PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 17 हमारे त्योहार

Hindi Guide for Class 3 PSEB हमारे त्योहार Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

I. बताओ

1. सर्दी में हम कैसे कपड़े पहनते हैं ?
उत्तर-
सर्दी में हम ऊनी तथा गर्म कपड़े पहनते

2. लोहड़ी का त्योहार किस मास में आता है ?
उत्तर-
लोहड़ी का त्योहार माघ महीने के आरम्भ में आता है।

3. आप होली कैसे मनाते हो ?
उत्तर-
हम एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाते हैं।

4. वैशाखी आने पर किसान खुश क्यों हो जाता है ?
उत्तर-
वैशाखी आने पर किसान इसलिए खुश हो जाता है कि अब उसे फसलों की रखवाली नहीं करनी पड़ेगी।

5. आप राखी का त्योहार कैसे मनाते हो ?
उत्तर-
हम अपनी बहनों से अपनी कलाइयों पर राखी बंधवा कर राखी का त्योहार मनाते हैं।

6. दीवाली पर आप क्या-क्या करते हो ?
उत्तर-
दीवाली पर हम नए-नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयाँ खाते हैं और पटाखे चलाते हैं।

II. कविता की पंक्तियाँ पूरी करो

मौसम बदले ………………. |
हर मौसम लाए ………………. |
अब देखो आई …………. |
फसलों की अब निपटी. ……….. |
छुट्टियों में फिर मौज ………………. |
नये साल की दी ………………. |
उत्तर-
(i) मौसम बदले बारम्बार।
(ii) हर मौसम लाए त्योहार।
(iii) अब देखो आई वैशाखी।
(iv) फसलों की अब निपटी राखी। ..
(v) छुट्टियों में फिर मौज उड़ाई।
(vi) नये साल की दी बधाई।

III. वाक्यों में प्रयोग करो

मास = ………………………………
परीक्षा = ………………………………
राखी = ………………………………
सजीली = ………………………………
रंग-बिरंगी = ………………………………
उत्तर –
(i) मास = जनवरी मास में बहुत सर्दी पड़ती है।
(ii) परीक्षा = मेरी वार्षिक परीक्षा आने वाली है।
(iii) राखी = सावन महीने में राखी का त्योहार आता है।
(iv) सजीली = बहन सजीली राखी लेकर आई।
(v) रंग-बिरंगी = रंग-बिरंगी होली आई लेकर खुशियाँ अपार।

IV. विलोम शब्द लिखो

दिन = ………
सर्दी = ………
सच = ………
जीत = ………
नया = ………
आगे = ………
उत्तर
(i) दिन = रात।
(ii) सर्दी = गर्मी।
(iii) सच = झूठ।
(iv) जीत = हार।
(v) नया = पुराना।
(vi) आगे = पीछे।

V. अन्तर समझो

राखी – मेरी बहन राखी लाई है। (बहन द्वारा भाई को बाँधे जाने वाला सूत्र, धागा।)
फसलों की राखी समाप्त हो गयी है (रक्षा)
सिर – मेरे सिर में दर्द है। (शरीर का एक भाग) मेरी परीक्षा सिर पर है। (निकट)
सदा – सच बोलो।
आप सचमुच आ गए।
पूरी – मैं पूरी खाऊँगा।
मैंने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
बदला – मैंने उससे बदला लिया।
हमने अपना मकान बदला। उपरोक्त शब्दों में एक से अधिक अर्थ पाए जाने के कारण इन्हें भिन्नार्थक शब्द कहा जाता है।

VI. समान अर्थ वाले शब्द मिलाओ

मास – वर्ष।
परीक्षा – तोहफा।
जीत – महीना।
साल – इम्तिहान।
उपहार – विजय।
उत्तर-
(i) मास – महीना।
(ii) परीक्षा – तोहफा।
(iii) जीत – विजय।
(iv) साल – इम्तिहान।
(v) उपहार – तोहफा।

VII. करो

1. अपने अध्यापक की सहायता से सभी देशी महीनों के नाम लिखो।
2. देशी महीनों के साथ-साथ चलने वाले अंग्रेज़ी महीनों के नाम लिखो।
3. दिनों के नाम लिखो।
निर्देश-विद्यार्थी उपरोक्त तीनों कार्यों के लिए अपने अध्यापक की सहायता लें।
4. त्योहारों के नाम ढूँढकर लिखो
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 17 हमारे त्योहार 1
उत्तर-
(i) लोहड़ी
(ii) राखी
(iii) क्रिसमिस
(iv) गुरुपर्व
(v) तीज
(vi) दीवाली
(vii) होली
(viii) दशहरा
(ix) ईद
(x) हई

