PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते

Punjab State Board PSEB 3rd Class Hindi Book Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते Textbook Exercise Questions and Answers.

PSEB Solutions for Class 3 Hindi Chapter 16 चालीस मुक्ते

Hindi Guide for Class 3 PSEB चालीस मुक्ते Textbook Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर ॥

I. बताओ ।

(क) कुछ शिष्य किला छोड़कर जाने के लिए तैयार क्यों हो गए ?
उत्तर-
मुग़ल सेनाओं ने आनन्दपुर साहिब का किला घेर रखा था। किले के अंदर रसद न रही। सैनिकों को वृक्षों के पत्ते और छाल खाकर लड़ना पड़ता था। इसलिए गुरु गोबिन्द सिंह जी के कुछ शिष्य किला छोड़कर जाने के लिए तैयार हो गए।

(ख) शिष्यों की पत्नियों ने घर लौटने पर उनसे कैसा व्यवहार किया ?
उत्तर-
शिष्यों की पत्नियों ने घर लौटने पर उन्हें बहुत धिक्कारा, क्योंकि वे गुरु जी का साथ छोड़कर आए थे। संकट की घड़ी में उन्हें गुरु जी के साथ रह कर, उनकी आज्ञानुसार चलना चाहिए था।

(ग) कराह रहे शिष्य की अंतिम इच्छा क्या थी ?
उत्तर-
कराह रहे शिष्य ने गुरु जी से कहा कि महाराज! वह बेदावा फाड़ दें, जिस पर हस्ताक्षर करके हम आपको छोड़ आए थे। यही उसकी अंतिम इच्छा थी।

(घ) चालीस मुक्ते किन्हें कहा जाता है ?
उत्तर-
आनन्दपुर साहिब के किले से जो सिक्ख गुरु जी का साथ छोड़ गए थे, उन की संख्या चालीस थी। वे मुक्तसर के निकट मुग़ल सेना से डट कर लड़े और घायल होकर युद्ध स्थल पर गिर गए। गुरु जी वहाँ पहुँचे तो वहाँ एक सिक्ख कराह रहा था। उसने प्रार्थना की कि महाराज! वह बेदावा फाड़ डालें, जिस पर दस्तखत करके हम आपको छोड़ आए थे। गुरु जी ने बेदावा फाड़ कर उन चालीस शिष्यों को मुक्त कर दिया। यही चालीस मुक्ते इतिहास में प्रसिद्ध हैं।

II. वाक्य पूरे करो

वीर, घेरा, शिष्य, दसवें, मुग़ल
(क) गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खों के ……………………………………… गुरु थे।
उत्तर-
गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खों के दसवें गुरु थे।

(ख) मुग़ल सेनाओं ने चारों ओर से ……………………………………… डाल रखा था।
उत्तर-
मुग़ल सेनाओं ने चारों ओर से घेरा डाल रखा था।

(ग) न वे मेरे ……………………………………… हैं न मैं उनका गुरु हूँ।
उत्तर-
न वे मेरे शिष्य हैं न मैं उनका गुरु हूँ।

(घ) ……………………………………… सेना उनका पीछा कर रही थी।
उत्तर-
मुग़ल सेना उनका पीछा कर रही थी।

(ङ) उन चालीस ……………………………………… पुरुषों को चालीस मुक्ते कहा गया। –
उत्तर-
उन चालीस वीर पुरुषों को चालीस मुक्ते कहा गया।

III. वाक्यों में प्रयोग करो

घेरा, किला, मैदान, आशीर्वाद
उत्तर-
घेरा-सेना ने किले को चारों ओर से घेरा हुआ था।
किला-लाल किला दिल्ली में है।
मैदान-मैदान में बच्चे गेंद से खेल रहे हैं।
आशीर्वाद-गुरु गोबिन्द सिंह जी ने शिष्यों को आशीर्वाद दिया।

IV. श्रुतलेख

सिक्खों, बलिदान, नौबत, मुक्तसर, आशीर्वाद, हस्ताक्षर, धिक्कार।
नोट-विद्यार्थी इन शब्दों को लिख कर अपने अध्यापक को दिखाएँ।

V. पढ़ो, समझो और लिखो

सिक्ख – सिक्खों
मुग़ल ……………………………………
संकट ……………………………………
चार ……………………………………
वृक्ष ……………………………………
पुरुष ……………………………………
उत्तर-
मुग़ल-मुग़लों
संकट-संकटों।
चार-चारों।
वृक्ष-वृक्षों।
पुरुष–पुरुषों।

VI. नीचे दिए गए उदाहरण की तरह बॉक्स में दिए गए शब्दों से नए शब्द बनाइए –

बलि + दान = बलिदान
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प्र, पाठ, देश, युद्ध, सेना, धर्म, पति, शाला, स्थल, वीर।
उत्तर
(i) बलि + दान = बलिदान।
(ii) प्र + देश = प्रदेश।
(iii) पाठ + शाला = पाठशाला।
(iv) युद्ध + वीर = युद्धवीर।
(v) सेना + पति = सेनापति।
(vi) धर्म + स्थल = धर्मस्थल।

VII. नीचे दिए गए शब्दों में ‘अ’ जोड़कर नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ लिखिए

धर्म अधर्म अर्थ
संभव …………………………………. ………………………………….
भद्र …………………………………. ………………………………….
समर्थ …………………………………. ………………………………….
ज्ञान …………………………………. ………………………………….
हिंसा …………………………………. ………………………………….

