ ਰੈਫ਼ਰੀ ਦੀ ਵਿਸਲ ਨਾਲ ਝਟਪਟ ਹੀ ਖੇਡ ਆਰੰਭ ਹੋ ਗਈ।

ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ 20 ਕੁ ਮਿੰਟ ਸਾਡੀ ਟੀਮ ਅੜੀ ਰਹੀ ਤੇ ਦੁਆਬਾ ਹਾਈ ਸਕੂਲ ਦੇ ਫ਼ਾਰਵਰਡਾਂ ਨੇ ਬਾਲ ਨੂੰ ਸਾਡੇ ਗੋਲਾਂ ਵਲ ਹੀ ਰੱਖਿਆ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇਕ ਫ਼ਾਰਵਰਡ ਨੇ ਇੰਨੀ ਜ਼ੋਰ ਦੀ ਕਿੱਕ ਮਾਰੀ ਕਿ ਸਾਡੇ ਗੋਲਚੀ ਦੇ ਯਤਨ ਕਰਨ ‘ਤੇ ਵੀ ਸਾਡੇ ਸਿਰ ਗੋਲ ਹੋ ਗਿਆ। ਜਲਦੀ ਹੀ ਅੱਧੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਵਿਸਲ ਵੱਜ ਗਈ। ਕੁੱਝ ਮਿੰਟਾਂ ਮਗਰੋਂ ਖੇਡ ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਆਰੰਭ ਹੋਈ। ਖੇਡ ਚਲਦੀ ਰਹੀ। ਅੰਤ ਸਮਾਂ 10 ਮਿੰਟ ਹੀ ਰਹਿ ਗਿਆ। ਸਾਡੇ ਕੈਪਟਨ ਨੇ ਨੁੱਕਰ ‘ਤੇ ਜਾ ਕੇ ਅਜਿਹੀ ਕਿੱਕ ਮਾਰੀ ਕਿ ਗੋਲ ਉਤਾਰ ਦਿੱਤਾ।

ਇਸ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਬਾਲ ਸਾਡੇ ਗੋਲਾਂ ਵਿਚ ਪੁੱਜ ਗਿਆ। ਕੁੱਝ ਮਿੰਟਾਂ ਵਿਚ ਹੀ ਸਾਡੇ ਕੈਪਟਨ ਨੇ ਬਾਲ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਮੁੜ ਅਜਿਹੀ ਕਿੱਕ ਮਾਰੀ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਿਰ ਇਕ ਗੋਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਰੈਫ਼ਰੀ ਨੇ ਵਿਸਲ ਵਜਾ ਕੇ ਗੋਲ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਇਕ ਮਿੰਟ ਮਗਰੋਂ ਹੀ ਖੇਡ ਸਮਾਪਤ ਹੋ ਗਈ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਅਸੀਂ ਫੁੱਟਬਾਲ ਦਾ ਮੈਚ ਜਿੱਤ ਲਿਆ।

25. ਮੇਰੇ ਮਨ-ਭਾਉਂਦੀ ਖੇਡ

ਸਰੀਰ ਦੀ ਤੰਦਰੁਸਤੀ ਅਤੇ ਮਨ ਦੀ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਲਈ ਖੇਡਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਖੇਡਣ ਨਾਲ ਬੰਦੇ ਵਿਚ ਕਈ ਚੰਗੇ ਗੁਣ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਮੈਨੂੰ ‘ਛੂਹਣ-ਛੁਹਾਈ’ ਦੀ ਖੇਡ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰੀ ਲਗਦੀ ਹੈ।