हमारे त्योहार Summary & Translation in Hindi

पद्यांशों के सरलार्थ

1. बदले दिन फिर बदले रात,
बदले मास और बदले वार।
मौसम बदले बारम्बार,
हर मौसम लाए त्योहार।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि कहता है कि दिन बदलते हैं और रातें बदलती हैं। इनके बदलने से सप्ताह और महीने बदलते जाते हैं। इसी प्रकार बार-बार मौसम बदलते हैं और हर मौसम त्योहार लेकर आता है। भावार्थ-कवि के विचारानुसार प्रत्येक मौसम में कोई न कोई त्योहार आता है।

2. पौष मास में सर्दी आयी,
ऊनी कपड़े पहनो भाई।
माघ मास में आगे-आगे,
लोहड़ी रानी दौड़ी आयी।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि कहता है कि पौष मास आने पर सर्दी का मौसम आ जाता है। इस मौसम में ऊनी कपड़े पहनने चाहिएं। पौष मास के बाद माघ महीने के आते ही ‘लोहड़ी’ का त्योहार आ जाता है।

3. फाल्गुन आया, होली आयी,
रंग-बिरंगी खूब मनायी।
अरे परीक्षा सिर पर आयी,
चुपके से फिर गर्मी आयी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि फाल्गुन का महीना रंगों का त्योहार होली लेकर आता है। हम सब रंगों से भरे इस त्योहार को मनाते हैं। इसके साथ ही हमारी परीक्षा भी आ जाती है और परीक्षा के चलते-चलते धीरे-धीरे गर्मी का मौसम भी चला आता है।

4. अब देखो आयी वैशाखी,
फसलों की निपटी अब राखी।
हुआ दाखिला, छुट्टी पायी,
पूरी गर्मी मौज मनायी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि अब देखो गर्मी के आते ही वैशाखी का त्योहार आ गया। इस त्योहार के आते ही किसानों की अब फसलों की रखवाली का काम भी पूरा हो गया। अब स्कूलों में
नई कक्षा में दाखिला भी हो गया और छुट्टियाँ पाकर पूरी गर्मियों में मौज-मस्ती की। विशेष-कवि ने वैशाखी के त्योहार और गर्मियों के आनन्द का वर्णन किया है।

5. रिमझिम-रिमझिम वर्षा आयी,
सावन का उपहार है लायी।
भादों में प्रिय बहना आयी,
संग सजीली राखी लायी॥

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि गर्मियों के बाद अब बरसात का मौसम आ गया है। रिमझिमरिमझिम करती वर्षा की बूंदें पड़ रही हैं। यह वर्षा सावन के महीने का एक सुन्दर तोहफा है। सावन के बाद भादों का महीना आ गया है। इस मौसम में राखी का सुन्दर त्योहार आया है। बहन अपने साथ सुन्दर सजी हुई राखी लेकर आयी है।

6. फिर दशहरा, दीवाली आयी,
सच की जीत, हुई रे भाई।
सबने मिलकर की सफाई,
घर-घर बँटी खूब मिठाई।

सरलार्थ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्यपुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों के बारे में बताया है। कवि बताता है कि राखी के त्योहार के बाद फिर दशहरा और फिर दीपावली का त्योहार आ जाता है। ये दोनों ही त्योहार हमें बताते हैं कि सदा सत्य की ही जीत होती है। दशहरा और दीवाली आने पर सभी मिलकर अपने-अपने घरों की सफाई करते हैं और घर-घर में सब मिठाई बाँटते हैं। भाव विशेष-त्योहारों के अवसर पर लोगों की खुशियों का वर्णन इन पंक्तियों में कवि ने किया है।

7. ईद बाद फिर क्रिसमिस आयी,
केक, मिठाई सबने खायी।
छुट्टियों में फिर मौज़ उड़ायी,
नये साल की दी बधाई।

सरलार्थ-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिन्दी पाठ्य पुस्तक से कविता ‘हमारे त्योहार’ से ली गई हैं। इसमें कवि ने प्रत्येक मौसम में आने वाले त्योहारों | के बारे में बताया है। कवि बताता है कि ईद का त्योहार आता है और ईद के पश्चात् क्रिसमिस का त्योहार आता है। इन त्योहारों में सभी केक और मिठाई मिलकर खाते हैं। इसके बाद दिसम्बर महीने की सर्दियों की छुट्टियों का मज़ा लेते हैं और उसके साथ ही नया वर्ष आ जाता है। सब मिलकर एकदूसरे को नए साल की बधाई देते हैं। | विशेष-कवि ने भारत देश में प्रत्येक महीने में आने वाले त्योहारों का वर्णन किया है।

कठिन शब्दों के अर्थ

मास = महीने।
वार = दिनों के वार, जैसे सोमवार, मंगलवार।
बारम्बार = बार-बार।
परीक्षा = इम्तिहान।
निपटी = पूरी हुई।
रिमझिम = वर्षा की बूंदों का गिरना।
उपहार = तोहफा, भेंट।
संग = साथ।
सजीली = सजी हुई, सुन्दर।
राखी = रक्षा, एक त्योहार।

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