उत्तर-
(i) धर्म → अधर्म → धर्म के विरुद्ध, अन्याय, पाप।
(ii) संभव → असंभव → मुश्किल, दुश्कर, संभव न होना।
(iii) भद्र → अभद्र → बुरा, अशुभ, असभ्य, अच्छा न लगना।
(iv) समर्थ → असमर्थ -→ अयोग्य, दुर्बल, अशक्त।
(v) ज्ञान → अज्ञान → ज्ञान का न होना, अनजान।
(vi) हिंसा → अहिंसा → हिंसा न करना, दुःख न देना।

VIII. नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों की सहायता से वर्ग पहेली पूरी कीजिए –

1. पंजाब के एक शहर का नाम (ऊपर से नीचे)
2. आज़ाद (बाएं से दाएं)
3. श्वास (बाएं से दाएं)
4. मुसीबत (ऊपर से नीचे)
PSEB 3rd Class Hindi Solutions Chapter 16 चालीस मुक्ते 3
उत्तर-
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IX. इन अक्षरों से नया शब्द बनाओ

शब्द अक्षर नया शब्द
1. गोबिन्द न्द ……………………………….
2. प्यास प्य ……………………………….
3. टक्कर क्क ……………………………….
4. मुक्तसर क्त ……………………………….
5. प्रेरित प्रे ……………………………….
6. हस्ताक्षर स्त ……………………………….

उत्तर-

शब्द अक्षर नया शब्द
1. गोबिन्द न्द आनन्द।
2. प्यास प्य प्यारा।
3. टक्कर क्क पक्का ।
4. मुक्तसर क्त वक्त।
5. प्रेरित प्रे प्रेरणा।
6. हस्ताक्षर स्त पुस्तक।

चालीस मुक्ते Summary & Translation in Hindi

पाठ का सार

गुरु गोबिन्द सिंह जी सिक्खों के दसवें गुरु थे। वे धर्म के रक्षक थे। नौ वर्ष की आयु में ही उन्होंने अपने पिता श्री गुरु तेग़ बहादुर जी को धर्म की ख़ातिर बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने आजीवन मुग़लों से टक्कर ली। एक बार गुरु गोबिन्द सिंह जी और उनके साथी आनन्दपुर साहिब के किले में घिरे हुए थे। मुग़ल सेना ने चारों ओर से घेरा हुआ था। बाहर से कोई रसद आ नहीं रही थी जो रसद किले के अन्दर थी वह भी कम पड़ने लगी। ऐसे में गुरु जी के कुछ शिष्य कठिनाई न सहते हुए किला छोड़ कर जाने को तैयार हो गए। गुरु जी के समझाने पर भी वे न माने तो गुरु जी ने कहा कि जाने से पहले लिख कर दे जाएँ कि न वे मेरे शिष्य हैं और न ही मैं उनका |

गुरु हूँ उनके शिष्यों ने कष्टों से छुटकारा पाने के लिए ऐसा ही लिख दिया और किला छोड़कर चले गए। उनके घर पहुँचने पर जब उनकी पत्नियों को पता चला तो उन्होंने अपने-अपने पतियों को बहुत फटकारा। फटकार सुनकर वे फिर से गुरु जी के पास लौट गए। गुरु जी तब मुक्तसर के इलाके में थे। मुग़ल सेना उनका पीछा कर रही थी। ये शिष्य मुक्तसर जाकर मुग़ल सेना से लड़े और मारे गए। जब गुरु गोबिन्द सिंह जी को इस बात का पता चला तो वे युद्ध स्थल पर पहुँचे।

सभी चालीस शिष्य मैदान में गिरे पड़े थे उनमें से एक अभी भी कराह | रहा था। गुरु जी से उसने हाथ जोड़कर विनती की कि महाराज आप उस कागज़ को फाड़ डालें जिस पर हस्ताक्षर करके हम आपको दे आए थे। गुरु साहिब ने उसकी अन्तिम इच्छा पूरी कर दी और उन सबको मुक्त होने का आशीर्वाद दिया। तभी उसने प्राण छोड़ दिए। उन चालीस वीर पुरुषों को ‘चालीस मुक्ते’ कहा जाने लगा।

कठिन शब्दों के अर्थ

संकटों = मुसीबतों।
रक्षक = रखवाले, रक्षा करने वाले।
महान् = बड़े।
सेनानी = योद्धा, बहादुर।
संस्कृति = अच्छे संस्कार या विचार ।
बलिदान = कुर्बानी।
प्रेरित = उत्साहित, जोश देना।
रसद = खाने-पीने का सामान।
वृक्षों = पेड़ों।
असंभव = जो संभव न हो।
कष्ट = दुःख।
शिष्य = चेला।
संकटों = मुसीबतों।
असमर्थ = कमज़ोर ।
धिक्कारा = बुरा-भला कहना।
फलस्वरूप = परिणाम के रूप में।
धराशायी = घायल हो कर धरती पर गिरना।
युद्ध स्थान = लड़ाई का मैदान।
वीरता = बहादुरी।
आशीर्वाद = आशीष।
अंतिम इच्छा = आखिरी चाह ।
हस्ताक्षर = दस्तख़त।
मुक्त = आज़ाद।

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