ਇਹ ਖੇਡ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖੇਡੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਖੇਡਣ ਵਾਲੇ ਬੱਚੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿਚ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਬੱਚੇ ਆਪਸ ਵਿਚ ਪੁੱਗਦੇ ਹਨ। ਨਾ ਪੁੱਗਣ ਵਾਲਾ ਬੱਚਾ ਖੇਡ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਛੂਹਣ ਲਈ ਮਗਰ ਦੌੜਦਾ ਹੈ। ਸਾਰੇ ਬੱਚੇ ਉਸ ਦੇ ਅੱਗੇ-ਅੱਗੇ ਦੌੜਦੇ ਹਨ। ਜਿਸ ਨੂੰ ਉਹ ਛੂਹ ਲੈਂਦਾ ਹੈ, ਫਿਰ ਮੀਟੀ ਉਸ ਦੇ ਸਿਰ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਉਹ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਛੂਹਣ ਲਈ ਮਗਰ ਦੌੜਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਹਾਸੇ-ਹਾਸੇ ਵਿਚ ਇਹ ਖੇਡ ਚੱਲਦੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ।

ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਖੇਡ ਖੇਡਦਿਆਂ ਬਹੁਤ ਅਨੰਦ ਆਉਂਦਾ ਹੈ।

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26. ਮੇਰੀ ਪਾਠ-ਪੁਸਤਕ
ਜਾਂ
ਮੇਰੀ ਕਿਤਾਬ

ਮੈਨੂੰ ਆਪਣੀ ਪੰਜਾਬੀ ਦੀ ਪਾਠ-ਪੁਸਤਕ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰੀ ਲਗਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਸਤਕ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸੁਆਦਲੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ ਤੇ ਕਹਾਣੀਆਂ ਹਨ। ਕਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਭਰਪੂਰ ਲੇਖ ਵੀ ਹਨ। ਇਸ ਪੁਸਤਕ ਦੀ ਭਾਸ਼ਾ ਸਰਲ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ 102 ਸਫ਼ੇ ਹਨ। ਇਸ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹਦਿਆਂ ਮੇਰਾ ਮਨ ਅੱਕਦਾ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਨਾਲ ਮੇਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਦੀ ਸ਼ਬਦਾਵਲੀ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਚਲੀਆਂ ਸਿੱਖਿਆਦਾਇਕ ਕਹਾਣੀਆਂ ਨੇ ਮੇਰੇ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਗੁਣ ਪੈਦਾ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਿਚਲੇ ਲੇਖਾਂ ਨੇ ਮੇਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਸਤਕ ਦੀਆਂ ਕਈ ਕਵਿਤਾਵਾਂ ਮੈਨੂੰ ਜ਼ਬਾਨੀ ਯਾਦ ਹਨ ! ਇਹ ਪੁਸਤਕ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਹੈ। ਇਹ ਪੁਸਤਕ ਹੋਰ ਵੀ ਚੰਗੀ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਇਸ ਵਿਚ ਰੰਗਦਾਰ ਤਸਵੀਰਾਂ ਲਾਈਆਂ ਜਾਣ।

27. ਮੇਰਾ ਸਾਈਕਲ

ਮੇਰਾ ਸਾਈਕਲ ਹਰਕੁਲੀਜ਼ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਹਰਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਫ਼ਰੇਮ ਦੀ ਉਚਾਈ 20 ਇੰਚ ਹੈ।

ਇਹ ਮੈਨੂੰ ਮੇਰੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਨੇ ਪਿਛਲੇ ਮਹੀਨੇ ਲੈ ਕੇ I ਦਿੱਤਾ ਸੀ। ਇਸ ਦੀ ਕੀਮਤ 3800 ਰੁਪਏ ਹੈ।

‘ਮੈਂ ਇਸ ਉੱਤੇ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਕੂਲ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਆਪਣਾ ਬਸਤਾ ਇਸ ਦੇ ਕੈਰੀਅਰ ਉੱਤੇ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਕਦੇ-ਕਦੇ ਮੇਰਾ ਦੋਸਤ ਇਸ ਦੇ ਕੈਰੀਅਰ ਉੱਤੇ ਬੈਠ ਕੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸਕੂਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਦੇ ਸਾਈਕਲ ਸਟੈਂਡ ਉੱਤੇ ਜਮਾਂ ਕਰਾ ਕੇ ਆਪਣੀ ਕਲਾਸ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹਨ ਜਾਂਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਸਕੂਲ ਵਿਚ ਛੁੱਟੀ ਹੋਣ ਮਗਰੋਂ ਲੈ ਲੈਂਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਨੂੰ ਬਹੁਤਾ ਤੇਜ਼ ਨਹੀਂ ਚਲਾਉਂਦਾ। ਮੈਂ ਖ਼ਾਸ ਖ਼ਿਆਲ ਰੱਖਦਾ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਇਸ ਦੀ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਸਫ਼ਾਈ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਤੇ ਕਦੇ-ਕਦੇ ਤੇਲ ਵੀ ਦਿੰਦਾ ਹਾਂ। ਇਸ ਦੀ ਸਵਾਰੀ ਮੈਨੂੰ ਬਹੁਤ ਸੁਆਦ ਦਿੰਦੀ ਹੈ।

28. ਪਿਕਨਿਕ

ਪਿਛਲੇ ਸਨਿਚਰਵਾਰ ਅਸੀਂ ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਦੇ ਕੰਢੇ ਪਿਕਨਿਕ ਲਈ ਗਏ। ਇਸ ਵਿਚ ਸਾਡੀ ਕਲਾਸ ਦੇ ਦਸ ਮੁੰਡੇ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ। ਇਸ ਲਈ ਮੈਂ ਆਪਣੇ ਘਰੋਂ ਗੈਸ ਦਾ ਛੋਟਾ ਸਿਲੰਡਰ ਤੇ ਛੋਟਾ ਚੁੱਲ੍ਹਾ ਲੈ ਗਿਆ। ਮਨਜੀਤ ਨੇ ਪਤੀਲੀ, ਕੱਪ, ਪਲੇਟਾਂ ਤੇ ਚਾਹ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਸਾਮਾਨ ਲੈ ਲਿਆਂ। ਗੁਰਜੀਤ ਦੀ ਮੰਮੀ ਨੇ ਸਾਨੂੰ ਪਕੌੜੇ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਤੇਲ, ਵੇਸਣ, ਪਾਲਕ, ਪਿਆਜ਼ ਤੇ ਲੂਣ-ਮਸਾਲਾ ਆਦਿ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਅਸੀਂ ਕੁੱਝ ਪਲਾਸਟਿਕ ਦੇ ਕੱਪ ਤੇ ਪਲੇਟਾਂ ਲੈ ਲਈਆਂ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਬਿਸਕੁਟਾਂ ਦੇ ਕੁੱਝ ਪੈਕਟ ਵੀ ਲੈ ਲਏ। ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਸਾਡੇ ਪਿੰਡਾਂ ਪੰਦਰਾਂ ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਸੀ। ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਸਾਈਕਲਾਂ ਉੱਤੇ ਸਾਮਾਨ ਰੱਖ ਕੇ ਚਲ ਪਏ।

ਦਰਿਆ ਦੇ ਕੰਢੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਅਸੀਂ ਇਕ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੀ ਥਾਂ ਚੁਣ ਲਈ ਤੇ ਉੱਥੇ ਬੈਠ ਗਏ। ਸਾਡੇ ਵਿਚੋਂ ਸਭ ਨੂੰ ਤਰਨਾ ਆਉਂਦਾ ਸੀ। ਅਸੀਂ ਸਭ ਨੇ ਕੱਪੜੇ ਲਾਹ ਕੇ ਕੰਢੇ ਉੱਤੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤੇ ਤੇ ਇਕ ਘੰਟਾ ਖੂਬ ਤਾਰੀਆਂ ਲਾਉਂਦੇ ਰਹੇ। ਫਿਰ ਸਾਨੂੰ ਭੁੱਖ ਲੱਗ ਗਈ। ਦਰਿਆ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਆ ਕੇ ਮੈਂ ਨੇੜੇ ਦੇ ਗੈਸਟ ਹਾਊਸ ਤੋਂ ਪਾਣੀ ਦੀ ਬਾਲਟੀ ਲੈ ਆਂਦੀ ਤੇ ਗੈਸਚੁੱਲ੍ਹਾ ਬਾਲ ਦਿੱਤਾ। ਗੁਰਜੀਤ ਨੇ ਕੜਾਹੀ ਉੱਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਤੇਲ ਗਰਮ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਬਲਵੀਰ ਨੇ ਕੁੱਝ ਵੇਸਣ ਵਿਚ ਪਾਲਕ ਤੇ ਕੁੱਝ ਵਿਚ ਪਿਆਜ਼ ਮਿਲਾ ਕੇ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਿਆ ਤੇ ਪਕੌੜੇ ਤਲਣ ਲੱਗਾ।

ਉਹ ਗਰਮ-ਗਰਮ ਪਕੌੜੇ ਕੱਢ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤੇ ਅਸੀਂ ਖਾ ਰਹੇ ਸਾਂ। ਫਿਰ ਅਸੀਂ ਚਾਹ ਬਣਾਈ ਤੇ ਉਸ ਨਾਲ ਬਿਸਕੁਟ ਖਾਧੇ। ਇਸ ਪਿੱਛੋਂ ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਗੋਲ ਘੇਰਾ ਬਣਾ ਕੇ ਬੈਠ ਗਏ। ਰਾਕੇਸ਼ ਨੇ ਲਤੀਫ਼ੇ ਸੁਣਾ-ਸੁਣਾ ਕੇ ਸਾਨੂੰ ਖ਼ਬ ਹਸਾਇਆ। ਜੋਤੀ ਤੇ ਮਿੱਕੀ ਨੇ ਗੀਤ ਸੁਣਾਏ। ਹਰਦੀਪ ਨੇ ਕੁੱਝ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਤੇ ਐਕਟਰਾਂ ਦੀਆਂ ਨਕਲਾਂ ਲਾ ਕੇ ਖੂਬ ਹਸਾਇਆ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਘੰਟੇ ਪਿਕਨਿਕ ਦਾ ਮਜ਼ਾ ਲੈਣ ਮਗਰੋਂ ਅਸੀਂ ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਪਰਤ ਆਏ।

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29. ਕੁੱਤਾ

ਕੁੱਤਾ ਇਕ ਪਾਲਤੂ ਜਾਨਵਰ ਹੈ। ਕੁੱਤੇ ਕਾਲੇ, ਚਿੱਟੇ, ਲਾਖੇ ਤੇ ਡੱਬ-ਖੜੱਬੇ ਰੰਗਾਂ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੇ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਕਤੂਰਾ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਕੁੱਤਾ ਰੋਟੀ ਜਾਂ ਮਾਸ ਖਾ ਕੇ ਤੇ ਦੁੱਧ ਪੀ ਕੇ ਪਲਦਾ ਹੈ। ਇਹ ‘ਬਉਂ ਬਊਂ’ ਕਰ ਕੇ ਭੌਕਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਕੱਦ ਇਕ ਫੁੱਟ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਦੋ ਢਾਈ ਫੁੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿਵੇਂ-ਪਾਮੇਰੀਅਨ, ਅਲਸੇਸ਼ਨ, ਗੱਦੀ, ਪੁਆਂਇਟਰ ਆਦਿ। ਕੁੱਤਾ ਬੜਾ ਵਫ਼ਾਦਾਰ ਜਾਨਵਰ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਆਪਣੇ ਮਾਲਕ ਨੂੰ ਕਦੇ ਧੋਖਾ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ।

ਇਸ ਤੋਂ ਰਾਖੀ ਦਾ ਕੰਮ ਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਹ ਚੋਰ, ਓਪਰੇ ਆਦਮੀ ਜਾਂ ਕੁੱਤੇ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਭੁੱਕਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ। ਕਈ ਵਾਰੀ ਕੁੱਤੇ ਚੋਰਾਂ, ਡਾਕੂਆਂ ਤੇ ਕਾਤਲਾਂ ਨੂੰ ਲੱਭਣ ਵਿਚ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਕਈ ਲੋਕ ਕੁੱਤੇ ਬੜੇ ਸ਼ੌਕ ਨਾਲ ਪਾਲਦੇ ਹਨ ਕਈ ਲੋਕ ਚੰਗੀ ਨਸਲ ਦੇ ਕੁੱਤਿਆਂ ਦਾ ਵਪਾਰ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਕਈ ਸ਼ੌਕੀਨ ਕਈ-ਕਈ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਖ਼ਰਚ ਕੇ ਚੰਗੇ ਕੁੱਤੇ ਖ਼ਰੀਦਦੇ ਹਨ

30. ਗਊ

ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਗਊ ਇਕ ਪਵਿੱਤਰ ਪਸ਼ੂ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਵਿਚ ਇਸ ਨੂੰ ਮਾਤਾ ਦਾ ਦਰਜਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਲੋਕ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇੜਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਦਾ ਦਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਨੂੰ ਮੱਥਾ ਟੇਕਦੇ ਹਨ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡਾ-ਸੋਟਾ ਮਾਰਨ ਤੋਂ ਪਰਹੇਜ਼ ਦੇ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਨੂੰ ਮਾਰਨਾ ਪਾਪ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਸਮਾਨ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਹਲਕਾ, ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੇ ਮਿੱਠਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।

ਇਹ ਮਨੁੱਖੀ ਸਰੀਰ ਨੂੰ ਤਾਕਤ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਦੀ ਰੋਗਾਂ ਦਾ ਟਾਕਰਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੂਤਰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਵਿਚ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਦਹੀਂ, ਮੱਖਣ, ਲੱਸੀ ਤੇ ਘਿਓ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਗਊ ਦਾ ਗੋਹਾ ਵੀ ਪਵਿੱਤਰ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਚੌਕਿਆਂ ਵਿਚ ਪੋਚਾ ਫੇਰਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮਰ ਚੁੱਕੀ ਗਾਂ ਦਾ ਚਮੜਾ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਕੰਮ ਆਉਂਦਾ ਹੈ।

ਇਹ ਇਕ ਚੁਪਾਇਆ, ਥਣਧਾਰੀ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਵਾਲਾ ਪਸ਼ੂ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਬੱਚੇ ਬਲਦਾਂ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਸਾਰੀ ਧਰਤੀ ਦਾ ਭਾਰ ਚੁੱਕਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਾਡਾ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦਾ ਹਰ ਇਕ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਭਾਵੇਂ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦਾ ਸੰਪੂਰਨ ਮਸ਼ੀਨੀਕਰਨ ਹੋ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਵੀ ਗਊ ਦੇ ਜਾਏ ਬਲਦਾਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਗਊ ਸਾਡੇ ਘਰੇਲੂ, ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਇਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪਸ਼ੂ ਹੈ।

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31. ਡਾਕੀਆ

ਡਾਕੀਆ ਸਾਡੇ ਜੀਵਨ ਦੇ ਹਰ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਥਾਨ ਰੱਖਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਹਰ ਘਰ, ਹਰ ਦਫ਼ਤਰ ਤੇ, ਹਰ ਸਥਾਨ ਉੱਤੇ ਉਡੀਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਸਾਡੇ ਘਰਾਂ ਵਿਚ ਮਿੱਤਰਾਂ ਅਤੇ ਸੰਬੰਧੀਆਂ ਦੀਆਂ ਚਿੱਠੀਆਂ ਲੈ ਕੇ ਆਉਂਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਘਰਾਂ ਤੇ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਵਿਚ ਨਿੱਜੀ, ਸਰਕਾਰੀ ਤੇ ਵਪਾਰਕ ਚਿੱਠੀਆਂ, ਰਜਿਸਟਰੀਆਂ, ਪਾਰਸਲ ਤੇ ਮਨੀਆਰਡਰ ਪੁਚਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਹਰ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਤੀਬਰਤਾ ਨਾਲ ਉਡੀਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਉਸ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਆਮ ਕਰਕੇ ਹਰ ਇਕ ਦਾ ਚਿਹਰਾ ਖਿੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

ਇਕ ਥਾਂ ਤੋਂ ਦੂਜੀ ਥਾਂ ਸੁਨੇਹੇ ਪੁਚਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਪੁਰਾਣਾ ਹੈ ਸੁਨੇਹਾ ਪੁਚਾਉਣ ਲਈ ਅੱਜਕੱਲ੍ਹ ਟੈਲੀਫੋਨ, ਤਾਰ, ਟੈਲੀਪ੍ਰਿੰਟਰ, ਫੈਕਸ ਤੇ ਪੇਜਰ, ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਤੇ ਇੰਟਰਨੈੱਟ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਰਾਹੀਂ ਸੁਨੇਹੇ ਝਟਪਟ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਪਰ ਸਾਡੇ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਲਿਖਿਆ ਸੁਨੇਹਾ ਕੇਵਲ ਡਾਕੀਆ ਹੀ ਦੂਜਿਆਂ ਤਕ ਪੁਚਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਡਾਕੀਏ ਦੀ ਸਾਡੇ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਭਾਰੀ ਤੇ ਸਦੀਵੀ ਮਹਾਨਤਾ ਹੈ। ਡਾਕੀਆਂ ਸਰਕਾਰੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਹੈ। ਉਹ ਖ਼ਾਕੀ ਵਰਦੀ ਪਾਉਂਦਾ ਹੈ।

ਉਸ ਦੇ ਸਾਈਕਲ ਦੀ ਟੋਕਰੀ ਵਿਚ ਚਿੱਠੀਆਂ ਤੇ ਰਜਿਸਟਰੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਸ ਦੇ ਬੈਗ ਵਿਚ ਮਨੀਆਰਡਰਾਂ ਦੇ ਪੈਸੇ ਤੇ ਪਾਰਸਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਦੋ ਵਾਰੀ ਡਾਕ ਵੰਡਣ ਲਈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਤਨਖ਼ਾਹ ਬਹੁਤੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ, ਪਰ ਉਹ ਇਕ ਈਮਾਨਦਾਰ ਆਦਮੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਹਰ ਅਮੀਰਗ਼ਰੀਬ ਤੇ ਹਰ ਖ਼ੁਸ਼ੀ-ਗ਼ਮੀ ਵਿਚ ਘਿਰੇ ਬੰਦੇ ਦੀ ਆਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਉਹ ਹਰ ਥਾਂ ਹਰਮਨ-ਪਿਆਰਾ ਬਣਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ।

32. ਚੌਕੀਦਾਰ

ਚੌਕੀਦਾਰ ਦੇ ਜ਼ਿੰਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਘਰਾਂ, ਦੁਕਾਨਾਂ ਤੇ ਕਾਰਖ਼ਾਨਿਆਂ ਆਦਿ ਦੀ ਚੋਰਾਂ ਤੋਂ ਰਾਖੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੰਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਇਕ ਗਰੀਬ ਵਿਅਕਤੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਨੂੰ ਤਨਖ਼ਾਹ ਬਹੁਤੀ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀ। ਉਹ ਆਮ ਕਰਕੇ ਦਿਨੇ ਸੌਂਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਰਾਖੀ ਕਰਨ ਲਈ ਗਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਘੁੰਮਦਾ ਹੈ। ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਖ਼ਬਰਦਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਹਿੰਦਾ ਹੈ, “ਜਾਗਦੇ ਰਹੋ ਬਈਓ’’ ‘ਖ਼ਬਰਦਾਰ ਬਈਓ ” ਉਹ ਕਈਆਂ ਘਰਾਂ, ਦੁਕਾਨਾਂ ਜਾਂ ਕਾਰਖ਼ਾਨਿਆਂ ਵਿਚ ਸੌਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਨਾਂ ਲੈ-ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਅਵਾਜ਼ਾਂ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਗਾਉਂਦਾ ਹੈ।

ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਉਹ ਗਲੀਆਂ ਵਿਚ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਗੇੜੇ ਮਾਰ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਖ਼ਬਰਦਾਰ, ਕਰਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਦੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਚੋਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਥਾਣੇ ਵਾਲੇ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਦੀ ਹੀ ਖ਼ਬਰ ਲੈਂਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਤੋਂ ਕੰਮ ਲੈਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਈ ਵਾਰੀ ਚੋਰ ਉਸ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ – ਘੱਟਾ ਪਾ ਕੇ ਕਿਤੇ ਨਾ ਕਿਤੇ ਚੋਰੀ ਕਰ ਹੀ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਉਸ ਨੂੰ ਖ਼ਰਾਬ ਮੌਸਮ ਤੇ ਅਤਿ ਗਰਮੀ ਜਾਂ ਸਰਦੀ ਵਿਚ ਵੀ ਆਪਣੀ ਡਿਊਟੀ ਦੇਣੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ।

ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਉਹ ਨਵ-ਜੰਮੇ ਬੱਚਿਆਂ ਤੇ ਮਰ ਚੁੱਕੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦਾ ਹਿਸਾਬ ਵੀ ਰੱਖਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫ਼ਤਰ ਨੂੰ ਇਸ ਸੰਬੰਧੀ ਸਾਰੀ ਸੂਚਨਾ ਪੁਚਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਪ੍ਰਕਾਰ ਅਸੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਚੌਕੀਦਾਰ ਸਾਡੇ ਜੀਵਨ ਦਾ ਇਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਵਿਅਕਤੀ ਹੈ !

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33. ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ

ਭਾਰਤ ਰੁੱਤਾਂ ਦਾ ਦੇਸ਼ ਹੈ। ਸਾਰੀਆਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿਚੋਂ ਬਸੰਤ ਸਭ ਤੋਂ ਹਰਮਨ-ਪਿਆਰੀ ਰੁੱਤ ਹੈ। ਇਹ ਖੁੱਲ੍ਹੀ ਤੇ ਨਿੱਘੀ ਰੁੱਤ ਹੈ। ਇਸ ਨਾਲ ਸਰਦੀ ਦਾ ਅੰਤ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਾ ਆਰੰਭ ਬਸੰਤ ਪੰਚਮੀ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।

ਬਸੰਤ ਪੰਚਮੀ ਦੇ ਦਿਨ ਥਾਂ-ਥਾਂ ਮੇਲੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ। ਖਿਡੌਣਿਆਂ ਤੇ ਮਠਿਆਈਆਂ ਦੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਸਜਦੀਆਂ ਹਨ। ਲੋਕ ਬਸੰਤੀ ਰੰਗ ਦੇ ਕੱਪੜੇ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ।

ਘਰ-ਘਰ ਬਸੰਤੀ ਹਲਵਾ, ਚਾਵਲ ਅਤੇ ਕੇਸਰੀ ਰੰਗ ਦੀ ਖੀਰ ਬਣਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਬੱਚੇ ਅਤੇ ਜਵਾਨ ਪਤੰਗਬਾਜ਼ੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਮੇਲਿਆਂ ਵਿਚ ਪਹਿਲਵਾਨਾਂ ਦੀਆਂ ਕੁਸ਼ਤੀਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਖੇਡਾਂ-ਤਮਾਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦਿਨ ਦਾ ਸੰਬੰਧ ਬਾਲ ਹਕੀਕਤ ਰਾਏ ਧਰਮੀ ਦੀ ਸ਼ਹੀਦੀ ਨਾਲ ਵੀ ਹੈ। ਇਹ ਰੁੱਤ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸੁਹਾਵਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਜੀਵਜੰਤੂਆਂ ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿਚ ਨਵੇਂ ਜੀਵਨ ਦਾ ਸੰਚਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਆਲਾ-ਦੁਆਲਾ ਸਰੋਂ ਦੇ ਬਸੰਤੀ ਰੰਗਾਂ ਦੇ ਫੁੱਲਾਂ ਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਰੰਗ-ਬਿਰੰਗੇ ਫੁੱਲਾਂ ਨਾਲ ਭਰ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

ਇਹ ਰੁੱਤ ਮਨੁੱਖ ਦੀ ਸਿਹਤ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਰੁੱਤ ਵਿਚ ਚੰਗੀ ਖੁਰਾਕ ਖਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਕਸਰਤ ਆਦਿ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।

34. ਗਤਕਾ

ਗਤਕਾ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਉਪਜ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਇਕ ਜੰਗੀ ਹੁਨਰ ਹੈ। ਇਸ ਰਾਹੀਂ ਵਿਰੋਧੀ ਉੱਤੇ ਵਾਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਰੋਕਣ ਦਾ ਅਭਿਆਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਗਤਕੇ ਵਿਚ ਸਾਢੇ ਤਿੰਨ ਹੱਥ ਲੰਮਾ ਡੰਡਾ ਤੇ ਛੋਟੀ ਢਾਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਡੰਡੇ ਉੱਤੇ ਚੰਮ ਦਾ ਖੋਲ ਚੜਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਚ ਉਸਤਾਦੀ-ਸ਼ਗਿਰਦੀ ਚਲਦੀ ਹੈ। ਉਸਤਾਦ ਕੁੱਝ ਰਸਮਾਂ ਕਰ ਕੇ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਭੁਝੰਗੀ ਬਣਾਉਂਦੇ ਹਨ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਸਿੱਖਿਆ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿ ਚਾਲ-ਚਲਣ ਨੇਕ ਰੱਖਣਾ ਹੈ।

ਬੱਚੇ, ਬਜ਼ੁਰਗ, ਔਰਤ ਤੇ ਨਿਤਾਣੇ ਉੱਤੇ ਵਾਰ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਸਾਦੀ ਤੇ ਸ਼ੁੱਧ ਖ਼ੁਰਾਕ ਖਾਣੀ ਹੈ। ਕੋਈ ਨਸ਼ਾ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ। ਖੇਡ ਸਿਖਲਾਈ ਸਮੇਂ ਪਹਿਲਾਂ ਡੰਡ ਬੈਠਕਾਂ ਤੇ ਦੌੜ ਨਾਲ ਜੁੱਸੇ ਗਰਮਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਲਈ ਫਿਰ ਹਥਿਆਰਾਂ ਨੂੰ ਨਮਸਕਾਰ ਕਰ ਕੇ ਹਥਿਆਰ ਚੁੱਕਣ, ਪੈਂਤੜਾ ਲੈਣ, ਵਾਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਰੋਕਣ ਦੇ ਦਾਅ-ਪੇਚ ਸਿਖਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਕਦੇ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਤੇ ਪਾਉਂਟਾ ਸਾਹਿਬ ਗਤਕੇ ਦੇ ਵੱਡੇ ਕੇਂਦਰ ਸਨ ਅਤੇ ਹੋਲੇ-ਮਹੱਲੇ ਸਮੇਂ ਗਤਕੇ ਦੇ ਵੱਡੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ।

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ਅੱਜ-ਕੱਲ੍ਹ ਕੁਝ ਸਕੂਲਾਂ, ਕਾਲਜਾਂ ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਵਿਚ ਗਤਕਾ ਖੇਡਣ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਹ ਹੁਨਰ ਪਹਿਲਾਂ ਮਰਦ ਹੀ ਸਿੱਖਦੇ ਸਨ ਪਰ ਹੁਣ ਔਰਤਾਂ ਵੀ ਇਸ ਵਿਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਲੱਗ ਪਈਆਂ ਹਨ। ਨਿਹੰਗ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਇਹ ਹਰਮਨ-ਪਿਆਰੀ ਖੇਡ ਹੈ। ਇਹ ਖੇਡ ਹੁਣ ਨਗਰਕੀਰਤਨਾਂ ਅਤੇਂ ਖ਼ਾਸ ਖੇਡ ਸਮਾਗਮਾਂ ਵਿਚ ਹੀ ਖੇਡੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।